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भार क
े सव च्च न्यायालय में
सिसविवल अपीलीय क्षेत्राति कार
सिसविवल अपील संख्या 2916/2022
अयोध्या फ
ै जाबाद विवकास प्राति करण और अन्य .............अपीलक ा.
बनाम
राम नेवाज और अन्य. ....प्रत्यर्थी2
विनण.य
न्यायमूर्ति एम. आर. शाह
JUDGMENT
1. प्रति वादी - मूल रिरट याति<काक ा. इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ, लखनऊ द्वारा प्रकीण. खंडपीठ संख्या 3962/2005 में पारिर आक्षेविप विनण.य और आदेश विदनांक 19.07.2017 से व्यथिर्थी और असं ुष्ट महसूस कर रहा है, सिजसक े द्वारा उच्च न्यायालय ने उक्त रिरट याति<का को अनुमति दी है सिजसे उच्च न्यायालय ने प्रस् ु विकया है और यह अव ारिर विकया गया है विक मूल रिरट याति<काक ा.ओं से संबंति प्रश्नग ीन भूखंडों क े संबं में अति ग्रहण की काय.वाही भूविम अति ग्रहण, पुनवा.स और पुनवा.स अति विनयम, 2013 (ए स्मिस्मनपश्चा 'अति विनयम 2013' क े रूप में संदर्भिभ ) में उति< मुआवजा और पारदर्भिश ा क े अति कार की ारा 24 की उप ारा (2) क े ह mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA व्यपग हो गई है और अयोध्या फ ै जाबाद विवकास प्राति करण और एक अन्य ने व.मान अपील को प्रार्थीविमक ा दी है।
2. हमने संबंति पक्षों क े विवद्वान अति वक्ताओं को विवस् ार से सुना।हमने उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आक्षेविप विनण.य और आदेश का परिरशीलन विकया।
3. आक्षेविप विनण.य और आदेश द्वारा उच्च न्यायालय ने यह माना है विक विव<ारा ीन ीन भूखंडों क े संबं में अति ग्रहण की काय.वाही अति विनयम, 2013 की ारा 24 की उप- ारा (2) क े ह पूरी रह से इस आ ार पर व्यपग हो जाएगी विक हालांविक मुआवजे की राथिश कोषागार में जमा कर दी गई र्थीी, लेविकन उसे न्यायालय में जमा नहीं विकया गया र्थीा और फलस्वरूप भूविम मालिलकों को मुआवजे की राथिश का भुग ान नहीं विकया गया र्थीा।उच्च न्यायालय ने विदल्ली विवकास प्राति करण बनाम सुखबीर सिंसह और अन्य, (2016) 16 एससीसी 258 क े मामले में इस न्यायालय क े विनण.य पर अवलम्ब लिलया है। हालांविक, इंदौर विवकास प्राति करण बनाम मनोहरलाल और अन्य, (2020) 8 एससीसी 129 क े मामले में इस न्यायालय क े बाद क े विनण.य क े मद्देनजर, उच्च न्यायालय द्वारा पारिर विनण.य और आदेश अस्मिस्र्थीर है। पूव क्त विनण.य क े प्रस् र 366 में इस न्यायालय ने विनम्नलिललिख म व्यक्त विकया है और अथिभविन ा.रिर विकया हैः Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA "366. उपयु.क्त <<ा. को ध्यान में रख े हुए, हम विनम्नलिललिख प्रश्नों का उत्तर दे े हैंः
366.1. ारा 24(1)(ए) क े प्राव ानों क े ह यविद 1.1.2014 को 2013 क े अति विनयम क े प्रारंभ होने की ति थिर्थी को अति विनण.य नहीं विकया जा ा है, ो काय.वाही में कोई <ूक नहीं है।मुआवजे का विन ा.रण 2013 क े प्राव ानों क े ह विकया जाना है।366.2. यविद न्यायालय क े अं रिरम आदेश क े अन् ग. आने वाली अवति को छोड़कर पां< साल की अवति क े भी र आदेश पारिर विकया गया हो ो 1894 अति विनयम क े ह 2013 अति विनयम की ारा 24(1)(बी) क े ह काय.वाही जारी रहेगी जैसे विक यविद इसे विनरसिस न विकया गया हो।
366.3. कब्जे और मुआवजे क े बी< ारा 24(2) में प्रयुक्त शब्द "या" को "न ही" या "और" क े रूप में पढ़ा जाना <ाविहए। 2013 क े अति विनयम की ारा 24(2) क े ह भूविम अति ग्रहण की काय.वाही की <ूक मानी जा ी है, जहां उक्त अति विनयम क े शुरू होने से पहले पां< साल या उससे अति क समय क अति कारिरयों की विनस्मिopय ा क े कारण, न जमीन का कब्जा लिलया गया है और न ही मुआवजा विदया गया है।दूसरे शब्दों में, यविद कब्जा ले लिलया गया है, ो मुआवजा नहीं विदया गया है ो कोई <ूक नहीं हुई है।इसी रह, यविद मुआवजा विदया गया है और कब्जा नहीं लिलया गया है ो कोई <ूक नहीं हो ी है।
366.4. 2013 अति विनयम की ारा 24(2) क े मुख्य भाग में "भुग ान" की उविक्त में न्यायालय में मुआवजे की जमा राथिश शाविमल नहीं है।जमा न विकये Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA जाने का परिरणाम ारा 24(2) क े परं ुक में विकया गया है यविद अति कांश भूविम जो ों क े संबं में इसे जमा नहीं विकया गया है ो 1894 अति विनयम की ारा 4 क े ह भूविम अति ग्रहण क े लिलए अति सू<ना की ति थिर्थी क े अनुसार सभी लाभार्थी2 (भूस्वामी) 2013 अति विनयम क े प्राव ानों क े अनुसार मुआवजे क े हकदार होंगे। यविद भूविम अति ग्रहण अति विनयम, 1894 की ारा 31 क े ह दातियत्व पूरा नहीं विकया गया है ो उक्त अति विनयम की ारा 34 क े ह ब्याज विदया जा सक ा है। मुआवजे क े गैर-लाभकारी जमा (न्यायालय में) क े परिरणामस्वरूप भूविम अति ग्रहण की काय.वाही नहीं हो ी है।अति कांश जो ों क े संबं में पां< साल या उससे अति क क े लिलए जमा न करने क े मामले में 2013 अति विनयम क े ह मुआवजे का भुग ान 1894 अति विनयम की ारा 4 क े ह भूविम अति ग्रहण क े लिलए अति सू<ना की ारीख क े अनुसार "जमींदारों" को विकया जाना है।
366.5. यविद विकसी व्यविक्त को 1894 अति विनयम की ारा 31(1) क े ह प्रदान विकए गए मुआवजे क े लिलए विनविवदा दी गई है, ो वह यह दावा नहीं कर सक ा है विक न्यायालय में मुआवजे का भुग ान न करने या न जमा करने क े कारण ारा 24 (2) क े ह अति ग्रहण व्यपग हो गया है।भुग ान करने की बाध्य ा ारा 31(1) क े ह राथिश को विनविवदा देकर पूण. की जा ी है।सिजन भूस्वाविमयों ने मुआवजे को स्वीकार करने से इनकार कर विदया र्थीा या सिजन्होंने Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA अति क मुआवजे क े लिलए संदभ. मांगा र्थीा, वे यह दावा नहीं कर सक े विक अति ग्रहण की काय.वाही 2013 क े अति विनयम की ारा 24 (2) क े ह समाप्त हो गई र्थीी।
366.6. 2013 क े अति विनयम की ारा 24(2) क े परन् ुक को ारा 24(2) क े भाग क े रूप में माना जाना <ाविहए, न विक ारा 24(1)(बी) का विहस्सा।
366.7. 1894 क े अ ीन और ारा 24 (2) क े ह अनुध्या रूप में कब्जा लेने का रीका पं<नामा/ज्ञापन ैयार करना है।एक बार 1894 अति विनयम की ारा 16 क े ह कब्जा लेने पर आदेश पारिर विकया गया हो, ो भूविम राज्य में विनविह है और 2013 अति विनयम की ारा 24 (2) क े ह कोई अति कार नही विदया गया है, क्योंविक एक बार कब्जा लेने क े बाद ारा 24 (2) क े ह कोई <ूक नहीं हो ी है।
366.9. अति विनयम की ारा 24 (2) भूविम अति ग्रहण की पूण. वाद हे ुक वै ा पर सवाल उठाने क े लिलए नए वाद हे ुक को जन्म नहीं दे ी है। ारा 24 2013 क े प्रव.न की ति थिर्थी अर्थीा. 1.1.2014 को लंविब काय.वाही पर लागू हो ी है। खंड 24 (2) क े प्राव ान उस स्मिस्र्थीति में लागू हो े हैं जब विदनांक 1/1/2014 को संबंति प्राति कारी क े पास लंविब भूविम अति ग्रहण की काय.वाही में प्राति कारी 2013 क े लागू होने से पहले पां< साल या उससे अति क क े लिलए कब्जा लेने और मुआवजे का भुग ान करने में Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA उनकी विनस्मिopय ा क े कारण विवफल रहे हों।न्यायालय द्वारा पारिर अं रिरम आदेशों क े विनवा.ह की अवति को पां< साल की गणना में शाविमल नहीं विकया जाना <ाविहए।" 3.[1] इंदौर विवकास प्राति करण (उपरोक्त) क े मामले में इस न्यायालय द्वारा अथिभविन ा.रिर कानून को लागू करना और व.मान मामले में मुआवजे की राथिश कोषागार में जमा कर विदया गया र्थीा और यहां क विक कब्जा भी विदनांक 07.09.2005 को पहले ही ले लिलया गया र्थीा और उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आक्षेविप विनण.य और आदेश सिजसमें कहा गया है विक प्रश्नग भूविम क े संबं में भूविम अति ग्रहण की काय.वाही को व्यपग माना जा ा है, रद्द करने और अपास् करने योग्य है।
4. उपरोक्त विववे<ना एवं उपरोक्त कारणों से व.मान अपील सफल हो ी है।उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आक्षेविप विनण.य और आदेश को रद्द और अपास् विकया जा ा है।परिरणामस्वरूप, उच्च न्यायालय क े समक्ष मूल रिरट याति<काक ा. द्वारा दायर की गई रिरट याति<का खारिरज की जा ी है। मामले क े थ्यों और परिरस्मिस्र्थीति यों में, ख<w क े बारे में कोई आदेश नहीं होगा। (न्यायमूर्ति एम. आर. शाह) (न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्न) Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA नई विदल्ली, 20 मई, 2022 Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA