Yahur Singh v. State

Delhi High Court · 26 Oct 2021 · 2021:DHC:3390
Subhramonyam Prasad
रय.मा.(आऩ) 1625/2020
2021:DHC:3390

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2021:डीएचसी:3390
रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 1
JUDGMENT

1. बायतीम संविधान क े अनुच्छेद 226 सह ऩठठत दंड प्रक्रिमा संठहता की धाया 482 क े अंतगगत मह माचचका बायतीम दंड संठहता की धाया 354/506/509 क े तहत दंडनीम अऩयाधों क े लरए ठदनांक ददल्ऱी उच्च न्यायाऱय: नई ददल्ऱी ननणगम की नतचथ: 26 अक्टूफय, 2021 भाभरे भें: रर.या.(आऩ) 1625/2020 व आऩ.वव.आ. 13867/2020 यभेश चंद तंिय....माचचकाकताग द्िाया: श्री अलबनि याभकृ ष्ण, अचधिक्ता फनाभ या.या.ऺे. ठदल्री याज्म सयकाय ि अन्म...प्रत्मथीगण द्िाया: श्री संजम राओ, याज्म क े लरए स्थामी अचधिक्ता क े साथ श्री कयन जीत याम शभाग, अचधिक्ता सह उऩ.नन. अलभत ग्रेिार, थाना राजऩत नगय सुश्री प्रीतीश सबयिार, प्रत्मथी सं. 2 हेतु अचधिक्ता कोरम: माननीय न्यायाधीश श्री सुभ्रमोणयम प्रसाद सुभ्रमोणयम प्रसाद, न्या. 2021:DHC:3390 रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 2 16.09.2020 को थाना राजऩत नगय भें ऩंजीकृ त प्राथलभकी संख्मा 339/2020 को अऩास्त कयने क े लरए है।

2. ितगभान माचचका क े संघटक तथ्म, संऺेऩ भें, इस प्रकाय हैं: क) ितगभान प्राथलभकी श्रीभती बािना ननिासी 2/8, एभसीडी फ्रैट्स, साउथ एक्स. ऩाटग -II, नई ठदल्री क े अनुयोध ऩय ऩंजीकृ त की गई थी। लशकामतकताग द्िाया मह आयोऩ रगामा गमा है क्रक िह ठदनांक 10.01.2020 को ज्मोनत नाभक एक कभगचायी क े साथ कामागरम भें भौजूद थी। जफ मह माचचकाकताग कामागरम भें आमा तथा लशकामतकताग से ऩूछा क्रक िह उसक े पोन कॉल्स का जिाफ क्मों नहीं दे यही है तथा िीडडमो फनाने रगा औय कामागरम की तस्िीयें रेने रगा। ऐसा प्रस्तुत क्रकमा गमा है क्रक माचचकाकताग ने लशकामतकताग को धभकी दी क्रक उसका फेटा क्रकसी संसद सदस्म क े कामागरम भें कामगयत है, औय इसलरए, उसे उसक े ननदेशों क े अनुसाय काभ कयना होगा। उसने धभकी दी क्रक मठद िह उ सक े ननदेशों क े अनुसाय काभ नहीं कय ऩाती है, तो िह उसे कामागरम से ननकार देगा औय उसका अऩहयण कय रेगा। ऐसा प्रस्तुत क्रकमा गमा है क्रक मह सुनने क े फाद, लशकामतकताग ने अचधकारयमों को घटना क े फाये भें सूचचत कयने क े लरए कामागरम से फाहय ननकरने की कोलशश की। रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 3 ऐसा प्रस्तुत क्रकमा गमा है क्रक माचचकाकताग ने दयिाजा फंद कय ठदमा औय अलबमोक्री को ऩीछे धक े र ठदमा औय उसे फतामा क्रक उसकी भदद कयने क े लरए कोई नहीं है। ऐसा प्रस्तुत क्रकमा गमा है क्रक अलबमोक्री ने क्रपय एक पोन कॉर क्रकमा औय माचचकाकताग क े दुर्वमगिहाय की जानकायी उच्च अचधकारयमों को दी। ख) ऐसा प्रस्तुत क्रकमा गमा है क्रक श्री क े. सी. बायद्िाज (एस.एस.), भध्म ऺेर भाभरे को देखने क े लरए अऩने कभगचारयमों क े साथ लशकामतकताग क े कामागरम आए थे। ऐसा प्रस्तुत क्रकमा गमा है क्रक स्स्थनत ननमंरण से फाहय हो गई औय माचचकाकताग ने अन्म कभगचारयमों क े साभने श्री क े. सी. बायद्िाज को गारी देना औय ऩीटना शुरू कय ठदमा। ऐसा प्रस्तुत क्रकमा गमा है क्रक कभगचारयमों क े क ु छ सदस्मों ने सुयऺाकलभगमों को फुरामा, स्जन्होंने माचचकाकताग को कामागरम से फाहय ननकारा। ग) लशकामतकताग ने भध्म ऺेर, राजऩत नगय क े उऩामुक्त को माचचकाकताग क े खखराप उसक े दुर्वमगिहाय क े लरए कामगिाही कयने क े लरए एक लरखखत लशकामत दी। इसक े फाद ठदनांक 16.09.2020 को बायतीम दंड संठहता की धाया 354/506/509 क े तहत दंडनीम अऩयाधों क े लरए थाना रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 4 राजऩत नगय भें ितगभान प्राथलभकी संख्मा 339/2020 ऩंजीकृ त की गई।

3. माचचकाकताग ने ितगभान प्राथलभकी को अऩास्त कयने क े लरए बायत क े संविधान क े अनुच्छेद 226 क े तहत ितगभान माचचका मह कहते हुए दामय की है क्रक ितगभान प्राथलभकी कानून की प्रक्रिमा का दुरुऩमोग है। माचचकाकताग की ओय से विद्िान अचधिक्ता प्रस्तुत कयते हैं क्रक माचचकाकताग 75 सार का है तथा दक्षऺण ठदल्री नगय ननगभ भें अऩनी सेिा से सेिाननिृत्त हुआ है। िे प्रस्तुत कयते हैं क्रक माचचकाकताग संघ क े भहासचचि की हैलसमत से ठदल्री नगय ननगभ क े स्िच्छता कभगचायी संघ क े लरए साभास्जक सेिा भें कामगयत है। ऐसा प्रस्तुत क्रकमा गमा है क्रक ठदनांक 28.06.2020 को माचचकाकताग - भहेश की ओय से एक अभ्मािेदन आमा था, स्जसकी अनुक ं ऩा क े आधाय ऩय ननमुस्क्त का अनुयोध रंफे सभम से विचाय क े लरए रंबफत था। ऐसा प्रस्तुत क्रकमा गमा है क्रक जफ माचचकाकताग संफंचधत अचधकायी, अथागत्, एभसीडी कामागरम भें िरयष्ठ एसी याहुर लसंह से लभरने गमा, तो कचथत अचधकायी ने माचचकाकताग का अऩभान ि नतयस्काय क्रकमा तथा उसक े कभगचारयमों ने माचचकाकताग को कामागरम से फाहय धक े र ठदमा। ऐसा प्रस्तुत क्रकमा गमा है क्रक उस घटना क े फाद, माचचकाकताग ने थाना राजऩत नगय भें अचधकायी याहुर लसंह क े खखराप ठदनांक रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 5 02.09.2020 को एक लशकामत ऩंजीकृ त कयाई। ऐसा प्रस्तुत क्रकमा गमा है क्रक ितगभान प्राथलभकी माचचकाकताग द्िाया दी गई लशकामत का एक तीव्र प्रनतक्रिमा है।

4. माचचकाकताग क े विद्िान अचधिक्ता द्िाया आगे मह प्रनतिाद क्रकमा गमा है क्रक मह घटना ठदनांक 10.01.2020 की है तथा ितगभान प्राथलभकी ठदनांक 16.09.2020 को ऩंजीकृ त की गई थी। ितगभान प्राथलभकी ऩंजीकृ त कयने भें आठ (8) भाह का अत्माचधक विरंफ है। िे कहते हैं क्रक मह विरंफ घातक है। उन्होंने आगे प्रनतिाद कयते हैं क्रक प्राथलभकी भें लशकामतकताग द्िाया कोई कायण नहीं ठदमा गमा था क्रक आठ भहीने की देयी क े फाद प्राथलभकी क्मों ऩंजीकृ त की गई।

5. माचचकाकताग क े विद्िान अचधिक्ता ने क्रकशन लसंह (भृत) विचधक प्रनतननचधमों द्िाया फनाभ गुयऩार लसंह ि अन्म, (2010) 8 एससीसी 775 भें, जम प्रकाश लसंह फनाभ बफहाय याज्म ि अन्म, (2012) 4 एस.सी.सी. 379 भें तथा लशि शंकय फनाभ याज्म (या.या.ऺे. ठदल्री सयकाय ), (2017) 2 डीएऱटी (सीआरआई) 151 भें क ु छ ननणगमों ऩय बयोसा जतामा है मह प्रनतिाद कयने क े लरए क्रक ितगभान प्राथलभकी को ऩंजीकृ त कयने भें हुआ विरंफ घातक है।

6. माचचकाकताग क े विद्िान अचधिक्ता द्िाया आगे मह प्रनतिाद क्रकमा गमा है क्रक ितगभान प्राथलभकी क े िर माचचकाकताग द्िाया अचधकायी, रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 6 अथागत्, याहुर लसंह, िरयष्ठ एसी, एभसीडी कामागरम क े खखराप दी गई ठदनांक 02.09.2020 की ऩुलरस लशकामत की एक तीव्र प्रनतक्रिमा है.

7. इसक े विऩयीत, लशकामतकताग की ओय से उऩस्स्थत विद्िान अचधिक्ता श्री प्रीतीश सबयिार प्रस्तुत कयते हैं क्रक आयोऩ ऩर दामय कय ठदमा गमा है। िे प्रस्तुत कयते हैं क्रक जांच ऩय ऩुलरस ने ऩामा है क्रक माचचकाकताग क े खखराप आगे फढ़ने क े लरए ऩमागप्त साभग्री है। िे आगे प्रस्तुत कयते हैं क्रक माचचकाकताग ने अऩने िरयष्ठ अचधकारयमों को इस घटना क े फाये भें सूचचत क्रकमा था। िे प्रस्तुत कयते हैं क्रक प्रत्मथी संख्मा 2 / लशकामतकताग की लशकामत ऩय, एसडीएभसी क े सऺभ प्राचधकायी अथागत सहामक आमुक्त ने ऩुलरस उऩामुक्त, दक्षऺण ऩूिग, राजऩत नगय को प्राथलभकी ऩंजीकृ त कयने क े लरए अनुस्भायक ऩर लरखे। थाना राजऩत नगय भें ितगभान प्राथलभकी ऩंजीकृ त की गई तथा इस देयी क े लरए प्रत्मथी को स्जम्भेदाय नहीं ठहयामा जा सकता।

8. हरयमाणा याज्म फनाभ बजन रार, 1992 अनुऩूरक (1) एस. सी. सी. 335 भें सिोच्च न्मामारम ने बायत क े संविधान क े अनुच्छेद 226 क े अधीन असाधायण शस्क्त मा दंड प्रक्रिमा संठहता की धाया 482 क े अधीन अंतननगठहत शस्क्तमों का प्रमोग कयते हुए रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 7 ननम्नलरखखत भाऩदंड अचधकचथत क्रकए हैं, स्जनका उद्धयण ठदमा गमा है औय स्जन ऩय बयोसा जतामा गमा है, िे इस प्रकाय हैं:

102. अध्माम XIV क े तहत संठहता क े विलबन्न प्रासंचगक प्रािधानों की र्वमाख्मा तथा अनुच्छेद 226 क े तहत असाधायण शस्क्त क े उऩमोग से संफंचधत ननणगमों की एक श्रृंखरा भें इस न्मामारम द्िाया प्रनतऩाठदत विचध क े लसद्धांतों की ऩृष्ठबूलभ भें मा संठहता की धाया 482 क े तहत ननठहत शस्क्तमों को हभने ऊऩय उद्धृत औय ऩुन् प्रस्तुत क्रकमा है, हभ दृष्टांत क े भाध्मभ से भाभरों की ननम्नलरखखत श्रेखणमां देते हैं स्जनभें ऐसी शस्क्त का उऩमोग मा तो क्रकसी बी न्मामारम की प्रक्रिमा क े दुरुऩमोग को योकने क े लरए मा अन्मथा न्माम क े उद्देश्मों को सुयक्षऺत कयने क े लरए क्रकमा जा सकता है, बरे ही कोई बी सटीक, स्ऩष्ट रूऩ से ऩरयबावित औय ऩमागप्त रूऩ से र्वमिस्स्थत ठदशाननदेश मा कठोय ननमभ मा ऐसे असंख्म प्रकाय क े भाभरों की विस्तृत सूची देना संबि नहीं हो ऩाएगा स्जनभें ऐसी शस्क्त का प्रमोग क्रकमा जाना चाठहए। (1) जहां प्रथभ सूचना आख्मा मा लशकामत भें रगाए गए आयोऩ, बरे ही िे उनक े प े स िैल्मू ऩय लरए गए हों औय उनक े संऩूणगता भें स्िीकाय क्रकए गए हों, प्रथभदृष्टमा क्रकसी अऩयाध का गठन नहीं कयते हैं मा अलबमुक्त क े विरुद्ध भाभरा नहीं फनाते हैं। रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 8 (2) जहां प्रथभ सूचना आख्मा भें रगाए गए आयोऩ तथा प्रथभ सूचना आख्मा क े साथ अन्म साभग्री, मठद कोई हो, क्रकसी संऻेम अऩयाध का प्रकटन नहीं कयती है, िहां संठहता की धाया 155 (2) की ऩरयचध क े बीतय भस्जस्रेट क े आदेश क े लसिाम संठहता की धाया 156 (1) क े अधीन ऩुलरस अचधकारयमों द्िाया जांच को न्मामोचचत ठहयाना। (3) जहां प्रथभ सूचना आख्मा मा लशकामत भें रगाए गए अवििाठदत आयोऩ औय उसक े सभथगन भें एकर क्रकए गए साक्ष्म क्रकसी अऩयाध क े क्रकए जाने का खुरासा नहीं कयते हैं औय अलबमुक्त क े विरुद्ध भाभरा फनाते हैं। (4) जहां, प्रथभ सूचना आख्मा भें आयोऩ संऻेम अऩयाध का गठन नहीं कयते क्रकंतु क े िर असंऻेम अऩयाध गठठत कयते हैं, िहां संठहता की धाया 155 (2) क े अधीन मथाअनुध्मात भस्जस्रेट क े आदेश क े बफना ऩुलरस अचधकायी द्िाया अन्िेिण की अनुऻा नहीं दी जाती है। (5) जहां प्रथभ सूचना आख्मा मा लशकामत भें रगाए गए आयोऩ इतने फेतुक े औय स्िाबाविक रूऩ से असंबि हैं क्रक उनक े आधाय ऩय कोई बी वििेकशीर र्वमस्क्त कबी बी इस न्मामसंगत ननष्किग ऩय नहीं ऩहुंच सकता क्रक अलबमुक्त क े विरुद्ध कामगिाही कयने क े लरए ऩमागप्त आधाय है। रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 9 (6) जहां संठहता मा संफंचधत अचधननमभ (स्जसक े अधीन कोई आऩयाचधक कामगिाही संस्स्थत की जाती है) क े क्रकसी प्रािधान भें संस्था औय/मा जहां संठहता मा संफंचधत अचधननमभ भें कोई विननठदगष्ट प्रािधान है, र्वमचथत ऩऺकाय की लशकामत क े प्रबािी ननिायण का प्रािधान कयते हुए कामगिाठहमों को जायी यखने क े लरए कोई अलबर्वमक्त विचधक िजगन उत्कीणग है। (7) जहां क्रकसी आऩयाचधक कामगिाही ऩय असद्बाि क े साथ स्ऩष्ट रूऩ से विचाय क्रकमा जाता है औय/मा जहां कामगिाही अलबमुक्त से प्रनतशोध रेने औय ननजी औय र्वमस्क्तगत दुबागिना क े कायण उसक े प्रनत ईष्माग कयने क े उद्देश्म से दुबागिनाऩूणग रूऩ से संस्स्थत की जाती है।

103. हम इस आशय क े साथ सावधानी का भी ध्यान रखते हैं कक ककसी आऩराधधक काययवाही को अभभखंडडत करने की शक्तत का प्रयोग अत्यंत संयम और सतक य ता क े साथ ककया जाना चादहए और वह भी ववरऱे मामऱों में से ववरऱतम मामऱों में; कक न्यायाऱय द्वारा प्रथम सूचना आख्या या भशकायत में ऱगाए गए आरोऩों की ववश्वसनीयता या वास्तववकता या अन्यथा क े बारे में जांच आरंभ करना न्यायोधचत नहीं होगा और यह कक असाधारण या अंतर्नयदहत शक्ततयां न्यायाऱय को अऩनी इच्छा या स्वेच्छा से कायय करने क े भऱए मनमानी अधधकाररता प्रदान नहीं करती हैं। (जोय ठदमा गमा) रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 10

9. ितगभान प्राथलभकी को ऩढ़ने से ऩता चरता है क्रक माचचकाकताग ऩय रगाए गए कचथत अऩयाध क े संघटक साभने आ गए हैं। माचचकाकताग ने याहुर लसंह, िरयष्ठ एसी क े खखराप एभसीडी कामागरम भें लशकामत दामय की औय मह दशागने क े लरए कोई साभग्री साभने नहीं आई है क्रक ितगभान लशकामत श्री याहुर लसंह, िरयष्ठ एसी की ओय से दामय की गई है औय इसलरए, मह नहीं कहा जा सकता है क्रक ितगभान प्राथलभकी क े िर माचचकाकताग द्िाया एभसीडी कामागरम भें सीननमय एसी याहुर लसंह क े खखराप दामय की गई लशकामत की एक जिाफी कामगिाही है। जैसा क्रक लशकामतकताग क े विद्िान अचधिक्ता द्िाया सही ढंग से कहा गमा है क्रक सहामक आमुक्त ने ितगभान घटना क े फाये भें प्रत्मथी संख्मा 2 / लशकामतकताग की लशकामत क े वििम भें ठदनांक 13.03.2020, 01.07.2020 ि 02.09.2020 को ऩुलरस उऩामुक्त, दक्षऺण ऩूिग को अनुस्भायक ऩर लरखे थे औय फाद भें, ठदनांक 16.09.2020 को थाना राजऩत नगय भें प्राथलभकी संख्मा 339/2020 ऩंजीकृ त की गई थी। माचचकाकताग क े विद्िान अचधिक्ता का मह प्रस्तुत कयना इसलरए सही नहीं है क्रक ितगभान प्राथलभकी ऩंजीकृ त कयने भें देयी हुई थी औय देयी क े लरए प्रत्मथी को स्जम्भेदाय नहीं ठहयामा जा सकता है। रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 11

10. इस तथ्म ऩय विचाय कयते हुए क्रक प्रत्मथी सं. 2 / लशकामतकताग द्िाया प्राथलभकी ऩंजीकृ त कयने भें हुए विरंफ को सभझाते हुए उचचत स्ऩष्टीकयण ठदमा गमा है, प्राथलभकी ऩंजीकृ त कयने भें देयी हय भाभरे भें घातक नहीं हो सकती है। प्राथलभकी को ऩढ़ने से ऩता चरता है क्रक माचचकाकताग क े खखराप कचथत संघटक माचचकाकताग का अऩयाध लसद्ध कयते हैं, औय इसक े अरािा माचचकाकताग का भाभरा हररयाणा राज्य बनाम भजन ऱाऱ (ऩूवोतत) भें सिोच्च न्मामारम द्िाया ननधागरयत भाऩदंडों की ऩरयचध क े बीतय नहीं आता है। मह न्मामारम, अत् क े िर देयी क े आधाय ऩय औय इस आधाय ऩय क्रक प्राथलभकी याहुर लसंह क े खखराप माचचकाकताग द्िाया दामय लशकामत की एक जिाफी कामगिाही है, ितगभान प्राथलभकी को यद्द कयने क े लरए इच्छ ु क नहीं है।

11. तदनुसाय, सबी रंबफत आिेदनों, मठद कोई हो, क े साथ माचचका खारयज की जाती है। न्या., सुभ्रमोणयम प्रसाद 26 अतटूबर, 2021 एस. जाक्रकय रय.मा.(आऩ) 1625/2020 ऩृष्ठ सं 12 (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अस्वीकरण: देशी बािा भें ननणगम का अनुिाद भुकद्द्भेफाज़ क े सीलभत प्रमोग हेतु क्रकमा गमा है ताक्रक िो अऩनी बािा भें इसे सभझ सक ें एिं मह क्रकसी अन्म प्रमोजन हेतु प्रमोग नहीं क्रकमा जाएगा | सभस्त कामागरमी एिं र्वमािहारयक प्रमोजनों हेतु ननणगम का अंग्रेज़ी स्िरूऩ ही अलबप्रभाखणत भाना जाएगा औय कामागन्िमन तथा रागू क्रकए जाने हेतु उसे ही ियीमता दी जाएगी।