Noida v. Omveer Singh and Others

Supreme Court of India · 15 Dec 2022
M. R. Shah; V. Kohli
Civil Appeal No. 9085 of 2022
property appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that compensation for land acquired in 1982 under the Land Acquisition Act, 1894 must be fixed at Rs. 120 per square yard with statutory benefits, rejecting the High Court’s enhancement to Rs. 297 and denying interest for delayed appeals.

Full Text
Translation output
प्रति वेद्य
भार क
े सव च्च न्यायालय में
दीवानी अपीलीय अति कारिर ा
दीवानी अपील संख्या 9085/2022
(@विवशेष अनुमति याति)का (दीवानी) संख्या 9558/2020)
(@ डायरी संख्या 16450/2020)
न्यू ओखला इण्ड़स्ट्रि678यल डेवलपमेन्7 अथॉरिर7ी ... अपीलक ा<
बनाम
ओमवीर सिंसह और अन्य ... प्रत्यथBगण
विनण<य
न्यायमूर्ति एम.आर. शाह
JUDGMENT

1. प्रथम अपील तिडफ े स्ट्रिI7व संख्या 308/2015 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा विदनांक 28.01.2020 को पारिर आक्षेविप विनण<य और आदेश से mn~?kks"k.kk Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds mís';ksa ds fy;s ekU; gksxkßA व्यथिथ और असं ुष्ट महसूस कर े हुए नोएडा ने व <मान अपील दायर की है, जिVसक े द्वारा उच्च न्यायालय ने लगभग 16 साल की अवति क े बाद (अपीलक ा< क े अनुसार, 26 साल की देरी हुई थी) उक्त अपील को खारिरV कर विदया है, जिVसक े ह उच्च न्यायालय ने भूविम मालिलकों को देय मुआवVे को 297 रुपये प्रति वग< गV क बढ़ा विदया है।

2. संक्षेप में, व <मान अपील क े थ्य विनम्नलिललिख हैंः 2.[1] यह विक गाजिVयाबाद जिVले (अब जिVला गौ म बुद्ध नगर) क े हसील और परगना दादरी क े घेVा ति लपा7ाबाद गांव में स्ट्रि6थ प्रश्नग भूविम का अति ग्रहण नोएडा द्वारा विनयोजिV विवकास क े लिलए विकया गया था, जिVसक े लिलए विदनांक 22.11.1982 को ारा 4 क े ह अति सू)ना Vारी की गई थी। भूविम अति ग्रहण अति विनयम, 1894 की ारा 6 क े प्राव ानों क े ह एक घोषणा 23.11.1982 को Vारी की गई थी। अति ग्रविह भूविम का कब्Vा राज्य द्वारा 22.02.1983 को ले लिलया गया था। भूविम अति ग्रहण अति कारी/कलेI7र ने विदनांक 05.09.1983 क े अति विनण<य की घोषणा की और गाँव में ही भूविम क े क ु छ विह6सों क े विदनांक 02.11.1982 क े विवक्रय विवलेख क े आ ार पर प्रति बीघा 30,000/- रुपये का मुआवVा अति विनणB /विन ा<रिर विकया। प्रत्यर्थिथयों क े विप ा ने मुआवVे को 6वीकार कर लिलया। मूल मालिलकों - प्रत्यर्थिथयों क े विप ा की ओर पर, भूविम अति ग्रहण अति विनयम, 1894 की ारा 18 क े ह अति विनण<य क े लिखलाफ आपलिoयां उठा े हुए एक रेफ े रेन्स(संदभ<) विकया गया। मूल दावेदारों ने प्रति बीघा 60,000 रुपये की Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds दर से मुआवVे का दावा विकया। 04.05.1989 को एक विव[6] ृ विनण<य और आदेश द्वारा, संदभ< न्यायालय ने अन्य संदभr क े साथ उक्त संदभ< को खारिरV कर विदया। पुनर्विवलोकन प्राथ<ना पत्र दायर विकए गए थे Vो वष< 1998 में खारिरV कर विदए गए थे। यह विक वष< 2014/2015 में पुनर्विव)ार आवेदनों क े अ6वीकार विकए Vाने की ारीख से 16 साल की अवति क े बाद, प्रत्यथB ने उच्च न्यायालय क े समक्ष व <मान पहली अपील दायर की और कु छ अन्य प्रथम अपीलों में विनण<य पर अलम्ब लिलया जिVसक े द्वारा मुआवVा प्रति वग< गV 297 रुपये क बढ़ा विदया गया था। आक्षेविप विनण<य और आदेश द्वारा, उच्च न्यायालय ने 16 वष< की देरी को माफ कर विदया है, हालांविक उन्होनें विवलंब की अवति क े दौरान ब्याV से इनकार कर विदया है और मुआवVे की राथिश को 297 रुपये प्रति गV क बढ़ा विदया है। इसलिलए नोएडा की ओर से व <मान अपील की गयी।

3. नोएडा की ओर से पेश विवद्वान अति वक्ता ने Vोरदार रीक े से कहा है विक उच्च न्यायालय ने पुनर्विवलोकन आवेदन क े खारिरV होने की ारीख से 16 साल की अवति क े बाद और संदभ< न्यायालय द्वारा विनण<य की ारीख से 26 साल की अवति क े बाद अपील पर विव)ार करने में व[6] ु ः गल ी की है। 3.[1] यह कहा गया है विक अन्यथा भी, 1982 क े भूविम अति ग्रहण क े संबं में आशा राम (मृ ) द्वारा विवति क प्रति विनति और अन्य बनाम उ.प्र. आवास एवं विवकास परिरषद और एक अन्य, (2022) 2 एससीसी 567 क े मामले में इस न्यायालय क े बाद क े विनण<य को ध्यान में रख े हुए मेरिर[7] पर भी, इस माननीय Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds न्यायालय ने मुआवVे की राथिश को घ7ाकर 120/- रुपये प्रति वग< गV कर विदया है, दावेदार उच्च न्यायालय द्वारा विदए गए 297/- रुपये प्रति वग< गV की दर से मुआवVे क े हकदार नहीं होंगे। 3.[2] यह कहा गया है विक इस प्रकार, उoर प्रदेश आवास एवं विवकास परिरषद (पूव क्त) क े मामले में बाद क े विनण<य में, इस न्यायालय ने नरेंद्र और अन्य बनाम उoर प्रदेश राज्य और अन्य, (2017) 9 एससीसी 4 426 क े मामले में अपने पहले क े विनण<य पर विव)ार विकया, जिVसक े द्वारा इस न्यायालय ने वष< 1988 क े नVदीकी गांवों क े संबं में अति ग्रहण क े लिलए प्रति वग< गV 297 रुपये की दर से मुआवVे की अनुमति दी है। थाविप यह कहा गया है विक वष< 1982 से 1986/1988 क े बी) हुए विवकास को देख े हुए, इस न्यायालय ने उ.प्र. आवास एवं विवकास परिरषद (उपरोक्त) ने दावेदारों की ओर से 297 रुपये प्रति वग< गV देने का मामला 6वीकार नहीं विकया और वष< 1982 में अति ग्रविह भूविम का मुआवVा 120 रुपये प्रति वग< गV विन ा<रिर विकया।

4. व <मान अपील का विवरो कर े हुए, मूल दावेदारों की ओर से पेश विवद्वान अति वक्ता ने Vोरदार रीक े से कहा है विक मामले क े थ्यों और परिरस्ट्रि6थति यों में, उच्च न्यायालय ने यह कह े हुए 16/26 वषr की देरी को माफ करने में कोई गल ी नहीं की है विक दावेदार न्यायसंग मुआवVे क े हकदार हैं। 4.[1] यह कहा गया है विक विनक7व B गांवों क े संबं में, समान अति ग्रहण क े संबं में वष< 2014 में पारिर विनण<य और आदेश द्वारा य विकए गए अन्य भूविम Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds मालिलकों क े मामले को ध्यान में रख े हुए, मुआवVे की राथिश को प्रति वग< गV 297 रुपये क बढ़ा विदया गया था। इसी क े अनुसरण में, व <मान मामले में मुआवVे की राथिश 297 रुपये प्रति वग< गV की दर से दी गई है, जिVसे अनुति) नहीं कहा Vा सक ा और उच्च न्यायालय ने कोई गल ी नहीं की है। 4.[2] मूल दावेदारों की ओर से पेश विवद्वान अति वक्ता ने उच्च न्यायालय क े विनम्नलिललिख विवविनश्चयों पर अत्यति क अवलम्ब लिलया है, जिVसकी इस न्यायालय द्वारा पुविष्ट की गई है, जिVसक े द्वारा मुआवVा 297/- रुपए प्रति वग< गV अव ारिर विकया गया है। सू)ी विववरण मकनपुर गांव में भूविम अति ग्रहण क े विनण<यों की सू)ी क्रम सं. गाँव अति सू)नाओं की ति थिथ और क्षति पूर्ति (प्रति वग< गV) न्यायालय का विनण<य पृष्ठ संख्या 1 मकनपुर, (वैशाली) जिVला गाजिVयाबाद, हसील दादरी 12.09.1986/ 28.02.1987 [297/-] एफ.ए. संख्या 910/2000 वाद: Vीडीए बनाम काशी राम. [विनण<य की ति थी: 13.11.2014]. एसएलपी (सी) संख्या 5815/2015, Vीडीए बनाम काशी राम और अन्य को 15.05.2015 को खारिरV की गयी। 6-26 27-32 Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds पुनर्विवलोकन याति)का(सी) संख्या 2632/2015 06.10.2015 को खारिरV की गई। उप)ारात्मक याति)का(सी) संख्या 94/2016 विदनांक 15.03.2016 को खारिरV कर दी गई। 33-34 35-37 2 मकनपुर, (सेI7र 62, नोएडा) जिVला गौ म बुद्ध नगर, 15.03.1988 [297/-] एफ संख्या 737, नोएडा बनाम सुरेन्द्र सिंसह क े वाद में उच्च न्यायालय द्वारा मकनपुर क े लिलए 135 रू/ की दर से क्षति पूर्ति दे े हुए विदनांक 15.04.2015 क े विनण<य को इस न्यायालय द्वारा दीवानी अपील संख्या 1506-1517/2016, प्रदीप क ु मार बनाम उ.प्र. राज्य (2016) 6 एससीसी 308 क े वाद में विदनांक 16.02.2016 क े विनण<य क े द्वारा अपा6 कर विदया गया था और मुकदमें पर नए जिसरे से विव)ारण क े लिलए प्रति प्रेविष कर विदया गया था। प्रति प्रेषण क े बाद, उच्च न्यायालय ने एफए संख्या 737 में नोएडा बनाम सुरेंद्र सिंसह क े साथ नोएडा की अन्य प्रथम अपीलों को खारिरV कर विदया और विकसानों द्वारा दायर प्रथम अपीलों (एफए संख्या 522/2009 प्रदीप क ु मार बनाम उoर प्रदेश राज्य, मुख्य मामला होने से) को 6वीकार कर लिलया और विदनांक 21.04.2016 क े अंति म विनण<य द्वारा प्रति वग< गV 297 रुपये का मुआवVा प्रदान विकया। इसे अंति म रूप दे विदया 38-95 96-98 99- Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds गया है। [नो7ः इस न्यायालय क े समक्ष सू)ीबद्ध मामलों क े व <मान समूह में, विदनांक 21.04.2016 क े इस फ ै सले क े आ ार पर मुआवVा को 297 रुपये प्रति वग< गV विदया गया है Iयोंविक वे उसी अति सू)ना और उसी गांव (मकनपुर) से संबंति हैं और उसी संदभ< न्यायालय क े आदेश से उत्पन्न हुए हैं।]

3. मकनपुर, (वैशाली) 24.02.1988 [297/- रुपये] इस न्यायालय ने दीवानी अपील संख्या 10429-10430/2017, नरेंद्र बनाम उoर प्रदेश राज्य (2017) 9 एससीसी 426 क े मामले में 297/- रुपए की दर से मुआवVा अति विनणB विकया है। 125-

4. मकनपुर, (इंविदरापुरम) जिVला गाजिVयाबाद, 16.08.1988 [297/ रूपये] इस न्यायालय ने दीवानी अपील संख्या 16960/2017, Vयप्रकाश (डी) बनाम उoर प्रदेश राज्य, (2020) 11 एससीसी 770 में विदनांक 24.11.2017 क े विनण<य द्वारा मुआवVे को बढ़ाकर 297 रुपये (नरेन्द्र क े वाद में अनुसार) कर विदया। 136-

5. मकनपुर, इस माननीय न्यायालय ने दीवानी अपील संख्या 16961/2017, ओम प्रकाश बनाम उoर प्रदेश राज्य में Vय प्रकाश (पूव क्त) क े मामले में विदनांक Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds हसील दादरी 24.10.2017 क े उसी फ ै सले क े ह मुआवVे को बढ़ाकर 297/- रुपये कर विदया।

6. मकनपुर, (वैशाली) 28.02.1987 यह मामला भी उपरोक्त उजि•लिख काशीराम क े विनण<य (पूव क्त) से उत्पन्न हुआ था। काशी राम मामले में फ ै सले क े बाद, प्रथम अपीलों में से एक एफए संख्या 484/2019 गाजिVयाबाद विवकास प्राति करण बनाम वित्रलोक )ंद एवं अन्य क े मामले में एक प्राथ<ना -पत्र सीएमएएन संख्या 194412/2016 दालिखल विकया गया था, इसको भी काशी राम (पूव क्त) क े समूह क े साथ विनणB कर विदया गया जिVसमें 297/- रुपये प्रति वग< गV की दर से विन ा<रिर मुआवVे में से विवकास शुल्क क े रूप में 33 प्रति श क7ौ ी क े रूप में विनणB कर विदया गया था, लेविकन इसे खारिरV कर विदया गया था। एसएलपी (सी) संख्या 12547/2017, गाजिVयाबाद विवकास प्राति करण बनाम वित्रलोक )ंद और अन्य को उक्त खारिरV करने क े लिखलाफ दायर विकया गया था, जिVसमें नोवि7स Vारी कर े समय, विदनांक 28.04.2017 क े आदेश द्वारा, यह विवशेष रूप से दV< विकया गया था विक Vीडीए विवकास प्रभारों क े रूप में 33% की क7ौ ी न होने से व्यथिथ था। 138- 140- Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds थाविप, उक्त एसएलपी को विदनांक 03.08.2017 क े आदेश द्वारा खारिरV कर विदया गया था।

7. मकनपुर, इस न्यायालय ने दीवानी अपील संख्या 9208- 9211/2018, मंगू सिंसह बनाम उoर प्रदेश राज्य क े मामले में विदनांक 10.09.2018 क े फ ै सले क े ह मुआवVा बढ़ाकर 297/- रुपये कर विदया। 142- उपरोक्त दलीलों को रख े हुए और उच्च न्यायालय क े साथ -साथ इस न्यायालय द्वारा पारिर उपरोक्त विनण<यों/आदेशों पर अवलम्ब ले े हुए, यह प्राथ<ना की गयी विक व <मान अपील को खारिरV कर विदया Vाए।

5. हमने संबंति पक्षों की ओर से पेश विवद्वान अति वक्ताओं को विव[6] ार से सुना है। 5.[1] Vहां क अपीलक ा< की ओर से विदए गए इन कr का संबं है विक उच्च न्यायालय ने अपील करने में 16/26 वष< क े विवलंब को माफ करक े त्रुवि7 कारिर की है, मामले क े विवथिशष्ट थ्यों और परिरस्ट्रि6थति यों में और इस थ्य को ध्यान में रख े हुए विक प्रति कर की राथिश को बढ़ाने और अपील को ग्रहण कर े हुए भी, उच्च न्यायालय ने विवलंब की अवति क े लिलए ब्याV से इंकार कर विदया है और दावेदारों क े पक्ष में अपने विववेकाति कार का प्रयोग विकया है, हमें अपील करने में विवलंब को माफ करने क े उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आदेश में ह[6] क्षेप करने का कोई कारण नहीं विदख ा है। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds 5.[2] अब Vहां क अपील क े गुण-दोष और उच्च न्यायालय द्वारा प्रति कर की रकम को 297/- रुपए प्रति वग< गV क बढ़ाने क े आक्षेविप विनण<य और आदेश का संबं है और दावेदारों की ओर से उच्च न्यायालय व इस न्यायालय क े पूव क्त उजि•लिख विवविनश्चयों पर अवलम्ब लेने का संबं है, प्रारंभ में यह ध्यान विदया Vाना आवश्यक है विक व <मान मामले में, अति ग्रहण वष< 1982 का है और अन्य सभी मामलों में अति ग्रहण वष< 1986/88 का है।उन सभी मामलों में, Vहां मुआवVे की राथिश 297 रुपये प्रति वग< गV की दर से विन ा<रिर की गई है, अति ग्रहण वष< 1986/1988 क े हैं, Vो नोएडा/गाजिVयाबाद क े विवकास क े लिलए अति ग्रविह मकनपुर गांव और आसपास क े अन्य गांवों क े संबं में है। नरेंद्र और अन्य (पूव क्त) क े मामले में, इस न्यायालय ने मकनपुर गांव में अति ग्रही भूविम और उसी परिरयोVना क े लिलए आसपास क े अन्य गांवों में अति ग्रविह भूविम क े संबं में मुआवVे की राथिश को 297 रुपये प्रति वग< गV क बढ़ा विदया था, लेविकन वह वष< 1986/1988 क े अति ग्रहण क े संबं में था। थाविप, बाद में उoर प्रदेश आवास एवं विवकास परिरषद (पूव क्त) क े मामले में और वष< 1982 क े अति ग्रहण क े संबं में ग्राम मकनपुर और ग्राम प्रह्लादगढ़, ग्राम झंडापुर, ग्राम साविहबाबाद, ग्राम अथ<ला में स्ट्रि6थ आसपास क े अन्य गांवों क े संबं में, नरेन्द्र और अन्य (पूव क्त) क े मामले में इस न्यायालय क े विनण<य पर विव)ार करने क े बाद, इस न्यायालय ने 120 रुपये प्रति वग< गV का मुआवVा विन ा<रिर विकया है। उपरोक्त विनण<य में, नरेंद्र और अन्य (पूव क्त) क े मामले में Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds विदए गए 297 रुपये प्रति वग< गV क े दावे को 6वीकार करने से इनकार कर े हुए, Vो 1988 क े अति ग्रहण क े संबं में था, इस न्यायालय ने कहा है विक 5 साल बाद की अति सू)ना क े आ ार पर विन ा<रिर मुआवVा, उस भूविम क े लिलए मुआवVा विन ा<रिर करने का पैमाना नहीं हो सक ा है Vो पां) साल पहले अति ग्रविह की गई है। इस न्यायालय ने इस थ्य का भी संज्ञान लिलया है विक वष< 1982 और 1987/1988 क े बी), विवकास गति विवति यां शुरू की गई थीं। उoर प्रदेश आवास एवं विवकास परिरषद (पूव क्त) क े मामले में इस न्यायालय द्वारा प्रति पाविद विवति को व <मान मामले में लागू कर े हुए, दावेदार व <मान मामले में अति ग्रहण की ारीख से 5 साल क े बाद अति ग्रही भूविम क े संबं में अति विनणB उसी मुआवVे क े हकदार नहीं होंगे। Vैसा विक ऊपर कहा गया है, व <मान मामले में, ारा 4 की अति सू)ना 22.11.1982 को Vारी की गई थी और ग्राम मकनपुर व अन्य गांवों क े संबं में अवलम्ब लिलए गए विनण<य वष< 1986/88 क े हैं, Vो, Vैसा विक इस न्यायालय द्वारा उoर प्रदेश आवास एवं विवकास परिरषद (पूव क्त) क े मामले में पूव क्त विनण<य में पाया गया था, आ ार नहीं हो सक ा है। उपरोक्त परिरस्ट्रि6थति यों में, 297/- रुपए प्रति वग< गV की दर से मुआवVा देने का उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आक्षेविप विनण<य और आदेश पोषणीय नहीं है और यह अथिभविन ा<रिर विकया Vा ा है विक मूल दावेदार 120/- रुपए प्रति वग< गV की दर से मुआवVा पाने क े हकदार होंगे। Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds

6. उपरोक्त को ध्यान में रख े हुए और ऊपर ब ाए गए कारण से, व <मान अपील भाग ः सफल हो ी है। उच्च न्यायालय द्वारा पारिर आक्षेविप विनण<य और आदेश को ए द्द्वारा संशोति विकया Vा ा है। यह आदेश और विनदˆश विदया Vा ा है विक मूल दावेदार भूविम अति ग्रहण अति विनयम, 1894 क े प्राव ानों क े ह अनुम अन्य सभी वै ाविनक लाभों और ब्याV क े साथ 120 रुपये प्रति वग< गV की दर से मुआवVे क े हकदार होंगे। थाविप, दावेदार उच्च न्यायालय क े समक्ष अपील करने में विवलंब की अवति क े लिलए, अथा< पुनर्विवलोकन क े खारिरV होने की ति थी से उच्च न्यायालय क े समक्ष प्रथम अपील दायर करने क की अवति क े लिलए, मुआवVे की बढ़ी हुई राथिश पर अति विनयम, 1894 क े ह ब्याV सविह सांविवति क लाभों क े हकदार नहीं होंगे। दनुसार, व <मान अपील को पूव क्त सीमा क अनुमति प्रदान की Vा ी है। लाग क े लिलए कोई आदेश नहीं होगा। ………………………….. (न्यायमूर्ति एम. आर. शाह) ………………………….. (न्यायमूर्ति विहमा कोहली) Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds नई विद•ी; 15 विदसंबर, 2022. Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU; mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd ekuk tk;sxk rFkk fu"iknu vkSj fdz;kUo;u ds