Rajasthan State v. Ashok Khetolilaya & Ors.

Supreme Court of India · 10 Mar 2022 · 2022 INSC 289
Hemant Gupta; R. Subramanian
Civil Appeal No 1814 of 2022 @ ALP (Civil) No 28102 of 2015
administrative appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court upheld the validity of a State Government notification constituting a Gram Panchayat as a Nagar Nigam Board under the Rajasthan Municipalities Act without requiring a prior notification under Article 243Q(2) of the Constitution.

Full Text
Translation output
रि पोर्ट क ने योग्य
भा त का उच्चतम न्यायालय
सि वि ल अपीलीय अधि कारि ता
सि वि ल अपील ंख्या 1814/2022
(ए .एल.पी. (सि वि ल) ंख्या 28102/2015 े उत्पन्न)
ाजस्थान ाज्य ..... अपीलकता
बनाम
अशोक खेतोलिलया औ अन्य .........प्रधित ादी (गण)
विनणय
हेमंत गुप्ता, जे.
JUDGMENT

1. तमान अपील ाजस्थान उच्च न्यायालय द्वा ा विदनांक 28.4.2015 को पारि त एक आदेश क े वि रुद्ध विनदAशिशत है, सिज में एक अधि ूचना विदनांक 12.8.2014 द्वा ा भ तपु सिजले क े ग्राम पंचायत रूपबा को नग विनगम बोर्ड क े रूप में घोविKत क ने को द्द क विदया गया था। उच्च न्यायालय ने पाया विक भा त क े ंवि ान क े अनुच्छेद 243 क्यू (2) क े तहत ग्राम पंचायत रूपबा को एक परि तR क्षेत्र क े रूप में विनर्दिदष्ट क ते हुए कोई भी ा जविनक अधि ूचना प्रस्तुत नहीं की गई है औ इ लिलए, इ े एक नग विनगम बोर्ड क े रूप में घोविKत नहीं विकया जा कता है। 2022 INSC 289

2. ंवि ान (चौहत्त ां ंशो न) अधि विनयम, 1992 ने ंवि ान में भाग IXA को शाविमल विकया जो 20.04.1993 को प्रभा ी हुआ। उद्देश्यों औ का णों का वि ण, जै ा विक 16 सि तंब 1991 को वि ेयक पेश क ते मय ाजपत्र में प्रकाशिशत विकया गया था, विनम्नानु ा हैः "कई ाज्यों में स्थानीय विनकाय वि शिभन्न का णों े कमजो औ अप्रभा ी हो गए हैं, सिजनमें विनयविमत चुना क ाने में वि फलता, लंबे मय तक अधि क्रमण औ शविjयों औ कायk का अपयाप्त हस्तांत ण शाविमल है। नतीजतन, शह ी स्थानीय विनकाय स् -शा न की जी ंत लोकतांवित्रक इकाइयों क े रूप में प्रभा ी ढंग े काय क ने में क्षम नहीं हैं।

2. इन अपयाप्तताओं को ध्यान में खते हुए, यह आ श्यक मझा जाता है विक शह ी स्थानीय विनकायों े ंबंधि त प्रा ानों को ंवि ान में वि शेK रूप े विनम्नलिललिखत क े लिलए शाविमल विकया जाए - (i) ाज्य का औ शह ी स्थानीय विनकायों क े बीच ंबं ों को विनम्नलिललिखत क े ंबं में मजबूत बनाना - (क) काय औ क ा ान शविjयां; औ (ख) ाजस् ाझा क ने की व्य स्था (ii) विनयविमत रूप े चुना ुविनधिtत क ना (iii) अधि क्रमण क े मामले में मय प चुना ुविनधिtत क ना; औ (iv) कमजो गk जै े अनु ूधिचत जाधितयों, अनु ूधिचत जनजाधितयों औ मविहलाओं को पयाप्त प्रधितविनधि त् प्रदान क ना।

3. तदनु ा, शह ी स्थानीय विनकायों े ंबंधि त एक नया भाग ंवि ान में जोड़ने का प्रस्ता विकया गया है, सिज में विनम्नलिललिखत प्रा ान विकए गए हैं- (क) तीन प्रका की नग पालिलकाओं का गठनः (i) ग्रामीण क्षेत्र े शह ी क्षेत्र में परि तन क े लिलए नग पंचायतें (ii) छोर्टे शह ी क्षेत्रों क े लिलए नग परि Kदें (iii) बड़े शह ी क्षेत्रों क े लिलए नग विनगम। उj क्षेत्रों को वि विनर्दिदष्ट क ने क े लिलए व्यापक मानदंर्ड प्रस्तावि त अनुच्छेद 243-0 में विदए जा हे हैं। (ख) नग पालिलकाओं की ं चना, सिज का वि विनtय विनम्नलिललिखत वि शेKताओं ाले विक ी ाज्य क े वि ान-मंर्डल द्वा ा विकया जाएगाः (i) प्रत्यक्ष विन ाचन प्रविक्रया द्वा ा चुने जाने ाले व्यविj (ii) नग पालिलकाओं में ार्ड या अन्य स्त ों प विमधितयों क े अध्यक्षों का प्रधितविनधि त्, यविद कोई हो (iii) नग पालिलकाओं में नग पालिलका प्रशा न का वि शेK ज्ञान या अनुभ खने ाले व्यविjयों का प्रधितविनधि त् (मतदान अधि का क े विबना) (ग) ाज्य कानून में वि विनर्दिदष्ट ीधित े विक ी नग पालिलका क े अध्यक्षों का विन ाचन (घ) विक ी नग पालिलका क े प्रादेशिशक क्षेत्र क े भीत ार्ड स्त या अन्य स्त ों प विमधितयों का गठन, जै ा विक ाज्य वि धि में उपबंधि त विकया जाए; (ङ) प्रत्येक नग पालिलका में ीर्टों का आ क्षण - (i) अनु ूधिचत जाधितयों औ अनु ूधिचत जनजाधितयों क े लिलए उनकी जन ंख्या क े अनुपात में, सिज में े कम े कम एक धितहाई ीर्टें मविहलाओं क े लिलए होगी; (ii) मविहलाओं क े लिलए ीर्टें क ु ल ीर्टों की एक धितहाई े कम न हो; (iii) विपछड़े ग क े नागरि कों क े पक्ष में यविद ाज्य क े वि ानमंर्डल द्वा ा ऐ ा प्रा ान विकया जाता है; (iv) अध्यक्षों क े कायालय में अनु ूधिचत जाधितयों, अनु ूधिचत जनजाधितयों औ मविहलाओं क े लिलए,जै ा विक ाज्य कानून में विनर्दिदष्ट विकया जा कता है; (च) नग पालिलका क े लिलए 5 K की विनयत अ धि औ कायकाल की माविप्त क े छह मा क े भीत पुनः विन ाचन। यविद विक ी नग पालिलका को उ की अ धि माप्त होने े पहले भंग क विदया जाता है तो उ क े भंग होने क े छह महीने क े भीत चुना क ाए जाएंगे; (छ) ाज्य वि ानमंर्डल द्वा ा नग पालिलकाओं को आर्थिथक वि का औ ामासिजक न्याय क े लिलए योजनाएं तैया क ने क े ंबं में शविjयों औ उत्त दाधियत् ों का अंत ण औ वि का योजनाओं क े कायान् यन क े लिलए, जो उन्हें स् -शा न की ंस्थाओं क े रूप में काय क ने में मथ बनाने क े लिलए अपेधिक्षत हों; (ज) नग पालिलकाओं द्वा ा क ों औ शुल्कों का उद्ग्रहण, ाज्य का ों द्वा ा नग पालिलकाओं को ऐ े क ों औ शुल्कों का मनुदेशन औ ाज्य द्वा ा नग पालिलकाओं को हायता अनुदान देने क े लिलए, जो ाज्य वि धि में उपबंधि त विकए जाएं;

(i) xx xx xx”

3. ंवि ान का अनुच्छेद 243-ZF यह अधि देश देता है विक ंवि ान (चौहत्त ां ंशो न) अधि विनयम, 1992 क े प्रा ंभ े ठीक पहले विक ी ाज्य में प्र ृत्त नग पालिलकाओं े ंबंधि त विक ी वि धि का कोई उपबं, जो भाग IXA क े उपबं ों े अ ंगत है, इ क े प्रा ंभ े एक K की माविप्त तक या जब तक क्षम वि ान-मंर्डल या विक ी अन्य क्षम प्राधि का ी द्वा ा इ े ंशोधि त या विन सि त नहीं विकया जाता है तब तक बना हेगा, इनमें े जो भी पहले हो। अनुच्छेद 243 जेर्ड एफ इ प्रका हैः “243-ZF. मौजूदा क़ानूनों औ नग पालिलकाओं का बना हना- ंवि ान (चौहत्त ां ंशो न) अधि विनयम, 1992 क े प्रा ंभ े ठीक पहले विक ी ाज्य में प्र ृत्त नग पालिलकाओं े ंबंधि त विक ी वि धि का कोई उपबं, जो इ भाग क े उपबं ों े अ ंगत है, विक ी क्षम वि ान-मंर्डल या अन्य क्षम प्राधि का ी द्वा ा ंशोधि त या विन सि त विकए जाने तक या इ क े प्रा ंभ े एक K की माविप्त तक, इनमें े जो भी पहले हो, प्र ृत्त बना हेगाः बशतA विक इ क े लागू होने े ठीक पहले वि द्यमान भी नग पालिलकाएं अपनी अ धि की माविप्त तक बनी हेंगी, जब तक विक उ ाज्य की वि ान भा द्वा ा या वि ान परि Kद ाले ाज्य की दशा में उ ाज्य क े वि ान-मंर्डल क े प्रत्येक दन द्वा ा पारि त आदेश द्वा ा इन्हें पहले ही वि घविर्टत नहीं क विदया जाता हैं।"

4. अतः, ंवि ान का अनुच्छेद 243-ZF ाज्य वि ान मंर्डल को ंवि ान क े भाग IXA क े अनुरूप ाज्य वि धि यों में ंशो न क ने क े लिलए अधि देश देने क े ंदभ में है। ंवि ान में भाग IXA को शाविमल क ने क े उद्देश्य औ का ण यह थे विक स्थानीय विनकाय वि शिभन्न का णों े कमजो औ अप्रभा ी हो गए थे, जै े विक विनयविमत चुना क ाने में वि फलता, लंबे मय तक अधि क्रमण औ शविjयों औ कायk का अपयाप्त हस्तांत ण।शह ी स्थानीय विनकाय भी स् -शा न की जी ंत लोकतांवित्रक इकाइयों क े रूप में प्रभा ी रूप े काय क ने में क्षम नहीं थे। इ लिलए, जब भाग IXA पेश विकया गया था, तब ं द इ बात े अ गत थी विक शह ी स्थानीय विनकायों क े वि Kय प कानून बनाने क े लिलए क्षम वि ानमंर्डल ाज्य वि ानमंर्डल था, लेविकन ंवि ान क े भाग IXA ने नग पालिलकाओं को ं ै ाविनक दजा विदया था। ाज्यों का यह ं ै ाविनक दाधियत् बन गया था की े ंवि ान में विनविहत प्रणालिलयों क े अनु ा नग पालिलकाओं को अपनाएं।

5. ात ीं अनु ूची-II की प्रवि विष्ट ंख्या 5 इ प्रका हैः “5. स्थानीय का, अथात् स्थानीय स् शा न या ग्राम प्रशा न क े प्रयोजन क े लिलए नग विनगमों, ु ा न्या ों, सिजला बोर्डk, खनन बस्ती प्राधि कारि यों औ अन्य स्थानीय प्राधि कारि यों का गठन औ शविjयां।"

6. ऐ े अधि देश औ उ क े वि ायी प्राधि का को ध्यान में खते हुए ाजस्थान ाज्य ने ाजस्थान नग पालिलका अधि विनयम, 2009 अधि विनयविमत विकया था। नग पालिलका अधि विनयम की ा ा 2 खंर्ड (xxxix) औ (lxv) इ प्रका हैः "(xxxix)""नग पालिलका क्षेत्र"" े ाज्य का द्वा ा मय- मय प अधि ूधिचत विक ी नग पालिलका का प्रादेशिशक क्षेत्र अशिभप्रेत है" xx xx xx (lxv)""एक परि तR क्षेत्र,""एक छोर्टे शह ी क्षेत्र""या""एक बड़े शह ी क्षेत्र" े तात्पय भा त क े ंवि ान क े अनुच्छेद 243 क्यू क े तहत विनर्दिदष्ट एक क्षेत्र े है। "

7. ंवि ान क े अनुच्छेद 243Q औ नग पालिलका अधि विनयम की ा ा 5 को यहां पुनः प्रस्तुत विकया गया हैः भा त का ंवि ान ाजस्थान नग पालिलका अधि विनयम, 2009 243Q. नग पालिलकाओं का गठन

1. प्रत्येक ाज्य मे गविठत होगा- (क) विक ी परि तR क्षेत्र क े लिलए (चाहे ह विक ी भी नाम े जाना जाये) एक नग पंचायत का गठन विकया जाएगा, अथात् विक ी ग्रामीण क्षेत्र े विक ी शह ी क्षेत्र में परि तन ाला क्षेत्र; (ख) विक ी छोर्टे शह ी क्षेत्र क े लिलए एक नग परि Kद; औ (ग) विक ी बड़े शह ी क्षेत्र क े लिलए एक नग विनगम का गठन विकया जाएगा, इ भाग क े प्रा ानों क े अनु ा: बशतA विक इ ा ा क े अ ीन विक ी नग पालिलका का गठन ऐ े शह ी क्षेत्र या उ क े भाग में नहीं विकया जा कता है सिज े ाज्यपाल, क्षेत्र क े आका औ उ क्षेत्र में विक ी औद्योविगक प्रधितष्ठान द्वा ा प्रदान की जा ही या विदए जाने क े लिलए प्रस्तावि त नग पालिलका े ाओं औ ऐ े अन्य का कों को, जो ह ठीक मझे, नग पालिलका अधि याम की ा ा 5

5. नग पालिलका की स्थापना औ विनगमन:- (1) प्रत्येक परि तR क्षेत्र में, एक नग पालिलका बोर्ड स्थाविपत विकया जाएगा औ ऐ ा प्रत्येक नग पालिलका बोर्ड उ स्थान क े नग पालिलका बोर्ड क े नाम े एक विनगविमत विनकाय होगा सिज क े लिलए नग पालिलका जानी जाती है औ उ का स्थायी उत्त ाधि का औ एक ामान्य मुह होगी औ ह अपने विनगविमत नाम े ाद ला क े गी या उ प ाद लाया जा क े गा। (2) प्रत्येक छोर्टे नग ीय क्षेत्र में, एक नग पालिलका परि Kद् स्थाविपत की जाएगी औ ऐ ी प्रत्येक नग पालिलका परि Kद् उ नग की नग पालिलका परि Kद् क े नाम े एक विनगविमत विनकाय होगी सिज क े लिलए नग पालिलका जानी जाती है औ उ का स्थायी उत्त ाधि का होगा औ एक ामान्य मोह होगी औ ह अपने विनगविमत नाम े ाद ला क े गी औ उ प ाद लाया जा क े गा। (3) प्रत्येक बड़े शह ी क्षेत्र में, एक नग विनगम की स्थापना की जाएगी औ ऐ ा प्रत्येक नग अधि ूचना द्वा ा औद्योविगक नग क े रूप में वि विनर्दिदष्ट क े। (2.)इ अनुच्छेद में, ''परि तR क्षेत्र'', ''छोर्टे शह ी क्षेत्र''या ''बड़े शह ी क्षेत्र'' े तात्पय ऐ े क्षेत्र े है सिज े ाज्यपाल, क्षेत्र की जन ंख्या, उ में जन ंख्या क े घनत्, स्थानीय प्रशा न क े लिलए ृसिजत ाजस्, गै -क ृ विK विक्रयाकलापों में विनयोजन क े प्रधितशत, आर्थिथक महत् या ऐ े अन्य का कों को, जो ह ठीक मझे, इ भाग क े प्रयोजनों क े लिलए लोक अधि ूचना द्वा ा वि विनर्दिदष्ट क े। विनगम उ नग क े नग विनगम क े नाम े विनगविमत विनकाय होगा सिज क े लिलए हाँ की नग पालिलका जानी जाती है औ उ का स्थायी उत्त ाधि का औ एक ामान्य मोह होगी औ ह अपने विनगविमत नाम े ाद ला क े गी औ उ प ाद लाया जा क े गा। बशतA विक इ ा ा क े अ ीन विक ी नग पालिलका का गठन ऐ े शह ी क्षेत्र या उ क े भाग में नहीं विकया जा कता है सिज े ाज्यपाल, क्षेत्र क े आका औ उ क्षेत्र में विक ी औद्योविगक प्रधितष्ठान द्वा ा प्रदान की जा ही या विदए जाने क े लिलए प्रस्तावि त नग पालिलका े ाओं औ ऐ े अन्य का कों को, जो ह ठीक मझे, अधि ूचना द्वा ा औद्योविगक नग क े रूप में वि विनर्दिदष्ट क े। बशतA यह औ विक विक ी शह ी क्षेत्र क े ांस्क ृ धितक, ऐधितहासि क, पयर्टक या इ ी प्रका क े अन्य महत् को ध्यान में खते हुए, ाज्य का, ाजपत्र में अधि ूचना द्वा ा, ऐ े क्षेत्र को नग पालिलका े अप र्जिजत क क े गी औ नग पालिलका क े अधितरि j ऐ े क्षेत्र को अप र्जिजत क क े या नग पालिलका े ऐ े क्षेत्र को अप र्जिजत विकए विबना, उj क्षेत्र में ऐ ी शविjयों का प्रयोग क ने औ ऐ े क ृ त्यों का विन हन क ने क े लिलए एक वि का प्राधि का ी का गठन क क े गी, जो वि विहत विकया जाए औ इ अधि विनयम में विक ी बात क े होते हुए भी, ऐ े क्षेत्र क े ंबं में, ऐ े प्राधि का ी को ऐ ी नग पालिलका शविjयों, क ृ त्यों औ कतव्यों को ाजपत्र में अधि ूचना द्वा ा प्रत्यायोसिजत क क े गी, जो ह ऐ े क्षेत्र क े मुधिचत, त् रि त औ विनयोसिजत वि का क े लिलए उपयुj मझे।

8. हम पाते हैं विक उच्च न्यायालय ने ंवि ान क े भाग IXA औ ंवि ान क 243Q क े दाय े को गलत मझा है, सिज में यह वि चा विकया गया है विक परि तR क्षेत्र को ऐ े प्रा ान क े तहत अधि ूधिचत विकया जाना चाविहए। ंवि ान ंशो न का उद्देश्य स्थानीय का क े वि Kय प कानून बनाने क े लिलए ाज्य वि ानमंर्डलों की वि ायी क्षमता को छीनने क े लिलए नहीं है, बल्किल्क यह ुविनधिtत क ना है विक लोकतांवित्रक व्य स्था क े विहस् े क े रूप में शा न क े तीनों स्त ों को मजबूत विकया जाए।

9. ाज्य क े वि द्वान रि ष्ठ अधि jा र्डॉ. मनीK सिं घ ी ने यह प्रधित ाद क ने क े लिलए तुल ीपु शुग क ं पनी लिलविमर्टेर्ड बनाम अधि ूधिचत क्षेत्र विमधित, तुल ीपु (1980) 2 SCC 295 औ ुंद ज कन्यालाल भर्टीजा औ अन्य बनाम कलेक्र्ट, ठाणे, महा ाष्ट्र औ अन्य (1989) 3 SCC 396 क े रूप में रि पोर्ट विकए गए इ न्यायालय क े विनणयों का उल्लेख विकया है विक नग पालिलका बोर्ड या नग पालिलका को घोविKत क ने की शविj एक वि ायी क ृ त्य है सिज का विन हन ाज्य द्वा ा माननीय ाज्यपाल की ओ े एक अधि ूचना जा ी क क े विकया जाता है। माननीय ाज्यपाल द्वा ा जा ी की गई अधि ूचना ास्त में ाज्य का द्वा ा जा ी की गई अधि ूचना है। नग पालिलका अधि विनयम की ा ा 5 क े प्रा ान ंवि ान क े अनुच्छेद 243Q क े ाथ विक ी भी त ह े अ ंगत नहीं हैं औ इ प्रका, नग पालिलका अधि विनयम की ा ा 5 एक कानूनी औ ै प्रा ान है औ यह अधि ूचना कानून द्वा ा प्रदत्त शविjयों का प्रयोग क ते हुए जा ी की गई है। इ प्रका उच्च न्यायालय ने जा ी की गई अधि ूचना को द्द क क े कानून में गलती की है।

10. दू ी ओ, प्रत्यर्थिथयों की वि द्वत अधि jा ुश्री याद ने इ बात प कोई वि ाद नहीं जताया विक नग पालिलका अधि विनयम की ा ा 5 क े तहत जा ी अधि ूचना एक वि ायी काय है, लेविकन उन्होंने तक विदया विक ब े पहले ंवि ान क 243 क्यू क े तहत एक अधि ूचना होनी चाविहए औ उ क े बाद ही का नग पालिलका अधि विनयम की ा ा 5 क े तहत एक नग पालिलका बोर्ड का गठन क ने क े लिलए एक अधि ूचना जा ी क कती है। उन्होने इ न्यायालय क े पुणे नग विनगम औ अन्य बनाम प्रमोर्ट औ विबल्र्ड ए ोसि एशन औ अन्य (2004) 10 SCC 796 औ एमजीआ इंर्डस्र्ट्रीज ए ोसि एशन औ अन्य बनाम उत्त प्रदेश ाज्य औ अन्य (2017) 3 SCC 494 क े रूप में रि पोर्ट विकए गए फ ै ले का हा ा लिलया है। उन्होने इ न्यायालय क े चंपा लाल बनाम ाजस्थान ाज्य औ अन्य (2018) 16 SCC 356 क े रूप में रि पोर्ट विकए गए फ ै ले प भी भ ो ा विकया है।

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11. तुल ीपु शुग क ं पनी लिलविमर्टेर्ड में इ न्यायालय ने अशिभविन ारि त विकया है विक: "7. हम तमान मामले में अधि विनयम की ा ा 3 क े तहत ाज्य का द्वा ा एक भौगोलिलक क्षेत्र को एक नग क्षेत्र क े रूप मे घोविKत क ने ाली शविj क े वि Kय में चिंचधितत हैं, सिज में ाज्य का को जनता को ऐ ा क ने क े अपने इ ादे की ूचना देने औ ऐ ी काय ाही क े ंबं में उनक े अभ्या ेदन आमंवित्रत क ने क े बाद ऐ ी घोKणा क ने की आ श्यकता नहीं है। अधि विनयम की ा ा 3 क े तहत घोKणा क ने की ाज्य का की शविj वि ायी है क्योंविक अधि विनयम क े शेK प्रा ानों को उ भौगोलिलक क्षेत्र प लागू क ना, सिज े नग क्षेत्र घोविKत विकया गया है, ऐ ी घोKणा प विनभ क ता है। अधि विनयम की ा ा 3 एक शत कानून की प्रक ृ धित में है।एक गै - न्याधियक प्राधि का ी क े कायk की प्रक ृ धित प वि चा क ते हुए, प्रो. ए. ए. र्डी. ल्किस्मथ ने प्रशा विनक काय ाही की न्याधियक मीक्षा (ती ा ंस्क ण) में पृष्ठ 163 मे पाया है विक: "तथाविप, विक ी प्रकाय का वि श्लेKणात्मक गRक ण और्डी आल्र्ट र्टम विनयम क े ंचालन को अप र्जिजत क ने में एक विनणायक का क हो कता है। आम तौ प यह माना जाता है विक अंग्रेजी कानून में अ ीनस्थ वि ायी लिलखत बनाने े पहले नोविर्ट देने या ुन ाई क ने की जरू त नहीं है जब तक विक मूल अधि विनयम में ऐ ा प्रा ान नहीं है। xx xx xx

9. अतः, हमा ा यह वि चा है विक “और्डी आल्र्टम प र्टेम” उविj आ श्यक विनविहताथ द्वा ा मामले प लागू नहीं होती है। xx xx xx

17. इ लिलए, हमा ा वि चा है विक अधि विनयम की ा ा 3 क े तहत जा ी की गई एक अधि ूचना, सिज का ंबं भौगोलिलक क्षेत्र प अधि विनयम को लागू क ने े है, एक शत कानून की प्रक ृ धित में है औ इ े अ ीनस्थ वि ान क े एक र्टुकड़े क े रूप में र्थिणत नहीं विकया जा कता है। उपयुj बातों को ध्यान में खते हुए, हम मानते हैं विक ादी का यह तक विक ाज्य का द्वा ा अधि विनयम की ा ा 3 क े तहत उ क्षेत्र, सिज में ादी की चीनी फ ै क्र्ट्री ल्किस्थत है, को तुल ीपु शह क्षेत्र क े एक विहस् े क े रूप में घोविKत विकया गया है, जो अमान्य है औ ं ा णीय नहीं है।"

12. ुंद ज कन्यालाल भर्टीजा प्रक ण में,अधि ूचना क े एक प्रारूप में कल्याण, अंब नाथ, र्डोंविब ली औ उल्हा नग क े नग पालिलका क्षेत्रों को विमलाक एक "कल्याण विनगम"क े गठन का प्रस्ता विकया गया था। ाज्य का ने उल्हा नग को प्रस्तावि त विनगम े अलग क ते हुए एक अधि ूचना जा ी की। उच्च न्यायालय ने पाया विक उल्हा नग को बाह क ने का विनणय का द्वा ा अचानक औ तकहीन त ीक े े लिलया गया था। इ न्यायालय ने विनम्नलिललिखत रूप में अशिभविन ारि त विकयाः "27. मामले प ाप लौर्टते हुए, हम पाते हैं विक विनगम बनाने क े प्रस्ता प पुनर्दि चा क ने की आ श्यकता क े बा े में उच्च न्यायालय क े विनष्कK में न तो तक का कोई आकKण है औ न ही कानून का मथन।यह ध्यान विदया जाना चाविहए विक अधि विनयम क े तहत एक विनगम की गठन में का की भूविमका न तो कायका ी है औ न ही प्रशा विनक। अपीलार्थिथयों क े अधि jा ने अपनी दलील में ही कहा विक यह ास्त में वि ायी प्रविक्रया है। ै ाविनक कतव्यों क े विन हन में का प कोई न्याधियक कतव्य नहीं है। जांच का एकमात्र प्रश्न यह है विक क्या कानूनी प्रा ानों का अनुपालन विकया गया है। यविद उनका अनुपालन विकया गया है, तो न्यायालय इ े अधि क क ु छ नहीं कह कता। तमान मामले में का ने एक प्रारूप अधि ूचना द्वा ा प्रस्ता प्रकाशिशत विकया था औ प्राप्त अभ्या ेदनों प भी वि चा विकया था। उ क े बाद ही, क ु छ मय क े लिलए उल्हा नग को बाह क ने का विनणय लिलया गया। यह विनणय तब अंधितम हो गया जब इ े ा ा 3 (2) क े तहत अधि ूधिचत विकया गया। न्यायालय इ त ह क े विनणय प फ ै ला नही दे कता। यह उ शविj क े प्रयोग क े लिलए मानदंर्ड विन ारि त नहीं क कता। यह "उनकी न्यायोधिचत इच्छा"का भी स्थानापन्न नहीं क कता।

13. चंपा लाल प्रक ण में, इ न्यायालय ने ाजस्थान ाज्य क े ाज्यपाल द्वा ा जा ी एक अधि ूचना को द्द क विदया था, सिज में कहा गया था विक अधि ूचना, जो अनुच्छेद 243Q(2) की आ श्यकता को पू ा क ती है,क े अभा में, ाजस्थान ाज्य द्वा ा नापा ग्राम पंचायत को नग पालिलका क े रूप में अपग्रेर्ड क ने क े लिलए विकया गया पू ा काय ंवि ान क े तहत उ की आ श्यकताओं क े अनुरूप नहीं है।

14. हम पाते हैं विक ऐ ा विनणय ंवि ान क े प्रा ानों क े अनुरूप नहीं है औ प मा ामंत सिं ह उमेद सिं ह बनाम गुज ात ाज्य औ अन्य 2021 SCC Online SC 138 क े प्रक ण में इ न्यायालय की तीन न्याया ीशों की पीठ द्वा ा विदये गए विनणय क े वि प ीत है सिज में गुज ात प्रांतीय नग विनगम अधि विनयम, 1949 की शविjयां इ आ ा प चुनौती का वि Kय थीं विक ाज्य की वि धि ने एक ार्ड े एक े अधि क प्रधितविनधि यों का उपबं विकया है औ इ प्रका, यह उपबं ंवि ान क 243 आ औ अनुच्छेद 243 ए क े उपबं ों क े ाथ अ ंगत है। इ न्यायालय ने विनम्नलिललिखत रूप में अशिभविन ारि त विकया विक: "19. वि ाधियका े ंबंधि त कानूनों क े विनमाण क े ंबं में ंवि ान में विकए गए प्रा ान को क्षम बनाने क े प्रकाश में क्षम वि ानमंर्डल, अथात् ाज्य वि ानमंर्डल की शविj को प्रधितबं ात्मक व्याख्या क े माध्यम े कम नहीं विकया जा कता है जै ा विक अपीलार्थिथयों द्वा ा तक विदया गया है। ंघीय व्य स्था में ाज्य वि ानमंर्डल,वि शेK रूप े स्थानीय का क े मामले में,स्थानीय विनकाय क े आ ा प आ क्षण को अपनाने क े लिलए पयाप्त ीर्टें उपलब् क ानी होंगी। xxx xxx xxx

35. उपयुj विनणय े जो अनुपात विनकाला जा कता है ह यह है विक ाज्य की वि ायी क्षमता क े भीत वि ान बनाने की शविj पूण है औ ंवि ान में ही ऐ ी शविj प अशिभव्यj परि ीमा क े अभा में उ े कम नहीं विकया जा कता।

36. अनुच्छेद 243 जेर्डएफ में यह उपबं है विक ंवि ान (चौहत्त ां ंशो न) अधि विनयम, 1992 क े प्रा ंभ े ठीक पहले विक ी ाज्य में प्र ृत्त नग पालिलकाओं े ंबंधि त कोई कानून, जो भाग IXA क े उपबं ों े अ ंगत है, ंवि ान ंशो न क े प्रा ंभ े एक K की माविप्त क े पtात् जा ी नहीं हेगा। इ प्रका, ंवि ान क े भाग IXA में स्पष्ट रूप े वि चा विकया गया है विक ाज्य वि ानमंर्डल द्वा ा बनाया गया कोई भी कानून, जो भाग IXA क े प्रा ानों े अ ंगत है, एक K की माविप्त प या विक ी क्षम वि ानमंर्डल द्वा ा ंशोधि त या विन स्त होने तक, इनमें े जो भी पहले हो, लागू नहीं हेगा। इ प्रका, ंवि ान क े प्रा ान यह अधि देश देते हैं विक ाज्य का कोई भी कानून, जो अ ंगत है, जा ी नहीं ह कता है। इ प्रका, यह परि ीमा ंवि ान (चौहत्त ां ंशो न) अधि विनयम क े प्र तन क े बाद बनाए गए विक ी भी कानून को भी शासि त क ेगी। इ प्रका, एक कानून, जो भाग IXA े अ ंगत है, ाज्य वि ानमंर्डल द्वा ा तैया नहीं विकया जा कता है।

38. "अ ंगत"शब्द का एक अथ जो इ न्यायालय द्वा ा अनुमोविदत है ह पा स्परि क रूप े "प्रधितक ू ल" या "वि ो ाभा ी" है। ंवि ान क े अनुच्छेद 254 में एक शीKक " ं द द्वा ा बनाए गए कानूनों औ ाज्य क े वि ानमंर्डल द्वा ा बनाए गए कानूनों मे वि ंगधित"है, जबविक अनुच्छेद 254 (1) औ अनुच्छेद 254 (2) क े तहत उपयोग में लिलया गया शब्द "प्रधितक ू ल" हैं। इ प्रका स् यं ंवि ान ने ‘अ ंगत’ औ ‘वि ो ाभा ’ शब्दों का प्रयोग एक दू े क े स्थान प विकया है। यह पता लगाने क े लिलए विक क्या ाज्य वि ानमंर्डल द्वा ा बनाया गया कानून ंवि ान क े भाग IXA क े प्रा ानों े अ ंगत है, विक ी ाज्य क े वि ानमंर्डल द्वा ा बनाए गए कानून औ ं द द्वा ा बनाए गए कानून क े बीच वि ो ाभा को विन ारि त क ने क े लिलए इ न्यायालय द्वा ा विन ारि त विकए गए सि द्धांतों प भ ो ा विकया जा कता है। इ प्रका, हमें उन सि द्धांतों प ध्यान देने की आ श्यकता है सिजनक े आ ा प ाज्य द्वा ा बनाए गए कानून औ ं द द्वा ा बनाए गए कानून में प्रधितक ू लता का पता चल क े ।

50. इ प्रका, विक ी ाज्य का वि ान-मंर्डल, नग पालिलकाओं क े विन ाचन े ंबंधि त या उ क े ंबं में, सिज में प्रत्यक्ष विन ाचन द्वा ा चुने गए व्यविj द्वा ा नग पालिलका में स्थानों को भ ना ल्किम्मलिलत है, भी वि Kयों का उपबं क क े गा। अनुच्छेद 243 आ औ 243 जेर्डए में इ बा े में कोई ंक े त नहीं विदया गया है विक क्या क्षेत्रीय विन ाचन क्षेत्र अथात ार्डk े, नग पालिलका में क े ल एक दस्य को चुना जाना है या यह बहु- दस्य विन ाचन क्षेत्र हो कता है। अनुच्छेद 243 आ क े ं ै ाविनक प्रा ान, जो नग पालिलकाओं की ं चना का प्रा ान क ते हैं औ अनुच्छेद 243 जेर्डए उप ोj वि Kय में कोई ंक े त नहीं देते हैं। अनुच्छेद 243 जेर्ड.जी. क े उपबं इ प क ु छ प्रकाश र्डालते हैं, जो विन ाचन ंबं ी मामलों में न्यायालयों क े हस्तक्षेप प ोक े ंबंधि त है।

59. हमने अनुच्छेद 243 आ, 243 ए क े उपबं ों का वि श्लेKण विकया है औ इ विनधिtत विनष्कK प पहुंचे हैं विक अनुच्छेद 243 ए में ऐ ी कोई परि ीमा नहीं है सिज में विक ी ार्ड क े लिलए एक े अधि क दस्य होने का कोई विनKे हो।

63. हम, तमान मामले में, ंवि ान क े भाग IXA क े ु ंगत उपबं ों का वि श्लेKण क ने क े बाद इ विनष्कK प पहुंचे हैं विक ंवि ान क े भाग IXA में ाज्य वि ानमंर्डल को एक प्रादेशिशक विन ाचन क्षेत्र, अथात् ार्ड, े एक े अधि क दस्यों क े विन ाचन क े लिलए उपबं क ने ाला कोई कानून बनाने े प्रधितविKद्ध क ने ाली कोई परि ीमा नहीं है।"

15. उत्त प्रदेश ाज्य औ अन्य बनाम प्र ान ंघ क्षेत्र विमधित औ अन्य 1995 Supp (2) SCC 305 प्रक ण में यह न्यायालय ंवि ान (धितहत्त ां ंशो न) अधि विनयम, 1992 प वि चा क हा था। ंवि ान क े भाग IX में अनुच्छेद 243 ी ंवि ान क े भाग IX-A में अनुच्छेद 243 क्यू क े मान है। उच्च न्यायालय ने उत्त प्रदेश पंचायत ाज अधि विनयम, 1947 क े तहत ग्राम, ग्राम भा औ पंचायत क्षेत्र की परि भाKा को ंवि ान क े भाग IX में दी गई ंबंधि त परि भाKाओं कोअधि का ातीत क ा देते हुए द्द क विदया था। इ न्यायालय ने विनम्नलिललिखत रूप में अशिभविन ारि त विकयाः "3. उj ंवि ान ंशो न क े लागू होने प क ें द्र ने ाज्यों े कहा था विक े उj ंवि ान ंशो न क े प्रा ानों की तज प कानून बनाक या मौजूदा कानून में उपयुj ंशो न क क े ग्राम पंचायतों व्य ल्किस्थत क ने क े लिलए कदम उठाएं........

11. पंचायतों का गठन ग्राम, मध्य तR औ सिजला स्त ों प विकया जाना है औ अनुच्छेद 243 (ई) में परि भाविKत पंचायत क्षेत्र े तात्पय पंचायत क े प्रादेशिशक क्षेत्र े है, चाहे ह गां, मध्य तR या सिजला स्त प हो। यह भी याद खना आ श्यक है विक अनुच्छेद 243 ( ी) क े अनु ा ‘मध्य तR स्त ’ ग्राम औ सिजला स्त ों क े बीच का एक स्त है, जै ा विक ाज्यपाल द्वा ा विनर्दिदष्ट विकया गया है, अनुच्छेद 243 (ए) क े अनु ा ‘सिजले’ का अथ विक ी ाज्य में ऐ ा सिजला है सिज की ीमाएं ाज्य का द्वा ा बदली जा कती हैं। सिजले को ाज्यपाल द्वा ा वि विनर्दिदष्ट विकए जाने की आ श्यकता नहीं है जबविक ंवि ान क े उj भाग क े प्रयोजन क े लिलए गां औ मध्य तR स्त ों को उनक े द्वा ा वि विनर्दिदष्ट विकया जाना है।

36. जहां तक उच्च न्यायालय की आपलित्त का ंबं है विक अनुच्छेद 243 (छ) ाज्यपाल े गां को विनर्दिदष्ट क ने की अपेक्षा क ता है, अधि विनयम ाज्य का को ऐ ा क ने की शविj प्रदान क ता है, उच्च न्यायालय ंवि ान क े उन उपबं ों प ध्यान देने में वि फल हा है जो ाज्यपाल को अपनी शविjयों क े प्रयोग में ाज्य का क े मकक्ष ठह ाते हैं सि ाय उन स्थानों क े जहां उ े ंवि ान द्वा ा या उ क े अ ीन अपने वि ेक े शविjयों का प्रयोग क ने की आ श्यकता हो................................

44. यह का को तय क ना है विक पंचायत क्षेत्रों औ प्रत्येक पंचायत क्षेत्र क े विन ाचन क्षेत्रों का परि ीमन विक त ीक े े विकया जाएगा। यह न्यायालय का काम नहीं है विक ह यह आदेश दे विक ऐ ा विक त ीक े े विकया जाएगा। जब तक पंचायत क्षेत्रों औ विन ाचन क्षेत्रों का परि ीमन ं ै ाविनक प्रा ानों क े अनुरूप या उ का उल्लंघन विकए विबना विकया जाता है, न्यायालय इ में हस्तक्षेप नहीं क कता। इ ंबं में हम हिंहगी - ामपु कोल क ं पनी लिलविमर्टेर्ड बनाम उड़ी ा ाज्य [(1961) 2 ए. ी. आ. 537: ए. आई. आ. 1961 ए. ी. 459] प्रक ण में इ न्यायालय द्वा ा विदये गए विनणय का उल्लेख क कते है।"इ मामले में याधिचकाकता-खदान मालिलकों ने अन्य लोगों क े ाथ उड़ी ा खनन क्षेत्र वि का विनधि अधि विनयम, 1952 क े तहत उपक ूलने क े लिलए वि ाधियका द्वा ा विन ारि त त ीक े को इ आ ा प चुनौती दी थी विक यह अ ं ै ाविनक है।अधि कांश खंर्डपीठों ने यह अशिभविन ारि त विकया विक यह त ीका ुवि ा का वि Kय है औ यद्यविप यह प्रा ंविगक है, अन्य प्रा ंविगक परि ल्किस्थधितयों क े आलोक में इ का प ीक्षण विकया जाना चाविहए। विक ी कानून की शविj को क े ल इ आ ा प चुनौती देना अनुज्ञेय नहीं है विक शुल्क की ूली क े लिलए अपनाई गई वि धि उत्पाद शुल्क लगाने में अपनाई जा कती है औ आमतौ प अपनाई जाती है।"

16. चूंविक स्थानीय का ात ीं अनु ूची की ूची II की प्रवि विष्ट 5 में आती है, इ लिलए क े ल ाज्य वि ानमंर्डल ही नग पालिलकाओं क े ंबं में क े ल एक ीमा क े ाथ कानून बनाने क े लिलए क्षम है विक ाज्य अधि विनयम क े प्रा ान ंवि ान क े भाग IXA की योजना क े अधि देश क े ाथ अ ंगत नहीं हो कते। नग पालिलका अधि विनयम क े भाग IXA की योजना ंवि ान क े अनुच्छेद 243Q क े तहत औ उ क े बाद नग पालिलका अधि विनयम की ा ा 5 क े तहत एक अलग अधि ूचना प वि चा नहीं क ती है। चूंविक नग पालिलका अधि विनयम की ा ा 5 ंवि ान क 243 क्यू क े विक ी भी प्रा ान े अ ंगत नहीं है, इ लिलए भाग IXA या नग पालिलका अधि विनयम की योजना क े तहत दो अधि ूचनाओं प वि चा नहीं विकया गया है जै ा विक ऊप दी गई तालिलका में पुन: प्रस्तुत विकया गया है।

17. ाज्य का ाज्य में नग पालिलकाओं को उनकी आय या अन्य का कों जै े जन ंख्या या स्थानीय क्षेत्र क े महत् औ नग पालिलका अधि विनयम की ा ा 329 क े अ ीन उपबंधि त अन्य परि ल्किस्थधितयों क े अनु ा गk में वि भासिजत क ने क े लिलए क्षम है। ा ा 329 क े ंदभ में नग विनगम/नग परि Kद/नग विनगम बोर्ड की श्रेणी विन ारि त क ने क े लिलए 30 अप्रैल, 2012 को एक अधि ूचना जा ी की गई थी। उj अधि ूचना इ प्रका हैः " ं. P[8] (गा) () विनयम/श्रेणी/एलए जी/12/3825 विदनांक 30/4/12::- -:अधि ूचना:- नग पालिलकाओं की श्रेणी क े वि भाजन क े ंबं में औ ाजस्थान नग पालिलका अधि विनयम, 2009 ( K 2009 का अधि विनयम ंख्या 18) की ा ा 337 पविठत ा ा 329 में प्रदत्त शविjयों का प्रयोग क ते हुए नग परि Kदों क े गRक ण क े ंबं में पहले जा ी की गई भी अधि ूचनाओं का अधि क्रमण क ने क े ंबं में, ाज्य का भी नग विनगम/परि Kदों/बोर्ड की श्रेणी का विन ा ण क ती है, जो विनम्नानु ा हैः (1) ृहद शह ी क्षेत्र (नग विनगम) - - 5 लाख की आबादी का शह ी क्षेत्र (2) छोर्टे शह ीक ृ त क्षेत्र (नग परि Kद) - - भी शह ीक ृ त क्षेत्र औ भी सिजला मुख्यालय (नग विनगम को छोड़क ) सिजनकी आबादी 1 लाख े अधि क औ 5 लाख े कम है। (3)परि तR क्षेत्र (नग पालिलका बोर्ड) 1 लाख आबादी का शह ी क्षेत्र हिंकतु ाज्य का को ऐधितहासि क/ ार्दिमक/पु ाताल्कित् क महत् या विक ी वि शेK परि ल्किस्थधितयों को ध्यान में खते हुए विक ी नग पालिलका परि Kद को विक ी भी श्रेणी में परि र्तितत क ने का अधि का होगा। ाज्यपाल क े आदेश क े अनु ा ए. र्डी. उप- का ी धिच

18. इ क े बाद, नग पालिलका अधि विनयम की ा ा 329 क े ाथ पविठत ा ा 3 क े तहत ाज्य का को प्रदत्त शविjयों का प्रयोग क ते हुए विदनांक 12.08.2014 की आक्षेविपत अधि ूचना जा ी की गई। उj अधि ूचना इ प्रका हैः " ंख्या एफ. 10 (का) ईए र्टी/श्रेणी ()/र्डीएलबी/14/2591 विदनांक 12/8/14 -:अधि ूचना:- ाज्य का ाजस्थान नग पालिलका अधि विनयम 2009 (अधि विनयम ंख्या 18 K

2009) की ा ा 3 पविठत ा ा 329 औ अधि ूचना ंख्या पी 8 (जी) विनयम/श्रेणी/एलए जी/12/3825-4090 विदनांक 30/4/12 की अपनी शविj का प्रयोग क ते हुए तत्काल प्रभा े विनम्नलिललिखत भी ग्राम पंचायत क्षेत्रों को चौथी श्रेणी की नग परि Kदों में घोविKत क ती है। क्रम ंख्या सिजला ग्राम पंचायत का नाम न गविठत चतुथ श्रेणी नग परि Kद 1 भ तपु रूपबा नग पालिलका बोर्ड रूपबा उj ग्राम पंचायत की मौजूदा ीमाएं (उत्त में 17 ब ा, दधिक्षण में ग्राम महद, पू में शिभर्डयानी औ रू रूप ा औ पधिtम में दो दा) न गविठत नग विनगम बोर्ड की स्थानीय ीमाएं बनी हेंगी। ाज्यपाल क े आदेश क े अनु ा ए. र्डी. का ी उप धिच

19. उपयुj अधि ूचनाएं यह दशाएंगी विक ाज्य का ने नग पालिलका अधि विनयम की ा ा 5 क े अनु ा नग पालिलका स्थाविपत क ने की शविjयों का प्रयोग विकया था। ऐ ी अधि ूचनाओं को विक ी भी त ह े अ ै या मनमाना नहीं कहा जा कता औ वि ानमंर्डल द्वा ा ाज्य को प्रदत्त ं ै ाविनक शविjयों का प्रयोग क ते हुए इन्हें ही ढंग े जा ी विकया गया था।

20. ुश्री याद का तक है विक अधि ूचना मनमानी औ अनुधिचत है, इ लिलए, उच्च न्यायालय द्वा ा अधि ूचना को द्द विकया जाना उधिचत था।इ त ह क े तक का मथन क ने क े लिलए पुणे नग विनगम में रि पोर्ट विकए गए फ ै ले प भ ो ा विकया गया है। उj मामले में, महा ाष्ट्र क्षेत्रीय औ नग विनयोजन अधि विनयम, 1966 की ा ा 37 क े तहत ाज्य का द्वा ा स् ीक ृ त वि का विनयंत्रण विनयमों में ंशो न क ने ाली अधि ूचना चुनौती का वि Kय थी। उच्च न्यायालय ने वि का विनयंत्रण विनयमों में ंशो न क ने ाली अधि ूचना को द्द क विदया था। यह अशिभविन ारि त विकया गया विक वि का विनयंत्रण विनयम वि ायी काय था, इ लिलए, वि का विनयंत्रण विनयमों में ंशो न को प्रभा ी क ने क े लिलए ा ा 36 को वि ायी शविjयों क े भंर्डा क े रूप में देखा जाना चाविहए। यह पाया गया विक ऐ े विनयमों को मनमाने या अनुधिचत होने क े आ ा प चुनौती दी जा कती है। हम यह नहीं पाते हैं विक उj विनणय विक ी भी त ह े वि द्वान अधि jा द्वा ा उठाए गए तक का मथन क ता है।

21. एमजीआ इंर्डस्र्ट्रीज ए ोसि एशनप्रक ण में, अपीलकता औद्योविगक र्टाउनशिशप का विहस् ा होने का दा ा क हा था ताविक उ े सिजला पंचायत क े अधि का क्षेत्र े छ ू र्ट विमल क े । इ न्यायालय ने जांच की विक उत्त प्रदेश औद्योविगक क्षेत्र वि का अधि विनयम, 1976 की ा ा 12-ए क े तहत पंचायत क्षेत्र े अप र्जिजत क ने े पहले एक अधि ूचना होनी चाविहए। इ लिलए, दो अधि ूचनाओं की आ श्यकता थी, एक अधि ूचना 1976 क े अधि विनयम की ा ा 12-ए क े तहत एक औद्योविगक र्टाउनशिशप का गठन क ने क े लिलए औ दू ी अधि ूचना उत्त प्रदेश क्षेत्र पंचायतों औ सिजला पंचायतों अधि विनयम 1961 क े तहत पंचायत क्षेत्र का अप जन क ने क े लिलए। उj विनणय विफ े उठाए गए तकk क े लिलए हायक नहीं है.

22. ास्त में, उच्च न्यायालय ने क े ल इ का ण े अधि ूचना को द्द क विदया है विक अनुच्छेद 243 क्यू (2) क े तहत अधि ूचना प्रकाशिशत नहीं की गई थी। इ त ह का तक न्यायोधिचत नहीं है।

23. इ प्रका, उच्च न्यायालय का आदेश कानून की नज मे स्पष्ट रूप े गलत औ अ ं ा णीय है। इ े द्द क विदया जाता है औ रि र्ट याधिचका खारि ज क दी जाती है। नतीजतन, अपील स् ीक ृ त की जाती है। जे. (हेमंत गुप्ता) जे. ( ी. ाम ुब्रमशिणयन) नई विदल्ली 10 माच, 2022 (Translation has been done through AI Tool: SUVAS with the help of Translator) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language made for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purposes. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation.