Union of India v. Federation of Self Financed Ayurvedic Colleges Punjab & Ors.

Supreme Court of India · 20 Feb 2020
L. Nageswara Rao; Deepak Gupta
Civil Appeal No 603 of 2020 @ SLP (Civil) No 26267 of 2019
administrative appeal_dismissed Significant

AI Summary

The Supreme Court upheld the validity of NEET-based admission regulations for AYUSH courses under the Indian Medicine Central Council Act, 1970, dismissing challenges to the 2018 regulations while allowing limited relief for students admitted before specified dates.

Full Text
Translation output
अप्रति वेद्य
समक्ष भार ीय सव च्च न्यायालय
सिसविवल अपील अति कारिर ा
सिसविवल अपील संख्या 603/2020
एस.एल.पी.(सिसविवल) संख्या 26267/2019 से उत्पन्न
भार संघ ....अपीलार्थी# (गण)
बनाम

े डरेशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस्ड
आयुव2वि3क महाविवद्यालय पंजाब एवं अन्य .....प्रत्यर्थी# (गण)
सार्थी में
सिसविवल अपील सेख्या 589 वर्ष7 2020
(एस.एल.पी. (सिस0) संख्या 25464 वर्ष7 2019 से उत्पन्न)
रिरट याति9का (सिस0) संख्या 1395 वर्ष7 2019
रिरट याति9का (सिस0) संख्या 1461 वर्ष7 2019
सिसविवल अपील संख्या 602 वर्ष7 2020
(एस.एल.पी. (सिस0) संख्या 29172 वर्ष7 2019 से उत्पन्न)
सिसविवल अपील सेख्या 605 वर्ष7 2020
(एस.एल.पी. (सिस0) संख्या 29792 वर्ष7 2019 से उत्पन्न) mn~?kks"k.kk
Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA
सिसविवल अपील संख्या 606 वर्ष7 2020
(@एस.एल.पी. (सिस0) संख्या 2493 वर्ष7 2020 @ डायरी संख्या 18 वर्ष7 2020
सिसविवल अपील संख्या 607 वर्ष7 2020
(एस.एल.पी. (सिस0) संख्या 29 वर्ष7 2020 से उत्पन्न)
सिसविवल अपील संख्या 608 वर्ष7 2020
(@एस.एल.पी. (सिस0) संख्या 2494 वर्ष7 2020 @ डायरी संख्या 356 वर्ष7 2020
सिसविवल अपील संख्या 604 वर्ष7 2020
(एस.एल.पी. (सिस0) संख्या 26724 वर्ष7 2019 से उत्पन्न
सिसविवल अपील संख्या 609 वर्ष7 2020
(एस.एल.पी. (सिस0) संख्या 518 वर्ष7 2020 से उत्पन्न)
सिसविवल अपील संख्या 610 वर्ष7 2020
(एस.एल.पी. (सिस0) संख्या 1155 वर्ष7 2020 से उत्पन्न)
विन ण7 य
न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव
उपरोक्त अपील एवं रिरट याति9काओं में उत्पन्न सेंट्रल काउंसिसल ऑफ इण्ड़िBCयन मेतिडसिसन (क
ें द्रीय
कौंसिसल) एवं सेंट्रल काउंसिसल ऑफ होम्योपैर्थीी द्वारा जारी अति सू9ना की वै ा सिजसमें उसने
उक्त परीक्षा में स्ना क पाठ्यक्रम (बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस एवं बीए9एमएस) में
प्रवेश हे ु न्यून म अह7कारी अंक और अखिNल भार ीय राष्ट्रीय पात्र ा परीक्षा सह प्रवेश परीक्षा
(नीट) को विन ा7रिर विकया है। ये अति सू9नाएं सत्र 2019-20 से आयुर्ष स्ना क पाठ्यक्रम में
Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd
प्रवेश हे ु लागू होंगी। इसी प्रकार, उपरोक्त अपीलों में परास्ना क पाठ्यक्रमों में प्रवेश हे ु आयुर्ष
परास्ना क प्रवेश परीक्षा प्रारम्भ करने की अति सू9ना और न्यून म अह7कारी अंकों को विन ा7रिर
करने वै ा का प्रश्न भी उत्पन्न हो ा है।
JUDGMENT

2. आयुव23, योग, ने9ुरौपैर्थीी, यूनानी, सिसद्ध, सोवा, रिरग्प एवं होम्योपैर्थीी (आयुर्ष) मंत्रालय ने सभी राज्य सरकार संघशासिस प्र3ेशों एवं संबंति विवश्वविवद्यालयों को वि3शा-विन32श जारी विकया विक वे सभी संबंति राज्य सरकार की व 7मान आरक्षण नीति यों एवं विनयमों क े अनुरूप सत्र 2018- 19 में छात्रों को क ें द्रीय माध्यविमक शिशक्षा परिरर्ष[3] (सीबीएससी) द्वारा कराये गये नीट की वरीय ा सू9ी क े आ ार पर आयुर्ष स्ना क पाठ्यक्रमों में प्रवेश 3ें। स्ना क पाठ्यक्रम में न्यून म अह[7] अंक 50 परसेंटाइल विन ा7रिर विकया गया र्थीा। अनुसूति9 जाति अनुसूति9 जनजाति एवं अन्य विपछCा वग[7] हे ु न्यून म अह[7] अंक 40 परसेंटाइल विन ा7रिर विकया गया र्थीा। परसेंटाइल नीट की कॉमन मेरिरट सू9ी में प्राप्त अंकों क े आ ार पर य विकया जाएगा। सिजसक े उपरान् सेंट्रल कौंसिसल ने वि3नांक 07.12.2018 क े अति सू9ना द्वारा भार ीय और्ष क ें द्रीय कौंसिसल (भार ीय और्षति शिशक्षा में न्यून म मानक) संशो न विवविनयमन, 2018 (विवविनयमन, 2018 यर्थीा सं3र्भिभ ) पेश विकया। इण्ड़िBCयन मेतिडसिसन सेंट्रल काउंसिसल (भार ीय और्षति शिशक्षा में न्यून म मानक ) विवविनयमन, 1986 को विवविनयमन, 2018 द्वारा संशोति कर वि3या गया। विवविनयमन, 2018 का विनयम 2 (घ) यह उपबंति कर ा है विक प्रत्येक शैतिक्षक सत्र क े खिलए स्ना क पाठ्यक्रम में प्रवेश हे ु प्रत्येक संस्र्थीान क े खिलए एक एकीक ृ प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय पात्र ा प्रवेश परीक्षा (नीट) होगी सिजसे क ें द्रीय सरकार द्वारा मनोनी प्राति कारी कराएंगे। स्ना क पाठ्यक्रम में न्यून म अह[7] अंक 50 परसेंटाइल विन ा7रिर विकया गया है। अनुसूति9 जाति अनुसूति9 जनजाति एवं अन्य विपछCा वग[7] Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd हे ु न्यून म अह[7] अंक 40 परसेंटाइल विन ा7रिर विकया गया है। भार ीय और्ष हे ु क ें द्रीय कौंसिसल (आयुव2वि3क शिशक्षा में परास्ना क) विवविनयमन, 2016 में संशो न कर भार ीय और्ष हे ु सेंट्रल कौंसिसल (आयुव2वि3क शिशक्षा में परास्ना क) विवविनयमन, 2018 जारी विकया गया। स्ना क पाठ्यक्रम हे ु विवविह परीक्षा क े ज[7] पर क ें द्रीय प्रवेश परीक्षा (एआईए-पीजीईटी) को परास्ना क पाठ्यक्रम हे ु उक्त विवविनयमन पेश विकया गया। स्ना क पाठ्यक्रमों में प्रवेश हे ु नीट में न्यून म अंक एवं मान3BC विन ा7रिर कर े हुए गुरू रविव3ास आयुव2वि3क विवश्वविवद्यालय होशिशयारपुर, पंजाब ने बीएएमएस, बीए9एमएस और बीयूएमएस पाठ्यक्रमों हे ु वि3नांक 31.07.2019 को एक विववरण पुण्ड़िस् का पेश विकया। आयुर्ष महाविवद्यालयों क े प्रबं कों द्वारा 3ायर सिसविवल रिरट याति9का संख्या 23710/2019 में पंजाब एवं हरिरयाणा उच्च न्यायालय ने स्ना क पाठ्यक्रमों (बीएएमएस, बीए9एमएस, बीयूएमएस) में प्रवेश हे ु विबना इस बा पर जोर 3े े हुए विक छात्रों द्वारा नीट में न्यून म अह[7] अंक लाना आवश्यक है, एक अऩ् रिरम आ3ेश पारिर विकया। पंजाब एवं हरिरयाणा उच्च न्यायालय द्वारा अन्य रिरट याति9काओं समान आ3ेश पारिर विकया गया। आयुव2वि3क एवं होम्योपैशिर्थी महाविवद्यालयों द्वारा 3ायर सभी रिरट याति9काओं को पंजाब एवं हरिरयाणा उच्च न्यायालय ने वि3नांक 18.12.2019 क े विनण7य द्वारा Nारिरज कर वि3या। उक्त विनण7य से व्यशिर्थी महाविवद्यालयों एवं छात्रगणों ने हमारे समक्ष इन अपीलों को 3ायर विकया है। छात्रों द्वारा अन्य एसएलपी 3ायर की गयी हैं सिजसमें उन्होंने शैतिक्षक सत्र 2019-20 में स्ना क पाठ्यक्रम (बीएएमएस, बीयूएमएस एवं बीए9एमएस) में 3ाखिNले की मांग की है। विवविनयमन, 2018 द्वारा य पात्र ा मांन3BC अर्थीा7 नीट परीक्षा में न्यून म अह[7] अंक लाने की अविनवाय[7] ा पर जोर वि3ये विबना उच्च न्यायालय क े अन् रिरम आ3ेश क े आ ार पर छात्रों को संस्र्थीानों में प्रवेश Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd की अनुमति प्र3ान की। उच्च न्यायालय क े इस आ3ेश व्यशिर्थी सेंट्रल कौंसिसल ने भी क ु छ विवशेर्ष अनुमति याति9काएं 3ायर की हैं।

4. जैसा विक ऊपर उल्लेN विकया गया है विक जो विवर्षय हमारे विव9ार हे ु उत्पन्न हो ा है वह यह विक क्या स्ना क पाठ्यक्रमों (बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएसएमएस एव बीए9एमएस) र्थीा परास्ना क पाठ्यक्रम में प्रवेश की मांग कर रहे छात्रों को इस आ ार पर मना कर वि3या जाए विक उन्होंने नीट की परीक्षा में नहीं बैठे हैं और विवविनयमन, 2018 द्वारा विवविह न्यून म परसेंटाइल नहीं प्राप्त विकया है। एस.एल.पी. (सिस.) 29/2020 क े थ्यों को सं3र्भिभ करना सुविव ाजनक होगा सिजसको प्रमुN मामले क े ौर पर सिसविवल रिरट याति9का संख्या 23710/2019 (ओ एBC एम) में वि3नांक 18.12.2019 क े पंजाब एवं हरिरयाणा उच्च न्यायालय क े विवरूद्ध 3ायर विकया गया है।

5. उच्च न्यायालय में रिरट याति9का 3ायर करने वाले संस्र्थीानों की ओर से यह क 7 वि3या गया विक विवविनयमन, 2018 इण्ड़िBCयन मेतिडसन सेंट्रल काउंसिसल ऐक्ट, 1970 को अति कारा ी घोविर्ष कर ा है। यह क 7 वि3या गया विक नीट क े रूप में अखिNल भार ीय प्रवेश परीक्षा की शुरुआ करना अति विनयम की ारा 36 क े अन् ग[7] क ें द्रीय कौंसिसल क े विनयम बनाने की शविक्त क े प्राति कार से परे है। रिरट याति9काक ा7 द्वारा इस थ्य का सहारा खिलया गया विक एमबीबीएस एवं बीडीएस पाठ्यक्रम हे ु नीट परीक्षा को क े वल भार ीय ति9विकत्सा परिरर्ष[3] अति विनयम, 1956 एवं 3ं अति विनयम, 1948 क े प्राव ानों को संशोति करने क े उपरान् प्रारम्भ विकया गया। ारा 10 और 33 में विकये गये संशो नों और उक्त वर्भिण 3ोनों अति विनयमों में ारा 10-अ क े समावेशन का सं3भ[7] वि3या गया। यह क 7 प्रस् ु विकया गया विक अति विनयम क े प्राव ानों में संशो न हे ु समान प्रविक्रया क े अपनाए विबना, क ें द्रीय कौंसिसल को प्रवेश परीक्षाओं से संबंति Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd विवविनयमन बनाने की शविक्त प्र3ान कर े हुए क ें द्रीय कौंसिसल ने जल्3बाजी में विवविनयमन, 2018 को बनाया। उच्च न्यायालय ने शिशक्षण संस्र्थीानों द्वारा उठाये गये कm को नकार े हुए रिरट याति9काओं को Nारिरज कर वि3या और यह ारिर विकया विक अति विनयम द्वारा क ें द्रीय कौंसिसल को 3ी गयी शविक्त आक्षेविप विवविनयमन वि3नांक 07.12.2018 क े अ ीन र्थीी। शैतिक्षक सत्र 2019- 20 क े स्ना क पाठ्यक्रम में नीट में अनह[7] छात्रों क े प्रवेश को अपोर्षणीय पाया गया क्योंविक उनका प्रवेश विवविनमयन, 2018 क े विवरूद्ध र्थीा। उच्च न्यायालय ने अशिभविनण# विकया विक छात्र विकसी भी रह की साम्या का 3ावा नहीं कर सक े हैं क्योंविक सिजन अऩ् रिरम आ3ेश को आ ार बनाकर छात्रों को प्रवेश वि3या गया र्थीा, अपेतिक्ष है विक उनक े प्रवेश रिरट याति9काओं क े अण्ड़िन् म परिरणाम पर आ ारिर होगें।

6. संस्र्थीानों एवं छात्रों की ओर से यह क 7 प्रस् ु विकया गया विक विवविनयमन, 2018 अति विनयम को अति कारा ी घोविर्ष कर ा है। उक्त अति विनयम की ारा 36 क े ह अखिNल भार ीय प्रवेश परीक्षा को शाविमल करने संबं ी सेंट्रल कौंसिसल को विवविनयमन बनाने हे ु विकसी प्रकार की शविक्त नहीं प्र3ान की गयी है। यह मान े हुए विक विनयम बनाने की सामान्य शविक्त क े ह विवविनयमन बनाया गया, शैतिक्षक संस्र्थीानों और छात्रों की रफ से यह कर्थीन विकया गया विक विवविनयमन, 2018 अति विनयम की ारा 36 (1) क े उद्देश्यों क े विवरो में नहीं र्थीा। अपने कm क े समर्थी7न में भार ीय विवविनयमन बनाने से पूव[7] इण्ड़िBCयन मेतिडसिसन काउंसिसल ऐक्ट, 1956 एवं डेंविटस्ट ऐक्ट, 1948 में विकये गये संशो नों का सं3भ[7] वि3या गया सिजसक े ह स्ना क एवं परास्ना क पाठ्यक्रमों में प्रवेश हे ु अखिNल भार ीय परीक्षाओं को शाविमल विकया गया। छात्रों एवं संस्र्थीानों ने आगे यह कर्थीन विकया विक नीट की परीक्षा आयुव2वि3क पाठ्यक्रम क े खिलए नहीं है क्योंविक आयुर्ष पाठ्यक्रम एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रम से पूरी रह अलग है। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd

7. इसक े विवपरी क ें द्रीय कौंसिसल की ओर से विवद्वान अति रिरक्त सॉखिलसिसटर जनरल सुश्री पिंपकी आनं3 ने कर्थीन विकया विक विवविनयमन, 2018 पूरी रह से वै है क्योंविक इसको अति विनयम की ारा 36 क े ह सेंट्रल कौंसिसल को 3ी गयी शविक्त का वै रूप से प्रयोग कर बनाया गया है। सुश्री आनं3 ने कर्थीन विकया विक अति विनयम ारा 22, जो भार ीय और्ष में शिशक्षा क े न्यून म मानक से संबंति है, स्ना क पाठ्यक्रम में प्रवेश हे ु प्रवेश परीक्षा कराने की शविक्त को सण्ड़िम्मखिल है। सुश्री आनं3 ने कर्थीन विकया विक क ें द्रीय कौंसिसल विवविनयमन बनाने की शविक्त से विनरावृ नहीं है क्योंविक अति विनयम की ारा 36 परिरर्ष[3] को यह अति कार प्र3ान कर ी है विक वे अति विनयम क े सामान्य उद्देश्यों की पूर्ति हे ु विनयम बनाए। उन्होंने जोर वि3या विक स्ना क पाठ्यक्रम (बीएएमएस, बीएसएमएस, बीयूएमएस, बीए9एमएस) में न्यून म अह[7] परसेंटाइल शिशक्षा क े न्यून म मानक को बनाये रNने क े खिलए अपेतिक्ष है। उन्होंने क 7 वि3या विक प्रोफ े सनल पाठ्यक्रमों में सामान्य मानकों को विवस् ृ अध्ययन क े आ ार पर य विकया जा ा है और ऐसा विनण7य विक ना शुद्ध है यह न्यायालय क े ज्ञान से परे हो ी है।

8. यहां पर इण्ड़िBCयन मेतिडसन सेंट्रल काउंसिसल ऐक्ट, 1970 का सं3भ[7] 3ेना उपयुक्त होगा। अति विनयम की ारा 22 सेंट्रल कौंसिसल को शविक्त प्र3ान कर ी है विक वे भार ीय और्ष शिशक्षा में न्यून म मानक को विवविह करे जो भार में विवश्वविवद्यालययों, परिरर्ष3ों अर्थीवा संस्र्थीानों द्वारा मान्य ाप्राप्त ति9विकत्सकीय योग्य ा प्र3ान करने हे ु अपेतिक्ष है। ारा 36 उपबंति कर ा है विक सेंट्रल कौंसिसल भार सरकार की पूव[7] सहमति से अति विनयम क े उद्देश्यों की सामान्य या पूर्ति हे ु विवविनयमन बना सक ा है। ारा 36 (i), (j), (k) ), (j), (k) ), (k) ) इस प्रकार हैः- “(i), (j), (k) ). विकसी भी विवश्वविवद्यालय, बोड[7] या मेतिडकल संस्र्थीानों में मान्य ाप्राप्त ति9विकत्सकीय योग्य ा प्र3ान करने क े खिलए पाठ्यक्रमों, अध्ययन अवति और Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd प्रायोविगक प्रशिशक्षण का शुरू विकया जाना, उसमें परीक्षा क े विवर्षय और गुणवत्ता मानक प्राप्त विकया जाना (j), (k) ). भार ीय और्षति में शिशक्षा हे ु मानक स्टॉफ, उपकरण, आवास एवं प्रशिशक्षण। (k) ). प्रोफ े शनल परीक्षाओं को कराने, परीक्षक की योग्य ाएं एवं ऐसी परीक्षाओं में प्रवेश हे ु श t। (p). इस अति विनयम क े प्राव ानों क े अन् ग[7] विकसी विवर्षय पर विवविनयमन बनाया जा सक ा है।

9. हम छात्रों एवं संस्र्थीानों की रफ से वि3ये गये कm से सहम हैं विक अखिNल भार ीय प्रवेश परीक्षा का समावेशन अति विनयम की ारा 36 (i), (j), (k) ), (j), (k) ), (k) ) से आच्छावि3 नहीं होगी। हालांविक ारा 36 (p) कह ी है विक अति विनयम क े अन् ग[7] विवविनयमन द्वारा विकसी भी विवर्षय पर प्राव ान बनाये जा सक े हैं। इस विवर्षय पर विव9ार करने क े उपरान् हमारी राय यह है विक ारा 22 भार ीय और्ष में शिशक्षा क े न्यून म मानक से संबंति है जो अखिNल भार ीय एकीक ृ प्रवेश परीक्षा क े विवर्षयों को आच्छावि3 कर ी है। हमारा यह दृविष्टकोण इस न्यायालय द्वारा पारिर वेटनरी काउंसिसल ऑफ इण्ड़िBCया बनाम इण्ड़िBCयन काउँसिसल ऑफ एग्रीकल्9र रिरस97 (2002) 1 एस.सी.सी. 750 से समर्भिर्थी है। वेटनरी काउंसिसल ऑफ इण्ड़िBCया अति विनयम की ारा 22 की ुलना इण्ड़िBCयन काउंसिसल ऑफ मेतिडसन अति विनयम से नहीं विकया जा सक ा है। अखिNल भार ीय एकीक ृ प्रवेश परीक्षा को वेटनरी काउंसिसल ऑफ इण्ड़िBCया अ ीन बनाये गये विवविनयमन द्वारा सन् 1933 में समाविह विकया गया और उसक े अनुसरण में शैतिक्षक सत्र 1995-1996 से एक प्रवेश परीक्षा करायी गयी। विवविनयमन से संबंति विववा3 को इस न्यायालय द्वारा सुलझा खिलया गया और यह कहा गया विक वेटनरी काउंसिसल ऑफ इण्ड़िBCया विवविनयमन बनाने क े खिलए प्राति क ृ है Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd वेटनरी शिशक्षा क े खिलए मानक य कर सक ी है और ऐसी शविक्त में प्रवेश 3ेने और वेटनरी योग्या ाओं संबं ी शविक्त शाविमल है। इस न्यायलय ने अवलोकन विकया विक प्रवेश संबं ी विवविनयमन बनाने क े ऐसे प्राति कार शिशक्षा की गुणवत्ता को बनाये रNने क े खिलए आवश्यक हैं। यह मामला वेटनरी काउंसिसल ऑफ इण्ड़िBCया (उपरोक्त) इस न्यायालय द्वारा अशिभविनण# विवति पूरी रह से आच्छावि3 हो ा है, अ ः हमारा मानना है विक विवविनयमन, 2018 अति विनयम से अति कारा ी नहीं है।

10. शैक्षशिणक सत्र 2019-2020 हे ु स्ना क पाठ्यक्रम में प्रवेश की अण्ड़िन् म ति शिर्थी 15 अक्टूबर 2019 एवं परास्ना क पाठ्यक्रम में 31 अक्टूबर 2020 र्थीी। छात्रों एवं संस्र्थीानों द्वारा उठाये गये कm में से एक क 7 यह र्थीा विक आयुव2वि3क, यूनानी, होम्योपैशिर्थीक पाठ्यक्रमों की प्रर्थीम वर्ष[7] की काफी संख्या में सीटें Nाली रह गयीं। विवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता श्री पी. एस. पटवाखिलया ने उ3ाहरण 3ेकर कहा विक गुरू रविव3ास आयुव2वि3क विवश्वविवद्यालय में बीएएमएस प्रर्थीम वर्ष[7] पाठ्यक्रम में प्रवेश हे ु 540 सीटें र्थीीं। वि3नांक 25.06.2019 को हुई अखिNल भार ीय काउंसलिंलग में क े वल 27 सीटों को भरा जा सका। द्व ीय काउंसलिंलग जो 24.07.2019 को हुई उसमें क े वल 28 अभ्यर्भिर्थीयों को पात्र पाया गया। राज्य काउंसिसल में 540 सीटों में से 320 Nाली रह गयीं। पंजाब एवं हरिरयाणा उच्च न्यायालय द्वारा पारिर अन् रिरम आ3ेश क े आ ार पर नीट प्रमाण पत्र क े विबना ही प्रवेश वि3या गया और इस प्रविकया में 275 सीटें भरी गयीं।

11. अन्य राज्यों क े संस्र्थीानों एवं छात्रों द्वारा यही कर्थीन विकया गया विक यवि3 नीट में न्यून म अह7कारी अंको पर जोर वि3या जाएगा ो शैक्षशिणक सत्र 2018-2020 में स्ना क पाठ्यक्रम में बCी संख्या में सीटें Nाली रह जाएंगी। छात्रों की ओर से विवद्वान अति वक्ता द्वारा जोर3ार अशिभव9न विकया गया विक उनको प्रवेश की अनुमति प्र3ान की जानी 9ाविहए क्योंविक इस बा को Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd बा को पहले ही मान खिलया है और यवि3 उनका प्रवेश विनरस् विकया जा ा है ो वे इन मूल्यवान वर्ष[7] को गँवा 3ेगें। उनक े द्वारा Nाली की गयी सीटें विकसी भी अवसर पर नहीं भरी जा सक ी हैं। शैक्षशिणक सत्र 2019-2020 हे ु स्ना क पाठ्यक्रम में प्रवेश हे ु न्यून म अह[7] ा का क ें द्रीय काउंसिसल और भार संघ द्वारा जोर3ार ब9ाव विकया गया और यह कर्थीन विकया गया विक आयुर्ष पाठ्यक्रमों में भी न्यून म अह7कारी अंकों को भी नहीं घटाया जा सक ा है। हम इस बा से सहम है विक आयुव2वि3क, यूनानी और होम्योपैशिर्थीक ति9विकत्सक भी मरीजों का इलाज कर े हैं और शैतिक्षक मानकों में कमी क े परिरणामस्वरूप अ 7 प्रशिशक्षण प्राप्त ति9विकत्सक को प्रोफ े शनल महाविवद्यालयों से बाहर कर वि3या गया है। आयुर्ष में स्ना क हे ु योग्य अभ्यर्भिर्थीयों की अनउपलब् ा का यह कारण नहीं हो सक ा विक प्रवेश हे ु क ें द्रीय काउंसिसल द्वारा य मानकों को घटाया जाए। विफर भी, उच्च न्यायालय द्वारा पारिर अन् रिरम आ3ेश क े बल पर शैक्षशिणक सत्र 2019-2020 क े खिलए आयुर्ष स्ना क में छात्रों की बCी संख्या में प्रवेश को ध्यान में रN े हुए हम विन32श जारी कर े हैं विक छात्रों का प्रवेश अनुज्ञा विकया जा सक ा है बश 2 उनका प्रवेश वि3नांक 15 अक्टूबर 2019 से पहले हुआ हो। उक्त आ3ेश उन छात्रों क े खिलए भी लागू होगा सिजन छात्रों ने परास्ना क पाठ्यक्रम में 31 अक्टूबर 2019 से पहले प्रवेश पाया है। यह क े वल इसी बार क े खिलए है सिजसको विवशेर्ष परिरण्ड़िस्र्थीति यों क े आ ार पर अनुज्ञा विकया गया है। अ ः इस आ3ेश का नज़ीर क े ौर पर इस् ेमाल नहीं होगा।

13. होम्योपैशिर्थीक पाठ्यक्रम से संबंति अति सू9ना वि3नांक 14.12.2018 आयुर्ष पाठ्यक्रम क े समान है। होम्योपैशिर्थीक महाविवद्यालयों की रफ से यह क 7 वि3या गया विक होम्योपैर्थीी सेंट्रल कौंसिसल ऐक्ट, 1973 की ारा 20(2) में विवविह प्रविक्रया का विवविनयमन में विकये गये संशो नों से पूव[7] अनुसरण नहीं विकया गया। समय की कमी क े 9ल े अति विनयमन, 1973 क े अन् ग[7] Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd विवविनयमन बनाने हे ु विवविह प्रविक्रया क े पालन न विकये जाने संबं ी थ्यात्मक ण्ड़िस्र्थीति स्पष्ट कर े हुए क ें द्रीय कौंसिसल ऑफ होम्योपैर्थीी या भार संघ द्वारा जवाब 3ाखिNल नहीं विकया गया। इस आ ार पर हम रिरट या9ी द्वारा रिरट याति9का (सिस.) संख्या 1461/2019 में उठाये गये विववाद्यों को विनण# करने की 3शा में नहीं हैं। हम इसे रिरट याति9काक ा7ओं पर छोC े हैं विक वे उति9 समझ े हैं ो इस विवर्षय को उच्च न्यायालय क े समक्ष उठायें। हमारे द्वारा पारिर आ3ेश क े आ3ेश, सिजसमें हमने छात्रों को उनकी पढ़ाई जारी रNना अनुज्ञा विकया र्थीा, क े आ ार पर अपीलार्भिर्थीयों द्वारा प्रस् ु अनेक कर्थीनों को सुलझाने की आवश्यक ा नहीं है।

14. उपरोक्त वर्भिण अवलोकनों क े आ ार पर सभी अपीलें एवं रिरट याति9काओं को विनस् ारिर विकया जा ा है।.................................. [माननीय न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव].................................. [माननीय न्यायमूर्ति 3ीपक गुप्ता] नई वि3ल्ली, 20 फरवरी, 2020 Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd