Mahindra and Mahindra Financial Services Limited v. U.P. State & Ors.

High Court of Allahabad · 22 Feb 2022
M. R., B. V. Nagaratna
Civil Appeal No. 1217 of 2022
tax appeal_dismissed Significant

AI Summary

A financier who takes possession of a vehicle under hire-purchase or hypothecation agreement is liable to pay motor vehicle tax from the date of possession under the Uttar Pradesh Motor Vehicles Taxation Act, 1997, irrespective of vehicle use.

Full Text
Translation output
प्रति वेद्य
भार ीय सव च्च न्यायालय
सिसविवल अपीलीय अति कारिर ा
सिसविवल अपील संख्या 1217 वर्ष 2022
महिं#द्रा एंड महिं#द्रा फाइनेंशि,यल सर्विवसेज लिलविमटेड ... अपीलार्थी3 (गण)
बनाम
उ.प्र राज्य एवं अन्य ... प्रत्यर्थी3 (गण)
विनणय
न्यायमूर्ति एम.आर. ,ा#
JUDGMENT

1. इला#ाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में दालिखल रिरट यातिDका संख्या 4529 वर्ष 2018, सिजसमें उच्च न्यायालय ने उक्त रिरट यातिDका को mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA खारिरज कर विदया #ै और क#ा #ै विक फाइनेंसर परिरव#न वा#न का कब्जा ारी #ोने क े कारण उ.प्र. मोटर वा#न करा ान अति विनयम, 1997 क े # कर का भुग ान करने क े लिलए उत्तरदायी #ै, में उच्च न्यायालय की पूण पीठ द्वारा पारिर 16.12.2019 विदनांविक आक्षेविप विनणय और आदे, से असं ुष्ट और क्षुब् मूल रिरट यातिDकाक ा, फाइनेंसर ने य# अपील की #ै। उक्त फाइनेंसर ने परिरव#न वा#न की खरीद क े लिलए ऋण विदया र्थीा और ऋण का भुग ान न #ो पाने क े कारण प्रश्नग वा#न पर उसका कब्जा #ै।

2. यर्थीा उपरोक्त,विक अपीलक ा-महिं#द्रा एंड महिं#द्रा फाइनेंशि,यल सर्विवसेज लिलविमटेड, एक फाइनेंसर #ै, सिजसने परिरव#न वा#न की खरीद क े लिलए ऋण विदया र्थीा। ऋण का भुग ान न #ोने की स्थिZर्थीति में, इसने प्रश्नग वा#न को कब्जे में ले लिलया। विववाद वा#न क े ऐसे कब्जा ारी फाइनेंसर द्वारा यूपी मोटर वा#न करा ान अति विनयम, 1997 (ए स्थि\मनपश्चा ्में "अति विनयम, 1997" क े रूप में संदर्भिभ ) क े # कर का भुग ान करने क े दातियत्व का #ै। उच्च न्यायालय क े समक्ष, विनम्नलिललिख प्रश्न पूण पीठ को संदर्भिभ विकया गया र्थीाः “1. क्या अति विनयम, 1997 की ारा 2 (जी), 2 (एD), 4,9,10,12,13,14 और 20 सपविठ अति विनयम, 1988 की ारा 39,50 और 51 एवं उक्त अति विनयमों एवं विनयम 1998 और 1989 क े अन्य प्रासंविगक प्राव ानों और विनयमों क े # मोटर वा#न/परिरव#न वा#न का कोई फाइनेंसर, सिजसक े संबं में एक विकराया-खरीद, पट्टे या वDनबद्ध समझौ ा विकया गया mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA #ै, उक्त समझौ ों क े # उक्त वा#न को कब्जे में लेने की ति शिर्थी से कर देने क े लिलए उत्तरदायी #ै, भले #ी, इसका नाम पंजीकरण प्रमाण पत्र में दज विकया गया #ो या न#ीं। यविद न#ीं, ो इस संबं में कौन उत्तरदायी #ै?

2. 1 आक्षेविप विनणय और आदे, द्वारा उच्च न्यायालय ने अपीलार्थी3-फाइनेंसर क े विवरुद्ध अशिभविन ारिर विकया #ै और ारिर विकया #ै विक अपीलार्थी3 का फाइनेंसर क े रूप में प्रश्नग वा#न पर कब्जा #ोने क े कारण अति विनयम, 1997 क े # कर का संदाय करने क े लिलए उत्तरदायी #ै।

2. 2 आक्षेविप विनणय, विक अपीलार्थी3 का फाइनेंसर क े रूप में प्रश्नग वा#न पर कब्जा #ोने क े कारण अति विनयम, 1997 क े # कर का संदाय करने क े लिलए उत्तरदायी #ै, अपीलक ा-फाइनेंसर ने व मान अपील की #ै।

3. विवद्वान अति वक्ता श्री प्र,ां क ु मार अपीलार्थी3 की ओर से प्रZ ु #ुए और विवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता सुश्री गरिरमा प्रसाद उ.प्र. राज्य की ओर से प्रZ ु #ुई ं।

4. अपीलार्थी3 की ओर से पे, विवद्वान अति वक्ता ने अपने क क े समर्थीन में अति विनयम, 1997 क े प्रासंविगक प्राव ानों और मोटर वा#न अति विनयम, 1988 (ए स्थि\मनपश्चा ् "अति विनयम, 1988" क े रूप में संदर्भिभ ) क े प्राव ानों को उद्धृ कर े #ुए क#ा विक परिरव#न वा#न का कब्जा ारी फाइनेंसर #ोने क े ना े, mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA सिजसने ऋण का भुग ान न #ो पाने की स्थिZर्थीति में परिरव#न वा#न को कब्जे में ले लिलया #ै, जब क विक उक्त परिरव#न वा#न को उपयोग में न#ीं लाया जा ा #ै और/या वाZ व में उपयोग न#ीं विकया जा र#ा #ै, ब क अपीलक ा- फाइनेंसर पर अति विनयम, 1997 क े # देय कर का भुग ान करने क े लिलए कोई दातियत्व न#ीं #ोगा।

4. 1 अपीलक ा की ओर से पे, विवद्वान अति वक्ता ने जोर देकर क#ा #ै विक अपीलक ा #ी व# फाइनेंसर #ै, सिजसने विवDारा ीन परिरव#न वा#न की खरीद क े लिलए ऋण विदया र्थीा और ऋण क े भुग ान न #ो पाने की स्थिZर्थीति में, इसने प्रश्नग वा#न को अपने कब्जे में ले लिलया र्थीा। य# विक पंजीकृ मालिलक ने अपीलक ा-फाइनेंसर द्वारा इस र# क े कब्जे की ारीख से प#ले सभी करों का भुग ान विकया र्थीा। 4.[2] य# क#ा गया #ै विक अति विनयम, 1997 क े # देय कर परिरव#न वा#न क े 'उपयोग' पर #ैं। इसलिलए य# क#ा गया #ै विक जब क फाइनेंसर क े पास कब्जे में रखे परिरव#न वा#न का उपयोग न#ीं विकया जा ा, ब क कर का भुग ान करने क े लिलए फाइनेंसर का कोई दातियत्व न#ीं #ोगा।

4. 3 अति विनयम की ारा 4 (2-ए), ारा 6 और ारा 9 का अवलंब ले े #ुए अपीलार्थी3 की ओर से पे, विवद्वान अति वक्ता द्वारा जोर देकर क#ा गया #ै विक अति विनयम की योजना विव,ेर्ष रूप से परिरव#न वा#न क े संDालन पर जोर दे ी #ै। य# क#ा गया विक परिरव#न वा#न क े संDालन /उपयोग पर ऐसे सावजविनक परिरव#न वा#न पर प्रारंशिभक और अति रिरक्त कर लगाया जा ा #ै। mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA य# क विदया गया #ै विक इसी कारण से वा#न क े ऑपरेटर और मालिलक दोनो को पंजीक ृ मालिलक क े अलावा कर क े भुग ान की परिरभार्षा में,ाविमल विकया गया #ै। इसलिलए य# आग्र# विकया गया #ै विक कर लगाने की पूव, क े रूप में सबसे म#त्वपूण कारक वा#न का संDालन/परिरDालन #ै। य# क#ा गया विक ारा 12 क े उद्दे\य क े लिलए पूव क्त स्थिZर्थीति विबल्कु ल आव\यक #ो जा ी #ै, जो य# उपबं कर ी #ै विक विकसी विव,ेर्ष अवति क े लिलए यविद वा#न Dलाने क े लिलए कर का अविग्रम भुग ान विकया जा ा #ै और वाZ व में उस अवति में वा#न न#ीं Dलाया जा ा #ै ो नवापसी उतिD मामले में मांगी और दी जा सक ी #ै। य# क#ा गया विक नवापसी क े उद्दे\य से भी, फाइनेंसर क े रूप में, Dूंविक उसक े पास टोकन या परविमट या पंजीकरण प्रमाण पत्र न#ीं #ोगा, व# नवापसी क े लिलए प्रार्थीना करने की स्थिZर्थीति में भी न#ीं #ोगा।

4. 4 अपीलक ा की ओर से पे, विवद्वान अति वक्ता द्वारा जोर देकर क#ा गया #ै विक पंजीकरण का मूल प्रमाण पत्र और परविमट पंजीकृ मालिलक क े पास #ोगा, अपीलक ा-फाइनेंसर विबना परविमट और/या पंजीकरण प्रमाण पत्र क े परिरव#न वा#न का उपयोग न#ीं कर सक ा #ै। इसलिलए, अति विनयम, 1997 क े # लगाए गए कर का भुग ान करने क े लिलए फाइनेंसर पर कोई दातियत्व न#ीं #ो सक ा #ै।

4. 5 उपरोक्त कर्थीन कर े #ुए और इस न्यायालय द्वारा म#ाराष्ट्र राज्य एवं अन्य बनाम सुंदरम फाइनेंस एवं अन्य, (1999) 9 एससीसी 1 क े मामले में न्यायालय द्वारा विदये गये विनणय का अवलंब ले े #ुए, व मान को mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA अनुमति देने और य# ारिर करने की प्रार्थीना की गयी #ै विक अपीलक ा परिरव#न वा#न का कब्जा ारी फाइनेंसर #ोने क े कारण अति विनयम, 1997 क े # विकसी भी कर का भुग ान करने क े लिलए ब क उत्तरदायी न#ीं #ै जब क विक इसे उपयोग न#ीं विकया जा ा #ै।

5. राज्य की ओर से पे, वरिरष्ठ अति वक्ता सुश्री गरिरमा प्रसाद ने न्यायालय का ध्यान अति विनयम, 1997 की पूरी योजना की ओर आक ृ ष्ट विकया #ै। उन्#ोंने क#ा #ै विक अति विनयम, 1997 क े प्राव ानों क े #, प्रत्येक "मालिलक" और "ऑपरेटर" ारा 4 क े # कर का भुग ान करने क े लिलए उत्तरदायी #ैं। 5.[1] य# क#ा गया #ै विक फाइनेंसर, विकराया खरीद या लीज या वDनबद्ध समझौ े क े # परिरव#न वा#न को कब्जे में लेने क े बाद अति विनयम, 1997 की ारा 2 (एD) क े # 'मालिलक' बन जा ा #ै। कब्जा ारी फाइनेंसर क े वा#न का "Zवामी" बन जाने क े बाद, व# अति विनयम, 1997 की ारा 4 क े # प्रभाय कर का संदाय करने क े लिलए दायी #ै। य# क विदया गया #ै विक अति विनयम, 1997 की ारा 2 (एD) और मोटर वा#न अति विनयम की ारा 2 (30) क े अनुसार, कब्जा ारी फाइनेंसर को "मालिलक" क#ा जा सक ा #ै।

5. 2 आगे य# क#ा गया #ै विक "परिरव#न वा#न से शिभन्न मोटर वा#न" क े मामले में, वा#न क े पंजीकरण क े समय एकमु\ कर का संदाय विकया mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA जाना अपेतिक्ष #ो ा #ै सिजसक े विबना वा#न का पंजीकरण न#ीं विकया जा सक ा और न #ी इसका उपयोग विकया जा सक ा #ै। य# क#ा गया #ै विक ऐसे मामले में कर, अति रिरक्त कर और जुमाना क े बकाया का मामला उत्पन्न न#ीं #ोगा। य# विक 'परिरव#न वा#न' क े मामले में, Dूंविक एक बार कर का कोई प्राव ान न#ीं #ै, ऑपरेटरों/मालिलकों को कानून क े अनुसार समय-समय पर कर का भुग ान करना आव\यक #ो ा #ै। य# क#ा गया #ै विक ारा 9 (3) सपविठ ारा 20 (3) क े अनुसार "मालिलक" और "ऑपरेटर" दोनों संयुक्त रूप से और गंभीर रूप से उत्तरदायी #ोंगे। य# आग्र# विकया गया #ै विक ज#ां क फाइनेंसर क े कब्जे से प#ले बकाया राशि, का प्रश्न #ै, भुग ान करने की मुख्य देय ा मालिलक या ऑपरेटर पर #ै, और यविद विकसी भी कारण से ऐसे व्यविक्त से वसूली संभव न#ीं #ै, ो व# फाइनेंसर से वसूली योग्य #ै, जैसा विक ारा 20 (2) क े अनुसार, मोटर वा#न पर प#ले बकाया राशि, वसूल की जा ी #ै। इसलिलए य# क#ा गया विक प#ली राशि, को देने का उत्तरदातियत्व वा#न पर कब्जा रखने वाले व्यविक्त का #ोगा। लेविकन, Dूंविक मुख्य रूप से देय ा पंजीक ृ मालिलक पर #ै, फाइनेंसर, कर क े बकाया को जमा करने क े बाद, कानून क े अनुसार उसकी वसूली का #कदार #ोगा।

5. 3 प्रति वादी-उ.प्र. राज्य की ओर से पे, वरिरष्ठ अति वक्ता सुश्री गरिरमा प्रसाद द्वारा य# क#ा गया #ै विक अति विनयम, 1997 की ारा 4 सबसे म#त्वपूण ारा #ै। य# विक ारा 4 (2-ए) क े अनुसार, इस अति विनयम में अन्यर्थीा उपबंति को छोड़कर, विकसी भी सावजविनक सेवा वा#न को उपmn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA ारा (1-ए) और उप- ारा (2) में विनर्विदष्ट लोगों क े अलावा विकसी व्यविक्त द्वारा उत्तर प्रदे, में ब क सावजविनक Zर्थीान पर उपयोग न#ीं विकया जाएगा जब क विक राज्य सरकार द्वारा अति सूतिD दर पर मासिसक कर का भुग ान उसक े संबं में न#ीं विकया जा ा #ै। परं ुक क े अनुसार, मासिसक कर क े बजाय, एक त्रैमासिसक या वार्विर्षक कर ऐसी दर पर देय #ो सक ा #ै सिजसे राज्य सरकार द्वारा अति सूतिD विकया जाए। य# क#ा गया #ै विक ारा 9 (1) (iv) () (ए) क े अनुसार ारा 4 की उप- ारा (2-ए) क े # देय कर अति विनयम, 1988 क े # वा#न क े पंजीकरण क े समय एक क ै लेंडर म#ीने क े लिलए अविग्रम रूप से देय #ोगा और उसक े बाद अगले क ै लेंडर म#ीने क े पंद्र#वें विदन या उससे प#ले। य# क#ा गया #ै विक इस र# क े कर का अविग्रम भुग ान विकया जाना आव\यक #ै और इसलिलए कर का भुग ान करने की देय ा प#ले #ै और उसक े बाद #ी वा#न का उपयोग विकया जा सक ा #ै। इसलिलए, अति विनयम, 1997 क े # परिरभाविर्ष परिरव#न वा#न का 'मालिलक' #ोने क े ना े कब्जा ारी फाइनेंसर सवप्रर्थीम कर का भुग ान करने क े लिलए उत्तरदायी #ै। य# विक यविद, कर क े भुग ान क े बाद, वा#न का उपयोग न#ीं विकया जा ा #ै, ो, प्रवि…या का पालन कर और ारा 12 क े अनुपालन क े अ ीन, ऐसा फाइनेंसर/मालिलक भुग ान विकए गए कर की वापसी का दावा कर सक ा #ै। गैर-उपयोग पर नवापसी का सवाल क े वल भी उठेगा जब कर का भुग ान प#ले विकया जा Dुका #ो। इसलिलए य# क#ा गया #ै विक कर का भुग ान करने का दातियत्व प#ले उत्पन्न #ोगा और उसक े बाद #ी अति विनयम, 1997 की ारा 12 क े # नवापसी का दावा विकया जा सक ा #ै। mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA

5. 4 ज#ां क अपीलार्थी3-फाइनेंसर की ओर से विदये गये इस क -विक, Dूंविक अपीलार्थी3 -फाइनेंसर पंजीक ृ मालिलक न#ीं #ै और /या पंजीकरण अपीलक ा-फाइनेंसर क े पक्ष में #Z ां रिर न#ीं विकया गया #ै और वा#न क े पंजीकरण का मूल परविमट और प्रमाण पत्र, जो पंजीक ृ मालिलक क े नाम पर #ोगा, पंजीक ृ मालिलक क े पास #ोगा और इसलिलए अपीलक ा- फाइनेंसर नवापसी का दावा भी न#ीं कर सक ा #ै-का सवाल #ै ो य# क#ा गया #ै विक कब्जा ले े समय सभी दZ ावेज जब् करना फाइनेंसर की सिजम्मेदारी #ै। य#ां क विक फाइनेंसर अति विनयम, 1988 क े प्राव ानों क े अनुसार पंजीकरण क े प्रमाण पत्र क े लिलए भी प्रार्थीना कर सक ा #ै। य# क#ा गया #ै विक उपरोक्त आ ार पर, ारा 4 (2-ए) सपविठ ारा 9 (1) (iv) () (ए) क े अनुसार अविग्रम कर का भुग ान करने का एक 'मालिलक' क े रूप में कब्जा ारी फाइनेंसर का दातियत्व समाप्त न#ीं #ोगा।

5. 5 राज्य की ओर से पे, विवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता ने इस न्यायालय द्वारा जागीर सिंस# एवं अन्य बनाम विब#ार राज्य एवं अन्य, (1976) 2 एससीसी 942: 1976 (2) SCR 80 क े मामले में विदये गये विनणय और अब्दुल समद अब्दुल #ाविमद,ेख बनाम गुजरा राज्य, विव,ेर्ष सिसविवल आवेदन सं. 5788 वर्ष 2012 क े मामले में गुजरा उच्च न्यायालय क े 25.01.2017 विदनांविक विनणय का अवलंब इस क क े समर्थीन में लिलया #ै विक वा#न क े कब्जा ारी फाइनेंसर को "मालिलक" क#ा जा सक ा #ै और अविग्रम में कर का भुग ान करने क े लिलए उत्तरदायी #ै और ऐसे फाइनेंसर क े लिलए उपलब् एकमात्र उपाय नवापसी का mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA दावा करना #ै यविद वा#न का उपयोग न#ीं विकया जा ा, अन्यर्थीा व# बकाया कर का भुग ान करने क े लिलए उत्तरदायी #ै।

49,671 characters total

5. 6 उपरोक्त क दे े #ुए और उपरोक्त विनणयों का अवलंब ले े #ुए व मान अपील को खारिरज करने की प्रार्थीना की गयी #ै।

6. संबंति पक्षों क े विवद्वान अति वक्तागण को विवZ ार से सुना।

7. इस न्यायालय क े समक्ष मुद्दा य# #ै विक क्या, विकसी मोटर वा#न/परिरव#न वा#न का एक फाइनेंसर, सिजसक े संबं में एक विकराया-खरीद, लीज या वDनबद्ध समझौ ा विकया गया #ै, उक्त समझौ ों क े # उक्त वा#न को कब्जे में लेने की ारीख से कर क े लिलए उत्तरदायी #ै।

8. व मान विवर्षय को विनण[3] कर े समय, उ.प्र. मोटर वा#न करा ान अति विनयम, 1997 क े प्रासंविगक प्राव ानों को संदर्भिभ करने और विवDार करने की आव\यक ा #ै। वे #ैं ारा 2 (एD), 4,9,10,12 और 20 #ैं, जो विनम्नानुसार #ैंः "2 (ज) मोटर यान क े संबं में" Zवामी "से ऐसा व्यविक्त अशिभप्रे #ै सिजसका नाम ऐसे यान क े संबं में जारी विकए गए रसिजZट्रीकरण प्रमाणपत्र में दज विकया गया #ै और ज#ां ऐसा यान उस करार क े अ ीन यान क े कब्जे वाले व्यविक्त को विकराया …य या पट्टे या #ाइपोर्थीीक े,न क े करार का विवर्षय #ै और “ 2(एD) विकसी मोटर वा#न क े संबं में “मालिलक”,ब्द से व# व्यविक्त अशिभप्रे #ै सिजसका नाम ऐसे वा#न क े संबं में विनग mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA पंजीकरण प्रमाणपत्र में विदया गया #ै और ज#ाँ ऐसा वा#न विकसी विकराये, खरीद, लीज या वDनबद्ध समझौ े क े अ ीन #ै ो व# व्यविक्त समझौ े क े अनुसार सिजसक े कब्जे में वा#न #ोगा और यविद ऐसा व्यविक्त अल्पवयZक #ै ो उसका संरक्षक।

4. कर का अति रोपण-(1) इस अति विनयम या उसक े # बनाए गए विनयमों में अन्यर्थीा विववि# को छोड़कर, परिरव#न वा#न क े अलावा विकसी भी मोटर वा#न का उपयोग उत्तर प्रदे, क े विकसी भी सावजविनक Zर्थीान पर न#ीं विकया जाएगा, जब क विक ऐसे मोटर वा#न क े संबं में लागू दर पर एक बार कर, जैसा विक राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अति सूDना द्वारा विनर्विदष्ट विकया जाए का भुग ान विकया जा Dुका #ै,सिजसक े संबं: ब, Ž विक एक पुराने मोटर वा#न क े संबं में एक बार क े कर क े बजाय, ऐसे मोटर वा#न पर लागू वार्विर्षक कर का भुग ान विकया जा सक ा #ै जो राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अति सूDना द्वारा विवविनर्विदष्ट विकया जाए। (1-क) इस अति विनयम में या इसक े अ ीन बनाए गए विनयमों में अन्यर्थीा उपबंति क े अलावा, कोई ीन पवि#या मोटर क ै ब और माल वा#क सिजसका सकल वा#न वजन 3000 विकलोग्राम से अति क न #ो, का उपयोग उत्तर प्रदे, क े विकसी भी सावजविनक Zर्थीान पर ब क न#ीं विकया जाएगा जब क विक ऐसे mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA मोटर वा#न क े संबं में ऐसी दर पर वार्विर्षक कर, जो राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अति सूDना द्वारा विनर्विदष्ट विकया जाए का भुग ान विकया जा Dुका #ै सिजसक े संबं में: ब, Ž विक इस उप- ारा क े # एक मोटर वा#न क े संबं में वार्विर्षक कर क े बदले में राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अति सूDना द्वारा विनर्विदष्ट एक बार कर की ऐसी राशि, देय #ो सक ी #ै। ब, Ž विक उत्तर प्रदे, मोटर वा#न करा ान (सं,ो न) अति विनयम, 2014 क े,ुरू #ोने की ारीख से मोटर वा#न अति विनयम, 1988 क े # पंजीकरण की वै ा की समाविप्त क े बाद विकसी भी सावजविनक Zर्थीान पर परिरव#न वा#न क े अलावा विकसी भी मोटर वा#न का उपयोग न#ीं विकया जाएगा जब क विक राज्य सरकार द्वारा अति सूDना द्वारा विनर्विदष्ट मोटर वा#नों पर लागू दर पर एक ग्रीन टैक्स का भुग ान न#ीं विकया जा ा #ै। (2) इस अति विनयम द्वारा या उसक े अ ीन अन्यर्थीा उपबंति क े सिसवाय उप ारा (1-क) में विनर्विदष्ट विकसी माल गाड़ी, विनमाण उपकरण वा#न, विव,ेर्ष रूप से तिडजाइन विकए गए वा#न, मोटर क ै ब ( ीन पवि#या मोटर क ै ब से शिभन्न), मैक्सी क ै ब और राज्य परिरव#न उप…म क े Zवाविमत्व या विनयंत्रण वाले लोक सेवा वा#न का उपयोग mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA उत्तर प्रदे, क े विकसी सावजविनक Zर्थीान पर ब क न#ीं विकया जाएगा जब क विक ऐसे मोटर यान पर लागू दर पर त्रैमासिसक कर, जो राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अति सूDना द्वारा विवविनर्विदष्ट विकया जाए, उसक े संबं में संदत्त न#ीं विकया जा ा #ैः ब, Ž विक त्रैमासिसक कर क े बजाय इस उप- ारा क े # मोटर वा#न क े संबं में, राज्य सरकार द्वारा विनर्विदष्ट की जा सकने वाली दर पर वार्विर्षक कर देय #ो सक ा #ै। (2-क) इस अति विनयम द्वारा या उसक े अ ीन अन्यर्थीा उपबंति क े सिसवाय, उप ारा (1-क) और उप ारा (2) में संदर्भिभ से शिभन्न विकसी लोक सेवा वा#न का उत्तर प्रदे, क े विकसी सावजविनक Zर्थीान पर ब क उपयोग न#ीं विकया जाएगा जब क विक राज्य सरकार द्वारा अति सूतिD ऐसी दर पर मासिसक कर का संदाय न#ीं विकया जा ा #ैः ब, Ž विक मासिसक कर क े बजाय इस उप- ारा क े # मोटर वा#न क े संबं में, राज्य सरकार द्वारा अति सूतिD की जा सकने वाली दर पर ति मा#ी या वार्विर्षक कर देय #ो सक ा #ै। (2-ख) ज#ां सड़क द्वारा ले जाए जाने वाले माल क े संबं में करा ान से संबंति कोई पारZपरिरक समझौ ा उत्तर प्रदे, सरकार और विकसी अन्य राज्य सरकार या संघ राज्यक्षेत्र क े बीD विकया जा ा mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA #ै, व#ां उप ारा (1-क) या उप ारा (2) क े अ ीन कर का उद्ग्र#ण, उक्त उप ारा में विकसी बा क े #ो े #ुए भी, ऐसे करार क े विनबं नों और, ‘ क े अनुसार #ोगाः ब, Ž विक लगाया गया कर उस कर से अति क न#ीं #ोगा जो अन्यर्थीा अति विनयम क े # लगाया जाएगा। (3) ज#ां परिरव#न वा#न क े अलावा कोई भी मोटर वा#न परिरव#न वा#न क े रूप में Dल ा पाया जा ा #ै, ऐसा कर जो राज्य सरकार द्वारा अति सूतिD विकया जाए, देय #ोगा। (4) राज्य सरकार, अति सूDना द्वारा, प#ली अनुसूDी क े भाग 'बी', भाग 'सी' या भाग 'डी' में विनर्विदष्ट कर की दरों में पDास प्रति, से अति क की वृतिद्ध न#ी कर सक ी #ै।

9. कर और जुमाने का भुग ान-(1) ारा 11 क े प्राव ान क े अ ीन- (i) मोटर वा#न अति विनयम, 1988 क े # वा#न क े पंजीकरण क े समय ारा 4 की उप- ारा (1) क े # देय कर का भुग ान विकया जाएगाः mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA ब, Ž विक एक पुराने मोटर वा#न क े संबं में, कर प्रत्येक वर्ष जनवरी क े पंद्र#वें विदन या उससे प#ले अविग्रम में देय #ोगा (ii) ारा 4 की उप- ारा (1-ए) क े # देय कर, मोटर वा#न अति विनयम, 1988 क े # वा#न क े पंजीकरण क े समय एक वर्ष क े लिलए अविग्रम में देय #ोगा और उसक े बाद अगले वर्ष क े प#ले क ै लेंडर म#ीने क े पंद्र#वें विदन या उससे प#ले #ोगा। (iii) ारा 4 की उप- ारा (2) क े # देय कर मोटर वा#न अति विनयम, 1988 क े # वा#न क े पंजीकरण क े समय एक ति मा#ी क े लिलए अविग्रम में देय #ोगा और उसक े बाद अगले ति मा#ी क े प#ले क ै लेंडर म#ीने क े पंद्र#वें विदन या उससे प#ले। (iv) () (क) ारा 4 की उप ारा (2-क) क े अ ीन संदेय कर मोटर वा#न अति विनयम, 1988 क े # वा#न क े पंजीकरण क े समय एक क ै लेंडर म#ीने क े लिलए अविग्रम संदेय #ोगा और उसक े पश्चा प्रत्येक क ै लेंडर म#ीने क े पन्द्र#वें विदन या उससे प#ले। (ख) विव,ेर्ष अवसरों जैसे विक मेले और ार्विमक समारो# या विववा#, पयटक #े ु यावित्रयों क े आने जाने क े लिलए जारी विकए गए अZर्थीायी परविमट क े # आने वाले वा#नों क े संबं में ारा 4 क क े # देय विव,ेर्ष कर, ऐसे अZर्थीायी परविमट क े जारी #ोने क े समय भुग ान विकया जाएगा। mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (2) जब कोई व्यविक्त अपने नाम से पंजीक ृ मोटर वा#न को विकसी अन्य व्यविक्त को अं रिर कर ा #ै, ो अं रण की देय ा पर प्रति क ू ल प्रभाव डाले विबना या इस संबं में, अं रिर ी अं रण कर, अति रिरक्त कर और,ास्थिZ, यविद कोई #ो, क े बकाया का संदाय करने क े लिलए दायी #ोगा, वैसे #ी जैसे उस अवति क े दौरान व# उक्त मोटर वा#न का Zवामी र#ा #ो सिजसक े लिलए ऐसा कर, अति रिरक्त कर या,ास्थिZ देय #ै। (3) ज#ां मोटर वा#न क े संबं में कर या अति रिरक्त कर का संदाय उप ारा (1) में विवविनर्विदष्ट अवति क े भी र न#ीं विकया जा ा #ै, व#ां ऐसी दर पर,ास्थिZ, जो विववि# की जाए, जो देय रकम से अति क न #ो, संदेय #ोगी, सिजसक े लिलए Zवामी और प्रDालक यविद कोई, संयुक्त रूप से और गंभीर रूप से दायी #ोंगे। (4) इस अति विनयम क े अ ीन कर, अति रिरक्त कर या,ास्थिZ की रकम की संगणना कर े समय, व# रकम विनकट म रुपए क, अर्थीा ् पDास पैसे या अति क क े एक अं, को अगले उच्च र रुपए क मान लिलया जाएगा और पDास पैसे से कम क े विकसी अं, को नजरअंदाज विकया जाएगा।

10. उत्तर प्रदे, में कर क े भुग ान क े विबना उपयोग न विकए जाने वाले वा#न- (1) ारा 9 में विकसी बा क े #ो े #ुए भी, कोई भी परिरव#न वा#न उत्तर प्रदे, में न#ीं Dलेगा mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (क) उत्तर प्रदे, क े बा#र अति कारिर ा रखने वाले प्राति कारी द्वारा मोटर यान अति विनयम, 1988 क े अ ीन मंजूर अZर्थीायी परविमट क े अ ीन जब क विक उसक े उपयोग या उत्तर प्रदे, में र#ने क े लिलए ारा 4 क े अ ीन कर का संदाय न#ीं विकया जा ा #ै। (ख) उत्तर प्रदे, क े बा#र अति कारिर ा रखने वाले प्राति कारी द्वारा उक्त अति विनयम की ारा 88 की उप ारा (12) क े अ ीन दी गई राष्ट्रीय अनुज्ञा क े अ ीन जब क विक उसक े संबं में ारा 4 क े अ ीन कर का संदाय राजपत्र में अति सूDना द्वारा विववि# रीति से न#ीं विकया जा ा #ै। (ग) उक्त अति विनयम की ारा 88 की उप- ारा (9) सपविठ मोटर वा#न (पयटक परिरव#न संDालकों क े लिलए अलिखल भार परविमट) विनयम, 1993 क े # उत्तर प्रदे, क े बा#र अति कार क्षेत्र वाले प्राति करण द्वारा विदये गये परविमट क े #, जब क विक ारा 4 क े # कर का भुग ान न#ीं विकया जा ा #ै। ब, Ž विक राज्य सरकार, अति सूDना द्वारा उक्त अनुसूतिDयों में यर्थीा विनर्विदष्ट, कर या अति रिरक्त कर की दरों में,जैसा भी मामला #ो,पDास प्रति, से अनति क वृतिद्ध कर सक ी #ै। (2) उप ारा (1) क े खंड (क) क े उपखंड (i) क े अ ीन कर क े उद्ग्र#ण और संदाय क े प्रयोजन क े लिलए, विकसी दो सप्ता# या उसक े भाग क े लिलए संदेय कर प#ली अनुसूDी में विवविनर्विदष्ट दर का 2/13 वां #ोगा। mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (3) यविद ऐसा परिरव#न वा#न इस अति विनयम क े अ ीन संदेय कर या अति रिरक्त कर क े संदाय क े विबना उत्तर प्रदे, में Dल ा पाया जा ा #ै, ो ऐसे कर या अति रिरक्त कर क े सार्थी,ास्थिZ, जो देय राशि, क े पांD गुना क े बराबर #ोगी, देया #ोगा। ब, Ž विक इस ारा क े # कर राष्ट्रीय राज ानी क्षेत्र विदल्ली क े परिरव#न प्राति करणों द्वारा जारी परविमट क े आ ार पर विदल्ली से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गासिजयाबाद विवकास प्राति करण क े अति सूतिD क्षेत्र क े भी र विव,ेर्ष रूप से Dल र#े मोटर क ै ब क े संबं में देय न#ीं #ोगा। ब, Ž य# भी विक इस ारा क े # कर ऐसे मोटर क ै ब (सीएनजी संDालिल ) क े संबं में देय न#ीं #ोगा, जो विव,ेर्ष रूप से उत्तर प्रदे,, #रिरयाणा, राजZर्थीान व राष्ट्रीय राज ानी क्षेत्र विदल्ली की सरकारों क े सार्थी विकए गए समझौ े क े अनुसार राष्ट्रीय राज ानी में Dल ी #ों।

12. वा#न का उपयोग न विकया जाना और कर की वापसी-(1) जब कोई भी व्यविक्त सिजसने परिरव#न वा#न क े संबं में कर का भुग ान विकया #ै, ो विववि# रीक े से करा ान अति कारी की सं ुविष्ट #े ु य# साविब कर ा #ै विक व# मोटर वा#न सिजसक े संबं में इस र# क े कर का भुग ान विकया गया #ै, का उपयोग एक मा# या अति क की विनरं र अवति क े लिलए न#ीं विकया गया #ै, व# त्रैमासिसक कर की दर क े एक ति #ाई या वार्विर्षक कर क े बार#वें वि#Zसे, जैसा विक मामला #ो, क े बराबर mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA राशि, की वापसी का ऐसे वा#न क े संबं में प्रत्येक ीस विदनों की अवति क े लिलए देय कर सिजसका भुग ान विकया गया #ै, #कदार #ोगा: ब, Ž विक ऐसा कोई रिरफ ं ड ब क Zवीकाय न#ीं #ोगा जब क विक ऐसे व्यविक्त ने पंजीकरण का प्रमाण पत्र, टोकन, यविद कोई #ो, जो वा#न और परविमट क े संबं में जारी विकया #ो, यविद कोई #ो, करा ान अति कारी को, उस अवति से प#ले, सिजसक े लिलए ऐसा रिरफ ं ड का दावा विकया, वापस जमा न#ी कर ा। ब, Ž य# विक ज#ां ारा 4 की उप- ारा (आईए) क े # एक मोटर वा#न क े लिलए एक बार कर का भुग ान विकया गया #ै ऐसे वा#न क े संबं में प्रत्येक म#ीने क े लिलए 1/120 क े बराबर राशि, वापस की जाएगी। (2) ज#ां ऑपरेटर या मोटर वा#न का मालिलक,जैसा भी मामला #ो, एक म#ीने या उससे अति क की अवति क े लिलए अपने वा#न का उपयोग न करने का इरादा रख ा #ै, व# कर या अति रिरक्त कर की ारीख से प#ले, जैसा भी मामला #ो, पंजीकरण का प्रमाण पत्र, टोकन, यविद कोई #ो, जो मोटर वा#न और परविमट क े संबं में जारी विकया गया #ो, उस क्षेत्र क े करा ान अति कारी क े पास, ज#ां कर या अति रिरक्त कर का अंति म भुग ान विकया गया र्थीा, वापस जमा करेगा और इस र# क े mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA जमा करने पर, इस अति विनयम क े # कोई कर या अति रिरक्त कर ऐसे वा#न क े संबं में उस अवति क े प्रत्येक पूण क ै लेंडर म#ीने क े लिलए देय न#ीं #ोगा सिजसक े दौरान वा#न उपयोग से वापस ले लिलया गया #ै और पूव क्त दZ ावेज करा ान अति कारी क े पास रखे #ुए #ैंः ब, Ž विक इस र# क े वा#न यविद उस अवति क े दौरान Dल े पाए जा े #ैं जब इस उप- ारा में उसिल्ललिख दZ ावेज करा ान अति कारी क े पास जमा कर विदये गये #ों, ऐसे मालिलक या ऑपरेटर, जैसा भी मामला #ो, उसी प्रकार कर और अति रिरक्त कर क े लिलए उत्तरदायी #ोंगे जैसे विक दZ ावेजों को जमा न विकया गया #ो और कर और अति रिरक्त कर क े पांD गुना क े बराबर दंड क े लिलए भी उत्तरदायी #ोंगे। (3) ज#ां विकसी मोटर वा#न का मालिलक, सिजसक े संबं में इस अति विनयम क े # एक बार कर का भुग ान विकया गया #ै, करा ान अति कारी की सं ुविष्ट क े लिलए साविब कर ा #ै विक ऐसे मोटर वा#न का उपयोग एक म#ीने या उससे अति क की विनरं र अवति क े लिलए न#ीं विकया गया #ै, व# उक्त अवति क े लिलए राजपत्र में अति सूDना द्वारा राज्य सरकार द्वारा विनर्विदष्ट विकए जा सकने वाले कर की वापसी का #कदार #ोगाः mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA ब, Ž विक ऐसा कोई भी रिरफ ं ड ब क Zवीकाय न#ीं #ोगा, जब क विक वा#न क े संबं में जारी विकए गए पंजीकरण का प्रमाण पत्र और टोकन, यविद कोई #ो, मालिलक द्वारा करा ान अति कारी क े पास जमा न#ीं कर विदया जा ा: ब, Ž य# विक इस उप ारा क े # न वापसी की कु ल राशि, इस अति विनयम क े # भुग ान विकए गए एक बार क े कर से अति क न#ीं #ोगी। (4) उप ारा (3) क े अ ीन रिरफ ं ड की रकम की संगणना करने में अवति क े विकसी भाग को एक मास से कम #ोने पर अनदेखा विकया जाएगा। (5) परिरव#न वा#न से शिभन्न विकसी मोटर वा#न का Zवामी, सिजसक े संबं में इस अति विनयम क े अ ीन एक बार कर का संदाय विकया गया #ै, इस आ ार पर राजपत्र में अति सूDना द्वारा राज्य सरकार द्वारा विवविनर्विदष्ट दरों पर ऐसे कर क े प्रति दाय का #कदार #ोगा विक उसने ऐसे कर क े संदाय क े पश्चा ्, ऐसे वा#न क े संबं में विकसी अन्य राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में मोटर वा#नों पर कर से संबंति विकसी अति विनयमन क े अ ीन कर का संदाय विकया #ै जो ऐसे वा#न को Zर्थीायी रूप से ऐसे अन्य राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में लाए जाने क े परिरणामZवरूप या य# विक ऐसे मोटर वा#न को परिरव#न वा#न में संपरिरवर्ति कर विदये जाने क े कारण विकया गया र्थीा या ऐसे मोटर वा#न का पंजीकरण रद्द कर विदया गया #ै। mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (6) ज#ां कोई भी व्यविक्त सिजसने पुराने मोटर वा#न क े संबं में एक बार कर क े अलावा कर का भुग ान विकया #ै, करा ान अति कारी क े समक्ष साविब कर ा #ै विक मोटर वा#न, सिजसक े संबं में इस र# क े कर का भुग ान विकया गया #ै, का उपयोग एक म#ीने या उससे अति क की विनरं र अवति क े लिलए न#ीं विकया गया #ै जब से कर या विकZ का अंति म भुग ान विकया गया र्थीा, व# ऐसी अवति क े प्रत्येक पूण क ै लेंडर म#ीने क े लिलए सिजसक े लिलए ऐसा कर का भुग ान विकया गया #ै ऐसे वा#न क े संबं में देय वार्विर्षक कर की दर क े बार#वें क े बराबर राशि, की वापसी का #कदार #ोगा। ब, Ž विक ऐसा कोई रिरफ ं ड ब क Zवीकाय न#ीं #ोगा जब क विक ऐसे व्यविक्त ने पंजीकरण का प्रमाण पत्र और टोकन, यविद कोई #ो, वा#न क े संबं में, करा ान अति कारी को जमा न कर विदया #ो, सिजस अवति क े लिलए इस र# क े रिरफ ं ड का दावा विकया जा ा #ै। (7) उप ारा (1) क े अ ीन कर क े विकसी प्रति दाय का #कदार परिरव#न वा#न का प्रDालक ारा 6 क े अ ीन संदत्त अति रिरक्त कर क े ऐसे भाग क े प्रति दाय का भी #कदार #ोगा, जो उस अवति क े लिलए विदया गया #ै सिजसक े लिलए व# उप ारा (1) क े अ ीन प्रति दाय का #कदार #ै mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA और ऐसे प्रति दाय की रकम की गणना उसी सिसद्धां पर की जाएगी जो उक्त उप ारा में अति कशिर्थी #ै। (8) ज#ां ऑपरेटर या मोटर वा#न का मालिलक,जैसा भी मामला #ो, उक्त वा#न की दुघटना क े कारण अपने मोटर वा#न का उपयोग करने में असमर्थी #ै और उक्त वा#न क े संबं में जारी विकया गया पंजीकरण का प्रमाण पत्र, टोकन, यविद कोई #ो, उक्त वा#न और परविमट, यविद कोई #ो, प्रर्थीम सूDना रिरपोट की एक प्रति क े सार्थी इस र# की दुघटना की ारीख से एक सप्ता# क े भी र करा ान अति कारी क े पास जमा कर दे ा #ै ो जमा करने की ारीख दुघटना की ारीख पर माना जाएगा।

20. कर की वसूली-(1) इस अति विनयम क े # देय विकसी कर या अति रिरक्त कर या जुमाने की बकाया राशि, भू-राजZव क े बकाया क े रूप में वसूली योग्य #ोगी। (2) इस अति विनयम क े अ ीन संदेय कर, अति रिरक्त कर और,ास्थिZ सवप्रर्थीम मोटर वा#न पर, सिजसक े संबं में व# देय #ै, प्रभारिर की जाएगी। (3) करा ान अति कारी प्रत्येक वर्ष क े कर और अति रिरक्त कर और जुमाने क े बकाया क े लिलए, जैसा भी मामला #ो, मालिलक या ऑपरेटर mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA से विन ारिर प्रपत्र में मांग करेगा, सिजसमें पूवव 3 वर्ष‘ क े कर, अति रिरक्त कर या जुमाना, यविद कोई #ो, का बकाया भी,ाविमल #ोगा। "

8. 1 मोटर वा#न अति विनयम की ारा ारा 2 (30) "Zवामी",ब्द को परिरभाविर्ष कर ी #ै, जो विनम्नानुसार #ैः (30) "Zवामी",ब्द से ऐसा व्यविक्त अशिभप्रे #ै सिजसक े नाम पर मोटर वा#न पंजीक ृ #ै और ज#ां ऐसा व्यविक्त अवयZक #ै, ऐसे अवयZक का संरक्षक #ै और ऐसे मोटर वा#न क े संंबं में जो भाड़ा, खरीद, करार या लीज क े लिलए करार या वDनबद्ध करार का विवर्षय #ै, उस करार क े # वा#न पर कब्जा रखने वाला व्यविक्त।”

8. 2 मोटर वा#न अति विनयम की ारा 51 भाड़ा-खरीद, समझौ ा आविद क े अन् ग आने वाले मोटर वा#न क े संबं में विव,ेर्ष उपबं कर ी #ै। ारा 51 (1) से ारा 51 (5) इस प्रकार #ैः "51. विकराया-खरीद समझौ े आविद क े अ ीन मोटर वा#न क े संबं में विव,ेर्ष प्राव ान-(1) ज#ां विकसी ऐसे मोटर वा#न क े पंजीकरण क े लिलए आवेदन विकया जा ा #ै जो विकराया-खरीद, पट्टा या वDनबद्ध समझौ े (ए स्थि\मनपश्चा ् उक्त समझौ ा क े रूप में संदर्भिभ ) क े अन् ग आ ा #ो, पंजीकरण प्राति कारी उक्त समझौ े क े अस्थिZ त्व क े संबं में पंजीकरण क े प्रमाण पत्र में एक प्रविवविष्ट करेगा। mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (2) ज#ां इस अध्याय क े # पंजीक ृ विकसी मोटर वा#न का Zवाविमत्व #Z ां रिर विकया जा ा #ै और अं रिर ी विकसी भी व्यविक्त क े सार्थी उक्त समझौ ा कर ा #ै, अंति म पंजीकरण प्राति कारी, इस र# क े रूप में एक आवेदन प्राप्त #ोने पर, जैसा विक क ें द्र सरकार पक्षकारों क े लिलए विववि# करे, पंजीकरण 2 क े प्रमाण पत्र में उक्त समझौ े क े अस्थिZ त्व क े विवर्षय में प्रविवविष्ट करे और इस संबं में एक सूDना मूल पंजीकरण प्राति कारी को भेजी जाएगी यविद अंति म पंजीकरण प्राति कारी मूल पंजीकरण प्राति कारी न#ीं #ै। (3) उप ारा (1) या उप ारा (2) क े अ ीन की गई कोई प्रविवविष्ट क े न्द्रीय सरकार द्वारा इस #े ु विववि# प्रारूप में आवेदन प्राप्त #ोने और संबंति पक्षकारों द्वारा उक्त करार की समाविप्त क े सबू प्रZ ु करने पर रद्द की जा सक े गी और इस बाब सूDना मूल पंजीकरण प्राति कारी को भेजी जाएगी यविद अंति म पंजीकरण प्राति कारी मूल पंजीकरण प्राति कारी न#ीं #ै। (4) उक्त समझौ े क े # आने वाले विकसी भी मोटर वा#न क े Zवाविमत्व क े #Z ां रण क े बारे में कोई प्रविवविष्ट पंजीकरण क े प्रमाण पत्र में न#ीं की जाएगी सिसवाय उस व्यविक्त की लिललिख स#मति क े सिजसका नाम पंजीकरण प्रमाण पत्र में उस व्यविक्त क े रूप में विनर्विदष्ट विकया गया #ै सिजसक े सार्थी पंजीक ृ मालिलक ने उक्त समझौ ा विकया #ै। mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (5) ज#ां व# व्यविक्त सिजसका नाम पंजीकरण क े प्रमाण पत्र में उस व्यविक्त क े रूप में विनर्विदष्ट विकया गया #ै सिजसक े सार्थी पंजीकृ मालिलक ने उक्त समझौ ा विकया #ै, पंजीकरण प्राति कारी को इस बा से सं ुष्ट कर ा #ै विक उसने उक्त समझौ े क े प्राव ानों क े # पंजीकृ मालिलक क े तिडफ़ॉल्ट क े कारण पंजीक ृ मालिलक से वा#न पर कब्जा कर लिलया #ै और पंजीक ृ मालिलक पंजीकरण का प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दे ा #ै या फरार #ो गया #ै, ो ऐसा प्राति कारी, पंजीक ृ मालिलक को ऐसा अभ्यावेदन करने का अवसर देने क े बाद, जो व# करना Dा# ा #ै (पंजीकरण क े प्रमाण पत्र में दज अपने प े पर देय पंजीक ृ डाक पाव ी द्वारा उसे एक नोविटस भेजकर) और इस बा क े बावजूद विक पंजीकरण का प्रमाण पत्र उसक े समक्ष प्रZ ु न#ीं विकया गया #ै, प्रमाण पत्र को रद्द करेगा और उस व्यविक्त क े नाम पर पंजीकरण का एक नया प्रमाण पत्र जारी करें सिजसक े सार्थी पंजीक ृ मालिलक ने उक्त समझौ ा विकया र्थीा: ब, Ž विक मोटर वा#न क े संबं में पंजीकरण का एक नया प्रमाण पत्र जारी न#ीं विकया जाएगा, जब क विक ऐसा व्यविक्त विन ारिर,ुल्क का भुग ान न#ीं कर ा #ैः ब, Ž य# भी विक परिरव#न वा#न क े अलावा मोटर वा#न क े संबं में जारी पंजीकरण का नया प्रमाण पत्र क े वल,ेर्ष अवति क े लिलए मान्य #ोगा, सिजस अवति क इस उप- ारा क े # रद्द प्रमाण पत्र प्रव न में र# ा।” mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA

8. 3 अति विनयम, 1997 की ारा 2 (एD) सपविठ, अति विनयम, 1988 की ारा 2 (30) क े अनुसार य#ां क विक विकराया-खरीद समझौ ा या विब…ी या वDनबद्ध समझौ े क े # वा#न पर कब्जा रखने वाले व्यविक्त को भी "मालिलक" क#ा जा सक ा #ै। इसलिलए, अपीलक ा की र# फाइनेंसर, सिजसक े कब्जे में प्रश्नग परिरव#न वा#न ऋण का भुग ान न #ोने क े कारण #ै, अति विनयम, 1997 और अति विनयम, 1988 क े प्रासंविगक प्राव ानों क े # एक 'मालिलक' #ै।

8. 4 अति विनयम, 1997 की ारा 4 मूलभू ारा #ै। ारा 4 क े अनुसार, परिरव#न वा#न क े अलावा विकसी भी मोटर वा#न का उपयोग उत्तर प्रदे, में विकसी सावजविनक Zर्थीान पर न#ीं विकया जाएगा, जब क विक ऐसे मोटर वा#न क े संबं में लागू दर पर उसक े संबं में एकमु\ कर का भुग ान न विकया गया #ो। ारा 4 (2-ए) में य# प्राव ान #ै विक उप- ारा (1-ए) और उप- ारा (2) में विनर्विदष्ट क े अलावा, कोई भी सावजविनक सेवा वा#न (परिरव#न वा#न) उत्तर प्रदे, में विकसी सावजविनक Zर्थीान पर ब क उपयोग न#ीं विकया जाएगा जब क विक राज्य सरकार द्वारा अति सूतिD दर पर मासिसक कर का भुग ान न विकया गया #ो। आगे य# उपबं विकया गया #ै विक मासिसक कर क े बजाय ारा 4 (2-ए) क े # विकसी मोटर वा#न क े संबं में, राज्य सरकार द्वारा अति सूतिD की जा सकने वाली दर पर ति मा#ी या वार्विर्षक कर देय #ो सक ा #ै। ारा 9 में कर और जुमाना क े भुग ान का प्राव ान #ै। ारा 9 (1) (iv) () (क) क े अनुसार ारा 4 की उप ारा (2- ए) क े अ ीन संदेय mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA कर मोटर वा#न अति विनयम, 1988 क े # वा#न क े पंजीकरण क े समय और उसक े बाद अगले क ै लेंडर म#ीने क े पंद्र#वें विदन या उससे प#ले एक क ै लेंडर म#ीने क े लिलए अविग्रम रूप से देय #ोगा। ारा 12 में वा#न का उपयोग न करने और कर की वापसी का प्राव ान #ै। ारा 12 (1) क े अनुसार जब कोई भी व्यविक्त सिजसने परिरव#न वा#न क े संबं में कर का भुग ान विकया #ै, विन ारिर रीक े से करा ान अति कारी की सं ुविष्ट #े ु साविब कर ा #ै विक व# मोटर वा#न सिजसक े संबं में कर का भुग ान विकया गया #ै, कर का अंति म भुग ान विकए जाने क े बाद से एक म#ीने या उससे अति क की विनरं र अवति क प्रयोग न#ीं विकया गया #ै, व# त्रैमासिसक कर की दर क े एक ति #ाई या वार्विर्षक कर क े बार#वें क े बराबर राशि, की वापसी का #कदार #ोगा, जैसा विक मामला #ो सक ा #ै ऐसी अवति क े प्रत्येक ीस विदनों क े लिलए ऐसे वा#न क े संबं में देय सिजसक े लिलए इस र# क े कर का भुग ान विकया गया #ै। #ालाँविक, ारा 12 (2) य# उपबं कर ी #ै विक ज#ां ऑपरेटर या, जैसा भी मामला #ो, मोटर वा#न का मालिलक, एक म#ीने या उससे अति क की अवति क े लिलए अपने वा#न का उपयोग करने का इरादा न#ीं रख ा #ै, व# कर या अति रिरक्त कर, जैसा भी मामला #ो, मोटर वा#न और परविमट क े संबं में जारी विकया गया पंजीकरण का प्रमाण पत्र, टोकन, यविद कोई #ो,उस क्षेत्र क े करा ान अति कारी क े पास जमा करेगा, ज#ां कर या अति रिरक्त कर अंति म भुग ान विकया गया र्थीा और इस र# जमा करने पर,अति विनयम, 1997 क े # कोई कर या अति रिरक्त कर उस अवति क े प्रत्येक पूण क ै लेंडर म#ीने क े लिलए ऐसे वा#न क े संबं में देय न#ीं #ोगा, सिजसक े दौरान वा#न उपयोग से वापस ले लिलया गया और पूव क्त mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA दZ ावेज करा ान अति कारी क े पास जमा र्थीा। ारा 12 की उप- ारा (2) क े परं ुक क े अनुसार, यविद ऐसा वा#न उस अवति क े दौरान Dल ा पाया जा ा #ै, जब ारा 12 की उप- ारा (2) में उसिल्ललिख उसक े दZ ावेज करा ान अति कारी क े पास जमा र्थीे, ऐसा मालिलक या ऑपरेटर, जैसा विक मामला #ो, कर और अति रिरक्त कर क े लिलए उसी प्रकार उत्तरदायी #ोगा जैसे विक दZ ावेजों को जमा न विकया गया #ो और कर और अति रिरक्त कर क े पांD गुना क े बराबर,ास्थिZ क े लिलए भी उत्तरदायी #ोगा।

9. पूव क्त प्राव ानों क े संयुक्त पठन पर, य# देखा जा सक ा #ै विक परिरव#न वा#न क े संबं में, कर का भुग ान मासिसक कर या वार्विर्षक कर क े रूप में अविग्रम रूप से विकया जाना #ो ा #ै, जैसा भी मामला #ो, और उसक े बाद #ी ऐसे वा#न का उपयोग विकया जाएगा। इसलिलए, विकसी भी परिरव#न वा#न क े उपयोग से प#ले, मालिलक अविग्रम में कर का भुग ान करने क े लिलए उत्तरदायी #ो ा #ै और उसक े बाद #ी वा#न का उपयोग या संDालन विकया जा सक ा #ै। ारा 4 (2-ए) क े,ब्द ब#ु Zपष्ट #ैं विक विकसी भी सावजविनक सेवा वा#न का उपयोग विकसी भी सावजविनक Zर्थीान पर ब क न#ीं विकया जाएगा जब क विक राज्य सरकार द्वारा अति सूतिD दर पर मासिसक कर का भुग ान न#ीं विकया जा ा #ै। ारा 9 (1) (iv) () (ए) क े अनुसार, ारा 4 की उप- ारा (2-ए) क े # देय कर अगले म#ीने क े पंद्र#वें विदन या उससे प#ले अविग्रम रूप से देय #ोगा। इसलिलए, कानून क े # mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA आव\यक ा प#ले ारा 9 क े उपबंति गए कर का भुग ान करना #ै और उसक े बाद वा#न का उपयोग करना #ै। दूसरे,ब्दों में, य# 'कर का भुग ान कर उपयोग करने का सिसद्धां #ै न विक उपयोग करने क े उपरां कर का भुग ान का। इसलिलए, अपीलक ा-फाइनेंसर की ओर से विदया गया क Zवीकार न#ीं विकया जा सक ा विक कर का भुग ान उपयोग क े समय या उसक े पश्चा विकया जाना #ो ा #ै। यविद इस र# क े क को Zवीकार कर लिलया जा ा #ै ो उस स्थिZर्थीति में, ारा 9 (1) (iv) () (ए), जो अविग्रम में भुग ान विकए जाने वाले कर का उपबं कर ी #ै विनरर्थीक और/या नगण्य #ो जाएगी।

9. 1 र्थीाविप, ऐसे मामले में ज#ां ारा 4 (2-ए) सपविठ ारा 9 क े अनुसार कर का संदाय विकया जा ा #ै और वा#न का उपयोग न#ीं विकया जा ा #ै ऑपरेटर और/या मालिलक, जैसा भी मामला #ो, ारा 12 क े अनुसार नवापसी क े लिलए आवेदन और दावा कर सक ा #ै और ारा 12 क े # प्रदान की गई सभी अ# ाओं को पूरा करक े रिरफ ं ड प्राप्त कर सक ा #ै। रिरफ ं ड का सवाल क े वल भी आएगा जब कर का भुग ान प#ले कर विदया गया #ो और उसक े बाद गैर-उपयोग क े कारण, भुग ान विकया गया कर वापस विकया जाना #ै, जोविक विनतिश्च रूप से अति विनयम, 1997 की ारा 12 क े # प्रदान विकए गए रिरफ ं ड का दावा करने की अ# ाओं को पूरा करने क े अ ीन #ै।

10. पूव क्त परिरDDा का विनष्कर्ष य# #ोगा विक मालिलक या ऑपरेटर को प#ले अविग्रम में कर का भुग ान करना #ोगा और उसक े बाद यविद कर का अंति म भुग ान विकए जाने क े बाद से परिरव#न वा#न का उपयोग एक म#ीने या उससे mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA अति क की विनरं र अवति क े लिलए न#ीं विकया जा ा #ै, ो उसे नवापसी क े लिलए आवेदन करना पड़ेगा, सिजसे ारा 12 क े पूव क्त प्राव ान क े अनुसार आव\यक अ# ाओं को पूरा करने क े पश्चा वापस विकया जाएगा और य# करा ान अति कारी की सं ुविष्ट क े अ ीन #ोगा विक परिरव#न वा#न का उपयोग अंति म भुग ान क े बाद से एक म#ीने या उससे अति क की विनरं र अवति क े लिलए न#ीं विकया गया #ै।

10. 1 क े वल एक स्थिZर्थीति ऐसी #ै ज#ां अति विनयम, 1997 क े अ ीन कोई कर या अविग्रम कर संदेय न#ीं #ोगा अर्थीा ् ारा 12 की उप ारा (2) क े अ ीन, ज#ां प्रDालक या, यर्थीास्थिZर्थीति, मोटर वा#न का Zवामी अपने वा#न का एक मास या अति क की अवति क े लिलए उपयोग करने का आ,य न#ीं रख ा #ै, व#, यर्थीास्थिZर्थीति, कर या अति रिरक्त कर की ारीख से पूव, यर्थीास्थिZर्थीति, रसिजZट्रीकरण प्रमाणपत्र, टोकन, यविद कोई #ो, मोटर वा#न क े संबं में जारी गया परविमट, यविद कोई #ो,उस क्षेत्र क े करा ान अति कारी क े पास जमा करेगा ज#ां कर या अति रिरक्त कर का अंति म भुग ान विकया गया र्थीा और क े वल इस प्रकार जमा करने पर #ी, अति विनयम, 1997 क े # कोई कर या अति रिरक्त कर उस अवति क े प्रत्येक पूण क ै लेंडर म#ीने क े लिलए ऐसे वा#न क े संबं में देय न#ीं #ोगा सिजसक े दौरान वा#न उपयोग से वापस ले लिलया जा ा #ै और पूव क्त दZ ावेज करा ान अति कारी क े पास जमा #ों।

11. यातिDकाक ा की ओर से विदया गया क य# #ै विक कई बार, ारा 12 की उप- ारा (2) में विनर्विदष्ट दZ ावेज फाइनेंसर /मालिलक क े पास न#ीं #ो े #ैं mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA और वे पंजीक ृ मालिलक क े पास र# े #ैं और इसलिलए ऐसा फाइनेंसर/मालिलक ारा 12 की उप- ारा (1) क े # नवापसी प्राप्त करने में सक्षम न#ीं #ो सक ा #ै या ारा 12 की उप- ारा (2) क े अनुसार कर क े भुग ान से छ ू ट का संबं #ै, उपरोक्त आ ार पर, कर का भुग ान करने का मालिलक/फाइनेंसर का दातियत्व समाप्त न#ीं #ोगा। य# फाइनेंसर का दातियत्व #ै विक व# वा#न की जब् ी क े समय पंजीक ृ मालिलक से मूल पंजीकरण प्रमाण पत्र, परविमट, टोकन आविद जैसे दZ ावेज प्राप्त करे। विकसी भी कारण से, फाइनेंसर/मालिलक दZ ावेजों को पाने में सक्षम न#ीं #ै, ो उसे अति विनयम, 1988 की ारा 51 क े # प्रदान विकए गए पंजीकरण क े नए प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रवि…या का पालन करना #ोगा। इसलिलए, ारा 12 की उप- ारा (1) क े # नवापसी की मांग करने से प#ले या इससे प#ले विक उसे ारा 12 की उप- ारा (2) क े # कर क े भुग ान से छ ू ट दी जाए, ऐसे ऑपरेटर/मालिलक को सभी, ‘ का पालन करना #ोगा और उन्#ें पूरा करना #ोगा, सिजसका उल्लेख विकया गया #ै।

11. 1 गुजरा उच्च न्यायालय द्वारा अब्दुल समद अब्दुल #मीद,ेख (उपरोक्त) क े मामले में ऐसे #ी प्रश्न पर विवDार विकया गया सिजसमें पैराग्राफ 5.[3] और 5.[4] में, विनम्नानुसार ारिर विकया गया:- "5.3............................. यविद वा#न को फाइनेंसर द्वारा कब्जे में लिलया जा ा #ै ो उस स्थिZर्थीति में ऐसे फाइनेंसर क े लिलए उपलब् उपाय ऐसे वा#न क े उपयोग न करने क े संबं में समुतिD प्राति कारी क े समक्ष एक उपयुक्त mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA आवेदन प्रZ ु करना #ोगा और ऐसे गैर उपयोग की अवति क े लिलए कर का भुग ान करने का दातियत्व न#ीं #ोगा। अन्यर्थीा, कर का भुग ान करने का दातियत्व जारी र#ेगा।

5. 4 अति विनयम, 1958 की ारा 4 (1) में य# उपबं #ै विक कर का संदाय प्रत्येक रसिजZट्रीक ृ Zवामी या ऐसे मोटर वा#नों क े कब्जे या विनयंत्रण वाले विकसी व्यविक्त द्वारा अविग्रम रूप से विकया जाना अपेतिक्ष #ै। अति विनयम, 1958 की ारा 8 में य# प्राव ान #ै विक यविद विकसी मोटर वा#न क े संबं में देय कर क े भुग ान क े लिलए उत्तरदायी कोई व्यविक्त अवै विनक र# ा #ै, और कर का भुग ान करने से प#ले ऐसे व्यविक्त ने ऐसे वा#न का Zवाविमत्व #Z ां रिर कर विदया #ै या बंद कर विदया #ै ो ऐसे वा#न पर कब्जा या विनयंत्रण रखने वाला व्यविक्त सिजसे वा#न का Zवाविमत्व #Z ां रिर विकया गया #ै या व# व्यविक्त सिजसक े पास ऐसे वा#न का कब्जा या विनयंत्रण #ै, व# भी करा ान प्राति करण को उक्त कर का भुग ान करने क े लिलए उत्तरदायी #ोगा। ".....................

12. उपरोक्त DDा और उपरोक्त कारणों क े मद्देनजर, य# माना जा ा #ै विक मोटर वा#न/परिरव#न वा#न का फाइनेंसर, सिजसक े संबं में एक विकराया- खरीद या पट्टा या वDनबद्ध समझौ ा विकया गया #ै, उक्त समझौ े क े # उक्त वा#न को कब्जे में लेने की ारीख से कर क े लिलए उत्तरदायी #ै। यविद, कर क े भुग ान क े बाद, वा#न का उपयोग एक म#ीने या उससे अति क समय क े लिलए न#ीं विकया जा ा #ै, ो ऐसा मालिलक अति विनयम, 1997 की ारा 12 क े # नवापसी क े लिलए आवेदन कर सक ा #ै और नवापसी का दावा करने क े लिलए ारा 12 की सभी अ# ाओं का पालन करना #ोगा, और ारा 12 (1) में उसिल्ललिख सभी, ‘ को पूरा करने और/या अनुपालन करने पर, व# ारा 12 mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA की उप- ारा (1) में प्रदान की गई सीमा क नवापसी प्राप्त कर सक ा #ै, जैसा विक ारा 12 (1) क े # भी #ै, विक मालिलक/ऑपरेटर पूण नवापसी का #कदार न#ीं #ोगा, लेविकन त्रैमासिसक कर की दर क े एक ति #ाई या वार्विर्षक कर क े बार#वें क े बराबर राशि, की वापसी का #कदार #ोगा, जैसा भी मामला #ो, ऐसी अवति क े प्रत्येक ीस विदनों क े लिलए ऐसे वा#न क े संबं में देय सिजसक े लिलए ऐसा कर का भुग ान विकया गया #ै। #ालाँविक, क े वल एक मामले में, जो ारा 12 की उप- ारा (2) क े अं ग आ ा #ै और ारा 12 की उप- ारा (2) में उसिल्ललिख आव\यक दZ ावेजों को जमा करने पर कर का भुग ान करने का दातियत्व उत्पन्न न#ीं #ोगा, अन्यर्थीा ऐसे मालिलक/ऑपरेटर द्वारा कर का भुग ान करने का दातियत्व जारी र#ेगी। इन परिरस्थिZर्थीति यों में, उच्च न्यायालय की पूण पीठ द्वारा पारिर विनणय और आदे, में इस न्यायालय को #Z क्षेप करने की आव\यक ा न#ीं #ै। अपील दनुसार खारिरज की जा ी #ै। #ालांविक, मामले क े थ्यों और परिरस्थिZर्थीति यों क े संदभ में, लाग क े लिलए कोई आदे, न#ीं #ोगा।.......................... [न्यायमूर्ति एमआर,ा#]........................... [न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्न] नई विदल्ली mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA 22 फरवरी 2022 mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA