Ajay Kumar Pandey v. State of Uttar Pradesh

High Court of Allahabad · 01 Aug 2022
Hemant Gupta; Vivek Narathi
Civil Appeal No. 4811 of 2022 @ Special Leave Petition (Civil) No. 18854 of 2019
2022 INSC 776
administrative appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court upheld the validity of the Government Order reserving posts for disabled candidates in Uttar Pradesh, rejecting the High Court's order that had expanded reservation beyond identified categories and posts.

Full Text
Translation output
प्रति वेद्य
भार क
े सव च्च न्यायालय में
दीवानी अपीलीय अति कारिर ा
दीवानी अपील संख्या 4811/2022
(विवशेष अनुमति याति(का (सिसविवल) संख्या 18854/2019 से उद्भू )
अजय क
ु मार पांडे और अन्य ......अपीलार्थी5(गण)
बनाम
उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य। ......प्रत्यर्थी5(गण)
विनण=य
न्यायमूर्ति हेमन् गुप्ता
JUDGMENT

1. व =मान अपील में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा 15.2.2019 को पारिर आदेश को (ुनौ ी दी गई है, सिजसमें 7.5.1999 विदनांविक शासकीय आदेश[1] को विनरस् कर विदया गया र्थीा, लेविकन 16.6.2008 विदनांविक विवज्ञापन क े अनुसरण में, सफाई कम=(ारी क े पद पर (यन में हस् क्षेप नहीं विकया गया र्थीा।

1. संक्षेप में 'जी.ओ.' mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA 2022 INSC 776

2. व =मान अपील क े थ्य यह हैं विक मऊ सिजले में सफाई कम=(ारिरयों क े 1651 पदों क े लिलए 16 जून, 2008 को एक विवज्ञापन प्रकाशिश विकया गया र्थीा, सिजसमें से 346 पद अनुसूति( जाति, 34 अनुसूति( जनजाति और 445 पद अन्य विपछड़ा वग= क े लिलए आरतिक्ष र्थीे। इसमें आगे कहा गया है विक विवज्ञाविप पदों क े संबं में, शासकीय विनण=यों क े अनुसार मविहलाओं, विदव्यांग उम्मीदवारों, स्व ंत्र ा सेनाविनयों और पूव= सैविनकों क े लिलए भी आरक्षण होगा, हालांविक ऐसे आरतिक्ष पदों की संख्या विनर्दिदष्ट नहीं की गई है।

3. दायर की गई रिरट याति(का में अपीलार्थिर्थीयों ने उल्लेख विकया है, सिजसका अशिभलेख उच्च न्यायालय से मांगा गया है, विक 50 पद विदव्यांग उम्मीदवारों क े लिलए आरतिक्ष र्थीे। र्थीाविप, कहा जा ा है विक ऐसे 50 पद राज्य में विदव्यांग उम्मीदवारों की विनयुविg की आरक्षण नीति क े अनुसार नहीं बल्किiक विवज्ञाविप क ु ल पदों क े 3 प्रति श क े आ ार पर र्थीे।

4. विदव्यांग उम्मीदवारों क े संबं में, राज्य सरकार ने विदनांक 07.05.1999 को एक शासनादेश जारी विकया र्थीा, सिजसमें विदव्यांग व्यविg (समान अवसर, अति कारों का संरक्षण और पूण= भागीदारी) अति विनयम, 1995[2] क े ह ऐसे उपयुg विदव्यांग अभ्यर्थिर्थीयों द्वारा सं(ालिल विकए जा सकने योग्य पदों की पह(ान की गई र्थीी। 2 संक्षेप में 'अति विनयम' Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA "3. इस संबं में, सरकार ने विदव्यांग व्यविg (समान अवसर, अति कारों की सुरक्षा और पूण= भागीदारी ) अति विनयम, 1995 की ारा 32 क े ह और कार्दिमक विवभाग द्वारा प्रख्याविप उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिरक रूप से विवकलांग, स्व ंत्र ा सेनाविनयों क े आशिn ों और पूव= सैन्य अति कारिरयों क े लिलए आरक्षण ) (संशो न) अति विनयम, 1997 क े संदभ= में साव=जविनक सेवाओं में आरक्षण सुविनतिo करने क े उद्देश्य से समूह 'ग' और समूह 'घ' क े पदों की पह(ान की है। ति(ल्किन्ह पदों की सू(ी यहां संलग्न है।

4. मुझे यह कहने का विनदuश विदया गया है विक इन वगv क े लिलए आरतिक्ष पदों क े ह ति(ल्किन्ह पदों पर विनयुविg की जानी (ाविहए। उपयुg उम्मीदवारों की अनुपलब् ा क े कारण रिरविg न भरने की ल्किस्र्थीति में, इसे अगली भ 5 क े लिलए अग्रेनी विकया जाएगा। xx xx xx शारीरिरक रूप से विवकलांग व्यविgयों क े लिलए वग= 'घ' नौकरिरयों की पह(ान

1. दफ् री, परिर(ारक एस डब्iयू एस ई ओए ओएल पीडी

2. (परासी, अद=ली एस डब्iयू एस ई ओए ओएल पीडी

3. सफाई कम[5] फरा=श एस डब्iयू एस ई ओए ओएल डी पीडी पीबी

4. आदेशिशका ामीलक ा= एस डब्iयू एस ई ओए डी पीडी Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA

5. अक ु शल काया=लय कम[5] एस डब्iयू एस ई पीडी ओए ओएल ओए

6. डुप्लीक े टिंटग मशीन ऑपरेटर, साइक्लोस्टाइल मशीन ऑपरेटर एस डब्iयू एस ई डी पीडी ओएल ओए

7. स्वीपर ड्राई एसटी एस डब्iयू क े सी एसई एफ पी पीएल पीडी डी

8. स्वीपर वेट दैव दैव

9. स्वीपर, दज[5] दैव दैव

23,347 characters total

10. सफाई वाला और संबंति कम[5], अन्य। दैव दैव

11. जल वाहक दैव दैव

12. ोबी एसटी एस क े सी एसई पीपी एल एफ पीडी डी

13. स्टेनसिसलर एसई एस एफ बी ओए बीएल ओएल पीडी डी

14. स्टैम्पर हैंड एसई एस एफ बी दैव xx xx xx परिरशिशष्ट क शारीरिरक आवश्यक ाएं Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA कोड काय= एफ 1. हार्थी से विकया गया काय= पीपी 2. खीं(कर और क्का देकर विकया गया काय= एल 3. उठाकर विकया गया काय= क े सी 4. घुटने टेककर और झुककर विकया गया काय= बी 5. झुककर विकया गया काय= एस 6. (बें( या क ु स[5] पर) बैठकर विकया गया काय= एसटी 7. खड़े होकर विकया गया काय= डब्iयू 8. पैदल (लकर विकया गया काय= एसई 9. देखकर विकया गया काय= ए( 10. सुनकर/बोलकर विकया गया काय= परिरशिशष्ट ख कोड काय= बीएल (i) दोनों पैर प्रभाविव, लेविकन हार्थी नहीं बीए (ii) दोनों हार्थी प्रभाविव (क) विवकलांग (ख) पकड़ की कमजोरी बीएलए (iii) दोनों पैर और दोनों हार्थी प्रभाविव ओएल (ii) एक पैर से प्रभाविव (दाया और/या बाँया) (क) पहुँ( बाति (ख) पकड़ की कमजोरी Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (ग) अटेल्कि„सया बीए( (vi) पीठ और क ू iहों का अकड़न (बैठना या झुक न पाना ) एफटी (vii) सीविम सशg ा- शीघ्र र्थीकान एमडब्iयू (viii) मांसपेशिशयों की कमजोरी और सीविम सशg ा आईसी (ix) (लने-विफरने क े समन्वय में सामान्य बी (x) अं ा पीबी (xi) आंशिशक रूप से अं ा डी (xii) बति र पीडी (xiii) आंशिशक रूप से बति र

5. उपयु=g शासनादेश क े परिरशीलन से प ा (ल ा है विक स्वीपर ड्राई, स्वीपर वेट, स्वीपर सीवर, स्वीपर क्लीनर और संबंति कामगार क े पदों को ऐसे अभ्यर्थिर्थीयों द्वारा भरा जा सक ा है जो बति र या आंशिशक रूप से बति र हैं। दफ् री, परिर(ारक, (परासी, अद=ली, साफ-सफाई वाला फरा=श, आदेशिशका ामीलक ा= आविद क े पदों को (लने -विफरने में विवकलांग (लोकोमोटर विवकलांग) अभ्यर्थिर्थीयों द्वारा भरने क े लिलए ति(ल्किन्ह विकया गया र्थीा।

6. अपीलक ा=गण ने, लोकोमोटर विवकलांग ा ((लने-विफरने में अक्षम ा) वाले व्यविg होने क े ना े, इस आशय क े अपने आवेदन प्रपत्र लोकोमोटर विवकलांग ा प्रमाणपत्रों क े सार्थी प्रस् ु विकए विक nी अजय कु मार पांडेय की 50% लोको मोटर विवकलांग ा र्थीी। (ंद्र बाली राम की पीपीआरपी बाएँ ऊपरी अंग की 60 Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA प्रति श लोको मोटर विवकलांग ा र्थीी। राम भवन सिंसह की पीपीआरपी दाएँ ऊपरी अंग की मांसपेशीय दुब=ल ा 70 प्रति श र्थीी।

7. अपीलार्थिर्थीयों का मामला यह है विक उन्होंने साइविकल परीक्षण में भाग लिलया और साक्षात्कार क े लिलए भी उपल्किस्र्थी हुए, लेविकन उनकी विनयुविg नहीं की गई, सिजसक े कारण उन्होंने वष= 2018 में उच्च न्यायालय क े समक्ष रिरट याति(का दायर की। उच्च न्यायालय ने अशिभविन ा=रिर विकया विक अति विनयम क े ह nवण दोष क े अलावा विवकलांग ा क े अन्य रूप भी हैं। इस प्रकार, सभी nेशिणयों क े विवकलांग व्यविgयों को 3 प्रति श क का आरक्षण प्राप्त करने का हकदार पाया गया, सिजनमें से प्रत्येक एक प्रति श (i) नेत्रहीन ा या कम दृविष्ट, (ii) nवण दोष, और (iii) लोको-मोटर विवकलांग ा या सेरेब्रल पाiसी से पीविड़ विवकलांग अभ्यर्थिर्थीयों क े लिलए उपलब् है। अ ः उच्च न्यायालय ने जी. ओ. को संविव ान से अति कारा ी पाया और विनम्नानुसार अशिभविन ा=रिर विकयाः " ारा 32 क े वल राज्य सरकार को प्रत्येक अति ष्ठान में ऐसे पदों की पह(ान करने की अनुमति दे ी है जो विवकलांग व्यविgयों क े लिलए आरतिक्ष हो सक े हैं। सिजला पं(ाय राज अति कारी क े अति ष्ठान में स्वीपर का पद विनःसंदेह वह पद है सिजसकी पह(ान विवकलांग व्यविgयों क े पक्ष में आरक्षण लागू करने क े लिलए की गई है। ारा 32 का उद्देश्य उg पह(ान क े सार्थी पूरा हो जा ा है। अ ः कानून क े अनुसार सफाईकम[5] क े उg पद पर विवकलांग व्यविgयों क े लिलए आरक्षण लागू है। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA विवकलांग ा अति विनयम, 1995 की ारा 2(i) क े ह विवकलांग ा की परिरभाषा क े अनुसार विवकलांग ा क े अन्य रूपों में nवण दोष क े अलावा विवकलांग ा क े अन्य रूप भी शाविमल हैं। इस प्रकार, विवकलांग ा अति विनयम, 1995 की ारा 33 सपविठ उत्तर प्रदेश आरक्षण अति विनयम, 1993 की ारा 3 क े मद्देनजर, विवकलांग व्यविgयों की सभी nेशिणयां 3 प्रति श क आरक्षण का लाभ उठाने की हकदार हैं, सिजनमें से प्रत्येक एक प्रति श (i) नेत्रहीन ा या कम दृविष्ट, (ii) nवण दोष, और (iii) लोको-मोटर विवकलांग ा या सेरेब्रल पाiसी से पीविड़ विवकलांग अभ्यर्थिर्थीयों क े लिलए उपलब् है। xx xx xx इस प्रकार, जब अति विनयम सभी nेशिणयों क े विवकलांग व्यविgयों क े पक्ष में आरक्षण का प्राव ान कर े हैं ो प्रत्यर्थी5 आरक्षण प्रदान करने क े मामले में विवकलांग व्यविgयों की विवशिभन्न nेशिणयों क े बी( कोई सुगम अं र नहीं कर सक े हैं। उपयु=g थ्यों और परिरल्किस्र्थीति यों क े मद्देनजर, हमारी यह राय है विक शासनादेश संख्या 4161/63-1-99-18 (24)/97 विदनांविक 07.05.1999 में जहां क यह विवकलांग व्यविgयों को क े वल nवण दोष की nेणी में आरक्षण प्रदान कर ा है, अवै है और भार क े संविव ान क े अनुच्छेद 14 और 16 क े सार्थी-सार्थी उत्तर प्रदेश Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA आरक्षण अति विनयम, 1993 की ारा 3 और विवकलांग ा अति विनयम, 1995 की ारा 32 और 33 से अति कारा ी है। उत्तर प्रदेश आरक्षण अति विनयम, 1993 सपविठ विवकलांग ा अति विनयम, 1995 क े प्राव ानों क े अनुसार प्रत्येक nेणी क े विवकलांग व्यविgयों पर आरक्षण लागू होगा।" (प्रभाव वर्ति )

8. अपीलार्थिर्थीयों क े विवद्वान अति वgा ने क = विदया विक एक बार 7.5.1999 विदनांविक शासनादेश को रद्द कर विदया गया, ो उसक े परिरणामस्वरूप, अपीलार्थी5 लोकोमोटर विवकलांग ा से पीविड़ व्यविgयों की nेणी में विनयुg होने क े हकदार र्थीे।

9. दूसरी ओर, राज्य की विवद्वान अति वgा सुnी रुति(रा गोयल ने कहा विक उच्च न्यायालय ने शासनादेश को ही गल रीक े से रद्द विकया है। यह क = विदया गया र्थीा विक उच्च न्यायालय ने 7.5.1999 विदनांविक शासनादेश को पूरी रह से गल समझा है „योंविक पदों को विनयुविg (ाहने वाले उम्मीदवार द्वारा भरे जाने वाले पदों की आवश्यक ा को ध्यान में रख े हुए आरतिक्ष विकया गया है। यह ब ाया गया विक स्वीपर (ड्राई, वेट, क्लीनर और संबंति कामगार) आविद पदों क े लिलए आरक्षण बति र और आंशिशक रूप से बति र उम्मीदवारों क े लिलए प्रदान विकया गया है, जबविक लोकोमोटर विवकलांग व्यविgयों क े लिलए, दफ् री, अटेंडेंट, (परासी, ऑविफस बॉय आविद पदों क े लिलए आरक्षण प्रदान विकया गया है। इसलिलए 7.5.1999 विदनांविक शासनादेश को विनरस् करना मान्य नहीं र्थीा। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA सुnी गोयल ने यह प्रति वाद करने क े लिलए सिसविवल प्रवि”या संविह ा, 1908[3] क े आदेश XLI विनयम 33 क े सिसद्धां ों पर अवलंब लिलया विक रिरट याति(का को खारिरज कर े समय उच्च न्यायालय द्वारा लिलए गए आ ारों से इ र अन्य आ ारों पर ही उच्च न्यायालय क े अंति म आदेश को बरकरार रखा जा सक ा है।

10. यह भी क = विदया गया र्थीा विक 8.12.2010 विदनांविक शासनादेश द्वारा यह विनण=य लिलया गया है विक भविवष्य में विकसी भी वग= -4 पदों ( कनीकी पद क े सबसे विन(ले क ै डर को छोड़कर) क े लिलए कोई भ 5 नहीं की जाएगी और क े वल आउटसोर्सिंसग क े माध्यम से व्यवस्र्थीा बनायी जाएगी। इसलिलए उच्च न्यायालय का (यन प्रवि”या में व्यव ान न डालना कानून क े लिलहाज से सही र्थीा, „योंविक आदेश की ारीख को ( ुर्थी= nेणी क े पदों पर कोई विनयुविg नहीं हो सक ी र्थीी।

11. 7.5.1999 विदनांविक प्रश्नग शासनादेश की अति विनयम की ारा 32 और 33 को ध्यान में रख े हुए परीक्षा की जानी है। ये प्राव ान इस प्रकार हैंः "32. ऐसे पदों की पह(ान जो विदव्यांग व्यविgयों क े लिलए आरतिक्ष की जा सक ी हैं- उपयुg सरकारें- (क) अति ष्ठापनों में ऐसे पदों की पह(ान करेंगी, जो विदव्यांगजनों क े लिलए आरतिक्ष की जा सक ी हैं। 3 संक्षेप में, 'संविह ा' Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA (ख) ीन वष= से अनति क क े आवति क अं रालों पर पह(ान विकए गए पदों की सू(ी का पुनर्दिवलोकन करेंगीं और प्रौद्योविगकी क े विवकास को ध्यान में रख े हुए सू(ी को अद्य न करेंगीं।

33. पदों का आरक्षण- प्रत्येक समुति( सरकार प्रत्येक अति ष्ठापन में रिरविgयों का इ ना प्रति श जो विवकलांग व्यविgयों या व्यविgयों क े वग= क े लिलए ीन प्रति श से कम की नहीं होंगी, पर विनयुविgयां करेगी सिजनमें से प्रत्येक रिरविgयों का एक प्रति श प्रत्येक विवकलांग ा क े लिलए पह(ाने गए पदों पर विनम्नलिललिख से पीविड़ व्यविgयों क े लिलए आरतिक्ष होगा - (i) अं ापन या कम दृविष्ट;

(ii) nवण दोष;

(iii) लोकोमोटर विवकलांग ा या प्रमल्किस् ष्क पक्षाघा, परन् ु समुति( सरकार, विकसी विवभाग या अति ष्ठापन में विकए गए काय= क े प्रकार को ध्यान में रख े हुए, अति सू(ना द्वारा ऐसी श v क े अ ीन, यविद कोई हों, जो ऐसी अति सू(ना में विवविनर्दिदष्ट की जाएं, इस ारा क े उपबं ों से विकसी अति ष्ठापन को छ ू ट प्रदान कर सक ी है।" Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA

12. हमने पक्षकारों क े विवद्वान अति वgा को सुना है और हमारी राय है विक उच्च न्यायालय ने अति विनयम की ारा 32 और 33 को पूरी रह से गल समझा है।

13. भार सरकार द्वारा सति(व और एक अन्य बनाम रविव प्रकाश गुप्ता और एक अन्य 4 क े विनण=य में इस न्यायालय क े समक्ष ारा 32 और 33 विव(ार क े लिलए आए, सिजसमें यह विनम्नलिललिख रूप में अशिभविन ा=रिर विकया गया हैः "29. हालांविक इस बा से इनकार नहीं विकया जा सक ा है विक जब क उपरोg अति विनयम की ारा 33 क े उद्देश्यों क े लिलए पदों की पह(ान नहीं की जा ी है, ब क इसमें विनविह आरतिक्ष nेशिणयों से कोई विनयुविg नहीं की जा सक ी है और इस सीमा क ारा 33 क े प्राव ान अति विनयम की ारा 32 पर विनभ=र हैं, जैसा विक विवद्वान एएसजी द्वारा प्रस् ु विकया गया है, लेविकन इस रह की विनभ=र ा विनयुविg करने क े उद्देश्य क े लिलए होगी, न विक आरक्षण देने क े उद्देश्य क े लिलए। दूसरे शब्दों में, अति विनयम की ारा 33 क े ह आरक्षण पह(ान(पदों की पह(ान) पर विनभ=र नहीं है, जैसा विक भार संघ की ओर से कहा गया है, हालांविक अति विनयम की ारा 33 में उसिल्ललिख ीन nेशिणयों क े लिलए आरतिक्ष पदों की संख्या में विदव्यांगजनों क े संबं में विनयुविgयां करने क े लिलए समुति( सरकार को एक क =व्य सौंपा गया है। वास् व में, ऐसी ल्किस्र्थीति भी देखी गई है विक उम्मीदवारों की 4 (2010) 7 एससीसी 626 Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA अनुपलब् ा क े कारण क ु छ आरतिक्ष पद विकसी विदए गए वष= में रिरg रह जा े हैं। ऐसी ल्किस्र्थीति यों से विनपटने क े लिलए, ऐसी रिरविgयों को दो वषv क े लिलए अग्रेविष करने का प्राव ान विकया गया र्थीा, सिजसक े बाद वे समाप्त हो जाएंगी। (ूंविक व =मान मामले में ऐसी ल्किस्र्थीति पैदा नहीं हुई और विवकलांग ा अति विनयम, 1995 की ारा 33 क े ह पद आरतिक्ष नहीं र्थीे, इसलिलए रिरविgयों को अग्रेविष करने या उनकी समाविप्त का सवाल ही नहीं उठ ा।" (प्रभाव वर्ति )

14. उg विनण=य पर इस न्यायालय द्वारा भार संघ और एक अन्य बनाम नेशनल फ े डरेशन ऑफ द ब्लाइंड और अन्य[5] में विव(ार विकया गया र्थीा, सिजसमें विनम्नानुसार यह अशिभविन ा=रिर विकया गया र्थीाः "37. स्वीकाय= रूप से, अति विनयम विवकलांग व्यविgयों क े लाभ क े लिलए अति विनयविम एक सामासिजक विव ान है और इसक े उपबं ों की व्याख्या इसक े उद्देश्य को पूरा करने क े लिलए की जानी (ाविहए। इसक े अलावा, अर्थीा=न्वयन (व्याख्या) का यह एक स्र्थीाविप विनयम है विक यविद विकसी सांविवति क प्राव ान की भाषा स्पष्ट है, ो उसकी उg सांविवति क प्राव ान क े सामान्य अर्थी= क े अनुसार व्याख्या करनी (ाविहए। व =मान मामले में, ारा 33 का सामान्य और स्पष्ट अर्थी= यह है विक प्रत्येक समुति( सरकार को विकसी अति ष्ठापन में कम से कम 3

5. (2013) 10 एससीसी 772 Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA प्रति श रिरविgयों पर विनयुg करनी होंगी, सिजनमें से प्रत्येक 1 प्रति श नेत्रहीन ा और कम दृविष्ट से पीविड़ व्यविgयों, बति र ा से पीविड़ व्यविgयों और लोकोमोटर तिडसेविबलिलटी या सेरेब्रल पाiसी से पीविड़ व्यविgयों क े लिलए आरतिक्ष होगी।

38. उदाहरण क े लिलए, यविद विकसी अति ष्ठापन में 100 पदों की 100 रिरविgयां हैं, ो संबंति अति ष्ठापन को विवकलांग व्यविgयों क े लिलए कम से कम 3 प्रति श आरक्षण करना होगा, सिजसमें से कम से कम 1 प्रति श विनम्नलिललिख मे से प्रत्येक विवकलांग ाओं क े लिलए अलग से आरतिक्ष विकया जाना होगाः अं ापन या कम दृविष्ट से पीविड़ व्यविg, nवण दोष से पीविड़ व्यविg और लोकोमोटर विवकलांग ा या प्रमल्किस् ष्क पक्षाघा से पीविड़ व्यविg। उसक े लिलए आरतिक्ष 1 रिरविg क े लिलए 1 नेत्रहीन व्यविg की विनयुविg अशिभज्ञा (ति(ल्किन्ह ) पद पर, उदाहरण क े लिलए (परासी का पद, सिजसे समूह घ में उसक े लिलए ति(ल्किन्ह विकया गया है, की जाएगी। इसी प्रकार, समूह घ पद में स्टोर अटेंडेंट क े पद पर उस nेणी क े लिलए एक आरतिक्ष रिरविg क े लिलए एक बति र व्यविg की विनयुविg की जाएगी। इसी रह, लोकोमोटर विवकलांग ा या सेरेब्रल पाiसी से पीविड़ विकसी व्यविg को विवकलांग ा की उस nेणी क े लिलए ति(ल्किन्ह विकए गए समूह घ पद, 'फरा=श' क े पद पर विनयुg विकया जाएगा। (ालक क े पद क े संदभ= में भार संघ की ओर से यह क = विदया गया र्थीा विक (ूंविक उg पद अं ेपन से पीविड़ Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA व्यविg द्वारा सं(ालिल करने क े लिलए उपयुg नहीं है, इसलिलए इस ारा की उपरोg व्याख्या प्रशासविनक आवश्यक ाओं क े लिखलाफ होगी। इस रह का क = पूरी रह गल है। विकसी विदए गए पद क े लिलए विवकलागं ा की एक nेणी उपयुg हो सक ी है जबविक आरक्षण क े लाभ क े लिलए हकदार विकसी अन्य nेणी क े लिलए उपयुg नहीं भी हो सक ी है। वास् व में, ारा क े दूसरे भाग में यह प्राव ान करक े इस ल्किस्र्थीति को स्पष्ट विकया गया है विक उपरोg ीन nेशिणयों में से प्रत्येक क े लिलए 1% क े बराबर रिरविgयों की संख्या को, विनयुविg क े प्रयोजनों क े लिलए उनमें से प्रत्येक क े लिलए पह(ान विकए गए पदों में रिरविgयों का उपयोग करक े संबंति nेणी द्वारा भरा जाएगा।" (प्रभाव वर्ति )

15. उच्च न्यायालय क े आक्षेविप विनण=य क े पठन से प ा (ल ा है विक पह(ान विकए गए पदों से अलग प्रत्येक क ै डर में 3 प्रति श पद नेत्रहीन ा या कम दृविष्ट, बति र ा और लोकोमोटर विवकलांग ा वाले विवकलांग व्यविgयों क े लिलए आरतिक्ष की जानी है। हम पा े हैं विक उच्च न्यायालय का ऐसा दृविष्टकोण कानून का सही प्रति पादन नहीं है। 3 प्रति श आरक्षण अति ष्ठापन में होना (ाविहए, अति ष्ठापन क े सभी क ै डरों में नहीं, (ाहे नौकरी की प्रक ृ ति क ै सी भी हो।

16. विदनांक 7.5.1999 क े शासनादेश क े पठन से प ा (ल ा है विक nेणी 'ग' और 'घ' पदों पर शारीरिरक रूप से विवकलांग nेणी से भरे जाने वाले पदों की पह(ान की गई है। विकसी अति ष्ठापन में पदों की ऐसी पह(ान अति विनयम की ारा 32(क) क े संदभ= में की जा ी है। हालांविक, प्रौद्योविगकी क े विवकास को Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA ध्यान में रख े हुए हर ीन साल में इस सू(ी की समीक्षा की जा ी है, हालांविक ऐसा प्र ी हो ा है विक ऐसा नहीं विकया गया है। लेविकन अति विनयम की ारा 32 क े संदभ= में पदों की पह(ान विदनांक 7.5.1999 क े शासनादेश में की गई है। इस रह की पह(ान क े बाद, प्रत्येक अति ष्ठापनों में विनयुविg का सवाल उठ ा है, जहां नेत्रहीन ा या कम दृविष्ट, बति र ा और लोकोमोटर विवकलांग ा वाले अभ्यर्थिर्थीयों क े लिलए कम से कम 3 प्रति श रिरविgयां आरतिक्ष की जा ी हैं। अति विनयम की ारा 33 क े ह पदों का ऐसा आरक्षण सभी nेशिणयों क े पदों क े लिलए नहीं है, भले ही काय= की प्रक ृ ति क ु छ भी हो। 3 प्रति श आरक्षण अति ष्ठापन में प्रदान विकया जाना है, न विक हर क ै डर में।राज्य सरकार ने बति र उम्मीदवारों क े लिलए क ु छ पदों को आरतिक्ष करने का विनण=य लिलया है, न विक लोकोमोटर विवकलांग ा वाले उम्मीदवारों क े लिलए।

17. हम पा े हैं विक विदनांक 07.05.1999 क े शासनादेश की सरसरी विनगाह क े आ ार पर न्यातियक समीक्षा की शविg का प्रयोग कर े हुए विदनांक 07.05.1999 क े शासनादेश को अपास् नहीं विकया जा सक ा है। विदव्यांग अभ्यर्थिर्थीयों द्वारा भरे जा सकने वाले पदों की पह(ान करना अति विनयम की ारा 32 क े ह समुति( सरकार की सिजम्मेदारी है, जो व =मान मामले में राज्य सरकार है। एक बार ऐसा करने क े बाद, अति विनयम की ारा 33 क े संदभ= में समुति( सरकार दृविष्ट विवकलांग ा, nवण दोष और लोकोमोटर विवकलांग ा क े लिलए प्रत्येक में एक प्रति श आरतिक्ष करेगी। पदों की पह(ान और विवकलांग उम्मीदवारों की nेणी, सिजन्हें आरतिक्ष पदों पर विनयुg विकया जा सक ा है, Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA समुति( सरकार को प्रदत्त शविg है। इस रह की कवायद और पदों क े आरक्षण में, इस रह क े आरक्षण को पूरी रह से मनमाना, अ ार्दिकक या हासिसल विकए जाने वाले उद्देश्यों क े लिखलाफ और न्यातियक रूप से मान्य ा प्राप्त सिसद्धां ों क े विबना, हस् क्षेप नहीं विकया जा सक ा र्थीा।

18. हम पा े हैं विक समग्र रूप से शासनादेश को विनरस् करने वाला उच्च न्यायालय का आदेश अनुमानों पर आ ारिर है, इस प्रकार उg आदेश विवति में पोषणीय नहीं है। (ूंविक सफाई कम=(ारिरयों क े पदों को लोकोमोटर विवकलांग ा वाले अभ्यर्थिर्थीयों में से भरने क े लिलए ति(ल्किन्ह नहीं विकया गया है, इसलिलए अपीलक ा= को इस nेणी क े पद क े लिलए विनयुg नहीं विकया जा सक ा है, भले ही वे साइविकल टेस्ट या साक्षात्कार क े लिलए उपल्किस्र्थी हुए हों। विवज्ञापन क े संदभ= में अपीलक ा= ऐसे पदों क े सापेक्ष विनयुविg क े लिलए पात्र नहीं र्थीे। विदनांक 07.05.1999 का शासनादेश विवज्ञापन का विहस्सा है और इसलिलए, अपीलक ा= क े वल इस कारण से विवकलांग उम्मीदवारों क े लिलए आरतिक्ष पद क े सापेक्ष विनयुविg का दावा नहीं कर सक े हैं विक वे लोकोमोटर विवकलांग उम्मीदवार हैं, जब ऐसा पद सफाई कम=(ारिरयों क े लिलए आरतिक्ष नहीं र्थीा।

19. परिरणाम ः विदनांक 7.5.1999 क े शासनादेश को रद्द करने वाले उच्च न्यायालय क े आदेश को अपास् विकया जा ा है। इस प्रकार, हम व =मान अपील में कोई मेरिरट नहीं पा े हैं। दनुसार अपील का विनस् ारण विकया जा ा है। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA ………………………......… (न्यायमूर्ति हेमं गुप्ता) ………………………......… (न्यायमूर्ति विव”म नार्थी) नई विदल्ली; 01 अगस् 2022.. Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA