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भार क
े सव च्च न्यायालय में
सिसविवल अपीलीय क्षेत्राति कार
दीवानी अपील संख्या 7382/2021
बृजेश चंद्र वि-वेदी (मृ ) क
े विवति क प्रति विनति ....... अपीलार्थी2 (गण)
बनाम
सैन्य सहायक और अन्य ...... प्रत्यर्थी2 (गण)
विनण9य
न्यायमूर्ति एम. आर. शाह
JUDGMENT
1. सिसविवल प्रकीण[9] रिरट यातिचका संख्या 35483/2002 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय -ारा पारिर आक्षेविप विनण9य और आदेश सिजसक े -ारा उच्च न्यायालय ने अनुशासनात्मक प्राति कारी -ारा पारिर बर्खाा9स् गी क े आदेश को अपास् करने से इंकार कर े हुए उक्त रिरट यातिचका को र्खाारिरज करने से व्यथिर्थी और असं ुष्ट महसूस कर े हुए कम9चारी (अब मृ क कम9चारी क े वारिरस) ने व 9मान अपील दायर विकया है।
2. यह विक कम9चारी बृजेश चंद्र वि-वेदी (मृ क होने क) फ ेहपुर में 12 वीं बटालिलयन, पी.ए.सी. में ैना ड्राइवर र्थीा।जब वह क ुं भ मेला ड्यूटी पर पी.ए.सी. जवानों को फ ेहपुर से इलाहाबाद ले जाने क े लिलए ट्रक चला रहा र्थीा और जीप से हुई दुर्घ9टना में वह भी शाविमल र्थीा।उस पर शराब पीकर ड्राइविंवग कर े समय जीप mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA क े पीछे अपने ट्रक से टक्कर मारकर दुर्घ9टना का कारण बनने का आरोप लगाया गया र्थीा। उसी ारीर्खा यानी विदनांक 02.02.2000 को हुए तिचविकत्सीय जांच में पाया गया विक उसने शराब पी रर्खाी र्थीी। उसक े लिर्खालाफ विवभागीय जांच शुरू की गई।विवभागीय जांच पूरी होने पर, जांच अति कारी ने बर्खाा9स् गी की सजा का प्रस् ाव विदया।दूसरा कारण ब ाओ नोविटस अनुशासविनक प्राति कारी -ारा जारी विकया गया र्थीा और उसक े जवाब पर विवचार करने क े बाद बर्खाा9स् गी की सजा दी गई र्थीी सिजसे अपीलीय प्राति कारी -ारा पुविष्ट की गई र्थीी।
3. बर्खाा9स् गी क े दण्ड से व्यथिर्थी और असं ुष्ट महसूस कर े हुए, कम9चारी ने उच्च न्यायालय क े समक्ष सिसविवल प्रकीण[9] रिरट यातिचका संख्या 35483/2002 क े रूप में एक रिरट यातिचका दायर की। उच्च न्यायालय क े समक्ष यह भी कहा गया र्थीा विक बर्खाा9स् गी का दण्ड कदाचार साविब होने क े अनुपा से अति क है। आक्षेविप विनण9य और आदेश -ारा, उच्च न्यायालय ने रिरट यातिचका र्खाारिरज कर विदया और यह भी अव ारिर विकया विक मामले क े थ्यों और परिरस्थिस्र्थीति यों में बर्खाा9स् गी क े दण्ड को विकए गए कदाचार क े लिलए अनुपा हीन नहीं कहा जा सक ा है। उच्च न्यायालय -ारा पारिर आक्षेविप विनण9य और आदेश से व्यथिर्थी और असं ुष्ट महसूस कर े हुए, कम9चारी ने व 9मान अपील दायर की। इस न्यायालय क े समक्ष काय9वाही क े लंविब रहने क े दौरान, कम9चारी की मृत्यु हो गई और उसक े बाद उसक े उत्तराति कारिरयों को अथिभलेर्खा में लाया गया और मृ क क े वारिरसों -ारा व 9मान अपील पर मुकदमा चलाया जा रहा है।
4. अपीलक ा9/गणों की ओर से पेश विव-ान अति वक्ता ने कहा विक इस थ्य को देर्खा े हुए विक यह एक मामूली दुर्घ9टना र्थीी,सिजसक े परिरणामस्वरूप वाहन को क ु छ नुकसान हुआ और उसकी 25 साल की लंबी सेवा को देर्खा े हुए बर्खाा9स् गी का आदेश कदाचार साविब होने क े अनुरूप नहीं है। इसलिलए, यह अनुरो विकया Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds जा ा है विक उदार दृविष्टकोण अपनाएं और बर्खाा9स् गी को अविनवाय[9] सेवाविनवृलित्त में परिरवर्ति विकया जाए।
5. प्रति वाविदयों की ओर से पेश विव-ान अति वक्ता ने कहा है विक उच्च न्यायालय -ारा लगाए गए अनुपा हीन सजा क े पहलू पर विवस् ार से विवचार विकया गया है और विपछले रिरकॉड[9] और मृ क कम9चारी -ारा विकए गए कदाचार पर विवचार विकया है और पाया है विक वह शराब का एक आद न उपभोक्ता र्थीा और वह अनुपस्थिस्र्थी र्थीा और यहां क विक वर्ष[9] 1987 में, जब वह पीएसी झांसी में 33 वीं बटालिलयन में विनयुक्त विकया गया र्थीा, ो उसने वरिरष्ठ अति कारिरयों क े सार्थी दुव्य9वहार विकया और एक परिरविंनदा लेर्खा से दंतिड विकया गया र्थीा, इसलिलए बर्खाा9स् गी की सजा देना अनुपा हीन नहीं कहा जा सक ा है।
6. यह कहा गया है विक शराब क े नशे में सैविनकों को ले जाने वाले वाहन को चलाना बदा9श् नहीं विकया जा सक ा और इसे र्घोर अनुशासनहीन ा कहा जा सक ा है। यह कहा गया है विक सौभाग्य से वाहन में यात्रा कर रहे उन सैविनकों को उस दुर्घ9टना में विकसी की मृत्यु नहीं हुई।यह कहा गया है विक अगर विकसी की मृत्यु हो जा ी ो हादसा बड़ा हो सक ा र्थीा।यह कहा गया है विक शराब पीकर वाहन चलाना न क े वल कदाचार है, बस्थिlक यह एक अपरा भी है। इसलिलए यह कहा जा ा है विक मृ कम9चारी विकसी भी प्रकार की उदार ा का हकदार नहीं है।
7. संबंति पक्षों क े विव-ान अति वक्ता को विवस् ार से सुना।8. शुरुआ में, यह ध्यान विदया जाना चाविहए विक अनुशासनात्मक काय9वाही में, शराब का सेवन करक े वाहन चलाने का कदाचार और जब कम9चारी शराब क े नशे में वाहन चला रहा र्थीा ो वाहन दुर्घ9टना का थिशकार होना साविब हो गया है और इसलिलए अनुशासन प्राति करण ने बर्खाा9स् गी की सजा दी। अपीलार्थी2 की ओर से एकमात्र प्रार्थी9ना यह है विक बर्खाा9स् गी की सजा कदाचार साविब होने क े लिलए अनुपा हीन है और Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds उदार ा विदर्खााई जा सक ी है और बर्खाा9स् गी क े आदेश को अविनवाय[9] सेवाविनवृलित्त में परिरवर्ति विकया जा सक ा है।
9. हालांविक, यह ध्यान विदया जाना आवश्यक है विक कम9चारी सेना में ैना ड्राइवर र्थीा और वह फ ेहपुर में 12 वीं बटालिलयन, पीएसी में ैना र्थीा।कम9चारी क े लिर्खालाफ आरोप उस समय का है जब कम9चारी शराब क े नशे में वाहन चला रहा र्थीा, ट्रक/वाहन पीएसी कर्मिमयों को ले जा रहा र्थीा और उक्त वाहन/ट्रक की जीप से टक्कर हो गई। उसका बचाव है विक ब्रेक फ े ल होने क े कारण दुर्घ9टना र्घटी और ट्रक जीप क े विपछले विहस्से से जा टकराया। थ्य यह है विक वह शराब क े नशे में ट्रक चला रहा र्थीा और उसी ारीर्खा को विकए गए मेतिडकल परीक्षण में साविब हो गया है। शराब क े नशे में पीएसी जवानों को ले जा रहे ट्रक को चलाना एक बहु ही गंभीर कदाचार है और इस रह की अनुशासनहीन ा को बदा9श् नहीं विकया जा सक ा है और वह भी अनुशासिस सेना में।
10. क े वल इसलिलए विक कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ र्थीा और यह एक छोटी सी दुर्घ9टना र्थीी इसलिलए नरमी विदर्खााने का आ ार नहीं हो सक ा। विकस्म अच्छी र्थीी विक दुर्घ9टना बहु बड़ी और र्घा क नहीं र्थीी। यह एक र्घा क दुर्घ9टना हो सक ी र्थीी। जब कम9चारी पीएसी जवानों को ले जाने वाला ट्रक चला रहा र्थीा ो ट्रक में बैठे उन पीएसी जवानों का जीवन चालक क े हार्थी में र्थीा। इसलिलए, यह कहा जा सक ा है विक उसने उन पीएसी जवानों क े जीवन से लिर्खालवाड़ विकया जो ड्यूटी पर र्थीे और क ुं भ मेला ड्यूटी पर फ ेहपुर से इलाहाबाद जा रहे र्थीे।
11. अन्यर्थीा, शराब नशे में वाहन चलाना न क े वल एक कदाचार है, बस्थिlक यह एक अपरा भी है। विकसी को भी शराब क े ा सेवन करक े वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जा सक ी है। शराब पीकर वाहन चलाने और दूसरों क े जीवन क े सार्थी Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds र्खाेलने का ऐसा कदाचार बहु गंभीर है। कम9चारी -ारा पहले विकए गए अन्य कदाचार भी हैं।
12. हालांविक, उसी समय पूछ ाछ में कम9चारी क े बयान और उसक े -ारा विदए गए स्पष्टीकरण पर विवचार कर े हुए विक बटालिलयन से वाहन लेने पर ड्यूटी पर जाने पर उसने शराब का सेवन नहीं विकया र्थीा और दुर्घ9टना क े बाद बटालिलयन में आने और वाहन पाक 9 करने पर डर को र्खात्म करने क े लिलए वह सी े बस टर्मिमनल गाजीपुर गया और 100 विमली देशी शराब का सेवन विकया, हालांविक यह स्वीकार नहीं विकया गया है, लेविकन उसकी 25 साल की लंबी सेवा को देर्खा े हुए यह स्वीकाय[9] हो सक ा है और यह एक छोटी सी दुर्घ9टना र्थीी सिजसक े परिरणामस्वरूप सौभाग्य से वाहन को क ु छ नुकसान हुआ और इस थ्य पर विवचार कर े हुए विक कम9चारी की मृत्यु हो गई है, हम पा े हैं विक बर्खाा9स् गी की सजा को बहु कठोर कहा जा सक ा है और इसे अविनवाय[9] सेवाविनवृलित्त क े लिलए माना जा सक ा है।
13. उपरोक्त कारणों और यहां वर्णिण कारणों क े मद्देनजर और मामले क े विवशेर्ष थ्यों और परिरस्थिस्र्थीति यों में, यहां वर्णिण बर्खाा9स् गी की सजा देने को बहु कठोर कहा जा सक ा है औप बर्खाा9स् गी की सजा को कम9चारी की अविनवाय[9] सेवाविनवृलित्त में परिरवर्ति करने का विनदwश विदया गया है। कानून क े अनुसार और इस बा को ध्यान में रर्खा े हुए विक बर्खाा9स् गी की सजा को अब अविनवाय[9] सेवाविनवृलित्त में बदल विदया गया है और चूंविक कम9चारी की मृत्यु हो गई है और बर्खाा9स् गी की सजा को अविनवाय[9] सेवाविनवृलित्त में परिरवर्ति करने पर, मृत्यु-सह-सेवाविनवृलित्त लाभ क े सार्थी-सार्थी परिरवार पेंशन का लाभ, यविद कोई हो, का भुग ान मृ कम9चारी क े कानूनी उत्तराति कारिरयों को विकया जाएगा।व 9मान अपील को आंथिशक रूप से पूव क्त विवस् ार क अनुमति दी गई है। हालांविक, लाग क े रूप में कोई आदेश नहीं होगा। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA.............................................… [न्यायमूर्ति एम. आर. शाह].............................................… [न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्न] नई विदल्ली; 25 जनवरी, 2022 Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds