Full Text
भार ीय सव च्च न्यायालय
सिसविवल अपीलीय अति कारिर ा
सिसविवल अपील सं. 108 वर्ष 2013
एएमडी इंडस्ट्रीज लिलविमटेड
(पूव ः मैसस अशोका मेटल डेकोर प्रा. लिल. क
े रूप में ज्ञा ) ... अपीलार्थी6 (गण)
बनाम
व्यापार कर आयुक्त, लखनऊ एवं अन्य ... प्रत्यर्थी6 (गण)
विनणय
न्यायमूर्ति एम. आर. शाह
JUDGMENT
1. आई. ए. संख्या 118667 वर्ष 2021 को अनुमति प्रदान की जा ी है। अपीलक ा को हे ुक शीर्षक में अपना नाम मैसस अशोका मेटल डेकोर प्राइवेट लिलविमटेड से एएमडी इंडस्ट्रीज लिलविमटेड में बदलने की अनुमति प्रदान की जा ी है और आई. ए. का दनुसार विनस् ारण विकया जा ा है।
2. इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा व्यापार कर पुनरीक्षण सं. 275 वर्ष 2004 में पारिर आक्षेविप विनणय और आदेश से व्यथिर्थी, सिजसक े द्वारा उच्च न्यायालय ने प्रस् ु अपीलक ा द्वारा विकए गए उक्त पुनरीक्षण आवेदन को खारिरज कर विदया और विवद्व व्यापार कर प्राति करण, लखनऊ पीठ, लखनऊ (ए श्मिUमनपश्चा अस्वीकरण: “क्षेत्रीय भार्षा में अनुवाविद विनणय वादी क े अपनी भार्षा में समझने हे ु विनब[ति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देUय क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देUयों क े लिलए, विनणय का अंग्रेजी संस्करण प्रामाथिणक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और विaयान्वयन क े उद्देUयों क े लिलए मान्य होगा।" 2023 INSC 20 "प्राति करण" क े रूप में संदर्भिभ ) द्वारा पारिर आदेश की पुविd की और विन ारण अति कारी ने यह ारिर कर े हुए विक विनर्मिम वस् ुओं क े लिलए, अपीलक ा उ. प्र. व्यापार कर अति विनयम ( ए श्मिUमनपश्चा "अति विनयम" क े रूप में संदर्भिभ ) की ारा 4-ए (5) क े ह छ ू ट का हकदार नहीं है, विनमा ा-मूल पुनरीक्षण याची ने व मान अपील दायर की है।
3. संक्षेप में व मान विaविमनल अपील की ओर ले जाने वाले थ्य इस प्रकार हैंः. 3.[1] व मान मामले क े अपीलक ा ने वर्ष 1986 में "स्पन लाइन aाउन कॉक", सिजसका उपयोग "कांच की बो लों" की पैकिंकग सामग्री में से एक क े रूप में विकया जा ा है, क े विनमाण क े लिलए इकाई की स्र्थीापना की। अपीलक ा ने विवविव ीकरण कायaम क े ह "डबल लिलप ड्राई ब्लेंड aाउन" क े लिलए मंडल स् र की सविमति क े समक्ष अति विनयम की ारा 4-ए क े ह पात्र ा प्रमाण पत्र देने क े लिलए 24.05.2000 को आवेदन विदया। 3.[2] दो सदस्यीय सविमति द्वारा मौक े की संयुक्त जांच क े आ ार पर, अपीलक ा को 'विवविव ीकरण' योजना क े ह पात्र ा प्रमाण पत्र क े बजाय 'आ ुविनकीकरण' क े ह पात्र ा प्रमाण पत्र विदया गया। 3.[3] इस स् र पर, यह ध्यान रखना आवUयक है विक यविद विनर्मिम माल को विवविव ीकरण योजना क े ह एक नया उत्पाद माना जा ा, ो अपीलक ा अति विनयम की ारा 4-क (5) क े ह छ ू ट का हकदार र्थीा। अपीलक ा को अति विनयम की ारा 4-क (5) क े ह छ ू ट देने से इनकार कर विदया गया। अपीलक ा ने अति विनयम की ारा 4-ए क े ह पारिर 10.12.2003 विदनांविक आदेश क े लिखलाफ अति विनयम की ारा 10 क े ह व्यापार कर अस्वीकरण: उद्देUय क न्यायाति करण क े समक्ष अपील दायर की, सिजसमें अन्य बा ों क े सार्थी सार्थी यह क विदया गया विक दोनों उत्पादों (मौजूदा और नई) क े लिलए उपयोग की जाने वाली मशीनरी और विनमाण की प्रविaया अलग-अलग हैं। 3.[4] अपीलक ा का पक्ष यह भी र्थीा विक मौजूदा (पुराने) उत्पाद का विनमाण नई स्र्थीाविप मशीन पर नहीं विकया जा सक ा है और इसक े विवपरी, नए उत्पाद का विनमाण पुरानी मशीनों पर नहीं विकया जा सक ा है। अपीलक ा की ओर यह पक्ष भी रखा गया विक दोनों उत्पादों क े लिलए प्रयुक्त एक प्रमुख कच्चा माल अलग अलग हैं और दोनों उत्पादों का अंति म उपयोग अलग-अलग है। 3.[5] यह क विदया गया विक "आ ुविनकीकरण" शब्द क े ह क े वल वही इकाइयाँ आ ी हैं, जो आ ुविनक कनीकी से समान वस् ुओं का उत्पादन कर ी हैं और "आ ुविनकीकरण" की योजना उन इकाइयों पर लागू नहीं हो ी है जो अलग-अलग वस् ुओं का उत्पादन कर ी हैं। 3.[6] अपीलक ा द्वारा दायर अपील खारिरज कर दी गई। न्यायाति करण क े समक्ष दूसरी अपील भी खारिरज कर दी गई। यह विवविनर्मिदd रूप से ारिर विकया गया विक आ ुविनक कनीक क े द्वारा उत्पाविद होने वाली वस् ुओं की प्रक ृ ति पहले की इकाई द्वारा उत्पाविद वस् ुओं से अलग नहीं है, क्योंविक दोनों उत्पाविद सामग्री का उपयोग शी ल पेय की बो लों को पैक करने में विकया जा ा है और इसलिलए, चूंविक विनर्मिम माल अलग नहीं हैं, बश्मिwक समान हैं और एक ही उद्देUय क े लिलए उपयोग विकए जा े हैं, इसलिलए अपीलों को खारिरज कर विदया गया। न्यायाति करण द्वारा पारिर आदेश क े लिखलाफ, उच्च न्यायालय क े समक्ष पुनरीक्षण आवेदन को आक्षेविप विनणय एवं आदेश द्वारा खारिरज कर विदया गया, और इसलिलए व मान अपील की गई है। अस्वीकरण: उद्देUय क
4. अपीलक ा की ओर से उपश्मिस्र्थी विवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता श्री अ ुल यशवं तिच ाले ने क विदया विक व मान अपील में शाविमल मुद्दा अति विनयम की ारा 4- क (5) क े स्पdीकरण 5 की व्याख्या से संबंति है, जो उन इकाइयों को व्यापार कर क े भुग ान से छ ू ट प्रदान कर ा है, सिजन्होंने विदनांक 31.03.1995 को या उसक े बाद अपनी इकाइयों में 'विवविव ीकरण' विकया र्थीा। 4.[1] यह क विदया गया है विक अपीलक ा कांच की बो लों को सील करने क े लिलए उपयोग विकए जाने वाले aाउन कॉक का विनमा ा है। शुरूआ में, यह "स्पन लाइन aाउन कॉक्स" का विनमाण कर रहा र्थीा। हालांविक, बाद में, इसने "डबल लिलप ड्राई ब्लेंड aाउन" क े लिलए विवविनमाण गति विवति में विवविव ा लाई, सिजसक े लिलए इसने नए संयंत्र और मशीनरी का आया विकया और 4.[5] करोड़ रुपये की एक विनतिश्च पूंजी लाग का विनवेश विकया। 4.[2] यह क विदया गया विक अपीलक ा द्वारा विनर्मिम विकया जा रहा नया उत्पाद पयावरण क े अनुक ू ल उत्पाद है सिजसमें पीवीसी क े दाने कच्चा माल क े रूप में उपयोग विकए जा े हैं। नया उत्पाद पहले विनर्मिम "स्पन लाइन aाउन कॉक्स" से अलग है। 4.[3] यह क विदया गया विक नया उत्पाद पहले विनर्मिम उत्पाद से पूरी रह से अलग है और उत्पाद का उपयोग भी अलग र्थीा। यह कहा गया विक नया उत्पाद वाथिणश्मि|यक भार्षा में पूरी रह से अलग उत्पाद र्थीा। यह कहा गया विक क े वल इस थ्य, विक दोनों उत्पादों को आम ौर पर "कॉक" क े रूप में जाना जा ा है, की कोई प्रासंविगक ा नहीं होगी। यह क विदया गया विक इसी रह यह थ्य विक दोनों उत्पादों का उपयोग कांच की बो लों को सील करने क े लिलए विकया जा ा है, भी एक प्रासंविगक मानदंड नहीं होगा। सिजस परीक्षण को लागू विकया जाना चाविहए वह यह है विक क्या माल पहले विनर्मिम वस् ुओं से अलग र्थीा। यह कहा गया विक अस्वीकरण: उद्देUय क अपीलक ा व्यापार कर से छ ू ट का दावा करने का हकदार र्थीा क्योंविक उसने विवविव ीकरण विकया है और अब विनर्मिम की जा रही वस् ुएं, "डबल लिलप ड्राई ब्लेंड aाउन", अपीलक ा द्वारा पहले विनर्मिम वस् ुओं से अलग प्रक ृ ति की हैं, जो एक अलग वाथिणश्मि|यक वस् ु है। 4.[4] यह क विदया गया है विक व्यापार कर न्यायाति करण क े सार्थी -सार्थी उच्च न्यायालय ने अति विनयम की ारा 4-क (5) क े स्पdीकरण 5 और 31.03.1995 विदनांविक अति सूचना का गल अर्थी विनकाला, सिजसक े आ ार पर अपीलक ा ने विवविव ीकरण क े आ ार पर पात्र ा प्रमाण पत्र की मांग की र्थीी। 4.[5] यह कहा गया है विक विवविव ीकरण क े आ ार पर व्यापार कर से छ ू ट का दावा करने का हकदार होने क े लिलए, माल पहले विनर्मिम वस् ुओं से अलग प्रक ृ ति का होना चाविहए। व्यापार कर से छ ू ट क े लिलए विवचार विकए जाने क े लिलए माल का अंति म उपयोग अप्रासंविगक है। एक ही चीज़ क े लिलए अलग-अलग वस् ुओं का उपयोग विकया जा सक ा है। हालाँविक, इसका म लब यह नहीं है विक माल की प्रक ृ ति समान है। उन्होंने क विदया है विक क े वल यह थ्य विक दोनों वस् ुओं को आम ौर पर "कॉक्स" क े रूप में जाना जा ा है, यह भी यह विन ारिर करने क े लिलए एक प्रासंविगक कारक नहीं है विक क्या वस् ुएं अलग-अलग वस् ुएं हैं। 4.[6] अपीलक ा की ओर से उपश्मिस्र्थी विवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता ने हमारा ध्यान पहले क े उत्पाद और बाद क े उत्पाद में अं र की ओर आक ृ d विकया है। अपने इस कर्थीन क े समर्थीन में विक नया उत्पाद पहले क े उत्पाद की ुलना में पूरी रह से एक अलग उत्पाद है, उन्होंने दोनों उत्पादों क े विनमाण की प्रविaया में अं र की ओर भी हमारा ध्यान आकर्मिर्ष विकया है। अस्वीकरण: उद्देUय क 4.[7] यह कहा गया है विक व्यापार कर न्यायाति करण और उच्च न्यायालय दोनों ने गल ी से एक नया मानदंड पेश विकया है विक दोनों उत्पादों का उपयोग समान है। यह क विदया गया है विक माल क े उपयोग का मानदंड न ो ारा में विदया गया है और न ही अति सूचना में। ारा 4-क (5) और अति सूचना में क े वल माल की प्रक ृ ति का अलग होना अपेतिक्ष है। यह कहा गया है विक स्र्थीाविप विवति क श्मिस्र्थीति क े अनुसार, उन्मुविक्त अति सूचना को शाश्मिब्दक अर्थी विदया जाना आवUयक है। इस न्यायालय द्वारा हंसराज गोर नदास बनाम एच. एच. दवे, सहायक कलेक्टर, क ें द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुwक, सूर एवं अन्य, एआईआर 1970 एससी 755; पारले विबस्क ु ट (पी) लिलविमटेड बनाम विबहार रा|य एवं अन्य, (2005) 9 एससीसी 669 और सहायक आयुक्त (सीटी) एलटीयू एवं अन्य बनाम अमारा राजा बैटरीज लिलविमटेड, (2009) 8 एससीसी 209 क े मामलों में विदए गए विनणयों का अवलंब लिलया है। 4.[8] उपरोक्त क दे े हुए और उपरोक्त विनणयों का अवलंब ले े हुए, व मान अपील को अनुमति देने का अनुरो विकया गया है।
5. प्रत्यर्थी6गण की ओर से प्रस् ु विवद्वान अति वक्ता श्री भविक्त व न सिंसह ने व मान अपील का जोरदार विवरो विकया है। 5.[1] यह क विदया गया विक व मान मामले में, अपीलक ा ने "स्पन लाइन aाउन कॉक" क े लिलए एक इकाई की स्र्थीापना की, सिजसका उपयोग कांच की बो लों की एक पैकिंकग सामग्री क े रूप में विकया जा ा है, सिजसे कांच की बो लों को बेचा जा ा है। यह कहा गया विक 'आ ुविनकीकरण' क े बाद, अपीलक ा ने 'कॉक्स' का विनमाण विकया, सिजसका उपयोग भी कांच की बो लों की पैकिंकग सामग्री में से एक क े रूप में भी विकया जा ा र्थीा। अस्वीकरण: उद्देUय क 5.[2] यह क विदया गया विक अति विनयम की ारा 4-क (5) और अति सूचना क े ह, व्यापार कर से छ ू ट उस इकाई क े लिलए उपलब् होगी, सिजसने "विवस् ार, विवविव ीकरण या आ ुविनकीकरण" विकया है और ऐसे उपaम क े परिरणामस्वरूप पहले विनर्मिम वस् ुओं से अलग वस् ुओं का विनमाण कर ा है। यह कहा गया विक, इसलिलए, व मान अपील में शाविमल मुद्दा यह है विक क्या अपीलक ा का विनवेश ऐसी इकाई में हुआ माना जाए सिजसका "विवविव ीकरण" हुआ है या एक ऐसी इकाई में सिजसका "आ ुविनकीकरण" हुआ है और क्या अपीलार्थी6 की इकाई द्वारा विनर्मिम माल का "विवविव ीकरण" या "आ ुविनकीकरण" हुआ है? 5.[3] इसलिलए यह क विदया गया है विक अति विनयम की ारा 4-क (5) क े ह, "विवविव ीकरण" शीर्ष क े अन् ग लाभ प्राप्त करने क े लिलए आवUयक ा यह है विक "थिभन्न प्रक ृ ति की वस् ुओं का उत्पादन विकया जाना आवUयक है।" यह कहा गया है विक ारा 4-ए क े ह जारी छ ू ट अति सूचना भी शब्दावली का उपयोग कर ी है और परिरणामस्वरूप विवविव ीकरण क े लिलए कसौटी "एक ऐसी वस् ु का उत्पादन है जो पहले उत्पाविद वस् ु की प्रक ृ ति से अलग है।" 5.[4] यह कहा गया है विक ारा 4-क का खंड (5) भी विवति क श्मिस्र्थीति को स्पd कर ा है। यह क विदया गया है विक खंड (5) क े प्रारंथिभक वाक्य में "विवस् ार, विवविव ीकरण और आ ुविनकीकरण" का उल्लेख विकया गया है और विफर एक अलग उपखंड में "विवस् ार या आ ुविनकीकरण" का अर्थी "उत्पादन में वृति†" विदया गया है और उसक े बाद एक अन्य अलग उपखंड में "विवविव ीकरण" का अर्थी स्पd विकया गया है विक एक अलग प्रकार की, विवथिशd और थिभन्न प्रक ृ ति की वस् ुओं का उत्पादन विदया गया है, जैसा विक वाथिणश्मि|यक दायरों में समझा जा ा है। 5.[5] यह क विदया गया है विक कसौटी यह है विक विकसी वस् ु को वाथिणश्मि|यक शब्दावली या वाथिणश्मि|यक हलकों में क ै से समझा जा ा है। यह कहा गया है विक अस्वीकरण: उद्देUय क विनवेश से पहले अपीलक ा द्वारा विनर्मिम माल "कॉक" नामक माल क े वग क े ह शुwक क े अ ीन र्थीा। विनवेश क े बाद, "डबल लिलप ड्राई ब्लेंड aाउन" का विनमाण विनवेश से पहले उत्पाविद "कॉक" नामक वस् ुओं की बढ़ी हुई गुणवत्ता और मात्रा भर है। इसलिलए,यह कहा गया विक विनवेश क े वल "आ ुविनकीकरण और विवस् ार" का काय र्थीा और थिभन्न वस् ुओं का विनमाण नहीं विकया गया र्थीा, जो अति विनयम की ारा 4-क (5) और ारा 4-क क े ह जारी अति सूचना क े अन् ग छ ू ट का हकदार हो। अपने उपरोक्त क क े समर्थीन में, प्रत्यर्थी6गण की ओर से उपश्मिस्र्थी विवद्वान अति वक्ता ने विबaी कर आयुक्त, उड़ीसा एवं अन्य बनाम जगन्नार्थी कॉटन क ं पनी एवं अन्य (1995) 5 एससीसी 527 (पैरा 5) क े वाद में इस न्यायालय द्वारा विदए गए विनणय का अवलंब लिलया है। 5.[6] आगे यह क विदया गया है विक अब अपीलक ा की इकाई द्वारा विनर्मिम की जा रही वस् ुओं की क े वल प्रौद्योविगकी में परिरव न को इकाई द्वारा पहले विनर्मिम की जा रही वस् ुओं की ुलना में "थिभन्न प्रक ृ ति " नहीं माना जा सक ा है क्योंविक वस् ुओं का उपयोग बो लों को पैक करने क े लिलए विकया जा रहा है। यह क विदया गया है विक स्र्थीाविप विवति क श्मिस्र्थीति क े अनुसार,छ ू ट अति सूचनाओं का सटीक अर्थी लगाया जाना चाविहए। 5.[7] उपरोक्त क दे े हुए और उच्च न्यायालय द्वारा दज विकए गए विनष्कर्ष‰ का अवलंब ले े हुए विक अपीलक ा द्वारा अब विनर्मिम माल को पहले विनर्मिम माल से अलग नहीं कहा जा सक ा है और पहले विनर्मिम और नए माल को "कॉक" क े रूप में उपयोग विकया जा ा है, व मान अपील को खारिरज करने का अनुरो विकया गया है। अस्वीकरण: उद्देUय क
6. संबंति पक्षों क े विवद्वान अति वक्तागण को विवस् ार से सुना।
7. इस न्यायालय क े विवचार क े लिलए प्रस् ु विकया गया संतिक्षप्त प्रश्न हैः. "क्या आ ुविनक कनीकों क े उपयोग से विनर्मिम वस् ुओं क े लिलए "विवविव ीकरण" कहा जा सक ा है, और पहले विनर्मिम वस् ुओं से अलग प्रक ृ ति की वस् ुओं का विनमाण अपीलक ा को उ.प्र. व्यापार कर अति विनयम की ारा 4-क (5) क े ह व्यापार कर से छ ू ट का दावा करने का अति कार दे ा है?
8. उपरोक्त मुद्दे पर विवचार कर े समय, ारा 4-क क े प्रासंविगक प्राव ानों को संदर्भिभ करने की आवUयक ा है, विवशेर्ष रूप से, ारा 4-क (2) (ग), ारा 4-क (5) (ख) (i) ) और (i) i) ) और ारा 4-क (5) (ग), जो विनम्नानुसार है- “ ारा 4-क-क ु छ मामलों में व्यापार कर से छ ू ट (1) ………………... (2) रा|य सरकार क े लिलए यह विवति सम्म होगा विक वह उप- ारा (1) क े ह अति सूचना में यह विनर्मिदd करे विक कर की दर में छ ू ट या कमी स्वीकाय होगी। (क) (ख) (खख) (ग) क े वल उन वस् ुओं क े संबं में जो एक ऐसी इकाई में विनर्मिम हो े हैं सिजसने 1 अप्रैल, 1990 को या उसक े बाद विवस् ार, विवविव ीकरण या अस्वीकरण: उद्देUय क आ ुविनकीकरण विकया है, और जो विवविव ीकरण क े संदभ में, इस रह क े विवविव ीकरण से पहले विनर्मिम वस् ुओं से अलग है, और विवस् ार या आ ुविनकीकरण क े सन्दभ में इस रह क े विवस् ार या आ ुविनकीकरण क े परिरणामस्वरूप अति रिरक्त उत्पादन है; और (3)................... (4)................... (5) "इकाई सिजसने विवस् ार, विवविव ीकरण या आ ुविनकीकरण विकया है" से एक औद्योविगक उपaम अथिभप्रे है - (क) (ख) सिजसकी माल क े उत्पादन की पहली ारीख - (i) ) विवविव ीकरण करने वाली इकाइयों क े सन्दभ में, ऐसे उपaम द्वारा पहले विनर्मिम से अलग प्रक ृ ति की, और
(i) i) ) ऐसे उपaम में आ ार उत्पादन से अति क विनर्मिम, विवस् ार या आ ुविनकीकरण करने वाली इकाइयों क े सन्दभ में, 31 माच, 1990 क े बाद विकसी भी समय पड़ ा है; (ग) सिजसकी उत्पादन क्षम ा यर्थीा उप- ारा (1) क े परं ुक में उपबंति को छोड़कर, विवस् ार या आ ुविनकीकरण क े परिरणामस्वरूप कम से कम पच्चीस प्रति श की वृति† हुई है या सिजसमें पहले विनर्मिम वस् ुओं से अलग प्रक ृ ति की वस् ुओं का विनमाण विवविव ीकरण क े बाद विकया जा ा है; अस्वीकरण: उद्देUय क 8.[1] इस प्रकार, उपरोक्त प्राव ानों को विनष्पक्ष रूप से पढ़ने पर, यह स्पd है विक "विवविव ीकरण" क े सन्दभ में विवविव ीकरण द्वारा विनर्मिम माल ऐसे विवविव ीकरण से पहले विनर्मिम माल से अलग होगा। [ ारा 4-क (2) (ग)] । 8.[2] "विवस् ार या आ ुविनकीकरण" क े सन्दभ में छ ू ट उपलब् होगी, यविद इस रह क े आ ुविनकीकरण या विवस् ार क े परिरणामस्वरूप कोई अति रिरक्त उत्पादन हो ा है। व मान वाद में, हम "विवविव ीकरण" क े मामले पर विवचार कर रहे हैं। इसलिलए, विवविव ीकरण क े बाद विनर्मिम माल इस रह क े विवविव ीकरण से पहले विनर्मिम माल से अलग होना चाविहए। स्र्थीाविप विवति क श्मिस्र्थीति क े अनुसार, छ ू ट अति सूचना/छ ू ट प्राव ान की श्मिस्र्थीति में, इसका शाश्मिब्दक अर्थी लगाया जाना आवUयक है और छ ू ट का दावा करने वाले व्यविक्त को छ ू ट प्राव ान की सभी श ‰ को पूरा करना होगा। 8.[3] व मान मामले में, अपीलक ा कांच की बो लों को सील करने क े लिलए उपयोग विकए जाने वाले "स्पन लाइन aाउन कॉक" का विनमाण/उत्पादन कर रहा र्थीा। आ ुविनक कनीकों क े उपयोग क े सार्थी, अब अपीलक ा "डबल लिलप ड्राई ब्लेंड aाउन" का विनमाण कर रहा है सिजसका उपयोग भी कांच की बो लों को सील करने क े लिलए विकया जा ा है। अपीलक ा द्वारा विनर्मिम पहले वाले उत्पाद का उपयोग कांच की बो लों को सील करने क े लिलए विकया जा ा र्थीा और बाद में आ ुविनक कनीक क े उपयोग से उत्पाविद अति रिरक्त उत्पाद का भी इसी उद्देUय क े लिलए उपयोग विकया जा रहा है अर्थीा "काँच की बो लें सील करने क े लिलए"। इसलिलए, इसे इस रह क े विवविव ीकरण से पहले विनर्मिम होने वाली वस् ुओं से अलग वस् ु का विनमाण नहीं कहा जा सक ा है। समय क े सार्थी, प्रौद्योविगकी में प्रगति क े कारण, यविद विकसी उत्पाद की गुणवत्ता और मात्रा में सु ार क े लिलए अस्वीकरण: उद्देUय क पुरानी मशीनरी को नई मशीनरी से बदला जा ा है, ो इसे विवस् ार और/या आ ुविनकीकरण कहा जा सक ा है, लेविकन इसे "विवविव ीकरण" नहीं कहा जा सक ा है, जो "इस रह क े विवविव ीकरण से पहले विनर्मिम वस् ुओं से अलग वस् ुओं का विनमाण है।" विवविव ीकरण" क े मामले में, प्रभाव यह होना चाविहए विक उत्पाद की गुणवत्ता और मात्रा में सु ार और/या वृति† की जानी चाविहए, लेविकन यविद अंति म उपयोग समान है, ो आ ुविनक और/या उन्न कनीक क े उपयोग से विनर्मिम उत्पाद को व्यापार कर क े भुग ान से छ ू ट का दावा करने क े लिलए अलग वस् ुओं का विनमाण नहीं कहा जा सक ा है। ारा 4-क में उपयोग विकए गए शब्द बहु साफ और स्पd हैं। विवति की स्र्थीाविप सिस†ान् क े अनुसार और जैसा विक ऊपर कहा गया है विव ान और विवशेर्षकर, छ ू ट क े प्राव ानों को वैसे ही पढ़ा जाना चाविहए जैसे वे हैं और उनका शाश्मिब्दक अर्थी लगाया जाना चाविहए और उन्हें शाश्मिब्दक अर्थी विदया जाना चाविहए। छ ू ट प्राव ान अर्थीा ारा 4-क की शाश्मिब्द व्याख्या से यह नहीं कहा जा सक ा विक अपीलक ा छ ू ट का हकदार है जैसा विक दावा विकया गया है। 8.[4] मामले क े उपरोक्त थ्यों और परिरश्मिस्र्थीति यों पर विवचार कर े हुए और जैसा विक ऊपर कहा गया है, जब अति विनयम क े प्राव ानों में स्पd रूप से प्राव ान विकया गया है विक "विवविव ीकरण" उसी श्मिस्र्थीति में माना जाएगा जब "थिभन्न प्रक ृ ति की वस् ुओं" का उत्पादन विकया जा ा हो, और भी छ ू ट उपलब् होगी। विवविव ीकरण क े उपरान् विनर्मिम माल "थिभन्न", "अलग" और "पृर्थीक" प्रक ृ ति का होना चाविहए। व मान वाद में, उन्न और/या आ ुविनक प्रौद्योविगकी क े उपयोग से विनर्मिम वस् ुओं को एक अलग वाथिणश्मि|यक गति विवति नहीं कहा जा सक ा है। उच्च न्यायालय ने अपीलक ा को छ ू ट देने से इनकार करक े कोई त्रुविट नहीं की है। हम उच्च न्यायालय द्वारा लिलए गए दृविdकोण से पूरी रह सहम हैं। अस्वीकरण: उद्देUय क
9. उपरोक्त क े दृविdग और ऊपर ब ाए गए कारणों को ध्यान में रख े हुए, व मान अपील विवफल हो जा ी है और खारिरज विकए जाने योग्य है और दनुसार खारिरज की जा ी है। कोई कॉस्ट नहीं।.............................. न्यायमूर्ति एम. आर. शाह.............................. न्यायमूर्ति क ृ ष्ण मुरारी नई विदल्ली; 09 जनवरी, 2023 अस्वीकरण: उद्देUय क