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Delhi High Court · 20 Sep 2018
5870/2015
civil appeal_dismissed Significant

AI Summary

The High Court dismissed the appeal as barred by limitation, affirming that appeals must be filed within prescribed time unless sufficient cause is shown under Section 65 of the Limitation Act, 1963.

Full Text
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भभरततय सरररचच नयभयभलय
दतरभनत अपतलतय अधधिकभधरतभ
धसधरल अपतल ससंख्यभ 5870/2015
घघेररचसंद एरसं अनय - अपतलभरर्थी गण
धररुद्ध
ममैससर महघेनदर धससंह एरसं अनय- izR;FkhZ गण
धनणरय
नयभयममधतर Jh अभय मनरहर lizs
1 . यह अपतल मभननतय उचच नयभयभलय रभजस्रभन, जरधिपपर दभरभ एस बत धसधरल izFke अपतल
ससंख्यभ 52 / 1997 ममें पभधरत असंधतम धनणरय एरसं आदघेश धदनभसंक 04.12.2006 क
घे धररुद्ध दभधखिल कत
गई हमै धजसममें मभननतय उचच नयभयभलय नघे izR;FkhZ गण (izfroknhx.k ) कत अपतल कर मसंजमर करतघे हपए
अधतधरक्त धजलभ जज ससंख्यभ 3 जरधिपपर दभरभ धसधरल मपकदमभ ससंख्यभ 135/1995 (146/1978) ममें
पभधरत धनणरय तरभ धडिक
क रत धदनभसंक 30.10.1996 कर अपभस्त करतघे हपए अपतलभरर्थी गण ( रभदतगण )

घे मपक़दमघे कर समय सतमभ बभधधित मभनकर खिभधरज कर धदयभ |
JUDGMENT

2. इस अपतल ममें धनधहत iz”u पर धरचभर करनघे क घे धलए कप छ तथ्यरसं पर धरचभर कर लघेनभ आरश्यक हमै |

3. इस धसधरल रभद ममें अपतलभरर्थी रभदतगण हहैं जबधक izR;FkhZ गण ( izfroknhx.k ) हहैं धजससघे यह अपतल उदमत हपआ हमै | 4.इस अपतल ममें धनधहत मपख्य ससंधक्षिप्त iz”u यह हमै धक क्यभ उचच नयभयभलय दभरभ izfroknhx.k कत izFke अपतल कर स्रतकभर कर अपतलभरर्थी गण (रभदतगण) क घे मपक़दमघे कर समय बभधधित कहकर खिभधरज करनभ नयभय ससंगत हमै ?

5. अपतलभरर्थी गण (रभदतगण) नघे izR;FkhZ गण (izfroknhx.k ) क घे धररुद्ध रभद गत पधरसर क घे सम्बनधि ममें दतरभनत मपकदमभ कर धदयभ जमैसभ कत इस okni= क घे izLrj 1 ममें धदयभ गयभ हमै और उनहरसंनघे izLrj 26(3) ममें रधणरत धनम्नधलधखित jkgrksa कत मभसंग कत -

26. रभदतगण uezrkiwoZd यह अनपनय करतघे हहैं fd -

1. रभदतगण क घे पक्षि ममें तरभ izfroknhx.k क घे धररुद्ध LoRo घरषणभ कत धडिक क रत पभधरत कत जभए और इस रभद क घे izLrj 1 ममें जमैसभ रधणरत हमै fd यह पधरसर Jh ओसरभल धससंह सभभ जरधिपपर सघे सम्बनधि रखितभ हमै और izfroknhx.k Jh धकशन धससंह कभ इसपर करई स्रभधमत्र अधधिकभर नहतसं हमै |

2. रभदतगण क घे पक्षि ममें तरभ izfroknhx.k क घे धररुद्ध स्रभयत व्यभदघेश पभधरत धकयभ जभए धक izfroknhx.k कर धकसत भत izdkj कभ दभरभ करनघे, धकसत भत izdkj कत कभयररभहत करनघे तरभ धररभधदत पधरसर क घे अधधिकभर ममें धकसत भत izdkj कभ व्यरधिभन उत्पनन करनघे सघे हमघेशभ क घे धलए ररकभ जभए |

3. उपररक्त पधरसर कभ कब्ज़भ पकरभपक सघे लघेकर रभदत कर धदलरभयभ जभए |

4. उपररक्त रभद कभ व्यय izfroknh सघे रभदत कर धदलरभयभ जभए |

5. अनय करई रभहत, धजससघे मभननतय नयभयभलय उधचत समझघे, भत रभदत कर धदलरभयभ जभए |

6. izR;FkhZ गण ( izfroknhx.k ) नघे धलधखित जरभब दभधखिल धकयभ और तथ्य और धरधधि सघे जपड़घे मपदरसं पर रभद ममें लगभयघे गए izeq[k आररपरसं कर अस्रतकभर धकयभ | इसक घे सभर सभर izfroknhx.k नघे यह आपधत्ति भत उठभई हमै धक यह रभद समय सतमभ सघे बभधधित हमै |

7. धरचभरण नयभयभलय नघे धनणरय / धडिक क रत क घे दभरभ समयसतमभ सधहत सभत धरधधि गत iz”uksa कभ उत्तिर अपतलभरर्थी गण क घे पक्षि ममें और izfroknhx.k क घे धररुद्ध दघेतघे हपए तदनपसभर धडिक क रत पभधरत कर दत |यह अधभधनधिभरधरत धकयभ गयभ fd अपतलभरर्थी रभद गत पधरसर क घे स्रभमत हहैं और रघे izfroknhx.k सघे इस रभद गत पधरसर कभ कब्ज़भ लघेनघे हघेतप अधधिक क त हहैं और असंतततः यह रभद समयसतमभ क घे भततर हमै |

8. izR;FkhZ गण ( izfroknhx.k) नघे व्यधरत हरकर मभननतय उचच नयभयभलय रभजस्रभन, जरधिपपर ममें izFke अपतल दभधखिल कत | आलरचय धनणरय क घे दभरभ, एकल बमेंच नघे अपतल कर मसंजमर करतघे हपए धरचभरण नयभयभलय क घे धनणरय और धडिक क रत कर अपभस्त करतघे हपए, पधरणभमस्ररूप रभद कर क घे रल इस आधिभर पर खिभधरज कर धदयभ fd रभद समय सतमभ बभधधित हमै| nwljs शब्दरसं ममें, मभननतय उचच नयभयभलय नघे धरचभरण नयभयभलय क घे सभत तथ्यततः धनष्कषर्षों कर अपतलभरर्थी (गण) क घे पक्षि ममें मभनय ठहरभयभ लघेधकन समयसतमभ क घे मपदघे पर धनणरय कर पलट धदयभ और यह अधभधनधिभरधरत धकयभ fd क्यरसंधक यह रभद भभरततय पधरसतमभ अधधिधनयम 1963 क घे असंतगरत धनधिभरधरत समयसतमभ सघे बभधधित हमै, अततः इस रभद कर समय सतमभ आधिभर पर खिभधरज धकयभ जभतभ हमै | izLrqr रभद ममें इसत मत कर लघेकर izfroknhx.k कत अपतल कर मसंजमर धकयभ गयभ और रभद कर भभरततय पधरसतमभ अधधिधनयम 1963 क घे असंतगरत धनधिभरधरत समयसतमभ क घे बभद दभयर धकयघे जभनघे क घे कभरण समय सतमभ बभधधित मभनकर खिभधरज कर धदयभ गयभ धजसक घे कभरण रभदतगण नघे इस नयभयभलय ममें धरशघेष अनपमधत यभधचकभ दभयर कत |

9. Jh एस. क घे जमैन रधरष्ठ अधधिरक्तभ अपतलभरर्थीगण (रभदतगण) क घे धलए उपधस्रत हपए जबधक izfroknhx.k dh vksj ls सम्मन क घे बभरजमद करई हभधजर नहतसं हपआ |

10. अपतलभरर्थीगण (रभदतगण) क घे धलए उपधस्रत रधरष्ठ अधधिरक्तभ कर सपनभ गयभ और रभद vfHkys[k कभ अरलरकन djus ds mijkar, हमभरभ मत अपतल कर मसंजमर करनघे कभ हमै और आलरचय धनणरय कर क घे रल इसत सतमभ तक ससंशरधधित करनघे कभ हमै जहभसं तक यह धनणर्थीत धकयभ गयभ हमै fd रभद समय सतमभ बभधधित हमै और पधरणभमततः, यह अधभधनधिभरधरत करतघे हपए धक रभद समय सतमभ क घे असंतगरत दभयर धकयभ गयभ, धरचभरण नयभयभलय क घे धनणरय कर कभयम रखिभ tkrk gSA

11. हमभरघे सपधरचभधरत मत सघे, धरचभरण नयभयभलय कभ यह मत नयभयससंगत रभ धक रभदत (इसममें अपतलभरर्थी ) दभरभ रभद समयसतमभ क घे असंतगरत हत दभयर धकयभ गयभ जबधक मभननतय उचच नयभयभलय दभरभ इस धनष्कषर कर पलटभ जभनभ उधचत नहतसं रभ |ऐसभ हम धनम्नधलधखित कभरणरसं सघे कहतघे हहैं -

9,976 characters total

12. धरचभरण नयभयभलय क घे धनणरय क घे अरलरकन पर, हम यह पभतघे हहैं fd धरचभरण नयभयभलय नघे इस रभद कर समय क घे भततर घरधषत करनघे क घे धलए पधरसतमभ अधधिधनयम क घे अनपचछघेद 65 कर आधिभर मभनभ क्यरसंधक यह रभद पधरसतमभ अधधिधनयम क घे अनपचछघेद 65 ममें धनधिभरधरत okn gsrqd क घे पकररदरन क घे 12 रषर क घे भततर हत दभयर धकयभ गयभ हमै |

13. हभलभसंधक मभननतय उचच नयभयभलय कभ मत यह रभ fd रभदतगण(अपतलभरर्थी गण) कभ izR;FkhZ गण (izfroknhx.k ) क घे धररुद्ध रभद अधनरभयर रूप सघे उद्घरषणभ और पधरणभमततः व्यभदघेश क घे धलए रभ और इसतधलए, यह ततन रषर्षों कत समय सतमभ सघे शभधसत हरनभ चभधहए और इस समय सतमभ कत गणनभ okn gsrqd क घे izFke पकररदरन सघे कत जभनत चभधहए | यह अधभधनधिभरधरत धकयभ गयभ धक चमचूँधक रभद ततन रषरर कत समय सतमभ क घे भततर दभयर नहतसं धकयभ गयभ, अततः इसघे समय सतमभ बभधधित मभनभ गयभ|

14. इस धरषय पर मभननतय उचच नयभयभलय कभ मत उद्धकत करनभ उधचत हरगभ- " हभलभचूँधक आदघेश धदनभसंक 20. 09.1983 क घे सम्बनधि ममें रभदतगण दभरभ कप छ भत अधभरचन नहतसं धकयभ गयभ और रभद कर क घे रल इसक घे रभस्तधरक रूप ममें हत सपनभ गयभ | रभदतगण कत ओर सघे dCts+ क घे धलए रभद चलभनघे सम्बनधित जभन बमझकर लरप पर, धरदभन अधधिरक्तभ Jh मघेहतभ दभरभ पधरसतमभ अधधिधनयम क घे अनपचछघेद 65 क घे सम्बनधि ममें धदए गए तकर्षों कभ करई महत्र नहतसं हमै | यह रभद क घे रल उद्घरषण और पधरणभमततः व्यभदघेश क घे धलए रभ और स्रतक क त रूप सघे okn gsrqd क घे izFke पकररदरन कत धतधर सघे ततन रषर्षों कत धनधिभरधरत अरधधि क घे बहपत समय बभद दभयर धकयघे जभनघे क घे कभरण स्पष्टतयभ समयसतमभ बभधधित हमै और तदनपसभर खिभधरज धकयघे जभनघे यरग्य हमै |

15. तथ्य सम्बनधित धकसत भत धररभद और धरस्तकत दलतलरसं पर धरचभर धकयघे धबनभ, धजनहघे हम अनभरश्यक समझतघे हहैं, हमभरघे मत सघे मभननतय उचच नयभयभलय कभ यह izs{k.k तथ्यभत्मक रूप सघे सहत नहतसं रभ धक यह रभद क घे रल उद्घरषणभ और व्यभदघेश क घे धलए धकयभ गयभ तरभ dCts+ क घे धलए नहतसं | (उपररक्त js[kkafdr असंश दघेखिमें )

16. हमभरघे मत सघे इस रभद i= क घे izLrj 5 ममें उद्धकत उपधिभरभ 26 (3) ममें izkfFkZr रभहत क घे अरलरकन ek= सघे यह स्पष्ट हमै fd रभदतगण नघे izfroknhx.k सघे रभद गत पधरसर क घे dCts+ कत धडिक क रत करनघे कत izkFkZuk भत कत हमै |

17. यह तथ्य धररभधदत नहतसं हमै जमैसभ fd दलतलरसं क घे अरलरकन सघे स्पष्ट हमै धक रभद गत पधरसर दसंडि izfdz;k ससंधहतभ, 1973 कत धिभरभ 145 क घे असंतगरत दरनरसं पक्षिकभररसं क घे बतच धसटत eftLVsªV क घे समक्षि कभयररभहत क घे अधितन हमै धजसममें दरनरसं हत पक्षिकभर एक दपसरघे क घे धररुद्ध रभद गत पधरसर क घे सम्बनधि ममें अपनघे dCts+ सधहत अपनघे अधधिकभर, स्रत्र और धहत कभ दभरभ कर रहघे हहैं | यह भत धररभधदत नहतसं हमै धक धसटत eftLVsªV नघे अपनघे आदघेश धदनभसंक 23. 12. 1996 क घे दभरभ, रभद गत पधरसर कर कप क र कर धदयभ रभ |

18. इसत कभरण सघे रभदतगण नघे 19.12.1978 कर रभद गत पधरसर पर अपनघे स्रत्र कत उद्घरषणभ कभ दभरभ करनघे, व्यभदघेश तरभ dCts+ क घे धलए izfroknhx.k क घे धररुद्ध दतरभनत रभद दभयर धकयभ | चमचूँधक रभद उद्घरषणभ, स्रभयत व्यभदघेश तरभ dCts+ क घे धलए रभ, अततः पधरसतमभ अधधिधनयम कभ अनपचछघेद 65 लभगम हरगभ धजसममें रभद दभयर करनघे क घे धलए 12 रषर कत समय सतमभ धनधिभरधरत हमै धजसघे उस धतधर सघे धगनभ जभनभ हरतभ हमै जब सघे izfroknh कभ स्रभधमत्र रभदतगण क घे धलए izfrdwy हर गयभ |

19. रभद-i= ममें लगभए गए आररपरसं क घे अनपसभर, izfroknhx.k कभ रभद गत पधरसर पर स्रभधमत्र, रभदतगण क घे अनपसभर, कब्ज़भ उस समय izfrdwy हपआ जब दसंडि izfdz;k ससंधहतभ कत धिभरभ 145 कत कभयररभहत क घे तहत izfroknhx.k नघे izFke बभर mijksDr पधरसर ममें अपनघे अधधिकभर, स्रभधमत्र तरभ vius fgr क घे दभरघे कर रभदतगण कत जभनकभरत ममें लभयभ और धजसममें बभद ममें धसटत eftLVsªV दभरभ 23.12.1996 कर कप कर्थी आदघेश पभधरत कर धदयभ x;k। रभदतगण क घे अनपसभर, izfroknhx.k दभरभ धकयघे गए उपररक्त कभयर सघे, रभदतगण क घे mijksDr पधरसर ममें अधधिकभर स्रभधमत्र तरभ fgr कर ससंदघेहभस्पद बनभयभ और इस izdkj mudks izfroknhx.k क घे धररुद्ध रभद गत पधरसर पर स्रभधमत्र कत घरषणभ कभ दभरभ तरभ अनय पधरणभमत रभहतरसं कभ दभरभ करनघे क घे धलए उद्धत धकयभ| (रभद कभ izLrj 23 दघेखिमें )

20. हमभरघे मत ममें, रभदतगण नघे कप कर्थी आदघेश धदनभसंक 23. 12.1996 सघे 12 रषर कत समय lhek क घे भततर, उधचत हत दतरभनत रभद 19.12.1978 कर दभयर धकयभ हमै | izfroknhx.k कभ रभद गत पधरसर पर अधधिकभर, स्रत्र तरभ mijksDr पधरसर मघेs fgr कर रभदत गण नघे izFke बभर धसटत eftLVsªV क घे समक्षि दसंडि izfdz;k ससंधहतभ कत धिभरभ 145 कत कभयररभहत क घे तहत दकधष्ट गत धकयभ और तब उद्घरषणभ और पधरसर पर dCts+ क घे धलए उनकभ रभद दभयर करनभ नयभय ससंगत रभ | अततः धरचभरण नयभयभलय दभरभ पधरसतमभ अधधिधनयम कभ अनपचछघेद 65 लभगम करतघे हपए रभद कर समय सतमभ क घे भततर ठहरभनभ नयभय ससंगत रभ |

21. समय सतमभ क घे iz”u कर धनणर्थीत करनघे क घे धलए, धक क्यभ रभद धनधिभरधरत समय सतमभ ममें दभयर धकयभ गयभ अररभ नहतसं, नयभयभलय कर क घे रल okni= ममें आररपरसं कर दघेखिघे जभनघे और रभदतगण नघे धकस izdkj okn gsrqd क घे पकररदरन हघेतप दलतल दत हमै, यह दघेखिघे जभनघे कत आरश्यकतभ हमै | इस रभद ममें, हम यह पभतघे हहैं कत रभदतगण नघे रभद कत धनधिभरधरत समय सतमभ रभलत शतर कर ससंतपष्ट करक घे रभद कर le;सतमभ ममें हत दभयर धकयभ हमै |

22. उपररक्त क घे अनपसभर, izR;FkhZ गण ( izfroknhx.k ) सभत दकधष्टकरणरसं सघे इस रभद ममें असफल हरतघे हहैं क्यरसंधक रघे न तर रभद गत पधरसर पर अपनभ LoRo और न हत धरधधिसम्मत dCt+k सभधबत कर सक घे हहैं | रघे मभननतय उचच नयभयभलय ममें क घे रल समय सतमभ क घे धबसंदप पर हत सफल हपए हहैं धजसक घे पधरणभमस्ररूप रभदतगण कभ दभरभ खिभधरज कर धदयभ गयभ क्यरसंधक izfroknhx.k नघे bl अपतल ममें दरनरसं हत नयभयभलय दभरभ पभयघे गयघे izfrdwy धनष्कषर्षों क घे धररुद्ध करई आपधत्ति दजर नहतसं करभई, इसतधलए इस अपतल ममें उन धनष्कषर्षों कत रमैधितभ और औधचत्य पर इस नयभयभलय दभरभ धरचभर धकयघे जभनघे कत करई आरश्यकतभ नहतसंहमै |

23. उपररक्त धरचभर धरमशर कत ररशनत ममें, हम मभननतय उचच नयभयभलय दभरभ समय सतमभ क घे iz”u पर धलए गए धनणरय सघे सहमत नहतसं हहैं | यह कभनमनत रूप सघे ससंधिभरणतय नहतसं हमै और तदनपसभर अपभस्त धकयघे जभनघे यरग्य हमै |

24. अपतल सफल हरतत हमै और तदनपसभर मसंजमर कत जभतत हमै | आलरचय धनणरय कर क घे रल उसत सतमभ तक, जहभचूँ तक यह अधभधनधिभरधरत धकयभ गयभ हमै धक अपतलभरर्थी गण (रभदतगण )क घे रभद कर समय सतमभ बभधधित हरनघे क घे कभरण धनरस्त धकयभ जभतभ हमै, कर एतद दभरभ अपभस्त धकयभ जभतभ हमै | पधरणभम स्ररुप,अपतलभरर्थी गण ( रभदतगण) क घे पक्षि ममें धरचभरण नयभयभलय क घे धनणरय तरभ धडिकक रत कर कभयम रखिभ जभतभ हमै | नयभयममधतर Jh अभय मनरहर lizs नयभयममधतर Jh अब्दपल नजतर नई धदल्लत, 20 धसतम्बर 2018 खिसंडिन (धडिस्क्लघेमर):- स्रभनतय भभषभ ममें धनणरय अनपरभद कभ आशय, पक्षिकभररसं कर इसघे अपनत भभषभ ममें समझनघे क घे उपयरग तक हत सतधमत हमै और अनय पकरयरजनभरर इसकभ उपयरग नहतसं धकयभ जभ सकतभ। समस्त व्यरहभधरक एरसं कभयभरलयतन पकरयरजनभरर, धनणरय कभ असंगकरघेजत ससंस्करण हत पकरभमभधणक हरगभ एरसं धनष्पभदन तरभ कभयभरनरयन क घे पकरयरजनभरर क्षिघेतकर धिभधरत करघेगभ |