Full Text
भारत क
े सर्च नायालय मय
सससरल अपीलीय केतास्कार
सससरल अपील स. 2023 का 1347 - 1349
(@ एसएलपी (सी) सखा 11842 – 11844/2022)
हररयाणा राज और अन ......अपीलकतागण
बनाम
सनरजन ससह र अन आसआ …पसतराआीगण
क
े साथ
सससरल अपील सखा 2023 का 1351
(@ एसएलपी (सी) सखा 3980/2023)
(@ डी. सखा 37052/2022)
ननर्य
एम. आर. शाह, जे.
JUDGMENT
1. सीडब,पी सखा 16346/2013, सीडब,पी सखा 6729/2013 और सीडब,पी सखा 10452/2014 मय चडीगढ मय पजाब और हररयाणा उच नायालय दारा पाररत आम सनणय और आआेश सआनाक 09.04.2021 से वसथत और असत2ष महस,स करते हए, सजसक े दारा, उच नायालय की खडपीठ ने उक ररट यासचकाओ क: सीकार कर सलया ह< और म,ल ररट यासचकाकताओ - म,ल भ,-सासमय: की उनकी सबस्त अस्गहीत भ,सम (जमीन:) क: छ:डने/म2क करने की पाथना क: असीकार करने की राज की कारराई क: रद कर सआया ह< और इसक े पररणामसरप, सनआDश सआया ह< अस्गहण से उनकी अस्गहीत भ,सम(य:) क: म2क सकया जाये, हररयाणा राज और अन ने रतमान अपील: क: पाथसमकता आी ह<।ररट यासचका सीडब,पी सखा 10452/2014 मय पाररत आकेसपत सनणय और आआेश से वसथत और असत2ष महस,स करते हए, अस्गहण क े लाभासथय: ने डायरी सखा 37052/2022 से उतन रतमान अपील क: भी पाथसमकता आी ह<। 1.[1] पारभ मय, यह धान सआया जाना आरशक ह< सक एसएलपी (सी) सखा 11842/2022 से उतन ह:ने राली सससरल अपील सखा 1347/2023 का सब् ह<, यह सीडब,पी स. 6729/2013 मय उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सनणय और आआेश क े सररद ह<। एसएलपी (सी) सखा 11843/2022 से उतन ह:ने राली सससरल अपील सखा 1348/2023 का सब् ह<, यह सीडब,पी सखा 16346/2013 मय उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सनणय और आआेश क े खखलाफ ह< और एसएलपी (सी) सखा 11844/2022 से उतन ह:ने राली सससरल अपील सखा 1349/2023 का सब् ह<, यह सीडब,पी सखा 10452/2014 मय उच नायालय दारा पाररत सनणय और आआेश क े खखलाफ ह<।
2. स2सर्ा क े सलए, सीडब,पी सखा 16346/2013 क े तथ: पर सरचार सकया जाता ह< सजसे उच नायालय ने भी एक पम2ख मामला माना था। न न ल अप ल ख 1348/2023 म डबप ख 16346/2013 न उतन तथ 2.[1] यह सक हररयाणा राज ने भ,सम अस्गहण अस्सनयम, 1894 (इसक े बाआ अस्सनयम क े रप मय सआसभत) की ्ारा 4 क े तहत सआनाक 21.04.1987 क: एक अस्स,चना जारी की, सजसका उदेश आरासीय और रासणखजक सेकर 11, क 2 रकेत क े रप मय भ,सम क े सरकास और उपय:ग क े सलए 35.76 एकड भ,सम का अस्गहण करना था और इसक े बाआ अस्सनयम की ्ारा 6 क े तहत सआनाक 20.04.1988 क: घ:षणा/अस्स,चना जारी की गई।सभी सबस्त भ,सम मासलक: से आपसRया आमसतत की गई थी।इसक े बाआ, भ,सम अस्गहण कलेकर दारा 12.04.1990 क: क े रल 34.61 एकड भ,सम क े सलए अस्सनणय सआया गया। इसक े बाआ हररयाणा सरकार ने अस्सनयम की ्ारा 4 क े तहत सेकर 6 और 11, क 2 रकेत मय आरासीय, रासणखजक और ससथागत उदेश: क े सलए 126.30 एकड भ,सम क े अस्गहण क े सलए 11 फरररी, 2002 क: एक और अस्स,चना जारी की थी।ऐसा पतीत ह:ता ह< सक अस्सनयम की ्ारा 6 क े तहत अस्स,चना जारी ह:ने से पहले ही 43 भ,सम ्ारक: की 81.91 एकड भ,सम जारी/म2क की जा च2की थी, सजस पर नीचे सरचार सकया जाएगा।यह सक उसक े बाआ, सीडब,पी सखा 16346/2013 क े म,ल ररट यासचकाकताओ क: छ:डकर, सरसभन भ,सम ्ारक: की शेष भ,सम या त: राज सरकार दारा अस्गहण से या सरसभन ररट यासचकाओ मय उच नायालय दारा पाररत आआेश (ओ) क े अन2सरण मय जारी/म2क की गई, सजसका केतफल 40.80 एकड ह<। सआनाक 21.04.1987 की अस्स,चना दारा अस्गसहत भ,सम क े सब् मय सारणीबद रप मय जारी/म2क की गई भ,सम का सरररण सनमान2सार ह<V कम सखा एल. ए. अस्सनयम, 1894 क े तहत अस्गसहत भ,सम का अस्गहण सरररण एकड मय केतफल 1 ्ारा 4, 21.4.1987 46.49 2 ्ारा 5-क क े अतगत भ,सम सजसक: शासमल नही सकया गया ह< 10.83 3 ्ारा 6, 20.4.1988 35.66 4 ्ारा 6 र अस्सनणय क े बीच जारी/म2क की गयी भ,सम 1.05 5 अस्सनणय 12.04.1990 34.61 6 अस्सनणय क े बाआ जारी/ म2क की गयी भ,सम
26.83 7 शेष भ,सम केत [5-(6 + 7)] 7.78 8 ्ारा 24 (2) क े तहत लसबत सीडब,पी 4.056 9 ्ारा 24 (2) क े तहत क े अलारा लसबत सीडब,पी 1.125 10 सीडब,पी खाररज/अस्गहण बरकरार NA 11 सीडब,पी क: अन2मसत/अस्गहण क: माननीय उच नायालय दारा रद कर सआया गया, जहा एसएलपी आायर की जानी ह< या अभी आायर की जानी ह< ।
0.50 2.[2] उसक े बाआ, म,ल ररट यासचकाकताओ ने सीडब,पी सखा 371/2008 आायर करक े अस्गहण क: च2नXती आेते हए उच नायालय क े समक ररट यासचका आायर की, सजसे भ,सम मासलक: क: अपनी सशकायत क े सनरारण क े सलए सबस्त अस्काररय: क े समक एक अभारेआन आायर करने की सततता पआान करक े सआनाक 11.01.2008 क े आआेश दारा, रापस ले सलए जाने क े पररमाणसरप, खाररज कर सआया गया।सजसक े पररणामसरप, म,ल ररट यासचकाकताओ ने सआनाक 22.01.2008 क: एक अभारेआन आायर सकया सजसमय उनकी अस्गहीत भ,सम क: समान रप से खसथत वखकय: क े साथ समता पर जारी/म2क करने की पाथना की गई, सजनकी भ,सम राज दारा जारी/म2क की गई थी।उसक े बाआ, आ, सरे आXर की म2कआमेबाजी क े बाआ, अभारेआन खाररज कर सआया गया और म,ल भ,-सासमय: की उनकी अपनी भ,सम क: अस्गहण से म2क करने की पाथना क: खाररज कर सआया गया।उच नायालय क े समक सीडब,पी सखा 16346/2013 का सरषय भी यही था। 2.[3] अब, जहा तक सीडब,पी सखा 6729/2013 से उतन सससरल अपील का सब् ह<, म,ल भ,सम मासलक: दारा अपनी अस्गसहत भ,सम क: जारी/ म2क करने क े सलए आायर अभारेआन क: सआनाक 15.06.2012 क े आआेश दारा असीकार कर सआया गया, ज: सीडब,पी सखा 6729/2013 का सरषय था। 2.[4] इसी पकार, म,ल ररट यासचकाकता - अनीता क 2 मारी शमा ने उच नायालय क े समक सीडब,पी सखा 10452/2014 आायर की सजसमय भ,सम क: अस्गहण से म2क करने की उनकी पाथना क: खाररज कर सआया गया। 2.[5] आकेसपत सामान सनणय और आआेश दारा, उच नायालय ने उक ररट यासचकाओ क: मज,र कर सलया ह< और सरकार दारा जारी सकए गए आआेश:/अस्स,चनाओ क: और ररट यासचकाकताओ-म,ल भ,सम मासलक: दारा अपनी-अपनी अस्गसहत भ,सम (ओ) क: जारी/म2क करने की पाथना क: असीकार करने मय राज सरकार की कारराई क: यह कहते हए रद कर सआया ह< सक समान रप से खसथत भ,सम मासलक: की भ,सम का बडा सहसा पहले से ही जारी/म2क था।नतीजतन, उच नायालय ने म,ल भ,सम मासलक: की भ,सम क: अस्गहण से म2क करने का सनआDश सआया ह<। 2.[6] उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सामान सनणय और आआेश से वसथत और असत2ष महस,स करते हए हररयाणा राज और अन ने रतमान अपील: क: पाथसमकता आी ह<।
3. राज की ओर से उपखसथत सरदान ए. ए. जी. शी आल:क सागरान ने ज:रआार रप से पस2त सकया ह< सक इस पकार पशगत भ,सम की राज क: आरशकता ह< और इससलए, उच नायालय ने पशगत भ,सम क: अस्गहण से म2क करने का सनआDश आेने मय रस2तV गलती की ह<।
3. 1 राज की ओर से उपखसथत सरदान ए. ए. जी. शी सागरान दारा ज:रआार रप से पस2त सकया गया ह< सक एक बार अस्सनयम क े तहत आरशक पसकया का पालन करने क े बाआ पशगत भ,सम का अस्गहण कर सलया गया था और उसक े बाआ, अस्सनणय पाररत सकया गया था और यहा तक सक म2आरजा भी आे सआया गया था और कबा ले सलया गया और भ,सम रासर मय राज सरकार/अस्गहण सनकाय मय सनसहत ह: गई।यह पस2त सकया जाता ह< सक इससलए, उच नायालय ने अस्गसहत भ,सम क: अस्गहण से म2क करने का सनआDश आेने मय रस2तV गलती की ह<. 3.[2] सरदान ए. ए. जी. दारा आगे यह पस2त सकया जाता ह< सक उच नायालय ने इस तथ की उसचत रप से सराहना नही की ह< सक सरसभन ररट यासचकाओ मय उच नायालय दारा पाररत आआेश (ओ) क े अन2सरण मय राज दारा अन भ,सम जारी/ म2क की गई थी। 3.[3] राज की ओर से उपखसथत सरदान एएजी दारा यह भी पस2त सकया गया ह< सक जहा तक सीडब,पी सखा 10452/2014 क े सब् मय अस्गसहत भ,सम का सब् ह<, सरचारा्ीन भ,सम पहले से ही काम मय लायी जा च2की ह< और उसका सीरेज लाइन क े सलए उपय:ग सकया जा च2का ह< और र.17 कर:ड सीरेज लाइन क े सनमाण मय खच सकए गए ह_ और यह पस2त सकया गया ह< सक यसआ उच नायालय क े आआेश क े अन2सार भ,सम जारी/ म2क की जाती ह<, त: यह जनसहत क े खखलाफ ह:गा और प,री सीरेज लाइन, ज: रपये 17 कर:ड खच करक े बनाई गई ह<, क: हटाया जाना ह:गा। सथानीय सनराससय: की ओर से उपखसथत सरदान अस्रका शी गXरर अगराल ने भी ज:रआार ढग से पस2त सकया ह< सक यसआ सरचारा्ीन भ,सम क: उच नायालय क े आआेश क े अन2सार अस्गहण से म2क सकया जाता ह< त: उस मामले मय पहले से सनसमत सीरेज लाइन क: हटाना ह:गा ज: सक जनसहत क े सररद ह:गा और म:हले क े सनराससय: क े सहत क े भी सररद ह:। 3.[4] आगे यह सनरेआन सकया जाता ह< सक जहा तक सीडब,पी सखा 6729/2013 क े सब् मय भ,सम का सब् ह<, सडक क: चXडा करने क े सलए राज दारा इसकी आरशकता ह< और इससलए, राज दारा भ,सम क: अस्गहण से म2क करने से इनकार करना उसचत था। 3.[5] अब, जहा तक सीडब,पी सखा 16346/2013 क े सब् मय भ,सम का सब् ह<, यह पस2त सकया जाता ह< सक शbसपग मbल और पासक c ग क े सनमाण क े सलए उक भ,सम की आरशकता ह< और इससलए, म,ल भ,सम क े मासलक: की अपनी भ,सम क: अस्गहण से म2क करने की पाथना क: पास्करण दारा सही रप से असीकार कर सआया गया था। 3.[6] उपर:क पस2सतयाd करते हए, सरदान एएजी दारा यह ज:रआार रप से पस2त सकया गया ह< सक उच नायालय ने म,ल ररट यासचकाकताओ-भ,सम मासलक: की उनकी अपनी भ,सम क: अस्गहण से म2क करने की पाथना क: असीकार करने राले राज/पास्कारी दारा पाररत आआेश: क: रद करने और उनय अपास करने मय रस2तV गलती की ह< और उच नायालय ने पशगत अस्गसहत भ,सम क: अस्गहण से म2क करने का सनआेश आेने मय रस2तV गलती की ह<।
4. सीडब,पी सखा 16346/2013 से उतन ह:ने राली सससरल अपील का सरर:् करते हए, शी नीरज क 2 मार ज<न, सरदान रररष अस्रका ने ज:रआार ढग से पस2त सकया ह< सक रतमान मामले मय, राज सरकार ने अस्स,चना से उतन ह:ने राली भ,सम का बडा सहसा जारी/म2क कर सआया ह< और क े रल, म,ल ररट यासचकाकताओ की भ,सम का छ:टा सहसा जारी/म2क नही सकया गया ह<।रह हमय नके पर ले गए ह_, सजसमय सआखाया गया ह< सक म,ल ररट यासचकाकताओ और अन ल:ग: क े सररासआत भ,खड/भ,सम क: छ:डकर, अन सभी पम2ख भ,खड अस्गहण से म2क कर सआए गए ह_।उन:ने ज:रआार ढग से पस2त सकया ह< सक क 2 ल भ,सम मय से लगभग 46.49 एकड सजसक े सलए ्ारा 4 क े तहत अस्स,चना जारी की गई थी, 10.83 एकड भ,सम क: ्ारा 5 ए क े तहत जाच क े चरण मय बाहर रखा गया था।अस्सनणय क े रल 34.61 एकड भ,सम क े सब् मय घ:सषत सकया गया और उसक े बाआ, 26.83 एकड भ,सम अस्सनणय पाररत ह:ने क े बाआ जारी/म2क की गई और 7.78 एकड भ,सम अस्गहण क े अ्ीन ही रही, सजसमय से आगे 4.056 एकड और 1.125 एकड भ,सम क े सब् मय आ: ररट यासचकाए लसबत ह_ और यह पस2त सकया गया ह< सक म,ल ररट यासचकाकताओ क े क े रल छ:टे भ,खड जारी/म2क नही सकए गए ह_, ज: सक उच नायालय दारा पहले ही आेखा और माना जा च2का ह< सक यह भेआभारप,ण और भारत क े ससर्ान क े अन2चे आ 14 का उलघन ह<। 4.[1] शी नीरज क 2 मार ज<न, सरदान रररष अस्रका, म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पेश हए, ने आगे कहा सक एक सरसपन सजआल, सजसकी भ,सम उसी अस्स,चना क े तहत घ:सषत की गई थी, ने उच नायालय क े समक ररट यासचका (सीडब,पी) सखा 3780/2008 आायर की, सजसमय अस्गहण क: च2नXती आी गई थी और ज: अस्गहण से भ,सम(ओ) की ररहाई/म2खक क े सलए भी पाथना करती ह<, सजसे उच नायालय दारा सआनाक 13.03.2008 क े आआेश दारा खाररज कर सआया गया था। यह सनरेआन सकया जाता ह< सक उक सरसपन सजआल ने इस नायालय क े समक आीरानी अपील आायर की थी और इस नायालय ने भ,-सासमय: क: भ,सम अस्गहण से म2क करराने क े सलए राज सरकार क े उपय2क पास्कारी क े समक एक अभारेआन आाखखल करने की अन2मसत आेकर उक आीरानी अपील का सनसारण सकया था। यह पस2त सकया जाता ह< सक इस नायालय ने सरशेष रप से कहा ह< सक राज सरकार की ओर से क 2 छ असगत रख अपनाया गया ह< और यसआ, समान रप से खसथत वखकय: क: राहत आी गई ह<, त: उसमय अपीलाथi क: समान राहत आी जानी चासहए.यह पस2त सकया जाता ह< सक उसक े बाआ उक सरसपन सजआल से सबस्त भ,सम क: इस शत पर सआनाक 02.08.2016 क े आआेश दारा जारी/म2क सकया गया ह< सक रह उसक े दारा पाप म2आरजे की रासश बाज ससहत सरभाग क: लXटा आेगा और रह सडक सरेखण हडा मय आने राली भ,सम क: रापस कर आेगा। 4.[2] शी नीरज क 2 मार ज<न, सरदान रररष अस्रका, म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पेश हए, हमय उच नायालय दारा ररट यासचका सखा 5732/1988 मय पाररत सनणय और आआेश तक भी ले गए ह_, सजसक े दारा उच नायालय ने अस्गहण क: रद कर सआया ह<।सरदान रररष अस्रका शी नीरज क 2 मार ज<न हमय सीडब,पी सखा 11377/1988 मय उच नायालय दारा पाररत उस सनणय और आआेश तक भी ले गए ह_, सजसक े दारा उच नायालय ने यह कहते हए अस्गहण क: रद कर सआया सक राज सरकार हररयाणा सर्ानसभा क े ततालीन अधक क े क 2 छ केत और रा्ा सामी सतग, क 2 रकेत से सबस्त एक अन भाग क े अस्गहण से पीछे हट गई ह<। यह पस2त सकया जाता ह< सक इससलए, उच नायालय ने कहा सक अस्गहण जारी रखने का राज सरकार का सनणय मनमाना और भारत क े ससर्ान क े अन2चे आ 14 का उलघन ह<।शी नीरज क 2 मार ज<न, सरदान रररष अस्रका दारा आगे यह पस2त सकया जाता ह< सक म,ल ररट यासचकाकताओ की भ,सम क े छ:टे सहसे/खड क: छ:डकर अन सभी पम2ख भ,सम/भ,खड जारी कर सआए गए ह_ और पशगत भ,सम की अब क:ई आरशकता नही ह< और इससलए, म,ल भ,सम मासलक: की भ,सम क: अस्गहण से म2क न करने का क:ई र<् कारण नही ह<।यह पस2त सकया जाता ह< सक इससलए, उच नायालय ने ररट यासचकाओ क: अन2मसत आेने और राज क: उनकी भ,सम क: अन2रपता पर अस्गहण से म2क करने का सनआDश आेने मय क:ई त2सट नही की ह<। 4.[3] शी ससचन ज<न, सीडब,पी न.10452/2014 से उतन एसएलपी (सी) न.11844/2022 मय म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पेश ह:ने राले सरदान अस्रका, हालासक इस पर क:ई सरराआ नही ह< सक म,ल ररट यासचकाकता से सबस्त भ,सम का पहले से ही उपय:ग सकया जा च2का ह< और सीरेज लाइन क े सलए उपय:ग सकया जा रहा ह<, ने पस2त सकया सक पाइप सबछाने क े सलए पहले से ही उपय:ग की जा रही भ,सम क: काटने क े बाआ शेष भ,सम क: जारी सकया जाना चासहए। 4.[4] सीडब,पी न.6729/2013 से उतन एसएलपी (सी) न.11842/2022 मय म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पेश हए सरदान अस्रका ने शी नीरज क 2 मार ज<न, सरदान रररष अस्रका दारा आी गई पस2सतय: क: सीकार सकया ह<।
5. शी आल:क सागरान, सरदान एएजी, राज की ओर से पेश हए और शी नीरज क 2 मार ज<न, सीडब,पी न.16346/2013 से उतन सससरल अपील मय उच नायालय क े समक म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पेश हए क: स2नने क े बाआ और ररकbड पर सामगी क: आेखने क े बाआ और सजस तरह से राज ने अस्गहण की कायराही क: सनपटाया ह< और समय-समय पर अस्गसहत भ,सम क: म2क करना सकया ह< और उसक े बाआ बहत सनआनीय ह<। इससे पहले राज सरकार दारा पभारशाली वखकय: क े सलए भ,सम जारी की गई थी और उसक े बाआ उच नायालय दारा पाररत सरसभन आआेश: क े अन2सार, सजनय राज दारा कभी भी च2नXती नही आी गई थी, यह अस्गसहत भ,सम क: जारी करने मय राज दारा मनमाने ढग से शखकय: का पय:ग करने क: आशाता ह<, ज: सारजसनक उदेश: क े सलए आरशक ह<।पारभ मय, यह धान आेने की आरशकता ह< सक जब नए केत: क: सरकससत करने क े सलए आरासीय और रासणखजक केत क े रप मय उपय:ग और सरकास क े सलए भ,सम का अस्गहण सकया जाता ह< और रह भी शहरी सरकास पास्करण दारा, त: भसरष की आरशकता पर सरचार करने की आरशकता ह:ती ह< और भसरष मय सरसार क: भी धान मय रखा जाना चासहए और/या धान मय रखा जाना चासहए।अगले 20-25 रषo मय भसरष मय सरसार क: धान मय रखना आरशक ह< और/या जब केत/नए केत: क े सरकास क े सलए इतनी बडी भ,सम क े उपय:ग की आरशकता ह:ती ह< त: इस पर सरचार सकया जाना आरशक ह<। 5.[1] रतमान मामले मय, यह सरराआ का सरषय नही ह< सक 21.04.1987 तक क: 46.49 एकड क े बडे केत का अस्गहण सकया गया था।हररयाणा शहरी सरकास पास्करण (हडा) दारा सेकर-11, क 2 रकेत मय आरासीय और रासणखजक केत क े रप मय भ,सम क े सरकास और उपय:ग क े सलए भ,सम का अस्गहण सकया गया था। ्ारा 4 क े तहत अस्गसहत की गई 46.49 एकड भ,सम मय से 10.83 एकड भ,सम क: ्ारा 5 ए क े तहत अस्स,चना क े चरण मय अस्गहण से बाहर रखा गया। शेष 35.66 एकड भ,सम मय से 1.05 एकड भ,सम ्ारा 6 की अस्स,चना और अस्सनणय क े बीच जारी की गई।इसक े बाआ शेष 34.61 एकड भ,सम मय से 26.83 एकड भ,सम सआनाक 12.04.1990 क े अस्सनणय क े बाआ जारी की गई।इससलए, शेष भ,सम क े रल 7.78 एकड की सीमा तक रह गई, सजसमय से रतमान मय भी लगभग 6 एकड भ,सम अस्गसहत की गई ह< ज: म2कआमेबाजी क े अ्ीन ह<।इससलए, सीडब,पी न. 16346/2013 क े म,ल ररट यासचकाकताओ क े सब् मय भ,सम क े रल भ,सम का छ:टा भ,खड ह< ज: शेष रह गया ह<।यसआ असभलेख पर पस2त सकए गए मानसचत पर सरचार सकया जाता ह<, त: भ,सम क े रतमान छ:टे सहसे/भ,खड क: छ:डकर, सजसका सरररण ऊपर सआया गया ह<, अन सभी बडे सहसे क: या त: राज दारा सय और/या उच नायालय दारा पाररत आआेश (ओ) क े अन2सरण मय जारी सकया गया ह<, सजसे राज दारा कभी च2नXती नही आी गई थी और ऐसा पतीत ह:ता ह< सक राज भ,सम क: अस्गहण से म2क करने क े उच नायालय क े सनणय से ख2श था। इस नायालय दारा उसी अस्स,चना दारा अस्गसहत भ,सम क े सब् मय सससरल अपील सखा 3235 और 3237/2015 मय पाररत पहले क े आआेश मय, यह पतीत ह:ता ह< सक इस नायालय ने म2आरजे की रापसी पर राज सरकार दारा भ,सम की म2खक पर धान सआया। इस नायालय ने इस तथ का सजान सलया सक कई भ,सम मासलक: ने सजनकी भ,सम अस्गसहत की गई थी, ने अस्स,चना क: च2नXती आेते हए ररट यासचकाए आायर की थी, सजनय राज सरकार क े समक अभारेआन आायर करने की सततता क े साथ रापस ले सलया गया था और उसक े बाआ, म2आरजे क े ररफड क े बाआ भ,सम क: जारी करने का आआेश आेकर ररट यासचकाकताओ क े पक मय अभारेआन: का जराब सआया गया था।इससलए, इस नायालय ने सरसपन सजआल (स2परा) क े मामले मय भी कसथत भ,सम मासलक क: यह कहते हए एक अभारेआन आायर करने की सनराससत सकया/अन2मसत आी सक सरकार की ओर से क 2 छ असगत रख अपनाया गया ह<।इसक े बाआ, सरसपन सजआल क े पसतसनस्त पर अन2क, ल सरचार सकया गया और उनकी भ,सम क: अस्गहण से म2क कर सआया गया। 5.[2] यहा तक सक सीडब,पी सखा 11377/1988 मय उच नायालय दारा पाररत सनणय और आआेश से, सजसक े दारा उच नायालय ने कसथत ररट यासचका की अन2मसत आी और कसथत अस्स,चना दारा अस्गसहत क 2 छ भ,सम क े सब् मय अस्गहण क: रद कर सआया, ऐसा पतीत ह:ता ह< सक उच नायालय ने ज: म,लाकन सकया ह< सक अस्सनयम की ्ारा 6 क े तहत अस्स,चना क े बाआ, सरकार ने क 2 छ केत ज: हररयाणा सर्ानसभा क े ततालीन अधक और रा्ा सामी सतग, क 2 रकेत से सबस्त एक अन भाग से अस्गहण रापस ले सलया। 5.[3] इस पकार, उपर:क से, यह सष ह< सक पहले सीडब,पी न.16346/2013 क े ररट यासचकाकताओ से सबस्त भ,सम क: छ:डकर, म,ल ररट यासचकाकताओ की भ,सम क े छ:टे पासल/भ,खड क: छ:डकर अन सभी भ,सम म2क की गयी थी की गई थी।अब भ,सम क: ना म2क करना इस आ्ार पर उसचत ठहराने की क:सशश की जा रही ह< सक अब इसका उपय:ग शbसपग मbल और पासक c ग क े रप मय करने का पसार ह<।यह धान आेने य:ग ह< सक पशगत भ,सम क 2 ल 46.49 एकड भ,सम क े साथ रष 1987 मय अस्गसहत की गई थी, सजसमय से, रतमान छ:टे पासल/भ,सम क े सहसे क: छ:डकर, अन सभी भ,सम जारी कर आी गई ह< और/या इसक े सब् मय अस्गहण क: रद कर सआया गया ह<। उपर:क तथ: और पररखसथसतय: पर सरचार करते हए, जब उच नायालय ने ररट यासचका क: अन2मसत आी ह<, सीडब,पी सखा 16346/2013 और अस्गहण की कायराही क: रद कर सआया ह< और पशगत भ,सम क: जारी करने का सनआDश सआया ह<, त: यह नही कहा जा सकता ह< सक उच नायालय क े एकल नाया्ीश और/या खड पीठ ने क:ई त2सट की ह< ज: इस नायालय क े हसकेप का कारण बनी ह<।इस नायालय क े हसकेप की क:ई आरशकता नही ह<।हालासक, आ:हरार की कीमत पर, हम उस तरीक े की सनआा करते ह_ सजसमय राज ने अस्गहण की कायराही क: सनपटाया ह< और भ,सम (ओ) क: जारी सकया ह< और/या अस्गहण क: मनमाने ढग से रद करने की अन2मसत आी ह<।इस तरह की भ,सम का अस्गहण आरासीय और रासणखजक सरकास उदेश: क े सलए सकया गया था, सजसका उपय:ग सारजसनक उदेश: और केत/केत क े सरकास क े सलए नही सकया जा सकता था और राज सरकार मनमाने ढग से और/या पकपात से भ,सम का उपय:ग सारजसनक उदेश: क े सलए करने मय सरफल रही ह< सजसक े सलए भ,सम का अस्गहण सकया गया था।राज सरकार जनता और जनता क े सहत की सरकक ह< और पभारशाली वखकय: क े पक मय पारसभक चरण मय भ,सम जारी करने क े बजाय जनता क े सहत क: सर्परर माना जाना आरशक था। राज भसरष मय इस बात का धान रखेगा और अस्गसहत की गई भ,सम का उपय:ग उसी पय:जन क े सलए करेगा सजसक े सलए रह अस्गसहत की गई ह< अनथा भ,सम अस्गसहत करने का उदेश और पय:जन सरफल ह: जाएगा। 5.[4] अब, जहा तक सीडब,पी सखा 10452/2014 से उतन सससरल अपील का सब् ह<, श2रआत मय यह न:ट करना आरशक ह< सक पशगत भ,सम का पहले से ही सीरेज लाइन: क े सलए उपय:ग और इसेमाल सकया जा रहा ह< और सीरेज लाइन: क े सनमाण मय लगभग 17 कर:ड रपये खच सकए गए ह_।इससलए, उच नायालय ने उक भ,सम क े सब् मय अस्गहण क: रद करने और सनरस करने मय बहत गभीर गलती की ह<, ज: पहले से ही सारजसनक उदेश क े सलए और इलाक े क े सनराससय: क े सलए उपय:ग की जा रही सीरेज लाइन: क े सलए उपय:ग मय लाई जा रही ह<।यसआ उस मामले मय उच नायालय दारा पाररत सनणय और आआेश लाग, ह:ता ह<, त: प,री सीरेज लाइन: क: हटाना ह:गा ज: 17 कर:ड रपये खच करक े बनाई गई ह_ और सजसका उपय:ग सारजसनक उदेश क े सलए सकया जा रहा ह<।म,ल ररट यासचकाकताओ की ओर से पस2त सकया गया ह< सक पहले से ही सीरेज लाइन: क े सलए उपय:ग की जा रही भ,सम क: छ:डकर म2क की गई शेष भ,सम क: मज,र नही सकया जा सकता ह<। आसशक भ,सम जारी नही की जा सकती और/या आसशक भ,सम क े सब् मय, अस्गहण क: रद नही सकया जा सकता ह<।यह धान आेने य:ग ह< सक रतमान मामले मय भ,सम अस्गहण, अस्सनणय पाररत करने और म2आरजे क े भ2गतान ससहत अस्गहण प,रा कर सलया गया ह< और पशगत भ,सम सभी बा्ाओ से म2क ह:कर राज सरकार मय सनसहत ह<।इन पररखसथसतय: मय, सीडब,पी सखा 10452/2014 मय उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सनणय और आआेश सटकाऊ नही ह< और इसे खारीज और रद सकया जाना चासहए। 5.[5] इसी पकार, जहा तक सीडब,पी स. 6729/2013 से उआw भ,त सससरल अपील का सब् ह<, भ,सम क: अस्गहण से म2क करने क े सलए म,ल ररट यासचकाकताओ क े अभारेआन क: इस आ्ार पर असीकार कर सआया जाता ह< सक सडक क: चXडा करने क े सलए भ,सम की आरशकता ह<।नके क: आेखने क े बाआ, हमारी राय ह< सक जब राज दारा सडक क: चXडा करने क े सलए पशगत भ,सम की आरशकता ह:ती ह< और जब अस्सनणय की घ:षणा, अस्सनणय पाररत करने और म2आरजे क े भ2गतान ससहत प,री अस्गहण पसकया प,री ह: जाती ह<, त: उक भ,सम क े सब् मय अस्गहण क: रद नही सकया जाना चासहए था और/या उसी भ,सम क: जारी करने/म2क करने की आरशकता नही थी। राज दारा उक भ,सम, ज: सडक क: चXडा करने क े सलए आरशक ह<, क: जारी नही करने क े सलए प,री तरह से उसचत था।इन पररखसथसतय: मय, सीडब,पी सखा 6729/2013 मय उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सनणय और आआेश क: रद करने और खारीज करने य:ग ह<।
6. उपर:क क: धान मय रखते हए और उपर:क कारण: से, सीडब,पी सखा 16346/2013 मय पाररत आकेसपत सनणय और आआेश से उतन एसएलपी (सी) सखा 11843/2022 से उतन सससरल अपील क: उपर:क सटपसणय: क े साथ खाररज सकया जाता ह<।
7. उपय2क कारण: से, एसएलपी (सी) सखा 11844/2022 (सीडब,पी सखा 10452/2014 से उतन) और एसएलपी (सी) सखा 11842/2022 (सीडब,पी सखा 6729/2013 से उतन) और 2023 की एसएलपी (सी) सखा 3980 से उतन सससरल अपील: क: एतआw दारा अन2मसत आी जाती ह<। सीडब,पी सखा 10452/2014 और 6729/2013 मय उच नायालय दारा पाररत आकेसपत सनणय और आआेश क: सनरस सकया जाता ह<। मामले क े तथ: और पररखसथसतय: मय लागत क े बारे मय क:ई आआेश नही ह:गा।.......जे. [एम. आर. शाह].......जे. [सी.टी रसरक 2 मार] नई सआली 24 फरररी, 2023 vLohdj.k%& LFkkuh; Hkk’kk esa vuqokfnr fu.k;Z oknh ds lhfer mi;ksx ds fy, gS rkfd og viuh Hkk’kk esa bls le> lds vkSj fdlh vU; m|s”; ds fy, bldk mi;ksx ugha fd;k tk ldrk gSA lHkh O;ogkfjd vkSj vkf/kdkfjd m|s”;ks ds fy, fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd gksxk vkSj fu’iknu vkSj dk;kZUo;u ds m)s”; ds fy, mi;qDr jgsxkA