Uttar Pradesh State v. Pankaj Kumar

Supreme Court of India · 18 Nov 2021
Nanjay Y. Chandrachud; A. S. Bopanna
Special Leave Petition (Civil) No. 6860 of 2021
administrative appeal_dismissed Significant

AI Summary

The Supreme Court upheld that SMS notification to candidates is a valid communication method in recruitment, and a candidate who fails to appear after such notice cannot claim a further opportunity once the process is complete.

Full Text
Translation output
अ-प्रति वेद्य
भार ीय सव च्च न्यायालय क
े समक्ष
सिसविवल अपीलीय क्षेत्राति कार
सिसविवल अपील संख्या - 6860/2021
(विवशेष अनुमति याति)का (सिसविवल) संख्या 5006/2020 से उत्पन्न)
उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य .... अपीलार्थी5 (गण)
बनाम
पंकज क
ु मार ... प्रति वादी (गण)
विनण:य
माननीय न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना,
JUDGMENT

1. अपीलक ा: इस न्यायालय क े समक्ष विवशेष अपील दोषपूण: संख्या 366/2019 में उच्च न्यायालय इलाहाबाद क े लखनऊ खण्ड पीठ द्वारा पारिर 29.08.2019 क े आदेश को )ुनौ ी दे े हुए दायर की गइ: हैं सिजसमें उक्त आदेश क े माध्यम से उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ ने विवशेष अपील को खारिरज कर विदया है, सिजससे रिरट vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA याति)का संख्या - 693 (एस/एस)/2019 में विवद्वान एकल न्याया ीश द्वारा पंकज क ु मार बनाम यूपी और अन्य राज्य क े वाद में पारिर विनण:य और आदेश को बरकरार रखा है।

2. व:मान अपील क े लिलए संतिक्षप्त थ्य यह है विक अपीलक ा:ओं ने सी ी भ 5 द्वारा प्रां ीय सशस्त्र आरक्षी बल (पुरुष) में पुलिलस आरतिक्षयों की भ 5 क े लिलए वष: 2015 में एक विवज्ञापन प्रकाशिश विकया र्थीा। उक्त प्रत्यर्थी5 उन उम्मीदवारों में से एक र्थीा सिजन्होंने उक्त विवज्ञापन में अपना आवेदन प्रस् ु विकया र्थीा। इसक े अनुसार, प्रत्यर्थी5 को प्रवेश पत्र जारी विकया गया र्थीा और प्रारंशिभक दक्ष ा परीक्षा आयोसिज की गई र्थीी। )यन की प्रविaया को पूरा करने क े लिलए, दस् ावेजों को सत्याविप विकया जाना र्थीा और उम्मीदवारों को शारीरिरक दक्ष ा परीक्षण करवाया जाना र्थीा सिजसे भ 5 प्रविaया क े अगले )रण क े रूप में करवाया जाना र्थीा। व:मान में यह मुद्दा लिललिख संसू)ना क े आभाव में दस् ावेजों क े सत्यापन क े संबं में और शारीरिरक दक्ष ा परीक्षण क े लिलए उपस्थिस्र्थी होने में असमर्थी: होने से उत्पन्न् हुआ है।

3. अपीलक ा:ओं क े अनुसार, सिजन उम्मीदवारों को शारीरिरक दक्ष ा परीक्षण और दस् ावेज सत्यापन क े लिलए उपस्थिस्र्थी होना आवश्यक र्थीा, उन्हें मोबाइल फोन पर एसएमएस जारी करक े सूति) विकया गया र्थीा, सिजसे उन्होनें आवेदन में प्रस् ु की विकया र्थीा। कई अन्य उम्मीदवार सिजन्होंने इस रह क े एसएमएस प्राप्त विकए र्थीे, उन्होंने दस् ावेज सत्यापन और शारीरिरक दक्ष ा परीक्षण की प्रविaया में भाग लिलया र्थीा। प्रत्यर्थिर्थी जो उपस्थिस्र्थी नहीं हुए र्थीे, उन अपीलार्थिर्थीयों को सिजनकों पोस्ट क े माध्यम से सूति) नहीं विकया गया र्थीा की रफ से शिशकाय दज: कराइ: गइ: र्थीी। उक्त क े आलोक में, प्रति वादी ने एसएस संख्या 693/2019 क े ह यह माॅंग कर े हुए vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk रिरट याति)का दायर की सिजसक े अनुसार अपीलार्थी5 को विनदkशिश विकया गया र्थीा विक प्रत्यर्थी5 का दस् ावेज परीक्षण आैर उ)ाँइ:, भार आैर सीना क े मापन की दक्ष ा परीक्षण को पूरा करायें आैर प्रविaया को पूरा करने क े बाद परिरणाम ोविष करें। मामला यह र्थीा विक अपीलक ा:ओं ने उत्तर प्रदेश (सिसविवल पुलिलस) आरक्षी और मुख्य आरक्षी विनयमावली, 2008 क े ह आवश्यक विनयमों का पालन नहीं विकया र्थीा।प्रत्यर्थी5 क े अनुसार, विनयमों क े ह प्रत्यर्थी5 को विनयुविक्त पत्र जारी विकया जाना आवश्यक र्थीा। )ूंविक, इस रह क े कॉल लेटर को प्रत्यर्थी5 को जारी नहीं विकया गया है क्योंविक वह दस् ावेज़ सत्यापन और शारीरिरक दक्ष ा परीक्षण की प्रविaया में भाग लेने में असमर्थी: र्थीा। विवद्व एकल न्याया ीश ने हालांविक विकसी भी विनयम क े उल्लंघन या गैर-अनुपालन क े संबं में कोइ: विनष्कष: दज: नहीं विकया र्थीा आैर इस विनष्कष: पर पहुं)ें विक प्रत्यर्थी5 की ओर से असाव ानी क े कारण हुआ क्योंविक एक आवेदक ने जानबूझकर भ 5 की प्रविaया में भाग नहीं लिलया होगा। उस परिरस्थिस्र्थीति में, न्यायसंग विव)ार क े रूप में, विवद्व एकल न्याया ीश ने अपीलक ा:ओं को वष: 2015 में विवज्ञाविप भ 5 क े अनुसरण में कांस्टेबल क े पद क े लिलए दस् ावेज सत्यापन और शारीरिरक दक्ष ा परीक्षण क े लिलए उपस्थिस्र्थी होने की अनुमति देने का विनदkश विदया र्थीा।

4. उक्त अपीलक ा:ओं ने, विवद्व एकल न्याया ीश द्वारा जारी इस रह क े विनदkश से दुखी होने का दावा कर े हुए विवद्व उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ क े समक्ष विवशेष अपील संख्या 366/2019 में एक इंट्रा कोट: अपील दायर की।सिजसमें विवद्व एकल न्याया ीश क े विदये गये आदेश क े एक भाग को खण्ड पीठ क े द्वारा उर्द्ध: विकया गया है सिजसमें न्यायसंग विव)ार प्रस् ु विकया गया र्थीा आैर आगे इंविग विकया विक इस vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk थ्य पर कोई विववाद नहीं है विक प्रत्यर्थी5 को भेजे गए एसएमएस क े अलावा कोई अन्य जानकारी नहीं भेजी गई र्थीी उस दृविxकोण से खण्ड पीठ ने विवद्व एकल न्याया ीश द्वारा जारी विकए गए विनदkश को मंजूरी दे दी, सिजसक े ह प्रति वादी को दस् ावेज सत्यापन और शारीरिरक दक्ष ा परीक्षण क े लिलए उपस्थिस्र्थी होने का अवसर विदया गया है। उस दृविxकोण से अपील खारिरज कर दी गई र्थीी।

5. अपीलक ा:ओं का प्रति विनति त्व कर े हुए विवद्व अति वक्ता श्री प्रदीप विमश्रा ने खण्ड पीठ और सार्थी ही सार्थी विवद्व एकल न्याया ीश द्वारा पारिर आदेश की अलो)ना कर े हुए यह क: विदया है विक बड़ी संख्या में उम्मीदवारों और पूरी होने वाली प्रविaया को ध्यान में रख े हुए, उम्मीदवारों को दस् ावेज सत्यापन और े लिलए उपस्थिस्र्थी होने क े लिलए एसएमएस भेजकर सूति) विकया गया र्थीा। उन्होंनें आगे क: विदया विक प्रत्यर्थी5 की इस एसएमएस क े द्वारा आगे की प्रविaया में उपस्थिस्र्थी ी क े लिलए उसको स्वयं प्रति बद्घ हो े हुए भी जवाब न देना उनकी स्वयं की लापरवाही है आैर उसक े लिलए )यन प्रविaया में हस् क्षेप नहीं कर सक े है जो पहले ही पूरी की जा )ुकी है। यह ब ाया गया है विक शारीरिरक मानक परीक्षण 17, 18 और 19 सिस ंबर 2018 को आयोसिज विकया जा )ुका र्थीा। इस स्थिस्र्थीति में, कोई भी दया नहीं विदखाइ: जा सक ी है जब मोबाइल नंबर 8394959934 पर प्रत्यर्थी5 द्वारा एसएमएस प्राप्त विकया गया र्थीा को स्वीकार विकया गया र्थीा को उसक े द्वारा ही ब ाया गया र्थीा। विदनांक 15.05.2018 की सू)ना/अति सू)ना का संदभ: विदया गया है सिजसमें )यन की प्रविaया का विववरण इंविग विकया गया र्थीा और उम्मीदवारों को यह भी सूति) विकया गया र्थीा विक परिरणाम वेबसाइट पर उपलब् है, सिजसका विववरण प्रस् ु विकया गया र्थीा। उम्मीदवारों को वेबसाइट क े माध्यम से )यन प्रविaया क े विववरण पर नज़र रखने की आवश्यक ा vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk र्थीी।इसलिलए प्रत्यर्थी5 इस क: क े सार्थी नहीं आ सक ा है सिजसको पहलें ही प्रस् ु विकया जा )ुका है। यह क: विदया जा ा है विक यद्यविप न्यायालय द्वारा जारी विकए गए विनदkश क े अनुसार लगभग 151 उम्मीदवारों को रिरयाय क े रूप में एक अवसर प्रदान विकया गया र्थीा, उक्त प्रविaया को जारी नहीं रखा जा सक ा है, और जब व्यविक्त/उम्मीदवार )यन प्रविaया को विफर से खोलना )ाह े हैं। यह क: विदया जा ा है विक एक अन्य रिरट याति)का में उच्च न्यायालय की समन्वय पीठ ने प्रत्यर्थी5 क े समान दावे को खारिरज कर विदया र्थीा और खण्ड पीठ ने अस्वीक ृ ति को बरकरार रखा र्थीा। यह उस आलोक में है विक )यन प्रविaया क े संबं में जो वष: 2015 में शुरू की गई र्थीी और वष: 2018 में सभी प्रविaयाआें क े पश्चा संपन्न हुई र्थीी, इस स्थिस्र्थीति में अवसर क े लिलए अनुरो पर उच्च न्यायालय द्वारा इसका उपयोग नहीं विकया जाना )ाविहए र्थीा।

6. दूसरी ओर प्रति वादी क े लिलए विवद्व अति वक्ता श्री सवkश कु मार दुबे द्वारा विवद्व एकल न्याया ीश द्वारा पारिर आदेश को बरकरार रखने का प्रयास कर ा है और उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ द्वारा स्वीक ृ है। यह उनका क: है विक विनयमों क े अनुसार यह है विक सू)ना को डाक क े माध्यम से भेजा जाना है, लेविकन प्रति वादी को ऐसी कोई सू)ना जारी नहीं की गई र्थीी। यह माना जा ा है विक )यन में आगे की प्रविaया की ारीख को सूति) करने वाले एसएमएस मात्र पया:प्त नहीं होगा ।वह कह े हैं विक आवेदन कर े समय उम्मीदवारों द्वारा मोबाइल नंबर प्रस् ु विकया जाएगा और त्काल मामले में आवेदन की ारीख से लगभग साल बी )ुक े हैं, इस बा की कोई ारणा नहीं हो सक ी है विक उम्मीदवार क े पास एक ही मोबाइल कनेक्शन और नंबर हो। उक्त आलोक में, यह क: विदया जा ा है विक उति) सेवा सुविनतिश्च करने क े लिलए उति) माध्यम डाक सू)ना क े माध्यम से होगा, उस प्रविaया को vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk त्काल मामले में लागू नहीं विकया गया र्थीा ।उस पृष्ठभूविम क े ह विवद्व एकल न्याया ीश आैर खण्ड पीठ इस विनष्कष: पर पहु)ें है विक एक अवसर प्रदान करने की आवश्यक ा है क्योंविक रोजगार क े अवसर को ख रे में नहीं डाला जाना )ाविहए। इसलिलए, वह )ाह े है विक इस अपील को खारिरज कर विदया जाए।

7. विवपक्षी कƒ क े आलोक में, विवद्व एकल न्याया ीश द्वारा पारिर आदेश क े सार्थी-सार्थी उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ द्वारा विदए गए विनष्कष: का भी परिरशीलन कर े हुए, यह इंविग हो ा है विक उच्च न्यायालय ने आवेदन क े लिलए प्रस् ु विकये गये विवज्ञापन में विदए गए विनयम या प्रविaया क े ह परिरकस्थि„प विकसी भी आवश्यक ा क े गैर-अनुपालन क े संबं में एक विनष्कष: दज: करक े प्रत्यर्थी5 को राह नहीं दी जा सक ी है।प्रति वादी क े लिलए विवद्व अति वक्ता द्वारा विनर्दिदx विनयम में उल्लेख है विक डाक सं)ार या विकसी अन्य माध्यम क े द्वारा सू)ना प्रदान की जानी है। उस दृविx से, एसएमएस क े माध्यम से उम्मीदवारों को सूति) करने में कोई रोक नहीं है, विवशेष रूप से ब जब बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को आगामी प्रविaया में उपस्थिस्र्थी होना और अति कांश उम्मीदवार एसएमएस द्वारा सू)ना क े लिलए दस् ावेज सत्यापन और े लिलए उपस्थिस्र्थी हुए। यहां क विक, जहां क प्रति वादी का संबं है, यह उसका मामला नहीं है विक उसे एसएमएस प्राप्त न होना यह क े वल एक कनीकी समस्या है विक उसे डाक सं)ार क े माध्यम से सूति) विकया जाना )ाविहए र्थीा। जब आवेदन में मोबाइल नंबर प्रदान करने क े लिलए एक आवश्यक ा ब ाई जा ी है, ो यह संवाद करने क े उद्देश्य से हो ा है और त्काल मामले में, अपीलक ा:ओं ने एसएमएस को उसी नंबर पर भेजा है जो अपीलक ा: द्वारा प्रस् ु विकया गया र्थीा। vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk

8. हालांविक, प्रति वादी क े विवद्व अति वक्ता ने अस्पx रूप से क: विदया विक एक व्यविक्त लंबे समय क े अं राल क े बाद एक ही मोबाइल नंबर को बनाए नहीं रख सक ा है, इसको इंविग करने क े लिलए कोई सामग्री अशिभलेख पर प्रस् ु नहीं की गई है विक प्रति वादी क े पास उक्त मोबाइल कनेक्शन नहीं र्थीा सिजसमें एसएमएस भेजा गया र्थीा। इसक े अलावा, प्रति वादी क े लिलए विवद्व अति वक्ता द्वारा विदए गए क: क े अनुसार विक लंबे समय क े अं राल क े बाद एक ही मोबाइल नंबर को बनाए नहीं रखा जा सक ा है, उस प े पर संवाद करना अच्छा होगा जो डाक सं)ार क े लिलए प्रस् ु है। प्रस् ु माामले में, व्यविक्त उस प े पर शायद विनवास न कर रहा हो सिजसको सं)ार क े लिलए विदया गया है सिजसमें उसक े द्वारा उस समय विनवास विकया जा रहा र्थीा ऐसी परिरस्थिस्र्थीति में, उम्मीदवार क े लिलए यह आवश्यक है विक वह अपने प े में विकसी भी परिरव:न को अति कारिरयों को सूति) करें और इस परिरव:न की जानकारी उसको स्वयं को भी होनी )ाविहए और यह उसकी सिजम्मेदारी है विक ऐसी सू)ना को अति कारिरयों क पहु)ाएं। त्काल मामले में, इसमें विववाद नहीं हो सक ा है विक प्रत्यर्थी5 क े पास एक ही मोबाइल नम्बर र्थीा, सिजसका विववरण आवेदन में प्रस् ु विकया गया र्थीा और प्रत्यर्थी5 को एसएमएस भेजा गया र्थीा, प्रत्यर्थी5 ने उस पर कार:वाई नहीं की र्थीी और वह अपनी सुविव ा से )यन प्रविaया में भाग लेने की अनुमति देने का अनुरो नहीं कर सक ा है जो पहले ही पूण: हो )ुकी है, और उन्होनें उस अवसर का उपयोग नहीं विकया है जो उनक े लिलए उपलब् र्थीा।

9. इसक े अलावा, उच्च न्यायालय द्वारा विकए गए विव)ार की प्रक ृ ति से, यह देखा जा ा है विक यह प्रति वादी का आकस्थिस्मक रवैया र्थीा सिजसने स्थिस्र्थीति को प्रकट विकया र्थीा, हालांविक उच्च न्यायालय ने इसे अनजाने में नम्र ापूव:क रीक े से देखा है और एक अवसर प्रदान विकया है। यह विनःसन्देह सत्य है विक प्रत्यर्थी5 द्वारा अपने विवरो ी vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk बयान में कहा है विक उच्च न्यायालय द्वारा जारी विकए गए विनदkशों क े अनुसरण में एक 14.01.2019 की नोविटस जारी की गइ: सिजसमें लगभग 151 उम्मीदवारों को )यन प्रविaया में भाग लेने का अवसर विदया गया र्थीा सिजसे दालिखल विकया गया र्थीा। यह भी ध्यान विदया जाना )ाविहए विक प्रति वादी उति) समय क े प्रारस्थिम्भक स् र पर स क: नहीं र्थीा, लेविकन जब उच्च न्यायालय द्वारा इस रह विव)ार विकए जाने और कु छ अन्य व्यविक्तयों को अवसर विदए जाने क े बाद ही, प्रति वादी ने रिरट याति)का यह कह े हुए दायर करने का विवक„प )ुना विक उसने 15.01.2019 को प्रविaया में भाग लेने की अनुमति देने का अनुरो विकया र्थीा और उसे अनुमति नहीं दी गई र्थीी।

10. उस पृष्ठभूविम में, यह ध्यान विदया जाना )ाविहए विक उच्च न्यायालय क े एक अन्य विवद्व एकल न्याया ीश ने इसी रह की राह की मांग कर े हुए एक रा ा शमा: द्वारा दायर रिरट याति)का संख्या 3647/2019 को खारिरज कर विदया र्थीा और उक्त आदेश को खण्ड पीठ ने विवशेष अपील दोषपूण: संख्या 903/2019 में बरकरार रखा र्थीा। विवद्व एकल न्याया ीश का आदेश विदनांक 13.05.2019 का र्थीा। विकसी भी घटना में, हालांविक पहले क े मामलों में दया विदखाइ: गइ: र्थीी, विकसी स् र पर एक रूपरेखा य करनी होगी अन्यर्थीा, सक्षम अति कारिरयों द्वारा की गई भ 5 प्रविaया रूपरेखा क े विबना अर्थी:हीन होगी और अगली भ 5 प्रविaया भी प्रभाविव होगी। )ूंविक अगली प्रविaया क े लिलए रिरविक्तयों की संख्या का विन ा:रण उ ार-)ढ़ाव जारी रहेगा। यह प्रविaया वष: 2015 में शुरू हुई र्थीी और शारीरिरक दक्ष ा परीक्षण क े सार्थी दस् ावेज सत्यापन 2018 में आयोसिज विकया गया र्थीा। कई उम्मीदवारों को सिजन्हें उच्च न्यायालय क े आदेश क े अनुसार अनुमति दी गई र्थीी, ने जनवरी 2019 की शुरुआ में भाग लिलया र्थीा। )ूंविक, इसक े बाद पया:प्त समय बी )ुका है, इसलिलए इस vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk स् र पर प्रत्यर्थी5 क े मामले को अपवाद बनाना उति) नहीं होगा अन्यर्थीा प्रविaया बहु ीर- ीरे जारी रहेगी।

11. इसलिलए हमारी राय है विक उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ आैर विवद्व एकल न्याया ीश क े द्वारा विदया गया विनण:य उति) नहीं र्थीा।रिरट याति)का संख्या. 693 (एसएस)/2019 में सीखा एकल न्याया ीश द्वारा पारिर 12.03.2019 क े आदेश और खण्ड पीठ क े द्वारा विवशेष अपील दोष संख्या 366/2019 में पारिर 29.08.2019 क े आदेश को अपास् विकया जा ा है।परिरणामस्वरूप, रिरट याति)का संख्या 693 (एसएस)/2019 पंकज क ु मार बनाम यूपी राज्य और अन्य को खारिरज विकया जा ा है।

12. लाग क े संबं में विबना विकसी आदेश क े अपील को अनुमति दी जा ी है।

13. लंविब आवेदन, यविद कोई हो, का विनस् ारण विकया जा ा है।................................................ (न्यायमूर्ति डॉ. नंजय वाई. )ंद्र)ूड़) vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA................................ (न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना) नई विदल्ली, 18 नवंबर, 2021 vLohdj.k Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk