Full Text
भाररीे स��च् नेाेााे
�स��ा अपीा�े अ�धका�ररा
�स��ा अपीा सं 395 / 2023
( @ ��.अ.ेा. (�स) सं. 1586 / 2023)
�दला� ��कास पा�धकरक
( @डाेर� सं 32640 / 2022 ) ... अपीााथ�(गक)
बनाम
नतम ्ंद शमार � अने ... प्ेथ�(गक)
्नकरे
JUDGMENT
1. नई �दल्ल िस् �दल्ल उच् न्य्य्् द्याय �ाट ्य�्कय (�स) सं. 3466/2015 म� पय�ा् आ�े�प् �नणर् ए्ं आदेश से असं्ुषट ्सय व्�स् महसूस काने पा, जसक े द्याय उच् न्य्य्् ने इसम� मू् �ाट ्य्ीगण-प््स्गण द्याय पेश क� गई क�स् �ाट ्य�्कय को अनुम�् पदयन क� है ्सय घोषणय क� है �क भू�म अ�धगहण अ�ध�न्म, 1894 ( जसे इसम� इसक े बयद 'अ�ध�न्म, एम. आर. शाह, नेा. 2023 INSC 73 1894' से संद�भर् �क्य ग्य है) क े अं्गर् शुर क� गई अ�धगहण कय्र्यहल को प्नग् भू�म क े संबंध म� भू�म अजरन, पुन्यरसन औा पुनव्र्िसयपन म� उ�्् प�्का औा पयाद�शर्य कय अ�धकया अ�ध�न्म 2013 ( जसे इसम� इसक े बयद अ�ध�न्म, 2013 क े रप म� संद�भर् �क्य ग्य है) क� धयाय 24(2) क े ्ह् व्पग् मयनय जयएगय, �दल्ल �्कयस पय�धकाण ने ््रमयन अपी् दय्ा क� है।
2. हमने संबं�ध् प�कया� क� ओा से उप िस् �्द्यन अ�ध्क्य को �्ि्या से सुनय है ्सय उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ए्ं आदेश कय अ््ोकन �क्य है। 2.[1] उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ए्ं आदेश से ऐसय प्ी् हो्य है �क ्द्�प उच् न्य्य्् ने अपी्यस् ्सय ायष्ल् ायजधयनी �ेत �दल्ल साकया क े मयम्े पा �्््यस �क्य है औा ऐसय मयनय है �क प्नग् भू�म कय कबजय ्े �््य ग्य सय, �फा भी, उच् न्य्य्् ने �ाट ्य�्कय क� अनुम�् दल है औा घोषणय क� है �क प्नग् भू�म क े संबंध म� अजरन को क े ्् इस आधया पा व्पग् समझय ग्य है �क प�्का कय भुग्यन �क्नय �क्य ग्य सय औा ्�द हयं, ्ो �कसने �््यद �क्य औा क्य अ�ध�न्म, 1894 क� धयाय 30 ् 31 क े पय्धयन� कय मौजूदय प�र्य क े अनुसया पय्न �क्य ग्य सय। आ�े�प् �नणर् ् आदेश पय�ा् का्े सम्, उच् न्य्य्् ने पुकत नगरपा�ाका ्नगम � अने बनाम हरक्ंद �म�स�रमा सोांक� � अने, (2014) 3 एस. सी. सी. 183 क े मयम्े म� इस न्य्य्् क े पह्े क े �नणर् पा बहु् भाोसय ज्य्य है। हय्यँ�क, इस पा ध्यन �दए जयने क� आ्््क्य है �क पुकत नगरपा�ाका ्नगम � अने (पू��कर) क े इस मयम्े म� इस न्य्य्् क े �नणर् को बयद म� इंदौर ��कास पा�धकरक बनाम मनोहरााा � अने, (2020) 8 एससीसी 129 क े मयम्े म� इसी न्य्य्् क� सं�्धयन पीी द्याय पय�ा् �नणर् म� प्ट �द्य ग्य सय। 2.[2] उप्ुरक् क े अ�्�ाक्, इंदौर ��कास पा�धकरक (पू��कर) क े मयम्े म� भी, इस न्य्य्् क� सं�्धयन पीी ने ्ह म् व्क् �क्य है औा अ�भ�नधयर�ा् �क्य है �क अ�ध�न्म, 2013 क� धयाय 24(2) क े पय्धयन� को ्यगू काने क े �्ए, कबजय न ्ेने ्सय मुआ्जे कय देनय/भुग्यन न काने क� दोहाल श्� को पूणर �क्य जयनय है औा ्�द कोई एक श्र पूाल नहलं हो्ी है, ्ो अ�धगहण व्पग् नहलं समझय जयएगय। ््रमयन मयम्े म�, जैसय �क इसम� ऊपा उल्ेे �क्य ग्य है, प्नग् भू�म कय कबजय �््य ग्य औा पयांभ म� �दनयंक 27.12.1990 को ्यभयस् �्भयग को स�प �द्य ग्य औा उसक े बयद शेष 1 बीघय को �््य ग्य ्सय �दनयंक 09.02.2007 को ्यभयस् �्भयग को स�प �द्य ग्य। इंदौर ��कास पा�धकरक (पू��कर) मयम्े म�, इस न्य्य्् क� सं�्धयन पीी ने अनुछेद 365 औा 366 म� �नमन�्ले् �टपपणी औा अ�भ�नधयर�ा् �क्य हैः “365. प�ाणयम्ः, पुणे नगा �नगम [पुणे नगा �नगम बनयम हाक्ंद �म�स�ाम् सो्ंक�, (2014) 3 एससीसी 183] म� �दए गए �नणर् को ए्द द्याय प्ट �द्य जय्य है ्सय अन् सभी �नणर्, जनम� पुणे नगा �नगम [पुणे नगा �नगम बनयम हाक्ंद �म�स�ाम् सो्ंक�, (2014) 3 एससीसी 183] कय अनुसाण �क्य ग्य है, को भी प्ट �द्य जय्य है। शी बय्यजी नगा आ्यसी् संगीन [शी बय्यजी नगा आ्यसी् संगीन बनयम ्�म् नयडु ायज्, (2015) 3 एस. सी. सी. 353] क े �नणर् ्य्े मयम्े म� ्ह नहलं कहय जय सक्य �क ्ह �नणर् अचछछ �्�ध अ�धक�स् का ाहय है, उसे उ्ट �द्य ग्य है औा इसकय अनुसाण का्े अन् �नणर् भी प्टे जय्े ह�। इंदौा �्कयस पय�धकाण बनयम शै्ेन् [(2018) 3 एससीसी 412] क े मयम्े म�, धयाय 24(2) क े पां्ुक क े संबंध क े पह्ू म� औा क्य '्य' को “न ्ो” क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए अस्य '्य' 'क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए को �््या क े �्ए नहलं ाेय ग्य सय। इस�्ए, ्ह �नणर् भी ््रमयन �नणर् म� ््यर क े आ्ोक म� मयन् नहलं हो सक्य है।
366. उप्ुरक् ््यर को ध्यन म� ाे्े हुए, हम प्न� कय �नमन�्ले् उ�ा दे्े ह�: 366.[1] धयाय 24(1)(क) क े पय्धयन� क े अं्गर् ्�द 2013 क े अ�ध�न्म क े ्यगू होने क� ्याले 1-1-2014 को पं्यट नहलं �द्य जय्य है ्ो कय्र्यहल म� कोई व्पगमन नहलं होगय। मुआ्जे कय �नधयराण 2013 क े पय्धयन� क े ्ह् �क्य जयनय होगय। 366.[2] ्�द पं्यट न्य्य्् क े अं्�ाम आदेश क े दय्ाे म� आने ्य्ल अ्�ध को छोड़का पयं् सय् क� अ्�ध क े भी्ा पय�ा् �क्य ग्य है, ्ो 1894 अ�ध�न्म क े ्ह् 2013 अ�ध�न्म क� धयाय 24(1)(े) क े ्ह् कय्र्यहल जयाल ाहेगी ऐसय मयन्े हुए �क इसे �नाि् नहलं �क्य ग्य हो।
366.3. धयाय 24(2) म� कबजे औा मुआ्जे क े बी् उप्ोग �कए गए "्य" शबद को "न हल" क े रप म� अस्य "औा" क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए। ्षर 2013 क े अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) क े ्ह् भू�म अ�धगहण क� कयार्यई कय समझय ग्य व्पगमन उस िस�् म� हो्य है, जब उक् अ�ध�न्म क े ्यगू होने से पह्े पयं् ्षर ्य उससे अ�धक सम् ्क अ�धकय�ा्� क� �न षर््य क े कयाण भू�म कय कबजय नहलं �््य ग्य हो औा न हल मुआ्जय �द्य ग्य हो। दूसाे शबद� म�, ्�द कबजय ्े �््य ग्य है, मुआ्जय नहलं �द्य ग्य है ्ो कोई व्पगमन नहलं हो्य है। इसी ्ाह, अगा मुआ्जय �द्य ग्य है, कबजय नहलं �््य ग्य है ्ो कोई व्पगमन नहलं हो्य है।
366.4. 2013 अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) क े मुख् भयग म� "भुग्यन" शबद म� न्य्य्् म� मुआ्जे को जमय कानय शय�म् नहलं है। धयाय 24(2) क े पां्ुक म� जमय नहलं काने क े प�ाणयम कय पय्धयन है, ्�द अ�धकयंश भू�म जो्� क े संबंध म� इसे जमय नहलं �क्य ग्य है ्ो 1894 अ�ध�न्म क� धयाय 4 क े ्ह् भू�म अ�धगहण क े �्ए अ�धसू्नय क� ्याले ्क सभी ्यभयस् (भू�म मय�्क) 2013 अ�ध�न्म क े पय्धयन� क े अनुसया मुआ्जे क े हकदया ह�गे। ्�द भू�म अ�धगहण अ�ध�न्म, 1894 क� धयाय 31 क े ्ह् बयध््य पूाल नहलं क� गई है, ्ो उक् अ�ध�न्म क� धयाय 34 क े ्ह् ब्यज �द्य जय सक्य है। मुआ्जय जमय न काने (न्य्य्् म�) क े प�ाणयमि्रप भू�म अ�धगहण क� कय्र्यहल कय व्पगमन नहलं हो्य है। पयं् ्षर ्य उससे अ�धक अ्�ध क े �्ए अ�धकयंश जो् क े संबंध म� जमय न काने क� िस�् म�, 1894 अ�ध�न्म क� धयाय 4 क े ्ह् भू�म अ�धगहण क े �्ए अ�धसू्नय क� ्याले ्क "भूि्य�म्�" को 2013 अ�ध�न्म क े ्ह् मुआ्जे कय भुग्यन �क्य जयए।
366.5. ्�द �कसी व् क् को 1894 अ�ध�न्म क� धयाय 31(1) क े पय्धयन क े अनुसया मुआ्जय �द्य ग्य है, ्ो ्ह ्ह दय्य काने क े �्ए ि््ंत नहलं है �क मुआ्जे कय भुग्यन न काने ्य न्य्य्् म� मुआ्जय जमय न काने क े कयाण धयाय 24(2) क े ्ह् अ�धगहण कय व्पगमन हो ग्य है। भुग्यन काने क� बयध््य धयाय 31(1) क े ्ह् ाय�श को पदयन काक े पूाल हो जय्ी है। जन भू-ि्य�म्� ने मुआ्जय ्ेने से इनकया का �द्य सय ्य जनह�ने अ�धक मुआ्जे क े �्ए �सफय�ाश �कए क� मयंग क� सी, ्े ्ह दय्य नहलं का सक्े �क 2013 क े अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) क े ्ह् अ�धगहण क� प�र्य कय व्पगमन हो ग्य सय।
366.6. 2013 अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) क े पान्ुक को धयाय 24(2) क े भयग क े रप म� मयनय जयनय है, धयाय 24(1)(े) कय भयग नहलं।
366.7. 1894 अ�ध�न्म क े ्ह् औा जैसय �क धयाय 24(2) क े ्ह् पि्य�्् है, कबजय ्ेने कय ्ालकय जयं् �ापोटर/�यपन पि्ु् काने क े द्याय है। एक बया 1894 क े अ�ध�न्म क� धयाय 16 क े ्ह् कबजय ्ेने पा अ�ध�नणर् पय�ा् हो जयने क े बयद, भू�म ायज् म� �न�ह् हो जय्ी है, 2013 अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) क े ्ह् कोई �न�न�हर्ीकाण कय पय्धयन नहलं है, क्��क एक बया कबजय ्ेने क े बयद धयाय 24(2) क े ्ह् कोई व्पगमन नहलं है।
366.8. कय्र्य�ह्� क े समझे गए व्पगमन को पि्य�्् काने ्य्े धयाय 24(2) क े पय्धयन उस िस�् म� ्यगू हो्े ह� जब �दनयंक 1-1-2014 ्क संबं�ध् पय�धकयाल क े पयस भू�म अ�धगहण हे्ु ्ंलब् एक कय्र्यहल म� पय�धकयालगण अपनी �न षर््य क े कयाण 2013 क े ्यगू होने से पू्र पयं् सय् ्य उससे अ�धक सम् ्क कबजय ्ेने औा मुआ्जे कय भुग्यन काने म� �्फ् ाहे ह�। न्य्य्् द्याय पय�ा् अं्�ाम आदेश� क े अ ि््् क� अ्�ध को पयं् ्षर क� गणनय म� न जोड़य जयए।
366.9. 2013 अ�ध�न्म क� धयाय 24(2) भू�म अ�धगहण क� पूणर हो ्ुक� कय्र्यहल क� ्ैध्य पा स्य् उीयने क े �्ए नए ्यद हे्ुक को जनम नहलं दे्ी है। धयाय 24, 2013 अ�ध�न्म क े ्यगू होने क� �्�स असयर् 1-1- 2014 को ्ंलब् �कसी कय्र्यहल क े �्ए ्यगू हो्ी है। ्ह न ्ो पुायने औा सम्बदध दय्� को पुनज्�्् का्ी है औा न हल पूणर हो ्ुक� कय्र्यहल को �फा से शुर का्ी है औा न हल भू�म मय�्क� को अ�धगहण को अ्ैध घो�ष् काने क े �्ए अदय्् क े बजय् ्ेजाल म� मुआ्जे को जमय काने क े ्ालक े क� ्ैध्य पा स्य् उीयने क� अनुम�् दे्ी है।
3. इस न्य्य्् क� सं�्धयन पीी द्याय इंदौर ��कास पा�धकरक (पू��कर) मयम्े म� अ�धक�स् �्�ध को ्यगू का्े हुए, उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ् आदेश पोषणी् नहलं है ्सय इसे ादद ् अपयि् �क्य जयनय ्य�हए औा इसे ्दनुसया ादद ् अपयि् �क्य जय्य है। ्दनुसया ््रमयन अपी् ि्ीकक ् क� जय्ी है। कोई जुमयरनय नहलं। ्ंलब् आ्ेदन�, ्�द कोई हो, कय भी �नपटयन �क्य जय्य है।.............................न्य. [ एम. आर. शाह ].............................न्य. [ सी. ट�. र��क ु मार ] नई �दल्ल; 20 जन्ाल, 2023. Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अि्ीकाण: देशी भयषय म� �नणर् कय अनु्यद मुकददमेबयब क े सी�म् प्ोग हे्ु �क्य ग्य है ्य�क ्ो अपनी भयषय म� इसे समझ सक � ए्ं ्ह �कसी अन् प्ोजन हे्ु प्ोग नहलं �क्य जयएगय| समि् कय्यर््ी ए्ं व्य्हय�ाक प्ोजन� हे्ु �नणर् कय अंगेबी ि्रप हल अ�भपमयलण् मयनय जयएगय औा कय्यरन््न ्सय ्यगू �कए जयने हे्ु उसे हल ्ाल््य दल जयएगी।