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भभारिततीय उच्चत्तम नभायभालय
कक्रिकमनल अपतीललेर कलेतभाकधिकभारि
कक्रिकमनल अपतील ससंखभा. 688/ 2019
कक्रिकमनल एस. एल. पती. ससंखभा . 8315/2018
मसंजजू दलेवती .......... अपलेलभासंर
बनभाम
रिभाजससभान सरिकभारि ..........रिलेसपोसंडडेंर
कनरर्णय
कदनलेश मभाहलेश्वरिती जसस्टिस.
JUDGMENT
1. अननुमकत दती ।
2. अकतररिक सत नभायभालय नभायभाधितीश रितनगढ, कजलभा चजूर (रिभाजससभान),कले सलेशन प्रकरिर ससंखभा 05 /2015 मडें आरिपोपती- प्रकतवभादती ससंखभा २ भभारिततीय दसंड ससंकहतभा कती धिभारिभा 302, 304- बती औरि 498-ए कले तहत अपरिभाधिपोसं कले कलए अनतीकभा कभा सभामनभा करि रिहभा हह चजूचूँकक उसकती पतती कती ममृतनु अप्रभाकमृकतक पररिसससकतयपोसं मडें नभाइजतीररियभा मडें हपो गयती । अपतीलकतभार्ण, ममृतकभा कती मभाचूँ, नले दसंड प्रकक्रियभा ससंकहतभा कती धिभारिभा 311 कले तहत उक प्रकरिर मडें एक आवलेदन कदयभा कजसमले एक डड आई यजूसनुफ कपो बनुलभानले कती मभासंग (कजनपोसंनले पहलले नभाइजतीररियभा मडें अपतीलकतभार्ण कती बलेरती कले ममृत शरितीरि कभा पपोस्टिमडरर्णम ककयभा सभा) नभाइजतीररियन दजूतभावभास कले मभाध्यम सले असवभा सभाक कपो वतीकडयपो कडननडेंकससंग कले मभाध्यम सले ललेनले कले उदलेश कले कलए एक कमतीशन जभारिती करिनले कले बभाद सभाक दजर्ण करिनले कभा कनवलेदन ककयभा. 2.[1] 31.05.2018 कले अपनले आदलेश दभारिभा, रटभायल कपोरर्ण नले अपतीलकतभार्ण कती अजर कपो खभाररिज करि कदयभा चजूचूँकक अनतीकभा कपछलले 8 वरर्ण सले लसंकबत सती औरि यह कक डड यनुसजूफ कभा बयभान दजर्ण करिनभा आवशक नहतीसं सभा कपोसंकक उनकले दभारिभा तहयभारि पपोस्टिमभारर्णम ररिपपोरर्ण कती एक प्रकत कपो पहलले सले हती प्रदकशर्णत ककयभा जभा चजूकभा सभा। अपतीलकतभार्ण नले रिभाजससभान उच्च नभायभालय जपोधिपनुरि मडें कक्रिकमनल कमसललेकनयस पलेकरशन ससंखभा 2282 / 2018 कले मभाध्यम सले रटभायल कपोरर्ण दभारिभा पभाररित आदलेश परि सवभाल उठभानले कभा प्रयभास ककयभा हभालभासंकक, उच्च नभायभालय उक यभाकचकभा कपो यह दलेखतले हुए कदनभासंक 02.08.2018 कले आदलेश कले सभास खभाररिज करि कदयभा कक रटभायल कपोरर्ण दभारिभा कववलेक कले अभभास मडें हस्तकलेप करिनले कभा कपोई कभारिर नहतीसं सभा । उत्तलेकजत, अपतीलकतभार्ण नले इस अपतील कपो सलेशल अननुमकत सले पससंद ककयभा हह।
3. वतर्णमभान उदलेश कले कलए अब तक प्रभाससंकगक पमृष्ठभजूकम पहलनुओसं, परि ससंकलेप मडें, ध्यभान कदयभा गयभा जपो इस प्रकभारि हह: 3.[1] अकभयपोजन कभा मभामलभा यह हह कक अपतीलकतभार्ण कती ममृतक बलेरती कती रिभाजलदलेसरि परि कदनभासंक 21.04.2008 कपो आरिपोपती-प्रकतवभादती ससंखभा 2 सले शभादती कती गई सती; वह अपनले पकत कले कपतभा औरि उसकती मभाचूँ कले सभास अपनले वहवभाकहक घरि मडें रिह रिहती सती औरि बभाद मडें वह बबैंगलपोरि जभाकरि रिहनले लगती औरि उसकले बभाद नभाइजतीररियभा अपनले पकत कले सभास चलती गई परि दहलेज कती मभासंग कले सभास कनयकमत रप सले परिलेशभान ककयभा जभातभा सभा। यह आरिपोकपत हह कती कदनभासंक 14.01.2010 कपो अपतीलकतभार्ण कती बलेरती, जपोकक अपनले पकत कले सभास नभाइजतीररियभा मडें रिहतले हुए (आरिपोपती-प्रकतवभादती ससंखभा 2) कती अप्रभाकमृकतक रप सले ऐसले हभालभात मडें ममृतनु हपो गई जब उसले उसकले कमरिले कती छत परि लगले पसंखले सले लरकतले हुए पभायभा गयभा पनुकलस स्टिलेशन रिभाजलदलेसरि कजलभा चजूर मडें 2010 कती एफआईआरि नसंबरि 10 अपतीलकतभार्ण कले पकत (ममृतक कले कपतभा) दभारिभा यह आरिपोप लगभातले हुए दजर्ण करिभाई गई सती कक उनकती बलेरती कपो दहलेज कले कलए लगभातभारि मभासंगपोसं कले सभास परिलेशभान ककयभा गयभा सभा औरि उसकले सभास इस हद तक क्रिजूरितभा कती गयती सती कक असंततत यह नभाइजतीररियभा मडें उसकती ममौत कभा कभारिर बनती। 3.[2] अपतीलकतभार्ण कती बलेरती कले ममृत शरितीरि कभा पहलभा पपोस्टिमभारर्णम अमतीनजू कभानजू रतीकचसंग असतभाल, नभाइजतीररियभा मडें डड आई यजूसनुफ दभारिभा कदनभासंक 16.01.2010 कपो ककयभा गयभा, कजनपोसंनले जभासंच कती, उनकती रिभाय सती कक ममृतनु कभा कभारिर " असकफसक्सिआ सलेकडेंडरिती to स्टिटबैंगनुलशन " हह। तत्पशभात, अपतीलकतभार्ण कती बलेरती कले ममृत शरितीरि कपो भभारित लभायभा गयभा जहभाचूँ आगले पपोस्टिमभारर्णम कले कलए एक मलेकडकल बपोडर्ण गकठत ककयभा गयभा ललेककन मलेकडकल बपोडर्ण नले कहभा कक अपतीलकतभार्ण कती बलेरती कती ममृतनु कले समय व कभारिर कले बभारिले मडें कनकशत रिभाय नहतीसं बनभाई जभा सकतती हह। जभासंच कले बभाद, प्रकतवभादती नसंबरि २ कले कवरुद आरिपोप-पत दभायरि ककयभा गयभा सभा जपोकक भभारिततीय दसंड ससंकहतभा कती धिभारिभा 302, 304-बती औरि 498-ए कले तहत अपरिभाधिपोसं कले कलए पलेश ककयभा गयभा। 3.[3] अनतीकभा मडें, अकभयपोजन पक नले अपनले सभाक कभा नलेतमृत ककयभा औरि कवकभन गवभाहपो कभा पररिकर करिवभायभा गयभा ललेककन चजूचूँकक बपोडर्ण कले सदस ममृतनु कले कभारिर कपो ललेकरि कपोई कनकशत रिभाय नहतीसं दले पभाए, धिभारिभा 311 सतीआरिपतीसती कले तहत एक आवलेदन अपतीलकतभार्ण दभारिभा उक डड आई यजूसनुफ पहसपोलडजती कवभभाग, अमतीनजू कभानजू कशकर असतभाल, नभाइजतीररियभा कपो सम्मन जभारिती करिनले कले कलए ककयभा गयभा, कजनकले दभारिभा नभाइजतीररियभा मडें पहलले अपतीलकतभार्ण कती बलेरती कले शव कभा पपोस्टिमभारर्णम ककयभा, तभाकक उनकभा कचककत्सकतीय गवभाह कले रप मडें जभासंच कती जभा सकले। यह भती कवकल मडें प्रस्तनुत ककयभा गयभा हह कक उक कचककत्सक कती सभाक वतीकडयपो कडननडेंकससंग कले मभाध्यम सले दजर्ण कती जभा सकतती हह।
4. जहसभा कक दलेखभा गयभा हह कक 31.05.2018 कपो रटभायल कपोरर्ण नले अपनले आदलेश मडें उक आवलेदन कपो मभामलभा वरर्ण 2010 सले लसंकबत हपोनले कभा अवलपोकन करितले हुए खभाररिज करि कदयभा औरि, चजूचूँकक नभाइजतीररियभा मडें बनभायतीसं गई पपोस्टिमभारर्णम ररिपपोरर्ण कती फपोरपोकडपती कले रप मडें ररिकडडर्ण परि उपलब सती इसकलए डड आई यजूसनुफ कभा बयभान कपो ररिकडडर्ण करिनले कती कपोई आवशकतभा नहतीसं सती । रटभायल कपोरर्ण नले यह भती मभानभा कक मजूल पपोस्टिमभारर्णम ररिपपोरर्ण कती इचभा कभा प्रभभाव कती जभासंच असंकतम कनरर्णय कले समय कती जभाएगती.
5. उक आदलेश कले कवरुद, अपतीलभासर नले रिभाजससभान उच्च नभायलय जपोधिपनुरि कले समक धिभारिभा 482 सतीआरिपतीसती कले तहत आपरिभाकधिक कमसललेकनयस पलेकरशन दभायरि कती कजसमले यह तकर्ण रिखभा गयभा कती डड आई यनुसजूफ प्रकरिर सले समसंकधित एक अहमम गवभाह सभा औरि अकभयपोजन पक दभारिभा गवभाह कपो अवहधि रप सले उदमधिमृत करिनले कले कलए एक गवभाह कले रप मडें छपोड कदयभा गयभा सभा। हभालभासंकक, उच्च नभायभालय दभारिभा यभाकचकभा कपो आदलेश कदनभासंक दपो अगस्त दपो हज़भारि अठभारिह कपो खभाररिज करि कदयभा गयभा सभा कजसमले समग रप सले मभामलले कले तथ औरि पररिसससकतयपो कभा अवलपोकन करितले हुए यह आदलेकशत ककयभा कती अनतीकर नभायभालय दभारिभा अपनले कववलेक कभा इस्तलेमभाल करिनले मडें कपोई हस्तशलेप करिनले कती कपोई आवशकतभा नहतीसं हह।
6. पजूवर्वोक आदलेश परि प्रकभाश डभालतले हुए, अपतीलभासर कले कवदभानम अकधिवकभा नले जपोरि डभालतले हुए यह तकर्ण कदयभा गयभा कक रटभायल कपोरर्ण औरि हभाई कपोरर्ण डड आई यजूसनुफ कले सभाक कती प्रभाससंकगकतभा कती सरिभाहनभा करिनले मडें कवफल रिहले हबैं कजनपोसंनले अपतीलकतभार्ण कती बलेरती कले ममृत शरितीरि कभा पहलभा पपोस्टिमभारर्णम ककयभा औरि इनकती गवभाहती इस प्रकरिर मडें उकचत कनरर्णय परि पहुसंचनले कले कलए आवशक हह। कवदभानम अकधिवकभा यह प्रस्तनुत करिलेगभा कक आवलेदन कपो खभाररिज करिनले कभा रटभायल कपोरर्ण कभा आदलेश कले इस आधिभारि कक मनुकदमभा कपछलले 8 वरर सले लसंकबत सभा, मभामलले कले कलए कववलेकपजूरर्ण दृकष्टिकपोर नहतीसं हह; औरि यह कक रटभायल कपोरर्ण कपो यह सनुकनकशत करिनभा चभाकहए कक महतपजूरर्ण सभाक ररिकडडर्ण परि आयले तभाकक सहती कनष्करर्ण परि पसंहुचभा जभा सकले ।
7. आरिपोपती-प्रकतवभादती नसंबरि २ कले कवदभानम अकधिवकभा नले इस आदलेश कले सभास कदए गए कवचभारिर कभा समसर्णन ककयभा हह कक अपतीलकतभार्ण धिभारिभा 311 सतीआरिपतीसती कले तहत कनरिभाधिभारि आवलेदन कले सभास मनुकदमले कपो लमभा करिनले कभा प्रयभास करि रिहभा हह । कवदभानम अकधिवकभा कले अननुसभारि, रटभायल कपोरर्ण नले हपोशपजूवर्णक आवलेदन खभाररिज करिनले कभा अपनले कववलेक कभा इस्तलेमभाल ककयभा हह औरि उच्च नभायभालय नले हस्तकलेप करिनले कले कलए सहती मनभा ककयभा हह।
8. प्रकतदसंदती प्रस्तनुकतयभाचूँ परि कवचभारिशतील कववलेचन करिनले परि औरि लभागजू कभानजून कले ससंदभर्ण मडें ररिकडडर्ण कती जभासंच करिनले परि, हमडें सतीकमृत आदलेशपोसं कपो अननुमपोकदत करिनभा मनुसश्किल लगतभा हह औरि यह सहती औरि उकचत प्रततीत हपोतभा हह कक धिभारिभा 311 सतीआरिपतीसती कले तहत इस मभामलले मडें प्रस्तनुत आवलेदन कपो अननुमकत दती जभानती चभाकहए औरि पहलभा पपोस्टिमभारर्णम करिनले वभालले डडक्टरि कती गवभाहती ररिकडडर्ण परि सनुकनकशत करिनले कले कलए रटभायल कपोरर्ण कपो कनदर्टेश कदयभा जभातभा हह ।
9. धिभारिभा 311 सतीआरिपतीसती “311. Power to summon material witness, or examine person present. Any Court may, at any stage of any inquiry, trial or other proceeding under this Code, summon any person as a witness, or examine any person in attendance, though not summoned as a witness, or recall and re- examine any person already examined; and the Court shall summon and examine or recall and re- examine any such person if his evidence appears to it to be essential to the just decision of the case.” 9.[1] यह शभायद हती जपोरि दलेनले कती जररित हह कक उन जहसती कववलेकभाधितीन शसकयभासं असंतगर्णत धिभारिभा 311 सतीआरिपतीसती कले तहत अकनवभायर्ण रप सले यह सनुकनकशत करिनभा हह कक हरि नभायभालय दभारिभा आवशक औरि उकचत उपभाय ककयले जभा चनुकले हपो ररिकडडर्ण सहती रिखले व सभाक कले रप मडें अब तक ककसती भती असष्टितभा कपो सतीधिले औरि सष्टि करिनले कले कलए यह भती सनुकनकशत करिनले कले कलए कक ककसती कपो कपोई पजूवभार्णगह न हपो। धिभारिभा 311 Cr. P. C. कभा कसदभासंत व नभायभालय कती शसकयपोसं कती वभाखभा इस नभायभालय नले कनचले कदए गए नभायकयक कनरर्णय मडें दले गयती हह । नतभाशभा कससंह बनभाम सती बती. आई सरिकभारि (2013) 5 SCC 741 मडें हभालभाचूँकक प्रभासर्णनभा पत बभाबत गवभाहपोसं कले पररिकर कले कलयभा अकभयनुक नले प्रस्तनुत ककयभा सभा मगरि इस नभायभालय नले धिभारिभा 311 कले असंतगर्णत नभायभालय कती शसकयपोसं कती वभाखभा करितले हुए कहभा हह कती – " 8. Section 311 CrPC empowers the court to summon a material witness, or to examine a person present at “any stage” of “any enquiry”, or “trial”, or “any other proceedings” under CrPC, or to summon any person as a witness, or to recall and re-examine any person who has already been examined if his evidence appears to it, to be essential to the arrival of a just decision of the case. Undoubtedly, the CrPC has conferred a very wide discretionary power upon the court in this respect, but such a discretion is to be exercised judiciously and not arbitrarily. The power of the court in this context is very wide, and in exercise of the same, it may summon any person as a witness at any stage of the trial, or other proceedings. The court is competent to exercise such power even suo motu if no such application has been filed by either of the parties. However, the court must satisfy itself, that it was in fact essential to examine such a witness, or to recall him for further examination in order to arrive at a just decision of the case.”
15. The scope and object of the provision is to enable the court to determine the truth and to render a just decision after discovering all relevant facts and obtaining proper proof of such facts, to arrive at a just decision of the case. Power must be exercised judiciously and not capriciously or arbitrarily, as any improper or capricious exercise of such power may lead to undesirable results. An application under Section 311 CrPC must not be allowed only to fill up a lacuna in the case of the prosecution, or of the defence, or to the disadvantage of the accused, or to cause serious prejudice to the defence of the accused, or to give an unfair advantage to the opposite party. Further, the additional evidence must not be received as a disguise for retrial, or to change the nature of the case against either of the parties. Such a power must be exercised, provided that the evidence that is likely to be tendered by a witness, is germane to the issue involved. An opportunity of rebuttal however, must be given to the other party. The power conferred under Section 311 CrPC must therefore, be invoked by the court only in order to meet the ends of justice, for strong and valid reasons, and the same must be exercised with great caution and circumspection. The very use of words such as "any Court", "at any stage”, or "or any enquiry, trial or other proceedings", "any person" and "any such person" clearly spells out that the provisions of this section have been expressed in the widest possible terms, and do not limit the discretion of the Court in any way. There is thus no escape if the fresh evidence to be obtained is essential to the just decision of the case. The determinative factor should therefore be, whether the summoning/recalling of the said witness is in fact, essential to the just decision of the case.”
10. इस मभामलले कती कनकवर्णवभाद तथ सससकत यह हह कक अपतीलकतभार्ण कती बलेरती कती नभाइजतीररियभा मडें 14.01.2010 कपो प्रभाकमृकतक ममृतनु हपो गई, जहभाचूँ वह अपनले पकत (प्रकतवभादती नसंबरि 2) कले सभास रिह रिहती सती, जपो मनुकदमले मडें धिभारिभा 302, 304-बती औरि 498-ए आईपतीसती कले तहत अपरिभाधि कले कलए अनतीकभा भनुगत रिहभा हह जपोकक अपतीलकतभार्ण कती बलेरती कले ममृत शरितीरि कभा पहलभा पपोस्टिमभारर्णम कदनभासंक 16.01.2010 कपो अमतीनजू कभानजू रतीकचसंग हडससरल, नभाइजतीररियभा कले असंदरि ककयभा गयभा जपोकक उक डड आई यजूसनुफ दभारिभा ककयभा गयभा. नभाइजतीररियभा मडें उक कचककत्सक दभारिभा तहयभारि पपोस्टिमभारर्णम ररिपपोरर्ण कती एक प्रकत, कनकशत रप सले, ररिकडडर्ण परि पलेश कती गई हह कजसमडें ममृतनु कभा कभारिर " asphyxia secondary to strangulation " बतभायभा गयभा हह। हभालभासंकक अपतीलकतभार्ण कती बलेरती कले शव कपो 29.01.2010 कपो भभारित लभायभा गयभा सभा पपोस्टिमभारर्णम करिभानले कले कलए औरि मलेकडकल बपोडर्ण गकठत ककयभा गयभा सभा, ललेककन तब बपोडर्ण नले पभायभा कक ममृतनु कले समय औरि कभारिर कले बभारिले मडें कनकशत रिभाय नहतीसं दती जभा सकतती हह। जभासंच एजडेंसती नले, सबसले अचती तरिह सले खनुद कपो जभात कभारिरपोसं कले कलए, उक डडक्टरि कभा हवभालभा नहतीसं कदयभा, कजनपोसंनले सभाकती कले रप मडें नभाइजतीररियभा मडें पहलभा पपोस्टिमभारर्णम ककयभा सभा। यले भती आरिपोपती कती ओरि सले ऐसभा मभामलभा नहतीसं हह कक नभाइजतीररियभा मडें तहयभारि पपोस्टिमभारर्णम ररिपपोरर्ण कदनभासंक
16.01. 2010 कती प्रकत कववभाकदत नहतीसं सती औरि / यभा वह उक डडक्टरि सले कजरिह करिनले कती कपोकशश नहतीसं करिलेगभा, अगरि वह गवभाह कले रप मडें इस प्रकरिर मडें परितीककत हपोतभा हह। इस प्रकरिर कले तथपोसं औरि पररिसससकतयपोसं यह सष्टि हह कक नभाइजतीररियभा मडें पहलभा पपोस्टिमभारर्णम करिनले वभालले उक डडक्टरि कती गवभाहती हह इस मभामलले मडें शभाकमल प्रशपोसं कले कलए महतपजूरर्ण हह, औरि इस प्रकरिर कले नभायपोकचत कनरर्णय कले कलए दपोनपोसं पकपोसं कपो अपनले मभामलले कपो आगले बढभानले कले कलए पयभार्णप अवसरि कले सभास मभामलले मडें धिभारिभा 311 सतीआरिपतीसती कले तहत आवलेदन कपो अननुमकत दती जभानती चभाकहए।
11. मभामलले कले तथ औरि पररिसससकतयभाचूँ यभा तपो रटभायल कपोरर्ण दभारिभा नजरिअसंदभाज ककयभा गयभा यभा बहुत अजतीबपोगरितीब ढसंग सले कनपरभा गयभा हह इस सपोच कले सभास कती मजूल पपोस्टिमभारर्णम ररिपपोरर्ण कले उपलब न हपोनले कभा प्रभभाव मभामलले कले असंकतम कनपरभारिन कले समय परि कवचभारि ककयभा जभायलेगभा । वभास्तव मडें, मनुख कभारिर कजससले कवचभारिर नभायभालय कले कभारिर कभा बल कमलतभा हह कक उक प्रकरिर वरर्ण 2010 सले मभामलभा लसंकबत सभा कजसकती वजह सले उक गवभाह कभा परितीककत करिभानले सले इसंकभारि ककयभा । दजूसरिती ओरि, उच्च नभायभालय नले अपनती धिभारिभा 482 सतीआरिपतीसती कले असंतगर्णत शसकयपोसं कभा प्रयपोग नहतीसं करिनले कभा फहसलभा ककयभा ।
12. हभालभासंकक यह उम्मतीद कती जभातती हह कती सलेशन प्रकरिर कले मभामलले कती सनुनवभाई उकचत अकभयभान सले आगले बढले व इस तरिह कले मभामलले मडें लगभग 8-9 वरर कती लमती अवकधि तक लसंकबत हपोनभा सहती नहतीसं हह ललेककन ककसती मभामलले कती लसंबभाई / अवकधि कले कभारिर प्रकरिर कले नभायपोकचत फहसलले कती बनुकनयभादती आवशकतभा कपो कवससभाकपत नहतीसं ककयभा जभा सकतभा हह औरि ररिकडडर्ण परि ससंपजूरर्ण सभामगती सभाक आनले कले बभाद। दजूसरिले शबपोसं मडें, एक मभामलले कती उम, अपनले आप सले, मभामलले कती कनरभार्णयक नहतीसं हपो सकतती हह जब एक मनुख सभाकती कती परितीकभा कले कलए प्रभासर्णनभा कती गयती हपो ।
13. इस प्रकरिर कले तथपोसं औरि पररिसससकतयपोसं मडें, जहभासं गवभाह डड आई यजूसनुफ नभाइजतीररियभा मडें रिह रिहभा हह औरि परितीकर नभायभालय कनकशत रप सले उसकले बयभान कती ररिकडकडर्डिंग कले उदलेश सले व मभामलले मडें दलेरिती सले बचनले कले कलए औरि पभाकरर्णयपोसं औरि गवभाह कपो असनुकवधिभा न हपोनले दलेनले कले कलए धिभारिभा 284 औरि 285 सतीआरिपतीसती कले प्रभावधिभानपोसं कभा सहभारिभा लले सकतभा सभा धिभारिभा 284 औरि 285 सतीआरिपतीसती कनमभाननुसभारि पढडें: - Section 284 When attendance of witness may be dispensed with and commission issued
1. Whenever, in the course of any inquiry, trial or other proceeding under this Code, it appears to a Court of Magistrate that the examination of a witness is necessary for the ends of justice, and that the attendance of such witness cannot be procured without an amount of delay, expense or inconvenience which, under the circumstances of the case, would be unreasonable, the Court or Magistrate may dispense with such attendance and may issue a commission for the examination of the witness in accordance with the provisions of this Chapter: Provided that where the examination of the President or the Vice-President of India or the Governor of a State or the Administrator of a Union Territory as a witness is necessary for the ends of justice, a commission shall be issued for the examination of such a witness.
2. The Court may, when issuing a commission for the examination of a witness for the prosecution direct that such amount as the Court considers reasonable to meet the expenses of the accused including the pleader’s fees, be paid by the prosecution. Section 285 Commission to whom to be issued
1. If the witness is within the territories to which this Code extends, the commission shall be directed to the Chief Metropolitan Magistrate or Chief Judicial Magistrate, as the case may be, within whose local jurisdiction the witness is to be found.
2. If the witness is in India, but in a State or an area to which this Code does not extend, the commission shall be directed to such Court or officer as the Central Government may, by notification specify in this behalf.
3. If the witness is in a country or place outside India and arrangements have been made by the Central Government with the Government of such country or place for taking the evidence of witnesses in relation to criminal matters, the commission shall be issued in such form, directed to such Court or officer, and sent to such authority for transmission as the Central Government may, by notification prescribe in this behalf. 13.[1] नभाइजतीररियभा सले उक गवभाह कपो बनुलभानले कती सससकत मडें हपोनले वभालती असनुकवधिभा कले सवभाल परि, ध्यभान दलेनले यपोग यह हह कक अपतीलकतभार्ण नले प्रभासर्णनभा कती कक ससंबसंकधित कचककत्सक दलेश मडें उपलब नहतीसं हह,उसकले सभाक ललेनले कले कलए धिभारिभा 284 औरि 285 सतीआरिपतीसती कले तहत कमतीशन जभारिती करिकले आदलेश पभाररित ककयभा जभा सकतभा हह । अपतीलभासर नले आवलेदन मडें कहभा, अन बभातपोसं कले सभास, जपोकक इस प्रकभारि हह: - "That however witness is residing in foreign and postmortem was conducted also there, hence witness should be summoned through High Commission of Nigeria or order may be passed of taking evidence record on commission after issuing commission U/s 284, 285 in CrPC through video conferencing in case of not coming from foreign." 13.[2] अपतीलभासर कती पजूवर्वोक प्रभाससंकगक प्रस्तनुकतयभाचूँ भती रिहती हबैं कजनकपो रटभायल कपोरर्ण व उच्च नभायभालय दभारिभा अनदलेखभा ककयभा हह । अपतीलकतभार्ण कती ऐसती प्रभासर्णनभा सले कनपरनले कले उदलेश कले कलए रटभायल कपोरर्ण इस नभायभालय कले कनरर्णयपोसं सले मभागर्णदशर्णन लले सकतभा सभा कजसमले महभारिभाष्टिट रिभाज बनभाम डड. प्रफनुल बती. दलेसभाई. (2003) 4 एससतीसती 601 जहभासं यह कपोरर्ण नले गवभाह कले सभाक कपो दजर्ण करिनले कती प्रकक्रियभा कपो मसंजजूरिती दले दती जब गवभाह कमलभा तपो वतीकडयपो-कडननडेंकससंग कले जररिए आपरिभाकधिक सनुनवभाई ससंयनुक रिभाज अमलेररिकभा मडें रिहनले वभालले / कनवभास करितले हबैं ललेककन कजनकले सभाक सले अकभयपोजन पक दभारिभा ससभाकपत मभामलले कले कलए आवशक। यह नभायभालय नले दलेखभा, कनमभाननुसभारि- "20. Recording the evidence by video-conferencing also satisfies the object of providing, in Section 273, that evidence be recorded in the presence of the Accused. The Accused and his pleader can see the witness as clearly as if the witness was actually sitting before them. In fact the Accused may be able to see the witness better than he may have been able to if he was sitting in the dock in a crowded Court room. They can observe his or her demeanour. In fact the facility to play back would enable better observation of demeanour. They can hear and rehear the deposition of the witness. The Accused would be able to instruct his pleader immediately and thus cross-examination of the witness is as effective if not better. The facility of play back would give an added advantage whilst crossexamining the witness. The witness can be confronted with documents or other material or statement in the same manner as if he/she was in Court. All these objects would be fully met when evidence is recorded by video-conferencing. Thus no prejudice, of whatsoever nature, is caused to the Accused. Of course, as set out hereinafter, evidence by videoconferencing has to be on some conditions." तत्पशत इस नभायभालय नले धिभारिभा 284 आवरि 285 सती अरिले पती सती कले सन्दभर्ण मडें यह प्रकतपभाकदत ककयभा हह- "22. ….. Thus in cases where the witness is necessary for the ends of justice and the attendance of such witness cannot be procured without an amount of delay, expense or inconvenience which, under the circumstances of the case would be unreasonable, the Court may dispense with such attendance and issue a commission for examination of the witness. …… Normally a commission would involve recording evidence at the place where the witness is. However advancement in science and technology has now made it possible to record such evidence by way of video-conferencing in the town/city where the Court is. Thus in case where the attendance of a witness cannot be procured without an amount of delay, expense or inconvenience the Court could consider issuing a commission to record the evidence by way of videoconferencing." 13.[3] वतर्णमभान मभामलले मडें भती, जहभासं गवभाह डड आई यनुसनुफ नभाइजतीररियभा मडें रिहतले हबैं तपो गवभाह कपो असनुकवधिभा सले बचनले कले कलए तसभा अन पभाकरर्णयपोसं कले कलए भती, वतीकडयपो- कडननडेंकससंग कले मभाध्यम सले कमतीशन जभारिती करिकले औरि उसकले सभाक दजर्ण करिनभा एक ववहभायर्ण कवकल प्रततीत हपोतभा हह; औरि रटभायल कपोरर्ण कपो भती अपलेककत कदम उठभानभा चभाकहए सभा यह सनुकनकशत ककयभा जभा सकले कक उसकले सभाक ररिकडडर्ण करिनले मडें कम सले कम पभाकरर्णयपोसं औरि गवभाह कपो असनुकवधिभा न हपो ।
14. यह सष्टि रप सले दकशर्णत हह कती कवचभारिरतीय नभायभालय नले धिभारिभा 311 सतीआरिपतीसती कले तहत आवलेदन कभा कनस्तभारिर परर्णतत अप्रभाससंकगक तरितीकले सले ककयभा हह औरि उच्च नभायभालय भती धिभारिभा 482 सतीआरिपतीसती कले तहत अपनले अकधिकभारि कलेत कती शसकयपोसं कभा प्रयपोग करिनले मडें कवफल रिहभा हह व प्रकरिर कले जररिती पहलनुओ कपो अनदलेखभा ककयभा हह, व हमभारिले अननुसभारि उक आवलेदन धिभारिभा 311 सतीआरिपतीसती कले तहत सतीकभारि करिनले यपोग हह ।
15. हमनले प्रकरिर कले गनुर अवगनुर परि कपोई करपरती नहतीसं कती हह व कवचभारिर नभायभालय प्रकरिर कती सनुनवभाई कवकधि सम्मत व पतभावलती परि आयती सभाक कपो ध्यभान मडें रिखतले हुए हती करिले ।
16. यह अपतील इस तभारितीखले व हद तक सतीकभारि कती जभातती हह कती आदलेश कदनभासंक 31.05.2018 औरि 02.08.2018 रिद ककयभा जभातभा हह औरि यह प्रभासर्णनभा पत धिभारिभा 311 कभा लगभायभा गयभा सभा वपो सतीकभारि ककयभा जभातभा हह । कवचभारिरतीय नभायभालय हरि ससंभव तरितीकले सले वतीकडयपो कपोसंनडेंसलेकससंग सले गवभाहपोसं कले कसनपो कती ररिकडकडर्डिंग करिले अनसभा आयपोग गकठत करिकले गवभाहपोसं कले पररिकर कभा प्रयभास करिले व प्रकरिर कती कभायर्णवभाहती कपो शतीघ अकतकशगह पजूरर्ण करिले ।....................जसस्टिस (अभय मनपोहरि सप्रले)....................जसस्टिस (कदनलेश मभाहलेश्वरिती) नई कदलती अप्रहल 16, 2019 कडससलेमरि- शभासबक भभारभा मडें अननुवभाकदत कनरर्णय मनुकदमलेबभाज पकपोसं कले प्रकतबसंकधित उपयपोग कले कलए हह कजससले वह उसकती भभारभा कपो समझले, इसकले आलभावभा अन उदलेश कले कलए इस्तलेमभाल नहतीसं ककयभा जभानभा चभाकहए। सभती वभावहभाररिक औरि आकधिकभाररिक उदलेशपोसं कले कलए, कनरर्णय कभा असंगलेजती ससंस्करिर प्रभामभाकरक हपोगभा औरि कनषभादन औरि कभायभार्णनयन कले उदलेश कले कलेत मडें असंगलेजती ससंस्करिर हती उपयपोगती हपोगभा ।