Full Text
भार क
े सव च्च न्यायालय में
सिसविवल अपीलीय क्षेत्राति कारिर ा
सिसविवल अपील सं. 4578-4580/2022
(विवशेष अनुमति याति,का (दीवानी) संख्या 31186/2016
क
ृ ष्ण राय (मृ ) अपीलार्थी7 (गण)
द्वारा उनक
े विवति क प्रति विनति और अन्य
बनाम
बनारस हिं>दू विवश्वविवद्यालय प्रत्यर्थी7 (गण)
द्वारा विनबन् क और अन्य
विनणBय
न्यायमूर्ति विवक्रम नार्थी
JUDGMENT
1. अनुमति प्रदान की गई।
2. आई.ए.डी. संख्या 133982/2021 की अनुमति दी गई >ै।
3. इन ीन सिसविवल अपीलों में, इस न्यायालय से य> विनणBय करने क े लिलए क>ा गया >ै विक क्या विवबं और स>मति का सिसद्धां वै ाविनक सेवा विनयमों पर प्रभावी >ोगा, सिTसमें क ें द्रीय विवश्वविवद्यालय, बनारस हिं>दू विवश्वविवद्यालय[1], वाराणसी में 1 बीएचयू उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" कायBर, ुर्थीB श्रेणी कमB,ारिरयों को ृ ीय श्रेणी में पदोन्न करने की प्रविक्रया विन ाBरिर की गई >ै। विवद्व एकल न्याया ीश का विव,ार र्थीा विक सांविवति क विनयम प्रबल >ोंगे और उनका कड़ाई से पालन विकया Tाना,ावि>ए, Tबविक खंडपीठ, यद्यविप विवद्व एकल न्याया ीश क े इस क B से स>म र्थीी विक विनयमों क े अ ीन विववि> प्रविक्रया का उल्लंघन विकया गया र्थीा, विiर भी विवति क विनयमों द्वारा अति कणिर्थी सांविवति क शविj वाली पात्र ा श k क े अलावा विवद्व एकल न्याया ीश क े विनणBय को अपास् करने क े लिलए आगे बढ़ी।
4. विवद्व एकल न्याया ीश ने अपीलार्थिर्थीयों द्वारा दायर की गई रिरट याति,का को स्वीकार कर लिलया र्थीा और प्रत्यर्थी7 संख्या 3 से 16 की पदोन्नति को रद्द करने क े बाद, बीए,यू को विवति क े अनुसार और अणिभकणिर्थी विनणBय में की गई विटप्पणिणयों क े अनुसार नए सिसरे से पदोन्नति क े लिलए कायB करने का विनदpश विदया र्थीा। खण्ड पीठ ने अपील को स्वीकार कर लिलया और विवद्व एकल न्याया ीश क े विनणBय को अपास् कर विदया और रिरट याति,का को खारिरT कर विदया। इससे व्यणिर्थी, मूल रिरट याति,काक ाB ने इस न्यायालय क े समक्ष अपील दालिखल विकया >ै।
5. संक्षेप में थ्य य> >ै विक पदोन्नति क े माध्यम से ृ ीय श्रेणी (Tूविनयर क्लक B ग्रेड) क े 14 पदों को भरने क े लिलए, विवश्वविवद्यालय ने अति सू,ना/विवज्ञापन विदनांक 17.12.2005 को Tारी विकया, सिTसमें वे नमान 3050/- में Tूविनयर क्लक B क े रूप में पदोन्नति क े लिलए स्र्थीायी रूप से, ुर्थीB श्रेणी कमB,ारिरयों से आवेदन आमंवित्र विकए गए। उपयुBj अति सू,ना में विन ाBरिर पात्र ा इस प्रकार >ैः “पात्र ाः पां,वीं कक्षा क े सभी कमB,ारी, सिTन्>ोंने पां, साल की सेवा दी >ै और सिTन्>ोंने मैविटxक परीक्षा या समकक्ष परीक्षा उत्तीणB की >ै, वे 25 प्रति श पदोन्नति कोटे क े > Tूविनयर क्लक B क े रूप में विनयुविj क े लिलए पात्र >ोंगे। उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" ऐसे पात्र अभ्यर्थी7 की परीक्षा इस प्रकार लिलया Tाएगाः अंग्रेTी/हिं>दी में प्रति विमनट कम से कम 30 शब्दों क े लिलए टाइहिंपग टेस्ट और परीक्षा में अ>B ा प्राप्त करने क े बाद। नोटः यविद कोई कमB,ारी टाइहिंपग टेस्ट पास न>ीं कर ा >ै और अन्यर्थीा व> पदोन्नति क े लिलए पात्र >ै, ो उसे पदोन्नति इस श B क े अ ीन दी Tाएगी विक व> अपनी पदोन्नति की ति णिर्थी से दो साल क े भी र टाइहिंपग टेस्ट पास कर लेगा और ऐसा न>ीं करने पर उसे वापस कर विदया Tाएगा। बश p विक ऐसे कमB,ारिरयों क े लिलए टाइहिंपग टेस्ट वषB में कम से कम दो बार आयोसिT विकया Tाए। एक घंटे की अवति क े सामान्य अंग्रेTी, हिं>दी और अंकगणिण क े दो प्रश्नपत्र >ोंगे।"
6. य>ां य> उल्लेख करना उति, >ोगा विक इस बी, 20.04.2006 विदनांविक को क ं प्यूटर टाइहिंपग टेस्ट आयोसिT करने का विनणBय लिलया गया र्थीा। र्थीाविप, एक अभ्यावेदन विकए Tाने पर, 19.04.2006 विदनांविक क े पत्र द्वारा उj क ं प्यूटर टाइप टेस्ट स्र्थीविग कर विदया गया र्थीा और बाद में पत्र 04.05.2006 विदनांविक द्वारा सूति, विकया गया र्थीा विक अंति म मेरिरट सू,ी टाइहिंपग टेस्ट, लिललिख परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों पर आ ारिर >ोगी।टाइप टेस्ट क ं प्यूटर या मैनुअल टाइप राइटर पर लिलया Tा सक ा र्थीा।टाइहिंपग टेस्ट विदनांक 16.05.2006 को आयोसिT विकया गया र्थीा और लिललिख परीक्षा विदनांक 23.09.2006 को आयोसिT विकया गया र्थीा और साक्षात्कार विदनांक 31.05.2007 और 01.06.2007 को आयोसिT विकया गया र्थीा। इसक े बाद,यन/पदोन्नति क े लिलए विनयुj विकए गए परीक्षकों क े बोडB द्वारा मेरिरट सू,ी ैयार की गई और दनुसार, उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" इनकी सिसiारिरशों क े अनुसार, 14,यविन अभ्यर्थी7 (प्रत्यर्थी7 संख्या 3 से 16) को विदनांक 05.06.2007 को विनयुविj पत्र Tारी विकए गए। अपीलार्थिर्थीयों ने प्रत्यर्थी7 संख्या 3 से 16 को विनयुj करने क े विनणBय क े विवरुद्ध एक अभ्यावेदन विदया, सिTसे सक्षम प्राति कारी द्वारा विदनांक 02.07.2007 को अस्वीकार कर विदया गया।
7. व्यणिर्थी अपीलार्थिर्थीयों ने रिरट याति,का संख्या 37741/2007 श्री क ृ ष्ण राय और 33 अन्य लोगों ने बनारस वि>न्दू विवश्वविवद्यालय क े विनबन् क क े माध्यम से प्रति वादी संख्या 1, क ु लपति, बनारस वि>न्दू विवश्वविवद्यालय को प्रत्यर्थी7 संख्या 2 और 14,यविन अभ्यर्थिर्थीयों को प्रत्यर्थी7 संख्या 3 से 16 क े रूप में पक्षकार बनाया। य> याति,का मुख्य रूप से इस आ ार पर दायर की गई र्थीी विक विवज्ञापन/ अति सू,ना, सिTसे विनयमावली क े प्रस् र 6.[4] क े अनुसार पात्र ा श k को विन ाBरिर कर े >ुए Tारी विकया गया र्थीा, में विकसी साक्षात्कार का प्राव ान न>ीं विकया गया र्थीा, लेविकन बाद में परीक्षा क े विनयमों में बदलाव कर विदया गया और प्रस् र 6.[4] में विन ाBरिर पात्र ा श k का उल्लंघन कर े >ुए, परीक्षक बोडB क े पास पात्र ा श k को विन ाBरिर करने क े लिलए प्रस् र 6.[4] में संशो न करने का कोई अति कार या शविj न>ीं र्थीी। परीक्षक बोडB ने क ु ल 100 अंकों में से मेरिरट सू,ी ैयार करने क े लिलए विनम्नलिललिख मानदंड विन ाBरिर विकए:टाइप टेस्ट क े लिलए 20 अंक, हिं>दी, अंग्रेTी और अंकगणिण की लिललिख परीक्षा क े लिलए 60 अंक और साक्षात्कार क े लिलए 20 अंक।
8. बीए,यू और प्रत्यर्थी7 संख्या 3 से 16 द्वारा दालिखल विकए गए प्रति शपर्थीपत्र में विनयमावली क े प्रस् र 6.[4] में विन ाBरिर और विवति व अनुमोविद कायBकारी परिरषद, Tो विक सव च्च प्राति करण >ै, द्वारा पात्र ा श ‚ विववाविद न>ीं र्थीीं। ब>स क े दौरान भी, बीए,यू क े विवद्वान अति वjा अपीलार्थी7गणों क े इस कर्थीन से स>म >ुए विक परीक्षक बोडB क े पास पात्र ा श k या विनयमावली क े प्रस् र 6.[4] क े > विन ाBरिर उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" प्रविक्रया को बदलने का कोई अति कार न>ीं >ै। य> भी विनर्विववाद >ै विक परीक्षक बोडB को पदोन्नति की प्रविक्रया में परिरव Bन करने का कोई अति कार न>ीं विदया गया र्थीा या दूसरे शब्दों में, य> विनयमावली क े प्रस् र 6.[4] में संशो न न>ीं कर सका।य> भी एक स्वीकायB स्थिस्र्थीति >ै विक क े वल कायBकारी परिरषद >ी विनयमावली क े प्रस् र 6.[4] क े > विन ाBरिर प्रविक्रया/पात्र ा में संशो न या बदलाव कर सक ी र्थीी।
9. विवद्व एकल न्याया ीश ने अणिभलेख पर पूरी सामग्री और प्रत्यर्थी7 बीए,यू और विनTी प्रत्यर्थी7 द्वारा अवलम्ब लिलये गए विनणBयों पर विव,ार करने क े बाद य> विव,ार व्यj विकया विक परीक्षकों क े बोडB ने टाइप टेस्ट, लिललिख परीक्षा और साक्षात्कार पर अंक देकर और विiर मेरिरट सू,ी ैयार करक े,यन करने में गंभीर त्रुविट की।
10. विवद्वान एकल न्याया ीश ने रिरट याति,का की अनुमति दी। न्यायालय ने आदेश विदनांविक 05.06.2007 और 02.07.2007 को रद्द कर विदया और ृ ीय श्रेणी क े पद पर प्रत्यर्थी7 संख्या 3 से 16 की विनयुविjयों को भी रद्द कर विदया और बीए,यू को ृ ीय श्रेणी क े पद पर पदोन्नति क े लिलए नए,यन आयोसिT करने का विनदpश विदया विक विनयमों क े अनुसार और ऊपरोj विकए गए अवलोकनों क े आलोक में सख् ी से ीन म>ीने क े भी र इसे पूरा करें। उस पर 50,000/- रुपये का TुमाBना भी लगाया गया। विवद्व एकल न्याया ीश क े विनणBय क े प्रभावी भाग को य>ां पुनः प्रस् ु विकया गया >ैः “56. परिरणामस्वरूप, रिरट याति,का की अनुमति दी Tा ी >ै।विदनांक 5.6.2007 और 2.7.2007 क े आक्षेविप आदेश और, ुर्थीB श्रेणी क े पदों पर प्रत्यर्थी7 संख्या 3 से 16 की विनयुविjयां इसक े द्वारा रद्द की Tा ी >ैं।
57. विवश्वविवद्यालय को विनदpश विदया Tा ा >ै विक व> 17 विदसंबर, 2005 विदनांविक अति सू,ना द्वारा सिTन रिरविjयों क े लिलए,यन विकया गया र्थीा, उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" उनक े लिखलाi ृ ीय श्रेणी क े पद पर पदोन्नति क े लिलए नए सिसरे से,यन करे और इस आदेश की प्रमाणिण प्रति प्रस् ु आदेश की ारीख से ीन म>ीने क े भी र विनयमों क े अनुसार और ऊपर की गई विटप्पणिणयों को ध्यान में रख े >ुए इसे ेTी से और विकसी भी स्थिस्र्थीति में पूरा करे।
58. याति,काक ाB ख,p क े >कदार >ैं सिTसे मैं 50,000/- रुपए क परिरविन ाBरिर कर ा >ूं।“
11. विवद्व एकल न्याया ीश द्वारा अणिभलिललिख विनष्कषB, Tैसा विक पैराग्राi संख्या 53,54 और 55 में अं र्विवष्ट >ै, को भी य>ां पुनः प्रस् ु विकया गया >ैः “53. व Bमान मामले में, मैं य> देखने क े लिलए विववश >ूं विक विवश्वविवद्यालय द्वारा प्रकाणिश अति सू,ना में स्पष्ट रूप से मैनुअल क े खंड 6.[4] में विनवि> बा ों को दो>राया गया र्थीा। परीक्षा क े विनयमों क े बारे में सभी को Tानकारी दी गई र्थीी, लेविकन उपरोj विन ाBरिर मानदंडों क े अनुसार,यन को अति कार क्षेत्र से आयोसिT करने क े लिलए गविठ परीक्षक बोडB ने खेल क े बी, क े विनयमों को बदल विदया और बीए,यू में, ुर्थीB श्रेणी से ृ ीय श्रेणी क पदोन्नति क े लिलए लागू मौTूदा विनयमों से अनTान रीक े से,यन विकया। य> पूरी र> से अवै और अति कार क्षेत्र से बा>र र्थीा।य> य >ै विक खेल क े दौरान खेल क े विनयमों को बदलने की अनुमति न>ीं दी Tा सक ी >ै। उपयुBj,,ाB क े आलोक में इस न्यायालय को कोई संदे> न>ीं >ै विक याति,काक ाBओं क े सार्थी भेदभाव विकया गया >ै और उन पर इस र> से विव,ार विकया गया >ै सिTस पर विवश्वविवद्यालय द्वारा, ुर्थीB श्रेणी से ृ ीय श्रेणी में पदोन्नति पर विव,ार करने क े लिलए कभी अपेतिक्ष न>ीं विकया गया र्थीा।
55. एक और प>लू की भी अनदेखी न>ीं की Tानी,ावि>ए।इस र> की पदोन्नति में व्यविjयों को विवणिभन्न मामलों में एक -दूसरे से पूरी र> उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" असमान माना Tाना,ावि>ए। वषB 1977 में विनयुj विकए गए, ुर्थीB श्रेणी क े कमB,ारी को, ुर्थीB श्रेणी क े पद का लंबा अनुभव >ै, लेविकन व्यविjत्व और अन्य प>लुओं क े संदभB में, व> 10,20 या 25 वषk क े बाद, ुर्थीB श्रेणी क े कमB,ारी क े रूप में सेवा में प्रवेश करने वाले अपने कविनष्ठ क े सार्थी ुलना न>ीं कर सक ा >ै।बाद की शैतिक्षक प्रगति को भी नTरअंदाT न>ीं विकया Tा सक ा >ै। य> स्पष्ट >ै विक वषB 1977 से 1997 क विनयुj विकए गए व्यविjयों यानी याति,काक ाBओं को दशकों की सेवा क े बाद ृ ीय श्रेणी क े पद पर पदोन्नति क े लिलए विव,ार करने का अवसर विमला। Tब विवश्वविवद्यालय द्वारा विन ाBरिर प्रासंविगक प्रविक्रया में विव,ार न>ीं विकया गया र्थीा, ब साक्षात्कार को,यन क े एक वि>स्से क े रूप में लेने से ऐसे व्यविjयों क े लिलए योग्य ा प्राप्त करना स्पष्ट रूप से कविठन >ो गया क्योंविक वे बे> र योग्य ा वाले युवा और कम उम्र क े नए कमB,ारिरयों क े सार्थी प्रति स्प ाB न>ीं कर सक े।लेविकन विकसी ने य> भी माना >ोगा विक नौकरी क े अं में उनक े पास लंबा अनुभव >ै।बे> र सम्मान और प्रति ष्ठा की आवश्यक ा >ै ाविक वे अपनी नौकरी क े अं में कम से कम एक पदोन्नति प्राप्त करने क े बाद उच्च पद से सेवाविनवृत्त >ो सक ें ।विवश्वविवद्यालय को विनयमावली में प्रविक्रया विन ाBरिर कर े समय इन सभी थ्यों और अन्य प्रासंविगक प>लुओं को ध्यान में रखना,ावि>ए, लेविकन दुभाBग्य से परीक्षक बोडB ने व्यापक प>लुओं पर ध्यान न>ीं विदया। विनयमों में विन ाBरिर स्र्थीाविप प्रविक्रया की अनदेखी कर पूरी र> से अवै रूप से कायB विकया और इसक े विवपरी अपने अति कार और अति कार क्षेत्र को पार करक े अपनी स्वयं की,यन प्रविक्रया य की।”
12. बीए,यू क े सार्थी-सार्थी प्रत्यर्थी7 संख्या 3 से 16 अं र-न्यायालय अपील विवशेष अपील संख्या 24/2012 (बनारस हिं>दू विवश्वविवद्यालय और अन्य बनाम श्री क ृ ष्ण राय और अन्य), विवशेष अपील संख्या 9/2012 (श्री सवBTी सिंस> और उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" अन्य बनाम श्री क ृ ष्ण राय और अन्य) और विवशेष अपील संख्या 25/2012 (राम विकशोर पांडे और अन्य बनाम बनारस हिं>दू विवश्वविवद्यालय और अन्य) क े रूप में पंTीक ृ >ैं। खण्ड पीठ ने विदनांक 29 Tुलाई, 2016 क े अपने विनणBय में क>ा र्थीा विक अपीलार्थी7 विबना विकसी विवरो क े परीक्षा प्रविक्रया क े सार्थी-सार्थी साक्षात्कार में भी शाविमल >ुए र्थीे और असiल र>े ो वे,यन प्रविक्रया को,ुनौ ी न>ीं दे सक े र्थीे।खण्ड पीठ ने कई विनणBयों पर अवलम्ब लिलया, सिTन पर >म Tल्द >ी उसक े दृविष्टकोण क े समर्थीBन में,,ाB करेंगे और दनुसार विवशेष अपील को अनुमति दी, विवद्व एकल न्याया ीश क े विनणBय को अपास् कर विदया और रिरट याति,का को खारिरT कर विदया।
13. पक्षकारों क े अति वjा को सुनने क े बाद और अणिभलेख पर थ्यों और पक्षकारों क े अति वjा द्वारा अवलम्ब लेने का परिरशीलन करने क े बाद, >म अब इस मुद्दे पर विव,ार करने क े लिलए आगे बढ़ े >ैं।
14. कायBकारी परिरषद क े प्रस् ाव संख्या 223 विदनांक 2/3 नवंबर, 1980 द्वारा विवति व अनुमोविद विनयमावली क े प्रस् र 6.[4] क े अनुसार, सभी, ुर्थीB श्रेणी कमB,ारी, सिTन्>ोंने पां, साल की सेवा दी >ै और सिTन्>ोंने मैविटxक परीक्षा या समकक्ष उत्तीणB की >ै, Tूविनयर क्लक B ग्रेड क े पद पर पदोन्नति क े लिलए पात्र >ोंगे। ऐसे पात्र अभ्यर्थिर्थीयों को कम से कम 30 शब्द प्रति विमनट की गति से अंग्रेTी/हिं>दी में टाइहिंपग परीक्षा में शाविमल विकया Tाएगा। टंकण परीक्षा क े ऐसे खंड क े सार्थी संलग्न विटप्पणी में उल्लेख >ै विक यविद कोई कमB,ारी टंकण परीक्षा उत्तीणB न>ीं कर ा >ै और अन्यर्थीा पदोन्नति क े लिलए पात्र >ै, उसे इस श B क े अध्य ीन पदोन्न विकया Tाएगा विक व> अपनी पदोन्नति की ारीख से दो वषB क े भी र टंकण परीक्षा पास कर ले, सिTसमें विवiल र>ने पर, उसे वापस कर विदया Tाएगा। नोट में य> भी क>ा गया >ै विक ऐसे कमB,ारिरयों क े लिलए टाइहिंपग परीक्षा वषB में दो बार आयोसिT की उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" Tाएगी।प्रस् र 6.[4] (ii) (b) ) में प्राव ान >ै विक एक घंटे की अवति क े सामान्य अंग्रेTी, हिं>दी और अंकगणिण क े दो प्रश्नपत्र आयोसिT विकए Tाएंगे।
15. कायBकारी परिरषद ने विदनांक 29/30.03.1996 को अपनी प्रस् ाव संख्या 131 क े माध्यम से सभी कमB,ारिरयों में, ुर्थीB श्रेणी की पदोन्नति क े लिलए रिरविjयों को 20 प्रति श से बढ़ाकर 25 प्रति श कर विदया र्थीा और इसमें य> भी प्राव ान विकया गया र्थीा विक वरिरष्ठ ा सू,ी विवभागीय परीक्षा उत्तीणB करने क े बाद ैयार की Tाएगी और य> आगे क>ा गया >ै विक सेवार कमB,ारिरयों क े लिलए विन ाBरिर योग्य ा में कोई छ ू ट न>ीं दी Tाएगी।
16. उपयुBj पात्र ा और समू> 'घ' वगB क े कमB,ारिरयों को कविनष्ठ लिलविपक क े संवगB में पदोन्न करने क े लिलए विववि> प्रविक्रया का शुद्ध प्रभाव य> >ोगा विक (1) वि>न्दी/ अंग्रेTी में कम से कम 30 शब्दों प्रति विमनट की गति क े सार्थी एक प्रकार की परीक्षा आयोसिT की Tाएगी।इस प्रकार की परीक्षा में अ>B ा प्राप्त करने क े लिलए अविनवायB रूप से आवश्यक न>ीं र्थीा और य>ां क विक Tो पात्र अभ्यर्थी7 टाइहिंपग परीक्षा में अ>B ा प्राप्त न>ीं कर सक े, लेविकन विवभागीय परीक्षा में उत्तीणB >ोने क े बाद पात्र र्थीे, उन्>ें टाइहिंपग परीक्षा में अ>B ा प्राप्त करने क े लिलए दो वषB का समय विदया Tाएगा और ऐसे अभ्यर्थिर्थीयों क े लिलए टाइहिंपग परीक्षा वषB में दो बार आयोसिT की Tाएगी।
17. पात्र अभ्यर्थिर्थीयों क े लिलए आवश्यक एकमात्र परीक्षा विवभागीय परीक्षा अर्थीाB सामान्य अंग्रेTी, हिं>दी और अंकगणिण की परीक्षा में उत्तीणB >ोना र्थीा।इस प्रकार, यविद कोई पात्र अभ्यर्थी7 सामान्य अंग्रेTी, हिं>दी और अंकगणिण की लिललिख परीक्षा में पास >ो Tा ा >ै और टाइप टेस्ट में भी पास >ो Tा ा >ै, ो उसे पदोन्नति क े लिलए वरिरष्ठ ा सू,ी में रखा Tाएगा।य> भी अविनवायB विकया गया विक यविद पात्र अभ्यर्थी7 सामान्य अंग्रेTी, हिं>दी और अंकगणिण की विवभागीय लिललिख परीक्षा में उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" उत्तीणB >ो Tा े >ैं, लेविकन टाइहिंपग परीक्षा में उत्तीणB न>ीं >ो पा े >ैं, ो भी वे पदोन्नति क े लिलए पात्र >ोंगे और उन्>ें इस श B क े सार्थी वरिरष्ठ ा सू,ी में रखा Tाएगा विक उन्>ें दो साल क े भी र टाइहिंपग परीक्षा उत्तीणB करनी >ोगी और इन पदोन्न अभ्यर्थिर्थीयों क े लिलए इस र> की टाइहिंपग परीक्षा वषB में दो बार आयोसिT की Tाएगी, अर्थीाB उनक े पास टाइहिंपग परीक्षा में शाविमल >ोने और अपनी पदोन्नति क े बाद इसे उत्तीणB करने क े कम से कम,ार अवसर >ोंगे।
18. व Bमान मामले में, बड़ी संख्या में सदस्यों से विमलकर बने परीक्षक बोडB ने पूरी प्रविक्रया को बदल विदया और उन्>ोंने पूरी र> से एक नई प्रविक्रया स्र्थीाविप की। उन्>ोंने इसे अविनवायB बनाने क े लिलए टाइप टेस्ट क े लिलए 20 अंक विदए, सामान्य अंग्रेTी, हिं>दी और अंकगणिण की लिललिख विवभागीय परीक्षा क े लिलए 60 अंक प्रत्येक विवषय क े लिलए 20 अंक और आगे 20 अंकों का साक्षात्कार शुरू विकया।इस प्रकार, Tैसा विक उपरोj विदया गया >ै, क ु ल 100 अंकों पर योग्य ा सू,ी ैयार की Tानी र्थीी।
19. विवणिभन्न भागों क े > विदए गए अंकों क े आ ार पर ऐसी योग्य ा सू,ी ैयार करने क े लिलए कायBकारी परिरषद द्वारा विवति व अनुमोविद विनयमावली में न ो कोई प्राव ान >ै और न >ी कोई अन्य संक े । अभ्यर्थी7 क े पास मैविटxक प्रमाण पत्र या समकक्ष की योग्य ा और, ुर्थीB श्रेणी में पां, साल का अनुभव >ोने क े बाद, विवभागीय लिललिख परीक्षा उत्तीणB करने क े अध्य ीन वरिरष्ठ ा क े आ ार पर पदोन्नति दी Tानी र्थीी। पूव j पात्र ा प्रविक्रया से विनकाले गए इरादे और उद्देश्य य> र्थीे विक लिललिख परीक्षा उत्तीणB करने क े अ ीन वरिरष्ठ ा पदोन्नति क े लिलए मानदंड >ोगी।
20. परीक्षार्थिर्थीयों क े बोडB ने खुद >ी मापदंड बदल विदए और एक साक्षात्कार की शुरुआ करक े इसे पूरी र> योग्य ा आ ारिर बना विदया और टाइप टेस्ट, उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" लिललिख परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों क े आ ार पर योग्य ा सू,ी भी ैयार कराई। विनयमावली क े खंड 6.[4] क े प्राव ानों क े अनुसार, टाइप टेस्ट अविनवायB न>ीं र्थीा। कोई भी व्यविj Tो टाइप टेस्ट में विवiल >ोगा, उसे इस श B क े सार्थी पदोन्न विकया Tा सक ा >ै विक उसे Tॉइन करने क े दो साल क े भी र टाइप टेस्ट में उत्तीणB >ोना >ोगा।
21. >मने Tो नोविटस विकया >ै व> य> >ै विक, खंडपीठ ने विवद्व एकल न्याया ीश क े क B को स्वीकार विकया।खण्ड पीठ क े विनणBय का प्रासंविगक अंश नी,े विदया गया >ैः "Tैसा विक ऊपर उल्लेख विकया गया >ै, विवद्व एकल न्याया ीश ने उति, रूप से य> पाया >ै विक साक्षात्कार Tो लिलए गये र्थीे व> उस प्राव ानों से सम्बस्थिन् न>ीं र्थीे। >मारा य> भी विव,ार >ै विक विन ाBरिर प्रविक्रया का पालन परीक्षक बोडB द्वारा विकया Tाना,ावि>ए र्थीा। कायBकारी परिरषद द्वारा विन ाBरिर क्षेत्र में पूवB से मौTूद प्रविक्रया को परीक्षक बोडB अपने दम पर न>ीं बदल सक ा र्थीा।”
22. >ालांविक, खंडपीठ ने विवबं न क े सिसद्धां को लागू करने में त्रुविट की >ै विक अपीलार्थी7 साक्षात्कार में उपस्थिस्र्थी >ुए और असiल >ोने क े कारण इसे,ुनौ ी विदये और सिसi B उस आ ार पर अपील की अनुमति दी गई और विवद्वान एकल न्याया ीश क े विनणBय को अपास् कर विदया। खण्ड पीठ ने विवद्व एकल न्याया ीश क े क B का स्वीक ृ करने क े बाद, कनीकी दलील पर विवद्वान एकल न्याया ीश क े विनणBय में >स् क्षेप न>ीं करना,ावि>ए र्थीा। खण्ड पीठ को य> विव,ार करना,ावि>ए र्थीा विक अपीलार्थी7 वषB 1977 क े बाद से काम कर र>े, ुर्थीB श्रेणी कमB,ारी र्थीे और उनसे साक्षात्कार क े,रण में गंभीर आपलित्त या विवरो करने और खेल क े उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" विनयमों को बदलने क े सिसद्धां ों को समझने की उम्मीद करना ब>ु कविठन, अनुति, और अनपेतिक्ष र्थीा।
23. खण्ड पीठ द्वारा सिTन विनणBयT विवति यों पर अवलम्ब लिलया गया उनका व Bमान मामले क े थ्यों में कोई लागू न>ीं >ोगा क्योंविक खण्ड पीठ द्वारा अवलस्थिम्ब विनणBयों में से कोई भी विनणBय य> विन ाBरिर न>ीं कर ा >ै विक विवबं का सिसद्धां कानून से ऊपर न>ीं >ोगा। य> विनति— सिसद्धां >ै विक विवबं का सिसद्धां कानून को अस्वीकार न>ीं कर सक ा >ै। कायBकारी परिरषद द्वारा विवति व रूप से अनुमोविद विनयमावली विवबं न या स्वीक ृ ति क े ऐसे विकसी भी सिसद्धां पर प्रबल >ोगी।
24. खण्ड पीठ ने विनम्नलिललिख विनणBयों पर अवलम्ब लिलया- (1) भार संघ और अन्य बनाम एन.,न्द्रशेखरन और अन्य[2] । (2) उत्कल विवश्वविवद्यालय और अन्य बनाम डॉ. एन. सी. सारंगी और अन्य[3] । (3),ंद्र प्रकाश ति वारी बनाम शक ुं ला4 । (4) क े. ए. नागमणिण बनाम इंतिडयन एयरलाइंस[5] । (5) मदन लाल और अन्य बनाम Tम्मू और कश्मीर राज्य और अन्य[6] । 25.,ंद्रशेखरन (उपरोj) क े मामले में, असiल अभ्यर्थिर्थीयों द्वारा य> दलील दी गई र्थीी विक साक्षात्कार और गोपनीय रिरपोटk क े लिलए विन ाBरिर अंक असमान रूप 2 Tेटी 1998(1) एससी 295 3 Tेटी 1999 (1) एससी 101 4 2002 (6) एससीसी 127 5 2009 (5) एससीसी 515 6 1995(3) एससीसी 486 उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" से अति क र्थीे और प्राति कारी या ो साक्षात्कार में या वार्विषक गोपनीय रिरपोटk क े मूल्यांकन में प्राप्त विकए Tाने क े लिलए न्यून म अंक विन ाBरिर न>ीं कर सक े र्थीे। उपरोj मामले में, विकसी भी वै ाविनक विनयमों या विनयम बनाने वाले प्राति करण द्वारा विन ाBरिर पात्र ा का कोई उल्लंघन न>ीं विकया गया र्थीा।
26. उत्कल विवश्वविवद्यालय (उपरोj) क े मामले में, असiल अभ्यर्थिर्थीयों द्वारा की गई आपलित्त,यन सविमति बनाने क े संबं में र्थीी। व Bमान मामले क े थ्यों पर इसका विiर से कोई उपयोग न>ीं >ोगा। 27.,ंद्र प्रकाश ति वारी (उपरोj) क े मामले में, असiल अभ्यर्थी7 को साक्षात्कार का परिरणाम स>ी न>ीं लगा और आपलित्त की गई विक साक्षात्कार की प्रविक्रया अनुति, र्थीी। य> भी व Bमान मामले क े थ्यों क े लिलए कोई लागू न>ीं >ै।
28. क े. ए. नागमणिण (उपरोj) क े मामले में असiल अभ्यर्थिर्थीयों को समान अवसर विदए गए और विकसी सांविवति क विनयम क े उल्लंघन का आरोप न>ीं लगाया गया र्थीा, इसलिलए इस विनणBय का भी कोई उपयोग न>ीं >ोगा।
29. मदनलाल (उपरोj) क े मामले में, एक बार विiर असiल अभ्यर्थी7 द्वारा की गई आपलित्त साक्षात्कार की प्रविक्रया क े अनुति, >ोने क े बारे में र्थीी।इस मामले का व Bमान मामले क े थ्यों क े सार्थी कोई संबं न>ीं >ै।
30. इसक े विवपरी, डॉ. क ृ ष्ण,ंद्र सा>ू और अन्य बनाम उड़ीसा राज्य और अन्य[7], क े मामले में >म पा े >ैं विक य> अव ारिर विकया गया >ै उपयुj ा मानदंड विनयम बनाने वाले प्राति करण द्वारा विन ाBरिर विकया Tाना >ै और,यन बोडB/,यन सविमति द्वारा,यन मानदंड विन ाBरिर न>ीं विकया Tा सक ा >ै Tब क विक विवशेष रूप से अति क ृ न>ीं विकया Tा ा >ै। व Bमान मामले में, सबसे प>ले,यन 7 1995 (6) एससीसी 1 उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" मानदंड विन ाBरिर करने क े लिलए परीक्षक बोडB को कोई प्राति कार न>ीं र्थीा और आगे विनयम बनाने वाले प्राति कारी द्वारा विन ाBरिर उपयुj ा मानदंडों का स्पष्ट उल्लंघन र्थीा। उj विनणBय क े प्रस् र संख्या 31, 32, 33, 34, 35 और 36 को नी,े पुनः प्रस् ु विकया गया >ैः- “31. अब, सरकारी पदों पर विनयुj व्यविjयों की सेवा की श k को विवविनयविम करने क े लिलए विनयम बनाने की शविj अनुच्छेद 309 क े परं ुक क े अ ीन राज्य क े राज्यपाल को उपलब् >ै और इसी शविj का प्रयोग कर े >ुए व Bमान विनयम बनाए गए र्थीे। यविद विकसी विदए गए मामलों में सांविवति क विनयम संसद या राज्य विव ानमंडल द्वारा या राज्य क े राज्यपाल द्वारा न>ीं बनाए गए >ैं, ो उपयुj सरकार (अनुच्छेद 73 क े > क ें द्र सरकार और अनुच्छेद 162 क े > राज्य सरकार) कायBकारी विनदpश Tारी करने क े लिलए स्व ंत्र >ोगी। >ालांविक, यविद विनयम बनाए गए >ैं लेविकन वे विकसी भी विवषय या मुद्दे पर,ुप >ैं ो,ूक की आपूर्ति की Tा सक ी >ै और विनयमों को कायBकारी विनदpशों द्वारा पूरक विकया Tा सक ा >ै। (देखेंः सं राम शमाB बनाम राTस्र्थीान राज्य)।
32. व Bमान मामले में, सरकार ने न ो कोई प्रशासविनक विनदpश Tारी विकया और न >ी उसने उन मानदंडों क े संबं में लोप की आपूर्ति की सिTसक े आ ार पर अभ्यर्थिर्थीयों की उपयुj ा विन ाBरिर की Tानी र्थीी।,यन बोडB क े सदस्यों ने >ोम्योपैणिर्थीक ति,विकत्सा अति कारिरयों क े रूप में प>ले से >ी कायBर अभ्यर्थिर्थीयों की गोपनीय कायBप्रणाली को अपनी उपयुj ा का विन ाBरण करने क े आ ार क े रूप में अपनाने का विनणBय लिलया। उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" 33.,यन बोडB या उस मामले क े लिलए, विकसी अन्य,यन सविमति क े सदस्यों को,यन क े लिलए मानदंड विन ाBरिर करने की अति कार क्षेत्र न>ीं >ै Tब क विक वे अनुच्छेद 309 क े > बनाए गए विनयमों द्वारा इस संबं में विवशेष रूप से अति क ृ न >ों।य> मूल रूप से विनयम बनाने वाले प्राति कारी का कायB >ै विक व>,यन क े लिलए आ ार प्रदान करे। इस न्यायालय ने आंध्र प्रदेश राज्य और एक अन्य बनाम वी. सदानंदम और अन्य क े मामले में विनम्नलिललिख म विदया:- (एससीसी पीपी. 583- 84, पैरा 17): “अब >म न्यायाति करण क े इस क B क े सार्थी र> गए >ैं विक पुराने विनयम को Tारी रखने का कोई औति,त्य न>ीं >ै और विकसी भी क्षेत्र से संबंति कर्विमयों को पदोन्नति पर अन्य क्षेत्रों में कायाBलयों में स्र्थीानां रिर विकया Tा सक ा >ै।ऐसा विनष्कषB विनकालने में, विटxब्यूनल अपने अति कार क्षेत्र की सीमाओं से परे गई >ै।>में क े वल य> इंविग करने की आवश्यक ा >ै विक भ 7 का रीका और सिTस श्रेणी से विकसी सेवा में भ 7 की Tानी,ावि>ए, वे सभी ऐसे मामले >ैं Tो अनन्य रूप से कायBपालिलका क े अति कार क्षेत्र में आ े >ैं।य> न्यातियक विनकायों क े लिलए न>ीं >ै विक वे उन श्रेणिणयों की भ 7 क े रीक े को,ुनने में कायBपालिलका क े विव,ार पर विनणBय लें, सिTनसे भ 7 की Tानी,ावि>ए क्योंविक वे नीति ग विनणBय क े मामले >ैं Tो विवशेष रूप से कायBपालिलका क े दायरे में आ े >ैं। " (प्रभाव वर्ति ),यन सविमति क े पास,यन क े लिलए न ो मानदंड विन ाBरिर करने का विनवि> अति कार क्षेत्र >ै और न >ी ऐसी शविj को आवश्यक विववक्षा द्वारा ग्र>ण विकया Tा सक ा >ै। पी. क े. राम,ंद्र अय्यर और अन्य बनाम भार संघ और अन्य में य> म व्यj विकया गया र्थीाः “आवश्यक विनष्कषB क े अनुसार, एएसआरबी में आवश्यक योग्य ाओं को Tोड़ने की ऐसी कोई शविj न>ीं र्थीी। यविद ऐसी शविj का दावा विकया उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" Tा ा >ै, ो इसे स्पष्ट >ोना,ावि>ए और स्पष्ट कारणों क े लिलए आवश्यक विनवि> ार्थीB से न>ीं पढ़ा Tा सक ा >ै विक विनयमों से इस र> क े विव,लन से अपूरणीय और अपरिरव Bनीय क्षति >ोने की संभावना >ै।"
35. इसी प्रकार उमेश,न्द्र शुक्ला आविद बनाम भार संघ और अन्य क े मामले में य> म व्यj विकया गया विक,यन सविमति क े पास विनयमों क े अ ीन Tो विववि> >ै उसक े अति रिरj अपने स्वयं क े मानक अति कणिर्थी अन्यने की कोई अं र्विनवि> शविj न>ीं >ै। इन दोनों विनणBयों का दुगाB,रण विमश्रा बनाम उड़ीसा राज्य और अन्य मामले में अनुसरण विकया गया और,यन सविमति की सीमा को इंविग विकया गया विक उसे न्यून म अंक विन ाBरिर करने का कोई अति कार क्षेत्र न>ीं >ै Tो विकसी अभ्यर्थी7 को मौलिखक परीक्षा में प्राप्त करना >ो ा >ै।
36. Tैसा विक इस न्यायालय द्वारा बी.एस. यादव और अन्य बनाम >रिरयाणा राज्य और अन्य में य> ब ाया Tा सक ा >ै विक अनुच्छेद 309 क े > विनयम बनाने का कायB विव ायी >ै न विक कायBकारी। इस कारण से भी,यन सविमति या,यन बोडB क े पास,यन क े लिलए कोई मानक या आ ार विन ाBरिर करने का अति कार क्षेत्र न>ीं >ो सक ा क्योंविक य>,यन क े विनयम को लागू करने क े समान >ोगा।"
31. इसक े अति रिरj, टाटा क े विमकल्स लिलविमटेड बनाम सीमा शुल्क आयुj (विनवारक), Tामनगर[8] मामले में य> अति कणिर्थी विकया गया >ै विक विवति क े विवरुद्ध कोई विवबं न>ीं >ो सक ा। यविद कानून को विकसी विवशेष रीक े से क ु छ करने की आवश्यक ा >ै ो य> उस र> से विकया Tाना,ावि>ए, और यविद ऐसा उस रीक े से न>ीं विकया Tा ा >ै ो 8 2015 (11) एससीसी 628 उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।" कानून की दृविष्ट में इसका कोई अस्थिस् त्व न>ीं >ोगा।उj विनणBय क े प्रस् र 18 को नी,े उद्धृ विकया गया >ैः “18. विटxब्यूनल का i ै सला इस आ ार पर आगे बढ़ा >ै विक भले >ी नमूने कानून क े विवपरी लिलए गए र्थीे लेविकन अपीलार्थी7 को रोक विदया Tाएगा क्योंविक Tब नमूने लिलए गए र्थीे ो उनक े प्रति विनति मौTूद र्थीे और उन्>ोंने ुरं आपलित्त न>ीं की र्थीी।य> थ्य और विवति दोनों पर पूरी र> से प्रति क ू ल विनष्कषB >ै।वास् व में, य> पयाBप्त रूप से साविब >ो गया >ै विक अपीलार्थी7 का कोई प्रति विनति वास् व में उस समय मौTूद न>ीं र्थीा Tब सीमा शुल्क विनरीक्षक ने नमूने लिलए र्थीे।कणिर्थी रूप से उपस्थिस्र्थी श्री क े. एम. Tानी ने न क े वल य> क>ा विक व> अपीलार्थी7गणों क े क्लीयरिंरग एTेंट का प्रति विनति त्व न>ीं कर े >ैं, बस्थिल्क य> भी क>ा विक Tब नमूने लिलए गए र्थीे ो व> उपस्थिस्र्थी न>ीं र्थीे। इसलिलए, वास् व में Tब नमूने लिलए गए र्थीे ब अपीलार्थिर्थीयों का कोई प्रति विनति न>ीं र्थीा। कानून में समान रूप से अति करण को य> म>सूस करना,ावि>ए र्थीा विक कानून क े लिखलाi कोई विवबं न>ीं >ो सक ा >ै।यविद कानून य> अपेक्षा कर ा >ै विक क ु छ विवशेष रीक े से विकया Tाना,ावि>ए ो इसे उसी रीक े से विकया Tाना,ावि>ए और यविद ऐसा न>ीं विकया Tा ा >ै ो कानून की नTर में इसका कोई अस्थिस् त्व >ी न>ीं >ै। सीमा शुल्क अति कारी विकसी विवशेष विन ाBरिर ी क े कायk क े आ ार पर कानून का पालन करने से मुj न>ीं >ैं। कोई भी,ीT Tो अवै >ै, व> विकसी ीसरे व्यविj क े क ृ त्य से खुद को कानूनी रूप में परिरवर्ति न>ीं कर सक ी।”
32. उपयुBj सभी कारणों से, अपीलों को स्वीकार विकया Tाना,ावि>ए। दनुसार उन्>ें अनुमति दी Tा ी >ै। उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।"
33. खण्ड पीठ क े 29.07.2016 विदनांविक आक्षेविप विनणBय को अपास् विकया Tा ा >ै और विवद्व एकल न्याया ीश क े 26.08.2011 विदनांविक विनणBय को ब>ाल विकया Tा ा >ै।
34. >में सूति, विकया गया >ै विक क ु छ अपीलार्थी7 सेवाविनवृत्त >ो गए >ैं और उनमें से क ु छ की सेवाविनवृलित्त क े बाद मृत्यु >ो गई >ै। बाकी अभी भी काम कर र>े >ैं।,ूंविक परीक्षाएं प>ले >ी वषB 2006 और 07 में आयोसिT की Tा,ुकी >ैं, सभी अपीलार्थी7 सिTन्>ें मौTूदा विनयमों क े अनुसार और विवद्व एकल न्याया ीश द्वारा विनदpश क े अनुसार पदोन्नति क े लिलए पात्र पाया गया >ै, उन्>ें पारिरणाविमक लाभों का विवस् ार विकया Tाएगा। इसक े अलावा, T>ां अपीलार्थिर्थीयों की मृत्यु >ो गई >ै, व>ां लाभ उनक े कानूनी वारिरसों को भी विदया Tाएगा, Tो इसक े लिलए कानून क े > >कदार >ैं।
35. लंविब आवेदन, यविद कोई >ो, का विनस् ारण विकया Tा ा >ै। …………......…………...… [न्यायमूर्ति विदनेश मा>ेश्वरी] …………......…………...… [न्यायमूर्ति विवक्रम नार्थी] नई विदल्ली 16 Tून, 2022 उद्घोषणा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनणBय वादी क े अपनी भाषा में समझने >े ु विनबZति प्रयोग क े लिलए >ै और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग न>ीं विकया Tा सक ा >ै। सभी व्याव>ारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनणBय का अंग्रेTी संस्करण प्रामाणिणक माना Tाएगा र्थीा विनष्पादन और विक्रयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य >ोगा।"