Full Text
भाररीे स��च् नेाेााे
�स��ा अपीा�े अ�धका�ररा
�स��ा अपीा सं /2023
(@ ��.अ.ेा. (�स) सं. /2023)
स�्�, भू�म ए�ं भ�न ��भाग, रा.रा.�त. �दला� सरकार
(@डाेर� सं. 29758/2022) ... अपीााथ�(गण)
बनाम
ओम पकाक (मृर) व�ारा ���धक
प्र्न�धगण � अने ... प्ेथ�(गण)
सह
�स��ा अपीा सं /2023
(@ ��.अ.ेा. (�स) सं. /2023)
(@डाेर� सं. 17938/2022)
्नणरे
JUDGMENT
1. नई �दल्ल िस् �दल्ल उच् न्य्य्् द्याय �ाट ्य�्कय (�स) सं. 5664/2014 म� पय�ा् आ�े�प् �नणर् ए्ं आदेश �दनयं�क् एम.आर. काह, नेा. 2023 INSC 71 18.07.2017 से असं्ुषट ्सय व्�स् होका, जसक े द्याय उच् न्य्य्् ने क�स् �ाट ्य�्कय को अनुम�् पदयन क है ्सय ्ह घो�ष् �क्य है �क प्नश् गत�म क े संबंध म� अ�धगहण को गत�म अजरन, पुन्यरसन ा पुनव्र्िसयपन म� उ�्् प�्का ा पयाद�शर्य कय अ�धकया अ�ध�न्म 2013 ( जसे इसम� इसक े बयद अ�ध�न्म, 2013 क े रप म� संद�गर् �क्य श्य है) क धयाय 24(2) क े ्ह् व्पश् मयनय जयएशय, ायष्ल् ायजधयनी �ेत �दल्ल साकया ् �दल्ल �्कयस पय�धकाण ने ््रमयन अपी् दय्ा क है।
2. ््रमयन मयम्े म�, गत�म अ�धगहण अ�ध�न्म, 1894 क धयाय 4 क े अं्शर् अ�धसत्नय �दनयंक 23.01.1965 को जयाल क शई सी। अ�ध�नणर् क घोषणय �दनयंक 09.01.1981 को क शई सी। ायष्ल् ायजधयनी �ेत �दल्ल साकया ् उच् न्य्य्् क े सम� दय्ा ज्यबी शपसपत क े अनुसया, संबं�ध् गत�म कय कबजय ्े �््य श्य ा �दनयंक 23.09.1981 को ्यगयस� �्गयश को स�प �द्य श्य। हय्यं�क, नकशय मुं्ज़�मन क फटल हुई िस�् क े कयाण जमीन क े संबंध म� मुआ्जे कय गुश्यन सु�न ््् नहलं �क्य जय सकय। 2.[1] ्ह �क अ�ध�नणर् पय�ा् काने क ्यालख से ्शगश 24 ्ष� क अ्�ध क े बयद ा अ�ध�न्म, 2013 क े ्यशत होने पा, क�स् अ�ध�न्म कय ्यग उठयने क े �्ए, ्हयं प््स�(शण) - मत् ्य�्कयक्यर(शण) ने ्षर 2014 म� उच् न्य्य्् क े सम� ्य�्कय दय्ा क, इस घोषणय क े �्ए �क प्नश् गत�म क े संबंध म� अ�धगहण को अ�ध�न्म, 2013 क धयाय 24 (2) क े ्ह् व्पश् मयनय श्य है, अन् बय्� क े सयस-सयस ्ह ्क र दे्े हुए �क गत�म अ�धगहण अ�ध�न्म, 1894 क े अनुसया पतणर मुआ्जय नहलं �द्य श्य सय। 2.[2] हय्यं�क, इस ्थ् पा �््या �कए �बनय �क प्नश् गत�म कय कबजय �््य श्य सय ा �दनयंक 23.09.1981 को ्यगयस� �्गयश को स�प �द्य श्य सय, उच् न्य्य्् ने, आ�े�प् �नणर् ा आदेश द्याय, घो�ष् �क्य है �क प्नश् गत�म क अ�धगहण को मत् �ाट ्य�्कयक्यर क े �हिसे क सीमय ्क व्पश् मयनय श्य है, क्��क ज्यबी शपसपत से प्ी् हो्य है �क ्ह िपषट रप से सु�न ््् नहलं �क्य जय सक्य है �क क्य कयनतन क े अनुसया मुआ्जय गत�म मय�्क� को �द्य श्य था। 2.[3] इंदौर ��कास पा�धकरण बनाम मनोहरााा � अने, (2020) 8 एससीसी 129 क े मयम्े म� इस न्य्य्् क सं�्धयन पीठ क े �नणर् को ध्यन म� ाख्े हुए, उच् न्य्य्् कय म् पोषणी् नहलं है। इस न्य्य्् क सं�्धयन पीठ ने अनुछेद 366 म� �नमन�्लख् रप से म् व्क् �क्य ा अ�ग�नधयर�ा् �क्य है:-
366. उप्ुरक् ््यर को ध्यन म� ाख्े हुए, हम प्न� कय �नमन�्लख् उ�ा दे्े ह�: 366.[1] धयाय 24(1)(क) क े पय्धयन� क े अं्शर् ्�द 2013 क े अ�ध�न्म क े ्यशत होने क ्यालख 1-1- 2014 को अ�ध�नणर् नहलं �क्य जय्य है ्ो कय्र्यहल म� कोई व्पशमन नहलं होशय। मुआ्जे कय �नधयराण 2013 क े ्ह् �क्य जयनय होशय। 366.[2] ्�द अ�ध�नणर् न्य्य्् क े अं्�ाम आदेश क े दय्ाे म� आने ्य्ल अ्�ध को छोड़का पयं् सय् क अ्�ध क े गी्ा पय�ा् �क्य श्य है, ्ो 1894 अ�ध�न्म क े ्ह् 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(1)(ख) क े ्ह् कय्र्यहल जयाल ाहेशी ऐसय मयन्े हुए �क इसे �नाि् नहलं �क्य श्य हो।
366.3. धयाय 24(2) म� कबजे ा मुआ्जे क े बी् उप्ोश �कए शए "्य" शबद को "न हल" क े रप म� अस्य " ा" क े रप म� पढ़य जयनय ्य�हए। ्षर 2013 क े अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े ्ह् गत�म अ�धगहण क कयार्यई कय व्पशमन उस िस�् म� समझय जय्य है, जब उक् अ�ध�न्म क े ्यशत होने से पह्े पयं् ्षर ्य उससे अ�धक सम् ्क अ�धकय�ा्� क �न ष्््य क े कयाण गत�म कय कबजय नहलं �््य श्य हो ा न हल मुआ्जय �द्य श्य हो। दतसाे शबद� म�, ्�द कबजय ्े �््य श्य है, मुआ्जय नहलं �द्य श्य है ्ो कोई व्पशमन नहलं हो्य है। इसी ्ाह, अशा मुआ्जय �द्य श्य है, कबजय नहलं �््य श्य है ्ो कोई व्पशमन नहलं हो्य है।
366.4. 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े मुख् गयश म� "गुश्यन" शबद म� न्य्य्् म� मुआ्जे को जमय कानय शय�म् नहलं है। धयाय 24(2) क े पां्ुक म� जमय नहलं काने क े प�ाणयम कय पय्धयन है, ्�द अ�धकयंश गत�म जो्� क े संबंध म� इसे जमय नहलं �क्य श्य है ्ो 1894 अ�ध�न्म क धयाय 4 क े ्ह् गत�म अ�धगहण क े �्ए अ�धसत्नय क ्यालख ्क सगी ्यगयस� (गत�म मय�्क) 2013 अ�ध�न्म क े अनुसया मुआ्जे क े हकदया ह�शे। ्�द गत�म अ�धगहण अ�ध�न्म, 1894 क धयाय 31 क े ्ह् बयध््य पताल नहलं क शई है, ्ो उक् अ�ध�न्म क धयाय 34 क े ्ह् ब्यज �द्य जय सक्य है। मुआ्जय जमय न काने (न्य्य्् म�) क े प�ाणयमि्रप गत�म अ�धगहण क कय्र्यहल कय व्पशमन नहलं हो्य है। पयं् ्षर ्य उससे अ�धक अ्�ध क े �्ए अ�धकयंश जो् क े संबंध म� जमय न काने क िस�् म�, 1894 अ�ध�न्म क धयाय 4 क े ्ह् गत�म अ�धगहण क े �्ए अ�धसत्नय क ्यालख ्क "गति्य�म्�" को 2013 अ�ध�न्म क े ्ह् मुआ्जे कय गुश्यन �क्य जयए।
366.5. ्�द �कसी व् क् को 1894 अ�ध�न्म क धयाय 31(1) क े पय्धयन क े अनुसया मुआ्जय �द्य श्य है, ्ो ्ह ्ह दय्य काने क े �्ए ि््ंत नहलं है �क मुआ्जे कय गुश्यन न काने ्य न्य्य्् म� मुआ्जय जमय न काने क े कयाण धयाय 24(2) क े ्ह् अ�धगहण कय व्पशमन हो श्य है। गुश्यन काने क बयध््य धयाय 31(1) क े ्ह् ाय�श को पदयन काक े पताल हो जय्ी है। जन गत-ि्य�म्� ने मुआ्जय ्ेने से इनकया का �द्य सय ्य जनह�ने अ�धक मुआ्जे क े �्ए �सफय�ाश �कए क मयंश क सी, ्े ्ह दय्य नहलं का सक्े �क 2013 क े अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े ्ह् अ�धगहण क प�््य कय व्पशमन हो श्य सय।
366.6. 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े पान्ुक को धयाय 24(2) क े गयश क े रप म� मयनय जयनय है, धयाय 24(1)(ख) कय गयश नहलं।
366.7. 1894 अ�ध�न्म क े ्ह् ा जैसय �क धयाय 24(2) क े ्ह् पि्य�्् है, कबजय ्ेने कय ्ालकय पं्नयमय/�यपन पि्ु् काने क े द्याय है। एक बया 1894 क े अ�ध�न्म क धयाय 16 क े ्ह् कबजय ्ेने पा अ�ध�नणर् पय�ा् हो जयने क े बयद, गत�म ायज् म� �न�ह् हो जय्ी है, 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) क े ्ह् कोई �न�न�हर्ीकाण कय पय्धयन नहलं है, क्��क एक बया कबजय ्ेने क े बयद धयाय 24(2) क े ्ह् कोई व्पशमन नहलं है।
366.8. कय्र्य�ह्� क े समझे शए व्पशमन को पि्य�्् काने ्य्े धयाय 24(2) क े पय्धयन उस िस�् म� ्यशत हो्े ह� जब �दनयंक 1-1-2014 ्क संबं�ध् पय�धकयाल क े पयस गत�म अ�धगहण हे्ु ्ं�ब् एक कय्र्यहल म� पय�धकयालशण अपनी �न ष्््य क े कयाण 2013 क े ्यशत होने से पत्र पयं् सय् ्य उससे अ�धक सम् ्क कबजय ्ेने ा मुआ्जे कय गुश्यन काने म� �्फ् ाहे ह�। न्य्य्् द्याय पय�ा् अं्�ाम आदेश� क े अ ि््् क अ्�ध को पयं् ्षर क शणनय म� न जोड़य जयए।
366.9. 2013 अ�ध�न्म क धयाय 24(2) गत�म अ�धगहण क पतणर हो ्ुक कय्र्यहल क ्ैध्य पा स्य् उठयने क े �्ए नए ्यद हे्ुक को जनम नहलं दे्ी है। धयाय 24, 2013 अ�ध�न्म क े ्यशत होने क �्�स असयर् 1-1- 2014 को ्ं�ब् �कसी कय्र्यहल क े �्ए ्यशत हो्ी है। ्ह न ्ो पुायने ा सम्बदध दय्� को पुनज��्् का्ी है ा न हल पतणर हो ्ुक कय्र्यहल को �फा से शुर का्ी है ा न हल गत�म मय�्क� को अ�धगहण को अ्ैध घो�ष् काने क े �्ए अदय्् क े बजय् ्ेजाल म� मुआ्जे को जमय काने क े ्ालक े क ्ैध्य पा स्य् उठयने क अनुम�् दे्ी है। 2.[4] इस पकया, इंदौर ��कास पा�धकरण (सुपा) क े मयम्े म� इस न्य्य्् क े �नणर् क े अनुसया, अ�ध�न्म, 2013 क धयाय 24(2) को ्यशत काने क े �्ए कबजय न ्ेने ा मुआ्जय न देने क दोहाल श्� को पताय कानय होशय। ्ह पय्य श्य है ा मयनय श्य है �क ्�द �कसी एक श्र को पताय नहलं �क्य श्य है, ्ो अ�ध�न्म, 2013 क धयाय 24(2) क े ्ह् कोई व्पशमन नहलं होशय। 2.[5] अन्सय गी, उच् न्य्य्् ने इस ्थ् क समु�्् रप से �््े्नय नहलं क है �क पतणर मुआ्जय न देने क े संबंध म� �शकय्् ्षर 2014 म� पह्ल बया क शई सी असयर् अ�ध�नणर् पय�ा् होने क ्यालख से 24 ्षर क अ्�ध क े बयद ा �्गयश क ओा से ्ह �्�शषट मयम्य सय �क नकशय मुं्ज़�मन क फटल हुई िस�् क े कयाण गत�म क े संबंध म� मुआ्जे क े गुश्यन को सु�न ््् नहलं �क्य जय सकय। ्ह पद�शर् काने क े �्ए अ�ग्ेख पा क ु छ गी नहलं है �क जब ्क उच् न्य्य्् क े सम� �ाट ्य�्कय दय्ा क शई सी, ्ब ्क �कसी गी सम् पतणर मुआ्जय न देने क कोई �शकय्् क शई सी। जैसय गी हो, ्थ् ्ह है �क �््य�द् गत�म कय कबजय ्े �््य श्य सय ा �दनयंक 23.09.1981 को ्यगयस� �्गयश को स�प �द्य श्य सय। इन प�ा िस�््� म�, इस न्य्य्् द्याय इंदौर ��कास पा�धकरण (सुपा) क े मयम्े �नधयर�ा् कयनतन को ्यशत का्े हुए, उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् आ�े�प् �नणर् ा आदेश पोषणी् नहलं है।
3. उपाोक् को ध्यन म� ाख्े हुए ा ऊपा ब्यए शए कयाण� से, उच् न्य्य्् द्याय �ाट ्य�्कय (�स) सं. 5664/2014 म� ्ह घोषणय का्े हुए �क प्नश् गत�म क े संबंध म� अ�धगहण को व्पश् मयनय श्य है, आ�े�प् �नणर् ा आदेश को ए्द द्याय ादद ् अपयि् �क्य जय्य है। गत�म ए्ं ग्न �्गयश, ायष्ल् ायजधयनी �ेत �दल्ल साकया द्याय दय्ा क शई �स�्् अपी् को ्दनुसया अनुम�् दल जय्ी है। कोई जुमयरनय नहलं।
4. गत�म ए्ं ग्न �्गयश, ायष्ल् ायजधयनी �ेत �दल्ल साकया द्याय दय्ा क शई �स�्् अपी् म� पय�ा् आदेश, उक् अपी् को अनुम�् देने ा उपाोक् अनुसया �ाट ्य�्कय (�स) सं. 5664/2014 म� उच् न्य्य्् द्याय पय�ा् �नणर् ् आदेश को ादद ् अपयि् काने को ध्यन म� ाख्े हुए, �दल्ल �्कयस पय�धकाण द्याय दय्ा क शई �स�्् अपी्, जसकय इस आदेश द्याय �नपटयन �क्य जय्य है, म� आशे �कसी ा आदेश को पय�ा् काने क आ्््क्य नहलं है। ्ं�ब् आ्ेदन, ्�द कोई हो, कय गी �नपटयन �क्य जय्य है।.............................न्य. [एम. आर. काह].............................न्य. [�हमा कोहा�] नई �दल्ल; 20 जन्ाल, 2023. (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) अि्ीकाण: देशी गयषय म� �नणर् कय अनु्यद मुकददमेबयज़ क े सी�म् प्ोश हे्ु �क्य श्य है ्य�क ्ो अपनी गयषय म� इसे समझ सक � ए्ं ्ह �कसी अन् प्ोजन हे्ु प्ोश नहलं �क्य जयएशय| समि् कय्यर््ी ए्ं व्य्हय�ाक प्ोजन� हे्ु �नणर् कय अंगेज़ी ि्रप हल अ�गपमयलण् मयनय जयएशय ा कय्यरन््न ्सय ्यशत �कए जयने हे्ु उसे हल ्ाल््य दल जयएशी।