Shekhar Kumar v. State of Delhi

Delhi High Court · 24 Aug 2021 · 2021:DHC:2602
Manoj Kumar Ohri
फौ.ͪव.मु. 996/2021
2021:DHC:2602
criminal petition_dismissed Significant

AI Summary

The Delhi High Court upheld charges against a police officer for accepting illegal gratification under the Prevention of Corruption Act, emphasizing that acceptance of bribe with belief of assisting official act constitutes an offense even if the accused lacks authority.

Full Text
Translation output
2021:डीएचसी:2602
फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 1
Ǒदãलȣ उÍच Ûयायालय, नई Ǒदãलȣ
फौ.ͪव.मु. 996/2021 और फौ.ͪव.अ. 5072/2021
Ǔनण[य कȧ Ǔतͬथ: 24.08.2021

े मामले मɅ:
शेखर क
ु मार उफ़
[ शेखर ͧसंह ....याͬचकाकता[
ɮवारा: Įी संजय गुÜता, अͬधवÈता
बनाम
रा.रा.¢े. Ǒदãलȣ राÏय ....Ĥ×यथȸ
ɮवारा: सुĮी नीलम शमा[, राÏय
अͧभ. सह Ǔन./दरोगा वीरɅġ
मोर, सतक
[ ता थाना
2021:DHC:2602
फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 2
कोरमः
माननीय Ûयायाधीश Įी मनोज क
ु मार ओहरȣ
(वीͫडयो कॉÛĥ
Ʌ ͧसंग क
े माÚयम से)
मनोज क
ु मार ओहरȣ, Ûया. (मौͨखक)
JUDGMENT

1. वत[मान याͬचका याͬचकाकता[ कȧ ओर से दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा दं.Ĥ.सं. 482 क े तहत दायर कȧ गई है िजसमɅ Ǒदनांक

17.03. 2020 क े आदेश को रɮद करने कȧ मांग कȧ गई है, जो ͩक ͪवशेष Ûयायाधीश, ħ.Ǔन. अͬधǓनयम, एसीबी-1, क Ʌ ġȣय िजला, राउज़ एवेÛयू Ûयायालय, Ǒदãलȣ ɮवारा पाǐरत ͩकया गया था, िजसक े तहत याͬचकाकता[ और सह-अͧभयुÈत उप.Ǔन. अͧमत क ु मार क े ͨखलाफ ħçटाचार Ǔनवारण अͬधǓनयम, 1988 (तɮपæचात 'ħ.Ǔन. अͬधǓनयम' क े Ǿप मɅ संदͧभ[त) कȧ धारा फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 3 7/8/13(1)(डी) क े तहत पुͧलस थाना सतक [ ता, Ǒदãलȣ मɅ दज[ एफआईआर सं. 5/2018 मɅ आरोप ͪवरͬचत ͩकए गए थे।

2. मामले क े संͯ¢Üत तØय जो आ¢ेͪपत आदेश मɅ फािज़ल ͪवचारण Ûयायालय ɮवारा अͧभͧलͨखत ͩकए गए हɇ, Ǔनàनानुसार हɇ:- “1. मामले क े संͯ¢Üत तØय यह हɇ ͩक 23.05.2018 को ͧशकायतकता[ Įी सुरɅġ ͧसंह ने पंच गवाह Įी रमेश चंġ क े शरवानी कȧ उपिèथǓत मɅ Ǔन. अजय ×यागी को थाना सतक [ ता मɅ एक हèतͧलͨखत ͧशकायत दȣ िजसमɅ अͧभकͬथत Ǿप से यह कहा ͩक ͧशकायतकता[ वाहन सं. एचआर-46 डी-5396 का पंजीकृ त माͧलक है। यह आगे कहा गया है ͩक जसवीर, Ĝाइवर 07.05.2018 को माल फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 4 से भरे पूवȾÈत वाहन मɅ Ûयू Ēीन Ěांसपोट[, रामपुरा से मġास क े ͧलए रवाना हुआ। यह आगे कहा गया है ͩक थाना पंजाबी बाग मɅ ͧशकायतकता[ क े ͨखलाफ ͧशकायत दज[ कराने वाले Įी शेखर (Ûयू Ēीन Ěांसपोट[ क े माͧलक) क े कहने पर उÈत वाहन को रोक Ǒदया गया था। इसक े बाद, 16.05.2018 को, Įी शेखर ͧशकायतकता[ को थाना पंजाबी बाग ले गए, जहां आरोपी उप.Ǔन. अͧमत क ु मार ͧमला िजसने ͧशकायतकता[ को जेल भेजने कȧ धमकȧ दȣ यǑद उसक े पांच लाख ǽपये कȧ मांग पुरȣ नहȣं हुई । अगले Ǒदन आरोपी उप.Ǔन. अͧमत क ु मार ने थाने मɅ ͧशकायतकता[ से ǽ.2,50,000/- ĤाÜत ͩकए और ͧशकायतकता[ को अगले Ǒदन शेष राͧश का भुगतान फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 5 करने क े ͧलए कहा। इसक े बाद, 18.05.2018 को, ͧशकायतकता[ ने अͧभयुÈत उप.Ǔन. अͧमत क ु मार को ͩफर ǽ.30,000/- Ǒदया, िजसने ͧशकायतकता[ को चेतावनी दȣ और उसे 21.05.2018 तक शेष राͧश का भुगतान करने क े बाद, ͧशकायतकता[ ǽ.50,000/- (Ĥ×येक 2,000/- क े 25 मुġा नोट) क े साथ थाना पहुंचा और 23.05.2018 को एक ͧशकायत कȧ िजस पर पंच गवाह रमेश चंदर क े शरवानी क े हèता¢र ͩकए गए थे और मुġा नोटɉ का सीǐरयल नंबर नोट ͩकया गया और फ े नोãफथेͧलन पाउडर को पूवȾÈत जीसी नोटɉ लगाया गया और छापेमारȣ क े ͧलए आगे बढ़ने से पहले ͧशकायतकता[ को डेमो Ǒदया गया। त×पæचात, फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 6 ͧशकायतकता[ को ǽ.50,000/- कȧ राͧश सɋपी गई, िजसे ͧशकायतकता[ ने अपनी पɇट कȧ दाǑहनी ओर कȧ जेब मɅ रखा था और उसे पंच गवाह को अपने साथ रखने क े ͧलए कहा गया था ताͩक वह ͧशकायतकता[ और आरोपी क े बीच बातचीत सुन सक े । इसक े बाद, ͧशकायतकता[ ने उप.Ǔन. अͧमत क ु मार को टेलȣफोन ͩकया िजसने ͧशकायतकता[ को शेखर से ͧमलने क े बाद, छापेमारȣ टȣम बशमूल आरओ Ǔन. अजय ×यागी ͧशकायतकता[ सुरɅġ ͧसंह, पंच गवाह रमेश चंदर क े शरवानी, Ĥ.ͧस. राक े श, Ĥ.ͧस. तारा चंद, Ĥ.ͧस. क ं वर ͧसंह और Ĝाइवर सहा.उप.Ǔन. अमरदȣप सरकारȣ वाहन सं. DL-1CJ-5549 मɅ रवाना हुइ फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 7 और लगभग 02:30 बजे थाना पंजाबी बाग क े पास पहुंची। यह आगे कहा गया है ͩक ͧशकायतकता[ और पंच गवाह को पंजाबी बाग थाना मɅ भेजा गया था और छापेमारȣ टȣम पंजाबी बाग थाना क े बाहर रहȣ। इसक े बाद, ͧशकायतकता[ ने शेखर क े मोबाइल फोन पर कॉल ͩकया िजसने ͧशकायतकता[ को शेखर क े काया[लय मɅ पहुंचने क े ͧलए कहा जो रामपुरा मɅ िèथत है और तदनुसार ͧशकायतकता[ सह छापेमारȣ टȣम लगभग 03:30 बजे शेखर क े काया[लय मɅ पहुंच। ͧशकायतकता[ और पंच गवाह पहलȣ मंिज़ल पर गए और अÛय कम[चारȣ काया[लय क े पास रहे। त×पæचात, 35-40 ͧमनट क े बाद पंच गवाह नीचे आया और छापेमारȣ टȣम को एक पूव[-Ǔनयोिजत फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 8 संक े त Ǒदया और छापेमारȣ टȣम पहलȣ मंिज़लल पर पहुंची जहां पंच गवाह ने बताया ͩक काखी पɇट और पीलȣ शट[ पहने åयिÈत ने अपने दाǑहने हाथ से ǽ.50,000/- ͧशकायतकता[ से ͧलए थे और उस åयिÈत को आरओ ɮवारा पकड़ ͧलया गया, उÈत åयिÈत ने अपना नाम उप.Ǔन. अͧमत क ु मार बताया। इसक े बाद, आरोपी उप.Ǔन. अͧमत क ु मार कȧ जामातलाशी मɅ उसक े दाǑहने हाथ से ǽ.50,000/- (ǽ.2,000/- क े 25 मुġा नोट) बरामद ͩकए गए । बरामद मुġा नोटɉ कȧ Đम संÉया पूव[- छापेमारȣ काय[वाहȣ मɅ नोट ͩकए गए Đम संÉया क े साथ ͧमलाया गया । । इसक े बाद, आरोपी क े दाǑहने हाथ को सोͫडयम कॉबȾनेट घोल मɅ डाला फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 9 गया, जो गुलाबी हो गया िजसे दो बोतलɉ मɅ ज़Þत कर ͧलया गया। इसक े बाद, मामले क े Ĥदशɟ को कÞजे मɅ ले ͧलया गया। वत[मान मामला उप.Ǔन. अͧमत क ु मार और शेखर क े ͨखलाफ दज[ ͩकया गया था और जांच Ǔन. डी.वी. गौतम को सɋपी गई थी िजÛहɉने आरोपी को ͬगरÝतार ͩकया और ͧशकायतकता[ सुरɅġ ͧसंह क े कहने पर नÈशा मौका तैयार ͩकया। जांच क े दौरान, आरोपी शेखर क ु मार से भी पूछताछ कȧ गई, िजसने खुलासा ͩकया ͩक उसने ͧशकायतकता[ सुरɅġ ͧसंह क े Ěक मɅ चेÛनई एक शराब कȧ खेप भेजी थी, िजसने चेÛनई क े राèते मɅ खेप का आधा Ǒहèसा Ǔनकाल ͧलया था और इसͧलए, आरोपी शेखर ने मामले कȧ सूचना फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 10 पंजाबी बाग थाना मɅ दȣ और आरोपी उप.Ǔन. अͧमत क ु मार से संपक[ ͩकया िजसने ǒबना कोई Ĥाथͧमकȧ दज[ ͩकए बहादुरगढ़ से शराब कȧ चोरȣ कȧ खेप बरामद करा Ǒदया ।“

3. ͪवचारण Ûयायालय ने अͧभलेख पर रखी गई सामĒी पर ͪवचार करने क े बाद, याͬचकाकता[ और सह-अͧभयुÈत उप.Ǔन. अͧमत क ु मार क े ͨखलाफ भा.दं.सं. कȧ धारा 120बी और ħ.Ǔन. अͬधǓनयम कȧ धारा 7/13 (1)(डी) क े तहत आरोप तय ͩकए।

4. याͬचकाकता[ क े फािज़ल अͬधवÈता ने तक [ Ǒदया है ͩक यह अपराध अͧभकͬथत Ǿप से 23.05.2018 को ħ.Ǔन. अͬधǓनयम कȧ अशंशोͬधत धारा 7 क े तहत ͩकया गया है, और िजसक े अनुसार, ͩकसी आͬधकाǐरक काय[ क े संबंध मɅ वैध पाǐरĮͧमक क े अलावा कोई पǐरतोषण लेने पर एक लोक सेवक पर आरोप फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 11 लगाया जा सकता है । उÛहɉने कहा ͩक उप.Ǔन. अͧमत क ु मार याͬचकाकता[ कȧ ͧशकायत पर ͪवचार नहȣं कर सकते थे और आगे बढ़ सकते थे Èयɉͩक पुͧलस थाना पंजाबी बाग, Ǒदãलȣ क े अͬधकार ¢ेğ मɅ कोई अपराध नहȣं ͩकया गया था जहां वह तैनात थे। अपने Ǔनवेदन क े समथ[न मɅ, याͬचकाकता[ क े फािज़ल अͬधवÈता ने Ǔन. राजीव भारɮवाज, दारोग़ा, पुͧलस थाना पंजाबी बाग क े बयान पर भरोसा ͩकया है जो दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 161 क े तहत दज[ ͩकया गया था । इस बयान मɅ कहा गया है ͩक याͬचकाकता[ 16.05.2018 को पुͧलस थाना आया था और उप.Ǔन. अͧमत क ु मार से अपने सामान कȧ चोरȣ क े बारे मɅ ͧमला था जो ओखला से चेÛनई भेजा गया था। इस बयान मɅ यह भी उãलेख ͩकया गया था ͩक पुͧलस थाना पंजाबी बाग का इस मामले मɅ कोई अͬधकार ¢ेğ नहȣं था और सह-अͧभयुÈत उप.Ǔन. फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 12 अͧमत क ु मार ने अनौपचाǐरक Ǿप से काम ͩकया। फािज़ल अͬधवÈता ने यह भी तक [ Ǒदया ͩक जांच एजɅसी ने कͬथत सािज़श को साǒबत करने क े ͧलए कोई भी गवाह पेश नहȣं ͩकया है । Ǔनवेदन क े समथ[न मɅ, उÛहɉने ͪवçणु Ĥसाद बनाम उ.Ĥ. राÏय मɅ इलाहाबाद उÍच Ûयायालय क े Ǔनण[य पर भरोसा ͩकया है, 1981 SCC OnLine AII 566 ।

5. मɇने याͬचकाकता[ क े फािज़ल अͬधवÈता को सुना है और अͧभलेख पर रखी गई सामĒी को भी देखा है।

6. वत[मान मामले मɅ शाͧमल संͯ¢Üत मुɮदा 26.07.2018 को लागू होने वाले अͬधǓनयम संÉया 16/2018 ɮवारा इसक े संशोधन से पहले धारा 7 ħ.Ǔन. अͬधǓनयम कȧ åयाÉया का है । वत[मान घटना 23.05.2018 को होना बताई गई है। ħ.Ǔन. अͬधǓनयम फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 13 कȧ धारा 7, वष[ 2018 मɅ इसक े संशोधन से पहले, Ǔनàनानुसार पढ़ȣ जाती थी:- “7. लोक सेवक ɮवारा पदȣय काय[ क े ͧलए वैध पाǐरĮͧमक से ͧभÛन पǐरतोषण ͧलया जाना - जो कोई लोक सेवक होते हुए या होने कȧ Ĥ×याशा रखते हुए वैध पाǐरĮͧमक से ͧभÛन ͩकसी Ĥकार का भी कोई पǐरतोषण इस बा त क े करने क े ͧलए हेतु या इनाम क े Ǿप मɅ ͩकसी åयिÈत से अपने ͧलए या ͩकसी अÛय åयिÈत क े ͧलए ĤǓतगृǑहत या अͧभĤाÜत करेगा या ĤǓतगृǑहत करने को सहमत होगा या अͧभĤाÜत करने का Ĥय×न करेगा ͩक वह लोक सेवक अपना कोई पदȣय काय[ करे या करने से Ĥͪवरत रहे अथवा ͩकसी åयिÈत को अपने पदȣय कृ ×यɉ क े Ĥयोग मɅ कोई फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 14 अनुĒह या अननुĒह Ǒदखाए या Ǒदखाने से Ĥͪवरत रहे अथवा क Ʌ ġȣय सरकार या ͩकसी राÏय कȧ सरकार या संसद या ͩकसी राÏय ͪवधान - मंडल मɅ या धारा क े खंड ) ग ( मɅ ǓनǑद[çट ͩकसी èथानीय Ĥाͬधकारȣ, Ǔनगम या सरकारȣ क ं पनी मɅ या ͩकसी लोक सेवक क े यहाँ, चाहे वह नाͧमत हो या नहȣं, ͩकसी åयिÈत का कोई उपकार या अपकार करे या करने का Ĥय×न करे, वह काराव◌ास से, िजसकȧ अवͬध ] तीन वष[ [ से कम नहȣं होगी ͩकÛतु ] सात वष[ [ तक कȧ हो सक े गी और जुमा[ने से भी दिÖडत ͩकया जाएगा | èपçटȣकरण - ) क ( ” लोक सेवक होने कȧ Ĥ×याशा रखते हुए ‘‘ – यǑद कोई åयिÈत जो ͩकसी पद पर होने कȧ Ĥ×याशा न रखते हुए, दूसरɉ को Ĥवंचना से यह फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 15 ͪवæवास करा कर ͩक वह ͩकसी पद पर होने वाला है और यह ͩक तब वह उनका उपकार करेगा, उससे पǐरतोषण अͧभĤाÜत करेगा, तो वह छल करने का दोषी हो सक े गा ͩकÛतु वह इस धारा मɅ पǐरभाͪषत अपराध का दोषी नहȣं हɇ | ) ख ( ” पǐरतोषण “ – ” पǐरतोषण ‘‘ शÞद से धन सàबÛधी पǐरतोषण तक, उन पǐरतोषणɉ तक हȣ, जो धन मɅ आंक े जाने योÊय हɇ, Ǔनबɍͬधत नहȣं है | ) ग ( ” वैध पाǐरĮͧमक ‘‘ - ” वैध पाǐरĮͧमक ‘‘ शÞद उस पाǐरĮͧमक तक हȣ Ǔनबɍͬधत नहȣं हɇ िजसकȧ मांग क◌ोई लोक सेवक ͪवͬध पूण[ Ǿप से कर सकता है, ͩकÛतु इसक े अंतग[त वह समèत पाǐरĮͧमक आता है िजसको ĤǓतगृǑहत करने क े ͧलए उस सरकार या फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 16 संगठन ɮवारा, िजसकȧ सेवा मɅ है, उसे अनु£ा दȣ गई है | ) घ ( ” करने क े ͧलए हेतुक या इनाम “ – वह åयिÈत जो वह काय[ करने क े ͧलए हेतुक या इनाम क े Ǿप मɅ, िजसे करने का उसका आशय नहȣं है, या िजसे करने कȧ िèथǓत मɅ वह नहȣं है या जो उसने नहȣं ͩकया है, पǐरतोषण ĤाÜत करता है, इस पद क े अंतग[त आता है | ङ) जहाँ कोई लोक सेवक ͩकसी åयिÈत को यह गलत ͪवæवास करने क े ͧलए उ×Ĥेǐरत करता है ͩक सरकार मɅ उसक े असर से उस åयिÈत को कोई हक अभी ĤाÜत हुआ है, और इस Ĥकार उस åयिÈत को इस सेवा क े ͧलए पुरèकार क े Ǿप मɅ लोक सेवक को फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 17 धन या कोई अÛय पǐरतोषण देने क े ͧलए उ×Ĥेǐरत करता है, तो य ह इस धारा क े अधीन लोक सेवक |ɮवारा ͩकया गया अपराध होगा

7. पूवȾÈत धारा और संलÊन èपçटȣकरण (डी) और (ई) क े देखने से पता चलता है ͩक उसक े तहत ͩकसी अपराध का गठन करने क े ͧलए यह पया[Üत है ͩक कोई लोक सेवक सेवा Ĥदान करने क े ͧलए अवैध पǐरतोषण ĤाÜत करता है यह मानते हुए ͩक वह सहायता करेगा चाहे वह ऐसा करने मɅ स¢म हो या नहȣं ।

8. वत[मान मामले मɅ शाͧमल ͪववाद AIR 1955 SC 70 क े Ǿप मɅ ĤǓतवेǑदत महेश Ĥसाद बनाम उƣर Ĥदेश राÏय मɅ भा.दं.सं. कȧ धारा 161 (ħ.Ǔन. अͬधǓनयम ɮवारा मंसूख) क े तहत दंडनीय अपराध क े संबंध मɅ सवȾÍच Ûयायालय क े सम¢ भी उठा था I सवȾÍच Ûयायालय ने इस ĤǓतͪवरोध को नकारते हुए कहा ͩक फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 18 उपरोÈत धारा क े तहत अपराध का गठन करने क े ͧलए, यह पया[Üत है यǑद लोक सेवक जो धन ĤाÜत करता है, उसे यह कहकर ले ͩक वह ͩकसी अÛय लोक सेवक से दाता को सहायता Ĥदान करेगा और दाता उस ͪवæवास क े तहत पैसा देता है। धन का ĤाÜतकता[ ऐसी सहायता Ĥदान करने कȧ िèथǓत मɅ नहȣं भी हो सकता है। िजसे करने मɅ वह èवं स¢म बता रहा हो उसे ͧसरे से करने का उसका इरादा नहȣं भी हो तब भी । वह तदनुसार धोखाधड़ी का दोषी हो सकता है। तथाͪप, वह भा.दं.सं. कȧ धारा 161 क े अधीन दंडनीय अपराध का दोषी है I (1976) 3 SSC 46 क े Ǿप मɅ ĤǓतवेǑदत चतुदा[स भगवानदास पटेल बनाम गुजरात राÏय मɅ सवȾÍच Ûयायालय ने इन ǑटÜपͨणयɉ को Ǔनàन Ĥकार दोहराया:- फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 19 “21........ धारा इसकȧ अपे¢ा नहȣं करती ͩक लोक सेवक, वाèतव मɅ, पǐरतोषण कȧ मांग या ĤािÜत क े समय सरकारȣ काय[, प¢ या सेवा करने कȧ िèथǓत मɅ हो हȣ। इस धारा क े अधीन अपराध गǑठत करने क े ͧलए, यह पया[Üत है यǑद लोक सेवक, जो पǐरतोष èवीकार करता है, उसे ͪवæवास पैदा करक े या यह अͧभǓनधा[ǐरत करक े ͩक वह "ͩकसी अÛय लोक सेवक क े साथ" दाता को सहायता Ĥदान करेगा और दाता उस ͪवæवास क े अधीन पǐरतोष देता है। यह और अͬधक सारहȣन है यǑद लोक सेवक को संतुिçट ĤाÜत करने का इरादा आͬधकाǐरक काय[, प¢ या सǑहçणुता करने का नहȣं है जो वह खुद को करने मɅ स¢म है।यह अंǓतम èपçटȣकरण CRL. MC 996/2021 से èपçट है धारा 161 मɅ जोड़ा गया, िजसक े अनुसार, जो åयिÈत ऐसा करने का इरादा नहȣं रखता है, उसे करने क े ͧलए एक मकसद क े Ǿप मɅ संतुिçट ĤाÜत करता है, वह ऐसा करने क े ͧलए एक इनाम था जो उसने नहȣं ͩकया है, 'एक फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 20 मकसद या करने क े ͧलए इनाम' शÞदɉ क े दायरे मɅ आता हैइस खंड क े तहत इलèĚेशन (ग) ɮवारा ǒबंदु को और èपçट ͩकया गया है।इस Ĥकार, भले हȣ यह मान ͧलया जाए ͩक घनæयामͧसंह क े ͨखलाफ बाई सती क े अपहरण क े आरोप क े बारे मɅ अपीलकता[ ɮवारा ͩकया गया ĤǓतǓनͬध×व, वाèतव मɅ, गलत था, यह उसे धारा 161 क े टɅटुओं से बाहर Ǔनकलने मɅ स¢म नहȣं करेगा, हालांͩक वहȣ अपीलकता[ का काय[ धोखाधड़ी क े अपराध कȧ राͧश हो सकती है, (देखɅ महेश Ĥसाद बनाम यूपी राÏय; धनेæवर नारायण सÈसेना बनाम Ǒदãलȣ Ĥवेश)

22. वाèतव मɅ, जब एक लोक सेवक एक पुͧलस अͬधकारȣ होता है, तो दंड संǑहता कȧ धारा 161 क े तहत आरोप लगाया जाता है और यह आरोप लगाया जाता है ͩक आͬधकाǐरक काय[ करने या खरȣदने क े ͧलए उसक े ɮवारा अवैध संतुिçट लȣ गई थी, यह सवाल ͩक Èया दाता क े ͨखलाफ कोई अपराध था फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 21 संतुिçट जो अͧभयुÈत जांच कर सकता था या नहȣं, उस उɮदेæय क े ͧलए सामĒी नहȣं है।यǑद उसने अवैध संतुिçट Ǔनकालने क े ͧलए अपनी आͬधकाǐरक िèथǓत का उपयोग ͩकया है, तो कानून कȧ आवæयकता संतुçट है।Ûयायालय क े ͧलए इस तरह क े मामले मɅ यह ͪवचार करना आवæयक नहȣं है ͩक लोक सेवक प¢ या ͪवघटन का कोई आͬधकाǐरक काय[ करने या करने मɅ स¢म था या नहȣं (देखɅ भानुĤसाद हǐरĤसाद दवे बनाम गुजरात राÏय और ͧशव राज ͧसंह बनाम Ǒदãलȣ Ĥशासन।) ”

9. वत[मान मामले मɅ, ͧशकायतकता[ ने आरोप लगाया है ͩक याͬचकाकता[ ɮवारा दायर एक ͧशकायत पर, सह-अͧभयुÈत एसआई अͧमत क ु मार ने उसक े ͨखलाफ कानूनी कार[वाई नहȣं करने क े ͧलए 16.05.2018 को 5 लाख ǽपये कȧ मांग कȧ।इसक े बाद, ͧशकायतकता[ ने 17.05.2018 को ǽ। 2. 5 लाख और 18.05.2018 को एसआई अͧमत क ु मार को पुͧलस èटेशन पंजाबी फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 22 बाग मɅ ǽ। 30,000/-।जब ͧशकायतकता[ को 21.05.2018 तक शेष राͧश का भुगतान करने कȧ धमकȧ दȣ गई थी, तो उसने 23.05.2018 को ͧशकायत कȧ, िजसक े पǐरणामèवǾप वत[मान Ĥाथͧमकȧ का पंजीकरण हुआ। एक जाल ǒबछाया गया।ͧशकायतकता[ को याͬचकाकता[ क े काया[लय पहुंचने क े ͧलए कहा गया।छापेमारȣ दल ने एसआई अͧमत क ु मार को काया[लय फौ.ͪव.मु 996/2021 मɅ पकड़ ͧलया 50,000/- कȧ ǐरæवत राͧश क े साथ वत[मान याͬचकाकता[ कȧ।इस Ĥकार यह èपçट है ͩक सह-अͧभयुÈत क े काय[ धारा 7 पीसी अͬधǓनयम क े दायरे मɅ आते हɇ Èयɉͩक यह 2018 क े संशोधन से पहले खड़ा था।

10. दूसरे ͪववाद क े Ǿप मɅ इनफ़ॉफ़र, सािजश क े अपराध क े संबंध मɅ, ͬचंǓतत है, यह उɮधृत ͩकया जाता है ͩक गोपनीयता मɅ या गोपनीयता मɅ एक सािजश रची जाती है।Ĥ×य¢ Ĥमाण ɮवारा फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 23 एक सािजश èथाͪपत करना शायद हȣ संभव हो।आमतौर पर, सािजश और उसकȧ वèतुओं क े अिèत×व दोनɉ को पǐरिèथǓतयɉ और अͧभयुÈतɉ क े आचरण से अनुमान लगाना पड़ता है [रेफर:पुͧलस अधी¢क, सीबीआई/एसआईटȣ बनाम नͧलनी और अÛय क े माÚयम से राÏय ने (1999)5 एससीसी 253] क े Ǿप मɅ सूचना दȣ।वत[मान मामले मɅ, चूंͩक याͬचकाकता[ और सह- अͧभयुÈत एसआई अͧमत क ु मार को ǐरæवत राͧश क े साथ याͬचकाकता[ क े काया[लय मɅ ͬगरÝतार ͩकया गया था, इसͧलए ͪववाद मेǐरटलेस है और खाǐरज कर Ǒदया गया है।

11. याͬचकाकता[ क े ͪवɮवत अͬधवÈता ने अपने तकɟ का समथ[न करने क े ͧलए ͪवçणु Ĥसाद (सुĤा) पर भी भरोसा रखा है, हालांͩक, इसमɅ Ǔनण[य वत[मान याͬचकाकता[ कȧ कोई मदद नहȣं फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 24 करता है, Èयɉͩक यह उस मामले क े अजीब तØयɉ और पǐरिèथǓतयɉ मɅ पाǐरत ͩकया गया था।

12. यह सुलझा हुआ कानून है ͩक आरोप तय करने क े चरण मɅ, जहां ǐरकॉड[ पर रखी गई सामĒी गंभीर संदेह का खुलासा करती है िजसे ठȤक से समझाया नहȣं गया है, Ûयायालय आरोप तय करने मɅ पूरȣ तरह से उͬचत होगा।यह भी अÍछȤ तरह से तय है ͩक दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 227 क े तहत आरोप तय करने क े सवाल पर ͪवचार करते समय एक Ûयायाधीश क े पास यह पता लगाने क े सीͧमत उɮदेæय क े ͧलए सबूतɉ को Ǔनचोड़ने और तौलने कȧ Ǔनèसंदेह शिÈत है ͩक अͧभयुÈत क े ͨखलाफ एक Ĥथम Ǻçटया मामला है या नहȣं बाहर ͩकया गया।Ĥथम Ǻçटया मामले को Ǔनधा[ǐरत करने क े ͧलए परȣ¢ण Ĥ×येक मामले क े तØयɉ पर Ǔनभ[र करेगा। फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 25

13. कानून क े पूवȾÈत ͪवèतार क े आलोक मɅ तØयɉ और पǐरिèथǓतयɉ को Úयान मɅ रखते हुए, इस Ûयायालय को कोई अवैधता, दुब[लता या CRL. MC 996/2021 नहȣं ͧमला| लगाए गए आदेश मɅ åयापकता।उसी को बरकरार रखा जाता है और वत[मान याͬचका को लंǒबत आवेदन क े साथ खाǐरज कर Ǒदया जाता है।

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14. यह बताने कȧ आवæयकता नहȣं है ͩक यहां दȣ गई ǑटÜपͨणयां क े वल वत[मान याͬचका को तय करने क े उɮदेæय से हɇ और परȣ¢ण मɅ मामले कȧ खूǒबयɉ को Ĥभाͪवत नहȣं करɅगी।

15. इस आदेश कȧ एक ĤǓत संबंͬधत Ěायल कोट[ को इलेÈĚॉǓनक Ǿप से सूͬचत कȧ जानी चाǑहए। ( मनोज क ु मार ओहरȣ) Ûया फौ.ͪव.मु. 996/2021 पृçट सं. 26 24 अगèत, 2021 एन.ऐ (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अèवीकरण: देशी भाषा मɅ Ǔनण[य का अनुवाद मुकɮɮमेबाज़ क े सीͧमत Ĥयोग हेतु ͩकया गया है ताͩक वो अपनी भाषा मɅ इसे समझ सक Ʌ एवं यह ͩकसी अÛय Ĥयोजन हेतु Ĥयोग नहȣं ͩकया जाएगा| समèत काया[लयी एवं åयावहाǐरक Ĥयोजनɉ हेतु Ǔनण[य का अंĒेज़ी èवǾप हȣ अͧभĤमाͨणत माना जाएगा और काया[Ûवयन तथा लागू ͩकए जाने हेतु उसे हȣ वरȣयता दȣ जाएगी।