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Supreme Court of India · 20 Jan 2023 · 2023 INSC 73
M. R. Shah; C. T. Ravikumar
Civil Appeal No. 3466 of 2015
property appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court held that possession and compensation under the 1894 Land Acquisition Act prior to the 2013 Act's enforcement remain valid, allowing the appeal and setting aside the High Court order.

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प्र�तवे
भाररीे स��च् नेाेााे
�स��ा अपीा�े अ�धका�ररा
�स��ा अपीा सं 395 / 2023
( @ ��.अ.ेा. (�स) सं. 1586 / 2023)
�दला� ��कास पा�धकरक
( @डाेर� सं 32640 / 2022 ) ... अपीााथ�(गक)
बनाम
नतम ्ंद शमार � अने ... प्ेथ�(गक)
्नकरे
JUDGMENT

1. नई �दल्ल िस् �दल्ल उच् न्य्य्् द्याय �ाट ्य�्कय (�स) सं. 3466/2015 म� पय�ा् आ�े�प् �नणर् ए्ं आदेश से असं्ुषट ्सय व्�स् महसूस काने पा, जसक े द्याय उच् न्य्य्् ने इसम� मू् �ाट ्य्ीगण-प््स्गण द्याय पेश क� गई क�स् �ाट ्य�्कय को अनुम�् पदयन क� है ्सय घोषणय क� है �क भू�म अ�धगहण अ�ध�न्म, 1894 ( जसे इसम� इसक े बयद 'अ�ध�न्म, एम. आर. शाह, नेा. 2023 INSC 73 1894' से संद�भर् �क्य ग्य है) क े अं्गर् शुर क� गई अ�धगहण कय्र्यहल को प्नग् भू�म क े संबंध म� भू�म अजरन, पुन्यरसन औा पुनव्र्िसयपन म� उ�्् प�्का औा पयाद�शर्य कय अ�धकया अ�ध�न्म 2013 ( जसे इसम� इसक े बयद अ�ध�न्म, 2013 क े रप म� संद�भर् �क्य ग्य है) क� धयाय 24(2) क े ्ह् व्पग् मयनय जयएगय, �दल्ल �्कयस पय�धकाण ने ््रमयन अपी् दय्ा क� है।

2. हमने संबं�ध् प�कया� क� ओा से उप िस् �्द्यन अ�ध्क्य को �्ि्या से सुनय है ्सय उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ए्ं आदेश कय अ््ोकन �क्य है। 2.[1] उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ए्ं आदेश से ऐसय प्ी् हो्य है �क ्द्�प उच् न्य्य्् ने अपी्यस् ्सय ायष्ल् ायजधयनी �ेत �दल्ल साकया क े मयम्े पा �्््यस �क्य है औा ऐसय मयनय है �क प्नग् भू�म कय कबजय ्े �््य ग्य सय, �फा भी, उच् न्य्य्् ने �ाट ्य�्कय क� अनुम�् दल है औा घोषणय क� है �क प्नग् भू�म क े संबंध म� अजरन को क े ्् इस आधया पा व्पग् समझय ग्य है �क प�्का कय भुग्यन �क्नय �क्य ग्य सय औा ्�द हयं, ्ो �कसने �््यद �क्य औा क्य अ�ध�न्म, 1894 क� धयाय 30 ् 31 क े पय्धयन� कय मौजूदय प�र्य क े अनुसया पय्न �क्य ग्य सय। आ�े�प् �नणर् ् आदेश पय�ा् का्े सम्, उच् न्य्य्् ने पुकत नगरपा�ाका ्नगम � अने बनाम हरक्ंद �म�स�रमा सोांक� � अने, (2014) 3 एस. सी. सी. 183 क े मयम्े म� इस न्य्य्् क े पह्े क े �नणर् पा बहु् भाोसय ज्य्य है। हय्यँ�क, इस पा ध्यन �दए जयने क� आ्््क्य है �क पुकत नगरपा�ाका ्नगम � अने (पू��कर) क े इस मयम्े म� इस न्य्य्् क े �नणर् को बयद म� इंदौर ��कास पा�धकरक बनाम मनोहरााा � अने, (2020) 8 एससीसी 129 क े मयम्े म� इसी न्य्य्् क� सं�्धयन पीी द्याय पय�ा् �नणर् म� प्ट �द्य ग्य सय। 2.[2] उप्ुरक् क े अ�्�ाक्, इंदौर ��कास पा�धकरक (पू��कर) क े मयम्े म� भी, इस न्य्य्् क� सं�्धयन पीी ने ्ह म् व्क् �क्य है औा अ�भ�नधयर�ा् �क्य है �क अ�ध�न्म, 2013 क� धयाय 24(2) क े पय्धयन� को ्यगू काने क े �्ए, कबजय न ्ेने ्सय मुआ्जे कय देनय/भुग्यन न काने क� दोहाल श्� को पूणर �क्य जयनय है औा ्�द कोई एक श्र पूाल नहलं हो्ी है, ्ो अ�धगहण व्पग् नहलं समझय जयएगय। ््रमयन मयम्े म�, जैसय �क इसम� ऊपा उल्ेे �क्य ग्य है, प्नग् भू�म कय कबजय �््य ग्य औा पयांभ म� �दनयंक 27.12.1990 को ्यभयस् �्भयग को स�प �द्य ग्य औा उसक े बयद शेष 1 बीघय को �््य ग्य ्सय �दनयंक 09.02.2007 को ्यभयस् �्भयग को स�प �द्य ग्य। इंदौर ��कास पा�धकरक (पू��कर) मयम्े म�, इस न्य्य्् क� सं�्धयन पीी ने अनुछेद 365 औा 366 म� �नमन�्ले् �टपपणी औा अ�भ�नधयर�ा् �क्य हैः “365. प�ाणयम्ः, पुणे नगा �नगम [पुणे नगा �नगम बनयम हाक्ंद �म�स�ाम् सो्ंक�, (2014) 3 एससीसी 183] म� �दए गए �नणर् को ए्द द्याय प्ट �द्य जय्य है ्सय अन् सभी �नणर्, जनम� पुणे नगा �नगम [पुणे नगा �नगम बनयम हाक्ंद �म�स�ाम् सो्ंक�, (2014) 3 एससीसी 183] कय अनुसाण �क्य ग्य है, को भी प्ट �द्य जय्य है। शी बय्यजी नगा आ्यसी् संगीन [शी बय्यजी नगा आ्यसी् संगीन बनयम ्�म् नयडु ायज्, (2015) 3 एस. सी. सी. 353] क े �नणर् ्य्े मयम्े म� ्ह नहलं कहय जय सक्य �क ्ह �नणर् अचछछ �्�ध अ�धक�स् का ाहय है, उसे उ्ट �द्य ग्य है औा इसकय अनुसाण का्े अन् �नणर् भी प्टे जय्े ह�। इंदौा �्कयस पय�धकाण बनयम शै्ेन् [(2018) 3 एससीसी 412] क े मयम्े म�, धयाय 24(2) क े पां्ुक क े संबंध क े पह्ू म� औा क्य '्य' को “न ्ो” क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए अस्य '्य' 'क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए को �््या क े �्ए नहलं ाेय ग्य सय। इस�्ए, ्ह �नणर् भी ््रमयन �नणर् म� ््यर क े आ्ोक म� मयन् नहलं हो सक्य है।

366. उप्ुरक् ््यर को ध्यन म� ाे्े हुए, हम प्न� कय �नमन�्ले् उ�ा दे्े ह�: 366.[1] धयाय 24(1)(क) क े पय्धयन� क े अं्गर् ्�द 2013 क े अ�ध�न्म क े ्यगू होने क� ्याले 1-1-2014 को पं्यट नहलं �द्य जय्य है ्ो कय्र्यहल म� कोई व्पगमन नहलं होगय। मुआ्जे कय �नधयराण 2013 क े पय्धयन� क े ्ह् �क्य जयनय होगय। 366.[2] ्�द पं्यट न्य्य्् क े अं्�ाम आदेश क े दय्ाे म� आने ्य्ल अ्�ध को छोड़का पयं् सय् क� अ्�ध क े भी्ा पय�ा् �क्य ग्य है, ्ो 1894 अ�ध�न्म क े ्ह् 2013 अ�ध�न्म क� धयाय 24(1)(े) क े ्ह् कय्र्यहल जयाल ाहेगी ऐसय मयन्े हुए �क इसे �नाि् नहलं �क्य ग्य हो।

366.3. धयाय 24(2) म� कबजे औा मुआ्जे क े बी् उप्ोग �कए गए "्य" शबद को "न हल" क े रप म� अस्य "औा" क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए। ्षर 2013 क े अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) क े ्ह् भू�म अ�धगहण क� कयार्यई कय समझय ग्य व्पगमन उस िस�् म� हो्य है, जब उक् अ�ध�न्म क े ्यगू होने से पह्े पयं् ्षर ्य उससे अ�धक सम् ्क अ�धकय�ा्� क� �न षर््य क े कयाण भू�म कय कबजय नहलं �््य ग्य हो औा न हल मुआ्जय �द्य ग्य हो। दूसाे शबद� म�, ्�द कबजय ्े �््य ग्य है, मुआ्जय नहलं �द्य ग्य है ्ो कोई व्पगमन नहलं हो्य है। इसी ्ाह, अगा मुआ्जय �द्य ग्य है, कबजय नहलं �््य ग्य है ्ो कोई व्पगमन नहलं हो्य है।

366.4. 2013 अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) क े मुख् भयग म� "भुग्यन" शबद म� न्य्य्् म� मुआ्जे को जमय कानय शय�म् नहलं है। धयाय 24(2) क े पां्ुक म� जमय नहलं काने क े प�ाणयम कय पय्धयन है, ्�द अ�धकयंश भू�म जो्� क े संबंध म� इसे जमय नहलं �क्य ग्य है ्ो 1894 अ�ध�न्म क� धयाय 4 क े ्ह् भू�म अ�धगहण क े �्ए अ�धसू्नय क� ्याले ्क सभी ्यभयस् (भू�म मय�्क) 2013 अ�ध�न्म क े पय्धयन� क े अनुसया मुआ्जे क े हकदया ह�गे। ्�द भू�म अ�धगहण अ�ध�न्म, 1894 क� धयाय 31 क े ्ह् बयध््य पूाल नहलं क� गई है, ्ो उक् अ�ध�न्म क� धयाय 34 क े ्ह् ब्यज �द्य जय सक्य है। मुआ्जय जमय न काने (न्य्य्् म�) क े प�ाणयमि्रप भू�म अ�धगहण क� कय्र्यहल कय व्पगमन नहलं हो्य है। पयं् ्षर ्य उससे अ�धक अ्�ध क े �्ए अ�धकयंश जो् क े संबंध म� जमय न काने क� िस�् म�, 1894 अ�ध�न्म क� धयाय 4 क े ्ह् भू�म अ�धगहण क े �्ए अ�धसू्नय क� ्याले ्क "भूि्य�म्�" को 2013 अ�ध�न्म क े ्ह् मुआ्जे कय भुग्यन �क्य जयए।

366.5. ्�द �कसी व् क् को 1894 अ�ध�न्म क� धयाय 31(1) क े पय्धयन क े अनुसया मुआ्जय �द्य ग्य है, ्ो ्ह ्ह दय्य काने क े �्ए ि््ंत नहलं है �क मुआ्जे कय भुग्यन न काने ्य न्य्य्् म� मुआ्जय जमय न काने क े कयाण धयाय 24(2) क े ्ह् अ�धगहण कय व्पगमन हो ग्य है। भुग्यन काने क� बयध््य धयाय 31(1) क े ्ह् ाय�श को पदयन काक े पूाल हो जय्ी है। जन भू-ि्य�म्� ने मुआ्जय ्ेने से इनकया का �द्य सय ्य जनह�ने अ�धक मुआ्जे क े �्ए �सफय�ाश �कए क� मयंग क� सी, ्े ्ह दय्य नहलं का सक्े �क 2013 क े अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) क े ्ह् अ�धगहण क� प�र्य कय व्पगमन हो ग्य सय।

366.6. 2013 अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) क े पान्ुक को धयाय 24(2) क े भयग क े रप म� मयनय जयनय है, धयाय 24(1)(े) कय भयग नहलं।

366.7. 1894 अ�ध�न्म क े ्ह् औा जैसय �क धयाय 24(2) क े ्ह् पि्य�्् है, कबजय ्ेने कय ्ालकय जयं् �ापोटर/�यपन पि्ु् काने क े द्याय है। एक बया 1894 क े अ�ध�न्म क� धयाय 16 क े ्ह् कबजय ्ेने पा अ�ध�नणर् पय�ा् हो जयने क े बयद, भू�म ायज् म� �न�ह् हो जय्ी है, 2013 अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) क े ्ह् कोई �न�न�हर्ीकाण कय पय्धयन नहलं है, क्��क एक बया कबजय ्ेने क े बयद धयाय 24(2) क े ्ह् कोई व्पगमन नहलं है।

366.8. कय्र्य�ह्� क े समझे गए व्पगमन को पि्य�्् काने ्य्े धयाय 24(2) क े पय्धयन उस िस�् म� ्यगू हो्े ह� जब �दनयंक 1-1-2014 ्क संबं�ध् पय�धकयाल क े पयस भू�म अ�धगहण हे्ु ्ंलब् एक कय्र्यहल म� पय�धकयालगण अपनी �न षर््य क े कयाण 2013 क े ्यगू होने से पू्र पयं् सय् ्य उससे अ�धक सम् ्क कबजय ्ेने औा मुआ्जे कय भुग्यन काने म� �्फ् ाहे ह�। न्य्य्् द्याय पय�ा् अं्�ाम आदेश� क े अ ि््् क� अ्�ध को पयं् ्षर क� गणनय म� न जोड़य जयए।

366.9. 2013 अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) भू�म अ�धगहण क� पूणर हो ्ुक� कय्र्यहल क� ्ैध्य पा स्य् उीयने क े �्ए नए ्यद हे्ुक को जनम नहलं दे्ी है। धयाय 24, 2013 अ�ध�न्म क े ्यगू होने क� �्�स असयर् 1-1- 2014 को ्ंलब् �कसी कय्र्यहल क े �्ए ्यगू हो्ी है। ्ह न ्ो पुायने औा सम्बदध दय्� को पुनज्�्् का्ी है औा न हल पूणर हो ्ुक� कय्र्यहल को �फा से शुर का्ी है औा न हल भू�म मय�्क� को अ�धगहण को अ्ैध घो�ष् काने क े �्ए अदय्् क े बजय् ्ेजाल म� मुआ्जे को जमय काने क े ्ालक े क� ्ैध्य पा स्य् उीयने क� अनुम�् दे्ी है।

3. इस न्य्य्् क� सं�्धयन पीी द्याय इंदौर ��कास पा�धकरक (पू��कर) मयम्े म� अ�धक�स् �्�ध को ्यगू का्े हुए, उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ् आदेश पोषणी् नहलं है ्सय इसे ादद ् अपयि् �क्य जयनय ्य�हए औा इसे ्दनुसया ादद ् अपयि् �क्य जय्य है। ्दनुसया ््रमयन अपी् ि्ीकक ् क� जय्ी है। कोई जुमयरनय नहलं। ्ंलब् आ्ेदन�, ्�द कोई हो, कय भी �नपटयन �क्य जय्य है।.............................न्य. [ एम. आर. शाह ].............................न्य. [ सी. ट�. र��क ु मार ] नई �दल्ल; 20 जन्ाल, 2023. Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अि्ीकाण: देशी भयषय म� �नणर् कय अनु्यद मुकददमेबयब क े सी�म् प्ोग हे्ु �क्य ग्य है ्य�क ्ो अपनी भयषय म� इसे समझ सक � ए्ं ्ह �कसी अन् प्ोजन हे्ु प्ोग नहलं �क्य जयएगय| समि् कय्यर््ी ए्ं व्य्हय�ाक प्ोजन� हे्ु �नणर् कय अंगेबी ि्रप हल अ�भपमयलण् मयनय जयएगय औा कय्यरन््न ्सय ्यगू �कए जयने हे्ु उसे हल ्ाल््य दल जयएगी।