Full Text
भार क
े सव च्च न्यायालय में
सिसविवल अपीलीय क्षेत्राति कार
सिसविवल अपील संख्या 6119/2021
(एसएलपी (वि&.) संख्या 36767/2016 से उत्पन्न)
अन्नपूर्णाा0 जायसवाल ….अपीलार्थी4(गर्णा)
बनाम
इंति9यन ऑयल कॉप रेशन लिलविमटे9 और अन्य ….प्रत्यर्थी4 (गर्णा)
विन र्णा0 य
न्यायमूर्ति क
े . एम. जोसेफ
JUDGMENT
1. अनुमति प्रदान की गई।
2. पेट्रोल पंपों की 9ीलरशिशप देने क े लिलए आवेदन आमंवित्र करने वाले प्रत्यर्थी4 द्वारा विदनांक 12.10.2011 को एक विवज्ञापन प्रकाशिश विकया गया र्थीा।अपीलक ा0 ने विदनांक 11.11.2011 को आवेदन विकया।विकए गए मूल्यांकन क े आ ार पर अपीलक ा0 को प्रर्थीम स्र्थीान में रखा गया र्थीा।हालांविक ऐसा प्र ी हो ा है विक शिशकाय क े आ ार पर, इस मामले पर गौर विकया गया और विदनांक 12.11.2014 को आदेश जारी विकया गया, सिजसक े द्वारा प्रति वादी ने यह विवचार विकया विक पट्टा 08.11.2011 विदनांविक जो अपीलक ा0 द्वारा विकए गए प्रस् ाव की नींव र्थीी पेट्रोल आउटलेट क े प्रारम्भ की ति शिर्थी से शुरू होगा।इसका अर्थी0 यह र्थीा उद्घोषर्णाा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्णा0य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबbति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्णा0य का अंग्रेजी संस्करर्णा प्रामाशिर्णाक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और वि&यान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" विक परिरसर पर कब्जा पट्टे की राशिश नहीं र्थीा और पट्टा विवलेख क े विनष्पादन की ति शिर्थी पर पट्टा लागू नहीं हुआ र्थीा।पट्टा विवलेख स्वाविमत्व वाले प्रस् ाव की ुलना में एक फम0 प्रस् ाव की रह अति क र्थीा। इसक े बाद विदनांक 12.12.2014 को अपीलक ा0 को संशो न/स्पष्ट विवलेख पंजीक ृ विकया गया।अपीलक ा0 द्वारा चार अभ्यावेदन विकए गए र्थीे।विनगम ने आदेश 25.02.2015 विदनांविक द्वारा अनुरो को खारिरज कर विदया।इसक े कारर्णा रिरट यातिचका दायर की गई, जो विक आक्षेविप आदेश से खारिरज हो गई।
3. हमने अपीलक ा0 क े विवद्वान अति वक्ता सुश्री काविमनी जायसवाल और प्रत्यर्थी4- विनगम क े विवद्व अति वक्ता सुश्री विप्रया पुरी को सुना।
4. अपीलार्थी4 क े विवद्व अति वक्ता हमें लीज 9ी9 08.11.2011 विदनांविक क े माध्यम से ले जाएंगे, जो उसी विदन पंजीक ृ विकया गया र्थीा और ब ा ा है विक लीज 9ी9 क े ह अपीलक ा0 को विदनांक 08.11.2011 को ही पट्टेदार द्वारा कब्जा सौंप विदया गया र्थीा।इस संबं में, उसने उक्त लीज 9ी9 क े खं9 7 से समर्थी0न मांगा, जो इस प्रकार है:-
7. "यह विक, यविद पेट्रोल पंप को मंजूरी नहीं दी जा ी है, ो दूसरे पक्ष को पहले पक्षकार को विकराए पर हस् ां रिर भूविम को सौंपना होगा।" इसलिलए, वह संक े करेगी विक लीज 9ी9 विदनांक 08.11.2011 को लागू हुई र्थीी। खण्9 1 इस प्रकार है:- “1. यह विक, इस लीज-9ी9 की अवति 30 वष0 होगी, जो पेट्रोल पंप क े अनुमोदन ारीख को ध्यान में रखेगा।” उद्घोषर्णाा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्णा0य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबbति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्णा0य का अंग्रेजी संस्करर्णा प्रामाशिर्णाक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और वि&यान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।"
5. उसने ब ाया विक यह विदनांक 08.11.2011 को कानून में आने वाले पट्टे से अलग नहीं हो सक ा है। विदनांक 08.11.2011 से लीज की अवति इस थ्य क े अनुरूप और समर्थिर्थी है विक अपीलक ा0 ने उक्त लीज 9ी9 क े ह उक्त ति शिर्थी पर कब्जा प्राप्त कर लिलया है। इस संबं में, उन्होंने भार ीय पंजीकरर्णा अति विनयम, 1908 की ारा 47 पर भी हमारा ध्यान आकर्षिष विकया, जो इस प्रकार है:- “47. वह समय सिजससे पंजीक ृ दस् ावेज संचालिल हो ा है।- रसिजस्ट्रीक ृ दस् ावेज उस समय से प्रवर्ति होगी सिजससे विकउसका कोई रसिजस्ट्रीकरर्णा अपेतिक्ष न हो ा या विकया गया न हो ा ो उसका प्रव0 न प्रारंभ हुआ हो ा न विक उसक े रसिजस्ट्रीकरर्णा क े समय से।”
6. वह आगे यह भी ब ाएगी विक अपीलक ा0 को उसक े द्वारा अर्जिज प्रर्थीम स्र्थीान से हटाने की कार0वाई एक कशिर्थी शिशकाय पर आ ारिर र्थीी। उसने पृष्ठ 117 ए पर प्रति शपर्थी पत्र क े सार्थी विनर्षिम दस् ावेज़ क े संदभ0 में ब ाया विक यह एक स्पष्ट मामला है जहां शिशकाय को उछाला गया है जो वास् विवक नहीं है सिजसे इस थ्य से देखा जा सक ा है विक &मांक 333 क े बाद &मांक 334 क े स्र्थीान पर &मांक 335 लिलखा हुआ है।
7. इसक े विवपरी, प्रत्यर्थी4-विनगम क े विवद्व अति वक्ता सुश्री विप्रया पुरी ने आक्षेविप विनर्णा0य का समर्थी0न विकया।वह यह ब ाएंगी विक आशय पत्र पहले ही उस विनर्णा0य क े संदभ0 में जारी विकया जा चुका है सिजसे उच्च न्यायालय ने दूसरे पक्ष क े पक्ष में बरकरार रखा है।हालाँविक, इस न्यायालय द्वारा पारिर यर्थीास्थिस्र्थीति क े आदेश क े आ ार पर, विनर्णा0य पर प्रभाव नहीं विदया जा सक ा है। उद्घोषर्णाा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्णा0य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबbति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्णा0य का अंग्रेजी संस्करर्णा प्रामाशिर्णाक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और वि&यान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।"
8. अपीलक ा0 ने विनस्संदेह 85.93 अंक हासिसल विकए।85.93 अंकों का एक विहस्सा 35 अंकों क े कारर्णा है, जो उसने विदनांक 08.11.2011 क े लीज 9ी9 क े ह एक पट्टेदार होने क े आ ार पर प्राप्त विकया र्थीा, सिजसे हमने सन्दर्थिभ विकया है। प्रासंविगक प्राव ान सिजसक े ह इस संबं में अंक प्रदान विकए गए र्थीे, वह इस प्रकार है:- पैरामीटर उप-प्रमुख वर्णा0न भूविम और अवसंरचना /सुविव ाएं प्रदान करने की क्षम ा (व्यविक्तग और गैर-व्यविक्तग पर लागू अति क म 35 अंक) रिरटेल आउटलेट क े लिलए उपयुक्त भूविम “……..” 'बी' साइट क े अनुसार आवेदन की ारीख क े अनुसार 19 वष0 11 माह की न्यून म अवति क े लिलए "स्वयं की भूविम" / पंजीक ृ विब&ी विवलेख / लंबे पट्टे पर भूविम (पंजीक ृ ) होने क े लिलए स्पष्ट शीष0क है। '....' प्रयोजन/दीघ0कालिलक पट्टे क े लिलए 'ख' 'साइट सिजसका' 'फम0 ऑफर' 'है
9. अपीलार्थी4 क े विवद्वान अति वक्ता ब ा े हैं विक वास् व में लीज 9ी9 30 वष0 की अवति क े लिलए र्थीी और इसलिलए, लीज 9ी9 आवश्यक ा क े सार्थी पूरी रह से अनुपालन में र्थीी।वास् व में, यह बहु अति क र्थीा क्योंविक आवश्यक अवति 19 वष0 और 11 महीने र्थीी जबविक उसक े पक्ष में पट्टा 30 वष0 की अवति क े लिलए र्थीा।
10. हालांविक, यह जांच का अं नहीं है। इस खं9 क े ह आवश्यक ा यह है विक अन्य बा ों क े सार्थी-सार्थी 35 अंक अर्जिज करने क े लिलए आवेदक क े पास एक लंबे समय का पट्टा (आवेदन की ारीख क े अनुसार न्यून म 19 वष0 11 महीने क े लिलए पंजीक ृ ) होना चाविहए।अपीलक ा0 को प्रर्थीम पद से हटाने का विनर्णा0य लेने में उद्घोषर्णाा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्णा0य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबbति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्णा0य का अंग्रेजी संस्करर्णा प्रामाशिर्णाक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और वि&यान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" विनगम क े सार्थी जो बा प्रभाविव हुई वह यह है विक पट्टा विदनांक 08.11.2011 को पेट्रोल पंप की स्वीक ृ ति की ति शिर्थी से ही संचालिल होना र्थीा। दूसरे शब्दों में, आवेदन की ारीख जो विक 11.11.2011 है, क े अनुसार कोई लीज 9ी9 प्रभावी नहीं र्थीी। संपलि„ अं रर्णा अति विनयम, 1882 की ारा 5 इस प्रकार है:- “5. आगामी ाराओं में, “संपलि„ क े अं रर्णा से ऐसा काय0 अशिभप्रे है, सिजसक े द्वारा कोई जीविव व्यविक्त एक या अति क अन्य जीविव व्यविक्तयों को या स्वयं को अर्थीवा स्वयं और एक या अति क अन्य जीविव व्यविक्तयों को व 0मान में या भविवष्य में सम्पलि„ हस् ान् रिर कर ा है और “संपलि„ का अं रर्णा करना” ऐसा काय0 करना है।”
11. यह प्राव ान इस न्यायालय द्वारा चचा0 का विवषय रहा है और हमें क े वल जुगलविकशोर सराफ बनाम मेसस0 रॉ कॉटन क ं पनी लिलविमटे9, एआईआर 1955 एससी 376 का संदभ0 लेने की आवश्यक ा है। इसमें न्यायमूर्ति भगव ी ने अपने विवचार को इस प्रकार अव ारिर विकया: "व 0मान में या भविवष्य में" शब्द को "अं रर्णा" क े योग्य बना ा है न विक ारा में "संपलि„" शब्द क े, यह अव ारिर विकया गया है विक संपलि„ का अं रर्णा जो अस्थिस् त्व में नहीं है, भविवष्य में विकए जाने वाले अनुबं क े रूप में संचालिल हो ा है सिजसे विवशेष रूप से संपलि„ क े अस्थिस् त्व में आ े ही लागू विकया जा सक ा है। जैसा विक विप्रवी काउंसिसल द्वारा 12 मू इं9 एप 275 (पीसी) (ई) में अव ारिर विकया गया र्थीा: उद्घोषर्णाा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्णा0य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबbति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्णा0य का अंग्रेजी संस्करर्णा प्रामाशिर्णाक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और वि&यान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" "लेविकन कोई हस् ां रर्णा, वास् विवक या रचनात्मक, एक अनुबं पर क ै से हो सक ा है सिजसक े ह विव& े ा वह बेच ा है सिजसका उसक े पास अति कार नहीं है, और सिजसका वह कभी भी हकदार नहीं हो सक ा है? ऐसे मामले में विब&ी का विबल क े वल 'भविवष्य में' विकए जाने वाले अनुबं का प्रमार्णा हो सक ा है, और विकसी आकस्थिस्मक घटना क े होने पर, सिजसक े & े ा विवशिशष्ट प्रदश0न का दावा कर सक ा है, यविद वह न्यायालय में आकर यह कहे विक जो कु छ करने को वह बाध्य र्थीा, वह सब उस ने आप ही विकया है।” यह क े वल न्यायसंग सिसद्धां क े संचालन से ही हो ा है विक जैसे ही संपलि„ अस्थिस् त्व में आ ी है और पहचानने में सक्षम हो ी है, इस्थिक्वटी लेने क े रूप में जो विकया जाना चाविहए वह संपलि„ पर ेजी से बढ़ ा है और इस प्रकार असाइन करने का अनुबं एक पूर्णा0 न्यायसंग असाइनमेंट बन जा ा है। भविवष्य में पारिर होने वाली ति9&ी क े मामले में, ति9&ी का कोई असाइनमेंट ब क नहीं हो सक ा जब क विक ति9&ी पारिर नहीं हो जा ी और ति9&ी पर विनय करने का समझौ ा नहीं हो जा ा और इस प्रकार यह एक पूर्णा0 न्यायसंग काय0 बन ा है।स्र्थीानां रर्णा की ति शिर्थी पर ति9&ी अस्थिस् त्व में नहीं होने क े कारर्णा यह नहीं कहा जा सक ा है विक असाइनमेंट द्वारा लिललिख रूप में स्र्थीानां रिर विकया गया है और मामला क े वल भविवष्य में विकए जाने वाले अनुबं में विनविह है सिजसे ति9&ी पारिर हो े ही विवशेष रूप से लागू विकया जा सक ा है, पारिर होने पर ति9&ी क े "अं रिर ी" क े पक्ष में स्वचालिल रूप से कोई हस् ां रर्णा नहीं होगा। अं रर्णा को पूरी रह से प्रभाविव करने क े लिलए "अं रर्णाक ा0" की ओर से एक और कार0वाई की आवश्यक ा होगी और यविद उसने ऐसा नहीं विकया ो "अं रिर ी" का एकमात्र उपाय अं रर्णा क े अनुबं क े विवशिशष्ट व्यवहार क े लिलए मुकदमा करना होगा।"
12. ारा 105 विवशेष रूप से अचल संपलि„ क े पट्टे से संबंति है, और यह इस प्रकार है:- उद्घोषर्णाा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्णा0य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबbति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्णा0य का अंग्रेजी संस्करर्णा प्रामाशिर्णाक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और वि&यान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" “105. स्र्थीावर सम्पलि„ का पट्टा ऐसी संपलि„ का उपभोग करने क े अति कार का ऐसा अन् रर्णा है, जो एक अशिभव्यक्त या विववतिक्ष समय क े लिलए या शाश्व काल क े लिलए विकसी कीम क े, जो दी गई हो या सिजसे देने का वचन विदया गया हो, अर्थीवा न, या फसलों क े अंश या सेवा या विकसी मूल्यवान वस् ु क े, जो कालाव ीय रूप से या विवविनर्षिदष्ट अवसरों पर अन् रिर ी द्वारा, जो उस अन् रर्णा को ऐसे विनबं नों पर प्रति गृही कर ा है, अन् रक को की या दी जानी है, प्रति फल क े रूप में विकया गया हो।”
13. अचल संपलि„ का पट्टा अचल संपलि„ का अं रर्णा है। अं रर्णा में अचल संपलि„ क े अति कार का अं रर्णा हो ा है। यह संपलि„ में रुतिच पैदा कर ा है ।पट्टे क े आवश्यक त्वों में से एक समय की अवति है जो सिज ने समय क े लिलए हो ा है। एक पट्टा विनतिŒ समय क े लिलए हो सक ा है जो व्यक्त या विनविह हो सक ा है। यह विनरन् र भी हो सक ी है। इसलिलए, जब कोई अचल संपलि„ क े पट्टे क े बारे में सोच ा है ो आवश्यक श • में से एक वह अवति होगी सिजसक े लिलए पट्टा संचालिल हो ा है।इस मामले में, पट्टे या पट्टे की अवति 30 वष0 है।यह प्रश्न ुरं उठेगा विक पट्टे की अवति विक नी होगी। 'विनतिŒ समय' पद का विन ा0रर्णा उस समय की शुरुआ और समय क े संदभ0 में पुनः समाप्त होने क े कारर्णा विकया गया है। दूसरे शब्दों में 'विनतिŒ समय' समय की अवति होगी।इसका उ„र पट्टे द्वारा ही विदया जा ा है, अर्थीा0 ् यह अवति पेट्रोल पंप की मंजूरी की ारीख से प्रभावी हो ी है। दूसरे शब्दों में, यहां एक पट्टा विवलेख है सिजसने भविवष्य में एक समय में शुरू होने वाले पट्टे की अवति पर विवचार विकया।इससे अति क क्या होगा यह क े वल पेट्रोल पंप की मंजूरी की ारीख से प्रभावी होगा। वास् व में पक्षकारों ने खं9 7 में विवचार विकया विक यविद पेट्रोल पंप को मंजूरी नहीं दी गई र्थीी, ो दूसरा पक्षकार (अपीलक ा0) को पहले पक्ष क े बदले में अं रिर भूविम को सौंपना चाविहए। उद्घोषर्णाा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्णा0य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबbति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्णा0य का अंग्रेजी संस्करर्णा प्रामाशिर्णाक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और वि&यान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।"
14. जो भी संदेह हो सक ा है वह खं9 5 द्वारा दूर विकया जा ा है जो इस प्रकार है:- "5. यह विक पट्टे अवति क े पूरा होने अर्थीा0 30 वष0 की समाविप्त क े बाद, दोनों पक्षों क े पास आपसी सहमति क े आ ार पर विकराए पर अं रिर भूविम क े संबं में पट्टा विवलेख द्वारा विवकल्प नवीनीकरर्णा अवति होगी। खं9 5 क े अवलोकन से प ा चल ा है विक पट्टे की अवति को '30 वष0 की समाविप्त' क े बाद समझाया गया है और यह पट्टे की अवति क े नवीनीकरर्णा क े बारे में कहा जा ा है।पट्टे की अवति जो 30 साल की समाविप्त क े बाद विफर से होगा, का पूरा होना क े वल पेट्रोल पंप की मंजूरी की ारीख से प्रभावी होगा।इसलिलए, यह स्पष्ट है विक अपीलक ा0 ने पट्टे की अवति को पट्टे की ारीख पर नहीं बस्थिल्क भविवष्य में एक अवति पर शुरू होने पर विवचार करक े जो लीज स्टोर की र्थीी। वास् व में, वह समय या घटना सिजस पर पट्टे की अवति अपने आप से शुरू होनी अविनतिŒ र्थीी।शायद यह सच है विक यह इस सिसद्धां पर बनने वाली भविवष्य की घटनाओं पर प्रभाव 9ाल सक ा है विक पट्टे क े विवषय से संबंति भविवष्य की घटना पर इस्थिक्वटी में, पट्टे को भविवष्य में संपलि„ को प्रभाविव कर सक े र्थीे।लेविकन हमें उन लाइनों पर मामले का प ा लगाने की आवश्यक ा नहीं है क्योंविक यह स्पष्ट है विक पट्टे की ारीख विदनांक 8.11.2011 को प्रभावी नहीं हुई र्थीी।यविद ऐसा है ो आवेदन की ारीख क े अनुसार विदनांक 11.11.2011 को कोई पट्टा नहीं र्थीा।
15. अपीलक ा0 ने पंजीकरर्णा अति विनयम, 1908 की ारा 47 से आ ार प्राप्त करने का प्रयास विकया।पंजीकरर्णा अति विनयम, 1908 की ारा 47 का उद्देश्य क े वल पट्टा विवलेख को प्रभावी करना है जो बाद क े समय में पंजीक ृ है जब इसे विनष्पाविद विकया जा ा है।यह इस बा से अशिभप्रे है विक जो दस् ावेज पंजीक ृ उद्घोषर्णाा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्णा0य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबbति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्णा0य का अंग्रेजी संस्करर्णा प्रामाशिर्णाक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और वि&यान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" है, उसक े पास उस अवति से अपनी श • पर प्रभावकारिर ा होगी जब यह दस् ावेज़ क े ह प्रभावी होना र्थीा।दूसरे शब्दों में, यह थ्य विक यह बाद में पंजीक ृ है, जब यह शुरू हो ा, ो संचालिल करने क े लिलए शुरू होने वाले दस् ावेज़ से अलग नहीं हो सक ा र्थीा, लेविकन इसक े लिलए पंजीक ृ नहीं विकया गया र्थीा।वास् व में, यविद कोई पंजीकरर्णा अति विनयम की ारा 47 को लागू कर ा है, ो इस मामले क े थ्यों पर यह पट्टे क े विनष्पादन की ारीख से शुरू होने क े रूप में पट्टे की अवति को पूव0 विन ा0रिर करने का प्रभाव नहीं होगा।पट्टा अपनी श • पर लागू होगा और पट्टे की अवति पंजीक ृ होने क े बावजूद मंजूरी विदए जाने पर ही शुरू होगी।
16. इस चचा0 का परिरर्णााम यह है विक अपीलक ा0 संभव ः 35 अंकों क े लाभ का हकदार नहीं हो सक ा है, जो क े वल उन आवेदकों क े लिलए है, सिजनक े पास आवेदन की ारीख क े अनुसार अन्य बा ों क े सार्थी-सार्थी दीघ0कालिलक पट्टा र्थीा।
17. एक और पहलू है सिजसे हमें ध्यान में रखना चाविहए।हम एक ऐसे मामले पर विवचार कर रहे हैं जहां नैति क दातियत्व देने की न्यातियक समीक्षा की मांग की गई है। विकसी साव0जविनक प्राति कारी को ऐसे बन् ों में काफी स्वच्छन्द ा ब दी जा ी है जब उन श • को समझने की बा आ ी है सिजसक े ह ऐसा प्रस् ाव विदया गया है। हम इस पहलू से भी अनजान नहीं हो सक े। थ्य यह है विक संशो न विवलेख में भी जो विवज्ञापन की ति शिर्थी क े काफी बाद में विनष्पाविद विकया गया र्थीा और आवेदन मूल पट्टा विवलेख को सही करने का प्रयास विकया जा ा है और यह ब ाने का प्रयास विकया गया है विक यह एक त्रुविट क े परिरर्णाामस्वरूप र्थीा विक खं9 1 उद्घोषर्णाा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्णा0य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबbति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्णा0य का अंग्रेजी संस्करर्णा प्रामाशिर्णाक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और वि&यान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" सिजसका हमने उल्लेख विकया है, सस्थिम्मलिल विकया जाना भी हमारे क 0 को मजबू करेगा सिजसे हमने यह विनष्कष0 विनकालने क े लिलए विनयोसिज विकया है विक अपीलक ा0 35 अंकों का हकदार नहीं है।
18. उपरोक्त चचा0 क े आलोक में, हमें उच्च न्यायालय द्वारा पारिर न्यातियक विनर्णा0य में हस् क्षेप करने का कोई कारर्णा नहीं विदख ा है।अपील खारिरज की जा ी है। लाग क े लिलए कोई आदेश नहीं होगा। लंविब आवेदन(ओं), यविद कोई हो, का विनस् ारर्णा विकया जा ा है। ……………………………... [न्यायमूर्ति क े. एम. जोसेफ] ………………………………………. [न्यायमूर्ति पाविमविदघनटम श्री नरसिसम्हा] नई विदल्ली 30 सिस म्बर, 2021 उद्घोषर्णाा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्णा0य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबbति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्णा0य का अंग्रेजी संस्करर्णा प्रामाशिर्णाक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और वि&यान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।"