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भभारिततीय उच्चत्तम नभायभालय
कक्रिकमनल अपतीललेर कलेतभाकधिकभारि
कक्रिकमनल अपतील ससंखभा. 2100/ 2008
ककृपभाल कससंह .......... अपलेलभासंर
बनभाम
रिभाजससभान सरिकभारि ..........रिलेसपोसंडडेंर
कनरर्णय
रिसपोगती जसस्टिस.
JUDGMENT
1. यह अपतील रिभाजससभान उच्च नभायभालय, जयपपुरि बडेंच कले दभारिभा पभाररित ककयले गए फफैसलले औरि आदलेश कदनभासंक 4 फरिवरिती, 2008 कले सखिलभाफ दभायरि कती गई, कजसकले दभारिभा अपतीलकतभार्ण कती सजभा कती पपुकष असंतगर्णत धिभारिभा 302 आईपतीसती कले तहत व कनरर्णय कदनभासंक 22 नवसंबरि, 2004 कवदभानन कवचभारिर नभायभालय कले तहत कती गयती ।
2. अकभयपोजन मभामलले कले अनपुसभारि ससंककप तथ यह हफै कक कदनभासंक 28 जपुलभाई, 2001 कपो शभाम 9.15 बजले मपुखिकबरि सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) नले एक कलसखित ररिपपोरर्ण (प्रदशर्ण-P[1]) पपुकलस स्टिलेशन डपुग मडें प्रसपुत कती, कजसमडें यह कहभा गयभा सभा कक लगभग 6.30 बजले वह अपनले भभाई यशवसंत औरि पभारिस मल कले सभास मपोररि सभाईककल नसंबरि RJ 20 8M 9309 परि उनकले ककृकष फभामर्ण जपो कती गभागाँव दपुधिलभाई मडें सससत हफै जभा रिहभा सभा । यशवसंत डडभाइकवसंग सतीर परि सभा, पभारिस मल (PW[1]) मध मडें सभा औरि मपुखिकबरि सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) पतीछले कती सतीर परि बफैठभा सभा। जब वले वभापस ललौर रिहले सले तपो धिलौलले कससंह कले घरि कले पभास उनकती मपुलभाकभात आरिपोपती ककृपभाल कससंह, रिभामलभाल, अजपुर्णन कससंह औरि सपुलभान कससंह सले हुई । चभारिपोसं कपुलभाडती, लभाठती, डहररियभा, तलवभारि औरि फरिसभा सले लफैस सले, उनपोसंनले अपनती मपोररि सभाइककल सले घलेरि कलयभा औरि उन यशवसंत कपो मभारि डभालनले कभा आहभान ककयभा । मपुखिकबरि सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) औरि पभारिस मल (PW[1]) नतीचले उतरिले औरि खिपुद कपो ददूरि करि कलयभा ललेककन यशवसंत ऐसभा नहतीसं करि सकभा औरि बपुरिती तरिह कपर गयभा। सभती हमलभावरि नले कपुलभाडती, धिभाररियभा, तलवभारि, फरिसभा औरि लभाठती सले यशवसंत परि वभारि ककयभा । उनपोसंनले मपुखिकबरि सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) औरि पभारिस मल (PW[1]) कपो भती मभारिनले कभा प्रयभास ककयभा जब वले अपनले जतीवन कले कलए भभाग रिहले सले । ककृपभाल कससंह नले उनकभा पतीछभा ककयभा व पभारिस मल (PW[1]) कले बभाएसं कसंधिले परि कपुलभाडती सले वभारि ककयभा। सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) दभारिभा कती गई कशकभायत परि, प्रसम सदूचनभा ररिपपोरर्ण (प्रदशर्ण-P[2]) पसंजतीककृत कती गयती । मकृतक यशवसंत कभा शव परितीकर ककयभा गयभा। शपुर मडें, सभती चभारि आरिपोपती ककृपभाल कससंह, रिभाम लभाल, अजपुर्णन कससंह औरि सपुलभान कससंह कपो कगरिफभारि ककयभा गयभा औरि अनपुसनभान पदूरिभा हपोनले परि आरिपोप पत दभायरि ककयभा गयभा सभा औरि धिभारिभा 302, 394, 394/34, 324 यभा 324/34 IPC कले तहत आरिपोप लगभायभा गयभा कजनपोसंनले आरिपोपपोसं कभा खिसंडन ककयभा औरि अकनवतीकभा चभाहती । अकभयपोजन प्रकरिर कले समसर्णन मडें 24 गवभाहपोसं कपो परितीककत करिभायभा । अपतीलभासर नले धिभारिभा 313 सतीआरिपतीसती कले तहत सषतीकरिर मडें कनदर्दोषतभा कभा दभावभा ककयभा, बचभाव मडें ततीन गवभाहपोसं कपो परितीककत करिभायभा गयभा औरि सपुनवभाई कले बभाद कवदभानन अनलेकर नभायभालय नले रिभाम लभाल, अजपुर्णन कससंह औरि सपुलभान कससंह कपो बरिती ककयभा औरि अपतीलकतभार्ण कपो दपोषकसद करितले हुए धिभारिभा 302, 204, 394 औरि 324 आई.पती.सती. कले तहत उसले सजभा सपुनभाई । आरिपोपती अपतीलभासर नले सजभा कले सखिलभाफ अपतील कती औरि रिभाजससभान रिभाज नले बरिती ककयभा गए अन ततीनपो आरिपोकपयपोसं कले सखिलभाफ अपतील कती, कवचभारिर नभायभालय कले कनरर्णय कदन i क फरिवरिती 4, 2008 कती पपुकष करितले हुए दपोनपोसं अपतीलपोसं कपो खिभाररिज करि कदयभा गयभा ।
3. उक कनरर्णय कले कवरुद, कवशलेष अनपुमकत यभाकचकभा कले मभाधम सले यह अपतील दभायरि कती गई हफै।
4. शती सपुशतील कपुमभारि जफैन, कवदभानन वररिष अकधिवकभा अपतीलभासर कती तरिफ सले व सपुशती रकच कपोहलती कवदभानन अकधिवकभा कपो रिभाज कती तरिफ सले सपुनभा गयभा ।
5. शती सपुशतील कपुमभारि जफैन कवदभानन वररिष अकधिवकभा अपतीलअसर कभा मपुख तकर्ण सभा कती, सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW-13) एकमभात चश्मदतीद गवभाह सभा कजसकले बयभान कले आधिभारि परि अपतीलअसर कपो सजभा सपुनभाई गयती व वतर्णमभान अपतीलकतभार्ण सले जपो चपोर मकृतक यशवसंत कले कसरि परि कभाररित करिनभा मनभा गयभा हफै वह असकले मकृतपु कभा एकमभातभा कभारिर डनॉ भदूपलेश PW[6] औरि डनॉ रिमलेश चसंद खिरतीक PW-7 कले बयभान कले अनपुसभारि नहतीसं हफै औरि आगले तकर्ण कदयभा हफै कती अन ततीन आरिपोपती व्यसक रिभाम लभाल, अजपुर्णन औरि सपुलभान कससंह कले बरिती हपोनले कले बभाद कजनपोसंनले भती मकृतक यशवसंत कले शरितीरि कले कवकभन कहसपोसं परि चपोरडें कभाररित कती सती, तपो ऐसती पररिसससकत मडें अकलेलले अपतीलअसर कपो घभातक चपोर कभाररित करिनले कले कलए कजमलेदभारि ठहरिभा करि धिभारिभा 302 कले तहत दपोषकसद नहतीसं ककयभा जभा सकतभा, जभादभा सले जयभादभा असकपो धिभारिभा 304 भभाग I यभा II IPC कले तहत दपोषतीकसद ककयभा जभा सकतभा हफै।
6. कवदभानन वररिष अकधिवकभा नले कहभा हफै कक अपतीलअसर कती दपोषकससद कलेवल सपुनतील कपुमभारि गपोयल PW13 कले बयभान परि आधिभाररित हफै जबकक इसकले बयभानपोसं परि कवदभानन कवचरिर नभायलय व उच्च नभायभालय नले आरिपोपती रिभाम लभाल, अजपुर्णन कससंह औरि सपुलभान कससंह कले कलए अकवश्वसतीनयभा मनभा हफै। उच्च नभायभालय इस कनष्कषर्ण परि पहुसंचभा हफै कक ततीनपो सह आरिपोपती रिभाम लभाल, अजपुर्णन कससंह औरि सपुलभान कससंह कपो कवकभन कभारिरपोसं कती वजह सले गलत तरितीकले सले फसंसभायभा गयभा हफै व ततीनपो सह आरिपोकपयपोसं कती उपसससकत PW 13 सपुनतील कपुमभारि गपोयल जपो कती एक रुकचकरि अकवश्वसनतीय सभाकती हफै कले बयभानपोसं कले आधिभारि परि घरनभा कले समय ससंकदग हफै इसकलए उसकले कसन परि, कम सले कम अपतीलभासर कपो दपोषती मभानकरि धिभारिभा 302 मडें दपोषकसद नहतीसं ककयभा जभा सकतभा ।
7. कवदभानन वररिष अकधिवकभा नले आगले कहभा हफै कक अपतीलअसर कती दपोषकससद कभा एकमभात आगाँखिपोसं दलेखिती गवभाहती PW13 सपुनतील कपुमभारि गपोयल कले बयभानपोसं परि अनसभा भती धिभारिर नहतीसं कती जभा सकतती यपोकक अकभयपोजन कले मभामलले कभा भलौकतक भभाग जपो कती घरनभा कले ससंबसंधि व चपोरपोसं कपो कवकभन तसभाककसत अकभयपुक रिभाम लभाल, अजपुर्णन कससंह औरि सपुलभान कससंह सले जपोडले जभानले कले ससंबसंधि मडें हफै उसले अकवश्वसनतीय मभानभा गयभा हफै व घरनभा कती उत्पकत्त परि भती अकवश्वभास ककयभा गयभा हफै औरि इन पररिसससकतयपोसं मडें कवदभानन कवचभारिरतीय नभायभालय व उच्च नभायलय नले एक गसंभतीरि तपुकर अपतीलअसर PW13 कजसकती एकमभात गवभाहती परि कवश्वभास नहतीसं ककयभा गयभा सभा । कवदभानन कवचरिरतीय नभायभालय औरि उच्च नभायभालय अपतीलभासर कती सजभा कभायम रिखिनले कती गसंभतीरि तपुकर कती हफै कजसकभा एकमभात शपोत PW13 कती गवभाहती हफै कजसकले ककसत रप सले अकभयपोजन मभामलले कले भलौकतक भभाग परि कवश्वभास नहतीसं ककयभा गयभा सभा कजसकती प्रसम सपुचनभा ररिपपोरर्ण औरि गवभाहपोसं कले बयभानपोसं सले पपुकष हुई हफै औरि इसकले समसर्णन मडें इस नभायभालय कले कनरर्णय परि कनभर्णरितभा रिखिती हररि ककशन बनभाम हररियभारभा रिभाज 2010 (2) एससतीसती 131 औरि अरिशद हुसफैन बनभाम रिभाजससभान रिभाज 2013 (14) एससतीसती 104 औरि प्रसपुत करितभा हफै कक एक बभारि अकभयपोजन कती कहभानती कभा पयभार्णप कहसभा अकवश्वभास ककयभा जभा चदूकभा हफै औरि अपतीलकतभार्ण कती सजभा कलेवल सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) कती गवभाहती परि करकती हुई हफै कजसकले बयभान अनसभा कवश्वसनतीयतभा खिपो चपुकले हफै तपो यह पयभार्णप नहतीसं हपोगभा कती धिभारिभा 302 आईपतीसती कले तहत दपोषती ठहरिभाए जभायले, आगले तकर्ण कदयभा हफै कक मलौत कभा कभारिर सभती अकभयपुकपोसं दभारिभा कररित छपोरपो चपोरपोसं कले कलए सभामभान हफै कजसमले सले ततीन, रिभाम लभाल, अजपुर्णन कससंह औरि सपुलभान कससंह कपो बरिती ककयभा जभा चदूकभा हफै औरि डनॉ भदूपलेश दयभाल (PW[6]) कले बयभान मडें तसभा डनॉ रिमलेश चसंद खिरतीक (PW[7]) कले बयभान मडें, यह सष रप सले कहभा गयभा हफै कक मकृतक यशवसंत कती मलौत कभा कभारिर सदमले कले कभारिर हुई, रिकसभाव कले कभारिर हुई, कजससले मससष्क मडें आई चपोरपोसं कले कभारिर हुई, जपो पपोस्टिमनॉरर्णम (प्रदशर्ण-33) मडें भती दजर्ण ककयभा गयभा हफै. कदए गए तथपोसं औरि पररिसससकतयपोसं मडें, यह ससभाकपत नहतीसं ककयभा जभा सकतभा कक घभातक चपोर अपतीलकतभार्ण दभारिभा कररित कक गयती हफै औरि उसले धिभारिभा 302 आई.पती.सती. कले तहत उसले दपोषती नहतीसं ठहरिभायभा जभा सकतभा सभा.
8. कवदभानन वररिष अकधिवकभा दभारिभा आगले यह तकर्ण कदयभा गयभा हफै कक फदर्ण बरिभामदगती कपुलभाडती (प्रदशर्ण-40 ) धिपोतती (प्रदशर्ण -36) व मपोररि सभाइककल (प्रदशर्ण-51 ) कबनभा ककसती स्वतसंत गवभाह कले पपुकलस ककमर्णयपोसं दभारिभा प्रमभाकरत कक गयती हफै पतीडबदू 15 धिरिभा कससंह औरि पतीडबदू 22 रिघपुवतीरि कससंह कपुलभाडती कले कलए औरि बडर चसंद, SHO (PW-20) औरि शफतीक मपोहमद (हलेड कभासंस्टिलेबल) PW-23 मपोररि सभाइककल कती बरिभामदगती प्रमभाकरत करिनले कले कलए प्रसपुत ककयभा गए हफै व पपुकलस ककमर्णयपोसं दभारिभा कदयभा गए बयभानपोसं कले ससंबसंधि मडें स्वतसंत गवभाह हपोनले कती उपधिभारिरभा धिभारिभा 114 सभाक अकधिकनयम कले तहत नहतीसं कती जभा सकतती ।
9. प्रकतवभादती कक कवदभानन अकधिवकभा सपुशती रकच कपोहलती नले तकर्ण कदयभा हफै कक सरिकभारि नले दपोषमपुक हुए अकभयपुकपोसं कले कवरुदभा कपोई अपतील प्रसपुत नहतीसं कक हफै परिनपु अपतीलभासर कले कवरुदभा अकभयपोजन पक दभारिभा कनयत ककए गए सभाक परि प्रकभाश डभालले तपो अपतीलकतभार्ण कती कवकशष भदूकमकभा हफै, व उच्च नभायभालय दभारिभा सजभा कती पपुकष व अपतील ख़भाररिज करिनले कले कनरर्णय मई कपोई तपुकर नहतीसं कती गई हफै कवदभानन अकधिवकभा नले कहभा कक कती प्रतकदशर गवभाह सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) कक गवभाहती कवश्वसनतीय हफै व वह उसकती प्रकतपरितीकभा मडें भती खिसंकडत नहतीसं हुई हफै कजसकती चचभार्ण कवचभारिर नभायभालय व सभास हती उच्च नभायभालय नले कवसभारि सले कती हफै औरि आगले सभाक कक पपुन: छसंरनती कती जररित नहतीसं हफै आगले कसन ककयभा हफै कक प्रतकदशर गवभाह सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) कले कसनपो कक पपुकष कचककतभा सभाक PW[6] डनॉ भदूपलेश दयभाल औरि PW[7] डनॉ रिमलेश चसंद खिरतीक, कजनपोसंनले मकृतक यशवसंत कले शव कभा पररिकर ककयभा सभा औरि कजनपोसंनले अपनले प्रकत पररिकर मडें कहभा हफै कक मकृतक यशवसंत कपो आरिपोपती अपतीलकतभार्ण दभारिभा कररित चपोर मलौत कभा कभारिर बननले कले कलए पयभार्णप हफै । कवदभानन अकधिवकभा नले आगले तकर्ण कदयभा हफै हभालभागाँकक घभायल पभारिस मल पकदपोहती हुआ हफै परि कफरि भती यह अकभयपुकपोसं कक उपसससकत व सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) कभा बयभान सभाकबत करितभा हफै कक आरिपोपती नले मकृतक यशवसंत कपो उसकले कसरि परि मभारिभा औरि पभारिस मल (PW[1]) कले कसंधिले परि चपोर कररित कती कजसकभा समसर्णन ररिकनॉडर्ण परि आयती कचककतभा सभाक व कचककतभा गवभाह कती पपुकष सले हफै, कपुलभाडती (प्रदशर्ण) कक बरिभामदगती अकभयपुक अपतीलकतभार्ण कले इशभारिले परि उसकले सले धिभारिभा कससंह औरि रिघपुवतीरि कससंह (PW22) दभारिभा सभाकबत हफै व औरि मकृतक कती मपोररिसभाइककल कती बरिभामदगती कक पपुकष कबरिधिती चसंद SHO (PW20) दभारिभा & शफतीक मपोहमद (प्रमपुखि कभासंस्टिलेबल) (PW23) उनकले ससंबसंकधित बयभानपोसं मडें कती गई हफै औरि कलेवल कपोसंकक वले पपुकलस कले गवभाह हह, उनकले गवभाहती मभानले जभानले यपोग्य नहतीसं हफै औरि कनरर्णय बलदलेव कससंह बनभाम हररियभारभा रिभाज 2015 (17) एस.सती.सती. 554 औरि कगरिजभा प्रसभाद (मकृत) रिभाज कले एम.पती. 2007 (7) SCC 625 मडें कनभर्णरितभा रिखिती हफै औरि उच्च नभायभालय कले अपतीलभासर कक सजभा बरिक़रिभारि रिखिनले कले कनरर्णय कले समसर्णन ककयभा हफै
10. दपोनपोसं पकपोसं कले प्रकतदसंदती तकर कक सरिभाहनभा करिनले कले कलए, प्रसम सपुचनभा ररिपपोरर्ण (प्रदलेश) जपो कक सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) दभारिभा करिभाई गई हफै कले अवलपोकन जररिती हफै जपो कनमभानपुसभारि हफै: “आज लगभग शभाम 6.30 बजले हमलेशभा कती तरिह शभाम कपो मलेरिले बडले भभाई यशवसंत कपुमभारि, पभारिसमल जती पपुत शती शपोभमभाल जती औरि मह अपनती हतीरिपो हपोसंडभा मपोररिसभाइककल मडें, कजसकती ससंखभा RJ208M हफै 9309 औरि कजसकती पतीछले वभालती नसंबरि पलेर परि लव असंगलेजती मडें कलखिभा हफै, हम ततीन हमभारिले दपुधिलभाई गभागाँव कले ककृकष फभामर्ण दलेखिनले कले कलए गए सले. वहभासं रिहनले कले बभाद लगभग एक घसंरले बभाद जब हम दपुधिलभाई गभागाँव सले हपोकरि वभापस आ रिहले सले तपो हमभारिती इन चभारि व्यसकयपोसं सले मपुलभाकभात हुई कजनकले नभाम १. ककृपभाल कससंह पपुत सभान कससंह, जभाकत रिभाजपदूत, कनवभासती दपुधिलभाई, २ रिभामलभाल पपुत अनभारि कससंह जती, जभाकत रिभाजपदूत, कनवभासती मभासंडपपुरि, 3. अजपुर्णन कससंह पपुत भरु कससंह, जभाकत रिभाजपदूत, कनवभासती पभाडलभा, 4. सपुलभान कससंह, पपुत भलेर कससंह, जभाकत रिभाजपदूत, कनवभासती सभामनले पभाडलभा दलले कससंह कभा घरि। ककृपभाल कससंह कले पभास कपुलभाडती सती औरि रिभामलभाल कले सभास एक लभाठती धिररियभा सले लफैस सती सपुलभान कससंह तलवभारि सले औरि अजपुर्णन कससंह फरिसभा ललेस सभा. हमडें दलेखितले हती उनपोसंनले कहभा कक आज यशवसंत कससंह कपो कजनभा नहतीसं जभानले दडेंगले । आज एक अचभा अवसरि कमलभा हफै यह कहतले हुए यले चभारिपोसं नले हमडें घलेरि कलयभा । यह दलेखि पभारिस औरि मह मपोररिसभाइककल सले नतीचले उतरि गए । जब मलेरिले भभाई यशवसंत जती, जपो मपोररि सभाइककल चलभा रिहभा सभा उसनले नतीचले उतरिनले कक कपोकशश कती तपो ककृपभाल कससंह नले उसकती कसरि परि कपुलभाडती मभारि दती. उसकले बभाद रिभामलभाल नले लभाठती कजसमले धिभाररियभा सभा बभाईसं आसंखि कले ऊपरि औरि अजपुर्णन नले तलवभारि सले उसकती गदर्णन कले ऊपरि वभारि ककयभा । सपुलतभान कससंह नले कसरि परि फरिसभा सले लफैस लभाठती सले वभारि ककयभा। जबकक हम वहभासं खिडले सले, उनपोसंनले कहभा कक यले दपोनपोसं कपो भती कजसंदभा नहतीसं छपोडभा जभानभा चभाकहए। कफरि हम वहभासं सले भभाग गए। भभागतले समय ककृपभाल कससंह नले अपनती कपुलभाडती सले वभारि करि कदयभा पभारिसमल जती कले बभाएसं कसंधिले परि । हम दपोनपो जभान बचभानले कले क्रिम मडें खिलेत कती ओरि भभागले तपो, ककृपभाल कससंह नले मलेरिती मपोररिसभाइककल लले लती औरि हमभारिभा पतीछभा ककयभा। असंधिलेरिले मडें हमनले खिपुद कपो खिलेतपो मडें कछपभा कलए । कपुछ समय बभाद सब कपुछ शभासंत हपो गयभा । हमनले वहभासं जभाकरि दलेखिभा कती मलेरिले भभाई यशवसंत कती मकृतपु उसकले शरितीरि परि आई गसंभतीरि चपोरपोसं कले कभारिर हपो गई सती । उन चभारि व्यसकयपोसं नले मलेरिले भभाई यशवसंत कपो मभारि डभालभा औरि मलेरिती हतीरिपो हपोसंडभा मपोररिसभाइककल नसंबरि आरिजले 8 एम 9309 लले गयभा, कजसकभा रिसंग मरन हफै। इस व्यसक नले हमभारिती पपुरिभानती भदूकम कले ससंबसंधि मडें शतपुतभा कले कभारिर यह आपरिभाकधिक ककृत ककयभा । हमभारिती ररिपपोरर्ण उपयपुक कभायर्णवभाहती कले कलए प्रसपुत कती गई हफै ।”
11. सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) दभारिभा दजर्ण कती गई प्रसम सपुचनभा ररिपपोरर्ण कती सभामगती कती जभासंच करिनले परि यह सष हफै कती 28 जपुलभाई, 2001 कपो लगभग 6.30 बजले मपुखिकबरि सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) अपनले भभाई यशवसंत औरि पभारिस मल कले सभास मपोररि सभाईककल परि उनकले ककृकष फभामर्ण, जपो कती गभागाँव दपुधिलभाई मडें सससत हफै, सले वभापस आ रिहभा सभा । तपो उनकती मपुलभाकभात वत्तर्णमभान आरिपोपती अपतीलभासर व रिभामलभाल, अजपुर्णन कससंह औरि सपुलभान कससंह सले धिदूल कससंह कले घरि कले पभास हुई । चभारिपोसं कपुलभाडती, लभाठती, डहररियभा, तलवभारि औरि फरिसभा सले लफैस सले, मपुखिकबरि सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) औरि पभारिस मल (PW[1]) नतीचले उतरिले औरि खिपुद कपो ददूरि करि कलयभा ललेककन यशवसंत ऐसभा नहतीसं करि सकभा औरि आरिपोकपयपोसं नले कपुलभाडती, डहररियभा, तलवभारि, फरिसभा औरि लभाठती सले यशवसंत परि वभारि ककयभा । आरिपोपती अपतीलकतभार्ण नले पभारिस मल (PW[1]) कभा पतीछभा ककयभा औरि उसकले कसंधिले परि कपुलभाडती सले वभारि ककयभा। कवशलेषर सबदूत ररिकनॉडर्ण परि आए औरि बभाद मडें कवचभारिर नभायभालय नले सपुनवभाई कले बभाद अन आरिपोपती व्यसकयपोसं कपो बरिती करि कदयभा, कजनकभा नभाम रिभाम लभाल, अजपुर्णन कससंह औरि सपुलभान कससंह हफै औरि वतर्णमभान अपतीलकतभार्ण कपो धिभारिभा 302 आईपतीसती कले तहत दपोषती मभानकरि उसले आजतीवन कभारिभावभास कती सजभा सपुनभाई व अपतीलकतभार्ण दभारिभा कक गयती अपतील उच्च नभायभालय दभारिभा ख़भाररिज करि कनरर्णय कदनभासंक 4 फरिवरिती, 2008 पभाररित ककयभा गयभा हफै ।
12. इससले पहलले कती हम प्रकतदसंदती सबकमशन कती जभासंच करिनले कले कलए आगले बढडें, पपोस्टिमनॉरर्णम परि धभान दलेनभा उकचत हपोगभा जपो कती मकृतक यशवसंत कले शरितीरि कभा ककयभा गयभा जपो कनमभानपुसभारि हफै:
1. इसंसतीसलेड घभाव 4”x 2” x गतीवभा कशलेरुक गहरिभा ओक्रिपोपलेगस रडलेककआ औरि सतीएस कशलेरुक रडफैक्टमडेंड परि मलौजदूद हफै सभायरिभाइड कलेत कले सरि परि गदर्णन कले पदूवर्णकभाल पक।
2. इसंसतीसलेड घभाव 3” x 2” x मभासपलेशती गहरिभा जपो कती गदर्णन कक दभाकहनती तरिफ हफै ।
3. इसंसतीसलेड घभाव 2 ½ “ x 1” x मभासपलेशती गहरिभा जपो कती दभाकहनती कसंधिले कती तरिफ हफै ।
4. इसंसतीसलेड घभाव 7” x 1” मभासपलेशती गहरिभा जपो कक गदर्णन कले नतीचले कती तरिफ रतीररिऑड रितीजन कले ठतीक नतीचले हफै ।
5. इसंसतीसलेड घभाव 6” x 1 ½” मभासपलेशती गहरिभा जपो कती बभाएसं अकनवभायर्ण कले रिभामस कले नतीचले हफै ।
6. इसंसतीसलेड घभाव 3” x 1” x मससष्क कले बभाईसं ओरि गहरिभा हफै मभासले कले ककनभारिले कती बभाईसं आसंखि कती भलौसंह कले ऊपरि, हडती करती हुयले हफै औरि मससष्क कती बभात मलौजदूद हफै।
7. इसंसतीसलेड घभाव 4” x 1 ½” x मससष्क परि गहरिभा करकभा हुआ हफै खिपोपडती, हडती मडें करलौतती औरि मससष्क कले बभाएसं पभाकश्वर्णकभा कलेत कभा तत मलौजदूद हफै।
8. इसंसतीसलेड घभाव 2 ½” x 1” x हडती परि गहरिती कनरिसंतरितभा खिपोपडती कती हडती मडें करलौतती औरि मससष्क कभा सहती अससभायती कलेत तत मलौजदूद हफै।
9. इसंसतीसलेड घभाव 1 ½” x ½” x मससष्क गहरिभा परि करकभा हुआ हफै दभाकहनले कभान कभा ऊपरिती आधिभा कहसभा। मभास्टिनॉयड प्रकक्रियभा मडें करलौतती औरि मससष्क पदभासर्ण उपसससत।
13. हम यह भती पभातले हह कक पभारिस मल (PW[1])मपुखिकबरि सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) सले ससंबसंकधित हफै। अपतीलभासर कले सखिलभाफ आरिपोप लगभायभा हफै कती उसनले मकृतक यशवसंत औरि पभारिस मल (PW[1]) कपो चपोरडें पहुसंचभाईसं औरि मकृतक यशवसंत कती मपोररि सभाइककल लले करि भभाग गयभा । जपो कती कबरिधिती चसंद SHO गसंगभानगरि P.S. (PW - 20) औरि शफतीक मपोहमद, हलेड कभासंस्टिलेबल (PW-23) कती उपसससकत मडें बरिभामद कती गई कपुलभाडती (प्रदशर्ण -40) धिरिभा कससंह, कभासंस्टिलेबल (PW-15) तसभा रिघपुवतीरि कससंह (PW-22) कती उपसससकत मडें बरिभामद हुई' हभालभासंकक पभारिस मल (PW[1]) कजसकपो घरनभा मडें चपोर आयती उसनले अकभयपोजन पक कभा समसर्णन नहतीसं ककयभा कजसकपो अकभयपोजन नले पकदपोहती घपोकषत करि कदयभा गयभा । ललेककन उसकती मलेकडकल लतीगल ररिपपोरर्ण (MLR) इसंकगत करितती हफै कती वह वत्तर्णमभान अकभयपुक अपतीलभासर दभारिभा ककसत घरनभा मडें घभायल हुआ सभा ।
14. शती सपुशतील कपुमभारि जफैन कवदभानन वररिष अकधिवकभा अपतीलभासर कती ओरि सले बल कदयभा गयभा कती अपतीलभासर दभारिभा कलेवल एक चपोर मकृतक यशवसंत कले सरि परि कररित ककयभा जभानभा बतभायभा हफै जपो उसकती मकृतपु कभा एकमभात कभारिर नहतीसं हफै औरि जब सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW-13 ) कले बयभान कपो आसंकशक रप सले सह अकभयपुकपोसं कले सनभर्ण मडें अकवश्वसनतीय मभानभा हफै जपो कक सकक्रिय रप सले अपरिभाधि कभाररित करिनले मडें शभाकमल सले औरि कजनकपो कवदभानन कवचभारिर नभायभालय नले बरिती करि कदयभा हफै व उच्च नभायभालय नले भती रिभाजससभान सरिकभारि कती ओरि सले दभासखिल अपतील कपो ख़भाररिज करि इसकती पपुकष कती हफै, इसती तरिह इसती सभाक परि अपतीलभासर कपो दपोषती घपोकषत करि धिभारिभा 302 भभारिततीय दसंड ससंकहतभा मडें दपोषकससद मडें हसकलेप कती आवश्यकतभा हफै।
15. हमनले प्रसम सपुचनभा ररिपपोरर्ण व उच्च नभायभालय कले कनष्कषर्ण कजसमले अपतीलभासर कती दपोषकससद असंतगर्णत धिभारिभा 302 भभारिततीय दसंड ससंकहतभा मडें बरिक़रिभारि रिखिभा हफै उसकभा अवलपोकन ककयभा, जपो प्रतकदशर सभाक अकभयपोजन दभारिभा प्रसपुत ककयले गए हफै वह सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW-13 ) पररिवभादती व मपुखिकबरि कती हफै। सपुनतील कपुमभारि गपोयल PW-13 कले बयभानपो कभा अवलपोकन करिनले सले यह पभायभा गयभा हफै कती उसकले दभारिभा जपो भती तथ प्रसम सपुचनभा ररिपपोरर्ण मडें कदए गए सले, जब वपो दजर्ण करिवभाई गयती सती, उनकभा समसर्णन ककयभा गयभा हफै तसभा PW-13 कले कपोरर्ण बयभान भती प्रसम सदूचनभा ररिपपोरर्ण कले अनपुरप हफै, ददूसरिले शबपोसं मडें, उसनले जपो प्रसम सपुचनभा ररिपपोरर्ण मडें कहभा हफै वह दपोहरिभायभा हफै । उसकले दभारिभा कवशलेष रप सले बयभान कदयभा गयभा हफै कती 28.07.2001 कपो समय
6.30 सभायसं कभाल वह अपनले भभाई पभारिसमल PW-1 व मकृतक यशवसंत कले सभास मपोररि सभाइककल परि अपनले ककृकष फभामर्ण जपो कती गभाम दपुधिलती मडें सससत हफै वहभागाँ सले ललौर रिहभा सभा औरि जब वह लपोग अपनती मपोररिसभाइककल परि वभापस ललौरतले समय धिदूकल कससंह कले घरि कले पभास पहुसंचले तपो उनडें ककृपभाल कससंह अपतीलभासर व उसकले 3 अन सभासती रिभामलभाल, अजपुर्णन कससंह व सपुलभान कससंह कमलले । आरिपोपती अपतीलभासर कले पभास एक कपुलभाडती सती कजससले उसनले मकृतक यशवसंत कले सरि परि वभारि ककयभा व वभापस ललौरतले समय आरिपोपती अपतीलभासर नले पभारिसमल PW-1 कले कसंधिले परि उस कपुलभाडती सले वभारि ककयभा । कपुलभाडती व मकृतक यशवसंत कक मपोररि सभाइककल कती बरिभामदगती कभा समसर्णन धिभारिभा कससंह PW-15 व रिघपुवतीरि कससंह PW-22 दभारिभा ककयभा गयभा व उसकती चपोर कभा समसर्णन डनॉ भदूपलेश दयभाल PW[6] व डनॉ रिमलेश चसंद खिरतीक PW- 7 कले दभारिभा ककयभा गयभा, कजनपोसंनले मकृतक यशवसंत कले शरितीरि कभा पपोस्टिमनॉरर्टेम ककयभा सभा. डनॉक्टरिपोसं कले बयभान हमभारिले समक पढले गए कजसमले उनपोसंनले मभानभा हफै कती सभती चपोर मकृतक कले मकृतपु पदूवर्ण कती हफै, चपोर ससंखभा 1 जपो कती गलले परि कभाररित कती गयती हफै, व अन चपोर जपो घभायल कले सरि परि कभाररित कती गयती हफै जपो कती अलग सले उसकती मकृतपु कभाररित करिनले कले कलए पयभार्णप सती । सपुनतील कपुमभारि गपोयल PW-13 कले बयभानपोसं कले अनपुसभारि मकृतक कले सरि कती चपोर आरिपोपती अपतीलभासर दभारिभा कपुलभाडती सले कभाररित कती गई हफै, अकभयपोजन दभारिभा वतर्णमभान आरिपोपती अपतीलभासर कले कवरुद प्रकरिर ससंदलेह सले परिले सभाकबत ककयभा गयभा हफै कती मकृतक कले सरि कती चपोर आरिपोपती अपतीलभासर दभारिभा कभाररित कती गयती हफै जपो कक अपनले आप मडें मकृतपु कभाररित करिनले कले कलए पयभार्णप हफै । यह कनष्कषर्ण हती कवदभानन कवचभारिर नभायभालय नले कदयभा हफै औरि कजसकती पपुकष उच्च नभायभालय नले अपतील मडें कती हफै । हम भती इस बभात कपो मभानतले हफै कती अकभयपोजन नले अपतीलभासर कले मभामलले कपो सभाकबत ककयभा हफै व सह आरिपोपती रिभामलभाल, अजपुर्णन कससंह व सपुलभान कससंह कपो झदूठले फसभायले जभानले कती ससंभभावनभा कले आधिभारि परि वतर्णमभान अपतीलभासर कले मभामलले कपो ककसती तरिह ख़भाररिज नहतीसं ककयभा जभा सकतभा व अकभयपोजन नले ससंदलेह सले परिले उसले दपोषती सभाकबत ककयभा हफै । यह हमभारिले दभारिभा अनपुकचत हपोगभा अगरि हम यसंतवतन रप सले इस तरिह कले सभाक कपो एकमभात इस कभारिर अस्वतीकभारि करिले कती उसकभा कवभभाजन नभाय कती कवफलतभा कभा कभारिर हपोगभा । इसकभा कपोई कनयम नहतीसं हफै कती ककतनती सभाक कती सरिभाहनभा कती जभानती चभाकहए परिनपु यह आवश्यक हफै कती नभाकयक दृकषकपोर मडें सभाक सरिभाहनभा करितले समय सतकर्णतभा बरितती जभाए। परिनपु यह दलतील कती ऐसती सभाक कपो ख़भाररिज करिनभा चभाकहए कपोकक वह कवभभाकजत हफै ऐसती दलतील कपो सहती मभानकरि स्वतीकभारि नहतीसं ककयभा जभा सकतभा। “ 12. Stress was laid by the accused appellants on the non-acceptance of evidence tendered by some witnesses to contend about desirability to throw out the entire prosecution case. In essence, prayer is to apply the principle of falsus in uno falsus in omnibus (false in one thing, false in everything). This plea is clearly untenable. Even if a major portion of evidence is found to be deficient, in case residue is sufficient to prove guilt of an accused, notwithstanding acquittal of a number of other coaccused persons, his conviction can be maintained. It is the duty of the Court to separate the grain from the chaff. Where the chaff can be separated from the grain, it would be open to the Court to convict an accused notwithstanding the fact that evidence has been found to be deficient to prove guilt of other accused persons. Falsity of a particular material witness or material particular would not ruin it from the beginning to end. The maxim falsus in uno falsus in omnibus has no application in India and the witnesses cannot be branded as liars. The maxim falsus in uno falsus in omnibus has not received general acceptance nor has this maxim come to occupy the status of a rule of law. It is merely a rule of caution. All that it amounts to, is that in such cases testimony may be disregarded, and not that it must be disregarded. The doctrine merely involves the question of weight of evidence which a Court may apply in a given set of circumstances, but it is not what may be called “a mandatory rule of evidence”. (Nisar Ali v.State of U. P. AIR 1957 SC 366). Merely because some of the accused persons have been acquitted, though evidence against all of them, so far as direct testimony went, was the same does not lead as a necessary corollary that those who have been convicted must also be acquitted. It is always open to a Court to differentiate accused who had been acquitted from those who were convicted. (Gurcharan Singh v. State of Punjab AIR 1956 SC 460). The doctrine is a dangerous one, specially in India for if a whole body of the testimony were to be rejected, because a witness was evidently speaking an untruth in some aspect, it is to be feared that administration of criminal justice would come to a deadstop. Witnesses just cannot help in giving embroidery to a story, however, true in the main. Therefore, it has to be appraised in each case as to what extent the evidence is worthy of acceptance, and merely because in some respects the Court considers the same to be insufficient for placing reliance on the testimony of a witness, it does not necessarily follow as a matter of law that it must be disregarded in all respects as well. The evidence has to be shifted with care. The aforesaid dictum is not a sound rule for the reason that one hardly comes across a witness whose evidence does not contain a grain of untruth or at any rate exaggeration, embroideries or embellishment. (Sohrab v. State of M. P. 1972(3) SCC 751 and Ugar Ahir v. State of Bihar AIR 1965 SC 277). An attempt has to be made to, as noted above, in terms of the felicitous metaphor, separate the grain from the chaff, truth from falsehood. Where it is not feasible to separate truth from falsehood, because the grain and the chaff are inextricably mixed up, and in the process of separation an absolutely new case has to be reconstructed by divorcing essential details presented by the prosecution completely from the context and the background against which they are made, the only available course to be made is to discard the evidence in toto. (Zwinglee Ariel v. State of M. P. AIR 1954 SC 15 and Balaka Singh v. State of Punjab 1975(4) SCC 511). As observed by this Court in State of Rajasthan v. Kalki 1981(2) SCC 752 normal discrepancies in evidence are those which are due to normal errors of observation, normal errors of memory due to lapse of time, due to mental disposition such as shock and horror at the time of occurrence and those are always there, however honest and truthful a witness may be. Material discrepancies are those which are not normal, and not expected of a normal person. Courts have to label the category into which a discrepancy may be categorized. While normal discrepancies do not corrode the credibility of a party’s case, material discrepancies do so. These aspects were highlighted recently in Krishna Mochi v. State of Bihar 2002(6) SCC 81 and Gangadhar Behera v. State of Orissa 2002(8) SCC 381. Accusations have been clearly established against the accused appellants in the case at hand. The Courts below have categorically indicated the distinguishing features in evidence so far as the acquitted and convicted accused are concerned.”
16. आगले वरपुकपुरु लकफैयभा बनभाम आसंध प्रदलेश रिभाज 2015 (11) SCC 102 मडें यह प्रकतपभाकदत ककयभा हफै कती- “ 23. At this juncture, it is worthy to note that the High Court has acquitted A[4], A[8] and A[9] on the foundation that they have been falsely implicated. Learned senior counsel for the appellants has contended that when the appellate court had acquitted the said accused persons, there was no warrant to sustain the conviction of other accused persons. On a perusal of the judgment of appellate court, we find that the judgment of acquittal has been recorded on the score that the names of A[8] and A[9] do not find mention in the evidence of PWs 1 to 3. On a similar basis, A[4] has been acquitted. Suffice it to mention here because the High Court has acquitted A[4], A[8] and A[9], that would not be a ground to discard the otherwise reliable dying declaration, for the evidence in entirety vividly show the involvement of the appellant accused.”
17. कवदभानन वररिष अकधिवकभा अपतीलभासर कले तकर्ण मडें कपोई सभारि नहतीसं हफै कती बरिभामदगती कपो ककसती स्वतसंत गवभाह दभारिभा सभाकबत नहतीसं ककयभा गयभा हफै कपोकक स्वतसंत गवभाह कले आभभाव मडें बरिभामदगती कपो नजरिअसंदभाज नहतीसं ककयभा जभा सकतभा जबतक कवपरितीत सभाकबत न हपो । ऐसभा कपोई कभानदून नहतीसं हफै कती पपुकलस दभारिभा लती गयती सभाक जब तक स्वतसंत गवभाह दभारिभा समकसर्णत नहतीसं हह स्वतीककृकत कले अयपोग्य हफै यभा पपुकलस कती सभाक कती अवहलेलनभा कती जभा सकतती हफै।
18. नभाकयक कनरर्णय हररि ककशन (सपुप्रभा) औरि अरिशद हुसफैन (सपुप्रभा) कजन परि कवदभानन वररिष अकधिवतभा नले भरिपोसभा ककयभा हफै ककसती सहभायतभा कले यपोग्य नहतीसं हफै कपोकक पहलले कनरर्णय मडें घरनभा कले समय परि गसंमतीरि कववभाद हफै व वह कचककतभा सभाक दभारिभा भती समकसर्णत नहतीसं हफै, यह कनरर्णय कले पफैरिभागभाफ 31 मडें उसल्लिसखित हफै जपो कनमभानपुसभारि हफै- “ 31. Summing up the discussions made above, we have before us a case where a substantial part of the prosecution story has been disbelieved and the conviction of the appellant rests solely on the testimony of Harkesh (PW 2) who does not seem to have particular respect for truth as observed by the trial court. His credibility as an eyewitness lay only in that the trial court and the High Court assumed that he had received injuries in the same occurrence in which Dinesh was killed. As shown above that assumption does not appear to be very sound and is not borne out by the evidences on record. In such a situation, we find it highly unsafe to uphold and sustain the appellant's conviction for the offence of murder. To us, it appears that the prudent and safe course would be to give him the benefit of doubt.”
19. अरिशद हुसफैन कले कलेस (सपुप्रभा) मडें, यह एक ऐसभा मभामलभा सभा जहभासं अकभयपोजन पक नले उत्पकत्त औरि कजस तरितीकले सले घरनभा घरती उस तथ कपो छपुपभायभा हफै औरि इसकभा समसर्णन इसलेमभाल ककए गए हकसयभारि कती प्रककृकत सले भती नहतीसं ककयभा गयभा औरि बहुत सभारिती कवससंगकतयभासं अकभयपोजन दभारिभा ससभाकपत मभामलले मडें बतभायती गयती कजसकभा कववरिर अनपुचलेद 17 सले 19 मडें ससंदकभर्णत ककयभा गयभा हफै। इस कभारिर सले गवभाहपोसं कक आसंकशक बयभान परि भरिपोसभा ककयभा गयभा हफै औरि जफैसभा कक पहलले सले हती दलेखिभा गयभा हफै, वह इसकले कलए कपोई कनयम कनधिभार्णररित नहतीसं ककयभा जभा सकतभा हफै औरि प्रतलेक मभामलभा अपनले स्वयसं कले तथपोसं परि जभासंच ककयले जभानले यपोग्य हफै ।
20. ततभाल मभामलले मडें, प्रतकदशर सपुनतील कपुमभारि गपोयल (PW13) कभा बयभान, अकभयपुक अपतीलभासर दभारिभा कभाररित कती गई चपोर, हकसयभारि व मपोररि सभाइककल कती बरिभामदगती औरि डनॉ। भदूपलेश दयभाल (PW[6]) कभा बयभान औरि डनॉ। रिमलेश चसंद खिरतीक (PW[7]) कभा बयभान कती अपतीलभासर दभारिभा करितती कती गयती सरि कती चपोर मकृतपु कभाररित करिनले कले कलए पयभार्णपत हफै, अकभयपोजन कले मभामलले कती पपुकष करितती हफै व ककसती भती तरिह कभा ससंदलेह उत्पन नहतीसं करितती तसभा यह तथ ससंदलेह सले परिले सभाकबत हफै, आसंकशक बयभान जपो ससंदलेह ककयभा गयभा हफै वह अभतीयपोजन कले पक कपो कहलभा दलेनले कले कलए अपतीलकतभार्ण दभारिभा बचभाव कले रप मडें उपयपोग नहतीसं ककयभा जभा सकतभा जपो कती हमभारिले दभारिभा कवसकृत रप सले कवचभारि ककयभा जभा चदूकभा हफै, अतत अस्वतीककृकत कभा हकदभारि हफै।
21. हमभारिले कवचभारि मडें, अपतील यपोग्यतभा सले रिकहत हफै औरि खिभाररिज कती जभातती हफै। अपतीलभासर बफैल परि हफै। उसकती बफैल रिद कती जभातती हफै व उसकपो आत्मसमपर्णर व शलेष सजभा भपुगतनले कले कलए कनदर्टेकशत ककयभा जभातभा हफै।....................जसस्टिस (ए एम खिभानकवलकरि)....................जसस्टिस अजय रिसपोगती नई कदल्लिती फरिवरिती 15, 2019 कडससलेमरि- शभासबक भभाषभा मडें अनपुवभाकदत कनरर्णय मपुकदमलेबभाज पकपोसं कले प्रकतबसंकधित उपयपोग कले कलए हफै कजससले वह उसकती भभाषभा कपो समझले, इसकले आलभावभा अन उदलेश्य कले कलए इसलेमभाल नहतीसं ककयभा जभानभा चभाकहए। सभती व्यभावहभाररिक औरि आकधिकभाररिक उदलेश्यपोसं कले कलए, कनरर्णय कभा असंगलेजती ससंस्करिर प्रभामभाकरक हपोगभा औरि कनषभादन औरि कभायभार्णनयन कले उदलेश्य कले कलेत मडें असंगलेजती ससंस्करिर हती उपयपोगती हपोगभा ।