Mohammad Zahid v. NCB

Supreme Court of India · 07 Sep 2021
M. R. Shah; B. R. Nagarathna
Criminal Appeal No 879 of 2002
2021 INSC 834
criminal appeal_dismissed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that concurrent sentences under Section 427 CrPC are not automatic for multiple convictions arising from different FIRs and offenses, and upheld consecutive sentences in serious NDPS cases.

Full Text
Translation output
प्र�तवे
भाररीे स��च् नेाेााे
दां�डक अपीा�े अ�धका�ररा
दां�डक अपीा संखेा- 1457/2021
मोहमममद ज़ाहमद ...अपीलज़थ�
बनज़म
एनसीबी क
े मज़ध्म से रज़ज् ...प््थ�
्नणरे
एम.आर. शाह, नेाेमू्रर
JUDGMENT

1. मज़ं�डकद अपील संख्ज़ 879/2002 म� ामललल उच् न्ज़्ज़ल्, नई ामललल द्ज़रज़ पज़�रत आ�े�पत �नणर् और आमेश ामनज़ंक 31.03.2017 से व्यथत और असंतुष् होकर, मूल अ�भ्ुकत ने ्तरमज़न अपील मज़्रद क�द है। उच् न्ज़्ज़ल् ने अपीलज़थ�-मूल अ�भ्ुकतदद्ज़रज़ मज़्र उकत अपील को खज़�रज कर ाम्ज़ थज़दऔर मज़ननी् �््ज़रणद न्ज़्ल् द्ज़रज़ पज़�रत उसद�नणर् और आमेश क� पुिष् क� थी, िजसम� अपीलज़थ� को नज़रकोा्कस ड्स एंड 2021 INSC 834 सज़इकोटो�पक सबस्�स एक्, 1985 (इसक े बज़म एनडीपीएस अयध�न्म क े रप म� संम�भरत) क� धज़रज़ 29 सहपाठत धज़रज़ 21 (सी) क े तहत अपरज़ध क े �लए मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ थज़द और उसे एनद डीद पीद एसद अयध�न्मद क�द धज़रज़द 31 (ii) क े द पज़्धज़नाद क े द मदमेन रदउपरोकत अपरज़ध क े �लए 1,50,000 रप्े क े जुमज़रने क े सज़थ 15 सज़ल क े दसशम कज़रज़्ज़स (आरआई) क� सजज़ सुनज़ईदगईद थी।द

2. सं�ेप म� ्तरमज़न अपील सेदसंबंयधत तथ् इस पकज़र ह�:- 2.[1] ्ह �क अपीलज़थ�-मूल अ�भ्ुकत पर 4 �कलो हेरोइन क� बरज़ममगी क े मज़मले म� एनडीपीएस अयध�न्म क� धज़रज़ 23 और 21 क े तहत अपरज़ध क े �लए थज़नज़ कस्मस, अमृतसर, पंजज़ब म� मजर पज़थ�मक� संख्ज़ 134/1999 क े संबंध म� मुक़ममज़ ्लज़्ज़ ग्ज़। उसे अमृतसर न्ज़्ल् ने 12 सज़ल क े सशम कज़रज़्ज़स क� सजज़ सुनज़ई थी। ामललल से 750 गज़म हेरोइन क� बरज़ममगी क े �लए नई ामललल म� अपीलज़थ�-मूल अ�भ्ुकत क े �खलज़फ एक अन् पज़थ�मक� संख्ज़ 43/1999 भी मजर क� गई थी। मूसरे मज़मले म� भी �नणर् और आमेश ामनज़ंक 30.01.2002 द्ज़रज़, उसे एनडीपीएस अयध�न्म क� धज़रज़ 29 सहपाठत धज़रज़ 21 (सी) क े �लए मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ थज़। ामललल क े मज़ननी् �््ज़रण न्ज़्ज़ल् ने 10 ्षर क े सशम कज़रज़्ज़सदक�दसजज़ (न्ूनतम सजज़) मल, हज़लज़ं�क, एनडीपीएस अयध�न्म क� धज़रज़ 31(ii) क े पज़्धज़ना क े दमदमेन रद िजसम�द�पछलल सजज़ क े बज़म अपरज़धा क े �लए बढ़ल हुई सजज़ कज़ पज़्धज़न है, और इस तथ् पर �््ज़र करते हुए �क पहले अपीलकतज़र को पज़थ�मक� संख्ज़ 134/1999 से उ्पनन एक मज़मले म� एनडीपीएस अयध�न्म क े �लए मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ थज़, इसद �लएद मज़ननी्द �््ज़रण न्ज़्ज़ल् ने न्ूनतम 15 ्षर सशम कज़रज़्ज़सद क� सजज़ सुनज़ई।द ामललल क े मज़ननी्द�््ज़रण न्ज़्ज़ल् द्ज़रज़ पज़थ�मक� सं. 43/1999 (बज़म क े �््ज़रण) से उ्पनन मुकदममेद म� कोई �्शेष आमेश पज़�रत नहलं �क्ज़ ग्ज़ थज़ �क 15 ्षर क े दसशम कज़रज़्ज़सदक� सजज़ सज़थ- सज़थद्ज़ कम्ज़र ्लेगी।

3. पज़थ�मक� संख्ज़ 43/1999 (मूसरे/बज़म क े मज़मले) से उ्पनन एक मज़मले म� ामललल क े द मज़ननी्द �््ज़रण न्ज़्ज़ल् द्ज़रज़ पज़�रत मोष�सदयध क े �नणर् और आमेश से व्यथत और असंतुष् होने द क े द बज़म, अपीलज़थ�-मूल अ�भ्ुकत ने उच् न्ज़्ज़ल् क े सम� अपील मज़्र क�। उच् न्ज़्ज़ल् क े सम� मुख् रप से अपीलज़थ�- अ�भ्ुकतदक� ओर से ्ह �न्ेमनद�क्ज़ ग्ज़ �क ्ूं�क अपीलज़थ�- अ�भ्ुकत को एफआईआर संख्ज़ 134/1999 से उ्पनन एक मज़मले म� पहले हल 12 सज़ल क� सजज़ हो ्ुक� है, इस�लएदउसे मो बज़र मं�डत नहलं �क्ज़ जज़ सकतज़ और एफआईआर संख्ज़ 43/1999 से उ्पनन मज़मले म�द्ह पहले हल 6 सज़ल और 2 महलने क� सजज़ कज़् ्ुकज़ है, इस�लएदएक उमज़र दिष्कोण अपनज़्ज़ जज़ सकतज़ हैद और मोना मज़मला/मुक़ममा म� मलदगई सजज़एं, अथज़रतद एफआईआर संख्ज़ 134/1999 (अमृतसर क े स) से उ्पनन और मूसरल एफआईआर संख्ज़ 43/1999 (नई ामललल क े स) से उ्पनन सजज़एं सज़थ-सज़थ ्लने कज़द �नणर्द ाम्ज़द जज़ए।द आ�े�पत �नणर् और आमेश द्ज़रज़ उच् न्ज़्ज़ल् ने उपरोकत को स्ीकज़र नहलं �क्ज़ है और अपील को खज़�रज कर ाम्ज़ है। अतः अ�भ्ुकतद नेद ्तरमज़न अपील मज़्रदक�दहै।द

4. अपीलज़थ� क� ओर से उपिसथत �्द्ज़न अयध्कतज़ सुशी संगीतज़ क ु मज़र ने अपने सं��पत �ल�खत �न्ेमन म� कहज़ है �क अपीलज़थ�द एक �्मेशी नज़ग�रक है, जो लज़हौर, पज़�कसतज़न कज़ �न्ज़सी है और �पछले लगभग 22 ्ष� से सलज़खा क े पीछे है क्ा�क उसेदथज़नज़, सीमज़ शुलक, पंजज़ब द्ज़रज़ 1999 क� पज़थ�मक� संख्ज़ 134 क े संबंध म� 15.06.1999 को यगरफतज़र �क्ज़ ग्ज़ थज़दऔर उस पर 4 �कलो हेरोइन क े आ्ज़त क े �लए एनडीपीएस अयध�न्म, 1985 क� धज़रज़ 21 और 23 क े तहत अपरज़ध कज़ आरोप लगज़्ज़ ग्ज़ थज़ और अ�त�रकत सत न्ज़्ज़धीश, अमृतसर, क े आमेश ामनज़ं�कत 08.12.2000 द्ज़रज़ मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ थज़। पू्�कत �न्ेमना पर प�तक ू ल पभज़् डज़ले �बनज़, अपीलज़थ� क े �्द्ज़न अयध्कतज़ ने �न्ेमन �क्ज़ �क अपीलज़थ� पर 17.09.1999 से 14.02.2002 तक मुक़ममज़ ्ल रहज़ थज़ और मूसरे अपरज़ध क े �लए उकत अ्यध पर �््ज़र नहलं �क्ज़ ग्ज़ है। ्ह �न्ेमन �क्ज़ ग्ज़ �क ्ाम सजज़एंद कमद सेद ्लनीद ह� और ्ाम उपरोकत अ्यध को भी ध्ज़न म� रखज़ जज़तज़ है, तो अपीलज़थ� क� सलज़खा क े पीछे रहनेदकोदअ्यधदकोदकम करनज़ होगज़।द 4.[1] अपीलज़थ� क े �्द्ज़न अयध्कतज़ ने �न्ेमन �क्ज़ �क अपीलज़थ� क� आ्ु 30 ्षर थी जब उसे मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ थज़ और अब ्ह 52 ्षर कज़ है।दजेल म� उसकज़ आ्रण अचछज़ है और जेल अधी�क द्ज़रज़ उसक े �खलज़फ कोई प�तक ू ल ा्पपणी नहलं क� गई है।द इस�लए, अपीलज़थ� अब िजन मो सजज़ओं कज़ सज़मनज़ कर रहज़ है, उनह� मंडदप�क्ज़दसंाहतज़दक�दधज़रज़ 427 क े तहत एक सज़थ ्लज़नेद कज़द�नणर्दाम्ज़दजज़ए।द 4.[2] ्हद�न्ेमनद�क्ज़दग्ज़दहै �क अपीलज़थ�-अ�भ्ुकत ने एफआईआर संख्ज़ 134/1999 म� पहले हल 12 ्षर कज़ सशम कज़रज़्ज़स पूरज़ कर �ल्ज़ है, औरद्ाम अमृतसर म� मजर एफआईआर संख्ज़ 134/1999 और नई ामललल म� मजर एफआईआर संख्ज़ 43/1999 से उ्पनन मोना मज़मला क�द सजज़ओं को एक सज़थ ्लज़ने कज़द �नणर् नहलं ाम्ज़दजज़तज़ है और अपीलज़थ�-अ�भ्ुकत को एकदसज़थ सजज़ भुगतनी पड़ती है, तोद उस िसथ�त म� अपीलज़थ� को पूरे 27 सज़ल कज़ कज़रज़्ज़स पूरज़द करनज़द होगज़।द इस�लएद ्हद �न्ेमनद हैद �क मोना मज़मला म� मल गई सजज़ को एक सज़थ ्लज़नेद कज़द �नणर्द ाम्ज़द जज़ए।द 4.[3] ्ह �न्ेमनद �क्ज़द ग्ज़ है �क इस पकज़र एफआईआर संख्ज़ 43/1999 से उ्पनन मज़मले म�, ामललल न्ज़्ल् ने 15 सज़ल क े द सशम कज़रज़्ज़सदक�दसजज़ सुनज़ते हुए कोई आमेश पज़�रत नहलं �क्ज़ �क मोना मज़मला म� सजज़ एक सज़थ ्लेगीद्ज़ नहलं। इस�लए ्हद �न्ेमनदहैद�कदअपीलज़थ� को मंडदप�क्ज़दसंाहतज़दक� धज़रज़ 427 कज़ लज़भ ाम्ज़ जज़नज़ ्ज़ाहए।

5. रज़ज्-प््थ�द क� ओर से उपिसथत �्द्ज़न अयध्कद तज़ सुशी आकज़ं�ज़ कौल द्ज़रज़ ्तरमज़न अपील कज़ पुरजोर �्रोध �क्ज़ ग्ज़ है। मंडद प�क्ज़द संाहतज़द क�द धज़रज़द 427 परद अयधकद भरोसज़द जतज़्ज़द ग्ज़द है। ्ह �न्ेमनद �क्ज़द ग्ज़ �क ्तरमज़न मज़मले म� आरोपी को अलग-अलग अपरज़धा क े �लए मो अलग-अलग मुक़ममा कज़ सज़मनज़ करनज़ पड़ज़ और एक हल मज़मले से उ्पनन नहलं हुआद और इस�लए मोना मज़मला म� मलदगई सजज़ अलग-अलग हलद्लेगी। 5.[1] ्ह कहज़दग्ज़ �क सज़मज़न् �न्म ्ह है �क अलग-अलग अपरज़धा म� मो अलग-अलग मुक़ममा म� ामए गए मंड अलग-अलग ्ल�गे जहज़ं मो अलग-अलग मज़मलेदहा; अलग-अलग �नणर्ा द्ज़रज़ अलग- अलग अपरज़ध संख्ज़ और मज़मला कज़ फ ै सलज़ �क्ज़ ग्ज़ है। ्हद �न्ेमनद�क्ज़दग्ज़ �क अप्ज़म ्े मज़मले ह� जो मंडदप�क्ज़दसंाहतज़द क� धज़रज़ 427(1) और धज़रज़ 427(2) क े दपज़्धज़ना क े तहत आतेदह� ्ज़ जब न्ज़्ल् �नम�श मे �क सजज़ अलग-अलग ्लेगी। 5.[2] ्ह �न्ेमनद�क्ज़दग्ज़ �क सम्त� सजज़ कज़ आमेश मेने क े �लए मंडद प�क्ज़द संाहतज़ क� धज़रज़ 427 क े तहत न्ज़्ल्द को पमत शिकत भी �््ेकज़धीन है, ले�कन �््ेक कज़ प्ोग घा्तदअपरज़ध क े दस्रपदऔर उन तथ्ा क� िसथ�त को ध्ज़न म� रखते हुए �क्ज़ जज़नज़ ्ज़ाहए िजनम� प्न उठतज़ है।द 5.[3] ्ह �न्ेमनद �क्ज़द ग्ज़ �क ्तरमज़न मज़मले म�, सजज़ मेनेद ्ज़ललद अमज़लत ने सजज़ को एक सज़थ ्लज़ने कज़ �नम�श नहलं ाम्ज़।द्ह �न्ेमनद�क्ज़दग्ज़ �क ्तरमज़न मज़मले म� अपीलकतज़र - आरोपी को मो अलग-अलग मज़मलाद म�द (एक हल मज़मलेद से उ्पनन नहलं) मो अलग-अलग अपरज़धा क े �लए मो अलग-अलग मुक़ममा कज़ सज़मनज़ करनज़ पड़ज़ और इस�लए अपीलकतज़र क� ओर से इसद�न्ेमनद कज़द कोईदअथर नहलं �क मोना मज़मला म� मलदगईदस ज़एँदसज़थ-सज़थ ्ल�गीद औरदइसे ाम्ज़दभीदनहलंदजज़दसकतज़। 5.[4] अपने उपरोकत �न्ेमन क े समथरन म�, उनहाने इस न्ज़्ल् क े �नमन�ल�खत �नणर्ा पर भरोसज़ �क्ज़ है:- मोहममद अखरर हुसैन उफ र इबारहम अहमद भट्� बनाम सीमा शुलक (रोकथाम) क त सहाेक कातक्र, अहमदाबाद ए�ं एक अने (1988) 4 एससीसी 183; रंजीर �संह बनाम क � द शा�सर पदतश ्ंडीगढ़ और एक अने (1991) 4 एससीसी 304; �ी.क त. बंसा बनाम ह�रेाणा राजे और एक अने (2013) 7 एससीसी 211; नीरा ेाद� बनाम क � द�े जां् बेूरो (2017) 8 एससीसी 757; ��ककक @ ��कास बनाम राजे (राष्�े राजधानी �तत रदला�) (2020) 11 एससीसी 540; गुरदत� �संह बनाम पंजाब राजे (2021) 6 एससीसी 558; शरद ह�र कोामबत बनाम. महाराष् राजे और अनेय (2018) 18 एससीसी 718 और राजपाा बनाम ओम पकाश � एक अने (2019) 17 एससीसी 809।द 5.[5] ्ह �न्ेमनद भी �क्ज़ ग्ज़ �क ्तरमज़न मज़मले म� अपीलकतज़र- आरोपी आमतन अपरज़धी है।द एफआईआर संख्ज़ 134/1999 क े संबंध म�, उनह� 4 �कलो हेरोइन रखने/बरज़ममगी क े �लए एनडीपीएस अयध�न्म क� धज़रज़ 23 और 21 क े �लए मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ थज़दऔरद्हलं एफआईआर नंबर 43/1999 से जुड़े एक अन् मज़मले म� उसे 750 गज़म हेरोइन बरज़ममगीद क े द �लए मोषी करज़र ाम्ज़ ग्ज़ है। ्ह �न्ेमनद �क्ज़द ग्ज़ �क इस�लए अपीलकतज़र-आरोपी पज़थरनज़ अनुसज़र �कसी भी पकज़र क� नरमी कज़ हकमज़र नहलं है।

6. उपरोकतद�न्ेमनदकरक े दइसदन्ज़्ल्दक े दफ ै सलादपरदभरोसज़दकरतेद हुए, ्तरमज़न अपील को खज़�रज करने क� पज़थरनज़ क� जज़ती है।

7. हमने संबंयधत प�कज़रा क� ओर से उपिसथत �्द्ज़न अयध्कतज़ को �्सतज़र से सुनज़ है।द

8. इस न्ज़्ज़ल् क े सम� �््ज़र क े �लए जो सं��पत प्न उठज़्ज़द ग्ज़ है, ्ह ्ह है �क क्ज़द मो अलग-अलग न्ज़्ल् द्ज़रज़ मो अलग-अलग मुक़ममा म�द एक हल अ�भ्ुकत/व्िकत क े �खलज़फ सुनज़ईदगईदस ज़एँ एक सज़थ ्लनीद्ज़ाह्� जैसज़ �क अपीलकतज़र क� ओर से �न्ेमनद�क्ज़दग्ज़दहैद्ज़ लगज़तज़र। 8.[1] सबसे पहले, ्ह ध्ज़न मेने क� आ्््कतज़ है �क ्तरमज़न मज़मले म�, अपीलकतज़र-आरोपी को मो अलग-अलग न्ज़्ल्द द्ज़रज़ मो अलग-अलग मुक़ममा म� अलग-अलग मज़मला क े संबंध म� अपरज़धा क े �लए मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ है।दएक मज़मले म� उसे अमृतसर को्र द्ज़रज़ एनडीपीएस एक् क� धज़रज़ 23 और धज़रज़ 21 क े �लए 12 सज़ल क े सशम कज़रज़्ज़स क� सजज़ सुनज़ई गई है और पज़थ�मक� संख्ज़ 43/1999 से जुड़ेदएक अन् मज़मले म� ामललल न्ज़्ल् ने उसेदएनडीपीएस एक् क� धज़रज़ 29 सहपाठतदधज़रज़द21 (सी) क े �लए 15 सज़लदक े दसशम कज़रज़्ज़स क� सजज़ सुनज़ई है। एक मज़मले म� उसे 4 �कलो हेरोइन और मूसरे मज़मले म� 750 गज़म हेरोइन रखने कज़ मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ है।द्ह भी ध्ज़न मेने क� आ्््कतज़ है �क मोना मज़मला म� एक क े बज़म एक �नणर् ामए गए ह�दऔर ामललल क� अमज़लत द्ज़रज़ बज़म क े फ ै सले और मोष�सदयध ए्ं सजज़ क े आमेश म�, मज़ननी्द �््ज़रणद न्ज़्ल् (ामललल न्ज़्ल्) द्ज़रज़ कोई �्शेष आमेश पज़�रत नहलं �क्ज़ ग्ज़ है �क सजज़एं सज़थ-सज़थ ्ल�गी। उपरोकत तथ्ा को ध्ज़न म� रखते हुए, ्तरमज़न अपील क े द प्न पर �््ज़र �क्ज़ जज़नज़ आ्््क है।द 8.[2] ्तरमज़न अपील क े मुदमे पर �््ज़र करते सम्, मंडद प�क्ज़द संाहतज़ क� धज़रज़ 427 को संम�भरत करने क� आ्््कतज़ है, जो �नमनज़नुसज़र है:-

427. ऐसेद अपरज़धीद कोद मंडज़मेशद जोद अन्द अपरज़धद क े द �लएद पहलेद सेद मणडज़ामष्दहै- जबद कज़रज़्ज़सद कज़द मंडज़मेशद पहलेद सेद हलद भोगनेद ्ज़लेद व्िकतद कोद प््ज़््त�-मोष�सदयधदपरदकज़रज़्ज़सद्ज़दआजी्नदकज़रज़्ज़सदकज़दमंडज़मेशद ाम्ज़दजज़तज़दहैदतबदजबदतकदन्ज़्ज़ल्द्हद�नम�शदनदमेद�कदप््ज़््त�द मंडज़मेशदऐसेदपू्रदमंडज़मेशदक े दसज़थ-सज़थदभोगज़दजज़एगज़, ऐसज़दकज़रज़्ज़सद्ज़द आजी्नद कज़रज़्ज़सद उसद कज़रज़्ज़सद क�द समज़िपतद पर, िजसक े द �लए, ्हद पहलेदमंडज़मेशदहुआदथज़, पज़रमभदहोगज़द:परनतु, जहज़ंदउसदव्िकतदको, िजसेद प�तभू�तदमेनेदम�दव्�तकमदकरनेदपरदधज़रज़द122 क े दअधीनदआमेशदद्ज़रज़द कज़रज़्ज़सदकज़दमंडज़मेशदाम्ज़दग्ज़दहैदऐसज़दमंडज़मेशदभोगनेदक े दमौरज़नदऐसेद आमेशदक े दामएदजज़नेदक े दपू्रद�कएदगएदअपरज़धदक े द�लएदकज़रज़्ज़सदकज़द मंडज़मेशद ाम्ज़द जज़तज़द है, ्हज़ंद प््ज़्कयथतद मंडज़मेशद तुरंतद पज़रमभद होद जज़एगज़। (2) जबद�कसीदव्िकतदको, जोदआजी्नदकज़रज़्ज़सदकज़दमंडज़मेशदपहलेदसेद हलदभोगदरहज़दहै, प््ज़््त�दमोष�सदयधदपरद�कसीदअ्यधदक े दकज़रज़्ज़सद ्ज़द आजी्नद कज़रज़्ज़सद कज़द मंडज़मेशद ाम्ज़द जज़तज़द हैद तोद प््ज़््त�द मंडज़मेशदपू्रदमंडज़मेशदक े दसज़थ-सज़थदभोगज़दजज़एगज़। अतःदम.प.स. क�दधज़रज़द427 क े द�नषप�दअध्नदपर, जबदएकद व्िकतदजोदपहलेदसेदहलदसजज़दकज़्दरहज़दहैदउसेदबज़मदम�दकज़रज़्ज़सद ्ज़द आजी्नद कज़रज़्ज़सद क� सजज़द सुनज़ईद जज़तीद हैद तोद ऐसज़द कज़रज़्ज़सद्ज़दआजी्नदकज़रज़्ज़सदक� ऐसीदसजज़दपहलेदसुनज़ईदगईद सजज़द क े द प््ज़त शुरद होगीद | अथज़रतद मोनाद मंडज़मेशोद क�द सजज़एद कमज़नुसज़रद्लेगीद| हज़लज़ं�कदइसकज़दएकदअप्ज़मदहैदक�दजबदतकद न्ज़्ल्द्हद�नम�शदनदमेद�कदप््ज़््त� सजज़दपहलेदसुनज़ईदग्ीद स ज़दक े दसज़थ-सज़थद्लेगी| इसकज़दएकदअन्दअप्ज़मदहै| म.प.स. क�दधज़रज़द427 क� उपद– धज़रज़द(2) क े दअनुसज़रदजबदकोईदव्िकतद जोद आजी्नद कज़रज़्ज़सद कज़द मंडज़मेशद पहलेद सेद हलद भोगद रहज़द है, प््ज़््त�दमोष�सदयधदपरद�कसीदअ्यधदक े दकज़रज़्ज़सद्ज़दआजी्नद कज़रज़्ज़सदकज़द मंडज़मेशद ाम्ज़दजज़तज़दहैद तोदप््ज़््त�द मंडज़मेशद पू्रद मंडज़मेशदक े दसज़थ-सज़थदभोगज़दजज़एगज़। इस�लएदउपरोकतदमोदमज़मलोद म� क े ्लद प््ज़््त� मंडज़मेशद पहलेद मलद गईद सजज़द कद सज़थ-सज़थद ्लेगज़| अन्थज़दबज़मदम�दमलदग्ीदसजज़दकमनुसज़रद्लेगीदऔरदबज़मदद म�दसुनज़ईदग्ीदसजज़दपू्र मेदकज़्लदग्ीदसजज़दक े दबज़मदआरंभदहोगी| 8.[3] क्ज़ बज़म क� सजज़ एक सज़थ ्लनी ्ज़ाहए ्ज़ कमज़नुसज़र, इस संबंधदम� इस न्ज़्ल्दक े क ु छ �नणर्ा को संम�भरत करने क� आ्््कतज़ है।द 8.3.[1] मोहममद अखरर हुसैन (उपरोकर) क े मज़मले म�, ्हद ा्पणणीद करतेदहुएदकहज़दग्ज़द�कद्ाम अपरज़धा से संबंयधत मज़मलज़ समज़न नहलं है ्ज़ मो अपरज़धा क े दतथ् कज़फ� �भनन ह� तो ऐसेदम� बज़म क� सजज़ कमज़नुसज़र ्लनी ्ज़ाहए।द मोहममम अखतर हुसैन क े मज़मले म�, इस न्ज़्ज़ल् ने कहज़ �क कज़नून द्ज़रज़ सजज़ मेने ्ज़लल अमज़लता क े �लए छोड़े गए �््ेक कज़ व्ज़पक �्सतज़र क े ्ल अपरज़ध क� गंभीरतज़ तक सी�मत नहलं होनज़ ्ज़ाहए। कोई भी �््े्न �नि््त रप से उय्त स ज़द कज़ �नधज़ररण नहलं कर सकतज़ है। उय्त सजज़ पर पहुं्ने म�, अमज़लत को कई कज़रका पर �््ज़र करनज़ ्ज़ाहए और कभी-कभी अस्ीकज़र करनज़ ्ज़ाहए।द अमज़लत को कई �्�्ध डे्ज़ को 'पह्ज़ननज़, �न्ं�तत करनज़दऔरदअलगदकरनज़’ जज़ननज़ ्ज़ाहए।दतक र सं ग त सजज़ सु�नि््त करने क े �लए ्ह एक संतुलनकज़रल कज़्र और जा्ल प�क्ज़ है।द �्शेष रप से कमज़नुसज़र सजज़ओं म�, न्ज़्ज़ल् उस कज़रज़्ज़स सेदआँखदनहलंदमूँम सकतज़ जो अ�भ्ुकत पहले से हल भुगत रहज़ है।द मोहममम अखतर हुसैन एक ऐसज़ मज़मलज़ है जो गोलड (क ं टोल) एक्, 1968 क े तहत एक पज़�कसतज़नी नज़ग�रक से जुड़ज़ है।द 1982 क े सीसी नंबर 1674 म� मुख् महज़नगरद मंडज़यधकज़रल, अहममज़बज़म क� अमज़लत द्ज़रज़ पहले मज़मले म� 7 सज़ल क� क ै म और 10 लज़ख रप्े क े जुमज़रने क� सजज़ थी।द अपील करने पर, उच् न्ज़्ज़ल् ने सजज़ क� पुिष् क� ले�कन जुमज़रनज़ घ्ज़कर 5 लज़ख रप्े कर ाम्ज़।द इसम� अपीलज़थ� द्ज़रज़ मज़्र �्शेष अनुम�त ्ज़य्कज़ को इस न्ज़्ज़ल् ने खज़�रज कर ाम्ज़ और मोष�सदयध और सजज़ अं�तम हो गई।द जब अपीलज़थ� उकत मज़मले म� न्ज़�्क ाहरज़सत म� थज़, तब उसक� तसकरल ग�त�्यध्ा क े संबंध म� आगे क� जज़ं् क� गई थी।दइससेदकई लोगा क� �मललभगत से सोने और ्ज़ंमल क� तसकरल क े व्ज़पक रैक े ् कज़ पतज़द ्लज़।दउसम� अपीलकतज़र पर 18 अन् लोगा क े सज़थ सीमज़ शुलक अयध�न्म, 1962 क� धज़रज़ 135 क े तहत �फर से मुकममज़ ्लज़्ज़ ग्ज़ थज़।दउसम� अपीलकतज़र को मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ और 4 सज़ल क े सशम कज़रज़्ज़स और 2 लज़ख रप्े क े जुमज़रने क� सजज़ और जुमज़रनज़ अमज़ न करने परदव्�तकमदक े द बमलेदम�दसजज़दसुनज़ई गई।द इसक े बज़म, रज़ज् क े सज़थ-सज़थ उसम� अपीलकतज़र ने उच् न्ज़्ज़ल् कज़ मर्ज़जज़ ख्ख्ज़्ज़। उच् न्ज़्ज़ल् ने रज़ज् क� अपील को स्ीकज़र कर �ल्ज़ और सजज़ को 4 सज़ल से बढ़ज़कर 7 सज़ल कर ाम्ज़ और इसे कमज़नुसज़र करद ाम्ज़। प�रणज़मस्रप, उच् न्ज़्ज़ल् ने अपीलकतज़र क� अपील को खज़�रज कर ाम्ज़। नतीजज़ ्ह हुआ �क उनह� सभी 14 सज़ल क े कज़रज़्ज़स क� सजज़ कज़्नी पड़ी, िजसे उनहाने इस न्ज़्ज़ल् क े सम� ्ुनौती मल थी अंतत: इस न्ज़्ल् ने �््ज़रणदन्ज़्ल् द्ज़रज़ मलदगई सजज़ को बहज़ल कर ाम्ज़ और अपील क� अनुम�त मेकर उच् न्ज़्ज़ल् द्ज़रज़ बढ़ज़ई गई सजज़ को रदम कर ाम्ज़।दद 8.3.[2] पैरज़गज़फ 8 म� रंजीर �संह (उपरोकर) क े मज़मले म�, �नमनज़नुसज़र ा्पणणीदक�दगई:- "8. मंडदप�क्ज़दसंाहतज़दक� धज़रज़ 427 क� उपधज़रज़ (1) म�दउस िसथ�त कज़दपज़्धज़न है जब पहले से हल कज़रज़्ज़स क� सजज़ भुगत रहे व्िकत को बज़म म� कज़रज़्ज़स ्ज़ आजी्न कज़रज़्ज़स क� सजज़ सुनज़ई जज़ती है।द मूसरे शबमा म�, मंडदप�क्ज़दसंाहतज़ क� धज़रज़ 427 क� उपधज़रज़ (1) एक ऐसे अपरज़धी से संबंयधत है, िजसे एक �नि््त अ्यध क े �लए सजज़ भुगतते हुए बज़म म� एक �नि््त अ्यध क े �लए ्ज़ आजी्न कज़रज़्ज़स कज़ मोषी ठहरज़्ज़ जज़तज़ है। ऐसी िसथ�त म�, पहललद सजज़, एक �नि््त अ्यध क े �लए होने क े कज़रण, एक �नि््त तज़रलख को समज़पत हो जज़ती है, जोदबज़मदक�दमोष�सदयधदक े दसम्द�ज़तदहोतीदहै।द उपधज़रज़ (1) म� कहज़ ग्ज़ है �क ऐसी िसथ�त म�, पहलल सजज़ जो अपरज़धी कज़्दरहज़दहै, क� समज़िपत क� तज़रलख �ज़त होने पर, आमतौर पर बज़म क� सजज़ कज़रज़्ज़स क� पहलल अ्यध क� समज़िपत पर शुर होगी जब तक �क अमज़लत बज़म क� सजज़ को �पछलल सजज़ क े सज़थ- सज़थ ्लने कज़ �नम�श न मे।दजज़ाहर है, उपधज़रज़ (1) क े तहत आने ्ज़ले मज़मला म� जहज़ं सजज़ एक �नि््त अ्यध क े �लए होतीदहै, बज़म क� सजज़ कमज़नुसज़र हो सकती है जब तक �क एक सज़थ ्लने कज़ �नम�श न ाम्ज़ जज़ए। मूसरल ओर, उपधज़रज़ (2) म� एक ऐसे अपरज़धी क े �लए पज़्धज़न है जो "पहले से हल आजी्न कज़रज़्ज़स क� सजज़ भुगत रहज़ है" िजसे बज़म क�दमोष�सदयधदपर एक (�नि््त) अ्यध ्ज़ आजी्न कज़रज़्ज़स क� सजज़ सुनज़ई जज़ती है। �मठू बनज़म पंजज़ब रज़ज्, (1983) 2 एससीसी 277 क े बज़म गोपज़ल �्नज़्क गोडसे [रंजीत �संह बनज़म ्ंडीगढ़ क � ददशज़�सतदपमेश, (1984) 1 एससीसी 31 म� इस न्ज़्ज़ल् क े फ ै सले क े बज़म से ्ह अचछछ तरह से सथज़�पत है और मज़र रज़म [(1981) 1 एससीसी 107 म� मोहरज़्ज़ ग्ज़ है �क आजी्न कज़रज़्ज़स अपरज़धी क े शेष जी्न क े �लए एक सजज़ है जब तक �क शेष सजज़ को उप्ुकत पज़यधकज़रल द्ज़रज़ बमलद्ज़दमज़फ़द नद करद ाम्ज़द जज़ए।द बज़म म� मोष�सदयध पर न्ज़्ज़ल् द्ज़रज़ सजज़ सुनज़ए जज़ने क े ्रण म� ऐसज़ होने पर, आजी्न कज़रज़्ज़स क� पू्र सजज़ को इस पकज़र समझज़ जज़नज़ ्ज़ाहएदऔर, इस�लए, बज़मदमे एक �नि््त अ्यध क े �लए कज़रज़्ज़स ्ज़ कमज़नुसज़र आजी्न कज़रज़्ज़स क� सजज़ कज़ कोई स्ज़ल हल नहलं हो सकतज़ जो धज़रज़ 427 क� उपधज़रज़ (1) म� �नधज़र�रत सज़मज़न् �न्म है। जैसज़ �क शी गगर ने सहल तक र ाम्ज़, और शी ल�लत द्ज़रज़ �््ज़ामत नहलं �क्ज़द ग्ज़, आजी्न कज़रज़्ज़स क� पू्र सजज़ कज़ अथर शेष जी्न जेल म� कज़्ने क� सजज़ क े रप म� समझज़ जज़नज़दजब तक उप्ुकत पज़यधकज़रल द्ज़रज़ प�र्�तरत ्ज़ मज़फ़ नहलं �क्ज़ जज़तज़ हैदऔर क े ्ल एक जी्न कज़ल ्ज़लज़ व्िकत, एक अ्यध क े �लए कज़रज़्ज़स ्ज़ आजी्न कज़रज़्ज़स क े बज़म क� सजज़ पर सजज़ क े ्ल पहले क े आजी्न कज़रज़्ज़स क� सजज़ पर लज़गू क� जज़ सकती है और �नि््त रप से इसम� नहलं जोड़ी जज़ सकती हैदअपरज़धी क े जी्न कज़ल कज़ �्सतज़र करनज़ ्ज़ उस मज़मले क े �लए कोई भी मज़न् शिकत से परे है। ्ह सपष् िसथ�त है जो धज़रज़ 427 क� उप धज़रज़ (2) म� बतज़ई गई है क्ा�क उसक� उपधज़रज़ (1) म� उिलल�खत सज़मज़न् �न्म ्ह है �क अमज़लत क े �नम�श क े �बनज़ बज़म क� सजज़ एक सज़थ नहलं बिलक कमज़नुसज़र ्लेगी। एकमज़त िसथ�त िजसम� �पछलल सजज़ क े सज़थ-सज़थ बज़म क� सजज़ को ्लज़ने क े �लए अमज़लत क े �कसी �नम�श क� आ्््कतज़ नहलं है, उपधज़रज़ (2) म� पमज़न क� गई है िजसे उपधज़रज़ (1) पर आधज़�रत �कसी भी संभज़�्त �््ज़म से ब्ने क े �लए बनज़्ज़ ग्ज़ है, ्ाम उस संबंधदम� न्ज़्ज़ल् कज़ कोई सपष् �नम�श नहलं है।दउपधज़रज़ (2) धज़रज़ 427 क� उपधज़रज़ (1) क े सज़मज़न् �न्म क े अप्ज़म क� िसथ�त म� हैद �क बज़म क� मोष�सदयधदक�दसजज़ पहलल सजज़ क� समज़िपत पर शुर होती है जब तक �क अमज़लत इसे एक सज़थ ्लज़ने कज़ �नम�श नहलं मेती।दइस�लए धज़रज़ 427 क� उपधज़रज़ (1) और (2) कज़ अथर और उदमे्् और उपधज़रज़ (2) को लज़गू करने कज़ उदमे्् सपष् है।" 8.3.[3] ्ी क े बंसल (उपरोकत) क े मज़मले म�, पैरज़ 10 म� मोहममम अखतर (उपरोकत) क े मज़मले म� इस न्ज़्ज़ल् क े फ ै सले पर भरोसज़ करने क े बज़म �नमनज़नुसज़र ा्पपणी क� है:- "10. इस मज़मले म� संाहतज़ क� धज़रज़ 427(1) क े तहत न्ज़्ज़ल् को उपलबध शिकत क े दस्रप से हमज़रज़दअयधक सरोकज़र है, जो हमज़रल रज़् म� तीन िसथ�त्ा को छोड़कर पज़लन �कए जज़ने ्ज़ले एक सज़मज़न् �न्म को �नधज़र�रत करतज़ है: पहलज़ धज़रज़ 427 क�दउपधज़रज़ (1) क े पज़्धज़न क े अंतगरत आतज़ है; मूसरज़ उसक े उपधज़रज़ (2) क े अंतगरत आतज़ है; और तीसरज़ जहज़ं अमज़लत �नम�श मेती है �क सजज़एं सज़थ- सज़थ ्ल�गी।द्ह धज़रज़ 427 (1) से पक् होतज़ है �क न्ज़्ज़ल् क े पज़स �नम�श जज़रल करने क� शिकत और �््ेक है, ले�कन न्ज़्ज़ल् को पमर शिकत क े दस्रप म� �््ेकज़धीन शिकत कज़ प्ोग न्ज़�्क तजर पर �क्ज़ जज़नज़ ्ज़ाहए, न �क बुदयधराहत, उमज़सीन ्ज़ राढ़्ज़मल ढंग से। न्ज़्ल्द द्ज़रज़ इस तरह क े �््ेक कज़ प्ोग करने क े मज़मले म� �कसी भी तरह क े कठोर दिष्कोण को �नधज़र�रत करनज़ मुि्कल है। धज़रज़ 427 (1) क े य्ंतन क े भीतर �नम�श जज़रल करने ्ज़ अस्ीकज़र करने क े मज़मले म� न्ज़्ज़ल् क े पज़स कोई स्लक �न्म नहलं है।द�कसी �्शेष मज़मले म� �नम�श जज़रल �क्ज़ जज़नज़ ्ज़ाहए ्ज़ नहलं, ्ह �क्ेदगए अपरज़ध अथ्ज़दअपरज़धादक े दस्रपदतथज़ उस तथ् क� परलिसथ�त पर �नभरर करेगज़ िजसम� सम्त� स ज़एँद ्लने कज़ प्न उठतज़ है।" 8.3.[4] नीरा ेाद� (उपरोकर) क े मज़मले म�, मंडदप�क्ज़दसंाहतज़ क� धज़रज़ 427 क� व्ज़ख्ज़/�््ज़र करते सम् ्ह ा्पणणीद क�द गई और ्हद मज़नज़ ग्ज़ �क मंडद प�क्ज़द संाहतज़ क� धज़रज़ 427 एक ऐसे अपरज़धी को मल गई सजज़ से संबंयधत है िजसे पहले से हल �कसी अन् अपरज़ध क े �लए सजज़ सुनज़ई जज़द्ुक� हैदऔर सम्त� सजज़ कज़ आमेश मेने क े �लए धज़रज़ 427 क े तहत न्ज़्ज़ल् को पमर शिकत �््ेकज़धीन है।द्हदभीदकहज़दग्ज़ �क �्धज़�्कज़ क� नी�त ्ह है �क आम तौर पर सजज़ कमज़नुसज़र मल जज़नी ्ज़ाहए।द्ह भीद कहज़ ग्ज़ �क क े ्ल उप्ुकत मज़मला म�, मज़मले क े तथ्ा पर �््ज़र करते हुए, अमज़लत सजज़ को पहले क� सजज़ क े सज़थ सम्त� कर सकती है। ्ह भीदकहज़ ग्ज़ �क सहसंगतज़ कज़द�नम�शद मेने क े �लए सजज़ मेने ्ज़लल अमज़लत द्ज़रज़ प्ोग �क्ज़द ग्ज़ �््ेक ठोस �सदधज़ंता पर करनज़ होगज़, न �क सनक पर।द �कसी �्शेष मज़मले म� �नम�श जज़रल �क्ज़ जज़नज़ ्ज़ाहए ्ज़ नहलं, ्ह अपरज़ध क े द स्रप ्ज़ घा्त अपरज़धा पर �नभरर करेगज़। उकत �नणर् म� आगे ्ह कहज़ और मज़नज़ ग्ज़ है �क ्ह अचछछ तरह से सथज़�पत है �क जहज़ं अलग-अलग मज़मले ह�, अलग-अलग अपरज़ध संख्ज़एं ह� और अलग-अलग �नणर्ा द्ज़रज़ मज़मला कज़ फ ै सलज़ �क्ज़ ग्ज़ है, मंडदप�क्ज़दसंाहतज़ क� धज़रज़ 427 क े तहत सज़थ-सज़थ सजज़ नहलं मल जज़ सकती।द ्ह भीद कहज़ ग्ज़ है �क हज़लज़ं�क, सज़मज़न् �न्म ्ह है �क अगर सजज़ मो अलग-अलग मज़मला से संबंयधत है, तो सजज़ सम्त� नहलं हो सकती, (हज़ँ) अमज़लत क े आमेश से बमलज़ जज़ सकतज़ है।द 8.3.[5] शरद ह�र कोाामबत (उपरोकर) क े मज़मले म�, ्ह कहज़ और मज़नज़ ग्ज़ �क जब तक अमज़लत ्ह �नम�श नहलं मेती �क एक हल मुकममे म� एकदजैसे मो ्ज़ मो से अयधक अपरज़धा क� सजज़ एक सज़थ ्लनी ्ज़ाहए, तोद सज़मज़न् �सदधज़ंत ्ह है �क एकद सजज़ मूसरे क� समज़िपत क े बज़म शुर होगी।दइसी तरह, ऐसे मज़मले म� जहज़ं पहले से हल सजज़ भुगत रहे व्िकत को बज़म क े मुकममे म� अपरज़ध क े संबंध म� सजज़ सुनज़ई जज़ती है, तोदसज़मज़न् �न्म ्ह है �क बज़मदम�दमलदगईदसजज़दकमज़नुसज़र ्लतीदहैदजब तक �क मंडद प�क्ज़द संाहतज़ क� धज़रज़ 427 क े तहत पमत �््ेक कज़ प्ोग करते हुए बज़मदम�दकोईदभीदस ज़दमेते सम् अमज़लत द्ज़रज़ कोई �्�शष् आमेश पज़�रत नहलं �क्ज़ जज़तज़ �क तथ्ा और प�रिसथ�त्ा कोदमेखतेदहुए बज़म क� सजज़ एक सज़थ ्लनी ्ज़ाहए, तबदतकदमोना मज़मला म� मलदगई सजज़ कमज़नुसज़र ्लेगी।द 8.3.[6] गुााम मोहममद म�ाक बनाम गुजरार राजे ए�ं एक अने. (2018) 14 एससीसी 473 क े द मज़मलेद म�, इस न्ज़्ज़ल् ने मो अपीला पर �््ज़र �क्ज़।द एक हल अपीलज़थ� क े संबंध म� एकद गुजरज़त क े उच् न्ज़्ज़ल् क े �नणर् से और मूसरज़ बंबई क े उच् न्ज़्ज़ल् क े �नणर् से।द मोना मज़मला म�, अपीलज़थ�द पर एनडीपीएस अयध�न्म, 1985 क� धज़रज़ 8 (सी), 20 (बी) और 29 क े तहत आरोप लगज़ए गए।द जहज़ं तक गुजरज़त म� मज़्र एनडीपीएस क े स नंबर 1/2002 क े दरपदम�दमजर मज़मले कज़ संबंध है, तोदअपीलज़थ� को मोषी करज़र मेते हुए मस ्षर क े सशम कज़रज़्ज़स ए्ं एक लज़ख रपए कज़दजुमज़रनज़ अमज़ करने कज़ �नम�श ाम्ज़ ग्ज़ और जुमज़रनज़ अमज़ न करने क� िसथ�त म� औरदएक ्षर क े सशम कज़रज़्ज़स क�दस ज़दसुनज़ई गई। उसम� अपीलज़थ� ने उच् न्ज़्ज़ल् क े सम� उकत मोष�सदयध और सजज़ को ्ुनौती मेते हुए एक अपील मज़्र क� िजसने उसक� अपील को खज़�रज कर ाम्ज़। मरअसल, सजज़ बढ़ज़ने क� रज़ज् क� अपील खज़�रज कर मल गई। मूसरे मज़मले म�, अपीलज़थ� पर एनडीपीएस, सत न्ज़्ज़ल्, गे्र बॉमबे क े �्शेष न्ज़्ज़धीश द्ज़रज़ 2002 क े �्शेष मज़मलज़ संख्ज़ 60 म� मुकममज़ ्लज़्ज़ ग्ज़, िजसक े द प�रणज़मस्रप एनडीपीएस\ अयध�न्म क�दधज़रज़ 8(सी), 20(b)(ii) सहपाठतदधज़रज़ 31A क े तहत अपीलज़थ� मोष�सदधद हुआद औरद उसेद मृ््ु मंडज़मेशद सुनज़्ज़ ग्ज़। मृ््ु मंडज़मेश को उच् न्ज़्ज़ल् क े सम� पुिष् क े �लए भेजज़ ग्ज़ थज़। उसम� अपीलज़थ� ने उकत मोष�सदयध और सजज़ क े �्रदध बंबई उच् न्ज़्ज़ल् म� एक अपील भी मज़्र क� थी।द उच् न्ज़्ज़ल् ने मृ््ुद मंडज़मेश क� पुिष् न करक े रज़ज् द्ज़रज़ मज़्र पुिष्दमज़मलज़ संख्ज़ 2/2008 को खज़�रज कर ाम्ज़द और अपीलज़थ� क� अपील को खज़�रज कर करतेदहुए मृ््ुदमंडज़मेश को तीस सज़ल क े सशम कज़रज़्ज़स और 3 लज़ख रप्े क े जुमज़रने म� बमल ाम्ज़ ग्ज़।दमृ््ुदमंडज़मेश क े प�र्तरन से संबंयधत मज़मले पर इस न्ज़्ज़ल् क े सम� �््ज़र �क्ज़ ग्ज़ थज़ और उकत मज़मले क े तथ्ा सेद संबंयधत एनडीपीएस अयध�न्म क� धज़रज़ 31 पर �््ज़र करने पर ्ह मज़नज़ ग्ज़ �क इसम� अपीलज़थ� को अयधकतम सजज़ मल जज़नी थी और उसक े बज़म डेढ़ सेदगुनज़ �क्ज़द ग्ज़।दधज़रज़ 31 क े तहत �नधज़र�रत कज़रज़्ज़स क� न्ूनतम अ्यध 10 ्षर है, इस ाहसज़ब से, इसे डेढ़ गुनज़ बढज़नेदपर न्ूनतम सजज़ 15 सज़ल हो जज़ती है।दअंततः, इस न्ज़्ज़ल् द्ज़रज़ आमे�शत सजज़ 16 सज़ल क े सशम कज़रज़्ज़स क� थी।दन्ज़्ज़ल् ने ्ह भी ध्ज़न म� रखज़ �क उसम� अपीलज़थ� 65 ्षर कज़ थज़ और �्�भनन बीमज़�र्ा से जूझद रहज़ थज़।द ्ह भी आमेश ाम्ज़ ग्ज़ �क सजज़ सज़थ-सज़थ ्लेगी और जहज़ं तक मोना मज़मला क े संबंध म� गुजरज़त म� �न्लल अमज़लत द्ज़रज़ लगज़्ज़ ग्ज़ एक लज़ख रप्े कज़ जुमज़रनज़ है, तोद ्हल रहेगज़। जहज़ं तक बंबई मज़मले म� 3 लज़ख रप्े क े जुमज़रने क� बज़त है तो उसे 3 लज़ख रप्े से घ्ज़कर 2 लज़ख रप्े कर ाम्ज़ ग्ज़।दतदनुसज़र अपीला कज़ �नप्ज़नद�क्ज़ ग्ज़।द

9. इस पकज़र इस न्ज़्ज़ल् क े पू्�कत �नणर्ा से कज़नून क े जो �सदधज़ंत सज़मने आते ह�, ्े �नमनदपकज़र ह�:- (i) ्ाम पहले से हल कज़रज़्ज़स क� सजज़ कज़् रहेद �कसीद व्िकतदको बज़म म� कज़रज़्ज़स क� सजज़ सुनज़ई जज़ती है, तो कज़रज़्ज़स क� बज़म क� अ्यध सज़मज़न् रप से उस कज़रज़्ज़स क� समज़िपत पर शुर होगी, िजसक े �लए उसे पहले सजज़ सुनज़ई गई थी; (ii) आम तौर पर बज़म क� सजज़, पहले कज़रज़्ज़स क� अ्यध क� समज़िपत पर शुर होगी जब तक �क अमज़लत बज़म क� सजज़ को �पछलल सजज़ क े सज़थ-सज़थ ्लज़ने कज़ �नम�श न मे; (iii) सज़मज़न् �न्म ्ह है �क जहज़ं अलग-अलग मज़मले, अलग-अलग अपरज़ध संख्ज़एंदहोते ह� और मज़मले अलग- अलग �नणर्ा द्ज़रज़ त् �कए जज़ते ह�, तोद मंडद प�क्ज़द संाहतज़ क� धज़रज़ 427 क े तहत सज़थ-सज़थ सजज़ नहलं मल जज़ सकती; (iv) मंडदप�क्ज़द संाहतज़ क� धज़रज़ 427 (1) क े तहत अमज़लत क े पज़स ्ह �नम�श जज़रल करने कज़ अयधकज़रदऔर �््ेक है �क बज़म क� सभी सजज़एं �पछलल सजज़ क े सज़थ-सज़थ ्ल�गी, हज़लज़ं�क �््ेक कज़ प्ोग, अपरज़ध ्ज़ घा्तद अपरज़धा क े दस्रपदऔरदतथ्ादक�दिसथ�तदक े आधज़र पर �््ेकपूणर ढंगद से �क्ज़ जज़नज़ ्ज़ाहए। ले�कन अमज़लत द्ज़रज़ �्�शष् �नम�श ्ज़ आमेश होनज़ ्ज़ाहए �क बज़म क� सजज़ �पछलल सजज़ क े सज़थ-सज़थ ्लेगी।द

10. उपरोकत �नणर्ा म� इस न्ज़्ज़ल् द्ज़रज़ �नधज़र�रत कज़नून औरद्तरमज़नदमज़मले क े तथ्ा सेदजुड़े ऊपर ्�णरत कज़नून क े �सदधज़ंतदकोद लज़गूद करतेद हुए, अपीलज़थ�-अ�भ्ुकत क े द उस �न्ेमन कोद�सरेदसेदख़ज़�रजद�क्ज़दजज़तज़दहैद�क उसे �मलनेद ्ज़लल बज़म क� सजज़ �पछलल सजज़ क े सज़थ ्ले। ्तरमज़न मज़मले म� अपीलकतज़र को मो अलग-अलग मज़मला क े संबंध म� मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ है, अलग-अलग अपरज़ध संख्ज़एं ह� और अलग-अलग �नणर्ा द्ज़रज़ मज़मला कज़ फ ै सलज़ �क्ज़ ग्ज़ है।द इस�लए, अपीलकतज़र मंडद प�क्ज़द संाहतज़ क� धज़रज़ 427 क े तहत सज़थ-सज़थ सजज़ क े �कसी भी लज़भ कज़ हकमज़र नहलं है। उपरोकतद ा्पणणीद क े द अनुसज़र, बज़म क� सजज़ सुनज़ते सम् अमज़लत द्ज़रज़ जज़रल कोई �्�शष् आमेश ्ज़ �नम�श नहलं है �क बज़म क� सजज़ �पछलल सजज़ क े सज़थ-सज़थ ्ले।

11. मंड प�क्ज़ संाहतज़ क� धज़रज़ 427 (1) क े तहत उपरोकत ा्पणणी क े अनुसज़र मूसरल िसथ�त म� भी, न्ज़्ज़ल् क े पज़स ्ह �नम�श जज़रल करने क� शिकत और �््ेक है �क बज़म क� सजज़ को �पछलल सजज़ क े सज़थ-सज़थ ्लज़्ज़ जज़ए। उस िसथ�त म� भी, �््ेक कज़ प्ोग अपरज़ध क े स्रप ्ज़ घा्त अपरज़धा क े आधज़र पर �््ेक-सममत ढंग से �क्ज़ जज़नज़ ्ज़ाहए।द्तरमज़न मज़मले म� अपीलकतज़र-अ�भ्ुकत को एनडीपीएस अयध�न्म क े तहत अपरज़ध क े �लए मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ है।द उसे 4 �कलो हेरोइन क� बरज़ममगी क े एक मज़मले म� मोषी ठहरज़्ज़ ग्ज़ है और 12 सज़ल क े सशम कज़रज़्ज़स क� सजज़ सुनज़ई गई हैद ्हलं एक अन् मज़मले म� 750 गज़म हेरोइन क� बरज़ममगी हुई है और एनडीपीएस एक् क� धज़रज़ 31(ii) को मेखते हुए उसे 15 सज़ल क े सशम कज़रज़्ज़स क� सजज़ सुनज़ई गई है। एनडीपीएस अयध�न्म क े �लए मोषी पज़ए जज़ने ्ज़ले आरोपी क े प�त कोई नरमी नहलं ामखज़ई जज़नी ्ज़ाहए। जो व्िकत नशीले पमज़थ� कज़ कज़रोबज़र कर रहे ह�, कई कम ोर, �नम�ष ्ु्ज़ पी�ड़ता क� मौत कज़ कज़रण बनने ्ज़ पज़ण-घज़तक आघज़त पहुँ्ज़ने म� उनक� भू�मकज़ होती है। ऐसे अ�भ्ुकत समज़ज पर हज़�नकज़रक और घज़तक पभज़् डज़लते ह�। ्े समज़ज क े �लए खतरज़ ह�। इस मेश म� नशीले और मज़मक पमज़थ� क� गुपत तसकरल क� इस तरह क� संगाठत ग�त�्यध्ा और ऐसे पमज़थ� क� अ्ैध तसकरल कज़ समग रप से समज़ज पर घज़तक पभज़् पड़तज़ है। इस�लए, एनडीपीएस अयध�न्म से जुड़े मज़मले म� सजज़ ्ज़ मंड मेते सम्, समग रप से समज़ज क े ाहत को ध्ज़न म� रखनज़ आ्््क है।दइस�लए, मंड प�क्ज़ संाहतज़ क� धज़रज़ 427 क े तहत �््ेकज़यधकज़र कज़ प्ोग करते हुए भी, �््ेक कज़ प्ोग उस आरोपी क े प� म� नहलं होगज़ जो नशीले और मज़मक पमज़थ� क� अ्ैध तसकरल म� �लपत पज़्ज़ जज़तज़ है। उपरोकत ा्पणणी क े अनुसज़र, मंड प�क्ज़ संाहतज़ क� धज़रज़ 427 क े तहत �पछलल सजज़ क े सज़थ-सज़थ बज़म क� सजज़ को ्लज़ने क े �लए �््ेक कज़ प्ोग करते हुए भी, �््ेकपूणर तरलक े से और अपरज़ध/घा्त अपरज़धा क े आधज़र पर �््ेक कज़ प्ोग �क्ज़ जज़नज़ है।द इस�लए, एनडीपीएस अयध�न्म क े तहत अपरज़धा को मेखते हुए, जो बहुत गंभीर ह� और बड़े पैमज़ने पर समज़ज क े �खलज़फ ह�, ऐसे अ�भ्ुकत क े प� म� कोई �््ेक कज़ प्ोग नहलं �क्ज़ जज़एगज़ जो एनडीपीएस अयध�न्म क े तहत अपरज़ध म� शज़�मल ह�।द

12. उपरोकत क े द मदमेन र औरद उकतद उलले�खत कज़रणा से, अपीलकतज़र-अ�भ्ुकत क� ओर से एफआईआर संख्ज़ 43/1999 से जुड़े मज़मले म� बज़म क� सजज़ को एफआईआर संख्ज़ 134/1999 से संबंयधत �पछलल सजज़ क े सज़थ-सज़थ ्लज़ने क े �लए �नम��शत करने हेतुद�न्ेमन एतदद्ज़रज़ खज़�रज �क्े जज़ते ह�।द उपरोकत क े द मदमेन र औरद उकतद उलले�खत कज़रणा से, ्तरमज़न अपील �नषफल हो जज़ती है और ्ह खज़�रज �कए जज़ने ्ो्् है और तमनुसज़र खज़�रज क� जज़ती है। ……………….. नेाेमू्रर [एम.आर. शाह] ……………….. नेाेमू्रर [बी. �ी. नागरथना] नई ामललल ामसमबरद07, 2021 अस्ीकरण: मेशी भज़षज़ म� �नणर् कज़ अनु्ज़म मुकददमेबज़ क े सी�मत प्ोग हेतु �क्ज़ ग्ज़ है तज़�क ्ो अपनी भज़षज़ म� इसे समझ सक े ए्ं ्ह �कसी अन् प्ोजन हेतु प्ोग नहलं �क्ज़ जज़एगज़| समसत कज़्ज़रल्ी ए्ं व्ज़्हज़�रक प्ोजना हेतु �नणर् कज़ अंगे ी स्रप हल अ�भपमज़�णत मज़नज़ जज़एगज़ और कज़्ज़रन््न तथज़ लज़गू �कए जज़ने हेतु उसे हल ्रल्तज़ मल जज़एगी|