Jharkhand Bijli Vitran Company Limited v. Rajasthan State and Others

High Court of Jharkhand · 15 Dec 2021 · 2021 INSC 898
Indira Banerjee; R. Subhash Reddy
Civil Appeal No 2899 of 2021
civil appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that an order by the MSME Facilitation Council passed without following mandatory conciliation and arbitration procedures is void and remitted the matter for proper proceedings.

Full Text
Translation output
'प्रति वेद्य'
भार का उच्च म न्यायालय
सि विवलअपीलीय क्षेत्राति कार
सि विवल अपील ंख्या 2899/2021
झारखंड ऊर्जाा) विवका वि*गम लिलविमटेड - अपीलक ा)
ब*ाम
रार्जास्था* राज्य और अन्य - प्रति वादी
वि*र्ण)य
आर. ुभाष रेड्डी, र्जाे.
JUDGMENT

1. इ सि विवल अपील में अपीलक ा) द्वारा डी. बी. विवशेष अपील रिरट ंख्या- 1854/2017 में दायर अं र न्यायालय अपील को रार्जास्था* उच्च न्यायालय, पीठ र्जायपुर द्वारा खारिरर्जा कर*े वाले वि*र्ण)य और आदेश विद*ांविक 11.12.2017 को चु*ौ ी दी गई है, सिर्जा में रिरट यातिचका ंख्या-11657/2017 में विवद्व एकल न्याया ीश क े आदेश की पुविN की गई है। रिरट यातिचका में, दू रे प्रत्यथR, अथा) ् रार्जास्था* ूक्ष्म और लघु उद्योग ुविव ा परिरषद, र्जायपुर ( ंक्षेप में, 'परिरषद') द्वारा विद*ांक 06.08.2012 को पारिर आदेश पर वाल उठाया गया।

2. यहां अपीलक ा), र्जाो की पूव)व R झारखंड राज्य विवद्यु बोड) उत्तराति कारी क ं प*ी है, *े ी रे प्रति वादी मै ) अ*ाविमका क ं डक्ट ) लिलविमटेड, र्जायपुर,क े ाथ ए ीए आर र्जाेब्रा क ं डक्टरों की आपूर्ति क े लिलए एक अ*ुबं विकया था। प्रत्यथR ंख्या 3 *े एक लघु उद्योग हो*े का दावा कर े हुए रार्जास्था* ूक्ष्म और लघु उद्यम ुविव ा परिरषद े ंपक ) विकया, सिर्जा में विबल की मूल राशिश क े रूप में 74,74,041 रुपये और ब्यार्जा क े रूप में 91,59,705.02 रुपये की राशिश का दावा विकया। इ आ ार पर विक अपीलक ा) *े पहले क े *ोविट ों का र्जावाब *हीं विदया है, परिरषद *े अपीलक ा) को 06.08.2012 को परिरषद क े मक्ष पेश हो*े क े लिलए म्म* 2021 INSC 898 विद*ांविक 18.07.2012 र्जाारी विकया। क े वल इ आ ार पर विक अपीलक ा) 06.08.2012 को उपस्थिस्थ *हीं हुआ है, परिरषद द्वारा आदेश विद*ांविक 06.08.2012 पारिर विकया गया था, सिर्जा में अपीलक ा) को आदेश की ारीख े ी विद*ों की अवति क े भी र ी रे प्रत्यथR को दावे क े अ*ु ार भुग ा* कर*े का वि*दeश विदया गया था।

3. उक्त आदेश को सि विवल रिरट यातिचका ंख्या 11657/2017 क े रूप में उच्च न्यायालय क े मक्ष चु*ौ ी दी गई थी, सिर्जा े विवद्वा* एकल न्याया ीश द्वारा खारिरर्जा कर विदया गया था। ाथ ही अपीलक ा) द्वारा दायर एक अं र-न्यायालय अपील को भी खारिरर्जा कर विदया गया इ लिलए, यह अपील दायर की गई।

4. हम*े अपीलाथR की ओर े उपस्थिस्थ विवद्वा* वरिरष्ठ स्थायी अति वक्ता श्री अ*ूप क ु मार, दू रे प्रत्यथR की ओर े उपस्थिस्थ विवद्वा* वरिरष्ठ अति वक्ता डॉ. म*ीष सिं घवी और ी रे प्रत्यथR की ओर े उपस्थिस्थ विवद्वा* वरिरष्ठ अति वक्ता श्री क ै लाश वा देव को ु*ा। पक्षों क े वकीलों को ु**े क े बाद हम*े आक्षेविप आदेश और रिरकॉड) पर रखी गई अन्य ामग्री का अवलोक* विकया है.

5. अपीलक ा) क े विवद्वा* अति वक्ता द्वारा मुख्य रूप े प्रति वाद विकया गया है की, क्योंविक ी रे प्रति वादी द्वारा की गई आपूर्ति पर क ु छ विववाद थे, इ लिलए देय विबल राशिश का ुरं भुग ा* *हीं विकया गया था। यह कथ* विकया गया है विक क े वल इ आ ार पर विक अपीलक ा) *े ुलह की काय)वाही में र्जावाब *हीं विदया है, परिरषद द्वारा उतिच अव र विदए विब*ा ी े आदेश पारिर विकया गया था। रिरट यातिचका में आक्षेविप आदेश ूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विवका अति वि*यम, 2006 ( ंक्षेप में 'एमए एमईडी अति वि*यम') की ारा 18,और मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996, क े प्राव ा*ों की अवहेल*ा कर े हुए पारिर विकया गया था। यह वि*वेद* विकया गया विक 06.08.2012 को परिरषद द्वारा पारिर आदेश क े बाद भी, अपीलक ा) *े रिरकॉड) का वि*रीक्षर्ण कर*े क े बाद, ी रे प्रति वादी को देय राशिश 63,43,488/- का भुग ा* विकया है। ऐ ी राशिश का भुग ा* ी रे प्रति वादी को रिरकॉड) का वि*रीक्षर्ण कर*े क े बाद विकया गया, सिर्जा *े विब*ा विक ी विवरो क े वह राशिश प्राप्त की थी। उ क े बाद ी* ाल की अवति क े बाद, ी रे प्रत्यथR *े सि विवल न्याया ीश, रांची क े मक्ष 2016 का वि*ष्पाद* मामला ंख्या-69 दायर विकया है, र्जाो अं ः ं ाय) *हीं हो*े क े आ ार पर खारिरर्जा हो गया। र्जाब उक्त आदेश को रिरट यातिचका क े माध्यम े चु*ौ ी दी गई थी, ो उक्त रिरट यातिचका को बाद में प्रत्याहरर्ण क े आ ार पर खारिरर्जा कर विदया गया था। यह वि*वेद* विकया र्जाा ा है विक र्जाब एमए एमईडी अति वि*यम की ारा 18 (3) क े ह ुलह विवफल हो र्जाा ी है, ो परिरषद को मध्यस्थ ा की काय)वाही शुरू कर*ी हो ी है। ुलह की विवफल ा पर, परिरषद या ो स्वयं विववाद को मध्यस्थ ा क े लिलए लेगी या ऐ ी मध्यस्थ ा क े लिलए वैकस्थिtपक विववाद मा ा* ेवाएं प्रदा* कर*े वाली विक ी ंस्था या क ें द्र को ंदर्भिभ करेगी,और मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 क े प्राव ा* विववाद पर इ रह लागू होंगे, मा*ो मध्यस्थ ा,मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 की ारा 7 की उप- ारा (1) क े ह ंदर्भिभ मध्यस्थ ा मझौ े क े अ*ु रर्ण में हो। यह वि*वेद* विकया र्जाा ा है विक इ मामले में प्रविwया का पाल* विकए विब*ा, रिरट यातिचका में आक्षेविप आदेश ी े अपीलक ा) को मध्यस्थ ा की काय)वाही में भाग ले*े का कोई अव र विदए विब*ा पारिर विकया गया था। यह वि*वेद* विकया गया विक क्योंविक कशिथ आदेश मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 क े अवि*वाय) प्राव ा*ों की पूरी रह े अवहेल*ा कर े हुए पारिर विकया गया था, यह आदेश एक शून्य है और मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 क े प्राव ा*ों क े ह एक पंचाट क े रूप में *हीं मा*ा र्जाा क ा है। यह आगे वि*वेद* विकया गया है विक ंविवदा की श x क े अ*ु ार कोई भी विववाद रांची में सि विवल न्यायालयों क े अति कार क्षेत्र क े अ ी* था और ी रे प्रति वादी *े इ रह की श x पर हमति व्यक्त कर*े क े बाद भी रार्जास्था* राज्य में परिरषद े ंपक ) विकया था। इ प्रकार यह वि*वेद* विकया र्जाा ा है विक परिरषद द्वारा पारिर आदेश अति कार क्षेत्र क े इ र और मझौ े क े वि*यमों और श x क े विवपरी है।

6. दू रे प्रत्यथR अथा) ् रार्जास्था* ूक्ष्म और लघु उद्यम ुविव ा परिरषद की ओर े विवद्वा* वरिरष्ठ अति वक्ता डॉ. म*ीष सिं घवी *े वि*वेद* विकया है विक उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आक्षेविप आदेश में हस् क्षेप कर*े का कोई आ ार *हीं है। यह वि*वेद* विकया गया है विक 06.08.2012 को परिरषद द्वारा पारिर पंचाट क े लिखलाफ, अपीलक ा) वि* ा)रिर मय क े भी र मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम की ारा 34 (3) क े ह क्षम मंच क े मक्ष इ े चु*ौ ी दे क ा था। यह वि*वेद* विकया गया विक क्षम मंच क े मक्ष पंचाट पर वाल उठा*े में विवफल रह*े क े कारर्ण, अपीलक ा) *े रिरट यातिचका क े माध्यम े परिरषद क े आदेश पर वाल उठा*े का एक विवलंविब प्रया विकया है, सिर्जा े विवद्वा* एकल न्याया ीश द्वारा उतिच रूप े खारिरर्जा कर विदया गया था और उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ द्वारा इ की पुविN कर दी गई। यह वि*वेद* विकया र्जाा ा है विक चूंविक अपीलक ा) *े परिरषद द्वारा र्जाारी विकए गए विवशिभन्न *ोविट ों/ म्म*ों का र्जावाब *हीं विदया है, इ लिलए परिरषद *े स्वयं इ विववाद को उठाया है और पंचाट पारिर विकया है। श्री क ै लाश वा देव ी रे प्रति वादी क े विवद्वा* वरिरष्ठ अति वक्ता *े वि*वेद* विकया है विक यद्यविप आपूर्ति अ*ुबं की श x क े अ*ु ार की गई थी, अपीलक ा) *े भुग ा* में देरी की है सिर्जा क े कारर्ण ी रे प्रति वादी को परिरषद े ंपक ) कर*ा पड़ा। हालांविक परिरषद द्वारा कई *ोविट र्जाारी विकए गए थे, लेविक* अपीलक ा) *े इ का र्जावाब *हीं विदया है और अं में 18 र्जाुलाई 2012 को परिरषद *े म्म* र्जाारी करक े 06.08.2012 को पंचाट इ आ ार पर पारिर विकया विक अपीलक ा) ी रे प्रति वादी को देय राशिशयों क े भुग ा* में देरी का दोषी है। यह वि*वेद* विकया र्जाा ा है विक पंचाट क े बाद अपीलक ा) को एक *ोविट र्जाारी विकया गया था,पंचाट का अ*ुपाल* कर*े क े बर्जााय, क े वल 63,43,488/- रुपये की राशिश का भुग ा* विकया गया था। इ क े बाद चूंविक अति वि*र्णR राशिश का भुग ा* *हीं विकया गया था, इ लिलए ी रे प्रत्यथR *े रांची में सि विवल अदाल क े मक्ष वि*ष्पाद* का मामला दायर विकया है, उ ी पर अपीलक ा) द्वारा रिरट यातिचका क े माध्यम े वाल विकया उठाया गया था, सिर्जा े बाद में प्रत्याहरर्ण क े आ ार पर खारिरर्जा कर विदया गया था। यह वि*वेद* विकया र्जाा ा है विक रांची क े सि विवल न्याया ीश *े वि*ष्पाद* क े मामले को इ आ ार पर खारिरर्जा कर विदया है विक यह क्षेत्रीय अति कार क्षेत्र की कमी क े कारर्ण ं ाय) *हीं था, क्योंविक पंचाट 06.08.2012 को र्जायपुर में पारिर विकया गया था। यह वि*वेद* विकया र्जाा ा है विक लगभग 9 मही*े क े अं राल क े बाद अपीलक ा) द्वारा 2016 को ी. डब्tयू. पी. ंख्या 6885 दालिखल की गई थी। यह वि*वेद* विकया र्जाा ा है विक एमए एमईडी अति वि*यम लघु और मध्यम उद्यमों क े लिलए एक लाभकारी विव ा* है। हालांविक उतिच अव र विदया गया था, अपीलक ा) *े परिरषद क े मक्ष इ का र्जावाब *हीं विदया है और उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आक्षेविप आदेश में हस् क्षेप कर*े का कोई आ ार *हीं है। यह वि*वेद* विकया र्जाा ा है विक र्जाब पंचाट परिरषद द्वारा पारिर विकया र्जाा ा है ो यह वि*र्दिदN अवति क े भी र मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 की ारा 34 क े ह चु*ौ ी दे*े क े लिलए खुला हो ा है और पंचाट पर वाल उठा*े में विवफल रह*े पर उच्च न्यायालय क े मक्ष रिरट यातिचका दायर करक े विवलंविब प्रया विकया गया है। वरिरष्ठ अति वक्ता *े रार्जाक ु मार शिशवहरे ब*ाम हायक वि*देशक, प्रव )* वि*देशालय और अन्य वाले मामले में इ न्यायालय क े वि*र्ण)य पर अप*ी प्रविवविNयों क े मथ)* में भरो ा र्जा ाया है और आगे वि*वेद* विकया विक अपीलक ा) *े 63,43,488/- रुपये की राशिश का भुग ा* करक े पंचाट का आंशिशक रूप े अ*ुपाल* विकया है, इ प्रकार इ मय इ े चु*ौ ी *हीं दी र्जाा क ी।

7. रिरट यातिचका में अपीलक ा) *े एमए एमईडी अति वि*यम क े ह ब*ी 'परिरषद'- दू रे प्रति वादी क े 06.08.2012 क े आदेश/पंचाट को चु*ौ ी दी है। ी रे प्रति वादी *े एमए एमईडी अति वि*यम क े ह ब्यार्जा विह विवलंविब विबल राशिश क े भुग ा* क े लिलए अपीलक ा) क े लिखलाफ वि*दeश मांग*े क े लिलए परिरषद े ंपक ) विकया। ुलह की काय)वाही शुरू कर े हुए आवेद* दालिखल कर*े क े ुरं बाद, परिरषद *े *ोविट र्जाारी विकए हैं और चूंविक अपीलक ा) उपस्थिस्थ *हीं हुआ, अपीलक ा) को 06.08.2012 को पेश हो*े क े लिलए 18.07.2012 को म्म* र्जाारी विकया गया है। परिरषद द्वारा विद*ांक 18.07.2012 को र्जाारी म्म* का प्रा ंविगक भाग वि*म्*ा*ु ार हैः "अ ः अब आपको *ोविट विदया र्जाा ा है की व्यविक्तग रूप े या प्राति क ृ प्रति वि*ति द्वारा 6 अगस्, 2012 को अपराह्न 3.30 बर्जाे पर या ऐ े विद* को, र्जाो परिरषद द्वारा दावे/विववाद क े मथ)* में प्रस् ु कर*े क े लिलए वि* ा)रिर विकया र्जााए परिरषद क े मक्ष उपस्थिस्थ हों और आपको वि*दeश विदया र्जाा ा है विक उ विद* आप अप*े बचाव क े मथ)* में उ* भी दस् ावेर्जाों को प्रस् ु करें सिर्जा* पर आप भरो ा कर*ा चाह े हैं। ध्या* दें विक उपरोक्त अवति क े भी र आपकी प्रति विwया में चूक हो*े पर, विववाद माप्त हो र्जााएगा अन्यथा विववाद की ु*वाई की र्जााएगी और विववाद क े वि*पटारे क े दृविNकोर्ण े इ का मा ा* विकया र्जााएगा और यविद मा ा* *हीं हो ा है ो परिरषद या ो स्वयं विववाद क े अंति म वि*पटारे क े लिलए मध्यस्थ क े रूप में काय) करेगी या अति वि*यम क े अ*ु ार इ रह क े वि*पटारे क े लिलए विक ी ंस्था* को ंदर्भिभ करेगी.”

8. क े वल इ आ ार पर विक म्म* प्राप्त हो*े क े बाद भी अपीलक ा) उपस्थिस्थ *हीं हुआ है, परिरषद *े 06.08.2012 को आदेश/पंचाट पारिर विकया है। ूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमए एमईडी) अति वि*यम की ारा 18 (3) क े अ*ु ार, यविद ुलह फल *हीं हो ी है, ो उक्त काय)वाही माप्त हो र्जाा ी है और उ क े बाद परिरषद को अप*े दम पर विववाद को मध्यस्थ ा क े लिलए ले*े या विक ी अन्य ंस्था* को ंदर्भिभ कर*े का अति कार है। उक्त ारा स्वयं यह स्पN कर ी है विक र्जाब मध्यस्थ ा शुरू की र्जाा ी है ो मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 क े भी प्राव ा* लागू होंगे, मा*ो मध्यस्थ ा कशिथ अति वि*यम की खंड 7 की उप- खंड (1) क े ह ंदर्भिभ मध्यस्थ ा मझौ े क े अ*ु रर्ण में थी। एमए एमईडी अति वि*यम की ारा 18 इ प्रकार हैः "18. ूक्ष्म और लघु उद्यम ुविव ा परिरषद का ंदभ)- - (1) त् मय प्रवृत्त विक ी अन्य विवति में अं र्दिवN विक ी बा क े हो े हुए भी, विक ी विववाद का कोई पक्षकार, खंड 17 क े अ ी* देय विक ी रकम क े ंबं में, ूक्ष्म और लघु उद्यम ुविव ा परिरषद् को ंदर्भिभ कर क े गा। (2) उप ारा (1) क े अ ी* ंदर्भिभ हो*े पर, परिरषद या ो स्वयं मामले में ुलह करेगी या ुलह कर*े क े लिलए वैकस्थिtपक विववाद मा ा* ेवाएं प्रदा* कर*े वाली विक ी ंस्था या क े न्द्र को ंदर्भिभ कर उ*की हाय ा मांगेगी,और मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 (1996 का 26) की ारा 65 े 81 क े उपबं ऐ े विववाद पर इ प्रकार लागू होंगे मा*ो ुलह उ अति वि*यम क े भाग 3 क े अ ी* आरंभ की गई थी। (3) र्जाहां उप-खंड (2) क े ह शुरू विकया गया ुलह फल *हीं हो ा है और पक्षकारों क े बीच विक ी भी मझौ े क े विब*ा माप्त हो र्जाा ा है, वहां परिरषद या ो स्वयं विववाद को मध्यस्थ ा क े लिलए लेगी या ऐ े मध्यस्थ ा क े लिलए वैकस्थिtपक विववाद मा ा* ेवाएं प्रदा* कर*े वाली विक ी ंस्था या क ें द्र को ंदर्भिभ करेगी,और मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 (1996 का 26) क े प्राव ा* ब विववाद पर इ रह लागू होंगे मा*ो मध्यस्थ ा उ अति वि*यम की खंड 7 की उप-खंड (1) में वि*र्दिदN मध्यस्थ ा मझौ े क े अ*ु रर्ण में थी। (4) त् मय प्रवृत्त विक ी अन्य विवति में अं र्दिवN विक ी बा क े हो े हुए भी, ूक्ष्म और लघु उद्यम ुविव ा परिरषद या वैकस्थिtपक विववाद मा ा* ेवाएं प्रदा* कर*े वाले क े न्द्र को अप*ी अति कार क्षेत्र क े भी र अवस्थिस्थ आपूर्ति क ा) और भार में कहीं भी अवस्थिस्थ w े ा क े बीच विववाद में इ खंड क े अ ी* मध्यस्थ या ुलहक ा) क े रूप में काय) कर*े का क्षेत्राति कार होगा। (5) इ खंड क े अ ी* विकए गए प्रत्येक ंदभ) का विववि*श्चय वि*म्*लिललिख ंदभ) दे*े की ारीख े *ब्बे विद* की अवति क े भी र विकया र्जााएगा।"

9. एमए एमईडी अति वि*यम क े खंड 18 (2) और 18 (3) क े पठ* े यह स्पN है विक परिरषद ुलह कर*े क े लिलए बाध्य है सिर्जा क े लिलए मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 की खंड 65 े 81 क े प्राव ा* लागू होंगे, र्जाै े विक ुलह उक्त अति वि*यम क े भाग 3 क े ह शुरू की गई थी। खंड 18 (3) क े ह, र्जाब ुलह विवफल हो र्जाा ी है और माप्त हो र्जाा ी है, ो पक्षकारों क े बीच विववाद को मध्यस्थ ा द्वारा हल विकया र्जाा क ा है।परिरषद को या ो स्वयं मध्यस्थ ा कर*े या उक्त खंड में वि*र्दिदN विक ी ंस्था े मध्यस्थ ा काय)वाविहयों को वि*र्दिदN कर*े की शविक्त प्राप्त है। परिरषद मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 क े प्रा ंविगक प्राव ा*ों, विवशेष रूप े ारा 20,23,24,25 क े ह प्रविwया का पाल* कर*े क े बाद पंचाट पारिर कर*े क े लिलए स्व ंत्र है।

10. ुलह और मध्यस्थ ा क े बीच बुवि*यादी अं र है। ुलह में ुलहक ा) पक्षकारों को वि*ष्पक्ष और स्व ंत्र रीक े े ौहाद)पूर्ण) मा ा* पर पहुंच*े में हाय ा कर ा है। मध्यस्थ ा में, मध्यस्थ ा अति करर्ण/मध्यस्थ पक्षकारों क े बीच विववादों की मध्यस्थ ा कर ा है।दावे को मध्यस्थ क े मक्ष, यविद आवश्यक हो, ाक्ष्य प्रस् ु करक े ाविब कर*ा होगा, भले ही सि विवल प्रविwया ंविह ा या भार ीय ाक्ष्य े वि*यम लागू * हों। र्जाब क अन्यथा हमति * हो, मौलिखक ु*वाई की र्जाा*ी है।

11. यविद अपीलक ा) *े ुलह क े चरर्ण में अप*ा र्जावाब प्रस् ु *हीं विकया था, और उपस्थिस्थ हो*े में विवफल रहा था, ो ुविव ा परिरषद, उत्तम पथ क े अ*ु रर्ण में ुलह की विवफल ा को दर्जा) कर क ी थी और विववाद का वि*र्ण)य कर*े क े लिलए मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 क े प्रा ंविगक प्राव ा*ों क े अ*ु ार विववाद का फ ै ला कर*े और पंचाट ब*ा*े क े लिलए मध्यस्थ ा की काय)वाही शुरू कर क ी थी। ुलह और मध्यस्थ ा की काय)वाही को एक ाथ *हीं रखा र्जाा क ा है।

12. इ मामले में क े वल इ आ ार पर विक अपीलाथR ुलह की काय)वाही में उपस्थिस्थ *हीं हुआ था, उपस्थिस्थति की पहली ारीख, अथा) ्, 06.08.2012 को, एक आदेश पारिर विकया गया था सिर्जा में अपीलक ा) और/या उ क े पूव)व R/झारखंड राज्य विवद्यु बोड) को मूल दावे की ओर 78,74,041/- रुपए और ब्यार्जा की ओर 91,59,705/- रुपए का भुग ा* कर*े का वि*दeश विदया गया था। र्जाै ा विक आक्षेविप काय)वाही क े रिरकॉड) े स्पN है विक ुविव ा परिरषद *े े प्रा ंविगक प्राव ा*ों क े अ*ु ार मध्यस्थ ा की काय)वाही शुरू *हीं की।

13. विद*ांक 06.08.2012 का आदेश शून्य है,और * क े वल एमए एमईडी े विवपरी है, बस्थिtक मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 क े विवशिभन्न अवि*वाय) प्राव ा*ों क े विवपरी है। विद*ांक 06.08.2012 का आदेश पूरी रह े अवै है। का*ू* की *र्जार में कोई मध्यस्थ ा पंचाट *हीं ब*ा है। यह च है विक मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 की योर्जा*ा क े ह एक मध्यस्थ ा पंचाट पर क े वल मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 की खंड 34 क े ह आवेद* क े माध्यम े ही वाल उठाया र्जाा क ा है। ाथ ही, र्जाब कोई आदेश मध्यस्थ ा का हारा लिलए विब*ा पारिर विकया र्जाा ा है,और मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 क े प्राव ा*ों की पूरी रह े अवहेल*ा कर े हुए, ो उक्त अति वि*यम की ारा 34 लागू *हीं होगी। इ अपील को क े वल इ आ ार पर अस्वीकार *हीं विकया र्जाा क ा है विक अपीलक ा) *े मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 की ारा 34 क े ह वै उपाय का लाभ *हीं उठाया है। ी रे प्रति वादी की ओर े उपस्थिस्थ विवद्वा* वरिरष्ठ अति वक्ता का यह वि*वेद* विक रिरट यातिचका दालिखल कर*े में देरी हुई भी स्वीकार *हीं विकया र्जाा क ा है। 06. 08. 2012 क े आदेश क े बाद, अपीलक ा) *े रिरकॉड) क े त्याप* क े बाद 22.01.2013 को 64,43,488/- रुपये का भुग ा* विकया है और उक्त राशिश ी रे प्रति वादी *े विब*ा विक ी विवरो क े प्राप्त की। इ क े ी* ाल बाद इ *े सि विवल र्जार्जा, रांची क े मक्ष 2016 क े वि*ष्पाद* मामला ंख्या 69 में आदेश को वि*ष्पाविद कर*े का प्रया विकया, र्जाो अं ः 31 र्जा*वरी, 2017 क े आदेश द्वारा क्षेत्रीय अति कार क्षेत्र क े अभाव में बखा)स् गी में माप्त हो गया। इ क े बाद रार्जास्था* उच्च न्यायालय क े मक्ष विद*ांक 06.08.2012 क े आदेश को चु*ौ ी दे े हुए 2017 की ए. बी. सि विवल रिरट यातिचका ंख्या 11657 दायर की गई। मामले क े उ दृविNकोर्ण में यह *हीं कहा र्जाा क ा है विक उच्च न्यायालय में र्जाा*े में अपीलक ा) की ओर े अ ामान्य विवलंब हुआ था। चूंविक ी रे प्रत्यथR *े पहले ही अपीलक ा) द्वारा भुग ा* की गई 63,43,488/- रुपये की राशिश विब*ा विक ी विवरो और आपलित्त क े प्राप्त कर ली है, यह *हीं कहा र्जाा क ा है विक अपीलक ा) *े विद*ांक 06.08.2012 क े आदेश पर वाल उठा*े का अप*ा अति कार खो विदया है। हालांविक प्रति वादी क े लिलए पेश हो*े वाले विवद्वा* अति वक्ता *े अप*े मामले का मथ)* कर*े क े लिलए क ु छ वि*र्ण)यों का हारा लिलया है, लेविक* 06.08.2012 का आदेश एमए एमईडी अति वि*यम की ारा 18 (3) और मध्यस्थ ा और ुलह अति वि*यम, 1996 क े अवि*वाय) प्राव ा*ों क े विवपरी पारिर विकया गया था, हमारा मा**ा है विक इ रह क े वि*र्ण)यों े उ*क े मामले को कोई हाय ा *हीं विमलेगी।

14. उपरोक्त कारर्णों े, यह सि विवल अपील स्वीकार की र्जाा ी है, आक्षेविप वि*र्ण)य और आदेश को रद्द विकया र्जाा ा है। * ीर्जा *, दू रे प्रत्यथR द्वारा पारिर विद*ांक 06.08.2012 का आदेश/पंचाट रद्द कर विदया र्जाा ा है। थाविप, यह दू रे प्रति वादी-परिरषद क े लिलए विवकtप खुला है की मध्यस्थ ा पक्षकारों क े बीच विववाद क े मा ा* क े लिलए या ो स्वयं विववाद में मध्यस्थ ा कर क ी है या उ े वैकस्थिtपक विववाद मा ा* ेवाएं प्रदा* कर*े वाली विक ी ंस्था या क ें द्र को दो*ों पक्षों क े मध्य विववाद क े हल क े लिलए ंदर्भिभ कर क ी है। यह कह*े की आवश्यक ा *हीं है विक ऐ ी मध्यस्थ ा क े लिलए, परिरषद कोई भी पंचाट पारिर कर*े े पहले े प्राव ा*ों का पाल* करेगी। चूंविक हम*े ी रे प्रत्यथR द्वारा विकए गए दावे क े गुर्ण-दोषों पर विवचार *हीं विकया है, इ लिलए मध्यस्थ न्यायाति करर्ण गुर्ण-दोषों क े आ ार पर मामले का वि*र्ण)य कर*े की लिलए स्व ंत्र है। (इंविदरा ब*र्जाR ) (आर ुभाष रेड्डी) *ई विदल्ली 15 विद ंबर, 2021. (Translation has been done through AI Tool: SUVAS with the help of Translator) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language made for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purposes. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation.