Manoj Gupta v. Narcotics Control Bureau

Delhi High Court · 26 Feb 2021 · 2021:DHC:737
Subramonium Prasad
ज़मानत अज़ी 121/2021
2021:DHC:737
criminal appeal_allowed Significant

AI Summary

The Delhi High Court granted bail to the accused in an NDPS case involving pseudoephedrine, holding that strict Section 37 provisions do not automatically bar bail when the accused has no prior record and the evidence is limited.

Full Text
Translation output
2021:डीएचसी:737
ज़मानत अज़ी 121/2021 पृष्ठ सं.1
न्या., सुभ्रमोणयम प्रसाद
JUDGMENT

1. यह दंड प्रक्रिया संक्रहता की धारा 439 क े अंतर्गत सी.सी. सं. VII/36/DZU/2020 क्रदनांक्रकत 27.11.2020 में क्रनयक्रमत ज़मानत की मााँर् करते हुए एक आवेदन है, जो एन.डी.पी.एस. अक्रधक्रनयम की धारा 9ए, 25ए, 22, 23 और 29 क े तहत अपराधों क े क्रिए थाना आर.क े. पुरम, क्रदल्ली में पंजीक ृ त है। याक्रचकाकताग को 27.09.2020 को क्रर्रफ्तार क्रकया र्या था। ददल्ली उच्च न्यायालय: नई ददल्ली + ज़मानत अज़ी 121/2021 क्रनर्गय की क्रतक्रथ: 26 फरवरी, 2021 क े मामिे में:- मनोज र्ुप्ता....याक्रचकाकताग द्वारा: श्री रमनीक क्रमश्रा, श्री आशीष रायज़ादा और श्री नयन क ुाँ वर क्रसंह, अक्रधवक्तार्र् बनाम स्वापक क्रनयंत्रर् ब्युरो....प्रत्यथी द्वारा: वररष्ठ स्थायी अक्रधवक्ता, श्री सुभाष बंसि क े साथ स्वा.क्रनयं.ब्युरो क े अक्रधवक्ता श्री शाश्वत कोरम: माननीय न्यायाधीश श्री सुभ्रमोणयम प्रसाद 2021:DHC:737 ज़मानत अज़ी 121/2021 पृष्ठ सं.[2]

2. स्स्थक्रत आख्या में क्रदया र्या अक्रभयोजन का मामिा क्रनम्नानुसार है:- “14-08-2020 को प्राप्त जानकारी क े आधार पर भीिवाडा, राजस्थान से िीिेश सेन द्वारा देबोराह वुड एक्रडिेड, ऑस्ट्रेक्रिया भेजे जाने क े क्रिए बुक क्रकया र्या पासगि क्रजसका नं. AWB 6098216305 था और जो स्काई िाइन िॉक्रजस्स्ट्क्स, 71/3, रामा रोड, नजफर्ढ़ औद्योक्रर्क क्षेत्र में पडा हुआ था, की जााँच की र्ई| उक्त पासगि में मक्रहिाओं क े कपडे और 2 खाकी रंर् क े काडगबोडग और 24 प्लास्स्ट्क क े क्रिफाफ े पाए र्ए। 2 खाकी काडगबोडग में 04 प्लास्स्ट्क क े पैक े ट थे, उसक े बाद क ु ि 28 प्लास्स्ट्क क े पैक े टों की जााँच की र्ई और उसमें सफ े द पाउडर पदाथग पाया र्या अथागत् उनमें स्यूडोफ े क्रडर न क े सकारात्मक पररर्ाम क्रमिे| पदाथग का क ु ि वज़न 3 क्रकिो 800 ग्राम था। जााँच क े दौरान, श्री क्रवनोद क्रसंह (टरैक ू न कोररयर क े माक्रिक) द्वारा उनक े एन.डी.पी.एस अक्रधक्रनयम की धारा 37 क े ब्यान क े तहत यह बताया र्या क्रक उक्त पासगि को आरंभ में 12-08-2020 को बुक क्रकया र्या था और उसने बुक क्रकए र्ए व्यस्क्त क े व्हाट्सएप चैट और मोबाइि नंबरों क े क्रववरर् क्रदए थे, साथ ही यह भी बताया क्रक उसी व्यस्क्त ने जुिाई और अर्स्त, 2020 में पहिे दो और पासगि बुक क्रकए थे। चूंक्रक पासगि क्रकसी क्रििेश सेन की आईडी पर बुक क्रकए र्ए थे, तो जााँच क े दौरान िीिेश सेन को बुिाया र्या था और उसने क्रदनांक 3-9-2020 को धारा 67 क े तहत क्रदए अपने बयान में खुिासा क्रकया क्रक उसने 13-07-2020 को उदयपुर की यात्रा की थी और आशीवागद होटि में रुका था| उक्त होटि में अपने रुकने क े दौरान, ररसेप्शन पर मौजूद व्यस्क्त ने उनका आईडी और पैन काडग क्रिया था और आईडी की फोटोकॉपी क े बहाने होटि से बाहर चिा र्या था। इसक े बाद, 27-09- ज़मानत अज़ी 121/2021 पृष्ठ सं.[3] 2020 को, एनडीपीएस की धारा 67 क े तहत मनोज र्ुप्ता को उनक े आशीवागद होटि पर नोक्रटस क्रदया र्या और उन्ोंनें 28-9-2020 को अपना स्वैस्िक बयान क्रदया क्रजसमें उन्ोंनें स्वीकार क्रकया क्रक उक्त पासगि उनक े द्वारा क्रििेश सेन क े आईडी दस्तावेज़ात का उपयोर् करक े बुक क्रकया र्या था। उन्ोंनें यह भी स्वीकार क्रकया क्रक उन्ोंनें चेन्नई क े एक व्यस्क्त रफीक क े क्रनदेशों पर उक्त पासगि को बुक क्रकया था। आर्े बताया र्या क्रक उसने क्रििेश सेन की आईडी का उपयोर् करक े और अक्रधक पासगि भेजे थे। उसने आर्े बताया क्रक क्रकस तरह से उसने क्रििेश सेन से दस्तावेज़ात प्राप्त क्रकए थे और क्रकस तरह से उसने टरैक ू न कोररयर में कोंटराबैंड वािे उक्त पासगि की बुक्रक ं र् क े क्रिए उनका उपयोर् क्रकया था। मनोज र्ुप्ता क े बयान क े दौरान अन्य दस्तावेज़ात अथागत् आर्ंतुक रक्रजस्ट्र,16 आधार काडग (मूि) 6 डर ाइक्रवंर् िाइसेंस (मूि) और कई व्यस्क्तयों क े नाम पर 2 मतदाता काडग (मूि) भी प्रस्तुत क्रकए थे| िीिेश सेन क े 28-9-2020 क े आर्े क े बयान में उन्ोंनें मनोज र्ुप्ता की पहचान उस व्यस्क्त क े रूप में की जो होटि आशीवागद में मौजूद था और क्रजसने उसक े आईडी दस्तावेज़ात क्रिए थे। यहााँ तक क्रक टरैक ू न कोररयर क े माक्रिक ने 28-9- 2020 क े अपने बयान में भी आरोपी मनोज र्ुप्ता को उस व्यस्क्त क े रूप में पहचाना जो उक्त पासगि बुक करने आया था “(AWB 6098216305)|”

3. याक्रचकाकताग क े फाक्रज़ि अक्रधवक्ता श्री रमनीक क्रमश्रा ने प्रक्रतवाद क्रकया क्रक स्यूडोफ े क्रडर न क े वि एक क्रनयंक्रत्रत वस्तु है और इसक्रिए एनडीपीएस अक्रधक्रनयम की धारा 37 की कठोरता इस मामिे क े तथ्ों पर िार्ू नहीं होती है। वह प्रक्रतवाद करते हैं क्रक याक्रचकाकताग क े स्खिाफ एकमात्र सबूत क्रििेश सेन और क्रवनोद क्रसंह द्वारा क्रदए र्ए ज़मानत अज़ी 121/2021 पृष्ठ सं.[4] बयान हैं जो तूफान क्रसंह बनाम तक्रमिनाडु राज्य, (2013)16 एससीसी 31 क े फ ै सिे क े मद्देनज़र स्वीकायग नहीं हैं। उन्ोंनें कहा क्रक दो इंकशाफी बयानों क े अिावा अन्य एकमात्र दस्तावेज़ एनडीपीएस अक्रधक्रनयम की धारा 67 क े तहत याक्रचकाकताग का स्वैस्िक बयान है। उन्ोंनें कहा क्रक चाजगशीट दायर की र्ई है। वह प्रक्रतवाद करते हैं क्रक याक्रचकाकताग क े स्खिाफ कोई पूवगवृत्त नहींहैं। यह प्रस्तुत क्रकया र्या क्रक क्रनकट भक्रवष्य में मुकदमे क े समापन की कोई संभावना नहीं है और याक्रचकाकताग को ज़मानत पर ररहा क्रकया जाए।

4. दू सरी ओर, एनसीबी क े क्रिए उपस्स्थत हो रहे वररष्ठ स्थायी अक्रधवक्ता श्री सुभाष बंसि ने बताया क्रक याक्रचकाकताग ने पहिे क े अवसरों पर भी पासगि भेजे हैं। उन्ोंनें प्रक्रतवाद क्रकया क्रक 3.[8] क्रकिोग्राम क े स्यूडोफ े डीन को ज़ब्त कर क्रिया र्या है जो एक बडी मात्रा है। यह प्रक्रतवाद क्रकया र्या क्रक याक्रचकाकताग का उस र्क्रतक्रवक्रध में क्रिप्त होने की संभावना से इंकार नहींक्रकया जा सकता है। आर्े यह कहा र्या क्रक यक्रद ज़मानत को बढ़ाया र्या तो याक्रचकाकताग सबूत से छे डछाड कर सकता है।

5. याक्रचकाकताग क े फाक्रज़ि अक्रधवक्ता श्री रमनीक क्रमश्रा और एनसीबी क े क्रिए उपस्स्थत हो रहे वररष्ठ स्थायी अक्रधवक्ता श्री सुभाष बंसि को सुना र्या और दस्तावेज़ात का अविोकन क्रकया र्या|

6. स्यूडोफ े डरीन एक क्रनयंक्रत्रत वस्तु है और इसक्रिए याक्रचकाकताग क े फाक्रज़ि अक्रधवक्ता यह कहने में सही हैं क्रक एनडीपीएस अक्रधक्रनयम की धारा 37 की कठोरता वतगमान मामिे पर िार्ू नहीं होती। ज़मानत अज़ी 121/2021 पृष्ठ सं.[5] याक्रचकाकताग अब िर्भर् 4 महीनों से क्रहरासत में है। याक्रचकाकताग का कोई आपराक्रधक ररकाडग नहीं है। इस स्तर पर यह न्यायािय मामिे क े र्ुर्ार्ुर् पर जाने क े क्रिए इिु क नहीं है क्ोंक्रक यह पक्षर्र् पर प्रक्रतक ू ि प्रभाव डािेर्ा|

7. मामिे क े तथ्ों और पररस्स्थक्रतयों को ध्यान में रखते हुए यह न्यायािय क्रनम्नक्रिस्खत आधारों पर याक्रचकाकताग को ज़मानत देने क े क्रिए इिु क है:- (क) याक्रचकाकताग 1,00,000/- रुपये (क े वि एक िाख रुपये) की राक्रश का मुचिका समान राक्रश क े एक प्रक्रतभू क े साथ याक्रचकाकताग क े एक ररश्तेदार द्वारा क्रवचारर् न्यायािय की संतुक्रि पर देर्ा| ख) याक्रचकाकताग जााँच अक्रधकारी को अपना पासपोटग सौंपेर्ा| र्) याक्रचकाकताग जााँच अक्रधकारी को अपना मोबाइि नंबर अवश्य उपिब्ध कराएर्ा और क्रवचारर् क े दौरान याक्रचकाकताग को अपना मोबाइि नंबर कायागत्मक रखना होर्ा| घ) याक्रचकाकताग प्रत्येक सोमवार को जााँच अक्रधकारी को ररपोटग करेर्ा।

8. तदनुसार, उपयुगक्त शतों में याक्रचका को मंज़ूर क्रकया जाता है और उसका क्रनपटान क्रकया र्या है।

9. इस आदेश की एक प्रक्रत संबंक्रधत जेि अधीक्षक को और क्रवचारर् न्यायािय को सूचना और आवश्यक अनुपािन हेतु प्रेक्रषत की जानी चाक्रहए। ज़मानत अज़ी 121/2021 पृष्ठ सं.[6] न्या., सुभ्रमोणयम प्रसाद 26 फरवरी, 2021 राहुि (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अस्वीकरण: देशी भाषा में क्रनर्गय का अनुवाद मुकद्द ् मेबाज़ क े सीक्रमत प्रयोर् हेतु क्रकया र्या है ताक्रक वो अपनी भाषा में इसे समझ सक ें एवं यह क्रकसी अन्य प्रयोजन हेतु प्रयोर् नहीं क्रकया जाएर्ा |समस्त कायागियी एवं व्यावहाररक प्रयोजनों हेतु क्रनर्गय का अंग्रेज़ी स्वरूप ही अक्रभप्रमाक्रर्त माना जाएर्ा और कायागन्वयन तथा िार्ू क्रकए जाने हेतु उसे ही वरीयता दी जाएर्ी।