Full Text
सव च्च न्यायालय क
े समक्ष
सिसविवल अपीलीय अति कार
सिसविवल अपील सं. 3890/2010
मेसस अव शुगर विमल्स लिलविमटेड ... अपीलार्थी#
बनाम
भार संघ और अन्य ...प्रत्यर्थी#
क
े सार्थी
दीवानी अपील सं. 3891/2010
विनर्णय
न्यायमूर्ति आर. शुभाष रेड्डी,
JUDGMENT
1. ये दीवानी अपील याति1काक ा द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद, लखनऊ बें1, लखनऊ क े समीक्षा याति1का सं. 253/2006 में पारिर विनर्णय और आदेश विदनांविक 18. 07. 2006 और अगला आदेश vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA विदनांविक 11. 09. 2007 से व्यथिर्थी होकर रिरट याति1का सं. 6732/1986 दायर की गई है, उपरोक्त आदेशों क े अनुसार, उच्च न्यायालय ने अपीलक ा द्वारा दायर रिरट याति1का और समीक्षा याति1का को क्रमशः खारिरज कर विदया है।
2. अपीलक ा एक सावजविनक लिलविमटेड क ं पनी है, सिजसका नाम अव शुगर विमल्स लिलविमटेड है, जो उत्तर प्रदेश राज्य क े, सिजला सी ापुर क े हरगांव में स्थिJर्थी है। अपीलक ा क ं पनी नें भार क े संविव ान क े अनुच्छेद 226 क े ह उच्च न्यायालय क े अति कार क्षेत्र का आह्वान कर े हुए विनम्नलिललिख राह की मांग विकया है: (i) 1ीनी (1984-85 उत्पादन क े लिलए मूल्य विन ारर्ण) आदेश, 1984 और 1ीनी (1985-86 उत्पादन क े लिलए मूल्य विन ारर्ण) आदेश, 1985 क े प्रयोजनों क े लिलए याति1काक ाओं क े पूव# यूपी जोन में स्थिJर्थी 1ीनी कारखाने को लगाने क े लिलए विवपरी पक्षों को विनदQश देने वाले परमादेश को आदेश या विनदQश की प्रक ृ ति में एक रिरट जारी करक े; (ii) 1ीनी (1984-85 उत्पादन क े लिलए मूल्य विन ारर्ण) आदेश, 1984 और 1985-86 उत्पादन क े लिलए 1ीनी मूल्य विन ारर्ण) आदेश, 1985 क े ह याति1काक ाओं क े पूव# यूपी जोन में स्थिJर्थी 1ीनी कारखाने को लगाने क े लिलए विवपरी पक्षों को 1ीनी कारखाने में उपयोग क े लिलए Jवीकाय लेवी 1ीनी क े मूल्यों को अनुम ी प्रदान करने का विनदQश देने वाले परमादेश को आदेश या विनदQश की प्रक ृ ति में एक रिरट जारी करक े और विवपरी पक्षों को सिजला सी ापुर क े अन्य 1ीनी कारखानों क े सार्थी याति1काक ाओं क े 1ीनी कारखाने को आगे जारी रखने का विनदQश देना आैर उत्तर vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd प्रदेश पूव# क्षेत्र में 1ीनी कारखानों क े लिलए लागू मूल्य क े अनुसार याति1काक ाओं को लेवी 1ीनी की कीम का भुग ान करने क े लिलए विवपरी पक्षों को विनदQश दे सक े है। (iii) आवश्यक वJ ु अति विनयम, 1955 की ारा 3 (2) (1) और ारा 3 (3 ग) को भार क े संविव ान क े अनुच्छेद 14 और 19 (1) (छ) को अति कार से परे क े रूप में घोविष करें; (iv) कोई अन्य रिरट आदेश या विनदQश जारी करना, जैसा विक मामले की प्रक ृ ति वारंट क े अनुरूप हो सक ी है। (v) याति1काक ाओं क े पक्ष में एक दर्थी अं रिरम आदेश जारी करना; (vi) मामले की लाग याति1काक ाआें को अति विनर्णिर्ण करें. ”
3. 1ूंविक अपीलक ा ने आवश्यक वJ ु अति विनयम, 1955 की ारा 3 (2) (एफ) और 3 (3 सी) की वै ा पर मांगी गई घोषर्णा पर राह क े लिलए दबाव नहीं डाला, इसलिलए उच्च न्यायालय को इसको इस रह से नही लिलया जाना 1ाविहए।
4. पेराई वष 1984-85 और 1985-86 क े लिलए अपीलक ा 1ीनी विमल को लेवी 1ीनी क े लिलए मूल्य विन ारर्ण क े उद्देश्य से क ें द्रीय जोन में रखा गया र्थीा। मुख्य रूप से, यह अपीलक ा का मामला र्थीा विक सी ापुर सिजले में 1ीनी विमलों की भौगोलिलक और जलवायु स्थिJर्थीति यां, इसी रह क े अन्य 1ीनी कारखानों जैसे सेसरिरया विबसवान शुगर फ ै क्ट्री लिलविमटेड, सिजला सी ापुर और विकसान सहकरी ति1न विमल्स लिलविमटेड महमूदाबाद vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd (अव ), सिजला सी ापुर क े समान हैं। उसी क े बावजूद, इन दो कारखानों को पूव# क्षेत्र में शाविमल विकया गया र्थीा, जबविक पेराइ वष 1984-85 और 1985-86 क े लिलए लेवी 1ीनी मूल्य क े विन ारर्ण क े उद्देश्य से अपीलक ा कारखाने क े सार्थी भेदभाव विकया गया र्थीा और क ें द्रीय जोन में ही रखा गया र्थीा।
5. दोनों पक्षों की ओर से प्रJ ु प्रJ ुति यों और अथिभलेख की अन्य सामग्री पर विव1ार करने से, उच्च न्यायालय ने यह पाया विक उक्त विनर्णय एक नीति ग विनर्णय र्थीा, सिजसने क ें द्र सरकार को एक उति1 वग#करर्ण करने की अनुमति दी र्थीी और विकसी भी मामले की अनुपस्थिJर्थीति में मनमानी या शत्रु ापूर्ण भेदभाव से बाहर, अपीलक ा द्वारा दायर रिरट याति1का को खारिरज कर विदया।
6. हमने अपीलक ा की आेर से प्रJ ु विवद्व वरिरष्ठ अति वक्ता श्री वी. शेखर और प्रत्यर्थी#यों की आेर से प्रJ ु विवद्व वरिरष्ठ अति वक्ता सुश्री विबनू टविमटा को सुना है और अथिभलेख पर रखे आक्षेविप आदेश और अन्य सामग्री का अवलोकन विकया है।
7. क्षेत्र में 1ीनी क े विनमा ाओं को उनक े समग्र उत्पादन और विनवेश पर एक उति1 रिरटन सुविनतिb करने क े इरादे से एक क्षेत्र क े लिलए लेवी 1ीनी की कीम य की जा ी है, बश Q विक इकाइयां आर्णिर्थीक और क ु शल रीक े से 1ल रही हों। आवश्यक वJ ु अति विनयम, 1955 क े प्राव ानों vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd क े ह कवर विकए गए प्रासंविगक समय क े दौरान 1ीनी एक विनयंवित्र वJ ु र्थीी। क ु छ मात्रा में 1ीनी को लेवी 1ीनी कहा जा ा है, सिजसे सरकार द्वारा विन ारिर मूल्य पर सरकार को आपूर्ति की जानी र्थीी और उसमें से ब1े 1ीनी को लेवी मुक्त 1ीनी कहा जा ा र्थीा, सिजसे खुले बाजार में बे1ा जा सक ा र्थीा। लेवी 1ीनी की कीम आवश्यक वJ ु अति विनयम क े ह बनाए गए विनयंत्रर्ण आदेश क े आ ार पर य की गई र्थीी। लेवी 1ीनी का मूल्य क ें द्र सरकार द्वारा विन ारिर विकया गया र्थीा, सिजसमें विवशेषज्ञ विनकाय द्वारा ैयार विकए गए और अनुशंसिस बुविनयादी-लाग अनुसूति1यों क े आ ार सविह विवथिभन्न कारकों को ध्यान में रख े हुए य विकया गया है। जैसा विक प्रत्यर्थी#यों क े रुख से Jपष्ट है विक ऐसा प्र ी हो ा है विक जोनल पैटन क े संबं में औद्योविगक लाग और मूल्य ब्यूरो (BICP) ) की सवQक्षर्ण रिरपोट भार सरकार द्वारा संग नहीं पाई गई र्थीी और इसे लागू नहीं विकया गया र्थीा। अपीलक ा ने विबसवान और महमूदबाद में 1ीनी कारखानों क े सार्थी समान ा का दावा विकया है, लेविकन ऐसी इकाइयों को राज्य सरकार और BICP) द्वारा घोविष योग्य ा क े आ ार पर पूव# क्षेत्र में Jर्थीानां रिर कर विदया गया र्थीा और लेवी की कीम ें ज़ोन क े लिलए य की गई हैं न विक प्रत्येक कारखाने क े लिलए। जोन भी राजJव सिजलों क े अनुसार नहीं र्थीे। क े वल इसलिलए विक क ें द्रीय क्षेत्र और पूव# क्षेत्र में मूल्य में अं र है, अपीलक ा दावा नहीं कर सक ा है, सही रूप में, इसकी इकाई को संबंति वषl क े दौरान क ें द्रीय जोन क े बजाय पूव# जोन में रखा जाना र्थीा। रिरट याति1का में आक्षेविप vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd आदेश विवशेषज्ञों द्वारा गहन अध्ययन पर आ ारिर र्थीे। वै ाविनक शविक्त क े प्रयोग में क ें द्र सरकार द्वारा विदए गए विनष्कषl को या ो भेदभावपूर्ण या अनुति1 नहीं कहा जा सक ा है। अब क विबसवान और महमूदबाद में 1ीनी इकाइयों का संबं है, उन्हें राज्य द्वारा घोविष योग्य ा क े आ ार पर पूव# क्षेत्र में Jर्थीानां रिर कर विदया गया र्थीा। जब राजJव सिजले जोनल तिडवीजन क े लिलए सीमाएं नहीं हैं, ो अपीलक ा क े वल इस आ ार पर अन्य इकाइयों क े सार्थी समान ा का दावा नहीं कर सक ा है विक सभी इकाइयां सी ापुर सिजले में स्थिJर्थी हैं। अपीलक ा इकाई क े संबं में भी, समय की कमी क े बाद इसे पूव# क्षेत्र में रखना संग माना गया और हमें सूति1 विकया गया विक इसे पूव# क्षेत्र में रखा गया र्थीा। जैसा विक अपीलक ा विकसी भी गैरकानूनी भेदभाव और वै ाविनक उल्लंघन को प्रदर्णिश करने में विवफल रहा है, क े वल इस आ ार पर विक सी ापुर सिजले की अन्य इकाइयों को पूव# क्षेत्र में Jर्थीानां रिर कर विदया गया र्थीा और संबंति पेराई वषl क े लिलए अपीलक ा क े प्रति विनति त्व को आगे नहीं बढाया गया, अ ः हJ क्षेप क े लिलए कोई आ ार नहीं है। हमें इस दलील को Jवीकार करने क े लिलए राजी नहीं है विक उत्तर प्रदेश क े पूव# क्षेत्र में सी ापुर सिजले में क ें द्रीय क्षेत्र और अन्य इकाइयों में अपीलक ा इकाई को रखकर अपीलक ा क े सार्थी भेदभाव विकया गया र्थीा। दो अलग- अलग क्षेत्रों में अपीलक ा क े कारखाने को दो अलग -अलग समय पर रखने में क ें द्र सरकार की कारवाई में कोइ भेदभाव नहीं है। विवशेषज्ञ की रिरपोटl को ध्यान में रखकर सरकार की सं ुविष्ट क े अ ीन समय -समय vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd पर नीति ग विनर्णय लिलया गया। प्रत्यर्थी#यों का यह भी मामला है विक नवंबर, 1980 में घोविष सरकार की प्रोत्साहन योजना क े अनुसार, महमूदबाद में कारखाने को सामान्य कोटा पर बहु अति क मुक्त विबक्री 1ीनी में Jर्थीाविप विकया गया र्थीा। 1984-85 और 1985-86 क े पेराई वषl क े दौरान, नीति की घोषर्णा करने से पहले और क्षेत्रों क े विन ारर्ण क े लिलए कई प्रासंविगक कारकों पर विव1ार विकया गया र्थीा। उपयुक्त कारर्णों क े लिलए, हमें उच्च न्यायालय क े विदनांक 18. 07. 2006 क े आक्षेविप आदेश में रिरट याति1का को खारिरज करने आैर आगे क े विदनांविक 11. 09. 2007 आदेश क े ह समीक्षा याति1का सं. 253/ 2006 को खारिरज करने में कोई अवै ा नहीं विमली है, उच्च न्यायालय ने सामग्री पर विवJ ार से विव1ार विकया है और सही विनष्कषl को दज करक े अपीलक ा की याति1का को खारिरज कर विदया है। अथिभलेलिख विकए गए ऐसे विनष्कषl और ऊपर उसिल्ललिख अन्य कारर्णों क े मद्देनजर, हमें इन अपीलों में कोई योग्य ा नहीं विमल ी है ाविक इसमें हJ क्षेप विकया जा सक े । दनुसार, इन अपीलों को लाग क े रूप में विबना विकसी आदेश क े सार्थी खारिरज कर विदया जा ा है।
8. इस न्यायालय द्वारा पारिर अं रिरम आदेशों क े अनुसार, मांग की गई राथिश का 50% रसिजJट्री में अपीलक ा द्वारा जमा विकया जा ा है और शेष 50% बैंक गारंटी प्रJ ु की जा ी है। हम प्रत्यर्थी#-सरकार, जमा vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd द्वारा कवर की गई ऐसी राथिश को वापस लेने क े सार्थी-सार्थी बैंक गारंटी और अर्जिज ब्याज को अनुमति दे े हैं।................................................ (न्यायमूर्ति मोहन एम. शां ानागौदर)....................................... (न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी) नई विदल्ली; 07 फरवरी, 2020 vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd