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आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. १
Ǒदãलȣ उÍच Ûयायालय : नई Ǒदãलȣ
आप.ͪव.वा. 2242/2020
सुरͯ¢त :- 22.09.2021
Ǔनण[य कȧ Ǔतͬथ :- 18.10.2021
Ǔनàन मामले मɅ :-
अͧभषेक .....याͬचकाकता[
ɮवारा Įी राजेश आनंद, अͬधवÈता।
बनाम
Ǒदãलȣ रा.रा.¢े. राÏय .....Ĥ×यथȸ
ɮवारा सुĮी नीलम शमा[, राÏय क
े ͧलए
अǓत.लो.अͧभ.।
कोरम:
माननीय ÛयायमूǓत[ Įी मनोज क
ु मार ओहरȣ
Ǔनण[य
मनोज क
ु मार ओहरȣ, Ûया.
JUDGMENT
1. वत[मान याͬचका पुͧलस थाना बुराड़ी, Ǒदãलȣ मɅ भारतीय दंड संǑहता कȧ धारा 304ख/498क/406/34 क े तहत दज[ Ĥाथͧमकȧ सं. 37/2020 से उ×पÛन आपराͬधक पुनरȣ¢ण सं. 226/2020 मɅ 2021:DHC:3293 आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. २ ͪवɮवान अǓतǐरÈत सğ Ûयायधीश-02, मÚय िजला, तीस हजारȣ Ûयायालय, Ǒदãलȣ ɮवारा पाǐरत आदेश Ǒदनांͩकत 29.10.2020 को चुनौती देते हुए दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 482 क े तहत दायर कȧ गई है।
2. उपरोÈत आदेश क े माÚयम से, याͬचकाकता[ कȧ पुनरȣ¢ण याͬचका, जो दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 167(2) क े तहत åयǓतĐम पर जमानत कȧ मांग करने वाले उसक े आवेदन को ͪवɮवान महानगर दंडाͬधकारȣ ɮवारा खाǐरज ͩकए जाने को चुनौती देती है, को बखा[èत कर Ǒदया गया है।
3. सं¢ेप मɅ, वत[मान मामले मɅ शाͧमल तØय यह हɇ ͩक Ǒदनांक 16.01.2020 को याͬचकाकता[ और उसक े पǐरवार क े सदèयɉ क े ͨखलाफ Ǒदãलȣ क े बुराड़ी पुͧलस थाने मɅ भारतीय दंड संǑहता कȧ धारा 304ख/498क/406/34 क े तहत एक मामला िजसकȧ Ĥाथͧमकȧ सं. 37/2020 है उसक े ससुर यानी मृतका क े ͪपता ɮवारा दज[ कराई गई ͧशकायत पर दज[ ͩकया गया।
4. जाँच क े दौरान, याͬचकाकता[ को Ǒदनांक 18.01.2020 को ͬगरÝतार ͩकया गया था और Ǒदनांक 19.01.2020 को संबंͬधत महानगर दंडाͬधकारȣ क े सामने पेश ͩकए जाने पर, उसे ÛयाǓयक Ǒहरासत मɅ भेज Ǒदया गया था। याͬचकाकता[ कȧ ÛयाǓयक Ǒहरासत को समय- आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ३ समय पर बढ़ाया गया था, िजसमɅ Ǒदनांक 15.04.2020 को उसकȧ Ǒहरासत को Ǒदनांक 29.04.2020 तक बढ़ाया जाना भी शाͧमल था। èवीकाय[ Ǿप से, दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 167(2) क े परंतुक (क) क े तहत आरोप पğ दाͨखल करने क े ͧलए Ǔनधा[ǐरत 90 Ǒदनɉ कȧ समयावͬध Ǒदनांक 18.04.2020 को समाÜत हो गई थी।
5. आगे बढ़ने से पहले, मɇ Ǒदãलȣ राçĚȣय राजधानी ¢ेğ मɅ उस तारȣख को ͪवɮयमान वाèतͪवक िèथǓत को समझता हूं। पूरा देश कोͪवड-19 महामारȣ क े कारण एक अभूतपूव[ िèथǓत का सामना कर रहा था, िजसक े कारण क Ʌ ġ सरकार ɮवारा Ǒदनांक 24.03.2020 कȧ पूव[ संÚया पर राçĚåयापी लॉकडाउन कȧ घोषणा कȧ गई थी। लॉकडाउन क े पǐरणामèवǾप, न क े वल लोगɉ कȧ आवाजाहȣ ĤǓतबंͬधत थी, बिãक Ûयायालयɉ क े भौǓतक कामकाज मɅ भी बाधा आई थी। हालाँͩक जमानत आवेदन को भौǓतक Ǿप से दाͨखल करने और सूचीबɮध करने कȧ अनुमǓत नहȣं थी, लेͩकन जमानत आवेदनɉ सǑहत अ×यावæयक आवेदनɉ को इलेÈĚॉǓनक Ǿप से दाͨखल करने क े ͧलए एक तंğ एक समͪप[त ईमेल अथा[त aojdelhicourts@gmail.com क े माÚयम से उपलÞध था। जमानत याͬचकाओं कȧ सुनवाई वीͫडयो कॉÛĥ Ʌ ͧसंग क े माÚयम से कȧ जानी थी। आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ४
6. इस दौरान, ÛयाǓयक Ǒहरासत से पीͫड़त ͪवचाराधीन åयिÈतयɉ को संबंͬधत अदालतɉ मɅ पेश नहȣं ͩकया जा सका और उनकȧ Ǒहरासत को जेल क े आगंतुक दंडाͬधकारȣ ɮवारा बढ़ा Ǒदया गया। इन पǐरिèथǓतयɉ मɅ, अधी¢क, क Ʌ ġȣय जेल संÉया. 7, Ǔतहाड़, Ǒदãलȣ ɮवारा दायर िèथǓत आÉया क े अनुसार याͬचकाकता[ कȧ ÛयाǓयक Ǒहरासत को भी जेल क े ͪविजǑटंग मिजèĚेट ɮवारा Ǒदनांक 15.04.2020 को 14 Ǒदनɉ क े ͧलए यानी Ǒदनांक 29.04.2020 तक बढ़ा Ǒदया गया था। याͬचकाकता[ का अͧभर¢ा वारंट भी अͧभलेख पर रखा गया है।
7. चूंͩक 90 Ǒदनɉ कȧ Ǔनधा[ǐरत समयावͬध, जो Ǒदनांक 18.04.2020 को समाÜत हो गई थी, क े दौरान कोई आरोप-पğ दाͨखल नहȣं ͩकया गया था, इसͧलए Ǒदनांक 20.04.2020 को याͬचकाकता[ कȧ ओर से उपरोÈत समͪप[त ईमेल पते क े माÚयम से उसक े अͬधवÈता ɮवारा दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 167(2) क े तहत एक आवेदन दायर ͩकया गया था। åयǓतĐम पर जमानत क े ͧलए Ĥाथ[ना वाला ईमेल “धारा 304ख/498क/406/34 भा.दं.सं. क े तहत Ĥाथͧमकȧ संÉया 37/2020 पुͧलस थाना बुराड़ी मɅ अͧभषेक कȧ ओर से दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 167 (2) क े तहत जमानत आवेदन कȧ त×काल सुनवाई” ͪवषय क े साथ Ǒदनांक 20.04.2020 को शाम क े लगभग आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ५ 1:16 बजे भेजा गया था। ई-मेल Įी बलबीर ͧसंह, एओ(जे) को संबोͬधत ͩकया गया था तथा Ǔनàनानुसार है:- “आदरणीय Įीमान, कृ पया राÏय बनाम अͧभषेक व अÛय क े Ǿप मɅ शीष[क वाले मामले मɅ पुͧलस थाना बुराड़ी मɅ भा.दं.सं. कȧ धारा 304ख/498क/406/34 क े तहत Ĥाथͧमकȧ संÉया 37/2020, जमानत आवेदन और अनुलÊनक कȧ संलÊन èक ै न कȧ गई ĤǓत देखɅ, जो वत[मान मɅ Įी Ĥणव जोशी, ͪवɮवान एमएम, क Ʌ ġȣय, तीस हजारȣ कोट[, Ǒदãलȣ कमरा संÉया 286 क े Ûयायालय मɅ लंǒबत है। अͧभयुÈत/आवेदक ͬगरÝतारȣ क े बाद से 90 Ǒदनɉ से अͬधक समय से ÛयाǓयक Ǒहरासत मɅ है। इस मामले मɅ हमारȣ जानकारȣ और सूचना क े अनुसार अͧभयुÈत/आवेदक का आरोप-पğ अभी तक दायर नहȣं ͩकया गया है और इसͧलए दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 167(2) क े संदभ[ मɅ, वह जमानत पğ Ĥèतुत करने पर जमानत पर ǐरहा होने का हकदार है, िजसे वह दाͨखल करने क े ͧलए तैयार है। जमानत आवेदन को सूचीबɮध करने और त×काल सुनवाई क े ͧलए ͪवचार ͩकया जाए। यǑद ͩकसी अǓतǐरÈत जानकारȣ कȧ आवæयकता है तो कृ पया हमɅ बताएं ताͩक वह जãद से जãद Ĥदान कȧ जा सक े । सादर। राजेश आनंद आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ६ अͧभयुÈत/आवेदक अͧभषेक क े ͧलए अͬधवÈता 9899402429/9810146988”
8. उपरोÈत ईमेल क े साथ जमानत आवेदन कȧ एक ĤǓत भी संलÊन कȧ गई थी। ईमेल क े जवाब मɅ, उसी Ǒदन शाम क े 03:42 पर एक जवाब ĤाÜत हुआ, िजसमɅ यह पूछा गया था ͩक आवेदन को ɬयूटȣ महानगर दंडाͬधकारȣ क े सम¢ सूचीबɮध ͩकया जाना था या सğ Ûयायालय क े सम¢। याͬचकाकता[ क े ͪवɮवान अͬधवÈता ɮवारा शाम क े 07:21 बजे एक और ईमेल भेजा गया था, इस Ĥकार यह èपçट करते हुए ͩक जमानत एक åयǓतĐम पर जमानत है और आरोप-पğ दायर नहȣं ͩकए जाने से, आवेदन को ɬयूटȣ महानगर दंडाͬधकारȣ क े सम¢ सूचीबɮध ͩकया जाना था। यह Ĥकथन ͩकया गया है ͩक इसक े बाद याͬचकाकता[ क े अͬधवÈता को संबंͬधत एओ(जे) से कोई जवाब नहȣं ͧमला। यह भी Ĥकथन ͩकया गया है ͩक जांच अͬधकारȣ ने याͬचकाकता[ को यह सूͬचत करक े गुमराह ͩकया ͩक उसने समय क े भीतर आरोप-पğ दायर कर Ǒदया था, िजसक े कारण आवेदन को यह मानते हुए आगे नहȣं बढ़ाया गया ͩक वह Ǔनçफल हो गया है।
9. राçĚåयापी लॉकडाउन जारȣ रहा और याͬचकाकता[ को आरोप-पğ कȧ कोई ĤǓत नहȣं दȣ गई। इसक े बाद, याͬचकाकता[ ने Ǒदनांक 05.05.2020 को Ǔनयͧमत जमानत क े ͧलए एक आवेदन दायर आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ७ ͩकया िजसे Ǒदनांक 30.05.2020 क े आदेश क े माÚयम से खाǐरज कर Ǒदया गया।
10. यह Ĥकथन ͩकया गया है ͩक बाद मɅ अदालतɉ मɅ भौǓतक सुनवाई ͩफर से शुǾ होने पर, आवेदक को पता चला ͩक आरोप-पğ वाèतव मɅ Ǒदनांक 20.04.2020 यानी उसी Ǒदन दायर ͩकया गया था िजस Ǒदन याͬचकाकता[ ने धारा 167(2) दं.Ĥ.सं. क े तहत एक ईमेल क े माÚयम से अपनी åयǓतĐम पर जमानत आवेदन को दाͨखल ͩकया था। यह जानकारȣ ĤाÜत करने पर, याͬचकाकता[ ने Ǒदनांक 15.09.2020 को धारा 167(2) दं.Ĥ.सं. क े तहत दूसरा आवेदन दाͨखल ͩकया िजसे Ǒदनांक 16.09.2020 को ͪवɮवान महानगर दंडाͬधकारȣ ɮवारा खाǐरज कर Ǒदया गया। उÈत आदेश को चुनौती देने वालȣ एक पुनरȣ¢ण याͬचका यहां आ¢ेͪपत आदेश ɮवारा खाǐरज कर दȣ गई।
11. इस पृçठभूͧम मɅ, जबͩक याͬचकाकता[ क े ͪवɮवान अͬधवÈता ने åयǓतĐम पर जमानत क े ͧलए कȧ गई Ĥाथ[ना पर बल Ǒदया है, ͪवɮवान अǓत.लो.अͧभ. ने यह तक [ देते हुए इसका ͪवरोध ͩकया है ͩक याͬचकाकता[ ɮवारा दायर जमानत आवेदनɉ मɅ से कोई भी पोषणीय नहȣं था और इस संबंध मɅ, Ǔनàनͧलͨखत ĤèतुǓतयाँ कȧ:i) जाँच अͬधकारȣ ने Ǒदनांक 20.04.2020 को आरोप-पğ दाͨखल ͩकया आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ८ और इस Ĥकार धारा 167(2) दं.Ĥ.सं. क े तहत दाͨखल ͩकया गया जमानत आवेदन िजसे उÈत Ǔतͬथ पर आवेदक ɮवारा दाͨखल ͩकया जाना बताया गया है पोषणीय नहȣं था। ii) जमानत आवेदन कभी अिèत×व मɅ नहȣं आया Èयɉͩक न तो याͬचकाकता[ कȧ ओर से उÈत आवेदन को सूचीबɮध करने या सुनवाई क े ͧलए कोई कदम उठाया गया और न हȣ लोक अͧभयोजक को कभी कोई नोǑटस जारȣ ͩकया गया। iii) याͬचकाकता[ ने Ǒदनांक 05.05.2020 को गुणागुण क े आधार पर Ǔनयͧमत जमानत याͬचका दायर करक े åयǓतĐम पर जमानत कȧ मांग करने वाले अपने पहले क े आवेदन को वैसे भी छोड़ Ǒदया था। iv) याͬचकाकता[ का Ǒदनांक 15.09.2020 का åयǓतĐम पर जमानत कȧ मांग करने वाला दूसरा आवेदन पोषणीय नहȣं था Èयɉͩक वैधाǓनक जमानत लेने का उसका अͬधकार Ǒदनांक 20.04.2020 को आरोप- पğ दाͨखल होने क े कारण पहले हȣ समाÜत हो गया था।
12. मेरे ɮवारा प¢कारɉ क े ͪवɮवान अͬधवÈतागण को सुना गया है और अͧभलेख पर रखी गई सामĒी क े साथ-साथ ͪवचारण Ûयायालय क े अͧभलेख, िजसे तलब ͩकया गया था, कȧ ͫडिजटल ĤǓत को भी देखा है। सुनवाई क े दौरान, यह बताया गया ͩक याͬचकाकता[ को आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ९ अǓतǐरÈत सğ Ûयायाधीश/अवकाश Ûयायाधीश/ͪवशेष Ûयायाधीश, ͪवɮयुत Ûयायालय संÉया-02, क Ʌ ġȣय, तीस हजारȣ Ûयायालय, Ǒदãलȣ ɮवारा पाǐरत आदेश क े माÚयम से अंतǐरम जमानत पर ǐरहा कर Ǒदया गया है, िजस आदेश को बढ़ाया गया है और आज तक जारȣ है।
13. तØयɉ क े ͪववाद मɅ नहȣं होने क े कारण, ऊपर उिãलͨखत वाèतͪवक िèथǓत मɅ इस Ûयायालय क े सम¢ ͪवचार क े ͧलए जो Ĥाथͧमक मुɮदा उ×पÛन होता है, वह यह है ͩक Èया याͬचकाकता[ Ǒदनांक 20.04.2020 को åयǓतĐम पर जमानत का हकदार था, गौण मुɮदा Ûयायालय का अͧभयुÈत को, अपेͯ¢त समय मɅ आरोप पğ दाͨखल न होने पर, उसक े प¢ मɅ अिज[त अͬधकार और åयǓतĐम पर जमानत कȧ मांग करने क े ͧलए आवेदन दायर करने क े माÚयम और तरȣक े क े बारे मɅ सूͬचत करने का दाǓय×व है। åयǓतĐम पर जमानत - अͧभयुÈत का अपǐरहाय[ अͬधकार
14. धारा 167(2) दं.Ĥ.सं., जो वत[मान मुɮदे से संबंͬधत है, Ǔनàनानुसार है:- “(2) वह दंडाͬधकारȣ, िजसक े पास अͧभयुÈत åयिÈत इस धारा क े अधीन भेजा जाता है, चाहे उस मामले क े ͪवचारण कȧ उसे अͬधकाǐरता हो या न हो, अͧभयुÈत का ऐसी आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. १० अͧभर¢ा मɅ, जैसी वह दंडाͬधकारȣ ठȤक समझे इतनी अवͬध क े ͧलए, जो क ु ल ͧमलाकर पंġह, Ǒदन से अͬधक न होगी, Ǔनǽɮध ͩकया जाना समय-समय पर Ĥाͬधकृ त कर सकता है तथा यǑद उसे मामले क े ͪवचारण कȧ या ͪवचारण क े ͧलए सुपुद[ करने कȧ अͬधकाǐरता नहȣं है और अͬधक Ǔनǽɮध रखना उसक े ͪवचार मɅ अनावæयक है तो वह अͧभयुÈत को ऐसे दंडाͬधकारȣ क े पास, िजसे ऐसी अͬधकाǐरता है, ͧभजवाने क े ͧलए आदेश दे सकता है:- बशतȶ ͩक - (क) दंडाͬधकारȣ अͧभयुÈत åयिÈत कȧ पुͧलस अͧभर¢ा से अÛयथा Ǒहरासत पंġह Ǒदन कȧ अवͬध से आगे क े ͧलए उस दशा मɅ अͬधकृ त कर सकता है जब वह संतुçट हो जाता है ͩक ऐसा करने क े ͧलए पया[Üत आधार हɇ, लेͩकन कोई भी दंडाͬधकारȣ अͧभयुÈत åयिÈत को इस अनुÍछेद क े तहत Ǒहरासत मɅ रखने क े ͧलए Ǔनàनͧलͨखत क ु ल अवͬध से बढ़ाने क े ͧलए अͬधकृ त नहȣं होगा - (i) क ु ल ͧमलाकर नÞबे Ǒदन से अͬधक कȧ अवͬध क े ͧलए अͬधकृ त नहȣं करेगा जहां जांच ऐसे अपराध क े संबंध मɅ है जो मृ×यु, आजीवन कारावास या दस वष[ से अÛयून कȧ अवͬध क े ͧलए कारावास से दंडनीय है; (ii) साठ Ǒदन, जहाँ जांच ͩकसी अÛय अपराध से संबंͬधत है, और, नÞबे Ǒदन या साठ Ǒदन कȧ उÈत अवͬध कȧ आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ११ समािÜत पर, जैसी भी िèथǓत हो, अͧभयुÈत åयिÈत को जमानत पर ǐरहा कर Ǒदया जाएगा यǑद वह जमानत देने क े ͧलए तैयार है और दे देता है, और इस उप-धारा क े तहत Ĥ×येक åयिÈत को अÚयाय XXXIII क े Ĥावधानɉ क े तहत उस अÚयाय क े Ĥयोजनɉ क े ͧलए इस तरह से जमानत पर ǐरहा ͩकया गया माना जाएगा; (ख) कोई भी दंडाͬधकारȣ इस धारा क े तहत पुͧलस कȧ Ǒहरासत मɅ अͧभयुÈत को तब तक Ǒहरासत मɅ रखने क े ͧलए अͬधकृ त नहȣं करेगा जब तक ͩक अͧभयुÈत को पहलȣ बार åयिÈतगत Ǿप से उसक े सामने पेश नहȣं ͩकया जाता है और बाद मɅ हर बार जब तक ͩक अͧभयुÈत पुͧलस कȧ Ǒहरासत मɅ नहȣं रहता है, लेͩकन दंडाͬधकारȣ अͧभयुÈत को åयिÈतगत Ǿप से या इलेÈĚॉǓनक वीͫडयो ͧलंक े ज क े माÚयम से पेश करने पर ÛयाǓयक Ǒहरासत मɅ आगे Ǔनरोध को बढ़ा सकता है। (ग) ɮͪवतीय Įेणी का कोई भी दंडाͬधकारȣ, जो उÍच Ûयायालय ɮवारा इस संबंध मɅ ͪवशेष Ǿप से सशÈत नहȣं ͩकया गया है, पुͧलस कȧ अͧभर¢ा मɅ Ǔनरोध को अͬधकृ त नहȣं करेगा। èपçटȣकरण 1- संदेहɉ से बचने क े ͧलए, एतɮ ɮवारा यह घोͪषत ͩकया जाता है ͩक अनुÍछेद (क) मɅ ǓनǑद[çट अवͬध कȧ समािÜत क े बावजूद, अͧभयुÈत को तब तक Ǒहरासत मɅ रखा जाएगा जब तक ͩक वह जमानत नहȣं देता है। èपçटȣकरण 2- यǑद कोई Ĥæन उ×पÛन होता है ͩक Èया ͩकसी अͧभयुÈत åयिÈत को जैसा ͩक धारा (ख) क े तहत अपेͯ¢त है, दंडाͬधकारȣ क े सम¢ पेश ͩकया गया था, तो आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. १२ अͧभयुÈत åयिÈत को पेश ͩकया जाना, Ǒहरासत को अͬधकृ त करने वाले आदेश पर उसक े हèता¢र से या इलेÈĚॉǓनक वीͫडयो ͧलंक े ज ɮवारा अͧभयुÈत åयिÈत को पेश करने क े बारे मɅ दंडाͬधकारȣ ɮवारा Ĥमाͨणत आदेश से, जैसा भी मामला हो, साǒबत ͩकया जा सकता है:- इसक े अǓतǐरÈत बशतȶ ͩक अठारह वष[ से कम आयु कȧ मǑहला क े मामले मɅ, Ǔनरोध को ǐरमांड होम या माÛयता ĤाÜत सामािजक संèथान कȧ अͧभर¢ा मɅ रहने क े ͧलए अͬधकृ त ͩकया जाएगा।
15. Ĥावधान क े एक सामाÛय अÚययन से पता चलता है ͩक जब धारा 167(2) दं.Ĥ.सं. क े पहले परंतुक (क) क े तहत Ǔनधा[ǐरत जांच क े ͧलए अͬधकतम अवͬध समाÜत हो जाती है और कोई आरोप-पğ दाͨखल नहȣं ͩकया जाता है, तो अͧभयुÈत जमानत पर ǐरहा होने का हकदार हो जाता है, िजसे अͬधक उͬचत Ǿप से ‘åयǓतĐम पर जमानत’ कहा जाता है। धारा 167 (2) दं.Ĥ.सं. क े तहत åयǓतĐम पर जमानत लेने का अͬधकार एक मौͧलक अͬधकार हो और न क े वल एक वैधाǓनक अͬधकार, जो भारत क े संͪवधान क े अनुÍछेद 21 से Ǔनकलता है। इसे भारत क े अनुÍछेद 21 क े तहत åयिÈतगत èवतंğता क े अͬधकार का एक अपǐरहाय[ Ǒहèसा माना गया है और इस तरह क े अͬधकार को महामारȣ कȧ िèथǓत क े दौरान भी Ǔनलंǒबत नहȣं ͩकया जा सकता है। अͧभयुÈत क े èवतंğ होने क े आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. १३ अͬधकार को जांच जारȣ रखने और आरोप-पğ Ĥèतुत करने क े राÏय क े अͬधकार पर Ĥाथͧमकता दȣ जाती है [देखɅ:- 2020 एससीसी ऑनलाइन एससी 529 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत एस. कासी बनाम पुͧलस Ǔनरȣ¢क समयनãलूर पुͧलस थाना मदुरै िजला क े माÚयम से राÏय।
16. Ûयायालय बार-बार Ĥावधान कȧ ͪवͧभÛन बारȣͩकयɉ से Ĥभाͪवत हुए हɇ, और हर बार भारत क े तहत ͩकसी åयिÈत कȧ åयिÈतगत èवतंğता को सुरͯ¢त करने कȧ आवæयकता पर जोर Ǒदया गया है। उÍचतम Ûयायालय ɮवारा Ǔनण[यɉ कȧ एक Įृंखला क े आधार पर माग[दश[क ͧसɮधांत Ǔनधा[ǐरत ͩकए गए हɇ और ऐसा हȣ एक मामला (2017) 15 एससीसी 67 राक े श क ु मार पॉल बनाम असम राÏय था, िजसमɅ Ûयायालय ने भारत क े ͪवͬध आयोग कȧ 41वीं ǐरपोट[ पर Úयान Ǒदया, िजसमɅ जांच पूरȣ करने क े ͧलए 15 Ǒदनɉ कȧ त×कालȣन Ǔनधा[ǐरत सीमा ɮवारा बनाई गई ͪवसंगǓत को देखते हुए, अपराध कȧ गंभीरता क े आधार पर जांच पूरȣ करने क े ͧलए अͬधकतम 60/90 Ǒदनɉ कȧ अवͬध Ǔनधा[ǐरत करने कȧ ͧसफाǐरश कȧ गई थी। (1994) 5 एससीसी 410 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत संजय दƣ बनाम सीबीआई ɮवारा राÏय, बॉàबे (II) क े मामले मɅ एक संͪवधान पीठ क े Ǔनण[य क े साथ-साथ (2001) 5 एससीसी 453 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत उदय मोहनलाल आचाय[ बनाम महाराçĚ राÏय और आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. १४ (2014) 9 एससीसी 457 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत क Ʌ ġȣय जांच Þयूरो ɮवारा भारत संघ बनाम Ǔनराला यादव उफ [ राजा राम यादव उफ [ दȣपक यादव अपने Ǔनण[यɉ का उãलेख करते हुए, राक े श क ु मार पॉल (पूवȾÈत) मामले मɅ सवȾÍच Ûयायालय ने, बहुमत क े Ǻिçटकोण से, आगे Ǔनàनानुसार अͧभǓनधा[ǐरत ͩकया:- “37. इस Ûयायालय को भारत संघ बनाम Ǔनराला यादव मामले मɅ इस ͪवषय पर पूरे मामले क े कानून कȧ समी¢ा करने का अवसर ͧमला था| उस Ǔनण[य मɅ उदय मोहनलाल आचाय[ बनाम महाराçĚ राÏय और उस Ǔनण[य मɅ Ǔनकाले गए Ǔनçकष[ का संदभ[ Ǒदया गया था| हम Ǔनçकष[ (3) से संबंͬधत हɇ जो इस Ĥकार है: (Ǔनराला यादव मामला, एससीसी पृ. 472, अनुÍछेद 24) “13.(3) उÈत 90 Ǒदनɉ या 60 Ǒदनɉ कȧ अवͬध कȧ समािÜत पर, जैसा भी मामला हो, अͧभयुÈत क े प¢ मɅ एक अपǐरहाय[ अͬधकार अिज[त होता है ͩक वह जाँच एजɅसी ɮवारा Ǔनधा[ǐरत अवͬध क े भीतर जाँच पूरȣ करने मɅ चूक होने क े कारण जमानत पर ǐरहा ͩकया जा सकता है और अͧभयुÈत जमानत पर ǐरहा होने का हकदार है यǑद वह मिजèĚेट ɮवारा Ǔनदȶͧशत जमानत देने क े ͧलए तैयार है और Ĥèतुत करता है। (उदय मोहनलाल मामला, एससीसी पृ. 473, अनुÍछेद 13)”
38. इस Ûयायालय ने संजय दƣ क े मामले मɅ Ǒदए गए Ǔनण[य पर भी ͪवचार ͩकया और नोट ͩकया ͩक संͪवधान पीठ ɮवारा Ǔनधा[ǐरत ͧसɮधांत आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. १५ इस आशय का है ͩक यǑद आरोप-पğ दायर नहȣं ͩकया गया है और ‘åयǓतĐम जमानत’ का अͬधकार अपǐरहाय[ता कȧ िèथǓत मɅ आ गया है, तो इसे ͩकसी भी बहाने से अͧभयोजन प¢ ɮवारा Ǔनçफल नहȣं ͩकया जा सकता है| अͧभयुÈत अपनी èवतंğता का लाभ उठाकर एक आवेदन दायर कर सकता है िजसमɅ कहा गया हो ͩक आरोप-पğ या चालान दायर करने कȧ वैधाǓनक अवͬध समाÜत हो गई है और वह अभी तक दायर नहȣं कȧ गई है और इसͧलए उसक े प¢ मɅ अपǐरहाय[ अͬधकार अिज[त हो गया है और आगे अͧभयुÈत जमानतपğ Ĥèतुत करने क े ͧलए तैयार है|”
17. दं.Ĥ.सं. कȧ धारा 167(2) मɅ अंतǓन[Ǒहत Ĥावधान क े उɮदेæय को ͪवफल करने मɅ अͧभयोजन प¢ क े साथ-साथ क ु छ Ûयायालयɉ ɮवारा अपनाए गए चलन कȧ Ǔनंदा करते हुए Ûयायालय ने यह भी अͧभǓनधा[ǐरत ͩकया ͩक:- "39. इस Ûयायालय ने यह भी नोट ͩकया ͩक अͧभयोजन प¢ ɮवारा अपǐरहाय[ अͬधकार को Ǔनçफल करने कȧ संभावना क े अलावा, ऐसे अवसर भी आते हɇ जब Ûयायालय भी अपǐरहाय[ अͬधकार को Ǔनçफल कर देती है| मोहàमद इकबाल मदार शेख बनाम महाराçĚ राÏय का संदभ[ Ǒदया गया िजसमɅ यह कहा गया था ͩक क ु छ Ûयायालय ‘åयǓतĐम जमानत’ क े ͧलए आवेदन को क ु छ Ǒदनɉ क े ͧलए लंǒबत रखते हɇ ताͩक उस बीच आरोप-पğ Ĥèतुत ͩकया जाए| हालाँͩक अͧभयोजन प¢ क े साथ-साथ क ु छ Ûयायालयɉ कȧ ओर से इस तरह क े चलन को बहुत Ǻढ़ता से और Ĥबल Ǿप से रोका जाना चाǑहए, हम दोहराते हɇ ͩक आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. १६ अͧभयुÈत क े ‘åयǓतĐम जमानत’ क े अपǐरहाय[ अͬधकार को हराने हेतु आरोप-पğ या चालान जमा करने कȧ वैधाǓनक अवͬध समाÜत होने क े और Ûयायालय मɅ आरोप-पğ या चालान Ĥèतुत करने क े समय क े बीच ͩकसी भी दाँव-पɅच का सहारा नहȣं ͧलया जाना चाǑहए|”
18. ǒबĐमजीत ͧसंह बनाम पंजाब राÏय (2020) 10 एससीसी 616 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत मामले मɅ, सवȾÍच Ûयायालय ने Ǔनàनͧलͨखत शÞदɉ मɅ उपरोÈत ͧसɮधांतɉ को ͩफर से दोहराया है:- “36. उपरोÈत Ǔनण[यɉ क े सारांश से पता चलता है ͩक जब तक åयǓतĐम जमानत क े ͧलए आवेदन 90 Ǒदनɉ कȧ अवͬध क े बीतने क े उपराÛत आरोप-पğ दायर करने से पहले ͩकया जाता है, तो åयǓतĐम जमानत लेने का अͬधकार पूण[ होता है| ऐसा कोई ¢ण नहȣं है जब Ĥæनगत आपराͬधक Ûयायालय या तो आरोप- पğ दायर करने से पहले इस तरह क े आवेदन का Ǔनपटान नहȣं करती है या इस तरह क े आवेदन का आरोप-पğ दायर करने से पहले गलत तरȣक े से Ǔनपटान नहȣं करती है। जब तक कͬथत अवͬध कȧ समािÜत पर åयǓतĐम जमानत क े ͧलए आवेदन ͩकया गया है, तब तक समय को अͬधकतम 180 Ǒदनɉ तक बढ़ाया जाता है, åयǓतĐम जमानत, धारा 167 (2) क े पहले परंतुक क े आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. १७ तहत आरोपी का एक अपǐरहाय[ अͬधकार है, जो आरàभ हो जाता है और इसे Ĥदान ͩकया जाना चाǑहए|”
19. सारावनन बनाम राÏय पुͧलस Ǔनरȣ¢क ɮवारा Ĥèतुत मामले मɅ (2020) 9 एससीसी 101 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत, जहां अपीलकता[ का मामला था ͩक वह 101 Ǒदनɉ से अͬधक समय तक जेल क े अंदर था, लेͩकन जाँच पूरȣ नहȣं हुई थी और पुͧलस ने दं.Ĥ.सं. कȧ धारा 167 क े तहत Ǔनधा[ǐरत अवͬध क े भीतर अंǓतम आÉया दायर नहȣं कȧ थी, उसमे उÍचतम Ûयायालय ने माना ͩक:- “9....हालाँͩक, जैसा ͩक इस Ûयायालय ने Ǔनण[यɉ क े संदभ[ मɅ और ͪवशेष Ǿप से राक े श क ु मार पॉल क े मामले मɅ कहा है, जहां 60 Ǒदनɉ या 90 Ǒदनɉ क े भीतर जाँच पूरȣ नहȣं होती है, जैसा ͩक मामला है, और 60वɅ या 90वɅ Ǒदन तक कोई आरोप-पğ दायर नहȣं ͩकया जाता है, तो अͧभयुÈत को åयǓतĐम जमानत का “अपǐरहाय[ अͬधकार” ͧमलता है, और जब अͧभयुÈत åयǓतĐम जमानत क े ͧलए आवेदन करता है और जमानत Ĥèतुत करता है तो अͧभयुÈत åयǓतĐम जमानत का हकदार हो जाता है| इसͧलए, दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 167(2) क े तहत åयǓतĐम जमानत/वैधाǓनक जमानत ĤाÜत करने क े ͧलए एकमाğ आवæयकता यह है ͩक अͧभयुÈत 60 या 90 Ǒदनɉ से अͬधक क े ͧलए जेल मɅ रहा है, जैसा भी मामला हो, और 60 या 90 Ǒदनɉ क े भीतर, जाँच पूरȣ नहȣं हुई है और 60वɅ या 90वɅ Ǒदन तक कोई आरोप-पğ दायर नहȣं ͩकया गया है और अͧभयुÈत åयǓतĐम जमानत क े ͧलए आवेदन करता है और जमानत देने क े ͧलए तैयार है| आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. १८ (जोर Ǒदया गया)
20. हाल हȣ मɅ, एम. रवींġन बनाम आसूचना अͬधकारȣ, राजèव आसूचना Ǔनदेशालय (2021) 2 एससीसी 485 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत मɅ, उÍचतम Ûयायालय ने इस मुɮदे को åयापक Ǿप से Ǔनपटाया है और यह राय दȣ हैः- "8. इस Ûयायालय ने रͪव Ĥकाश ͧसंह बनाम ǒबहार राÏय सǑहत कई Ǔनण[यɉ मɅ फ ै सला सुनाया है ͩक धारा 167 (2) क े तहत अवͬध कȧ गणना करते समय, िजस Ǒदन आरोपी को ÛयाǓयक Ǒहरासत मɅ भेजा गया था उसे शाͧमल नहȣं ͩकया जाना चाǑहए और िजस Ǒदन Ûयायालय मɅ चालान/आरोप-पğ दायर ͩकया जाता है, उसे शाͧमल करना होगा। xxx
22.3. हमारा यह Ǻढ़ मत है ͩक उदय मोहनलाल आचाय[ से ͧलया गया Ǻिçटकोण एक बाÚयकारȣ ͧमसाल है| इसक े बाद सैयद मोहàमद अहमद काजमी क े मामले मɅ तीन-Ûयायाधीशɉ कȧ पीठ ɮवारा इसे माना गया है| इसͧलए, Ĥ£यना ͧसंह ठाक ु र क े अनुÍछेद 54 और 58 मɅ दो-Ûयायाधीशɉ कȧ पीठ ने इस Ĥभाव से यह राय दȣ ͩक “भले हȣ जमानत क े ͧलए आवेदन इस आधार पर दायर ͩकया गया हो ͩक आरोप-पğ 90 Ǒदनɉ क े भीतर दायर नहȣं ͩकया गया था, लेͩकन उस पर ͪवचार करने से पहले और जमानत पर ǐरहा होने से पहले, जमानत पर ǐरहा होने का उÈत अͬधकार खो जाएगा” या “क े वल गुणागुण पर हो सकता है”, अनवधानता माना जाएगा| xxx आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. १९
23. पुनरावृͪƣ कȧ कȧमत पर, इस बात पर जोर Ǒदया जाना चाǑहए ͩक धारा 167 (2) और उसक े परंतुक को अͬधǓनयͧमत करते समय ͪवधाǓयका का सवȾपǐर ͪवचार यह था ͩक जाँच जãद से जãद पूरȣ कȧ जानी चाǑहए, और अͧभयुÈत को अनुͬचत Ǿप से लंबी अवͬध क े ͧलए Ǒहरासत मɅ नहȣं रखा जाना चाǑहए जैसा ͩक 1898 कȧ संǑहता क े तहत Ĥचͧलत िèथǓत थी| यह अनुÍछेद 21 क े तहत राÏय को Ǒदए गए दाǓय×व क े अनुǾप होगा िजसमे ͩकसी भी åयिÈत को उसकȧ åयिÈतगत èवतंğता से वंͬचत करने से पहले एक Ǔनçप¢, Ûयायसंगत और उͬचत ĤͩĐया का पालन करना होगा| Ǔनçकष[
24. वत[मान मामले मɅ, èवीकाय[ Ǿप से अपीलाथȸ-अͧभयुÈत ने उनकȧ ͬगरÝतारȣ क े 181वɅ Ǒदन यानी Ǒदनांक 1-2-2019 को 10:30 पूवा[हन कोट[ खुलने क े तुरंत बाद आवेदन दायर करक े जमानत ĤाÜत करने क े अपने ͪवकãप का उपयोग ͩकया था| यह ͪववाद मɅ नहȣं है ͩक लोक अͧभयोजक ने Ǒदनांक 31-1-2019 से या 1.2.2019 को 10:30 पूवा[हन से पहले अपराध कȧ जाँच क े ͧलए समय क े ͪवèतार हेतु कोई आवेदन दायर नहȣं ͩकया था| िजस Ǒदन वह दायर कȧ गई, लोक अͧभयोजक ने 4:25 अपराहन तक जमानत याͬचका पर दलȣलɉ मɅ भाग ͧलया था| इसक े बाद हȣ अपीलकता[ क े ͨखलाफ अǓतǐरÈत ͧशकायत दज[ कȧ गई| इसͧलए, उपरोÈत ͧसɮधांतɉ को लागू करते हुए, अपीलाथȸ- अͧभयुÈत ने जमानत क े अपने अपǐरहाय[ अͬधकार का लाभ तभी उठा ͧलया था िजस ¢ण उसने जमानत पर ǐरहा होने क े ͧलए आवेदन दायर ͩकया और जमानत आदेश अथा[त Ǒदनांक 1-2- आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. २० 2019 को 10:30 पूवा[हन क े जारȣ Ǔनयमɉ और शतɟ का पालन करना कȧ पेशकश कȧ थी| बाद मɅ एक अǓतǐरÈत ͧशकायत दज[ ͩकए जाने क े बावजूद वह जमानत पर ǐरहा होने का हकदार था|
25. इसͧलए, Ǔनçकष[ मɅ:-
25.1. एक बार जब आरोपी धारा 167(2) क े Ĥावधान क े तहत जमानत क े ͧलए आवेदन दायर करता है, तो माना जाता है ͩक उसने, åयǓतĐम जमानत पर ǐरहा होने क े अपने अͬधकार का 'लाभ उठाया' है या उसे लागू ͩकया है जो उसे जाँच क े ͧलए Ǔनधा[ǐरत समय-सीमा समाÜत होने क े बाद ĤाÜत होता है| इस Ĥकार, यǑद अͧभयुÈत 180 Ǒदनɉ कȧ या ͪवèताǐरत अवͬध कȧ समािÜत पर, जैसा भी मामला हो, दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 167(2) क े साथ सहपǑठत एन.डी.पी.एस. अͬधǓनयम कȧ धारा 36-क(4) क े तहत जमानत क े ͧलए आवेदन करता है, तो Ûयायालय को लोक अͧभयोजक से आवæयक जानकारȣ ĤाÜत करने क े बाद ǒबना ͩकसी अनावæयक देरȣ क े उसे तुरंत जमानत पर ǐरहा करना चाǑहए, जैसा ͩक ऊपर उãलेख ͩकया गया है| इस तरह कȧ ×वǐरत कार[वाई अͧभयोजन प¢ को जाँच एजɅसी ɮवारा चूक क े मामले मɅ आरोपी को जमानत पर ǐरहा करने क े ͪवधायी जनादेश को ͪवफल करने से रोक े गी।
25.2. åयǓतĐम जमानत पर ǐरहा होने का अͬधकार तब भी Ĥवत[नीय बना रहता है जब अͧभयुÈत ने जमानत आवेदन ͪवचाराधीन होने क े बावजूद ऐसी जमानत क े ͧलए आवेदन ͩकया है; या बाद मɅ आरोप-पğ दायर करने या Ûयायालय क े सम¢ अͧभयोजन प¢ ɮवारा समय क े ͪवèतार कȧ मांग करते हुए आÉया Ĥèतुत कȧ है या मÚयावͬध क े दौरान आरोप-पğ दायर करना जब जमानत आवेदन कȧ अèवीकृ Ǔत को चुनौती उÍच Ûयायालय क े सम¢ लंǒबत है। आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. २१
25.3. हालाँͩक, जहाँ अͧभयुÈत åयǓतĐम जमानत क े ͧलए आवेदन करने मɅ ͪवफल होता है जब उसे यह अͬधकार ĤाÜत होता है और बाद मɅ आरोप-पğ, अǓतǐरÈत ͧशकायत या आÉया को समय क े ͪवèतार कȧ मांग करते हुए मिजèĚेट क े सम¢ दायर ͩकया जाता है, तो åयǓतĐम जमानत का अͬधकार समाÜत हो जाएगा| मिजèĚेट मामले का सं£ान लेने या जाँच पूरȣ करने क े ͧलए आगे का समय देने क े ͧलए èवतंğ होगा, जैसा भी मामला हो, हालाँͩक अͧभयुÈत को ͩफर भी दंड ĤͩĐया संǑहता क े अÛय Ĥावधानɉ क े तहत जमानत पर ǐरहा ͩकया जा सकता है।
25.4. Ûयायालय ɮवारा पाǐरत åयǓतĐम जमानत क े आदेश क े बावजूद, धारा 167(2) क े èपçटȣकरण I क े आधार पर, Ǒहरासत से अͧभयुÈत कȧ वाèतͪवक ǐरहाई जमानत देने वाले स¢म Ûयायालय ɮवारा पाǐरत Ǔनदȶशɉ पर Ǔनभ[र है| यǑद अͧभयुÈत Ûयायालय ɮवारा Ǔनधा[ǐरत समय क े भीतर जमानत देने और/या जमानत आदेश क े Ǔनयमɉ और शतɟ का पालन करने मɅ ͪवफल रहता है, तो कारावास मɅ चलती आ रहȣ उसकȧ Ǒहरासत वैध है|”
21. एक बार ͩफर, फाखरे आलम बनाम उƣर Ĥदेश राÏय मɅ 2021 एससीसी ऑनलाइन एससी 532 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत, मɅ पहले क े Ǔनण[यɉ मɅ Ǔनधा[ǐरत ͧसɮधांतɉ को बरकरार रखा गया है और इस बात पर ͩफर से जोर Ǒदया गया है ͩक दं.Ĥ.सं. कȧ धारा 167(2) क े पहले परंतुक कȧ शतɟ को पूरा ͩकया जाता है, तो अͧभयुÈत åयिÈत को जमानत पर ǐरहा होने का मौͧलक अͬधकार ͧमलता है| अͧभयुÈत को ĤाÜत åयǓतĐम ज़मानत क े अͬधकार कȧ सूचना देने का मिजèĚेट आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. २२ का दाǓय×व
22. एक अͧभयुÈत को Ǒहरासत मɅ भेजने का आदेश एक खालȣ औपचाǐरकता नहȣं है और उस èतर पर, मिजèĚेट को ǐरमांड कȧ आवæयकता क े ͧलए अपने ͪववेक क े उपयोग करने कȧ आवæयकता होती है| अͧभर¢ा का 60वाँ या 90वाँ Ǒदन बहुत मह×व रखता है Èयɉͩक आरोप-पğ दायर न करने कȧ िèथǓत मɅ, दं.Ĥ.सं. कȧ धारा 167(2) क े तहत अͧभयुÈत क े प¢ मɅ एक अͬधकार अिज[त है, िजसे एक अपǐरहाय[ और मौͧलक अͬधकार माना जाता है| यह सुǓनिæचत करने क े ͧलए ͩक यह अͬधकार ͩकसी भी तरह से ͪवफल न हो, मिजèĚेट पर एक दाǓय×व डाला जाता है ͩक वह एक ͪवचाराधीन क ै दȣ को ĤाÜत इस अͬधकार क े संचय क े बारे मɅ सूͬचत करे। ͪवचाराधीन क ै Ǒदयɉ से संबंͬधत मुɮदा जो इस तरह क े वैधाǓनक अͬधकार का लाभ नहȣं उठा सक े, उÍचतम Ûयायालय क े सम¢ हुसैनारा खातून और अÛय बनाम गृह सͬचव, ǒबहार राÏय, पटना जो (1980) 1 एससीसी 108 क े Ǿप मɅ Ĥकाͧशत ͩकया गया, िजसमɅ यह अͧभǓनधा[ǐरत ͩकया गया थाः- "3. …इन लेखाͬचğɉ से यह èपçट है ͩक इस लेखाͬचğ मɅ क ु छ संदͧभ[त याचीगण और अÛय ͪवचाराधीन याचीगण को मिजèĚेट क े सम¢ कई बार पेश ͩकया गया और मिजèĚेट ने ÛयाǓयक Ǒहरासत मɅ रखने क े आदेश ͩकए हɇ| यह ͪवæवास करना कǑठन है ͩक िजन अनͬगनत अवसरɉ पर इन ͪवचाराधीन क ै Ǒदयɉ को मिजèĚेटɉ क े सम¢ पेश ͩकया गए थे और मिजèĚेटɉ ने ǐरमांड पर भेजने क े आदेश करे थे, उनमɅ से Ĥ×येक ने उन ͪवचाराधीन क ै Ǒदयɉ को ÛयाǓयक Ǒहरासत मɅ भेजने कȧ आवæयकता पर ͪवचार आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. २३ ͩकया होगा| हमɅ इस बात पर भी बहुत संदेह है ͩक ͪवचाराधीन क ै Ǒदयɉ का Úयान इस तØय कȧ ओर खींचा गया था ͩक वे धारा 167 कȧ उपधारा (2) क े परंतुक (क) क े तहत ͬगरÝतारȣ कȧ तारȣख से 90 या 60 Ǒदनɉ कȧ समािÜत पर जमानत पर ǐरहा होने क े हकदार थे| जब एक ͪवचाराधीन क ै दȣ को मिजèĚेट क े सम¢ पेश ͩकया जाता है और वह Ǒहरासत मɅ 90 या 60 Ǒदन रहता है, जैसा भी मामला हो, मिजèĚेट को ÛयाǓयक Ǒहरासत मɅ आगे कȧ ǐरमांड का आदेश देने से पहले, ͪवचाराधीन क ै दȣ को यह अवगत कराना चाǑहए ͩक वह जमानत पर ǐरहा होने का हकदार है|”
23. राक े श क ु मार पॉल (उपरोÈत) मɅ, आरोप-पğ दायर करने क े ͧलए वैधाǓनक अवͬध कȧ समािÜत क े बाद åयǓतĐम जमानत का दावा करने क े अͬधकार क े संचय क े बारे मɅ एक अͧभयुÈत को अवगत कराने क े ͧलए संबंͬधत Ûयायालय क े कत[åय को Ǔनàनͧलͨखत शतɟ मɅ माना गया हैः- “44......ऐसा होने क े नाते हमारा èपçट मत है ͩक इस ͧसɮधांत को अपनाने पर, यह जानने क े बाद ͩक उसक े सम¢ पेश अͧभयुÈत åयिÈत åयǓतĐम जमानत’ का हकदार है, यह समान Ǿप से एक Ûयायालय का कत[åय और िजàमेदारȣ होगी ͩक उसे उसक े अपǐरहाय[ अͬधकार क े बारे मɅ कम से कम अवगत कराए| एक ͪवपरȣत Ǻिçटकोण åयिÈतगत èवतंğता क े सàमान को कम कर देगा, िजस पर इस Ûयायालय ɮवारा इतना जोर Ǒदया गया आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. २४ है जैसा ͩक ऊपर उिãलͨखत Ǔनण[यɉ से पता चलता है, और Ǔनराला यादव मɅ भी कहा गया है|”
24. उÍचतम Ûयायालय ने एम. रवींġन (उपरोÈत) मɅ भी अͧभयुÈत को इस अͬधकार क े बारे मɅ सूͬचत ͩकए जाने क े मह×व को भी दोहराया है| Ǔनण[य का Ĥासंͬगक अंश नीचे Ǒदया गया हैः "18.10. हम राक े श क ु मार पॉल क े मामले मɅ åयÈत ͪवचार से सहमत हɇ ͩक एक एहǓतयाती उपाय क े Ǿप मɅ, अͧभयुÈत क े अͬधवÈता क े साथ-साथ मिजèĚेट को अͧभयुÈत को ǒबना ͩकसी देरȣ क े धारा 167 (2) क े तहत अपǐरहाय[ अͬधकार, जब उसे ĤाÜत हो, क े बारे मɅ सूͬचत करना चाǑहए| यह ͪवशेष Ǿप से वहाँ है जहाँ अͧभयुÈत समाज क े एक वंͬचत भाग से है और उसक े कानूनी अͬधकारɉ क े बारे मɅ जानकारȣ ĤाÜत करने मɅ स¢म नहȣं है| मिजèĚेटɉ ɮवारा इस तरह क े £ान को साझा करने से अͧभयोजन प¢ ɮवारा ͩकसी भी ͪवलंबकारȣ रणनीǓत को ͪवफल कर Ǒदया जाएगा और यह भी सुǓनिæचत ͩकया जाएगा ͩक संͪवधान क े अनुÍछेद 21 और दंड ĤͩĐया संǑहता क े उɮदेæयɉ और कारणɉ क े कथन क े तहत उिãलͨखत दाǓय×वɉ को बरकरार रखा जाए|” आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. २५ åयǓतĐम जमानत माँगने हेतु आवेदन का ĤाǾप
25. यह ǓनǑद[çट करते हुए ͩक åयǓतĐम जमानत क े ͧलए आवेदन दायर करने मɅ Èया ĤͩĐया अपनाई जानी चाǑहए, उÍचतम Ûयायालय ने राक े श क ु मार पॉल (उपरोÈत) मामले मɅ बहुमत क े फ ै सले मɅ माना ͩक åयǓतĐम जमानत देने क े ͧलए एक मौͨखक आवेदन भी पया[Üत होगा, और जब तक पुͧलस ɮवारा आरोप-पğ दायर करने से पहले ऐसा आवेदन ͩकया जाता है, तब åयǓतĐम जमानत Ĥदान कȧ जानी चाǑहए| यह Ǔनàनानुसार देखा गयाः “40.....हमारȣ राय मɅ, åयिÈतगत èवतंğता क े मामलɉ मɅ, हम बहुत अͬधक तकनीकȧ नहȣं हो सकते हɇ और हमɅ åयिÈतगत èवतंğता क े प¢ मɅ झुकना चाǑहए| नतीजतन, Èया आरोपी ‘åयǓतĐम जमानत’ क े ͧलए ͧलͨखत आवेदन करता है या ‘åयǓतĐम जमानत' क े ͧलए मौͨखक आवेदन करता है, इसका कोई पǐरणाम नहȣं है| संबंͬधत Ûयायालय को वैधाǓनक आवæयकताओं पर ͪवचार करक े ऐसे आवेदन पर ͪवचार करना चाǑहए, जैसे ͩक Èया आरोप-पğ या चालान दायर करने कȧ वैधाǓनक अवͬध समाÜत हो गई है, Èया आरोप-पğ या चालान दायर ͩकया गया है और Èया आरोपी जमानत देने क े ͧलए तैयार है और आवेदन करता है| xxx
46. यह Ĥèतुत ͩकया गया था ͩक आज तक, याͬचकाकता[ क े ͨखलाफ आरोप-पğ दायर ͩकया गया है, वह आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. २६ “åयǓतĐम जमानत” का हकदार नहȣं है, लेͩकन उसे Ǔनयͧमत जमानत क े ͧलए आवेदन करना चाǑहए चूँͩक “åयǓतĐम जमानत” का अÚयाय अब बंद हो गया है| हम इस साधारण कारण से सहमत नहȣं हो सकते ͩक हम 4-1-2017 और 24- 1-2017 क े बीच क े अंतराल से ͬचंǓतत हɇ जब कोई आरोप- पğ दायर नहȣं ͩकया गया था, िजस अवͬध क े दौरान उÛहɉने “åयǓतĐम जमानत” क े अपने अपǐरहाय[ अͬधकार का लाभ उठाया था| यह पूरȣ तरह से एक अलग हȣ मामला होता अगर याͬचकाकता[ ने इस अंतराल क े दौरान ͩकसी भी कारण से “åयǓतĐम जमानत” क े ͧलए आवेदन नहȣं ͩकया होता| ऐसी िèथǓत हो सकती है (हालाँͩक दुल[भ) जहां एक अͧभयुÈत शायद अपनी åयिÈतगत सुर¢ा क े ͧलए जमानत पर ǐरहा होने क े ͧलए तैयार नहȣं है Èयɉͩक उसे सुधार गृह क े बाहर या ͩकसी अÛय कारण से ͩकसी खतरे का सामना कर रहा हो| लेͩकन ͩफर ऐसी िèथǓत मɅ, अͧभयुÈत èवेÍछा से अपǐरहाय[ अͬधकार को छोड़ देता है और उस अͬधकार क े जÞत होने क े बाद अͧभयुÈत, आरोप पğ वाम चालान दायर होने क े बाद उस अपǐरहाय[ अͬधकार का दावा नहȣं कर सकता परÛतु जहाँ तक याͬचकाकता[ का सàबÛध है उसका वह मामला नहȣं है| चूँͩक उसने Ǒदनांक 04.01.207 एवं 24.01.2017 क े अपने अͬधकार को छोड़ा नहȣं है जो उÍच Ûयायालय क े Ǒदनांक 11.01.2017 क े Ǔनण[य से èपçट है| उसक े ͪवपरȣत, उसने अपने åयǓतĐम ज़मानत क े अपने अͬधकार को Ĥपात ͩकया है जो Ǒदनांक 11.01.2017 को ͪवफल नहȣं हुआ था एवं िजसे हम आज लागू करने क े ͧलए बाÚय है| आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. २७
47. नतीजतन, हमारȣ राय है ͩक याͬचकाकता[ ने åयǓतĐम जमानत' ĤाÜत करने कȧ सभी आवæयकताओं को पूरा कर ͧलया था, जो यह है ͩक उसने एक कͬथत अपराध कȧ जांच लंǒबत रहने तक 60 Ǒदनɉ से अͬधक समय तक Ǒहरासत मɅ रखा था, जो Ûयूनतम 10 साल कȧ अवͬध क े ͧलए कारावास से दंडनीय नहȣं था, उसक े ͨखलाफ कोई आरोप पğ दायर नहȣं ͩकया गया था और वह अपनी ǐरहाई क े ͧलए जमानत देने क े ͧलए तैयार था, इसͧलए उसे उÍच Ûयायालय ɮवारा जमानत क े उͬचत Ǔनयमɉ और शतɟ पर ǐरहा ͩकया जाना चाǑहए था।
26. वत[मान मामले मɅ, यह नोट ͩकया गया है ͩक याͬचकाकता[ को Ǒदनांक 18.01.2020 को ͬगरÝतार ͩकए जाने क े बाद पहलȣ बार Ǒदनांक 19.01.2020 को दंडाͬधकारȣ क े सम¢ पेश ͩकया गया था, जब उसे अͧभर¢ा मɅ भेज Ǒदया गया था। याͬचकाकता[ पर भारतीय दंड संǑहता कȧ धारा 304ख क े अंतग[त आने वाले अपराध का आरोप लगाया गया है, जो 10 साल से अͬधक कȧ अवͬध क े ͧलए कारावास या मृ×यु या आजीवन कारावास से दंडनीय है, अͬधकतम अवͬध िजसक े ͧलए याͬचकाकता[ को ÛयाǓयक अͧभर¢ा मɅ रखा जा सकता था वह 90 Ǒदन था। उÈत अवͬध èवीकाय[ Ǿप से Ǒदनांक 18.04.2020 को समाÜत हो गई थी। हालाँͩक, इस बीच, जब याͬचकाकता[ को Ǒदनांक 15.04.2020 को जेल ͪविजǑटंग मिजèĚेट क े सम¢ पेश ͩकया गया, तो संबंͬधत दंडाͬधकारȣ ने ǒबना ͪवचार ͩकए और इस तØय पर Úयान न देते हुए ͩक 90 Ǒदन कȧ अवͬध Ǒदनांक 18.04.2020 को समाÜत हो आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. २८ रहȣ थी, याͬचकाकता[ कȧ ÛयाǓयक अͧभर¢ा को यंğवत ् Ǿप से Ǒदनांक 29.04.2020 तक बढ़ा Ǒदया। 27.पूरȣ याͬचका क े साथ-साथ याͬचकाकता[ कȧ ओर से कȧ गई ĤèतुǓतयɉ मɅ, पूरा जोर अͧभयोजन प¢ ɮवारा Ǒदनांक 18.04.2020 तक आरोप-पğ दाͨखल न करने और याͬचकाकता[ क े प¢ मɅ अͬधकार क े Ĥोɮभवन पर है। जैसा ͩक पहले नोट ͩकया गया है, लागू ͩकए गए राçĚȣय लॉकडाउन क े कारण देश मɅ मौजूद ͪवल¢ण िèथǓत को देखते हुए, जहां जमानत आवेदन को भौǓतक Ǿप से दायर करना संभव नहȣं था, याͬचकाकता[ कȧ ओर से ईमेल ɮवारा एक आवेदन दायर ͩकया गया जो Ǒदनांक 20.04.2020 को दोपहर 01:16 बजे अͬधवÈतागण को Ǒदए गए ईमेल पते पर Ĥेͪषत ͩकया गया था। ईमेल मɅ न क े वल åयǓतĐम पर जमानत पर ǐरहाई क े ͧलए एक Ĥाथ[ना थी, बिãक अपेͯ¢त ज़मानत बंध पğ दायर करने कȧ शत[ कȧ èवीकाय[ता को भी सूͬचत ͩकया गया था। इसमɅ दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 167(2) क े Ĥावधान का उãलेख ͩकया गया था िजसक े तहत åयǓतĐम पर जमानत क े साथ-साथ मामले का ͪववरण भी मांगा गया था। याͬचकाकता[ को और क ु छ करने कȧ आवæयकता नहȣं थी। इस तरह क े आवेदन को सूचीबɮध करना उसक े हाथ मɅ नहȣं था। इस Ûयायालय कȧ राय मɅ, याͬचकाकता[ कȧ ओर से ईमेल भेजना, åयǓतĐम पर जमानत लेने क े उसक े अͬधकार का लाभ उठाने क े समतुãय है। राÏय कȧ ओर से यह ĤǓतͪवरोध ͩकया गया ͩक आवेदन कभी भी सूचीबɮध नहȣं ͩकया गया था या याͬचकाकता[ ɮवारा छोड़ा गया था, Èयɉͩक यह गुणागुण आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. २९ रǑहत है, खाǐरज ͩकया जाता है। इसी Ĥकार, अÛय ĤǓतͪवरोध ͩक बाद मɅ एक Ǔनयͧमत जमानत आवेदन दायर करना और दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 167(2) क े तहत एक दूसरा आवेदन दायर करने का अͧभĤाय है याͬचकाकता[ कȧ ओर से ‘åयǓतĐम पर जमानत’ कȧ मांग करने वाले पहले आवेदन को नçट कर देना िजसे राक े श क ु मार पॉल (पूवȾÈत) एवं ǒबĐमजीत ͧसंह (पूवȾÈत) मɅ Ǔनधा[ǐरत ͪवͬध को देखते हुए पूण[तया खाǐरज ͩकया जाना चाǑहए।
28. वत[मान मामले मɅ, ऐसा Ĥतीत होता है ͩक आरोप-पğ को Ĥ×य¢ Ǿप से ɬयूटȣ मिजèĚेट क े सम¢ दायर ͩकया गया था। ͪवचारण Ûयायालय अͧभलेख मɅ उपलÞध आदेश Ǒदनांͩकत 20.04.2020 से भी यहȣ èपçट है। यह Úयान देने योÊय है ͩक आरोप-पğ ɬयूटȣ मिजèĚेट क े सम¢ दायर ͩकए जाने क े बाद, उस तारȣख को कोई सं£ान नहȣं ͧलया गया था।
29. वत[मान याͬचका क े जवाब मɅ, बुराड़ी थाने क े थानाÚय¢, Ǔनरȣ¢क सुरेश क ु मार क े हèता¢र क े अÚयधीन Ǒदनांक 09.12.2020 कȧ िèथǓत आÉया को अͧभलेख पर रखा गया है। िèथǓत आÉया का Ĥासंͬगक भाग इस Ĥकार हैः "मामले का आरोप-पğ Ǒदनांक 20/04/2020 को माननीय Ûयायालय क े सम¢ दायर ͩकया गया है। आगे कȧ जांच जारȣ है और शेष जांच पूरȣ होने क े बाद, मामले का पूरक आरोप-पğ माननीय Ûयायालय क े सम¢ दायर ͩकया जाएगा। यहां यह उãलेख करना उͬचत है ͩक उपरोÈत मामले का आरोप- पğ ĤाǾप तैयार ͩकया गया था और Ǒदनांक 20/03/2020 को, आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ३० मामले कȧ फाइल को अͧभयोजन शाखा, तीस हजारȣ Ûयायालय, Ǒदãलȣ मɅ संवी¢ा हेतु जमा ͩकया गया था, लेͩकन Ǒदनांक 21/03/2020 को सरकार ने लॉकडाउन घोͪषत कर Ǒदया और लगभग अͧभयोजन शाखा बंद कर दȣ गई, इसͧलए फाइल वापस नहȣं लȣ जा सकȧ। इस संबंध मɅ वहȣ तØय पहले हȣ क े स डायरȣ सं 41, Ǒदनांͩकत 28/03/20, सीडी सं. 42, Ǒदनांͩकत 07/04/2020, सीडी सं. 43, Ǒदनांͩकत 15/04/2020, सीडी सं. 44, Ǒदनांͩकत 16/04/2020 मɅ उिãलͨखत ͩकए गए हɇ। Ǒदनांक 18/04/2020 को संवी¢ा क े पæचात फाइल ĤाÜत हुई और उसी Ǒदन अंǓतम आरोप-पğ तैयार ͩकया गया और Ǒदनांक 19/04/2020 को, अǓतǐरÈत पुͧलस आयुÈत / Ǔतमारपुर ने आरोप पğ अĒेͪषत कर Ǒदया। अͧभयुÈत सेट और अÛय सेट तैयार ͩकए गए थे और तथा 20.04.2020 को, फाइल को ͪवɮवान ɬयूटȣ महानगर दंडाͬधकारȣ, तीस हजारȣ Ûयायालय, नई Ǒदãलȣ क े सम¢ Ûयायालय मɅ Ĥèतुत ͩकया। इसͧलए, उपरोÈत तØयɉ और पǐरिèथǓतयɉ क े अनुसार आरोप-पğ दायर करने मɅ हुई देरȣ जांच अͬधकारȣ कȧ ओर से नहȣं थी।"
30. उपरोÈत िèथǓत आÉया क े अवलोकन से पता चलेगा ͩक राÏय क े ͧलए यह सकारा×मक Ǿप से बताना अǓनवाय[ था ͩक Ǒदनांक 20.04.2020 को Ûयायालय क े सम¢ ͩकस समय आरोप पğ दायर ͩकया गया था अथा[त ् Èया वह याͬचकाकता[ ɮवारा åयǓतĐम पर जमानत क े ͧलए आवेदन दायर करने से पहले ͩकया गया था या बाद मɅ। उÈत Ĥæन का उƣर यहाँ ऊपर चचा[ कȧ गई ͪवͬध कȧ आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ३१ åयाÉया कȧ Ǻिçट से सवȾपǐर है। हालांͩक, िèथǓत आÉया क े साथ-साथ ĤèतुǓतयɉ मɅ भी यह अनुƣǐरत है। 31.यह सुèथाͪपत है ͩक भारत क े तहत Ĥदƣ एक ै दȣ क े अͬधकारɉ को ĤͩĐया कȧ तकनीकȧताओं पर ͪवफल होने कȧ अनुमǓत नहȣं दȣ जा सकती है। इस ǒबंदु पर, मɇ एम. रवींġन (पूवȾÈत) मɅ सवȾÍच Ûयायालय कȧ Ǔनàनͧलͨखत ǑटÜपͨणयɉ का लाभĤद Ǿप से उãलेख करना चाहता हूं:- "17.9. इसक े अǓतǐरÈत, यह सुèथाͪपत है ͩक दंडा×मक कानून क े Ǔनमा[ण मɅ ͩकसी भी संǑदÊधता क े मामले मɅ, Ûयायालयɉ को उस åयाÉया का समथ[न करना चाǑहए जो åयिÈतगत अͧभयुÈत और राÏय तंğ क े बीच सव[åयापी शिÈत असमानता को देखते हुए अͧभयुÈत क े अͬधकारɉ कȧ र¢ा करने कȧ Ǒदशा मɅ झुकती है। यह न क े वल मूल दंडा×मक कानूनɉ क े मामले मɅ लागू होता है, बिãक अͧभयुÈत कȧ èवतंğता मɅ कटौती क े ͧलए Ĥदान कȧ जाने वालȣ ĤͩĐयाओं क े मामले मɅ भी लागू होता है। xxx
18.6. हालांͩक, संजय दƣ मामले मɅ संͪवधान पीठ क े Ǔनण[य कȧ åयाÉया इस तरह से नहȣं कȧ जा सकती है ͩक जहां भी अͧभयुÈत ने धारा 167(2) क े तहत अपने अͬधकार का त×परता से Ĥयोग ͩकया है और जमानत Ĥदान करने कȧ अपनी इÍछा को इंͬगत ͩकया है, उसे अपने आवेदन पर Ǔनण[य लेने मɅ देरȣ या उसी कȧ ğुǑटपूण[ अèवीकृ Ǔत क े कारण जमानत से इनकार ͩकया आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ३२ जा सकता है। न हȣ उसे पुͧलस आÉया दायर करने या उसी Ǒदन अǓतǐरÈत ͧशकायत करने िजस Ǒदन जमानत याͬचका दायर कȧ गई है मɅ अͧभयोजन प¢ क े छल क े कारण अͧभर¢ा मɅ रखा जा सकता है ।"
32. उपरोÈत क े अनुǾप, सवȾÍच Ûयायालय ने नागेश क ु मार ͧसंह बनाम उƣर Ĥदेश राÏय व अÛय, ͪव.अनु.या (आप.) सं. 6975/2019 मामले मɅ याͬचकाकता[ को दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 167(2) क े तहत आदेश Ǒदनांͩकत 15.10.2019 क े अनुसार जमानत पर ǐरहा करने का Ǔनदȶश Ǒदया। सं¢ेप मɅ, मामले क े तØय, जैसा ͩक आ¢ेͪपत आदेश मɅ उãलेख ͩकया गया है, यह हɇ ͩक आरोप-पğ दायर करने कȧ वैधाǓनक अवͬध Ǒदनांक 23.05.2019 को समाÜत हो गई। याͬचकाकता[ ने Ǒदनांक 27.05.2019 को åयǓतĐम पर जमानत क े ͧलए एक आवेदन दायर ͩकया और उसी Ǒदन, हालांͩक बाद मɅ, आरोप-पğ भी दायर ͩकया गया। इस Ĥकार, अͧभयुÈत क े अͬधकार कȧ हार को रोकने क े ͧलए, सवȾÍच Ûयायालय ने उसक े प¢ मɅ Ǔनण[य सुनाया।
33. इस Ĥकार, आरोप पğ दायर करने क े समय और वत[मान मामले क े ͪवͧशçट तØयɉ क े बारे मɅ ͩकसी भी Ĥकथन या ĤèतुǓत क े आभाव मɅ, यह Ǔनçकष[ नहȣं Ǔनकाला जा सकता है ͩक याͬचकाकता[ ɮवारा åयǓतĐम पर जमानत लेने क े उसक े अͬधकार का लाभ उठाते समय, आरोप-पğ पहले हȣ दायर ͩकया जा चुका था। आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ३३
34. उपरोÈत को Úयान मɅ रखते हुए, यह Ûयायालय याͬचकाकता[ को åयǓतĐम पर जमानत पर ǐरहा करने क े ͧलए इÍछ ु क है, बशतȶ वह ǽ. 25,000/- कȧ राͧश क े åयिÈतगत बंधपğ क े साथ संबंͬधत Ûयायालय / ɬयूटȣ महानगर दंडाͬधकारȣ कȧ संतुिçट क े अÚयधीन समान राͧश का एक ĤǓतभू Ĥèतुत करेगा और Ǔनàनͧलͨखत अǓतǐरÈत शतɟ क े अधीन भीःi) याͬचकाकता[ मोबाइल नंबर अथा[त ् 9999984794 पर उपलÞध रहेगा, िजसे वह ͪवचारण क े ͪवचाराधीन रहने क े दौरान हर समय चालू रखने का वचन देता है। ii) याͬचकाकता[ Ĥ×य¢ / अĤ×य¢ Ǿप से ͧशकायतकता[ या अͧभयोजन प¢ क े ͩकसी अÛय गवाह से संपक [ करने या सबूतɉ क े साथ छेड़छाड़ करने का Ĥयास नहȣं करेगा। iii) याͬचकाकता[ ͪवचारण क े ͪवचाराधीन रहने क े दौरान Ǔनयͧमत Ǿप से संबंͬधत Ûयायालय क े सम¢ उपिèथत होगा। iv) याͬचकाकता[ संबंͬधत Ûयायालय कȧ पूव[ अनुमǓत क े ǒबना राçĚȣय राजधानी ¢ेğ Ǒदãलȣ नहȣं छोड़ेगा।
35. यह कहने कȧ आवæयकता नहȣं है ͩक यहाँ ऊपर उिãलͨखत कोई भी बात मामले क े गुणागुण पर अͧभåयिÈत नहȣं होगी और इसका मामले क े ͪवचारण पर कोई Ĥभाव नहȣं पड़ेगा।
36. ͩकसी ͪवचाराधीन åयिÈत को ǐरमांड पर लेने या उसक े ͪवèतार क े आदेश को आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ३४ एक ÛयाǓयक कृ ×य माना गया है िजसमɅ ͪववेक क े उͬचत Ĥयोग कȧ आवæयकता होती है। यह सुǓनिæचत करने क े ͧलए ͩक ͪवधायी आ£ा तथा Ûयायालयɉ ɮवारा बारंबार Ĥगͨणत ͩकए गए ͪवͬधक ͧसɮधांतɉ क े बावजूद ै Ǒदयɉ क े åयǓतĐम पर जमानत लेने क े अͬधकारɉ को ͪवफल नहȣं ͩकया गया है, और यह ͩक एक ͪवचाराधीन क ै दȣ कȧ अͧभर¢ा को असंगत Ǿप से नहȣं बढ़ाया जाता है जैसा ͩक इस मामले मɅ ͩकया गया है, यह Ûयायालय यह Ǔनदȶश देना आवæयक समझता है ͩकः i) एक ͪवचाराधीन क ै दȣ कȧ अͧभर¢ा का ͪवèतार करते समय, मिजèĚेट / संबंͬधत Ûयायालय दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 167(2) क े तहत Ǔनधा[ǐरत अͬधकतम 15 Ǒदनɉ कȧ अवͬध क े ͧलए अͧभर¢ा कȧ अवͬध को असंगत Ǿप से नहȣं बढ़ाएगा।; ii) अͧभर¢ा को जांच पूरȣ करने और आरोप-पğ Ĥèतुत करने क े 60 वɅ, 90 वɅ या 180 वɅ Ǒदन (अपराध कȧ Ĥकृ Ǔत और ͩकसी ͪवशेष अͬधǓनयम कȧ ĤयोÏयता क े आधार पर) को Úयान मɅ रखते हुए बढ़ाया जाएगा। यǑद ऐसा 60 वां, 90 वां या 180 वां Ǒदन 15 Ǒदनɉ कȧ अͬधकतम ͪवèतार अवͬध से पहले आता है, तो अͧभर¢ा क े वल 60 वɅ, 90 वɅ या 180 वे Ǒदन तक बढ़ाई जाएगी, जो लागू हो। iii) एक आवæयक Ǔनçकष[ क े Ǿप मɅ, ͪवचाराधीन क ै दȣ को अगले Ǒदन यानी 61 वɅ, 91 वɅ या 181 वɅ Ǒदन संबंͬधत Ûयायालय क े सम¢ पेश ͩकया जाएगा, जैसा भी मामला हो, ताͩक उसे åयǓतĐम पर जमानत लेने आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ३५ क े अपने मौͧलक अͬधकार क े बारे मɅ ͪवͬधवत सूͬचत ͩकया जा सक े यǑद कोई आरोप-पğ Ǔनधा[ǐरत अͬधकतम अवͬध या जांच कȧ अनुमत ͪवèताǐरत अवͬध मɅ दायर नहȣं ͩकया गया हो, जैसा भी मामला हो। iv) 'अͧभर¢ा वारंट' क े वत[मान ĤाǾप को संशोͬधत ͩकया जाए। ै दȣ क े संबंध मɅ मौजूदा ĤाǾप पहले से हȣ ͬगरÝतारȣ कȧ तारȣख, पुͧलस अͧभर¢ा कȧ अवͬध, पहलȣ ÛयाǓयक अͧभर¢ा कȧ तारȣख आǑद सǑहत क ु छ ͪववरणɉ को उिãलͨखत ͩकया जाना सुǓनिæचत करता है तथा इस Ĥकार है: क े Ûयायालय मɅ अͧभर¢ा वारंट₩ राÏय बनाम:₩ Ĥाथͧमकȧ सं.₩ ͪवचाराधीन का नाम:₩ पुğ Įी: ₩ Ǔनवासी: जÛम Ǔतͬथ / आयु:₩ ₩ धाराएँ व अͬधǓनयम Ĥाथͧमकȧ अÛवेषण आरोप-पğ सं£ान आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ३६ आरोप आरोप मɅ संशोधन / पǐरवत[न ₩ ₩ चरण ͪवचाराधीन क ै दȣ का अͧभलेख ǑटÜपणी (यǑद कोई हो) ͬगरÝतारȣ कȧ तारȣख पुͧलस अͧभर¢ा कȧ अवͬध Ĥथम ÛयाǓयक अͧभर¢ा कȧ Ǔतͬथ जमानत कȧ Ǔतͬथ, यǑद Ĥदान कȧ गई है, और जमानत Ĥदान करने वाला Ûयायालय ज़मानत बंधपğ कȧ राͧश सं£ान मɅ लेने कȧ तारȣख पर धाराएँ दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 436-क क े अंतग[त अͬधकार Ĥोɮभूत होने कȧ Ǔतͬथ ₩ अब इसमɅ एक कॉलम भी शाͧमल होना चाǑहए िजसमɅ वह Ǒदन इंͬगत हो िजस Ǒदन दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धार 167(2) क े परंतुक (क) क े तहत ͪवचाराधीन क ै दȣ को 'åयǓतĐम पर जमानत' का अͬधकार Ĥोɮभूत होगा। v) संबंͬधत िजला ͪवͬधक सेवा Ĥाͬधकरण यह भी सुǓनिæचत करेगा ͩक आपराͬधक Ûयायालयɉ मɅ काय[रत ǐरमांड अͬधवÈतागण / ͪवͬधक सहायता आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ३७ अͬधवÈतागण को Ǔनदȶश Ǒदया जाए ͩक वे एक ͪवचाराधीन åयिÈत को åयǓतĐम पर जमानत लेने क े उसक े अͬधकार और ऐसे अͬधकार क े Ĥोɮभूत होने कȧ तारȣख क े बारे मɅ सूͬचत रखɅ। vi) जेल अͬधकाǐरयɉ का भी यह त×समान दाǓय×व होगा ͩक वे ͪवचाराधीन क ै दȣ को उस तारȣख क े बारे मɅ सूͬचत करɅ जब åयǓतĐम पर जमानत लेने का अͬधकार Ĥोɮभूत होता है।
37. इस मुɮदे कȧ गंभीरता को Úयान मɅ रखते हुए, यह Ûयायालय इस Ûयायालय क े महा Ǔनबंधक क े साथ-साथ महाǓनदेशक (कारागार) से उठाए जा रहे कदमɉ क े बारे मɅ उƣर मांगना उͬचत समझता है ताͩक एक ͪवचाराधीन क ै दȣ को 'åयǓतĐम पर जमानत' मांगने क े उसक े अͬधकार क े बारे मɅ सूͬचत ͩकया जा सक े और यह ͩक इस तरह क े अͬधकार को ͪवफल नहȣं ͩकया जाए, बिãक समय पर Ĥयोग ͩकया जाए। उƣर और सुझाव, यǑद कोई हɉ, तो 'अंतर-संचाͧलत आपराͬधक Ûयाय Ĥणालȣ (आई.सी.जे.एस.)'क े आलोक मɅ Ĥèतुत ͩकए जाएंगे, जो एक मंच है जो ई- सͧमǓत, सवȾÍच Ûयायालय क े त×वावधान मɅ अिèत×व मɅ आया था। आज से चार सÜताह क े भीतर उƣर दायर ͩकए जाए।
38. उपरोÈत उɮदेæय हेतु मामले को Ǒदनांक 18.11.2021 को सूचीबɮध ͩकया जाए।
39. इस Ǔनण[य कȧ एक ĤǓत सभी िजला और सğ Ûयायाधीशɉ को तुरंत भेजी जाए ताͩक पाǐरत Ǔनदȶशɉ का कड़ाई से पालन सुǓनिæचत ͩकया जा सक े । आप.ͪव.वा. 2242/2020 पृçठ सं. ३८ रिजèĚȣ Ǔनण[य को महा Ǔनबंधक क े सं£ान मɅ भी लाएगी और इसकȧ एक ĤǓत महाǓनदेशक (कारागार) क े साथ-साथ सदèय सͬचव, Ǒदãलȣ राÏय ͪवͬधक सेवा Ĥाͬधकरण को भी Ĥेͪषत करेगी। मनोज क ु मार ओहरȣ, Ûया. 18 अÈटूबर, 2021/एनए ۔tʦƣɾʭɲƣˀɑʋɾ₩Ɍƣʭ₩ƼǗǗɾ₩ǐʋɾǗ₩ˀɌʦʋ˵ȹɌ₩ᅦ₩tʋʋɲٴ₩i{ᅦiە₩ अèवीकरण: देशी भाषा मɅ Ǔनण[य का अनुवाद मुकɮɮमेबाज़ क े सीͧमत Ĥयोग हेतु ͩकया गया है ताͩक वो अपनी भाषा मɅ इसे समझ सक Ʌ एवं यह ͩकसी अÛय Ĥयोजन हेतु Ĥयोग नहȣं ͩकया जाएगा| समèत काया[लयी एवं åयावहाǐरक Ĥयोजनɉ हेतु Ǔनण[य का अंĒेज़ी èवǾप हȣ अͧभĤमाͨणत माना जाएगा और काया[Ûवयन तथा लागू ͩकए जाने हेतु उसे हȣ वरȣयता दȣ जाएगी।