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दीर्वोानी अपीलीय क्षेत्राधि कार
सिसविर्वोल अपील संख्या 7169/2014
मुन्ना राम और अन्य - अपीलार्थी* (ओं)
बनाम
राजस्र्थीान राज्य और अन्य - प्रधितर्वोादी (ओं)
सार्थी में
सिसविर्वोल अपील संख्या 7160/2014
सार्थी में
सिसविर्वोल अपील संख्या 7694-7696/2014
विनर्ण5य
क
ु रिरयन, न्याया ीश
JUDGMENT
1. अपीलकता5 र्वोर्ष[5] 2008 में शिशक्षक ग्रेड III (सामान्य) क े रूप में विकए गए चयन क े अनुसरर्ण में प्रधितर्वोादी राज्य क े अ ीन काम कर रहे हैं। उच्च न्यायालय द्वारा विदनांक 17.08.2010 को पारिरत एक आदेश क े अनुसरर्ण में योग्यता सूची को संशोधि त विकया गया, क्योंविक उच्च न्यायालय ने पाया र्थीा विक एक प्रश्न क े लिलए चयन सविमधित द्वारा विदए गए अंक सही नहीं र्थीे। इसलिलए, उच्च न्यायालय क े समक्ष अपीलकता5ओं को उस प्रश्न क े उत्तर का लाभ प्रदान करने का विनदTश विदया गया र्थीा। 2018 INSC 120 योग्यता सूची क े संशो न की प्रविVया में, तदनुसार, अपीलकता5ओं को बाहर करने की मांग की गई र्थीी। उच्च न्यायालय क े समक्ष उनका प्रयास विर्वोफल रहा और इस तरह से र्वोे इस न्यायालय क े समक्ष हैं।
2. यद्यविप राज्य की ओर से उपस्थिस्र्थीत विर्वोद्वान अधि र्वोक्ता ने कई प्रेरक विनर्वोेदन विकए हैं, हमारा विर्वोचार है विक, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए विक शिशक्षक ग्रेड-III (सामान्य) क े पद पर राज्य में बेशक कई रिरविक्तयां हैं और आगे इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए विक अपीलकता5 आज भी उसी पद पर काम कर रहे हैं और इस तथ्य ध्यान में रखते हुए विक इस न्यायालय क े समक्ष उनमें से क े र्वोल 18 हैं, यह हमारे लिलए भारत क े संविर्वो ान क े अनुच्छेद 142 क े तहत अपनी अधि कार क्षेत्र का उपयोग करने और पूरी मुकदमेबाजी पर अंधितम विनर्ण5य देने क े लिलए एक उपयुक्त मामला है।
3. तदनुसार, इन अपीलों का विनस्तारर्ण राज्य को शिशक्षक ग्रेड III (जनरल) क े रूप में अपीलकता5ओं की सेर्वोा जारी रखने क े विनदTश क े सार्थी विकया जाता है, उन्हें सभी उद्देश्यों क े लिलए 13.08.2013, सिजस तारीख को यह अपील (विर्वोशेर्ष अनुमधित द्वारा) दायर की गई र्थीी, से र्वोै रूप से चयविनत और विनयुक्त विकया गया माना जाता है।
4. हम यह स्पष्ट करते हैं विक यह विनर्ण5य क े र्वोल इस मामले क े विर्वोशिशष्ट तथ्यों में पारिरत विकया गया है और लाभ क े र्वोल इस न्यायालय क े समक्ष अपीलकता5ओं तक ही सीविमत है, क्योंविक र्वोे ही र्वोो लोग हैं, सिजन्होनें इस न्यायालय क े समक्ष मुकदमेबाजी जारी रखी। हम यह भी स्पष्ट करते हैं विक यविद ऐसा कोई शिशक्षक उच्च न्यायालय में अपनी मुकदमेबाजी को जारी रखे हुए हैं और यविद ऐसे शिशक्षक अपनी ड्यूटी पर बने हुए हैं, तो उच्च न्यायालय क े लिलए यह विर्वोकल्प खुला है क े र्वोो इस विनर्ण5य का अनुसरर्ण करक े मुकदमेबाजी पर अंधितम विनर्ण5य दे सकता है, और विदये जाने र्वोाला लाभ उच्च न्यायालय क े समक्ष अपीलकता5ओं तक ही सीविमत रहेगा। कोई हजा5-खचा5 नहीं। न्याया ीश [क ु रिरयन जोसेफ] न्याया ीश [मोहन एम. शांतनागौदर] नई विदल्ली 08 फरर्वोरी, 2018 यह अनुर्वोाद आर्टिटविफशिशयल इंटेलिलजेंस टूल 'सुर्वोास' क े जरिरए अनुर्वोादक की सहायता से विकया गया है। अस्र्वोीकरर्ण: यह विनर्ण5य पक्षकार को उसकी भार्षा में समझाने क े सीविमत उपयोग क े लिलए स्र्थीानीय भार्षा में अनुर्वोाविदत विकया गया है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए इसका उपयोग नहीं विकया जा सकता है। सभी व्यार्वोहारिरक और आधि कारिरक उद्देश्यों क े लिलए, विनर्ण5य का अंग्रेजी संस्करर्ण ही प्रामाशिर्णक होगा और विनष्पादन और काया5न्र्वोयन क े उद्देश्य से भी अंग्रेजी संस्करर्ण ही मान्य होगा।