Full Text
भारिीय सवोच्च न्यायालय
दाांडिक अपीलीय अधिकाररिा
द ांडिक अपील सां. 1061/2019
(एसएलपी (द ांडिक) सां. 193/2019 से उत्पन्न)
वसीम ................अपीलार्थी
बन म
र ष्ट्रीय र जध नी क्षेत्र ददल्ली र ज्य ....................प्रत्यर्थी
तिर्णय
एल. िागेश्वर राव, न्यायािीश
अनुमति दी ज िी है |
JUDGMENT
1. ददन ांक 27.10.2015 को आत्महत्य क े ब रे में सूचन ममलने पर, पी िब्लू- 23 थ न अमन ववह र क े उप-तनरीक्षक बबजेंदर ददहय तनठ री ग ाँव, ददल्ली पहुांचे| उनक े पहुाँचने िक मृिक मोतनय की ल श को लटकी हुई स्थथति से नीचे उि र ज चुक थ | मृिक क े भ ई अश्वनी (पी िब्लू-12) मृिक क े स थ बैठे ममले| अपील थी क े बड़े भ ई भी मौजूद थे| एक आत्म हत्य पत्र भी जब्ि ककय गय | पी िब्लू-23 ने मृिक क े शव को मृत्योपर ांि परीक्ष क े मलए भेज | अश्वनी क बय न पी िब्लू-23 द्व र मलख गय | अगले ददन क ययप लक दांि धधक री द्व र ज ांच कर ई गई। पोथटम टयम क े अनुस र, मोतनय की मृत्यु दम घुटने क े क रण हुई थी। 2019 INSC 776
2. ददन ांक 04.11.2015 को मृिक की म ि सुनीि (पीिब्ल्यू-11) क े बय न पर एफआईआर दजय की गई। 05.02.2016 को च जयशीट द खखल की गई थी। ब द में अपील थी क े ववरुद्ध भ रिीय दांि सांदहि, 1860 (इसक े पश्च ि ‘IPC’) की ध र 498A/304B क े अांिगयि आरोप िय ककये गए| अपील थी क दोष मसद्ध करने क े मलए अमभयोजन पक्ष द्व र 23 स क्षक्षयों की परीक्ष ली गई िथ बहुि से दथि वेजों पर भरोस ककय गय | ववच रण न्य य लय ने अपील थी को IPC की ध र 498A िथ 306 क े अांिगयि दोषमसद्ध ककय | अपील थी को ध र 498A IPC क े अांिगयि अपर ध हेिु िीन वषय िथ ध र 306 IPC क े अांिगयि अपर ध हेिु च र वषों क े स म न्य क र व स की सज दी गई| अपील थी द्व र द यर की गई अपील उच्च न्य य लय द्व र आांमशक रूप से थवीक र की गई| अपील थी को ध र 306 IPC क े अांिगयि अपर ध से दोषमुक्ि ककय गय | ध र 498A क े िहि दोषमसद्धध एवां सज को उच्च न्य य लय ने बरकर र रख | अिः, यह अपील की गई|
3. मृिक मोतनय जो एक अध्य वपक क े रूप में क ययरि थी, क ववव ह अपील थी से ददन ांक 02.05.2015 को हुआ| पी िब्लू-11 सुनीि ने बय न ददय कक उनकी पुत्री मोतनय को अपील थी द्व र दहेज़ क े मलए प्रि डड़ि ककय ज रह थ | उन्होंने न्य य लय में बय न ददय कक उन्होंने मृिक को दो ब र रु. 40,000/- िथ रु. 50,000/- अपील थी को उसकी दहेज़ की म ांग पूर करने क े मलए देने क े मलए ददए| उन्होंने बय न ददय कक इस ब रे में उन्होंने न िो अपने पति को और न ही अपने पुत्र को बि य और उन्होंने यह भुगि न अपनी थवयां की बचि से ककय | उन्होंने एक बड़ी क र की म ांग क े ब रे में भी बि य | अपील थी न गेकोइल स्जल, िममलन िु में क ययरि थ और वह अपने क यय थथल पर ज ने क े मलए हव ई जह ज से य त्र क ककर य म ांग रह थ | पी िब्लू-11 ने आगे कह कक मृिक ने उन्हें बि य थ कक अपील थी क े पूनम न म की एक लड़की क े स थ ववव हेिर सम्बन्ध हैं और वह मृिक को छोड़कर पूनम क े स थ श दी करन च हि है|
4. पी िब्लू-12 अश्वनी क बय न घटन क े ददन दजय ककय गय स्जसमें उसने अपील थी द्व र दहेज़ की म ांग क े ववषय में क ु छ नहीां बि य | उसने बि य कक मृिक अपील थी क े व्यवह र से दुखी थी| मृिक क े वपि सुखबीर, पी िब्लू-10, जो घटन थथल पर पहुांचे थे, उन्होंने भी अपील थी पर दहेज़ की म ांग क कोई आरोप नहीां लग य | घटन थथल से जब्ि ककये गए आत्महत्य नोट को मृिक क े थक ू ल क े ररकॉिय से ली गई हैंि र इदटांग से िुलन कर स बबि ककय गय । आत्महत्य क े नोट में भी अपील थी द्व र दहेज की म ांग करने क कोई आरोप नहीां लग थ । ववच रण न्य य लय क े फ ै सले में जो आत्महत्य नोट पुन: पेश ककय गय थ, वह इस प्रक र है: “ररश्िे सपनों पर प्रह र बने” हमेश सर उठ कर स्जय और कभी कोई ऐस क म नहीां ककय स्जसक े क रण मुझे सर झुक न पड़े| मैं अपने वपि और भ ई से बहुि प्य र करिी हूाँ| आज उनकी आाँखों में आांसू हैं| मैं अन्दर से टूट चुकी हूाँ| मैं अपने पेशे और पढ ई से बहुि प्य र करिी हूाँ| मैंने क ु छ नहीां ककय इसमलए मैं सहन नहीां कर सकिी मैं अपनी स्जांदगी म थटर जी क े स थ जीन च हिी हूाँ, उन्होंने भी च ल की से क म ककय | मुझे ककसी से कोई मशक यि नहीां है|”
5. ररकॉिय पर उपलब्ध स क्ष्य क े अध्ययन क े पश्च ि ववच रण न्य य लय इस तनष्ट्कषय पर पहुांच कक दहेज़ की म ांग मसद्ध नहीां हुई| ह ल ांकक ववच रण न्य य लय को यकीन थ कक अमभयोजन पक्ष ने पूनम क े स थ अपील थी क े ववव हेिर सांबांध स बबि कर ददए। अपील थी द्व र उसक े ववव हेिर सम्बन्ध क े ब रे में मृिक को बि ने व ले मौखखक स क्ष्य को ववच रण न्य य लय द्व र थवीक र कर मलय गय | यह पि लगने पर कक अपील थी म नमसक तनदयतयि क दोषी है, ववच रण न्य य लय ने अपील थी को भ रिीय दांि सांदहि की ध र 498A क े अांिगयि दोषमसद्ध कर ददय | ह ल ांकक 306 IPC क े िहि कोई आरोप नहीां थ, इस अद लि क े तनणययों पर तनभयर करिे हुए ववच रण न्य य लय की र य थी कक ध र 306 IPC क े िहि दोषमसद्धध अनुज्ञेय है। ववच रण न्य य लय ने प य कक अपील थी क े खखल फ ध र 306 IPC क े िहि अपर ध मसद्ध हुआ और उसे दोषी कर र ददय गय ।
6. तनचली अद लि क े फ ै सले क े खखल फ अपील में उच्च न्य य लय ने स्जस मुख्य मुद्दे पर ववच र ककय थ, वह थ बबन ककसी आरोप क े ध र 306 IPC क े िहि सज की सत्यि । अपील थी ने उच्च न्य य लय क े समक्ष दलील दी कक उनक े खखल फ जो आरोप िय ककय गय है वह ध र 304B, IPC क े िहि है और उसे ध र 306 IPC क े िहि दोषी नहीां ठहर य ज सकि थ । इस न्य य लय क े तनणययों पर भरोस रखिे हुए, यह म न गय कक ध र 306 IPC क े िहि दोषमसद्धध की अनुमति है, यह ां िक कक ककसी ऐसे म मले में आरोप लग ए बबन भी कक आरोपी पर ध र 304 बी IPC क े िहि आरोप लग य गय है उच्च न्य य लय ने म न कक इस िरह की दोषमसद्धध न्य य की ववफलि नहीां होगी। ह ल ांकक, उच्च न्य य लय को कोई ठोस सबूि नहीां ममल कक अपील थी ने मृिक को आत्महत्य हेिु उकस य । अपील थी को ध र 306 IPC क े िहि अपर ध क े मलए इस आध र पर बरी कर ददय गय थ कक ऐस कोई सबूि नहीां है स्जससे पि चलि हो कक मृिक उसकी मौि से पहले म नमसक य श रीररक क्र ू रि की मशक र थी। उच्च न्य य लय ने यह म निे हुए कक अमभलेख पर दहेज़ की म ांग क े सम्बन्ध में पय यप्ि स क्ष्य हैं, ध र 498A IPC क े िहि अपील थी को दोषी ठहर य ।
7. ध र 306 IPC क े िहि अपील थी को बरी करन तनस्श्चि हो गय है क्योंकक उच्च न्य य लय क े फ ै सले क े खखल फ र ज्य द्व र कोई अपील नहीां की गई है। सुश्री ऐश्वय य भ टी, ववद्व न ् वररष्ट्ठ वकील ने, प्रथिुि तनदेशों पर, तनवेदन ककय कक अपील थी ध र 498A IPC क े िहि पहले ही सज भुगि चुक है, इस िथ्य को ध्य न में रखिे हुए अपील द यर नहीां करने क तनणयय मलय गय । अपील थी क े ववद्व न वकील ने कह कक ध र 306 IPC क े मलए बरी होने क े ब द ध र 498A क े िहि उनकी दोषमसद्धध अनुधचि है। उन्होंने ववच रण न्य य लय द्व र दहेज की म ांग से सांबांधधि कोई स क्ष्य उपलब्ध न होने क े सांबांध में ददए गए क रणों पर भरोस जि य ।
8. र ज्य क े मलए ववद्व न वररष्ट्ठ वकील सुश्री भ टी ने कह कक मृिक क े पररजनों क े स क्ष्यों से यह थपष्ट्ट है कक अपील थी द्व र दहेज़ की म ांग की गई थी और उच्च न्य य लय द्व र अपील थी को ध र 498A क दोषी कर र ददय ज न न्य योधचि थ ।
9. ववच रण न्य य लय द्व र ध र 498A क े िहि अपील थी की दोषमसद्धध दहेज की म ांग क े मलए नहीां थी। ध र 498A क े िहि यह दोषमसद्धध अपील थी द्व र ववव हेिर सांबांध बन ने में म नमसक क्र ू रि और मृिक को उसक े द्व र दी गई धमककयों कक वह उसे छोड़कर पूनम से श दी कर लेग, क े क रण की गई।
10. उच्च न्य य लय ने अपील थी को ध र 306 IPC क े िहि स क्ष्यों क े आध र पर तनष्ट्कषय पर पहुांचकर बरी कर ददय कक अपील थी की ओर से आत्महत्य क े मलए उकस ने क आरोप स बबि नहीां हुआ। दहेज की म ांग से सांबांधधि स क्ष्यों की चच य ककए बबन और दहेज की म ांग क े सांबांध में ववच रण न्य य लय द्व र दजय ककए गए तनष्ट्कषों से तनपटे बबन, उच्च न्य य लय ने म न कक ध र 498A क े िहि अपर ध ककय गय थ ।
11. क्र ू रि क े ब रे में ध र 498A क े थपष्ट्टीकरण में चच य की गई है जो इस प्रक र है: [498A. ककसी थत्री क े पति य पति क े न िेद र द्व र उसक े प्रति क्र ू रि करन - जो कोई, ककसी थत्री क पति य पति न िेद र होिे हुए, ऐसी थत्री क े प्रति क्र ू रि करेग, वह क र व स से, स्जसकी अवधध िीन वषय िक की हो सक े गी, दस्डिि ककय ज एग और जुम यने से भी दांिनीय होग | थपष्ट्टीकरण-इस ध र क े प्रयोजनों क े मलए, “क्र ू रि ” से अमभप्रेि है:-- (क) ज नबूझकर ककय गय कोई आचरण जो ऐसी प्रक ृ ति क है स्जससे थत्री को आत्महत्य करने क े मलए य उसक े जीवन, अांग य थव थथ्य (म नमसक य श रीररक) क े प्रति गांभीर क्षति य खिर क ररि करने क े मलए उसे प्रेररि करने की सम्भ वन है; य (ख)ककसी थत्री को िांग करन, जह ाँ उसे य उससे सम्बांधधि ककसी व्यस्क्ि को ककसी सांपवि य मूल्यव न प्रतिभूति क े मलए ककसी ववधधववरुद्ध म ांग को पूर करने क े मलए प्रपीडड़ि करने की दृस्ष्ट्ट से य उसक े अथव उससे सम्बांधधि ककसी व्यस्क्ि क े ऐसी म ांग पूरी करने में असफल रहने क े क रण इस प्रक र िांग ककय ज रह है|]
12. ध र 498A IPC क े िहि दोष एक मदहल क े प्रति क्र ू रि करने क े मलए है। क्र ू रि की व्य ख्य ज नबूझकर ककए गए ककसी ऐसे आचरण क े रूप में की ज िी है स्जससे ककसी मदहल को आत्महत्य करने य गांभीर चोट य जीवन, अांग य थव थथ्य क े मलए खिर होने की सांभ वन होिी है । दहेज की गैरक नूनी म ांग से मदहल क उत्पीड़न भी 'क्र ू रि ' क े ही सम न है। ध र 498A क े पठन से थपष्ट्ट है कक ध र 498A IPC क े मलए दोषमसद्धध ज नबूझकर ककए गए ऐसे आचरण क े मलए हो सकिी है स्जससे ककसी मदहल को आत्महत्य करने क े मलए मजबूर करने की सम्भ वन है य दहेज की म ांग क े मलए हो सकिी है। यह म न ज ि है कक दहेज की म ांग क कोई सबूि नहीां है, ववच रण न्य य लय ने अपील थी को उसक े ज नबूझकर ककए आचरण, स्जसने मृिक को आत्महत्य करने क े मलए मजबूर कर ददय, क े मलए ध र 498A IPC क े िहि दोषी ठहर य । अपील थी को ध र 306 IPC क े िहि भी दोषी ठहर य गय क्योंकक ववच रण न्य य लय ने प य कक उसे मृिक द्व र आत्महत्य क े मलए उकस य गय है।
13. ध र 306 IPC में क र व स क े स थ सज क प्र वध न है जो दस स ल िक की हो सकिी है। ध र 306 IPC क े िहि दोषमसद्धध हेिु अपर ध करने की थपष्ट्ट आपर धधक मनः स्थथति होनी च दहए। इसक े मलए एक सकक्रय य प्रत्यक्ष कृ त्य की भी आवश्यकि होिी है स्जसक े क रण मृिक को आत्महत्य करने क कोई ववकल्प नहीां ददख ई ददय और यह कृ त्य इस उद्देश्य से ककय गय हो स्जससे स्जसने मृिक को आत्महत्य क े मलए मजबूर कर ददय - देखें एम. मोहन बन म र ज्य। उकस ने की स मग्री को आकवषयि करने क े मलए, मृिक को आत्महत्य करने क े मलए सह यि य उकस ने य उकस ने क आरोपी क इर द आवश्यक है- देखें पल्लेम िेतनल ववक्टरल यांस ववक्टर मैंटर बन म आांध्र प्रदेश र ज्य । जबकक ज नबूझकर ककय गय कोई भी आचरण जो मदहल को आत्महत्य करने क े मलए मजबूर करे, ध र 498A IPC क े िहि दोषमसद्धध क े मलए पय यप्ि है । इस म मले में उच्च न्य य लय ने थपष्ट्ट तनष्ट्कषय दजय ककय कक अपील थी की ओर से न िो म नमसक और न ही श रीररक क्र ू रि स बबि हुई। इसमलए, ध र 498A IPC क े िहि दोषमसद्धध ज नबूझकर आचरण क े मलए नहीां है स्जसने मृिक को आत्महत्य करने क े मलए मजबूर कर ददय । उच्च न्य य लय ने म न कक ह ल ांकक मौि से ठीक पहले दहेज की म ांग नहीां की गई, अमभयोजन पक्ष ने श दी क े िुरांि ब द अपील थी द्व र दहेज की म ांग स बबि कर दी।
14. उच्च न्य य लय को ररकॉिय पर स क्ष्यों की ववथिृि चच य ककए बबन दहेज की म ांग क े मलए ध र 498A क े िहि अपील थी को दोषी नहीां ठहर न च दहए थ, ख सकर जब ववच रण न्य य लय ने प य कक ररकॉिय पर कोई ऐस सबूि नहीां है स्जससे यह पि चल सक े कक दहेज की कोई म ांग थी| उच्च न्य य लय ने ववच रण न्य य लय क े ऐसे तनष्ट्कषों और इसकी अथवीकृ ति क े क रणों क उल्लेख नहीां ककय ।
15. उपयुयक्ि क रणों से, उच्च न्य य लय क तनणयय ख़ ररज ककय ज ि है। अपील मांजूर की ज िी है।..............................न्यायािीश [एल. िागेश्वर राव]..............................न्यायािीश [हेमांि गुप्िा] िई ददल्ली, जुलाई 18, 2019 अथवीकरण: देशी भ ष में तनणयय क अनुव द मुकद्द्मेब ज़ क े सीममि प्रयोग हेिु ककय गय है ि कक वो अपनी भ ष में इसे समझ सक ें एवां यह ककसी अन्य प्रयोजन हेिु प्रयोग नहीां ककय ज एग | समथि क य यलयी एवां व्य वह ररक प्रयोजनों हेिु तनणयय क अांग्रेज़ी थवरूप ही अमभप्रम खणि म न ज एग और क य यन्वयन िथ ल गू ककए ज ने हेिु उसे ही वरीयि दी ज एगी |