Kuldeep v. State (Delhi)

Delhi High Court · 31 Aug 2021 · 2021:DHC:2665
Subramonium Prasad
Bail Application 2206/2021
2021:DHC:2665
criminal petition_dismissed Significant

AI Summary

The Delhi High Court dismissed bail for the accused in a serious trafficking and sexual exploitation case involving a minor, emphasizing the gravity of offences and prima facie evidence against the accused.

Full Text
Translation output
2021:डीएचसी:2665
ज़मानत अज़ी 2206/2021 ऩृष्ठ सं. 1
दिल्ऱी उच्च न्यायाऱय : नई दिल्ऱी
ज़मानत अज़ी 2206/2021
निर्णय की निथि: 31 अगस्ि, 2021

े मामऱे में:

ु ऱदीप ....याथचकाकिाण
द्वारा: श्री जोथगन्दर िुऱी, अथिवक्िा
बिाम
राज्य (रा.रा.ऺे. ददल्ऱी) ...प्रत्यिी
द्वारा: राज्य की अनि.ऱो.
अभभ. सुश्री मीिाऺी चौहाि सह
उप.नि. अॊजू िािा अमि ववहार
कोरम :
माननीय न्यायाधीश श्री सुभ्रमोणयम प्रसाि
न्या., सुभ्रमोणयम प्रसाि
JUDGMENT

1. याथचकाकिाण भा.द.सॊ. की िारा 366ए, 372, 376, 120बी, 506 और 34 क े िहि अपरािों क े भऱए िािा अमि ववहार में दजण प्रािभमकी सॊख्या 510/2020 ददिाॊक 25.10.2020 में ज़मािि चाहिा है।

2. विणमाि मामऱे की ओर ऱे जािे वाऱे सॊक्षऺप्ि िथ्य इस प्रकार हैं:- 2021:DHC:2665 ज़मानत अज़ी 2206/2021 ऩृष्ठ सं. 2 i. प्रािभमकी सॊ. 510/2020 ददिाॊक 25.10.2020 अभभयोक्री क े बयाि पर दजण की गई िी। अभभयोक्री की आयु ऱगभग 16/17 वषण है| अभभयोक्री द्वारा यह बिाया गया है कक वे पाॉच भाई -बहि यािी चार बहिें और एक भाई है। ii. ऐसा बिाया गया कक प्रािभमकी दजण होिे से ऱगभग 10 साऱ पहऱे अभभयोक्री िे अपिे वपिा को खो ददया िा और उसकी माॉ उन्हें छोड़ कर चऱी गई िी। सभी भाई-बहि अपिी दादी क े साि रह रहे िे, जजिका नििि भी प्रािभमकी दजण होिे से चार साऱ पहऱे हो गया िा। iii. ऐसा बिाया गया कक उसकी बुआ (वपिा की बहि) िे अभभयोक्री को अपिे साि रखा और अभभयोक्री का भाई अपिी बुआ क े साि रहिे ऱगा। उसिे बिाया कक उसकी बड़ी बहि शादीशुदा है और उसक े बड़े भाई िे ककराए पर एक कमरा भऱया हुआ है और वह अऱग रह रहा है। iv. ऐसा बिाया गया कक अभभयोक्री और उसकी बुआ (वपिा की बहि ) क े बीच क ु छ मिभेद उत्पन्ि हुए और जब उसिे अपिी आॊटी और चाचा (वपिा क े भाई ) को घटिा सुिाई, िो उन्होंिे अभभयोक्री को अपिे पास रखा। ऐसा बिाया गया कक उिक े साि भी क ु छ मिभेद उत्पन्ि ज़मानत अज़ी 2206/2021 ऩृष्ठ सं. 3 हुए और बाद में अभभयोक्री अपिे वपिा क े भाई और उिकी पत्िी, यािी आरोपी/सुमि क े यहाॉ चऱी गई। v. वह उिक े साि मकाि िॊ ए -307/1 खसरा िॊबर 675, रमेश एन्क्ऱेव, अमि ववहार, ददल्ऱी में रहिे ऱगी। ऐसा बिाया गया कक आरोपी /सुमि िे उसे कहा कक उसे घर पर खाऱी बैठिे की ज़रूरि िहीॊ है और वह उसे काम पर ऱे जाएगी। vi. ऐसा बिाया गया कक आरोपी /सुमि एक स्पा में काम करिी िी और अभभयोक्री अपिी आॊटी (चाची) क े साि स्पा गई, जहाॉ उसे आरोपी/पूिम से भमऱवाया गया, जो स्पा चऱा रही िी। vii. ऐसा बिाया गया कक अगऱे ददि आरोपी /सुमि अभभयोक्री को पाऱणर ऱे गई जहाॉ अभभयोक्री िे देखा कक वहाॉ क े बबि िे और क े बबि क े अॊदर बबस्िरे ऱगे िे। viii. ऐसा बिाया गया कक आरोपी /पूिम िे उसे बुऱाया और उसे क े बबि में जािे क े भऱए कहा जहाॉ एक व्यजक्ि इॊिज़ार कर रहा िा। ऐसा बिाया गया कक जब अभभयोक्री िे जािे से इिकार ककया, िो आरोपी/पूिम िे उसकी चाची/सुमि को फोि ककया और उसिे उसे िप्पड़ मारा| ऐसा बिाया गया कक आरोपी /सुमि िे उसे िमकी ज़मानत अज़ी 2206/2021 ऩृष्ठ सं. 4 दी और अभभयोक्री से कहा कक वह क ु छ भी ि बिाए िहीॊ िो वह उसे मार डाऱेगी। ix. ऐसा बिाया गया कक अभभयोक्री िे अपिे अॊकऱ (चाचा) को वारदाि बिािे की कोभशश की ऱेककि वह ऐसा करिे में असमिण रही क्योंकक उसकी चाची बीच में आ गई और उसिे (चाची िे) उसे पीटा। वपटाई क े बाद, अभभयोक्री इस घटिा का खुऱासा करिे से डर गई िी। x. यह बिाया गया कक पाऱणर से वे अभभयोक्री को ववभभन्ि होटऱों में भेजिे िे जहाॉ उसका शारीररक शोषर् ककया जािा िा| ऐसा बिाया गया कक 20.10.2020 को अभभयोक्री को भागिे का मौका भमऱा और वह अपिी बहि क े पास गई जहाॉ उसिे अपिी बहि और भाई को पूरी वारदाि सुिाई। xi. प्रािभमकी दजण करिे क े बाद जाॉच की गई| यहाॉ याथचकाकिाण आरोपी/पूिम का पनि है जो स्पा चऱा रहा िा। xii. याथचकाकिाण िे पररसर को ककराए पर भऱया हुआ है| विणमाि प्रािभमकी में उसे 29.10.2020 को थगरफ्िार ककया गया| 08.12.2020 को आरोप पर दायर ककया गया िा। ज़मानत अज़ी 2206/2021 ऩृष्ठ सं. 5 xiii. फ़ाजज़ऱ अनिररक्ि सर न्यायािीश क े समऺ याथचकाकिाण िे नियभमि ज़मािि अज़ी दायर की जजसे ददिाॊक 07.05.2021 क े आदेश द्वारा खाररज कर ददया गया िा। उक्ि ज़मािि अज़ी क े खाररज होिे पर याथचकाकिाण िे ित्काऱ ज़मािि अज़ी दायर करक े इस अदाऱि का दरवाजा खटखटाया।

3. याथचकाकिाण क े फ़ाजज़ऱ अथिवक्िा और फ़ाजज़ऱ अनि.ऱो.अभभ. सुश्री मीिाऺी चौहाि को सुिा और अभभऱेख पर रखे िथ्यों का अवऱोकि ककया।

4. आरोप पर का पठि यह दशाणिा है कक अभभयोक्री जो ऱगभग 16/17 वषण की एक ऱड़की है, को उसकी अपिी चाची यािी आरोपी /सुमि द्वारा वेश्यावृवि क े भऱए मजबूर ककया गया, जो कक एक स्पा में काम कर रही िी, जजसे आरोपी/पूिम, याथचकाकिाण की पत्िी द्वारा चऱाया जा रहा िा। अभभयोक्री को स्पा में ववभभन्ि ग्राहकों और ववभभन्ि होटऱों में व्यजक्ियों क े पास भी भेजा जािा िा| स्पा को ककराए/पट्टे पर याथचकाकिाण क े िाम पर भऱया गया िा। ज़मानत अज़ी 2206/2021 ऩृष्ठ सं. 6

5. याथचकाकिाण क े फ़ाजज़ऱ अथिवक्िा श्री जोथगॊदर िुऱी का िक ण है कक याथचकाकिाण इस बाि से अिभभऻ िा कक स्पा में क्या हो रहा िा। उन्हों िें आगे बिाया कक पट्टा ववऱेख पहऱे ही समाप्ि हो चुका िा और इसभऱए याथचकाकिाण को ककराएदार िहीॊ कहा जा सकिा है।

6. अभभऱेख पर मौजूद िथ्य यह दशाणिा है अिाणि् पररसर से प्राप्ि सीसीटीवी फ ु टेज से यह पिा चऱिा है कक याथचकाकिाण नियभमि रूप से स्पा जा रहा िा। यह िहीॊ कहा जा सकिा कक याथचकाकिाण अपिी पत्िी की गनिववथियों से अिजाि िा और याथचकाकिाण को इस बाि की जािकारी िहीॊ िी कक 16/17 वषण की ऱड़की को वेश्यावृवि क े भऱए मजबूर ककया गया िा और उसका स्पा में शारीररक शोषर् ककया जा रहा िा।

7. श्री िुऱी का िक ण है कक चूॊकक पट्टा ववऱेख समाप्ि हो चुका िा और वह अब पररसर क े ककराएदार िहीॊ िे को स्वीकृ ि िहीॊ ककया जा सकिा| याथचकाकिाण और उसकी पत्िी द्वारा इस्िेमाऱ ककए गए िॊबरों क े कॉऱ वववरर् अभभऱेखों से ज़मानत अज़ी 2206/2021 ऩृष्ठ सं. 7 पिा चऱिा है कक याथचकाकिाण अपिी पत्िी क े साि ऱगािार सॊपक ण में िा।

8. सवोच्च न्यायाऱय िे कई निर्णयों में ज़मािि देिे क े मापदॊडों को नििाणररि ककया है, जो निम्िािुसार है्- “(क) ज़मािि देिे समय न्यायाऱय को ि क े वऱ आरोपों क े स्वरुप, बजल्क दॊड की गॊभीरिा को भी ध्याि में रखिा होगा, यदद आरोप दोषभसद्थि क े बारे में हो और साक्ष्य का स्वरुप आरोप का समिणि करिा हो| (ख) साऺीगर् क े साि छेड़छाड़ ककए जािे की युजक्ियुक्ि आशॊकाएॉ या भशकायिकिाण क े भऱए कोई खिरा होिे की आशॊका भी ज़मािि मॊजूर करिे क े मामऱे में न्यायाऱय क े पास होिी चादहए| (ग) जबकक यह उम्मीद िहीॊ की जािी कक अभभयुक्ि क े अपराि को स्िावपि करिे क े भऱए पूरे सबूि हैं ऱेककि आरोप क े समिणि में न्यायाऱय की हमेशा प्रिम दृष्टया सॊिुजष्ट होिी चादहए। (घ) अभभयोजि में िुच्छिा पर हमेशा ववचार ककया जािा चादहए और यह क े वऱ ज़मानत अज़ी 2206/2021 ऩृष्ठ सं. 8 वास्िववकिा का ित्व है जजसे ज़मािि देिे क े मामऱे में ववचार करिा होगा, और अभभयोजि की वास्िववकिा क े बारे में क ु छ सॊदेह होिे की जस्िनि में, घटिाओॊ क े सामान्य स्िर में, अभभयुक्ि ज़मािि क े आदेश का हकदार है।" राम गोववॊद उपाध्याय बिाम सुदशणि भसॊह (2002) 3 एससीसी 598 क े रूप में प्रनिवेददि, मदहपाऱ बिाम राजेश क ु मार (2020) 2 एससीसी 118 क े रूप में प्रनिवेददि और पौजिारी अऩीऱ सं. 883/2021 हरजीि भसॊह बिाम इॊद्रप्रीि भसॊह उफ़ ण इॊदर व अन्य में ददिाॊक 24.08.2021 क े निर्णय को सॊदभण करें|

9. याथचकाकिाण भा.द.सॊ. की िारा 376 सहपदठि पॉक्सो अथिनियम की िारा 6 क े िहि एक अत्यॊि जघन्य अपराि का आरोपी है, यदद वह दोषी ठहराया जािा है, िो याथचकाकिाण को कारावास की सजा सुिाई जाएगी जो 20 वषण से कम की िहीॊ होगी, ऱेककि जो आजीवि कारावास िक बढ़ ज़मानत अज़ी 2206/2021 ऩृष्ठ सं. 9 सकिी है, जो उस व्यजक्ि क े प्राकृ निक जीवि या मृत्यु क े साि शेष होगी।

10. अभभयोक्री की आयु और इस िथ्य को देखिे हुए कक याथचकाकिाण एक समृद्ि व्यजक्ि है, याथचकाकिाण क े साऺीगर् को प्रभाववि करिे की सॊभाविा से इॊकार िहीॊ ककया जा सकिा है| याथचकाकिाण क े सबूिों क े साि छेड़छाड़ करिे और सज़ा की गॊभीरिा को भी देखिे हुए याथचकाकिाण क े फरार होिे या ज़मािि से भागिे की सॊभाविा से भी इॊकार िहीॊ ककया जा सकिा है।

11. जैसा कक ऊपर कहा गया है, यह िहीॊ कहा जा सकिा है कक याथचकाकिाण अपिी पत्िी की गनिववथियों से अिजाि िा, बजल्क अभभऱेख पर मौजूद िथ्य यह दशाणिे हैं कक याथचकाकिाण अपिी पत्िी क े साि ऱगािार सॊपक ण में िा और स्पा नियभमि रूप से आिा िा और इसभऱए, इस स्िर पर यह यिोथचि रूप से मािा जा सकिा है कक याथचकाकिाण को स्पा में अपिी पत्िी की गनिववथियों क े बारे में पूरी जािकारी िी| ज़मानत अज़ी 2206/2021 ऩृष्ठ सं. 10

12. इस िथ्य को ध्याि में रखिे हुए कक कायणवादहयाॉ प्रारॊभभक अवस्िा में हैं और अभी िक आरोप िय िहीॊ ककए गए हैं, यह न्यायाऱय याथचकाकिाण को इस स्िर पर ज़मािि देिे क े भऱए इच्छ ु क िहीॊ हैं|

13. उपरोक्ि दटप्पणर्यों क े साि आवेदि को खाररज ककया जािा है| न्या., सुभ्रमोणयम प्रसाि 31 अगस्त, 2021 एचएसक े (TranslationTranslation has been done through AI Tools:SUVAS) अस्वीकरण: देशी भाषा में निर्णय का अिुवाद मुकद्दमेबाज़ क े सीभमि प्रयोग हेिु ककया गया है िाकक वो अपिी भाषा में इसे समझ सक े एवॊ यह ककसी अन्य प्रयोजि हेिु प्रयोग िहीॊ ककया जाएगा| समस्ि कायाणऱयी एवॊ व्यावहाररक प्रयोजिों हेिु निर्णय का अॊग्रेज़ी स्वरूप ही अभभप्रमाणर्ि मािा जाएगा और कायाणन्वयि ििा ऱागू ककए जािे हेिु उसे ही वरीयिा दी जाएगी|