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Supreme Court of India · 27 Jul 2022
B. R. Gavai; Pamidighantam Shrinivas
Criminal Appeal No. 1051 of 2022
criminal appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court allowed appeals against the High Court's order setting aside framing of charges, remanding the cases for fresh trial ensuring proper consideration of evidence and procedural fairness.

Full Text
Translation output
अप्रितव
भारतीय सव�� �ायालय
आपरािधक अपीलीय अिधका�रता
आपरािधक अपील सं. 1051/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 9567/2019 से उ�� ]
एस क
े टोंिगया अपीलाथ�(गण)
बनाम

� द्र अ�ेषण �ूरो प्र�(गण)
आपरािधक अपील सं. 1053/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 10342/2019 से उ�� ]
आपरािधक अपील सं. 1054/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 1798/2022 से उ�� ]
आपरािधक अपील सं. 1055/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 729/2022 से उ�� ]
आपरािधक अपील सं. 1056/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 9829/2019 से उ�� ]
आपरािधक अपील सं. 1057/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 10015/2019 से उ�� ]
आपरािधक अपील सं. 1058/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 10629/2019 से उ�� ]
िनण�य
�ा. बी. आर. गवई
JUDGMENT

1. अनुमित प्रदाि।

2. अपीलाथ�गण ने िद�ी उ� �ायालय �ारा िदनांक 29 जुलाई, 2019 को पा�रत िनण�य से �िथत होकर इस �ायालय का दरवाजा खटखटाया है, िजसक े �ारा उ� �ायालय क े िव�ान एकल �ायाधीश ने िवशेष �ायाधीश (पीसी अिधिनयम)/ सीबीआई-01, िजला नई िद�ी, पिटयाला हाउस कोट�, नई िद�ी �ारा िदनांक 7 अ�ू बर, 2015 को पा�रत आदेश को अपा� कर िदया था।

3. िव�ान िवशेष �ायाधीश ने िदनांक 7 अ�ू बर 2015 को पा�रत अपने आदेश �ारा पाँचों अिभयु�ों को भारतीय दंड संिहता 1860 (सं�ेप म� ‘भा.दं.सं.') की धारा 120ख सह-पिठत भ्र�ाच िनवारण अिधिनयम, 1988 (सं�ेप म� 'पीसी अिधिनयम') की धारा 13(2) एवं 13(1)(घ) तथा भा.दं.सं. की धारा 420, 465, 468 व 471 क े अंतग�त दंडनीय अपराधों हेतु आरोप िवरिचत करने का िनद�श िदया था। इसक े अित�र� �ायालय ने क ु छ अिभयु�ों को पीसी अिधिनयम की धारा 13(2) सह-पिठत धारा 13(1)(घ) एवं भा.दं.सं. की धारा 420, 465, 468 व 471 क े तहत आरोप िवरिचत करने का भी िनद�श िदया था। हालांिक, जहाँ तक वत�मान अिपलािथ�यों का संबंध है, िव�ान िवशेष �ायाधीश ने अिभयु�गण को उ�ोिचत कर िदया था।

4. इससे �िथत होकर प्र�गण- क े �ीय अ�ेषण �ूरो (सीबीआई) क े साथ-साथ अिभयु�गण, िजनक े िव�� आरोप िवरिचत िकए गए थे, ने िद�ी उ� �ायालय म� पुनरी�ण यािचकाएँ दायर की थी। आ�ेिपत िनण�य �ारा, उ� �ायालय क े िव�ान एकल �ायाधीश ने िदनांक 7 अ�ू बर, 2015 क े आदेश को अपा� कर अधीन�थ �ायालय को िनद�श िदया िक वह िदनांक 20 अ�ू बर, 2008 को भारतीय िचिक�ा प�रषद (एम.सी.आई.) �ारा िकए गए िनरी�ण की वीिडयोग्रा (िजसे बाद म� सीबीआई ने ज� कर िलया था) की पित सभी अिभयु�गण को िविधवत �प से प्रदा कर सभी प�ों को गुणागुण क े आधार पर नए िसरे से सुने।

5. अपीलाथ�गण क े िव�ान अिधव�ा का प्रितवाद है, य�िप अपने िव�ृत आदेश �ारा िव�ान िवचारण �ायालय ने यह पाया था िक अपीलाथ�गण क े �खलाफ़ प्रथम�� कोई मामला नहीं बनाया गया था, िक�ु उ� �ायालय ने िबना कोई कारण बताए उनक े उ�ोचन क े आदेश को अपा� कर िदया है। वे प्र�ु करते ह� िक उनक े अनुसार यिद उ�ोचन क े आदेश को पलटना ही था तो उ� �ायालय से कम से कम यह अपे�ा की जाती है िक वह कारण बताए िक उ�� अधीन�थ �ायालय क े आदेश म� त्रु �ों िमली तथा अपीलाथ�गण क े �खलाफ़ प्रथम�� मामला �ों बनाया गया।

6. िव�ान अित�र� महा-सािलिसटर श् एस. वी. राजू ने अपीलों का िवरोध िकया है। उ�ोंने िनवेदन िकया है िक आ�ेिपत िनण�य �ारा, उ� �ायालय क े िव�ान एकल �ायाधीश ने क े वल मामले को िवचारण �ायालय को प्रितप्रेिषत कर ि है। उ�ोंने िनवेदन िकया है िक इन सभी मामलों क े प्रितप्रेषणअधीन�थ �ायालय �ारा इन पर िवचार िकया जाएगा तथा इस प्रक, अपीलाथ�गण पर कोई प्रितक प्रभ नहीं पड़ेगा। उ�ोंने यह भी प्र�ुत िकयिक जहां तक क ु छ मामलों म� वीिडयोग्रा की प्रितय की आपूित� करने क े िनद�श का संबंध है, क ु छ मामलों म� वीिडयोग्रा की कोई प्र उपल� नहीं है।

7. हमने आ�ेिपत िनण�य का अवलोकन िकया है। हालाँिक उ� �ायालय �ारा 66 अनु�े दों का िनण�य िलखने का श्रम िक गया है लेिकन उसम� इस बात का कोई तक � नहीं िदया है िक उ�� अपीलाथ�गण को उ�ोिचत करने वाले िव�ान िवचारण �ायालय क े आदेश म� कोई त्रु �ों िमली। आ�ेिपत िनण�य �ारा अपीलाथ�गण क े प� को प्रा उ�ोचन का एक अहम अिधकार िबना िकसी कारण बताये छीन िलया गया है।

8. इस संि�� आधार पर हम आ�ेिपत िनण�य को र� एवं अपा� िकये जाने यो� पाते ह�।

9. प�रणाम ��प, हम अपीलों को �ीकार करते ह�। िदनांक 29 जुलाई, 2019 क े आ�ेिपत िनण�य को र� एवं अपा� िकया जाता है। इन मामलों को गुणागुण क े आधार पर नए िसरे से िवचार करने क े िलए एवं उपरो� िट�िणयों क े आलोक म� िविध अनुसार िनण�य लेने क े िलए उ� �ायालय को वापस प्रेिष िकया जाता है।

10. जहाँ तक क ु छ मामलों म� वीिडयोग्राफी की प्रितयो अनुपल�ता क े िवषय म� प्र�-सीबीआई क े प्रितवाद का स� है, प्र�-सीबीआई यह त� उ� �ायालय क े सम� प्र�ु करने क े िलए �तंत है एवं इस पर िविध अनुसार िवचार िकया जाएगा।

11. लंिबत आवेदन(नों), यिद कोई हो, का िनपटान िकया जाता है।......................�ा. (बी. आर. गवई)........................................�ा. (पािमदीघंटम श्रनरिस�ा) नई िद�ी; 27 जुलाई, 2022 Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अस्वीकरण: देशी भाषा म� �नणर्य का अनुवाद मुकद्द्मेबाज़ के सी� प्रयोग हेतु �कया गयाहै ता�क वो अपनी भाषा म� इसे समझ सक� एव यह �कसी अन्य प्रयोजन हेतु प्रयोग नह�ं �कया | समस्त कायार्लय एवं व्यावहा�रक प्रयोजन� हेतु �नणर्य का अंग्रेज़ी स्वरूप ह� अ� माना जाएगा और कायार्न्वयन तथा लागू �कए जाने हेतु उसे ह� वर�यत द� जाएगी।