Haryana Raj v. Sanrajan Sah

Supreme Court of India · 24 Feb 2023
M. R. Shah; C. T. Ravikumar
Civil Appeal Nos. 1347-1349 of 2023 (@ SLP (C) Nos. 11842-11844 of 2022)
property appeal_dismissed Significant

AI Summary

The Supreme Court upheld the High Court's quashing of the Haryana government's refusal to release disputed lands acquired under the Land Acquisition Act, emphasizing the need for genuine public purpose and non-arbitrariness in land acquisition.

Full Text
Translation output
रिपोर् किनन योग
भारत क
े सर्च नायालय मय
सससरल अपीलीय केतास्कार
सससरल अपील स. 2023 का 1347 - 1349
(@ एसएलपी (सी) सखा 11842 – 11844/2022)
हररयाणा राज और अन ......अपीलकतागण
बनाम
सनरजन ससह र अन आसआ …पसतराआीगण

े साथ
सससरल अपील सखा 2023 का 1351
(@ एसएलपी (सी) सखा 3980/2023)
(@ डी. सखा 37052/2022)
ननर्य
एम. आर. शाह, जे.
JUDGMENT

1. सीडब,पी सखा 16346/2013, सीडब,पी सखा 6729/2013 और सीडब,पी सखा 10452/2014 मय चडीगढ मय पजाब और हररयाणा उच नायालय दारा पाररत आम सनणय और आआेश सआनाक 09.04.2021 से वसथत और असत2ष महस,स करते हए, सजसक े दारा, उच नायालय की खडपीठ ने उक ररट यासचकाओ क: सीकार कर सलया ह< और म,ल ररट यासचकाकताओ - म,ल भ,-सासमय: की उनकी सबस्त अस्गहीत भ,सम (जमीन:) क: छ:डने/म2क करने की पाथना क: असीकार करने की राज की कारराई क: रद कर सआया ह< और इसक े पररणामसरप, सनआDश सआया ह< अस्गहण से उनकी अस्गहीत भ,सम(य:) क: म2क सकया जाये, हररयाणा राज और अन ने रतमान अपील: क: पाथसमकता आी ह<।ररट यासचका सीडब,पी सखा 10452/2014 मय पाररत आकेसपत सनणय और आआेश से वसथत और असत2ष महस,स करते हए, अस्गहण क े लाभासथय: ने डायरी सखा 37052/2022 से उतन रतमान अपील क: भी पाथसमकता आी ह<। 1.[1] पारभ मय, यह धान सआया जाना आरशक ह< सक एसएलपी (सी) सखा 11842/2022 से उतन ह:ने राली सससरल अपील सखा 1347/2023 का सब् ह<, यह सीडब,पी स. 6729/2013 मय उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सनणय और आआेश क े सररद ह<। एसएलपी (सी) सखा 11843/2022 से उतन ह:ने राली सससरल अपील सखा 1348/2023 का सब् ह<, यह सीडब,पी सखा 16346/2013 मय उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सनणय और आआेश क े खखलाफ ह< और एसएलपी (सी) सखा 11844/2022 से उतन ह:ने राली सससरल अपील सखा 1349/2023 का सब् ह<, यह सीडब,पी सखा 10452/2014 मय उच नायालय दारा पाररत सनणय और आआेश क े खखलाफ ह<।

2. स2सर्ा क े सलए, सीडब,पी सखा 16346/2013 क े तथ: पर सरचार सकया जाता ह< सजसे उच नायालय ने भी एक पम2ख मामला माना था। न न ल अप ल ख 1348/2023 म डबप ख 16346/2013 न उतन तथ 2.[1] यह सक हररयाणा राज ने भ,सम अस्गहण अस्सनयम, 1894 (इसक े बाआ अस्सनयम क े रप मय सआसभत) की ्ारा 4 क े तहत सआनाक 21.04.1987 क: एक अस्स,चना जारी की, सजसका उदेश आरासीय और रासणखजक सेकर 11, क 2 रकेत क े रप मय भ,सम क े सरकास और उपय:ग क े सलए 35.76 एकड भ,सम का अस्गहण करना था और इसक े बाआ अस्सनयम की ्ारा 6 क े तहत सआनाक 20.04.1988 क: घ:षणा/अस्स,चना जारी की गई।सभी सबस्त भ,सम मासलक: से आपसRया आमसतत की गई थी।इसक े बाआ, भ,सम अस्गहण कलेकर दारा 12.04.1990 क: क े रल 34.61 एकड भ,सम क े सलए अस्सनणय सआया गया। इसक े बाआ हररयाणा सरकार ने अस्सनयम की ्ारा 4 क े तहत सेकर 6 और 11, क 2 रकेत मय आरासीय, रासणखजक और ससथागत उदेश: क े सलए 126.30 एकड भ,सम क े अस्गहण क े सलए 11 फरररी, 2002 क: एक और अस्स,चना जारी की थी।ऐसा पतीत ह:ता ह< सक अस्सनयम की ्ारा 6 क े तहत अस्स,चना जारी ह:ने से पहले ही 43 भ,सम ्ारक: की 81.91 एकड भ,सम जारी/म2क की जा च2की थी, सजस पर नीचे सरचार सकया जाएगा।यह सक उसक े बाआ, सीडब,पी सखा 16346/2013 क े म,ल ररट यासचकाकताओ क: छ:डकर, सरसभन भ,सम ्ारक: की शेष भ,सम या त: राज सरकार दारा अस्गहण से या सरसभन ररट यासचकाओ मय उच नायालय दारा पाररत आआेश (ओ) क े अन2सरण मय जारी/म2क की गई, सजसका केतफल 40.80 एकड ह<। सआनाक 21.04.1987 की अस्स,चना दारा अस्गसहत भ,सम क े सब् मय सारणीबद रप मय जारी/म2क की गई भ,सम का सरररण सनमान2सार ह<V कम सखा एल. ए. अस्सनयम, 1894 क े तहत अस्गसहत भ,सम का अस्गहण सरररण एकड मय केतफल 1 ्ारा 4, 21.4.1987 46.49 2 ्ारा 5-क क े अतगत भ,सम सजसक: शासमल नही सकया गया ह< 10.83 3 ्ारा 6, 20.4.1988 35.66 4 ्ारा 6 र अस्सनणय क े बीच जारी/म2क की गयी भ,सम 1.05 5 अस्सनणय 12.04.1990 34.61 6 अस्सनणय क े बाआ जारी/ म2क की गयी भ,सम

26.83 7 शेष भ,सम केत [5-(6 + 7)] 7.78 8 ्ारा 24 (2) क े तहत लसबत सीडब,पी 4.056 9 ्ारा 24 (2) क े तहत क े अलारा लसबत सीडब,पी 1.125 10 सीडब,पी खाररज/अस्गहण बरकरार NA 11 सीडब,पी क: अन2मसत/अस्गहण क: माननीय उच नायालय दारा रद कर सआया गया, जहा एसएलपी आायर की जानी ह< या अभी आायर की जानी ह< ।

0.50 2.[2] उसक े बाआ, म,ल ररट यासचकाकताओ ने सीडब,पी सखा 371/2008 आायर करक े अस्गहण क: च2नXती आेते हए उच नायालय क े समक ररट यासचका आायर की, सजसे भ,सम मासलक: क: अपनी सशकायत क े सनरारण क े सलए सबस्त अस्काररय: क े समक एक अभारेआन आायर करने की सततता पआान करक े सआनाक 11.01.2008 क े आआेश दारा, रापस ले सलए जाने क े पररमाणसरप, खाररज कर सआया गया।सजसक े पररणामसरप, म,ल ररट यासचकाकताओ ने सआनाक 22.01.2008 क: एक अभारेआन आायर सकया सजसमय उनकी अस्गहीत भ,सम क: समान रप से खसथत वखकय: क े साथ समता पर जारी/म2क करने की पाथना की गई, सजनकी भ,सम राज दारा जारी/म2क की गई थी।उसक े बाआ, आ, सरे आXर की म2कआमेबाजी क े बाआ, अभारेआन खाररज कर सआया गया और म,ल भ,-सासमय: की उनकी अपनी भ,सम क: अस्गहण से म2क करने की पाथना क: खाररज कर सआया गया।उच नायालय क े समक सीडब,पी सखा 16346/2013 का सरषय भी यही था। 2.[3] अब, जहा तक सीडब,पी सखा 6729/2013 से उतन सससरल अपील का सब् ह<, म,ल भ,सम मासलक: दारा अपनी अस्गसहत भ,सम क: जारी/ म2क करने क े सलए आायर अभारेआन क: सआनाक 15.06.2012 क े आआेश दारा असीकार कर सआया गया, ज: सीडब,पी सखा 6729/2013 का सरषय था। 2.[4] इसी पकार, म,ल ररट यासचकाकता - अनीता क 2 मारी शमा ने उच नायालय क े समक सीडब,पी सखा 10452/2014 आायर की सजसमय भ,सम क: अस्गहण से म2क करने की उनकी पाथना क: खाररज कर सआया गया। 2.[5] आकेसपत सामान सनणय और आआेश दारा, उच नायालय ने उक ररट यासचकाओ क: मज,र कर सलया ह< और सरकार दारा जारी सकए गए आआेश:/अस्स,चनाओ क: और ररट यासचकाकताओ-म,ल भ,सम मासलक: दारा अपनी-अपनी अस्गसहत भ,सम (ओ) क: जारी/म2क करने की पाथना क: असीकार करने मय राज सरकार की कारराई क: यह कहते हए रद कर सआया ह< सक समान रप से खसथत भ,सम मासलक: की भ,सम का बडा सहसा पहले से ही जारी/म2क था।नतीजतन, उच नायालय ने म,ल भ,सम मासलक: की भ,सम क: अस्गहण से म2क करने का सनआDश सआया ह<। 2.[6] उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सामान सनणय और आआेश से वसथत और असत2ष महस,स करते हए हररयाणा राज और अन ने रतमान अपील: क: पाथसमकता आी ह<।

3. राज की ओर से उपखसथत सरदान ए. ए. जी. शी आल:क सागरान ने ज:रआार रप से पस2त सकया ह< सक इस पकार पशगत भ,सम की राज क: आरशकता ह< और इससलए, उच नायालय ने पशगत भ,सम क: अस्गहण से म2क करने का सनआDश आेने मय रस2तV गलती की ह<।

3. 1 राज की ओर से उपखसथत सरदान ए. ए. जी. शी सागरान दारा ज:रआार रप से पस2त सकया गया ह< सक एक बार अस्सनयम क े तहत आरशक पसकया का पालन करने क े बाआ पशगत भ,सम का अस्गहण कर सलया गया था और उसक े बाआ, अस्सनणय पाररत सकया गया था और यहा तक सक म2आरजा भी आे सआया गया था और कबा ले सलया गया और भ,सम रासर मय राज सरकार/अस्गहण सनकाय मय सनसहत ह: गई।यह पस2त सकया जाता ह< सक इससलए, उच नायालय ने अस्गसहत भ,सम क: अस्गहण से म2क करने का सनआDश आेने मय रस2तV गलती की ह<. 3.[2] सरदान ए. ए. जी. दारा आगे यह पस2त सकया जाता ह< सक उच नायालय ने इस तथ की उसचत रप से सराहना नही की ह< सक सरसभन ररट यासचकाओ मय उच नायालय दारा पाररत आआेश (ओ) क े अन2सरण मय राज दारा अन भ,सम जारी/ म2क की गई थी। 3.[3] राज की ओर से उपखसथत सरदान एएजी दारा यह भी पस2त सकया गया ह< सक जहा तक सीडब,पी सखा 10452/2014 क े सब् मय अस्गसहत भ,सम का सब् ह<, सरचारा्ीन भ,सम पहले से ही काम मय लायी जा च2की ह< और उसका सीरेज लाइन क े सलए उपय:ग सकया जा च2का ह< और र.17 कर:ड सीरेज लाइन क े सनमाण मय खच सकए गए ह_ और यह पस2त सकया गया ह< सक यसआ उच नायालय क े आआेश क े अन2सार भ,सम जारी/ म2क की जाती ह<, त: यह जनसहत क े खखलाफ ह:गा और प,री सीरेज लाइन, ज: रपये 17 कर:ड खच करक े बनाई गई ह<, क: हटाया जाना ह:गा। सथानीय सनराससय: की ओर से उपखसथत सरदान अस्रका शी गXरर अगराल ने भी ज:रआार ढग से पस2त सकया ह< सक यसआ सरचारा्ीन भ,सम क: उच नायालय क े आआेश क े अन2सार अस्गहण से म2क सकया जाता ह< त: उस मामले मय पहले से सनसमत सीरेज लाइन क: हटाना ह:गा ज: सक जनसहत क े सररद ह:गा और म:हले क े सनराससय: क े सहत क े भी सररद ह:। 3.[4] आगे यह सनरेआन सकया जाता ह< सक जहा तक सीडब,पी सखा 6729/2013 क े सब् मय भ,सम का सब् ह<, सडक क: चXडा करने क े सलए राज दारा इसकी आरशकता ह< और इससलए, राज दारा भ,सम क: अस्गहण से म2क करने से इनकार करना उसचत था। 3.[5] अब, जहा तक सीडब,पी सखा 16346/2013 क े सब् मय भ,सम का सब् ह<, यह पस2त सकया जाता ह< सक शbसपग मbल और पासक c ग क े सनमाण क े सलए उक भ,सम की आरशकता ह< और इससलए, म,ल भ,सम क े मासलक: की अपनी भ,सम क: अस्गहण से म2क करने की पाथना क: पास्करण दारा सही रप से असीकार कर सआया गया था। 3.[6] उपर:क पस2सतयाd करते हए, सरदान एएजी दारा यह ज:रआार रप से पस2त सकया गया ह< सक उच नायालय ने म,ल ररट यासचकाकताओ-भ,सम मासलक: की उनकी अपनी भ,सम क: अस्गहण से म2क करने की पाथना क: असीकार करने राले राज/पास्कारी दारा पाररत आआेश: क: रद करने और उनय अपास करने मय रस2तV गलती की ह< और उच नायालय ने पशगत अस्गसहत भ,सम क: अस्गहण से म2क करने का सनआेश आेने मय रस2तV गलती की ह<।

4. सीडब,पी सखा 16346/2013 से उतन ह:ने राली सससरल अपील का सरर:् करते हए, शी नीरज क 2 मार ज<न, सरदान रररष अस्रका ने ज:रआार ढग से पस2त सकया ह< सक रतमान मामले मय, राज सरकार ने अस्स,चना से उतन ह:ने राली भ,सम का बडा सहसा जारी/म2क कर सआया ह< और क े रल, म,ल ररट यासचकाकताओ की भ,सम का छ:टा सहसा जारी/म2क नही सकया गया ह<।रह हमय नके पर ले गए ह_, सजसमय सआखाया गया ह< सक म,ल ररट यासचकाकताओ और अन ल:ग: क े सररासआत भ,खड/भ,सम क: छ:डकर, अन सभी पम2ख भ,खड अस्गहण से म2क कर सआए गए ह_।उन:ने ज:रआार ढग से पस2त सकया ह< सक क 2 ल भ,सम मय से लगभग 46.49 एकड सजसक े सलए ्ारा 4 क े तहत अस्स,चना जारी की गई थी, 10.83 एकड भ,सम क: ्ारा 5 ए क े तहत जाच क े चरण मय बाहर रखा गया था।अस्सनणय क े रल 34.61 एकड भ,सम क े सब् मय घ:सषत सकया गया और उसक े बाआ, 26.83 एकड भ,सम अस्सनणय पाररत ह:ने क े बाआ जारी/म2क की गई और 7.78 एकड भ,सम अस्गहण क े अ्ीन ही रही, सजसमय से आगे 4.056 एकड और 1.125 एकड भ,सम क े सब् मय आ: ररट यासचकाए लसबत ह_ और यह पस2त सकया गया ह< सक म,ल ररट यासचकाकताओ क े क े रल छ:टे भ,खड जारी/म2क नही सकए गए ह_, ज: सक उच नायालय दारा पहले ही आेखा और माना जा च2का ह< सक यह भेआभारप,ण और भारत क े ससर्ान क े अन2चे आ 14 का उलघन ह<। 4.[1] शी नीरज क 2 मार ज<न, सरदान रररष अस्रका, म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पेश हए, ने आगे कहा सक एक सरसपन सजआल, सजसकी भ,सम उसी अस्स,चना क े तहत घ:सषत की गई थी, ने उच नायालय क े समक ररट यासचका (सीडब,पी) सखा 3780/2008 आायर की, सजसमय अस्गहण क: च2नXती आी गई थी और ज: अस्गहण से भ,सम(ओ) की ररहाई/म2खक क े सलए भी पाथना करती ह<, सजसे उच नायालय दारा सआनाक 13.03.2008 क े आआेश दारा खाररज कर सआया गया था। यह सनरेआन सकया जाता ह< सक उक सरसपन सजआल ने इस नायालय क े समक आीरानी अपील आायर की थी और इस नायालय ने भ,-सासमय: क: भ,सम अस्गहण से म2क करराने क े सलए राज सरकार क े उपय2क पास्कारी क े समक एक अभारेआन आाखखल करने की अन2मसत आेकर उक आीरानी अपील का सनसारण सकया था। यह पस2त सकया जाता ह< सक इस नायालय ने सरशेष रप से कहा ह< सक राज सरकार की ओर से क 2 छ असगत रख अपनाया गया ह< और यसआ, समान रप से खसथत वखकय: क: राहत आी गई ह<, त: उसमय अपीलाथi क: समान राहत आी जानी चासहए.यह पस2त सकया जाता ह< सक उसक े बाआ उक सरसपन सजआल से सबस्त भ,सम क: इस शत पर सआनाक 02.08.2016 क े आआेश दारा जारी/म2क सकया गया ह< सक रह उसक े दारा पाप म2आरजे की रासश बाज ससहत सरभाग क: लXटा आेगा और रह सडक सरेखण हडा मय आने राली भ,सम क: रापस कर आेगा। 4.[2] शी नीरज क 2 मार ज<न, सरदान रररष अस्रका, म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पेश हए, हमय उच नायालय दारा ररट यासचका सखा 5732/1988 मय पाररत सनणय और आआेश तक भी ले गए ह_, सजसक े दारा उच नायालय ने अस्गहण क: रद कर सआया ह<।सरदान रररष अस्रका शी नीरज क 2 मार ज<न हमय सीडब,पी सखा 11377/1988 मय उच नायालय दारा पाररत उस सनणय और आआेश तक भी ले गए ह_, सजसक े दारा उच नायालय ने यह कहते हए अस्गहण क: रद कर सआया सक राज सरकार हररयाणा सर्ानसभा क े ततालीन अधक क े क 2 छ केत और रा्ा सामी सतग, क 2 रकेत से सबस्त एक अन भाग क े अस्गहण से पीछे हट गई ह<। यह पस2त सकया जाता ह< सक इससलए, उच नायालय ने कहा सक अस्गहण जारी रखने का राज सरकार का सनणय मनमाना और भारत क े ससर्ान क े अन2चे आ 14 का उलघन ह<।शी नीरज क 2 मार ज<न, सरदान रररष अस्रका दारा आगे यह पस2त सकया जाता ह< सक म,ल ररट यासचकाकताओ की भ,सम क े छ:टे सहसे/खड क: छ:डकर अन सभी पम2ख भ,सम/भ,खड जारी कर सआए गए ह_ और पशगत भ,सम की अब क:ई आरशकता नही ह< और इससलए, म,ल भ,सम मासलक: की भ,सम क: अस्गहण से म2क न करने का क:ई र<् कारण नही ह<।यह पस2त सकया जाता ह< सक इससलए, उच नायालय ने ररट यासचकाओ क: अन2मसत आेने और राज क: उनकी भ,सम क: अन2रपता पर अस्गहण से म2क करने का सनआDश आेने मय क:ई त2सट नही की ह<। 4.[3] शी ससचन ज<न, सीडब,पी न.10452/2014 से उतन एसएलपी (सी) न.11844/2022 मय म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पेश ह:ने राले सरदान अस्रका, हालासक इस पर क:ई सरराआ नही ह< सक म,ल ररट यासचकाकता से सबस्त भ,सम का पहले से ही उपय:ग सकया जा च2का ह< और सीरेज लाइन क े सलए उपय:ग सकया जा रहा ह<, ने पस2त सकया सक पाइप सबछाने क े सलए पहले से ही उपय:ग की जा रही भ,सम क: काटने क े बाआ शेष भ,सम क: जारी सकया जाना चासहए। 4.[4] सीडब,पी न.6729/2013 से उतन एसएलपी (सी) न.11842/2022 मय म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पेश हए सरदान अस्रका ने शी नीरज क 2 मार ज<न, सरदान रररष अस्रका दारा आी गई पस2सतय: क: सीकार सकया ह<।

5. शी आल:क सागरान, सरदान एएजी, राज की ओर से पेश हए और शी नीरज क 2 मार ज<न, सीडब,पी न.16346/2013 से उतन सससरल अपील मय उच नायालय क े समक म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पेश हए क: स2नने क े बाआ और ररकbड पर सामगी क: आेखने क े बाआ और सजस तरह से राज ने अस्गहण की कायराही क: सनपटाया ह< और समय-समय पर अस्गसहत भ,सम क: म2क करना सकया ह< और उसक े बाआ बहत सनआनीय ह<। इससे पहले राज सरकार दारा पभारशाली वखकय: क े सलए भ,सम जारी की गई थी और उसक े बाआ उच नायालय दारा पाररत सरसभन आआेश: क े अन2सार, सजनय राज दारा कभी भी च2नXती नही आी गई थी, यह अस्गसहत भ,सम क: जारी करने मय राज दारा मनमाने ढग से शखकय: का पय:ग करने क: आशाता ह<, ज: सारजसनक उदेश: क े सलए आरशक ह<।पारभ मय, यह धान आेने की आरशकता ह< सक जब नए केत: क: सरकससत करने क े सलए आरासीय और रासणखजक केत क े रप मय उपय:ग और सरकास क े सलए भ,सम का अस्गहण सकया जाता ह< और रह भी शहरी सरकास पास्करण दारा, त: भसरष की आरशकता पर सरचार करने की आरशकता ह:ती ह< और भसरष मय सरसार क: भी धान मय रखा जाना चासहए और/या धान मय रखा जाना चासहए।अगले 20-25 रषo मय भसरष मय सरसार क: धान मय रखना आरशक ह< और/या जब केत/नए केत: क े सरकास क े सलए इतनी बडी भ,सम क े उपय:ग की आरशकता ह:ती ह< त: इस पर सरचार सकया जाना आरशक ह<। 5.[1] रतमान मामले मय, यह सरराआ का सरषय नही ह< सक 21.04.1987 तक क: 46.49 एकड क े बडे केत का अस्गहण सकया गया था।हररयाणा शहरी सरकास पास्करण (हडा) दारा सेकर-11, क 2 रकेत मय आरासीय और रासणखजक केत क े रप मय भ,सम क े सरकास और उपय:ग क े सलए भ,सम का अस्गहण सकया गया था। ्ारा 4 क े तहत अस्गसहत की गई 46.49 एकड भ,सम मय से 10.83 एकड भ,सम क: ्ारा 5 ए क े तहत अस्स,चना क े चरण मय अस्गहण से बाहर रखा गया। शेष 35.66 एकड भ,सम मय से 1.05 एकड भ,सम ्ारा 6 की अस्स,चना और अस्सनणय क े बीच जारी की गई।इसक े बाआ शेष 34.61 एकड भ,सम मय से 26.83 एकड भ,सम सआनाक 12.04.1990 क े अस्सनणय क े बाआ जारी की गई।इससलए, शेष भ,सम क े रल 7.78 एकड की सीमा तक रह गई, सजसमय से रतमान मय भी लगभग 6 एकड भ,सम अस्गसहत की गई ह< ज: म2कआमेबाजी क े अ्ीन ह<।इससलए, सीडब,पी न. 16346/2013 क े म,ल ररट यासचकाकताओ क े सब् मय भ,सम क े रल भ,सम का छ:टा भ,खड ह< ज: शेष रह गया ह<।यसआ असभलेख पर पस2त सकए गए मानसचत पर सरचार सकया जाता ह<, त: भ,सम क े रतमान छ:टे सहसे/भ,खड क: छ:डकर, सजसका सरररण ऊपर सआया गया ह<, अन सभी बडे सहसे क: या त: राज दारा सय और/या उच नायालय दारा पाररत आआेश (ओ) क े अन2सरण मय जारी सकया गया ह<, सजसे राज दारा कभी च2नXती नही आी गई थी और ऐसा पतीत ह:ता ह< सक राज भ,सम क: अस्गहण से म2क करने क े उच नायालय क े सनणय से ख2श था। इस नायालय दारा उसी अस्स,चना दारा अस्गसहत भ,सम क े सब् मय सससरल अपील सखा 3235 और 3237/2015 मय पाररत पहले क े आआेश मय, यह पतीत ह:ता ह< सक इस नायालय ने म2आरजे की रापसी पर राज सरकार दारा भ,सम की म2खक पर धान सआया। इस नायालय ने इस तथ का सजान सलया सक कई भ,सम मासलक: ने सजनकी भ,सम अस्गसहत की गई थी, ने अस्स,चना क: च2नXती आेते हए ररट यासचकाए आायर की थी, सजनय राज सरकार क े समक अभारेआन आायर करने की सततता क े साथ रापस ले सलया गया था और उसक े बाआ, म2आरजे क े ररफड क े बाआ भ,सम क: जारी करने का आआेश आेकर ररट यासचकाकताओ क े पक मय अभारेआन: का जराब सआया गया था।इससलए, इस नायालय ने सरसपन सजआल (स2परा) क े मामले मय भी कसथत भ,सम मासलक क: यह कहते हए एक अभारेआन आायर करने की सनराससत सकया/अन2मसत आी सक सरकार की ओर से क 2 छ असगत रख अपनाया गया ह<।इसक े बाआ, सरसपन सजआल क े पसतसनस्त पर अन2क, ल सरचार सकया गया और उनकी भ,सम क: अस्गहण से म2क कर सआया गया। 5.[2] यहा तक सक सीडब,पी सखा 11377/1988 मय उच नायालय दारा पाररत सनणय और आआेश से, सजसक े दारा उच नायालय ने कसथत ररट यासचका की अन2मसत आी और कसथत अस्स,चना दारा अस्गसहत क 2 छ भ,सम क े सब् मय अस्गहण क: रद कर सआया, ऐसा पतीत ह:ता ह< सक उच नायालय ने ज: म,लाकन सकया ह< सक अस्सनयम की ्ारा 6 क े तहत अस्स,चना क े बाआ, सरकार ने क 2 छ केत ज: हररयाणा सर्ानसभा क े ततालीन अधक और रा्ा सामी सतग, क 2 रकेत से सबस्त एक अन भाग से अस्गहण रापस ले सलया। 5.[3] इस पकार, उपर:क से, यह सष ह< सक पहले सीडब,पी न.16346/2013 क े ररट यासचकाकताओ से सबस्त भ,सम क: छ:डकर, म,ल ररट यासचकाकताओ की भ,सम क े छ:टे पासल/भ,खड क: छ:डकर अन सभी भ,सम म2क की गयी थी की गई थी।अब भ,सम क: ना म2क करना इस आ्ार पर उसचत ठहराने की क:सशश की जा रही ह< सक अब इसका उपय:ग शbसपग मbल और पासक c ग क े रप मय करने का पसार ह<।यह धान आेने य:ग ह< सक पशगत भ,सम क 2 ल 46.49 एकड भ,सम क े साथ रष 1987 मय अस्गसहत की गई थी, सजसमय से, रतमान छ:टे पासल/भ,सम क े सहसे क: छ:डकर, अन सभी भ,सम जारी कर आी गई ह< और/या इसक े सब् मय अस्गहण क: रद कर सआया गया ह<। उपर:क तथ: और पररखसथसतय: पर सरचार करते हए, जब उच नायालय ने ररट यासचका क: अन2मसत आी ह<, सीडब,पी सखा 16346/2013 और अस्गहण की कायराही क: रद कर सआया ह< और पशगत भ,सम क: जारी करने का सनआDश सआया ह<, त: यह नही कहा जा सकता ह< सक उच नायालय क े एकल नाया्ीश और/या खड पीठ ने क:ई त2सट की ह< ज: इस नायालय क े हसकेप का कारण बनी ह<।इस नायालय क े हसकेप की क:ई आरशकता नही ह<।हालासक, आ:हरार की कीमत पर, हम उस तरीक े की सनआा करते ह_ सजसमय राज ने अस्गहण की कायराही क: सनपटाया ह< और भ,सम (ओ) क: जारी सकया ह< और/या अस्गहण क: मनमाने ढग से रद करने की अन2मसत आी ह<।इस तरह की भ,सम का अस्गहण आरासीय और रासणखजक सरकास उदेश: क े सलए सकया गया था, सजसका उपय:ग सारजसनक उदेश: और केत/केत क े सरकास क े सलए नही सकया जा सकता था और राज सरकार मनमाने ढग से और/या पकपात से भ,सम का उपय:ग सारजसनक उदेश: क े सलए करने मय सरफल रही ह< सजसक े सलए भ,सम का अस्गहण सकया गया था।राज सरकार जनता और जनता क े सहत की सरकक ह< और पभारशाली वखकय: क े पक मय पारसभक चरण मय भ,सम जारी करने क े बजाय जनता क े सहत क: सर्परर माना जाना आरशक था। राज भसरष मय इस बात का धान रखेगा और अस्गसहत की गई भ,सम का उपय:ग उसी पय:जन क े सलए करेगा सजसक े सलए रह अस्गसहत की गई ह< अनथा भ,सम अस्गसहत करने का उदेश और पय:जन सरफल ह: जाएगा। 5.[4] अब, जहा तक सीडब,पी सखा 10452/2014 से उतन सससरल अपील का सब् ह<, श2रआत मय यह न:ट करना आरशक ह< सक पशगत भ,सम का पहले से ही सीरेज लाइन: क े सलए उपय:ग और इसेमाल सकया जा रहा ह< और सीरेज लाइन: क े सनमाण मय लगभग 17 कर:ड रपये खच सकए गए ह_।इससलए, उच नायालय ने उक भ,सम क े सब् मय अस्गहण क: रद करने और सनरस करने मय बहत गभीर गलती की ह<, ज: पहले से ही सारजसनक उदेश क े सलए और इलाक े क े सनराससय: क े सलए उपय:ग की जा रही सीरेज लाइन: क े सलए उपय:ग मय लाई जा रही ह<।यसआ उस मामले मय उच नायालय दारा पाररत सनणय और आआेश लाग, ह:ता ह<, त: प,री सीरेज लाइन: क: हटाना ह:गा ज: 17 कर:ड रपये खच करक े बनाई गई ह_ और सजसका उपय:ग सारजसनक उदेश क े सलए सकया जा रहा ह<।म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पस2त सकया गया ह< सक पहले से ही सीरेज लाइन: क े सलए उपय:ग की जा रही भ,सम क: छ:डकर म2क की गई शेष भ,सम क: मज,र नही सकया जा सकता ह<। आसशक भ,सम जारी नही की जा सकती और/या आसशक भ,सम क े सब् मय, अस्गहण क: रद नही सकया जा सकता ह<।यह धान आेने य:ग ह< सक रतमान मामले मय भ,सम अस्गहण, अस्सनणय पाररत करने और म2आरजे क े भ2गतान ससहत अस्गहण प,रा कर सलया गया ह< और पशगत भ,सम सभी बा्ाओ से म2क ह:कर राज सरकार मय सनसहत ह<।इन पररखसथसतय: मय, सीडब,पी सखा 10452/2014 मय उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सनणय और आआेश सटकाऊ नही ह< और इसे खारीज और रद सकया जाना चासहए। 5.[5] इसी पकार, जहा तक सीडब,पी स. 6729/2013 से उआw भ,त सससरल अपील का सब् ह<, भ,सम क: अस्गहण से म2क करने क े सलए म,ल ररट यासचकाकताओ क े अभारेआन क: इस आ्ार पर असीकार कर सआया जाता ह< सक सडक क: चXडा करने क े सलए भ,सम की आरशकता ह<।नके क: आेखने क े बाआ, हमारी राय ह< सक जब राज दारा सडक क: चXडा करने क े सलए पशगत भ,सम की आरशकता ह:ती ह< और जब अस्सनणय की घ:षणा, अस्सनणय पाररत करने और म2आरजे क े भ2गतान ससहत प,री अस्गहण पसकया प,री ह: जाती ह<, त: उक भ,सम क े सब् मय अस्गहण क: रद नही सकया जाना चासहए था और/या उसी भ,सम क: जारी करने/म2क करने की आरशकता नही थी। राज दारा उक भ,सम, ज: सडक क: चXडा करने क े सलए आरशक ह<, क: जारी नही करने क े सलए प,री तरह से उसचत था।इन पररखसथसतय: मय, सीडब,पी सखा 6729/2013 मय उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सनणय और आआेश क: रद करने और खारीज करने य:ग ह<।

6. उपर:क क: धान मय रखते हए और उपर:क कारण: से, सीडब,पी सखा 16346/2013 मय पाररत आकेसपत सनणय और आआेश से उतन एसएलपी (सी) सखा 11843/2022 से उतन सससरल अपील क: उपर:क सटपसणय: क े साथ खाररज सकया जाता ह<।

7. उपय2क कारण: से, एसएलपी (सी) सखा 11844/2022 (सीडब,पी सखा 10452/2014 से उतन) और एसएलपी (सी) सखा 11842/2022 (सीडब,पी सखा 6729/2013 से उतन) और 2023 की एसएलपी (सी) सखा 3980 से उतन सससरल अपील: क: एतआw दारा अन2मसत आी जाती ह<। सीडब,पी सखा 10452/2014 और 6729/2013 मय उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सनणय और आआेश क: सनरस सकया जाता ह<। मामले क े तथ: और पररखसथसतय: मय लागत क े बारे मय क:ई आआेश नही ह:गा।.......जे. [एम. आर. शाह].......जे. [सी.टी रसरक 2 मार] नई सआली 24 फरररी, 2023 vLohdj.k%& LFkkuh; Hkk’kk esa vuqokfnr fu.k;Z oknh ds lhfer mi;ksx ds fy, gS rkfd og viuh Hkk’kk esa bls le> lds vkSj fdlh vU; m|s”; ds fy, bldk mi;ksx ugha fd;k tk ldrk gSA lHkh O;ogkfjd vkSj vkf/kdkfjd m|s”;ks ds fy, fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd gksxk vkSj fu’iknu vkSj dk;kZUo;u ds m)s”; ds fy, mi;qDr jgsxkA