Saurabh Sukla v. Ra. Ra. Chedal Government

Supreme Court of India · 31 Oct 2022
Uday Umesh Lalit; Bela M. Trivedi
Criminal Appeal Nos. 5115-5118/2021; 5258-5261/2021; 6392-6394/2021
criminal appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court clarified the liability of editors under the Press and Registration of Books Act and limited judicial interference under Section 482 CrPC in defamation complaints, allowing criminal proceedings against the article's author but quashing them against the main editor and certain public servants.

Full Text
Translation output
ĤǓतवेɮय
Ǔनण[य
उदय उमेश लͧलत, भारत क
े मुÉय Ûयायाधीश
JUDGMENT

1. अनुमǓत Ĥदान कȧ गई। भारतीय सवȾÍच Ûयायालय आपराͬधक अपीलȣय अͬधकाǐरता दािÖडक अपीलȣय संÉया...........2022 (ͪव.अनु.या.(आप.) सं. 5115-5118/2021 से उ×पÛन) अǽण पुरȣ....अपीलाथȸ(गण) बनाम रा.रा.¢े.Ǒदãलȣ सरकार एवं अÛय....Ĥ×यथȸ(गण) सह (ͪव.अनु.या.(आप.) सं. 5258-5261/2021 से उ×पÛन) (ͪव.अनु.या.(आप.) सं. 6392-6394/2021 से उ×पÛन)

2. ये अपीलɅ Įी अǾन पुरȣ; Įी परमĤीत ͧसंह रंधावा और अÛय; और Įी सौरभ सुकला ɮवारा दायर कȧ गयी आपराͬधक एम. सी. संÉया 2013 क े 3492,2013 क े 4636 और 2 क े 1762 और 2014 क े 1762 मɅ Ǒदनांक 07.04.2021 को Ǒदãलȣ उÍच Ûयायालय ɮवारा पाǐरत आम Ǔनण[य और आदेश को चुनौती देती हɇ।

3. समाचार पǒğका इंͫडया टुडे (23.04.2007 से 30.04.2007 कȧ अवͬध क े ͧलए) मɅ 'ͧमशन ͧमसक ं डÈट' शीष[क से एक समाचार Ĥकाͧशत ͩकया गया था िजसमɅ कहा गया था ͩक ͪवदेश काया[लय क े ͧलए शͧमɍदगी कȧ एक Įृंखला मɅ, ǒĦटेन मɅ भारतीय उÍचायोग मɅ ǓनयुÈत तीन भारतीय अͬधकाǐरयɉ को यौन दुåय[वहार, वीजा जारȣ करने मɅ ħçटाचार और अवैध आĤवाͧसयɉ को भारतीय पासपोट[ कȧ ǒबĐȧ क े गंभीर आरोपɉ क े बाद तुरंत वापस बुलाना पड़ा था। लेख मɅ यह भी उãलेख ͩकया गया है ͩक ǒĦटेन मɅ ǓनयुÈत भारतीय ͪवदेश सेवा क े एक अͬधकारȣ क े ͨखलाफ एक èथानीय कम[चारȣ से यौन संबंध बनाने का अनुरोध करने क े आरोप लगाए गए थे। लेख मɅ आगे कहा गया है ͩक उÈत अͬधकारȣ, जो अब भारत मɅ है, अनुशासना×मक कार[वाई का सामना कर रहा था और जब संपक [ ͩकया गया तो अͬधकारȣ ने आरोपɉ से इनकार ͩकया।

4. ऐसा Ĥतीत होता है ͩक मूल अͧभयुÈत संÉया 12 िजसकȧ पहचान उजागर नहȣं कȧ जा रहȣ है, वह भारत क े महावाͨणÏय दूतावास, एͫडनबग[ मɅ 'ͧलͪपक टंकक” क े Ǿप मɅ काम कर रहȣ थी और उसने उÈत अͬधकारȣ क े हाथɉ यौन उ×पीड़न का आरोप लगाते हुए कɉसेल जनरल क े सम¢ ͧशकायत दज[ कराई थी। ͧशकायत 10.07.2006 को कȧ गई थी (अͧभलेख पर रखे गए क ु छ दèतावेजɉ मɅ 10.07.2005 क े Ǿप मɅ गलत उãलेख ͩकया गया था)। इसक े बाद भारतीय उÍचायोग, लंदन क े उप उÍचायुÈत को Ǒदनांक 05.03.2007 को एक और पğ ͧलखा गया िजसमɅ उÈत अͬधकारȣ क े कहने पर काय[èथल पर यौन उ×पीड़न जारȣ रखने का आरोप लगाया गया था। ǐरकॉड[ से पता चलता है ͩक ͪवदेश मंğालय ने Ǒदनांक 08.03.2007 क े आदेश ɮवारा Ǔनदȶश Ǒदया ͩक उÈत अͬधकारȣ को वापस बुलाया जाए और उÈत अͬधकारȣ को Ǔनलंǒबत कर Ǒदया जाए। Ǒदनांक 15.03.2007 को अͧभयुÈत नं. 12 ɮवारा दाͨखल कȧ गई ͧशकायत को ͪवदेश मंğालय क े संयुÈत सͬचव को अĒेͪषत कर Ǒदया गया, िजसने Ǒदनांक 21.03.2007 को एक आदेश जारȣ ͩकया िजसमɅ कहा गया ͩक उÈत अͬधकारȣ क े ͪवǽɮध अनुशासना×मक काय[वाहȣ पर ͪवचार ͩकया गया है और उÈत अͬधकारȣ को Ǔनलंǒबत कर Ǒदया गया है। ये घटनाĐम इस लेख क े Ĥकाशन से पहले हुए थे।

5. लेख क े Ĥकाशन क े बाद जो क ु छ घटनाĐम हुए हɇ, उनमɅ ͪवदेश मंğालय ɮवारा अͧभयुÈत संÉया 12 कȧ ͧशकायत क े आधार पर Ǒदनांक 21.05.2007 को एक £ापन जारȣ करना शाͧमल है िजसक े ɮवारा èपçटȣकरण मांगा गया था ͩक “काय[èथल पर मǑहला क े यौन उ×पीड़न क े ͧलए” कͬथत अͬधकारȣ क े ͨखलाफ अनुशासना×मक कार[वाई Èयɉ न शुǾ कȧ जाए। उÈत अͬधकारȣ ɮवारा Ǒदनांक 31.05.2007 को जवाब दाͨखल ͩकया गया था और अंत मɅ Ǒदनांͩकत 19.02.2009 क े आदेश ɮवारा अनुशासना×मक Ĥाͬधकारȣ ने आदेश पाǐरत ͩकया िजससे èथायी आधार पर उÈत अͬधकारȣ को दȣ जाने वालȣ पɅशन मɅ 20 ĤǓतशत कȧ कटौती अͬधरोͪपत कȧ गई। अनुशासना×मक Ĥाͬधकारȣ क े आदेश को क े Ûġȣय ĤशासǓनक अͬधकरण ɮवारा Ǒदनांक 02.03.2010 को तथा उÍच Ûयायालय ɮवारा भी Ǒदनांक 26.07.2011 क े आदेश ɮवारा समͬथ[त ͩकया गया था।

6. इस दौरान, उÈत अͬधकारȣ ɮवारा Ǒदनांक 24.03.2010 को ͧशकायत संÉया 584/1/2010 Įी अǾन पुरȣ (क-1), Įी सौरभ शुÈला (क-2), Įी परमĤीत ͧसंह रंधावा (क-3), Įी शरत सभरवाल (क-4), Įी अशोक क ु मार मुखजȸ (क-8) और अÛय अͧभयुÈत सǑहत ͪवͧभÛन åयिÈतयɉ क े ͨखलाफ दायर कȧ गई थी। यह अÛय बातɉ क े साथ-साथ Ĥèतुत ͩकया गया था ͩक यह लेख मानहाǓनकारक और इस Ĥकार भारतीय दंड संǑहता 1860 कȧ धारा 34,120 बी, 405,468,470,471,499,501 एवं 502 सǑहत ͪवͧभÛन धाराओं क े तहत दंडनीय अपराधɉ को अंजाम देने क े ͧलए आरोपी क े ͨखलाफ काय[वाहȣ कȧ जाए। ͧशकायत मɅ ͩकए गए क ु छ कथन Ǔनàनानुसार थेः "अͧभयुÈत सं.01, Įी अǾन पुरȣ, इंͫडया टुडे शीष[क वालȣ समाचार पǒğका क े मुÉय संपादक, "ͧलͪवंग मीͫडया इंͫडया ͧलͧमटेड" शीष[क वालȣ कॉपȾरेट इकाई ɮवारा Ĥकाͧशत, िजसका पंजीकृ त काया[लय "1-क हैͧमãटन हाउस, कनॉट Üलेस, Ûयू Ǒदãलȣ 110001" मɅ है। मुġण और Ĥकाशन क े ͧलए, इसक े मुǑġत अंक Ǒदनांक 30/04/2007 मɅ, इसमɅ ͪवदेश मंğालय क े वǐरçठ अͬधकारȣ (अब सेवाǓनवृƣ) ͧशकायतकता[ क े ͨखलाफ यौन उ×पीड़न कȧ झूठȤ कहानी है, जो अĤमाͨणत, अस×याͪपत, मनगढ़ंत और दुभा[वनापूण[ जानकारȣ पर आधाǐरत है इसको उÈत समाचार पǒğका क े संवाददाता Įी सौरभ शुÈला अͧभयुÈत सं. 02 क े ɮवारा ͧलखा एवं दाͨखल ͩकया है अͧभयुÈत सं. 03 से 12, क े साथ और इनक े इशरे पर, िजसका नाम नीचे Ǒदया गया है, इसक े साथ हȣ इंटरनेट क े दुǽपयोग क े माÚयम से पूरȣ दुǓनया मɅ झूठȤ और मानहाǓनकारक कȧ कहानी फ ै लाई, और ͪवæव इलेÈĚॉǓनक नेटवक [ जैसा ͩक सूचना Ĥौɮयोͬगकȧ क े कानून मɅ पǐरभाͪषत है, इसकȧ èथायी उपलÞधता क े साथ, आज कȧ तारȣख तक इंटरनेट पर अपमानपूण[ और मानहाǓनकारक समाĒी इसकȧ वेबसाइट डÞãयू.डÞãयू.डÞãयू.इंͫडयाटुडे.कॉम पर है इस क े कारण ͧशकायतकता[ को मानहाǓन, उसकȧ åयिÈतगत और सामािजक ĤǓतçठा का गंभीर नुकसान और चोट, मानͧसक यातना, पीड़ा, दद[ और उसक े èवाèØय मɅ भारȣ ͬगरावट हुई।

03. यह ͧशकायत ‘इंͫडया टुडे’ नामक साÜताǑहक समाचार पǒğका क े संवाददाता, अͧभयुÈत सं. 2 Įी सौरभ शुÈला ɮवारा ͧलͨखत और दायर कȧ गई पूरȣ जो पूरȣ तरह से झूठȤ, मनगढ़ंत, अĤमाͨणत, अस×याͪपत, दुभा[वनापूण[ और मानहाǓनकारक कहानी तक सीͧमत है, िजसकȧ ǐरपोट[, लेखन और गǓतͪवͬधयां Įी अǽण पुरȣ, अͧभयुÈत संÉया 1, समाचार पǒğका ‘इंͫडया टुडे’ क े मुÉय संपादक क े Ǔनयंğण और पय[वे¢ण मɅ हɇ, िजÛहɉने Ǒदनांͩकत 30 अĤैल, 2007 क े समाचार पǒğका 'इंͫडया टुडे' का अंक मɅ कͬथत मानहाǓनकारक कहानी क े चयन पर पूरा Ǔनयंğण रखा था इसकȧ सामĒी को पूरȣ दुǓनया मɅ पढ़ȣ गई और वेबसाइट डÞãयू.डÞãयू.डÞãयू.इंͫडया टुडे.कॉम पर उपलÞध है। उÈत वेबसाइट डÞãयू.डÞãयू.डÞãयू.इंͫडया टुडे.कॉम क े अͧभलेखागार क े Ǒहèसे क े Ǿप मɅ मानहाǓनकारक कȧ यह कहानी अभी भी जारȣ है। और इस Ĥकार, ͧशकायतकता[ कȧ मानहाǓन और उसकȧ ĤǓतçठा को हुए नुकसान और हाǓन अपराͬधयɉ और दोͪषयɉ क े ͨखलाफ कार[वाई क े ͧलए इस ǐरपोट[ को दज[ करने कȧ तारȣख तक जारȣ है। * * * * * *

06. इस ͧशकायत क े 20 पÛनɉ क े संलÊनक मɅ वͨण[त तØयɉ से यह èपçट है ͩक मानहाǓनकारक Ĥकाशन, संवाददाता को सूͬचत करने क े ͧलए, सामाÛय मंशा पर काय[ करते हुए अͧभयुÈत संÉया. 03 से 12 का काम था। अͧभयुÈत संÉया 12 ɮवारा यौन उ×पीड़न कȧ झूठȤ ͧशकायत क े बारे मɅ समाचार पǒğका इंͫडया टुडे क े अͧभयुÈत संÉया 02, Įी सौरभ शुÈला है. एͫडनबग[ मɅ भारत क े महावाͨणÏय दूतावास क े एक èथानीय कम[चारȣ ने मीͫडया क े माÚयम से आवेदक को बदनाम करने और उनमɅ से Ĥ×येक क े ɮवारा आपराͬधक भूͧमका Ǔनभाई गई | Ĥासंͬगक समय पर, उͬचत कार[वाई क े ͧलए कानून Ĥवत[न एजɅसी ɮवारा गहन जांच कȧ आवæयकता होती है, जैसा ͩक आपराͬधक ĤͩĐया संǑहता मɅ Ǔनधा[ǐरत कानून क े मापदंडɉ क े भीतर उͬचत और ठȤक समझा जा सकता है, और एक बार उनक े ͨखलाफ आरोप भारतीय दंड संǑहता कȧ उपयुÈत धाराओं क े तहत तय हो जाए।

15. एͫडनबग[ िèथत भारतीय महावाͨणÏय दूतावास क े एक èथानीय कम[चारȣ ɮवारा मीͫडया ɮवारा से आवेदक को बदनाम करने क े ͧलए यौन उ×पीड़न कȧ झूठȤ ͧशकायत क े बारे मɅ समाचार पǒğका भारतीय दंड संǑहता संÉया 02, Įी सौरभ शुÈला ɮवारा उͬचत समय पर उͬचत कार[वाई क े ͧलए कानून Ĥवत[न एजɅसी ɮवारा गहन जांच कȧ आवæयकता है। * * * * * * अपनी चूक और आढ़त क े आपराͬधक कृ ×यɉ क े ͧलए, उÍच पदèथ अͬधकाǐरयɉ और मÚयम èतर क े कम[चाǐरयɉ ने अपने आप का दुǽपयोग करने कȧ अनुमǓत दȣ और Ǒदनांͩकत 30/04/2007 को साÜताǑहक समाचार पğ ‘इंͫडया टुडे’ मɅ Ĥकाͧशत लेख क े ɮवारा मीͫडया मɅ झूठȤ, मनगढ़ंत और बनाई जानकारȣ लȣक करक े आवेदक को नुकसान पहुंचाने और बदनाम करने क े सामाÛय इरादे क े ɮवारा और इसको इÛटरनेट क े ɮवारा फ ै लाते हुए अपनी वेबसाइट डÞãयू.डÞãयू.डÞãयू.इंͫडया टुडे.कॉम से ͧशकायतकता[ क े ͨखलाफ यौन उ×पीड़न क े झूठे और Ǔनराधार आरोप लगा Ǒदए थे यहाँ तक कȧ ͪवदेश मंğालय ɮवारा ͧशकायतकता[ को कोई कारण बताओ नोǑटस जारȣ ͩकए जाने से पहले हȣ. इस Ĥकार ͧशकायतकता[ कȧ ĤǓतçठा और मानहाǓन हुई थी। इसक े बाद ͧशकायतकता[ ने Ǔनàनͧलͨखत राहत क े ͧलए Ĥाथ[ना कȧः "(1) ͩकए गए अपराधɉ का सं£ान लेना और इस ͧशकायत मɅ अͧभयुÈत संÉया 01 से 12 क े Ǿप मɅ शाͧमल अͧभयुÈत åयिÈतयɉ क े ͨखलाफ इस ͧशकायत को èवीकार करना, गवाहɉ क े बयान दज[ करना िजनक े नाम और ͪववरण संलÊन मɅ सूचीबɮध हɇ और अͧभयुÈत åयिÈतयɉ को सàमन करना, िजÛहɅ कानून क े अनुसार मुकदमा चलाया जा सकता है और दंͫडत ͩकया जा सकता है। (2) दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 156(3) क े तहत अपनी शिÈतयɉ का उपयोग करने और आपराͬधक काय[वाहȣ (ͧसक) को और Ûयायालय क े सम¢ ͪवचारण शुǾ करने क े ͧलए अͧभयुÈतɉ क े ͨखलाफ भारतीय दंड संǑहत 1860 कȧ धारा 34, 120बी, 405, 468, 470, 471, 499, एसओयू एस एवं सूचना Ĥौɮयोͬगकȧ अͬधǓनयम, 2000 कȧ धारा 65, 66 और 67 क े तहत पुͧलस अͬधकाǐरयɉ ɮवारा जांच का आदेश दे िजनक े पास इस उɮदेæय क े ͧलए आवæयक बुǓनयादȣ ढांचा है।”

7. महानगर दंडाͬधकारȣ, नई Ǒदãलȣ िजला, पǑटयाला हाउस Ûयायालय, नई Ǒदãलȣ ɮवारा Ǒदनांक 20.04.2013 क े आदेश ɮवारा Ĥ×येक अͧभयुÈत को दȣ गई भूͧमका का सारांश इस Ĥकार हैः "9. ͧशकायतकता[ क े ͪवɮवान अͬधवÈता ने आगे Ĥèतुत ͩकया है ͩक जबͩक अͧभयुÈत संÉया 1 और 2 मुÉय संपादक है और इंͫडया टुडे क े संवाददाता हɇ जो ͧशकायतकता[ क े ͨखलाफ मानहाǓनकारक कहानी क े Ĥकाशन क े ͧलए सीधे िजàमेदार हɇ। शेष अͧभयुÈत åयिÈत अथा[त ् अͧभयुÈत संÉया 3,4,8,12 अͧभयुÈत संÉया 1 और 2 क े साथ सािजश मɅ थे और लंदन मɅ भारतीय उÍचायोग क े काया[लय मɅ अͧभयुÈत संÉया 12 ɮवारा दायर एक झूठȤ ͧशकायत पर आधाǐरत आ¢ेͪपत कहानी क े Ĥकाशन मɅ सहायक थे। ͧशकायतकता[ क े ͪवɮवान अͬधवÈता ने तक [ Ǒदया है ͩक अͧभयुÈत नं. 3, 4, 8, 12 कȧ संͧलÜतता इस तØय से ͧसɮध होती है ͩक यɮयͪप ͧशकायतकता[ को Ǒदनांͩकत 08.03.2007. क े आदेश ɮवारा एͫडनबग[ पर से उसक े त×कालȣन तैनाती èथान से क े वल वापस बुला ͧलया गया था यह उãलेख उÈत आदेश मɅ नहȣं ͩकया गया था ͩक ͧशकायतकता[ क े ͨखलाफ आरोपी संÉया 12 ɮवारा दायर कोई भी ͧशकायत जांच लंǒबत थी या यह ͧशकायत ͧशकायतकता[ ओम Ĥकाश भोला को समय से पहले वापस बुलाने क े पीछे का कारण थी। हालांͩक, 30.04.2007 क े समाचार लेख मɅ उãलेख ͩकया गया था ͩक ͧशकायतकता[ को एक èथानीय कम[चारȣ ɮवारा उसक े ͨखलाफ यौन दुåय[वहार कȧ ͧशकायत ͪवचाराधीनता होने क े कारण एͫडनबग[ मɅ उसकȧ त×कालȣन तैनाती क े èथान से वापस बुला ͧलया गया था। ͧशकायतकता[ कȧ ओर से यह तक [ Ǒदया गया है ͩक हालांͩक ͧशकायतकता[ को कारण बताओ नोǑटस Ǒदया गया था। यह ͪवदेश मंğालय ɮवारा 21.05.2007 को Ǒदया गया £ापन है िजसमɅ उससे अͧभयुÈत संÉया 12 ɮवारा उसक े ͪवǽɮध लगाए गए आरोपɉ क े बारे मɅ èपçटȣकरण देने क े ͧलए कहा गया था। हालांͩक, उस पर उÈत कारण बताओ नोǑटस कȧ सेवा से पहले हȣ समाचार ǐरपोट[ Ĥकाͧशत कर दȣ गई थी। इसͧलए, इंͫडया टुडे Ûयूज मैगजीन क े कम[चाǐरयɉ को ͧशकायतकता[ को कारण बताओ नोǑटस कȧ सेवा से पहले हȣ ͧशकायतकता[ क े ͨखलाफ ए12 कȧ ͧशकायत ͪवचाराधीनता होने क े बारे मɅ जानकारȣ नहȣं हो सकती थी, जो 30.04.2007 को कͬथत समाचार ǐरपोट[ क े Ĥकाशन कȧ तारȣख है, हालांͩक ͧशकायतकता[ को कͬथत समाचार ǐरपोट[ क े Ĥकाशन कȧ तारȣख अथा[त 21.5.2007 से लगभग 21 Ǒदनɉ क े बाद आरोपी संÉया 12 ɮवारा उसक े ͨखलाफ ͩकए गए यौन दुåय[वहार क े आरोपɉ को èपçट करने क े ͧलए कारण बताओ नोǑटस Ǒदया गया था।

8. महानगर दंडाͬधकारȣ ने भा.दं.सं. कȧ धारा 120ख क े साथ पǑठत धारा 500,502 क े तहत दंडनीय अपराधɉ क े ͩकए जाने क े ͧलए अͧभयुÈत 1,2,3,4,[8] और 12 क े ͪवǽɮध काय[वाहȣ आदेश क े ͧलए पया[Üत सामĒी पाई। “ͧशकायतकता[ ɮवारा अͧभलेख पर रखी गई सामĒी और बलराज खÛना एवं अÛय बनाम मोती राम 1971 एस. सी. सी. (सी.आर.एल.) 647, Įीमती नागवा बनाम वेराना ͧशवãलंगÜपा कɉजाͧलगी एवं अÛय 1976 एस.सी.सी. (सी.आर.एल.) 507 और एम.एन. दमानी बनाम एस. क े. ͧसÛहा एवं अÛय 2001 एस. सी. 2571, एस. सी. क े Ǔनणȸत मामले मɅ भारतीय सवȾÍच Ûयायालय क े ɮवारा कȧ गई उपरोÈत ǑटÜपͨणयɉ को Úयान मɅ रखते हुए ͧशकायतकता[ क े ͪवɮवान अͬधवÈता ɮवारा Ǒदए गए तकɟ क े बाद, मेरȣ यह सुͪवचाǐरत राय है ͩक अͧभलेख कȧ सामĒी अͧभयुÈत संÉया 1,2,3,4,[8] और 12 क े ͪवǽɮध काय[वाहȣ करने क े ͧलए Ĥथम Ǻçटया पया[Üत है, तदनुसार, 05.07.2013 को पी ऍफ़ दयार करने पर समन ͩकया जाए।”

9. उपरोÈत समन आदेश से åयͬथत होने क े कारण, इंͫडया टुडे समाचार पǒğका क े, क-1, मुÉय सàपादक ने 2019 कȧ आपराͬधक एम. सी. संÉया 3492 को Ĥाथͧमकता दȣ, जबͩक क-2, लेख क े लेखक ने 2014 कȧ आपराͬधक एम. सी. संÉया 1762 और ͪवदेश मंğालय क े लोक सेवकɉ ने 2013 कȧ आपराͬधक एम. सी. संÉया 4636 को Ĥाथͧमकता दȣ। सभी ने ͪववादाèपद अͬधकारȣ क े ɮवारा दयार ͧशकायत सं. 584/1/2010 क े साथ Ǒदनांͩकत 20.04.2013 क े समन क े आदेश को दंड Ĥͩकया संǑहता 1973[3] कȧ धारा 482 क े तहत अͧभखंͫडत करने कȧ मांग कȧ गई

10. इन तीनɉ याͬचकाओं पर उÍच Ûयायालय ɮवारा एक साथ ͪवचार ͩकया गया था। प¢कारɉ क े ͪवɮवान अͬधवÈताओं को सुनने क े बाद, उÍच Ûयायालय को हèत¢ेप करने का कोई आधार नहȣं ͧमला। इसͧलए, उसने सभी याͬचकाओं को खाǐरज कर Ǒदया। अपने Ǔनण[य क े दौरान उÍच Ûयायालय ने यह मत åयÈत ͩकयाः “28. भा.दं.सं. कȧ धारा 499 क े घटक ͩकसी भी Ǿप मɅ Ĥकाͧशत आरोप कȧ ओर èपçट Ǿप से इंͬगत करते हɇ िजसमɅ समाचार पğ भी शाͧमल हɇ। यǑद याͬचकाकता[ भा.दं.सं. कȧ धारा 499 क े तहत अपवाद क े संर¢ण कȧ मांग कर रहा है, तो वह चरण अभी तक नहȣं आया है, िजसका अथ[ है ͩक याचीगण ɮवारा कȧ गई ĤèतुǓतयां इस चरण मɅ लागू नहȣं हɇ| याͬचकाकता[ का आचरण, Èयɉͩक Ĥकाशन क े ͧलए लेखɉ क े चयन क े ͧलए कͬथत Ǿप से िजàमेदार था और उसे इस तØय कȧ जानकारȣ थी ͩक एक अĤमाͨणत कहानी का Ĥकाशन ͧशकायतकता[ / Ĥ×यथȸ सं.[2] कȧ ĤǓतçठा को अपूरणीय Ǿप से नुकसान और हाǓन पहुंचाएगा, ͩफर भी आगे बढ़े और 30.04.2007 को मुÉय संपादक क े Ǿप मɅ लेख Ĥकाͧशत कराया।...

35. इस Ĥकार, प¢कारɉ ɮवारा लगाए गए आरोपɉ और ĤǓत- आरोपɉ तØयɉ का ͪववाǑदत Ĥæन उठाते हɇ और दंड ĤͩĐया संǑहता कȧ धारा 482 क े तहत इस Ûयायालय ɮवारा इस पर ͪवचार नहȣं ͩकया जा सकता है।

36. इस èतर पर हमɅ क े वल ͧशकायत कȧ ͪवषयवèतु को देखने कȧ आवæयकता है। इस èतर अͧभयुÈत क े साêय पर ͪवचार नहȣं ͩकया जा सकता है”

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11. हमने क-1 क े ͪवɮवान वǐरçठ अͬधवÈता Įी क े. वी. ͪवæवनाथन, लोक सेवकɉ, लोक कम[चारȣगण अथा[त ् क-3, क-4 और क-8 कȧ ओर से उपिèथत भारत क े अǓतǐरÈत सॉͧलͧसटर जनरल सुĮी ऐæवया[ भाटȣ और क-2 क े ͪवɮवान अͬधवÈता Įी ऋͪषक े श बǾआ को सुना है, जबͩक उÈत अͬधकारȣ कȧ ओर से, अथा[त ् मूल ͧशकायतकता[ क े ओर से Ǔनवेदन Įी आर. सतीश, ͪवɮवान अͬधवÈता ɮवारा ͩकए गए थे।

12. Įी क े. वी. ͪवæवनाथन, ͪवɮवान वǐरçठ अͬधवÈता ɮवारा Ĥèतुत ͩकया गया है ͩक क-1 समाचार पǒğका इंͫडया टुडे का मुÉय संपादक रहा है ͩक Ĥेस और पुèतक पंजीकरण अͬधǓनयम, 1867 कȧ धारा 7 क े तहत उपधारणा एक संपादक क े मामले मɅ आकͪष[त होगी, न ͩक एक मुÉय संपादक क े संबंध मɅ। यह आगे Ĥèतुत ͩकया जाता है ͩक उस लेख क े ͧलए क-1 उƣरदायी बनाने क े ͧलए, क-1 कȧ भागीदारȣ क े वल मुÉय संपादक क े Ǿप मɅ उनकȧ ¢मता क े बारे मɅ आरोप से परे, èपçट Ǿप से कȧ जानी चाǑहए। ऐसा कोई आरोप या Ĥकथन नहȣं होने क े कारण, क-1 राहत क े ͧलए हकदार था जैसा ͩक Ĥाथ[ना कȧ गई थी।

13. ͪवɮवान अǓतǐरÈत सॉͧलͧसटर जनरल सुĮी भाटȣ ने Ĥèतुत ͩकया है ͩक लोक सेवकɉ ͩकसी भी èतर पर लेख क े Ĥकाशन मɅ शाͧमल नहȣं थे। लोक सेवकɉ ने जो भी कार[वाई कȧ थी, वह उÍच अͬधकाǐरयɉ को उͬचत और ×वǐरत सूचना क े Ǿप मɅ थी, ताͩक ऐसे अͬधकाǐरयɉ ɮवारा उͬचत कार[वाई कȧ जा सक े । इस Ĥकार लोक सेवकɉ ɮवारा ͩकए गए काय[ पूरȣ तरह से सुरͯ¢त हɉगे और ͩकसी भी अपराध क े Ǿप मɅ नहȣं माने जा सकते।

14. क-2 क े ͪवɮवान अͬधवÈता Įी ऋͪषक े श बǾआ ने क-1 कȧ ओर से उपिèथत ͪवɮवान वǐरçठ अͬधवÈता Įी क े. वी. ͪवæवनाथन कȧ ĤèतुǓतयɉ को अपनाने कȧ मांग कȧ है और Ĥèतुत ͩकया है ͩक लेख ͧलखने से पहले उͬचत सावधानी बरती गई थी िजसमɅ उÈत अͬधकारȣ से उसका उƣर मांगना भी शाͧमल था।

15. Įी आर. सतीश, उÈत अͬधकारȣ क े ͪवɮवान अͬधवÈता ने Ĥèतुत ͩकया है ͩक अͬधक से अͬधक, अपीलाथȸगण ɮवारा अͧभवचन ͩकया गया मामला भा.दं.सं. कȧ धारा 499 क े अपवादɉ मɅ से ͩकसी क े भी लाभ का दावा करेगा और जैसा ͩक उÍच Ûयायालय ɮवारा मत åयÈत ͩकया गया है, ऐसे मुɮदɉ पर ͪवचार करने का उͬचत चरण ͪवचारण क े èतर मɅ होगा, न ͩक भा.दं.सं. कȧ धारा 482 क े तहत याͬचका ɮवारा से।

16. क े.एम. मैØयू बनाम क े.ए.अĦाहम एंड ओस[.[5] मɅ, मुÉय मामले मɅ अपीलकता[ मलयालम मनोरमा क े मुÉय संपादक थे। 1867 अͬधǓनयम कȧ धारा 7 पर भरोसा करते हुए, उनकȧ ओर से यह तक [ Ǒदया गया था ͩक एक अÛय åयिÈत, जो उÈत Ĥकाशन का संपादक था, ने कहा ͩक 1867 अͬधǓनयम कȧ धारा 7 क े तहत वैधाǓनक धारणा क े मɮदेनजर भा.दं.स. कȧ धारा 500 क े तहत अपराध क े ͧलए अक े ले संपादक पर आरोप लगाया जा सकता है। यह तक [ ͩक धारा 7 मɅ "मुÉय संपादक" का उãलेख न होने क े कारण, िजसमɅ कहा गया था ͩक अपीलकता[ राहत का हकदार होगा, इस Ûयायालय ɮवारा खाǐरज कर Ǒदया गया था अÛय बातɉ क े साथ-साथ, ͧशकायतकता[ ने ͪवशेष Ǿप से आरोप लगाया था ͩक उÈत अपीलकता[ को Ĥकाशन कȧ जानकारȣ थी और वह इस तरह क े Ĥकाशन क े ͧलए िजàमेदार था। Ǔनण[य क े पैराĒाफ 8, 9, 10, 14, 15 और 16 Ǔनàनानुसार हɇ:-- “8. Ĥेस और पुèतक पंजीकरण अͬधǓनयम, 1867 कȧ धारा 7 को पढ़े इस Ĥकार हैः

7. घोषणा कȧ काया[लय ĤǓत Ĥथम Ǻçटया साêय होनी चाǑहक- ͩकसी भी कानूनी काय[वाहȣ मɅ, चाहे वह ͧसͪवल हो या आपराͬधक, ऐसी घोषणा कȧ एक ĤǓत Ĥèतुत करना, जैसा ͩक पूवȾÈत है, इस अͬधǓनयम ɮवारा अͬधकृ त ͩकसी Ûयायालय कȧ मुहर ɮवारा स×याͪपत है, ऐसी घोषणा कȧ अͧभर¢ा करने क े ͧलए या, संपादक क े मामले मɅ, समाचार पğ कȧ एक ĤǓत िजसमɅ संपादक क े Ǿप मɅ उसका नाम मुǑġत हो, को (जब तक ͩक ͪवपरȣत साǒबत न हो) पया[Üत साêय माना जाएगा, उस åयिÈत क े ͨखलाफ िजसका नाम ऐसी घोषणा क े ͧलए सदèयता लȣ जाएगी, या ऐसे समाचार पğ पर मुǑġत ͩकया जाएगा, जैसा ͩक मामला हो सकता है ͩक उÈत åयिÈत मुġक या Ĥकाशक था, या Ĥ×येक समाचार पğ क े Ĥ×येक भाग का मुġक और Ĥकाशक (जैसा ͩक उÈत घोषणा क े शÞदɉ क े अनुसार हो सकता है) िजसमɅ शीष[क घोषणा मɅ उिãलͨखत समाचार पğ क े शीष[क या समाचार पğ क े उस अंक क े हर Ǒहèसे क े संपादक क े साथ मेल खाते हɉगे हɇ िजसकȧ एक ĤǓत तैयार कȧ जाती है।

9. अͧभåयिÈत "संपादक" को अͬधǓनयम कȧ धारा 1 मɅ भी पǐरभाͪषत ͩकया गया है इस Ĥकार हैः “1.(1) * * * 'संपादक' का अथ[ उस åयिÈत से है जो समाचार पğ मɅ Ĥकाͧशत मामले का चयन को Ǔनयंǒğत करता है

10. अͬधǓनयम कȧ धारा 5 (1) को उɮधृत करना भी सुसंगत हैः

5. समाचार पğɉ क े Ĥकाशन क े बारे मɅ Ǔनयम- भारत मɅ कोई भी समाचार पğ तब तक Ĥकाͧशत नहȣं ͩकया जाएगा जब तक ͩक इसमɅ इसक े बाद Ǔनधा[ǐरत Ǔनयमɉ क े अनुǾप न हो: (1) धारा 3 क े उपबंधɉ पर ĤǓतक ू ल Ĥभाव डाले ǒबना, ऐसे Ĥ×येक समाचार पğ कȧ Ĥ×येक ĤǓतͧलͪप मɅ उसक े माͧलक और संपादक क े नाम सिàमͧलत हɉगे जो ऐसी ĤǓतͧलͪप पर èपçट Ǿप से मुǑġत हɉगे और उसक े Ĥकाशन कȧ Ǔतͬथ भी होगी। (2) * * *” xxx xxx xxx

14. इन उपबंधɉ क े संयुÈत पठन से यह दͧश[त होगा ͩक ͩकसी समाचार पğ क े Ĥकाशन कȧ दशा मɅ, Ĥकाशन कȧ Ĥ×येक ĤǓतͧलͪप मɅ उस समाचार पğ क े èवामी और संपादक क े नाम हɉगे िजÛहɉने उस समाचार पğ का मुġण और Ĥकाशन ͩकया है। अͬधǓनयम कȧ धारा 7 क े तहत, यह अनुमान लगाया जाता है ͩक िजस संपादक का नाम समाचार पğ मɅ संपादक क े Ǿप मɅ मुǑġत है, उसे उस Ĥकाशन क े संबंध मɅ ͩकसी भी ͧसͪवल या आपराͬधक काय[वाहȣ मɅ संपादक माना जाएगा और समाचार पğ मɅ उसका नाम संपादक क े Ǿप मɅ मुǑġत ͩकए गए कȧ एक ĤǓतͧलͪप कȧ ĤèतुǓत यह साǒबत करने क े ͧलए काफȧ मानी जाएगी, और "संपादक" को उस åयिÈत क े Ǿप मɅ पǐरभाͪषत ͩकया गया है जो एक समाचार पğ मɅ Ĥकाͧशत होने वाले मामले क े चयन को Ǔनयंǒğत करता है।, यह धारणा इस हद तक जाएगी ͩक वह åयिÈत था िजसने समाचार-पğ मɅ Ĥकाͧशत होने वाले मामले क े चयन को Ǔनयंǒğत ͩकया था। लेͩकन साथ हȣ, धारा 7 मɅ ǓनǑहत यह उपधारणा एक खंडनीय उपधारणा है और इसे पया[Üत सबूत माना जाएगा जब तक ͩक इसक े ͪवपरȣत साǒबत न हो जाए। इसͧलए, यह èपçट है ͩक भले हȣ ͩकसी åयिÈत का नाम समाचार पğ मɅ संपादक क े Ǿप मɅ छपा हो, ͩफर भी वह यह Ǒदखा सकता है ͩक वह वाèतव मɅ संपादक नहȣं था और समाचार पğ मɅ Ĥकाͧशत मामले क े चयन पर उसका कोई Ǔनयंğण नहȣं था। धारा 7 Ûयायालय को क े वल यह अनुमान लगाने मɅ स¢म बनाती है ͩक िजस åयिÈत का नाम संपादक क े Ǿप मɅ छापा गया था वह ऐसे समाचार पğ का संपादक था, यǑद Ûयायालय मɅ पेश ͩकया गया Ĥकाशन इस आशय को दͧश[त करता है तो,

15. इन मामलɉ मɅ अपीलाथȸगण का तक [ यह है ͩक उÛहɅ इन Ĥकाशनɉ मɅ संपादकɉ क े Ǿप मɅ नहȣं Ǒदखाया गया था और उनक े नाम मुÉय संपादक, Ĥबंध संपादक या Ǔनवासी संपादक क े Ǿप क े Ǿप मɅ मुǑġत ͩकए गए थे “संपादक” क े Ǿप मɅ नहȣं मुǑġत ͩकए गए। उस समाचार पğ मɅ ͩकसी भी मामले क े कͬथत अपमानजनक Ĥकाशन क े ͧलए उनक े ͨखलाफ कोई आपराͬधक मुकदमा नहȣं चलाया जा सकता है।

16. इन अपीलाथȸगण का तक [ तक [ संगत नहȣं है। Ĥबंध संपादक, Ǔनवासी संपादक या मुÉय संपादक को समाचार पğ मɅ ͩकसी भी मामले क े कͬथत Ĥकाशन क े ͧलए ͩकसी भी अͧभयोजन क े ͨखलाफ कोई कानूनी छ ू ट नहȣं है, िजस पर इन åयिÈतयɉ का Ǔनयंğण है। इन सभी मामलɉ मɅ, ͧशकायतकता[ओं ने ͪवशेष Ǿप से आरोप लगाया है ͩक इन अपीलाथȸगण को कͬथत मानहाǓनकारक मामले क े Ĥकाशन कȧ जानकारȣ थी और वे ऐसे Ĥकाशन क े ͧलए िजàमेदार थे और दंडाͬधकारȣगण िजÛहɉने अपराध का सं£ान ͧलया था, ने अͧभǓनधा[ǐरत ͩकया ͩक इन अपीलाथȸगण क े ͨखलाफ ĤथमǺçटया मामला था| ऐसी पǐरिèथǓतयɉ मɅ इन अपीलाथȸगण क े ͨखलाफ समन जारȣ ͩकए गए थे।"

17. इस Ĥकार इस Ǔनण[य से यह èपçट है ͩक यɮयͪप धारा 7 क े अधीन उपधारणा संपादक क े संबंध मɅ उपलÞध है, यǑद तØय Ûयायोͬचत हɇ तो मुÉय संपादक क े ͪवǽɮध भी कार[वाई कȧ जा सकती है। संबंͬधत मामलɉ मɅ, मुÉय संपादक और संबंͬधत मामलɉ से जुड़े इसी तरह क े अÛय åयिÈतयɉ ɮवारा Ǔनभाई गई भूͧमकाओं क े बारे मɅ ͪवͧशçट और पया[Üत आरोप लगाए गए थे।

18. अब हम इस Ĥæन पर ͪवचार करɅगेः Èया भा.दं.सं. कȧ धारा 499 क े ͩकसी अपवाद का लाभ उठाया जा सकता है और ऐसे अपवादɉ कȧ ताकत पर, काय[वाहȣ को रɮद ͩकया जा सकता है। उस èतर पर जब संǑहता कȧ धारा 482 क े अधीन ͩकए गए आवेदन पर ͪवचार ͩकया जा रहा हो?

19. जवाहरलाल दडा[ और अÛय बनाम मनोहरराव गणपतराव कापसीकर और अÛय 6, क ु छ पǐरयोजनाओं क े ͧलए सरकारȣ धन क े गबन क े मुɮदɉ को छ ू ते हुए ͪवधानसभा कȧ काय[वाहȣ क े बारे मɅ एक समाचार पğ ɮवारा कȧ गई ǐरपोǑटɍग, मानहाǓन का आरोप लगाने वालȣ ͧशकायत का ͪवषय था। इस Ǔनण[य से पता चलता है ͩक यह लेख सदन कȧ काय[वाहȣ कȧ सटȣक और सÍची सूचना दȣ गई है, िजसक े बारे मɅ साव[जǓनक धन का उपयोग करने वाले लोक सेवकɉ क े आचरण क े संबंध मɅ सɮभावना से सूचना दȣ गई थी, संर¢ण बढ़ाया गया था और संǑहता कȧ धारा 482 क े तहत शिÈत का उपयोग ͩकया गया था। Ǔनण[य का पैराĒाफ 5 इस Ĥकार हैः- - “5. यह ǒबãक ु ल èपçट है ͩक आरोपी ने जो Ĥकाͧशत ͩकया था। उसक े समाचार पğ मɅ ͪवधानसभा कȧ काय[वाहȣ कȧ सटȣक और सहȣ आÉया थी। सरकार ɮवारा कȧ गई Ĥारंͧभक जांच मɅ Ĥ×यथȸ कȧ भागीदारȣ का खुलासा ͩकया गया था। यǑद अͧभयुÈत मंğी क े कथन को सहȣ मानते हुए सɮभावपूव[क आÉया Ĥकाͧशत करता है तो यह नहȣं कहा जा सकता ͩक उसका आशय ͧशकायतकता[ कȧ ĤǓतçठा को नुकसान पहुंचाना था। यह लोक सेवकɉ क े साव[जǓनक आचरण क े संबंध मɅ एक आÉया थी, िजÛहɅ साव[जǓनक धन सɋपा गया था, िजसका उपयोग साव[जǓनक कãयाण क े ͧलए ͩकया जाना था। इस Ĥकार मामले क े तØयɉ और पǐरिèथǓतयɉ से पता चलता है ͩक समाचार जनता कȧ भलाई क े ͧलए Ĥकाͧशत ͩकए गए थे। ये सभी पहलू उÍच Ûयायालय ɮवारा अनदेखी ͩकए गए है।."

20. इसी Ĥकार, राजेÛġ क ु मार सीताराम पांडे बनाम उƣम 7 वाले मामले मɅ, ͧशकायतकता[ कȧ ओर से दुåय[वहार का आरोप लगाते हुए वǐरçठ अͬधकारȣ को दȣ गई सुचना को भारतीय दंड भा.दं.सं. कȧ धारा 499 क े अपवाद 8 ɮवारा पूरȣ तरह से संरͯ¢त माना गया और काय[वाहȣ को खाǐरज कर Ǒदया गया। सूͬचत ͩकए गए Ǔनण[य क े पैराĒाफ 7 का Ĥासंͬगक Ǒहèसा इस Ĥकार हैः- “7...ऐसी पǐरिèथǓतयɉ मɅ यह तØय ͩक अͧभयुÈत åयिÈतयɉ ने ͧशकायतकता[ क े वǐरçठ अͬधकारȣ को यह अͧभकथन करते हुए आÉया दȣ थी ͩक उसने कोषा अͬधकारȣ को नशे कȧ हालत मɅ गालȣ दȣ थी जो वत[मान ͧशकायत कȧ गंभीरता है और इससे अͬधक क ु छ नहȣं है, दंड संǑहता, 1860 कȧ धारा 499 कȧ धारा 8 से अपवाद क े तहत कवर ͩकया जाएगा। ͧशकायत याͬचका मɅ लगाए गए आरोपɉ का अवलोकन करक े, हम भी संतुçट हɇ ͩक मानहाǓन का कोई मामला नहȣं बनाया गया है इस मामले क े Ǻिçटकोण मɅ, आरोपी åयिÈतयɉ को मुकदमे का सामना करने या यहां तक ͩक ĤͩĐया जारȣ करने क े Ĥæन पर पुनͪव[चार क े ͧलए नए ͧसरे से दंडाͬधकारȣ से संपक [ करने कȧ आवæयकता Ûयाय क े Ǒहत मɅ नहȣं होगी। दूसरȣ ओर, हमारȣ सुͪवचाǐरत राय मɅ, यह ĤͩĐया जारȣ करने क े आदेश और काय[वाहȣ को रɮद करने क े ͧलए एक उपयुÈत मामला है।''

21. इस Ĥकार यह èपçट है ͩक Ǒदए गए मामले मɅ, यǑद तØय इस Ĥकार Ûयायोͬचत हɇ, तो भा.दं.सं. कȧ धारा 499 क े अपवाद का लाभ Ĥदान ͩकया गया है और यह कठोर ͧसɮधांत नहȣं माना जाता है ͩक अपवाद का लाभ क े वल ͪवचारण क े चरण मɅ हȣ Ĥदान ͩकया जा सकता है।

22. इसी Ĥकार, क े.एम. मैØयू मɅ अͬधकͬथत कानून, िजसका बाद मɅ अनुसरण ͩकया गया है, इस आशय कȧ है ͩक यɮयͪप लाभ जहां तक मुÉय संपादकɉ या मुÉय संपादकɉ का संबंध है, 1867 अͬधǓनयम कȧ धारा 7 क े तहत उपधारणा क े संबंध मɅ लागू नहȣं है, इस मामले पर ͧशकायत मɅ लगाए गए आरोपɉ क े पǐरĤेêय मɅ ͪवशुɮध Ǿप से ͪवचार ͩकए जाने कȧ आवæयकता होगी। यǑद आरोप पया[Üत और ͪवͧशçट हɇ तो ऐसे मुÉय संपादक या मुÉय- संपादक को कोई लाभ नहȣं Ǒदया जा सकता। इसक े ͪवपरȣत, यह ताͩक [ क Ǿप से माना जाएगा ͩक यǑद कोई ͪवͧशçट और पया[Üत आरोप नहȣं हɇ, तो यह मामला इस तØय क े कारण मजबूत हो जाएगा ͩक ऐसे मुÉय संपादक या मुÉय-संपादक क े ͨखलाफ कोई अनुमान नहȣं लगाया जा सकता है।

23. इन ͧसɮधांतɉ क े आलोक मɅ, यǑद हम ͧशकायत मɅ ͩकए गए दावɉ और आरोपɉ पर ͪवचार करते हɇ, तो हमɅ पता चलता है ͩक क-1, मुÉय-संपादक को क ु छ भी ͪवͧशçट िजàमेदार नहȣं ठहराया गया है। अतः उसे लेख क े लेखक ɮवारा ͩकए गए कायɟ, अथा[त ् क-2, क े ͧलए उƣरदायी नहȣं ठहराया जा सकता है। ͧशकायत मɅ लगाए गए आरोप पूरȣ तरह से क-1 क े ͨखलाफ कोई मामला नहȣं बनाते हɇ।

24. क-2 को दȣ गई भूͧमका क े संबंध मɅ, इस èतर पर यह अवæय कहा जाना चाǑहए ͩक लेख क े लेखक क े Ǿप मɅ उसका मामला ͧभÛन िèथǓत मɅ है। उÛहɉने जो ͩकया वह एक ऐसा काय[ था जो Ûयायोͬचत था या नहȣं, यह तØय का Ĥæन होगा जो क े वल मामले क े èतर मɅ जाना है।

25. जहां तक लोक सेवकɉ का संबंध है, वे इस लेख क े ͧलए मुÉय Ǿप से उƣरदायी नहȣं हɇ और उनकȧ िजàमेदारȣ, यǑद ǒबãक ु ल भी हो, क े वल इस हद तक है ͩक उÛहɉने या तो क-12 ɮवारा कȧ गई ͧशकायत पर क ु छ सूचना दȣ या लोक सेवक क े Ǿप मɅ अपनी ¢मता मɅ अपने वǐरçठɉ को क ु छ सूचना दȣ। राजɅġ क ु मार सीताराम पांडे9 मɅ इस Ûयायालय ɮवारा Ǔनधा[ǐरत कानून क े अनुसार, उनक े काय[ पूरȣ तरह से संरͯ¢त हɇ।

26. इन पǐरिèथǓतयɉ मɅ, जहां तक क-1 और लोक सेवकɉ (क-3, क-4 और क-8) का संबंध है, हम अपीलɉ को èवीकार करते है और उनक े ͨखलाफ दायर कȧ गई ͧशकायत संÉया 584/1/2010 को रɮद करने क े साथ समन करने वाले आदेश को रɮद करते है हालाँͩक हम क-2 ɮवारा कȧ गई अपील को नामंजूर करते हɇ। तदनुसार आदेश Ǒदया गया।.........भारत क े मुÉय Ûयायाधीश [उदय उमेश लͧलत]..................................ÛयायमूǓत[ [बेला एम. ǒğवेदȣ] नई Ǒदãलȣ 31 अÈटूबर, 2022 (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अèवीकरण: देशी भाषा मɅ Ǔनण[य का अनुवाद मुकɮɮमेबाज़ के सीͧमत Ĥयोग हेतु ͩकया गया है ताͩक वो अपनी भाषा मɅ इसे समझ सक Ʌ एवं यह ͩकसी अÛय Ĥयोजन हेतु Ĥयोग नहȣं ͩकया जाएगा| समèत काया[लयी एवं åयावहाǐरक Ĥयोजनɉ हेतु Ǔनण[य का अंĒेज़ी èवǾप हȣ अͧभĤमाͨणत माना जाएगा और काया[Ûवयन तथा लागू ͩकए जाने हेतु उसे हȣ वरȣयता दȣ जाएगी। Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation.