Mamta v. State (Delhi)

Supreme Court of India · 24 May 2022
D. Y. Chandrachud; Bela M. Trivedi
Criminal Appeal No 878 of 2022 @ SLP (Criminal) No 2971 of 2022
criminal appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court set aside the Delhi High Court's bail order for the accused in a serious kidnapping and murder case, emphasizing the need to consider the gravity of the offence and pending witnesses before granting bail.

Full Text
Translation output
प्र�तवे
भारतीय सव�च्च न्याया
फौज़दार� अपील�य अ�धका�रता
फौज़दार� अपील संख्या878/2022
(एस.एल.पी.(फौज़दार�) संख्या2971/2022 से उत्पन)
ममता व अन् ........अपीलाथ�(गण)
बनाम
राज्य(रा.रा.�े. �दल्ल) व अन् ...........प्रत्(गण)
�नणर्
JUDGMENT

3. दूसरा प्रथ� भारतीय दंड सं�हता, 1860 क� धारा 363, 364क, 302 व 201 सहप�ठत धारा 34 क े तहत दंडनीय क�थत अपराध� क े �लए थाना गांधी नगर, िजला पूव� �दल्ल� म� दजर2014 क� प्राथ�मक डॉ. धनंजय वाई. चंद्रच, (न्यायाधी)

1. अनुम�त प्रदान क� ग

2. यह अपील 2022 क े ज़मानत आवेदन संख्य 196 म� �दल्ल उच् न्यायाल क े एकल न्यायाधी क े आदेश �दनां�कत 2 माचर, 2022 से उत्पन हुई है। संख्या 894 �दनां�कत 18 नवंबर, 2014 क े संबंध म� �वचारण का सामना कर रहा है। दंड प्र�क सं�हता, 1973 1 क� धारा 173 क े तहत आरोप-पत प्रस् करने क े उपरांत आरोप तय हो चुक े ह�। ग्यारह अ�भयोजन सा��य� क� गवाह� हो चुक� है

4. अपीलाथ�गण मृतक क े माता-�पता ह�, जो �क 13 वष�य आठवीं क�ा का एक छात था। अ�भयोजन प� का मामला यह है �क एक करोड़ रुपय क� �फरौती क े �लए उसका अपहरण �कया गया था और बच्च क े अपहरण क े एक �दन बाद उसका शव नाले से बरामद �कया गया था। दूसरे पत्यथ को �दनांक 25 नवंबर, 2014 को �गरफ्ता �कया गया और अंत�रम ज़मानत पर �रहा होने क� अव�ध को छोड़कर, वह �दनांक 2 माचर, 2022 तक �हरासत म� था।

5. अपीलाथ�गण क� ओर से व�रष् अ�धवक्त डॉ. मेनका गुरुस्वा ने �नवेदन �कया �क:- 1 "दं.प.सं." (i) उच् न्यायाल इस एक स्पष रू से दोषपूणर आधार पर आगे बढ़ा है �क अ�भ.सा. 3 उवर्श, िजसने �वचारण क े दौरान गवाह� द� है, एक सरकार� गवाह है; (ii) अ�भ.सा. 15 (संर�क) और अ�भ.सा. 16 (मकान माल�कन) स�हत महत्वपूण गवाह� क� गवाह� होनी बाक� है। (iii) जाँच और �वचारण क े दौरान सामने आई सामग् ज़मानत प्रदा �कए जाने क े प्र�तक ह�गे। (iv) उच् न्यायाल इस एक स्पष रू से दोषपूणर आधार पर आगे बढ़ा है �क अ�भ.सा. 3 क� गवाह� क े अलावा, दूसरे प्रथ� क े �वरुद �कसी अन् गवाह का हवाला नह�ं �दया गया है।

6. दूसर� ओर, दूसरे प्रथ� क� ओर से उपिस्थ व�रष् अ�धवक्त श् �सद्धाथ दवे ने आग् �कया �क:- (i) दूसरा प्रथ� छह वषर से अ�धक क� अव�ध क े �लए �हरासत म� था; (ii) इस तथ् को ध्या म� रखते हुए �क �वचारण क े दौरान 55 गवाह� म� से क े वल 11 क� ह� गवाह� हुई है, ज़मानत मंजूर करने वाले आदेश म� हस्त�े क� आवश्यकत नह�ं है; (iii) दूसरे प्रथ� ने सह-अ�भयुक्, िजसने अपनी आवाज़ का नमूना देने से इनकार कर �दया था, क े �वपर�त अपनी आवाज का नमूना प्रस् �कया था और फोर��सक �व�ान प्रयोगशा क� �रपोटर अ�भलेख पर प्रस् नह�ं क� गई है; (iv) अ�भ.सा. 3, जो मुकर गई है, सह-अ�भयुक् क े रूप म� गवाह है क्य�� अ�भयोजन प� क े अनुसार, वह उस प�रसर म� मौजूद थी जहाँ बच्च को लाया गया था; (v) कॉल डेटा �रकॉडर �वशेष रू से दूसरे प्रत् क� लोक े शन क� ओर इशारा नह�ं करता है; और (vi) उपरोक् आधार� व �हरासत म� �बताई गई अव�ध को ध्या म� रखते हुए, इस न्यायाल क े पास ज़मानत मंजूर करने वाले आदेश म� हस्त�े करने का कोई वैध कारण नह�ं है।

7. अपीला�थर्य क� ओर से िजन �नवेदन� को प्रस् �कया गया है, उनका समथर् राष्ट् राजधानी �ेत्र �दल्ल� द् दा�खल प्र- शपथपत क े साथ ह� राष्ट् राजधानी �ेत्र �दल्ल� अ�त�रक् सॉ�ल�सटर जनरल श् जयंत क े. सूद द्वार प्रस्तु� क े दौरान भी �कया गया है। प्रासं�गक रूप से इस पर जोर �दया गया है अ�भलेख पर �नम्न�ल�ख सामग् उभर कर सामने आई हैः (क) दूसरे प्रत् क� �लप्तत दशार्न वाले डीएनए �नष्कष; (ख) दूसरे प्रथ� क� मोटरसाइ�कल क� बरामदगी, जो अपराध करने म� प्रयु हुई थी; (ग) दवा �वक्रे से एल्प्र और म�टेयर एलसी टैबलेट क� खर�द, जो बच्च को नशील� दवा देने क े �लए इस्तेमा क� गई थी; (घ) दवा �वक्रे, अ�भ.सा. 5 का कथन; और (ङ) मृतक क े आई-काडर, घड़ी व स्कू बैग क� बरामदगी।

8. इस न्यायाल क े सम� जो मुद्द उठता है वह यह है �क क्य उच् न्यायाल द्वारा दूसरे प्रथ� क� ज़मानत मंजूर �कया जाना न्यायो�च था। वतर्मा मामले म�, अपराध म� �फरौती क े �लए एक छोटे बच्च क� क�थत हत्य शा�मल है। �वचारण जार� है, हालां�क हमारे �वचार से, यह �नद�श देना उ�चत होगा �क �वचारण को शीघ्र से पूरा �कया जाए।

9. उच् न्यायाल ने ज़मानत प्राथ� रू से इस आधार पर मंजूर क� है �कः (i) आरोप-पत दा�खल हो जाने पर, जाँच क े उद्देश से दूसरे प्रथ� क� �हरासत क� आवश्यता नह�ं थी; (ii) अ�भ.सा. 3 एक सरकार� गवाह है िजसने अ�भयोजन प� क े मामले का समथर् नह�ं �कया है; और (iii) यह मामला पा�रिस्थ�त प�रिस्थ�तय पर आधा�रत है और इस चरण पर दूसरे प्रत्यथ� क� सं�लप्तता दशार्ने हेतु सा�य अपय ह�।

10. ज़मानत प्रद करते समय उच् न्यायाल उन महत्वपूण पहलुओं पर ध्या देने म� �वफल रहा है जो इस बात पर प्रभ डालते ह� �क दंड प्र�क सं�हता क� धारा 439 क े अधीन ज़मानत मंजूर करने क े अ�धकार �ेत क े प्रय हेतु कोई मामला स्था�प �कया गया था या नह�ं। चूं�क �वचारण अभी जार� है, हम उस तथ्य क� चचार् म� नह� पड़ रहे ह� जो जाँच क े दौरान अथवा तत्संबंधी �वचारण के दौरान सामने आए ह� िजसक े कारण दंड प्र�क्रया सं�हता क� ध173 क े तहत अं�तम आख्या दा�खल क� गई। तथा�प, एक महत्वपूण प�रिस्थ�, िजस पर उच् न्यायाल द्वार �वचार �कया जाना चा�हए था परंतु �कया नह�ं गया, यह है �क महत्वपूण गवाह� क� गवाह� होनी अभी शेष है । इस चरण पर, दूसरे प्रथ� क� ज़मानत पर �रहाई होने से �नष्प सुनवाई बा�धत हो ने का एक गंभीर जो�खम पैदा होगा। अपीलाथ�गण और अ�भयोजन प� क� इस आशंका को �क गवाह� क े साथ छेड़छाड़ क� जा सकती है, सारह�न नह�ं माना जा सकता है।

11. अपराध क� प्रकृ और गंभीरता, वह भू�मका िजसक े �लए दूसरे प्रथ� को िजम्मेदा ठहराया गया है तथा महत्वपूण गवाह, िजनक� गवाह� अभी शेष है, को ध्या म� रखते हुए, वतर्मा मामले म� उच् न्यायाल द्वार �ववेका�धकार का प्रय अनु�चत है।

12. तदनुसार अपील मंजूर क� जाती है और 2022 क े ज़मानत आवेदन संख्य 196 म� �दल्ल उच् न्यायाल क े �नणर् एवं आदेश �दनां�कत 2 माचर, 2022 को रद् �कया जाता है। दूसरा प्रथ� तुरंत आत्मसमपर करे। चूं�क यह �वचारण 2014 से लं�बत है, इस�लए हम �नचल� अदालत क े न्यायाधी को दै�नक आधार पर तेजी से सुनवाई करने और इसे एक साल क े भीतर पूरा करने का �नद�श देते ह�।

13. लं�बत आवेदन, य�द कोई हो, का �नपटान �कया जाता है।...................................न्य. [डॉ. धनंजय वाई. चंद्रच]...................................न्य. [बेला एम. �त्रवे] नई �दल्ल; 24 मई, 2022 -एस- अस्वीकर: देशी भाषा म� �नणर्य का अनुवाद मुकद्द्मेबाज़ के सी�मत प्रयोग हेतु �कया है ता�क वो अपनी भाषा म� इसे समझ सक � एवं यह �कसी अन्य प्रयोजन हेतु प्रयोग �कया जाएगा| समस्त कायार्लयी एवं व्यावहा�रक प्रयोजन� हेतु �नणर्य का अंग्रेज़ी अ�भप्रमा�णत माना जाएगा और कायार्न्वयन तथा लागू �कए जाने हेतु उसे ह� वर�यता जाएगी| आइटम सं. 2 न्यायालय स. 2 अनुभाग II-सी भारतीय सव�च्च न्याया कायर्वाह� का अ�भले �वशेष अनुम�त या�चका (आपरा�धक) सं. 2971/2022 (ज़मानत आवेदन संख्य 196/2022 म� �दल्ल उच् न्यायाल, नई �दल्ल द्वार पा�रत आ�े�पत अं�तम �नणर्य व आदेश �दनां�कत 02-03-2022 से उत्पन) ममता व अन् याची (गण) बनाम राज्य(�दल्ल� र.रा.�े.) व अन् प्रत् (गण) (अंतर्वत� आवेद सं. 43222/2022 – आ�े�पत �नणर्य क� सत्या�-प्र दा�खल करने से छ ू ट, अंतरवत� आवेदन सं. 43224/2022 – मूल अनुवाद दा�खल करने से छ ू ट क े साथ) �दनांक: 24-05-2022 इस या�चका क� आज सुनवाई क� गई। कोरम: माननीय न्यायधीश डॉ. डी. वाई. चंद्रच माननीय न्यायधीश सुश् बेला एम. �त्रवे या�चकाकतार(गण) क� ओर से: डॉ. मेनका गुरुस्वा, व�रष् अ�धवक्त श् अिश्वन क ु मार दुबे, ए.ओ.आर. श् यश एस. �वजय, अ�धवक्त श् सौरभ �मश्, अ�धवक्त श् उत्कष प्रत, अ�धवक्त प्रत्(गण) क� ओर से: श् जयंत क े. सूद, ए.एस.जी. सुश् नीला क े दार गोखले, अ�धवक्त श् सौरभ �संह, अ�धवक्त श् मो�हत क ु मार �संह, अ�धवक्त श् संजय क ु मार त्याग, अ�धवक्त सुश् �वशाखा, अ�धवक्त श् का�तर् जासरा, अ�धवक्त श् रणद�प सचदेवा, अ�धवक्त श् हर�श नड्ड, अ�धवक्त श् अशोक पा�णग्र, अ�धवक्त श् गुरमीत �संह मक्क, ए.ओ.आर. श् �सद्धाथ दवे, व�रष् अ�धवक्त सुश् सु�प्र जुनेजा, ए.ओ.आर. श् अधीश्व सूर�, अ�धवक्त श् राजीव मोहन, अ�धवक्त श् मानव�द �संह, अ�धवक्त अ�धवक्त को सुनने क े उपरांत न्यायाल द्वार �नम्न�ल�ख आदेश �दया गया

1. अनुम�त प्रदान क� ।

2. हस्ता��र प्र�तवे �नणर् क े अनुसार अपील मंजूर क� जाती है तथा 2022 क े ज़मानत आवेदन संख्य 196 म� �दल्ल उच् न्यायाल क े �नणर् एवं आदेश �दनां�कत 2 माचर, 2022 को रद् �कया जाता है। दूसरा प्रथ� तुरंत आत्मसमपर करे। चूं�क यह वाद 2014 से लं�बत है, इस�लए हम �नचल� अदालत क े न्यायाधी को दै�नक आधार पर तेजी से सुनवाई करने और इसे एक साल क े भीतर पूरा करने का �नद�श देते ह�।

7,652 characters total

3. लं�बत आवेदन, य�द कोई हो, का �नपटान �कया जाता है। (संजय क ु मार-I) (सरोज क ु मार गौड़) उप�नबंधक कोटर मास्ट (हस्ता��र प्र�तवे �नणर् फाइल पर रखा गया) अस्वीकर: देशी भाषा म� �नणर्य का अनुवाद मुकद्द्मेबाज़ के सी�मत प्रयोग हेतु �कया है ता�क वो अपनी भाषा म� इसे समझ सक � एवं यह �कसी अन्य प्रयोजन हेतु प्रयोग �कया जाएगा| समस्त कायार्लयी एवं व्यावहा�रक प्रयोजन� हेतु �नणर्य का अंग्रेज़ी अ�भप्रमा�णत माना जाएगा और कायार्न्वयन तथा लागू �कए जाने हेतु उसे ह� वर�यता जाएगी|