Banam v. National Capital Territory Delhi

Supreme Court of India · 09 Jul 2019
R. Bhanumathi; A. S. Bopanna
Criminal Appeal No. 1014 of 2019 @ SLP (Crl) No. 9396 of 2018
criminal sentence_modified Significant

AI Summary

The Supreme Court reduced the appellant's conviction from murder to culpable homicide not amounting to murder and modified the sentence from life imprisonment to eight years rigorous imprisonment, recognizing the incident as a sudden fight without premeditation.

Full Text
Translation output
अप्रतिवेद्य
भारतीय सर्वोच्च न्यायालय
दाांडिक अपीलीय अधिकाररता क्षेत्र
दाांडिक अपील सां.. 1014 of 2019
(एस एल पी (द ांडिक) सां. 9396 of 2018 से उत्पन्न)
सीि र म अपील र्थी(गण)
बन म
र ष्ट्रीय र जध नी क्षेत्र ददल्ली प्रत्यर्थी(गण)
तनणणय
भानुमतत, न्यायािीश:
अनुमति प्रद न की ज िी है |
JUDGMENT

(2) यह अपील ददल्ली उच न न्य य लय, नई ददल्ली क े क्रिममनल अपील सां. 333/2002 में तनणणय एवां आदेश ददन ांक 15.02.2018 से उत्पन्न है एवां जजसक े द्व र उच न न्य य लय ने भ रिीय दांि सांदहि की ध र 302 एवां 323 सहपदिि ध र 34 क े अांिगणि अपील र्थी सीि र म (A-2) को दोषमसद्ध कर ददय है एवां उसे आजीवन क र व स की सज़ दी गई | (3) सांक्षेप में अमभयोजन की िरफ से बि य गय है क्रक 2 जुल ई, 1990 को र ि क े 10:00 बजे, मृिक मांगल मसांह की पत्नी घ यल कल विी (PW-19) अपने पति क े स र्थ कदणम पुरी में न य की दुक न बांद करने क े ब द घर ज रही र्थी| जब वे गगरध री ल ल (A-1) की दुक न क े प स पहुुँने, िो अपील र्थी सीि र म (A-2), र म प ल (A-3) एवां र म फल (A-3) वहीीँ उपजथर्थि र्थे| मृिक मांगल मसांह ने गगरध री ल ल (A-1) से कह क्रक उसक े घर से जुड़े बबजली क े खांभे से बबजली मि नोरी करो| गगरध री ल ल (A-1) गुथसे में आ गय एवां मृिक मांगल मसांह क े कहने क ववरोध करने लग एवां सभी अमभयुकगण मृिक मांगल मसांह से ग ली गलौन करने लगे| र म प ल (A-3) ने मृिक मांगल मसांह क े मसर में घांस म र एवां सीि र म (A-2) एवां र म फल (A-4) ने िांिे एवां हॉकी जथिक इत्य दद से मृिक मांगल मसांह को म र | मृिक की पत्नी कल विी (PW-19) ने बीन में हथिक्षेप करने की कोमशश की िो उसक े ह र्थ में नोि आई| शोर सुनकर बृजमोहन (A-5) भी वह ां पर आ गय | जब र जक ु म र (PW-9), लील विी (PW-4) एवां जय मसांह (PW-14) उसे बन ने आये िो अन्य अमभयुक्िगण ने जय मसांह (PW-14) एवां र जक ु म र (PW-9) एवां लील विी (PW-4) को घ यल क्रकय | बृजमोहन (A-5), सुभ ष (A-9) एवां र जेंदर (A-6) ने र जक ु म र (PW-9) पर हमल क्रकय और उसको भी नोिें आई| घ यलों को अथपि ल ले ज य गय | मांगल मसांह घ यल होने क े क रण मर गय | र जक ु म र (PW-9) द्व र दजण मशक यि पर, भ रिीय दांि सांदहि की ध र 147,148,307 एवां 323 क े अांिगणि एफ.आई. आर दजण की जो ब द में भ रिीय दांि सांदहि की ध र 302 में पररवतिणि हो गयीां| िॉ. एम.पी. स रांगी (PW-6) ने मृिक मांगल मसांह क े शव क पोथि मोिेम क्रकय | उसने मसर क े ऊपर 3 cm x 0.[5] cm आक र क एक खुल हुआ घ व देख; मसर क े र ईि पैरीिो िेम्पोरल रीजन में 2 cm x 3 cm आक र क खुल हुआ घ व; द दहने क न क े उपरी भ ग क े ऊपर 1 cm x 5 cm क खुल हुआ घ व इत्य दद| उसने कह क्रक नोि सां. 1 से 3 स म न्यि: मृत्यु होने क े मलए घ िक एवां पय णप्ि र्थे | ज ांन परी होने पर, A-1 से A-4 क े ववरुद्ध भ रिीय दांि सांदहि की ध र 325, 323 एवां 302 की सहपदिि ध र 34 क े अांिगणि न जणशीि फ इल की गयी र्थी | (4) अमभयुक्ि क े अपर ध को मसद्ध करने हेिु, अमभयोजन ने मृिक की पत्नी कल विी (PW-

19) एवां मृिक क बेि र जक ु म र (PW-9), लील विी (PW-4), जय मसांह (PW-14), ववजय क ु म र (PW-13) एवां अन्य नश्मदीद गव ह क परीक्षण क्रकय | मौखखक एवां दथि वेज़ी स क्ष्य पर ववन र करिे हुए, ववन रण न्य य लय ने भ रिीय दांि सांदहि की ध र 302 सहपदिि ध र 34 क े अांिगणि A-2 से A-4 को दोषमसद्ध बि य एवां उन्हें आजीवन क र व स की सज़ दी | बृजमोहन (A-5), र जेंदर (A-6) एवां सुभ ष (A-9) को भ रिीय दांि सांदहि की ध र 323 सहपदिि ध र 34 क े अांिगणि दोषमसद्ध क्रकय गय एवां उनको छ: महीने क किोर क र व स की सज़ दी गयी | र जेश (A-7) एवां मनफल (A-8) को ररह कर ददय | गगरध री (A-1) ववन रण क े दौर न मर गय र्थ एवां उसक े ववरुद्ध लगे आरोप ख़ ररज हो गये|| (5) व्यगर्थि होकर, अमभयुक्ि ने उच न न्य य लय क े समक्ष अपील की | उच न न्य य लय ने आक्षेवपि तनणणय ददन ांक 15.02.2018 द्व र सीि र म (A-2) द्व र दजण अपील ख़ ररज की इस प्रक र ववन रण न्य य लय द्व र दोषमसद्ध करिे हुए आजीवन क र व स की सज़ दी| उच न न्य य लय क े समक्ष अपील की लांबबि होने क े दौर न, र म प ल (A-3) एवां र म फल (A-4) मर गए एवां उनक े ववरुद्ध लगे आरोप ख़ ररज हो गए| बृजमोहन (A-5), र जेंदर (A-6) एवां सुभ ष (A-9) द्व र की गई अपील आांमशक रूप से थवीकृ ि की गई | उच न न्य य लय ने भ रिीय दांि सांदहि की ध र 323 सहपदिि ध र 34 क े अांिगणि उनकी दोषमसद्गध की पर उनकी सज़ उनक े द्व र क र व स में बबि ई अवगध िक कम कर दी एवां रूपये 10,000/- िक जुम णन बढ़ ददय र्थ | अपनी अपील क े ख़ ररज होने से व्यगर्थि होकर, अपील र्थी सीि र म (A-2) ने यह अपील की| (6) हम अपील र्थी की ओर से उपजथर्थि ववद्व न अगधवक्ि श्रीमिी भ रिी त्य गी एवां प्रत्यर्थी- र ज्य की ओर से उपजथर्थि ववद्व न ् अतिररक्ि सोमलमसिर जनरल श्री क े. एम. निर ज को सुन नुक े हैं एवां आक्षेवपि तनणणय एवां ररकॉिण पर स क्ष्य/िथ्यों को ध्य न से पढ़ नुक े हैं| (7) घ यल नश्मदीद गव ह कल विी (PW-19) एवां र जक ु म र (PW-9) क स क्ष्य ववववक्षक्षि रूप से लील विी (PW-4) एवां जय मसांह (PW-14) क े स क्ष्य की पुजष्ट्ि करिे हैं| क्योंक्रक कल विी घ यल हुई र्थी, घ यल गव ह होने क े न िे, कल विी क स क्ष्य सबसे महत्वपणण म न ज येग | सभी गव हों क े स क्ष्य प्रभ वश ली एवां दृढ हैं क्रक अमभयुक्ि सां. 1 से 4 िक ने मृिक मांगल मसांह पर हॉकी जथिक एवां िांिे से हमल क्रकय गय | अमभयुक्ि गगरध री (A-1), र मप ल (A-3) एवां र मफल (A-4) मर गए हैं| (8) अपील र्थी सीि र म (A-2) की ओर से प्रथिुि ववद्व न ् अगधवक्ि श्रीमिी भ रिी त्य गी ने कह क्रक घिन पहले से पवणतनयोजजि नहीां र्थी एवां मसफ ण मृिक मांगल मसांह एवां उसकी पत्नी कल विी (PW-19) ने न य की दुक न से अपने घर की िरफ लौििे हुए गगरध री को बबजली की नोरी करने क े सम्बन्ध में प्रश्न क्रकय जजसक े पररण मथवरूप मौखखक झगड़ हुआ एवां इसी प्रक र, परी घिन आवेश में आने क े क रण हो गयी र्थी एवां इस प्रक र, उच न न्य य लय अपील र्थी को भ रिीय दांि सांदहि की ध र 302 सहपदिि 34 क े अांिगणि दोषमसद्गध करने में सही नहीां र्थ एवां अमभयुक्ि क कृ त्य भ रिीय दांि सांदहि की ध र 300 क े अपव द 4 क े अांिगणि आि है| (9) प्रत्यर्थी-र ज्य की ओर से प्रथिुि ववद्व न अतिररक्ि सोमलमसिर जनरल श्री क े.एम निर ज ने हम र ध्य न स क्ष्य की िरफ ददल य है एवां उच न न्य य लय क े तनष्ट्कषण को ब र ब र दुहर िे हुए कह क्रक उच न न्य य लय ने भ रिीय दांि सांदहि की ध र 302 सहपदिि 34 क े अांिगणि अपील र्थी सीि र म (A-2) को सही दोषमसद्ध क्रकय है एवां उच न न्य य लय क े आक्षेवपि तनणणय में हथिक्षेप करने क कोई आध र नहीां है| (10) ववन र करने क मसफ ण एक यही प्रश्न है क्रक भ रिीय दांि सांदहि की ध र 302 सहपदिि 34 क े अांिगणि अपील र्थी की दोषमसद्गध को बरक़र र क्रकय ज सकि है य नहीां | जैस क्रक अपील र्थी की ओर से प्रथिुि ववद्व न अगधवक्ि ने कह क्रक घिन पवणतनयोजजि नहीां र्थी| 2 जुल ई, 1990 को र ि 10:00 बजे जब मृिक मांगल मसांह अपनी पत्नी कल विी (PW-19) क े स र्थ अपनी न य की दुक न बांद करने क े ब द अपने घर लौि रह र्थ, र थिे में उन्होंने गगरध री को बबजली क े खांभे से बबजली नुर ने क े सम्बन्ध में प्रश्न क्रकय | इसक े क रण पक्षक रों क े बीन मौखखक कह सुनी हो गयी, जजसक े दौर न अपील र्थी सीि र म (A-2), गगरध री (A-1), र मप ल (A-3) एवां र मफल (A-4) ने मृिक मांगल मसांह पर हॉकी जथिक एवां िांिे से हमल क्रकय | इस पर ध्य न ददय गय है क्रक अमभयुक्ि क े प स पहले से कोई शथत्र य हगर्थय र नहीां र्थ; यह लगि है क्रक उन्होंने हॉकी जथिक एवां िांिे लड़ ई क े दौर न उि ये हैं| (11) भ रिीय दांि सांदहि की ध र 300 क े अपव द 4 क े मलए तनम्नमलखखि भ ग को होन न दहए| (i) अपर ध पवणतनयोजजि नहीां होन न दहए| (ii) यह अन नक से हुई लड़ ई में आवेश में होने क े क रण होन न दहए| (iii) अपर धी को अनुगनि ल भ नहीां लेन न दहए| (iv) अपर धी क जुमण बहुि िर और अस म न्य नहीां होन न दहए| (12) जैस क्रक पहले ववन र ववमशण क्रकय गय क्रक घिन पवणतनयोजजि नहीां र्थी एवां पक्षक रों क े बीन िोध क े आवेश में अन नक से लड़ ई शुरू हो गई र्थी| घिन हुई र्थी जब मृिक मांगल मसांह अपने व पस घर क े र थिे पर गगरध री (A-1) को खांभे से बबजली नुर ने क े ववषय में सव ल क्रकय र्थ | अपील र्थी सीि र म (A-2) एवां अन्य अमभयुक्ि क े प स पहले से शथत्र नहीां र्थे| यद्दवप, नोि 1 से 3 जो मसर पर लगी नोिें र्थी, उनक े अल व मृिक मांगल मसांह क े अगधक से अगधक 9 नोिें र्थी एवां अन्य नोिें मसर, क ां धे, ब हों पर र्थी| (13) मृिक मांगल मसांह क े नोिों पर ववन र करिे हुए, यह नहीां कह ज सकि क्रक अपील र्थी सीि र म (A-2) एवां अन्य अमभयुक्ि ने मृिक मांगल मसांह पर हमल करने में अनुगनि ल भ उि य | म मले क े िथ्यों एवां गांभीरि को ध्य न में रखिे हुए, हम रे ववन र में, भ रिीय दांि सांदहि की ध र 302 सहपदिि ध र 34 क े अांिगणि अपील र्थी सीि र म (A-2) की दोषमसद्गध को भ रिीय दांि सांदहि की ध र 304 भ ग II क े अांिगणि सांशोगधि क्रकय ज ि है| (14) पररण मथवरूप, भ रिीय दांि सांदहि की ध र 302 सहपदिि 34 क े अांिगणि अपील र्थी की दोषमसद्गध भ रिीय दांि सांदहि की ध र 304 भ ग II क े अांिगणि सांशोगधि की ज िी है| अपील र्थी सीि र म को 8 वषों क किोर क र व स की सज़ दी ज िी है| अपील आांमशक रूप से थवीकृ ि है|............न्यायािीश (आर. भानुमतत)..........न्यायािीश (ए.एस. बोपन्ना) नई ददल्ली, 09 जुल ई, 2019 अथवीकरण: देशी भ ष में तनणणय क अनुव द मुकद्द्मेब ज़ क े सीममि प्रयोग हेिु क्रकय गय है ि क्रक वो अपनी भ ष में इसे समझ सक ें एवां यह क्रकसी अन्य प्रयोजन हेिु प्रयोग नहीां क्रकय ज एग | समथि क य णलयी एवां व्य वह ररक प्रयोजनों हेिु तनणणय क अांग्रेज़ी थवरूप ही अमभप्रम खणि म न ज एग और क य णन्वयन िर्थ ल ग क्रकए ज ने हेिु उसे ही वरीयि दी ज एगी |