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भाररीे स��च् ेाेाये
आपरा�धक अपीय�े अ�धका�ररा
आपरा�धक अपील संख्ा -417-418/2020
[��शतष अनुम्र ेा�्का (आपरा�धक) संखेा-4044-4045/2019 सत उतप न]
नीयम गुपरा .....अपीयाथ�
बनाम
म�हपाय शरण गुपरा �ं क अ े .. ...पतेथ�गण
�नणर्
न्ा्यम��र उद् उयेश ल�ल�
JUDGMENT
1. अनुम्र प्ा्नर|
2. ेत अपीय� आपरा�धक ����ध सं. 3391/2017 और आपरा�धक ��.आ�त.सं. 13845/2017 म� नई �्लय� िसथर �्लय� उच् ेाेाये व�ारा पा�रर सामा े ्नणणे और आ्तश �्नांक 15.11.2018 सत उतप न ह री ह िजनक त व�ारा उच् ेाेाये नत (i) घरतयू �हंसा अ�ध्नेम क� धारा 12 क त रहर अपीयकराण व�ारा शुश क� गई काेण�ाह� म� म�हया ेाेाये व�ारा पा�रर आ्तश �्नांक 26.10.2016 और (ii) अ्र�रकर सस 2020 INSC 377 ेाेाधीश-2, (उ�र), र �हणी ेाेाये, �्लय� व�ारा 2016 क� आपरा�धक अपीय संखेा 30 म� पा�रर आ्तश �्नांक 15.04.2017 क� पुिष् क�।
3. �्नांक 26.10.2016 क त आ्तश क त पा�रर ह नत क त रथे, जैसा �क उपर कर आ्तश �्नांक 15.04.2017 म� ्जण है, ्नमनानुसार ह: - "अपीयकराण और पतेथ� क त बी् मुक्मतबाजी का सं��पर बेयरा, जैसा �क अ�भयतख पर याेा गेा है, ेह है �क शी म�हपाय गुपरा (पतेथ� संखेा 1) का ���ाह �कसी सुशी गीरा गुपरा सत हुआ था और ् संरान, क बत्ा अणण� गुपरा और क बत्� ग�रमा उनक त ���ाह क त बा् पै्ा हुई और 10 अक्ूबर 2004 क सुशी गीरा गुपरा क त ्नधन क त बा्, प्र�ा्� संखेा 1 नत अपीयकराण शीमरी नीयम गुपरा सत शा्� क� और ् न� उस प्नगर मकान म� रह रहत थत, ज मूय शप सत पतेथ� संखेा 1 क� पहय� पतनी सुशी गीरा गुपरा का था| अपीयाथ� शीमरी नीयम गुपरा क� शा्� क त क ु छ समे बा् उनक त ्ूसरत प्र शी म�हपाय गुपरा क त साथ �र्र� म� ख्ास आ गई और प�कार अ्ायर� म� पहुँ् ग के��क अपीयकराण सुशी नीयम गुपरा नत घरतयू �हंसा सत म�हयाओं क त संर�ण अ�ध्नेम, 2005 (बा् म� डी�ी अ�ध्नेम क त शप म� सं्�भणर) क त रहर अपनत ्न�ास आ�् क त अ�धकार� क� सुर�ा क त �य क ेा�्का ्ाेर क� थी और साझा घर क त शप म� उस संप�� का ्ा�ा कररत हु ्न�ास क त अ�धकार का ्ा�ा �केा और आ्तश �्नांक 17-06-2008 क त व�ारा, माननीे ��्ारण ेाेाये नत उस मकान म� अपीयकराण क त �य आ�ास का संर�ण आ्तश पा�रर �केा था। अपीयकराण नत ऐसत मकान क त �य क ्��ानी �ा् संखेा 295/2009 भी ्ाेर �केा है और उसनत अपनत प्र क त �खयाफ प्नगर मकान सत बत्खय करनत क त �य क अंर�रम ्नषतधा�ा पापर क� थी। इस पकार, अपीयकराण क त पास प्नगर संप�� क त संबंध म� ् सुर�ातमक आ्तश थत, क डी�ी अ�ध्नेम क त रहर और ्ूसरा ्नषतधा�ा �ा् क त रहर। पतेथ� संखेा 2 शी अणण� गुपरा, प्र�ा्� संखेा 1 (ेहां त प्र) क� पहय� पतनी क त पुस नत प्नगर मकान क त संबंध म� ��भाजन �ा् ्ाेर �केा िजसका ्नणणे ह गेा और ेहां रक �क अं्रम ेा्ेक ्नणणे क �्नांक 06-08-2011 क त आ्तश� क त ��रवध ्बर अपीय म� माननीे उच् ेाेाये क त आ्तश �्नांक 03-04- 2013 व�ारा ्नषपा्न े गे बनाेा गेा था िजसक त व�ारा ��भाजन क त �ा् म� आ्तश 1 ्नेम 10 सीपीसी क त रहर प�कार बनानत क� मांग करनत �ाय� अपीयाथ� (सुशी नीयम गुपरा) क� अज़� क ख़ा�रज कर �्ेा गेा और उस अपीय क भी खा�रज कर �्ेा गेा था, िजससत सी स (ओ स) 858/2010 म� पा�रर अं्रम ेा्ेक ्नणणे क ्नषपा्न े गे बना �्ेा गेा था, ज डी�ी अ�ध्नेम म� �्नांक 17-06-2008 क त आ्तश क� ्नषपभा�/�भ नरा क त अधेधीन था। ेहां अपीयकराण नत अं्रम ेा्ेक ्नणणे क त �खयाफ क आर फ (ओ स)/96/2013 भी ्ाेर �केा िजसत माननीे उच् ेाेाये क त शी प्�प नं्राज ग और जेंर नाथ, जत.जत. क� ् ेाेाधीश� क� पीठ व�ारा पा�रर आ्तश �्नांक 19-02-2014 व�ारा भी इस �्पणणी क त साथ खा�रज कर �्ेा गेा था: “'घरतयू �हंसा सत म�हयाओं का संर�ण अ�ध्नेम, 2005 क त रहर अपीयकराण ्नि््र शप सत अपनत ससुराय� घर ह नत क त नारत साझा ्न�ास क� हक्ार ह गी ेा उसक त �ज म� उसका प्र कानून क त अनुसार उ�्र आ�ास मुहैेा करा गा। आ�त�पर आ्तश व�ारा प�रकिलपर ्नषपभा�/�भ नरा का अथण ेह ह गा �क त स�ा�मत� अ�धकार� क प्नगर फयै् क त संबंध म� रब रक भंग नह�ं �केा जा सकरा जब रक �क प्र क माननीे महानगर ्ंडा�धकार� सत कानून क त अनुसार अपीयकराण क �ैकिलपक आ�ास क� पतशकश करनत का आ्तश पापर न ह ।
3. उपर कर सं��पर बेयरा और मामयत क त पासं�गक रथे� क त रहर, प्र�ा्� संखेा 2 शी अणण� गुपरा, (�डक� धारक) नत �्नांक 17-06-2008 क त संर�ण आ्तश� म� ब्या� क त �य क आ�त्न ्ाेर �केा, िजसका ्नप्ान �्नांक 26- 10-2016 क त आ्तश व�ारा कर �्ेा गेा िजसक त ��रवध अपीयाथ� व�ारा अपीय क� गई है।"
4. म�हया ेाेाये व�ारा �्नांक 17.06.2008 क त संर�ण आ्तश म� प�र�रणन क त आ�त्न का ्नप्ान ्नमन�य�खर �्पप�णे� क त साथ �केा गेा:- "ेह ्तखा गेा है �क इस मुक़्मत का ्नणणे पहयत ह� ह ्ुका है और हडसन याइ स म� संप�� का आ्तश माननीे उच् ेाेाये व�ारा �्नांक 17.06.2008 क त आ्तश म� प�र�रणन क त अधेधीन �्ेा गेा है। इसक त अया�ा, ेह ्तखा गेा है �क प्र�ा्� नत �शकाेरकराण क उस सथान पर घर क� पतशकश क� है जहां �ह सहज नह�ं है। ेह सथा�पर ���ध है �क �शकाेरकराण उसी जी�न सरर क� हक्ार है जैसा �क उसक त ���ाह क त समे था जब �ह अपनत �ै�ा�हक घर म� रह रह� थी। उपर कर रथे� क धेान म� रखरत हु प्र�ा्� क उसी इयाक त म� समान आ�ास प्ान करनत का ्न्�श �्ेा जारा है जहां �शकाेरकराण �रणमान म� रह रह� है ेा इसक त ब्यत म� 15000/- रपेत प्र माह का �कराेा ्त। र्नुसार, अज़� का ्नप्ान �केा जारा है।"
5. 2016 क� आपरा�धक अपीय संखेा 30 म� संबं�धर मुव्� पर ्नमनानुसार ��्ार �केा गेा था: - “9. अ�भयतख� क ्तखनत पर, ् न� प�� क त रक� और रक� क त ्यरान ऊपर उिलय�खर कानून और माननीे स��च् ेाेाये स�हर उच् ेाेाये� व�ारा ���भ न ्नणणे� म� रे �क ग कानूनी पसरा�� क त आय क म�, अ�ध्नेम क त रहर अपीयकराण क अंर�रम संर�ण प्ान करनत हतरु 'साझा मकान' क त �य, मामयत क त उपर कर उिलय�खर बेयरत म�, ेह �्पणणी क� गई है �क ्नसं्तह िजस घर म� ्न�ास क त अ�धकार का अंर�रम संर�ण �्नांक 07-06-2008 क त आ्तश व�ारा प्ान �केा गेा है, �ह प्र�ा्� संखेा 1 क� पहय� पतनी सुशी गीरा गुपरा सत संबं�धर था और पूणण स�ा�मत� म� था और प्र�ा्� संखेा 1 क उसक� मृर पतनी क त प्र क त शप म�, अपनी पहय� पतनी क त ���ाह सत पै्ा हु अपनत बत्त व�ारा ्ाेर ��भाजन �ा् म�, प्नगर मकान क� पसरा��र �बक� क� �बक� आे का क त �य क ्रहाई �हससा प्ान �केा गेा था और कलपना क� �कसी भी सीमा म�, इस ररह क त मकान क अ�ध्नेम म� ्नधाण�रर प�रभाषा क त भीरर 'साझा घर' नह�ं माना जा सकरा।"
10. अपीयकराण क उपयबध ्न�ास क त संर�ण का अ�धकार क त �य उसक त प्र प्र�ा्� संखेा 1 क त �खयाफ है और माननीे उच् ेाेाये व�ारा �्नांक 19-02-2014 क त आ्तश म� क� गई �्पप�णे� क त आय क म�, उसक त प्र, प्र�ा्� संखेा 1 क "उसत कानून क त अनुसार उपेुकर, उ�्र आ�ास प्ान करना" था।
13. साथ ह�, े�् अपनत प्र प्र�ा्� संखेा 1, व�ारा पसरा��र �ैकिलपक आ�ास स�ीकाेण नह�ं है र अपीयकराण माननीे ेाेाये क त सम� उपेुकर अनुम्र/आ�त्न कर सकरा है, िजससत इस ररह क त पसरा�� क अस�ीकार �केा जा सक त और 'अपनी पसं्' क त �तस इस ररह क त आ�ास क� पतशकश/पसरा� �केा जा सकरा है और े�् आ�त�पर आ्तश� क त अंरगणर आ्त�शर �कराेा पेाणपर नह�ं है र अ�ध्नेम क त पा�धान� क त अंरगणर �करा क� रा�श क त संबंध म� ऐसत आ्तश� म� संश धन क� मांग कररत हु ऐसत ेाेाये क त सम� उ�्र आ�त्न/अनुम्र ्� जा सकरी है। ेह ्तखा गेा है �क 15,000/- रपेत क� ्र सत �करा क� सीमा क त साथ क ु छ उपयबध आ�ास क �तबसाइ् क त माधेम सत �्खा ग ह और अ े �तबसाइ्� क भी उनक� पसं् क त �ैकिलपक आ�ास का परा यगानत क त �य ्तखा जा सकरा है।
6. अपीयकराण क� ओर सत ्ुनयरी म�, उकर आ्तश �्नांक 26.10.2016 और 15.04.2017 क� उच् ेाेाये व�ारा पुिष् क� गई। इस ेाेाये व�ारा �रणमान अपीय� पर मुखे शप सत अपीयकराण और प्र�ा्� संखेा 1 क त बी् समाधान क� संभा�नाओं का परा यगानत क त �य ��्ार �केा जा रहा था। इस मुव्त पर ��र धी ्य�य� क �्नांक 18.11.2019 क त आ्तश म� ्नमनानुसार अं�कर �केा गेा है: - “ेा�्काकराण व�ारा ेह कहा गेा है �क �ह क छ ्त सत अपा्णम�् ( क बतडशम सत्) म� ेा र उस इयाक त म� रहनत क त �य रैेार है जहां �ह �रणमान म� रह रह� है ेा याजपर नगर III म� ेा उसक त आसपास जहां उसका भाई �रणमान म� रह रहा है। इस संबंध म� प्र�ा्�-प्र व�ारा क �्न क त भीरर ेा�्काकराण क ��कलप �् जा ँ ज उसक त बा् 10 �्न� क त भीरर अपनी पसं् का पे ग करतगी। �ैकिलपक शप सत, शी ग �गेा व�ारा ेह सुझा� �्ेा गेा �क िजस अपा्णम�् म� ेा�्काकराण रह रह� है (उकर अपा्णम�् म� प्र�ा्�-प्र क त �हससत क त बराबर) अपा्णम�् का क ्रहाई मूले सथाेी समझयरत क त माधेम सत ेा�्काकराण क �्ेा जा सकरा है। इसत काेाणि �र करनत क त �य, अपा्णम�् क बत्नत क� आ�्ेकरा ह गी, इसक त बा् मूले का क ्रहाई �हससा ेा�्काकराण क स�प �्ेा जा गा। उपर कर ��कलप प्र�ा्� प्र व�ारा �् ग ह, बशर� �क ेा�्काकराण प�कार� क त बी् �ै�ा�हक संबंध� का ��चछत् करनत और रयाक क� �डक� क त �य सहमर ह ।“
7. प्र�ा्� संखेा 1 व�ारा �करा क त आ�ास क त बारत म� क ु छ ��कलप �् ग थत िज ह� अपीयकराण व�ारा स�ीकार नह�ं �केा गेा था और इस पकार मामयत क आ्तश� क त �य सुर��र रखरत हु, इस ेाेाये व�ारा �्नांक 21.01.2020 क त अपनत आ्तश म� ्नमनानुसार �्पणणी क� गई: - “ेा�्काकराण क इस ररह क त ��कलप क अ�भयतख पर रखनत क� स�रंसरा है, जैसा �क �ह उ�्र समझरी है, जहां क बतडशम का अपा्णम�् �कराेत पर प्ान �केा जा सकरा है। ेा�्काकराण प्र माह �कराेत स�हर प्रभू्र क� रा�श, उ�्र ्याय� क त साथ े�् मकान मा�यक क त पास जमा क त शप म� रखनत क� आ�्ेकरा ह, का समसर ���रण ्त सकरी है| ेह ���रण क सपराह क त भीरर �्ेा जा सकरा है| प्र�ा्� इसक त रीन �्न बा् उ�र ्�गत|”
8. र्नुसार, अपीयकराण व�ारा 01.02.2010 क क हयफनामा ्ा�खय �केा गेा है। हयफनामत म� कहा गेा है �क अपीयकराण क� ओर सत स���म पेास� क त बा�जू्, उसत �कराेत पर क ई उपेुकर आ�ास नह�ं �मया और इस ररह �ह अपा्णम�् क त मूले म� रीन-्यथाई �हससत क त संबंध म� �पछयत अ�सर पर प्र�ा्� संखेा 1 क� ओर सत �् ग सुझा� क स�ीकार करनत क त �य रैेार थी। हयफनामा आगत इं�गर कररा है �क अपा्णम�् का बाजार मूले 1.85 सत
2.25 कर ड़ रपेत क त आस-पास ह गा और अपीयकराण क प्र�ा्� संखेा 1 व�ारा पसरा��र समझयरत क त माधेम सत रीन-्यथाई �हससत क त शप म� कम सत कम 65 याख रपेत �् जा ँ। हयफनामत म� ्नमनानुसार ज र �्ेा गेा है:- "19. ेह �क ेा�्काकराण नत अपनी उ�्र आशंका वेकर क� है �क प्र�ा्� संखेा 1 अपनत पतशत�र और वेिकरगर संपक� का उपे ग �ासर��क प्�यर बाजार मूले और उकर अपा्णम�् क त �य मय�दक पािपरे� क त मुकाबयत बहुर कम �बक� प्रफय का क ्तशन पापर करनत क त �य कर सकरा है, और ेा�्काकराण क उसक त अं्रम समझयरत क त मुकाबयत मुआ�जत क� कम रा�श क� पतशकश कर सकरा है। इस�य, उकर अपा्णम�् क त मयजू्ा बाजार मूले क ्तखरत हु, ेा�्काकराण का ��नमरापू�णक ्न�त्न है �क �बक� क त रीसरत �हससत क त शप म� ेूनरम 65 याख रपेत ेा�्काकराण क प्र�ा्� संखेा 1 व�ारा ्� जा । उकर रा�श म� क ई शरण नह�ं ह नी ्ा�ह और �कसी भी क्यरी सत मुकर ह नी ्ा�ह ।
20. ेह �क उसक� अपनी क ई अ े आे नह�ं ह नत क त कारण, ेा�्काकराण क उकर धन क बक म� क सा��ध जमा म� रखना ह गा और मा�सक बेाज का उपे ग अपनत मा�सक �करा का भुगरान करनत और अपनत शतष जी�न ेापन पर करना ह गा। इस�य, ेा�्काकराण क� ��नमरापू�णक पाथणना है �क उसक� सथाेी समझयरा रा�श कृ पेा ेा�्काकराण क त सभी रथे� और प�रिसथ्रे� पर ��्ार करनत क त बा् रे क� जा जैसा �क उपर कर पैरा म� बराेा गेा है।“
9. प्र�ा्� संखेा 1 व�ारा अपीयकराण क� ओर सत बरा ग अपा्णम�् क त बाजार मूले पर ���ा् कररत हु क ई ज�ाब ्ा�खय नह�ं �केा गेा है न ह� इस ्न�त्न सत इनकार �केा है �क अपीयकराण क सथाेी समझयरत क त माधेम सत कम सत कम र. 65,00,000/- (पसठ याख) प्ान �केा जा । बहरहाय, प्र�ा्� संखेा 1 नत सथाेी समझयरत क त माधेम सत अपीयकराण क अपा्णम�् का 1/3 मूले ्तनत क� इचछा जराई थी। इस�य, ेह आ्तश इस ररह क� इचछा और इस धारणा पर आधा�रर है �क अ े �हससत्ार, अथाणरत, उसक� पहय� पतनी सत प्र�ा्� नंबर 1 का बत्ा और बत्� भी अपा्णम�् क� �बक� क त �य रैेार और सहमर ह।
10. इन प�रिसथ्रे� म� हम ्न्�श ्तरत ह:- ) प्र�ा्� संखेा 1 आज सत ्ार सपराह क त भीरर अपा्णम�् म� अपनत �हससत क त 1/3 मूले क त प्रफय क त अंर�रम भुगरान क त शप म� र. 5,00,000/- रथा र.1,00,000/-क� रा�श (्न्य� अ्ायर क त ्न्�शानुसार 15,000/- रपेत प्रमाह क� ्र सत छह मह�नत का �कराेा और 10,000/- रपेत अपीयकराण क त जतब ख्ण क त �य ) इस ेाेाये क� रिजस्� म� जमा करतगा। बी) इस ररह क� जमा रा�श क त ् सपराह क त भीरर, अपीयकराण और प्र�ा्� संखेा 1 �हं्ू ���ाह अ�ध्नेम, 1955 (सं�तप म� "अ�ध्नेम") क� धारा 13 बी क त रहर आपसी सहम्र सत रयाक हतरु क उपेुकर आ�त्न ्ाेर कर�गत ेा उस संबंध म� नई काेण�ाह� शुश कर�गत। सी) इस ररह का आ�त्न ्ाेर करनत क त आठ सपराह क त भीरर, अपीयकराण अपा्णम�् क खाय� कर�गी और प्र�ा्� संखेा 1 क शां्रपूणण ढंग सत स�प ्�गी, इसक त बा् इस ेाेाये क� रिजस्� म� जमा क� गई 6,00,000/- रपेत क� उकर रा�श अपीयाथ� क स�प ्� जा गी। ेह पूर� ररह सत अपीयकराण पर ्नभणर करतगा �क �ह ऐसत सथान पर �फर सत रहत जहाँ �ह उ�्र समझत। डी) उसक त बा् े�् आ�्ेक ह र प्र�ा्� संखेा 1 अपा्णम�् क� प��्ंग स�हर ऐसत छ ्त मरममर काे� करा सकरा है। �फर अपा्णम�् �बक� क त �य उपयबध ह गा। अपीयकराण क त इसत खाय� करनत क त रीन मह�नत क त भीरर �बक� पूर� क� जा गी। सभी �बक� आे इस ेाेाये क� रिजस्� म� जमा क� जा गी। ई) �बक� ह नत और उपर कर अनुसार आे जमा �केत जानत क त बा्, अ�ध्नेम क� धारा 13बी क त रहर काेण�ाह� म� ्ूसरत पसरा� क त ्रण क त बा्, जैसा �क इसक त बा् कहा गेा है, अपीयकराण क स�पनत क त �य 60,00,000/- क� रा�श अयग रखी जा गी। 60,00,000/- रपेत क� उकर रा�श क अयग करनत क त बा्, शतष रा�श रिजस्� व�ारा प्र�ा्� संखेा 1 क� पहय� पतनी सत पुस और पुसी क समान अंश� म� स�पी जा गी। फ) अपीयकराण और प्र�ा्� संखेा 1 आपसी सहम्र सत ���ाह ��चछत् क त �य अ�ध्नेम क� धारा 13 बी क त रहर काेण�ाह� म� ्ूसरत पसरा� हतरु संबं�धर ेाेाये क त सम� पतश ह�गत। इस ररह क त ��चछत् क त क अ�भ न अंग क त शप म�, र 65,00,000/- सथाेी गुजारा भ�ा क त शप म� अपीयकराण क इन ्न्�श� म� बरा ग रर�क त सत प्ान �केा जा गा। जी) उपर कर अनुसार ��चछत् सत संबं�धर ेा्ेक ्नणणे क त आपसी सहम्र सत पा�रर ह नत क त बा्, इस ेाेाये क� रिजस्� व�ारा अपीयाथ� क 60,00,000/- रपेत क� शतष रा�श ्� जा गी। ्) ेह सपष् �केा जारा है �क े�् अपा्णम�् क� �बक� प्रफय 1,95,00,000/- सत अ�धक है और फयस�शप प्र�ा्� संखेा 1 का 1/3 �हससा 65,00,000/- रपेत सत अ�धक है, र अ्र�रकर रा�श म� प्र�ा्� संखेा 1 क त 1/3 �हससत �ाय� उ�्र रा�श अपीयकराण क ्� जा गी। इसक त अया�ा ेह सपष् �केा जारा है �क �बक� प्रफय र.1,95,00,000/- सत कम ह नत पर भी, प्र�ा्� संखेा 1 अपीयकराण क सथाेी गुजारा भ�ा क त शप म� र. 65,00,000/- प्ान करनत क त �य उ�र्ाेी ह गा। अपा्णम�् म� प्र�ा्� संखेा 1 क त 1/3 �हससत अथ�ा र. 65,00,000/- (ज भी अ�धक ह ) क त भुगरान और उपर कर अनुसार ���ाह ��चछत् क त ेा्ेक ्नणणे पा�रर ह नत पर, प्र�ा्� संखेा 1 व�ारा अपीयकराण क त गुज़ारा भ�ा, पायन-प षण और ्न�ास क त �य और क ु छ भी करनत क� आ�्ेकरा नह�ं है और ऐसा भुगरान प्र�ा्� संखेा 1 क त सभी ्ा्ेत�� क त पूणण ्न�णहन म� ह गा। आई) े�् �कसी कारण�श, प्र�ा्� संखेा 1 व�ारा अपा्णम�् क नह�ं बत्ा जारा है, र अपीयकराण 6,00,000/- रपेत क� रा�श क रखनत का हक्ार ह�गी और प्नगर अपा्णम�् म� पुनः प�तश करनत का भी उ ह� हक ह गा। अपीयकराण क� ओर सत पुनः प�तश क त इरा्त क� अ�भवेिकर क त सार �्न� क त भीरर प्र�ा्� संखेा 1 व�ारा उसत पुन: प�तश क� सु��धा प्ान क� जा गी। इसत संप न करनत क त �य, इन ्न्�श� क त खंड (डी) क त अनुसार �बक� क त पूरा ह नत क� अ��ध समापर ह नत क त ् सपराह क त भीरर प्र�ा्� संखेा 1 व�ारा अपीयकराण क स ्तश भतजा जाेतगा। े�् अपीयाथ� पुनः प�तश नह�ं करनत का ��कलप ्ुनरी है, र प्र�ा्� संखेा 1 उसत �करा क त शप म� प्र माह 30,000/- रपेत का भुगरान करनत क त �य बाधे ह गा। ेह कहनत क� आ�्ेकरा नह�ं है �क ऐसी �कसी भी िसथ्र म�, अ�ध्नेम क� धारा 13बी क त रहर प�कार� का आ�त्न खा�रज कर �्ेा जा गा। यत�कन ेह अपीयकराण और प्र�ा्� संखेा 1 क त बी् �कसी अ े काेण�ाह� क पभा��र नह�ं करतगा। जत) उपर कर रर�क त सत क� जानत �ाय� अपा्णम�् क� �बक� क छ ड़कर, प्र�ा्� संखेा 1 अपा्णम�् क त संबंध म� क ई रृरीे प� अ�धकार नह�ं उतप न कर�गी और न ह� �ह अपा्णम�् क त मामयत सत इस ररह ्नप्तगा िजससत त �हर� पर प्रक ू य पभा� पड़त। क त ) हायां�क ेह प्र�ा्� संखेा 1 और उसक त बत्त और बत्� पर ्नभणर ह गा �क �त अपा्णम�् क न बत्नत और इसत अपनत पास रखनत का फ ै सया कर�; इस िसथ्र म� प्र�ा्� संखेा 1 अपीयकराण क उपर कर अनुसार अपा्णम�् क त 1/3 मूले क त बजाे र. 70,00,000/- क� रा�श ्तगा और ऊपर बराई गई शतष शर�, ेथा�्ेक प�र�रणन� स�हर, यागू ह�गी। ्ूसरत शब्� म�, े�् ऐसा ्नणणे �येा जारा है, र अपीयकराण क इन ्न्�श� क त खंड ( ) म� ्शाणई गई रा�श क त अया�ा र. 65,00,000/- का भुगरान �केा जा गा। य) े�् प्र�ा्� संखेा 1 इन ्न्�श� क त खंड ( ) म� ्नधाण�रर समे क त भीरर 6,00,000/- रपेत क� रा�श जमा करनत म� ��फय रहरा है, र इस अपीय क अनुम्र ्� जा गी और अपीय क त रहर आ्तश रव् कर �् जा ंगत। नरीजरन, डी�ी अ�ध्नेम क� धारा 12 क त रहर अपीयकराण व�ारा ्ाेर अज़� क अनुम्र ्� जा गी। मत) इन ्न्�श� का क ई भी उलयंघन अ�मानना क� कारण�ाई क आमं�सर करतगा।
11. उपर कर ्न्�श� क त साथ इस अपीय का ्नप्ान �केा जारा है। यागर सत संबं�धर क ई आ्तश नह�ं।.....................न्ा्यम��र (उद् उयेश ल�ल�) (इंदु यल्होा) (कृ षणा युरारर) नई �दललर, अप्ल 29, 2020 अस�ीकरण: ्तशी भाषा म� ्नणणे का अनु�ा् मुकववमतबाज़ क त सी�मर पे ग हतरु �केा गेा है रा�क � अपनी भाषा म� इसत समझ सक � �ं ेह �कसी अ े पे जन हतरु पे ग नह�ं �केा जा गा| समसर काेाणयेी �ं वेा�हा�रक पे जन� हतरु ्नणणे का अंगतज़ी स�शप ह� अ�भपमा�णर माना जा गा और काेाण �ेन रथा यागू �क जानत हतरु उसत ह� �र�ेरा ्� जा गी |