Rathesh Babu Unnikrishnan v. State (NCT of Delhi) & Ors.

Delhi High Court · 26 Apr 2022
K. M. Joseph; Rishikesh Roy
Criminal Appeal Nos 694-695 of 2022
2022 INSC 480
criminal appeal_dismissed Significant

AI Summary

The High Court correctly refused to quash summons under Section 138 NI Act at the pre-trial stage, emphasizing the limited scope of quashing and the applicability of legal presumptions requiring trial to determine the existence of debt.

Full Text
Translation output
ĤǓतवेɮय
भारतीय सवȾÍच Ûयायालय
आपराͬधक अपीलȣय अͬधकाǐरता
आपराͬधक₩अपील₩संÉया₩694₩-₩695₩‫ک‬₩2022
(ͪव‫ڂ‬अ‫ڂ‬या‫(ڂ‬आप) सं‫ڂ‬ 5781₩–₩5782₩‫ک‬₩2020₩से उɮभूत)
रͬथश बाबू उÛनीकृ çणन₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩ ₩ ₩₩₩₩₩₩₩₩₩‫ڂڂ‬अपीलाथȸ(गण)
बनाम
राÏय (रा‫ڂ‬रा‫ڂ‬¢े‫ڂ‬ Ǒदãलȣ सरकार) व अÛय ₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩₩ ₩ ₩₩‫ڂڂ‬Ĥ×यथȸ(गण)
Ǔनण[य
ऋͪषक
े श रॉय, Ûया.
JUDGMENT

1. अनुमǓत₩ĤदाǓनत।₩

2. इन अपीलɉ मɅ आप‫ڂ‬₩ ͪव‫ڂ‬वा‫ڂ‬₩ सं‫ڂ‬ 414/2019 तथा आप‫ڂ‬₩ ͪव‫ڂ‬वा‫ڂ‬₩ सं‫ڂ‬₩ 1754/2019 मɅ Ǔनण[य तथा आदेश Ǒदनांͩकत 02.08.2019₩ को चुनौती दȣ गई है, िजसक े तहत Ǒदãलȣ उÍच Ûयायालय ने Ǒदनांक₩ 1‫ڂޮڂ‬2018 क े समन आदेश तथा Ǒदनांक₩ 3‫ڂީީڂ‬2018 को परĐाàय₩ ͧलखत₩ अͬधǓनयम, 1881 (िजसे इसमɅ इसक े बाद₩ एनआई₩ अͬधǓनयम से₩ संदͧभ[त ͩकया गया है) कȧ धारा 138 क े तहत अपीलाथȸ क े ͨखलाफ जारȣ ͩकए गए₩नोǑटस को अͧभखंͫडत करने क े 2022 INSC 480 ͧलए दंड₩ĤͩĐया संǑहता, 1973 (िजसे इसमɅ इसक े बाद दं‫ڂ‬Ĥ‫ڂ‬सं‫ڂ‬ क े Ǿप मɅ संदͧभ[त ͩकया गया है) कȧ धारा 482 क े अंतग[त आवेदन को Ǔनरèत कर Ǒदया था।₩सतीश गुÜता (Ĥ×यथȸ सं. 2) ɮवारा संिèथत आपराͬधक ͧशकायत पर, दं‫ڂ‬Ĥ‫ڂ‬सं‫ڂ‬ कȧ धारा 251 क े अंतग[त₩ दंडाͬधकारȣ क े Ûयायालय ɮवारा अपीलाथȸ क े ͪवǽɮध आदेश जारȣ ͩकया गया था।₩ ͪवप¢ी ĤǓतͪवरोध पर ͪवचार करने पर उÍच Ûयायालय ने यह राय åयÈत कȧ ͩक अपीलाथȸ ɮवारा Ĥèतुत₩ͩकए₩ गए आधार 'तØया×मक ĤǓतर¢ा' क े ₩हɇ िजन पर दं‫ڂ‬Ĥ‫ڂ‬सं‫ڂ‬₩कȧ धारा₩482 क े तहत एक याͬचका मɅ अनुमेय सीͧमत जांच क े मापदंडɉ क े भीतर ͪवचार नहȣं ͩकया जाना चाǑहए।₩तदनुसार‫پ‬₩याͬचका₩को₩खाǐरज₩कर₩Ǒदया₩ गया₩था₩ͩकÛतु₩आ¢ेͪपत₩आदेश₩मɅ₩स¢म₩Ûयायालय₩मɅ₩अपना₩बचाव₩करने₩ कȧ₩अͧभयुÈत₩कȧ₩èवतंğता₩को₩सुरͯ¢त₩रखा₩गया₩था।₩

3. अपीलाथȸ क े ͪवɮवान अͬधवÈता Įी कृ çणमोहन क े. तक [ ₩करते₩हɇ₩ͩक एन.आई. अͬधǓनयम कȧ धारा 138 क े तहत अपराध क े ₩ ͧलए₩ इस आशय₩से₩ͩक₩आवæयक संघटकɉ को संतुçट ͩकए ǒबना ͧशकायतकता[ ɮवारा ĤाÜत अनाǺत चेक ͪवͬधवत Ĥवत[नीय ऋण या दाǓय×व क े ͪवǽɮध है, आपराͬधक ĤͩĐया जारȣ नहȣं कȧ जा सकती थी।₩क ु छ Ǔनण[यɉ पर₩भरोसा₩जताते₩हुए, आगे यह तक [ Ĥèतुत₩ͩकया गया है ͩक वत[मान मामले मɅ एनआई अͬधǓनयम₩ कȧ धारा 138 क े तहत अपराध का गठन करने क े ͧलए वत[मान₩मामले₩मɅ₩आवæयक संघटक गायब हɇ और इसͧलए अपीलाथȸ को उÈत Ĥावधान क े तहत अपराध क े ͧलए अͧभयोिजत नहȣं ͩकया जा सकता है।₩अपीलाथȸ क े अनुसार, ͧशकायतकता[ क े प¢ मɅ उसक े ɮवारा ͧलखे₩ गए संबंͬधत उƣर₩ Ǒदनांͩकत₩चेक, ͧशकायतकता[ क े पास एएटȣ अकादमी (अपीलाथȸ कȧ क ं पनी) क े शेयरɉ क े वापसी‫ڷ‬खरȣद₩ ‫۔‬बायबैक‫ە‬ क े ͧलए आकिèमक₩ /₩ सुर¢ा चेक थे, और इसͧलए चेक समय‫ڷ‬पूव[₩बɇक को Ĥèतुत नहȣं ͩकए जा सकते थे और उÛहɅ अपीलाथȸ कȧ क ं पनी मɅ ͧशकायतकता[ कȧ शेयर₩Ǒहèसेदारȣ क े हèतांतरण क े बाद हȣ नकदȣकरण क े ͧलए Ĥèतुत ͩकया जाना चाǑहए था।₩दूसरे शÞदɉ मɅ, चूंͩक चेक Ĥèतुत ͩकए जाने क े समय ͧशकायतकता[ क े पास अभी भी अपीलाथȸ कȧ क ं पनी क े शेयर थे, उस चरण पर₩ͧशकायतकता[, उसे उपलÞध कराए गए चेकɉ क े नकदȣकरण क े माÚयम से, कोई भुगतान ĤाÜत करने का हकदार नहȣं था।

4. ͧशकायतकता[ इसक े ₩ ͪवपरȣत₩ ĤǓतवाद करता है ͩक जब चेक जारȣ ͩकया जाता है और उस पर हèता¢र èवीकार ͩकए जाते हɇ तो ͪवͬधक Ǿप से Ĥवत[नीय ऋण कȧ उपधारणा चेक धारक क े प¢ मɅ उɮभूत होगी।₩ इस तरह कȧ िèथǓत मɅ, अͧभयुÈत को ͪवचारण Ûयायालय क े सम¢ आवæयक साêय Ĥèतुत करक े ͪवͬधक उपधारणा का खंडन करना होगा।₩ एन.आई. अͬधǓनयम कȧ धारा 118 क े Ĥावधानɉ को पढ़ते हुए, ͪवɮवान₩अǓत‫ڂ‬सा‫ڂ‬महा‫ڂ‬ Įी क े. एम. नटराज और ͧशकायतकता[ हेतु वǐरçठ अͬधवÈता सुĮी रेबेका एम. जॉन ɮवारा यह Ĥèतुत ͩकया गया है ͩक Ûयायालय क े ͧलए यह अǓनवाय[ है ͩक वह अͧभयुÈत क े ͪवǽɮध₩ ͪवͬधक उपधारणा को उठाए जब उसका चेक Ĥèतुत करने पर अनाǺत हो जाता है।₩ͪवɮवान मिजèĚेट ने इसͧलए ऐसा₩सटȣक अनुमान लगाया जो₩ͪवचारण क े दौरान साêय Ĥèतुत करक े अपीलाथȸ ɮवारा Ǔनिæचत Ǿप से खंͫडत ͩकया जा सकता है।₩ͧशकायतकता[ ɮवारा यह ͪवशेष Ǿप से ĤǓतवाद ͩकया गया है ͩक शेयर खरȣद लेन-देन मɅ, पहले पारंपǐरक पɮधǓत क े अनुसार ͪवĐ े ता को ĤǓतफल का भुगतान ͩकया जाता है और उसक े बाद हȣ शेयर हèतांतरण क े संबंध मɅ औपचाǐरकताएं पूण[ कȧ जाती हɇ।₩इस तरह क े ĤǓतͪवरोध क े समथ[न मɅ, Ĥ×यथȸ Ǔनभ[र करता है₩ क ं पनी अͬधǓनयम, 2013 कȧ धारा 56(1) और₩ĤǓतभूǓतयɉ क े हèतांतरण से संबंͬधत उÈत अͬधǓनयम मɅ एसएच-4 Ĥपğ₩पर।

5. अͧभलेख दशा[ते₩हɇ ͩक प¢कारगण क े बीच लेन-देन थे िजसक े तहत ͧशकायतकता[ ने अपीलाथȸ कȧ क ं पनी मɅ पया[Üत राͧश का Ǔनवेश ͩकया था।₩बाद क े चरण मɅ, उनक े मÚय ͪववाद उ×पÛन हुआ, लेͩकन उÛहɉने तय ͩकया ͩक Ǔनवेͧशत धन ͧशकायतकता[ को वापस कर Ǒदया जाएगा और ͧशकायतकता[ को आवंǑटत शेयर अनुपाǓतक Ǿप से अपीलाथȸ को हèतांतǐरत कर Ǒदए जाएंगे।₩ऐसी सूझबूझ क े साथ, आपराͬधक ͧशकायत का Ǒहèसा होने₩वाले चार चेक अपीलाथȸ ɮवारा सɋपे गए थे।₩जब ͧशकायतकता[ ने उनमɅ से एक चेक Ĥèतुत ͩकया, तो बɇक ɮवारा अपया[Üत₩Ǔनͬध₩क े ₩पृçठांकन क े साथ उसे₩अनाǺत₩कर₩ Ǒदया₩गया₩था।₩इसक े अलावा, ͧशकायतकता[ ने यह कहते हुए नोǑटस जारȣ ͩकया ͩक अपीलाथȸ देय भुगतान करने मɅ ͪवफल रहा है।₩इसक े बाद, उÛहɉने एनआई अͬधǓनयम कȧ धारा₩ ީޫް क े तहत ͧशकायत दज[ कȧ, िजसक े कारण अपीलाथȸ क े ͨखलाफ₩समन और ĤͩĐया शुǾ हुई।

6. जैसा ͩक पहले उãलेख ͩकया गया है,₩अपीलाथȸ का मूल ĤǓतͪवरोध₩ यह है ͩक Ĥæनगत चेक ͪवͬधक Ǿप से वसूलȣ योÊय ऋण क े Ǔनव[हन मɅ जारȣ नहȣं ͩकया गया था।₩ उÛहɉने संबंͬधत शेयरɉ को हèतांतǐरत करने क े ͧलए ͧशकायतकता[ क े दाǓय×व पर भी ĤǓतͪवरोध₩ ͩकया।₩ अपीलाथȸ ɮवारा इस आशय से एक ĤǓतर¢ा अͧभकथन₩ Ǒदया₩ गया₩ ͩक Ĥæनगत चेक ‘ĤǓतभूǓत’ क े Ǿप मɅ जारȣ ͩकए गए थे₩न₩ͩक₩ͩकसी भी ͪवͬधक Ǿप से वसूलȣ योÊय ऋण क े Ǔनव[हन मɅ।

7. Ǒदãलȣ उÍच Ûयायालय क े ͪवɮवान Ûयायाधीश ने दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 482 क े अधीन याͬचका पर ͪवचार करते समय एचएमटȣ वाचेज ͧलͧमटेड बनाम एम.ए. आǒबदा व अÛय तथा₩राजीव₩ थापर₩व₩अÛय₩बनाम₩मदन₩लाल₩कपूर₩मɅ अनुपात का उãलेख करते हुए इस अͬधकार ¢ेğ मɅ सीͧमत जांच क े दायरे को Úयान मɅ रखा₩और₩ मत₩åयÈत₩ͩकया ͩक उÍच Ûयायालय ɮवारा दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 482 क े तहत शिÈतयɉ का Ĥयोग करने से ͧशकायतकता[ को साêय देने कȧ अनुमǓत Ǒदए ǒबना ͧशकायतकता[ क े मामले का Ǔनराकरण हो जाएगा।₩ ऐसा Ǔनधा[रण आवæयक Ǿप से ͪवचारण न करने वाले Ûयायालय ɮवारा नहȣं ͩकया जाना चाǑहए। अतः, जब तक Ûयायालय इस बात से पूरȣ तरह संतुçट नहȣं होता है ͩक पेश कȧ₩ गई₩ सामĒी आरोपɉ का Ǔनͪव[वाद₩ Ǿप₩ से₩ खंͫडत करेगी और ऐसी सामĒी èटͧलɍग और ğुǑटहȣन गुणवƣा कȧ है, आपराͬधक काय[वाǑहयɉ को अͧभखंͫडत करने क े ͧलए दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 482 का आéवान अयोÊय होगा।₩इस आधार पर आगे बढ़ते हुए, अपीलाथȸ क े ͨखलाफ फ ै सला Ǒदया गया, जो एन‫ڂ‬आई‫ڂ‬₩अͬधǓनयम₩कȧ₩धारा 138 क े तहत काय[वाहȣ का सामना कर रहा था।₩ अपीलाथȸ को ͪवचारण₩ Ûयायालय मɅ अपना बचाव करने क े ͧलए पूरȣ èवतंğता Ǒदए जाने क े साथ, उसकȧ अͧभखंͫडत करने कȧ याͬचका खाǐरज कȧ₩जाती₩है।

8. यहां िजस मुɮदे का उƣर Ǒदया जाना है वह यह है ͩक Èया समन और ͪवचारण नोǑटस को तØया×मक ĤǓतर¢ा क े आधार पर अͧभखंͫडत ͩकया जाना चाǑहए था।₩इससे यह उपĤमेय Ǔनकलता है ͩक अͧभखंͫडत करने वाले Ûयायालय का Èया उƣरदाǓय×व होना चाǑहए और Èया उसे ͪवचारण पूव[ चरण पर प¢कारगण ɮवारा Ĥèतुत साêय को परखना चाǑहए।

9. ͧशकायतकता[ और अͧभयुÈत क े बीच लेन-देन कȧ åयवèथा से उन दाǓय×वɉ कȧ Ĥकृ Ǔत का पता चलता है जो दोनɉ ने ͩकए थे।₩Ĥæनगत चेक ͧशकायतकता[ ɮवारा अपीलाथȸ कȧ क ं पनी क े शेयरɉ क े ͧलए सहमत मूãय ĤǓतफल क े ͧलए èवीकार ͩकए गए थे।₩ͧशकायतकता[ क े अनुसार, अपीलाथȸ को पहले भुगतान करना है और ͩफर åयापार मɅ सामाÛय Ĥथा क े अनुसार, ͪवͬध ɮवारा अनुमत समय क े भीतर शेयरɉ को अपीलाथȸ को èथानांतǐरत कर Ǒदया जाएगा।₩ क ं पनी अͬधǓनयम, 2013 कȧ खंड 56(1) क े अवलोकन माğ₩से यह संक े त ͧमलता है ͩक ͩकसी क ं पनी कȧ ĤǓतभूǓतयɉ का हèतांतरण तभी हो सकता है जब₩हèतांतरण का ͧलखत₩Ĥभावी बनाया₩जाए।₩ͪवͬधक₩Ǿप से शेयरɉ क े हèतांतरण क े Ĥचालन मɅ अनेक ͪवͧशçट कदम शाͧमल हɇ।₩सबसे पहले, ǒबĐȧ का एक अनुबंध करने कȧ आवæयकता है।₩इस संͪवदा मɅ ताͩक [ क Ǿप से लेन-देन कȧ Ĥकृ Ǔत क े ͧलए संभाͪवत हèतांतǐरती ɮवारा पहले अपना वादा पूरा करने क े ͧलए मूãय का भुगतान करने कȧ आवæयकता होती है।₩ बदले मɅ, हèतांतरणकता[ एसएच-4 Ĥपğ भरने क े ͧलए आगे बढ़ेगा और इस Ĥकार एक वैध ͧलखत को₩ Ĥभावी करेगा।₩ क ं पनी और उस₩ संèथा₩ क े ₩ अंतǓन[यम₩ कȧ Ĥकृ Ǔत क े आधार पर, तब क ं पनी क े Ǔनदेशक मंडल को हèतांतरण का ͧलखत Ĥèतुत करने और Ǔनदेशक मंडल ɮवारा इसे èवीकार करने क े बाद हèतांतǐरती₩ क े èथान पर क ं पनी क े रिजèटर मɅ हèतांतरणकता[ कȧ Ĥͪविçट कȧ₩ जाती है।₩ इस Ĥकार, शेयर का हèतांतरण पूण[ होता है।₩दूसरे तरȣक े से कहɅ‫پ‬ तो शेयर लेन-देन मɅ‫پ‬ खरȣदार से ͧमलने वाला पैसा और शेयर ͪवĐ े ता क े पास पहुंचने क े बीच समय का अंतराल होता है।₩पहले क े Ǒदनɉ मɅ समय का अंतराल अͬधक होता था।₩अब यह तेज हो₩गया₩है लेͩकन यह अंतर अभी भी बना हुआ है।₩भारत मɅ शेयर लेन-देन आमतौर पर इसी èवǽप का अनुसरण करते हɇ। 10.यह भी Úयान रखना Ĥासंͬगक है ͩक यह साǒबत करने का भार₩ͩक कोई मौजूदा ऋण या दाǓय×व नहȣं है, ͪवचारण मɅ उÛमोͬचत ͩकया जाना है।₩एम.एम.टȣ.सी. ͧलͧमटेड व₩अÛय बनाम मेडचल क े ͧमकãस एंड₩फामा[ (Ĥाइवेट) ͧलͧमटेड व₩अÛय₩क े मामले मɅ दो Ûयायाधीशɉ कȧ₩ पीठ₩ क े ͧलए, ÛयायमूǓत[ एस. एन. वǐरयावा ने इस पहलू पर Ǔनàनͧलͨखत Ĥासंͬगक मत åयÈत ͩकया₩‫ٴ‬- ީޯ‫ڂ‬₩ इसͧलए ऐसी कोई आवæयकता नहȣं है ͩक ͧशकायतकता[ को ͪवशेष Ǿप से ͧशकायत मɅ यह आरोप लगाना चाǑहए ͩक एक ͪवɮयमान देयता थी।₩ यह साǒबत करने का भार ͩक कोई मौजूदा ऋण या दाǓय×व नहȣं था, Ĥ×यथȸगण पर था।₩ िजसे₩ उÛहɅ ͪवचारण मɅ Ǔनव[हन₩ करना होगा।₩ इस èतर पर, क े वल उनक े ɮवारा दायर याͬचकाओं मɅ Ĥकथनɉ क े आधार पर उÍच Ûयायालय यह Ǔनçकष[ नहȣं Ǔनकाल सकता था ͩक कोई मौजूदा ऋण या दाǓय×व नहȣं था।₩ ₩

11. दाǓय×व क े Ǔनव[हन मɅ जारȣ ͩकए गए चेक कȧ ͪवͬधक उपधारणा को भी सàयक मह×व Ǒदया जाना चाǑहए।₩ ऐसी िèथǓत मɅ जहां अͧभयुÈत ͪवचारण आरंभ होने से पूव[ हȣ अͧभखंͫडत करने क े ͧलए Ûयायालय मɅ जाता है, Ûयायालय का Ǻिçटकोण पया[Üत Ǿप से सावधानी पूण[₩ होना चाǑहए ͩक ͪवͬधक उपधारणा कȧ उपे¢ा करक े मामले को समय से पूव[ समाÜत न ͩकया जाए जो ͧशकायत का समथ[न करती है।₩ रंगÜपा बनाम Įी मोहन वाले मामले मɅ तीन Ûयायाधीशɉ कȧ₩पीठ क े ͧलए ÛयायमूǓत[ क े. जी. बालाकृ çणन कȧ राय‫پ‬₩ इस èतर पर हमारा Úयान आकͪष[त₩करती₩है‫ٴ‬‫ڷ‬ 26.₩... हम Ĥ×यथȸ दावेदार से सहमत हɇ ͩक अͬधǓनयम कȧ धारा 139 ɮवारा अͬधदेͧशत उपधारणा मɅ वाèतव मɅ ͪवͬधक Ǿप से Ĥवत[नीय ऋण या दाǓय×व का अिèत×व शाͧमल है।₩ जैसाͩक उɮधरणɉ मɅ उãलेख ͩकया गया है, यह Ǔनिæचत Ǿप से खंडनयोÊय उपधारणा कȧ Ĥकृ Ǔत का है और अͧभयुÈत क े ͧलए ĤǓतर¢ा करने कȧ èवतंğता है िजसमɅ ͪवͬधक Ǿप से Ĥवत[नीय ऋण या दाǓय×व क े अिèत×व का ͪवरोध ͩकया जा सकता है।₩हालांͩक, इसमɅ कोई संदेह नहȣं हो सकता है ͩक एक Ĥारंͧभक धारणा है जो ͧशकायतकता[ क े प¢ मɅ है। 12.ͩकसी भी तरह, जब भी तØयɉ को ͪववाǑदत ͩकया जाता है, तो साêय को तौलकर स×यता को सामने आने Ǒदया जाना चाǑहए।₩इस पहलू पर, हम राजेशभाई मुलजीभाई पटेल बनाम राजèथान राÏय₩का₩ सÛदभ[₩ लेकर₩ लाभािÛवत₩ हो सकते हɇ₩ जहां ÛयायमूǓत[ आर. बानुमथी ɮवारा Ǔनàनͧलͨखत Ĥासंͬगक राय åयÈत₩कȧ गई‫ڷٴ‬ "22.₩.‫ڂ‬. जब₩तØयɉ₩क े ₩ͪववाǑदत₩Ĥæन₩शाͧमल₩होते₩हɇ, िजन₩ पर₩ प¢कारगण₩ ɮवारा₩ साêय₩ Ĥèतुत₩ करने₩ क े ₩ बाद₩ ÛयायǓनण[य₩ कȧ₩ आवæयकता₩ होती₩ है, तो₩ एनआई₩ अͬधǓनयम₩कȧ₩धारा₩138₩क े ₩तहत₩ͧशकायत₩को₩दं‫ڂ‬Ĥ‫ڂ‬सं‫ڂ‬₩कȧ₩ धारा₩ 482₩ का₩ सहारा₩ लेकर₩ उÍच₩ Ûयायालय₩ ɮवारा₩ अͧभखंͫडत₩ नहȣं₩ ͩकया₩ जाना₩ चाǑहए₩ था।₩ हालाँͩक, Ûयायालय₩ क े ₩ पास₩ एनआई₩ अͬधǓनयम₩ कȧ₩ धारा₩ 138₩ क े ₩ तहत₩दायर₩आपराͬधक₩ͧशकायत₩को₩पǐरसीमा₩आǑद₩जैसे₩ ͪवͬधक₩मुɮदɉ₩पर₩अͧभखंͫडत₩करने₩कȧ₩शिÈत₩है, लेͩकन₩ योगेशभाई₩क े ₩ͨखलाफ₩एनआई₩अͬधǓनयम₩कȧ₩धारा₩138₩क े ₩ तहत₩दायर₩आपराͬधक₩ͧशकायत₩को₩क े वल₩इस₩आधार₩पर₩ रɮद₩नहȣं₩ͩकया₩जाना₩चाǑहए₩था₩ͩक₩अपीलाथȸ₩3₩व Ĥ×यथȸ₩ 2₩क े ₩मÚय₩परèपर₩ͪववाद₩हɇ।₩एनआई₩अͬधǓनयम₩कȧ₩धारा₩ 139 क े ₩ तहत₩उठाए₩गए₩ वैधाǓनक₩ अनुमान₩ को₩ Úयान₩ मɅ₩ रखे₩ǒबना, उÍच₩Ûयायालय₩ने, हमारे₩ͪवचार₩मɅ, एनआई₩ अͬधǓनयम₩कȧ₩धारा₩138 क े ₩तहत₩दायर₩2016 क े ₩सीसी₩ सं.₩367 मɅ₩आपराͬधक₩ͧशकायत₩को₩अͧभखंͫडत₩करने₩मɅ₩ एक₩गंभीर₩ğुǑट₩कȧ₩है।”₩₩ 13.अͧभखंͫडत करने कȧ काय[वाहȣ मɅ अͬधकार ¢ेğ क े Ĥयोग क े ͧसɮधांतɉ को Úयान मɅ रखते हुए, आइए अब इस मामले मɅ सामĒी कȧ ओर ǽख करɅ। ͧशकायत और मिजèĚेट ɮवारा पाǐरत आदेश को सावधानीपूव[क पढ़ने पर, जो Ǻिçटगोचर होता है वह यह है ͩक एक संभाͪवत Ǻिçटकोण ͧलया गया है ͩक आहǐरत चेक, शेयरɉ कȧ खरȣद क े ͧलए एक ऋण क े Ǔनव[हन मɅ थे। ͩकसी भी मामले मɅ, जब ͪवͬधक उपधारणा है, तो ͪवचारण Ûयायालय को पहले प¢कारɉ क े साêय का मूãयांकन करने कȧ अनुमǓत Ǒदए ǒबना अͧभखंͫडत करने वाले Ûयायालय का कͬथत तØयɉ पर ͪवèतृत जांच करना Ûयायोͬचत नहȣं होगा। अͧभखंͫडत करने वाले Ûयायालय को अपने ऊपर गुणदोष को Ǔनͨण[त करने का भार नहȣं लेना चाǑहए, जहां तØयɉ का ͪवरोध ͩकया गया है। इसे अलग तरह से कहने क े ͧलए, अͧभखंͫडत करने कȧ काय[वाहȣ को तØया×मक ͪववाद क े गुणागुण का पता लगाने का अͧभयान नहȣं बनना चाǑहए, ताͩक ͧशकायतकता[ या बचाव प¢ को Ǔनणा[यक Ǿप से सहȣ साǒबत ͩकया जा सक े ।₩ 14.हǐरयाणा राÏय बनाम भजन लाल मɅ, ÛयायमूǓत[ एस. र×नावेल पांͫडयन ने दो Ûयायाधीशɉ कȧ पीठ हेतु ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 482 क े तहत आपराͬधक काय[वाहȣ को अͧभखंͫडत करने क े ͧलए Ûयायालय ǓनǑहत अͬधकार ¢ेğ ¢ेğ को लागू करने क े मानदंडɉ को èपçट ͩकया है और सुझाए गए₩ एहǓतयाती ͧसɮधांत आज भी दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 482 क े तहत शिÈत क े आéवान क े ͧलए अÍछȤ ͪवͬध क े Ǿप मɅ काम करते हɇ। 103. हम इस आशय का भी Úयान रखते हɇ ͩक ͩकसी दांͫडक काय[वाहȣ को अͧभखंͫडत करने कȧ शिÈत का Ĥयोग अ×यंत संयम और सतक [ ता क े साथ ͩकया जाना चाǑहए और वह भी ͪवरले मामलɉ मɅ से ͪवरलतम मɅ; Ûयायालय ɮवारा Ĥाथͧमकȧ या ͧशकायत मɅ ͩकए गए अͧभकथनɉ कȧ ͪवæवसनीयता या वाèतͪवकता या अÛयथा क े बारे मɅ जांच आरंभ करना Ûयायोͬचत नहȣं होगा और यह ͩक असाधारण या अंतǓन[Ǒहत शिÈतयां Ûयायालय को अपनी इÍछा या èवेÍछा से काय[ करने क े ͧलए मनमानी अͬधकाǐरता Ĥदान नहȣं करती हɇ।"

15. आ¢ेͪपत Ǔनण[य मɅ, ͪवɮवान Ûयायाधीश ने राजीव थापर (पूवȾÈत) मɅ एक खÖड पीठ हेतु ÛयायमूǓत[ जे. एस. खेहर कȧ राय पर उͬचत Ǿप से भरोसा ͩकया था, जो सं¢ेप मɅ Ǔनàनͧलͨखत Ĥासंͬगक मापदंडɉ को åयÈत करता है िजन पर अͧभखंͫडत करने वाले Ûयायालय ɮवारा, जारȣ करने कȧ ĤͩĐया, सुपुद[गी, या आरोपɉ कȧ ͪवरचना क े èतर पर ͪवचार ͩकया जाना चाǑहए, “28. उÍच Ûयायालय को, दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 482 क े अधीन अपनी अͬधकाǐरता का Ĥयोग करते हुए, एक Ûयायसंगत और सहȣ ͪवकãप चुनना चाǑहए। यह आरोपी क े ͨखलाफ अͧभयोजन/ͧशकायतकता[ ɮवारा लगाए गए आरोपɉ कȧ स×यता या अÛयथा क े मूãयांकन का चरण नहȣं है। इसी Ĥकार, यह अवधारणा बनाने हेतु चरण नहȣं है ͩक अͧभयुÈत कȧ ओर से उठाए गए बचाव ͩकतने मह×वपूण[ हɇ। यहां तक ͩक यǑद अͧभयुÈत अͧभयोजन/ͧशकायतकता[ ɮवारा लगाए गए आरोपɉ मɅ क ु छ संदेह या शंका Ǒदखाने मɅ सफल होता है, तो भी ͪवचारण से पूव[ अͧभयुÈत को दोषमुÈत करना अननु£ेय होगा। ऐसा इसͧलए है Èयɉͩक इससे अͧभयोजन प¢ या ͧशकायतकता[ को साêय Ĥèतुत करने कȧ अनुमǓत Ǒदए ǒबना अͧभयोजन प¢/ͧशकायतकता[ ɮवारा लगाए गए आरोपɉ को अिÛतमता देना होगा।”

16. उपयु[Èत ͪवͬध कȧ ĤǓतपादना यह पूण[तः èपçट करती है ͩक Ûयायालय को ͪवचारण पूव[ चरण पर ͧशकायत अͧभखंͫडत करने कȧ राहत Ĥदान करने मɅ सचेत होना चाǑहए, जब तØया×मक ͪववाद ͪवशेष Ǿप से ͪवͬधक उपधारणा क े कारण संभाåयता क े दायरे मɅ है, जैसा ͩक इस मामले मɅ है। Úयान देने योÊय बात यह भी है ͩक कोई साêय Ĥèतुत ͩकए ǒबना तØया×मक बचाव Ǔनͪव[वाद गुणवƣा का होना चाǑहए, ताͩक ͧशकायत मɅ लगाए गए आरोपɉ को पूरȣ तरह से गलत साǒबत ͩकया जा सक े ।

17. ͪवचारण पूव[ चरण पर आपराͬधक ĤͩĐया मɅ बाधा डालने क े पǐरणाम गंभीर और अपूरणीय हो सकते हɇ। Ĥारंͧभक चरणɉ पर अͧभखंͫडत करने कȧ काय[वाǑहयɉ का पǐरणाम प¢कारɉ ɮवारा साêय Ĥèतुत करने का अवसर ĤाÜत ͩकए ǒबना अिÛतमता देना होगा और पǐरणाम यह होगा ͩक उͬचत Ûयायलय अथा[त ् ͪवचारण Ûयायालय को महǂवपूण[ साêय पर ͪवचार करने से बेदखल कर Ǒदया जाएगा। यǑद इसकȧ अनुमǓत दȣ जाती है तो अͧभयुÈत को आपराͬधक ĤͩĐया मɅ अनुपयुÈत लाभ Ǒदया जा सकता है। ͪवͬधक उपधारणा क े कारण भी, जब चेक और हèता¢र अपीलाथȸ ɮवारा ͪववाǑदत नहȣं ͩकए जाते हɇ, तो इस èतर पर सुͪवधा का संतुलन ͧशकायतकता[/अͧभयोजन क े प¢ मɅ है, Èयɉͩक अͧभयुÈत क े पास पूव[धारणा का खंडन करने क े ͧलए ͪवचारण क े दौरान बचाव साêय Ĥèतुत करने का उͬचत अवसर होगा।

18. इस Ĥकार, समन आदेश क े चरण पर, ͧशकायतकता[ क े वाद न करने क े ͧलए, जब ͪवचारण Ûयायालय ɮवारा तØया×मक ͪववाद कȧ संयाचना और ͪवचार ͩकया जाना बाकȧ है, हमारȣ राय मɅ Ûयायसंगत नहȣं होगा। ĤथमǺçटया Ĥभाव क े आधार पर, यहां आपराͬधक त×व से पूरȣ तरह से इंकार नहȣं ͩकया जा सकता है जो ͪवचारण Ûयायालय ɮवारा अवधारण क े अÚयधीन है। इसͧलए, जब काय[वाǑहयां Ĥारंͧभक अवèथा मɅ हɇ, तो आपराͬधक ĤͩĐया मɅ बाधा डालना सराहनीय नहȣं है।

19. हमारे मूãयांकन मɅ, आ¢ेͪपत Ǔनण[य सटȣक ͪवͬधक ͧसɮधांतɉ को लागू करक े Ǒदया जाता है और उÍच Ûयायालय ने अͧभखंडन काय[वाहȣ मɅ अͧभयुÈत को उͬचत Ǿप से राहत देने से इनकार ͩकया है। यह कहने क े बाद, अपने ͨखलाफ कानूनी उपधारणा का खंडन करने क े ͧलए, अपीलाथȸ को एक Ǔनçप¢ Ûयायाधीश ɮवारा खुले ͪवचारण मɅ अपना साêय पेश करने का उͬचत अवसर भी ͧमलना चाǑहए। जो Ǔनçप¢ Ǿप से मामले कȧ स×यता तक पहुंचने क े ͧलए सामĒी को परख सकता है। इस ǒबंदु पर, कोई भी अमेǐरकȧ लेखक और Ǔनवेश सलाहकार हैरȣ Ħाउन क े शÞदɉ का èमरण करक े लाभािÛवत हो सकता है, िजÛहɉने बहुत उपयुÈत Ǿप से Ĥèतुत ͩकया था - “एक Ûयायोͬचत ͪवचारण वह होता है िजसमɅ साêय क े Ǔनयमɉ का सàमान ͩकया जाता है, अͧभयुÈत क े पास स¢म अͬधवÈता होता है और Ûयायाधीश उͬचत Ûयायालय क¢ ĤͩĐया को लागू करता है - एक ऐसा ͪवचारण िजसमɅ Ĥ×येक धारणा को चुनौती दȣ जा सकती है।” अपीलाथȸ क े ͧलए इससे क ु छ कम नहȣं और अͬधक नहȣं अपेͯ¢त है।

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20. ͪवरह से पूव[ हम यह जोड़ सकते हɇ ͩक इस Ǔनण[य मɅ कȧ गई ǑटÜपणी क े वल इस आदेश क े सीͧमत Ĥयोजन हेतु है और यह ͪवचारण Ûयायालय ɮवारा मामले को गुणागुण क े आधार पर Ǔनͨण[त करने क े माग[ को अवǽɮध नहȣं करɅगी। तदनुसार प¢कारगण को अपना जुमा[ना èवयं वहन करने क े ͧलए èवतंğ रख अपीलɉ को खाǐरज ͩकया जाता है।.................Ûया. [क े. एम. जोसेफ].................Ûया. [ऋͪषक े श रॉय] नई Ǒदãलȣ 26 अĤैल, 2022 (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. अèवीकरण: देशी भाषा मɅ Ǔनण[य का अनुवाद मुकɮɮमेबाज़ क े सीͧमत Ĥयोग हे तु ͩकया गया है ताͩक वो अपनी भाषा मɅ इसे समझ सक Ʌ एवं यह ͩकसी अÛय Ĥयोजन हेतु Ĥयोग नहȣं ͩकया जाएगा| समèत काया[लयी एवं åयावहाǐरक Ĥयोज नɉ हेतु Ǔनण[य का अंĒेज़ी èवǾप हȣ अͧभĤमाͨणत माना जाएगा और काया[Ûवय न तथा लागू ͩकए जाने हेतु उसे हȣ वरȣयता दȣ जाएगी।