Uttar Pradesh State v. Shanti Devi

High Court of Allahabad · 08 Aug 2022
Dr. Sanjay Y. Chandrachud; A. S. Bopanna
Civil Appeal No 5207 of 2022
administrative appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that age relaxation under Uttar Pradesh Public Service Rules applies only to regular government employees appointed through the Commission, excluding scheme-based Anganwadi workers, and allowed the State's appeal dismissing the respondent's claim.

Full Text
Translation output
प्रति वेद्य
भार क
े सव च्च न्यायालय में
सिसविवल अपीलीय अति कारिर ा
सिसविवल अपील संख्या 5207/2022
(विवशेष अनुमति याति'का (सिसविवल) संख्या 1525/2021 से उत्पन्न)
उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य अपीलार्थी2
बनाम
शांति देवी प्रत्यर्थी2
विनर्ण5य
न्यायमूर्ति डॉ. नंजय वाई. 'ंद्र'ूड़
1- अनुमति प्रदान की गई।
2- यह अपील इलाहाबाद उच्च न्यायालय (लखनऊ में) की एक खण्ड पीठ क

13 विदसंबर, 2019 क
े विनर्ण5य क
े विवरूद्ध की गई है।
3- मुद्दा जो विन ा5रर्ण क
े लिलए आ ा है वह यह है विक क्या उच्च न्यायालय क
े एकल
न्याया ीश ने मुख्य सेविवका क
े पद पर विनयुविUयां करने में आयु में छ
ू ट देने क
े लिलए
प्रति वादी क
े दावे पर विव'ार करने क
े लिलए राज्य को विनदXश देना उति' र्थीा। एकल
न्याया ीश ने विदनांक 11 अप्रैल 2018 क
े विनर्ण5य में राज्य को उत्तर प्रदेश लोक
सेवा (भ 2 क
े लिलए आयु सीमा में छ
ू ट) विनयम 19921

े प्राव ानों क
े अनुसार
1 भ 2 क
े लिलए आयु सीमा में छ
ू ट विनयम 1992
उद्घोषर्णा
“क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्ण5य वादी क
े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबaति प्रयोग क
े लिलए है और विकसी अन्य
उद्देश्य क
े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क
े लिलए, विनर्ण5य का अंग्रेजी
संस्करर्ण प्रामाणिर्णक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और विiयान्वयन क
े उद्देश्यों क
े लिलए मान्य होगा।"
आयु में छ
ू ट क
े प्रति वादी क
े दावे पर विव'ार करने का विनदXश विदया। एकल
न्याया ीश क
े विनर्ण5य की उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा दायर एक विवशेष अपील2
में पुविl
की गई र्थीी।
4- मुख्य सेविवका क
े पद क
े लिलए भ 2 उत्तर प्रदेश बाल विवकास एवं पोषर्ण
(अ ीनस्र्थी) सेवा विनयम 19923
में विनर्दिदl है। उत्तर प्रदेश सेवा विनयमावली
1992 को संविव ान क
े अनुच्छेद 309 क
े प्राव ान क
े ह बनाया गया है। विनयमों

े अनुसार गविठ की गई सेवा में समूह 'ग' पद शाविमल हैं। विनयम 5 भ 2 क
े स्रो ों
से संबंति है। विनयम 5 में विवविनर्दिदl पदों में से मुख्य सेविवका क
े पद क
े लिलए
विनम्नलिललिख उपबं विकया गया हैः
"5 (4) मुख्य सेविवका -
(i) प्रति योगी परीक्षा क
े आ ार पर मविहला अभ्यर्थिर्थीयों में से 'यन सविमति क

माध्यम से प'ास प्रति श ।
(ii) 'यन सविमति क
े माध्यम से हाईस्क
ू ल या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण5 उन
आंगनवाड़ी काय5क ा5ओं में से विनयम 15-बी क
े अनुसार सी ी भ 2 द्वारा
प'ास प्रति श , सिजन्होंने दस वष5 की विनरं र सेवा पूरी कर ली है और भ 2 क

वष5 क
े पहले विदन प'ास वष5 से अति क आयु प्राप्त नहीं की है।"
5- विदनांक 9 जनवरी 2018 को, बाल विवकास सेवा और पोषर्ण आहार
विनदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा सभी सिजला काय5iम अति कारिरयों को एक परिरपत्र
जारी विकया गया र्थीा सिजसमें कहा गया र्थीा विक विनदेशालय क
े ह आंगनवाड़ी
काय5कत्री क
े पद से मुख्य सेविवका क
े पद पर 'यन विकया जाना है। 'ूंविक विनयुविUयां
सिजला स् र पर होनी र्थीीं, इसलिलए हाई स्क
ू ल योग्य आंगनवाड़ी काय5क ा5ओं क

2 “Special Appeal Defective No 570 of 2019”
3 उत्तर प्रदेश सेवा विनयमावली 1992
उद्घोषर्णा
“क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्ण5य वादी क
े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबaति प्रयोग क
े लिलए है और विकसी अन्य
उद्देश्य क
े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क
े लिलए, विनर्ण5य का अंग्रेजी
संस्करर्ण प्रामाणिर्णक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और विiयान्वयन क
े उद्देश्यों क
े लिलए मान्य होगा।"
बी' से पात्र अभ्यर्थिर्थीयों से संबंति विववरर्ण एकत्र करने क
े लिलए विनदXश जारी विकए
गए र्थीे, सिजन्होंने 10 वष5 की सेवा पूरी कर ली है और 1 जुलाई 2017 क 50
वष5 से अति क की आयु नहीं प्राप्त है।
6- कणिर्थी रूप से प्रत्यर्थी2 ने संबंति ति णिर्थी को 50 वष5 की आयु सीमा पार कर
ली र्थीी।विदनांक 12 मा'5 2018 को, प्रत्यर्थी2 ने आंगनवाड़ी काय5क ा5 क
े रूप में
1987 से अपनी विनरं र सेवा क
े आ ार पर आयु में छ
ू ट क
े लिलए प्रार्थी5ना कर े हुए
सिजला काय5iम अति कारी को एक ज्ञापन प्रस् ु विकया।बाद में उसने उच्च
न्यायालय में एक रिरट याति'का दायर कर उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भ 2 क
े लिलए
आयु सीमा में छ
ू ट) विनयमावली 1992 क
े संदभ5 में आयु में छ
ू ट देने की मांग की।
उच्च न्यायालय क
े समक्ष, राज्य क
े अति वUा ने क
5 विदया विक आयु में छ
ू ट
विनयमावली 1992 सीए 5207/2022 का लाभ प्रत्यर्थी2 को नहीं विदया जा सक ा
क्योंविक वह राज्य सरकार की एक योजना क
े ह स्र्थीाविप आंगनवाड़ी काय5क ा5

े पद पर काय5र र्थीी और वह सरकारी कम5'ारी नहीं र्थीी।
JUDGMENT

7. आयु छ ू ट विनयमावली 1992 जो संविव ान क े अनुच्छेद 309 क े अ ीन बनाए गए हैं, में विनम्नलिललिख अनुबं शाविमल हैंः "भ 2 क े लिलए आयु सीमा में छ ू ट - राज्य क े मामलों से संबंति विकसी सेवा या पद पर भ 2 की अति क म आयु को विवविनयविम करने वाले विकसी विनयम से विवसंग विकसी बा क े हो े हुए, राज्यपाल द्वारा विकसी अभ्यर्थी2 या विकसी वग[5] या अभ्यर्थी2 क े पक्ष में अति क म आयु सीमा में छ ू ट दी जा सक ी है।" बश X विक उस मामले में सिजसमें आयोग क े माध्यम से भ 2 की जा ी है, छ ू ट प्रदान करने से पहले उस विनकाय से परामश[5] लिलया जाएगा।"

8. प्रत्यर्थी2 क े दावे को आयु छ ू ट विनयम 1992 क े आ ार पर विदनांक 11 अप्रैल, 2018 को एकल न्याया ीश क े विनर्ण5य में स्वीकार विकया गया र्थीा।एकल न्याया ीश उद्घोषर्णा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्ण5य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबaति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्ण5य का अंग्रेजी संस्करर्ण प्रामाणिर्णक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और विiयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" ने सक्षम प्राति कारी को आयु में छ ू ट देने क े लिलए प्रत्यर्थी2 क े दावे पर विव'ार करने का विनदXश विदयाः "याति'काक ा5 क े मामले में यह स्वीकार विकया गया है विक उसने पय5वेक्षक (मुख्य सेविवका) क े पद पर पदोन्नति क े विव'ार क े लिलए विन ा5रिर आयु सीमा पार कर ली है। यह विववाविद नहीं है विक आयु में छ ू ट क े लिलए उसने विनयम 1992 क े ह सक्षम प्राति कारी से संपक 5 विकया।अपर मुख्य स्र्थीायी अति वUा ने भी इन थ्यों का खंडन नहीं विकया है। लंबे समय से सुपरवाइजर क े पद पर प्रोन्नति की स्वीक ृ ति क े लिलए विकसी भी काय5वाही को अंति म रूप नहीं विदया गया है। इस प्रकार, पूव U विनयमों क े ह आयु में छ ू ट देने क े लिलए या'ी का दावा उति' प्र ी हो ा है।इस न्यायालय ने ऊपर उसिŽलिख विनर्ण5य में स्पl रूप से अणिभविन ा5रिर विकया है विक आयु में छ ू ट प्रदान करने क े संबं में 1992 का विनयम सभी विनयमों पर अध्यारोही प्रभाव डाल रहा है।उपरोU को ध्यान में रख े हुए, याति'काक ा5 ने 1992 क े विनयम क े अनुसार आयु में छ ू ट देने क े अपने दावे पर विव'ार करने क े लिलए सक्षम प्राति कारी को विनदXश जारी करने क े लिलए एक मामला बनाया है।"

9. उत्तर प्रदेश राज्य ने विदनांक 11 अप्रैल, 2018 क े विनर्ण5य क े विवरूद्ध विवशेष अपील दायर की, सिजसे 13 विदसंबर, 2019 विदनांविक को उच्च न्यायालय की एक खण्ड पीठ द्वारा खारिरज कर विदया गया। उच्च न्यायालय ने अपने विनर्ण5य में कहा र्थीा विक विवशेष अपील में राज्य ने यह आ ार नहीं लिलया र्थीा विक प्रति वादी सरकारी कम5'ारी नहीं है। इसक े अलावा, इसने विदनांक 16 विदसंबर, 2017 क े विनर्ण5य पर अवलम्ब लिलया, सिजसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक खण्ड पीठ ने सक्षम प्राति कारिरयों को इस बा पर विव'ार करने का विनदXश विदया र्थीा विक क्या उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा विवज्ञापन विदए गए विवणिभन्न पदों क े लिलए उपस्थिस्र्थी होने उद्घोषर्णा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्ण5य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबaति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्ण5य का अंग्रेजी संस्करर्ण प्रामाणिर्णक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और विiयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" वाले अभ्यर्थिर्थीयों क े लिलए आयु छ ू ट विनयम 1992 क े विनयम 3 क े ह उम्र में छ ू ट दी जानी 'ाविहए।

10. हमने अपीलार्थी2, उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से पेश होने वाले अति वUा श्री न्मय अग्रवाल, और प्रत्यर्थी2 की ओर से पेश होने वाले अति वUा को सुना।

11. विदनांक 11 अप्रैल 2018 क े विनर्ण5य क े अनुपालन में, अपीलार्थी2 ने अपने विववेकाति कार क े प्रयोग में विदनांक 3 अक्टूबर 2018 को प्रत्यर्थी2 क े अभ्यावेदन पर विव'ार विकया और उसे अस्वीकार कर विदया। कार्दिमक विवभाग द्वारा विदनांक 13 नवंबर, 2018 को इस ज्ञापन पर पुनर्दिव'ार विकया गया र्थीा। यह ध्यान विदया गया है विक प्रत्यर्थी2 का मामला आयु छ ू ट विनयम 1992 क े विनयम 3 क े दायरे में नहीं आ ा है और प्रत्यर्थी2 को आयु में छ ू ट देने से इंकार विकया गयाः "7. इस संबं में, उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भ 2 क े लिलए आयु सीमा में छ ू ट) विनयम, 1992 क े प्राव ानों क े आलोक में मामले पर पुनर्दिव'ार विकया गया और यह पाया गया विक आंगनवाड़ी काय5क ा5 का पद विनयविम सरकारी सेवा पद (आंगनवाड़ी काय5क ा5 का पद मानद सेवा पर आ ारिर है) में नहीं है, इस कारर्ण उपरोU मामले को उपरोU विनयमों में शाविमल नहीं विकया गया है।"

12. ऊपर उसिŽलिख आयु छ ू ट विनयमावली 1992 क े विनयम 3 एक गैर-प्रमुख प्राव ान क े सार्थी शुरू हो ा है जो राज्य क े मामलों से संबंति विकसी सेवा या पद पर भ 2 की अति क म आयु को विवविनयविम करने वाले विकसी विनयम में विकसी विवपरी बा क े बावजूद सं'ालिल हो ा है। यह विनयम राज्यपाल को विकसी अभ्यर्थी2 या अभ्यर्थिर्थीयों क े वग[5] क े पक्ष में अति क म आयु सीमा में छ ू ट देने का विववेकाति कार दे ा है।अपीलार्थी2 क े अति वUा ने क 5 विदया विक आयु छ ू ट विनयमावली 1992 का विनयम 3 क े वल उन अभ्यर्थिर्थीयों पर लागू हो ा है सिजन्हें प्रति योगी परीक्षा क े आ ार पर विवज्ञापन द्वारा सामान्य वग[5] से भ 2 विकया जा ा है। उद्घोषर्णा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्ण5य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबaति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्ण5य का अंग्रेजी संस्करर्ण प्रामाणिर्णक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और विiयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।"

13. इस विनर्ण5य क े पहले भाग में उद्धृ उत्तर प्रदेश सेवा विनयमावली 1992 का विनयम 5 (4), मुख्य सेविवका क े पद पर भ 2 क े दो माध्यम प्रदान कर ा है। पहला माध्यम प्रति योगी परीक्षा क े आ ार पर 'यन क े माध्यम से है। विनयम 15 ए में आयोग द्वारा आयोसिज प्रति योगी परीक्षा क े आ ार पर 'यन सविमति क े माध्यम से सी ी भ 2 क े लिलए प्रविiया का प्राव ान है। विनयम 10 में कहा गया है विक सी ी भ 2 क े लिलए अभ्यर्थिर्थीयों की अति क म आयु सीमा भ 2 क े वष[5] क े पहले विदन 40 वष[5] होगी सिजसमें आयोग द्वारा सी ी भ 2 क े लिलए रिरविUयों का विवज्ञापन विदया जा ा है। दूसरा माध्यम उन आंगनवाड़ी काय5क ा5ओं में से 'यन सविमति क े माध्यम से सी ी भ 2 है सिजन्होंने हाई स्क ू ल पास विकया है और सिजन्होंने 10 साल की विनरं र सेवा पूरी की है और सिजन्होंने भ 2 वष[5] क े पहले विदन 50 वष[5] की आयु प्राप्त नहीं की है। विनयम 15 बी में विनयम 5 (4) (ii) क े ह मुख्य सेविवका क े पद पर सी ी भ 2 क े माध्यम से विनयुविUयां करने क े लिलए 'यन सविमति क े गठन का प्राव ान है।

14. अपीलार्थिर्थीयों की ओर से पेश अति वUा ने न्यायालय को अवग कराया विक उत्तर प्रदेश सेवा विनयमावली 1992 क े विनयम 15 बी सपविठ विनयम 5(4)(ii) क े ह विवभाग को मुख्य सेविवका क े 975 रिरU पदों क े लिलए 70,000 पात्र आंगनवाड़ी काय5क ा5ओं की सू'ी प्राप्त हुई।उत्तर प्रदेश सेवा विनयमावली 1992 क े विनयम 5(4)(ii) क े ह मुख्य सेविवका क े पद क े लिलए अति क म आयु सीमा भ 2 वष[5] क े पहले विदन 50 वष[5] विन ा5रिर की गई है।

15. व 5मान मामले में, राज्य ने उत्तर प्रदेश सेवा विनयमावली 1992 क े विनयम 15 बी सपविठ विनयम 5(4)(ii) क े ह विव'ार विकए गए सभी आवेदकों क े लिलए 50 साल की विन ा5रिर आयु सीमा को समान रूप से लागू विकया। विदनांक 11 अप्रैल 2018 को उच्च न्यायालय क े एकल न्याया ीश क े विनदXश पर, राज्य ने 3 अक्टूबर 2018 और 13 नवंबर 2018 विदनांविक को दो बार प्रत्यर्थी2 को आयु में छ ू ट देने उद्घोषर्णा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्ण5य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबaति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्ण5य का अंग्रेजी संस्करर्ण प्रामाणिर्णक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और विiयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" क े लिलए अपने विववेकाति कार और अभ्यावेदन पर विव'ार विकया। अपनी विववेका ीन शविU का प्रयोग कर े हुए, अपीलार्थी2 ने विनर्ण5य लिलया विक प्रत्यर्थी2 आयु में छ ू ट का लाभ विदए जाने का पात्र नहीं र्थीा। कोई भी व्यविUग अभ्यर्थी2 आयु में छ ू ट का दावा नहीं कर सक ा है जो विनयुविU प्राति कारी क े विववेकाति कार पर विनभ5र कर ा है। प्रत्यर्थी2 उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भ 2 क े लिलए आयु सीमा में छ ू ट) विनयम 1992 क े ह आयु में छ ू ट का दावा नहीं कर सक ा है। पात्र ा मानदंड एक समान होना 'ाविहए और मनमाने रीक े से 'यन की गुंजाइश नहीं हो सक ी।एक अभ्यर्थी2 को समान रूप से लागू मानदंड से छ ू ट का दावा करने का विनविह अति कार नहीं हो सक ा है।आयु में छ ू ट का 'यनात्मक अनुमोदन 'यन की प्रविiया में गंभीर पूवा5ग्रह पैदा करेगा और प्रविiया को मनमाना बना देगा।

16. उपरोU कारर्णों से, हम अपील की अनुमति दे े हैं और 2019 की विवशेष अपील दोषपूर्ण[5] संख्या 579 में इलाहाबाद (लखनऊ) में उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ क े 13 विदसंबर 2019 क े फ ै सले को रद्द कर े हैं। इसक े परिरर्णामस्वरूप, प्रत्यर्थी2 द्वारा संस्थिस्र्थी की गई रिरट याति'का खारिरज हो जाएगी।

17. लंविब आवेदनों, यविद कोई हो, विनस् ारर्ण विकया जा ा है। …......…......…......………………...… [न्यायमूर्ति डॉ. नंजय वाई 'ंद्र'ूड़] …......…......…......………………...… [न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना] नई विदŽी; 08 अगस्, 2022 सीक े बी उद्घोषर्णा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्ण5य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनबaति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्ण5य का अंग्रेजी संस्करर्ण प्रामाणिर्णक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और विiयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।"