ऐऩीएस पॉयेक्स सर्र्विसेज प्राइर्वेट लर. v. शक्क्त अॊतयािष्ट्रीम प

Supreme Court of India · 14 Feb 2020
अशोक बूषण; एभ.आय. शाह
पौज़दारी अऩीऱ संख्या 271/2020
criminal appeal_dismissed Significant

AI Summary

The Supreme Court upheld the conviction under Section 138 NI Act, affirming that the statutory presumption of liability on cheque dishonor stands unless convincingly rebutted by the drawer.

Full Text
Translation output
प्रतिवेद्य
बायतीम सर्वोच्च न्मामारम
पौज़दायी अऩीरीम अधधकारयता
पौज़दारी अऩीऱ संख्या नं. 271/2020
ऐऩीएस पॉयेक्स सर्र्विसेज प्राइर्वेट लर. ........अऩीराथी (गण)
फनाभ
शक्क्त अॊतयािष्ट्रीम प
ै शन लरॊकसि एर्वॊ अन्म …………. प्रत्मथी (गण) सहहत
पौज़दारी अऩीऱ संख्या 272/2020
तनर्णय
न्यायाधीश, एम. आर. शाह
पौज़दारी अऩीऱ संख्या271/2020
हदनाॊक 20.04.2018 क
े उस आऺेर्ऩत ननणिम औयआदेश से व्मधथत औय
असॊतुष्ट्ट भहसूस कयते हुए क्जसे हदल्री क
े उच्च न्मामारम ने फ़ौजदायी अनुभनत
माधचका सॊख्मा 258- 2018 भें ऩारयत ककमा था क्जसक
े द्र्वायाउच्च न्मामारम ने
उक्त अऩीर की अनुभनत माधचका यद्द कय दी जो कक भूर अलबमुक्त- जो कक
महाॉ प्रत्मथी हैं को ऩयक्राम्म लरखत अधधननमभ (सॊक्षऺप्त भें एन. आई. अधधननमभ)
की धाया 138 क
े अॊतगित अऩयाध क
े लरए फयी कयने र्वारे र्र्वद्र्वान र्र्वचायण
न्मामारम क
े ननणिम औय फयी क
े आदेश को चुनौती दे यही थी औय क्जससे कक
र्र्वद्र्वान र्र्वचायण न्मामारम द्र्वाया ऩारयत ननणिम औय फयी क
े आदेश की ऩुक्ष्ट्ट हो
गई, भूर लशकामतकताि ने र्वतिभान अऩीर दामय की है |
पौज़दारी अऩीऱ संख्या272/2020
हदनाॊक 20.04.2018 क
े उस आऺेर्ऩत ननणिम औयआदेश से व्मधथत औय असॊतुष्ट्ट
भहसूस कयते हुए क्जसे हदल्री क
े उच्च न्मामारम ने फ़ौजदायी अनुभनत माधचका
सॊख्मा259- 2018 भें ऩारयत ककमा था क्जससे कक उच्च न्मामारम ने उक्त अऩीर
की अनुभनत माधचका यद्द कय दी जो कक भूर अलबमुक्त- जो कक महाॉ प्रत्मथी हैं
को ऩयक्राम्म लरखत अधधननमभ (सॊक्षऺप्त भें एन. आई. अधधननमभ) की धाया 138

े अॊतगित अऩयाध क
े लरए फयी कयने र्वारे र्र्वद्र्वान र्र्वचायण न्मामारम क
े ननणिम
औय फयी क
े आदेश को चुनौती दे यही थी औय क्जससे कक र्र्वद्र्वान र्र्वचायण
न्मामारम द्र्वाया ऩारयत ननणिम औय फयी क
े आदेश की ऩुक्ष्ट्ट हो गई , भूर
लशकामतकताि ने र्वतिभान अऩीर दामय की है |
पौज़दारी अऩीऱ संख्या271/2020
JUDGMENT

2. लशकामतकताि क े अनुसाय, अऩीराथी र्र्वदेशी भुद्रा की बफक्री औय खयीदायी क े व्मर्वसाम भें है | मह कक भूर अलबमुक्त, जो कक महाॉ प्रत्मथी हैं, ने अऩीराथी से र्र्वदेशी भुद्रा/ अभयीकी डारय रेर्वर कयेंसीकाडि जायी कयर्वाने क े लरए सॊऩक ि ककमा था | भूर लशकामतकताि, जो कक महाॉ अऩीराथी हैं क े अनुसाय, ₹19,01,320/- की क ु र यालश काबु गतान अलबमुक्त को र्वीटीएभ (र्वीज़ा रैर्वर भनी काडि) क े द्र्वाया ककमा गमा था जो कक अलबमुक्त ने अरग अरग हदनों ऩय 10.01.2014, 20.02.2014 औय 22.02.2014 को ननकारे थे | लशकामतकताि क े अनुसाय, भूर अलबमुक्त, जो कक महाॉ प्रत्मथी हैं, ने क े र्वर ₹6,45,807 का बुगतान ककमा औय ₹12,55,513/- यालश शेष है | लशकामतकताि क े अनुसाय, प्रत्मथी गण अलबमुक्तों ने क ु र 9,55,574/- रुऩमे क े चाय चेक जायी ककए, जो कक लशकामतकताि क े ऩऺ भें जायी ककए गए थे | हाराॉकक, सबी उक्त चेक प्रस्तुत ककए जाने ऩय अस्र्वीकाय हो गए | इसक े फाद लशकामतकताि क े अनुसाय प्रत्मथी गण नेसॊख्मा 374941 धायक ₹9,55,574 का एक औय चेक जो शक्क्त इॊटयनेशनर नाभक साझेदायी पभि का है र्र्वधधक दानमत्र्व क े ननर्विहन हेतुजायी ककमा | लशकामतकताि क े अनुसाय जफ उसी चेक को प्रस्तुत ककमा गमा तफ र्वह हदनाॊक 02.06.2014 क े फैंकऻाऩन द्र्वाया “बुगतान स्थधगत” क े कायण अनादृत हो गमा | इसक े फाद लशकामतकताि ने असरी अलबमुक्त को हदनाॊक 07.06.2014क े सूचनाऩत्र क े द्र्वाया एन. आई. अधधननमभ की धाया 138 क े अॊतगित कानूनी नोहटस बेजा | नोहटस बेजे जाने क े फाद बी, अलबमुक्त ने चेक की यालश का बुगतान नहीॊ ककमा | इसलरए, भूर लशकामतकताि- जो कक महाॉ अऩीराथी है, ने र्र्वद्र्वानभहानगय दॊडाधधकायी क े सभऺ लशकामत दामय की | र्र्वद्र्वान भहानगय दॊडाधधकायी ने बी मही भाना कक चेक जायी ककमागमा था ऩयन्तु बफना बुगतान ककमे “बुगतान स्थधगत ” की हटऩण्णी क े साथ र्वाऩस रौट गमा था | र्र्वद्र्वान भहानगय दॊडाधधकायी ने मह भाना कक अलबमुक्त सुशीर क ु भाय शभाि ने चेक ऩय अऩने हस्ताऺय स्र्वीकृ तककमे थे | र्र्वद्र्वान भहानगय दॊडाधधकायी नेमह बी भाना कक अलबमुक्तोंकोभाॉगहेतु नोहटस की प्राक्प्त हुई होगी औय उक्त चेक क े बुगतान न ककमे जाने को बी भाना | रेककन,उसक े फाद र्र्वद्र्वान भहानगय दॊडाधधकायी ने गौय ककमा औय भाना कक कोई बी र्र्वधधक दानमत्र्व नहीॊ था क्मोंकक काडि से ककमा बुगतान स्थार्ऩत औय प्रभाणणत नहीॊ है; मह कक बुगतान काडि जायी होने से ऩहरे क े हैं | ऩरयणाभस्र्वरूऩ, र्र्वद्र्वान भहानगय दॊडाधधकायी ने हदनाॊक 20.01.2017 क े ननणिम औय आदेश से लशकामत यद्द कय दी| र्र्वद्र्वान र्र्वचायण न्मामारम द्र्वाया ऩारयत ननणिम औय फयी क े आदेश से व्मधथत औय असॊतुष्ट्ट भहसूस कयते हुए क्जससेअलबमुक्त फयी हो गए थे, लशकामतकताि ने र्र्वद्र्वानसत्र े सभऺ अऩीर की | र्र्वद्र्वान सत्र न्मामारम ने उक्त अऩीर को उसक े चर न सकने क े आधाय ऩय यद्द कय हदमा | उसक े फाद लशकामतकताि ने उच्च े सभऺ अऩीर दामय की | आऺेर्ऩत ननणिम औय आदेश क े साथ उच्च न्मामारम ने अऩीर यद्द कय दी औय र्र्वद्र्वान र्र्वचायण न्मामारम द्र्वाया ऩारयत फयी क े आदेश कक ऩुक्ष्ट्ट की | इसलरए भूर लशकामतकताि ने र्वतिभान अऩीर की है|

3. अऩीराथी की ओय से ऩेश र्र्वद्र्वान अधधर्वक्ता ने प्रफरता से मह प्रस्तुत ककमा कक भाभरे क े तथ्मों औय ऩरयक्स्थनतमों भें दोनों ही र्र्वद्र्वान र्र्वचायण न्मामारम औय उच्च न्मामारम ने भूर अलबमुक्त को एन.आई. अधधननमभ की धाया 138 क े अॊतगित अऩयाध भें फयी कयने भें फहुत गॊबीय त्रुटी हुई है | 3.[1] भूर लशकामतकताि- जो कक महाॉ अऩीराथी हैं की ओय से ऩेश र्र्वद्र्वान अधधर्वक्ता द्र्वाया मह बी प्रस्तुत ककमा जाता है कक दोनों ननचरी न्मामारमों ने उऩधायणा का भूल्माॊकन औय/र्व उस ऩय सॊऻान एन.आई. अधधननमभ की धाया 139 क े अॊतगित लशकामतकताि क े ऩऺ भें नहीॊ ककमा | लशकामतकताि की ओय से ऩेश र्र्वद्र्वानअधधर्वक्ता द्र्वाया मह बी प्रस्तुत ककमा जाता है कक दोनों ननचरी न्मामारमों ने अलबमुक्त को फयी कयने भें ताक्त्र्वक रूऩ से बूर की है | मह प्रस्तुत ककमा जाता है कक अलबमुक्त ने चेक जायी कयना औय चेक ऩय हस्ताऺय कयना स्र्वीकाय ककमा था| प्रस्तुत ककमा जाता है कक इसलरए एन.आई. अधधननमभ की धाया 139 क े अॊतगित लशकामतकताि क े ऩऺ भें उऩधायणा है | प्रस्तुत ककमा जाता है कक उसक े फाद उऩधायणा का खॊडन कयने का दानमत्र्व अलबमुक्त का होगा औय उसक े लरए अलबमुक्त को सफूत ऩेश कयने होंगे | प्रस्तुत ककमा जाता है कक र्वतिभान भाभरे भें उऩधायणा का खॊडन कयने र्वारा कोई बी सफूत अलबमुक्त कक ओय से नहीॊ ऩेश ककमा गमा है | प्रस्तुत है कक एन. आई. अधधननमभ कक धाया 139 से अननर्वामि उऩधायणा भें कानूनी रूऩ से प्रर्वतिनीम ककमा जा सकने र्वारे एक ऋण मा दानमत्र्व की उऩधायणा शालभर है औय इसलरए ननचरी दोनों न्मामारमों ने अलबमुक्त को फयी कय एक ताक्त्र्वक बूर की है |उऩयोक्त क े सभथिन भें, रंगप्ऩा फनाभ श्री मोहन, (2010) 11एससीसी441 औय किसन राओ फनाभ शिरगौड़ा, (2018) 8 एससीसी 165 भाभरों भें इस न्मामारम द्र्वाया लरए गए ननणिम ऩय बयोसा यखा गमा है | 3.[2] लशकामतकताि की ओय से ऩेश र्र्वद्र्वान अधधर्वक्ता द्र्वाया मह बी प्रस्तुत ककमा जाता है कक अलबमुक्त क े णखराफ़आयोऩ रगाते सभम बी औय जफ उसका फमान रयकॉडि ककमा था, अलबमुक्त ने स्र्वीकाय ककमा था कक उसने र्र्वदेशी भुद्रा औय मात्रा काडि की सेर्वाएॉ री थी | प्रस्तुत ककमा जाता है कक उसने मह बी भाना था कक उसने उक्त दानमत्र्व क े ननर्विहन भें आॊलशक बुगतान ककमा था औय क ु छ यालश शेष थी | मह प्रस्तुत ककमा जाता है कक इसलरए अलबमुक्त क े द्र्वाया प्रभाण देना औय मह साबफत कयना आर्वश्मक था कक ऩूयी यालश जो देम है औय क्जसका बुगतान होना था, चुका दी गई है | प्रस्तुत ककमा जाता है कक इसलरए एन. आई. अधधननमभ की धाया 139 भें ननहहत उऩधायणा की दृक्ष्ट्ट से, र्र्वद्र्वान र्र्वचायण न्मामारम को अलबमुक्त को एन. आई. अधधननमभ की धाया 138 क े ननहहत अऩयाध क े लरए दोषी ठहयाना चाहहए था | प्रस्तुत ककमा जाता है कक इसलरए उच्च न्मामारम ने फयी की ऩुक्ष्ट्ट कयक े बूर की है|

4. र्वतिभान अऩीर का अलबमुक्त की ओय से ऩेश र्र्वद्र्वान अधधर्वक्ता ने प्रफरता से र्र्वयोध ककमा है | 4.[1] भूर अलबमुक्त क े ओय से ऩेश र्र्वद्र्वान अधधर्वक्ता क े द्र्वाया मह फात प्रफरता से प्रस्तुत की जाती है कक भाभरे क े तथ्मों औय ऩरयक्स्थनतमों भें दोनों ननचरी न्मामारमों ने अलबमुक्त को फयी कयने भें कोई त्रुहट नहीॊ की है | 4.[2] मे बी प्रस्तुत ककमा जाता है कक मह फात सत्म है कक चेक जायी ककमा गमा था, ऩय उसे प्रनतबूनत क े रूऩ भें जायी ककमा था | प्रस्तुत ककमा जाता है कक लशकामतकताि ने बायत क े येंजय एक्सऩोटि से व्माऩाय का फकामा र्वसूर कयने क े लरए चेक का दुरूऩमोग ककमा | प्रस्तुत ककमा जाता है कक र्र्वद्र्वान र्र्वचायण न्मामारम द्र्वाया एक र्र्वलशष्ट्ट ननष्ट्कषि हदमा गमा है कक लशकामतकताि अलबमुक्त क े र्वह र्र्वधधक दानमत्र्व औय / मा फकामा साबफत कयने भें र्र्वपर यहा है क्जसक े लरए चेक जायी ककमा गमा था | 4.[3] अलबमुक्त की ओय से ऩेश र्र्वद्र्वान अधधर्वक्ता द्र्वाया प्रस्तुत ककमा जाता है कक र्वतिभान भाभरे भें अलबमुक्त ने एन. आई. अधधननमभ की धाया 139 क े ननहहत उऩधायणा का खॊडन ककमा है औय दशािमा औय साबफत ककमा है कक कोई बी र्र्वधधक दानमत्र्व औय / मा फकामा लशकामतकताि को फकामा मा देम नहीॊ था| 4.[4] फसालऱंगप्ऩा फनाभ मुदीफासप्ऩा(2019) 5 एससीसी 418क े भाभरे भें इस े ननणिम ऩय र्र्वश्र्वास कयते हुए मह ननर्वेदन जाता है कक इस न्मामारम क े अनुसायअलबमुक्त की ओय से एक फाय सॊबार्र्वत फचार्व होने ऩय अऩनी र्र्वत्तीम ऺभता औय अन्म तथ्मों को लसद्ध कयने का दानमत्र्व लशकामतकताि ऩय आ जाता है। 4.[5] उऩयोक्त ननर्वेदन कयते हुए औय भाभरों ऩय र्र्वश्र्वास कयते हुएर्वतिभान अऩीर को खारयज कयने कीप्राथिना की जाती है।

5. हभने सॊफॊधधत ऩऺों की ओय से ऩेश होने र्वारे र्र्वद्र्वानर्वकीरों की फात र्र्वस्ताय से सुनी है । 5.[1] हभने दस्तार्वेज़ीऔय भौणखक दोनों प्रकाय क े अलबलरणखत साक्ष्मों ऩय फायीकी से र्र्वचाय ककमा है। हभने ननचरी अदारतों द्र्वायाप्रत्मथी गण अलबमुक्तों को एन. आई. अधधननमभ की धाया 138 क े अतॊगित फयी कयते हुएऩारयत ननणिमों औय आदेश को बी ऩढ़ाएर्वॊ उस ऩय र्र्वचाय ककमा है | 5.[2] अलबलरणखत साभग्री से जो फात साभने आमी है र्वह मह है कक अलबमुक्त द्र्वाया चेक जायी कयने औय उक्त चेक ऩयअलबमुक्तक े हस्ताऺय होने की फातऩय अलबमुक्त नेभतबेद नहीॊ ककमा है। ऩऺों क े फीच रेनदेन होने की फात ऩय बीअलबमुक्त ने भतबेद नहीॊ ककमा है। महाॉ तक कक अलबमुक्त क े फमान, जो आयोऩ ननधािरयत कयते हुएदजि ककए गए थे, क े अनुसाय उसनेमहस्र्वीकाय ककमा है कक क ु छ यालश फकामाऔय देम थी।हाराॉकक, अलबमुक्त की ओय से मह कहा गमा था कक चेक प्रनतबूनतक े तौय ऩय हदमा गमा था औय लशकामतकताि द्र्वाया इसका दुरुऩमोग ककमा गमा है। हाराॉकक,ऐसा क ु छ बी अलबरेख भें नहीॊ है कक कानूनी नोहटस क े उत्तय भें अलबमुक्त द्र्वाया चेक कोप्रनतबूनत क े तौय ऩय हदमा गमा था। कपय बी अगय ऐसा होता है तो बी मह ध्मान देने की जरूयत है कक ऩहरे अलबमुक्त द्र्वाया जायी ककए गए चेक “अऩमािप्त ननधध”क े आधाय ऩयअस्र्वीकृ त हुए औय फाद भें क ु र 9,55,574 रुऩए का चेक हदमा गमा जो “बुगतान योका जाए ” क े आधाय ऩय बफना बुगतान रौटामा गमा। इसलरए उक्त चेक दूसयी फाय जायी ककमा गमा था|इसलरए,अलबमुक्तद्र्वाया उसक े हस्ताऺय र्वारे चेक जायी ककमे जाना स्र्वीकाय कयने ऩय ऩयक्राम्म लरखत अधधननमभ की धाया 139 क े अॊतगित कानूनी रूऩ से प्रर्वतिनीम ऋण मा देमता की उऩधायणा है। हाराॉकक ऐसी उऩधायणा का स्र्वरुऩ खॊडनीम है औय अलबमुक्त को ऐसीउऩधायणा का खॊडन कयने क े लरए प्रभाण देने की जरूयत है। अलबमुक्त को मह लसद्ध कयने की जरूयत थी कक लशकामतकताि को फाकी औय देम ऩूयी यकभ दे दी गई थी।

6. ऩयक्राम्म लरखत अधधननमभ की धाया 139 क े अॊतगित उऩधायणा क े इस े क ु छ ननणिमों को ननहदिष्ट्टकयने औय उन ऩय सॊऻान कयने की आर्वश्मकता है। 6.[1] ि े.एन.फीना फनाभ मुतनयप्ऩन (2001) 8 एससीसी 458 क े भाभरे भें, इस न्मामारम द्र्वाया मह अर्वरोकन ककमा गमा कक एन.आई. अधधननमभ की धाया 118 क े अॊतगित जफ तक इसक े र्र्वऩयीत लसद्ध न हो जाए, मह भान लरमा जाए कक ऩयक्राम्म लरखत (चेक सहहत) प्रनतपर क े रूऩ भें हदमा मा लरमा गमा था। धाया 139 क े तहत मह बीअर्वरोकन ककमा गमा कक जफ तक इसक े र्र्वऩयीत लसद्ध न हो जाए, न्मामारम मह भानेगा कक चेकधायी द्र्वाया ऋण मा देमता की ऩूयी मा आॊलशक यालश बुगतान क े लरए चेक प्राप्त ककमा है। धाया 138 क े तहत लशकामतों भें न्मामारम को मह बी भानना होगा कक चेक ऋण मा देमता क े लरए जायी ककमा गमा था | मह उऩधायणा खॊडनीम है। हाराॉककचेक ऋण अथर्वा देमता क े लरए जायी नहीॊ ककमा गमा था को लसद्ध कयने का दानमत्र्व अलबमुक्त का है | 6.[2] रंगप्ऩा (उऩमुिक्त) क े भाभरे भे कपय से इस न्मामारम को एन.आई. अधधननमभ की धाया 139 क े अॊतगित कानूनी रूऩ से प्रर्वतिनीम ऋण मा देमता की भौजूदगी की उऩधायणा ऩय र्र्वचाय कयने का अर्वसय प्राप्त हुआ। उऩमुिक्त ननणिम भें एन.आई. अधधननमभ की धाया 118 (अ) औय 139 ऩय इस न्मामारम क े अन्म ननणिमों ऩय र्र्वचाय कयने क े ऩश्चात मह अर्वरोकन ककमा जाता है कक ऐसी उऩधायणा भौजूद है जो कक लशकामतकताि क े ऩऺ भें है। मह बी भाना जाता है ककएन.आई.अधधननमभ की धाया 139 क े अॊतगितउऩधायणा का स्र्वरुऩ एकखॊडनीम उऩधायणा का है औयजहाॉ कानूनी रूऩ से प्रर्वतिनीम ऋण देमता र्र्वर्वादास्ऩद हो, र्वहाॉ अलबमुक्त द्र्वाया प्रनतर्वाद ककमा जा सकता है |अनुच्छेद 27 भें इस न्मामारम ने ननम्नलरणखत हटप्ऩणीकी है औय अलबननधािरयत ककमा है् “27. अधधननमभ की धाया 139 रयर्वसि ओनस खॊड का उदाहयण है जो ऩयक्राम्म लरणखत की र्र्वश्र्वसनीमता भें सुधाय कयने क े र्र्वधामी उद्देश्म को फढ़ाने क े लरए शालभर ककमा गमा है। जहाॉ अधधननमभ की धाया 138 चेक अस्र्वीकाय होने क े सम्फन्ध भें कड़ा आऩयाधधक उऩाम र्र्वननहदिष्ट्ट कयती है, धाया 139 क े अॊतगित खॊडनीम उऩधायणा भुकदभें भें अनुधचत र्र्वरॊफ को योकने क े लरए एक साधन है। हाराॉकक, मह माद यखा जाना चाहहए कक धाया 138 क े अॊतगित दॊडनीम फनामा गमा अऩयाध को एक तयह से र्र्वननमाभक अऩयाध कह सकते है क्मोंकक चेक फाउॊस होना भोटे तौय ऩय प्रकृ नत से एक लसर्र्वर अऩयाध है क्जसका प्रबार्व उन ननजी ऩऺों तक सीलभत होता है जो र्वाणणक्यमक रेनदेन भें शालभर होते हैं। ऐसे ऩरयदृश्म भें अनुऩात की जाॉच र्र्वऩयीत दानमत्र्व खॊडों क े ननभािण औय ननर्विचन को भागिदलशित कयता है औय प्रत्मथी-अलबमुक्त से नाजामज़ रूऩ से उच्च भानकों का ननर्विहन मा लसद्ध कयने की अऩेऺा नहीॊ की जा सकती है।” 6.[3] किशन राव(उऩमुिक्त) क े भाभरे भें ि ु मार एक्सऩोर्ण फनाभ शमाण िॉरऩोरेट्स, (2009) 2 एससीसी 513 क े भाभरे भें इस न्मामारम द्र्वाया हदए गए ननणिम ऩय र्र्वचाय कयते हुए मह अर्वरोकनककमा गमा ककअलबमुक्त उऩधायणा का खॊडन कयने क े लरए साक्ष्म प्रस्तुत कय सकता है, रेककन क े र्वर ऋण की भौजूदगी से इनकाय कयने से फात नहीॊ फनेगी। इस न्मामारम ने अनुच्छेद 19 भें ननणिम देते सभम ि ु मार एक्सऩोट्णस (उऩयोक्त) भाभरे भें ननणिम क े अनुच्छेद 14, 15, 18 औय 19 ऩय ननम्नलरणखत रूऩ से र्र्वचाय ककमा्-

19. इस न्मामारम ने क ु भाय एक्सऩोर्टिस फनाभ शभाि कॉयऩोयेर्टस (उऩमुिक्त) भें ऩयक्राम्म लरखत अधधननमभ क े साथ ही साथ साक्ष्म अधधननमभ क े उऩफॊधों ऩय र्र्वचाय ककमा था। धाया 139 को ननहदिष्ट्ट कयते हुए इस न्मामरम ने ऩैया 14, 15, 18 औय 19 भें ननम्नलरणखत ननधािरयत ककमा्-

“14. अधधननमभ कीधाया 139 भें हदमा गमा है कक जफ तक कक अन्मथा साबफत न ककमा जामे, मह उऩधायणा की जामेगी कक चेक के धायक ने र्वह चेक धाया 138 भें
ननहदिष्ट्ट स्र्वरुऩ भें ककसी ऋण अथर्वा अन्म दानमत्र्व क े बागत् मा ऩूणित् उन्भोचन क े लरए प्राप्त ककमा है । 15.उऩधायाणाएॊऐसा साधन है क्जनक े प्रमोग कयक े ककसी भाभरे भें कोई साक्ष्म न होने मा अऩमािप्त साक्ष्म होने क े फार्वजूद न्मामारम कोननणिम देने क े लरएसभथि औय ह़दाय फनामा जा ताहै। साक्ष्म अधधननमभ क े अॊतगित सबी उऩधायणाओॊ को अधधननमभ भें दी गई तीन श्रेणणमोंभें से ककसी एक क े अॊतगित आना चाहहए, अथाित (1) “उऩधायणा हो सकती है” (खॊडनीम), (2) “उऩधायणा होगी” (खॊडनीम) औय (3) “ननष्ट्कषिरूऩ भें उऩधायणा”(अखॊडनीम)| “उऩधायणा” शब्द का प्रमोग न्मामाधधकयण द्र्वाया ननकारे गए ननष्ट्कषि स्थार्ऩत कयने क े लरए होता है,जो कक सुर्र्वधानुसाय “उऩधारयत तथ्म” कहरामे जाने र्वारे ककसी तथ्म क े अक्स्तत्र्व की ऩुक्ष्ट्ट अऩुक्ष्ट्ट कयने क े लरए इस्तेभार होता है, ऐसा सॊबार्र्वत तक ि की एक प्रकक्रमा द्र्वाया होता है जो कक ककसी तथ्म की फात ऩय होती है क्जस ऩय न्मानमक रूऩ से सॊऻान लरमा गमा हो, मा क्जसे अधधकयण की सॊतुक्ष्ट्ट क े साथ कानूनी साक्ष्म द्र्वाया भाना औय स्थार्ऩत ककमा गमाहो | उऩधायणा का ताक्त्र्वकअथि बफना “ककसी जाॊच मा सफूत क े सच सभझना है”। *****

18. साक्ष्म अधधननमभकी धाया 3 भें “साबफत” शब्द की ऩरयबाषाको अधधननमभ की धाया 118 औय 139 क े उऩफॊधों ऩय रागू कयते हुए, मह स्ऩष्ट्ट हो जाता है ककअधधननमभ की धाया 138 क े अधीन भुकद्दभे भें मह उऩधायणा फनानी होगी कक प्रत्मेक ऩयक्राम्म लरणखतप्रनतपराथि यधचत मा लरखी गई थी औय र्वह ऋण मा देय़ता क े ननर्विहन क े लरए ननष्ट्ऩाहदत ककमा गमा था जैसे ही ऩयक्राम्म लरणखत का ननष्ट्ऩाहदत ककमा जाना साबफत मा स्र्वीकाय ककमा गमा |जैसे ही लशकामतकताि मह लसद्ध कयने क े दानमत्र्व का ननर्विहन कयता है कक लरखत, जैसे कक कोई नोट अलबमुक्त द्र्वाया ननष्ट्ऩाहदत ककमा गमा था, तो अधधननमभ की धाया 118 औय 139 भें ननहहत उऩधायणा क े ननमभ उसे दानमत्र्व अलबमुक्त ऩय डारने भें भदद कयते हैं। उऩधायणा कपय बी यहेगी, र्र्वद्मभान होगी, औय जीर्र्वत यहेगी औय तफ ही सभाप्त होगी जफ अलबमुक्त द्र्वाया इसक े प्रनतक ू र लसद्ध नहीॊ ककमा जाता है, अथाित चेक प्रनतपरन क े लरएऔय ककसी ऋण अथर्वा देमता क े ननर्विहन क े लरए जायी नहीॊ ककमा गमा था। उऩधायणा अऩने आऩ भें साक्ष्म नहीॊ है, रेककन मह प्रथभ दृष्ट्टमा उस ऩऺ क े लरए भाभरा फनाती है क्जसको इससे राब होना है ।

19. अधधननमभ की धाया 118 भें ‘जफ तक कक अन्मथा साबफत न ककमा जाए ’ र्वाक्म का प्रमोगऔय अधधननमभ की धाया 139 भें ‘जफ तक कक प्रनतक ू रत् साबफत न ककमा जाए’ र्वाक्म का प्रमोग साक्ष्म अधधननमभ की धाया 4 भें हदए गए ‘उऩधायणा कय सक े गा ’ औय ‘उऩधायणा कयेगा’की ऩरयबाषाओॊक े साथ ऩढ़ने ऩय एक फाय कपय स्ऩष्ट्ट कयता है कक दोनों उऩफॊधों भें उठाई जाने र्वारी उऩधायणाएॊ खॊडनीम हैं। जफ कोई उऩधायणा खॊडनीम होती है तो र्वह क े र्वर मह इॊधगत कयती है कक क्जस ऩऺ ऩय हदए गए तथ्मगत उऩधायणा ऩय साक्ष्म देने का बाय है औय जफ र्वह ऩऺ उधचत औय मुक्क्तमुक्त तयीक े से साक्ष्म प्रस्तुत कयता है, महदशािते हुए कक र्वास्तर्र्वकतथ्म र्वह नहीॊ है क्जसकी उऩधायणा की गई है तोउऩधायणा का प्रमोजन हर हो जाता है।” 6.[4] अबी तक क्मोंकक अलबमुक्त की ओय से ऩेश र्र्वद्र्वान र्वकीर द्र्वाया फासालऱंगप्ऩा (उऩमुिक्त) क े भाभरे भें इस न्मामारम द्र्वाया हदए गए ननणिम ऩय बयोसा यखा गमा है, उक्त ननणिम को ऩढ़ने क े ऩय, हभायी याम है कक उक्त ननणिम भौजूदा भाभरे क े तथ्मों ऩय रागू नहीॊ होगा औय /मा मह अलबमुक्त क े ककसी काभ का नहीॊ है | न्मामारम क े सभऺ उस भाभरे भें अलबमुक्त द्र्वाया दरीर दी गई थी कक चेक की यालश लशकामतकताि द्र्वाया अलबमुक्त को ऋण क े रूऩ भें दी गई थी | जफ एन. आई. अधधननमभ की धाया 138 क े अॊतगित कायिर्वाई शुरू की गई, तफ अलबमुक्त ने ऋण देमता से इनकाय ककमा औय अलबमुक्त ने प्रनतर्वाद ककमा औय लशकामतकताि की र्र्वत्तीम ऺभता ऩय प्रश्न उठामा। क्जस ऩय लशकामतकताि अऩनी र्र्वत्तीम ऺभता साबफत कयने औय उसे स्थार्ऩत कयने भें र्र्वपर यहा। इसलरए, मह न्मामारम सॊतुष्ट्ट थी कक अलबमुक्त का सॊबार्र्वत फचार्व था औय परस्र्वरूऩ लशकामतकताि द्र्वाया अऩनी र्र्वत्तीम ऺभता साबफत न कय ऩाने की र्वजह से इस अदारत ने अलबमुक्त को फयी कय हदमा | र्वतिभान भाभरे भें, अलबमुक्त ने लशकामतकताि की र्र्वत्तीम ऺभता ऩय कबी सर्वार नहीॊ उठामा। हभाया र्र्वचाय है कक जफ बी अलबमुक्त ने अऩनी सॊबार्र्वत फचार्व क े सभथिन भें लशकामतकताि की र्र्वत्तीम ऺभता ऩय सर्वार उठामा है, फार्वजूद एन.आई. अधधननमभकी धाया 139 भें ननहहत उऩधायणा क े जो कक कानूनी रूऩ से प्रर्वतिनीम ऋण की उऩधायणाक े फाये भें हैं औय मह उऩधायणाखॊडनीम है, क्जसक े फाद कपय से लशकामतकताि ऩय अऩनी र्र्वत्तीम ऺभता साबफत कयने क े लरए क्जम्भेदायी आ जाती है औय उस क्स्थनत भें लशकामतकताि को अऩनी र्र्वत्तीम ऺभता साबफत कयने क े लरए सफूत ऩेश कयने की आर्वश्मकता होती है, र्र्वशेष रूऩ से तफ जफ महनकदी द्र्वाया ऋण देने का भाभरा हो औयइसक े फाद एक चेक जायी ककमा गमा हो। महाॉर्वह भाभरा नहीॊ है।

7. र्वतिभान भाभरे भें तथ्मों ऩयर्वार्ऩस आते हुए औय इस फात ऩय र्र्वचाय कयक े कक अलबमुक्त ने चेक जायी कयने औय चेक ऩय अऩने हस्ताऺय कयने की फात स्र्वीकाय की है औय मह कक ऩहरी फाय चेक अस्र्वीकृ त होने क े फाद उक्तचेक दूसयी फाय जायी हुआ था,औय महकक अलबमुक्ततक क े अनुसाय क ु छ यालश फकाम औय देम थी, एन. आई.अधधननमभ की धाया 139 भें ननहहत मह एकउऩधायणा है कक कानूनी रूऩ से प्रर्वतिनीम ऋण मा देमता भौजूद है |फेशक इस तयह की उऩधायणा की प्रकृ नत खॊडनीम है। हाराॊकक, इसउऩधायणा का खॊडन कयने क े लरए अलबमुक्त को साक्ष्म ऩेश कयने की आर्वश्मकता थी कक लशकामतकताि को फकामा औय देम ऩूयी यालश का बुगतान कय हदमा गमाथा। र्वतिभान भाभरे भें, इस तयह का कोई बी सफूत अलबमुक्त द्र्वाया ऩेश नहीॊ ककमा गमा है। अलबमुक्त द्र्वाया ऩेश की गईकहानी कक चेक प्रनतबूनत क े रूऩ भें हदए गए थे अन्म ककसी साक्ष्म ना होने की क्स्थनत भें उऩधायणा का खॊडन कयने क े लरए र्र्वश्र्वसनीम नहीॊ हैऔय ऽासकयजफ प्रश्नगत चेक र्ऩछरे चेक क े अस्र्वीकाय होने क े फाद दूसयी फाय जायी ककमा गमा था | इसलरए, ननचरी दोनों अदारतों नेएन.आई. अधधननमभ की धाया 139 क े अनुसाय कानूनी रूऩ से प्रर्वतिनीम ऋण मा देमता कीउऩधायणा को उधचत रूऩ से न सभझने औय उस ऩय लशकामतकताि क े ऩऺ भें सॊऻान न कयने भें ताक्त्र्वकत्रुहट की है | ऐसा प्रतीत होता है कक दोनों,र्र्वद्र्वानर्र्वचायण न्मामारम क े साथ ही उच्च न्मामारम ने बी एन.आई. अधधननमभकी धाया 139 क े ननहहतउऩधायणा को सभझे बफना ऋण की देनदायी मा दानमत्र्व साबफत कयने का दानमत्र्व लशकामतकताि ऩय डार कय बूर की है | जैसा कक ऊऩय हटप्ऩणी की गई है, अधधननमभ की धाया 139 रयर्वसिओनस खॊड का एक उदाहयण है इसलरए जफ एक फाय चेक जायी कयना स्र्वीकाया जा चुका हो औय महाॉ तक कक चेक ऩय हस्ताऺय कयने की फात स्र्वीकायी जा चुकी हो, तो लशकामतकताि क े ऩऺ भें उऩधायणा भौजूद यहती है कक कानूनी रूऩ से प्रर्वतिनीम ऋण मा देमता हैऔय उसक े फाद मह अलबमुक्त का दानमत्र्व है कक र्वह ऐसी उऩधायणा को साक्ष्म देकय खॊडन कये।

8. उऩमुिक्त कायणों की दृक्ष्ट्ट से, आऺेर्ऩतननणिम तथा उच्च न्मामारम एर्वॊभहानगय दॊडाधधकायी द्र्वाया भूर अलबमुक्त- जो कक महाॉ प्रत्मथी (गण) हैं, को एन.आई. अधधननमभ की धाया 13 8 क े तहत अऩयाध भें फयी क े लरए ऩारयत आदेश लसद्ध नहीॊ हो सकता है औय र्वह खारयज ककए जाने औय यद्द कयने क े मोग्म है औय इसलरए तदनुसाय खारयज औय यद्द ककमा जा तेहैं।भूर आयोऩी – जो की महाॊ प्रत्मथी (गण) हैं, को एन.आई अधधननमभ की धाया 138 क े तहत अऩयाध क े लरए दोषी ठहयामा जाता है। सबी भूर अलबमुक्त- जो कक महाॉ प्रत्मथी (गण ) हैं को तथार्ऩ एन.आई. अधधननमभ की धाया 138 क े तहत दोषी ठहयामा जाता है। भूर अलबमुक्त सॊख्मा 2 से 4 तक महाॊ प्रत्मथी सॊख्मा2 से प्रत्मथीसॊख्मा4 तक को तीन भाह की साधायण कायार्वास की सजा क े साथ प्रत्मेक को 10,000 /- जुभािने का दॊड हदमा जाता है, औय ऐसा न कयने ऩय आगे औय एक भाह क े साधायण कायार्वास की सजा दी जाती है। भूर अलबमुक्त – जो महाॉ प्रत्मथी (गण ) हैं को मह बी ननदेश हदमा जाता है कक र्वे ऺनतऩूनति क े रूऩ भे भूर लशकामतकताि को आज से आठ सप्ताह क े बीतय 19,11,148/- रूऩए की यालश का बुगतान कयें।

9. र्वतिभान अऩीर तदनुसाय भॊज़ूय की जाती है। 2020 िी पौज़दारी अऩीऱ संख्या 272

10. अफ जहाॉ तक मह अऩीर जोफ़ौजदायी अनुभनत माधचका सॊख्मा259/2018 भें उच्च न्मामारम द्र्वाया ऩारयत उस आऺेर्ऩत ननणिम औयआदेश से उत्ऩन्न हुई है जो कक पौज़दायी लशकामत सॊख्मा 62/15 (नमी सॊख्मा 613738/16) भें र्र्वद्र्वान र्र्वचायण न्मामारम द्र्वाया ऩारयत ननणिम औय आदेश से उत्ऩन्न हुआ था, क्जसभें कक भूर अलबमुक्त को एन.आई. अधधननमभ की धाया 138 क े तहत अऩयाध से फयी कय हदमा गमा था का सर्वार है, इकरौता अॊतय क े र्वर चेक की यकभ भें है।र्वतिभान भाभरे भें, चाय चेक प्रत्मेक 1,00,000/- रुऩए क े थे, जायी ककए गए थे, जो अस्र्वीकाय हो गए। चेक की यालश को छोड़कय, कोई अॊतय नहीॊ है।

11. 2020 की पौज़दायी अऩीर सॊख्मा271 भें फताए गए कायणों क े कायण क्जसे आज अनुभनत दी गई है, इस अऩीर की बी अनुभनत दी जाती है। उच्च न्मामारम क े साथ-साथ र्र्वचायण न्मामारम क े द्र्वाया र्वो आऺेर्ऩत ननणिम औय ऩारयत आदेश क्जससे कक भूर अलबमुक्त- जो कक महाॉ प्रत्मथी हैं को एन.आई. अधधननमभ की धाया 138 क े अॊतगित अऩयाधों से फयी कय हदमा गमा, लसद्ध नहीॊ हो सकते है औय र्वह खारयज ककए जाने औय यद्द कयने मोग्म है औय इसलरए तदनुसाय खारयज औय यद्द ककमा जाता है। भूर आयोऩी– जो महाॉ प्रत्मथी (गण ) हैं को एन.आई अधधननमभ की धाया 138 क े तहत अऩयाध क े लरए दोषी ठहयामा जाता है। सबी भूर अलबमुक्त- जो महाॉ प्रत्मथी(गण)हैं को एन.आई. अधधननमभ की धाया 138 क े तहत अऩयाध क े लरए दोषी ठहयामा जाता है। भूर अलबमुक्त सॊख्मा 2 से 4 तक, महाॊ प्रत्मथीसॊख्मा 2 से प्रत्मथी सॊख्मा4 तक को तीन भाह की साधायण कायार्वास की सजा क े साथ प्रत्मेक को 10,000/- जुभािने का दॊड हदमा जाता है, औय ऐसा न कयने ऩय आगे औय एक भाह क े साधायण कायार्वास की सजा दी जाती है। भूर अलबमुक्त – जो महाॉप्रत्मथी हैं को मह बी ननदेश हदमा जाता है कक र्वे आज से आठ सप्ताह क े अॊतगित भूर लशकामतकताि को भुआर्वजे क े रूऩ भें 8,00,000 /- रुऩए की यकभ अदा कयें। -------------------- न्माम. (अशोक बूषण) -------------------- न्माम. (एभ.आय. शाह) नई हदल्री; 14 पयर्वयी, 2020. अस्र्वीकयण: देशी बाषा भें ननणिम का अनुर्वाद भुकद्द्भेफाज़ क े सीलभत प्रमोगहेतु ककमा गमा है ताकक र्वो अऩनी बाषा भें इसे सभझ सक ें एर्वॊ मह ककसीअन्म प्रमोजन हेतु प्रमोग नहीॊ ककमा जाएगा | सभस्त कामािरमी एर्वॊ व्मार्वहारयकप्रमोजनों हेतु ननणिम का अॊग्रेज़ी स्र्वरूऩ ही अलबप्रभाणणत भाना जाएगा औयकामािन्र्वमन तथा रागू ककए जाने हेतु उसे ही र्वयीमता दी जाएगी|