Pune Municipal Corporation v. Harak Singh Misra & Ors.

Supreme Court of India · 20 Jan 2023 · 2023 INSC 72
M. R. Shah; C. T. Ravikumar
Appeal No. 379/2023 @ SLP (Crl) No. 1349/2023
(2014) 3 SCC 183
administrative appeal_allowed Significant

AI Summary

The Supreme Court clarified that possession under Section 24(2) of the Motor Vehicles Act, 2013 means custody, upheld the transitional provisions preserving earlier rights, and mandated strict procedural compliance, allowing the appeal.

Full Text
Translation output
प्र�तवे
भाररीे स��च् नेाेााे
�स��ा अपीा�े अ�धका�ररा
�स��ा अपीा सं 379/2023
(@ ��.अ.ेा. (�स) सं. 1349/2023)
राष्�े राजधानी �तत �दला�
सरकार
(@डाेर� सं. 24886/2022) ... अपीााथ�(गण)
बनाम
र्रराम � अने ... प्ेथ�(गण)
्नणरे
JUDGMENT

1. नई �दल्ल िस् �दल्ल उच् न्य्य्् द्याय �ाट ्य�्कय (�स) सं. 8685/2015 म� पय�ा् आ�े�प् �नणर् ए्ं आदेश �दनयं�क् 20.12.2017 से असं्ुषट ्सय व्�स् होका, जसक े द्याय उच् न्य्य्् ने ्हयँ पयर्ेट प््स् द्याय दय्ा क�स् �ाट ्य�्कय को अनुम�् पदयन क है ्सय घोषणय क है �क प्नश् गत�म क े एम. आर. शाह, नेा. 2023 INSC 72 संबंध म� अ�धगहण को गत�म अजरन, पुन्यरसन ा पुनव्र्िसयपन म� उ�्् प�्का ा पयाद�शर्य कय अ�धकया अ�ध�न्म 2013 ( जसे रसम� रसक े बयद अ�ध�न्म, 2013 क े रप म� संद�गर् �क्य श्य है) क धयाय 24(2) क े ्ह् व्पश् मयनय जयएशय, ायष्ल् ायजधयनी �ेत �दल्ल साकया ने ््रमयन अपी् दय्ा क है।

2. उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ा आदेश से ा ्हयं ्क �क अपी्क्यर ा अन् ्ोश� क ओा से उच् न्य्य्् म� दय�ख् ज्यबी शपसपत से ्ह प्ी् हो्य है �क ्ह अपी्क्यर ा अन् मत् प््स्शण क ओा से �्शेष मयम्य सय �क प्नश् गत�म कय कबजय �दनयंक 21.03.2007 को �््य श्य सय। ज्यबी शपसपत क े अनुच्ेद 6 ा 7 म� �नमनयनुसया कहय श्य सय – “6. अ�ग्ेख क े अनुसया, �दल्ल क े घ�डय शुजायन खयदा शयं् क े ायजि् एिटेट म� िस् प्नश् गत�म असयर्त खसाय सं. 17(4-12), 18(3-14), 38(1-12), 41(1-16), 42(1-10) क ु ् �ेत्् 13 बीघय 04 �बि्य (्य�्कयक्यर क े पयस 1/12्यं �हिसय है) को गत�म अ�धगहण अ�ध�न्म क धयाय 4 क े ्ह् �दनयंक 23.09.1989 को अ�धसत�्् �क्य श्य सय ा उसक े बयद �दल्ल क े �न्ो ज् �्कयस क े �्ए गत�म अ�धगहण अ�ध�न्म क धयाय 6 क े ्ह् �दनयंक 20.06.1990 को घोषणय क शई सी। उक् अ�धसत्नय क े अनुसाण म�, धयाय 9 ा 10 क े ्ह्, जैसय �क अ�ध�न्म म� पय्धयन है, �ह्बदध व् क््� को नो�टस जयाल �कए शए से, जसम� सगी �ह्बदध व् क््� से दय्े आमं�त् �कए शए से ा उपाोक् प्नश् गत�म क े संबंध म� ््रमयन ्य�्कयक्यरओं क े �ह् म� पत्र््् स�ह् रच् ु क व् क््� द्याय दय्े गी दय्ा �कए शए से। ््कय्लन गत�म अ�धगहण क्ेकटा ने दय्ेदया� क े दय्� पा �््या काने क े बयद अ�ध�नणर् संख्य 8/92-93 �दनयं�क् 19.06.1992 पय�ा् �क्य। ्हयं ्ह उल्ेख कानय उ�्् है �क खसाय सं. 861/639(1-15) कय अ�धगहण नहलं �क्य श्य है।

7. प्नश् गत�म कय कबजय ्े �््य श्य ा �दनयंक 21.03.2007 को ्यगयस् �्गयश को स�प �द्य श्य। हय्यं�क, मुआ्जे क ाय�श कय गुश्यन अ�ग�्�ख् ि्यमी को नहलं �क्य श्य है।”

3. हय्यं�क, उसक े बयद, प्नश् गत�म कय कबजय ्ेने ा उसे ्यगयस् को स�पने क े ्थ् पा �््या �कए �बनय, पुणत नगर ्नगम � अने बनाम हरक्ंद �मसर�मा सोांक� � अने., (2014) 3 एससीसी 183 क े मयम्े म� रस न्य्य्् क े �नणर् ्सय अन् �नणर्� पा गाोसय का ा क े ्् रस आधया पा �क प्नश् गत�म क े संबंध म� मुआ्जय नहलं �द्य श्य है, आ�े�प् �नणर् ा आदेश द्याय उच् न्य्य्् ने घोषणय क �क प्नश् गत�म क े संबंध म� अ�धगहण को अ�ध�न्म, 2013 क धयाय 24 (2) क े ्ह् व्पश् मयनय जय्य है।

4. ्सय�प, आ�े�प् �नणर् ् आदेश पय�ा् का्े सम् उच् न्य्य्् द्याय पुणत नगर ्नगम � अने (सुपरा) क े मयम्े म� रस न्य्य्् क े जस �नणर् पा गाोसय �क्य श्य है, उसे इंदौर ��कास पा�धकरण बनाम मनोहरााा � अने, (2020) 8 एससीसी 129 क े मयम्े म� रस अदय्् क सं�्धयन पीठ द्याय �्शेष रप से खय�ाज का �द्य श्य है। रस न्य्य्् क सं�्धयन पीठ ने अनु्ेद 365 ा 366 म� �नमन�्�ख् रप से म् व्क् �क्य ा अ�ग�नधयर�ा् �क्य है - “365. प�ाणयम्ः, पुणे नशा �नशम [पुणे नशा �नशम बनयम हाक्ंद �म�स�ाम् सो्ंक, (2014) 3 एससीसी 183] म� �दए शए �नणर् को ए्द द्याय प्ट �द्य जय्य है ्सय अन् सगी �नणर्, जनम� पुणे नशा �नशम [पुणे नशा �नशम बनयम हाक्ंद �म�स�ाम् सो्ंक, (2014) 3 एससीसी 183] कय अनुसाण �क्य श्य है, को गी प्ट �द्य जय्य है। शी बय्यजी नशा आ्यसी् संशठन [शी बय्यजी नशा आ्यसी् संशठन बनयम ्�म् नयडु ायज्, (2015) 3 एस. सी. सी. 353] क े �नणर् ्य्े मयम्े म� ्ह नहलं कहय जय सक्य �क ्ह �नणर् अच्छ �्�ध अ�धक�स् का ाहय है, उसे उ्ट �द्य श्य है ा रसकय अनुसाण का्े अन् �नणर् गी प्टे जय्े ह�। रंदौा �्कयस पय�धकाण बनयम शै्ेन् [(2018) 3 एससीसी 412] क े मयम्े म�, धयाय 24(2) क े पां्ुक क े संबंध क े पह्त म� ा क्य '्य' को “न ्ो” क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए अस्य '्य' 'क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए को �््या क े �्ए नहलं ाखय श्य सय। रस�्ए, ्ह �नणर् गी ््रमयन �नणर् म� ््यर क े आ्ोक म� मयन् नहलं हो सक्य है।

366. उप्ुरक् ््यर को ध्यन म� ाख्े हुए, हम प्न� कय �नमन�्�ख् उ�ा दे्े ह�: 366.[1] धयाय 24(1)(क) क े पय्धयन� क े अं्शर् ्�द 2013 क े अ�ध�न्म क े ्यशत होने क ्यालख 1-1- 2014 को पं्यट नहलं �द्य जय्य है ्ो कय्र्यहल म� कोई व्पशमन नहलं होशय। मुआ्जे कय �नधयराण 2013 क े ्ह् �क्य जयनय होशय। 366.[2] ्�द पं्यट न्य्य्् क े अं्�ाम आदेश क े दय्ाे म� आने ्य्ल अ्�ध को ्ोड़का पयं् सय् क अ्�ध क े गी्ा पय�ा् �क्य श्य है, ्ो 1894 अ�ध�न्म क े ्ह् 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(1)(ख) क े ्ह् कय्र्यहल जयाल ाहेशी ऐसय मयन्े हुए �क रसे �नाि् नहलं �क्य श्य हो।

366.3. धयाय 24(2) म� कबजे ा मुआ्जे क े बी् उप्ोश �कए शए "्य" शबद को "न हल" क े रप म� अस्य " ा" क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए। ्षर 2013 क े अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े ्ह् गत�म अ�धगहण क कयार्यई कय व्पशमन उस िस�् म� समझय जय्य है, जब उक् अ�ध�न्म क े ्यशत होने से पह्े पयं् ्षर ्य उससे अ�धक सम् ्क अ�धकय�ा्� क �न ष्््य क े कयाण गत�म कय कबजय नहलं �््य श्य हो ा न हल मुआ्जय �द्य श्य हो। दतसाे शबद� म�, ्�द कबजय ्े �््य श्य है, मुआ्जय नहलं �द्य श्य है ्ो कोई व्पशमन नहलं हो्य है। रसी ्ाह, अशा मुआ्जय �द्य श्य है, कबजय नहलं �््य श्य है ्ो कोई व्पशमन नहलं हो्य है।

366.4. 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े मुख् गयश म� "गुश्यन" शबद म� न्य्य्् म� मुआ्जे को जमय कानय शय�म् नहलं है। धयाय 24(2) क े पां्ुक म� जमय नहलं काने क े प�ाणयम कय पय्धयन है, ्�द अ�धकयंश गत�म जो्� क े संबंध म� रसे जमय नहलं �क्य श्य है ्ो 1894 अ�ध�न्म क धयाय 4 क े ्ह् गत�म अ�धगहण क े �्ए अ�धसत्नय क ्यालख ्क सगी ्यगयस् (गत�म मय�्क) 2013 अ�ध�न्म क े अनुसया मुआ्जे क े हकदया ह�शे। ्�द गत�म अ�धगहण अ�ध�न्म, 1894 क धयाय 31 क े ्ह् बयध््य पताल नहलं क शई है, ्ो उक् अ�ध�न्म क धयाय 34 क े ्ह् ब्यज �द्य जय सक्य है। मुआ्जय जमय न काने (न्य्य्् म�) क े प�ाणयमि्रप गत�म अ�धगहण क कय्र्यहल कय व्पशमन नहलं हो्य है। पयं् ्षर ्य उससे अ�धक अ्�ध क े �्ए अ�धकयंश जो् क े संबंध म� जमय न काने क िस�् म�, 1894 अ�ध�न्म क धयाय 4 क े ्ह् गत�म अ�धगहण क े �्ए अ�धसत्नय क ्यालख ्क "गति्य�म्�" को 2013 अ�ध�न्म क े ्ह् मुआ्जे कय गुश्यन �क्य जयए।

366.5. ्�द �कसी व् क् को 1894 अ�ध�न्म क धयाय 31(1) क े पय्धयन क े अनुसया मुआ्जय �द्य श्य है, ्ो ्ह ्ह दय्य काने क े �्ए ि््ंत नहलं है �क मुआ्जे कय गुश्यन न काने ्य न्य्य्् म� मुआ्जय जमय न काने क े कयाण धयाय 24(2) क े ्ह् अ�धगहण कय व्पशमन हो श्य है। गुश्यन काने क बयध््य धयाय 31(1) क े ्ह् ाय�श को पदयन काक े पताल हो जय्ी है। जन गत-ि्य�म्� ने मुआ्जय ्ेने से रनकया का �द्य सय ्य जनह�ने अ�धक मुआ्जे क े �्ए �स्य�ाश �कए क मयंश क सी, ्े ्ह दय्य नहलं का सक्े �क 2013 क े अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े ्ह् अ�धगहण क प�््य कय व्पशमन हो श्य सय।

366.6. 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े पान्ुक को धयाय 24(2) क े गयश क े रप म� मयनय जयनय है, धयाय 24(1)(ख) कय गयश नहलं।

366.7. 1894 अ�ध�न्म क े ्ह् ा जैसय �क धयाय 24(2) क े ्ह् पि्य�्् है, कबजय ्ेने कय ्ालकय पं्नयमय/�यपन पि्ु् काने क े द्याय है। एक बया 1894 क े अ�ध�न्म क धयाय 16 क े ्ह् कबजय ्ेने पा अ�ध�नणर् पय�ा् हो जयने क े बयद, गत�म ायज् म� �न�ह् हो जय्ी है, 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े ्ह् कोई �न�न�हर्ीकाण कय पय्धयन नहलं है, क्��क एक बया कबजय ्ेने क े बयद धयाय 24(2) क े ्ह् कोई व्पशमन नहलं है।

366.8. कय्र्य�ह्� क े समझे शए व्पशमन को पि्य�्् काने ्य्े धयाय 24(2) क े पय्धयन उस िस�् म� ्यशत हो्े ह� जब �दनयंक 1-1-2014 ्क संबं�ध् पय�धकयाल क े पयस गत�म अ�धगहण हे्ु ्ं�ब् एक कय्र्यहल म� पय�धकयालशण अपनी �न ष्््य क े कयाण 2013 क े ्यशत होने से पत्र पयं् सय् ्य उससे अ�धक सम् ्क कबजय ्ेने ा मुआ्जे कय गुश्यन काने म� �््् ाहे ह�। न्य्य्् द्याय पय�ा् अं्�ाम आदेश� क े अ ि््् क अ्�ध को पयं् ्षर क शणनय म� न जोड़य जयए।

366.9. 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) गत�म अ�धगहण क पतणर हो ्ुक कय्र्यहल क ्ैध्य पा स्य् उठयने क े �्ए नए ्यद हे्ुक को जनम नहलं दे्ी है। धयाय 24, 2013 अ�ध�न्म क े ्यशत होने क �्�स असयर् 1-1- 2014 को ्ं�ब् �कसी कय्र्यहल क े �्ए ्यशत हो्ी है। ्ह न ्ो पुायने ा सम्बदध दय्� को पुनज्�्् का्ी है ा न हल पतणर हो ्ुक कय्र्यहल को �्ा से शुर का्ी है ा न हल गत�म मय�्क� को अ�धगहण को अ्ैध घो�ष् काने क े �्ए अदय्् क े बजय् ्ेजाल म� मुआ्जे को जमय काने क े ्ालक े क ्ैध्य पा स्य् उठयने क अनुम�् दे्ी है।

5. इंदौर ��कास पा�धकरण (सुपा) क े मयम्े म� रस न्य्य्् द्याय अ�धक�स् �्�ध को पि्ु् मयम्े क े ्थ्� पा ्यशत कानय ा रस ्थ् पा �््या कानय �क पुणत नगर ्नगम � अने (सुपा) क े मयम्े म� रस न्य्य्् कय �नणर्, जस पा उच् न्य्य्् द्याय आ�े�प् �नणर् ा आदेश पय�ा् का्े सम् गाोसय �क्य श्य है, उ्ट �द्य श्य है, उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ए्ं आदेश पोषणी् नहलं है ा ्ह ादद ् अपयि् �कए जयने ्ोग् है ्सय ्दनुसया ादद ् अपयि् �क्य जय्य है।

6. उपाोक् को ध्यन म� ाख्े हुए ा ऊपा ब्यए शए कयाण� से ््रमयन अपी् स्् हो्ी है। प्नश् गत�म क े संबंध म� अ�धगहण को अ�ध�न्म, 2013 क धयाय 24(2) क े ्ह् व्पश् मयनने क घोषणय काने ्य्े उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ा आदेश को ए्द द्याय ादद ् अपयि् �क्य जय्य है। न्ीज्न, मत् �ाट ्य�्कय खय�ाज क जय्ी है। ््रमयन अपी् ्दनुसया ि्ीकक ् क जय्ी है। हय्यं�क, मयम्े क े ्थ्� ा प�ा िस�््� म�, जुमयरने क े बयाे म� कोई आदेश नहलं होशय। ्ं�ब् आ्ेदन, ्�द कोई हो, कय गी �नपटयन का �द्य जय्य है।.............................न्य. [एम. आर. शाह].............................न्य. [सी. ट�. र��क ु मार] नई �दल्ल; 20 जन्ाल, 2023. (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अि्ीकाण: देशी गयषय म� �नणर् कय अनु्यद मुकददमेबयब क े सी�म् प्ोश हे्ु �क्य श्य है ्य�क ्ो अपनी गयषय म� रसे समझ सक � ए्ं ्ह �कसी अन् प्ोजन हे्ु प्ोश नहलं �क्य जयएशय| समि् कय्यर््ी ए्ं व्य्हय�ाक प्ोजन� हे्ु �नणर् कय अंगेबी ि्रप हल अ�गपमय�ण् मयनय जयएशय ा कय्यरन््न ्सय ्यशत �कए जयने हे्ु उसे हल ्ाल््य दल जयएशी।