Full Text
भार ीय सव च्च न्यायालय
सिसविवल अपीलीय अति कारिर ा
सिसविवल अपील सं. 3005/2022
भार संघ एवं अन्य …अपीलार्थी$ (गण)
बनाम
आशीष अग्रवाल ...प्रत्यर्थी$ (गण)
सह
सिसविवल अपील सं. 3006/2022
सह
सिसविवल अपील सं. 3009/2022
सह
सिसविवल अपील सं. 3007/2022
सह
सिसविवल अपील सं. 3008/2022
सह
सिसविवल अपील सं. 3010/2022
सह mn~?kks"k.kk
Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA
सह
सिसविवल अपील सं. 3011/2022
सह
सिसविवल अपील सं. 3012/2022
सह
सिसविवल अपील सं. 3014/2022
सह
सिसविवल अपील सं. 3015/2022
सह
सिसविवल अपील सं. 3016/2022
सह
सिसविवल अपील सं. 3017/2022
सह
सिसविवल अपील सं. 3019/2022
सह
सिसविवल अपील सं. 3020/2022 mn~?kks"k.kk
Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA
सह
सिसविवल अपील सं./2022
(विव.अ.या. (सी) सं. 6448/2022 से उद्भू )
सह
सिसविवल अपील सं./2022
(विव.अ.या. (सी) सं. 5381/2022 से उद्भू )
सह
सिसविवल अपील सं./2022
(विव.अ.या. (सी) सं. 5079/2022 से उद्भू )
सह
सिसविवल अपील सं./2022
(विव.अ.या. (सी) सं. 6092/2022 से उद्भू )
सह
सिसविवल अपील सं./2022
(विव.अ.या. (सी) सं. 6534/2022 से उद्भू )
सह
सिसविवल अपील सं./2022
(विव.अ.या. (सी) सं. 6158/2022 से उद्भू ) mn~?kks"k.kk
Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA
सह
सिसविवल अपील सं./2022
(विव.अ.या. (सी) सं. 6316/2022 से उद्भू )
सह
सिसविवल अपील सं./2022
(विव.अ.या. (सी) सं. 6281/2022 से उद्भू )
सह
सिसविवल अपील सं./2022
(विव.अ.या. (सी) सं. 6545/2022 से उद्भू )
सह
सिसविवल अपील सं./2022
(विव.अ.या.(सी) सं. 6038/2022 से उद्भू )
विनण;य
न्यायमूर्ति एम. आर. शाह
विव.अ.या.(सी) सं.6448/2022, 5381/2022, 5079/2022, 6092/2022, 6534/2022, 6158/2022, 6316/2022, 6281/2022, 6545/2022, 6038/2022 में अनुमति प्रदान की गयी। mn~?kks"k.kk
Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA
JUDGMENT
1. इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा रिरट टैक्स नं. 524/2021 और अन्य संबद्ध रिरट टैक्स यातिJकाओं में पारिर आक्षेविप सामान्य विनण;य और आदेश से व्यथिर्थी और असं ुष्ट महसूस कर े हुए, सिPसक े द्वारा उच्च न्यायालय ने उक्त रिरट यातिJकाओं को अनुमति दी और आयकर अति विनयम, 1961 की ारा 148 क े ह राPस्व द्वारा Pारी विकए गए कई पुनमू;ल्यांकन नोविटसों को इस आ ार पर रद्द कर विदया है विक विवत्त अति विनयम, 2021 द्वारा संशो न क े मद्देनPर ये विवति ः गल हैं, सिPसक े द्वारा 1 अप्रैल, 2021 से नए प्राव ान अर्थीा; ् ारा 147 से 151 को शाविमल करक े आयकर अति विनयम में संशो न विकया गया है, राPस्व ने व;मान अपीलें दायर की है।
2. इसी प्रकार क े विनण;य और आदेश विदल्ली उच्च न्यायालय, राPस्र्थीान उच्च न्यायालय, कलकत्ता उच्च न्यायालय, मद्रास उच्च न्यायालय,बम्बई उच्च न्यायालय, सविह विवथिभन्न अन्य उच्च न्यायालयों द्वारा पारिर विकए Pा े हैं सिPनका विववरण विनम्नानुसार हैः क्रम संख्या विववरण
1. अशोक क ु मार अग्रवाल बनाम भार संघ (इलाहाबाद उच्च न्यायालय) इलाहाबाद उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा रिरट टैक्स सं. 524/2021 में पारिर 30.09.2021 विदनांविक विनण;य
2. बीपीआईपी इन्फ्रा प्रा. लिल. बनाम आयकर अति कारी एवं अन्य (राPस्र्थीान उच्च न्यायालय) एस.बी. सिसविवल रिरट यातिJका सं. 13297/2021 में राPस्र्थीान उच्च न्यायालय,Pयपुर द्वारा पारिर 25.11.2021 विदनांविक विनण;य
3. मनमोहन कोहली बनाम एसीआईटी (विदल्ली उच्च न्यायालय) रिरट यातिJका (सी) सं. 6176/2021 में माननीय विदल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पारिर 15.12.2021 विदनांविक विनण;य
4. बगारिरया प्रॉपट$P एंड इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिलविमटेड बनाम भार संघ (कलकत्ता उच्च mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA न्यायालय) डब्ल्यू.पी.ओ. संख्या 244/2021 में माननीय कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा पारिर 17.01.2022 विदनांविक विनण;य
5. मनोP Pैन बनाम भार संघ (कलकत्ता उच्च न्यायालय ) डब्ल्यू.पी.ए. संख्या 11950/2021 में माननीय कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा पारिर 17.01.2022 विदनांविक विनण;य
6. सुदेश नेPा बनाम आईटीओ (राPस्र्थीान उच्च न्यायालय) डी.बी. सिसविवल रिरट यातिJका संख्या 969/2021 में माननीय राPस्र्थीान उच्च न्यायालय द्वारा पारिर 27.01.2022 विदनांविक विनण;य
7. वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉPी बनाम सीबीडीटी (मद्रास उच्च न्यायालय) रिरट यातिJका सं. 15019/2021 में मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा पारिर 04.02.2022 विदनांविक विनण;य
8. टाटा कम्युविनक े शंस ट्रांसफॉमkशन सर्विवसेP बनाम एसीआईटी (बॉम्बे हाई कोट;) रिरट यातिJका संख्या 1334 /2021 में माननीय बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा पारिर 29.03.2022 विदनांविक विनण;य 5 इस स् र पर, यह ध्यान देने की आवश्यक ा है विक असंशोति आयकर अति विनयम की ारा 148 क े ह लगभग 90,000 ऐसे पुनमू;ल्यांकन नोविटस 01.04.2021 क े बाद राPस्व द्वारा Pारी विकए गए र्थीे, Pो देश भर क े विवथिभन्न उच्च न्यायालयों क े समक्ष 9000 से अति क रिरट यातिJकाओं की विवषयवस् ु बने और विवथिभन्न विनण;य एवं आदेश द्वारा, सिPनका विववरण ऊपर विदया गया है, उच्च न्यायालयों ने समान दृविष्टकोण अपनाया है और समान आ ारों पर ारा 148 क े ह Pारी संबंति पुनमू;ल्यांकन नोविटसों को अपास् कर विदया।
2. 1 इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर सामान्य विनण;य और आदेश व;मान अपीलों की विवषय-वस् ु है। विवद्वान एएसPी श्री एन. वेंकटरमन ने बार में कहा विक राPस्व विवथिभन्न उच्च न्यायालयों द्वारा पारिर इसी रह क े विनण;य एवं आदेशों क े mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA लिtलाफ अपील करने पर विवJार कर रहा है। र्थीाविप, Jूंविक विवषय सामान्य है और काय;वाविहयों की बहुल ा होगी और इस न्यायालय क े बोझ को कम करने क े लिलए और इसमें नीJे विदए गए कारणों से, Pैसा विक हम भार क े संविव ान क े अनुच्छेद 142 क े ह शविक्तयों का उपयोग कर े हुए एक आदेश पारिर करने का प्रस् ाव कर े हैं, व;मान आदेश समान विवषय पर विवथिभन्न उच्च न्यायालयों द्वारा पारिर सभी अन्य विनण;यों एवं आदेशों को शासिस करेगा। इसलिलए, हमारी विटप्पणी है विक राPस्व विवभाग को अलग-अलग व्यविक्तग अपील दायर करने की आवश्यक ा नहीं है सिPनकी संख्या 9000 से अति क हो सक ी है। 2.[2] वास् व में, हमने विवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता श्री सी.ए. सुंदरम, को सुना है, Pो संबंति विन ा;रिर ी की ओर से पेश हुए र्थीे, Pो विदल्ली उच्च न्यायालय क े समक्ष भी पेश हुए र्थीे।
3. विववाद को समझने क े लिलए, 01.04.2021 से पहले और 01.04.2021 क े बाद लागू प्रासंविगक वै ाविनक प्राव ानों और क ु छ थ्यों का उल्लेt करना आवश्यक है। विवत्त अति विनयम, 2021 क े लागू होने से पहले पुनमू;ल्यांकन की प्रविक्रया को संJालिल करने वाली प्रविक्रया विनम्नलिललिt प्राव ानों द्वारा शासिस हो ी र्थीीः- “कर विन ा;रण से बJने वाली आय
147. यविद विन ा;रण अति कारी क े पास यह विवश्वास करने का कारण है विक कर योग्य कोइ; आय विकसी विन ा;रण वष; क े लिलए विन ा;रण से छ ू ट गइ; है, ो वह ारा 148 से ारा 153 क े उपबं ों क े अ ीन रह े हुए, ऐसी आय का और कर योग्य विकसी अन्य आय का भी, Pो विन ा;रण से छ ू ट गइ; है और mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA Pो बाद में इस ारा क े अ ीन काय;वाविहयों क े दौरान Pानकारी में आ ी है, विन ा;रण या पुनर्विन ा;रण कर सक ा है, या संबंति विन ा;रण वष; क े लिलए (सिPसे इस ारा में और ारा 148 से ारा 153 में प्रासंविगक विन ा;रण वष; कहा गया है) हाविन या अवक्षयण भत्ता या विकसी अन्य भत्ते को पुनः संगथिण कर सक ा है: बश k Pहां प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े लिलए ारा 143 की उप ारा (3) या इस ारा क े अ ीन विन ा;रण विकया गया है, वहां प्रासंविगक विन ा;रण वष; की समावि• से Jार वष; की समावि• क े पश्चा ् इस ारा क े अ ीन कोइ; कार;वाई ब क नहीं की Pाएगी Pब क विक ारा 139 क े अ ीन या ारा 142 की उप ारा (1) या ारा 148 क े अ ीन Pारी की गइ; नोविटस क े उत्तर में या उस विन ा;रण वष; क े लिलए उसक े विन ा;रण क े लिलए आवश्यक सभी ात्वित्वक थ्यों को पूरी रह से और वास् व में प्रकट करने में विन ा;रिर ी की ओर से असफल ा क े कारण ऐसे विन ा;रण वष; क े लिलए कर योग्य कोइ; आय विन ा;रण से छ ू ट न गइ; हो: बश k यह और विक पहले परं ुक में अं र्विवष्ट कोइ; बा उस दशा में लागू नहीं होगी Pहां भार क े बाहर अवत्विस्र्थी विकसी आत्विस् क े संबं में (सिPसक े अं ग; विकसी इकाई में विवत्तीय विह भी है) कर से प्रभाय; कोइ; आय विकसी विन ा;रण वष; क े लिलए विन ा;रण से छ ू ट गइ; है: बश k यह भी विक विन ा;रण अति कारी ऐसी आय से थिभन्न, सिPसमें ऐसे मामले अं व;लिल हैं, Pो विकसी अपील, विनदkश या पुनरीक्षण क े विवषय हैं, विकसी आय का Pो कर योग्य है और कर विन ा;रण से छ ू ट गया है, विन ा;रण या पुनर्विन ा;रण कर सक े गा। mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA स्पष्टीकरण 1. –विन ा;रण अति कारी क े समक्ष लेtा बविहयों या अन्य साक्ष्य को प्रस् ु करना, सिPससे विन ा;रण अति कारी द्वारा सम्यक सPग ा क े सार्थी ात्वित्वक साक्ष्य का प ा लगा हो, आवश्यक रूप से पूव;गामी परं ुक क े अर्थी; में प्रकटन क े बराबर नहीं होगा। स्पष्टीकरण 2. –इस ारा क े प्रयोPनों क े लिलए विनम्नलिललिt को भी ऐसे मामले माना Pाएगा Pहां कर योग्य आय विन ा;रण से छ ू ट गई है, अर्थीा; ्ः - (क) Pहां विन ा;रिर ी द्वारा आय का कोइ; विववरण नहीं विदया गया है, यद्यविप उसकी क ु ल आय या विकसी अन्य व्यविक्त की क ु ल आय, सिPसक े संबं में वह पूव;वष; क े दौरान इस अति विनयम क े अ ीन विन ा;रण योग्य है, उस अति क म रकम से अति क है Pो आय कर योग्य नहीं है; (t) Pहां विन ा;रिर ी द्वारा आय का विववरण प्रस् ु विकया गया है किंक ु कोइ; विन ा;रण नहीं विकया गया है और विन ा;रण अति कारी द्वारा यह पाया Pा ा है विक विन ा;रिर ी ने आय को कम करक े विदtाया है या विववरण में अत्यति क हाविन, कटौ ी, भत्ता या राह का दावा विकया है; (tक) Pहां विन ा;रिर ी विकसी ऐसे अं रराष्ट्रीय संव्यवहार क े संबं में रिरपोट; प्रस् ु करने में असफल रहा है सिPसकी ारा 92 ड़ क े अ ीन उसक े लिलए इस प्रकार अपेक्षा की गइ; र्थीी; (ग) Pहां विन ा;रण विकया गया है, किंक ु- (i) कर योग्य आय का कम मूल्यांकन विकया गया है; या mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (ii) ऐसी आय का मूल्यांकन अत्यति क कम दर पर विकया गया है; या (iii) इस अति विनयम क े अ ीन ऐसी आय को अत्यति क अनु ोष का विवषय बनाया गया है; या (iv) इस अति विनयम क े ह अत्यति क हाविन या मूल्यह्रास भत्ते या विकसी अन्य भत्ते की गणना की गई है, (गक) Pहां विन ा;रिर ी द्वारा आय का विववरण नहीं विदया गया है या उसक े द्वारा ारा 133 सी की उप- ारा (2) क े ह विन ा;रिर आय कर प्राति करण से प्रा• Pानकारी या दस् ावेP क े आ ार पर आय का विववरण विदया गया है, विन ा;रण अति कारी द्वारा यह पाया Pा ा है विक विन ा;रिर ी की आय उस अति क म राथिश से अति क है, Pो कर योग्य नहीं है, या, Pैसा भी मामला हो, विन ा;रिर ी ने आय को कम कर विदtाया गया है या अत्यति क हाविन, कटौ ी, भत्ता या राह का दावा विकया है; (घ) Pहां विकसी व्यविक्त क े पास भार क े बाहर त्विस्र्थी कोइ; आत्विस् (सिPसक े अं ग; विकसी इकाई में विवत्तीय विह भी है) पाया Pा ा है। स्पष्टीकरण 3. –इस ारा क े अ ीन विन ा;रण या पुनर्विन ा;रण क े प्रयोPन क े लिलए, विन ा;रण अति कारी विकसी ऐसे विववाद्यक की बाब, Pो विन ा;रण से छ ू ट गया है, आय का विन ा;रण या पुनर्विन ा;रण कर सक े गा और ऐसा विववाद्यक बाद में इस ारा क े अ ीन काय;वाविहयों क े अनुक्रम में उसकी Pानकारी में आ ा है, इस बा क े हो े हुए भी विक ऐसे विववाद्यक क े कारणों को ारा 148 की उप ारा (2) क े अ ीन अथिभलिललिt कारणों में सत्विम्मलिल नहीं विकया गया है। mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA स्पष्टीकरण 4. –शंकाओं को दूर करने क े लिलए यह स्पष्ट विकया Pा ा है विक विवत्त अति विनयम, 2012 द्वारा यर्थीा संशोति इस ारा क े उपबं 1 अप्रैल, 2012 को या उससे पहले प्रारंभ होने वाले विकसी विन ा;रण वष; क े लिलए भी लागू होंगे। Pहां आय विन ा;रण से छ ू ट गई है वहां नोविटस Pारी करना
148. (1) ारा 147 क े अ ीन विन ा;रण, पुनर्विन ा;रण या पुनः संगणना करने से पूव;, विन ा;रण अति कारी विन ा;रिर ी को एक सूJना की ामील करेगा सिPसमें उससे यह अपेक्षा की Pाएगी विक वह ऐसी अवति क े भी र, Pो सूJना में विवविनर्विदष्ट की Pाए, अपनी आय की या विकसी अन्य व्यविक्त की आय की, सिPसकी बाब वह प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े त्समान पूव;वष; क े दौरान इस अति विनयम क े अ ीन विन ा;रणीय है, विवविह प्ररूप में और विवविह रीति से सत्याविप और ऐसी अन्य विवथिशविष्टयों का उल्लेt कर े हुए, Pो विवविह की Pाएं, एक विववरण प्रस् ु करे और इस अति विनयम क े उपबं, Pहां क हो सक े, दनुसार लागू होंगे Pैसे विक ऐसा विववरण ारा 139 क े अ ीन प्रस् ु विकया Pाने वाला विववरण हो: बश k विक ऐसी त्विस्र्थीति में (क) Pहां इस ारा क े अ ीन ामील की गइ; सूJना क े उत्तर में 1 अक्त ू बर, 1991 को आरंभ होने वाली और 30 सिस ंबर, 2005 को समा• होने वाली अवति क े दौरान विववरण विदया गया है, और (t) त्पश्चा ् ारा 143 की उप ारा (2) क े परं ुक में विवविनर्विदष्ट बारह मास की समावि• क े पश्चा ्, Pैसा विक वह विवत्त अति विनयम, 2002 (2002 का 20) द्वारा उक्त उप ारा क े संशो न क े ठीक पूव; विवद्यमान र्थीा, किंक ु mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA ारा 153 की उप ारा (2) में विवविनर्विदष्ट विन ा;रण पुनर्विन ा;रण या पुनः संगणना क े लिलए समय सीमा समा• होने क े पूव; इस tंड में संदर्भिभ सभी नोविटस वै मानी Pाएगी: बश k आगे त्विस्र्थीति में - (क) Pहां 1 अक्त ू बर, 1991 को आरंभ होने वाली और 30 सिस म्बर, 2005 को समा• होने वाली अवति क े दौरान इस ारा क े अ ीन ामील की गइ; सूJना क े उत्तर में विववरण विदया गया हो, और (t) त्पश्चा ् ारा 143 की उप ारा (2) क े tंड (ii) क े अ ीन एक सूJना की ामील ारा 143 की उप ारा (2) क े tंड (ii) क े परं ुक में विवविनर्विदष्ट बारह मास की समावि• क े पश्चा ् किंक ु ारा 153 की उप ारा (2) में विवविनर्विदष्ट विन ा;रण, पुनर्विन ा;रण या पुनः संगणना करने की समय- सीमा की समावि• से पूव; की गइ; है, इस tंड में विनर्विदष्ट प्रत्येक ऐसी नोविटस को विवति मान्य सूJना समझा Pाएगा। स्पष्टीकरण-शंकाओं को दूर करने क े लिलए यह घोविष विकया Pा ा है विक पहले परं ुक या दूसरे परं ुक में अं र्विवष्ट कोइ; बा विकसी ऐसे विववरण पर लागू नहीं होगी Pो इस ारा क े अ ीन ामील की गइ; नोविटस क े उत्तर में 1 अक्त ू बर, 2005 को या उसक े पश्चा ् दी गइ; है। (2) विन ा;रण अति कारी, इस ारा क े अ ीन कोई नोविटस Pारी करने से पूव;, ऐसा करने क े अपने कारण अथिभलिललिt करेगा। नोविटस Pारी करने की समय सीमा mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA
149. (1) प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े लिलए ारा 148 क े अ ीन कोई नोविटस Pारी नहीं की Pाएगी, - (क) यविद प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े अं से Jार वष; बी गए हैं, Pब क विक मामला tंड (t) या tंड (ग) क े अ ीन नहीं आ ा है– (t) यविद Jार वष;, किंक ु छह वष; से अति क नहीं, प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े अं से बी गए हैं Pब क विक कर योग्य आय, Pो विन ा;रण से छ ू ट गई है, उस वष; क े लिलए एक लाt रुपए या उससे अति क है या होने की संभावना है; (ग) यविद Jार वष;, किंक ु सोलह वष; से अति क नहीं, प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े अं से बी गए हैं Pब क विक भार क े बाहर त्विस्र्थी विकसी आत्विस् (सिPसक े अं ग; विकसी इकाई में विवत्तीय विह भी है) क े संबं में आय कर योग्य विन ा;रण से छ ू ट न गइ; हो। स्पष्टीकरण-इस उप ारा क े प्रयोPनों क े लिलए विन ा;रण से छ ू ट गइ; कर योग्य आय का अव ारण करने में ारा 147 क े स्पष्टीकरण 2 क े उपबं उसी प्रकार लागू होंगे Pैसे वे उस ारा क े प्रयोPनों क े लिलए लागू हो े हैं। (2) नोविटस Pारी करने क े बारे में उप ारा (1) क े उपबं ारा 151 क े उपबं ों क े अ ीन होंगे। (3) यविद वह व्यविक्त, सिPस पर ारा 148 क े अ ीन नोविटस की ामील की Pानी है, ारा 163 क े अ ीन अविनवासी क े अथिभक ा; क े रूप में माना Pाने वाला व्यविक्त है और नोविटस क े अनुसरण में विकए Pाने वाले विन ा;रण, पुनर्विन ा;रण या पुनः संगणना ऐसे अविनवासी क े अथिभक ा; क े रूप में उस mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA पर की Pानी है ो नोविटस प्रासंविगक विन ा;रण वष; की समावि• से छह वष; की अवति की समावि• क े पश्चा ् Pारी नहीं की Pाएगी। स्पष्टीकरण-शंकाओं को दूर करने क े लिलए, यह स्पष्ट विकया Pा ा है विक विवत्त अति विनयम, 2012 द्वारा यर्थीा संशोति ारा (1) और (3) क े प्राव ान 1 अप्रैल, 2012 को या उससे पहले शुरू होने वाले विकसी भी विन ा;रण वष; क े लिलए भी लागू होंगे। नोविटस Pारी करने क े लिलए मंPूरी
151. (1) विकसी विन ा;रण अति कारी द्वारा प्रासंविगक विन ा;रण वष; की समावि• से Jार वष; की अवति की समावि• क े पश्चा ् ारा 148 क े अ ीन कोइ; नोविटस ब क Pारी नहीं की Pाएगी Pब क विक विन ा;रण अति कारी द्वारा अथिभलिललिt कारणों से प्र ान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्र ान आयुक्त या आयुक्त को यह समा ान नहीं हो Pा ा है विक ऐसी नोविटस Pारी करने क े लिलए यह एक उपयुक्त मामला है। (2) उप ारा (1) क े अं ग; आने वाले विकसी मामले से थिभन्न विकसी मामले में, विकसी ऐसे विन ा;रण अति कारी द्वारा, Pो संयुक्त आयुक्त की रैंक से नीJे का है, ारा 148 क े अ ीन कोइ; नोविटस ब क Pारी नहीं की Pाएगी Pब क विक संयुक्त आयुक्त को अथिभलिललिt कारणों से समा ान नहीं हो Pा ा है विक ऐसी नोविटस Pारी करने क े लिलए यह एक उपयुक्त मामला है। (3) उप ारा (1) और उप ारा (2) क े प्रयोPनों क े लिलए, यर्थीात्विस्र्थीति, प्र ान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्र ान आयुक्त या आयुक्त या संयुक्त आयुक्त को, ारा 148 क े अ ीन नोविटस Pारी करने क े लिलए मामले mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA की उपयुक्त ा क े बारे में विन ा;रण अति कारी द्वारा अथिभलिललिt कारणों से समा ान हो Pाने पर, स्वयं ऐसी नोविटस Pारी करने की आवश्यक ा नहीं है।
3. 1 छ ू ट अति विनयम, 2020 की ारा 3 क े ह विनविह शविक्त क े अनुसरण में, क ें द्र सरकार ने आयकर अति विनयम, 1961 की ारा 148 क े ह पुनमू;ल्यांकन नोविटस Pारी करने क े लिलए ारा 149 क े ह विन ा;रिर समय सीमा बढ़ाने क े सार्थी-सार्थी विनम्नलिललिt अति सूJनाएं Pारी की: अति सूJना की ति थिर्थी अति विनयम की ारा 148 क े ह नोविटस Pारी करने की मूल सीमा विवस् ारिर सीमा
31.03. 2020 20.03.2020 से 29.06.2020 क 30.06. 2020
24.06. 2020 20.03.2020 से 31.12.2020 क 31.03. 2021 31.03.2021 31.03.2021 30.04.2021 27.04.2021 30.04.2021 30.06.2021 छ ू ट अति विनयम, 2020 की ारा 3 क े ह 31 माJ;, 2021 और 27 अप्रैल, 2021 को Pारी अति सूJनाओं क े स्पष्टीकरण में यह भी विन ा;रिर विकया गया र्थीा विक वे प्राव ान विवत्त अति विनयम, 2021 द्वारा संशो न पहले यर्थीा विवद्यमान रूप में, इसक े ह शुरू की गई पुनमू;ल्यांकन प्रविक्रया पर लागू होंगे। 3.[2] संसद ने आयकर अति विनयम, 1961 की ारा 147 से 151 में सु ारात्मक परिरव;न विकए, Pो विवत्त अति विनयम, 2021 क े माध्यम से पुनमू;ल्यांकन की mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA काय;वाही को विनयंवि‘ कर े हैं, सिPसे 28 माJ;, 2021 को पारिर विकया गया र्थीा। विवत्त अति विनयम, 2021 में 01.04.2021 से लागू प्रति स्र्थीाविप ारा 147 से 149 और ारा 151 विनम्नानुसार हैंः विन ा;रण से बJने वाली आय “147. यविद विकसी विन ा;रिर ी क े मामले में कर योग्य कोइ; आय विकसी विन ा;रण वष; क े लिलए विन ा;रण से छ ू ट गइ; है, ो विन ा;रण अति कारी, ारा 148 से 153 क े उपबं ों क े अ ीन रह े हुए, ऐसी आय का विन ा;रण या पुनर्विन ा;रण कर सक े गा या ऐसे विन ा;रण वष; क े लिलए हाविन या अवक्षयण भत्ता या विकसी अन्य भत्ते या कटौ ी की पुनः संगणना कर सक े गा (सिPसे इस ारा में और ारा 148 से 153 में इसक े पश्चा ् प्रासंविगक विन ा;रण वष; कहा गया है)। स्पष्टीकरण-इस ारा क े अ ीन विन ा;रण या पुनर्विन ा;रण या पुनः संगणना क े प्रयोPनों क े लिलए, विन ा;रण अति कारी विकसी ऐसे विवषय क े संबं में, Pो विन ा;रण से छ ू ट गया है, आय का विन ा;रण या पुनर्विन ा;रण कर सक ा है और ऐसा विवषय बाद में इस ारा क े अ ीन काय;वाविहयों क े अनुक्रम में उसकी Pानकारी में आ ा है, इस थ्य क े बावPूद विक ारा 148 क क े उपबं ों का अनुपालन नहीं विकया गया है। Pहां आय विन ा;रण से छ ू ट गई है वहां नोविटस Pारी करना
148. ारा 147 क े अ ीन विन ा;रण, पुनर्विन ा;रण या पुनः संगणना करने से पूव; और ारा 148 क क े उपबं ों क े अ ीन रह े हुए, विन ा;रण अति कारी विन ा;रिर ी पर ारा 148 क क े tंड (घ) क े अ ीन, यविद अपेतिक्ष हो, पारिर आदेश की प्रति क े सार्थी एक नोविटस, सिPसमें उससे mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA ऐसी अवति क े भी र, Pो ऐसी नोविटस में विवविनर्विदष्ट की Pाए, अपनी आय की या विकसी अन्य व्यविक्त की आय की, सिPसक े संबं में वह प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े त्समान पूव;वष; क े दौरान इस अति विनयम क े अ ीन विन ा;रणीय है, विवविह प्रारूप में और विवविह रीति में सत्याविप और ऐसी अन्य विवथिशविष्टयों को उपवर्भिण कर े हुए, Pो विवविह की Pाएं, एक विववरण प्रस् ु करने हे ु Pारी करेगा और इस अति विनयम क े उपबं, Pहां क हो सक े, दनुसार लागू होंगे मानो ऐसा विववरण ारा 139 क े अ ीन प्रस् ु की Pाने वाली अपेतिक्ष विववरण होः बश k इस ारा क े अ ीन कोइ; नोविटस ब क Pारी नहीं की Pाएगी Pब क विक विन ा;रण अति कारी क े पास यह सूJना न हो विक कर योग्य आय प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े लिलए विन ा;रिर ी क े मामले में विन ा;रण से छ ू ट गइ; है और विन ा;रण अति कारी ने ऐसी नोविटस Pारी करने क े लिलए विवविनर्विदष्ट प्राति कारी का पूव; अनुमोदन प्रा• कर लिलया है। स्पष्टीकरण 1. –इस ारा और ारा 148 क क े प्रयोPनों क े लिलए विन ा;रण अति कारी क े पास ऐसी Pानकारी विक कर योग्य आय विन ा;रण से छ ू ट गई है, इसका अर्थी; है - (i) बोड; द्वारा समय-समय पर ैयार की गई Pोलिtम प्रबं न रणनीति क े अनुसार प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े लिलए विन ा;रिर ी क े मामले में दी गई कोई Pानकारी (ii) भार क े विनयं‘क और महालेtापरीक्षक द्वारा इस आशय की उठाई गई अंति म आपलित्त विक प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े लिलए विन ा;रिर ी क े मामले mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA में विन ा;रण इस ारा क े उपबं ों क े अनुसार नहीं विकया गया है। स्पष्टीकरण 2.—इस ारा क े प्रयोPनों क े लिलए, Pहां— (i) विकसी विन ा;रिर ी क े मामले में ारा 132 या tा ा बही क े ह एक tोP शुरू की Pा ी है, अन्य दस् ावेPों या विकसी संपलित्त का अति ग्रहण ारा 132 ए क े ह, 1 अप्रैल, 2021 को या उसक े बाद विकया Pा ा है;या (ii) विकसी विन ा;रिर ी क े मामले में 1 अप्रैल, 2021 को या उसक े बाद उस ारा की उप- ारा (2 क) या उप- ारा (5) क े ह क े अलावा ारा 133 क क े ह एक सवkक्षण विकया Pा ा है; या (iii) विन ा;रण अति कारी को प्र ान आयुक्त या आयुक्त क े पूव; अनुमोदन से यह समा ान हो Pाए विक 1 अप्रैल, 2021 को या उसक े बाद विकसी अन्य व्यविक्त क े मामले में ारा 132 या ारा 132 क क े ह अथिभगृही या अध्यपेतिक्ष कोई न, सोना-Jांदी, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस् ु या JीP विन ा;रिर ी की है; या (iv) विन ा;रण अति कारी को प्र ान आयुक्त या आयुक्त क े पूव; अनुमोदन से यह समा ान हो Pाए विक 1 अप्रैल, 2021 को या उसक े बाद विकसी अन्य व्यविक्त क े मामले में ारा 132 या ारा 132 क क े अ ीन अथिभगृही या अध्यपेतिक्ष लेtा बविहयां या दस् ावेP विन ा;रिर ी से संबंति हैं या उनमें अं र्विवष्ट विकसी सूJना से संबंति हैं, ो विन ा;रण अति कारी क े बारे में यह समझा Pाएगा विक उसक े पास ऐसी सूJना है सिPससे यह प ा Jल ा है विक कर योग्य आय उस पूव;वष; से ठीक पहले क े ीन विन ा;रण वष” क े लिलए, सिPसमें PाँJ आरंभ की Pा ी है या tा े की बविहयां, अन्य दस् ावेP या mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA आत्विस् यां अध्यपेतिक्ष की Pा ी हैं या सवkक्षण विकया Pा ा है, सुसंग विन ा;रण वष; क े ठीक पूव;व $ ीन विन ा;रण वष” क े लिलए विन ा;रिर ी क े मामले में विन ा;रण से छ ू ट गई है। स्पष्टीकरण 3. –इस ारा क े प्रयोPनों क े लिलए, विवविनर्विदष्ट प्राति कारी से ारा 151 में विनर्विदष्ट विवविनर्विदष्ट प्राति कारी अथिभप्रे है।” ारा 148 क े ह नोविटस Pारी करने से पहले PांJ करना, अवसर प्रदान करना “148 क. विन ा;रण अति कारी, ारा 148 क े अ ीन कोई नोविटस Pारी करने से पूव;, – (क) ऐसी नोविटस क े संबं में, यविद आवश्यक हो, विवविनर्विदष्ट प्राति कारी क े पूव; अनुमोदन से कोई PांJ कर सक ा है, सिPससे प ा Jल ा हो विक कर योग्य आय विन ा;रण से छ ू ट गई है; (t) विवविनर्विदष्ट प्राति कारी क े पूव; अनुमोदन से उस पर कारण ब ाओ नोविटस की ामील करक े, Pो नोविटस में विवविनर्विदष्ट विकया Pाए, विन ा;रिर ी को सुने Pाने का अवसर प्रदान करेगा, Pो उस ारीt से, सिPसको ऐसी नोविटस Pारी की Pा ी है, कम से कम सा विदन और किंक ु ीस विदन से अति क न हो, या ऐसा समय हो, Pो उसक े द्वारा इस विनविमत्त आवेदन क े आ ार पर विवस् ारिर विकया Pाए विक tंड (क) क े अनुसार PाँJ, यविद कोई हो, क े परिरणामस्वरूप ऐसी सूJनाएं Pो इस बा का संक े दे ी हैं विक कर योग्य आय संबंति विन ा;रण वष; क े लिलए उसक े मामले में आकलन से बJ गई है को आ ार पर ारा 148 क े अ ीन नोविटस क्यों न Pारी की Pाए; mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (ग) tंड (t) में विनर्विदष्ट कारण ब ाओ नोविटस क े उत्तर में विन ा;रिर ी द्वारा विदए गए उत्तर पर, यविद कोइ; हो,पर विवJार कर सक े गा (घ) यह विनण;य कर सक े गा विक ारा 148 क े अ ीन उस मास क े अं से, सिPसमें tंड (ग) में विनर्विदष्ट उत्तर उसे प्रा• हो ा है, एक मास क े भी र, सिPसमें tंड (t) क े अनुसार उत्तर प्रस् ु करने क े लिलए अनुज्ञा समय समा• हो ा है, ारा 148 क े अ ीन नोविटस Pारी करना उतिJ मामला है या नहीं: बश k इस ारा क े उपबं ऐसे मामले में लागू नहीं होंगे Pहां, – (क) 1 अप्रैल, 2021 को या उसक े बाद विन ा;रिर ी क े मामले में ारा 132 क े अ ीन PाँJ आरंभ की Pा ी है या ारा 132 क क े अ ीन लेtा बविहयों, अन्य दस् ावेPों या विकन्हीं आत्विस् यों की अध्यपेक्षा की Pा ी है; या (t) विन ा;रण अति कारी को प्र ान आयुक्त या आयुक्त क े पूव; अनुमोदन से यह समा ान हो Pा ा है विक 1 अप्रैल, 2021 को या उसक े बाद विकसी अन्य व्यविक्त क े मामले में ारा 132 क े अ ीन PाँJ में अथिभगृही या ारा 132 क क े अ ीन अध्यपेतिक्ष कोइ; न, सोना-Jांदी, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस् ु या JीP विन ा;रिर ी की है; या (ग) विन ा;रण अति कारी को प्र ान आयुक्त या आयुक्त क े पूव; अनुमोदन से यह समा ान हो Pा ा है विक 1 अप्रैल, 2021 को या उसक े बाद विकसी अन्य व्यविक्त क े मामले में ारा 132 क े अ ीन PाँJ में अथिभगृही या ारा 132 क क े अ ीन अध्यपेतिक्ष कोइ; mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA लेtा बही, दस् ावेP विन ा;रिर ी क े हैं, या उसमें विनविह कोई सूJना विन ा;रिर ी से संबंति है। स्पष्टीकरण-इस ारा क े प्रयोPनों क े लिलए, विवविनर्विदष्ट प्राति कारी से ारा 151 में विनर्विदष्ट विवविनर्विदष्ट प्राति कारी अथिभप्रे है। नोविटस Pारी करने की समय सीमा “149. (1) प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े लिलए ारा 148 क े ह कोई नोविटस Pारी नहीं की Pाएगी, - (क) यविद प्रासंविगक विन ा;रण वष; की समावि• से ीन वष; बी गए हैं, Pब क विक मामला tंड (t) क े अं ग; नहीं आ ा हो; (t) यविद प्रासंविगक विन ा;रण वष; की समावि• से ीन वष;, किंक ु दस वष; से अति क नहीं बी गए हैं, Pब क विक विन ा;रण अति कारी क े पास अपनी लेtा बविहयां या अन्य दस् ावेP या साक्ष्य नहीं हैं, Pो यह प्रकट कर े हों विक कर योग्य आय आत्विस् क े रूप में है, Pो उस वष; क े लिलए विन ा;रण से छ ू ट गई है, पJास लाt रुपए है या उससे अति क की रकम की होने की संभावना हैः बश k 1 अप्रैल, 2021 को या उससे पहले प्रारंभ होने वाले प्रासंविगक विन ा;रण वष; क े लिलए विकसी मामले में ारा 148 क े अ ीन विकसी भी समय कोई नोविटस Pारी नहीं की Pाएगी, यविद इस ारा की उप ारा (1) क े tंड (t) क े उपबं ों क े अ ीन विवविनर्विदष्ट समय सीमा से अति क होने क े कारण उस समय ऐसी नोविटस Pारी नहीं की Pा सक ी र्थीी, Pैसा विक वे विवत्त अति विनयम, 2021 क े प्रारंभ से ठीक पहले र्थीे: mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA बश k यह और विक इस ारा क े उपबं ऐसे मामले में लागू नहीं होंगे, Pहां ारा 153 क या ारा 153 ग सपविठ ारा ारा 153 क क े अ ीन सूJना 31 माJ;, 2021 को या उससे पूव; ारा 132 क े अ ीन आरंभ की गइ; PाँJ या ारा 132 क क े अ ीन अध्यपेतिक्ष लेtा बविहयों, अन्य दस् ावेPों या विकन्हीं आत्विस् यों क े संबं में Pारी की Pानी अपेतिक्ष हैः बश k यह भी विक इस ारा क े अनुसार परिरसीमा अवति की संगणना आदेश क े प्रयोPनों क े लिलए ारा 148 क क े tंड (t) क े अ ीन Pारी कारण ब ाओ नोविटस क े अनुसार या विकसी न्यायालय क े आदेश या व्यादेश द्वारा ारा 148 क क े अ ीन काय;वाही पर रोक लगाने की अवति क े अनुसार विन ा;रिर ी को अनुज्ञा समय या विवस् ारिर समय को अपवर्जिP विकया Pाएगाः बश k यह भी विक Pहां ठीक पूव;व $ परं ुक में विनर्विदष्ट अवति क े अपवP;न क े पश्चा ् ारा 148 क क े tंड (घ) क े अ ीन आदेश पारिर करने क े लिलए विन ा;रण अति कारी को उपलब् परिरसीमा की अवति सा विदन से कम है, वहां ऐसी शेष अवति सा विदन क बढ़ा दी Pाएगी और इस उप ारा क े अ ीन परिरसीमा की अवति दनुसार विवस् ारिर समझी Pाएगी। स्पष्टीकरण-इस उप ारा क े tंड (t) क े प्रयोPनों क े लिलए '' आत्विस् '' में अJल संपलित्त, Pो भूविम या भवन या दोनों हैं, शेयर और प्रति भूति यां, ऋण और अविग्रम, बैंक tा े में Pमा शाविमल होंगे। mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (2) नोविटस Pारी करने क े बारे में उप ारा (1) क े उपबं, ारा 151 क े उपबं ों क े अध्य ीन होंगे। नोविटस Pारी करने क े लिलए मंPूरी
4. आयकर अति विनयम, 1961 की ारा 147 से 151 का विवत्त अति विनयम, 2021 द्वारा प्रस्र्थीापन क े 1 अप्रैल, 2021 को प्रभाव में आने क े बावPूद, विवद्वान एएसPी क े अनुसार, राPस्व विवभाग ने 31 माJ;, 2021 और 27 अप्रैल, 2021 की अति सूJनाओं में स्पष्टीकरण क े आ ार पर पूव;व $ ारा 148 से 151 क े ह संबंति करदा ाओं को लगभग 90,000 पुनमू;ल्यांकन नोविटस Pारी विकए। उक्त पुनमू;ल्यांकन नोविटस विवथिभन्न उच्च न्यायालयों क े समक्ष रिरट यातिJकाओं का mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA विवषय र्थीा। संबंति उच्च न्यायालयों ने माना है विक आयकर अति विनयम, 1961 की ारा 148 से 151 क े ह Pारी विकए गए सभी संबंति पुनमू;ल्यांकन नोविटस कानून क े लिलहाP से गल हैं क्योंविक 01.04.2021 क े बाद Pारी विकए गए पुनमू;ल्यांकन नोविटस विवत्त अति विनयम, 2021 द्वारा प्रति स्र्थीाविप आयकर अति विनयम, 1961 की ारा 147 से 151 द्वारा शासिस हैं। न ीP न, संबंति उच्च न्यायालयों ने आयकर अति विनयम, 1961 की ारा 148 क े ह Pारी विकए गए सभी पुनमू;ल्यांकन नोविटसों को रद्द कर विदया है ।इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर सामान्य विनण;य और आदेश व;मान अपीलों का विवषय है।हालांविक, विदल्ली उच्च न्यायालय ने संबंति पुनमू;ल्यांकन नोविटसों को रद्द कर े हुए 15.12.2021 को अपने समान विनण;य और आदेश में यह भी कहा है विक यविद कानून राPस्व को इस मामले में आगे कदम उठाने की अनुमति दे ा है ो वे ऐसा करने क े लिलए स्व ं‘ होंगे।
5. हमने राPस्व की ओर से उपत्विस्र्थी विवद्वान एएसPी श्री एन. वेंकटरमन और संबंति विन ा;रिर ी की ओर से उपत्विस्र्थी विवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता श्री सी.ए. सुंदरम और श्री एस. गणेश को सुना है।
6. इसमें विववाद नहीं हो सक ा है विक विवत्त अति विनयम, 2021 द्वारा आयकर अति विनयम (आईटी अति विनयम) की ारा 147 से 151 क े प्रस्र्थीापन से, पुनमू;ल्यांकन की प्रविक्रया को विनयंवि‘ करने क े लिलए मौलिलक और सु ारात्मक परिरव;न विकए गए हैं। आयकर अति विनयम की संशोति ारा 147 से 149 और ारा 151 में पुनमू;ल्यांकन की प्रविक्रया शुरू करने की प्रविक्रया विन ा;रिर की गई है। हालांविक, कई कारणों से, इससे कई मुकदमें सामने आए और इन्हें विफर से tोलने को अन्य बा ों क े सार्थी-सार्थी विनम्न आ ार पर Jुनौ ी दी गई, Pैसे (1) “विवश्वास करने का कोई वै कारण” नहीं है (2) विन ा;रण अति कारी क े पास कोई mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA मू;/विवश्वसनीय सामग्री/Pानकारी नहीं है सिPससे यह विवश्वास पैदा हुआ विक आय मूल्यांकन से बJ गई है, (3) नोविटस Pारी करने से पहले विन ा;रण अति कारी द्वारा कोई PांJ नहीं की Pा रही है; विन ा;रण अति कारी और विफर से tोलना विन ा;रण अति कारी की राय में बदलाव पर आ ारिर है और (4) अं में इस न्यायालय द्वारा Pीक े एन ड्राइवशाफ्ट्स (इंतिडया) लिलविमटेड बनाम आयकर अति कारी और अन्य (2003) 1 एससीसी 72, क े मामले में विवविह अविनवाय; प्रविक्रया का पालन नहीं विकया गया है। 6.[1] आगे, विवत्त अति विनयम, 2021,क े अनुसार, अति क म छह वष; क की अवति क े लिलए और क ु छ मामलों में छह वष; से भी अति क की अवति क े लिलए विफर से tोलने की अनुमति र्थीी, सिPससे काफी समय क अविनतिश्च ा बनी रही। इसलिलए, संसद ने कर प्रशासन को सरल बनाने, अनुपालन को आसान बनाने और मुकदमेबाPी को कम करने क े लिलए आयकर अति विनयम में संशो न करना उतिJ समझा। अ ः, उक्त उद्देश्य को प्रा• करने की दृविष्ट से, विवत्त अति विनयम, 2021 द्वारा ारा 147 से 149 और ारा 151 को प्रति स्र्थीाविप विकया गया है। 6.[2] विवत्त अति विनयम, 2021 द्वारा आईटी अति विनयम क े प्रति स्र्थीाविप प्राव ानों क े ह, आईटी अति विनयम की ारा 148 क े ह आईटी अति विनयम की ारा 148 क क े ह विन ा;रिर प्रविक्रया का पालन विकए विबना कोई नोविटस Pारी नहीं की Pा सक ी है। आईटी अति विनयम की ारा 148, क े ह दी गयी नोविटस क े सार्थी विन ा;रण अति कारी (एओ) से आईटी अति विनयम की ारा 148 क क े ह पारिर आदेश की ामील करना अपेतिक्ष है। आईटी अति विनयम की ारा 148 क एक नया प्राव ान है Pो एक श; की प्रक ृ ति का है Pो पूव; श; है। इस प्रकार आयकर अति विनयम की ारा 148 क को कर प्रशासन को सरल बनाने, mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA अनुपालन को आसान बनाने और मुकदमेबाPी को कम करने क े अंति म उद्देश्य को प्रा• करने क े लक्ष्य की विदशा में एक गेम JेंPर कहा Pा सक ा है। 6.[3] लेविकन पूव;-विवत्त अति विनयम, 2021 से पहले, विकसी आकलन को विफर से tोल े समय, विफर से tोले Pाने क े लिलए कारण देने की प्रविक्रया और विन ा;रिर ी को एक अवसर और Pीक े एन ड्राइवशाफ्ट्स (इंतिडया) लिलविमटेड (उपरोक्त) क े मामले में इस न्यायालय क े फ ै सले उद्देश्यों का पालन करना आवश्यक र्थीा। 6.[4] र्थीाविप, ारा 148 क क े माध्यम से, प्रविक्रया को अब सुव्यवत्विस्र्थी और सरल बनाया गया है। इसमें प्राव ान विकया गया है विक ारा 148 क े ह कोई भी नोविटस Pारी करने से पहले, विन ा;रण अति कारी (i) यविद आवश्यक हो, ो विवथिशष्ट प्राति कारी क े अनुमोदन से ऐसी सूJना क े संबं में PाँJ करेगा सिPससे लग ा है विक कर योग्य आय मूल्यांकन से बJ गयी है। (ii) विनर्विदष्ट प्राति कारी क े पूव; अनुमोदन से विन ा;रिर ी को सुनवाई का अवसर देगा। (iii) ारा (बी) में उसिल्ललिt कारण ब ाओ नोविटस क े Pवाब में प्रस् ु विकए गए विन ा;रिर ी क े उत्तर, यविद कोई हो, पर विवJार करेगा। और (iv) करदा ा क े उत्तर सविह अथिभलेt पर उपलब् सामग्री क े आ ार पर विनण;य करेगा विक क्या यह आयकर अति विनयम की ारा 148 क े ह नोविटस Pारी करने क े लिलए यह उपयुक्त मामला है या नहीं, और (v) एओ विन ा;रिर समय क े भी र एक विवथिशष्ट आदेश पारिर करेगा। 6.[5] इसलिलए, आईटी अति विनयम की ारा 148 क े ह नोविटस Pारी करने से पहले सभी सुरक्षा उपाय प्रदान विकए Pा े हैं। ारा 148 क (क) क े अनुसार PांJ करने क े लिलए भी प्रत्येक Jरण में विनर्विदष्ट प्राति कारी की पूव; अनुमति की आवश्यक ा हो ी है। क े वल ऐसे मामले में, Pहां विन ा;रण अति कारी की राय है विक ारा 148 क (t) क े ह कोई भी नोविटस Pारी करने से पहले विन ा;रिर ी को एक अवसर विदया Pाना Jाविहए, PांJ करने की आवश्यक ा होने पर, विन ा;रण mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA अति कारी ऐसा कर सक ा है और कोई भी PांJ कर सक ा है। इस प्रकार, यविद विन ा;रण अति कारी की राय है विक विकसी PांJ की आवश्यक ा है, ो विन ा;रण अति कारी ऐसा कर सक ा है। लेविकन कर योग्य आय क े विन ा;रण से बJने की सूJना क े संबं में विवविनर्विदष्ट प्राति कारी क े पूव; अनुमोदन क े सार्थी। 6.[6] प्रति स्र्थीाविप ारा 149 सूJना प्रौद्योविगकी अति विनयम की ारा 148 क े अ ीन नोविटस Pारी करने की समय-सीमा को शासिस करने वाला उपबं है। इसमें उन अति रिरक्त सुरक्षा उपायों का भी प्राव ान विकया गया है, Pो पहले की व्यवस्र्थीा पूव; विवत्त अति विनयम, 2021 क े ह अनुपत्विस्र्थी र्थीे।
7. इस प्रकार, विवत्त अति विनयम, 2021 द्वारा प्रति स्र्थीाविप नए प्राव ान उपJारात्मक और उदार प्रक ृ ति क े हैं और विन ा;रिर ी क े अति कारों और विह क े सार्थी-सार्थी Pनविह में होने क े कारण, संबंति उच्च न्यायालयों ने उतिJ रूप से कहा है विक नए प्राव ानों का लाभ विपछले विन ा;रण वष” से संबंति काय;वाही क े संबं में भी उपलब् कराया Pाएगा, बश k विक ारा 148 का नोविटस 1 अप्रैल, 2021 को या उसक े बाद Pारी विकया गया हो। ऐसा अथिभविन ा;रिर करने में विवथिभन्न उच्च न्यायालयों द्वारा अपनाए गए दृविष्टकोण से हम पूरी रह सहम हैं।
8. हालांविक, इसक े सार्थी ही, कई उच्च न्यायालयों क े फ ै सलों क े परिरणामस्वरूप कोई पुनमू;ल्यांकन काय;वाही नहीं होगी, भले ही विवत्त अति विनयम, 2021 और आईटी अति विनयम की ारा 147 से 151 क े ह इसकी अनुमति दी गई हो। राPस्व को विबना भरपाई नहीं छोड़ा Pा सक ा और पुनमू;ल्यांकन काय;वाविहयों क े उद्देश्य को रोका नहीं Pा सक ा। यह सही है विक एक वास् विवक गल ी क े कारण और विवथिभन्न अति सूJनाओं क े माध्यम से समय क े बाद विवस् ार क े मद्देनPर, राPस्व विवभाग ने 01.04.2021 से संशो न लागू होने क े बाद ारा असंशोति ारा 148 क े ह ारा 148 क े आक्षेविप नोविटस Pारी विकए। हमारी राय में mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA नोविटस असंशोति अति विनयम क े ह Pारी नहीं विकए Pाने र्थीे और इन्हें विवत्त अति विनयम, 2021 क े अनुसार आईटी अति विनयम की प्रस्र्थीाविप ारा 147-151 क े ह Pारी विकया Pाना Jाविहए र्थीा। ऐसा प्र ी हो ा है विक संशो नों को वास् विवक रूप से लागू नहीं विकया गया है क्योंविक राPस्व अति कारिरयों को यह विवश्वास रहा हो सक ा है विक संशो न अभी क नहीं विकए गए हैं। इसलिलए, हमारी राय है विक इस संबं में क ु छ छ ू ट दी Pानी Jाविहए Pो उच्च न्यायालय ऐसा कर सक े र्थीे। इसलिलए, आईटी अति विनयम क े असंशोति प्राव ान क े ह Pारी विकए गए पुनमू;ल्यांकन नोविटसों को रद्द और विनरस् करने क े बPाय, उच्च न्यायालयों को असंशोति अति विनयम/आईटी अति विनयम क े असंशोति प्राव ान क े ह Pारी विकए गए नोविटसों का अर्थी; नए प्राव ान ारा 148 क क े अनुसार आईटी अति विनयम की ारा 148 क क े ह Pारी विकए गए समझने क े लिलए एक आदेश पारिर करना Jाविहए र्थीा, और राPस्व को विवत्त अति विनयम, 2021 क े अनुसार आईटी अति विनयम की ारा 147 से 151 क े प्रति स्र्थीाविप प्राव ानों क े ह पुनमू;ल्यांकन काय;वाही आगे बढ़ाने की अनुमति दी Pानी Jाविहए र्थीी, Pो सभी प्रविक्रयात्मक अपेक्षाओं और बJाव क े अनुपालन क े अध्य ीन हो ी, Pो आईटी अति विनयम की ारा 147 से 151 क े प्रति स्र्थीाविप प्राव ानों क े ह विन ा;रिर ी को उपलब् हो सक ी है और Pो विवति क े अनुसार विवत्त अति विनयम, 2021 क े ह उपलब् हो सक े हैं। इसलिलए, हम संबंति उच्च न्यायालयों द्वारा पारिर विनण;यों और आदेशों को विनम्नलिललिt रूप में संशोति करने का प्रस् ाव कर े हैंः (i) संबंति करदा ाओं को Pारी संबंति ारा 148 क े नोविटस को विवत्त अति विनयम, 2021 द्वारा प्रति स्र्थीाविप आईटी अति विनयम की ारा 148 क क े ह Pारी विकया गया माना Pाएगा और ारा 148 क (t) क े संदभ; में कारण ब ाओ नोविटस माना Pाएगा। संबंति विन ा;रण अति कारी आP से mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA ीस विदन क े भी र करदा ाओं को वह Pानकारी और सामग्री उपलब् कराएंगे, सिPसका राPस्व ने अवलंब लिलया है, ाविक करदा ा दो स•ाह क े भी र इन नोविटसों का Pवाब दे सक ें; (ii) ारा 148 क (क) क े ह विनर्विदष्ट प्राति कारी क े पूव; अनुमोदन से कोई भी PांJ करने की आवश्यक ा को असंशोति अति विनयम की ारा 148 क े ह 01.04.2021 से अब क Pारी विकए गए नोविटस क े संबं में एक बार क े उपाय क े रूप में समा• कर विदया Pाना Jाविहए, सिPसमें उच्च न्यायालयों द्वारा रद्द विकए गए नोविटस भी शाविमल हैं; (iii) इसक े बाद विन ा;रण अति कारी विन ा;रिर प्रविक्रया का पालन कर े हुए ारा 148 क (घ) क े संदभ; में प्रत्येक विन ा;रिर ी क े संबं में आदेश पारिर करेंगे; (iv) ारा 149 क े ह विन ा;रिर ी को उपलब् सभी बJाव और/या Pो विवत्त अति विनयम, 2021 क े ह और कानून में उपलब् हो सक े हैं और विवत्त अति विनयम, 2021 क े ह मूल्यांकन अति कारी को Pो भी अति कार उपलब् हैं, उन्हें tुला रtा Pाएगा और/या उपलब् रहना Pारी रहेगा; (v) व;मान आदेश संबंति उच्च न्यायालयों द्वारा असंशोति आईटी अति विनयम की ारा 148 क े ह Pारी विकए गए समान नोविटसों को रद्द करने वाले संबंति विनण;यों और आदेशों को प्रति स्र्थीाविप /संशोति करेगा, भले ही उन्हें इस न्यायालय क े समक्ष Jुनौ ी दी गयी हो या नही।
9. राPस्व की ओर से उपत्विस्र्थी विवद्वान एएसPी और संबंति विन ा;रिरति यों की ओर से उपत्विस्र्थी विवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ताओं/विवद्वान अति वक्ताओं क े बीJ उपरोक्त mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA पहलुओं पर एक व्यापक सहमति है। हमारी भी यह राय है विक यविद पूव क्त आदेश पारिर विकया Pा ा है, ो यह राPस्व क े अति कारों क े सार्थी-सार्थी संबंति करदा ाओं क े बीJ सं ुलन स्र्थीाविप करेगा क्योंविक राPस्व क े अति कारिरयों क े लगभग 90,000 ऐसी नोविटस Pारी करने कारण राPस्व को नुकसान नहीं होना Jाविहए क्योंविक अं ः सरकारी tPाने को नुकसान होगा। इसलिलए, हमने इस न्यायालय क े समक्ष और अपील दायर करने से बJने और विवथिभन्न उच्च न्यायालयों द्वारा पारिर समान विनण;यों और आदेशों क े लिtलाफ लगभग 9000 अपीलों क े बोझ से इस न्यायालय को बJाने की दृविष्ट से व;मान आदेश पारिर आदेश का प्रस् ाव विकया है, सिPनमें से क ु छ का विववरण इसमें ऊपर विदया गया है। हमने भार क े संविव ान क े अनुच्छेद 142 क े ह अपनी शविक्तयों का उपयोग कर े हुए उपरोक्त आदेश पारिर करने का भी प्रस् ाव विकया है, सिPसमें कहा गया है विक व;मान आदेश न क े वल इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आक्षेविप विनण;यों और आदेशों को विनयंवि‘ करेगा, बत्विल्क इसे देश क े सभी उच्च न्यायालयों द्वारा इसी रह क े विनण;यों और आदेशों क े संबं में भी लागू विकया Pाएगा और इसलिलए व;मान आदेश पूरे भार में लागू होगा।
10. उपयु;क्त को ध्यान में रt े हुए और उपयु;क्त कारणों से व;मान अपीलों को अंश ः अनुज्ञा विकया गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा डब्ल्यूटी संख्या 524/2021 और अन्य संबद्ध कर अपीलों/यातिJकाओं में पारिर आम विनण;यों और आदेशों को ए दद्वारा संशोति विकया Pा ा है और विनम्नानुसार प्रति स्र्थीाविप विकया Pा ा है: (i) आयकर अति विनयम की असंशोति ारा 148 क े ह संबंति करदा ाओं को Pारी विकए गए आक्षेविप ारा 148 नोविटस, Pो विवथिभन्न संबंति उच्च न्यायालयों क े समक्ष रिरट यातिJकाओं का विवषय र्थीे, को विवत्त mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA अति विनयम, 2021 द्वारा प्रति स्र्थीाविप आईटी अति विनयम की ारा 148 क क े ह Pारी विकया गया माना Pाएगा और ारा 148 क (t) क े संदभ; में कारण ब ाओ नोविटस माना Pाएगा। विन ा;रण अति कारी आP से ीस विदन क े भी र संबंति करदा ा को अवलंविब सूJना और सामग्री उपलब् कराएगा, ाविक करदा ा कारण ब ाओ नोविटस का Pवाब दो स•ाह क े भी र दे सक ें; (ii) ारा 148 क (क) क े ह विनर्विदष्ट प्राति कारी क े पूव; अनुमोदन क े सार्थी, यविद आवश्यक हो, ो कोई भी PांJ करने की आवश्यक ा को असंशोति अति विनयम की ारा 148 क े ह 01.04.2021 से लेकर अब क Pारी विकए गए उन नोविटसों क े सार्थी उच्च न्यायालयों द्वारा रद्द विकए गए नोविटसों क े लिलए एक बार क े उपाय क े रूप में छोड़ विदया Pा ा है। वैसे अन्यर्थीा भी, Pैसा ऊपर कहा गया है, विनर्विदष्ट प्राति कारी क े पूव; अनुमोदन से कोई PांJ करना अविनवाय; नहीं है, लेविकन यविद आवश्यक हो ो संबंति विन ा;रण अति कारी PांJ कर ा है; (iii) इसक े बाद विन ा;रण अति कारी प्रत्येक संबंति करदा ा क े संबं में ारा 148 क (घ) क े संदभ; में आदेश पारिर करेंगे और इसक े बाद ारा 148 क क े ह आवश्यक प्रविक्रया का पालन करने क े बाद ारा 148 (यर्थीा प्रस्र्थीाविप ) क े ह नोविटस Pारी कर सक े हैं; (iv) आयकर अति विनयम की ारा 149 क े ह विन ा;रिर ी को उपलब् सभी बJाव और विवत्त अति विनयम, 2021 क े ह संबंति विन ा;रिर ी और राPस्व क े लिलए उपलब् सभी अति कार और दलीलें Pारी रहेंगी।
11. व;मान आदेश पूरे भार में लागू होगा और इस मुद्दे पर विवथिभन्न उच्च न्यायालयों द्वारा पारिर सभी विनण;य और आदेश सिPनमें अति विनयम की ारा 148 क े अन् ग; 01.04.2021 क े बाद Pारी विकए गए इसी रह क े नोविटस को mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA अपास् कर विदया गया है, अपास् विकए Pा े हैं और व;मान आदेश द्वारा शासिस होंगे और उपरोक्त सीमा क संशोति होंगे। व;मान आदेश भार क े संविव ान क े अनुच्छेद 142 क े ह शविक्तयों का उपयोग कर े हुए पारिर विकया गया है, ाविक इसी रह क े विनण;यों और आदेशों को Jुनौ ी देने वाले राPस्व विवभाग की अपीलों से बJा Pा सक े, ाविक इस न्यायालय पर लगभग 9000 अपीलों का बोझ न पड़े। हम यह भी विटप्पणी कर े हैं विक व;मान आदेश विवथिभन्न उच्च न्यायालयों क े समक्ष लंविब रिरट यातिJकाओं को भी शासिस करेगा सिPसमें अति विनयम की ारा 148 क े ह 01.04.2021 क े बाद Pारी इसी रह क े नोविटस को Jुनौ ी दी Pा रही है।
12. इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आक्षेविप सामान्य विनण;य और आदेश र्थीा विवथिभन्न उच्च न्यायालयों द्वारा पारिर ऐसे ही विनण;य और आदेश, विवशेष रूप से विवथिभन्न उच्च न्यायालयों द्वारा पारिर ऐसे संबंति विनण;य और आदेश, सिPनका विववरण ऊपर विदया गया है, को क े वल पूव क्त सीमा क संशोति /प्रति स्र्थीाविप विकया Pाएगा। दनुसार, इन सभी अपीलों को उपयु;क्त सीमा क आंथिशक रूप से अनुमति दी Pा ी है। मामले क े थ्यों क े दृविष्टग, लाग क े बारे में कोई आदेश नहीं होगा।........................................ (न्यायमूर्ति एम. आर. शाह)........................................ (न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्न) नई विदल्ली 4 मई, 2022 mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA