Full Text
भार क
े सव च्च न्यायालय में
सिसविवल अपीलीय/मूल/अन् र्नि वि क्षेत्राति कार
दीवा ी अपील संख्या 3707 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 6841 वर्ष( 2020 से उद्भू )
राम शरण मौय( और अन्य ... अपीलार्थी:गण
ब ाम
उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य ... प्रत्यर्थी:गण
स
दीवा ी अपील संख्या 3708 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 6847 वर्ष( 2020 से उद्भू )
स
दीवा ी अपील संख्या 3709 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 7817 वर्ष( 2020 से उद्भू )
स
विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 6841 वर्ष( 2020
में
अवमा ा याति-का (दीवा ी) संख्या 418 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3710 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13741 वर्ष( 2020 से उद्भू )
उद्घोर्षणा
“क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क
े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क
े लिलए ै और
विकसी अन्य उद्देश्य क
े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क
े
लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क
े उद्देश्यों क
े
लिलए मान्य ोगा।"
डायरी संख्या 12189 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3711 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13742 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 12246 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3720 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13743 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 11446 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3721 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13745 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 11450 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3722 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13746 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 12016 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3728 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13747 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 13259 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3729 वर्ष( 2020
उद्घोर्षणा
“क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क
े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क
े लिलए ै और
विकसी अन्य उद्देश्य क
े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क
े
लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क
े उद्देश्यों क
े
लिलए मान्य ोगा।"
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13748 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 13288 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3725 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13753 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 12798 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3732 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13762 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 13517 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3731 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13750 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 12452 वर्ष( 2020
दीवा ी अपील संख्या 3724 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13752 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 12792 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3723 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 6841 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 14138 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3730 वर्ष( 2020
उद्घोर्षणा
“क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क
े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क
े लिलए ै और
विकसी अन्य उद्देश्य क
े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क
े
लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क
े उद्देश्यों क
े
लिलए मान्य ोगा।"
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13749 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 11452 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3726 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13754 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 13182 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3712 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 6841 वर्ष( 2020 से उद्भू )
स
दीवा ी अपील संख्या 3713 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 6842 वर्ष( 2020 से उद्भू )
स
दीवा ी अपील संख्या 3714 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 6687 वर्ष( 2020 से उद्भू )
स
दीवा ी अपील संख्या 3717 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13761 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 11331 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3715 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 6848 वर्ष( 2020 से उद्भू )
स
उद्घोर्षणा
“क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क
े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क
े लिलए ै और
विकसी अन्य उद्देश्य क
े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क
े
लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क
े उद्देश्यों क
े
लिलए मान्य ोगा।"
दीवा ी अपील संख्या 3716 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 6845 वर्ष( 2020 से उद्भू )
स
दीवा ी अपील संख्या 3718 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 6850 वर्ष( 2020 से उद्भू )
स
दीवा ी अपील संख्या 3719 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 6851 वर्ष( 2020 से उद्भू )
स
विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) डी. संख्या 13142 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3727 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13756 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 13639 वर्ष( 2020
स
रिरट याति-का संख्या 703 वर्ष( 2020
स
दीवा ी अपील संख्या 3733 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13757 वर्ष( 2020 से उद्भू )
डायरी संख्या 13872 वर्ष( 2020
और
दीवा ी अपील संख्या 3734 वर्ष( 2020
(विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) संख्या 13758 वर्ष( 2020 से उद्भू )
उद्घोर्षणा
“क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क
े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क
े लिलए ै और
विकसी अन्य उद्देश्य क
े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क
े
लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क
े उद्देश्यों क
े
लिलए मान्य ोगा।"
डायरी संख्या 13888 वर्ष( 2020
वि ण(य
न्यायमूर्ति उदय उमेश ललिल
JUDGMENT
1. विवशेर्ष अ ुमति याति-का (दीवा ी) डी. संख्या 13142 वर्ष( 2020 को छोड़करः (i) ) सभी संबंति मामलों में विवशेर्ष अ ुमति याति-का दायर कर े की अ ुमति दी जा ी ै; और (i) i) ) सभी मामलों में अपील क े लिलए विवशेर्ष अ ुमति प्रदा की जा ी ै।
2. ये अपीलें विवशेर्ष अपील संख्या 207 वर्ष( 2019 और सभी संबंति मामलों में उच्च न्यायालय की खण्ड़पीठ[1] द्वारा पारिर 06.05.2020 क े अंति म वि ण(य और आदेश से उत्पन्न ो ी ैं सिजसक े उच्च न्यायालय की खण्ड़पीठ 1 े रिरट याति-का संख्या 1188 (एसएस) वर्ष( 2019 में और अन्य संबंति मामलों में उच्च न्यायालय क े एकल न्याया ीश द्वारा पारिर विद ांक 29.03.2019 क े आदेश को अपास् कर विदया र्थीा। ये अपीलें, अन्य बा ों क े सार्थी, णिशक्षा विमत्रों क े अति कारों की सीमा र्थीा उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य ब ाम आ न्द कु मार यादव और अन्य[2] में इस न्यायालय क े वि ण(य द्वारा उ को प्रदा विकए गए लाभों पर विव-ार कर ा ै।
3. आ ंद क ु मार यादव वाद 2 में इस न्यायालय क े वि ण(य क े लिलए थ्य वि म् ा ुसार वि ा(रिर विकए गए र्थीे:- “3. संतिक्षप्त थ्यात्मक पृष्ठभूविम पर ध्या विदया जा सक ा ै। उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा अति वि यम, 1972 (1972 अति वि यम) को उत्तर 1 इला ाबाद उच्च न्यायालय, लख ऊ खण्ड़पीठ 2 (2018) 13 एससीसी 560 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" प्रदेश राज्य में बुवि यादी णिशक्षा को विववि यविम और वि यंवित्र कर े क े लिलए अति वि यविम विकया गया र्थीा, 1972 अति वि यम की ारा 19 राज्य सरकार को अति वि यम क े उद्देश्य को पूरा कर े क े लिलए वि यम ब ा े क े लिलए अति क ृ कर ी ै। उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा (णिशक्षक) सेवा वि यमावली, 1981 (1981 वि यमावली) णिशक्षकों की वि युविt क े लिलए भ: और योग्य ा क े स्रो को प्रति पाविद कर ी ै। राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद अति वि यम, 1993 (ए सीटीई अति वि यम) को संसद े णिशक्षक णिशक्षा प्रणाली क े लिलए वि योसिज और समन्विन्व विवकास क े लिलए अति वि यविम विकया र्थीा। वि: शुल्क और अवि वाय( बाल णिशक्षा का अति कार अति वि यम, 2009 (आरटीई अति वि यम, 2009) संसद द्वारा 6 से 14 वर्ष( की आयु क े सभी बच्चों को मुफ् और अवि वाय( णिशक्षा दे े क े लिलए लागू विकया गया र्थीा। ारा 23 णिशक्षकों की वि युविt क े लिलए योग्य ा का प्राव ा कर ी ै। णिशक्षकों की वि युविt क े लिलए योग्य ा वि ा(रिर कर े क े लिलए ए सीटीई को ारा 23 (1) क े प्राति करण क े रूप में ाविम विकया गया र्थीा।
4. ए सीटीई े अति सू- ा विद ांविक 23-8-2010 जारी की, सिजसमें ऐसी योग्य ाएं वि ा(रिर की गयीं। उt अति सू- ा से प ले वि युt णिशक्षकों क े संबं में, य क ा गया र्थीा विक उन् ें राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद (स्क ू लों में णिशक्षकों की भ: क े लिलए न्यू म योग्य ा का वि ा(रण) विववि यम, 2001 (2001 विववि यम) क े संदभ( में योग्य ा रख ी आवश्यक र्थीी, यविद णिशक्षकों को 3-9-2001 को या उसक े बाद वि युt विकया गया र्थीा, ो उ क े पास ए सीटीई क े अ ी छ म ी े क े विवशेर्ष काय(Wम को क ु छ न्विस्र्थीति यों में मान्य ा दी गई र्थीी। 3-9-2001 से प ले वि युt णिशक्षकों की प्र-लिल भ: वि यमों क े अ ुसार योग्य ा उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" अपेतिक्ष र्थीी। उt अति सू- ा क े आवश्यक ाओं में से एक, णिशक्षक पात्र ा परीक्षा (टीईटी) उत्तीण( कर े की आवश्यक ा ै। ालाँविक, पत्र विद ांविक 8-11-2010 द्वारा, क ें द्र सरकार े आरटीई अति वि यम की ारा 23 (2) क े छ ू ट क े लिलए प्रस् ाव मांगे, सिजसक े बाद क ु छ श्रेणिणयों क े व्यविtयों क े लिलए विद ांक 10-9-2012 को छ ू ट आदेश विदया गया र्थीा जो 31-3-2014 क सं-ालिल ो ा र्थीा। ए सीटीई क े पत्र विद ांविक 14-1-2011 क े अ ुसार, ए सीटीई े मुt व दूरस्र्थी णिशक्षा द्वारा अप्रणिशतिक्ष स् ा क णिशक्षा विमत्रों क े प्रणिशक्षण क े लिलए उत्तर प्रदेश राज्य क े प्रस् ाव को स्वीकार कर लिलया, लेविक य स्पष्ट कर विदया गया विक अप्रणिशतिक्ष णिशक्षकों की कोई वि युविt अ ुज्ञेय ीं र्थीी
5. आरटीई अति वि यम, 2009 क े शविtयों क े प्रयोग में, क ें द्र सरकार द्वारा आरटीई वि यम, 2010 ब ाया गया र्थीा। उसी समय, उत्तर राज्य े भी उत्तर प्रदेश आरटीई वि यमावली, 2011 ामक वि यमावली ब ायी।
6. अब उस योज ा का संदभ( विदया जा सक ा ै सिजसक े णिशक्षा विमत्र भ: विकए गए र्थीे। विद ांक 26-5-1999 को णिशक्षा विमत्रों (पैरा टी-र) क े वि योज क े लिलए उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा एक शासकीय आदेश जारी विकया गया र्थीा। आदेश का आशतिय उद्देश्य साव(भौविमक प्रार्थीविमक णिशक्षा प्रदा कर ा र्थीा और प्रार्थीविमक स्क ू लों में णिशक्षक छात्र अ ुपा को ब ाए रख े क े लिलए उ व्यविtयों को वि युt कर ा र्थीा जो विवति व योग्य ीं र्थीे पर एक योग्य णिशक्षक क े वि ा(रिर वे क े मुकाबले कम लाग पर र्थीे। शास ादेश (G.O.) में क ा गया विक 10,000 की सीमा क, णिशक्षा विमत्र को शैक्षणिणक सत्र 1999-2000 क े उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" लिलए प्रति मा 1450 रुपये क े मा देय पर अ ुबंति विकया जा सक ा ै। योज ा क े मुख्य प लुओं को जैसा विक उt जी.ओ. से उच्च न्यायालय क े क े आक्षेविप वि ण(य में अणिभव्यt विकया गया र्थीा वि म् र्थीे: (आ ंद क ु मार का वाद[3], एससीसी ऑ लाइ ऑल प्रस् र 17) “(i) ) णिशक्षा विमत्र की वि युविt मा देय क े भुग ा पर ो ी र्थीी;
(i) i) ) वि युविt ग्यार म ी े की अवति क े लिलए ो ी र्थीी, जो सं ोर्षज क प्रदश( पर वी ीक ृ ो ी र्थीी।
(i) i) i) ) शैतिक्षक योग्य ा इंटरमीतिडएट स् र की ोगी;
(i) v) -य की इकाई व गांव ोगा ज ां विवद्यालय न्विस्र्थी ै और उस दशा में विक गांव में कोई अ ( ा प्राप्त अभ्यर्थी: उपलब् ीं ो, न्याय पं-ाय की अति कारिर ा क इकाई का विवस् ार विकया जा सक ा ै; (v) सं ोर्षज क प्रदश( की आवश्यक ा पर णिशक्षा विमत्र की सेवाएं समाप्त की जा सक ी ैं; (vi) ) ग्राम णिशक्षा सविमति द्वारा ग्राम स् र पर -य विकया जा ा र्थीा; और
(vi) i) ) इस स्कीम में सिजला स् र पर, सिजला मसिजस्ट्रेट की अध्यक्ष ा वाली सविमति क े गठ की परिरकल्प ा की गई ै, सिजसमें अन्य सदस्यों क े सार्थी-सार्थी पं-ाय राज अति कारी और सिजला बेसिसक णिशक्षा अति कारी भी शाविमल ैं, जो काया(न्वय की देखरेख करेगें।"
7. इसक े बाद, कई जीओ योज ा का विवस् ार कर े ुए जीओ विद ांक 1-7-2001 सवि उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा जारी विकए गए र्थीे और य स्पष्ट विकया गया विक य योज ा एक वि यविम सेवा में रोजगार क े लिलए ीं र्थीी, बन्विल्क ग्रामीण युवाओं को सामुदातियक सेवा प्रदा कर े का अवसर प्रदा कर े क े लिलए र्थीी। 3 2015 एससीसी ऑ लाइ ऑल 3997: आईएलआर 2015 ऑल 1108 [आ न्द क ु मार यादव ब ाम भार संघ] उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"
8. भले ी अति सू- ा विद ांविक 23-8-2010 क े माध्यम से ए सीटीई द्वारा न्यू म वै ावि क योग्य ा वि ा(रिर की गई र्थीी, लेविक आरटीई अति वि यम की ारा 23 (2) क े छ ू ट का मुद्दा, क ें द्र सरकार द्वारा सीविम अं रिरम वै ावि क अवति की छ ू ट क े लिलए लिलया गया र्थीा, यविद विकसी विवशेर्ष राज्य क े पास णिशक्षक प्रणिशक्षण क े लिलए पया(प्त संस्र्थीा ीं र्थीे या अवति क े दौरा उम्मीदवारों की पया(प्त संख्या ीं र्थीी। राज्य सरकार े क ें द्र सरकार क े पत्र क े जवाब में उत्तर विदया विक उस े अ ुबं क े आ ार पर णिशक्षाविमत्र वि युt विकए र्थीे सिजन् ें णिशक्षक प्रणिशक्षण विदया जा ा र्थीा। क ें द्र सरकार े 31-3-2014 क की अवति क े लिलए क ु छ श Œ क े अ ी ारा 23 (2) क े छ ू ट क े लिलए एक आदेश जारी विकया।
9. राज्य सरकार े 3-1-2011 को एक संशोति प्रस् ाव प्रस् ु विकया सिजसमें णिशक्षा विमत्र को प्रणिशक्षण दे े की परिरकल्प ा की गई र्थीी, सिजसे क ें द्र सरकार े विद ांक 14-1-2011 क े पत्र क े संदभ( में मुt और दूरस्र्थी णिशक्षा क े माध्यम से प्रारंणिभक णिशक्षा में दो वर्ष( क े तिडप्लोमा क े लिलए स्वीकार विकया र्थीा। सिजसमें य स्पष्ट स मति र्थीी विक कोई अप्रणिशतिक्ष णिशक्षक वि युt ीं विकया जाएगा।
10. अं में, उत्तर प्रदेश राज्य े वि म् लिललिख कदम उठाए जो उच्च न्यायालय क े समक्ष -ु ौ ी क े विवर्षय र्थीे: 10.1. अति सू- ा विद ांक 30-5-2014 द्वारा उत्तर प्रदेश आरटीई वि यमावली में संशो विकया गया सिजसमें वि यम 16-ए लाया गया जो राज्य सरकार को जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में स ायक णिशक्षकों की वि युविt क े लिलए न्यू म शैक्षणिणक योग्य ा को णिशणिर्थील कर े क े लिलए अति क ृ कर ी ै।
10.2. 1981 वि यमावली में संशो कर े ुए, अति सू- ा विद ांक उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" 30-5-2014: वि यम 8 द्वारा जूवि यर बेसिसक स्क ू लों क े स ायक अध्यापक और स ायक अध्याविपका की वि युविt क े लिलए संशोति योग्य ा वि ा(रिर की गयी, जो आरटीई अति वि यम की ारा 23 क े वै ावि क योग्य ा से अलग ैं। वि यम 5 में संशो विकया गया र्थीा ाविक णिशक्षा विमत्र को मौजूदा वि यमों क े अ ुसार सी ी भ: क े मौजूदा स्रो क े अलावा णिशक्षकों की भ: क े लिलए स्रो क े रूप में जोड़ा जाए। आरटीई अति वि यम की ारा 23 क े वि ा(रिर योग्य ा क े विब ा णिशक्षा विमत्र को मूल पदों क े सापेक्ष णिशक्षकों क े रूप में वि युt कर े में सक्षम ब ा े क े लिलए वि यम 14 में भी संशो विकया गया र्थीा।
10.3. आरटीई अति वि यम, 2009 क े संदभ( में पात्र ा और योग्य ा क े विब ा प्रार्थीविमक विवद्यालयों में स ायक णिशक्षकों क े पद पर णिशक्षा विमत्र की वि युविt की अ ुमति दे े ुए जी.ओ. विद ांक 19-6-2013 जारी विकया गया र्थीा। स ायक णिशक्षकों क े रूप में णिशक्षा विमत्र क े समावेश क े लिलए एक समय सारणी वि ा(रिर की गई र्थीी।
10.4. 1,24,000 स् ा क णिशक्षा विमत्र और 46,000 इंटरमीतिडएट णिशक्षा विमत्र क े समावेश क े लिलए परिरणामी काय(कारी आदेश जारी विकए गए र्थीे।” … … …
13. उच्च न्यायालय क े समक्ष कई रिरट याति-काएँ उ व्यविtयों द्वारा दायर की गयी सिजन् ों े वि युविt क े लिलए पात्र ो े का दावा विकया र्थीा और सिज की संभाव ा उt रिरविtयों क े सापेक्ष णिशक्षा विमत्र को वि यविम करक े णिशक्षकों की रिरविtयों को भर े से प्रभाविव ुई र्थीी।…...
14. याति-का में य मामला ब ाया गया र्थीा विक ए सीटीई द्वारा 23-8- 2010 को जारी अति सू- ा क े मद्दे जर कक्षा I से VIII क े लिलए स ायक उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" णिशक्षक की वि युविt क े लिलए न्यू म योग्य ा वि ा(रिर कर े ुए, विद ांक 19-6-2014 का उत्तर प्रदेश का वि ण(य और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 30-5-2014 को विकए गए संशो, विद ांक 23-8-2010 को ए सीटीई द्वारा जारी अति सू- ा क े विवरो में र्थीी और इस प्रकार, य न्यायसंग ीं ो सक ी ै। टीईटी एक अवि वाय( योग्य ा ो े क े ा े, राज्य सरकार उt योग्य ा क े विब ा णिशक्षक क े पद पर कोई वि युविt ीं कर सक ी र्थीी। वि युविtयां, 23-8-2010 की अति सू- ा क े बाद ो े से और छ ू ट क े लिलए श Œ क े आ े से, छ ू ट खंड क े ीं आ ी। राज्य की 1981 की वि यमावली, इस न्यायालय द्वारा क ा(टक राज्य ब ाम उमादेवी(3)4 क े मामलें में प्रति पाविद विवति क े उल्लंघ में णिशक्षा विमत्र क े समावेश क े लिलए उपबन् ीं कर सकी क्योंविक उ की वि युविt णिशक्षकों की वि युविt क े वि यमों का पाल विकए जा े क े कारण वि यमावली 1981 क े प्रति क ू ल र्थीी। य भी क ा गया र्थीा विक णिशक्षा विमत्रों की वि युविt की प्रक ृ ति उन् ें सामुदातियक सेवा प्रदा कर े में सक्षम ब ा े क े लिलए संविवदात्मक र्थीी, विक णिशक्षकों की वि युविt क े लिलए वि ा(रिर योग्य ा क े र्थीी। मुt और दूरस्र्थी णिशक्षा क े माध्यम से प्रणिशक्षण क े वल वै रूप से वि युt णिशक्षकों क े लिलए ी प्रासंविगक र्थीा, विक वि यमों क े प्रति क ू ल वि युt संविवदा कम(-ारिरयों क े लिलए र्थीी। इसक े अलावा, 46,000 णिशक्षा विमत्र स् ा क भी ीं र्थीे, जो ए सीटीई द्वारा इसक े पत्र विद ांक 14-1-2011 में अ ुमोद क े लिलए एक श ( र्थीी...…” 3.[1] इला ाबाद उच्च न्यायालय की पूण( पीठ द्वारा विदए गए वि ण(य में वि म् ा ुसार विव-ार विकया गया र्थीा:- 4 (2006) 4 एससीसी 1: 2006 एससीसी (एल एण्ड एस) 753 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" “17. संक्षेप में, उच्च न्यायालय क े वि ष्कर्ष( य ैं विक णिशक्षा विमत्रों की वि युविt की प्रक ृ ति क े संबं में, उन् ें 1981 की वि यमावली क े संदभ( में णिशक्षक क े रूप में ीं मा ा जा सक ा ै। उ क े पास वि युविt की ारीख पर उt वि यमावली क े वि ा(रिर योग्य ा भी ीं र्थीी, उ क े पास 1981 की वि यमावली क े वि ा(रिर स् ा क की तिडग्री ीं र्थीी और ी उ क े पास बुवि यादी णिशक्षक प्रमाण पत्र र्थीा। आरक्षण ीति का भी पाल ीं विकया गया र्थीा। इसमें कोई संदे ीं ै विक उन् ों े समय की मांग को पूरा विकया ोगा, अपेतिक्ष वै ावि क योग्य ा क े उल्लंघ में उ की वि यविम वि युविt अवै र्थीी। इस र की वि युविtयों की प्रक ृ ति क े संबं में, संध्या सिंस ब ाम उत्तर प्रदेश राज्य[5] में ालिलया पूण( पीठ क े फ ै सले का संदभ( विदया गया र्थीा।
18. य आगे क ा गया विक ारा 23(2) में क े वल पां- साल की सीविम अवति क े लिलए णिशक्षकों की वि युविt क े लिलए न्यू म योग्य ा में छ ू ट की अ ुमति दी गयी ै और टीईटी क े लिलए योग्य ा में ढील ीं दी जा सक ी ै जैसा विक 23-8-2010 क े बाद की वि युविtयों क े लिलए णिशव क ु मार शमा( ब ाम उत्तर प्रदेश राज्य[6] में उच्च न्यायालय की पूण( पीठ क े फ ै सले द्वारा अव ारिर विकया गया र्थीा।। ी 23-8-2010 क े प ले की वि युविtयों को ब क ब-ाया जा सक ा ै जब क विक प्रारंणिभक वि युविtयां लागू वि यमों क े संदभ( में णिशक्षकों क े पद पर ीं र्थीीं जैसा विक अति सू- ा विद ांक 23-8-2010 में क ा गया ै। राज्य आरटीई वि यमावली, 2011 और 1981 की सेवा वि यमावली में संशो ारा 23 (2) की भाव ा क े विवरो में र्थीे, सिजसक े न्यू म योग्य ा को णिशणिर्थील कर े की शविt क े वल क ें द्र सरकार क े पास 5 (2013) 7 एडीजे 1 (एफबी) 6 2013 एससीसी ऑ लाइ ऑल 4097: (2013) 6 एएलजे 366: 6 एडीजे 310 (एफबी) उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" सीविम अवति क े लिलए वि वि र्थीी। इसक े अलावा, णिशक्षकों क े रूप में णिशक्षा विमत्रों का वि यविम ीकरण उमादेवी (3)4 में प्रति पाविद का ू क े मद्दे जर स्वीकाय( ीं र्थीा। णिशक्षा विमत्र की वि युविt णिशक्षकों क े रूप में ीं र्थीी और ी इसे णिशक्षकों क े पद क े लिलए उ की न्यू म योग्य ा क े अभाव में क े वल अवि यविम मा ा जा सक ा र्थीा, जो एक विवणिशष्ट विवशेर्ष ा र्थीी इस े क ा(टक राज्य ब ाम एम एल क े शरी7 और अमरेन्द्र क ु मार मो पात्रा ब ाम उड़ीसा राज्य[8] क े वि ण(यों को अप्रयोज्य कर विदया।
3.2. पूण( न्यायपीठ द्वारा लिलए गए दृविष्टकोंण की पुविष्ट कर े ुए, इस न्यायालय े वि ष्कर्ष( वि काला:- “28. म उपरोt वि ष्कर्षŒ से स म ैं। विद ांक 23-8-2010 की अति सू- ा क े बाद वि युt विकए जा े वाले णिशक्षकों की वि युविt क े लिलए न्यू म योग्य ा की आवश्यक ा वाले का ू क े स्पष्ट ज ादेश क े मद्दे जर, इसमें कोई संदे ीं ै विक ऐसी योग्य ा क े विब ा कोई वि युविt स्वीकाय( ीं र्थीी। व (मा मामले में वि युविtयां स्पष्ट ः उt ति णिर्थी क े बाद की ैं। योग्य ा से संबंति अ ुप्रयोज्य वि यमों क े संदभ( में, छ ू ट क े प्राव ा को सीविम अवति क े लिलए या प ले से वि युt व्यविtयों क े संबं में लागू विकया जा सक ा ै। व (मा मामले में णिशक्षा विमत्र विद ांक 23-8-2010 की अति सू- ा से पूव( की श्रेणी में ीं आ े ैं, सिज की वि युविt को वि यविम विकया जा सक ा ै।
29. आगे, कविठ ाई जो स्पष् ः दर्शिश ो ी ै, व इस न्यायालय द्वारा लोक वि योज में संविवदात्मक रूप से वि युt व्यविtयों क े वि यविम ीकरण पर प्रति पाविद का ू ै। णिशक्षा विमत्रों की वि युविt क े वल संविवदात्मक 7 (2010) 9 एससीसी 247: (2010) 2 एससीसी (एल एण्ड़ एस) 826 8 (2014) 4 एससीसी 583: (2014) 2 एससीसी (एल एण्ड़ एस) 54 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" र्थीी, बन्विल्क य णिशक्षक क े लिलए वि ा(रिर योग्य ा क े अ ुरूप ीं र्थीी और ी णिशक्षक क े पद ाम क े और ी णिशक्षकों क े वे मा क े अ ुरूप र्थीी। इस प्रकार, उन् ें णिशक्षकों क े रूप में वि यविम ीं विकया जा सक ा र्थीा। वि यविम ीकरण क े वल अवि यविम ा का ो सक ा ै। इस न्यायालय द्वारा विदए गए अपवाद व (मा प्रक ृ ति क े मामले पर लागू ीं ो े ैं।
30. मारे इस वि ष्कर्ष( क े मद्दे जर विक णिशक्षा विमत्रों को कभी भी णिशक्षक क े रूप में अ ुप्रयोज्य योग्य ा क े अ ुसार वि युt ीं विकया गया र्थीा और आरटीई अति वि यम की ारा 23(2) क े छ ू ट आदेश द्वारा आच्छाविद ीं र्थीे, उन् ें उt अति वि यम की ारा 23(1) क े उल्लंघ में णिशक्षक क े रूप में वि युt ीं विकया जा सक ा र्थीा। राज्य योग्य ा को णिशणिर्थील कर े क े लिलए सक्षम ीं ै। … …...
32. एक ओर, मारे पास विवति क े उल्लंघ में वि यविम विकए जा े वाले
1.78 लाख व्यविtयों का दावा ै, दूसरी ओर विवति क े शास को ब ाए रख े और 6 से 14 वर्ष( की आयु क े बच्वों क े विवति व योग्य णिशक्षकों से गुणवत्तापूण( णिशक्षा प्राप्त कर े क े अति कार को भी ध्या में रख ा ै। इस प्रकार, भले ी एक काम-लाऊ व्यवस्र्थीा क े लिलए णिशक्षण अयोग्य णिशक्षकों द्वारा ो सक ा ै, योग्य णिशक्षकों को अं ः वि युt कर ा ोगा। णिशक्षा विमत्र क े अ ुभव को क ु छ वेटेज दे ा स्वीकाय( ो सक ा ै या आयु में क ु छ छ ू ट संभव ो सक ी ै, अवि वाय( योग्य ा को ीं छोड़ा जा सक ा ै। णिशक्षक क े रूप में णिशक्षा विमत्रों का वि यविम ीकरण स्वीकाय( ीं र्थीा। इस का ू ी न्विस्र्थीति क े मद्दे जर, मारे जवाब स्पष्ट ैं। में उच्च न्यायालय द्वारा लिलए गए दृविष्टकोण 3 में कोई त्रुविट ीं विमल ी उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ै।" 3.[3] ालाँविक, असा ारण थ्य की न्विस्र्थीति में, इस न्यायालय द्वारा वि म् लिललिख अवलोक विकए गए र्थीे:- “33. अब प्रश्न य ै विक क्या णिशक्षा विमत्र क े पक्ष में विकसी अति कार क े अभाव में, वे विकसी अन्य रा या वरीय ा क े कदार ैं। असा ारण थ्य की न्विस्र्थीति में, उन् ें भ: क े लिलए विव-ार कर े का अवसर विदया जा ा -ावि ए यविद उन् ों े अपेतिक्ष योग्य ा प्राप्त कर ली ै या वे अब अगली दो लगा ार भर्ति यों क े लिलए भ: क े लिलए विवज्ञाप ों क े संदभ( में अपेतिक्ष योग्य ा प्राप्त कर े ैं। उन् ें अप े अ ुभव क े लिलए उपयुt आयु में छ ू ट और क ु छ वेटेज भी विदया जा सक ा ै जो संबंति प्राति कारी द्वारा य विकया जाये। जब क वे इस अवसर का लाभ ीं उठा े, ब क राज्य उन् ें उसी श Œ पर णिशक्षा विमत्र क े रूप में जारी रख े क े लिलए स्व ंत्र ै, सिजस पर वे अप े समावेश से प ले काम कर र े र्थीे, यविद राज्य ऐसा य कर ा ै।"
4. आ ंद क ु मार यादव 2 में वि ण(य क े प्रस् र 33 में इस प्रकार वि द›श विदया गया विक णिशक्षा विमत्रों को वि म् व लाभ विदए जाएं:- क) भ: क े लिलए विव-ार कर े का अवसर यविद वे भ: क े लिलए विवज्ञाप क े संदभ( में अपेतिक्ष योग्य ा प्राप्त कर -ुक े ैं या प्राप्त करेंगे। ख) अगली दो लगा ार भर्ति यों क े लिलए; और ग) ऐसी भर्ति यों में, वे वि म् क े कदार ोंगे i) ) उपयुt आयु में छ ू ट; और i) i) ) उ क े अ ुभव क े लिलए क ु छ अति मा, जो संबंति प्राति कारी द्वारा य विकया जाए।
5. आ ंद क ु मार यादव वाद 2 में वि ण(य क े बाद, राज्य सरकार द्वारा विद ांक 21.08.2017 को एक प्रेस ोट जारी विकया गया, सिजसमें पूव t प्रस् र 33 में उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" वि द›शों को संदर्शिभ विकया गया और क ा गया: “1. उपरोt क े अ ुपाल क े Wम में, ऐसे णिशक्षकों क े लिलए सरकार, सिजन् ें णिशक्षक क े पद पर समावेणिश /समायोसिज विकया गया र्थीा, उन् ें विद ांक 1.8.2017 से णिशक्षा विमत्र क े पद पर वापस भेजा ुआ समझा जाएगा। उ क े पास अप े व (मा स्क ू ल में या अप ी मूल पोस्टिंस्टग क े स्क ू ल में ड्यूटी में शाविमल ो े का विवकल्प ोगा।
2. राज्य सरकार अक्टूबर 2017 में टीईटी की परीक्षा आयोसिज करेगी और ऐसे सभी णिशक्षा विमत्रों को आवश्यक योग्य ा प्राप्त कर े का अवसर प्रदा विकया जाएगा।
3. टीईटी परीक्षा आयोसिज ो े क े बाद, बोड( क े प्रार्थीविमक विवद्यालयों में स ायक णिशक्षकों क े -य क े प्रयोज ों क े लिलए, उति- संख्या में रिरविt का विवज्ञाप विदसंबर 2017 में प्रकाणिश विकया जाएगा और सभी पात्र आवेदकों को आवेद कर े का अवसर प्रदा विकया जाएगा।
4. मा ीय उच्च म न्यायालय द्वारा पारिर आदेश क े Wम में, “उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा (णिशक्षक) सेवा वि यम, 1981” में संशो लाया गया और स ायक णिशक्षकों क े रिरt पदों पर भ: क े प्रयोज ों क े लिलए, विवज्ञाप विदया जाएगा। शैक्षणिणक योग्य ा में उपरोt संशो लाया जाएगा और उस कारक का वि ा(रण विकया जाएगा जो वि म् ा ुसार ोगा: क). शैतिक्षक कारक क े आ ार पर -य क े प्रयोज ों क े लिलए उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा (णिशक्षक) सेवा वि यमावली, 1981 में मौजूदा और प्रस् ाविव संशो:- परिरणिशष्ट उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" शैतिक्षक कारक क े आ ार पर Wमांक परीक्षा मौजूदा प्रस् ाविव
1. ाई स्क ू ल 10% 10%
2. इंटरमीतिडएट 20% 20%
3. स् ा क/तिडग्री 40% 40%
4. बीटीसी प्रणिशक्षण प्रर्थीम श्रेणी-12 अंक (सिसद्धां ) प्रर्थीम श्रेणी-12 अंक (व्याव ारिरक) विद्व ीय श्रेणी-06 अंक (सिसद्धां ) विद्व ीय श्रेणी-06 अंक(व्याव ारिरक) ृ ीय श्रेणी-3 अंक (सिसद्धां ) ीसरा श्रेणी-3 अंक (व्याव ारिरक) प्रर्थीम श्रेणी-12 अंक (सिसद्धां ) प्रर्थीम श्रेणी-12 अंक (व्याव ारिरक) विद्व ीय श्रेणी-06 अंक (सिसद्धां ) विद्व ीय श्रेणी – 06 अंक (व्याव ारिरक) ृ ीय श्रेणी – 3 अंक (सिसद्धां ) ृ ीय श्रेणी – 3 अंक (व्यव ारिरक)
5. बोड( स्क ू लों में णिशक्षा विमत्र क े रूप में काम का अ ुभव प्रत्येक पूण( सेवा वर्ष( में णिशक्षा विमत्र क े रूप में उ क े द्वारा विकए गए काय( क े लिलए प्रति वर्ष( 2.[5] अंक लेविक अति क म वेटेज 25 अंक ै।
5. सभी णिशक्षा विमत्रों को 1.8.2017 से 10,000 रुपये प्रति मा का मा देय विदया जाएगा।"
6. विद ांक 09.11.2017 को, राज्य सरकार े 1981 वि यमावली9 में संशो कर े ुए उत्तर प्रदेश बेसिसक (णिशक्षक) सेवा (20 वाँ संशो ) वि यमावली, 2017 को अति सूति- विकया। वि म् लिललिख पदों को वि यम 2 में वि म् ा ुसार परिरभाविर्ष विकया गया र्थीा:- "( ) "णिशक्षक पात्र ा परीक्षा" से सरकार या भार सरकार द्वारा 9 उत्तर प्रदेश णिशक्षा (णिशक्षक) सेवा वि यमावली, 1981 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा अणिभप्रे ै; ( ) "णिशक्षक पात्र ा परीक्षा में अ (क अंक" णिशक्षक पात्र ा परीक्षा में अ (क अंक ऐसे अंक ोंगे जो राष्ट्रीय अध्यापक णिशक्षा परिरर्षद, ई विदल्ली द्वारा समय-समय पर विववि विकए जाएं; (प) "प्रणिशक्षु णिशक्षक" से ऐसा अभ्यर्थी: अणिभप्रे ै सिजस े बी. एड./बी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा)/डी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा) उत्तीण( की ै और उस े णिशक्षक पात्र ा परीक्षा भी उत्तीण( की ै और राष्ट्रीय अध्यापक णिशक्षा परिरर्षद (ए सीटीई) द्वारा मान्य ा प्राप्त प्रार्थीविमक णिशक्षा में छ म ी े क े विवशेर्ष प्रणिशक्षण काय(Wम को सफल ापूव(क पूरा कर े क े बाद जूवि यर बेसिसक स्क ू ल में स ायक णिशक्षक क े रूप में अंति म वि युविt क े लिलए -ु ा गया ै; (फ) "णिशक्षा विमत्र" से ऐसा व्यविt अणिभप्रे ै जो उत्तर प्रदेश बच्चों की वि: शुल्क और अवि वाय( णिशक्षा वि यमावली, 2011 क े प्रारंभ से पूव( सरकारी आदेशों क े अ ी बेसिसक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा सं-ालिल जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में ऐसे काय( कर ा ै; या एक व्यविt जो एक णिशक्षा विमत्र र ा ै और बेसिसक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा सं-ालिल जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में स ायक णिशक्षक क े रूप में वि युt विकया गया ै और एसएलपी संख्या 32599/2015 उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य ब ाम आ न्द क ु मार यादव और अन्य में शीर्ष( अदाल क े फ ै सले क े अ ुसरण में णिशक्षा विमत्र क े रूप में काम कर े क े लिलए वापस कर विदया गया ै। (ब) '' स ायक अध्यापक भ: परीक्षा '' से बेसिसक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा सं-ालिल जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में विकसी व्यविt की भ: क े लिलए सरकार द्वारा आयोसिज लिललिख परीक्षा अणिभप्रे ै; उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" (भ) "स ायक अध्यापक भ: परीक्षा क े अ (क अंक" से ऐसे न्यू म अंक अणिभप्रे ैं जो सरकार द्वारा समय-समय पर अव ारिर विकए जाएं। (म) "स ायक अध्यापक भ: परीक्षा क े माग(दश(क सिसद्धां " से ऐसे माग(दश(क सिसद्धां अणिभप्रे ैं जो सरकार द्वारा समय -समय पर अव ारिर विकए जाएं।"
6.1. अब वि यम 5 में वि र्निदष्ट णिशक्षकों की भ: क े वि म् स्त्रो र्थीे:- “5. भ: क े स्रो - ी-े उसिल्ललिख पदों की विवणिभन्न श्रेणिणयों में भ: का रीका वि म् ा ुसार ोगा: (क) (i) ) स(री स्क ू लों की अध्याविपकाएँ वि यम 14 में यर्थीा उपबन्विन् सी ी भ: द्वारा।
(i) i) ) जूवि यर बेसिसक स्क ू लों क े स ायक अध्यापक और स ायक अध्याविपकाएँ वि यम 14 में यर्थीा उपबन्विन् सी ी भ: द्वारा। (ख) (i) ) स(री स्क ू लों की प्र ा अध्याविपका वि यम 18 में यर्थीा उपबन्विन् पदोन्नति द्वारा।
(i) i) ) जूवि यर बेसिसक स्क ू लों क े प्र ा अध्यापक और प्र ा अध्याविपका वि यम 18 में यर्थीा उपबन्विन् पदोन्नति द्वारा।
(i) i) i) ) उच्च प्रार्थीविमक स्क ू लों क े लिलए विवज्ञा -गणिण क े स ायक णिशक्षक वि यम 18 में यर्थीा उपबन्विन् पदोन्नति द्वारा।
(i) v) उच्च प्रार्थीविमक स्क ू लों क े लिलए विवज्ञा -गणिण की स ायक अध्याविपका वि यम 18 में यर्थीा उपबन्विन् पदोन्नति द्वारा। (v) उच्च प्रार्थीविमक स्क ू लों क े लिलए विवज्ञा गणिण क े अलावा अन्य क े स ायक अध्यापक वि यम 18 में यर्थीा उपबन्विन् पदोन्नति द्वारा। (vi) ) उच्च प्रार्थीविमक स्क ू लों क े लिलए विवज्ञा गणिण क े अलावा अन्य की स ायक अध्याविपका वि यम 18 में यर्थीा उपबन्विन् पदोन्नति द्वारा।
(vi) i) ) बेसिसक स्क ू लों क े वि यम 18 में यर्थीा उपबन्विन् वरिरष्ठ में से प्र ा अध्यापकों की उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" पदोन्नति द्वारा।
(vi) i) i) ) बेसिसक स्क ू लों क े वि यम 18 में यर्थीा उपबन्विन् वरिरष्ठ में से प्र ा अध्याविपकाओं की पदोन्नति द्वारा। बश › विक यविद उपरोt (v) और (vi) ) में उसिल्ललिख पदों पर पदोन्नति क े लिलए उपयुt उम्मीदवार उपलब् ीं ों, ो वि यम 15 में वि ा(रिर रीक े से सी ी भ: द्वारा वि युविt की जा सक ी ै।"
6.2. वि यम 5 क े खंड (क) में वि र्निदष्ट पदों पर वि युविt क े लिलए आवश्यक योग्य ा वि यम 8 (1) में वि म् ा ुसार वि ा(रिर की गई र्थीीः- "8. शैक्षणिणक योग्य ा-(1) वि यम 5 क े खंड (क) में वि र्निदष्ट पद पर वि युविt क े लिलए उम्मीदवारों की आवश्यक योग्य ा वि म् ोगी, जैसा विक प्रत्येक क े सापेक्ष ी-े विदखाया गया ै: पद शैतिक्षक योग्य ा (i) ) स(री स्क ू ल की अध्याविपकाएँ भार में विवति द्वारा स्र्थीाविप विवश्वविवद्यालय से स् ा क की तिडग्री या इसक े समकक्ष सरकार द्वारा मान्य ा प्राप्त विकसी तिडग्री क े सार्थी उत्तर प्रदेश क े मान्य ा प्राप्त प्रणिशक्षण संस्र्थीा से णिशक्षण प्रमाण पत्र ( स(री) और इसक े समकक्ष सरकार द्वारा मान्य ा प्राप्त कोई अन्य प्रणिशक्षण पाठ्यWम र्थीा सरकार या भार सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा उत्तीण( ो।
(i) i) ) जूवि यर बेसिसक स्क ू लों क े स ायक अध्यापक और स ायक अध्याविपकाएँ i) i). (क) भार में विवति द्वारा स्र्थीाविप विकसी विवश्वविवद्यालय से स् ा क की तिडग्री या इसक े समकक्ष सरकार द्वारा मान्य ा प्राप्त विकसी तिडग्री क े सार्थी सरकार द्वारा मान्य ा प्राप्त समकक्ष कोई अन्य प्रणिशक्षण पाठ्यWम क े सार्थी-सार्थी बेसिसक णिशक्षक प्रमाणपत्र (बीटीसी), दो साल की बीटीसी (उदू() विवणिशष्ट उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" बीटीसी की प्रणिशक्षण अ ( ा। भार क े पु वा(स परिरर्षद द्वारा अ ुमोविद णिशक्षा (विवशेर्ष णिशक्षा) में दो वर्ष( का तिडप्लोमा या प्रारंणिभक णिशक्षा (बी. ई. एल. एड.) में -ार वर्ष( की तिडग्री, राष्ट्रीय णिशक्षा परिरर्षद (मान्य ा, मा दंड और प्रविWया) क े अ ुरूप दो साल की प्रारंणिभक णिशक्षा में तिडप्लोमा (सिजस भी ाम से जा ा जा ा ो), प्रार्थीविमक णिशक्षा में णिशक्षकों की भ: क े लिलए राष्ट्रीय अध्यापक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा जोड़ा जा े वाला विववि यम या कोई प्रणिशक्षण योग्य ा और सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा उत्तीण( ो र्थीा सरकार द्वारा आयोसिज स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा उत्तीण( की ो। (ख) एक प्रणिशक्षु णिशक्षक सिजस े राष्ट्रीय अध्यापक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा मान्य ा प्राप्त प्रार्थीविमक णिशक्षा में छ म ी े का विवशेर्ष प्रणिशक्षण काय(Wम सफल ापूव(क पूरा विकया ो। (ग) एक शीशविमत्र, सिजसक े पास भार में विवति द्वारा स्र्थीाविप विकसी विवश्वविवद्यालय से स् ा क की तिडग्री या उसक े सम ुल्य सरकार द्वारा मान्य ा प्राप्त तिडग्री ै और उस े राज्य शैतिक्षक अ ुसं ा और प्रणिशक्षण परिरर्षद द्वारा सं-ालिल दो वर्ष( का दूरस्र्थी णिशक्षा बी. टी. सी. पाठ्यWम या बेसिसक णिशक्षक प्रमाणपत्र (बी. टी. सी.), बेसिसक णिशक्षक प्रमाणपत्र (बी. टी. सी.) (उदू() या विवणिशष्ट बी. टी. सी. सफल ापूव(क पूरा विकया ो और भार सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा उत्तीण( की ो और सरकार द्वारा आयोसिज स ायक अध्यापक भ: परीक्षा उत्तीण( की ो।
(i) i) i) ) प्रणिशक्षु णिशक्षक i) i) i). भार में विवति द्वारा स्र्थीाविप विवश्वविवद्यालय से स् ा क की तिडग्री या उसक े समकक्ष सरकार द्वारा मान्य ा प्राप्त कोई तिडग्री क े सार्थी बी. एड./बी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा)/डी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा) योग्य ा और सरकार द्वारा या भार सरकार द्वारा उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा उत्तीण( की ो। ालाँविक, बी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा)/डी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा) की न्विस्र्थीति में क े वल भार ीय पु वा(स परिरर्षद (आरसीआई) द्वारा मान्य ा प्राप्त विकसी पाठ्यWम पर विव-ार विकया जाएगा।” इस प्रकार, णिशक्षा विमत्र 'जूवि यर बेसिसक स्क ू लों क े स ायक अध्यापक और स ायक अध्याविपकाओं' क े पदों पर वि युविt क े लिलए पात्र ो गए और वि यम 8 में ब ाई गई आवश्यक शैक्षणिणक योग्य ाएं वि म् र्थीीं:- क) विवश्वविवद्यालय से स् ा क की तिडग्री। ख) बीटीसी पाठ्यWम का दो वर्ष( का दूरस्र्थी अध्यय या इसक े समकक्ष पाठ्यWम को सफल ापूव(क पूरा कर ा। (ग) णिशक्षक पात्र ा परीक्षा (संक्षेप में टीईटी) उत्तीण(। घ) राज्य सरकार द्वारा आयोसिज स ायक अध्यापक भ: परीक्षा (संक्षेप में "एटीआरई") को उत्तीण( कर ा।
6.3. वि यम 14 जो रिरविtयों क े वि ा(रण और सू-ी ैयार कर े क े बारे में ब ा ा ै, इस प्रकार ै: - "14. रिरविtयों का वि ा(रण और सू-ी ैयार कर ा - (1)(क) वि यम 5 क े खंड (क) क े अ ी स(री स्क ू लों की अध्याविपका और जूवि यर बेसिसक स्क ू लों क े स ायक अध्यापक या स ायक अध्याविपका क े पद पर सी ी भ: द्वारा वि युविt क े संबं में, वि युविt प्राति कारी रिरविtयों की संख्या का वि ा(रण करेगा, सार्थी ी वि यम 9 क े अ ी अ ुसूति- जाति यों, अ ुसूति- ज जाति यों, विपछड़े वगŒ और अन्य श्रेणिणयों क े उम्मीदवारों क े लिलए आरतिक्ष रिरविtयों की संख्या का वि ा(रण करेगा और राज्य में सार्थी ी संबंति सिजले में पया(प्त प्रसार उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" वाले कम से कम दो प्रमुख दैवि क समा-ार पत्रों में वि ा(रिर प्रणिशक्षण योग्य ा रख े वाले और सरकार द्वारा या भार सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा उत्तीण( और सरकार द्वारा आयोसिज स ायक अध्यापक णिशक्षक भ: परीक्षा उत्तीण( उम्मीदवारों से आवेद आमंवित्र करेगा। (ख) सरकार समय-समय पर उ उम्मीदवारों को वि युt कर े का वि ण(य ले सक ी ै, जो स् ा क ो े क े सार्थी-सार्थी डी. एड./बी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा)/डी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा) ैं और सिजन् ों े प्रणिशक्षु णिशक्षकों क े रूप में सरकार या भार सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा भी उत्तीण( की ै। वि युविt क े बाद इ उम्मीदवारों को राष्ट्रीय अध्यापक णिशक्षा परिरर्षद (ए सीटीई) द्वारा मान्य ा प्राप्त प्रार्थीविमक णिशक्षा में छ म ी े क े विवशेर्ष प्रणिशक्षण काय(Wम से गुजर ा ोगा। वि युविt प्राति कारी रिरविtयों की संख्या का, सार्थी ी वि यम 9 क े अ ुसूति- जाति, अ ुसूति- ज जाति, विपछड़ा वग( और अन्य श्रेणिणयों से संबंति उम्मीदवारों क े लिलए आरतिक्ष रिरविtयों की संख्या का वि ा(रण करेगा और राज्य में सार्थी ी संबंति सिजले में पया(प्त प्रसार वाले कम से कम दो प्रमुख दैवि क समा-ार पत्रों में उ छात्रों से आवेद आमंवित्र कर े ुए विवज्ञाप प्रकाणिश करेगा जो स् ा क ैं सार्थी ी बी. एड./बी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा)/डी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा) ैं और सिजन् ो ें सरकार द्वारा या भार सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा भी उत्तीण( की ो। (ग) प्रारंणिभक णिशक्षा में छ म ी े क े विवशेर्ष प्रणिशक्षण को सफल ापूव(क पूरा कर े का प्रमाण पत्र प्राप्त कर े क े बाद प्रणिशक्षु णिशक्षकों को वि यविम वे मा में मूल पद क े सापेक्ष जूवि यर बेसिसक स्क ू ल में स ायक णिशक्षक उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" क े रूप में वि युt विकया जाएगा। वि युविt प्राति कारी उt प्रणिशक्षण क े सफल समाप क े प्रमाण पत्र जारी कर े क े एक म ी े क े भी र स ायक णिशक्षक क े रूप में प्रणिशक्षु णिशक्षकों को वि युt कर े क े लिलए बाध्य ोगा। (2) वि युविt प्राति कारी वि यम 14 क े उप-वि यम (1) क े खंड (ए) या (बी) क े विवज्ञाप क े अ ुसरण में प्राप्त आवेद ों की जां- करेगा और ऐसे व्यविtयों की एक सू-ी ैयार करेगा जो वि ा(रिर शैक्षणिणक योग्य ा रख े वाले प्र ी ो े ैं और वि युविt क े लिलए पात्र ोंगे । (3) (क) वि यम 14 क े उप-वि यम (1) क े खंड (क) क े अ ुसार उप-वि यम (2) क े ैयार की गई सू-ी में उम्मीदवारों क े ाम ब इस र से व्यवन्विस्र्थी विकए जाएंगे विक उम्मीदवार को परिरणिशष्ट-I में वि र्निदष्ट गुणवत्ता बिंबदुओं और अति मा क े अ ुसार व्यवन्विस्र्थी विकया जाएगा: बश › विक यविद दो या दो से अति क उम्मीदवार समा अंक प्राप्त कर े ैं, ो उम्र में वरिरष्ठ उम्मीदवार को ऊपर रखा जाएगा। (ख) वि यम 14 क े उप-वि यम (1) क े खंड (ख) क े अ ुसार उप- वि यम (2) क े ैयार की गई सू-ी में उम्मीदवारों क े ाम ब इस र से व्यवन्विस्र्थी विकए जाएंगे विक उम्मीदवार को परिरणिशष्ट-II में वि र्निदष्ट गुणवत्ता बिंबदुओं क े अ ुसार व्यवन्विस्र्थी विकया जाएगा: बश › विक यविद दो या दो से अति क उम्मीदवार समा अंक प्राप्त कर े ैं, ो उम्र में वरिरष्ठ उम्मीदवार को ऊपर रखा जाएगा। (ग) स ायक णिशक्षक क े रूप में वि युविt क े लिलए वि यम 14 क े खंड (ग) उप-वि यम (1) क े अ ुसार ैयार की गई सू-ी में उम्मीदवारों क े ाम वि यम 14 क े खंड (ख) उप-वि यम (3) क े ैयार की गई सू-ी क े उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" समा ोंगे जब क विक उt सू-ी क े अभ्यर्थी: अप े प ले प्रयास में प्रारंणिभक णिशक्षा में छ म ी े क े विवशेर्ष प्रणिशक्षण पाठ्यWम को सफल ापूव(क पूरा कर े में असमर्थी( ीं ों। यविद अभ्यर्थी: अप े दूसरे और अंति म प्रयास में छ म ी े का विवशेर्ष प्रणिशक्षण सफल ापूव(क पूरा कर ले ा ै, ो अभ्यर्थी: का ाम उ सभी अभ्यर्शिर्थीयों क े ाम क े ी-े रखा जाएगा सिजन् ों े अप े प ले प्रयास में छ म ी े का विवशेर्ष प्रणिशक्षण पूरा कर लिलया ै। (4) कोई भी व्यविt वि युविt क े लिलए पात्र ीं ोगा जब क विक उसका ाम उप-वि यम (2) क े ैयार की गई सू-ी में शाविमल ो। (5) वि यम 14 क े उप-वि यम (3) क े खण्ड (क) और (ख) क े अ ुसार, उप-वि यम (2) क े ैयार और व्यवन्विस्र्थी सू-ी को वि युविt प्राति कारी द्वारा -य सविमति को भेज विदया जाएगा।"
6.4. 20 वें संशो द्वारा यर्थीासंशोति वि यम 14 (3) (क) संदभ(योग्य परिरणिशष्ट I और वि यम 14 (3) (ख) संदभ(योग्य परिरणिशष्ट II वि म् ा ुसार र्थीे: - ” परिरणिशष्ट-I 10 [वि यम 14 (3)क देखें] अभ्यर्शिर्थीयों क े -य क े लिलए अ ( ा अंक और अति मा परीक्षा/तिडग्री का ाम गुणवत्ता अंक
1. ाई स्क ू ल परीक्षा में अंकों का प्रति श x 10 /100
10. परिरणिशष्ट-I अति सू- ा संख्या 2282/LXXIX-5-2017-282-98 विद ांक 9 वंबर, 2017 (बीसवाँ संशो ) वि यमावली, 2017 द्वारा प्रति स्र्थीाविप । उत्तर प्रदेश राजपत्र में प्रकाणिश, भाग 4, अ ुभाग (क), विद ांक 9 वंबर 2017 (विद ांक 9.11.2017 से)। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"
2. इंटरमीतिडएट परीक्षा में अंकों का प्रति श x 10 /100
3. स् ा क तिडग्री परीक्षा में अंकों का प्रति श x 10 /100
4. बीटीसी प्रणिशक्षण परीक्षा में अंकों का प्रति श x 10 /100
5. स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा में अंकों का प्रति श x 60 /100
6. अति मा बेसिसक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा सं-ालिल जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में णिशक्षा विमत्रों क े रूप में या णिशक्षक क े रूप में काय( कर े वालों का णिशक्षण अ ुभव। 2.[5] अंक प्रति पूण( णिशक्षण वर्ष(, अति क म 25 अंक क, जो भी कम ो। ोट I - यविद दो या दो से अति क अभ्यर्शिर्थीयों क े पास समा अ ( ा अंक ैं, ो उम्र में वरिरष्ठ अभ्यर्थी: का ाम सू-ी में ऊपर रखा जाएगा।
2. यविद दो या अति क अभ्यर्शिर्थीयों क े पास समा गुणवत्ता अंक और आयु ै, ो अभ्यर्शिर्थीयों का ाम अंग्रेजी वण(माला Wम में सू-ी में रखा जाएगा।” ” परिरणिशष्ट-II11 [वि यम 14 (3) (ख) देलिखए] अभ्यर्शिर्थीयों क े -य क े लिलए गुणवत्ता अंक परीक्षा/तिडग्री का ाम गुणवत्ता अंक
1. ाई स्क ू ल अंकों का प्रति श /10
2. इंटरमीतिडएट अंकों का प्रति श x 2/10
3. स् ा क तिडग्री अंकों का प्रति श x 4/10
4. बै-लर ऑफ एजुक े श (बी. एड.)/बी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा)/बी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा) अंकों का प्रति श x 3/10 11 (सोल वां संशो ) अति सू- ा संख्या 3338/LXXIX-5-2012-14 (10)-2010,LXXIX-5-2012-14 (10)-2010, विद ांविक 4 विदसंबर 2012 (4-12-2012 से) द्वारा परिरणिशष्ट अं ःस्र्थीाविप, उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ोट-यविद दो या दो से अति क अभ्यर्शिर्थीयों क े पास समा गुणवत्ता ै, ो उस अभ्यर्थी: का ाम जो उम्र में वरिरष्ठ ै, को सू-ी में उच्च स्र्थीा पर रखा जाएगा। यविद दो या अति क अभ्यर्शिर्थीयों क े पास समा गुणवत्ता बिंबदु और आयु ै, ो अभ्यर्थी: का ाम अंग्रेजी वण(माला Wम में सू-ी में रखा जाएगा।”
7. विद ांक 09.01.2018 को, जूवि यर बेसिसक स्क ू लों क े लिलए स ायक णिशक्षकों क े 68,500 पदों को भर े क े लिलए 2018 में आयोसिज ो े वाली एटीआरई ('एटीआरई-2018', संक्षेप में) क े लिलए विदशा-वि द›श दे े ुए एक जी.ओ. जारी विकया गया र्थीा। जी. ओ. क े संलग्नक क े प्रस् र 7 में एटीआरई 2018 क े लिलए न्यू म योग्य ा अंक वि ा(रिर विकए गए र्थीे, जो विक 150 में से न्यू म 67 अंक अर्थीा( सामान्य वग( और ओबीसी वग( क े अभ्यर्शिर्थीयों क े लिलए 45% और 150 में से 60 अंक या ी एससी/एसटी अभ्यर्शिर्थीयों क े लिलए 40% र्थीा। जी.ओ. क े संलग्नक का प्रस् र 4.1, 5 और 7 वि म् र्थीे:- "4. आवेद क े लिलए न्यू म योग्य ा: - (1) उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा (णिशक्षक) सेवा (20 वाँ संशो ) वि यमावली, 2017 क े वि यम 8 में वर्शिण शैक्षणिणक योग्य ा, प्रणिशक्षण उत्तीण(, भार सरकार या राज्य सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा (प्रार्थीविमक स् र) उत्तीण( अभ्यर्थी: स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा, 2018 में आवेद कर े क े लिलए पात्र ोंगे।
5. स ायक अध्यापकों की भ: परीक्षा की विवर्षय वस् ु और संर- ा: - सति-व, उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा परिरर्षद, इला ाबाद क े काया(लय द्वारा और विवज्ञाप क े अ ुसार, सिजसे विवज्ञाप संख्या णिशक्षा उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" परिरर्षद/15876/2017-18 विद ांक 28.10.2017 में प्रकाणिश विकया गया ै:- परीक्षा का समय 3.00 घंटे, क ु ल अंक 150 प्रश्न का प्रकार ब ु छोटे प्रश, प्रश्न की संख्या 150, विवर्षय वस् ु का स् र:- (1) बिं दी भार्षा, संस्क ृ और अंग्रेजी, विवज्ञा, गणिण, पया(वरण और सामासिजक अध्यय (कक्षा 12 स् र क)। (2) णिशक्षण दक्ष ा, बाल म ोविवज्ञा, सू- ा प्रौद्योविगकी, जीव दक्ष ा प्रबं और अणिभवृलित्त -(डीएल एड पाठ्यWम क)। विवर्षय पाठ्यWम अंक वि न्दी भार्षा, संस्क ृ और अंग्रेजी व्याकरण और अपविठ क ा ी और कविव ा, व्याकरण आ ारिर प्रश्न 40 विवज्ञा दैवि क जीव में विवज्ञा, गति बल, ऊजा(, दूरी, प्रकाश, ध्ववि, प्राणी की दुवि या, स्वस्र्थी मा व शरीर, स्वच्छ ा और पोर्षण, पया(वरण और प्राक ृ ति क संसा, माल और वस् ुओं की न्विस्र्थीति । गणिण संख्यात्मक योग्य ा, गणिण ीय संविWयाएं, दशमलव, स्र्थीा वै ा, परिरव (, ब्याज, लाभ- ावि, प्रति श विवभाज, कारक, एकात्मक वि यम, सामान्य बीज गणिण, क्षेत्र औस आय, अ ुपा और सभी समस्याएं, सामान्य ज्याविमति, सामान्य साँन्विख्यकी पया(वरण और सामान्य अध्यय पृथ्वी का वि मा(ण, विदयाँ, प ाड़, द्वीप, समुद्र और जीव, प्राक ृ ति क संपदा, अक्षांश और देशां र, सौर प्रणाली, भार ीय भूगोल, भार स्व ंत्र ा आंदोल, भार ीय सामासिजक सु ार, भार का संविव ा, मारी शासकीय व्यवस्र्थीा, या ाया और सड़क सुरक्षा, भार ीय अर्थी(शास्त्र और -ु ौति यों, मारी सांस्क ृ ति क पूव(ज, पया(वरण संरक्षण, प्राक ृ ति क आपदा प्रबं णिशक्षण दक्ष ा णिशक्षण और दक्ष ा का रीका, णिशक्षण का सिसद्धां, व (मा भार ीय 10 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" सामासिजक और प्रार्थीविमक णिशक्षा, समावेशी णिशक्षा, प्रारंणिभक णिशक्षा का या प्रयास, शैतिक्षक मूल्यांक और प्रारंणिभक णिशक्षा दक्ष ा माप, शैतिक्षक प्रबं और प्रशास बाल म ोविवज्ञा व्यविtग विवविव ा, बच्चे क े विवकास को प्रभाविव कर े वाले कारक, सीख े की आवश्यक ा की प -ा, पढ़ े क े वा ावरण क े सिसद्धां का वि मा(ण और कक्षा णिशक्षा में इसका व्याव ारिरक उपयोग और गुण-अवगुण, विवकलांग (विदव्यांगज ) छात्रों क े लिलए विवशेर्ष व्यवस्र्थीा। सामान्य ज्ञा /समसमातिय की म त्वपूण( व (मा मामले-अं रा(ष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य से संबंति म त्वपूण( घट ाएँ, व्यविtत्व, वि मा(ण, अं रा(ष्ट्रीय, राज्य से संबंति, म त्वपूण( दुघ(ट ा स्र्थील, व्यविtत्व, वि मा(ण, अं रा(ष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कार/खेल, भार ीय संस्क ृ ति और कला आविद। ार्निकक ज्ञा समादृश्य ा, दावे और कारण, विद्वआ ारी क (, वग:करण, घड़ी और क ै लेंडर, कोडेड असमा ा, कोडिंडग-तिडकोडिंडग, समीक्षात्मक क (, घ संख्या Wम, प ेली, प्र ीक और अंक, वै आरेख और पासा, आँकड़ा व्याख्या, विदशा अर्थी( परीक्षण, समू ीकरण और -य, संदभ(, अक्षर श्रृंखला। सू- ा प्रौद्योविगकी विवकास णिशक्षण दक्ष ा, कला णिशक्षण और स्क ू ल प्रबं क्षेत्र में सू- ा प्रौद्योविगकी क ं प्यूटर, इंटर ेट, स्माट(फो, ओईआर (ओप एजुक े श ल रिरसोस(), णिशक्षा क े म त्वपूण( एप, तिडसिजटल, णिशक्षा सामग्री क े उपयोग क े बारे में जा कारी। जीव दक्ष ा/प्रबं और अणिभरुति- वाणिणन्विज्यक प्रक ृ ति और ीति, णिशक्षण की प्रेरणात्मक भूविमका (सुविव ा दा ा, श्रो ा, माग(दश(क, प्रेरक, सला कार), संवै ावि क और मा वीय योग्य ा, सजा और पुरस्कार व्यवस्र्थीा और इसका प्रभावी उपयोग। … …...
7. अ (क अंक:
1. स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा में भाग ले े वाले अभ्यर्शिर्थीयों का परीक्षा परिरणाम वेबसाइट पर जारी विकया/विदया जाएगा। सामान्य और ओबीसी उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" वग( क े अभ्यर्शिर्थीयों क े लिलए, जो क ु ल 150 अंकों में से 67 अंक प्राप्त कर े ैं, अर्थीा( 45% अंक या उससे अति क प्राप्त कर े ैं और ब क े वल उ सामान्य और ओबीसी वग( क े अभ्यर्शिर्थीयों को स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा में उत्तीण( प्रमाण पत्र जारी विकया जाएगा।
2. अ ुसूति- जाति /अ ुसूति- ज जाति क े अभ्यर्शिर्थीयों क े लिलए न्यू म अ ( ा अंक 40% अर्थीा( ् 150 अंकों में से 60 अंक ोंगा।
3. क े वल स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा उत्तीण( कर े से उ उम्मीदवारों को रोजगार का कोई अति कार ीं विमलेगा क्योंविक इस वि युविt क े लिलए क े वल य पात्रा मा दण्ड़ों में से एक ै।"
8. विद ांक 15.03.2018 को, 22 वें संशो द्वारा, वि यमावली 1981 में संशो विकया गया र्थीा, सिजसमें वि यम 8 में वि वि आवश्यक योग्य ा से एटीआरई उत्तीण( कर े की आवश्यक ा को टा विदया गया र्थीा। ालांविक स ायक णिशक्षकों क े -य की प्रविWया क े लिलए संबंति वि यम 14 में आवश्यक ा को बरकरार रखा गया र्थीा। वि यम 8 (1) का प्रासंविगक भाग जो "जूवि यर बेसिसक स्क ू लों क े स ायक अध्यापक और स ायक अध्याविपकाओं" क े लिलए शैक्षणिणक योग्य ा से संबंति ै, इस प्रकार ै:- “i) i). (क) भार में विवति द्वारा स्र्थीाविप विकसी विवश्वविवद्यालय से स् ा क की तिडग्री या उसक े समकक्ष सरकार द्वारा मान्य ा प्राप्त कोई तिडग्री क े सार्थी सरकार द्वारा मान्य ा प्राप्त विकसी अन्य प्रणिशक्षण पाठ्यWम क े सार्थी-सार्थी बेसिसक णिशक्षक प्रमाण पत्र (बीटीसी), दो वर्ष( बीटीसी (उदू() विवणिशष्ट बीटीसी की प्रणिशक्षण योग्य ा। भार ीय पु वा(स परिरर्षद द्वारा अ ुमोविद दो वर्ष( का णिशक्षा में तिडप्लोमा (विवशेर्ष णिशक्षा) या प्रार्थीविमक णिशक्षा में -ार वर्ष( की तिडग्री (बी. एल. एड.), राष्ट्रीय अध्यापक णिशक्षा परिरर्षद (मान्य ा, मा दंड और प्रविWया) विववि यम, 2002 क े अ ुरूप उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" प्रार्थीविमक णिशक्षा में दो वर्ष( का तिडप्लोमा या णिशक्षकों की भ: क े लिलए राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा जोड़ी जा े वाली कोई प्रणिशक्षण योग्य ा। और सरकार या भार सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा उत्तीण( ो।" -य की प्रविWया से संबंति वि यम 14 वि म् ा ुसार प्रति स्र्थीाविप विकया गया:- “14(1)(क)- रिरविtयों का वि ा(रण स(री स्क ू लों की अध्याविपका और वि यम 5 क े खंड (क) क े जूवि यर बेसिसक स्क ू लों क े स ायक अध्यापक या स ायक अध्याविपका क े पद पर सी ी भ: द्वारा वि युविt क े संबं में, वि युविt प्राति कारी रिरविtयों की संख्या का वि ा(रण करेगा, सार्थी ी वि यम 9 क े अ ुसूति- जाति, अ ुसूति- ज जाति, विपछड़ा वग( और अन्य श्रेणिणयों से संबंति उम्मीदवारों क े लिलए आरतिक्ष ो े वाली रिरविtयों की संख्या का भी वि ा(रण करेगा और राज्य क े सार्थी-सार्थी संबंति सिजले में भी पया(प्त प्रसारिर ो े वाले कम से कम दो प्रमुख दैवि क समा-ार पत्रों में वि ा(रिर प्रणिशक्षण योग्य ा रख े वाले और सरकार द्वारा या भार सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा उत्तीण( और सरकार द्वारा आयोसिज स ायक परीक्षक भ: परीक्षा उत्तीण( अभ्यर्शिर्थीयों से आवेद मांग े ुए प्रकाणिश करायेगा। (ख) भ: परीक्षा- जूवि यर बेसिसक स्क ू ल क े स ायक अध्याविपका या स ायक अध्याविपका की भ: क े लिलए खंड (क) क े प्रत्येक अति सूति- रिरविt क े लिलए सरकार द्वारा एक अलग स ायक परीक्षक उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" भ: परीक्षा आयोसिज की जाएगी। (ग) सरकार समय-समय पर उ उम्मीदवारों को वि युt कर े का वि ण(य ले सक ी ै, जो स् ा क क े सार्थी बी. एड/बी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा)/डी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा) ैं और सिजन् ों े प्रणिशक्षु णिशक्षकों क े रूप में सरकार या भार सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा भी उत्तीण( की ै। वि युविt क े बाद इ उम्मीदवारों को राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद (NCTE) ) द्वारा मान्य ा प्राप्त प्रार्थीविमक णिशक्षा में छ म ी े का प्रणिशक्षण काय(Wम से गुजर ा ोगा। वि युविt प्राति कारी रिरविtयों की संख्या का वि ा(रण करेगा, सार्थी ी वि यम 9 क े अ ुसूति- जाति, अ ुसूति- ज जाति, विपछड़ा वग( और अन्य श्रेणिणयों से संबंति उम्मीदवारों क े लिलए आरतिक्ष ो े की संख्या का भी वि ा(रण करेगा और कम से कम दो प्रमुख दैवि क समा-ार पत्रों में सिज का राज्य में सार्थी ी संबंति सिजले में पया(प्त प्रसार ो, उ में उ उम्मीदवारों से आवेद आमंवित्र कर े ुए विवज्ञाप जारी विकया जाएगा जो स् ा क क े सार्थी बी. एड./बी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा)/डी. एड. (विवशेर्ष णिशक्षा) ैं और सिजन् ों े सरकार या भार सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा भी उत्तीण( की ै और सरकार द्वारा आयोसिज स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा उत्तीण( की ो। (घ) प्रारंणिभक णिशक्षा में छ म ी े क े विवशेर्ष प्रणिशक्षण क े सफल समाप का प्रमाण पत्र प्राप्त कर े क े बाद प्रणिशक्षु णिशक्षकों को वि यविम वे मा में मूल पद क े सापेक्ष जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में स ायक णिशक्षक क े रूप में वि युt विकया जाएगा। वि युविt प्राति कारी उt प्रणिशक्षण क े सफल समाप क े प्रमाण पत्र जारी कर े क े एक म ी े क े भी र स ायक णिशक्षक क े रूप में प्रणिशक्षु णिशक्षकों को वि युt कर े क े लिलए बाध्य उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ोगा। (2) मेरिरट सू-ी ैयार कर ा- वि युविt प्राति कारी उप-वि यम (1) क े खंड (ए) या खंड (सी) क े विवज्ञाप क े अ ुसरण में प्राप्त आवेद ों की जां- करेगा और वि ा(रिर शैक्षणिणक योग्य ा रख े वाले और स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा वि युविt क े लिलए पात्र व्यविtयों की एक मेरिरट सू-ी ैयार करेगा। (3) (क) वि यम 14 क े उपवि यम (1) क े खंड (क) क े अ ुरूप उपवि यम (2) क े अ ी ैयार की गई सू-ी में अभ्यर्शिर्थीयों क े ाम ऐसी रीति से व्यवन्विस्र्थी विकए जाएंगे विक अभ्यर्थी: परिरणिशष्ट - में विववि र्निदष्ट गुणवत्ता बिंबदुओं और अति मा क े अ ुसार व्यवन्विस्र्थी र े। बश › विक यविद दो या दो से अति क उम्मीदवार समा अंक प्राप्त कर े ैं, ो उम्र में वरिरष्ठ उम्मीदवारों को उच्च स्र्थीा पर रखा जाएगा। बश › विक बेसिसक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा सं-ालिल जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में णिशक्षा विमत्र क े रूप में काय( कर े वाले व्यविt को स ायक णिशक्षक क े पद की भ: में क े वल 25 जुलाई, 2017 क े बाद सरकार द्वारा आयोसिज दो लगा ार स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा में अति मा विदया जाएगा। (ख) वि यम 14 क े उपवि यम (1) क े खंड (सी) क े अ ुरूप उप- वि यम (2) क े अ ी ैयार की गई सू-ी में अभ्यर्शिर्थीयों क े ाम ऐसी रीति से व्यवन्विस्र्थी विकए जाएंगे विक अभ्यर्थी: की व्यवस्र्थीा परिरणिशष्ट-II में विववि र्निदष्ट गुणवत्ता बिंबदुओं क े अ ुसार ो: बश › विक यविद दो या दो से अति क उम्मीदवार समा अंक प्राप्त कर े ैं, ो उम्र में वरिरष्ठ उम्मीदवार को ऊपर रखा जाएगा। (ग) स ायक णिशक्षक क े रूप में वि युविt क े लिलए वि यम 14 क े उप- वि यम (1) क े खंड (घ) क े अ ुसार ैयार सू-ी में उम्मीदवारों क े ाम उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" वि यम 14 क े खंड (ग) उप-वि यम (3) क े ैयार की गई सू-ी क े समा ोंगे, जब क विक उt सू-ी क े उम्मीदवार अप े प ले प्रयास में प्रारंणिभक णिशक्षा में छ म ी े क े विवशेर्ष प्रणिशक्षण पाठ्यWम को सफल ापूव(क पूरा कर े में असमर्थी( ीं ो। यविद उम्मीदवार अप े दूसरे और अंति म प्रयास में छ म ी े का विवशेर्ष प्रणिशक्षण सफल ापूव(क पूरा कर ले ा ै, ो उम्मीदवार का ाम उ सभी उम्मीदवारों क े ाम क े ी-े रखा जाएगा सिजन् ों े अप े प ले प्रयास में छ म ी े का विवशेर्ष प्रणिशक्षण पूरा कर लिलया ै। (4) कोई भी व्यविt वि युविt क े लिलए पात्र ीं ोगा जब क विक उसका ाम उप-वि यम (2) क े ैयार की गई सू-ी में शाविमल ो। (5) वि यम 14 क े उप-वि यम (3) क े खंड (ए) और (बी) क े अ ुसार व्यवन्विस्र्थी और उप-वि यम (2) क े ैयार की गई सू-ी को वि युविt प्राति कारी द्वारा -य सविमति को अग्रेविर्ष विकया जाएगा।"
9. मा-(, 2018 में, टीईटी परीक्षा आयोसिज की गई र्थीी, सिजसमें लगभग 3,86,000 उम्मीदवारों सवि लगभग 40,000 णिशक्षा विमत्र उत्तीण( ुए।
10. विद ांक 21.05.2018 को, Wमशः सामान्य और आरतिक्ष श्रेणिणयों क े लिलए 45-40% से 33-30% क े अ ( ा अंकों को णिशणिर्थील कर े ुए एक जी.ओ. जारी विकया गया र्थीा। क ु छ उम्मीदवारों द्वारा रिरट याति-का सं. 2040[4] वर्ष( 2018 को दायर करक े इस छ ू ट को -ु ौ ी दी गई र्थीी और उt जी.ओ. क े प्रव ( को उच्च न्यायालय क े आदेश विद ांक 23.07.2018 द्वारा रोक विदया गया र्थीा।
11. विद ांक 27.05.2018 को एटीआरई-2018 आयोसिज विकया गया र्थीा। परिरणाम में, 41,556 उम्मीदवारों को 45-40% क े अ ( ा अंक क े सार्थी उत्तीण( घोविर्ष विकया गया र्थीा, सिज में से 40296 उम्मीदवारों े काउंसलिंलग क े लिलए आवेद विकया र्थीा और 13.08.2018 को वि युविt क े लिलए -ु े गए र्थीे। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" पु मू(ल्यांक प्रविWया क े बाद इस संख्या में लगभग 4500 उम्मीदवार जोड़े गए।
12. विद ांक 28.06.2018 को, राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद (संक्षेप में 'ए सीटीई') े अप े ओएम विद ांक 23.08.2018 में संशो विकया। विद ांक 28.06.2018 की अति सू- ा वि म् लिललिख प्रभाव क े लिलए र्थीी:- "एफ. सं. ए सीटीई-Regl 012/16/2018.- वि:शुल्क और अवि वाय( बाल णिशक्षा का अति कार अति वि यम, 2009 (2009 का 35) की ारा 23 की उप- ारा (1) द्वारा प्रदत्त शविtयों क े प्रयोग में और स्क ू ल णिशक्षा व साक्षर ा विवभाग, मा व संसा विवकास मंत्रालय, भार सरकार द्वारा जारी, अति सू- ा संख्या एस.ओ. 750 (ई) विद ांविक 31 मा-(, 2010 क े अ ुसरण में, राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद (ए सीटीई) े ए द द्वारा अति सू- ा संख्या एफ.ए. 61- 03/20/2010/ए सीटीई (ए एंड एस), विद ांविक 23 अगस् 2010, भार क े राजपत्र, असा ारण, भाग III, खंड 4, विद ांविक 25 अगस् 2010 में प्रकाणिश, में वि म् व ् संशो विकए, सिजसे ए न्विस्म पश्चा उt अति सू- ा क े रूप में संदर्शिभ विकया गया ै, अर्थीा( ्:- (1) उt अति सू- ा में, उप-प्रस् र (i) ) में प्रस् र 1 में, "प्रार्थीविमक णिशक्षा में दो साल क े तिडप्लोमा (सिजस भी ाम से जा ा जा ा ै) शब्दों और कोष्ठकों क े बाद, खंड (क) में, वि म् व अं ःस्र्थीाविप विकया जाएगा, अर्थीा( ्:- या "कम से कम 50% अंकों क े सार्थी स् ा क और स् ा क णिशक्षा (बी.एड.)" (2) प्रस् र 3 में उप-प्रस् र (क) क े लिलए उt अति सू- ा में, वि म् लिललिख उप-प्रस् र को प्रति स्र्थीाविप विकया जाएगा अर्थीा( ्:- उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" "(क) सिजस े विकसी ए सीटीई मान्य ा प्राप्त संस्र्थीा से णिशक्षा में स् ा क विकया ै, उस पर कक्षा I से V में णिशक्षक क े रूप में वि युविt क े लिलए विव-ार विकया जाएगा, बश › विक णिशक्षक क े रूप में वि युt ऐसे व्यविt को अवि वाय( रूप से ए सीटीई द्वारा मान्य ा प्राप्त प्रार्थीविमक णिशक्षा में छ म ी े का वि¹ज कोस( कर ा ोगा सिजसे प्रार्थीविमक णिशक्षक क े रूप में ऐसी वि युविt क े दो साल क े भी र कर ा ोगा।"
13. विद ांक 26.09.2018 को, इस मुद्दे पर विव-ार कर े क े दौरा विक णिशक्षा विमत्र को विकस -रण में आ ंद क ु मार यादव 2 और 1981 वि यमावली में इस न्यायालय क े वि द›शों क े संदभ( में उ क े अ ुभव क े लिलए अति मा विदया जा ा ै, इला ाबाद उच्च न्यायालय की खण्ड़पीठ े क ु लभूर्षण विमश्रा और एक अन्य ब ाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य (विवशेर्ष अपील संख्या 812 वर्ष( 2018 आविद) में वि म् अवलोक विकयाः- “.... मारा विव-ार ै विक स ायक अध्यापक भ: परीक्षा में विकसी व्यविt द्वारा प्राप्त अंकों में अति मा को जोड़ े पर विव-ार ीं विकया गया र्थीा। ”
14. विद ांक 01.12.2018 को, स ायक णिशक्षकों की 69,000 रिरविtयों को भर े क े लिलए दूसरी एटीआरई (संक्षेप में, "एटीआरई-2019") को अति सूति- कर े ुए एक जी.ओ. जारी विकया गया र्थीा। जी.ओ. क े संलग्नक का प्रस् र 1, 4.1, 4.[2] और 5 वि म् व र्थीेः- "बेसिसक णिशक्षा विवभाग द्वारा प्रबंति स्क ू लों में णिशक्षा प्रदा कर े वाले णिशक्षकों की स्क ू लों में पढ़ े वाली लड़विकयों और लड़कों क े विवकास में प्रमुख भूविमका ै। इसलिलए य वि ण(य लिलया गया ै विक प्रार्थीविमक विवद्यालयों में णिशक्षकों क े रिरt पदों को भर े क े लिलए एक राज्य स् रीय स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा आयोसिज की जाएगी। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" क े वल वे उम्मीदवार जो स् ा क, प्रणिशतिक्ष ैं और सिजन् ों े णिशक्षक पात्र ा परीक्षा उत्तीण( की ै, वे उt परीक्षा में उपन्विस्र्थी ो े क े पात्र ोंगे। … … …
4. आवेद क े लिलए न्यू म योग्य ा, आयु और वि वास:- (1) उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा (णिशक्षक) सेवा (22 वां संशो ) वि यमावली, 2018 क े वि यम 8 में वर्शिण शैक्षणिणक योग्य ा, प्रणिशक्षण उत्तीण(, भार सरकार या राज्य सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा (प्रार्थीविमक स् र) उत्तीण( उम्मीदवार स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा, 2019 में आवेद कर े क े लिलए पात्र ोंगे। (2) राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद, ई विदल्ली द्वारा कक्षा-1 से कक्षा-5 क े संबं में न्यू म योग्य ा विद ांक 23.08.2010, 29.07.2011, 12.11.2014 और 28.11.2014 (प्रस् ाव ा 1.[2] में परिरणिशष्ट-2 में वर्शिण विकया गया ै) को अति सू- ा जारी की गयी और विद ांक 28.06.2018 को वि ा(रिर पात्र उम्मीदवार स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा, 2019 में आवेद कर े क े कदार ैं।"
5. स ायक अध्यापकों की भ: परीक्षा की विवर्षय वस् ु और संर- ा: - परीक्षा का समय 2.30 घंटा (सुब 11.00 बजे से शाम 13.30 बजे क), क ु ल अंक 150 प्रश्नों क े प्रकार ब ु छोटे वैकन्विल्पक प्रश्न, प्रश्नों की संख्या 150 विवर्षय वस् ु का स् र: - (1) बिं दी भार्षा, संस्क ृ और अंग्रेजी, विवज्ञा, गणिण, पया(वरण और सामासिजक अध्यय (कक्षा 12 स् र क)। (2) णिशक्षण दक्ष ा, बाल म ोविवज्ञा, सू- ा प्रौद्योविगकी, जीव दक्ष ा उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" प्रबन् ा और अणिभवृलित्त- (डी.एल.एड. पाठ्यWम)।" इसक े बाद संलग्न सारणीबद्ध सू-ी एटीआरई -2018 क े जी.ओ. विद ांक 09.01.2018 क े समा र्थीा। सू-ी समा विवर्षयों क े सार्थी समा पाठ्यWम और प्रत्येक विवर्षय क े सापेक्ष अंकों से संबंति ै।
15. इसक े बाद 29.12.2018 को एक विवज्ञाप जारी विकया गया, सिजसमें ब ाया गया विक एटीआरई-2019 06.01.2019 विद ांविक को आयोसिज विकया जाएगा।
16. विद ांक 03.01.2019 को, रिरट ए संख्या 27461 वर्ष( 2018 में इला ाबाद उच्च न्यायालय द्वारा एक आदेश पारिर विकया गया र्थीा:- व (मा रिरट याति-का क े माध्यम से की गई णिशकाय य ै विक न्यू म योग्य ा अंकों को अति सूति- विकए विब ा प्रत्यर्थी:गण 06.01.2019 विद ांविक को स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा-2019 की लिललिख परीक्षा आयोसिज कर े जा र े ैं। याति-काक ा(ओं क े अ ुसार, प ले जब परीक्षाएं आयोसिज की गई र्थीीं ो प्रत्यर्थी:गणों द्वारा न्यू म योग्य ा अंक विवति व घोविर्ष विकए गए र्थीे। इस संबं में राज्य सरकार द्वारा जारी परिरपत्र विद ांक 01 विदसंबर, 2018 (रिरट याति-का क े लिलए अ ुबं -1) को इस न्यायालय क े समक्ष रखा गया ै। स्र्थीायी अति वtा े प्रति वादी सं. 1 और 3 की ओर से उपन्विस्र्थीति दज( की ै। श्री ए. क े. यादव े प्रति वादी संख्या 2 की ओर से उपन्विस्र्थीति दज( की ै। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" सभी प्रत्यर्थी:गणों को मामले में वि द›श ले े क े लिलए ी विद का समय विदया जा ा ै। विद ांक 08.01.2019 को इस मामले को ए सिसरे से रखें। ”
17. एटीआरई-2019 को 06.01.2019 विद ांविक को आयोसिज विकया गया र्थीा, सिजसमें न्यू म योग्य ा अंकों का कोई विववि द›श ीं र्थीा।
18. ालाँविक, अगले विद या ी विद ांक 07.01.2019 को, राज्य सरकार क े विवशेर्ष सति-व द्वारा वि म् लिललिख आदेश पारिर विकया गया र्थीा:-
1. सेवा में, वि देशक, राज्य णिशक्षा अ ुसं ा और प्रणिशक्षण परिरर्षद, उत्तर प्रदेश, लख ऊ।
2. सति-व, परीक्षा वि यंत्रक प्राति करण, उत्तर प्रदेश प्रयागराज। बेसिसक णिशक्षा अ ुभाग-4 लख ऊ विद ांक 07 ज वरी 2019 विवर्षय:-उत्तर प्रदेश, बेसिसक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा सं-ालिल प्रार्थीविमक विवद्यालयों क े लिलए 'स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा 2019' क े संबं में न्यू म योग्य ा अंक वि ा(रिर कर े क े संबं में। म ोदय, उपयु(t विवर्षय क े संबं में सति-व, बेसिसक णिशक्षा परिरर्षद क े विद ांक 05 ज वरी, 2019 विद ांविक क े पत्र संख्या बी.एस.सी. 16426- 27/2018-19, सिजसक े 'स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा 2019' क े लिलए न्यू म योग्य ा अंक वि ा(रिर कर े का अ ुरो विकया गया ै, क े संदभ( में। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"
2. इस संबं में मुझे य ब ा े क े लिलए वि द›णिश विकया गया ै विक सरकार द्वारा उति- विव-ार-विवमश( क े बाद, 01.12.2018 विद ांविक क े शास ादेश संख्या 2056/68-4-2018 क े अ ुसार, 'स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा 2019' आयोसिज कर े क े लिलए जारी विकया गया, परिरणाम क े उद्देश्य से न्यू म योग्य ा अंक वि ा(रिर विकए जा र े ैं। य न्यू म योग्य ा अंक क े वल 'स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा 2019' क े लिलए ोगा:- (क) सामान्य श्रेणी क े उम्मीदवारों क े लिलए, क ु ल 150 में से 97 अंक म लब 65% या उससे अति क अंक प्राप्त कर े वाले उम्मीदवारों को 'स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा 2019' क े लिलए उत्तीण( मा ा जाएगा। (ख) सभी अन्य विपछड़ा वग( क े अभ्यर्शिर्थीयों क े लिलए कु ल 150 में से 90 अंक म लब 60% प्राप्त कर े वाले उम्मीदवारों को 'स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा 2019' क े लिलए उत्तीण( मा ा जाएगा। (ग) उपयु(t 'क' और 'ख' क े आ ार पर अ ( ा प्राप्त अभ्यर्थी: विवज्ञाविप 69000 रिरविtयों क े विवरुद्ध आवेद कर े क े लिलए पात्र ोंगे और क े वल पूव t न्यू म अंकों क े आ ार पर अ ( ा प्राप्त कर े पर भ: क े लिलए कोई दावा ीं ोगा क्योंविक य परीक्षा भ: क े लिलए पात्र मा क में से क े वल एक ै। (घ) क ु ल योग्य अभ्यर्शिर्थीयों की वि ा(रिर संख्या (69000) से अति क अभ्यर्शिर्थीयों क े मामले में पात्र अभ्यर्थी(यों का -य उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा (णिशक्षक) वि यम, 1981 क े वें संशो क े परिरणिशष्ट-I क े अ ुसार विवज्ञाविप पदों क े विवरुद्ध अंति म मेरिरट सू-ी क े आ ार पर विकया जाएगा। शेर्ष अभ्यर्थी: स्व: -य उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" प्रविWया से बा र ो जाएंगे और उ क े पास स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा 2019 क े आ ार पर कोई दावा ीं ोगा। (ङ) न्यू म अ (क अंक क े संबं में विकसी सं-ार पर विव-ार ीं विकया जाएगा।"
19. 16.01.2019 विद ांविक को या उसक े बारे में, प ली याति-का अर्थीा( ् रिरट याति-का सं. 118(SS) वर्ष( 2019 क ु छ णिशक्षाविमत्रों द्वारा उपरोt आदेश 07.01.2019 विद ांविक को -ु ौ ी दे े ुए और न्यू म अ ( ा अंकों क े वि ा(रण को स्वीकार कर े ुए दायर की गई र्थीी। इ सब में 07.01.2019 विद ांविक क े आदेश पर प्रश्न कर े ुए णिशक्षा विमत्रों द्वारा लगभग 99 रिरट याति-काएँ दायर की गई ं।
20. विद ांक 24.01.2019 को वि यमावली, 1981 क े 23 वें संशो को प्रकाणिश विकया गया र्थीा। इस संशो द्वारा, वि यम 8 (i) i) ) में अवि वाय( योग्य ा को वि म् ा ुसार प्रति स्र्थीाविप विकया गया र्थीा:- "भार में विवति द्वारा स्र्थीाविप विवश्वविवद्यालय से स् ा क की तिडग्री या सरकार द्वारा मान्य ा प्राप्त विकसी अन्य प्रणिशक्षण पाठ्यWम क े सार्थी- सार्थी सरकार द्वारा मान्य ा प्राप्त विकसी अन्य प्रणिशक्षण पाठ्यWम क े सार्थी सरकार द्वारा मान्य ा प्राप्त तिडग्री, बेसिसक णिशक्षक प्रमाण पत्र (बीटीसी), विद्ववर्ष:य बीटीसी (उदू() विवणिशष्ट बीटीसी। भार ीय पु वा(स परिरर्षद द्वारा अ ुमोविद णिशक्षाशास्त्र में दो वर्ष( का तिडप्लोमा (विवशेर्ष णिशक्षा) या राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद (मान्य ा, मा दंड और प्रविWया), विववि यम 2002 क े अ ुसार प्रार्थीविमक णिशक्षा में -ार वर्ष( की तिडग्री (बी. एल. एड.), प्रार्थीविमक णिशक्षा में दो वर्ष( का तिडप्लोमा (जो भी ाम से जा ा जा ा ै), कम से कम प-ास प्रति श अंकों क े सार्थी स् ा क और णिशक्षा स् ा क उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" (बी. एड.), बश › विक णिशक्षक क े रूप में वि युt व्यविt अवि वाय( रूप से ए सीटीई द्वारा मान्य ा प्राप्त प्रारंणिभक णिशक्षा में छ म ी े का वि¹ज कोस(, प्रार्थीविमक णिशक्षक क े रूप में ऐसी वि युविt क े दो साल क े भी र या प्रार्थीविमक णिशक्षा में णिशक्षकों की भ: क े लिलए राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा मान्य ा प्राप्त विकसी भी प्रणिशक्षण योग्य ा को पूण( कर ा ोगा। और सरकार या भार सरकार द्वारा आयोसिज की गई णिशक्षक पात्र ा परीक्षा उत्तीण( की ो।" इसक े परिरणामस्वरूप, संशो में वि ा(रिर रीक े से जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में स ायक अध्यापक और स ायक अध्याविपकाओं क े पदों क े लिलए स् ा क में 50 प्रति श या उससे अति क अंक और बै-लर ऑफ एजुक े श (बी. एड.) की तिडग्री प्राप्त कर े वाले पात्र ो गए। ऐसे अभ्यर्थी: की पात्र ा से संबंति वि यमावली 1981 में संबंति प्राव ा ों को 01.01.2018 विद ांविक से पूव(व्यापी प्रभाव विदया गया र्थीा।
21. विद ांक 07.03.2019 को वि यमावली, 1981 क े 24 वें संशो को वि यम 8(i) i) ) में संशो कर े ुए उप-खंड (क) क े बाद उप-खंड (कक) को जोड़ े क े द्वारा वि म् लिललिख प्रभाव प्रकाणिश विकया गया र्थीा:- "(कक) कम से कम प-ास प्रति श अंकों क े सार्थी स् ा क और बै-लर ऑफ एजुक े श (बी. एड.), बश › विक एक णिशक्षक क े रूप में वि युt व्यविt अवि वाय( रूप से ए सीटीई द्वारा मान्य ा प्राप्त प्रारंणिभक णिशक्षा में छ म ी े का वि¹ज कोस(, प्रार्थीविमक णिशक्षक क े रूप में ऐसी वि युविt क े उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" दो साल क े भी र या प्रार्थीविमक णिशक्षा में णिशक्षकों की भ: क े लिलए राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा मान्य ा प्राप्त विकसी भी प्रणिशक्षण योग्य ा को पूण( कर ा ोगा, और सरकार या भार सरकार द्वारा आयोसिज णिशक्षक पात्र ा परीक्षा उत्तीण( विकया गया ो।" इस संशो े विद ांक 28.06.2018 से वि यम 8(i) i) ) क े उप खंड (एए) को पूव(व्यापी प्रभाव विदया।
22. उच्च न्यायालय क े एकल न्याया ीश े WP No. 1188 (SS) वर्ष( 2019 (मो म्मद रिरजवा एवं अन्य ब ाम यूपी राज्य) और अन्य 98 रिरट याति-काओं को सामान्य वि ण(य और आदेश 29.03.2019 विद ांविक द्वारा अ ुमति दी। वि ण(य से संबंति क ु छ प्रासंविगक अंश इस प्रकार ैं:- "1. सिजस आदेश को -ु ौ ी दी गई ै व शास ादेश संख्या 46/68- 4-2019-2056/2019 7. 1. 2019 विद ांविक को विवशेर्ष सति-व, बेसिसक णिशक्षा अ ुभाग-4, उ.प्र. सरकार, लख ऊ द्वारा जारी विकया गया ै, जो स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा, 2019 क े लिलए न्यू म योग्य ा अंक को सामान्य श्रेणी क े लिलए 65% और आरतिक्ष श्रेणी क े लिलए 60% वि ा(रिर कर ा ै। वि र्निववाद रूप से, कोई न्यू म अ ( ा अंक शास ादेश 01.12.2018 विद ांविक और अति सू- ा/विवज्ञाप 05.12.2018 विद ांविक क े अ ुसार य ीं विकया गया ै, सिजसक े अ ुसार, प्रश्नग परीक्षा विद ांक 6.1.2019 को आयोसिज की गई ै। वि र्निववाद रूप से, न्यू म अ ( ा अंक वि ा(रिर कर े की कवायद पत्र संख्या B.Sh.P.-16426- 27/2018-19 5.1.2019 विद ांविक क े अ ुसार प्रारम्भ की गई ै जो सति-व, बेसिसक णिशक्षा बोड( द्वारा प्रश्नग परीक्षा क े लिलए न्यू म अ (क अंक वि ा(रिर कर े क े लिलए अ ुरो कर े ुए सरकार को प्रार्थीविमक ा दी गई, इसका अर्थी( य ै विक राज्य उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" सरकार को स ायक णिशक्षक परीक्षा, 2019 का परिरणाम घोविर्ष कर े क े लिलए क ु छ और रीका अप ा ा ोगा।.......
157. दी गई परिरन्विस्र्थीति यों में य ोट विकया गया ै विक स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा को इस र क े उच्च न्यू म अ ( ा अंक वि ा(रिर करक े शॉट(लिलस्टिंस्टग परीक्षा क े रूप में ीं मा ा जा सक ा ै क्योंविक य याति-काक ा(ओं (णिशक्षाविमत्रों) क े अति कारों को प्रभाविव कर सक ा ै सिजससे 25 अंकों क े अति मा से वंति- ो े की संभाव ा ै जो 22 वें संशो में वै ावि क उल्लेख ै। इसक े अलावा, -ूंविक स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा शैक्षणिणक प्राति करण द्वारा वि ा(रिर न्यू म योग्य ा ीं ै और इसे वि यमावली 1981 द्वारा 20 वें और 22 वें संशो क े माध्यम से जोड़ा गया ै, इसलिलए योग्य ा अंक न्यू म योग्य ा अंक ो ा -ावि ए। इसक े अलावा, उt अ ( ा अंक को न्यू म की र देखा जा ा -ावि ए। इसक े अलावा, आ ंद क ु मार यादव (उपरोt) क े वाद में णिशक्षाविमत्रों क े सार्थी उसी र का व्यव ार विकया जा ा -ावि ए जैसा विक उन् ें मा ीय सव च्च न्यायालय क े वि ण(य क े संदभ( में स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा-2018 की पूव( परीक्षा में विदया गया र्थीा। -ूंविक य परीक्षा मा ीय सव च्च न्यायालय क े पूव t वि ण(य क े संदभ( में णिशक्षाविमत्रों क े लिलए दूसरी और अंति म परीक्षा ोगी, इसलिलए, य परीक्षा अर्थीा( स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा-2019 का आयोज उसी प्रकार विकया जाए सिजस प्रकार स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा-2018 का आयोज विकया गया ै।....… ……… ……..
159. अति क स्पष्ट ो े क े लिलए, -ूंविक स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा उत्तीण( कर े वाले अभ्यर्शिर्थीयों को अति मा प्रदा कर ा, वि यम 14(3) (ए) क े वि यमों क े एक विवति क वि द›श ै और व ी अति मा उ अभ्यर्शिर्थीयों, सिजन् ों े न्यू म 45% और 40% अ (क अंकों क े सार्थी स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा उत्तीण( की ै, को पूव( की परीक्षा में प्रदा विकया गया ै, इसलिलए अ ( ा अंकों को 65% और 60% क बढ़ा े ुए, उ अभ्यर्शिर्थीयों को अ ुमति दी जा ी ै, सिज क े पास बी.एड. की उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" योग्य ा ै और परिरणिशष्ट-I क े अ ुसार उ अभ्यर्शिर्थीयों को गुणवत्ता बिंबदु अंक वि ा(रिर ीं विकए जा सक े ैं, लेविक उ व्यविtयों को बा र कर े का प्रयास प्र ी ो ा ै, जो अति मा क े लिलए पात्र ैं।....…..................
163. य ां विवति क े प्रासंविगक प्राव ा पर विव-ार कर ा उपयुt ोगा, जो णिशक्षक पात्र ा परीक्षा में अ ( ा अंक और स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा में अ ( ा अंक प्रदा कर ा ै। वि यमावली 1981 क े वि यम 2 (टी) (बाइसवें संशो, 2018 द्वारा संशोति ) क े अ ुसार, णिशक्षक पात्र ा परीक्षा में अ (क अंक ऐसे ोंगे जो NCTE) द्वारा समय-समय पर वि ा(रिर विकए जा सक े ैं, जबविक वि यम 2(x) क े अ ुसार, स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा क े अ (क अंक का अर्थी( ै ऐसे न्यू म अंक जो सरकार द्वारा समय-समय पर वि ा(रिर विकए जा सक े ैं। पूव t प्राव ा ों को पढ़ े से प ा -ल ा ै विक णिशक्षक पात्र ा परीक्षा क े लिलए, ए सीटीई द्वारा योग्य ा अंक वि ा(रिर विकए जाएंगे और कोई सवार ीं ै विक क्या योग्य ा अंक य विकए जा े -ावि ए, इसलिलए, णिशक्षक पात्र ा परीक्षा क े लिलए दो ों श्रेणी क े लिलए अ ( ा अंक 60% और 55% ै और उस पर कोई विववाद ीं ै।
164. ालांविक, स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा में, य स्पष्ट रूप से वि यम 2(x) में संक े विकया गया ै विक अ ( ा अंक का अर्थी( राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर वि ा(रिर ऐसे न्यू म अंक ै। पूव t वि द›श क े विववरण में, राज्य सरकार े सबसे प ले दो ों श्रेणिणयों क े लिलए न्यू म योग्य ा अंक 45% और 40% वि ा(रिर विकए ैं और उसक े बाद, स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा क े समा -य क े लिलए, इसे 33% और 30% क े रूप में य विकया गया ै जो राज्य सरकार समय-समय पर कोई न्यू म अंक वि ा(रिर कर सक ी र्थीी, इसलिलए, स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा क े लिलए अ (क अंक य कर ा राज्य सरकार का अति कार क्षेत्र ै, लेविक ऐसे अ (क अंक 'न्यू म' और 'न्यू म' को 'न्यू म' क े रूप में देखा जा ा -ावि ए। 'न्यू म' को 'अति क म' क े रूप में ीं मा ा जा सक ा। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"
165. इसक े अलावा, -ूंविक व व्यविt जो न्यू म अ ( ा अंकों क े सार्थी स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा उत्तीण( कर ा ै, उसे स ायक णिशक्षक क े पद पर वि युt ीं विकया जाएगा, बन्विल्क, व क े वल अगले -रण में प ुं- े क े लिलए पात्र ोगा, सिजससे उसे अति मा प्रदा विकया जाएगा और उसकी क ु ल गुणवत्ता बिंबदुओं की गण ा की जाएगी। क ु ल गुणवत्ता बिंबदुओं क े आ ार पर, अभ्यर्थी: पात्र अभ्यर्थी: क े क्षेत्र में आएगा, सिजसे उसकी योग्य ा क े अ ुसार वि युt विकया जाएगा। इसका अर्थी( य ै विक, स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा की परीक्षा में अ ( ा प्राप्त कर े वाले व्यविt को स ायक णिशक्षक क े पद पर -ु े जा े क े योग्य ीं ब ा ा ै, लेविक य क े वल उसे/उसक े लिलए अति मा पा े क े योग्य ब ा ा ै, इसलिलए, राज्य-प्रति वाविदयों क े विवद्वा अति वtा का य क ( विक पात्र अभ्यर्थी: को शॉट( लिलस्ट कर े क े लिलए स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा की योग्य ा को 65% क बढ़ा विदया गया ै, गल क ( ै।
172. जावि र ै, परीक्षार्शिर्थीयों को प्रश्नग परीक्षा से प ले न्यू म अ ( ा अंक क े बारे में राज्य सरकार क े वि ण(य क े बारे में प ा ीं र्थीा, इसलिलए इस थ्य क े अलावा विक खेल शुरू ो े क े बाद खेल क े वि यम य ीं विकए जा सक े ैं, य ां एक और प लू प्रासंविगक ै विक मा ीय सव च्च न्यायालय क े आदेश को ध्या में रख े ुए: पी.वी. इंविदरस (2) (उपरोt) और रा ुल दत्ता (उपरोt) क े मामले में न्यू म पात्र ा अंक परीक्षा से प ले घोविर्ष विकए जा े -ावि ए और यविद प्रश्नग परीक्षा से प ले अंक वि ा(रिर ीं विकए गए ैं, ो बाद में य ीं विकया जा सक ा ै, इसलिलए आक्षेविप आदेश 07.01.2019 विद ांविक को मा ीय सव च्च न्यायालय क े उपरोt का ू ों क े अपमा में जारी विकया गया क ा जाएगा।
173. इसलिलए, उपरोt वि ष्कर्षŒ क े मद्दे जर, मेरा विव-ार ै विक परीक्षा आयोसिज कर े से प ले स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा क े न्यू म अ (क अंक घोविर्ष कर े से सभी अभ्यर्शिर्थीयों सवि याति-काक ा(ओं को पूवा(ग्र पैदा ो र ा ै, क्योंविक उन् ें परिरणाम क े लिलए पया(प्त रूप से ैयारी कर े क े अवसर से वंति- कर विदया गया ै। इसक े अलावा, -ूंविक आ ंद क ु मार यादव (उपरोt) क े मामले में राज्य सरकार को मा ीय उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" सव च्च न्यायालय क े वि द›श क े अ ुसार स ायक णिशक्षक की वि युविt क े लिलए दो परीक्षाएं आयोसिज कर ी र्थीीं, इसलिलए, इ दो परीक्षाओं का रीका णिशक्षाविमत्रों क े समा ो ा -ावि ए, आ ंद क ु मार यादव (उपरोt) क े वि ण(य क े अ ुसार स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा-2019 अति मा का लाभ पा े वाली दूसरी और आलिखरी परीक्षा र्थीी।" 22.[1] बी. एड. उम्मीदवारों की पात्र ा क े मुद्दे पर विव-ार कर े समय, य अवलोविक विकया गया:- “154. य सत्य ै विक विकसी भी रिरट याति-का में कोई -ु ौ ी ीं ै विक बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों क े लिलए अ ुति- और अ ाति क ृ ै और उन् ें परिरणिशष्ट-I क े अ ुसार गुणवत्ता बिंबदु अंक प्राप्त कर े पर -य ीं विकया जा सक ा ै, लेविक सिज परिरन्विस्र्थीति यों में राज्य सरकार द्वारा पूव t विवसंगति की गई ै, उन् ें प्रति शपर्थीपत्र में या क ( क े माध्यम से क ीं उल्लेख ीं विकया गया ै।....….....….........
168. श्री यू.ए.विमश्रा क े क ( में भी मेरा पक्ष ै विक य ीं समझा जा सक ा ै विक स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा क े लिलए न्यू म अ (क अंक 45% से बढ़ाकर 65% कर े का उद्देश्य क्या ै, जबविक य क े वल एक अ (क परीक्षा ै। श्री यू.ए. विमश्रा े ठीक ी प्रस् ु विकया ै विक यविद प्रति शपर्थीपत्र का कर्थी स ी मा ा जा ा ै, ो राज्य-प्रति वादी क े अ ुसार, सव त्तम उपलब् अभ्यर्शिर्थीयों का -य कर े क े लिलए उt वृतिद्ध की गई ै, ो सव(श्रेष्ठ अभ्यर्थी: कौ ैं। -ूँविक व (मा परीक्षा में बी.एड. अभ्यर्शिर्थीयों को शाविमल कर लिलया गया ै, इसलिलए, ऐसा प्र ी ो ा ै विक णिशक्षाविमत्रों को प्रश्नग -य से बा र कर े और बी.एड. अभ्यर्शिर्थीयों का -य कर े क े लिलए की गई ै। यविद य न्यू म अ ( ा अंक बढ़ा े क े लिलए राज्य-प्रति वादी का इरादा ै, ो य वि यमों का उल्लंघ ोगा जो स्पष्ट रूप से प्रदा कर ा ै विक णिशक्षाविमत्रों को 25 अंक अति मा क े रूप में विमलेंगे। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"....….....…..........
178. इसक े अलावा, राज्य-प्रति वादी क े अति वtा को य विवश्वास ीं ो सका विक परिरणिशष्ट -I क े अ ुसार बी.एड क े अभ्यर्शिर्थीयों की गुणवत्ता अंक का वि ा(रण/गण ा क ै से की जाएगी जबविक इ बी.एड. अभ्यर्शिर्थीयों को मद संख्या 4 [बी.टी.सी क े अंक] और मद संख्या 6 [25 अंकों का अति मा ] क े लिलए कोई अंक ीं विमलेगा। यविद इ बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों को परिरणिशष्ट-II क े अ ुसार गुणवत्ता अंक अंक विदए जा े ैं, ो उन् ें आसा ी से सभी मदों क े लिलए अंक विमल सक े ैं, लेविक इस परीक्षा क े लिलए गुणवत्ता अंक की गण ा परिरणिशष्ट-I क े अ ुसार की जाएगी।
179. य न्यायालय इसक े पीछे क े क ( को समझ े में असमर्थी( ै, लेविक -ूंविक इस विवशेर्ष बिंबदु को सी े आत्मसा ीं विकया गया ै, इसलिलए, इस बिंबदु पर कोई आदेश जारी कर े की आवश्यक ा ीं ै।
180. ालांविक, य स्पष्ट रूप से प्रकट कर ा ै विक ो बेसिसक णिशक्षा बोड( और ी राज्य सरकार े बी.एड की अ ुमति वाले प्रश्नग -य कर े से प ले उति- अभ्यास विकया ै, व (मा प्रश्नग -य में बी.एड अभ्यर्शिर्थीयों क े रूप में रिरविtयों का वि ा(रण विकए विब ा, उ क े गुणवत्ता अंकों की गण ा क े लिलए विवति य विकए विब ा उम्मीदवारों की संख्या में भारी वृतिद्ध की, बी.एड. अभ्यर्शिर्थीयों क े रूप में उ क े लिलए रिरविtयों का वि ा(रण विकए विब ा बी.टी.सी. अभ्यर्शिर्थीयों क े लिलए विद ांक 07.01.2019 क े शास ादेश क े माध्यम से स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा-2019 क े लिलए न्यू म योग्य ा अंक बढ़ा ा और स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा- 2019 को स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा-2018 से अलग रीक े से आयोसिज कर ा, जबविक राज्य सरकार को मा ीय सव च्च न्यायालय क े आदेश क े अ ुसार दो परीक्षाएं उसी र आयोसिज कर ी र्थीीं। य अस्पष्टीक ृ विवसंगति इस न्यायालय को पूरी -य प्रविWया को समाप्त कर े क े लिलए म ा सक ी ै, लेविक इस थ्य को ध्या में रख े ुए विक बड़ी संख्या में अभ्यर्थी: प ले ी -य प्रविWया में भाग ले -ुक े ैं, इसलिलए य न्यायालय क े वल सरकारी आदेश 07.01.2019 विद ांविक की उपयुt ा की जां-/परीक्षण कर र ा ै।" उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" 22.[2] य वि ष्कर्ष( वि काला गया: - “181. संबंति पक्षों क े विवद्वा अति वtा द्वारा इस प्रकार उद्धृ मामले क े समस् थ्यों एवं परिरन्विस्र्थीति यों को ध्या में रख े ुए मेरा य सुविव-ारिर म ै विक विवति की दृविष्ट में 07.01.2019 विद ांविक शासकीय आदेश संव ीय ीं ै एवं भार क े संविव ा क े अ ुच्छेद 14 का उल्लंघ कर े वाला ै क्योंविक य लगा ार दो परीक्षाओं में भाग ले े वाले समा रूप से न्विस्र्थी व्यविtयों क े दो समू ों को अलग-अलग उप-ार देकर एक अ ुति- वग:करण कर ा ै और प्राप्त विकए जा े वाले उद्देश्य क े सार्थी विब ा विकसी संबं क े न्यू म योग्य ा अंकों में भारी वृतिद्ध क े लिलए कोई वै कारण और औति-त्य ीं ै। आगे य प्र ी ो ा ै विक 07.01.2019 विद ांविक सरकारी आदेश आ ंद क ु मार यादव (उपरोt) मामले में मा ीय सव च्च न्यायालय क े लाभकारी वि द›श को विफर से शून्य कर र ा ै, सिजसक े अ ुसार अति मा क े 25 अंक वि यमावली 1981 ( 22 वाँ संशो, 2018) क े वि यम 14(3) (ए) क े व्याव ारिरक अ ुभव क े लिलए जा बूझकर वि ा(रिर विकए गए ैं जो योग्य ा का एक अणिभन्न अंग ै।"
23. विद ांक 14.06.2019 को, वि यमावली 1981 क े 25 वें संशो को प्रकाणिश विकया गया र्थीा। इस संशो द्वारा, परिरणिशष्ट I जो वि यम 14(3)(ए) क े संदभ( में र्थीा, को वि म् ा ुसार संशोति विकया गया र्थीा:- ”परिरणिशष्ट-I अभ्यर्शिर्थीयों क े -य क े लिलए गुणवत्ता अंक और अति मा परीक्षा/तिडग्री का ाम गुणवत्ता अंक
1. ाई स्क ू ल परीक्षा में अंकों का प्रति श x 10 /100
2. इंटरमीतिडएट परीक्षा में अंकों का प्रति श x 10 /100 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"
3. स् ा क तिडग्री परीक्षा में अंकों का प्रति श x 10 /100
4. प्रणिशक्षण योग्य ा का वि यम परीक्षा में अंकों का प्रति श x 10 /100
5. स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा परीक्षा में अंकों का प्रति श x 60 /100
6. अति मा बेसिसक णिशक्षा परिरर्षद द्वारा सं-ालिल जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में काय(र णिशक्षक क े रूप में णिशक्षण अ ुभव 2.[5] अंक प्रति पूण( णिशक्षण वर्ष( और अति क म 25 अंक क, जो भी कम ो ोटः
1. यविद दो या अति क अभ्यर्शिर्थीयों क े पास समा गुणवत्ता अंक ैं, ो उम्र में वरिरष्ठ उम्मीदवार का ाम सू-ी में उच्च रखा जाएगा।
2. यविद दो या अति क अभ्यर्शिर्थीयों क े पास समा गुणवत्ता अंक और आयु ै, ो उम्मीदवारों का ाम सू-ी में अंग्रेजी वण(Wम में रखा जाएगा।” 23.[1] परिरणिशष्ट II, वि यम 14(3)(बी) क े संदभ( में समा संशो द्वारा छोड़ विदया गया र्थीा। 23.[2] इसक े परिरणामस्वरूप, परिरणिशष्ट I जैसा विक अब उt संशो क े बाद ब ा ै, वि यम 14 में वि र्निदष्ट दो ों स्रो ों क े लिलए एकमात्र और सामान्य परिरणिशष्ट ै।
24. एकल न्याया ीश द्वारा पारिर वि ण(य और आदेश 29.03.2019 विद ांविक से उत्पन्न विवशेर्ष अपील, उच्च न्यायालय की तिडवीज बें- द्वारा अप े सामान्य वि ण(य और आदेश विद ांक 06.05.2020 द्वारा अ ुमति दी गई र्थीी। य क ा जा ा -ावि ए विक यद्यविप एकल न्याया ीश द्वारा 99 रिरट याति-काओं की अ ुमति दी गई उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" र्थीी और अपील क े वल 24 मामलों को वरीय ा दी गई र्थीी। इसलिलए, कई णिशक्षाविमत्र जो एकल न्याया ीश क े समक्ष सफल ुए र्थीे, तिडवीज बें- क े समक्ष पक्षकार ीं र्थीे।
25. उच्च न्यायालय की तिडवीज बें- द्वारा दो प्रमुख मुद्दों; एक एटीआरई-2019 क े लिलए न्यू म योग्य ा अंक क े रूप में 65-60% क े वि ा(रण से संबंति और विवशेर्ष रूप से परीक्षा आयोसिज कर े क े बाद; और दूसरा वि यमावली 1981 क े स ायक णिशक्षकों क े पदों क े लिलए बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों की पात्र ा संबंति विव-ार विकया गया र्थीा। 25.[1] प ले मुद्दे क े संबं में, तिडवीज बें- क े वि ष्कर्ष( र्थीे:- “71. आ ंद क ु मार यादव (उपरोt) में, मा ीय सव च्च न्यायालय े क े वल य प्रदा विकया विक राज्य सरकार द्वारा अन्य योग्य उम्मीदवारों क े सार्थी खुली और पारदश: -य प्रविWया में णिशक्षा विमत्रों को आयु में छ ू ट का लाभ विदए जा े क े दौरा, लगा ार दो -य ों में -य प्रविWया में भाग ले े का अवसर विदया जाएगा, और य क ीं भी प्रदा ीं कर ा ै विक णिशक्षा विमत्र -य प्रविWया में भाग ले े वाले अन्य योग्य उम्मीदवारों क े अलावा एक सजा ीय वग( का गठ करेंगे। मा ीय उच्च म न्यायालय े स्क ू ली बच्चों क े वि को ध्या में रख े ुए क ा विक स ायक णिशक्षक क े पद पर अयोग्य णिशक्षा विमत्र का वि यविम ीकरण अवै र्थीा क्योंविक स्क ू ल क े बच्चे सिज क े वि ों का विवति व प्रति वि ति त्व ीं विकया गया र्थीा, उन् ें णिशक्षा का अति कार अति वि यम क े प्राव ा ों क े विवति व योग्य णिशक्षकों से गुणवत्तापूण( णिशक्षा प्राप्त कर े का अति कार र्थीा और उ उम्मीदवारों की योग्य ा को उति- म त्व विदया, जो अं ः स ायक णिशक्षक क े पद पर वि युt ो े जा र े ैं क्योंविक यविद योग्य ा -य उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" प्रविWया में समझौ ा विकया जा ा ै ो अंति म छोटे प्रार्थीविमक विवद्यालय क े बच्चे ोंगे ।
72. एक सामान्य भार्षा क े रूप में, परीक्षा आयोसिज ो े क े बाद योग्य ा अंक वि ा(रिर विकए जा े ैं क्योंविक भ: प्राति करण य आकल कर े की न्विस्र्थीति में ै विक अभ्यर्शिर्थीयों े रिरविtयों की संख्या को ध्या में रख े ुए बें-माक ( का वि ा(रण कर े ुए और क ै सा प्रदश( विकया ै। 1.12.2018 विद ांविक विवज्ञाप में राज्य सरकार े एटीआरई-2019 को अ ( ा प्राप्त कर े क े लिलए कटऑफ अंकों की घोर्षणा ीं की।
73. इस प्रकार, रिरट याति-काक ा(ओं क े क ( और विवद्वा रिरट न्यायालय द्वारा अणिभलिललिख विकए गए वि ष्कर्ष( 07.01.2019 विद ांविक सरकारी आदेश द्वारा कट-ऑफ अंक 45% और 40% से बढ़ाकर 65% और 60% कर े से आ ंद क ु मार यादव (उपरोt) में मा ीय सव च्च न्यायालय का उपयोगी वि द›श शून्य ो र ा ै सिजससे व विटक ीं सक ा, और य समय से प ले ै क्योंविक लाभ क े वल भ: क े समय विमल ा ै, एक बार जब वे वि ा(रिर न्यू म योग्य ा रख े ैं और उ क े ाम वि यमावली 1981 क े वि यम 14(2) क े ैयार की गई मेरिरट लिलस्ट में प्रकाणिश ो ा ै।" 25.[2] बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों की पात्र ा क े संबं में मुद्दा वि म् ा ुसार र्थीा:- “81. विद ांक 28.6.2018 को 23.8.2010 विद ांविक ए सीटीई अति सू- ा में संशो क े गुण पर, विवशेर्ष अपील संख्या 165(डी) वर्ष( 2019 क े अपीलार्थी:गणों े विद ांक 18.11.2018 को टीईटी परीक्षा में भाग लिलया और उसे उत्तीण( विकया और इसलिलए एटीआरई 2019 में शाविमल ो े क े लिलए पात्र ो गए, 28.6.2018 विद ांविक ए सीटीई अति सू- ा द्वारा 23.8.2010 विद ांविक अति सू- ा में संशो क े बारे में अच्छी र से जा े वाले रिरट याति-काक ा(ओं े उt अति सू- ा की वै ा को कभी -ु ौ ी ीं दी और इस प्रकार, ए सीटीई द्वारा उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" जारी अति सू- ा एक क ें द्रीय अति वि यम क े जो सा वीं अ ुसू-ी की सू-ी I की प्रविवविष्ट 66 क े संदभ( में ै जो राज्य सरकार पर बाध्यकारी ै और य ां क विक णिशक्षा में मा कों को वि ा(रिर कर े क े मामले में राज्य द्वारा विकए गए एक विव ायी अभ्यास को ए सीटीई की अति सू- ाओं क े अ ुरूप ो ा ोगा जैसा विक राज्य सरकार द्वारा शविt का प्रयोग सा वीं अ ुसू-ी की सू-ी III की प्रविवविष्ट 25 क े लिलए संदर्शिभ ै, जो समव: सू-ी में ो े क े अलावा, सू-ी - I की प्रविवविष्ट 63, 64, 65 और 66 क े अ ी ै। राज्य सरकार े ए सीटीई द्वारा जारी विकए गए आदेश का ठीक से पाल विकया और बी.एड. अभ्यर्शिर्थीयों को दूसरे एटीआरई-2019 में शाविमल ो े की की अ ुमति दी।....…......….........
87. स ायक णिशक्षक क े रूप में वि युविt क े लिलए ए सीटीई द्वारा वि ा(रिर शैक्षणिणक योग्य ा राज्य सरकारों द्वारा की जा े वाली भ: पर बाध्यकारी ै। बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों की भागीदारी को विवद्वा रिरट न्यायालय क े समक्ष कभी भी -ु ौ ी ीं दी गई र्थीी और और 29.3.2020 विद ांविक आक्षेविप आदेश में विकए गये अवलोक बी.एड. अभ्यर्शिर्थीयों की -य प्रविWया में भागीदारी से संबंति क े वल इ रोविt ै, सिज का 7.1.2019 विद ांविक सरकारी आदेश की वै ा क े संबं में विवद्वा रिरट न्यायालय क े समक्ष उठाए गए मुद्दे पर कोई असर ीं पड़ ा ै, सिजससे एटीआरई-2019 परीक्षा क े लिलए न्यू म योग्य ा अंक वि ा(रिर विकए गए र्थीे।....…......….........
89. यूपी राज्य ब ाम णिशव क ु मार पाठक (उपरोt) क े मामले में उच्च न्यायालय े अव ारिर विकया ै विक ए सीटीई द्वारा प्रति पाविद स ायक णिशक्षकों की वि युविt क े लिलए पात्र ा श Â राज्य सरकार क े लिलए बाध्यकारी ैं क्योंविक NCTE) ऐसी शैक्षणिणक योग्य ा का सक्षम प्राति कारी ै और इसलिलए, बी.एड्. अभ्यर्शिर्थीयों को 1.12.2018 विद ांविक क े वै ावि क विदशावि द›शों क े खंड 4(2) में राज्य सरकार द्वारा शाविमल उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" विकया गया र्थीा। पूव t खंड में, स्पष्ट रूप से य क ा गया ै विक अति सू- ा विद ांक 28.6.2018 को NCTE) द्वारा जारी विकया गया र्थीा, सिजसक े बी.एड्. अभ्यर्शिर्थीयों को प्रार्थीविमक विवद्यालयों में कक्षा I से V णिशक्षण क े लिलए णिशक्षक क े रूप में वि युविt का पात्र ब ाया गया र्थीा, बश › विक एक स ायक णिशक्षक क े रूप में वि युt व्यविt अवि वाय( रूप से स ायक णिशक्षक क े रूप में वि युविt क े दो वर्ष( क े भी र NCTE) द्वारा मान्य ा प्राप्त प्रार्थीविमक णिशक्षा में छ म ी े का वि¹ज कोस( कर ा ोगा।....…......….........
92. इस प्रकार, मारा विव-ार ै विक एक बार बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों को स ायक णिशक्षक क े पद पर वि युविt क े लिलए न्यू म योग्य ा प्राप्त कर े क े अ ी विव-ार कर े क े योग्य ब ाया गया र्थीा, राज्य सरकार उन् ें ARTE) -2019 में भाग ले े की अ ुमति दे े क े लिलए बाध्य र्थीी, जो विक स ायक णिशक्षक क े पद पर वि युविt क े लिलए विव-ार की जा े वाली न्यू म योग्य ा ै। द ुसार, राज्य सरकार े भ: प्रविWया शुरू ो े से प ले, उन् ें ए सीटीई अति सू- ा क े सार्थी संरेलिख कर े क े लिलए वि यमावली 1981 में आवश्यक संशो विकए। 25.[3] उच्च न्यायालय की तिडवीज बें- द्वारा जारी विकए गए विWयाशील वि द›श र्थीे:- "105. उपयु(t कारणों क े लिलए, य ीं क ा जा सक ा ै विक 7.1.2019 विद ांविक सरकारी आदेश भार क े संविव ा क े अ ुच्छेद 14 का उल्लंघ ै और ी य आ ंद क ु मार यादव (उपरोt) क े मामले में उच्च म न्यायालय क े वि ण(य को अ ुति- वग:करण या शून्य कर र ा ै। द ुसार, म े णिशक्षाविमत्रों द्वारा दायर रिरट याति-का संख्या 1188 (एसएस) वर्ष( 2019 और अन्य संबद्ध मामलों में 29.3.2019 विद ांविक आक्षेविप आदेश को अपास् कर े ैं और सभी विवशेर्ष अपीलों की अ ुमति देकर उt रिरट याति-काओं को खारिरज कर े ैं और यूपी राज्य को वि द›श दे े ैं विक परीक्षा का परिरणाम घोविर्ष करें जो विक
7.1. 2019 विद ांविक सरकारी आदेश क े संदभ( में विद ांक 6.1.2019 को आयोसिज विकया गया र्थीा, जो विक भोला प्रसाद शुक्ला ब ाम भार संघ एवं अन्य (उपरोt) क े मामले में उच्च म न्यायालय द्वारा वि द›णिश उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" विकया गया र्थीा। स् क्षेप/अणिभवाद/दीवा ी प्रकीण( वाद क े सभी आवेद ों का भी समा श Œ क े सार्थी वि पटारा विकया जा ा ै।"
26. द ुसार, परीक्षा वि काय द्वारा परिरणाम विद ांक 12.05.2020 को घोविर्ष विकया गया र्थीा और 1,46,060 अभ्यर्शिर्थीयों को सफल घोविर्ष विकया गया र्थीा। इसक े बाद, उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा परिरर्षद े विद ांक 16.05.2020 को एक विवज्ञाप जारी विकया, सिजसमें उ अभ्यर्शिर्थीयों से आवेद आमंवित्र विकए गए र्थीे सिजन् ें एटीआरई-2019 में सफल घोविर्ष विकया गया र्थीा।
27. उच्च न्यायालय की खंडपीठ क े वि ण(य से व्यणिर्थी ोकर विवणिभन्न अपीलक ा(ओं द्वारा व (मा अपीलों को विवशेर्ष अ ुमति द्वारा वरीय ा दी गई ै। एक रिरट याति-का को भी प्रार्थीविमक ा दी गई ै। मोटे ौर पर, मामलों को ी श्रेणिणयों में वग:क ृ विकया जा सक ा ै। i) ) णिशक्षा विमत्र, i) i) ) बी.एड्./बीटीसी योग्य ा रख े वाले व्यविt; और i) i) i) ) भू पूव( सैवि क या विवकलांग व्यविt आविद द्वारा दायर विकया गया। ये मामले अपील क े वि ण(य में उच्च न्यायालय की तिडवीज बें- द्वारा विव-ार विकए गए ऊपर क े गए दो मुद्दों से संबंति ैं। ालाँविक, एसएलपी(डायरी) सं. 13142 वर्ष( 2020 उ व्यविtयों द्वारा दायर विकया गया, जो उच्च न्यायालय में काय(वा ी क े विकसी भी स् र पर पक्षकार ीं र्थीे, विवशेर्ष अ ुमति याति-का दायर कर े की अ ुमति -ा े ैं और वि वेद कर े ैं विक उन् ें परीक्षा में गल प्रश्नों का लाभ विदया जाए। -ूंविक उt याति-का में उठाया गया मुद्दा बाकी मामलों से असंबद्ध ै, इसलिलए विवशेर्ष अ ुमति याति-का दायर कर े की अ ुमति ीं दी गई ै। संबंति याति-काक ा( उति- रूप से उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" स्र्थीाविप काय(वा ी में, यविद आवश्यक ो, ो इस मुद्दे पर विवरो कर े क े लिलए स्व ंत्र ैं। बाकी मामलों को वि म् लिललिख ी श्रेणिणयों में सारणीबद्ध विकया जा सक ा ै: [A] णिशक्षाविमत्रों द्वारा दायर विकया गया Wम सं. सिसविवल अपील से उद्भू याति-काक ा(/आवेदक i). एसएलपी (सी) संख्या 6841 वर्ष( 2020 275 i) i). एसएलपी (सी) संख्या 6847 वर्ष( 2020 4 Ii) i). एसएलपी (सी) संख्या 7817 वर्ष( 2020 34 i) v. एसएलपी(सी) (D. No. 12246) वर्ष( 2020 27 v. एसएलपी(सी) (D. No. 11450) वर्ष( 2020 795 vi). एसएलपी(सी) (D. No. 13259) वर्ष( 2020 23 Vi) i). एसएलपी(सी) (D. No. 12452) वर्ष( 2020 98 Vi) i) i). एसएलपी(सी) (D. No. 14138) वर्ष( 2020 174 i) x. एसएलपी(सी) (D. No. 11452) वर्ष( 2020 1352 x. एसएलपी (सी) संख्या 6842 वर्ष( 2020 11 xi). एसएलपी (सी) संख्या 6687 वर्ष( 2020 4 Xi) i). एसएलपी(सी) (D. No. 11331) वर्ष( 2020 5 Xi) i) i). एसएलपी (सी) संख्या 6848 वर्ष( 2020 6 Xi) v. एसएलपी (सी) संख्या 6845 वर्ष( 2020 24 xv. एसएलपी (सी) संख्या 6850 वर्ष( 2020 3 Xvi). एसएलपी (सी) संख्या 6851 वर्ष( 2020 166 Xvi) i). एसएलपी(सी) (D. No. 13872) वर्ष( 2020 246 Xvi) i) i). एसएलपी (सी) संख्या 6846 वर्ष( 2020 संगठ द्वारा Xi) x. एसएलपी(सी) (D. No. 13888) वर्ष( 2020 80 B] बी.एड./बीटीसी अभ्यर्शिर्थीयों द्वारा दायर विकया गया उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" Wम सं. रिरट याति-का और सिसविवल से उद्भू याति-काक ा(/आवेदक i). एसएलपी(सी) (D. No. 12016) वर्ष( 2020 4 i) i). एसएलपी(सी) (D. No. 12798) वर्ष( 2020 62 Ii) i). एसएलपी(सी) (D. No. 13517) वर्ष( 2020 4 i) v. एसएलपी(सी) (D. No. 13182) वर्ष( 2020 45 v. एसएलपी(सी) (D. No. 13639) वर्ष( 2020 5 vi). रिरट याति-का(सी) 703 वर्ष( 2020 2 C] पूव( सैवि कों या विवकलांग व्यविtयों द्वारा दायर विकया गया Wम सं. रिरट याति-का और सिसविवल से उद्भू याति-काक ा(/आवेदक i). एसएलपी(सी) D. No. 12189 वर्ष( 2020 75 i) i). एसएलपी(सी) (D. No. 11446) वर्ष( 2020 56 Ii) i). एसएलपी(सी) (D. No. 13288) वर्ष( 2020 16 i) v. एसएलपी(सी) (D. No. 12792) वर्ष( 2020 13
28. मामलों में ोविटस जारी कर े ुए, 21.05.2020 विद ांविक आदेश द्वारा राज्य सरकार को इस न्यायालय द्वारा वि म् लिललिख क े बारे में विववरण प्रस् ु कर े क े लिलए क ा गया र्थीा: - “(i) ) व (मा में राज्य में विक े णिशक्षाविमत्र काय(र ैं और त्काल -य प्रविWया में विक े णिशक्षाविमत्र शाविमल ुए ैं;
(i) i) ) सामान्य श्रेणी में विक े णिशक्षाविमत्रों े 45% से अति क अंक या आरतिक्ष श्रेणी में 40% से अति क अंक प्राप्त विकए;" उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"
29. राज्य की ओर से दायर प्रति शपर्थीपत्र में प्रस् र 6,18 और 32 में वि म् लिललिख विववरण विकए गए र्थीे:- “6. मामले का संतिक्षप्त थ्य य ै विक उत्तर प्रदेश राज्य में 1,78,000 'णिशक्षाविमत्र', सिजन् ें संविवदा क े आ ार पर प्रार्थीविमक णिशक्षकों क े रूप में भाग्यवश वि युविtयां दी गई ं, क ु ल लगभग 1,37,500 'णिशक्षाविमत्रों' को जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में स ायक णिशक्षक क े रूप में समायोसिज विकया गया र्थीा। उत्तर प्रदेश वि:शुल्क और अवि वाय( णिशक्षा का अति कार (प्रर्थीम संशो ) वि यम, 2014 द्वारा उत्तर प्रदेश वि:शुल्क और अवि वाय( णिशक्षा का अति कार (प्रर्थीम संशो ) वि यम, 2011 में वि यम वि यम 16-ए क े प्राव ा को लागू कर े ुए 30.05.2014 विद ांविक अति सू- ा द्वारा राज्य सरकार द्वारा विकए गए संशो द्वारा स ायक णिशक्षक क े रूप में राज्य की वि यविम सेवा में समायोसिज विकया गया और राज्य सरकार क े परिरणामी काय(कारी आदेशों को रिरट-ए सं. 34833 वर्ष( 2014, आ ंद क ु मार यादव एवं अन्य ब ाम भार संघ में मा ीय उच्च न्यायालय इला ाबाद, क े समक्ष -ु ौ ी दी गई र्थीी।....… ……….. ………..
18. य क ( विदया गया ै विक एटीआरई-2019 में शाविमल ो े और योग्य अभ्यर्शिर्थीयों और णिशक्षा विमत्रों की क ु ल संख्या का विववरण वि म् ा ुसार ै;
1. क ु ल पंजीक ृ अभ्यर्थी: 14,31,466
2. क ु ल उपन्विस्र्थी अभ्यर्थी: 4,09,5302
3. सामान्य श्रेणी में क ु ल उत्तीण( अभ्यर्शिर्थीयों का 65% कट ऑफ 36,614
4. आरतिक्ष श्रेणी में क ु ल उत्तीण( अभ्यर्शिर्थीयों का 60% कट ऑफ 1,09,446 क ु ल उत्तीण( (विबन्दु सं. 3+4) 1,46,060
5. परीक्षा में उपन्विस्र्थी ुए क ु ल णिशक्षाविमत्र 45,357 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"
6. सामान्य वग( में उत्तीण( ुए णिशक्षा विमत्रों का 65% कट ऑफ 61561
7. आरतिक्ष वग( में उत्तीण( ुए णिशक्षा विमत्रों का 60% कट ऑफ 76457 उत्तीण( ुए क ु ल णिशक्षा विमत्र (बिंबदु 6+7) 8,018 45% या 40% कट ऑफ क े संदभ( में जा कारी
1. सामान्य वग( क े णिशक्षा विमत्र सिजन् ों े लगभग 45% से 65% बी- अंक प्राप्त विकए 18,858
2. आरतिक्ष वग( क े णिशक्षा विमत्र सिजन् ों े लगभग 40% से 60% बी- अंक प्राप्त विकए 23,771 क ु ल 1 +2 32,629
3. सामान्य वग( (णिशक्षा विमत्र क े अलावा) अभ्यर्शिर्थीयों क े लगभग 45% से 65% क े बी- प्राप्त अंक 65,080
4. आरतिक्ष वग( (णिशक्षा विमत्र क े अलावा) अभ्यर्शिर्थीयों क े लगभग 40% से 60% क े बी- प्राप्त अंक 1,50,4264 क ु ल 3+4 2,15,506
32. 21.05.2020 विद ांविक आदेश क े अ ुपाल में विववरण ी-े विदए गए ैं, Wम सं. विववरण विववरण
1. व (मा में राज्य में काय(र णिशक्षाविमत्रों की संख्या 1,52,330
2. एटीआरई-2019 में शाविमल णिशक्षाविमत्रों की संख्या 45,357
3. सामान्य वग( में 45% से अति क अंक प्राप्त विकए गये णिशक्षाविमत्रों की संख्या
4. आरतिक्ष वग( में 40% अंक प्राप्त विकए गये णिशक्षाविमत्रों की संख्या 23,243 क ु ल (3) और (4) 32,629
5. सामान्य वग( में 65% अंक प्राप्त विकए गये णिशक्षाविमत्रों की संख्या 1561 आरतिक्ष वग( में 60% से अति क अंक प्राप्त विकए गये णिशक्षाविमत्रों की संख्या क ु ल (5) और (6) 8018 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ” 29.[1] प्रति शपर्थीपत्र में य भी क ( विदया गया र्थीा:- "11. य क ( विदया जा ा ै विक 68,500 स ायक णिशक्षकों की भ: क े लिलए एटीआरई-2018 क े लिलए विदशावि द›श जारी विकए गए र्थीे। य ां य उल्लेख कर ा उति- ै विक एटीआरई क े वल एक योग्य ा परीक्षा ै और जो रिरविt क े एक विवशेर्ष वर्ष( क े लिलए आयोसिज की जा ी ै। इस प्रकार स ायक णिशक्षकों की 68500 रिरविtयों को भर े क े लिलए एटीआरई- 2018 आयोसिज विकया गया र्थीा। एटीआरई-2018 क े लिलए 09.01.2018 विद ांविक क े विदशावि द›शों का खंड 1(ख) स्पष्ट रूप से वि ा(रिर कर ा ै विक परीक्षा क े वल इस भ: क े लिलए वै ै। आगे खंड 7(3) में क ा गया ै विक एटीआरई उत्तीण( कर े से उ अभ्यर्शिर्थीयों को रोजगार का कोई अति कार ीं विमलेगा क्योंविक य -य क े योग्य ा मा दंडों में से क े वल एक ै।
12. एटीआरई-2018 में शाविमल ो े वाले अभ्यर्शिर्थीयों की क ु ल संख्या 1,07,873 ै, सिज में से 41556 उत्तीण( ैं। एटीआरई-2018 में भाग ले े वाले क ु ल णिशक्षा विमत्र 34,311 ैं, सिज में से 8588 उत्तीण( ैं।
13. इस प्रकार य स्पष्ट ै विक एटीआरई-2018 को वि युविt क े एक विवशेर्ष वर्ष( क े लिलए अ (क परीक्षा क े रूप में आयोसिज विकया गया र्थीा, ज ां सामान्य और आरतिक्ष श्रेणी क े अभ्यर्शिर्थीयों क े लिलए योग्य ा अंक 45% और 40% वि ा(रिर विकए गए र्थीे। इसलिलए याति-काक ा(ओं द्वारा मांगी गई रा विक एटीआरई-2019 क े लिलए एटीआरई-2018 क े कट ऑफ अंक पूरी र से गल ैं।....… …...
26. इस प्रकार य प्रस् ु विकया जा ा ै विक अ ( ा अंक य कर ा परीक्षा की प्रविWया में बदलाव ला े या विकसी भी मा दंड को बदल े क े लिलए ीं ै। परीक्षा समाप्त ो े क े बाद मामले की विकसी भी दृविष्टकोण से, क े वल शीर्ष( से योग्य ा में अ ( ा प्राप्त कर े वाले अभ्यर्थी: ी भ: क े उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" लिलए कदार ैं और ऐसा कर े समय, इस बा की संभाव ा ै विक राज्य सरकार द्वारा वि ा(रिर प्रति श और अति क बढ़ सक ा ै यद्यविप 69000 रिरविtयों क े सापेक्ष 4.10 लाख अभ्यर्थी: शाविमल ुए ैं। इस प्रकार, न्यू म योग्य ा अंक वि ा(रिर कर ा ो अवै ै और ी म मा ा ै। मा ीय उच्च न्यायालय े आक्षेविप वि ण(य में विवस् ार से --ा( की ै और अव ारिर विकया ै विक कट ऑफ अंक य कर ा ो म मा ा ै और ी भेदभावपूण(। आक्षेविप वि ण(य क े प्रस् र 72 और 73 में विवद्वा तिडवीज बें- े अव ारिर विकया ै विक राज्य सरकार े 01.12.2019 विद ांविक विवज्ञाप में स ी रीक े से एटीआरई-2019 में आवेद कर े क े लिलए कट ऑफ अंक य ीं विकया ै क्योंविक भ: प्राति कारी य आकल कर े की न्विस्र्थीति में ैं विक अभ्यर्शिर्थीयों े रिरविtयों की संख्या को ध्या में रख े ुए बें-माक ( का प्रदश( और वि ा(रण विकया ै। मा ीय उच्च न्यायालय े आगे य अव ारिर विकया विक आ ंद क ु मार यादव मामले में मा ीय न्यायालय का लाभकारी वि द›श एक बार वि ा(रिर न्यू म योग्य ा अंक प्राप्त कर े क े बाद याति-काक ा(ओं क े लिलए उपलब् ै।....… …....
28. याति-काक ा(ओं का य क ( विक णिशक्षाविमत्र जो एटीआरई -2018 और एटीआरई-2019 में एक सजा ीय वग( क े रूप में विदखाई विदए जो पूण( ः गल ै। मा ीय तिडवीज बें- े याति-काक ा(ओं क े इस क ( को स ी ठ राया ै विक वे एक सजा ीय वग( का गठ ीं कर े ैं। य प्रस् ु विकया जा ा ै विक आ ंद क ु मार यादव मामले में मा ीय न्यायालय े य कभी ीं अव ारिर विकया विक णिशक्षाविमत्र सजा ीय वग( का गठ कर े ैं। य प्रस् ु विकया जा ा ै विक दो ों परीक्षाएं अलग- अलग रिरविtयों क े लिलए अलग-अलग विदशावि द›शों क े आयोसिज की गई र्थीीं, इसलिलए य पूरी र से गल क ( ै विक दो ों एटीआरई क े लिलए समा कट ऑफ अंक ो ा -ावि ए। "
30. य ां य अवश्य क ा जा ा -ावि ए विक व (मा में काय(र णिशक्षाविमत्रों द्वारा ारिर पदों और जो एटीआरई-2019 में शाविमल ुए र्थीे, उसको छोड़कर, राज्य उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" सरकार को इस न्यायालय द्वारा पारिर अं रिरम आदेश द्वारा जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में स ायक णिशक्षकों क े शेर्ष पदों को भर े की अ ुमति दी गई र्थीी।
31. व (मा मामले में प्रति योविग ा मुख्य रूप से एक रफ णिशक्षा विमत्रों क े बी- ै, जो 65-60% क े स् र पर न्यू म अ (क अंक वि ा(रिर कर े और बी.एड. अभ्यर्शिर्थीयों को -य प्रविWया में भाग ले े क े लिलए व्यणिर्थी ैं; जबविक विवपक्ष राज्य सरकार और बी.एड./बीटीसी अभ्यर्थी: जो गैर णिशक्षाविमत्र ै।
32. णिशक्षाविमत्रों की ओर से विवद्वा अति वtा श्री पी.एस. पटवालिलया, श्री सी.ए. सुंदरम, श्री राक े श विद्ववेदी, डॉ. राजीव व, श्री वि ेश गुप्ता, श्री वी. शेखर, श्री एस. गुरु क ृ ष्ण क ु मार, सुश्री मी ाक्षी अरोड़ा, श्री विद ेश विदवेदी, श्री क े.टी.एस. ुलसी, श्री जयं भूर्षण, वरिरष्ठ विवद्वा अति वtा और श्री गौरव अग्रवाल और सुश्री ान्या अग्रवाल े क ( प्रस् ु विकया । उ क े क ( र्थीे:- क) 1,37,500 णिशक्षाविमत्र, सिजन् ें प्रारंभ में वि यविम सेवा में समायोसिज विकया गया र्थीा और सिज का समायोज इला ाबाद उच्च न्यायालय की पूण( पीठ द्वारा पारिर आदेशों क े परिरणामस्वरूप अपास् विकया गया र्थीा और इस न्यायालय द्वारा आ ंद क ु मार यादव मामले में एक सजा ीय वग( का गठ विकया गया र्थीा। (ख) एटीआरई-2018 क े लिलए 45-40% क े स् र पर न्यू म योग्य ा प्रति श क े विवपरी, एटीआरई-2019 क े लिलए 65-60% क े स् र पर न्यू म योग्य ा प्रति श क े वि ा(रण े णिशक्षाविमत्रों क े दो समू ों क े बी- अप्राक ृ ति क और म मा ा अं र पैदा विकया। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ग) 65-60% पर ऐसा वि ा(रण परीक्षा क े बाद विकया गया र्थीा और य परीक्षा क े बाद खेल क े वि यमों को बदल े क े समा ोगा। इस न्यायालय क े वि ण(य पर क े. मंजूश्री ब ाम आंध्र प्रदेश राज्य और अन्य 12 मामलों में अवलम्ब लिलया गया र्थीा। घ) विपछले 15 वर्षŒ से अति क समय से सेवा में ो े क े कारण, ज ां उन् ें आवश्यक योग्य ा प्राप्त कर े और अप े सेवा दातियत्वों का वि व( कर े ुए एटीआरई-2019 क े लिलए ैयारी कर े की आवश्यक ा र्थीी, णिशक्षाविमत्रों को बी. एड./बीटीसी योग्य ा रख े वाले ए स् ा कों क े समा स् र पर ीं रखा जा सक ा र्थीा। ङ) एटीआरई- 2019 में 65-60% पर न्यू म योग्य ा प्रति श क े वि ा(रण में णिशक्षाविमत्रों क े विवरूद्ध बा र कर े का त्व शाविमल ै, जो वि यमावली 1981 में विवणिशष्ट संशो क े संदभ( में णिशक्षाविमत्र क े रूप में अप े अ ुभव क े लिलए अति मा क े कदार ो े क े बावजूद, अब उt लाभ क े लिलए इ कार विकया जा र ा र्थीा। वि यमावली 1981 क े अ ुसार, एटीआरई में प्राप्त विकए गये अंकों का क े वल 60% ी गुणवत्ता अंकों को प्राप्त कर े क े अन्य मापदंडों क े सार्थी मा ा जाएगा। ालांविक, एटीआरई- 2019 एक प्रमुख -य मा दंड में बदल गया। (-) पूव( सैवि कों क े लिलए 5% आरक्षण क े सार्थी, उन् ें आवंविट की जा े वाली सीटें 3450 ो गई ं, सिजसक े सापेक्ष लगभग 650-700 अभ्यर्शिर्थीयों े आवेद विकया। 65-60% कट ऑफ स् र पर, उ में से ब ु कम लोगों को मौका विमलेगा। अन्य आरतिक्ष श्रेणिणयों जैसे शारीरिरक रूप से विवकलांग और स्व ंत्र ा से ावि यों क े आणिश्र ों क े संबं में भी य ी न्विस्र्थीति
उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ोगी। इ सभी श्रेणिणयों में 45-40% कट ऑफ की संभाव ा अति क ोगी। बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों की पात्र ा क े मुद्दे क े संबं में, क ु छ विवद्वा अति वtा े क ( विदया विक:i) ) वि यमावली 1981 क े अ ुसार, जब एटीआरई-2019 आयोसिज विकया गया र्थीा ब बी. एड. तिडग्री ारकों को स ायक णिशक्षकों क े रूप में वि युt ीं विकया जा सक ा र्थीा, लेविक प ले उन् ें प्रणिशक्षु णिशक्षक क े रूप में वि युt विकया जाएगा; और वे प्रणिशक्षु णिशक्षकों क े रूप में छ म ी े क े प्रणिशक्षण पूण( कर े क े पश्चा ी स ायक णिशक्षक क े पदों क े लिलए मान्य ोंगे। i) i) ) वि यम 14 (बी) क े अ ुसार, सरकार को प्रणिशक्षु णिशक्षक क े रूप में वि युt विकए जा े वाले अभ्यर्शिर्थीयों की संख्या पर विव-ार कर ा और वि ण(य ले ा र्थीा, जो अभ्यास कभी ीं विकया गया र्थीा। i) i) i) ) एटीआरई-2019 आयोसिज ो े क े बाद वि यमावली 1981 में 23 वें, 24 वें और 25 वें संशो प्रभाविव ुए। इ संशो ों को विदया गया पूव(व्यापी प्रभाव राज्य सरकार क े वि यम ब ा े की शविt से परे र्थीा और इस प्रकार स्पष्ट अवै ा को ीं ब-ा सका।
33. राज्य की ओर से विवद्वा अपर म ाति वtा सुश्री ऐश्वया( भाटी, जबविक और उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" बी. एड./बीटीसी उम्मीदवारों की ओर से विवद्वा वरिरष्ठ अति वtा श्री ए-ए साल्वे, श्री आर. वेंकटरमणा ी, श्री पल्लव सिससोविदया, श्री क े.वी. विवश्व ार्थी, सुश्री वी. मो ा उपन्विस्र्थी ुए। उ क े क ( इस प्रकार र्थीे:- क) य राज्य का अप ा अति कार र्थीा विक व 65-60% क े स् र पर कट ऑफ अंक य करे। वि यमावली 1981 क े वि यम 2(1)(x) क े अ ुसार, एटीआरई क े संबं में अ (क अंक "ऐसे न्यू म अंक ोंगे जो सरकार द्वारा समय-समय पर वि ा(रिर विकए जा सक े ैं"। ख) 07.01.2019 विद ांविक आदेश से प्रकट ुआ विक कट ऑफ को वि ा(रिर कर े का प्रस् ाव विद ांक 05.01.2019 को शुरू विकया गया र्थीा, या ी एटीआरई-2019 से प ले विद ांक 06.01.2019 को आयोसिज विकया गया र्थीा। प्रस् ाव में य क ा गया ै विक टीईटी-2018 में लगभग 11 लाख अभ्यर्थी: शाविमल ुए र्थीे, सिज में से 3,86,000 सफल घोविर्ष विकए गए र्थीे और "प्रति स्प ा( की संभाव ा ो े क े कारण" य प्रस् ाव विकया गया र्थीा विक कट ऑफ अंक टीईटी परीक्षा से 5% अति क वि ा(रिर विकए जाएँ। ग) 65-60% स् र पर कट ऑफ अंक य कर े क े कारण र्थीे:- (i) ) आवेद ों की बढ़ ी संख्या क े कारण -य क े दायरे को कम कर ा; और
(i) i) ) शैक्षणिणक प्रदश( में सु ार प्राप्त कर े क े लिलए सिजससे उच्च अंकों वाले मे ावी अभ्यर्शिर्थीयों को इस क्षेत्र में प्रवेश कर े की अ ुमति ोगी। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"
(i) i) i) ) एटीआरई-2019 की प्रणाली पूण( ः अलग र्थीी। एटीआरई- 2018 में आवश्यक संतिक्षप्त वण( ात्मक उत्तरों क े विवपरी, एटीआरई-2019 में ब ुविवकल्पीय-वस् ुवि ष्ठ प्रश्नों पर जोर विदया गया र्थीा। घ) खेल क े वि यमों में कोई बदलाव ीं ुआ क्योंविक 07.01.2019 विद ांविक आदेश द्वारा प ली बार कट ऑफ अंक वि ा(रिर विकए गए र्थीे। योगेश यादव ब ाम भार संघ एवं अन्य 13 और झारखंड लोक सेवा आयोग ब ाम म ोज क ु मार गुप्ता 14 में इस न्यायालय क े वि ण(य पर अवलम्ब लिलया गया र्थीा। ङ) एटीआरई क े वल उस विवशेर्ष वर्ष( की भ: क े लिलए वै र्थीा और अभ्यर्शिर्थीयों को संबंति एटीआरई परीक्षा से संबंति भ: की श Œ का पाल कर ा र्थीा। णिशक्षाविमत्र, जो एटीआरई-2018 और एटीआरई- 2019 में शाविमल ुए र्थीे, समा वग( में ीं आ े। -) -ूंविक गुणवत्ता अंक ैयार कर े समय एटीआरई से 60% अंकों को ध्या में रखा जाएगा, इसलिलए विकसी भी अभ्यर्थी: क े लिलए एटीआरई- 2019 में अप ा सव(श्रेष्ठ प्रदश( कर े का कोई अवसर ीं र्थीा। इस प्रकार, विवज्ञाप /विदशावि द›शों में कट ऑफ अंकों को विदखाया जा ा असंग र्थीा। छ) बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों की पात्र ा और कदारी एटीआरई-2019 में भाग ले े क े लिलए एकल न्याया ीश क े समक्ष कभी -ु ौ ी ीं दे र े र्थीे।
14 (2020) 1 SCALE) 504 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ज) 01.12.2018 विद ांविक विदशावि द›शों में, 'न्यू म योग्य ा' शीर्ष(क क े, य विवशेर्ष रूप से उल्लेख विकया गया र्थीा विक अभ्यर्शिर्थीयों की पात्र ा ए सीटीई द्वारा वि ा(रिर न्यू म योग्य ा क े संदभ( में ोगी, सिजसमें विद ांक 28.06.2018 भी शाविमल ै। (ज) भ: प्रविWया शुरू ो े से प ले वि यमावली 1981 में संशो विकया गया र्थीा जो अब सी े बी.एड अभ्यर्शिर्थीयों को भ: क े लिलए प्रदा विकया गया र्थीा जो स ायक णिशक्षक क े पद पर वि युविt क े बाद क े प्रणिशक्षण जो का ू क े अ ुसार र्थीा, क े अ ी र्थीे।
34. विवद्वा अपर म ाति वtा सुश्री भाटी द्वारा य भी क ( विदया गया र्थीा विक राज्य णिशक्षाविमत्रों को पूवा(ग्र क े विकसी भी प्रभाव को दूर कर े क े लिलए अगले -य में प्रति स्प ा( कर े का एक और अवसर प्रदा करेगा लेविक व (मा -य को 65-60% क े कट ऑफ स् र क े सार्थी आगे बढ़ े की अ ुमति दी जा ी -ावि ए। 34.[1] राज्य की ओर से दायर लिललिख कर्थी में, वि म् लिललिख उदा रण विदया गया र्थीा:- “3. एक सारणीबद्ध -ाट( से प ा -ल ा ै विक यविद कट ऑफ अंक 65% और 60% से घटाकर 45% और 40% कर विदया जा ा ै ो एक अभ्यर्थी: सिजस े 70% अंक प्राप्त विकए ैं, उसे एक णिशक्षाविमत्र सिजस े 50% अंक प्राप्त विकए ैं द्वारा बा र कर विदया जाएगा। वि यम 14 [गुणवत्ता अंक] क े अ ुसार अंति म मेरिरट सू-ी संपूण( 70% शैक्षणिणक अंक क े सार्थी णिशक्षाविमत्र क े अलावा एक णिशक्षा विमत्र सिजसका शैक्षणिणक अंक 50% ै उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ैयार कर े क े लिलए प्राप्त विकए गये अंकों का प्रति श अन्य अभ्यर्थी: क े अंक ाई स्क ू ल 10% 7 5 इंटरमीतिडएट 10% 7 5 स् ा क 10% 7 5 प्रणिशक्षण प्रमाणपत्र 10% 7 5 एटीआरई-2019 में प्राप्त अंक 42 (यविद उसे 70% विमल ा ै) 27 (यविद उसे एटीआरई में 45% विमल ा ै) अति मा णिशक्षाविमत्रों को 2.[5] अंक प्रति वर्ष( से 25 अंक कोई अति मा ीं क ु ल 25 अंक क ु ल अंक 70 अंक 72 अंक इस प्रकार, य स्पष्ट ै विक यविद कट ऑफ अंक 65% और 60% से घटाकर 45% और 40% कर विदया जा ा ै ो क े वल णिशक्षकों की गुणवत्ता से समझौ ा विकया जाएगा, बन्विल्क एक मे ावी अभ्यर्थी: को जरअंदाज कर विदया जाएगा।" 34.[2] बी.एड./बीटीसी अभ्यर्शिर्थीयों की ओर से दायर लिललिख कर्थी में, वि म् लिललिख सू-ी भी प्रस् ु विकए गए र्थीे:- "एटीआरई 2018 और 2019 क े म त्वपूण( आंकड़े Wम सं. पैरामीटर एटीआरई 2018 एटीआरई 2019
1. रिरविtयों की क ु ल संख्या 68500 69000
2. शाविमल ो े वाले अभ्यर्शिर्थीयों की क ु ल संख्या 1,07,000 4,09,530
3. अ (क अंक 40-45% 60-65%
4. उत्तीण( अभ्यर्शिर्थीयों की क ु ल संख्या 41,556 1,46,078 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" (38.83%) (37.62%)
5. शाविमल ो े वाले णिशक्षाविमत्रों की क ु ल संख्या 34,311 45,357
6. उत्तीण( ो े वाले णिशक्षाविमत्रों की क ु ल संख्या 8588 (25.02%) 8,018 (17.67%)
7. एटीआरई 2019 में 40-45% और 60-65% अंकों क े बी- प्राप्त ुए णिशक्षाविमत्रों की क ु ल संख्या लागू ीं 32,629
8. एटीआरई 2019 में 40-45% और 60-65% अंकों क े बी- प्राप्त अन्य अभ्यर्शिर्थीयों की क ु ल संख्या लागू ीं 2,15,506
9. क ु ल अभ्यर्शिर्थीयों की संख्या जो 40-45% कट- ऑफ क े अ ुसार उत्तीण( ोंगे 41,556 (38.83%) 4,02,2013 (98.21%) "वि म् लिललिख सू-ी से प ा -ल ा ै विक यविद एटीआरई -2019 में अ (क अंक 45% क कम ो जा े ैं ो णिशक्षाविमत्र, जो अप े शैक्षणिणक करिरयर क े माध्यम से 35% अंक (बीटीसी में 50% को छोड़कर, जो उत्तीण( अंक ै) प्राप्त कर ा ै, का -य क ै से विकया जाएगा, जबविक बीटीसी क े अभ्यर्शिर्थीयों को अप े शैक्षणिणक करिरयर क े माध्यम से 67% अंक प्राप्त ो े ैं: मैविट्रक (सम्पूण( % का 10%) 10+2 (सम्पूण( % का 10%) स् ा क (सम्पूण( % का 10%) बीटीसी/बी. एड. (सम्पूण( % का 10%) अति मा 2.[5] अंक/वर्ष( एटीआरई-19 (सम्पूण( % का 60%) क ु ल अंक णिशक्षाविमत्रों का शैक्षणिणक में 35% 3.[5] 3.[5] 3.[5] 5 25 27 (45%) 67.[5] अन्य का शैक्षणिणक में 67% 6.[7] 6.[7] 6.[7] 6.[7] 0 40.[2] (67%)
35. जैसा विक राज्य क े प्रति शपर्थीपत्र में क ा गया ै, 1,78,000 णिशक्षाविमत्रों को उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" संविवदा क े आ ार पर प्रार्थीविमक णिशक्षकों क े रूप में वि युविtयां दी गई र्थीीं उ में से 1,37,500 णिशक्षाविमत्रों को जूवि यर बेसिसक स्क ू लों में स ायक णिशक्षक क े रूप में समायोसिज विकया गया र्थीा। उ का समायोज -ु ौ ी का विवर्षय र्थीा और राज्य द्वारा पारिर आदेशों को इस आ ार पर अपास् कर विदया गया विक सिज लोगों क े पास जूवि यर बेसिसक स्क ू ल में स ायक णिशक्षक क े रूप में वि युt ो े क े लिलए आवश्यक योग्य ा ीं ै, उन् ें ऐसा कोई लाभ ीं विदया जा सक ा ै। 1,37,500 की संख्या का क ु छ म त्व ै क्योंविक एटीआरई -2018 और एटीआरई-2019 स ायक णिशक्षकों क े Wमशः 68,500 और 69,000 पदों को भर े क े लिलए आयोसिज विकए गए र्थीे; जो क ु ल 1,37,500 ो े ैं। विववि यम 1981 में उपयुt संशो क े बाद, णिशक्षा विमत्र "जूवि यर बेसिसक स्क ू लों क े स ायक अध्यापक और स ायक अध्याविपका" क े पदों पर वि युविt क े लिलए पात्र ो गए, बश › विक उन् ों े विववि यम 1981 में वि ा(रिर शैक्षणिणक योग्य ा प्राप्त कर ली ो। प्रति शपर्थीपत्र क े प्रस् र 34 क े अ ुसार, 1,52,330 णिशक्षाविमत्र व (मा में राज्य में काय(र ैं और 45,357 णिशक्षाविमत्र एटीआरई-2019 में शाविमल ुए। इस प्रकार, 1,02,000 से अति क णिशक्षाविमत्र एटीआरई-2019 में शाविमल ीं ुए, क्योंविक या ो उ क े पास अपेतिक्ष योग्य ा ीं र्थीी या वे स ायक णिशक्षकों क े पदों क े लिलए प्रति स्प ा( कर े में रुति- ीं रख े र्थीे।
36. अणिभलेख क े अ ुसार, एटीआरई-2019 में 1,46,060 अभ्यर्शिर्थीयों में से 8018 णिशक्षा विमत्र उत्तीण( ैं, जबविक बी. एड. और बीटीसी अभ्यर्थी: Wमशः 97,368 और 38,610 ैं और अन्य योग्य ा रख े वाले 2064 अभ्यर्थी: ैं। क ु ल उत्तीण( अभ्यर्शिर्थीयों की संख्या क े सापेक्ष 8018 णिशक्षाविमत्रों का उत्तीण( प्रति श उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" 17.67% ै। य ां य ोट विकया जा ा -ावि ए विक बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों को पूव( की -य प्रविWया में शाविमल ो े की अ ुमति ीं र्थीी और एटीआरई -2018 में शाविमल ीं ो सक े । वास् व में, उ की कदारी एटीआरई-2018 क े बाद प ली बार उत्पन्न ुआ। य ां क विक जब बी. एड. अभ्यर्थी: प्रति योविग ा से बा र र्थीे ब एटीआरई-2018 (25.02%) में उत्तीण( णिशक्षाविमत्रों का प्रति श ब ु अति क ीं र्थीा, जैसा विक प्रस् र 34.[2] में दी गई सू-ी से स्पष्ट ै।
37. में अब व (मा -य में बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों की पात्र ा क े मुद्दे पर विव-ार कर ा -ावि ए। मा-(, 2018 में आयोसिज टीईटी परीक्षा में, 3,86,000 उत्तीण( अभ्यर्शिर्थीयों में से, णिशक्षा विमत्र क े वल 40,000 र्थीे; सिजसका अर्थी( ै विक णिशक्षा विमत्र क े अलावा अन्य अभ्यर्थी: बड़ी संख्या में उत्तीण( ुए र्थीे। 01.12.2018 विद ांविक सरकारी आदेश क े प्रस् र 4(2) े ए सीटीई क े क ु छ वि द›शों का उल्लेख विकया, सिजसक े बदले में बी.एड. अभ्यर्शिर्थीयों की पात्र ा पर विव-ार विकया गया र्थीा इसलिलए, य अति क स्पष्ट र्थीा विक आगामी -य प्रविWया में काफी संख्या में बी. एड. अभ्यर्थी: शाविमल ोंगे। इस पृष्ठभूविम में, बी.एड. अभ्यर्शिर्थीयों की कदारी क े लिलए विकसी -ु ौ ी क े अभाव में प्रविWया और एटीआरई -2019 में शाविमल ो ा म त्वपूण( ै। लेविक म क े वल इस प लू पर अवलम्ब ले े का प्रस् ाव ीं कर े ैं और य विव-ार कर े क े लिलए आगे बढ़ े ैं विक क्या बी. एड. तिडग्री ारक व (मा -य प्रविWया में पात्र मा ी जा े वाली विवति में कदार ैं।
38. राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद अति वि यम, 1993 (संक्षेप में 'ए सीटीई अति वि यम') को अन्य बा ों क े सार्थी-सार्थी णिशक्षक णिशक्षा प्रणाली में मा दंडों और उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" मा कों क े विववि यम और उति- रखरखाव क े लिलए अति वि यविम विकया गया र्थीा। ए सीटीई अति वि यम का अध्याय II परिरर्षद् की स्र्थीाप ा से संबंति ै जबविक अध्याय III 'परिरर्षद् क े काय(' से संबंति ै। जैसा विक परिरर्षद क े क ु छ काय( ारा 12 में प्रति पाविद विकए गये ैं जो वि म् ा ुसार ैं:- "12. परिरर्षद क े काय( - परिरर्षद का य क (व्य ोगा विक व ऐसे सभी कदम उठाए जो व णिशक्षक णिशक्षा क े वि योसिज और समन्विन्व विवकास को सुवि तिश्च कर े और णिशक्षक णिशक्षा क े लिलए मा कों क े वि ा(रण और रखरखाव और इस अति वि यम क े अप े कायŒ को कर े क े प्रयोज ों क े लिलए उपयुt समझे- (क)-(ख).… …... (ग) णिशक्षक णिशक्षा और देश में इसक े विवकास का समन्वय और वि गरा ी कर ा; (घ) स्क ू लों में या मान्य ाप्राप्त संस्र्थीाओं में णिशक्षक क े रूप में वि युt विकए जा े वाले व्यविt क े लिलए न्यू म अ ( ाओं क े बाब माग(दश(क सिसद्धां प्रति पाविद कर ा; (ङ) इसमें प्रवेश क े लिलए न्यू म पात्र ा मा दंड और अभ्यर्शिर्थीयों क े -य की विवति, पाठ्यWम की अवति, पाठ्यWम सामग्री और पाठ्यWम की विवति सवि णिशक्षक णिशक्षा में पाठ्यWम या प्रणिशक्षण की विकसी विववि र्निदष्ट श्रेणी क े लिलए मा दंड प्रति पाविद कर ा; (एफ)-(ड)..… …... उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" (ढ) ऐसे अन्य काय( करेगा, जो उसे क े न्द्रीय सरकार द्वारा सौंपे जाएं।" 38.[1] जैसा विक मूल रूप से अति वि यविम विकया गया र्थीा विक NCTE) अति वि यम मुख्य रूप से "णिशक्षक णिशक्षा प्रणाली" में मा कों को विववि यविम कर े से संबंति र्थीा। ए सीटीई अति वि यम क े प्राव ा म ाराष्ट्र राज्य ब ाम सं ध्या ेश्वर णिशक्षण शास्त्र म ाविवद्यालय एवं अन्य 15 में विव-ारार्थी( आया। इस न्यायालय े अव ारिर विकया:- “62. उपरोt वि ण(यों से, मारे वि ण(य में, का ू ब ु अच्छी र से व्यवन्विस्र्थी प्र ी ो ा ै। ज ां क उच्च णिशक्षा या अ ुसं ा, वैज्ञावि क और क ीकी संस्र्थीा ों में मा कों क े समन्वय और वि ा(रण का संबं ै, विवशेर्ष रूप से संविव ा की अ ुसू-ी VII की सू-ी I की प्रविवविष्ट 66 क े विवर्षय वस् ु आ ी ै और राज्य को संसद की विव ायी शविt पर अति Wमण कर े की कोई शविt ीं ै। जब संविव ा की अ ुसू-ी VII की सू-ी III की प्रविवविष्ट 25 क े विवर्षय वस् ु आ ी ो, भी संसद और राज्य विव ा मंडलों की समव: शविt ो ी ै और संविव ा क े राज्य विव ा मंडल द्वारा सीमाओं और प्रति बं ों क े अ ी उपयुt अति वि यम ब ाया जा सक ा ै।
63. त्काली मामले में य स्वीकाय( विकया जा ा ै विक संसद े 1993 अति वि यम लागू विकया ै, जो प्रव ( में ै। अति वि यम की प्रस् ाव ा पूरे देश में णिशक्षक-णिशक्षा प्रणाली क े वि योसिज और समन्विन्व विवकास, अध्यापक-णिशक्षण प्रणाली और इससे जुड़े मामलों क े लिलए मा दंडों और मा कों क े विववि यम और उति- रखरखाव को प्राप्त कर े क े उद्देश्य से राष्ट्रीय णिशक्षक णिशक्षा परिरर्षद (NCTE) ) की स्र्थीाप ा का प्राव ा कर ी ै। उसको प्राप्त कर े क े उद्देश्य से, क ें द्र सरकार द्वारा -ार स्र्थीा ों पर राष्ट्रीय अध्यापक णिशक्षा परिरर्षद की स्र्थीाप ा की गई ै। इस प्रकार य स्पष्ट ै विक क्षेत्र पूरी र से संसद क े एक अति वि यम
उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" द्वारा और अ ुसू-ी VII की सू-ी I की प्रविवविष्ट 66 क े लिलया गया ै। इसलिलए, य उt क्षेत्र का अति Wमण कर े क े लिलए राज्य विव ा मंडल क े लिलए उपलब् ीं ै। क े वल संसद ी उति- का ू ब ाकर शविt का प्रयोग कर सक ी र्थीी। इ परिरन्विस्र्थीति यों में, य राज्य सरकार क े लिलए राज्य अति वि यम या " ीति पर विव-ार" पर अवलम्ब ले े की अ ुमति से इ कार कर े क े लिलए उपलब् ीं ै।" 38.[2] बेसिसक णिशक्षा बोड(, उत्तर प्रदेश ब ाम उपेंद्र राय और अन्य16 में, मुद्दा य र्थीा विक क्या ए सीटीई अति वि यम क े प्राव ा सामान्य शैक्षणिणक संस्र्थीा ों से संबंति ैं और क्या वे उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा अति वि यम और इसक े ब ायी गयी वि यमावली क े प्राव ा ों को अध्यारोविप करेंगे। य न्यायालय े अव ारिर विकया:- "22. य उल्लेख विकया जा सक ा ै विक 'संस्र्थीा' शब्द को ए सीटीई अति वि यम की ारा 2 (ड़) में परिरभाविर्ष विकया गया ै, सिजसका अर्थी( ै एक ऐसी संस्र्थीा जो अध्यापक णिशक्षण में पाठ्यWम या प्रणिशक्षण प्रदा कर ी ै। इस प्रकार, ए सीटीई अति वि यम प्रार्थीविमक विवद्यालयों, उच्च विवद्यालयों, इंटरमीतिडएट कॉलेज या विवश्वविवद्यालय जैसे सामान्य शैक्षणिणक संस्र्थीा ों से संबंति ीं ै। ारा 2(2) [si) c 2(ड़)] में यर्थीा परिरभाविर्ष "संस्र्थीा" शब्द का अर्थी( क े वल अध्यापक प्रणिशक्षण संस्र्थीा ै विक सामान्य शैक्षणिणक संस्र्थीा । इसलिलए, य क े वल णिशक्षक प्रणिशक्षण संस्र्थीा ैं सिजन् ें क्षेत्रीय सविमति से मान्य ा प्राप्त कर ा या मान्य ा जारी रख ा ो ा ै। सामान्य शैक्षणिणक संस्र्थीा ों को ए सीटीई अति वि यम क े ऐसी कोई मान्य ा या जारी रख े की मान्य ा ीं ले ी ो ी ै। वास् व में, ए सीटीई अति वि यम सामान्य शैक्षणिणक संस्र्थीा ों से संबंति ीं ै। इसलिलए, 16 (2008) 3 एससीसी 432 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" म य समझ े में विवफल ैं विक य क ै से क ा जा सक ा ै विक ए सीटीई अति वि यम उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा अति वि यम और उसक े ब ाए गए वि यमावली को अध्यारो ी कर ा ै। वास् व में, दो अति वि यम पूरी र से दो अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर े ैं। ए सीटीई अति वि यम णिशक्षकों क े प्रणिशक्षण संस्र्थीा ों से संबंति ै जबविक उत्तर प्रदेश बेसिसक णिशक्षा अति वि यम यूपी क े सामान्य प्रार्थीविमक स्क ू लों से संबंति ै विक विकसी णिशक्षक प्रणिशक्षण संस्र्थीा से। प्रति वादी क े विवद्वा अति वtा क े क ( को इस प्रकार पूरी र से गल समझा गया ै।” 38.[3] इसक े पश्चा ् ए सीटीई अति वि यम को 2011 क े अति वि यम* 18 द्वारा वर्ष( 2011 में संशोति विकया गया र्थीा और इस र क े संशो क े बाद अति वि यम का दीघ( शीर्ष(क अब इस प्रकार ै 'पूरे देश में अध्यापक णिशक्षण प्रणाली क े वि योसिज और समन्विन्व विवकास को प्राप्त कर े की दृविष्ट से अध्यापक णिशक्षण क े लिलए एक राष्ट्रीय परिरर्षद की स्र्थीाप ा, स्क ू ल णिशक्षकों की योग्य ा और इससे संबंति मामलों सवि अध्यापक णिशक्षण प्रणाली में मा दंडों और मा कों क े विववि यम व उति- व्यवस्र्थीा क े लिलए एक अति वि यम प्रदा कर ा'। उसी संशो द्वारा ए सीटीई अति वि यम में ारा 12 क अं ःस्र्थीाविप विकया गया, उt ारा का प्रासंविगक भाग वि म् ै:- “12 क. स्क ू ल णिशक्षकों की णिशक्षा क े न्यू म मा क अव ारिर कर े की परिरर्षद् की शविt - स्क ू लों में णिशक्षा क े मा कों को ब ाए रख े क े उद्देश्य से, परिरर्षद विववि यमों क े अ ुसार, क ें द्र सरकार या राज्य सरकार या विकसी स्र्थीा ीय या अन्य प्राति करण द्वारा स्र्थीाविप, सं-ालिल या मान्य ा प्राप्त विकसी भी पूव(-प्रार्थीविमक, प्रार्थीविमक, उच्च * राष्ट्रीय अध्यापक णिशक्षण परिरर्षद (संशो ) अति वि यम (2011 का 18) उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" प्रार्थीविमक, माध्यविमक, उच्च माध्यविमक या इंटरमीतिडएट स्क ू ल या कॉलेज, सिजस भी ाम से ज्ञा ै, में णिशक्षकों क े रूप में भ: ो े क े लिलए व्यविtयों की योग्य ा का वि ा(रण कर सक ी ै: … …...” ए सीटीई अति वि यम की ारा 32 ए सीटीई को य अति कार दे ी ै विक व सामान्य रूप से ए सीटीई अति वि यम क े प्राव ा ों को पूरा कर े क े लिलए आति कारिरक राजपत्र में अति सू- ा जारी करक े विववि यम ब ाए, जो विववि यम अब 12 क# क े णिशक्षकों की योग्य ा क े लिलए प्रदा कर सक े ैं। 38.[4] इस प्रकार य स्पष्ट ै विक स्क ू लों में णिशक्षा क े मा कों को ब ाए रख े क े लिलए, ए सीटीई को अब विवशेर्ष रूप से स्क ू लों या कॉलेजों में णिशक्षकों क े रूप में भ: ो े क े लिलए व्यविtयों की योग्य ा वि ा(रिर कर े का अति कार ै। "अध्यापक णिशक्षण प्रणाली" में मा कों को विववि यविम कर े क े अलावा, ए सीटीई अति वि यम अब णिशक्षकों क े रूप में भ: विकए जा े वाले व्यविtयों की योग्य ा क े संबं में मा दंडों और मा कों क े विववि यम और उति- व्यवस्र्थीा से संबंति ै।"
39. ए सीटीई अति वि यम क े दायरे और क्षेत्र में उसिल्ललिख परिरव ( को ध्या में रख े ुए, एक और विवकास पर भी ध्या विदया जा ा -ावि ए। वि:शुल्क और अवि वाय( बाल णिशक्षा का अति कार अति वि यम, 2009 (संक्षेप में 'आरटीई अति वि यम') को संसद द्वारा छ से -ौद वर्ष( की आयु वग( क े बच्चों को अन्य बा ों क े सार्थी-सार्थी एक औप-ारिरक स्क ू ल में सं ोर्षज क और समा गुणवत्ता की पूण(कालिलक प्रार्थीविमक णिशक्षा प्रदा कर े क े लिलए अति वि यविम विकया गया र्थीा जो क ु छ आवश्यक मा दंडों और मा कों को पूरा कर े ैं। आरटीई अति वि यम की # ए सीटीई अति वि यम 75 की ारा 32(2)(ड़ड़) उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ारा 23 णिशक्षकों की वि युविt क े लिलए योग्य ा से संबंति ै और य ब ा ी ै:- "23. णिशक्षकों की सेवा की वि युविt और वि बं ों व श Œ क े लिलए अ ( ा - (1) ऐसी न्यू म योग्य ा रख े वाला कोई भी व्यविt, जैसा विक अति सू- ा द्वारा क ें द्र सरकार द्वारा अति क ृ एक शैक्षणिणक प्राति करण द्वारा वि ा(रिर विकया गया ै, णिशक्षक क े रूप में वि युविt क े लिलए पात्र ोगा। (2)........ (3).........”
40. विद ांक 31.03.2010 की अति सू- ा द्वारा, क ें द्र सरकार े आरटीई अति वि यम की ारा 23 क े प्रदत्त शविtयों क े प्रयोग में, ए सीटीई को एक णिशक्षक क े रूप में वि युविt क े लिलए पात्र ो े क े लिलए विकसी व्यविt क े लिलए न्यू म योग्य ा वि ा(रिर कर े क े लिलए एक 'अकादविमक प्राति करण' क े रूप में अति क ृ विकया। ए सीटीई द्वारा जारी अति सू- ा विद ांविक 28.06.2018 उस शविt क े प्रयोग में र्थीी जो उसे विद ांक 31.03.2010 की अति सू- ा से प्रदत्त की गयी र्थीी। विद ांक 28.06.2018 की अति सू- ा क े अ ुसार, विकसी भी ए सीटीई मान्य ा प्राप्त संस्र्थीा से 'बै-लर ऑफ एजुक े श ' की योग्य ा अब कक्षा I से V क क े णिशक्षक क े रूप में वि युविt क े लिलए एक वै योग्य ा ोगी बश › विक णिशक्षक क े रूप में वि युt व्यविt को अवि वाय( रूप से इस र की वि युविt क े दो साल क े भी र प्रारंणिभक णिशक्षा में छ म ी े का वि¹ज कोस( कर ा ोगा।
41. ए सीटीई अति वि यम क े प्राव ा ों क े ए सीटीई को सशt ब ा े में संसदीय मंशा और 31.03.2010 विद ांविक उt अति सू- ा क े ए सीटीई उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" क े पक्ष में विवणिशष्ट प्राति करण प्रदा कर े से, ए सीटीई का अति कार विकसी भी संदे से परे ै। यद्यविप ए सीटीई अति वि यम की ारा 12 और 12 क सपविठ ारा 32 क े कोई विवणिशष्ट विववि यम ीं ै, लेविक व (मा उद्देश्यों क े लिलए, 31.03.2010 विद ांविक अति सू- ा क े विवणिशष्ट प्राति करण क े आ ार पर ए सीटीई य वि ा(रिर कर े का कदार र्थीा विक उt अति सू- ा में वर्शिण 'बै-लर ऑफ एजुक े श ' योग्य ा रख े वाले कक्षा I से V क े लिलए णिशक्षकों क े रूप में वि युt ो े क े कदार ैं। ए सीटीई की ओर से इस र का वि ा(रण बाध्यकारी ोगा। य इस कारण से ै विक 01.12.2018 विद ांविक जी.ओ. े एटीआरई-2019 को अति सूति- कर े ुए स्पष्ट रूप से क ा विक 28.06.2018 विद ांविक अति सू- ा सवि ए सीटीई द्वारा जारी अति सू- ाओं में वि र्निदष्ट न्यू म योग्य ा रख े वाले उम्मीदवार एटीआरई-2019 में भाग ले े क े कदार र्थीे।
42. इस प्रकार योग्य ा और बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों की पात्र ा, का ू में विकसी भी संदे से परे ैं, विव-ार विकया जा े वाला अगला प्रश्न य ै विक क्या एटीआरई- 2019 को आयोसिज कर े से प ले 1981 वि यमावली में उति- परिरणामी संशो विकए विब ा, बी. एड. योग्य ा रख े वाले अभ्यर्शिर्थीयों को एटीआरई-2019 में भाग ले े की अ ुमति दी जा सक ी ै। इस न्यायालय क े वि ण(यों में लिलए गए वि म् लिललिख अवलोक ों पर अवलम्ब लिलया गया र्थीा। i) ) पी. म ेन्द्र और अन्य आविद ब ाम क ा(टक राज्य और अन्य17 "4....... संशो वि यमों में वि वि विकसी भी अणिभव्यt प्राव ा क े अभाव में इसे प्रक ृ ति में भविवष्यलक्षी मा ा जा ा -ावि ए। जो वि यम प्रक ृ ति में भविवष्यलक्षी ैं, वे मैक े वि कल इंजीवि यरिंरग में तिडप्लोमा रख े 17 (1990)1 एससीसी 411 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" वाले उम्मीदवारों क े अति कार को छी या विबगाड़ ीं सक े ैं क्योंविक वि युविt की ारीख क े सार्थी-सार्थी आयोग द्वारा जां- की ारीख पर वे -य और वि युविt क े लिलए योग्य र्थीे।... ” i) i) ) मद मो शमा( और एक अन्य ब ाम राजस्र्थीा राज्य और अन्य18 “.... समय विवशेर्ष पर परिरपत्र प्राप्त कर े क े आ ार पर एक बार विवज्ञाप जारी कर विदया गया, ो इसका प्रभाव य ोगा विक -य प्रविWया उ मा दंडों क े आ ार पर जारी र ी -ावि ए जो वि ा(रिर विकए गए र्थीे और य उ मा दंडों क े आ ार पर ीं ो सक ा ै जो बाद में विकए गए ैं।”
43. 28.06.2018 विद ांविक अति सू- ा राज्य सरकार पर बाध्यकारी ो े से, राज्य द्वारा स्र्थीाविप वै ावि क व्यवस्र्थीा को उt अति सू- ा क े अ ुरूप पढ़ा जा ा -ावि ए। योग्य ा या पात्र ा, 28.06.2018 विद ांविक अति सू- ा द्वारा प ले से ी प्रदत्त ै, 1981 वि यमावली में संशो क े वल ए सीटीई द्वारा जारी वि द›शों क े अ ुरूप वै ावि क व्यवस्र्थीा ब ा े क े लिलए विकए गए र्थीे। अति कार या पात्र ा, प ली बार 1981 वि यमावली में विकए गए संशो ों द्वारा प्रदा ीं की गई र्थीी और इसलिलए संबंति संशो ों में मौजूद भू लक्षी क े त्व को उस परिरप्रेक्ष्य में पढ़ा जा ा -ावि ए। उ संशो ों क े पीछे की मंशा प ली बार भू लक्षी प्रभाव क े सार्थी एक अति कार वि र्निम कर े क े लिलए ीं र्थीी, बन्विल्क क े वल ए सीटीई क े वि द›शों क े अ ुरूप वै ावि क व्यवस्र्थीा को काया(न्विन्व कर ा र्थीा। सैद्धांति क रूप से, भले ी इस र की वै ावि क व्यवस्र्थीा को इ ा सुसंग ीं ब ाया गया र्थीा, बी. एड. तिडग्री ारक संबंति उम्मीदवार अभी भी पात्र ो सक ा ै और एटीआरई-2019 क े लिलए उसकी उम्मीदवारी से इ कार ीं विकया जा सक ा र्थीा। 18 (2008) 3 एससीसी 724 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"
44. प्रासंविगक रूप से, एटीआरई में प्रदश( उस संक े कों में से एक ै जो गुणवत्ता बिंबदुओं को ब ा े में विकया जा ा ै, सिजस पर -य क े लिलए मेरिरट सू-ी ैयार कर े क े -रण में Wमवार विव-ार विकया जा ा -ावि ए। -य की वास् विवक प्रविWया शुरू ो े क, 1981 वि यमावली क े रूप में वै ावि क व्यवस्र्थीा पूरी र से सुसंग और Wम में र्थीी। इसलिलए ऊपर अवलम्ब लिलए गए और उद्धृ वि ण(यों की व (मा मामले क े लिलए कोई प्रयोज्य ा ीं ै।
45. डॉ. प्री ी श्रीवास् व और एक अन्य आविद ब ाम म.प्र. राज्य और अन्य आविद19 में इस न्यायालय की संविव ा पीठ क े वि ण(य का भी अवलम्ब य प्रस् ु कर े क े लिलए लिलया गया र्थीा विक -ूँविक 1981 वि यमावली (जैसा विक वे 23 वें संशो से प ले र्थीे) में अपेक्षाएँ, ज ाँ क बी. एड. अभ्यर्शिर्थीयों का संबं र्थीा, 28.06.2018 विद ांविक अति सू- ा से वि ग( श Œ क े अलावा र्थीीं, इसे स्व ंत्र रूप से सं ुष्ट ो ा -ावि ए और इसलिलए 1981 वि यमावली में कोई भू लक्षी संशो ीं ो सक ा ै। उt वि ण(य में, इस न्यायालय द्वारा य अव ारिर विकया गया र्थीा। "39.... प्रत्येक मामले में क ें द्रीय क़ा ू द्वारा या इसक े वि ा(रिर न्यू म मा कों का अ ुपाल राज्य द्वारा भ: कर े समय विकया जा ा ै। इसक े अलावा, य भ: क े लिलए अन्य अति रिरt मा दंडों को वि ा(रिर कर सक ी ै या प्रविवष्टी 25 सू-ी III क े अप ी शविtयों क े प्रयोग में इस र से भ: को विववि यविम कर सक ी ै, जो असंग ो या इस र से वि ा(रिर मा दंडों को कमजोर कर ी ो।" 19 (1999)7 एससीसी 120 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" जैसा विक इस न्यायालय द्वारा अव ारिर विकया गया ै, राज्य द्वारा वि ा(रिर अति रिरt मा दंड वि तिश्च रूप से अ ुप्रयोज्य और प्रव ( ीय ोगा। लेविक एक बार, ए सीटीई े वि ा(रिर विकया विक बी. एड. तिडग्री ारक अभ्यर्थी: कक्षा I से V क े लिलए णिशक्षकों क े रूप में वि युt ो े क े कदार ोगा, बश › विक उन् ें छ म ी े का वि¹ज कोस( कर ा ोगा। (23 वें संशो से प ले) 1981 वि यमावली में य श ( विक उन् ें प ले प्रणिशक्षु णिशक्षकों क े रूप में वि युt कर ा ोगा, य 28.06.2018 विद ांविक अति सू- ा को अति भावी कर देगा। 1981 वि यमावली में उt श ( को अति रिरt मा दंड ीं मा ा जा सक ा ै। य 28.06.2018 विद ांविक अति सू- ा क े पूरी र से विवरो में -ला गया, य ी कारण ै विक उस संशो को सुसंग ा में ला े क े लिलए भू लक्षी प्रभाव विदया गया र्थीा।
46. इ परिरन्विस्र्थीति यों में, म इस मुद्दे क े संबं में उच्च न्यायालय द्वारा वि काले गए वि ष्कर्षŒ को मंजूरी दे े ैं और अव ारिर कर े ैं विक बी. एड. उम्मीदवारों को ठीक ी व (मा -य प्रविWया में भाग ले े की अ ुमति दी गई र्थीी।
47. अब म एटीआरई 2019 क े लिलए न्यू म अ ( ा अंक क े रूप में 65-60% क े वि ा(रण से संबंति प्रश्नों पर विव-ार कर े ैं। प ला प्रश्न इस क ( से संबंति ै विक इस र का वि ा(रण म मा ा और क ( ी र्थीा और वि म् लिललिख उप-शीर्षŒ क े विव-ार विकया जा सक ा ै:- (क) क्या एटीआरई-2019 में एटीआरई -2018 क े सापेक्ष न्यू म अ ( ा अंकों क े संबं में विवणिभन्न मा दंड ो सक े ैं। (ख) क्या णिशक्षा विमत्र, जो एटीआरई-2018 और एटीआरई-2019 में उपन्विस्र्थी ुए, उन् ो ें एक एकल समरूप वग( का गठ विकया। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" (ग) ए स् ा कों क े लिलए जो पैमा ा लागू विकया जा सक ा ै, उसक े सापेक्ष क्या णिशक्षा विमत्र क े लिलए एक अलग मा दंड ीं ो ा -ावि ए, जो णिशक्षकों क े रूप में सेवा प्रदा कर र े र्थीे। (घ) क्या “न्यू म अ ( ा अंक” न्यू म ीं विदख े -ावि ए? क्या 65- 60% का कट ऑफ स्व ः म मा ा ीं र्थीा; (ड़) क्या एटीआरई-2019 को एक अपवज( ात्मक (बा र कर े क े लिलए) परीक्षण में परिरवर्ति विकया जा सक ा ै और इस र अ ुभव क े लिलए अति मा क े लाभ को णिशक्षा विमत्र क े लिलए अस्वीकार कर विदया गया। दूसरा प्रश्न इससे संबंति ै विक एटीआरई-2019 ो े क े बाद इस र का वि ा(रण कर े में शविt का स ी प्रयोग ुआ।
48. 68,500 पदों क े -य क े लिलए, 1,07,000 उम्मीदवारों े एटीआरई- 2018 में भाग लिलया र्थीा; और 45-40% अ ( ा अंक पर 41,556 अभ्यर्थी: उत्तीण( ुए र्थीे। इस प्रकार उत्तीण( उम्मीदवारों का प्रति श 38.83 प्रति श र्थीा। दूसरी ओर, 69,000 पदों क े लिलए व (मा -य प्रविWया में 4,09,530 उम्मीदवारों े भाग लिलया और 65-60% कट ऑफ अंकों क े सार्थी, 1,46,078 अभ्यर्थी: उत्तीण( ुए र्थीे। इस बार उत्तीण( उम्मीदवारों का प्रति श 37.62 प्रति श र्थीा, जो एटीआरई-2018 में उत्तीण( अभ्यर्शिर्थीयों क े लगभग बराबर र्थीा। ालांविक, एटीआरई-2018 में उत्तीण( उम्मीदवारों की संख्या रिरविtयों की संख्या से कम र्थीी; जबविक 65-60% कट ऑफ क े सार्थी भी व (मा -य में उत्तीण( उम्मीदवारों की संख्या पदों की संख्या से अति क र्थीी। ये आंकड़े परीक्षाओं की प्रक ृ ति और कविठ ाई क े स् र क े बारे में संक े दे े ैं और ब ा े ैं विक 65-60% क े कट ऑफ क े सार्थी भी, उत्तीण( उम्मीदवारों का प्रति श लगभग समा र्थीा।
49. य सत्य ै विक एटीआरई-2018 और 2019 द्वारा भरे जा े वाले स ायक उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" णिशक्षकों क े पदों की क ु ल संख्या 1,37,500 र्थीी जो णिशक्षा विमत्रों की विबल्क ु ल यर्थीार्थी( संख्या र्थीी, सिज का स ायक णिशक्षक क े रूप में समायोज अपास् विकया गया र्थीा; और इ णिशक्षाविमत्रों को आ ंद क ु मार यादव वाद 2 में इस न्यायालय द्वारा जारी वि द›शों क े संदभ( में क ु छ लाभ विदए गए र्थीे। एक क ( य भी र्थीा विक सभी णिशक्षा विमत्र सिजन् ें इस र का लाभ विदया गया र्थीा, उन् ों े समरूप वग( का गठ विकया और इस र एक रफ एटीआरई-2018 में उपन्विस्र्थी ुए णिशक्षा विमत्र और दूसरी ओर एटीआरई-2019 में उपन्विस्र्थी ुए णिशक्षाविमत्रों क े बी- कोई अं र ीं ो सक ा ै। य भी क ( विदया गया र्थीा विक विवणिभन्न विवर्षयों क े लिलए अंकों क े आवंट क े सार्थी दो ों परीक्षाओं क े लिलए पाठ्यWम समा ै, णिशक्षा विमत्र क े दो वगŒ क े बी- कोई अं र और एटीआरई-2019 में उपन्विस्र्थी ुए णिशक्षाविमत्रों को काफी ऊ ँ -ी कट ऑफ क े अ ी कर ा म मा ा और अ ार्निकक ोगा।
50. य ां य क ा जा ा -ावि ए विक यद्यविप पाठ्यWम और विवर्षयवार अंकों का आवंट समा र्थीा, लेविक एटीआरई-2019 की प्रक ृ ति पूरी र से अलग र्थीी। एटीआरई-2018 में प्रश्नों की प्रक ृ ति वण( ात्मक र्थीी और परीक्षा की अवति ी घंटे र्थीी। ालांविक, एटीआरई 2019 में प्रश्न ब ुविवकल्पीय- वस् ुवि ष्ठ प्रश्न र्थीे और परीक्षा की अवति भी अलग र्थीी। सवालों क े वण( ात्मक जवाब लिलख े क े बजाय, जो एटीआरई-2018 में र्थीा, कई विवकल्प विदए गए र्थीे और एटीआरई 2019 में स ी उत्तर को ति-विÑ कर ा र्थीा। स्वाभाविवक रूप से, दो ों परीक्षाओं की प्रक ृ ति और कविठ ाई का स् र अलग र्थीा। इसलिलए उप प्रश्न (क) का उत्तर सकारात्मक रूप में विदया जा ा -ावि ए और य स्वीकार विकया जा ा -ावि ए विक एटीआरई - 2019 क े लिलए न्यू म अ ( ा अंकों क े बारे में अलग-अलग पैमा े ो सक े ैं।
51. एटीआरई 2018 में उपन्विस्र्थी ो े वाले णिशक्षा विमत्र सवि सभी अभ्यर्शिर्थीयों े एक वग( का गठ विकया, जबविक एटीआरई 2019 में उपन्विस्र्थी ो े वालों े एक उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" अन्य वग( ब ाया। एक परीक्षा में उपन्विस्र्थी ो े वाले अभ्यर्शिर्थीयों या विकसी अन्य परीक्षा या -य में उपन्विस्र्थी ो े वाले अभ्यर्शिर्थीयों क े बी- अं र -संबं या एकरूप ा ीं ो सक ी ै। अभ्यर्थी: वि स्संदे एक पैमा े पर एक ी परीक्षा में एक दूसरे क े सार्थी प्रति स्प ा( करेंगे जो उ सभी पर समा रूप से लागू ो ा ै। लेविक य क े क े लिलए विक एटीआरई-2019 में उपन्विस्र्थी ुए णिशक्षा विमत्रों को एटीआरई-2018 क े अभ्यर्शिर्थीयों क े सार्थी समा ा की अ ुमति दी जा ी -ावि ए, जो एक अलग -य प्रविWया का वि स्सा र्थीे, गल और अ ार्निकक ोगा। एटीआरई-2019 क े मूल मा दंडों का परीक्षण स्वयं उस पर विकया जा ा -ावि ए और य उस पैमा े या मा दंडों पर वि भ(र ीं ो सक ा ै सिजसक े आ ार पर एटीआरई-2018 आयोसिज विकया गया र्थीा। अन्यर्थीा परीक्षा प्रविWया की सत्यवि ष्ठा असफल और शून्य ो जाएगी। णिशक्षा विमत्रों को दो लगा ार -य में अवसर प्रदा विकया गया र्थीा और कु छ णिशक्षा विमत्र जो एटीआरई-2018 में विवफल र े र्थीे, ऐसे अवसर क े प्रयोग में एटीआरई-2019 में उपन्विस्र्थी ुए। जो 45-40% कट ऑफ क े सार्थी एटीआरई- 2018 को उत्तीण( ीं कर सक े, अब उन् े य क े ीं विदया जा सक ा ै विक परीक्षा की प्रक ृ ति और कविठ ाई स् र पूरी र से बदल जा े पर भी उसी कट ऑफ को ब ाए रखा जा ा -ावि ए। इसलिलए, म इस बा को अस्वीकार कर े ैं विक णिशक्षा विमत्र जो एटीआरई-2018 और एटीआरई-2019 में उपन्विस्र्थी ुए, उन् ो े एक समा वग( का गठ विकया और द ुसार उप प्रश्न (ख) का उत्तर दे े ैं। एटीआरई-2018 में उपन्विस्र्थी ो े वाले उम्मीदवारों े स्वयं क े मध्य एक वग( ब ाया, जबविक एटीआरई-2019 में उपन्विस्र्थी ो े वालों े एक दूसरा वग( ब ाया। सिजस परीक्षा से ोकर उस वग( क े अभ्यर्थी: गुजरे र्थीे उसी क े आ ार पर उस वग( की मेरिरट का उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" परीक्षण विकया जा ा र्थीा और प ले की परीक्षा क े विकसी भी पैमा े या मा दंडों को बाद की परीक्षा में ीं लगाया जा सक ा।
52. म.प्र. राज्य और अन्य ब ाम गोपाल डी. ीर्थीा( ी और अन्य20 में इस न्यायालय क े वि ण(य पर अवलम्ब ले े ुए, य क ा गया र्थीा विक णिशक्षा विमत्र जो णिशक्षकों क े रूप में अप ी सेवाओं का वि व( कर र े र्थीे, उन् ें बी. एड./बीटीसी योग्य ा ारक ए स् ा कों क े सार्थी समा स् र पर ीं रखा जा सक ा र्थीा। । उस मामले में, इस न्यायालय को राज्य सरकार द्वारा स् ा कोत्तर पाठ्यWमों में सेवार उम्मीदवारों क े लिलए क ु छ सीटों को अलग कर े पर विव-ार कर े क े लिलए क ा गया र्थीा। इस न्यायालय द्वारा य अवलोक विकया गया: - "21.... राज्य सरकार में विवशेर्ष रूप से सेवार उम्मीदवारों क े लिलए तिडग्री और तिडप्लोमा पाठ्यWम शाविमल कर े ुए स् ाकोत्तर स् र पर शैक्षणिणक सीटों का एक वि तिश्च प्रति श अलग कर े में क ु छ भी गल ीं ै, इस र अलग की गयी सीटों की सीमा क, भ: क े लिलए प्रवेश या -ै ल का एक अलग और अ न्य स्रो ै। य आरक्षण ीं ै। राज्य सरकार की सेवा में काय(र अभ्यर्थी: और वे अभ्यर्थी: जो राज्य की सेवा में काय(र ीं ैं, वे एक बो गम्य विवभेद क े आ ार पर दो वग( ैं। एक प्रशंस ीय उद्देश्य ै सिजसे प्राप्त विकया जा ा ै। उच्च शैक्षणिणक उपलन्विब् यों को प्राप्त कर े पर, सेवार अभ्यर्थी: राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में ै ा ो े क े लिलए उपलब् ोंगे। ऐसा ीं ै विक एक सेवार अभ्यर्थी: क े वल राज्य सरकार की सेवा में ो े क े आ ार पर स् ा कोत्तर तिडग्री या तिडप्लोमा प्राप्त कर े क े कारण सेवा छोड़ देगा। यविद कोई दुराशंका ै, ो इसे राज्य सरकार द्वारा ऐसे उम्मीदवारों से उ क े प्रवेश ले े क े पूव( श ( क े रूप में एक बन् पत्र प्राप्त 20 (2003)7 एससीसी 83 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" करक े दूर कर विदया जाये विक स् ाकोत्तर तिडग्री/तिडप्लोमा पाठ्यWम पूरा कर े क े बाद वे अगले पां- वर्षŒ क े लिलए राज्य सरकार की सेवा करेंगे। इसक े अलावा, बन् पत्र क े सार्थी ी लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कर ा अपेतिक्ष ै। इस प्रकार, स्पष्ट रूप से वग:करण और प्राप्त की जा े वाली वस् ु क े बी- एक बो गम्य क ( संग संबं ै।" य न्यायालय सेवार अभ्यर्शिर्थीयों क े लिलए वि ा(रिर सीटों क े क ु छ प्रति श की वै ा पर विव-ार कर र ा र्थीा और इस े वग:करण को स ी पाया, जो राज्य क े ग्रामीण वि स्सों में सक्षम पेशेवरों की उपलब् ा को प्राप्त कर े क े उद्देश्य से संबंति र्थीी। दूसरी ओर, णिशक्षा विमत्रों को अवसर दे े का उद्देश्य य सुवि तिश्च कर ा र्थीा विक उन् ें दूसरों क े सार्थी प्रति स्प ा( कर े का उति- मौका विदया जाए ाविक राज्य में प्रार्थीविमक णिशक्षा का ध्या रख े क े लिलए सव(श्रेष्ठ उपलब् ों। मारे विव-ार में, दलील स्वीकार योग्य ीं ै। द ुसार उप प्रश्न (ग) का उत्तर विदया जा ा ै।
53. य आगे प्रस् ु विकया गया विक 65-60% पर कट ऑफ का वि ा(रण काफी उच्च स् र का र्थीा और वि यमावली 1989 क े प्रासंविगक प्राव ा ों द्वारा 'न्यू म अ ( ा अंक' 87 ीं र ा। य दलील उच्च न्यायालय क े एकल न्याया ीश क े पक्ष में र्थीी सिजन् ों े क ा र्थीा विक न्यू म अ ( ा अंक न्यू म ो ी -ावि ए। टीईटी परीक्षा उत्तीण( कर े क े लिलए आवश्यक न्यू म अंक अ ारतिक्ष श्रेणी क े लिलए 60% क े स् र पर ैं। जो णिशक्षक ब ा -ा े र्थीे, वे प ले से ी एक प्रविWया से गुजर -ुक े र्थीे, जो 60% न्यू म उत्तीण( प्रति श क े सार्थी उ की क्षम ा का परीक्षण कर े क े लिलए पया(प्त र्थीी। इसक े अलावा, एटीआरई-2019 में विकसी अभ्यर्थी: द्वारा प्राप्त अंकों का 60% एक उम्मीदवार को आवंविट गुणवत्ता बिंबदुओं को वि ा(रिर कर े में प्रयोग विकया जाएगा। णिशक्षा विमत्रों क े लिलए स्वीकाय( अति मा उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" को छोड़कर, एक उम्मीदवार का समग्र शैक्षणिणक प्रदश( गुणवत्ता बिंबदु का लगभग 40% र्थीा, जबविक एक बड़ा वि स्सा एटीआरई-2019 में प्रदश( पर वि भ(र र्थीा। 1981 की वि यमावली क े अ ुसार, एक उम्मीदवार को एटीआरई "उत्तीण(" कर ा ोगा और इस प्रकार एटीआरई क े वल एक परीक्षा र्थीी सिजसे विव-ार क े क्षेत्र में आ े (-यवि ो े क े लिलए) क े लिलए उत्तीण( कर ा र्थीा, बन्विल्क उस परीक्षा में प्राप्त विकए गए 60% अंकों का उपयोग मेरिरट सू-ी ैयार कर े क े उद्देश्यों क े लिलए विकया जाएगा। -य क े दृविष्टकोण से, एटीआरई का पया(प्त म त्व और प्रभाव ै। कारण स्पष्ट र्थीा विक सभी उम्मीदवारों का परीक्षण एक पैमा ा या एक मा दंड पर विकया जाएगा जो सभी प्रति स्प: दावेदारों क े बराबर और समा ोगा। 65-60% स् र पर वि ा(रण सव(श्रेष्ठ उपलब् प्रति भा को प्राप्त कर ा र्थीा। य ां क विक इस योग्य ा मा दंड क े सार्थी, एटीआरई-2019 में उत्तीण( उम्मीदवारों का प्रति श 37.62% र्थीा, जो एटीआरई-2018 में 38.83% क े काफी करीब र्थीा और उत्तीण( उम्मीदवारों की संख्या भरे जा े क े लिलए आवश्यक रिरविtयों से काफी अति क र्थीी। इस प्रकार, व (मा मामले में 65-60% स् र पर कट ऑफ, स्वयं ी शविt का गल या अवै प्रयोग ीं क ा जा सक ा ै। द ुसार उप प्रश्न (घ) का उत्तर विदया जा ा ै।
54. ब य क ा गया र्थीा विक वि यमावली 1981 क े प्राव ा ों क े अ ुसार, एटीआरई में प्रदश( क े वल संक े कों में से एक मा ा गया र्थीा। ालांविक, संक े कों में से एक को प्रस् ु कर े की आवश्यक ा को पूरा कर े क े बजाय, कट ऑफ को 65-60% स् र पर वि ा(रिर कर े से एटीआरई-2019 एक अपवज( ात्मक परीक्षण (बा र कर े वाली परीक्षा) ब गया। य क ा गया विक एटीआरई में प्रदश( से अन्य प्रत्येक पैमा ा खत्म ो गया और इस प्रविWया में प्रत्येक णिशक्षा विमत्र को विमल े वाला अति मा लाभ को उससे अस्वीकार कर विदया गया। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"
55. ालांविक 22 वें संशो क े परिरणामस्वरूप, एटीआरई उत्तीण( कर ा वि यम 8 का भाग ीं र ा, वि यमावली 1981 क े वि यमों क े वि यम 14 में आवश्यक ा को विवशेर्ष रूप से बरकरार रखा गया। इसक े अलावा, परिरणिशष्ट I सपविठ वि यम 14(2) क े संदभ( में एटीआरई में विकसी अभ्यर्थी: द्वारा प्राप्त विकए गए अंकों का 60% मेरिरट सू-ी ैयार कर े क े लिलए गुणवत्ता बिंबदुओं का वि ा(रण कर े में प्रयुt विकया जाएगा। गुणवत्ता बिंबदुओं का बड़ा वि स्सा एटीआरई में प्रदश( से सी े संबंति ै, 65-60% स् र पर मात्र वि ा(रण जो बोड( क े सभी अभ्यर्शिर्थीयों पर लागू ो ा ै, को अपवज( ात्मक ीं क ा जा सक ा ै। एटीआरई े सामान्य मं- ब ाया सिजसक े आ ार पर विवणिभन्न अभ्यर्शिर्थीयों की व्यविtग मेरिरट का परीक्षण विकया जा सक ा ै, य ी कारण ै विक एटीआरई में प्रदश( को आवंविट गुणवत्ता बिंबदुओं का एक बड़ा वि स्सा विदया गया र्थीा।
56. य क ( विक इस र क े वि ा(रण क े परिरणामस्वरूप बड़ी संख्या में णिशक्षा विमत्रों को 1981 की वि यमावली क े प्राव ा ों क े वि ा(रिर अति मा क े लाभ से वंति- कर विदया गया र्थीा, य भी स्वीकार योग्य ीं ै। क ु लभूर्षण विमश्रा और एक अन्य ब ाम उ.प्र. राज्य और अन्य में, उच्च न्यायालय की खण्ड़ पीठ े वि ष्कर्ष( वि काला र्थीा विक णिशक्षा विमत्र क े अ ुभव क े लिलए आवंविट अति मा को एटीआरई में विकसी व्यविt द्वारा प्राप्त अंकों में जोड़ े पर विव-ार ीं विकया गया र्थीा। इस प्रकार सभी णिशक्षा विमत्र जा े र्थीे विक उन् ें एटीआरई में अ ( ा प्राप्त कर ी र्थीी और वे उसक े बाद ी अप े अ ुभव क े लिलए अति मा क े कदार ोंगे। एटीआरई-2019 में 8000 से अति क णिशक्षा विमत्र अ ( ा प्राप्त कर -ुक े ैं, सिज में वे लोग शाविमल र े ोगें जो प ले एटीआरई-2018 में इसे प्राप्त कर े में विवफल र े र्थीे। जो णिशक्षा विमत्र मे ावी र्थीे और उन् ों े परीक्षा को गंभीर ा से लिलया जो इसक े योग्य र्थीा, वि तिश्च रूप से 65-60% क े कट ऑफ से अति क अंक ासिसल उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" कर े में सफल र े। आ ंद क ु मार यादव वाद 2 में इस न्यायालय द्वारा जारी विकए गए वि द›शो से य सुवि तिश्च कर ा र्थीा विक विकसी भी अन्य बा क े ो े ुए भी, णिशक्षा विमत्र को अन्य उम्मीदवारों क े सापेक्ष अप े कौशल की ुल ा कर े का अवसर विमलेगा। इस प्रकार य देखा गया विक, 65-60% पर कट ऑफ का वि ा(रण, सिजसका उद्देश्य सव त्तम उम्मीदवारों का -य कर ा र्थीा, को अपवज( ात्मक (बा र कर े वाला) ीं क ा जा सक ा ै और ी इसका उद्देश्य अ ुभव क े लिलए अति मा क े लाभ से णिशक्षा विमत्र को वंति- कर ा र्थीा। इसलिलए उप प्रश्न (ड़) का उत्तर णिशक्षा विमत्र क े विवरूद्ध विदया जा ा -ावि ए।
57. इसलिलए प ले प्रश्न का उत्तर दे े समय, म वि ष्कर्ष( वि काल े ैं विक एटीआरई-2019 में 65-60% पर कट ऑफ का वि ा(रण पूरी र से वै और उति- र्थीा। परीक्षा की प्रक ृ ति और कविठ ाई क े स् र क े सार्थी सार्थी एटीआरई- 2019 में उपन्विस्र्थी ुए अभ्यर्शिर्थीयों की बड़ी संख्या को ध्या में रख े ुए, सव(श्रेष्ठ उपलब् प्रति भा को ले े क े लिलए कट ऑफ लगाया गया र्थीा। इसलिलए सव त्तम णिशक्षकों को सुरतिक्ष कर े क े प्रयास में राज्य की ओर से प्रयास पूरी र से उति- र्थीा। इस बा पर जोर दे े की आवश्यक ा ीं ै विक संविव ा क े अ ुच्छेद 21 क क े संदभ( में गारण्टीक ृ णिशक्षा का अति कार उ बच्चों को प्रदा की जा र ी गुणवत्तापूण( णिशक्षा की परिरकल्प ा करेगा सिजसका य अर्थी( ोगा विक णिशक्षक मे ावी और सव त्तम ो ा -ावि ए। कोई प्रविWया जो सभी अभ्यर्शिर्थीयों पर समा रूप से लागू ुई और सव(श्रेष्ठ प्रति भा को प्राप्त कर े क े लिलए लगायी गयी र्थीी, उसे म मा ा या क ( ी ीं क ा जा सक ा ै।
58. दूसरे प्रश्न क े संबं में, अणिभलेख से य स्पष्ट ै विक एटीआरई -2019 क े लिलए 65-60% की कट ऑफ परीक्षा आयोसिज ो े क े एक विद बाद घोविर्ष की गई र्थीी। जैसा विक 07.01.2019 विद ांविक आदेश से परिरलतिक्ष ो ा ै, प्रविWया उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" विद ांक 05.01.2019 को शुरू की गई र्थीी, लेविक वास् विवक घोर्षणा विद ांक 07.01.2019 को की गयी र्थीी। इस र क े अ ुप्रयोग क े औति-त्य को णिशक्षा विमत्र द्वारा प्रश्नग विकया गया र्थीा और इस न्यायालय क े कु छ वि ण(यों पर अवलम्ब लिलया गया र्थीा। मूल दलीलें य र्थीीं विक उम्मीदवारों को प ले से ी कट ऑफ क े बारे में प ा ो ा -ावि ए र्थीा और परीक्षा समाप्त ो े क े बाद कट ऑफ का वि ा(रण गल और अवै ोगा। अब म दो ों पक्षों द्वारा अवलम्ब लिलए गए क ु छ वि ण(यों पर विव-ार कर सक े ैं। क] रिरयाणा राज्य ब ाम सुभार्ष -ंदर मारवा और अन्य21 में, इस न्यायालय क े दो न्याया ीशों की एक पीठ े इस प्रश्न पर विव-ार विकया विक क्या पया(प्त रिरविtयाँ ो े पर भी अन्य उत्तीण( उम्मीदवारों को छोड़ े ुए उत्तीण( उम्मीदवारों की सू-ी से प ले सा व्यविtयों को वि युt कर े में राज्य की कार(वाई स ी र्थीी। य अवलोक विकया गया: - "10. य विदखाई ीं दे ा विक रिरविtयों का अन्विस् त्व विकसी उम्मीदवार को वि युविt क े लिलए -ु े जा े का का ू ी अति कार क ै से दे ा ै। परीक्षा य विदखा े क े उद्देश्य से ै विक एक विवशेर्ष उम्मीदवार विव-ार विकए जा े क े लिलए पात्र ै। वि युविt क े लिलए -य विकया जा ा बाद की बा ै। य सरकार क े विवकल्प पर ै विक व य य करे विक विक ी वि युविtयां की जाएंगी। मात्र य थ्य विक सू-ी में विकसी अभ्यर्थी: का ाम ै, उसे परमादेश का कदार ीं ब ा ा विक उसे वि युt विकया जाए। वास् व में, यविद राज्य सरकार वि युविt क े लिलए -य कर े समय सू-ी में दी गई रैंबिंकग से विवमुख ो गयी र्थीी, ो इस आ ार पर एक वै णिशकाय ोगी विक राज्य सरकार इस संबं में वि यमों से विवमुख ो गई र्थीी। भाग 21 (1974)3 एससीसी 220 उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ग में वि यम 10 का स ी प्रभाव य ै विक यविद और जब राज्य सरकार अ ी स्र्थी न्याया ीशों की वि युविt कर े का प्रस् ाव कर ी ै, ो राज्य सरकार (i) ) सू-ी क े बा र जाकर ऐसी वि युविtयां ीं करेगी, और (i) i) ) सरकारी राजपत्र में प्रकाणिश सू-ी में सिजस स्र्थीा पर अभ्यर्शिर्थीयों को रखा गया ै, कड़ाई से उसी Wम में अभ्यर्शिर्थीयों को वि युविt क े लिलए -यवि करेगी। व (मा मामले में सरकार द्वारा इ दो आवश्यक ाओं में से विकसी का भी उल्लंघ ीं विकया गया ै। उन् ों े सू-ी में प ले सा व्यविtयों को अ ी स्र्थी न्याया ीश वि युt विकया ै। वि युविtयाँ कर े की शविt पर इ बा ाओं क े अलावा, वि यम 10 कोई अन्य बा ा ीं डाल ा ै। इसमें कोई बा ा ीं ै विक सरकार अ ी स्र्थी न्याया ीश की वि युविt करेगी क्योंविक या ो रिरविtयां ैं या क्योंविक उम्मीदवारों की सू-ी ैयार की गई ै और व अन्विस् त्व में ै।" उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ख] उत्तर प्रदेश राज्य इत्याविद ब ाम रफीक ु द्दी एवं अन्य इत्याविद मामले में एक सामान्य परीक्षा और एक प्रति योगात्मक परीक्षा क े बी- क े अं र को प्रस् ु कर े क े आलोक में विक अभ्यर्शिर्थीयों को न्यू म अंक विब ा सू- ा विदए य कर विदया गया र्थीा, जो इस न्यायालय क े समक्ष वि म् ा ुसार रखा गया र्थीा: - "12. उच्च न्यायालय की खंडपीठ े य अवलोविक विकया विक आयोग क े पास मौलिखक परीक्षा क े लिलए कोई न्यू म अंक वि ा(रिर कर े का कोई अति कार ीं र्थीा और य ां क विक यविद उसक े पास इ ी शविt र्थीी भी ो व अभ्यर्शिर्थीयों को सू- ा विदए विब ा न्यू म अंक वि ा(रिर ीं कर सक ा र्थीा। खंडपीठ े आगे क ा विक यविद आयोग े प्रति योगी परीक्षा आयोसिज कर े क े -रणों से प ले अभ्यर्शिर्थीयों को सू- ा विदया र्थीा, ो अभ्यर्थी: परीक्षा में शाविमल ो सक े ैं या ीं। मारी राय में उच्च न्यायालय े एक प्रति योगी परीक्षा में प्राक ृ ति क न्याय क े सिसद्धां ों को लागू कर े में एक गंभीर त्रुविट की। एक कॉलेज या विवश्वविवद्यालय या परीक्षा वि काय द्वारा आयोसिज परीक्षा द्वारा परीक्षा और एक प्रति योगी परीक्षा में शाविमल अभ्यर्शिर्थीयों को तिडग्री प्रदा कर े क े लिलए एक बुवि यादी अं र ै। परीक्षा वि काय या प्राति करण न्यू म उत्तीण( अंक को वि ा(रिर कर ा ै। यविद कोई व्यविt प्राति करण द्वारा वि ा(रिर न्यू म अंक प्राप्त कर ा ै, ो उसे सफल घोविर्ष विकया जा ा ै और उसक े द्वारा प्राप्त अंकों की संख्या क े अ ुसार संबंति ग्रेड में रखा जा ा ै। ऐसे मामले में परीक्षा प्राति कारी क े लिलए य अवि वाय( ोगा विक व परीक्षा उत्तीण( कर े क े सार्थी -सार्थी विवणिभन्न ग्रेड प्राप्त कर े क े लिलए अविग्रम रूप से अंक वि ा(रिर करें। दूसरी ओर एक प्रति योगी परीक्षा अलग-अलग प्रक ृ ति की ै। प्रति योगी परीक्षा का उद्देश्य और अणिभप्राय लोक सेवाओं में वि युविt क े लिलए सबसे योगय अभ्यर्शिर्थीयों का -य कर ा ै। एक अभ्यर्थी: को पया(प्त अंक प्राप्त ो े क े कारण भी सीविम पदों और उससे अति क अंक प्राप्त कर े वाले अभ्यर्थी: क े कारण -ु ा ीं जा सक ा। एक प्रति योगी परीक्षा की प्रक ृ ति और विवशेर्ष ाओं क े संबं में न्यू म अंकों क े बारे में अभ्यर्शिर्थीयों को सू- ा दे ा संभव ीं ै और ी आवश्यक ै, जो आयोग अ ुपयुt अभ्यर्शिर्थीयों को बा र कर े क े उद्देश्यों क े लिलए वि ा(रिर कर सक ा ै। प्राक ृ ति क न्याय का वि यम प्रति योगी परीक्षा पर लागू ीं ो ा ै। ” (प्रभाव वर्ति ) ग) सी ी भ: द्वारा सिजला और सत्र न्याया ीशों (ग्रेड-II) क े दस पदों क े -य की प्रविWया क े. मंजुश्री में जारी र्थीी। 30.11.2004 क े स्वीक ृ ति क े अ ुसार, -य प्रविWया में 75 अंकों क े लिलए लिललिख परीक्षा और 25 अंकों क े लिलए मौलिखक परीक्षा शाविमल र्थीी। लिललिख परीक्षा उत्तीण( कर े क े लिलए आवश्यक अंकों का न्यू म प्रति श ोगा और सफल अभ्यर्शिर्थीयों को साक्षात्कार क े लिलए बुलाया जाएगा; और लिललिख और मौलिखक उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" परीक्षाओं में अंकों क े सम्पूण( योग क े अ ुसार योग्य ा वि ा(रिर की जाएगी। इस प्रकार मौलिखक साक्षात्कार में विकसी भी न्यू म उत्तीणाFक की आवश्यक ा ीं र्थीी। ालांविक, संपूण( प्रविWया समाप्त ो े क े बाद, उप-सविमति े मौलिखक परीक्षा क े लिलए कट ऑफ का प्रति श वि ा(रिर विकया, सिजसक े परिरणामस्वरूप क ु छ अभ्यर्थी: अयोग्य ो गए। ऐसे -ार अभ्यर्शिर्थीयों द्वारा -ु ौ ी से वि पट े क े दौरा, इस न्यायालय क े ी न्याया ीशों की एक पीठ े ारिर विकया: उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" "27. लेविक जो ीं विकया जा सक ा र्थीा, व दूसरा बदलाव साक्षात्कार क े लिलए न्यू म अंकों की कसौटी को लागू कर ा र्थीा। सिजला और सत्र न्याया ीशों (ग्रेड II) क े -य क े लिलए आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा साक्षात्कार क े लिलए न्यू म अंक प ले कभी ीं लागू विकए गए र्थीे। व (मा -य क े संबं में, प्रशासवि क सविमति े क े वल विपछली प्रविWया को अप ाया। ऊपर ब ाई गई विपछली प्रविWया क े वल लिललिख परीक्षा क े लिलए न्यू म अंक लागू कर ा र्थीा, विक मौलिखक परीक्षा क े लिलए। म े 24-7-2001 और 21-2-2002 विद ांविक प्रस् ाव की उति- व्याख्या का उल्लेख विकया ै और य अव ारिर विकया विक विद ांक 30-11-2004 को जो अप ाया गया र्थीा, व क े वल लिललिख परीक्षा क े लिलए न्यू म अंक र्थीा, विक साक्षात्कार क े लिलए। इसलिलए, पूरी -य प्रविWया (लिललिख परीक्षा और साक्षात्कार को विमलाकर) पूरी ो े क े बाद, साक्षात्कार क े लिलए न्यू म अंकों की आवश्यक ा की शुरुआ, खेल क े खेल े क े बाद खेल क े वि यमों को बदल े क े लिलए ोगी जो स्पष्ट रूप से अस्वीकाय( ै। इस दृविष्टकोण में म इस न्यायालय क े कई वि ण(यों से सशt ैं। उ में से ी का उल्लेख कर ा पया(प्त ै - पी.क े. राम-ंद्र अय्यर ब ाम भार संघ23, उमेश -ंद्र शुक्ल ब ाम भार संघ 24 और दुगा(-रण विमश्रा ब ाम उड़ीसा राज्य25 । (प्रभाव वर्ति ) पी.क े. राम-ंद्र अय्यर एवं अन्य ब ाम भार संघ एवं अन्य, उमेश -ंद्र शुक्ला ब ाम भार संघ एवं अन्य, दुगा(-रण विमश्रा ब ाम उड़ीसा राज्य एवं म ाराष्ट्र राज्य सड़क परिरव वि गम एवं अन्य ब ाम राजेंद्र भीमराव मांडवे एवं अन्य26 में पूव( क े वि ण(यों पर विव-ार कर े क े बाद, इस न्यायालय े ारिर विकया: “33. 30-11-2004 विद ांविक प्रस् ाव े क े वल पूव( वि ा(रिर प्रविWया को अप ाया। विपछली प्रविWया में साक्षात्कार क े लिलए कोई न्यू म अंक ीं र्थीे। इसलिलए, -य प्रविWया में लिललिख परीक्षा, साक्षात्कार क े लिलए
उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" वि ा(रिर न्यू म अंकों का विवस् ार कर ा अस्वीकाय( ै। म स्पष्ट कर सक े ैं विक विकसी भी साक्षात्कार क े लिलए न्यू म अंकों का वि द›श अवै ीं ै। में इसमें कोई संदे ीं ै विक -य क े वि यम ब ा े वाला प्राति करण, वि यमों द्वारा वि द›णिश कर सक ा ै, लिललिख परीक्षा और साक्षात्कार दो ों क े लिलए या लिललिख परीक्षा क े लिलए न्यू म अंक वि ा(रिर कर सक ा ै, परन् ु साक्षात्कार क े लिलए ीं, या लिललिख परीक्षा या साक्षात्कार क े लिलए कोई न्यू म अंक वि ा(रिर ीं कर सक ा ै। जैसा विक ऊपर क ा गया ै विक ज ां वि यम विकसी भी प्रविWया को वि ा(रिर ीं कर े ैं व ीं -य सविमति न्यू म अंक भी वि ा(रिर कर सक ी ै। लेविक यविद -य सविमति साक्षात्कार क े लिलए न्यू म अंक वि ा(रिर कर ा -ा ी ै, ो उसे -य प्रविWया शुरू ो े से प ले कर दे ा -ावि ए। यविद -य सविमति े -य प्रविWया शुरू ो े से प ले क े वल लिललिख परीक्षा क े लिलए न्यू म अंक वि ा(रिर विकए ैं, ो य -य प्रविWया क े दौरा या -य प्रविWया क े बाद, एक अति रिरt आवश्यक ा को जोड़ ीं सक ा ै विक अभ्यर्शिर्थीयों को साक्षात्कार में न्यू म अंक भी सुरतिक्ष कर ा -ावि ए। म े जो अवै पाया ै, व -य प्रविWया पूरी ो े क े बाद मा दंड बदल र ा ै, जब पूरा -य इस आ ार पर आगे बढ़ा विक साक्षात्कार क े लिलए कोई न्यू म अंक ीं ोंगे।
36. ालांविक पूण( न्यायालय े व्याख्यात्मक प्रविWया द्वारा साक्षात्कार में न्यू म अंकों क े रूप में एक ई आवश्यक ा ब ाई, सिजसकी कोई आवश्यक ा ीं ै और जो व (मा -य प्रविWया और पूव( क े -य को लागू कर े समय अप ाई गई स्पष्टीकरण की णिभन्न ा पर ै। जैसा विक पूण( न्यायालय े प्रशासवि क सविमति क े विद ांक 30-11-2004 क े प्रस् ाव को मंजूरी दे दी और लिललिख परीक्षा और साक्षात्कार से -य की सम्पूण( प्रविWया को ब ाए रख े का भी वि ण(य लिलया, य साक्षात्कार में न्यू म अंकों की एक ई आवश्यक ा प्रारम्भ ीं कर सक ा र्थीा, सिजसका प्रभाव अभ्यर्शिर्थीयों को बा र कर े का र्थीा अन्यर्थीा जो -य क े लिलए पात्र और योग्य ोंगे। इसलिलए, म मा े ैं विक साक्षात्कार क े लिलए न्यू म प्रति श अंकों को अप ाकर मेरिरट सू-ी को संशोति कर े में पूण( न्यायालय की कार(वाई अस्वीकाय( र्थीी।" उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" इस प्रकार, इस न्यायालय े -ु ौ ी की अ ुमति दी और उच्च न्यायालय को वि द›श विदया विक व साक्षात्कार क े लिलए कोई न्यू म अंक लागू विकए विब ा लिललिख परीक्षा और साक्षात्कार में उ क े अंकों क े संदभ( में लिललिख परीक्षा में योग्य 83 अभ्यर्शिर्थीयों क े संबं में एक ई मेरिरट सू-ी ैयार करे। घ] क े. मंजुश्री मामले क े वि ण(य पर अवलम्ब ले े ुए, ेमा ी मल् ोत्रा इत्याविद ब ाम विदल्ली उच्च न्यायालय27 में इस न्यायालय क े दो न्याया ीशों की पीठ े वि ष्कर्ष( वि काला:- “15. इसमें कोई संदे ीं ै विक -य कर े क े वि यम ब ा े वाला प्राति करण लिललिख परीक्षा और मौलिखक परीक्षा दो ों क े लिलए न्यू म अंक वि यमों द्वारा वि द›णिश कर सक ा ै, लेविक यविद -य प्रविWया शुरू ो े से प ले मौलिखक परीक्षा क े लिलए न्यू म अंक वि ा(रिर ीं ै, ो संबंति प्राति कारी या ो -य प्रविWया क े दौरा या -य प्रविWया क े बाद एक अति रिरt आवश्यक ा/योग्य ा ीं जोड़ सक ा ै विक अभ्यर्थी: को साक्षात्कार में न्यू म अंक भी सुरतिक्ष कर ा -ावि ए। इसलिलए, य न्यायालय की राय ै विक मौलिखक परीक्षा में प्रति वादी द्वारा न्यू म अंकों क े वि द›श अवै र्थीे। (प्रभाव वर्ति ) ङ] ेज प्रकाश पाठक एवं अन्य ब ाम राजस्र्थीा उच्च न्यायालय एवं अन्य28 में, ी न्याया ीशों की एक पीठ को रिरयाणा राज्य ब ाम सुभार्ष -ंदर मारवा एवं अन्य में विव-ार क े समा न्विस्र्थीति क े विव-ारार्थी( बुलाया गया र्थीा, ज ां क े वल ी अभ्यर्शिर्थीयों का -य विकया गया र्थीा, जबविक अन्य को रिरविtयों क े बावजूद बा र
उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" कर विदया गया र्थीा। इस न्यायालय े क े. मंजुश्री में वि ण(य पर संदे विकया और मामले को एक वृ द पीठ को भेज विदया। क ु छ अवलोक वि म् ा ुसार र्थीे: - “1. अ ुमति प्रदा की गई। "5.... खेल क े वि यम... -य क े मा दंड को बी- में संबंति प्राति कारिरयों द्वारा या -य की प्रविWया प्रारम्भ ो े क े बाद बदला ीं जा सक ा ै। “27... खेल खेल े क े बाद खेल क े वि यमों को बदल ा... स्पष्ट रूप से अस्वीकाय( ै।” उपरोt, और इसी र क े प्रभाव क े कर्थी ों े राज्य या इसक े सा ों क े रोजगार क े संदभ( में का ू क े वि यम को प्रभाविव विकया ै। क्या का ू का ऐसा सिसद्धां अपरिरव ( ीय ै, जो "खेल क े वि यम" ैं सिजन् ें या ो खेल क े प्रारम्भ ो े या खेल े क े बाद बदला ीं जा सक ा ै, मारी राय में इस न्यायालय की वृ द पीठ द्वारा एक आति कारिरक घोर्षणा कर े की आवश्यक ा ै।"....….….…
6. इसलिलए, अपीलार्थी:गणों े इस आ ार पर -य प्रविWया को -ु ौ ी दी विक मुख्य न्याया ीश का वि ण(य क े वल उ अभ्यर्शिर्थीयों का -य कर े का ै, सिजन् ों े न्यू म 75% अंक प्राप्त विकए ैं, सिजसका सन्दभ( "खेल खेल े क े बाद खेल क े वि यमों को बदल ा", का ोगा-एक विक्ल- (cli) che), सिजसका स ी उद्देश्य मंजुश्री उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" मामले में इस न्यायालय की घोर्षणा क े बावजूद जां- कर े की आवश्यक ा ै विक य "स्पष्ट रूप से अस्वीकाय(" ै।....….….…
14. दुभा(ग्यवश, सुभार्ष -ंदर मारवा मामले में वि ण(य को मंजुश्री मामले में न्याया ीश क े संज्ञा में ीं लाया गया ै। य न्यायालय मंजूश्री मामले में पी.क े. राम-ंद्र अय्यर ब ाम यूवि य ऑफ इंतिडया, उमेश -ंद्र शुक्ला ब ाम यूवि य ऑफ इंतिडया और दुगा(-रण विमश्रा ब ाम उड़ीसा राज्य पर अवलन्विम्ब र्थीा। विकसी भी मामले में सुभार्ष -ंद्र मारवा क े वि ण(य पर विव-ार ीं विकया गया र्थीा।
15. इसमें कोई संदे ीं ै विक य एक वि कारी सिसद्धां जो राज्य या उसक े सा ों को "खेल क े वि यमों" क े सार्थी छेड़छाड़ कर े की अ ुमति ीं दे ा ै ज ाँ क पात्र ा मा दंड क े वि द›श का संबं ै, जैसा विक सी. -न्नाबसावै ब ाम मैसूर राज्य इत्याविद29 में विकया गया र्थीा सिजससे भ: प्रविWया और उसक े परिरणामों में ेरफ े र ो े से ब-ा जा सक े । क्या इस र क े सिसद्धां को "खेल क े वि यमों" क े संदभ( में लागू विकया जा ा -ावि ए, विवशेर्ष रूप से -य क े लिलए प्रविWया को वि ा(रिर कर ा, जब मांगे गए परिरव ( को -य क े लिलए अति क कठोर जां- कर ा ै, ो इस न्यायालय की एक वृ द पीठ क े आति कारिरक घोर्षणा की आवश्यक ा ो ी ै। इसलिलए, म आदेश दे े ैं विक इस मामले को इस संबं में उति- आदेशों क े लिलए भार क े मा ीय मुख्य न्याया ीश क े समक्ष रखा जाए।" छ] योगेश यादव मामले में, श्रेष्ठ अभ्यर्शिर्थीयों का -य कर े क े लिलए कट ऑफ को
उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" वि योसिज कर े में प्राति कारिरयों की ओर से प्रयास पर प्रश्न विकया गया र्थीा। इस न्यायालय क े दो न्याया ीशों की पीठ े ारिर विकया:- “13. त्काल मामला ऐसा ीं ै ज ां मौलिखक परीक्षा क े लिलए कोई न्यू म अंक वि द›णिश ीं ै और लिललिख परीक्षा क े बाद ऐसा कर े की मांग की गई ै। जैसा विक ऊपर उल्लेख विकया गया ै, परीक्षार्शिर्थीयों को वि द›श विदए गए ैं विक लिललिख परीक्षा में 80% अंक ोंगे और साक्षात्कार क े लिलए 20% अंक वि ा(रिर विकये गए र्थीे। य भी क ा गया र्थीा विक सिज सामान्य श्रेणी क े अभ्यर्शिर्थीयों े लिललिख परीक्षा में न्यू म 50% अंक और आरतिक्ष श्रेणी में न्यू म 40% अंक प्राप्त विकए ैं वे साक्षात्कार क े लिलए पात्र ोंगे। संपूण( -य पूव t मा दंड क े अ ुसार विकया गया र्थीा सिजसे भ: प्रविWया क े समय वि ा(रिर विकया गया र्थीा। साक्षात्कार आयोसिज कर े क े बाद, लिललिख परीक्षा और मौलिखक परीक्षा क े अंक जोड़े जा े र्थीे। ालांविक, -ूंविक वि युविt दे े क े लिलए एक बें-माक ( वि ा(रिर ीं विकया गया र्थीा। त्काल मामले में जो विकया जा ा ै, व य ै विक क े वल उ व्यविtयों को वि युविtयां दे े का वि ण(य लिलया जा ा ै सिजन् ों े अ ारतिक्ष श्रेणी में 70% या उससे अति क अंक और आरतिक्ष श्रेणी में 65% या उससे अति क अंक प्राप्त विकए ैं। प ली बार इस प लू पर विकसी वि यम क े अभाव में, इससे खेल क े वि यमों में परिरव ( ीं ोगा। उच्च न्यायालय े स ी ठ राया ै विक य ऐसी न्विस्र्थीति ीं ै ज ां न्यू म अंक प्राप्त कर ा प्रारम्भ विकया गया र्थीा सिजसे विवज्ञाप में वि द›णिश ीं विकया गया र्थीा बन्विल्क -य क े उद्देश्य से मा क य विकए गये र्थीे। इसलिलए, य खेल क े वि यमों को बदल े का मामला ीं ै। त्काल मामले क े विवपरी, क े वल उ लोगों को वि युविt दे े का वि ण(य उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" लिलया जा ा ै सिजन् ों े वि ा(रिर मा दंडों को पूरा विकया ै। ऐसे मा दंडों का वि ा(रण का ू में स्वीकाय( ै। य पूण( ः अलग न्विस्र्थीति ै जो ेमा ी मल् ोत्रा मामले द्वारा ीं लिलया गया ै।" छ] सलाम समरजी सिंस ब ाम मणिणपुर, इम्फाल उच्च न्यायालय एवं अन्य30 में इस न्यायालय क े दो न्याया ीशों क े बी- अस मति र्थीी। न्यायमूर्ति भा ुमति े इस कर्थी को स्वीकार ीं विकया विक 'साक्षात्कार' क े लिलए न्यू म अंकों का वि ा(रण "खेल क े वि यमों" को बदल े क े लिलए र्थीा और य वि ष्कर्ष( वि काला विक साक्षात्कार क े लिलए 40% अंकों का वि ा(रण संबंति वि यमों क े अ ुरूप र्थीा। क े. माजुश्री और ेमा ी मल् ोत्रा मामले में वि ण(य पर अवलम्ब ले े ुए न्यायमूर्ति णिशव कीर्ति सिंस े एक अलग दृविष्टकोण लिलया। इसलिलए य मामला वृ द पीठ क े लिलए भेजा गया ै। ज] णिशवा ंदम सी.टी. एवं अन्य ब ाम क े रल उच्च न्यायालय एवं अन्य31 में, प्रविWया समाप्त ो े क े बाद साक्षात्कार क े लिलए न्यू म उत्तीणाFक य कर े में वि ण(य की परिरशुद्ध ा से वि पट े क े दौरा, इस न्यायालय क े दो न्याया ीशों की पीठ े ेज प्रकाश पाठक में आदेश पर अवलम्ब लिलया और मामले को एक वृ द पीठ को भेजा। झ] विदल्ली गर वि गम ब ाम सुरेंद्र सिंस एवं अन्य32 में थ्य ब ा े ैं विक -य
उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" अपीलक ा( क े स्क ू लों में स ायक णिशक्षक (प्रार्थीविमक) क े पदों क े लिलए र्थीा और विवज्ञाप क े खंड 25 में -य बोड( को रिरविtयों की प्रत्येक श्रेणी क े लिलए न्यू म उत्तीणाFक य कर े क े लिलए विववेक प्रदा विकया गया र्थीा। इस न्यायालय क े दो न्याया ीशों की पीठ े य ारिर विकया: - “18. उt खंड क े परिरशील से य ोविटस विकया गया ै विक यद्यविप इस खंड क े कोई कट-ऑफ अंक वि र्निदष्ट ीं ैं, ालांविक, खंड 25 -य क े लिलए न्यू म उत्तीणाFक य कर े क े लिलए डीएसएसएसबी को पूण( विववेकाति कार प्रदा करेगा। त्काल मामले में, य ध्या में रख े ुए विक भ: स ायक णिशक्षक (प्रार्थीविमक) क े पद क े लिलए र्थीी और और न्यू म मा कों क े अ ुरक्षण की आवश्यक ा वाली एक पूव( याति-का में उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आदेशों को ध्या में रख े ुए, डीएसएसएसबी े -य सू-ी ैयार कर े समय -य को एक बिंबदु पर रोक विदया र्थीा सिजसे कट-ऑफ प्रति श क े रूप में दशा(या गया र्थीा। ऐसी परिरन्विस्र्थीति में ज ां खंड 25 विवज्ञाप संख्या 1/2006 में दर्शिश र्थीी, जब उच्च न्यायालय क े समक्ष वि जी प्रति वादी और अन्य याति-काक ा( उt विवज्ञाप का प्रत्युत्तर दे र े र्थीे, यविद उन् ें य णिशकाय र्थीी विक य खंड म मा ा ै और अं ः उ क े अति कार को प्रभाविव कर सक ा ै क्योंविक इसमें प्राप्त विकए जा े वाला कोई न्यू म अंक दर्शिश ीं विकए गए ैं, ो उन् ें उस स् र पर इसका विवरो कर ा आवश्यक र्थीा। दूसरी ओर, न्यू म उत्तीणाFक य कर े क े लिलए डीएसएसएसबी को विववेकाति कार प्रदा कर े वाले खंड क े बारे में प ा ो े क े बावजूद, उन् ों े विब ा विकसी विवरो क े अ (क परीक्षा क े लिलए शाविमल ोकर -य प्रविWया में भाग लिलया ै। उस परिरन्विस्र्थीति में, इसमें अ ुमोद और बिं दा कर े का सिसद्धां लागू ोगा और इस प्रविWया में भाग ले े वाले वि जी प्रत्यर्शिर्थीयों या विकसी अन्य अभ्यर्थी: को उस संबं में णिशकाय कर े क े लिलए ीं सु ा जा सक ा ै।
19. इसमें कोई संदे ीं ै विक -य सू-ी विवशेर्ष कट-ऑफ बिंबदु पर वि ष्कर्ष( वि काला गया र्थीा सिजसमें अ ारतिक्ष श्रेणी क े अंति म उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" -यवि अभ्यर्थी: े 89.25% प्राप्त विकया र्थीा। उt वि ण(य डीएसएसएसबी द्वारा णिशक्षकों क े न्यू म मा क को सुवि तिश्च कर े क े लिलए लिलया गया र्थीा जो वि युt विकया जाएगा और विकसी भी घट ा में वि युविt एजेंसी ो े क े ा े अपीलार्थी: को आपलित्त ीं र्थीी। विकसी भी घट ा में, य याति-काक ा(ओं का मामला ीं ै विक उन् ों े मेरिरट सू-ी में अंति म अभ्यर्थी: क े रूप में विदखाए गए अभ्यर्थी: की ुल ा में अति क अंक प्राप्त विकए र्थीे। यविद व न्विस्र्थीति र्थीी और जब य देखा जा ा ै विक अपीलार्थी: और अन्य रिरट याति-काक ा(ओं े मेरिरट सू-ी में शाविमल अंति म अभ्यर्थी: की ुल ा में कम प्रति श अंक प्राप्त विकए र्थीे, ो न्यातियक समीक्षा क े दौरा कोई और विव-ार ीं विकया जा सक ा र्थीा। जैसा विक ऊपर देखा गया ै, उस सीमा क अवलोक ों से विवद्वा एकल न्याया ीश े मामले क े सभी प लुओं को ध्या में रखा ै और उसक े आलोक में इस वि ष्कर्ष( पर प ुं-े र्थीे विक य ां कोई त्रुविट या ो डीएसएसएसबी या अपीलार्थी: द्वारा ीं की गई र्थीी।" (प्रभाव वर्ति ) ञ] झारखंड लोक सेवा आयोग ब ाम म ोज क ु मार गुप्ता एवं अन्य में, परीक्षा क े बाद पेपर III क े संबं में कट ऑफ य विकया गया र्थीा। उच्च न्यायालय क े वि ण(य को उलट े ुए, इस न्यायालय क े दो न्याया ीशों की पीठ े ारिर विकया:- “7. वि यम का खंड 4.[1] का एक खंड स्पष्ट रूप से दर्शिश कर ा ै विक परिरणाम घोविर्ष कर े क े लिलए प्रत्येक विवर्षय में कट-ऑफ अंक य कर े क े उद्देश्य से क े वल मॉडरेश सविमति का गठ विकया गया ै। विवज्ञाप स्पष्ट रूप से दर्शिश कर ा ै विक क े वल वे अभ्यर्थी: सिजन् ों े पेपर I और II में 50% अंक प्राप्त विकए ैं, वे पेपर III में परीक्षा ले े क े लिलए पात्र ोंगे। सामान्य /ओबीसी अभ्यर्शिर्थीयों क े मामले में न्यू म उत्तीणाFक 50% र्थीा। इस न्विस्र्थीति में, पेपर III क े लिलए उत्तीणाFक य कर े की कोई आवश्यक ा ीं र्थीी। य आवश्यक ा क े वल भी उत्पन्न ोगी जब मॉडरेश कमेटी की बैठक ो ी ै और य य कर ी ै विक प्रवtा क े रूप में वि युविt क े लिलए विव-ार विकए जा े वाले लोगों से उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" अपेतिक्ष क्षम ा का स् र क्या ो ा -ावि ए। य मॉडरेश कमेटी क े लिलए य कर ा ै विक कट-ऑफ अंक क्या ो ा -ावि ए। ऐसा प लू ो सक ा ै ज ां पेपर I और II में सभी उत्तीण( अभ्यर्थी: पेपर III में ब ु कम अंक प्राप्त कर े ैं और मॉडरेश कमेटी को मा कों को कम कर े और कम योग्य ा मा कों को वि ा(रिर कर े में उति- ठ राया जा सक ा ै। दूसरी ओर, एक प लू ो सक ा ै ज ां कई अभ्यर्थी: ैं जो पेपर III में ब ु अच्छे अंक प्राप्त कर े ैं और मॉडरेश कमेटी उच्च न्यू म मा क य कर े का वि ण(य ले सक ी ै। एक मॉडरेश कमेटी का गठ सामान्य रूप से क े वल इस प्रकार क े संयम क े लिलए विकया जा ा ै।
8. ज ां क उच्च न्यायालय का वि ष्कर्ष( ै विक -य प्रविWया प्रारम्भ ो े क े बाद खेल क े वि यमों को बदल विदया गया र्थीा, मारे विव-ार में ज ां क व (मा मामले का संबं ै, य ऐसा मामला ीं ै । विवज्ञाप में पेपर III क े लिलए कोई न्यू म अंक ीं प्रदा विकए गए र्थीे। य सविमति द्वारा बाद क े -रण में भी विकया जा सक ा ै। य कोई परिरव ( ीं लाया गया ै, लेविक प्रवtाओं की वि युविt क े विव-ार क े लिलए पात्र अभ्यर्शिर्थीयों की योग्य ा का वि ा(रण कर े समय एक अति रिरt प लू लाया गया ै।"
59. इस न्यायालय क े वि ण(यों से प्रासंविगक अंश वि ा(रिर कर े क े बाद, दूसरे प्रश्न का उत्तर इस बा पर वि भ(र करेगा विक क्या व (मा मामला क े. माजुश्री में वि ा(रिर सिसद्धां ों द्वारा पूरी र से लिलया गया ै। यविद मामला इ ा कवर विकया गया ै, ो ेज प्रकाश पाठक, सलाम समरजी सिंस और णिशवा ंन्दम मामले में संदभ( क े आदेशों को ध्या में रख े ुए, त्काल मामले को या ो उ मामलों क े सार्थी सु वाई क े लिलए वृ द पीठ क े पास भेजा जा ा -ावि ए या वृ द पीठ क े संदभ( में वि ण(य की प्र ीक्षा कर ी -ावि ए।
60. विववि यम 1981 क े वि यम 2(1)(x) क े संदभ( में, एटीआरई क े अ (क अंक उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ऐसे न्यू म अंक ैं जो सरकार द्वारा 'समय-समय पर' वि ा(रिर विकए जा सक े ैं। विववि यम 1981 क े वि यम 14 का खंड (ग) य अणिभकणिर्थी कर ा ै विक विकसी अभ्यर्थी: को सरकार द्वारा आयोसिज स ायक णिशक्षक भ: परीक्षा उत्तीण( कर ी -ावि ए। इस प्रकार, विववि यम 1981 क े एक स ायक णिशक्षक क े रूप में वि युt विकए जा े क े लिलए बुवि यादी आवश्यक ाओं में से एक सरकार द्वारा वि ा(रिर न्यू म अंकों क े सार्थी एटीआरई उत्तीण( कर ा ै। एटीआरई-2018 क े विदशा-वि द›शों क े प्रस् र 7 क े विवपरी, सिजसमें क ा गया र्थीा विक एटीआरई-2018 पास कर े क े लिलए अभ्यर्थी: को न्यू म 45% या 40% अंक 104 (Wमशः 'सामान्य' और 'आरतिक्ष ' श्रेणिणयों क े लिलए) प्राप्त कर ा -ावि ए, ऐसी कोई श ( ीं र्थीी। एटीआरई-2019 को अति सूति- कर े वाले जीओ विद ांक 01.12.2018 में उपलब् ै। एटीआरई-2018 क े लिलए विदशावि द›शों क े पैरा 7 क े विवपरी, सिजसमें क ा गया र्थीा विक एक उम्मीदवार को एटीआरई-2018 पारिर कर े क े लिलए न्यू म 45% या 40% अंक (Wमशः 'सामान्य' और 'आरतिक्ष ' श्रेणिणयों क े लिलए) सुरतिक्ष कर ा -ावि ए, ऐसा कोई अ ुबं 01.12.2018 विद ांविक सरकारी आदेश में उपलब् ीं र्थीी, सिजसमें एटीआरई-2019 को सूति- विकया गया र्थीा। ालांविक, एटीआरई-2018 क े विदशावि द›शों में न्यू म योग्य ा अंक वि ा(रिर विकए गए र्थीे, य 1981 क े वि यमों की आवश्यक ा ीं ै विक इस र की श ( एटीआरई को सूति- कर े वाले सा का वि स्सा ो ा -ावि ए। सौंप े की प्रकृ ति से, सरकार को 'समय-समय पर' न्यू म अंक वि ा(रिर कर े का अति कार ै। यविद इस शविt को इस आवश्यक ा क े सार्थी सश ( मा ा जा ा ै विक परीक्षा को सूति- कर े वाले अ ुबं का वि स्सा ो ा -ावि ए, ो एटीआरई-2019 क े लिलए ऐसा कोई अ ुबं ीं र्थीा। वि यमों क े इस र क े पढ़ े से कु छ अ ार्निकक परिरणाम ोंगे। एक ओर, संबंति वि यम को एटीआरई पास कर े की आवश्यक ा उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" ो ी ै, जबविक दूसरी ओर न्यू म उत्तीणाFक वि ा(रिर ीं ोंगे। इसलिलए प्रासंविगक वि यमों पर एक उति- वि मा(ण का अर्थी( य ोगा विक सरकार को ऐसे न्यू म उत्तीणाFक रख े की शविt ो ी -ावि ए जो परीक्षा को अति सूति- कर े वाले सा क े सार्थी ी ीं बन्विल्क ऐसे अन्य उति- समय पर भी ों। उस मामले में, आगे प्रश्न य ोगा विक इस र क े न्यू म उत्तीणाFक विकस स् र पर वि ा(रिर विकए जा सक े ैं, और क्या आवश्यक ा ुसार ऐसे न्यू म उत्तीणाFक परीक्षा से प ले अच्छी र से घोविर्ष विकए जा े -ावि ए।
61. क े. माजुश्री और ेमा ी मल् ोत्रा ऐसे मामले र्थीे जो न्यातियक सेवा में पदों को भर े क े लिलए विकए गए -य से संबंति र्थीे। इ मामलों में, साक्षात्कार में कोई न्यू म अ ( ा अंक की आवश्यक ा ीं र्थीी और मेरिरट सू-ी को लिललिख परीक्षा और मौलिखक परीक्षा में एक अभ्यर्थी: द्वारा प्राप्त कु ल सुरतिक्ष अंकों से वि ा(रिर विकया जा ा र्थीा। साक्षात्कार क े लिलए न्यू म अ ( ा अंक की श ( क े आ ार पर, क ु छ अभ्यर्थी: जो प्राप्त ुए क ु ल अंक से -य क े दायरे में ो े ुए भी स्वयं को अयोग्य पाया। प ली बार न्यू म अ (क अंक आ े क े श ( और -ल र ी -य प्रविWया क े बाद क े Wम में या उसक े माध्यम से इस न्यायालय े इस र क े कारय को अस्वीकाय( पाया। ये ऐसे मामले र्थीे, ज ां शुरू कर े क े लिलए, साक्षात्कार क े लिलए विकसी भी न्यू म अ ( अंक की कोई श ( ीं र्थीी। दूसरी ओर, व (मा मामले में, वि यम 14 क े सपविठ वि यम 2(1)(x) क े संदभ( में आवश्यक ा य ै विक सरकार द्वारा वि ा(रिर न्यू म अ (क अंक -य क े लिलए स ायक णिशक्षक क े रूप में पात्र मा े जा े वाले अभ्यर्थी: द्वारा प्राप्त विकए जा े -ावि ए। इस प्रकार य मेशा अपेक्षा की गई र्थीी विक क ु छ न्यू म अ (क अंक ोंगे। 07.01.2019 विद ांविक अप े आदेशों क े आ ार पर सरकार द्वारा जो विकया गया र्थीा, व इस उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" र क े न्यू म अ ( ा की मात्रा या संख्या को य कर ा र्थीा। इसलिलए, क े. माजुश्री मामले में इस न्यायालय क े वि ण(य द्वारा लिलए गए मामलों क े विवपरी, ज ां एक अभ्यर्थी: यर्थीोति- रूप से य मा सक ा ै विक साक्षात्कार क े लिलए न्यू म अ ( ा अंकों क े बारे में कोई श ( ीं र्थीी, और लिललिख और मौलिखक परीक्षा में क ु ल प्राप्त अंकों का गठ कर ा -ावि ए जो मेरिरट क े आ ार पर वि ा(रिर विकया जाएगा और त्काल मामले में ऐसी कोई न्विस्र्थीति मौजूद ीं र्थीी। अभ्यर्थी: को एटीआरई-2019 पास कर ा र्थीा और उसे इसकी जा कारी ो ी -ावि ए विक एटीआरई-2019 को पास कर े क े लिलए क ु छ न्यू म योग्य ा अंक वि ा(रिर विकए जाएंगे। इसलिलए, एक ओर ेमा ी मल् ोत्रा में और क े. माजुश्री में प्रति पाविद सिसद्धां क े बी- मौलिलक अं र ै और दूसरी ओर व (मा मामले की न्विस्र्थीति में।
62. इसक े बाद मारे पास य प्रश्न र जा ा ै विक क्या 07.01.2019 विद ांविक आदेश द्वारा इस र क े न्यू म अ ( ा अंकों क े वि द›श को क े वल इसलिलए अपास् ो ा -ावि ए क्योंविक परीक्षा आयोसिज ो े क े बाद इस र क े वि द›श विदए गये र्थीे। इस बिंबदु पर, य ध्या दे ा प्रासंविगक ो सक ा ै विक एकल न्याया ीश क े समक्ष प्रमुख रिरट याति-का में की गई मूल प्रार्थी( ा में 07.01.2019 विद ांविक आदेश को अपास् विकया जा ा र्थीा। इसक े परिरणामस्वरूप जो ो सक ा ै, व य ै विक एटीआरई-2019 क े लिलए कोई न्यू म योग्य ा अंक ीं ोगा, जो वि यम 14 क े खंड(सी) सपविठ वि यम 2(1)(x) क े ज ादेश क े विवपरी ोगा। य ठीक इस कारण से ै विक जो प्रस् ु विकया गया र्थीा व य र्थीा विक एटीआरई-2018 क े लिलए उपलब् समा मा दंड एटीआरई-2019 क े लिलए उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" अप ाया जा ा -ावि ए। इस कर्थी को बल दे े क े लिलए, य क ( विदया गया र्थीा विक एटीआरई-2018 और एटीआरई-2019 में शाविमल ो े वाले णिशक्षा विमत्र एक समरूप खंड का गठ कर े ैं और इसलिलए, एटीआरई-2018 में उपलब् मा क को लागू विकया जा ा -ावि ए। य क ( समा ा क े आ ार पर, प ले से ी विव-ार विकया जा -ुका ै और अस्वीकार कर विदया गया ै।
63. यविद सरकार क े पास 'समय-समय पर' न्यू म अ ( ा अंक य कर े की शविt ै, ो वि यमों में ऐसा क ु छ भी ीं ै जो परीक्षा समाप्त ो े क े बाद भी ऐसी शविt क े प्रयोग से कम ो सक ा ै, बश › विक ऐसी शविt का प्रयोग विकसी भी दुभा(व ा से ीं विकया जा ा ै और सव त्तम उपलब् प्रति भा खोज े क े उद्देश्य से ै। उस संबं में, त्काल मामला पूरी र से विदल्ली गर वि गम ब ाम सुरेंद्र सिंस और झारखंड लोक सेवा आयोग ब ाम म ोज क ु मार गुप्ता व अन्य में पूरी र इस न्यायालय क े वि ण(यों क े अन् ग( आ ा ै ै। प ले मामले में, विवज्ञाप क े खंड 25 क े सौंपी गई शविt े भी रिरविtयों की प्रत्येक श्रेणी क े लिलए न्यू म अ ( ा अंक य कर े क े लिलए -य बोड( को समा विववेक प्रदा विकया। ज ां ऐसी शविt क े प्रयोग पर विव-ार कर े ुए, इस न्यायालय द्वारा य पाया गया विक य 'भ: विकए जा े वाले णिशक्षकों क े न्यू म मा क को सुवि तिश्च कर े क े लिलए' विकया गया र्थीा। इसी र, झारखंड लोक सेवा आयोग मामले में, पेपर III में परीक्षा समाप्त ो े क े बाद शविt का प्रयोग स ी और उति- पाया गया। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"
64. यविद अंति म वस् ु सव(श्रेष्ठ उपलब् प्रति भा का -य कर ा ै और इस न्यायालय द्वारा वि ा(रिर का ू को ध्या में रख े ुए रिरयाणा राज्य ब ाम सुभार्ष -ंदर मारवा एवं अन्य, यू.पी. राज्य ब ाम रफीक्दी एवं अन्य, विदल्ली गर वि गम ब ाम सुरेंद्र सिंस एवं झारखंड लोक सेवा आयोग ब ाम म ोज कु मार गुप्ता एवं अन्य मामले में न्यू म अ ( ा अंक य कर े की शविt ै, में 07.01.2019 विद ांविक आदेश क े अ ुसार 65-60% कट ऑफ य कर े में कोई अवै ा या अ ौति-त्य ीं लग ा ै। अणिभलेख पर थ्यों से संक े विमल ा ै विक इस कट ऑफ क े सार्थी भी योग्य अभ्यर्शिर्थीयों की संख्या उपलब् रिरविtयों की संख्या से दोगु ा अति क ै। य स्वीकार विकया जा ा -ावि ए विक परीक्षा की प्रक ृ ति और कविठ ाई क े स् र पर विव-ार कर े क े बाद, इसमें शाविमल ो े वाले अभ्यर्शिर्थीयों की संख्या, संबंति प्राति कारिरयों क े पास एक मा दंड का -य कर े क े लिलए अपेतिक्ष शविt ै जो सव त्तम उपलब् णिशक्षकों को प्राप्त कर े में सक्षम ो सक ा ै। ऐसा प्रयास वि तिश्च रूप से आरटीई अति वि यम क े उद्देश्यों क े अ ुरूप ोगा।
65. इ परिरन्विस्र्थीति यों में, म उच्च न्यायालय की तिडवीज बें- द्वारा उठाए गए दृविष्टकोण की पुविष्ट कर े ैं और य वि ष्कर्ष( वि काल े ैं विक व (मा मामले में, परीक्षा समाप्त ो े क े बाद भी 65-60% पर कट ऑफ का वि ा(रण, अस्वीकाय( ीं क ा जा सक ा ै। मारे विव-ार में, सरकार ऐसे कट ऑफ य कर े क े अप े अति कारों क े भी र र्थीी।
66. परिरणामस्वरूप, इ सभी मामलों में णिशक्षाविमत्रों की ओर से दी गई -ु ौ ी, विवशेर्ष रूप से प्रस् र 27 में उसिल्ललिख ै व अस्वीकार की जा ी ै और उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" णिशक्षाविमत्रों द्वारा की गई अपील खारिरज की जा ी ै। णिशक्षा विमत्र संघ द्वारा दायर की गई एसएलपी (दीवा ी) सं. 6846 वर्ष( 2020 से उद्भू अपील े भी णिशक्षाविमत्रों क े समायोज क े लिलए प्रार्थी( ा की ै। आ ंद कु मार यादव मामले में इस न्यायालय क े वि ण(य की घोर्षणा क े मद्दे जर ऐसी प्रार्थी( ा ीं की जा सक ी ै। इसलिलए, य अपील खारिरज कर दी गई ै।
67. यद्यविप म े णिशक्षाविमत्रों की ओर से -ु ौ ी को खारिरज कर विदया ै और उ की अपीलों को खारिरज कर विदया ै, म आशा कर े ैं विक, जैसा विक प्रस् र 34 में अणिभलिललिख विकया गया ै, राज्य की ओर से प्रस् ु कर्थी को ध्या में रख े ुए, अगले -य में प्रति स्प ा( कर े क े लिलए णिशक्षाविमत्रों को एक और अवसर विदया जाएगा।, म इसे राज्य सरकार क े विववेक पर छोड़ दे े ैं ाविक इस र क े अवसर का लाभ उठाया जा सक े । क े की आवश्यक ा ीं ै विक उस मामले में, पूरी र से मामले को राज्य सरकार क े विववेक पर छोड़ विदया गया ै।
68. पूव( सैवि कों या अक्षम व्यविtयों द्वारा अति मावि की गई अपीलों में, य क ा गया र्थीा विक इ श्रेणिणयों क े लिलए वि ा(रिर रिरविtयों क े सापेक्ष ब ु कम अभ्यर्शिर्थीयों े आवेद विकया र्थीा और 65-60% कट ऑफ पर योग्य अभ्यर्शिर्थीयों की संख्या कम र्थीी। 65-60% कट ऑफ को वै और न्यायोति- मा ा गया ै, इ अपीलों को भी खारिरज कर विदया गया ै। यविद इ श्रेणिणयों क े लिलए रिरविtयों क े सापेक्ष कम संख्या में अभ्यर्थी: ैं, ो ऐसी रिरविtयां उस संबं में वि यमों क े अ ी ोंगी। यविद रिरविtयों को आगे ीं बढ़ाया जा सक ा ै, ो व (मा -य में अभ्यर्शिर्थीयों क े लाभ क े लिलए समा ो ा -ावि ए। उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।" इसी र, रिरट याति-का (सिसविवल) सं. 703 वर्ष( 2020 और बी.एड./बीटीसी अभ्यर्शिर्थीयों द्वारा की गई याति-काओं से उद्भू अपीलों को सार्थी ी अवमा याति-का (सिसविवल) सं. 418 वर्ष( 2020 और सभी अं ःक्षेपी आवेद को भी उन् ीं श Œ में वि स् ारिर विकया जा ा ै। कोई लाग ीं।
69. अब राज्य सरकार विद ांक 12.05.2020 को घोविर्ष परिरणाम क े संदभ( में और का ू क े अ ुसार सभी संबंति पदों को भर े की कदार ोगी ………………………….. [न्यायमूर्ति उदय उमेश ललिल ] ………………………….. [न्यायमूर्ति मो एम शां ा ागौदर] ई विदल्ली; 18 वंबर, 2020. उद्घोर्षणा “क्षेत्रीय भार्षा में अ ुवाविद वि ण(य वादी क े अप ी भार्षा में समझ े े ु वि बFति प्रयोग क े लिलए ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग ीं विकया जा सक ा ै। सभी व्याव ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, वि ण(य का अंग्रेजी संस्करण प्रामाणिणक मा ा जाएगा र्थीा वि ष्पाद और विWयान्वय क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य ोगा।"