Full Text
भार क
े सव च्च न्यायालय में
सिसविवल अपीलीय क्षेत्राति कार
सिसविवल अपील सं. 3409-3410/2019
( एस.एल.पी. सं. 28166-28167/2018 से उत्पन्न )
नू न गौ म .........अपीलक ा% (गण)
बनाम
प्रकाश गौ म ............. प्रत्यर्थी* (गण)
विनण%य
न्यायमूर्ति , आर. सुभाष रेड्डी
JUDGMENT
(1) अनुमति प्रदान की गर्इ%। (2) र्इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर प्रर्थीम अपील सं. 316/2018 क े विदनांविक 21. 05. 2018 और 20. 08. 2018 क े आदेशों से व्यथिर्थी होकर प्रत्यर्थी* पत्नी द्वारा दाखि=ल की गर्इ% हैं. vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (3) अपीलार्थी*-पत्नी और प्रत्यर्थी*-पति का विववाह वष% 2006 में अनुष्ठाविप विकया गया र्थीा। 2009 में एक पुत्र उनसे पैदा हुआ र्थीा सिAसका नाम क ृ ष उर्फ % मास्टर क ृ षव गौ म र=ा गया र्थीा. वष% 2012 में, प्रत्यर्थी*-पति ने हिंहदू विववाह अति विनयम, 1955 की ारा 13 (1) (ia) (iii) ) (iii) क े अ ीन विववाह-विवच्छेद क े खिलए यातिIका र्फार्इल की र्थीी. उक्त विववाह-विवच्छेद यातिIका प्रत्यर्थी*-पति क े पक्ष में विवIारण न्यायालय द्वारा एकपक्षीय रूप से तिLक्री कर दी गई र्थीी. विवIारण न्यायालय ने यह भी विनदेश विदया विक अपीलार्थी* क े पुत्र अर्थीा% ् क ृ ष मास्टर क ृ षव गौ म, को कन%ल सत्संगी क े विकरण स्मारक पब्लिQलक स्क ू ल, नई विदल्ली में भ * कराया Aाना Iाविहए। (4) एक-पक्षीय आदेश से दु=ी होकर, अपीलार्थी* ने र्इलाहाबाद में उच्च न्यायालय क े समक्ष का प्रर्थीम अपील सं. 316/2018 दायर विकया। परिरवार न्यायालय क े आदेश क े अनुसार, पक्षकारों क े बेटे को कन%ल सत्संगी क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्क ू ल, नई विदल्ली में भ * कराया गया है और उसे स्क ू ल क े बोर्डिंLग हाउस में र=ा गया है। 21. 05. 2018 क े अं रिरम आदेश क े माध्यम से, Aो र्इन अपीलों में आक्षेविप विकया गया है, प्रति वादी-पति को 2018 की गर्मिमयों की छ ु विVयों की शुरुआ क लड़क े को अपने सार्थी विदल्ली ले Aाने और बोर्डिंLग हाउस में छोड़ने की अनुमति दी गई र्थीी। र्इसक े अलावा, अपीलक ा%-माँ को गम* की छ ु विVयों में बच्चे को लेने और स्क ू ल को विर्फर से शुरू होने से पहले स्क ू ल/बोर्डिंLग हाउस में छोड़ने की अनुमति दी गई र्थीी। vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk (5) परिरवार न्यायालय ने अपीलार्थी* पत्नी क े भरण -पोषण की ओर रु. 10,000/- प्रति माह की रकम अति विनण* की है प्रति वादी-पति की दलील क े मद्देनAर विक अपीलक ा%-पत्नी क े वल एक मंI से र=र=ाव क े खिलए हकदार है, अपीलक ा%-पत्नी को एक मंI Iुनने क े खिलए विनद\थिश विकया Aा ा है, सिAससे वह र=र=ाव प्राप्त करना Iाह ी है। (6) गर्मिमयों की छ ु Vी में स्क ू ल को विर्फर से =ोलने क े बाद ऐसा प्र ी हो ा है विक लड़का, क ृ ष @ मास्टर क ृ शव गौ म, कन%ल सत्संग क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्क ू ल, नई विदल्ली में बोर्डिंLग हाउस में अध्ययन करने क े खिलए ैयार नहीं र्थीा। र्इसक े अलावा, उच्च न्यायालय द्वारा अपीलार्थी* मा ा को आदेश विदनांक 20. 08. 2018 को आदेश विदनांक 21. 05. 2018 का पालन करने क े खिलए पंद्रह विदनों का समय विदया गया र्थीा। (7) हमने, अपीलार्थी*-पत्नी क े खिलए उपब्लिस्र्थी होने वाले विवद्व अति वक्ता श्री हरिरक ु मार वी. को और प्रत्यर्थी*-पति क े खिलए उपब्लिस्र्थी विवद्व वरिरष्ठ अति वक्ता श्री आर. बसं ने को सुना। (8) अपीलार्थी*-पत्नी क े विवद्व अति वक्ता द्वारा यह क % प्रस् ु विकया Aा ा है विक वह लड़का अपनी मां से बहु अति क Aुड़ा हुआ है और कन%ल सत्संगी क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्क ू ल, नई विदल्ली में अध्ययन करने क े खिलए ैयार नहीं है आैर वह अपने पुराने स्क ू ल में अध्ययन करने का र्इरादा र= ा है, दनुसार, उन्हें ग्लोबल र्इंटरनेशनल स्क ू ल, शाहAहाँपुर में भ * कराया गया, vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk Aहां वे अपनी पढ़ाई में सहA महसूस कर ा हैं। यह बार में प्रस् ु विकया Aा ा है विक बच्चे क े कल्याण क े रूप में ध्यान देने योग्य विवIार है और वह शहAाहाँपुर में ग्लोबल र्इंटरनेशनल स्क ू ल में अध्ययन क े दौरान अपने अध्ययन को प्रारम्भ करक े में अच्छा है, और उन्होंने आक्षेविप आदेश को अपास् करने और लड़क े को उसी स्क ू ल में अध्ययन को Aारी र=ने की अनुमति देने का अनुरो विकया। (9) दूसरी ओर, प्रति वादी क े खिलए उपब्लिस्र्थी विवद्व वरिरष्ठ अति वक्ता श्री आर. बसं ने प्रस् ु विकया है विक प्रत्यर्थी* अपने बेटे को विदल्ली क े सव%श्रेष्ठ स्क ू ल में रु. 2, 00,000/- (दो ला= रुपए) से अति क की र्फीस का भुग ान करने क े खिलए ैयार है और यह बच्चे क े विह और कल्याण में है विक वह क े वल कन%ल सत्संगी क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्क ू ल, नई विदल्ली में अध्ययन करने की अनुमति दे। र्इसक े अलावा, यह प्रस् ु विकया Aा ा है विक बोर्डिंLग हाउस/स्क ू ल नई विदल्ली को विर्फर से =ोलने क े बाद में लड़क े क े शाविमल होने क े खिलए एक विवथिशष्ट विनद\श र्थीे। अपीलक ा%-पत्नी ने विदनांक 21. 05. 2018 और आगे क े आदेश विदनांक 20. 08. 2018 का उल्लंघन विकया है। यह प्रस् ु विकया Aा ा है विक बच्चे की र्इच्छा स्वयं एक मानदंL नहीं है और कन%ल सत्संग क ू ल, नई विदल्ली में उसे स्वीकार करक े बच्चे क े कल्याण की सव त्तम सेवा की Aाएगी। (10) हमने दोनों पक्षों क े विवद्व अति वक्ताआें को सुना है, 21. 05. 2018 और 20. 08. 2018 विदनांविक Aारी आदेश और अथिभले= की अन्य सामग्रीयों का अवलोकन विकया है। vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk (11) पक्षकारों क े बीI हुए म भेदों को ध्यान में र= े हुए, अथिभले= की सामविग्रयों से यह स्पष्ट है विक प्रत्यर्थी* -पति ने हिंहदू विववाह अति विनयम, 1955 की ारा 13 (1) (ia) (iii) ) (iii) क े अ ीन विववाह-विवच्छेद क े खिलए यातिIका दाखि=ल की है, Aो वष% 2012 में एकपक्षीय तिLjक्री है और उस आदेश क े विवरुद्ध अपील उच्च न्यायालय क े समक्ष लंविब है अपीलक ा%-पत्नी व %मान में उत्तर प्रदेश क े शाहAहाँपुर में अपने पै ृक घर में रह रही है। लड़का ग्लोबल र्इंटरनेशनल स्क ू ल, शाहAहाँपुर, उत्तर प्रदेश में पढ़ रहा है, Aबविक एक-पक्षीय तिLक्री की अनुमति से ऐसा प्र ी हो ा है विक टjायल कोट% ने विनद\श विदया विक उनक े बेटे को कन%ल सत्संग क भ * कराया Aाए। र्इस रह की विदशा क े मद्देनAर, यह प्र ी हो ा है विक लड़क े को नई विदल्ली में उक्त स्क ू ल में भ * कराया Aाय और 2018 की गर्मिमयों की छ ु Vी में अपीलक ा%-पत्नी द्वारा ले Aाने की अनुमति दी गई र्थीी। (12) यह सही है विक आदेश विदनांक 21. 05. 2018 में प्रत्यर्थी* क े पुत्र को लेने और उसे कन%ल सत्संगी क बोर्डिंLग हाउस में शाविमल होने की अनुज्ञा दी गई र्थीी और अपीलार्थी*-पत्नी को गर्मिमयों की छ ु Vी में लड़क े की अथिभरक्षा लेने और यह सुविनतिm करने की अनुज्ञा दी गई र्थीी विक वह गर्मिमयों की छ ु Vी क े पmा ् बोर्डिंLग हाउस में वापस भेA दे ी है यह अपीलक ा% का मामला है विक गम* की छ ु Vी क े बाद लड़का बोर्डिंLग हाउस/स्क ू ल Aाने क े खिलए र्इच्छ ु क नहीं र्थीा और क े वल अपने पुराने स्क ू ल, ग्लोबल र्इंटरनेशनल स्क ू ल, शाहAहाँपुर में ही अध्ययन करना Iाह ा र्थीा। यह भी विववाद में नहीं है विक बच्चा पहले उसी स्कू ल में पढ़ रहा र्थीा Aहां vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk उसे अब आगे की पढ़ाई क े खिलए भ * विकया गया है। हमें अब सूतिI विकया Aा ा है विक उन्होंने अब कक्षा-3 को उत्तीण% कर खिलया है और लगभग 10 वष% की आयु है। यह स्वाभाविवक है, उस उम्र का एक लड़का, सिAसने शाहAहाँपुर में स्क ू ल में पहले पढ़ाई की है, उसी स्क ू ल में Aारी र=ने क े खिलए ैयार है, सिA ना विक वह ऐसे स्क ू ल क े वा ावरण से लगाव है Aहाँ उसने पहली कक्षा की अपनी पढ़ाई शुरू की है। र्इस अदाल ने लड़क े क े सार्थी भी बा Iी की और लड़क े ने क े वल शाहAहाँपुर स्क ू ल में अपनी पढ़ाई Aारी र=ने की र्इच्छा व्यक्त की। Aब लड़का कन%ल सत्संगी क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्कू ल, नई विदल्ली में अध्ययन करने और बोर्डिंLग हाउस में रहने क े खिलए र्इच्छ ु क नहीं है, ो हमारा विवIार है विक बच्चे क े कल्याण क े विह में, उसे बोर्डिंLग हाउस क े सार्थी संलग्न कन%ल सत्संगी क ू ल, नई विदल्ली में प्रवेश क े खिलए बाध्य नहीं विकया Aा सक ा। र्इस रह क े मामले में, यह नहीं कहा Aा सक ा है विक अपीलक ा%-पत्नी ने 21. 05. 2018 और 20. 08. 2018 क े उच्च न्यायालय क े आदेश द्वारा Aारी विकए गए विनद\श का उल्लंघन विकया है। (13) आक्षेविप आदेश क े पूण% अवलोकन से, ऐसा प्र ी हो ा है विक उच्च न्यायालय ने लड़क े क े विवIारों का प ा लगाया है और यह अथिभखिलखि= विकया है विक वह बहु अति क संबद्ध है और उसकी मा ा (यहां अपीलार्थी*) क े प्रति अति क सहबद्ध है र्इस मामले क े मद्देनAर, हमारी राय है विक बच्चे, अर्थीा% ्, क ृ ष @मास्टर क ृ षव गौ म को नई विदल्ली में कन%ल सत्संग क े विकरण मेमोरिरयल पब्लिQलक स्क ू ल में शाविमल होने क े खिलए मAबूर नहीं विकया Aा सक ा है। हम र्इस आगे विवIार यह हैं विक क े वल बच्चे क े विह और कल्याण में क ृ ष @मास्टर vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk क ृ षव गौ म को ग्लोबल र्इंटरनेशनल स्क ू ल, शाहAहाँपुर में अपना अध्ययन Aारी र=ने की अनुमति दी Aाएगी। (14) र्इसक े अति रिरक्त, आक्षेविप आदेश में, अपीलार्थी*-पत्नी को एक ऐसा मंI Iुनने का विनदेश विदया Aा ा है सिAससे वह भरण-पोषण करना Iाह ी है Aैसा विक कानून क े अनुरूप भी नहीं है, उक्त विनद\श अपास् करने क े खिलए उत्तरदायी है। दनुसार आदेश विदया Aा ा है। (15) Iूंविक प्रत्यर्थी*-पति बच्चे का एक स्वाभाविवक विप ा है, अर्थीा% ्, क ृ ष @मास्टर क ृ षव गौ म, वह उससे मुलाक़ा क े अति कारों का भी हकदार है। हम प्रत्यर्थी*-पति को उसक े बच्चे से विमलने की अनुमति दे े हैं और वह Aब भी वह शाहAाहाँपुर आ ा है, विकसी रविववार और साव%Aविनक अवकाश क े विदन अपीलार्थी* क े सदन से बच्चे को लेने का हकदार है. अपीलक ा%-पत्नी बच्चे को प्रति वादी-विप ा क े सार्थी सुबह 09:00 बAे ले Aाने की अनुमति देगी, और प्रति वादी-पति उसी विदन शाम 06:00 बAे से पहले अपीलक ा%-पत्नी क े घर पर बच्चे को वापस करने की अनुमति दी Aा ी है। आवागमन अति कारों क े विकसी भी और संशो न क े खिलए प्रति वादी-विप ा उतिI आवेदन क े सार्थी उच्च न्यायालय को स्र्थीानां रिर करने क े खिलए स्व ंत्र हैं और बच्चे क े कल्याण को ध्यान में र= े हुए कानून क े अनुसार विवIार विकया Aाएगा। (16) पूव क्त कारणों से, प्रर्थीम अपील सं. 316/2018 में र्इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर 21. 05. 2018 और 20. 08. 2018 क े आदेश vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk अपास् विकए Aा े हैं। हम उच्च न्यायालय से अनुरो कर े हैं विक वह कानून क े अनुसार अपील का विनपटान शीघ्र ा से करे। (17) परिरणाम ः, अपीलों को विनद\शों क े सार्थी अनुमति प्रदान विकया Aा ा है कोई लाग नहीं।.............................. (न्यायमूर्ति, आर. भानुमति )................................ (न्यायमूर्ति, आर. सुभाष रेड्डी) नई विदल्ली, 05, अप्रैल 2019 vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk