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Delhi High Court · 08 Mar 2021 · 2021:DHC:862
सुभ्रमोणयम प्रसाद
ज़भानत अज़ी 97/2021
2021:DHC:862
criminal petition_dismissed Significant

AI Summary

The Delhi High Court dismissed bail applications in a murder conspiracy case, emphasizing cautious judicial discretion and the strength of prima facie evidence in denying bail for heinous offenses.

Full Text
Translation output
2021:डीएचसी:862
ज़भानत अज़ी 97/2021 औय 101/2021 ऩृष्ठ सॊ. 1
दिल्ऱी उच्च न्यायाऱय : नई दिल्ऱी
ननणणम की नतथथ: 8 भाचण, 2021
+ ज़मानत अज़ी 97/2021
याघवेन्द्र ससॊह उर्
ण रयॊक
ू ....माथचकाकताण
द्वाया: श्री अननर क
ु भाय ससॊह अथधवक्ता
सह श्री अखिरेश ससॊह औय भुक
े श
ससॊह, अथधवक्ता
फनाभ
याज्म (या.या.ऺे. ददल्री) ....प्रत्मथी
द्वाया : याज्म की अनत.रो.असब. सुश्री क
ु सुभ
ढल्रा
और
+ ज़मानत अज़ी 101/2021
याघवेन्द्र ससॊह उर्
ण रयॊक
ू माथचकाकताण ....
द्वाया: श्री अननर क
ु भाय ससॊह अथधवक्ता
सह श्री अखिरेश ससॊह औय भुक
े श
ससॊह, अथधवक्ता
फनाभ
याज्म (या.या.ऺे. ददल्री) .....प्रत्मथी
द्वाया : याज्म की अनत.रो.असब. सु श्री क
ु सुभ
ढल्रा
2021:DHC:862
कोरम:
माननीय न्यायाधीश श्री सुभ्रमोणयम प्रसाि
आिेश
08.03.2021
JUDGMENT

1. ज़भानत अज़ी 97/2021 भें माथचकाकताण बा.द.सॊ. की धाया 34 सहऩदठत धाया 302/201/120फी क े तहत अऩयाधों क े सरए थाना ऩश्चचभ ववहाय, ऩश्चचभ, ददल्री भें दजण प्राथसभकी सॊ. 108/2019 ददनाॊक 08.03.2019 भें ज़भानत की भाॉग कयता है।

2. ज़भानत अज़ी 101/2021 भें माथचकाकताण बा.द.सॊ. की धाया 34 सहऩदठत धाया 302/201/380/411/120फी क े तहत अऩयाधों क े सरए थाना ऩश्चचभ ववहाय, ऩश्चचभ, ददल्री भें दजण प्राथसभकी सॊ. 109/2019 ददनाॊक 09.03.2019 भें ज़भानत की भाॉग कयता है। 08.03.2019 को एक भदहरा का शव सैय्मद गाॉव, नाॊगरोई क े गॊदे सीवय क े ऩास सभरा था। धाया 302/201 क े तहत प्राथसभकी दजण की गई थी।

3. असबरेि ऩय दस्तावेज़ात क े अवरोकन से ऩता चरता है कक 09.03.2021 को अथाणत् अगरे ही ददन, एक ऩुरुष का एक औय शव सैय्मद गाॉव, नाॊगरोई क े नारे क े ऩास ऩामा गमा था। शव सूटक े स भें ऩाए गए थे। जाॉच से ऩता चरा कक शव जागीय ससॊह औय गुयभीत कौय, ऩनत औय ऩत्नी क े थे। दोनों भाभरों भें भृत्मु ऩूवण भें गरा दफा कय दभ घुटने क े कायण हुई थी । भृतक दॊऩनत क े फच्चों अथाणत् हयश्जनय कौय उर् ण अॊजू, प्रदीऩ ससॊह औय भॊदीऩ ससॊह ने अऩनी फहन दववॊदय कौय उर् ण सोननमा औय उसक े प्रेभी वप्रॊस दीक्षऺत उर् ण ववक्रभ क े खिराप हत्मा का आयोऩ रगामा। दववॊदय कौय उर् ण सोननमा औय वप्रॊस दीक्षऺत उर् ण ववक्रभ का ऩता रगाने क े प्रमास ककए गए थे। उन्द्हें 10.03.2019 को थगयफ्ताय ककमा गमा था। ऐसा फतामा गमा कक उन्द्होंनें अऩयाध कफूर कय सरमा औय उन्द्हों नें इॊकशाप ककमा कक वे ऩीड़ितों की सॊऩवि ह़िऩना चाहते थे औय इससरए उन्द्होंने दववॊदय कौय उर् ण सोननमा क े भाता-वऩता अथाणत् गुयभीत कौय औय जागीय ससॊह को भायने की साश्जश यची। उन्द्होंनें इॊकशाप ककमा कक उन्द्हों नें ददवाकय औय महाॉ ऩय माथचकाकताण याघवेंर ससॊह उर् ण रयॊक ू क े साथ एक साश्जश यची औय गुयभीत कौय औय जागीय ससॊह की हत्मा कय दी। दववॊदय कौय उर् ण सोननमा औय वप्रॊस दीक्षऺत उर् ण ववक्रभ क े इॊकशापी फमान ऩय माथचकाकताण को 12.03.2019 को थगयफ्ताय ककमा गमा था।

4. माथचकाकताण रिनऊ से है। इकफासरमा फमान भें मह कहा गमा है कक वप्रॊस दीक्षऺत उर् ण ववक्रभ माथचकाकताण से गोभती नगय भें सभरा था औय उससे गुयभीत कौय औय जागीय ससॊह की हत्मा क े सरए भदद भाॉगी थी, श्जसक े सरए 50,000/- रुऩमे का वादा ककमा गमा था। माथचकाकताण ने स्वीकाय ककमा कक रारच फढ़ने की वजह से उसने वप्रॊस दीक्षऺत उर् े साथ गुयभीत कौय औय जागीय ससॊह की हत्मा को अॊजाभ ददमा। दोनों भाभरों भें आयोऩ-ऩत्र दामय ककमा गमा था। आयोऩ-ऩत्र क े अवरोकन से मह बी ऩता चरता है कक गुयभीत कौय की फासरमाॉ माथचकाकताण क े ननवास से फयाभद की गई थीॊ। गुयभीत कौय की फासरमों की ऩहचान भृत का क े फ़िे फेटे प्रदीऩ ससॊह द्वाया की गई। आयोऩ-ऩत्र भें मह बी कहा गमा कक सबी आयोवऩमों ने उस स्थान की ऩहचान की जहाॉ शवों को प ें का गमा था। आयोऩ-ऩत्र से मह बी ऩता चरता है कक दो सीसीटीवी प ु टेज ऩाए गए थे श्जसभें 02.03.2019 को वप्रॊस दीक्षऺत औय दववॊदय कौय उर् ण सोननमा को भोटयसाइककर ऩय सवायी कयते देिा गमा श्जसभें दोनों क े फीच भें एक सूटक े स था।

5. माथचकाकताण क े र्ाश्ज़र अथधवक्ता श्री अननर क ु भाय शभाण ने प्रनतववयोध ककमा कक माथचकाकताण 12.03.2019 से दहयासत भें है। माथचकाकताण क े र्ाश्ज़र अथधवक्ता ने प्रनतववयोध ककमा कक सीसीटीवी प ु टेज माथचकाकताण की उऩश्स्थनत नहीॊ ददिाता है। उन्द्होंनें फतामा कक सीसीटीवी प ु टेज से क े वर मही ऩता चरता है कक दववॊदय कौय औय वप्रॊस दीक्षऺत शव को रे कय जा यहे थे। उन्द्होंनें प्रनतववयोध ककमा कक गुयभीत कौय की फासरमों का उनक े घय से फयाभद होना माथचकाकताण को हत्मा क े अऩयाध से नहीॊ जो़ि ता है। वह ज़भानत अज़ी 27/2021 भें ददनाॊक 03.03.2021 क े आदेश ऩय ननबणय कय ते हैं जहाॉ सह- असबमुक्त ददवाकय ससॊह को इस न्द्मामारम द्वाया ज़भानत दी जा चुकी है।

6. इसक े ववऩयीत, याज्म की ओय से ऩेश हो यहीॊ अनत.रो.असब. सुश्री क ु सुभ ढल्रा ने कहा कक मह तथ्म कक सीसीटीवी प ु टेज माथचकाकताण की उऩश्स्थनत को नहीॊ दशाणता का मह भतरफ नहीॊ है कक माथचकाकताण सह-अऩयाधी नहीॊ था। वह फताती हैं कक जाॉच से ऩता चरता है कक माथचकाकताण औय वप्रॊस दीक्षऺत रिनऊ से हैं औय वप्रॊस दीक्षऺत ने माथचकाकताण को दॊऩनत को ित्भ कयने हेतु अऩयाध भें बाग रेने क े सरए ऩैसे ददए थे। पाश्ज़र अनत.रो.असब. ने मह दावा ककमा कक माथचकाकताण क े घय से भृतक गुयभीत कौय की फारी फयाभद की गई है। मह प्रनतववयोध ककमा गमा कक इस तथ्म क े साथ फासरमों की फयाभदगी कक माथचकाकताण औय वप्रॊस ददक्षऺत रगाताय एक दूसये से र्ोन ऩय सॊऩक ण भें थे औय माथचकाकताण औय वप्रॊस ददक्षऺत उर् े फीच 15 ददनों की अवथध भें रगबग 67 कॉर ककए गए मह सबी माथचकाकताण की अऩयाध भें बागीदायी को दशाणता है।

7. माथचकाकताण एक फुज़ुगण दॊऩवि की हत्मा क े जघन्द्म अऩयाध का आयोऩी है। सवोच्च न्द्मामारम द्वाया कई भाभरों भें ज़भानत देने क े भाऩदॊडों को ननधाणरयत ककमा गमा है। याभ गोववॊद उऩाध्माम फनाभ सुदशणन ससॊह, (2002) 3 एससीसी 598 भें सवोच्च न्द्मामारम ने उन कायकों को ननधाणरयत ककमा, जो ननम्नसरखित शतों भें ज़भानत देने क े अथधकाय क े प्रमोग का भागणदशणन अवचम कयेगा:- "3. ज़भानत देना मद्मवऩ एक वववेकाथधकाय आदेश है- ककन्द्तु, कपय बी, ऐसे वववेकाथधकाय का प्रमोग न्द्मामसॊगत तयीक े से कयने की आवचमकता है न कक अननवामण रूऩ से । ज़भानत का आदेश ककसी बी ठोस कायण क े अबाव भें वैध नहीॊ ठहयामा जा सकता है । हाराॊकक, मह दजण कयने की आवचमकता नहीॊ है कक ज़भानत देना अदारत द्वाया ननऩटाए जा यहे भाभरे क े प्रासॊथगक तथ्मों ऩय ननबणय कयता है, हाराॊकक, तथ्म हभेशा भाभ रा दय भाभरा ऩय सबन्द्न होते हैं । हाराॊकक, सभाज भें असबमुक्त को रोन ऩय ववचाय ककमा जा सकता है, रेककन मह ज़भानत देने क े भाभरे भें अऩने आऩ भें एक भागणदशणक कायक नहीॊ हो सकता है औय इसे ज़भानत प्रदान कयने का सभथणन कयने वारी अन्द्म ऩरयश्स्थनतमों क े साथ जो़िा जाना चादहए | अऩयाध का प्रकाय ज़भानत प्रदान कयने हेतु फुननमादी ववचायों भें से एक है- अऩयाध श्जतना जघन्द्म होगा से, ज़भानत नाभॊजूय होने की उतनी अथधक सॊबावना होगी, तथावऩ मह भाभरे क े वास्तववक ऩरयश्स्तथथमों ऩय ननबणय कयेगा।

4. उऩयोक्त क े अरावा, क ु छ अन्द्म ववचाय श्जन्द्हें प्रासॊथगक ठहयामा जा सकता है, ऩय इन ऩरयश्स्थनतमों भें ध्मान ददमा जा सकता है, हाराॊकक, वह क े वर उदाहयण हैं औय सॊऩूणण नहीॊ, औय न ही कोई अन्द्म हो सकता है। ववचाय हैं कक:- (क) ज़भानत देते सभम न्द्मामारम को न क े वर आयोऩों की प्रकृ नत को ध्मान भें यिना होता है फश्ल्क सज़ा की गॊबीयता को बी ध्मान भें यिना हो ता है, मदद आयोऩ से दोषससद्थध होती है औय साक्ष्म आयोऩों क े सभथणन भें है। (ि) साऺीगण को डयाने धभकाने की उथचत आशॊका मा सशकामतकताण क े सरए ितये की आशॊका को बी ज़भानत देने क े भाभरे भें न्द्मामारम को ववचाय कयना चादहए। (ग) मद्वऩ सॊदेह से ऩये असबमुक्त क े अऩयाध को ससद्ध कयने वारे ऩूये साक्ष्म क े होने की उम्भीद नहीॊ है ककॊ तु आयोऩ क े सभथणन भें न्द्मामारम को हभेशा प्रथभ दृष्टमा सॊतुश्ष्ट होनी चादहए। (घ) ज़भानत प्रदान कयने क े भाभरे भें असबमोजन भें ननयथणकता ऩय सदैव ध्मान ददमा जाना चादहए औय क े वर सव्मता क े तत्व ऩय ववचाय ककमा जाना चादहए औय असबमोजन की सव्मता क े फाये भें क ु छ सॊदेह होने ऩय, साभान्द्म ऩरयश्स्थनतमों भें, असबमुक्त ज़भानत क े आदेश का हकदाय है|” प्रसॊता क ु भाय सयकाय फनाभ आशीष चटजी, (2010) 14 एससीसी 496 भाभरे भें, सवोच्च न्द्मामारम ने मह दटऩण्णी की:- "9. हभाया ववचाय है कक आऺेवऩत आदेश स्ऩष्ट रूऩ से दटकने रामक नहीॊ है। मह अनतसाभान्द्म है कक मह न्द्मामारम, साभान्द्मत् से, उच्च न्द्मामारम द्वाया असबमुक्त को ज़भानत देने मा िारयज कयने क े आदेश भें हस्तऺेऩ नहीॊ कयता है। हाराॉकक, भुद्दे ऩय इस न्द्मामारम क े फहुत से ननणणमों भें ननधाणरयत भूर ससद्धाॊतों क े अनुऩारन भें वववेकऩूणण ढॊग से, सावधानीऩूवणक औय सख्ती से अऩने वववेक का प्रमोग कय ना उच्च न्द्मामारम का सभान रूऩ से कतणव्म है। मह सुस्थावऩत है कक, अन्द्म ऩरयश्स्थनतमों क े साथ साथ, ज़भानत क े सरए आवेदन ऩय ववचाय कयते सभम ध्मान भें यिे जाने वारे कायक हैं कक:- (i) क्मा कोई प्रथभ दृष्टमा मा मह ववचवास कयने क े सरए उथचत कायण है कक असबमुक्त ने अऩयाध ककमा है; (ii) आयोऩ की प्रकृ नत औय गॊबीयता; (iii) दोषससद्थध की दशा भें दॊड की गॊबीयता; (iv) ज़भानत ऩय रयहा ककए जाने ऩय, आयोऩी क े पयाय होने मा बाग जाने का ितया; (v) असबमुक्त का चरयत्र, व्मवहाय, साधन, सम्भान औय प्रनतष्ठा; (vi) अऩयाध की ऩुनयावृवि होने की सॊबावना; (vii) साऺीगण क े दफाव डोरने की मथोथचत आशॊका; औय (viii) ज़भानत सभरने से फेशक न्द्माम न सभरने का ितया।

10. मह स्ऩष्ट होता है कक मदद उच्च न्द्मामारम इन सुसॊगत ववचायों का उल्रेि नहीॊ कयता औय मॊत्र की तयह ज़भानत दे देता है तो उक्त आदेश भश्स्तष्क क े न इस्तेभार कयने क े दोष से ग्रस्त होगा जो इसे अवैध कयाय कय देगा| भदहऩार फनाभ याजेश क ु भाय, (2020) 2 एससीसी 118 भें सवोच्च न्द्मामारम ने ननम्न दटऩण्णी की:- “12. मह ननधाणरयत कयने भें कक क्मा कोई भाभरा ज़भानत देने क े सरए उऩमुक्त है, कई कायकों का सॊतुरन सश्म्भसरत होता है, श्जनभें अऩयाध की प्रकृ नत, दॊड की गॊबीयता औय प्रथभ दृष्टमा असबमुक्त क े सश्म्भसरत होने का दृश्ष्टकोण भहत्वऩूणण हैं । ज़भानत देने मा न देने क े सरए ककसी आवेदन का आकरन कयने क े सरए न्द्मामारमों क े ऩास कोई सीधा ननमभ भौजूद नहीॊ है। आकरन कयने क े चयण भें कक क्मा कोई भाभरा ज़भानत देने क े सरए उऩमुक्त है, न्द्मामारम को असबमुक्त द्वाया अऩयाध क े कयने को उथचत सॊदेह से ऩये स्थावऩत कयने क े सरए असबरेि ऩय भौजूद साक्ष्म का ववस्तृत ववचरेषण कयने की आवचमकता नहीॊ होती| मह ववचायण का ववषम है। हाराॉकक, न्द्मामारम को मह जाॉचने की आवचमकता है कक क्मा मह ववचवास कयने का प्रथभ दृष्टमा मा उथचत आधाय है कक असबमुक्त ने अऩयाध ककमा है औय शासभर ववचायों क े सॊतुरन ऩय असबमुक्त की ननयॊतय दहयासत आऩयाथधक न्द्माम प्रणारी क े उद्देचम भें सहामक है। जफ ननचरी अदारत द्वाया ज़भानत दी गई है, वहाॉ अऩीरीम न्द्मामारम को हस्तऺेऩ कयने भें सॊकोच कयना चादहए औय ज़भानत को अऩास्त कयने की शश्क्त क े प्रमोग क े सरए ननददणष्ट ससद्धाॊतों द्वाया भागणदसशणत होना चादहए|

8. माथचकाकताण क े घय से भृतक की फासरमाॉ फयाभद की गई हैं औय टीआईऩी ऩयेड भें उनकी ऩहचान की जा चुकी है। मह उसक े सरए ववचायण भें स्थावऩत कयने क े सरए है कक फासरमाॉ क ै से उसक े कब्ज़े भें आई, मह इस तथ्म क े साथ जु़िता है कक माथचकाकताण भुख्म असबमुक्त क े साथ सॊऩक ण भें था, वप्रॊस दीक्षऺत उर् ण ववक्रभ माथचकाकताण को अऩयाध क े साथ जो़िता है।

9. माथचकाकताण क े र्ाश्ज़र अथधवक्ता श्री अननर क ु भाय ससॊह ने ददनाॊक 03.03.2021 क े आदेश ऩय बायी ननबणयता यिी, जहाॉ सह-असबमुक्त, ददवाकय ससॊह, जो माथचकाकताण का चचेया बाई है, को इस न्द्मामारम द्वाया ज़भानत दी गई है। ददवाकय ससॊह को ज़भानत देते सभम इस न्द्मामारम ने मह ऩामा कक ददवाकय ससॊह माथचकाकताण क े साथ सॊऩक ण भें था औय न कक भुख्म आयोऩी वप्रॊस दीक्षऺत उर् े साथ, वतणभान भाभरे क े ववऩयीत, जहाॉ माथचकाकताण भुख्म आयोऩी वप्रॊस दीक्षऺत उर् ण ववक्रभ से रगाताय सॊऩक ण भें था जो कक असब कथथत तौय ऩय दववॊदय कौय उर् ण सोननमा का अवैध प्रेभी है। इस न्द्मामारम ने मह बी ऩामा कक ददवाकय क े ननवास से फयाभद भृतक क े पोन की ऩहचान नहीॊ की गई थी। वतणभान भाभरे भें भृतक की फारी े घय से सभरी है औय उसकी ऩहचान भृतक गुयभीत कौय क े फेटे ने की है। इससरए माची का भाभरा ददवाकय ससॊह क े भाभरे क े जैसा नहीॊ है।

10. श्स्थनत आख्मा फताती है कक माथचकाकताण औय भुख्म आयोऩी क े फीच कभ सभम भें रगबग 67 पोन कॉर हुई थी। े अथधवक्ता ने प्रनतववयोध ककमा कक माथचकाकताण औय वप्रॊस दीक्षऺत एक ही व्माऩाय भें काभ कयते थे औय चूॊकक वे एक दूसये को जानते हैं, वे एक दूसये से पोन ऩय फात कयते थे औय श्स्थनत आख्मा भें कहा गमा तथ्म गरत है कक रगबग 15 ददनों भें रगबग 67 पोन कॉर ककए गए थे। जैसा कक हो सकता है, मह न्द्मामारम ववसशष्टों भें जाने का इच्छ ु क नहीॊ है औय मह ध्मान देना ऩमाणप्त है कक माथचकाकताण अऩयाध कारयत कयने क े सभम भुख्म आयोऩी याजक ु भाय दीक्षऺत उर् ण ववक्रभ से ननमसभत सॊऩक ण भें था।

11. माथचकाकताण दोह यी हत्मा क े अऩयाध का अऩयाधी है| े कहने ऩय फयाभदथगमाॉ की गई औय उसक े फताने से फयाभद की गई वस्तु भृतक की है औय उन्द्हें भृतक क े फेटे द्वाया सही रूऩ से ऩहचाना गमा। माथचकाकताण भुख्म आयोऩी क े साथ रगाताय सॊऩक ण भें था। भाभरा प्रायॊसबक चयण भें है, आयोऩों को अबी तक तैमाय नहीॊ ककमा गमा है, न्द्माम से असबमुक्त क े बागने की सॊबावना मा साक्ष्म से छे़िछा़ि को इनकाय नहीॊ ककमा जा सकता है।

12. तदनुसाय, ज़भानत आवेदनों का ननऩटान ककमा जाता है। न्या., सुभ्रमोणयम प्रसाि 08 माचच, 2021 याहुर (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अस्वीकरण: देशी बाषा भें ननणणम का अनुवाद भुकद्दभेफाज़ क े सीसभत प्रमोग हेतु ककमा गमा है ताकक वो अऩनी बाषा भें इसे सभझ सक े एवॊ मह ककसी अन्द्म प्रमोजन हेतु प्रमोग नहीॊ ककमा जाएगा| सभस्त कामाणरमी एवॊ व्मावहारयक प्रमोजनों हेतु ननणणम का अॊग्रेज़ी स्वरूऩ ही असबप्रभाखणत भाना जाएगा औय कामाणन्द्वमन तथा रागू ककए जाने हेतु उसे ही वयीमता दी जाएगी|