Amar Singh v. Raj

Supreme Court of India · 12 Oct 2020 · 2020 INSC 587
Sanjay Kishan Kaul; Aniruddha Bose; Krishna Murari
Criminal Appeal Nos. 335/2015 and 336/2015
2020 INSC 587
criminal appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court acquitted the accused in a murder case, holding that the prosecution failed to prove guilt beyond reasonable doubt relying on a single eyewitness and circumstantial evidence.

Full Text
Translation output
प्र�तवे
भाररीे स��च् नेाेााे
आपरा�धक अपीा�े �तता�धकार
आपरा�धक अपील संख्ा 335/2015
अमर �संह ..... अपीााथ�
बनाम
राजे (रा.रा.�त. �दला�) ..... प्ेथ�
स�हत
आपरा�धक अपील संख्ा 336/2015
इंद्ीर �संह ..... अपीााथ�
बनाम
राजे (रा.रा.�त. �दला�) ..... प्ेथ�
�नणर्
ेह दोन� अपीा� उच् नेाेााे व�ारा �दनांक 09.05.2014 को
पा�रर आ�त�पर फ
ै सात और आदतश क
त �खााफ ्नद��शर ह�, ि्सम�
अपीाकरार्ं व�ारा उनक
त �खााफ सज़ा क
त आदतश को ्ुनौरी दतनत क
त �ाए
दाेर आपरा�धक अपीा को खा�र् कररत हुए अपीाकरार्ं को भा.दं.सं.
क� धारा 302 क
त रहर दोषी ठहराेा गेा था। आरो�पे� म� सत एक–
अपीााथ� - इंद्ीर �संह को भी आेुध अ�ध्नेम क� धारा 27 क
त रहर
दोषी पाेा गेा और दोष�सवध करार कर �देा गेा � 5000/- रपेत क

्ुमारनत क
त साथ आ्ी�न कारा�ास क� सज़ा सुनाई गई रथा भुगरान न
कृ षण मुरार�, न्ा्ाधीी
2020 INSC 587
�कए ्ानत क� िसथ्र म� 3 मह�नत क
त साधारण कारा�ास क� सज़ा द� गई ।
अ�भेुकर-अपीाकरार, इंद्ीर �संह को भी आेुध अ�ध्नेम क� धारा 27

त रहर एक �षर क
त कठोर कारा�ास क� सज़ा सुनाई गई थी और ेह सज़ा
भा.दं.सं. क� धारा 302 क
त रहर उसत पहात सत द� गई सज़ा क
त साथ
सम�र� ्ानी थी।
JUDGMENT

2. सं�तप म� अ�भेो्न का मामाा ेह है �क �दनांक 03.08.1990 को, डीडी संखेा 18-ए क� पािार पर, उप ्न. ्ो�गंदर �संह क त साथ उप ्न. �ान �संह, कांस्तबा ्े �संह और कांस्तबा नर�द पाा सुखदत� माक � ् गा� म� पहुं्त, ्ो क ु माेूं रतसररां क� ्र ्ारी है, ्हां मकान नंबर ए्- 801 क त पास भीड़ ्मा थी और उनह� परा ्ाा �क घाेा को पीसीआर �ाहन म� एमस ात ्ाेा ्ा ्ुका है । कांस्तबा नर�द पाा को घ्नासथा पर छोड़कर, उप ्न. ्ो�गंदर �संह अने पु�ास कमर्ा�रे� क त साथ एमस पहुं्त, ्हां उनह� परा ्ाा �क घाेा दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी को 'मृर ााेा गेा' घो�षर �केा गेा था। मृरक क त दो भाई पर�मंदर �संह और अमर �संह, असपराा म� मौ्ूद थत। पर�मंदर �संह नत उप ्न. ्ो�गंदर �संह को अपना बेान �देा �क उनक त छह भाई ह� और उनक त रीन भाई-ह�रंदर �संह, र��ंदर �संह और राि्ंदर �संह उनक� मां शीमरी पकाश�री क त साथ मकान नंबर 826/5, अ्ुरन नगर म� रहरत ह�। उनक त सबसत बड़त भाई अमर �संह अपनत प�र�ार क त साथ मकान नंबर 15/88, गीरा कॉाोनी म� रहरत ह� और �ह अपनत प�र�ार क त साथ 53/एफ, डी-12 �तत, सतक्र-4, बंगाा सा�हब मागर, नई �दला� म� रहरत ह�। उनक� बहन सरो् अपनत प�र�ार क त साथ 98-ए, बाबा खड़ग �संह मागर पर रहरी ह�। ागभग रीन साा पहात, खज़ान �संह नामक एक वेिकर क� ह्ेा हुई थी और उसक त भाई दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी को उसक� ह्ेा क त �ाए �गरफरार कर �ाेा गेा था और उसक त �खााफ ह्ेा का मामाा ां�बर था। उसत अदाार सत अंर�रम ज़मानर पर �रहा कर �देा गेा और �ह अपनी बहन सरो् क त साथ ह� रहरा था। �दनांक 03.08.1990 को दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी अपनी मां क त घर आेा और उसका एक अने भाई अमर �संह भी �हां पहुं्ा और उनह�नत साथ म� भो्न �केा। रार ागभग 10:00 ब्त, पर�मंदर �संह अपनत भाइे� दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी और अमर �संह क त साथ अपनत-अपनत घर ्ानत क त �ाए �हां सत ्नकात । �त सुखदत� माक � ् म� ्ैकसी स्�ड क� ्र पैदा ्ा रहत थत। �ह और अमर �संह दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी सत ागभग दस कदम आगत थत। रार ागभग 10:10 ब्त, ्ब �त सुखदत� माक � ् क त कोनत क त पास पहुँ्त, उनह�नत दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी क� 'ब्ा्-ब्ा्' क� आ�ाज़ सुनी और पीछत मुड़कर दतखनत पर उनह�नत दतखा �क अमर �संह पुत �ाखी ्ंद रथा �श�्रण पुत पूरण ्ंद हॉक� सत �ार कर रहत थत और इनदर �संह पुत खज़ान �संह र ााडी पर ्ाक ू सत �ार कर रहा था | उसका भाई दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी ज़मीन पर �गर गेा और इंद्ीर �संह नत उस पर ्ाक ू सत कई �ार �केत | ्ब उनह�नत अपनत भाई को ब्ानत क� को�शश क�, रो उपरोकर रीन� आरोपी वेिकरे� नत अपनत ्ाक ू और हॉक� को ाहराेा और धमक� द� �क ्ो भी दत��ंदर �संह को ब्ानत क त �ाए आएगा, �त उसत भी मार द�गत। इसक त बाद �त सभी भीषम �परामह मागर क� ्र भागत, उनका भाई दत��ंदर �संह बतहोश हो गेा। सु्ान �संह पुत राम �संह स�हर कई ाोग �हां ्मा हो गए | क ु छ समे बाद, पीसीआर �ैन आई और दत��ंदर �संह को एमस ात गई, ्हां उनह� डॉक्र नत मृर घो�षर कर �देा ।

3. इस बेान पर, एक मामाा द्र �केा गेा और ्नर��क �रछपाा �संह व�ारा ्ां् क� गई। ्ां् क त दौरान, ्नर��क नत मौक त पर फो्ो �खं्�ा�, नकशा मौका रैेार �केा, हॉक� क त एक ्ू्त हुए ्ुकड़त को कबज़त म� �ाेा, गंदत सफ त द ्ूरत क� एक ्ोड़ी, एक स्�ा िस्प, रकर का नमूना, खून सत सना हुआ ज़मीन का ्ुकडा � मौक त सत ज़मीन का ्ुकडा ज़बर �केा। ्नर��क नत अमर �संह और पर�मंदर �संह क त खून सत सनत कपड़� को भी ज़बर कर �ाेा, मृरक क त श� का पोस्मा्रम कर�ाेा, ग�ाह� क त बेान द्र �कए और पोस्मा्रम �रपो्र पाार क� । ्नर��क नत आरोपी वेिकरे� को �गरफरार �केा और आरोपी इंद्ीर �संह उफ़ र इंदर का इंकशाफ� बेान द्र �केा, ि्सनत ह्ेा म� इसरतमाा �केा गेा ्ाक ू बरामद कराेा । ्नर��क नत आरोपी अमर �संह और �श� ्रण क त इंकशाफ� बेान भी द्र �कए, ि्नह�नत अपराध म� पेोग हॉक� बरामद कराई । बरामद सामान को अाग सत पुांदत बनाकर सीा कर �देा गेा और सीएफएसएा को भत् �देा गेा। ्ां् पूर� होनत क त बाद, भा.दं.सं. क� धारा 302/506/34 क त रहर ्ााान संबं�धर मत्ोपॉ�ा्न मि्स्त् क� अदाार म� दाेर �केा गेा, ि्सनत इस मामात को सत नेाेााे म� भत् �देा। सभी आरोपी वेिकरे� नत उनक त �खााफ ागाए गए आरोप� क त �ाए दोषी न होनत का ्न�तदन �केा और ��्ारण हतरु दा�ा पतश �केा। अ�भेुकर इंद्ीर �संह पर अाग सत आेुध अ�ध्नेम क� धारा 25 और 27 क त रहर अपराध का आरोप ागाेा गेा था।

4. अपनत मामात को पुष् करनत क त �ाए अ�भेो्न प� नत सभी 27 ग�ाह� क� ग�ाह� कराई थी। दं.प.सं. क� धारा 313 क त रहर उनक त बेान द्र कररत समे अपराध म� फ ं सानत �ाात सभी सा�े आरोपी वेिकरे� क त सम� पसरुर �केत गए थत, ि्सम� उनह�नत अ�भेो्न क त मामात को पूर� ररह सत नकार �देा था।

5. ��्ारण नेााााे इस ्नषकषर पर पहुं्ा �क अ�भेो्न प� नत आरोपी वेिकरे� क त अपराध को सपष् �केा है और रदनुसार उनह� भा.दं.सं. क� धारा 302 सहप�ठर भा.दं.सं. क� धारा 34 क त रहर दंडनीे ह्ेा क त �ाए दोषी ठहराेा और आ्ी�न कारा�ास क� सज़ा सुनाई। उसी सत पी�ड़र होकर, आरोपी अपीाा�थरे� नत उच् नेाेााे क त सम� अपीा दाेर क�। हााां�क, उच् नेाेााे क त सम� अपीा क त ां�बर रहनत क त दौरान, अपीााथ� �श�्रण क� 12 अपैा, 2008 को मृ्ेु हो गई और रदनुसार उसक त �खााफ काेर�ाह� समाार कर द� गई।

6. उच् नेाेााे क त सम� अपीाकरार्ं व�ारा सथा�पर मामाा ेह था �क न क त �ा पथम सू्ना �रपो्र द्र करनत म� बिलक नेा्ेक मि्स्त् को उसक� प्र भत्नत म� भी असपष् दतर� हुई थी। दतर� क त �ाए �कसी भी आ�शेक और स�ीकाेर सपष्�करण क त अभा� म�, अ�भेो्न का मामाा संदतहासपद था | आगत ेह कहा गेा �क हााां�क अ�भेो्न का मामाा घ्ना क त कारण क�थर रप सत घ्ना क त ्शमद�द ग�ाह क त आधार पर है, �फर भी, अमर �संह अ�भ.सा.-11, और अ�भ.सा.-5 नत अ�भेो्न मामात का समथरन नह�ं �केा था और अक त ात ब्त ्शमद�द ग�ाह पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1 क त एकमात सा�े पर इस ररह भरोसा करना सुर��र नह�ं था। आगत ेह कहा गेा �क पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1 का आ्रण अ्े�धक अपाकृ ्रक है ्ो घ्ना क त समे मौक त पर उसक� उपिसथ्र पर संदतह उ्पनन कररा है। इस ्र धेान �दााेा गेा �क उसक त घाेा भाई को डॉक्र भारव�ा् क त का�्नक ात ्ानत का कोई पेास नह�ं �केा गेा था, ्ो पास ह� म� था। अमर �संह अ�भ.सा.-11, ि्नह� प�दोह� घो�षर �केा गेा था, नत अपनी ग�ाह� म� कहा है �क घ्ना क त समे अंधतरा था और �कसी नत भी आरोपी वेिकरे� को नह�ं पह्ाना था, ि्नह� झूठा फ ं साेा गेा है। ेह भी रक र �देा गेा �क एक अने ्शमद�द ग�ाह सु्ान �संह अ�भ.सा.-5 नत भी अ�भेो्न मामात का समथरन नह�ं �केा है। ब्ा� प� नत भी मृरक क� एमएासी, पदशर अ�भ.सा.-17/ए क� ्र नेाेााे का धेान ेह दशारनत क त �ाए आक�षरर �केा है �क पहात घाेा का नाम अ�ार क त रप म� �ाखा गेा था और उसक त बाद दत��ंदर �संह का नाम ऊपरातखन व�ारा �ाखा गेा है और घाेा को ाानत �ाात क त नाम और संबंध को द्र करनत क त �ाए बनत कॉाम म� हतड कांस्तबा, धरम �संह पीसीआर का उलातख �केा गेा है और �फर �हां 'भाई’ शबद ्ोड़ा गेा है। ेह भी कहा गेा �क एकमात ्शमद�द ग�ाह मृरक का कर�बी �रशरतदार है और इस पकार उसक� एकमात ग�ाह� पर भरोसा करना सुर��र नह�ं है ि्सक� पुिष् नह�ं क� गई है।

7. आगत ेह ्न�तदन �केा गेा �क अपीााथ� इंद्ीर �संह क त �परा क� ह्ेा कर द� गई थी और मृरक दत��ंदर �संह पर ह्ेा क त �ाए मुकवदमा ्ा रहा था और �ह ज़मानर पर बाहर था और ्ूं�क पी�ड़र पर अपीाकरार क त �परा क� ह्ेा का आरोप था, इस�ाए मृरक पी�ड़र क त भाइे� का इस मामात म� अपीाा�थरे� को झूठा फ ं सानत का सपष् मकसद था।

8. आरोपी वेिकरे� क� �गरफरार� और उनक त कहनत पर बाद म� बरामदगी को भी इस आधार पर ्ुनौरी द� गई �क बरामदगी क त �ाए कोई स�रंत ग�ाह नह�ं है और पु�ास अ�धकार� अाग-अाग संसकरण दत रहत ह�। ब्ा� प� नत ेह भी कहा �क ्ो ्ाक ू बरामद �केा गेा था, उसक� नोक क ुं द थी, ऐसत म� पोस्मा्रम �रपो्र म� उिला�खर ्ो्� का उकर ्ाक ू क त कारण पंहु्ाेा ्ाना संभ� नह�ं था । ेहां रक �क, इस ्ाक ू को डॉक्र सत उसक� राे ातनत क त �ाए भी नह�ं �दखाेा गेा था �क उकर क ुं द ्ाक ू सत ेह ्ो्� संभ� थीं ेा नह�ं। अपीााथ� क त बरानत पर हॉक� क� बरामदगी को ��्ारण नेाेााे नत भी नह�ं माना है ।

9. हााां�क, उच् नेाेााे नत पाेा �क आ�त�पर ्नणरे �कसी भी कमी ेा ��कृ ्र सत गसर नह�ं है, ि्सम� हसर�तप क� आ�शेकरा हो, अरः अपीा को खा�र् कर �देा।

10. हमनत अपीाकरार्ं क त �ाए फािज़ा अ�ध�करा, प्ेथ�-राजे हतरु फािज़ा अ�ध�करा और प्ेथ� क त �ाए फािज़ा अ�ध�करा को सुना है।

11. शी दुषेंर द�त, अपीाकरार्ं क त �ाए फ़ािज़ा ��रषठ अ�ध�करा नत ्न�तदन �केा �क पूर� घ्ना स�ाभा��क रप सत अनु�्र परीर होरी है। ेह भी कहा गेा �क अ�भ.सा.-1 क�थर ्शमद�द ग�ाह का आ्रण घ्ना क त समे ेा उसक त रुरंर बाद पाकृ ्रक नह�ं है और ेह आ्म��श�ास�धरक नह�ं है ि्ससत मौक त पर उसक� उपिसथ्र बतहद सं�दगध हो ्ारी है । अने दो ्शमद�द ग�ाह प�दोह� हो गए ह� और अ�भेो्न प� व�ारा उनक त प्र-पर��ण सत क ु छ भी नह�ं परा ागाेा ्ा सका | आगत कहा गेा �क एकमात ्शमद�द ग�ाह क� ग�ाह� क त आधार पर, ि्सका आ्रण सामाने मान�ीे वे�हार सत असंगर और अपाकृ ्रक था, ि्ससत घ्नासथा पर उसक� उपिसथ्र बतहद सं�दगध हो ्ारी है, अपीाकरार्ं क� दोष�सव�ध और सज़ा अने सबूर� सत �बना पुिष् �केत अ्े�धक असुर��र है ।

12. सुशी ऐश�ेार भा्�, राजे क त �ाए उपिसथर फ़ािज़ा ��रषठ अ�ध�करा नत कड़ा ��रोध कररत हुए रक र �देा �क दो नेाेााे� नत एक ्शमद�द ग�ाह क� ग�ाह� क त आधार पर आरोपी अपीाकरार्ं क त अपराध हतरु सम�र� ्नणरे द्र �केत ह�, ि्सत उनह�नत ��श�सनीे पाेा और उसक त आधार पर सज़ा क त �ाए कोई कानूनी बाधा नह�ं पाई | उनह�नत आगत कहा �क एक प�दोह� ग�ाह क त सा�े को पूर� ररह सत नह�ं छोड़ा ्ाना ्ा�हए रथा उसक त पासं�गक �हसस� पर, ्ो कानून म� स�ीकाेर ह�, अ�भेो्न प� व�ारा भरोसा �केा ्ा सकरा है। उनह�नत आगत कहा �क ऐसत मामात म� ्हां अ�भेो्न का मामाा पूर� ररह सत ्शमद�द ग�ाह क� प्े� ग�ाह� व�ारा सथा�पर है ि्सक� पुिष् �्�क्सीे सा�े व�ारा हुई हो, ्ां् म� क ु छ कमी क त कारण सज़ा को स�ीकार नह�ं �केा ्ा सकरा है और ्ां् अ�धकार� क� ��फारा ेा ्ूक अ�भेो्न मामात को सं�दगध ेा ��श�ास क त अेोगे नह�ं ठहरा सकरी है |

13. हमनत परसपर ��रोधी ्न�तदन� पर ��्ार �केा है और अ�भातख का सा�धानीपू�रक अ�ाोकन �केा है।

14. अ�भेो्न प� नत अने औप्ा�रक ग�ाह� क त अाा�ा अपनत संसकरण क त समथरन म� रीन ्शमद�द ग�ाह� को पतश �केा, अथाररत, पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1, अमर �संह अ�भ.सा.-11, मृरक क त दो भाई और सु्ान �संह अ�भ.सा.-5 | �ह�ं अ�भ.सा.-11 और अ�भ.सा.-5 प�दोह� हो गए। अ�भेो्न प� व�ारा अ�भ.सा.-11 का प्र-पर��ण �केा गेा | उसनत आरोपी वेिकरे� व�ारा अपनत भाई को माररत हुए दतखनत सत सीधत-सीधत इनकार कर �देा । उसनत पु�ास को ेह बरानत क� बार सत भी इनकार �केा �क उसनत आरोपी अपीाकरार इंद्ीर �संह को ्ाक ू सत �ार कररत दतखा था। उनह�नत पु�ास को ेह बरानत क� बार सत भी इनकार �केा �क �ह अपनत भाई को ब्ानत क त �ाए भागा था | उसनत ेह भी कहा �क �ह अंधतरत क त कारण दो�षे� क त ्तहरत को नह�ं दतख पाेा था और इस ररह ेह नह�ं कह सकरा �क आरोपी वेिकर �ह� वेिकर ह�, ि्नह�नत उसक त भाई को मारा था | इस क�थर ्शमद�द ग�ाह नत ��शतष रप सत पु�ास को बरानत क� बार सत इनकार �केा �क रीन� आरो�पे� नत उसक त भाई क� ह्ेा क� थी और उसनत उनक� पह्ान अपराधी क त रप म� क� थी |

15. इसी ररह, अ�भेो्न प� व�ारा पतश �केत गए अने ्शमद�द ग�ाह अ�भ.सा.-5 नत हॉक� सत ाैस दो ाड़क� को और एक ाड़क त को ्ाक ू �ाए दूसरत ाड़क त पर हमाा कररत हुए दतखनत क� बार सत इनकार कर �देा । उसनत रीन� आरो�पे� क� पह्ान करनत क� बार सत भी इनकार �केा। उसनत कहा �क ्ब �ह डॉक्र भारव�ा् क त घर क त बाहर सत गु्र रहा था, रब �हां 4-5 ाोग खड़त थत और उसत उनसत ह� ेह परा ्ाा �क डॉक्र भारव�ा् क त घर क त बाहर वेिकर मर गेा था। इस ्शमद�द ग�ाह नत भी घ्ना को दतखनत क� बार सत इनकार कर �देा । अ�भेो्न प� व�ारा उसका प्र-पर��ण �केा गेा ात�कन उससत क ु छ भी नह�ं परा ्ाा।

16. इस पकार नी्त क त दो नेाेााे� व�ारा द्र दोन� अ�भेुकर अपीाा�थरे� क� अपराध �सव�ध ्शमद�द ग�ाह अ�भ.सा.-1 क� एकमात ग�ाह� पर आधा�रर है। एक सामाने ्नेम क त रप म� नेाेााे एकमात ्शमद�द ग�ाह क� ग�ाह� पर काेर कर सकरा है बशर� �क �ह पूर� ररह सत ��श�सनीे हो। �कसी ग�ाह क� एकमात ग�ाह� पर �कसी वेिकर को दोषी ठहरानत म� कोई कानूनी बाधा नह�ं है। ेह सा�े अ�ध्नेम, 1872 क� धारा 134 का रक र है। ात�कन अगर ग�ाह� क त बारत म� संदतह है रो नेाेााे पुिष् पर ज़ोर द�गत | संखेा � माता नह�ं बिलक गुण��ा मह्�पूणर है | परमपरागर �सवधांर ेह है �क सा�े क त मह्� को दतखा ्ाना ्ा�हए न �क उसक� संखेा को | ेह �सवधांर सा�े अ�ध्नेम क� धारा 134 क� बु्नेाद है| कसौ्� ेह है �क केा सा�े म� स्े, अकाटेरा, ��श�सनीेरा है रथा ेह भरोसतमंद है ेा अनेथा | (देख� सुनील क ु मार बनाम रा.रा.�े. �दलल� सरकार राा्)

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17. ेह मामाा मुखे रप सत मृरक क त भाई पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1 एकमात ्शमद�द ग�ाह क� ग�ाह� पर �्का है। ्ैसा �क पहात सत ह� ऊपर ््ार क� गई है �क सज़ा �कसी एकमात ्शमद�द ग�ाह क� ग�ाह� पर आधा�रर हो सकरी है, ात�कन रभी ्ब �ह पूर� ररह सत ��श�सनीे पाई ्ाए | सथा�पर कानूनी �सवधांर� क त आाोक म� हम पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1 क� ग�ाह� और घ्ना क त समे उनक त आ्रण क� ्ां् करनत क त �ाए आगत बढ़रत ह�।

18. उसक� अपनी ग�ाह� क त अनुसार, उस दुभारगेपूणर रार को ागभग 10:00 ब्त, रीन� भाई (पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1, अमर �संह अ�भ.सा.-11 और मृरक दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी) अपनत-अपनत घर� क त �ाए मां क त घर सत ्ात । पर�मंदर �संह और अमर �संह दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी सत क ु छ कदम आगत ्ा रहत थत, ्ब उनह�नत उसत 'ब्ा्-बा्ा्' �्लाारत हुए सुना, ्ैसत ह� �त पीछत मुड़त रो उनह�नत रीन वेिकरे� को अपनत भाई दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी पर हमाा कररत हुए पाेा। आरोपी इंद्ीर �संह ्ाक ू सत ाैस था, ्ब�क आरोपी अमर �संह और �श� ्रण हॉक� �ाए हुए थत। उसनत आगत कहा �क �ह रीन� आरो�पे� को पहात सत ह� ्ानरा था और ्ब उनह�नत हसर�तप करनत क� को�शश क� रो उन रीन� वेिकरे� नत उन पर ह�थेार रान �दए और उनह� मारनत क� धमक� द�। मारपी् क त कारण दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी ज़मीन पर �गर गेा और बतहोश हो गेा और उसक त बाद आरोपी वेिकर �हां सत भाग गए। उसनत ेह भी कहा �क ्ब �त घाेा भाई क� दतखभाा कर रहत थत, रब पु�ास �ैन �हां आ पहुं्ी ि्सम� दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी को असपराा ात ्ाेा गेा, ्हां उसत मृर ााेा गेा घो�षर �केा गेा। प्र-पर��ण क त दौरान उसनत कहा �क पूर� घ्ना मुिशका सत पां् �मन् ्ा� और उनह�नत पु�ास सत कोई �शकाेर नह�ं क�, ात�कन घ्ना क त ागभग 15 �मन् बाद पु�ास स�ें आ गई। उसनत प्र-पर��ण म� ेह भी स�ीकार �केा था �क उसनत अपनी मां को सू�्र नह�ं �केा, हााां�क �ह पास म� रह रह� थी। उसनत ेह भी कहा �क �ह और उसक त भाई अमर �संह पीसीआर �ैन म� घाेा दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी क त साथ असपराा गए। उसनत ेह भी बेान �केा �क उसनत दत��ंदर �संह उफ़ र ााड़ी क� ्ां् करनत �ाात डॉक्र को कहा था �क उसत �कस ररह सत ्ो्� आई थीं । उसनत ेह भी कहा �क दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी क त �सर पर हॉक� क त �ार क त कारण ्ो् ागी थी, हााां�क उसक त �सर सत खून नह�ं ्नकाा था।

19. पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1 और अमर �संह अ�भ.सा.-11 मृरक क त दो भाइे� का अपाकृ ्रक आ्रण, ्ो हमनत अ�भातख सत दतखा है �क हााां�क �त घ्ना क त समे उपिसथर होनत का दा�ा कररत ह�, ात�कन उनक त भाई को हमात सत ब्ानत क त �ाए उनक त व�ारा कोई पेास नह�ं �केा गेा था । हााां�क अ�भ.सा.-1 नत अपनी मुखे पर��ा म� ेह समझानत क� को�शश क� है �क ्ब उनह�नत हसर�तप करनत और अपनत भाई दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी को ब्ानत क� को�शश क� रो रीन� आरोपी वेिकरे� नत उन पर अपनत ह�थेार रान �दए और उनह� धमक� द� �क े�द उनह�नत हसर�तप �केा रो उनह� भी मार �देा ्ाएगा। ेह धेान दतना पासं�गक हो सकरा है �क अमर �संह अ�भ.सा.-11 नत न रो मुखे पर��ा म� और न ह� अ�भेो्न प� व�ारा अपनी ि्रह म� प�दोह� घो�षर �कए ्ानत क त बाद उनक त भाई र ााडी को ब्ानत क त �ाए स�ें व�ारा ेा अ�भ.सा.-1 पर�मंदर �संह व�ारा �कए गए �कसी भी पेास क त बारत म� बेान �केा है, ्ब उस पर हमाा हुआ था | इसक त ��पर�र अ�भ.सा.-11 नत अपनी मुखे पर��ा म� कहा �क �ह अपनी र�ढ़ क� ्ो् क त कारण भाग नह�ं पाेा। ि्रह म� उनह�नत सपष् रप सत कहा �क उनह�नत पु�ास को कभी नह�ं बराेा �क ्ब उनह�नत ब्ानत क� को�शश क� रो अ�भेुकर इंद्ीर �संह नत ्ाक ू ाहराेा और अ�भेुकर अमर �संह और �श� ्रण नत हॉक� ाहरारत हुए उनह� धमक� द� �क ्ो भी दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी को ब्ानत क त �ाए आएगा, मारा ्ाएगा | उनह�नत ि्रह म� इस बार सत भी इनकार �केा �क उनक त व�ारा कभी भी पु�ास को कोई बेान �देा गेा था �क उनह�नत दो�षे� क� पह्ान क� थी ेा आरोपी इंद्ीर �संह नत ्ाक ू सत �ार �केा था और आरोपी अमर �संह नत हॉक� सत �ार �कए थत और मारपी् क त कारण हॉक� का अगाा �हससा ्ू् गेा था और रीसरत आरोपी �श� ्रण नत भी हॉक� सत �ार �केत थत |

20. हमाा�र क त �ा हॉक� और ्ाक ू सत ाैस थत और �कसी भी आगनतेासत सत ाैस नह�ं थत | ेह बहुर ह� अपाकृ ्रक ागरा है �क मौक त पर मौ्ूद दो भाई रीसरत भाई क त साथ मारपी् होनत पर भी हसर�तप करनत का थोड़ा सा भी पेास नह�ं कररत �ह भी क त �ा इस�ाए �क हमाा�र उनह� हॉक� और ्ाक ू सत धमकाएं । पाकृ ्रक मान� वे�हार क त ��पर�र ेह अपाकृ ्रक आ्रण घ्ना क त समे मौक त पर ्शमद�द ग�ाह क� उपिसथ्र पर गंभीर संदतह पैदा कररा है। इसक त अाा�ा इस संबंध म� अ�भ.सा.-1 पर�मंदर �संह व�ारा बराए गए रथे, ्ैसा �क पहात ह� ऊपर ््ार क� ्ा ्ुक� है, क� पुिष् अने भाई अमर �संह अ�भ.सा.-11 व�ारा नह�ं क� गई है।

21. घ्ना क त ठ�क बाद दो भाइे� अ�भ.सा.-1 और अ�भ.सा.-11 का अने अपाकृ ्रक आ्रण �फर सत मौक त पर उनक� उपिसथ्र को बतहद सं�दगध बनारा है। घ्ना-सथा क त पास ह� डॉक्र भारव�ा् का एक मत�डका का�्नक था और दोन� भाइे� का पहाा पेास घाेा भाई को र्काा �्�क्सा सहाेरा क त �ाए का�्नक म� ात ्ाना होना ्ा�हए था ेा डॉक्र भारव�ा् क त का�्नक सत क ु छ �्�क्सीे सहाेरा पाार करना होना ्ा�हए था। स�ीकृ र रप सत पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1 क त बेान क त अनुसार पीसीआर �ैन ागभग 15 �मन् बाद पहुँ्ी । इस दौरान घाेा भाई को का�्नक म� ात ्ानत ेा क ु छ पाथ�मक उप्ार क त �ाए डॉक्र भारव�ा् को बुाानत का कोई पेास नह�ं �केा गेा | ेह पूर� ररह सत सामाने मान� वे�हार क त ��रवध है ।

22. इसक त अाा�ा घाेा को �कसी अने असपराा ात ्ानत ेा ेहां रक �क पु�ास को सू�्र करनत क त �ाए कोई पेास �केा ्ाना अ�भक�थर नह�ं है । ेह बतहद अपाकृ ्रक है �क दो सगत भाइे� नत रीसरत भाई क� ्ान ब्ानत क त �ाए कोई पेास नह�ं �केा ेवे�प �त घ्ना-सथा पर मौ्ूद थत ्ब �ह गंभीर रप सत घाेा हो गेा था | ऐसा कहा गेा है �क पीसीआर �ैन क ु माेूं हो्ा क त सामनत घाेा वेिकर क त बारत म� �कसी अ�ार वेिकर व�ारा द� गई ्ानकार� क त आधार पर 15 �मन् क त बाद पहुं्ी थी। अ�भ.सा.-20 म�हाा कांस्तबा रतणु नत अपनी ग�ाह� म� कहा �क उस दुभारगेपूणर रार �ह पीसीआर �ैन म� रैनार थी ्ब रार को ागभग 10:27 ब्त एक अ�ार वेिकर नत ेह सू�्र करनत क त �ाए कॉा �केा �क एक आदमी क ु माेूं हो्ा, �डफ � स कॉाोनी क त पास बतहोश पड़ा है ्ो डीडी संखेा-493 क त रप म� द्र क त गई | ेह एक अ�ार वेिकर व�ारा द� गई ्ानकार� पर आधा�रर थी, पीसीआर �ैन घ्ना-सथा पर पहुं्ी और घाेा को एमस ातकर गई ्हां उसत मृर ााेा गेा घो�षर �केा गेा |

23. अ�भेो्न प� क त सं स करण क त अनुसार, पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1 और अमर �संह अ�भ.सा.-11 दो भाई घाेा को पीसीआर �ैन म� असपराा ात गए और उसक� मत�डका ्ां् क त दौरान मौ्ूद थत। हााां�क, अ्र�रकर दसरा�त् क त खंड-II म� दाेर एमएासी पदशर अ�भ.सा.-17/ए को दतखकर ेह परा ्ारा है �क नाम �ाात कॉाम म� शुर म� अ�ार �ाखा था ि्सत बाद म� दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी क त रप म� द्र �केा गेा था | इसी ररह शुर म� �रशरतदार ेा दोसर का नाम द्र करनत क त �ाए बनाए गए कॉाम म� हतड कांस्तबा 'धरम �संह' द्र �केा गेा है और दूसर� पंिकर म� '�ी/सी' �ी-89 पीसीआर नंबर 1008/पीसीआर’ शबद द्र करनत क त बाद 'और भाई' ्ोड़ा गेा है।

24. ेह अपनत आप म� अ�भेो्न प� क त इस संसकरण पर गंभीर संदतह को ्नम दतरा है �क मृरक क त दो भाई पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1 और अमर �संह अ�भ.सा.-11 मौक त पर मौ्ूद थत और पीसीआर �ैन म� घाेा को एमस ात गए थत | े�द ऐसा होरा, रो स�ाभा��क रप सत, उनह�नत मृरक का नाम और उनक त स�ें क त नाम �दए होरत ्ो पहात-पहा एमएासी पदशर अ�भ.सा.-17/ए म� द्र �कए गए होरत। डॉक्र रोमतश ााा अ�भ.सा.-17/ए ि्नह�नत एमएासी रैेार क� थी, नत अपनत सा�े म� कहा है �क हतड कांस्तबा धरम �संह व�ारा एमस क त आपारकाा�न क� म� एक श� ााेा गेा था, ि्सक त पूरत शर�र पर रत्धार ह�थेार सत ागी कई गहर� ्ो्� थीं और उनह�नत एमएासी अ�भ.सा.-17/ए रैेार क� थी ।

25. ेहां ��्ार �कए गए रथे घ्ना-सथा क त सथान पर ्शमद�द ग�ाह क� उपिसथ्र को अ्े�धक सं�दगध और असमभावे बनारत ह�। ्ूं�क अ�भ.सा.-1 पर�मंदर �संह क त आ्रण म� गंभीर संदतहासपद पहाू ह� और उनका आ्रण स�ाभा��क परीर नह�ं होरा है, इस�ाए पुिष् क त �बना उनक� ग�ाह� को स�ीकारना सुर��र नह�ं होगा, ��शतष रप सत रब ्ब दो अने ्शमद�द ग�ाह, ि्नम� सत एक मृरक का सगा भाई है, प�दोह� हो गए ह� |

26. इसक त अाा�ा, ्शमद�द� क� ग�ाह� और �्�क्सीे सा�े क त बी् मह्�पूणर ��संग्र है। मृरक दत��ंदर �संह उफ़ र ााडी क त श� का पोस्मा्रम डॉक्र एम.एस. सागर अ�भ.सा.-21 व�ारा �केा गेा था। बाहे पर��ण म� मृ्ेु सत पू�र ागी ्नमन�ा�खर ्ो्� पर धेान गेा –

1. दोन� बा्ु्ं क त अगात �हसस� पर � दोन� बाज़ु्ं � दोन� हाथ� क त �पछात �हससत पर कई गुम ्ो्� � रगड़ ागनत सत आई ्ो्� |

2. कान क त पास 3 सतमी x 2 सतमी x 0.[5] सतमी आकार का सी.एा.डबलेू.|

3. दा� ्र खोपड़ी क त पास 3.[6] सतमी. x 3 सतमी. आकार क� गदरन रक फ़ ै ा� गुम ्ो्� |

4. माथत क त दा� ्र 1 सतमी नी्त 1.[5] x 1 सतमी क� बार�क रतखा क त समान सरह� गहरा क्ा घा� ।

5. बा� ्ांग क त ऊपर� �हससत पर गहरा क्ा घा� ांब�र रप सत आकार 1.[5] x 1 सतमी x मांसपतशी पर गहरा सपष् क्ा हुआ गहराई रक |

6. बाएं घु्नत म� गहरा क्ा घा� 5 सतमी x 0.[5] सतमी x हडडी रक गहरा सपष् क्ा हुआ गहराई रक |

7. बा� बा्ू क त अगात �हससत पर गोा कोहनी पर गहरा क्ा घा� 1 सतमी x 1 सतमी का सपष् क्ा हुआ, बाहर क� ्र ्नकाा हुआ |

8. बा� बाँह क त अगात �हससत म� क्ा घा� ्ो �क कोहनी क त ्ोड़ सत 6 सतमी नी्त है रथा आकार म� 2.[5] x 1 x हडडी रक गहरा है सपष् क्ा खुाा हुआ रथा क्नत क त ्नशान ्ो �क कोहनी क� हडडी रक मौ्ूद है |

9. 1.[5] सतमी. x 1 सतमी. x मांसपतशी रक गहरा अनरःपकोषठ �तत सत 5 सतमी. नी्त बा� बाँह क त अगात �हससत पर सामनत क� ्र क्ा घा� ्ो ्�्ा क त नी्त मांसपतशी और ऊरक क त अंदर क� ्र सत साफ़ क्त होनत को सपष् दशाररा है |

10. छारी क त ्न्ात �हससत म� 10 सतमी. नी्त पत् क त दा�हनत �हससत म� बगा क त आस-पास क्ा घा� ्ो मांसपतशी म� 3 सतमी x 1 सतमी ्ररछा गहरा है, सपष् क्ा हुआ, ्ो पत् म� अनदर रक भतदा हुआ नह�ं है|

11. छारी क� दा�हनी ्र सामनत क� ररफ घ�पनत का घा� ्ो ्रेरक रप म� क�ीे सरह रक गेा है, ि्सका आकार 3.[5] सतमी x 1 सतमी. है रथा ्ो हंसा� क त 22 सतमी नी्त सपष् क्ा हुआ खुाा है और बाहर क� ्र 7�ीं पसा� सत गु्ररा हुआ फ त फड़त क त ्न्ात बाएं भाग सत होरत हुए हदे क त बाहर� सरह क त पार हदे क� बाहे रकर सरह रक गेा है | रथा हदे क त ्न्ात भाग क त बाएं कोष म� 2 सतमी. x 1.[5] सतमी. x हदे क त ्न्ात भाग क त कोष क� गहराई रक हदे क त ्न्ात भाग रक क्ा घा� |

12. 4 सतमी. x 1 सतमी. आकार का ्�्ा रक गहरा घ�पनत का घा� ्ो ्ो् सं. 11 सत 8 सतमी. नी्त ्रेरक है |

13. ्ो् सं. 12 सत 1.[5] सतमी. नी्त और 2 सतमी. पीछत 1 सतमी. x 1 सतमी. का अनदर क� ्र सत सपष् क्ा घा� |

14. पत् म� बा� ररफ घ�पनत का घा� ्ो �क पाश�र अ�ीे रतखा क� ररफ हंसा� सत 25 सतमी. नी्त क� ्र 4 सतमी. x 1 सतमी. आकार का है ्ो�क छो्� ए�ं बड़ी आँर म� कई घा� कररत हुए पत् म� अनदर रक गेा है |

15. पत् म� बा� ररफ 4 सतमी. x 1.[5] सतमी. का क्ा घा� ्ो ्ो् सं. 14 सत 6 सतमी. नी्त ए�ं 2 सतमी. मधे क� ्र है | मृरक क त आंर�रक पर��ण सत �ार हुआ:- बा� ररफ छारी और फ त फड़� क त बी् ागभग 500cc खून ्मा हुआ पाेा गेा | बाएं फ त फड़त क त ्न्ात �हससत म� 3 सतमी. x 1.[5] सतमी. x 4 सतमी. का घ�पनत का घा� था | हदे क त पास 400cc ्मा हुआ खून रथा खून क त थकक त पाए गए | हदे क त ्न्ात �हससत म� 2.[5] सतमी. x 1 सतमी. x हदे क त बाएं कोष क� द��ार क� पूणर गहराई रक क ं डरा रज्ु (CORDAE TENDENAE) का्रत हुए घ�पनत का घा� | पत ् क त अंदर ागभग 400cc रक रकरता� � खून क त थकक त क त साथ छो्� ए�ं बड़ी आँर म� कई क्त घा� पाए गए | ऐसी राे वेकर क� गई �क मृ्ेु सत पू�र रतज़ धार �ाात ह�थेार सत पहुं्ाई गई ्ो्� क त प�रणामस�रप उनह� धकका पहुं्ा ्ो उनक� मृ्ेु का कारण बना | ्ो् सं. 11 ए�ं 14 सामाने रौर पर वेिकरगर रथा समग रप सत मृ्ेु का�रर होनत क त �ाए पेारार ह� |

27. इस पकार, अ�भेो्न प� क त संसकरण क त अनुसार रीन हमाा�र� व�ारा क ु ा 15 ्ो्� पहुं्ाई गई ि्नक त पास, दो हॉक� और एक ्ाक ू था। पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1 नत ज़ोर दतकर कहा �क पूर� घ्ना मुिशका सत पां् �मन् रक ्ा�। रीन हमाा�र� व�ारा एक साथ 5 �मन् क� छो्� अ��ध क त भीरर मृरक पर हमाा कररत हुए इस पकार क� 15 ्ो्� पहुँ्ाना वेा�हा�रक रप सत असंभ� होगा, खासकर रब ्ब पी�ड़र सामाने रथा स�सथ वेिकर था ि्सनत स�ाभा��क रप सत प्ररोध भी �केा होगा। रीन आरोपी वेिकरे� व�ारा मृरक को 15 ्ो्� पहुँ्ानत म� काफ़� समे ागा होगा| इससत खुद परा ्ारा है �क रीन अ�भेुकर� क त पास अपराध का�रर करनत क त �ाए पेारार समे था और पूर� घ्ना पां् �मन् क त भीरर नह�ं हो सकरी थी, ्ैसा �क ्शमद�द ग�ाह पर�मंदर �संह अ�भ.सा.-1 नत बराेा था। ेह रथे इस रथे क त साथ भी ्ुड़ा है �क मृरक क त दो भाई एक मूक दशरक बनत रहत, ्ब रीसरत भाई क त साथ मारपी् क� ्ा रह� थी, इस रथे का सपष् सं कत र है �क अ�भ.सा.-1 पर�मंदर �संह मौक त पर मौ्ूद नह�ं था और घ्ना का ्शमद�द ग�ाह नह�ं था।

28. डॉ. एम.एस. सागर नत पोस्मा्रम �रपो्र म� कहा है �क मौर का कारण मृ्ेु सत पू�र रत् धार �ाात ह�थेार सत पहुँ्ाई गई कई ्ो्� क त कारण सदमा पहुँ्ना था और ्ो् संखेा 11 और 14 वेिकरगर और सामू�हक रप सत पाकृ ्रक ढंग सत मौर का कारण बननत क त �ाए पेारार थीं। उनह�नत अपनत बेान म� आगत कहा �क ्ो्� रत् धार �ाात ह�थेार सत पहुँ्ाई ग� और ्ूं�क उनह� कोई ह�थेार नह�ं �दखाेा गेा था, इस�ाए उनह�नत कोई राे नह�ं द� है। स�ीकृ र रप सत, आरोपी अपीाकरार इंद्ीर �संह क त इंकशाफ� बेान पर बरामद �कए गए ्ाक ू क� नोक ्ू्� हुई थी और ेह नुक�ाा नह�ं बिलक क ुं द था। केा मृरक क त शर�र पर पाए गए घ�पनत � का्नत क त घा� ्ू्� हुई नोक �ाात ्ाक ू क त हो सकरत ह�, हमार� राे म� ेह बतहद सं�दगध है। ेह ्ाननत क त �ाए डॉक्र क� राे नह�ं ा� गई है �क केा इस ररह क� ्ो्� ्ू्� हुई नोक �ाात ्ाक ू सत पहुँ्ाई ्ा सकरी ह� ेा नह�ं ।

29. मामात क त रथे� और प�रिसथ्रे� म� ेह मामाा ्ां् अ�धकार� क� ्र सत गंभीर ्ूक थी। हााां�क, आम रौर पर ्ां् अ�धकार� क� ्र सत मामूा� ्ूक, अगर अनेथा ��श�सनीे हो, रो ्शमद�द ग�ाह क� बार को स�ीकार करनत क त रासरत म� नह�ं आना ्ा�हए। ात�कन पसरुर मामात क� प�रिसथ्रे� म� ्हां एकमात ्शमद�द ग�ाह का आ्रण अपाकृ ्रक है और ���भनन अने समबं�धर प�रिसथ्रेां भी ह� ्ो घ्ना-सथा पर उसक� उपिसथ्र को सं�दगध बनारी ह�, ्ां् अ�धकार� क� ्र सत इस ररह क� ्ूक का बहुर मह्� है ि्सत न्रअंदा् नह�ं �केा ्ा सकरा है।

30. ऐसी प�रिसथ्रे� म� �्�क्सीे ग�ाह क� राे पाार करनत क त मह्� पर ज़ोर दतरत हुए इस नेाेााे नत कारररते � अने बनाम उ.प. राजे मामात म� ्नमन रप सत अपनी राे द� है:- “हम इस अ�सर पर �्�क्सीे ग�ाह क� राे ्ाननत क त मह्� पर ्ोर दतरत ह�, ि्सनत पी�ड़र क� ्ो्� क� ्ां् क� थी, ख़ास रौर पर इस �बंदु पर, ऐसत मामात म� ��शतषरः उ�्र नेाे पदान करनत क त �ाए ्हां पाई गई ्ो्� �ै�ा्नक रप सत एक ्ैसी ह�, उदाहरण- छ ु रत का घा�, और नेाेााे क त सम� समसेा ेह है �क केा ेत सभी ेा इनम� सत कोई भी ्ो् एक ेा एक सत अ�धक ह�थेार क त कारण हो सकरी ह� । अ�भेो्न का ेह कररवे है, और समान रप सत नेाेााे का भी, �क ेह धेान रखा ्ाए �क अपराध का क�थर ह�थेार, े�द उपाबध है, रो �्�क्सीे ग�ाह को �दखाेा ्ाए और उसक� राे ा� ्ाए �क केा पी�ड़र पर का�रर सभी ेा कोई ्ो् उस ह�थेार सत पहुँ्ाई गई है। ऐसा न होनत पर कभी-कभी, नेाे पदान करनत म� गारी भी हो सकरी है।”

31. ईश�र �संह बनाम उ�र पदतश राजे म� इस नेाेााे व�ारा पुन: इसत ्नमन पकार सत दतखा गेा है:- “अ�भेो्न का ेह कररवे है, और पूर� ररह नेाेााे का भी �क �ह दतखत �क अपराध का क�थर ह�थेार, े�द उपाबध है, रो �्�क्सीे ग�ाह को �दखाेा ्ाए और उसक� राे ा� ्ाए �क केा पी�ड़र पर सभी ेा कोई भी ्ो् उस ह�थेार सत का�रर क� ्ा सकरी है। कभी-कभी ऐसा न होनत पर नेाे पदान करनत म� गारी भी हो सकरी है| अ�भातख पर मौ्ूद सा�े� क त आधार पर, ेह कहना मुिशका है �क, मृरक क� ्ो् ज़बर �कए गए ्ू्� हुई नोक �ाात ्ाक ू सत का�रर हुई थी। ेत ����धराएँ अ�भेो्न मामात क त मह्�पूणर �हसस� सत संबं�धर ह�, और इनह� मामूा� ��संग्रे� क त रप म� खा�र् नह�ं �केा ्ा सकरा है। ऐसत मामात म�, ्ैसा इस नेाेााे व�ारा “�म�र सतन और अने बनाम उ.प. राजे” म� माना गेा �क ्शमद�द ग�ाह को पूणररेा स�ीकार नह�ं �केा ्ा सकरा है|”

32. अपीाकरार्ं क� दोष�सव�ध अ�भ.सा.-1 क� मौ�खक ग�ाह� पर �्क� हुई है ि्सत मृरक क� ह्ेा क त ्शमद�द ग�ाह क त रप म� पतश �केा गेा था। दोन� ��व�ान सत नेाेाधीश, साथ ह� उच् नेाेााे नत अ�भ.सा.-1 पर भरोसा ्राेा है और सामानेरः ेह नेाेााे ्नमन अदाार क त मर को नकारनत म� इचछ ु क नह�ं होरी है ात�कन ्ूँ�क अ�भेो्न क� कहानी म� ्न�हर अनु�्रराएं ह� और ्शमद�द ग�ाह का आ्रण पाकृ ्रक वे�हार सत असंगर है, हम� नह�ं ागरा �क एकमात ्शमद�द ग�ाह क� ग�ाह� पर, ि्सक� पुिष् भी न हुई हो, अपीाकरार्ं को दोषी ठहराना सुर��र होगा। “सतल�ारा् बनाम र�मानाडु राजे” मामात म� इस नेाेााे क� रीन नेाेाधीश� क� पीठ व�ारा भी ऐसा ह� ��्ार �केा गेा है। ्हां सा�े� का मूलेांकन कररत हुए, अ�भेो्न क� कहानी को सामाने मान�ीे पकृ ्र क त अ्ेंर ��पर�र और असंगर पाेा गेा था, ि्सक त प�रणामरः दो ्न्ा� अदाार� व�ारा द्र अपराध �सव�ध को खा�र् कर �देा गेा था।

33. �ररमान मामात क त रथे� पर, ेह �बना �कसी संको् क त कहा ्ा सकरा है �क अ�भेो्न प� क�थर अपराध� को ��श�सनीे � पुखरा सबूर पतश करक त संदतह सत परत सा�बर करनत म� बुर� ररह सत ��फा रहा है।

34. उपरोकर ््ार्ं क त मवदतनज़र, हम क�थर अपराध� क त �ाए अपीाकरार्ं को दोषी ठहरानत क त �ाए ्नमन नेाेााे� व�ारा �दए गए कारण को पेारार नह�ं मान पा रहत ह�। इसक त ��पर�र, हमारा ेह सममर ��्ार है �क अ�भेो्न प� अ�भेुकर क� अपराध �सव�ध को संदतह सत परत सथा�पर करनत म� ��फा रहा है। ेह घ्ना उस रर�क त सत नह�ं हुई है ि्स ररह सत अ�भेो्न प� ्ाहरा है �क नेाेााे उस पर ��श�ास करत �क ऐसा हुआ था।

35. ्ूं�क, अ�भेो्न प� संदतह सत परत अ�भेुकर� क त अपराध को सा�बर करनत म� बुर� ररह सत ��फा रहा है, इस�ाए अपीाकरार्ं को संदतह का ााभ �देा ्ाना ्ा�हए। इन प�रिसथ्रे� म�, हम ्नमन नेाेााे� व�ारा �दए गए आ�त�पर आदतश� को खा�र् कररत ह� और इन अपीा� को अनुम्र पदान कररत ह�। अपीाकरार्ं को �रहा करनत का ्नद�श �देा ्ारा है ्ब रक �क उनक� �कसी अने मामात म� आ�शेकरा न हो।........................(न्ा्ाधीी) (संज् �कीन कॉल) (अ�नरुध बोस) (कृ षण मुरार�) नई �दलल�, 12 अक्टबर, 2020 अस�ीकरण: दतशी भाषा म� ्नणरे का अनु�ाद मुकववमतबाज़ क त सी�मर पेोग हतरु �केा गेा है रा�क �ो अपनी भाषा म� इसत समझ सक � ए�ं ेह �कसी अने पेो्न हतरु पेोग नह�ं �केा ्ाएगा| समसर काेाराेी ए�ं वेा�हा�रक पेो्न� हतरु ्नणरे का अंगतज़ी स�रप ह� अ�भपमा�णर माना ्ाएगा और काेारन�ेन रथा ाागू �कए ्ानत हतरु उसत ह� �र�ेरा द� ्ाएगी।