Prakash Gautam v. Nupur Gautam

Supreme Court of India · 05 Apr 2019
R. Bhanumati; R. Subhash Reddy
Civil Appeal Nos. 3409-3410 of 2019 @ SLP (Crl) Nos. 28166-28167 of 2018
family appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that the welfare and preference of the minor child govern custody and education decisions, allowing the child to continue schooling at his preferred institution and granting maintenance and visitation rights accordingly.

Full Text
Translation output
प्रति वेद्य
भार क
े सव च्च न्यायालय में
सिसविवल अपीलीय क्षेत्राति कार
सिसविवल अपील सं. 3409-3410/2019
( एस.एल.पी. सं. 28166-28167/2018 से उत्पन्न )
नू न गौ म .........अपीलक ा% (गण)
बनाम
प्रकाश गौ म ............. प्रत्यर्थी* (गण)
विनण%य
न्यायमूर्ति , आर. सुभाष रेड्डी
JUDGMENT

(1) अनुमति प्रदान की गर्इ%। (2) र्इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर प्रर्थीम अपील सं. 316/2018 क े विदनांविक 21. 05. 2018 और 20. 08. 2018 क े आदेशों से व्यथिर्थी होकर प्रत्यर्थी* पत्नी द्वारा दाखि=ल की गर्इ% हैं. vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (3) अपीलार्थी*-पत्नी और प्रत्यर्थी*-पति का विववाह वष% 2006 में अनुष्ठाविप विकया गया र्थीा। 2009 में एक पुत्र उनसे पैदा हुआ र्थीा सिAसका नाम क ृ ष उर्फ % मास्टर क ृ षव गौ म र=ा गया र्थीा. वष% 2012 में, प्रत्यर्थी*-पति ने हिंहदू विववाह अति विनयम, 1955 की ारा 13 (1) (ia) (iii) ) (iii) क े अ ीन विववाह-विवच्छेद क े खिलए यातिIका र्फार्इल की र्थीी. उक्त विववाह-विवच्छेद यातिIका प्रत्यर्थी*-पति क े पक्ष में विवIारण न्यायालय द्वारा एकपक्षीय रूप से तिLक्री कर दी गई र्थीी. विवIारण न्यायालय ने यह भी विनदेश विदया विक अपीलार्थी* क े पुत्र अर्थीा% ् क ृ ष मास्टर क ृ षव गौ म, को कन%ल सत्संगी क े विकरण स्मारक पब्लिQलक स्क ू ल, नई विदल्ली में भ * कराया Aाना Iाविहए। (4) एक-पक्षीय आदेश से दु=ी होकर, अपीलार्थी* ने र्इलाहाबाद में उच्च न्यायालय क े समक्ष का प्रर्थीम अपील सं. 316/2018 दायर विकया। परिरवार न्यायालय क े आदेश क े अनुसार, पक्षकारों क े बेटे को कन%ल सत्संगी क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्क ू ल, नई विदल्ली में भ * कराया गया है और उसे स्क ू ल क े बोर्डिंLग हाउस में र=ा गया है। 21. 05. 2018 क े अं रिरम आदेश क े माध्यम से, Aो र्इन अपीलों में आक्षेविप विकया गया है, प्रति वादी-पति को 2018 की गर्मिमयों की छ ु विVयों की शुरुआ क लड़क े को अपने सार्थी विदल्ली ले Aाने और बोर्डिंLग हाउस में छोड़ने की अनुमति दी गई र्थीी। र्इसक े अलावा, अपीलक ा%-माँ को गम* की छ ु विVयों में बच्चे को लेने और स्क ू ल को विर्फर से शुरू होने से पहले स्क ू ल/बोर्डिंLग हाउस में छोड़ने की अनुमति दी गई र्थीी। vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk (5) परिरवार न्यायालय ने अपीलार्थी* पत्नी क े भरण -पोषण की ओर रु. 10,000/- प्रति माह की रकम अति विनण* की है प्रति वादी-पति की दलील क े मद्देनAर विक अपीलक ा%-पत्नी क े वल एक मंI से र=र=ाव क े खिलए हकदार है, अपीलक ा%-पत्नी को एक मंI Iुनने क े खिलए विनद\थिश विकया Aा ा है, सिAससे वह र=र=ाव प्राप्त करना Iाह ी है। (6) गर्मिमयों की छ ु Vी में स्क ू ल को विर्फर से =ोलने क े बाद ऐसा प्र ी हो ा है विक लड़का, क ृ ष @ मास्टर क ृ शव गौ म, कन%ल सत्संग क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्क ू ल, नई विदल्ली में बोर्डिंLग हाउस में अध्ययन करने क े खिलए ैयार नहीं र्थीा। र्इसक े अलावा, उच्च न्यायालय द्वारा अपीलार्थी* मा ा को आदेश विदनांक 20. 08. 2018 को आदेश विदनांक 21. 05. 2018 का पालन करने क े खिलए पंद्रह विदनों का समय विदया गया र्थीा। (7) हमने, अपीलार्थी*-पत्नी क े खिलए उपब्लिस्र्थी होने वाले विवद्व अति वक्ता श्री हरिरक ु मार वी. को और प्रत्यर्थी*-पति क े खिलए उपब्लिस्र्थी विवद्व वरिरष्ठ अति वक्ता श्री आर. बसं ने को सुना। (8) अपीलार्थी*-पत्नी क े विवद्व अति वक्ता द्वारा यह क % प्रस् ु विकया Aा ा है विक वह लड़का अपनी मां से बहु अति क Aुड़ा हुआ है और कन%ल सत्संगी क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्क ू ल, नई विदल्ली में अध्ययन करने क े खिलए ैयार नहीं है आैर वह अपने पुराने स्क ू ल में अध्ययन करने का र्इरादा र= ा है, दनुसार, उन्हें ग्लोबल र्इंटरनेशनल स्क ू ल, शाहAहाँपुर में भ * कराया गया, vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk Aहां वे अपनी पढ़ाई में सहA महसूस कर ा हैं। यह बार में प्रस् ु विकया Aा ा है विक बच्चे क े कल्याण क े रूप में ध्यान देने योग्य विवIार है और वह शहAाहाँपुर में ग्लोबल र्इंटरनेशनल स्क ू ल में अध्ययन क े दौरान अपने अध्ययन को प्रारम्भ करक े में अच्छा है, और उन्होंने आक्षेविप आदेश को अपास् करने और लड़क े को उसी स्क ू ल में अध्ययन को Aारी र=ने की अनुमति देने का अनुरो विकया। (9) दूसरी ओर, प्रति वादी क े खिलए उपब्लिस्र्थी विवद्व वरिरष्ठ अति वक्ता श्री आर. बसं ने प्रस् ु विकया है विक प्रत्यर्थी* अपने बेटे को विदल्ली क े सव%श्रेष्ठ स्क ू ल में रु. 2, 00,000/- (दो ला= रुपए) से अति क की र्फीस का भुग ान करने क े खिलए ैयार है और यह बच्चे क े विह और कल्याण में है विक वह क े वल कन%ल सत्संगी क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्क ू ल, नई विदल्ली में अध्ययन करने की अनुमति दे। र्इसक े अलावा, यह प्रस् ु विकया Aा ा है विक बोर्डिंLग हाउस/स्क ू ल नई विदल्ली को विर्फर से =ोलने क े बाद में लड़क े क े शाविमल होने क े खिलए एक विवथिशष्ट विनद\श र्थीे। अपीलक ा%-पत्नी ने विदनांक 21. 05. 2018 और आगे क े आदेश विदनांक 20. 08. 2018 का उल्लंघन विकया है। यह प्रस् ु विकया Aा ा है विक बच्चे की र्इच्छा स्वयं एक मानदंL नहीं है और कन%ल सत्संग क ू ल, नई विदल्ली में उसे स्वीकार करक े बच्चे क े कल्याण की सव त्तम सेवा की Aाएगी। (10) हमने दोनों पक्षों क े विवद्व अति वक्ताआें को सुना है, 21. 05. 2018 और 20. 08. 2018 विदनांविक Aारी आदेश और अथिभले= की अन्य सामग्रीयों का अवलोकन विकया है। vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk (11) पक्षकारों क े बीI हुए म भेदों को ध्यान में र= े हुए, अथिभले= की सामविग्रयों से यह स्पष्ट है विक प्रत्यर्थी* -पति ने हिंहदू विववाह अति विनयम, 1955 की ारा 13 (1) (ia) (iii) ) (iii) क े अ ीन विववाह-विवच्छेद क े खिलए यातिIका दाखि=ल की है, Aो वष% 2012 में एकपक्षीय तिLjक्री है और उस आदेश क े विवरुद्ध अपील उच्च न्यायालय क े समक्ष लंविब है अपीलक ा%-पत्नी व %मान में उत्तर प्रदेश क े शाहAहाँपुर में अपने पै ृक घर में रह रही है। लड़का ग्लोबल र्इंटरनेशनल स्क ू ल, शाहAहाँपुर, उत्तर प्रदेश में पढ़ रहा है, Aबविक एक-पक्षीय तिLक्री की अनुमति से ऐसा प्र ी हो ा है विक टjायल कोट% ने विनद\श विदया विक उनक े बेटे को कन%ल सत्संग क भ * कराया Aाए। र्इस रह की विदशा क े मद्देनAर, यह प्र ी हो ा है विक लड़क े को नई विदल्ली में उक्त स्क ू ल में भ * कराया Aाय और 2018 की गर्मिमयों की छ ु Vी में अपीलक ा%-पत्नी द्वारा ले Aाने की अनुमति दी गई र्थीी। (12) यह सही है विक आदेश विदनांक 21. 05. 2018 में प्रत्यर्थी* क े पुत्र को लेने और उसे कन%ल सत्संगी क बोर्डिंLग हाउस में शाविमल होने की अनुज्ञा दी गई र्थीी और अपीलार्थी*-पत्नी को गर्मिमयों की छ ु Vी में लड़क े की अथिभरक्षा लेने और यह सुविनतिm करने की अनुज्ञा दी गई र्थीी विक वह गर्मिमयों की छ ु Vी क े पmा ् बोर्डिंLग हाउस में वापस भेA दे ी है यह अपीलक ा% का मामला है विक गम* की छ ु Vी क े बाद लड़का बोर्डिंLग हाउस/स्क ू ल Aाने क े खिलए र्इच्छ ु क नहीं र्थीा और क े वल अपने पुराने स्क ू ल, ग्लोबल र्इंटरनेशनल स्क ू ल, शाहAहाँपुर में ही अध्ययन करना Iाह ा र्थीा। यह भी विववाद में नहीं है विक बच्चा पहले उसी स्कू ल में पढ़ रहा र्थीा Aहां vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk उसे अब आगे की पढ़ाई क े खिलए भ * विकया गया है। हमें अब सूतिI विकया Aा ा है विक उन्होंने अब कक्षा-3 को उत्तीण% कर खिलया है और लगभग 10 वष% की आयु है। यह स्वाभाविवक है, उस उम्र का एक लड़का, सिAसने शाहAहाँपुर में स्क ू ल में पहले पढ़ाई की है, उसी स्क ू ल में Aारी र=ने क े खिलए ैयार है, सिA ना विक वह ऐसे स्क ू ल क े वा ावरण से लगाव है Aहाँ उसने पहली कक्षा की अपनी पढ़ाई शुरू की है। र्इस अदाल ने लड़क े क े सार्थी भी बा Iी की और लड़क े ने क े वल शाहAहाँपुर स्क ू ल में अपनी पढ़ाई Aारी र=ने की र्इच्छा व्यक्त की। Aब लड़का कन%ल सत्संगी क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्कू ल, नई विदल्ली में अध्ययन करने और बोर्डिंLग हाउस में रहने क े खिलए र्इच्छ ु क नहीं है, ो हमारा विवIार है विक बच्चे क े कल्याण क े विह में, उसे बोर्डिंLग हाउस क े सार्थी संलग्न कन%ल सत्संगी क ू ल, नई विदल्ली में प्रवेश क े खिलए बाध्य नहीं विकया Aा सक ा। र्इस रह क े मामले में, यह नहीं कहा Aा सक ा है विक अपीलक ा%-पत्नी ने 21. 05. 2018 और 20. 08. 2018 क े उच्च न्यायालय क े आदेश द्वारा Aारी विकए गए विनद\श का उल्लंघन विकया है। (13) आक्षेविप आदेश क े पूण% अवलोकन से, ऐसा प्र ी हो ा है विक उच्च न्यायालय ने लड़क े क े विवIारों का प ा लगाया है और यह अथिभखिलखि= विकया है विक वह बहु अति क संबद्ध है और उसकी मा ा (यहां अपीलार्थी*) क े प्रति अति क सहबद्ध है र्इस मामले क े मद्देनAर, हमारी राय है विक बच्चे, अर्थीा% ्, क ृ ष @मास्टर क ृ षव गौ म को नई विदल्ली में कन%ल सत्संग क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्क ू ल में शाविमल होने क े खिलए मAबूर नहीं विकया Aा सक ा है। हम र्इस आगे विवIार यह हैं विक क े वल बच्चे क े विह और कल्याण में क ृ ष @मास्टर vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk क ृ षव गौ म को ग्लोबल र्इंटरनेशनल स्क ू ल, शाहAहाँपुर में अपना अध्ययन Aारी र=ने की अनुमति दी Aाएगी। (14) र्इसक े अति रिरक्त, आक्षेविप आदेश में, अपीलार्थी*-पत्नी को एक ऐसा मंI Iुनने का विनदेश विदया Aा ा है सिAससे वह भरण-पोषण करना Iाह ी है Aैसा विक कानून क े अनुरूप भी नहीं है, उक्त विनद\श अपास् करने क े खिलए उत्तरदायी है। दनुसार आदेश विदया Aा ा है। (15) Iूंविक प्रत्यर्थी*-पति बच्चे का एक स्वाभाविवक विप ा है, अर्थीा% ्, क ृ ष @मास्टर क ृ षव गौ म, वह उससे मुलाक़ा क े अति कारों का भी हकदार है। हम प्रत्यर्थी*-पति को उसक े बच्चे से विमलने की अनुमति दे े हैं और वह Aब भी वह शाहAाहाँपुर आ ा है, विकसी रविववार और साव%Aविनक अवकाश क े विदन अपीलार्थी* क े सदन से बच्चे को लेने का हकदार है. अपीलक ा%-पत्नी बच्चे को प्रति वादी-विप ा क े सार्थी सुबह 09:00 बAे ले Aाने की अनुमति देगी, और प्रति वादी-पति उसी विदन शाम 06:00 बAे से पहले अपीलक ा%-पत्नी क े घर पर बच्चे को वापस करने की अनुमति दी Aा ी है। आवागमन अति कारों क े विकसी भी और संशो न क े खिलए प्रति वादी-विप ा उतिI आवेदन क े सार्थी उच्च न्यायालय को स्र्थीानां रिर करने क े खिलए स्व ंत्र हैं और बच्चे क े कल्याण को ध्यान में र= े हुए कानून क े अनुसार विवIार विकया Aाएगा। (16) पूव क्त कारणों से, प्रर्थीम अपील सं. 316/2018 में र्इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर 21. 05. 2018 और 20. 08. 2018 क े आदेश vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk अपास् विकए Aा े हैं। हम उच्च न्यायालय से अनुरो कर े हैं विक वह कानून क े अनुसार अपील का विनपटान शीघ्र ा से करे। (17) परिरणाम ः, अपीलों को विनद\शों क े सार्थी अनुमति प्रदान विकया Aा ा है कोई लाग नहीं।.............................. (न्यायमूर्ति, आर. भानुमति )................................ (न्यायमूर्ति, आर. सुभाष रेड्डी) नई विदल्ली, 05, अप्रैल 2019 vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk