Full Text
भारतीय सव�� �ायालय
आपरािधक अपीलीय अिधका�रता
आपरािधक अपील सं. 1051/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 9567/2019 से उ�� ]
एस क
े टोंिगया अपीलाथ�(गण)
बनाम
क
� द्र अ�ेषण �ूरो प्र�(गण)
आपरािधक अपील सं. 1053/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 10342/2019 से उ�� ]
आपरािधक अपील सं. 1054/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 1798/2022 से उ�� ]
आपरािधक अपील सं. 1055/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 729/2022 से उ�� ]
आपरािधक अपील सं. 1056/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 9829/2019 से उ�� ]
आपरािधक अपील सं. 1057/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 10015/2019 से उ�� ]
आपरािधक अपील सं. 1058/2022
[ िव.अ.या. (आप.) सं. 10629/2019 से उ�� ]
�ा. बी. आर. गवई
JUDGMENT
1. अनुमित प्रदाि।
2. अपीलाथ�गण ने िद�ी उ� �ायालय �ारा िदनांक 29 जुलाई, 2019 को पा�रत िनण�य से �िथत होकर इस �ायालय का दरवाजा खटखटाया है, िजसक े �ारा उ� �ायालय क े िव�ान एकल �ायाधीश ने िवशेष �ायाधीश (पीसी अिधिनयम)/ सीबीआई-01, िजला नई िद�ी, पिटयाला हाउस कोट�, नई िद�ी �ारा िदनांक 7 अ�ू बर, 2015 को पा�रत आदेश को अपा� कर िदया था।
3. िव�ान िवशेष �ायाधीश ने िदनांक 7 अ�ू बर 2015 को पा�रत अपने आदेश �ारा पाँचों अिभयु�ों को भारतीय दंड संिहता 1860 (सं�ेप म� ‘भा.दं.सं.') की धारा 120ख सह-पिठत भ्र�ाच िनवारण अिधिनयम, 1988 (सं�ेप म� 'पीसी अिधिनयम') की धारा 13(2) एवं 13(1)(घ) तथा भा.दं.सं. की धारा 420, 465, 468 व 471 क े अंतग�त दंडनीय अपराधों हेतु आरोप िवरिचत करने का िनद�श िदया था। इसक े अित�र� �ायालय ने क ु छ अिभयु�ों को पीसी अिधिनयम की धारा 13(2) सह-पिठत धारा 13(1)(घ) एवं भा.दं.सं. की धारा 420, 465, 468 व 471 क े तहत आरोप िवरिचत करने का भी िनद�श िदया था। हालांिक, जहाँ तक वत�मान अिपलािथ�यों का संबंध है, िव�ान िवशेष �ायाधीश ने अिभयु�गण को उ�ोिचत कर िदया था।
4. इससे �िथत होकर प्र�गण- क े �ीय अ�ेषण �ूरो (सीबीआई) क े साथ-साथ अिभयु�गण, िजनक े िव�� आरोप िवरिचत िकए गए थे, ने िद�ी उ� �ायालय म� पुनरी�ण यािचकाएँ दायर की थी। आ�ेिपत िनण�य �ारा, उ� �ायालय क े िव�ान एकल �ायाधीश ने िदनांक 7 अ�ू बर, 2015 क े आदेश को अपा� कर अधीन�थ �ायालय को िनद�श िदया िक वह िदनांक 20 अ�ू बर, 2008 को भारतीय िचिक�ा प�रषद (एम.सी.आई.) �ारा िकए गए िनरी�ण की वीिडयोग्रा (िजसे बाद म� सीबीआई ने ज� कर िलया था) की पित सभी अिभयु�गण को िविधवत �प से प्रदा कर सभी प�ों को गुणागुण क े आधार पर नए िसरे से सुने।
5. अपीलाथ�गण क े िव�ान अिधव�ा का प्रितवाद है, य�िप अपने िव�ृत आदेश �ारा िव�ान िवचारण �ायालय ने यह पाया था िक अपीलाथ�गण क े �खलाफ़ प्रथम�� कोई मामला नहीं बनाया गया था, िक�ु उ� �ायालय ने िबना कोई कारण बताए उनक े उ�ोचन क े आदेश को अपा� कर िदया है। वे प्र�ु करते ह� िक उनक े अनुसार यिद उ�ोचन क े आदेश को पलटना ही था तो उ� �ायालय से कम से कम यह अपे�ा की जाती है िक वह कारण बताए िक उ�� अधीन�थ �ायालय क े आदेश म� त्रु �ों िमली तथा अपीलाथ�गण क े �खलाफ़ प्रथम�� मामला �ों बनाया गया।
6. िव�ान अित�र� महा-सािलिसटर श् एस. वी. राजू ने अपीलों का िवरोध िकया है। उ�ोंने िनवेदन िकया है िक आ�ेिपत िनण�य �ारा, उ� �ायालय क े िव�ान एकल �ायाधीश ने क े वल मामले को िवचारण �ायालय को प्रितप्रेिषत कर ि है। उ�ोंने िनवेदन िकया है िक इन सभी मामलों क े प्रितप्रेषणअधीन�थ �ायालय �ारा इन पर िवचार िकया जाएगा तथा इस प्रक, अपीलाथ�गण पर कोई प्रितक प्रभ नहीं पड़ेगा। उ�ोंने यह भी प्र�ुत िकयिक जहां तक क ु छ मामलों म� वीिडयोग्रा की प्रितय की आपूित� करने क े िनद�श का संबंध है, क ु छ मामलों म� वीिडयोग्रा की कोई प्र उपल� नहीं है।
7. हमने आ�ेिपत िनण�य का अवलोकन िकया है। हालाँिक उ� �ायालय �ारा 66 अनु�े दों का िनण�य िलखने का श्रम िक गया है लेिकन उसम� इस बात का कोई तक � नहीं िदया है िक उ�� अपीलाथ�गण को उ�ोिचत करने वाले िव�ान िवचारण �ायालय क े आदेश म� कोई त्रु �ों िमली। आ�ेिपत िनण�य �ारा अपीलाथ�गण क े प� को प्रा उ�ोचन का एक अहम अिधकार िबना िकसी कारण बताये छीन िलया गया है।
8. इस संि�� आधार पर हम आ�ेिपत िनण�य को र� एवं अपा� िकये जाने यो� पाते ह�।
9. प�रणाम ��प, हम अपीलों को �ीकार करते ह�। िदनांक 29 जुलाई, 2019 क े आ�ेिपत िनण�य को र� एवं अपा� िकया जाता है। इन मामलों को गुणागुण क े आधार पर नए िसरे से िवचार करने क े िलए एवं उपरो� िट�िणयों क े आलोक म� िविध अनुसार िनण�य लेने क े िलए उ� �ायालय को वापस प्रेिष िकया जाता है।
10. जहाँ तक क ु छ मामलों म� वीिडयोग्राफी की प्रितयो अनुपल�ता क े िवषय म� प्र�-सीबीआई क े प्रितवाद का स� है, प्र�-सीबीआई यह त� उ� �ायालय क े सम� प्र�ु करने क े िलए �तंत है एवं इस पर िविध अनुसार िवचार िकया जाएगा।
11. लंिबत आवेदन(नों), यिद कोई हो, का िनपटान िकया जाता है।......................�ा. (बी. आर. गवई)........................................�ा. (पािमदीघंटम श्रनरिस�ा) नई िद�ी; 27 जुलाई, 2022 Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अस्वीकरण: देशी भाषा म� �नणर्य का अनुवाद मुकद्द्मेबाज़ के सी� प्रयोग हेतु �कया गयाहै ता�क वो अपनी भाषा म� इसे समझ सक� एव यह �कसी अन्य प्रयोजन हेतु प्रयोग नह�ं �कया | समस्त कायार्लय एवं व्यावहा�रक प्रयोजन� हेतु �नणर्य का अंग्रेज़ी स्वरूप ह� अ� माना जाएगा और कायार्न्वयन तथा लागू �कए जाने हेतु उसे ह� वर�यत द� जाएगी।