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भाररीे स��च् नेाेााे
�स��ा अपीा�े अ�धका�ररा
�स��ा अपीा सं 379/2023
(@ ��.अ.ेा. (�स) सं. 1349/2023)
राष्�े राजधानी �तत �दला�
सरकार
(@डाेर� सं. 24886/2022) ... अपीााथ�(गण)
बनाम
र्रराम � अने ... प्ेथ�(गण)
्नणरे
JUDGMENT
1. नई �दल्ल िस् �दल्ल उच् न्य्य्् द्याय �ाट ्य�्कय (�स) सं. 8685/2015 म� पय�ा् आ�े�प् �नणर् ए्ं आदेश �दनयं�क् 20.12.2017 से असं्ुषट ्सय व्�स् होका, जसक े द्याय उच् न्य्य्् ने ्हयँ पयर्ेट प््स् द्याय दय्ा क�स् �ाट ्य�्कय को अनुम�् पदयन क है ्सय घोषणय क है �क प्नश् गत�म क े एम. आर. शाह, नेा. 2023 INSC 72 संबंध म� अ�धगहण को गत�म अजरन, पुन्यरसन ा पुनव्र्िसयपन म� उ�्् प�्का ा पयाद�शर्य कय अ�धकया अ�ध�न्म 2013 ( जसे रसम� रसक े बयद अ�ध�न्म, 2013 क े रप म� संद�गर् �क्य श्य है) क धयाय 24(2) क े ्ह् व्पश् मयनय जयएशय, ायष्ल् ायजधयनी �ेत �दल्ल साकया ने ््रमयन अपी् दय्ा क है।
2. उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ा आदेश से ा ्हयं ्क �क अपी्क्यर ा अन् ्ोश� क ओा से उच् न्य्य्् म� दय�ख् ज्यबी शपसपत से ्ह प्ी् हो्य है �क ्ह अपी्क्यर ा अन् मत् प््स्शण क ओा से �्शेष मयम्य सय �क प्नश् गत�म कय कबजय �दनयंक 21.03.2007 को �््य श्य सय। ज्यबी शपसपत क े अनुच्ेद 6 ा 7 म� �नमनयनुसया कहय श्य सय – “6. अ�ग्ेख क े अनुसया, �दल्ल क े घ�डय शुजायन खयदा शयं् क े ायजि् एिटेट म� िस् प्नश् गत�म असयर्त खसाय सं. 17(4-12), 18(3-14), 38(1-12), 41(1-16), 42(1-10) क ु ् �ेत्् 13 बीघय 04 �बि्य (्य�्कयक्यर क े पयस 1/12्यं �हिसय है) को गत�म अ�धगहण अ�ध�न्म क धयाय 4 क े ्ह् �दनयंक 23.09.1989 को अ�धसत�्् �क्य श्य सय ा उसक े बयद �दल्ल क े �न्ो ज् �्कयस क े �्ए गत�म अ�धगहण अ�ध�न्म क धयाय 6 क े ्ह् �दनयंक 20.06.1990 को घोषणय क शई सी। उक् अ�धसत्नय क े अनुसाण म�, धयाय 9 ा 10 क े ्ह्, जैसय �क अ�ध�न्म म� पय्धयन है, �ह्बदध व् क््� को नो�टस जयाल �कए शए से, जसम� सगी �ह्बदध व् क््� से दय्े आमं�त् �कए शए से ा उपाोक् प्नश् गत�म क े संबंध म� ््रमयन ्य�्कयक्यरओं क े �ह् म� पत्र््् स�ह् रच् ु क व् क््� द्याय दय्े गी दय्ा �कए शए से। ््कय्लन गत�म अ�धगहण क्ेकटा ने दय्ेदया� क े दय्� पा �््या काने क े बयद अ�ध�नणर् संख्य 8/92-93 �दनयं�क् 19.06.1992 पय�ा् �क्य। ्हयं ्ह उल्ेख कानय उ�्् है �क खसाय सं. 861/639(1-15) कय अ�धगहण नहलं �क्य श्य है।
7. प्नश् गत�म कय कबजय ्े �््य श्य ा �दनयंक 21.03.2007 को ्यगयस् �्गयश को स�प �द्य श्य। हय्यं�क, मुआ्जे क ाय�श कय गुश्यन अ�ग�्�ख् ि्यमी को नहलं �क्य श्य है।”
3. हय्यं�क, उसक े बयद, प्नश् गत�म कय कबजय ्ेने ा उसे ्यगयस् को स�पने क े ्थ् पा �््या �कए �बनय, पुणत नगर ्नगम � अने बनाम हरक्ंद �मसर�मा सोांक� � अने., (2014) 3 एससीसी 183 क े मयम्े म� रस न्य्य्् क े �नणर् ्सय अन् �नणर्� पा गाोसय का ा क े ्् रस आधया पा �क प्नश् गत�म क े संबंध म� मुआ्जय नहलं �द्य श्य है, आ�े�प् �नणर् ा आदेश द्याय उच् न्य्य्् ने घोषणय क �क प्नश् गत�म क े संबंध म� अ�धगहण को अ�ध�न्म, 2013 क धयाय 24 (2) क े ्ह् व्पश् मयनय जय्य है।
4. ्सय�प, आ�े�प् �नणर् ् आदेश पय�ा् का्े सम् उच् न्य्य्् द्याय पुणत नगर ्नगम � अने (सुपरा) क े मयम्े म� रस न्य्य्् क े जस �नणर् पा गाोसय �क्य श्य है, उसे इंदौर ��कास पा�धकरण बनाम मनोहरााा � अने, (2020) 8 एससीसी 129 क े मयम्े म� रस अदय्् क सं�्धयन पीठ द्याय �्शेष रप से खय�ाज का �द्य श्य है। रस न्य्य्् क सं�्धयन पीठ ने अनु्ेद 365 ा 366 म� �नमन�्�ख् रप से म् व्क् �क्य ा अ�ग�नधयर�ा् �क्य है - “365. प�ाणयम्ः, पुणे नशा �नशम [पुणे नशा �नशम बनयम हाक्ंद �म�स�ाम् सो्ंक, (2014) 3 एससीसी 183] म� �दए शए �नणर् को ए्द द्याय प्ट �द्य जय्य है ्सय अन् सगी �नणर्, जनम� पुणे नशा �नशम [पुणे नशा �नशम बनयम हाक्ंद �म�स�ाम् सो्ंक, (2014) 3 एससीसी 183] कय अनुसाण �क्य श्य है, को गी प्ट �द्य जय्य है। शी बय्यजी नशा आ्यसी् संशठन [शी बय्यजी नशा आ्यसी् संशठन बनयम ्�म् नयडु ायज्, (2015) 3 एस. सी. सी. 353] क े �नणर् ्य्े मयम्े म� ्ह नहलं कहय जय सक्य �क ्ह �नणर् अच्छ �्�ध अ�धक�स् का ाहय है, उसे उ्ट �द्य श्य है ा रसकय अनुसाण का्े अन् �नणर् गी प्टे जय्े ह�। रंदौा �्कयस पय�धकाण बनयम शै्ेन् [(2018) 3 एससीसी 412] क े मयम्े म�, धयाय 24(2) क े पां्ुक क े संबंध क े पह्त म� ा क्य '्य' को “न ्ो” क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए अस्य '्य' 'क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए को �््या क े �्ए नहलं ाखय श्य सय। रस�्ए, ्ह �नणर् गी ््रमयन �नणर् म� ््यर क े आ्ोक म� मयन् नहलं हो सक्य है।
366. उप्ुरक् ््यर को ध्यन म� ाख्े हुए, हम प्न� कय �नमन�्�ख् उ�ा दे्े ह�: 366.[1] धयाय 24(1)(क) क े पय्धयन� क े अं्शर् ्�द 2013 क े अ�ध�न्म क े ्यशत होने क ्यालख 1-1- 2014 को पं्यट नहलं �द्य जय्य है ्ो कय्र्यहल म� कोई व्पशमन नहलं होशय। मुआ्जे कय �नधयराण 2013 क े ्ह् �क्य जयनय होशय। 366.[2] ्�द पं्यट न्य्य्् क े अं्�ाम आदेश क े दय्ाे म� आने ्य्ल अ्�ध को ्ोड़का पयं् सय् क अ्�ध क े गी्ा पय�ा् �क्य श्य है, ्ो 1894 अ�ध�न्म क े ्ह् 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(1)(ख) क े ्ह् कय्र्यहल जयाल ाहेशी ऐसय मयन्े हुए �क रसे �नाि् नहलं �क्य श्य हो।
366.3. धयाय 24(2) म� कबजे ा मुआ्जे क े बी् उप्ोश �कए शए "्य" शबद को "न हल" क े रप म� अस्य " ा" क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए। ्षर 2013 क े अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े ्ह् गत�म अ�धगहण क कयार्यई कय व्पशमन उस िस�् म� समझय जय्य है, जब उक् अ�ध�न्म क े ्यशत होने से पह्े पयं् ्षर ्य उससे अ�धक सम् ्क अ�धकय�ा्� क �न ष्््य क े कयाण गत�म कय कबजय नहलं �््य श्य हो ा न हल मुआ्जय �द्य श्य हो। दतसाे शबद� म�, ्�द कबजय ्े �््य श्य है, मुआ्जय नहलं �द्य श्य है ्ो कोई व्पशमन नहलं हो्य है। रसी ्ाह, अशा मुआ्जय �द्य श्य है, कबजय नहलं �््य श्य है ्ो कोई व्पशमन नहलं हो्य है।
366.4. 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े मुख् गयश म� "गुश्यन" शबद म� न्य्य्् म� मुआ्जे को जमय कानय शय�म् नहलं है। धयाय 24(2) क े पां्ुक म� जमय नहलं काने क े प�ाणयम कय पय्धयन है, ्�द अ�धकयंश गत�म जो्� क े संबंध म� रसे जमय नहलं �क्य श्य है ्ो 1894 अ�ध�न्म क धयाय 4 क े ्ह् गत�म अ�धगहण क े �्ए अ�धसत्नय क ्यालख ्क सगी ्यगयस् (गत�म मय�्क) 2013 अ�ध�न्म क े अनुसया मुआ्जे क े हकदया ह�शे। ्�द गत�म अ�धगहण अ�ध�न्म, 1894 क धयाय 31 क े ्ह् बयध््य पताल नहलं क शई है, ्ो उक् अ�ध�न्म क धयाय 34 क े ्ह् ब्यज �द्य जय सक्य है। मुआ्जय जमय न काने (न्य्य्् म�) क े प�ाणयमि्रप गत�म अ�धगहण क कय्र्यहल कय व्पशमन नहलं हो्य है। पयं् ्षर ्य उससे अ�धक अ्�ध क े �्ए अ�धकयंश जो् क े संबंध म� जमय न काने क िस�् म�, 1894 अ�ध�न्म क धयाय 4 क े ्ह् गत�म अ�धगहण क े �्ए अ�धसत्नय क ्यालख ्क "गति्य�म्�" को 2013 अ�ध�न्म क े ्ह् मुआ्जे कय गुश्यन �क्य जयए।
366.5. ्�द �कसी व् क् को 1894 अ�ध�न्म क धयाय 31(1) क े पय्धयन क े अनुसया मुआ्जय �द्य श्य है, ्ो ्ह ्ह दय्य काने क े �्ए ि््ंत नहलं है �क मुआ्जे कय गुश्यन न काने ्य न्य्य्् म� मुआ्जय जमय न काने क े कयाण धयाय 24(2) क े ्ह् अ�धगहण कय व्पशमन हो श्य है। गुश्यन काने क बयध््य धयाय 31(1) क े ्ह् ाय�श को पदयन काक े पताल हो जय्ी है। जन गत-ि्य�म्� ने मुआ्जय ्ेने से रनकया का �द्य सय ्य जनह�ने अ�धक मुआ्जे क े �्ए �स्य�ाश �कए क मयंश क सी, ्े ्ह दय्य नहलं का सक्े �क 2013 क े अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े ्ह् अ�धगहण क प�््य कय व्पशमन हो श्य सय।
366.6. 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े पान्ुक को धयाय 24(2) क े गयश क े रप म� मयनय जयनय है, धयाय 24(1)(ख) कय गयश नहलं।
366.7. 1894 अ�ध�न्म क े ्ह् ा जैसय �क धयाय 24(2) क े ्ह् पि्य�्् है, कबजय ्ेने कय ्ालकय पं्नयमय/�यपन पि्ु् काने क े द्याय है। एक बया 1894 क े अ�ध�न्म क धयाय 16 क े ्ह् कबजय ्ेने पा अ�ध�नणर् पय�ा् हो जयने क े बयद, गत�म ायज् म� �न�ह् हो जय्ी है, 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े ्ह् कोई �न�न�हर्ीकाण कय पय्धयन नहलं है, क्��क एक बया कबजय ्ेने क े बयद धयाय 24(2) क े ्ह् कोई व्पशमन नहलं है।
366.8. कय्र्य�ह्� क े समझे शए व्पशमन को पि्य�्् काने ्य्े धयाय 24(2) क े पय्धयन उस िस�् म� ्यशत हो्े ह� जब �दनयंक 1-1-2014 ्क संबं�ध् पय�धकयाल क े पयस गत�म अ�धगहण हे्ु ्ं�ब् एक कय्र्यहल म� पय�धकयालशण अपनी �न ष्््य क े कयाण 2013 क े ्यशत होने से पत्र पयं् सय् ्य उससे अ�धक सम् ्क कबजय ्ेने ा मुआ्जे कय गुश्यन काने म� �््् ाहे ह�। न्य्य्् द्याय पय�ा् अं्�ाम आदेश� क े अ ि््् क अ्�ध को पयं् ्षर क शणनय म� न जोड़य जयए।
366.9. 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) गत�म अ�धगहण क पतणर हो ्ुक कय्र्यहल क ्ैध्य पा स्य् उठयने क े �्ए नए ्यद हे्ुक को जनम नहलं दे्ी है। धयाय 24, 2013 अ�ध�न्म क े ्यशत होने क �्�स असयर् 1-1- 2014 को ्ं�ब् �कसी कय्र्यहल क े �्ए ्यशत हो्ी है। ्ह न ्ो पुायने ा सम्बदध दय्� को पुनज्�्् का्ी है ा न हल पतणर हो ्ुक कय्र्यहल को �्ा से शुर का्ी है ा न हल गत�म मय�्क� को अ�धगहण को अ्ैध घो�ष् काने क े �्ए अदय्् क े बजय् ्ेजाल म� मुआ्जे को जमय काने क े ्ालक े क ्ैध्य पा स्य् उठयने क अनुम�् दे्ी है।
5. इंदौर ��कास पा�धकरण (सुपा) क े मयम्े म� रस न्य्य्् द्याय अ�धक�स् �्�ध को पि्ु् मयम्े क े ्थ्� पा ्यशत कानय ा रस ्थ् पा �््या कानय �क पुणत नगर ्नगम � अने (सुपा) क े मयम्े म� रस न्य्य्् कय �नणर्, जस पा उच् न्य्य्् द्याय आ�े�प् �नणर् ा आदेश पय�ा् का्े सम् गाोसय �क्य श्य है, उ्ट �द्य श्य है, उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ए्ं आदेश पोषणी् नहलं है ा ्ह ादद ् अपयि् �कए जयने ्ोग् है ्सय ्दनुसया ादद ् अपयि् �क्य जय्य है।
6. उपाोक् को ध्यन म� ाख्े हुए ा ऊपा ब्यए शए कयाण� से ््रमयन अपी् स्् हो्ी है। प्नश् गत�म क े संबंध म� अ�धगहण को अ�ध�न्म, 2013 क धयाय 24(2) क े ्ह् व्पश् मयनने क घोषणय काने ्य्े उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ा आदेश को ए्द द्याय ादद ् अपयि् �क्य जय्य है। न्ीज्न, मत् �ाट ्य�्कय खय�ाज क जय्ी है। ््रमयन अपी् ्दनुसया ि्ीकक ् क जय्ी है। हय्यं�क, मयम्े क े ्थ्� ा प�ा िस�््� म�, जुमयरने क े बयाे म� कोई आदेश नहलं होशय। ्ं�ब् आ्ेदन, ्�द कोई हो, कय गी �नपटयन का �द्य जय्य है।.............................न्य. [एम. आर. शाह].............................न्य. [सी. ट�. र��क ु मार] नई �दल्ल; 20 जन्ाल, 2023. (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अि्ीकाण: देशी गयषय म� �नणर् कय अनु्यद मुकददमेबयब क े सी�म् प्ोश हे्ु �क्य श्य है ्य�क ्ो अपनी गयषय म� रसे समझ सक � ए्ं ्ह �कसी अन् प्ोजन हे्ु प्ोश नहलं �क्य जयएशय| समि् कय्यर््ी ए्ं व्य्हय�ाक प्ोजन� हे्ु �नणर् कय अंगेबी ि्रप हल अ�गपमय�ण् मयनय जयएशय ा कय्यरन््न ्सय ्यशत �कए जयने हे्ु उसे हल ्ाल््य दल जयएशी।