Full Text
भार की सव च्च न्यायालय
दीवानी अपील क्षेत्राति कार
दीवानी अपील संख्याः 6667-6668 वर्ष# 2019
विवशि*ष्ट दीवानी अपील संख्या 24803-24804 वर्ष# 2018 से उत्पन्न।
डॉ. प्रोफसर राजेंद्र चौ री और अन्य। ...अपीलार्थी> (गण)
बनाम
उत्तर प्रदे* राज्य एवं अन्य। ...प्रत्यर्थी> (गण)
विनण#य
माननीय न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव।
अनुमति अनुदत्त।
JUDGMENT
1. उपरोक्त अपील में विववाद उत्तर प्रदे* राज्य में मेतिडकल कॉलेजों में प्राध्यापकों क े पदों पर सी ी भ > द्वारा विनयुविक्त क े लिलए लागू विकए जाने वाले आरक्षण और अति क म आयु सीमा 45 वर्ष# से बढ़ाकर 65 वर्ष# करने क े संबं में है। 2015 से पहले 12 वर्षV क े लिलए 12 सरकारी मेतिडकल कॉलेजों (एलोपैर्थीी) में प्राध्यापकों क े पदों पर कोई सी ी भ > नहीं र्थीी। उत्तर प्रदे* लोक सेवा आयोग द्वारा 21.12.2015 को एक mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA 2019 INSC 973 विवज्ञापन जारी विकया गया र्थीा जिजसमें विवशिभन्न एलोपैशिर्थीक मेतिडकल कॉलेजों में प्राध्यापकों क े 47 रिरक्त पदों पर सी ी भ > द्वारा विनयुविक्त हे ु आवेदन माँगे गये र्थीे। उक्त विवज्ञापन उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दायर एक रिरट यातिचका में चुनौ ी का विवर्षय र्थीा। अन्य आ ारों क े अलावा, रिरट यातिचकाक ा#ओं द्वारा उठाया गया मुख्य बिंबदु यह र्थीा विक अनुसूतिच जाति, अनुसूतिच जनजाति और अन्य विपछड़ा वग# क े उम्मीदवारों क े लिलए कोई पद आरतिक्ष नहीं र्थीा। रिरट यातिचका में अति क म आयु सीमा को 45 वर्ष# से बढ़ाकर 65 वर्ष# करने पर इस आ ार पर आपलित्त की गयी विक यह उत्तर प्रदे* राज्य मेतिडकल कॉलेज शि*क्षक सेवा (विद्व ीय सं*ो न) विनयम, 2005 (संक्षेप में, 'सेवा विनयम') क े उल्लंघन में है। *ैतिक्षक योग्य ा से संबंति पात्र ा मानदंड को सं*ोति कर े हुए 24. 10. 2017 को एक अन्य विवज्ञापन जारी विकया गया र्थीा।
2. उच्च न्यायालय ने आरक्षण और अति क म आयु सीमा को बढ़ाने क े संबं में पे* विकये गये कV को नहीं माना और यातिचका को खारिरज कर विदया। अ ः, ये पुनया#चनाएँ।
3. इन पुनया#चनाओं में हमारे विवचारार्थी# दो बिंबदु हैं: a) क्या रिरट यातिचका में आक्षेविप विवज्ञापन उत्तर प्रदे* लोक सेवा (अनुसूतिच जाति, अनुसूतिच जनजाति और अन्य विपछड़ा वग# क े लिलए आरक्षण) अति विनयम, 1994 का उल्लंघन कर ा है (संक्षेप में 'आरक्षण अति विनयम); और Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds b) क्या सी ी भ > द्वारा प्राध्यापकों क े पद पर विनयुविक्त क े लिलए अति क म आयु सीमा में वृतिr उत्तर प्रदे* मेतिडकल कॉलेज शि*क्षक सेवा (द्व ीय सं*ो न) विनयम, 2005 क े विवपरी है। प्राध्यापकों क े पद पर सी ी भ > द्वारा विनयुविक्त क े लिलए आरक्षण: -
4. आरतिक्ष श्रेशिणयों से संबंति रिरट यातिचकाक ा#ओं का मुख्य क # यह है विक सरकारी मेतिडकल कॉलेजों में प्राध्यापकों क े पद पर सी ी भ > द्वारा विनयुविक्त क े लिलए जारी विकया गया विवज्ञापन आरक्षण अति विनयम क े विवपरी है क्योंविक आरतिक्ष वग# क े लिलए आरक्षण का प्राव ान नहीं र्थीा। उन्होंने यह प्रस् ु करने क े लिलए आरक्षण अति विनयम की ारा 3 पर विनभ#र ा ज ायी विक साव#जविनक सेवा में सी ी भ > द्वारा विनयुविक्त क े लिलए आरक्षण आज्ञापक है। विनयुविक्त हे ु आरक्षण का प्रति * ारा 3 (5) क े अनुसार रोस्टर क े विहसाब से बनाया जाए जो इस प्रकार हैः अनुसूतिच जाति 21 प्रति * क अनुसूतिच जनजाति 2 प्रति * अन्य विपछड़ा वग# 27 प्रति * क विववाद को अच्छी रह से समझने क े लिलए आरक्षण अति विनयम की ारा 3 को पुन: प्रस् ु करना प्रासंविगक है जो इस प्रकार है: “ ारा 3: अनुसूतिच जाति यों, अनुसूतिच जनजाति यों और अन्य विपछड़े वगV क े लिलए आरक्षण आरक्षण। – (1) लोक Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds सेवाओं और पदों में, सी ी भ > क े प्रक्रम पर, विनम्नलिललिख रिरविक्तयों का प्रति *, जिजनक े लिलए भर्ति यां अनुसूतिच जाति यों, अनुसूतिच जनजाति यों और जनजाति यों क े व्यविक्तयों क े पक्ष में उप ारा (5) में विनर्दिदष्ट रोस्टर क े अनुसार की जानी हैं, आरतिक्ष विकया जाएगा। (क) अनुसूतिच जाति क े मामले में -२१ प्रति *; (ख) अनुसूतिच जनजाति यों की द*ा में: दो प्रति *; (ग) अन्य विपछड़े वगV की द*ा मेंः २७ प्रति * । ब* • विक खंड (ग) क े ह आरक्षण अनुसूची II में विनर्दिदष्ट अन्य विपछड़ा वग# क े नागरिरकों की श्रेणी में लागू नहीं होगा: आगे प्रति बं यह है विक सभी श्रेशिणयों क े व्यविक्तयों क े लिलए रिरविक्तयों का आरक्षण उस वर्ष# की कु ल रिरविक्तयों क े पचास प्रति * से अति क न हो, सार्थी ही उस सेवा क े क ै डर की क्षम ा का पचास प्रति * हो, जिजसमें भ > की जानी है: (2) xxx (3) xxx (4) xxx Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds (5) राज्य सरकार आरक्षण लागू करने क े लिलए,एक अति सूतिच आदे* द्वारा उप- ारा (1) क े ह एक रोस्टर जारी करेगी जिजसमें साव#जविनक सेवा या पद की कु ल क ै डर क्षम ा *ाविमल है, जिजसमें आरतिक्ष बिंबदुओं और जारी विकए गए रोस्टर का संक े विदया गया है और इस प्रकार जारी रोस्टर को वर्ष#-दर-वर्ष# एक चालू खा े क े रूप में ब क लागू विकया जाएगा जब क विक उप- ारा (1) में उजिल्ललिख व्यविक्तयों की विवशिभन्न श्रेशिणयों क े लिलए आरक्षण प्राप्त नहीं हो जा ा है और रोस्टर और रबिंनग खा े का संचालन, उसक े बाद, समाप्त हो जाएगा, और जब लोक सेवा या उसी पद में रिरविक्त उत्पन्न होगी ो उसको उस श्रेणी क े लोगों को भरा जाएगा जो रोस्टर में उस पद से संबंति है।´
5. अपीलक ा#ओं ने सेवा विनयमावली को हमारे समक्ष प्रस् ु विकया जो सरकारी मेतिडकल कॉलेजों में प्राध्यापकों क े पदों पर भ > को संचालिल कर ी है। सेवा विनयमावली का विनयम 5 उपबंति कर ा है विक प्राध्यापकों पर भ > सी ी भ > द्वारा परिरशि*ष्ट अ में श्रेणी ब द्वारा आच्छाविद है। सेवा विनयमावली का परिरशि*ष्ट 'अ' सरकारी मेतिडकल कॉलेज में सभी विवभागों/विव*ेर्ष विवभागों में स्वीक ृ पदों से संबंति है। परिरशि*ष्ट 'अ' में दो श्रेशिणयां हैं। श्रेणी 'क' उन पदों से संबंति है जिजन्हें व्यविक्तग पदोन्नति द्वारा भरा जाना है और श्रेणी 'ख' उन पदों से संबंति है जिजन्हें सी ी भ > द्वारा भरा जाना है। अपीलक ा#ओं क े अनुसार, पूरे क ै डर में पदों और रिरविक्तयों की क ु ल सं. को प्राध्यापकों क े पदों पर विनयुविक्त हे ु आरक्षण प्रदान प्रदान विकया Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds जाए इस बा का ध्यान ध्यान विदया जाए । उनका आरोप है विक प्रत्य > द्वारा इस आ ार पर आरक्षण न देना विक उपलब् रिरविक्तयों की संख्या प्रत्येक विव*ेर्ष ा/विवभाग में चार से कम र्थीी, जो विक अनुतिच र्थीा।
6. प्रत्यर्थी> संख्या 1 और 2 ने प्राध्यापकों क े पदों पर सी ी भ > द्वारा विनयुविक्त क े लिलए आरक्षण न देेने को उतिच ठहराया। विनयमानुसार, 75 प्रति * पद व्यविक्तग पदोन्नति द्वारा भरे जाएंगे और *ेर्ष 25 प्रति * सी ी भ > द्वारा होंगे। अनुसूतिच जाति यों, अनुसूतिच जनजाति और अन्य विपछड़ा वग# से संबंति आरक्षण सेवा विनयमावली क े विनयम 6 में विदया गया है। आरक्षण अति विनयम को सेवा विनयमों क े संदभ# में *ाविमल विकया गया है। राज्य का क # है विक विनयम 6 क े लिलए महत्वपूण# है। प्रति बं यह स्पष्ट कर ा है विक श्रेणी 'अ' में प्रत्येक विव*ेर्ष ा/विवभाग से संबंति पदों की क ु ल सं. को एकल इकाई माना जाएगा। दूसरे *ब्दों में, श्रेणी 'अ' में भरे जाने वाले पदों क े लिलए आरक्षण विव*ेर्ष ा/विवभागवार होगा। आरक्षण अति विनयम की ारा 3 क े संदभ# लेकर क # विकया गया है विक य रिरविक्त का प्रति * क े वल क े वल सी ी भ > की स् र पर संबंति होगी। परिरशि*ष्ट 'अ' क े नोट पर भरोसा ज ाकर, प्रत्यर्थिर्थीयों ने प्रार्थी#ना की विक सी ी भ > द्वारा विनयुविक्त क े लिलए आरक्षण क े वल भी लागू विकया जा सक ा है जब प्रत्येक विवभाग में चार से अति क पद उपलब् हों। प्रत्यर्थिर्थीयों का क # है विक सभी विवभागों में उपलब् पद चार से कम र्थीे। हालांविक जनरल मेतिडजिसन एंड जनरल सज#री स्पेशि*एलिलटी में पांच पद र्थीे, लेविकन उच्च न्यायालय इलाहाबाद रिरट संख्या 7190 वर्ष# 2006 द्वारा पारिर अं रिरम आदे* क े मद्देनजर प्रत्येक विवभाग में भरे जाने वाले पदों की संख्या क े वल दो र्थीी। अ ः राज्य ने क # विदया विक सेवा विनयमावली क े Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds अनुरूप विवज्ञविप्त में आरक्षण नहीं विदया जा सक ा र्थीा। अपने क # क े समर्थी#न में उत्तर प्रदे* राज्य बनाम चट्टोपाध्याय(2004) 12 एस.एस.सी. 333 क े मामले में में इस न्यायालय द्वारा पारिर आदे* पर भरोसा ज ाया और कहा विक आरक्षण प्रदान करने क े लिलए पूरे क ै डर पर विवचार नहीं विकया जा सक ा है। उक्त कV क े समर्थी#न में प्रत्यर्थी> ने हीरा लाला बनाम उत्तर प्रदे* राज्य एवं अन्य (2010) 82 एल.एल. आर. 453 (एफ बी) क े मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायलय की पूण# पीठ द्वारा पारिर विनण#य पर भरोसा ज ाया।
7. सेवा विनयमावली का विनयम 6 प्राध्यापकों क े पदों पर सी ी भ > द्वारा विनयुविक्त क े लिलए आरक्षण लागू कर ा है। यहां कोई विववाद नहीं है विक परं ुक यह कह ा है विक प्रवग# “क” में प्रत्येक विव*ेर्षज्ञ ा/विवभाग को एकल इकाई समझा जाएगा। पदोन्नति क े लिलए श्रेणी 'क' संवग# से काडर पद का 75 प्रति * क होगी। *ेर्ष 25 प्रति * जो श्रेणी 'ख' में संबंति है को सी ी भ > द्वारा भरा जाएगा। सेवा विनयमों क े परिरशि*ष्ट 'क' की श्रेणी 'ख' क े अवलोकन से यह प्रकट होगा विक प्राध्यापकों की विनयुविक्त हे ु दो विवभागों यर्थीा- जेनरल मेतिडजिसन एवं जेनरल सज#री को छोड़कर विवज्ञापन जारी विकया गया र्थीा। इन दो विवभागों में, प्रत्येक विवभाग में प्राध्यापकों क े क े वल दो पद भरे जाने क े लिलए उपलब् र्थीे। इसलिलए, 21. 12. 2015 क े विवज्ञापन क े अनुसार सी ी भ > द्वारा भरे जाने क े लिलए प्रत्येक विवभाग में क े वल चार पद उपलब् र्थीे। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds
8. डॉ. जुही सिंसघल एंड अन्य बनाम उत्तर प्रदे* राज्य, सेवा पीठ संख्या 4292 वर्ष# 2016 क े मामलें में में विदये गये उच्च न्यायालय इलाहाबाद क े फ ै सले का उल्लेख करना प्रासंविगक है जिजसने विवज्ञापन, जिजसे विदनांक 21.
12. 2015 को चुनौ ी विदया गया र्थीा और जो इन अपील की विवर्षय वस् ु है, की जांच की। यह ारिर कर े हुए विक सेवा विनयमावली का कहीं भी उल्लंघन नहीं है उच्च न्यायालय ने अति सूचना को बरकरार रखा ।
9. उच्च न्यायालय इलाहाबाद की पूण# पीठ ने आरक्षण अति विनयम क े ह अनुसूतिच जाति यों क े आरक्षण की प्रयोज्य ा पर, जैसा सहाय ा प्राप्त संस्र्थीानों में लागू है, को विवचार में लिलया। यह ारिर विकया गया विक आरक्षण अति विनयम को सेवा में नहीं लागू विकया जा सक ा है जहां पर काडर में पद की संख्या 5 से कम है। हमारे समक्ष अपीलक ा#ओं और प्रत्यर्थिर्थीयों की ओर से प्रस् ु विकए गए थ्यों एवं कV पर विवचार करने क े बाद, हम सं ुष्ट हैं विक सरकारी मेतिडकल कॉलेजों में प्राध्यापकों क े पद पर सी ी भ > द्वारा विनयुविक्त क े लिलए आरक्षण प्रदान नहीं करने में उत्तरदा ाओं द्वारा कोई त्रुविट नहीं की गई है। विनयुविक्त की इकाई विव*ेर्षज्ञ ा /विवभाग है और प्रत्येक विव*ेर्षज्ञ ा/विवभाग में उपलब् पदों की सं. पांच से कम है। सेवा विनयमों क े परिरशि*ष्ट 'क' में श्रेणी 'ख' सी ी भ > को ब ा ा है जो विवज्ञापन का विवर्षयवस् ु है। अपीलक ा#ओं का यह क # विक सभी विवभागों में े क ै डर को आरक्षण प्रदान करने क े लिलए ध्यान में रखा जाना चाविहए, इस क # को उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने खारिरज कर विदया,जो सही है। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds अति क म आयु सीमा का विवस् ारः
10. सेवा विनयमावली क े विनयम 9 में यह प्राव ान है विक प्राध्यापकों क े पद पर विनयुविक्त क े लिलए अति क म आयु सीमा 45 वर्ष# है। अपीलार्थी> की अति क म आयु क े मामलें में विवज्ञापन द्वारा 65 वर्ष# वर्ष# विवविह है जो सेवा विनयमावली क े विनयम 9 क े विवरूr है। अपीलक ा#ओं ने क # विदया विक ऊपरी आयु सीमा में वृतिr एक सरकारी आदे* विदनांक 06. 02. 2015 द्वारा की गई र्थीी। उनक े अनुसार,भार क े संविव ान क े अनुच्छेद 309 क े परं ुक क े अ ीन बनाए गए विनयम को काय#पालिलका क े आदे* द्वारा अध्यारोही नहीं विकया जा सक ा।
11. प्रत्यर्थिर्थीयों ने क # विदया विक शि*क्षकों की न्यून म योग्य ा क े लिलए मेतिडकल संस्र्थीान विवविनयम, 1998 (संक्षेप में, 'विवविनयम') को मेतिडकल काउंजिसल ऑफ इंतिडया (एमसीआई) द्वारा ैयार की गया र्थीा जो मेतिडकल कॉलेज में प्राध्यापकों की विनयुविक्त को *ाजिस कर ा है। उन्हें समय -समय पर सं*ोति विकया गया है। उक्त सं*ोति विवविनयमों क े अनुसार, अति क म आयु 70 वर्ष# विन ा#रिर की गई है। सरकार ने प्राध्यापकों क े पद पर सी ी भ > की विनयुविक्त क े लिलए ऊपरी आयु सीमा को 45 वर्ष# से बढ़ाकर 65 वर्ष# करना उपयुक्त माना। आयु बढ़ाने क े 06. 02. 2015 को जारी सरकारी आदे* को अपीलक ा#ओं द्वारा चुनौ ी नहीं दी गई है। प्रत्यर्थिर्थीयों ने उच्च न्यायालय द्वारा पारिर डॉ. जुही सिंसघल(उपरोक्त) क े मामले में विनभ#र ा जाविहर की है जो उसी विवज्ञापन से संबंति है और जो इन पुनया#चनाओं की Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds विवर्षय वस् ु है। नवयुग अशिभयान सविमति बनाम उत्तर प्रदे* राज्य में में पारिर विनण#य पर भी भरोसा ज ाया गया। उक्त मामले में, उच्च न्यायालय क े समक्ष जो प्रश्न र्थीा वह प्राध्यापक (एलोपैर्थीी) क े पद पर विनयुविक्त से संबंति र्थीा और यातिचकाक ा#ओं ने जो चुनौ ी दी गयी वह अति क म आयु सीमा 65 वर्ष# क बढ़ाने से संबंति र्थीी। खण्डपीठ ने एमसीआई विवविनयमों क े प्राव ानों की जांच की जिजसका उपर उजिल्ललिख है, जिजसक े द्वारा बिंप्रजिसपल क े पद क े लिलए अति क म आयु 70 वर्ष# विन ा#रिर की गई र्थीी और यह ारिर विकया विक विनयुविक्त क े लिलए आयु, जैसा एमसीआई द्वारा विवविनयमों में विवविह है, वह सेवा विनयमावली क े विनयम 9 से अति क महत्वपूण# होगा। उक्त विनण#य क े विवरूr दायर विव*ेर्ष अनुमति यातिचका को विदनांक 08. 05. 2019 को इस न्यायालय ने खारिरज कर विदया गया। सरकार की ओर से कहा गया विक सरकारी मेतिडकल कॉलेजों में प्राध्यापकों क े पदों पर सी ी भ > 2015 से पहले 12 वर्षV से नहीं की जा सकी क्योंविक योग्य और सक्षम व्यविक्त चयन में भाग लेने क े लिलए आगे नहीं आगे नहीं आये। प्राध्यापकों क े पदों पर चयन क े लिलए बडे़ पैमाने पर भागीदारी सुविनति’ करने क े लिलए, सरकार का विवचार र्थीा विक ऊपरी आयु सीमा 65 साल क बढ़ाया जाना चाविहए। सरकार की ओर आगे क # विदया गया विक अति क म आयु में बढ़ोत्तरी करक े यातिचकाक ा#ओं को कोई पूवा#ग्रह कारिर नहीं विकया गया है।
12. पक्षकारों द्वारा प्रस् ु कV पर विवचार करने क े उपरान्, हम उच्च न्यायालय द्वारा रिरकाड# विकये गये थ्यों को मंजूरी प्रदान कर े हैं जिजसमें उनका अति क म आयु सीमा को 45 वर्ष# से बढ़ाकर 65 वर्ष# करने का Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds विनण#य दूविर्ष नहीं है। उच्च न्यायालय ने डॉ. जूही सिंसघल (उपरोक्त) क े मामले में में प्राध्यापकों क े पद पर सी ी भ > क े लिलए अति क म आयु सीमा को बढ़ाने की चुनौ ी को यह ारिर कर े हुए खारिरज कर विदया विक एमसीआई द्वारा बनाए गए विवविनयम सेवा विनयमों पर प्रभावी होंगे। उक्त विनण#य में, उच्च न्यायालय का म यह र्थीा विक सरकारी आदे* विदनांक 06. 02. 2015 क े वल विनयमों क े पूरक है और वे उनका स्र्थीान नहीं ले सक े है। उच्च न्यायालय ने आगे अवलोकन विकया विक जो आयु में छ ू ट दी गयी र्थीी वह मेतिडकल संस्र्थीानों में शि*क्षकों की कमी क े चल े दी गयी र्थीी जिजन्होंने े पदों पर विनयुविक्त क े लिलए अह ा# प्राप्त कर ली है। अति क म आयु सीमा की छ ू ट क े वल उन विवभागों पर लागू हो ी र्थीी जहां 25 प्रति * या अति क पद खाली हो और अन्य विवभागों क े संबं में, राज्य सरकार ने उन्हें नहीं भरने का फ ै सला विकया। नवयुग अशिभयान सविमति (उपरोक्त) में, उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने सरकारी मेतिडकल कॉलेजों में प्राचायV क े पद क े लिलए अति क म आयु सीमा में वृतिr पर विवचार कर े हुए एक ही क # का पालन विकया। हमारे समक्ष उच्च न्यायालय से असहमति का कोई कारण नहीं है। इसमें विकसी प्रकार का संदेह नहीं है विक मेतिडकल कॉलेजों में प्राध्यापकों की सेवा की * V से संबंति एमसीआई द्वारा बनाए गए विवविनयम उत्तर प्रदे* राज्य द्वारा बनाए गए सेवा विनयमावली पर प्रभाव डालेंगे। विदनांक 06. 02. 2015 क े सरकारी आदे* को अपीलक ा#ओं द्वारा चुनौ ी नहीं दी गई है, जिजस कारण से वे उसक े क े बारे में कोई शि*काय नहीं कर सक े हैं। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds
13. 2015 से पहले अयोग्य व्यविक्तयों द्वारा 15 साल क सरकारी मेतिडकल कॉलेजों में प्राध्यापकों क े पद उत्तर प्रदे* राज्य में तिचविकत्सा शि*क्षा क े मामलों की चिंच ाजनक स्थिस्र्थीति को इंविग कर े हैं। इस गंभीर स्थिस्र्थीति से विनपटने क े लिलए, राज्य सरकार ने अति क म आयु सीमा में बढ़ोत्तरी करक े विनयुविक्तयां करने का विनण#य लिलया है। यह ारिर कर े हुए प्राध्यापकों क े पद से कोई परिरणाम प्राप्त नहीं हुआ है क्योंविक वाद जिजनमें विवज्ञापन को चुनौ ी दी गयी र्थीी वे लंविब हैं, इसलिलए राज्य सरकार ने अह ा# प्राप्त डॉक्टर की भ > करने का प्रयास ईमानदारी से विकया है। प्रत्यर्थिर्थीयों को आदेशि* विकया जा ा है विक प्राध्यापकों क े पद हे ु चयन प्रविक्रया में ेजी लायें और जिज ना जल्दी हो विनयुविक्त करें।
14. उपरोक्त कारणों से अपील खारिरज की जा ी है।................................ न्यायमूर्ति, एल. नागेश्वरा राव।................................. न्यायमूर्ति, हेमन् गुप्ता। नई विदल्ली, 28 अगस्, 2019 Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds