Munawwar v. State of Uttar Pradesh

Supreme Court of India · 16 Jul 2019
Indira Banerjee; Sanjeev Khanna
Criminal Appeal No 1211 of 2014
2019 INSC 759
criminal appeal_dismissed Significant

AI Summary

The Supreme Court upheld the conviction of Munawwar for kidnapping and murdering a child, affirming the applicability of the 'last seen together' principle supported by confession and corroborative evidence.

Full Text
Translation output
अप्रति वेद्य
भार ीय सव च्च न्यायालय
आपराति क अपीलीय अति कारिर ा
आपराति क अपील संख्या 1211 वर्ष 2014
मुनव्वर ....अपीलार्थी! (गण)
बनाम
उत्तर प्रदेश राज्य .....प्रत्यर्थी! (गण)
निनणय
न्यायमूर्ति , संजीव खन्ना
JUDGMENT

1. व मान अपील में इकलौ ा अपीलार्थी! मुनव्वर ने भार ीय दण्ड संनि6 ा 1860 (संक्षेप में 'भादंसं’) की ारा 302 और 365 सपनि; ारा 34 क े 6 एक सा वर्ष!य बच्चे 'X’ की 6त्या और अप6रण और ारा 201 mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA 2019 INSC 759 सपनि; भादंसं की ारा 34 क े 6 अपरा क े साक्ष्य निमटाने क े लिलए अपनी दोर्षसिसनिB को चुनौ ी दी 6ै। अपीलार्थी! को क्रमशः आजीवन कारावास, 7 वर्ष और 3 वर्ष का सश्रम कारावास निदया गया 6ै जो यर्थीा निनर्दिदष्ट सार्थी सार्थी चलेंगे (जुमाने क े लिलए अलग से कोई दंड न6ीं 6ै लेनिकन व मान अपील और निनणय में 6म इस आयाम का परीक्षण और उस पर निटप्पणी न6ीं कर र6े 6ैं।

2. अपीलार्थी! क े निवद्व अति वक्ता ने क निदया 6ै निक 'अंति म बार देखा गया ' का सिसद्धां गल रीक े से लगाया गया 6ै क्योंनिक यनिद न्यायालय मो6म्मद सईद (PW- 2) अशरफ (PW-3), सईद अ6मद (PW-5) और मुस् ाक (PW-7) क े कर्थीन को मान भी लें ो 'X’ अंति म बार अपीलार्थी! क े सार्थी-सार्थी अपीलार्थी! क े भाइयों नूर मो6म्मद, ानि6र (मृ क) और एक ीसरे व्यनिक्त शमीम क े सार्थी लड्डावाला, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में 01 अप्रैल 1988 को देखा गया र्थीा जबनिक निफरौ ी क े दो पत्र कथिर्थी रूप से मो6म्मद खुश!द 'X’ क े निप ा को 03 अप्रैल 1988 और 07 अप्रैल 1988 को निमले और त्पश्चा 'X’ का लाश एक अन्य स्र्थीान से 18 अप्रैल 1988 को खोदकर निनकाला गया। जसवं निगर बनाम पंजाब राज्य 1 और गोवा राज्य बनाम संजय;करान एवं अन्य 2 का संदभ निदया गया 6ै अपीलार्थी! ने य[6] भी क6ा 6ै निक प्रार्थीनिमकी (FIR) ) दज करने में निवलंब 6ुआ 6ै, जो निक य[6] क6ा गया 6ै, निक र्थीाना को वाली मुजफ्फरनगर में 07 अप्रैल 1988 को लगभग 9:40 p.m. दज की गई र्थीी ।

3. 6मने क^ पर निवचार निकया 6ै लेनिकन अपर सिजला एवं सत्र न्याया ीश द्वारा 19 अगस् 1992 निदनांनिक निनणय और 08 माच 2013 निदनांनिक इला6ाबाद उच्च न्यायालय क े आक्षेनिप निनणय द्वारा अंनिक दोर्षसिसतिद्ध क े अनुव ! निनष्कर्ष से अस6म 6ोने और उसे रB करने का स6ी आ ार और क न6ीं निमल ा । Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA

4. स6अथिभयुक्त और दोर्षी नूर मो6म्मद और शमीम ने इस न्यायालय क े समक्ष अपील दायर न6ीं निकया 6ै और ानि6र यर्थीा दृष्टव्य मर चुका 6ै। अ ः 6म मुनव्वर द्वारा की गयी अपील का 6ी परीक्षण एवं निनणयन कर र6े 6ैं।

5. य[6] थ्य निक मो. खुश!द जो PW-1 क े रूप में प्रस् ु 6ुआ 6ै, क े पुत्र ‘X’’ का 01 अप्रैल 1988 को अप6रण 6ो गया और उसका लाश 18 अप्रैल 1988 को नूर मो6म्मद द्वारा निकए गये खुलासा बयान क े आ ार पर खोदकर निनकाला गया, ब6स और संदे6 से परे स्र्थीानिप निकया जा चुका 6ै। य[6] भी स्वीकृ स्थिस्र्थीति 6ै निक अपीलार्थी! मुनव्वर, नूर मो6म्मद, ानि6र (मृ क) भाई 6ैं। मो. खुश!द (PW-1) ने स्पष्ट बयान निदया र्थीा निक उसका सा वर्ष!य पुत्र ‘ X’’ जो अपनी मां क े क6ने पर पड़ोस की दुकान से 01 अप्रैल 1988 को लगभग 4 p.m. दाल खरीदने गया र्थीा, न6ीं लौटा और उसका प ा न6ीं चला। PW-1 जो 6सील में काम कर ा र्थीा, घर लौटने पर ‘X’’ को ब6ु ढूढ़ा लेनिकन कोई सफल ा न6ीं निमली। पड़ोस में पूछने पर PW-1 को प ा चला निक ‘X’’ को अस्थिन् म बार नूर मो6म्मद क े सार्थी अशरफ की दुकान पर देखा गया र्थीा, जैसा निक उसे अशरफ ने ब ाया सिजसने PW-3 क े रूप में बयान निदया 6ै और थ्यों की पुनिष्ट की 6ै। मो. खुश!द (PW-1) ने मो. सईद (PW-2) ) से भी बा की जो अशरफ ( PW-3) की दुकान से क ु छ फीट की दूरी पर खड़ा र्थीा और ‘X’’ को अपीलार्थी! - मुनव्वर, नूर मो6म्मद, ानि6र (मृ ) और शमीम जो ‘X’’ को पैदल सुल् ान इन्डस्ट्रीज की और ले गया र्थीा, क े सार्थी देखा र्थीा। इस बा की मो. सईद (PW-2) ) द्वारा पुनिष्ट की गई 6ै सिजसने ‘X’’ को नूर मो6म्मद की गोद में दुकान से बा6र सड़क की ओर जा े देखा र्थीा ज6ां अपीलार्थी! - मुनव्वर, ानि6र (मृ ) और शमीम मौजूद र्थीे। मो. सईद (PW-2) ) ने इस बा की भी पुनिष्ट की 6ै निक आरोपी ‘X’’ क े मामा (maternal uncle) र्थीे और वे प्रति निदन ‘X’’ को ट6लाने ले जा े र्थीे और उसे खाने की चीजे खरीद े र्थीे। इसलिलए PW-2) क े पास संदे6 करने का कोई कारण न6ीं र्थीा और उसने टोंकना उतिच न6ीं समझा। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA PW-2) ने PW-1 से शाम को 6ुई बा ची की पुनिष्ट की 6ै जब PW-1 ने अपने बेटे क े बारे में पूछ ाछ की।

6. 6मारे पास मुस् ाक (PW-7) ) की गवा6ी 6ै सिजसने बयान निदया 6ै निक व[6] मो. खुश!द जो (PW-1) क े पुत्र ‘X’’ को जान ा र्थीा जो उसी मो6ल्ले में र[6] े र्थीे। 01 अप्रैल 1988 को PW-7) लगभग 5 p.m. बजे देवबंद से बस द्वारा लौटा र्थीा। लड्डावाला की ओर जा े 6ुए PW-7) ने ‘X’’ को अपीलार्थी! मुनव्वर, नूर मो6म्मद, ानि6र (मृ ) और शमीम क े सार्थी देखा र्थीा जो उसे प6ाड़ी की ओर ले जा र6े र्थीे। उसने कोई आपलित्त न6ीं की क्योंनिक व[6] जान ा र्थीा निक वे लोग ‘X’’ क े रिरश् ेदार र्थीे और सोचा निक वे लोग संभव ः उसे ट6लाने ले जा र6े 6ैं। 7). मो. खुश!द (PW-1)ने बयान निदया 6ै निक 03 अप्रैल 1988 को उसे ‘X’’ की सुरतिक्ष वापसी क े लिलए 2) 1,000/- रू. का निफरौ ी पत्र (Ext. 1) निमला। पैसा रेलवे पुल पर निदया जाना र्थीा। इस पर PW-1 अपीलार्थी! मुनव्वर और उसक े भाइयों क े घर गया और ानि6र (मृ ) से निमला और उसे निफरौ ी पत्र क े बारे में ब ाया और उससे अपने बेटे क े बारे में पूछा। ानि6र (मृ ) ने इस पर PW-1 से पैसे की व्यवस्र्थीा करने और पैसे देने क े लिलए 2) -3 निदन का समय मांगने क े लिलए तिचट्ठी लिलखने को क6ा। उस समय कल्लू समे कई अन्य व्यनिक्त PW-1 क े सार्थी मौजूद र्थीे। ानि6र (मृ ) क े क6ने पर PW-1 ने पैसे देने क े लिलए 2) -3 निदन का समय मांगने क े लिलए तिचट्ठी लिलखकर ानि6र (मृ ) को दे निदया। उपरोक्त थ्य को प्रमाथिण निकया गया 6ै और सईद अ6मद (PW-5) द्वारा पुनिष्ट की गई 6ै जो PW- 1 क े सार्थी उस समय मौजूद र्थीा जब उसने ानि6र (मृ ) से ‘X’’ और निफरौ ी तिचट्ठी क े बारे में बा निकया और पैसे देने क े लिलए समय बढ़ाने क े लिलए तिचट्ठी लिलखा। 05 अप्रैल 1988 को ानि6र (मृ ) ने PW-1 को ब ाया निक तिचट्ठी उन लोगों क प6ुंच गई 6ै और उन्6ोंने PW-1 को पैसे की व्यवस्र्थीा करने क े लिलए समय निदया 6ै। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA

8. मो. खुश!द (PW-1) ने 2) 2),000/- रू. की रकम क े लिलए दूसरे निफरौ ी तिचट्ठी क े बारे में भी गवा6ी दी 6ै जो निक शमीम, अथिभयुक्तों में से एक,द्वारा उसक े घर में फ ें की गयी र्थीी। य[6] ऐसा क ृ त्य र्थीा जो इस्लाम (PW-4) और सईद अ6मद (PW-5) द्वारा देखा गया र्थीा सिजन्6ोंने शमीम र दबोचने की कोथिशश भी की लेनिकन असफल र6े क्योंनिक शमीम भाग निनकला। इस्लाम (PW-4) ने य[6] भी गवा6ी दी 6ै निक ‘X’’ गायब र्थीा और य[6] बा सारे पड़ोस को प ा र्थीी।

9. दूसरी निफरौ ी तिचट्ठी निमलने पर मो. खुश!द (PW-1) ने प्रदश KA-1 क े जरिरए पुलिलस रिरपोट/थिशकाय दज करा दी। PW-1 ने बयान निदया 6ै निक लिलखवाई गई रिरपोट देने पर, पुलिलस रिरपोट बनाई गयी और उसे पढ़ कर सुनाई गई और उसकी निवर्षयवस् ु समझकर उसने अपना 6स् ाक्षर निकया। एफआईआर दायर करने में 6ुए निवलम्ब पर स्पष्टीकरण दे े 6ुए PW-1 ने ब ाया निक व[6] पैसे की व्यवस्र्थीा कर र6ा र्थीा और ‘X’’ क े जीवन को ख रा 6ोने क े कारण उसने शुरुआ में पुलिलस रिरपोट न6ीं लिलखवाई। आगे,एक अथिभयुक्त शमीम द्वारा दूसरी निफरौ ी तिचट्ठी फ ें क े जाने क PW-1 अपीलार्थी! और उसक े भाइयों की स6भानिग ा और संलिलप्त ा र्थीा इस बा को लेकर निक ानि6र (मृ ) उसे गुमरा6 करने की कोथिशश कर र6ा 6ै या न6ीं, अनिनतिश्च र्थीा। PW-1 ने शमीम क े सार्थी अपने रिरश् े क े बारे में भी ब ाया। खलील जो उसकी पत्नी का चाचा र्थीा,अथिभयुक्त शमीम का साला र्थीा। य[6] PW-1 द्वारा प्रति परीक्षा में अथिभकथिर्थी एक थ्य 6ै सिजसका खण्डन न6ीं निकया गया।

10. नूर मो6म्मद की 18 अप्रैल 1988 को निगरफ् ारी क े बाद उसक े खुलासा बयान क े आ ार पर ‘X’’ का लाश बरामदगी का साक्ष्य भी समान रूप से म6त्वपूण 6ै। इसक े बाद नूर मो6म्मद पुलिलस, PW-1 व अन्य को बाझेरी जंगल और इरसाद Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA @ यासीन क े ट्यूब बेल पर ले गया और व[6] स्र्थीान निदखाया ज6ां ‘X’’ की लाश, उसक े कपड़े और व[6] चाक ू सिजससे व[6] मारा गया र्थीा, एक गड्ढे में गाड़ दी गयी र्थीी। उसक े बाद जमीन खोदकर ‘X’’ की लाश निनकाली गयी और उसक े कपड़े और चाक ू प्रदश KA-2) क े जरिरए बरामद निकया गया। PW-1 ने अपने बेटे ‘X’’ की उसक े चे6रे से प6चाना की। नूर मो6म्मद की निनशानदे6ी पर ‘X’’ की लाश की बरामदगी एक ऐसा थ्य 6ै सिजसकी पुनिष्ट मुस् ाक (PW-7) ) पुलिलस उप-निनरीक्षक राज निकशोर सिंस[6] (PW-11) द्वारा की गई 6ै। 1 1. व मान मामला कड़े अर्थी^ में मात्र 'अलिखरी बार देखे जाने' का मामला न6ीं 6ै। ‘X’’ को 01 अप्रैल 1988 को 4.00 p.m. पर अशरफ (PW-3) की दुकान क े पास उस समय अपहृ निकया गया जब व[6] व मान अपीलार्थी! नूर मो6म्मद, ानि6र (मृ ) और शमीम की अथिभरक्षा में देखा गया र्थीा। ‘X’’ सा साल का बच्चा र्थीा, जो अपीलार्थी! मुनव्वर और उसक े भाइयों नूर मो6म्मद और ानि6र (मृ ) क े करीब र्थीा और उनसे घुला-निमला र्थीा और शमीम को भी जान ा र्थीा जो पड़ोस में र[6] ा र्थीा। य[6] थ्य, निक ‘X’’ का 01 अप्रैल 1988 को 4.00 – 4.30 p.m. बजे अप6रण 6ुआ, संदे6 से परे सिसद्ध निकया गया 6ै। अप6रणक ाओं की प6चान सिजसमें अपीलार्थी! भी शानिमल 6ै, भी सिसद्ध की गयी 6ै। 'अस्थिन् म बार देखे गये' क े सिसध्दान् से संबंति दो निनणयों जसवं निगर बनाम पंजाब राज्य (उपरोक्त) और गोवा राज्य बनाम संजय;करान एवं अन्य (उपरोक्त) का अवलंब अपीलार्थी! क े क का समर्थीन न6ीं करेगा क्योंनिक व मान मामले में जैसा ऊपर ब ाया गया 6ै, मौलिखक बयानों क े रूप में प्रत्यक्ष साक्ष्य 6ै जो य[6] सानिब कर ा 6ै निक व मान अपीलार्थी! और अन्य ने अप6रण निकया र्थीा और बंदी में रखा र्थीा। आगे, ‘X’’ की गुमशुदगी और अप6रण में कोई समय अन् राल न6ीं 6ै, वे सार्थी सार्थी 6ुए। शमीम,सिजसने दूसरी निफरौ ी तिचट्ठी फ ें की र्थीी, क े आचरण सनि6 अनुव ! साक्ष्य और नूर मो6म्मद सिजसने Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA खुलासा बयान निदया र्थीा सिजससे लाश बरामद 6ुई, अथिभयोजन क े मामले की ओर इशारा और सानिब कर े 6ैं। 12). अ ः 6में व मान अपील में कोई मेरिरट न6ीं निमल ी और 6म अपर सत्र न्याया ीश क े अपीलार्थी! मुनव्वर को भा. दं.सं. की ारा 302), 365 और 2) 01 सपनि; ारा 34 क े 6 दोर्षसिसनिB क े निनणय और उच्च न्यायालय द्वारा उसे स्वीकार करने क े निनणय की अथिभपुनिष्ट कर े 6ैं । अपील मेरिरट से रनि6 6ै और निनरस् की जा ी 6ै । ………………………… न्यायमूर्ति, इंनिदरा बनज! ……………………… न्यायमूर्ति, संजीव खन्ना नई निदल्ली जुलाई 16, 2) 019 Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA