Deepa Gupta v. State of NCT Delhi & Ors.

Delhi High Court · 10 Aug 2022 · 2022 INSC 814
B. R. Gavai; Pamidighantam Srinivasam
Criminal Appeal No. 1217 of 2022 (@ SLP (Crl) No. 5806 of 2022)
2022 INSC 814
criminal appeal_dismissed Significant

AI Summary

The High Court upheld the trial court’s rejection of discharge petition in a rape case, holding that prima facie evidence suffices to proceed to trial and settlements do not warrant discharge in serious offences under Section 376 IPC.

Full Text
Translation output
अप्र�तवे
भाररीे स��च् नेाेााे
दािण्ड अपीा�े अ�धडा�ररा
दां�्ड अपीा सं.1217/ 2022
(@��.अ.ेा.(दां.) सं.5806/ 2022)
ड�पा गुपरा .... अपीााथ�(गण)
बनाम
रा.रा.�त.�दला� ए�ं अने .... प्ेथ�(गण)
्नणरे
JUDGMENT

1. अनुम�त प्र�नतन नेा., बी.आर.ग�ई

2. यह अपील �्ललल उच् नयरयरलय क े फरिज़ल एकल नयरयराीी द्रार पर�ात �्नरंक 28.09.2021क े �नणरय औा आ्ेी को ्ुनौती ्ेती है िजसक े द्रार ्रिण्क �्.्र.सं.1567/ 2021को खर�ाज का �्यर गयर थर िजसक े प�ाणरमस्वप भरातीय ्ं् सं�हतर (‘भर.्ं.सं.’) क� ारार 376 क े अंतगरत होने ्रलल करयर्रहल को अ�भखं�्त काने हेतु प्यथ् द्रार ्रया परथरनर पत भी खर�ाज का �्यर गयर थरन 2022 INSC 814

3. परथ�मक� (‘एफ़.आई.आा.’) सं. 569/ 2020 �्नरंक 25.08.2020 इस मरमले क� प्यथ् सं. 2 क े आगह पा ्जर हुईन परथ�मक� म� यह कहर गयर है �क फ़ा्ाल 2020 म� उसकर एकसी्�� हुआ थर िजसम� उसक� जरंघ औा �खने पा ्ो�� आई थींन इसक े अ�त�ाकत यह भी तहाला �कयर गयर है �क ्ह असहरय औा आ�थरक वप से पाेीरन हो गयी थी औा अपने भ�्षय क� सुा�र क े �लए एक बहुारष्लय क ं पनी म� करम काने क� इच् ु क थी औा नौकाल ढूंढ ाहल थीन नौकाल क� खोज क े ्ौारन, �ीकरयतकतरर को मरलूम हुआ �क अपीलरथ् अपने �लए एक �नजी सहरयक (पसरनल अ�सस���) क� तलरी म� हैन अ�भयोजन प� क े अनुसरा, प्यथ् सं. 2 औा अपीलरथ् क े बी् मैसेज क े मरधयम से सं प क र हुआ िजसक े बर् प्यथ् सं. 2 ने अपनर लोक े ीन अपीलरथ् को भेजर िजसक े अनुसरा अपीलरथ् उसक े घा गयर थरन तदपप्रत, बलर्करा क� घ�नर होने कर आाोप लगरयर गयर हैन

4. यह पतीत होतर है �क उपाोकत परथ�मक� ्जर होने क े बर्, ्तरमरन अपीलरथ् द्रार प्यथ् सं. 2 क े �्रदा एक औा परथ�मक� ्जर कारई गई िजसम� ज़बा्सती ्सूलल काने कर आाोप लगरयर गयरन

5. महाौलल थरने म� ्जर परथ�मक� सं. 824/ 2020 से उदभूत ्ोन� मरमल� म� आाोप पत ्रया हो ्ुक े ह�न

6. तदपप्रत यह पतीत होतर है �क भर.्ं.सं. क� ारार 376 से उदभूत मरमले, यरनी परथ�मक� सं. 569/ 2020, म� सौहर्रपूणर समझौतर हो गयर थर औा उसक े प�ाणरमस्वप ्ं.प.सं. क� ारार 482 क े अंतगरत होने ्रलल करयर्रहल को अ�भखं�्त काने क े �लए एक यर�्कर ्रया क� गई थीन आ�े�पत आ्ेी क े मरधयम से मरननीय उच् नयरयरलय ने उपाोकत यर�्कर को खर�ाज का �्यर हैन

7. मरमले क े �्�्त तथय� औा हरलरत� क े मद्ेनज़ा, हमने अपीलरथ् औा प्यथ् सं. 2 ्ोन� को �्नरंक 14.07.2022 क े आ्ेी क े मरधयम से नयरयरलय म� वयिकतगत वप से पसतुत होने क े �न्�ी �्ए थेन

8. उपाोकत आ्ेी क े अनुसाण म�, अपीलरथ् औा प्यथ् सं. 2 स्यं नयरयरलय म� पसतुत ह�न

9. सुबह क े सत म�, जब इस मरमले पा लमबी बहस हुई, तब हमने अपीलरथ् क े फरिज़ल अ�ा्कतर, ्ॉ. एन. प्लप ीमरर औा प्यथ् सं. 1 क े फरिज़ल अ�त�ाकत महर सॉ�ल�स�ा, शी �्कमजीत बनज् को सुनरन फरिज़ल अ�त�ाकत महर सॉ�ल�स�ा, शी बनज् ने यह पसतुत �कयर �क ्तरमरन अपारा एक जघनय अपारा है औा समपूणर समरज क े �्रदा हैन इसक े अ�त�ाकत उनह�ने यह भी पसतुत �कयर �क यह एक सुसथर�पत �्�ा है �क गंभीा औा जघनय अपारा� म� ्ोन� प�� क� सहम�त क े बर्जू् नयरयरलय को करयर्रहल को अ�भखं�्त नहलं कानर ्र�हएन

10. ्ूँ�क प्यथ् सं. 2 क� ओा से कोई पसतुत नहलं हुआ थर, हमने फरिज़ल अ�ा्कतर, शी ाउफ ाहलम से नयरय �मत क� भू�मकर �नभरने औा प्यथ् सं. 2 क� ओा से उपिसथत होने कर अनुाोा �कयरन हमने फरिज़ल अ�त�ाकत महर सॉ�ल�स�ा औा फरिज़ल अ�ा्कतर, शी ाउफ ाहलम से प्यथ् सं. 2 से बरत का क े यह पतर लगरने कर भी अनुाोा �कयर �क इस करयर्रहल को समरपत का्रने क े �लए ्ल गई अनुम�त स्ैिच्क थी यर �कसी ्बर् म� आका ्ल गई थीन हमने मरमले को ्ोपहा क े सत म� सुनने क े �लए �नयत �कयरन

11. ्ोपहा क े सत म� जब मरमले को आहूत �कयर गयर तो फरिज़ल अ�त�ाकत महर सॉ�ल�स�ा औा शी ाउफ ाहलम ने हम� सू�्त �कयर �क उनह�ने प्यथ् सं. 2 से बरत क� औा उस ्रतररलरप से यह सपष� हुआ �क प्यथ् सं. 2 द्रार ्ल गई अनुम�त स्ैिच्क थी औा �बनर �कसी ्बर् क े ्ल गई थीन यह बतरयर गयर �क प्यथ् सं. 2 ीरं�तपू्रक अपनर जी्न वयतीत काने क े �लए ्रिण्क करयर्रहल को समरपत कानर ्रहती हैन

12. इसम� कोई सं्ेह नहलं है �क फरिज़ल अ�त�ाकत महर सॉ�ल�स�ा कर इस नयरयरलय द्रार पर�ात �्�भनन �नणरय�, िजनम� ह्यर यर बलर्करा जैसे जघनय औा गंभीा अपारा� म� नयरयरलय द्रार करयर्रहल को अ�भखं�्त न काने क े ्ै�ाक दिष�कोण को ्ोहारयर गयर है, पा �नभरातर जतरनर �बलक ु ल सहल हैन यहरँ ना�्ा �संह बनरम पंजरब ारजय क े मरमले म� इस नयरयरलय द्रार पर�ात �नणरय क े पैार 29.[5] से 29.[7] को सं्�भरत कानर उ�्त होगर,जो इस पकरा है �क: “29.[5] अपनी ीिकतय� कर पयोग काते हुए, उच् नयरयरलय को यह सु�निप्त कानर होगर �क ्ोष�सद�ा क� संभर्नर अलप औा ीूनय है यर नहलं औा ्रिण्क मरमल� को जराल ाखने से अ�भयुकत क े सरथ घोा उ्पीीन औा प�परत होगर औा ्रिण्क मरमले ाद् न काने से उसक े सरथ घोा अनयरय होगर यर नहलंन 29.[6] भर.्ं.सं. क� ारार 307 क े अंतगरत आने ्रले अपारा जघनय औा गंभीा अपारा� क� शेणी म� आते ह�न अतः उनह� सरमरनयतः समरज क े �्रदा हुए अपारा क� ताह समझर जरनर ्र�हए न �क क े ्ल एक वयिकत क े �्रदा हुए अपारा क� ताहन पानतु उच् नयरयरलय कर �नणरय क े ्ल इस बरत पा �नभरा नहलं काेगर �क परथ�मक� म� भर.्ं.सं. क� ारार 307 कर िज़क है यर आाोप इस पर्ारन क े अंतगरत लगरए गए ह�न उच् नयरयरलय यह जरं् काने क े �लए स्तंत होगर �क भर.्ं.सं. क� ारार 307 कर समर्ेी क े ्ल नरम कर है यर अ�भयोजन प� ने पयररपत सर�य एक�तत �कये ह�, िजनक� �सद�ा भर.्ं.सं. क� ारार 307 क े अंतगरत लगरए गए आाोप को �सदा काेगीन इस उद्ेपय क े �लए, उच् नयरयरलय को यह धयरन म� ाखनर होगर �क �कस पकरा क� ्ो�� आयी ह�, य�् यह ्ो�� ीाला क े मह््पूणर/ नरज़ुक अंग� पा ह�, �कस पकरा क े ह�थयरा� कर उपयोग �कयर गयर है इ्यर�्न सरमरनयतः पी�ीत क� ्ो�� क� �्�क्सर �ापो�र मरगर्ीरक कराक बन सकती हैन इस पथम दिष�यर �्पलेषण क े आारा पा, उच् नयरयरलय यह जरं् सकतर है �क ्ोष�सद�ा क� कीी यर अलप औा प�तक ू ल संभर्नर हैन जहरं पहले मरमले म� नयरयरलय समझौते औा ्रिण्क करयर्रहल क े अ�भखण्न को अस्ीकक त का सकतर है ्हलँ ्ूसाे मरमले म� उच् नयरयरलय क े परस प�� क े बी् हुए समपूणर समझौते क े आारा पा अपारा ीमन क� परथरनर को स्ीकरा काने क� अनुम�त होगीन इस ्ाण पा, नयरयरलय इस तथय से भी पभर�्त हो सकतर है �क प�� क े बी् कर समझौतर उनक े बी् समन्य क� भर्नर उ्पनन काेगर, िजससे भ�्षय म� उनक े �ापते म� सुारा होने क� संभर्नर होगीन 29.[7] सं�हतर क� ारार 482 क े अंतगरत अपनी ीिकतय� कर पयोग कानर है यर नहलं यह तय काते समय, समझौते कर समय अहम भू�मकर �नभरतर हैन िजन ्र्� म� अ�भक�थत अपारा होने क े तुांत बर् तफतीी क े ्ौारन हल समझौतर हो जरतर है, उन मरमल� म� उच् नयरयरलय समझौते को स्ीकरा का ्रिण्क करयर्रहल/ जरं् को अ�भखं�्त काने म� उ्रातर �्खर सकतर हैन इसकर कराण यह है �क इस ्ाण म� तफतीी जराल होती है औा आाोप पत भी अभी ्रया नहलं हुआ होतरन इसी पकरा, िजन ्र्� म� आाोप� क� �्ा्नर हो ्ुक� है पानतु ग्रहल ीुव होनर अभी बरक� है यर ग्रहल अभी परथ�मक सता पा ह�, उन ्र्� म� उच् नयरयरलय उपाोकत प�ािसथ�तय�/ तथय� क े पथम दष�यर आंकलन क े बर् हल अपनी ीिकतय� कर पयोग अनुक ू ल वप से काते हुए उ्रातर �्खर सकतर हैन ्हलं ्ूसाल ओा, िजन ्र्� म� अ�भयोजन सर�य तकालबन पूाे हो ्ुक े ह� यर सर�य क� समरिपत क े पप्रत मरमलर बहस क े सता पा है, सरमरनयतः उच् नयरयरलय को सं�हतर क� ारार 482 क े अंतगरत अपनी ीिकतय� कर पयोग काने से पाहेज़ कानर ्र�हए कय��क ऐसे मरमल� म� �््राण नयरयरलय मरमले क े गुण� क े आारा पा अं�तम �नणरय लेने औा इस �नषकषर पा पहुं्ने क� िसथ�त म� होतर है �क कयर भर.्ं.सं. क� ारार 307 क े अंतगरत अपारा हुआ है यर नहलंन इसी पकरा, िजन ्र्� म� �््राण नयरयरलय द्रार ्ोष�सद�ा हो ्ुक� है औा मरमलर उच् नयरयरलय क े सम� अपीललय सता पा है, क े ्ल प�� क े बी् हुए समझौते क े आारा पा समझौते को स्ीकक �त नहलं �मल सकती है िजससे �््राण नयरयरलय द्रार ्ोष�सदा अपाराी ्ोषमुकत हो सक े न ऐसे मरमल� म� भर.्ं.सं. क� ारार 307 क े अंतगरत लगरए गए आाोप �सदा हो ्ुक े होते ह� औा जघनय अपारा क� ्ोष�सद�ा अ�भलेख पा लल जर ्ुक� होती है, अतः ऐसे अपारा म� ्ोषी ठहारए गए अपाराी को मरफ़ काने कर स्रल हल नहलं हैन”

13. अतः यह प्य� है �क यह नयरयरलय सपष�तः यह मरनतर है �क हरलरं�क जघनय औा गंभीा अपारा� क� करयर्रहल को अ�भखं�्त काने म� नयरयरलय को जल्बरज़ी नहलं कानी ्र�हए, उच् नयरयरलय पा इस बरत क� जरं् काने कर प�तबना नहलं है �क ऐसे अपारा को लगरने क े �लए सरमगी उपलबा है यर पयररपत सर�य उपलबा ह� यर नहलं, िजनक� �सद�ा से लगरए गए आाोप �सदा हो सक � न नयरयरलय को इस पा भी �््रा कानर होगर �क प�� क े बी् हुए समझौते से उनक े बी् समन्य क� भर्नर उ्पनन होगी यर नहलं िजससे उनक े आपसी �ापते म� सुारा हो सक े न

14. नयरयरलय ने यह भी मरनर �क करयर्रहल क े ्ाण को भी धयरन म� ाखनर उ�्त होगरन यह ्ेखर गयर है �क य�् कोई परथरनर पत �्लिमबत ्ाण म� ्रया �कयर जरतर है, जब सर�य संपनन �कये जर ्ुक े हो औा मरमलर बहस यर �नणरय क े ्ाण म� हो, तब नयरयरलय को करयर्रहल को अ�भखं�्त काने क े �लए अपनी ीिकतय� कर पयोग काने म� जल्बरज़ी नहलं कानी ्र�हएन पानतु य�् ऐसर कोई परथरनर पत �््राण क े आामभ होने से पहले परां�भक ्ाण म� ्रया �कयर जरतर है तो क�थत कराक नयरयरलय क� ीिकतय� क े पयोग पा पभर् ्रलेगरन

15. उपाोकत तथय औा प�ािसथ�तयरं ्तरमरन मरमले म� �्�्त ह�न प्यथ् सं.[2] 23 ्षर क� यु्ती है औा उसे ऐसर लगतर है �क इन ्ो मरमल�, िजनम� से एक म� ्ह �ीकरयतकतरर है औा ्ूसाे म� अ�भयुकत, क े �््राण म� उसक� ज्रनी बीत जरएगीन उसे यह भी लगतर है �क य�् उसे ारहत �मलने क े बजरय �््राण से गुज़ानर पीतर है तो ्ह उसक े �लए एक यरतनर होगीन

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16. ्ोन� हल मरमल� म�, हरलरं�क आाोप पत ्रया हो ्ुक े ह�, आाोप� क� �्ा्नर अभी बरक� हैन अतः �््राण अभी आामभ नहलं हुआ हैन इसक े अ�त�ाकत, यह भी धयरन म� ाखने योगय है �क ्ूँ�क प्यथ् सं.[2] स्यं अ�भयोजन क े ्र् कर समथरन नहलं का ाहल है, य�् ्रिण्क मुक़ददमे को जराल ाखर जरये तो इसकर अंत ्ोषमुिकत से हल होगरन य�् प�� क े अनुाोा को अस्ीकक त �कयर जरतर है तो यह ्रिण्क मरमलर भी ्रिण्क नयरयरलय� क े बोझ को बढ़रएगरन

17. मरमले को इस नज़�ाये से ्ेखते हुए औा यह मरनते हुए �क जघनय यर गंभीा अपारा�, जैसे �क बलर्करा, म� नयरयरलय को आम तौा पा करयर्रहल को अ�भखं�्त काने क े �लए अपनी ीिकतय� कर पयोग नहलं कानर ्र�हए, ्तरमरन मरमले क े �्�्त तथय� औा प�ािसथ�तय� को ्ेखते हुए औा आगे प्यथ् सं.[2] को ्ो ्रिण्क मुक़ददम�, िजनम� एक मरमले म� ्ह पी�ीत है औा ्ूसाे म� अ�भयुकत, से गुज़ाने क� यरतनर से ब्रने औा ारहत ्ेने क े �लए, हम यह मरनते ह� �क यह उ�्त मरमलर है जहरँ नयरयरलय द्रार ्रं�्क करयर्रहल को अ�भखं�्त काने क� अपनी �्ीेष ीिकत कर उपयोग होनर ्र�हएन

18. मरमले को इस नज़�ाये से ्ेखते हुए, अपील मंज़ूा क� जरती है औा �नमन�ललखत परथ�म�कय� से उदभूत ्रिण्क ्र्� क� करयर्र�हय� को अ�भखं�्त का ाद् �कयर जरतर है: 1.परथ�मक� सं.569/ 2020,थरनर महाौलल,नई �्ललल (बलर्करा) 2.परथ�मक� सं.824/ 2020, थरनर महाौलल,नई �्ललल (उद्रपन)

19. हम फरिज़ल अ�त�ाकत महर सॉ�ल�स�ा औा शी ाउफ ाहलम क े आभराल ह� �क उनह�ने आगे बढ़ का नयरय �मत क� भू�मकर �नभरते हुए प्यथ् सं.[2] द्रार ्ल गई अनुम�त क� यथरथरतर मरलूम क�न

20. लं�बत आ्े्न पत,य�् कोई ह�,कर �नप�रन �कयर जरतर हैन नेा. (बी.आर.ग�ई) नेा. (पामीद�घंरम शी नर�सम्ा) नई �दला�; 10 अगसर, 2022 अस्ीकाण: ्ेीी भरषर म� �नणरय कर अनु्र् मुकददमेबरज़ क े सी�मत पयोग हेतु �कयर गयर है तर�क ्ो अपनी भरषर म� इसे समझ सक े ए्ं यह �कसी अनय पयोजन हेतु पयोग नहलं �कयर जरएगर| समसत करयररलयी ए्ं वयर्हर�ाक पयोजन� हेतु �नणरय कर अंगेज़ी स्वप हल अ�भपमरलणत मरनर जरएगर औा करयररन्यन तथर लरगू �कए जरने हेतु उसे हल ्ालयतर ्ल जरएगी|