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High Court of Madhya Pradesh · 24 Feb 2023
M. R. Shastri
Criminal Appeal No. 586/2023
criminal appeal_dismissed Significant

AI Summary

The Supreme Court upheld the murder conviction under Sections 302 and 34 IPC, affirming the applicability of common intention doctrine and sufficiency of circumstantial evidence despite procedural challenges.

Full Text
Translation output
अससस्वीकरण & ससस्थानस्वीय भस्थाषस्था ममें ननणयर्य कस्था अननसस्थाद पक्षकस्थाररों कके सस्वीममत प्रययोग हकेतन ककयस्था गयस्था हह] तस्थाकक सयो अपनस्वी भस्थाषस्था ममें इसके समझ सकके
एसवं यह ककसस्वी अनय प्रययोजन हकेतन प्रययोग नहहवं ककयस्था जस्थाएगस्था। समसत कस्थायस्थारर्ययस्वीन एसवं वयस्थासहस्थाररक प्रययोजनरों हकेतन ननणर्यय कस्था अवंगकेज़स्वी
सवंसकरण हह अमभप्रमस्थाणणत मस्थानस्था जस्थाएगस्था और ननषपस्थादन एसवं कक्रियस्थानसयन हकेतन उसके हह सरहयतस्था दह जस्थाएगस्वी।
अप्रकस्थाशनस्वीय
भस्थारत कके ससर्वोचच्च नयस्थायस्थारय कके समक्ष
आपरस्थाधधिक अपस्वीरहय आधधिकस्थाररतस्था
आपरस्थाधधिक अपस्वीर सवं. ५८६ / २०२३
वसशकेष अननमनत यस्थाधच्चकस्था (आपरस्थाधधिक) सवंखयस्था ८६९२ / २०२२ सके उदभदत
मधयप्रदकेश रस्थाजय
अपस्वीरकतस्थार्य
वसरुदधि
जड़बस्थाई
प्रनतसस्थादह
ननिरर्णय
नयस्थायमदनतर्य एम आर शस्थाह
अननमनत प्रदत्त।
१ मधय प्रदकेश उचच्च नयस्थायस्थारय खवंडपस्वीठ इवंददौर दसस्थारस्था, आपरस्थाधधिक अपस्वीर सवंखयस्था १२४४ / २०११ ममें पस्थाररत
आक्षकेवपत ननणर्यय और आदकेश ददनस्थावंक २४.०९.२०१९, सके वयधसत और असवंतनषष्ट महसदस कर रहके हह, जजसकके
दसस्थारस्था उचच्च नयस्थायस्थारय नके प्रनतसस्थादह - जड़बस्थाई दसस्थारस्था ककी गई उकत अपस्वीर कयो ससस्वीकस्थार कर मरयस्था हह और उसके
भस्थारतस्वीय दवंड सवंदहतस्था (सवंक्षकेप ममें, 'आईपस्वीसस्वी') ककी धिस्थारस्था ३०२ सहपदठत धिस्थारस्था ३४, कके अधिस्वीन दवंडनस्वीय अपरस्थाधिरों कके
मरए दयोषमनकत, इस असरयोकनयोपरस्थावंत कर ददयस्था हह, कक अमभययोजन पक्ष उसकके वसरुदधि सस्थामस्थानय आशय कके
मस्थामरके कयो सस्थाबबत करनके ममें वसफर रहस्था हह। मधयप्रदकेश रस्थाजय नके सतर्यमस्थान अपस्वीर कयो सरहयतस्था दह हह।
२ यहस्थाहाँ प्रनतसस्थादह और सह-आरयोपस्वी - प्रनतसस्थादह कके पनत और पनत, सभस्वी पर मनकदमस्था च्चरस्थायस्था गयस्था और अवंतत:
ममतक सकेसतस्था ककी हतयस्था करनके कके मरए, आईपस्वीसस्वी ककी धिस्थारस्था ३०२ सहपदठत धिस्थारस्था ३४ कके अवंतगर्यत दवंडनस्वीय
अपरस्थाधिरों कके मरए दयोषस्वी ठहरस्थायस्था गयस्था।
३ यह कक ममतक ककी पतनस्वी नस्थानबस्थाई नके नस्थानपनर पनमरस सस्थानके ममें प्रस्थासममककी दजर्य करस्थाई, जजसममें आरयोप रगस्थायस्था
गयस्था कक दहसस्थारह ककी रस्थात रगभग १०:०० यस्था ११:०० बजके उसकके पनत कके बड़के भस्थाई (जकेठ) - अमभयनकत सवं. १ -
सकेकडड़यस्था और उसकस्था पनत मनककेश - आरयोपस्वी सवं. २ उसकके पनत कयो यह कहकर बनरस्थानके कके मरए उसकके घर आयस्था
कक उनकके घर ममें 'मनगस्थार्य' पकस्थायस्था गयस्था हह। मशकस्थायतकतस्थार्य कके अननसस्थार, उसकस्था पनत – सकेसतस्था, आरयोपस्वी सवं. १ और
आरयोपस्वी सवं. २ कके सस्थास गयस्था सस्था। मशकस्थायतकतस्थार्य कके अननसस्थार क
न छ समय बस्थाद, उसनके अपनके पनत कके रयोनके /
च्चस्वीखनके ककी आसस्थाज सननस्वी और सह तनरवंत अपनके जकेठ - आरयोपस्वी सवं. १ - सकेकडड़यस्था कके घर पहनवंच्चस्वी और उसनके
बबजरह ककी रयोशनस्वी ममें दकेखस्था कक आरयोपस्वी सवं. ३ - जकेठस्थानस्वी (आरयोपस्वी सवं. १ – सकेकडडयस्था ककी पतनस्वी) नके उसकके पनत
सकेसतस्था कयो पकड़ मरयस्था सस्था और आरयोपस्वी सवं. १ नके उसकके पनत कके मसर पर क
न लहस्थाड़स्वी सके सस्थार ककयस्था, जजससके सकेसतस्था
नस्वीच्चके धगर गयस्था । अमभययोजन पक्ष कके मस्थामरके कके अननसस्थार, मशकस्थायतकतस्थार्य कके पनत सकेसतस्था ककी मदौत क
न लहस्थाड़स्वी सके
च्चयोष्ट रगनके कके कस्थारण हनई हह। अमभययोजन पक्ष कके अननसस्थार जमस्वीन वससस्थाद सस्था और इसमरए आरयोवपयरों नके ममतक
कयो अपनके घर बनरस्थाकर हतयस्था कर दह। अमभययोजन पक्ष कके अननसस्थार आरयोपस्वी वयजकतयरों नके आईपस्वीसस्वी ककी धिस्थारस्था
३०२ सहपदठत धिस्थारस्था ३४ कके तहत दवंडनस्वीय अपरस्थाधि ककयस्था हह। अनसकेषण कके ननषकषर्य कके पशच्चस्थात, अनसकेषण
अधधिकस्थारह नके आरयोपस्वी कके णखरस्थाफ उपरयोकत अपरस्थाधिरों कके मरए आरयोप पत दस्थायर ककयस्था। अमभयनकतरों नके दयोषस्वी नहहवं
हयोनके कस्था अमभसच्चन ककयस्था और इसमरए उन सभस्वी नके आईपस्वीसस्वी ककी धिस्थारस्था ३०२ सहपदठत धिस्थारस्था ३४ कके तहत
दवंडनस्वीय अपरस्थाधिरों कके मरए वसदसस्थान सत नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था वसच्चस्थारण कस्था दस्थासस्था ककयस्था। अमभयनकत कके वसरुदधि
आरयोप सस्थाबबत करनके कके मरए अमभययोजन पक्ष नके सभस्वी आठ गसस्थाहरों कस्था वसच्चस्थारण ककयस्था जजसममें सके नस्थानबस्थाई -
असस्था- १ च्चशमदहद गसस्थाह सस्वी। अमभययोजन पक्ष वसमभनन गसस्थाहरों कके मस्थाधयम सके धच्चककतसस्था सस्थाकय सदहत
दसतस्थासकेजस्वी सस्थाकय भस्वी अमभरकेख पर रस्थाए। अमभययोजन पक्ष ककी ओर सके सस्थाकय समस्थाजपत पर, धिस्थारस्था ३१३
सस्वीआरपस्वीसस्वी कके तहत, अमभयनकतरों कके बयस्थान दजर्य ककए गए, जजसममें अमभयनकतरों नके कहस्था कक च्चननस्थास ककी दनशमनस्वी
कके कस्थारण उनहमें सरपवंच्च कके कहनके पर, मस्थामरके ममें झदठस्था फवंसस्थायस्था गयस्था हह। सस्थाकयरों ककी समस्वीक्षस्था पर, वसच्चस्थारण
अदस्थारत नके सभस्वी अमभयनकतरों कयो आईपस्वीसस्वी ककी धिस्थारस्था ३०२ सहपदठत धिस्थारस्था ३४ कके तहत दवंडनस्वीय अपरस्थाधि कके
मरए दयोषस्वी ठहरस्थायस्था और सभस्वी कयो आजस्वीसन कस्थारस्थासस्थास ककी सजस्था सननस्थाई।
४ वसदसस्थान वसच्चस्थारण नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था पस्थाररत ननणर्यय और आदकेश सके वयधसत और असवंतनषष्ट महसदस करतके हनए, सभस्वी अमभयनकतरों नके उचच्च नयस्थायस्थारय कके समक्ष अपस्वीर दस्थायर ककी। आक्षकेवपत ननणर्यय और आदकेश दसस्थारस्था, उचच्च
नयस्थायस्थारय नके उकत अपस्वीर कयो आवंमशक रूप सके ससस्वीकस्थार कर मरयस्था हह और यहस्थावं प्रनतसस्थादह - मदर अमभयनकत
सवंखयस्था ३ - जड़बस्थाई, मदर अमभयनकत सवंखयस्था १ ककी पतनस्वी, कयो बरह कर ददयस्था हह, हस्थारस्थावंकक, मदर अमभयनकत सवंखयस्था
१ और २ ककी अपस्वीर कयो खस्थाररज कर ददयस्था।
५ यहस्थावं उचच्च नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था प्रनतसस्थादह - जड़बस्थाई, मदर अमभयनकत सवंखयस्था ३, कयो बरह करनके कके पस्थाररत फहसरके
और आदकेश सके वयधसत और असवंतनषष्ट महसदस करतके हनए, मधयप्रदकेश रस्थाजय नके सतर्यमस्थान अपस्वीर दस्थायर ककी हह।
६ रस्थाजय ककी ओर सके उपजससत वसदसस्थान अधधिसकतस्था शस्वी यशरस्थाज मसवंह बनवंदकेरस्था नके प्रभस्थासस्वी रूप सके प्रसतनत ककयस्था हह
कक मस्थामरके कके तथयरों और पररजससनतयरों ममें, उचच्च नयस्थायस्थारय नके प्रनतसस्थादह - मदर अमभयनकत सवंखयस्था - ३ कयो यह
कहकर बरह करनके ममें बहनत गवंभस्वीर तनदष्ट ककी हह कक अमभययोजन सस्थामस्थानय आशय कके मस्थामरके कयो सस्थाबबत करनके ममें
वसफर रहस्था हह।
६.१ यह ननसकेदन हह कक सतर्यमस्थान सस्थाद ममें, असस्था- १ - नस्थानबस्थाई, ममतक ककी पतनस्वी, च्चशमदहद गसस्थाह सस्वी और
अपनके बयस्थान ममें उसनके वसशकेष रूप सके कहस्था कक प्रनतसस्थादह – जड़बस्थाई नके ममतक कयो पकड़ मरयस्था सस्था।
ननसकेदन हह कक, अततः घष्टनस्था कके ससस्थान पर प्रनतसस्थादह ककी उपजससनत ससस्थावपत हयोतस्वी हह और उसकके बयस्थान
कके अननसस्थार, प्रनतसस्थादह नके ममतक और उसकके पनत कयो पकड़ मरयस्था - मदर आरयोपस्वी सवं. १ नके ममतक कयो
च्चयोष्टमें पहनवंच्चस्थाईं। ननसकेदन हह कक इसमरए वसच्चस्थारण नयस्थायस्थारय नके प्रनतसस्थादह - मदर अमभयनकत सवंखयस्था ३ कयो
अनय अमभयनकतरों कके सस्थास आईपस्वीसस्वी ककी धिस्थारस्था ३०२, सदहत धिस्थारस्था ३४, कके तहत दवंडनस्वीय अपरस्थाधिरों कके
मरए उधच्चत रूप सके दयोषस्वी ठहरस्थायस्था।
६.२ आगके यह ननसकेदन हह कक जहसके कक घष्टनस्था प्रनतसस्थादह कके घर पर हनई सस्वी। यह ननसकेदन हह कक धिस्थारस्था ३१३
कके अपनके बयस्थान ममें, प्रनतसस्थादह नके यह सपषष्ट नहहवं ककयस्था हह कक सह ममतक कयो कयरों पकड़ रहह सस्वी
और/यस्था पकडके हनए सस्वी।
६.३ रस्थाजय ककी ओर सके उपजससत वसदसस्थान अधधिसकतस्था नके, रराजससरानि रराजय बनिराम गगरचरर सससिंह और अनय, २०२२ एसससीससी ऑनिलराइनि एसससी १७१६ ममें प्रकस्थामशत, कके मस्थामरके ममें इस नयस्थायस्थारय कके हस्थार कके ननणर्यय
पर वसशसस्थास करतके हनए, प्रभस्थासस्वी रूप सके प्रसतनत ककयस्था हह, जहसस्था कक इस नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था असरयोककत स
अमभननधिस्थार्यररत ककयस्था गयस्था हह, कक सस्थामस्थानय आशय क्षण कके आसकेग ममें और घष्टनस्था कके ददौरस्थान हह बन
सकतस्था हह। यह ननसकेदन हह कक इस नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था यह भस्वी असरयोककत स अमभननधिस्थार्यररत ककयस्था गयस्था
हह कक, एक सस्थामस्थानय आशय मदौजदद हह यस्था नहहवं, यह सस्थाबबत तथयरों सके अननमस्थान रगस्थाकर ननधिस्थार्यररत ककयस्था
जस्थानस्था हह।
६.४ रस्थाजय ककी ओर सके उपजससत वसदसस्थान अधधिसकतस्था नके, अपनके सस्थाद कके समसर्यन ममें, इस नयस्थायस्थारय कके
ननणर्यय, ममेजर सससिंह बनिराम पसिंजराब रराजय कमे मरामलमे मम, (२००२) १० एसससीससी ६० मम प्रकस्थामशत, पर भस्वी
अतयधधिक वसशसस्थास वयकत ककयस्था हह, कक प्रनतसस्थादह कयो वसदसस्थान वसच्चस्थारण नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था, आईपस्वीसस्वी
ककी धिस्थारस्था ३०२, सहपदठत धिस्थारस्था ३४, कके अवंतगर्यत दवंडनस्वीय अपरस्थाधिरों कके मरए, उधच्चत रूप सके दयोषस्वी ठहरस्थायस्था
गयस्था सस्था ।
७ सनशस्वी जकेसर सस्थाहह, वसदसस्थान सस्थादममत [एममकस कयदरह] नके, सस्थाद कके तथयरों स पररजससनतयरों ममें और ननशच्चयस्थातमक
कस्थारण दकेतके हनए, प्रभस्थासस्वी रूप सके प्रसतनत ककयस्था हह कक जब उचच्च नयस्थायस्थारय नके प्रनतसस्थादह - अमभयनकत कयो मनकत
कर ददयस्था हह, तयो इस नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था, भस्थारत कके सवंवसधिस्थान कके अननचछकेद १३६ कके अवंतगर्यत शजकतयरों कस्था प्रययोग
कर, इसममें हसतक्षकेप नहहवं ककयस्था जस्था सकतस्था हह।
७.१ वसदसस्थान नयस्थायममत नके हमस्थारस्था धयस्थानस्थाकम षष्ट असस्था- १ - नस्थानबस्थाई कके बयस्थान पर ककयस्था । उसकके बयस्थान सके, यह प्रभस्थासस्वी रूप सके प्रसतनत ककयस्था गयस्था हह कक यह दकेखस्था जस्था सकतस्था हह कक उसनके कभस्वी भस्वी, मदर आरयोपस्वी
सवं. १ कयो ममतक कके शरहर पर च्चयोष्ट कस्थाररत करतके हनए नहहवं दकेखस्था सस्था। यह ननसकेदन ककयस्था गयस्था हह कक
सस्थासतस ममें सह पदरह घष्टनस्था घदष्टत हयोनके कके बस्थाद घष्टनस्था ससर पर आई सस्वी और ममतक घस्थायर असससस्था
ममें पड़स्था सस्था । यह ननसकेदन ककयस्था गयस्था हह कक उसकके दसस्थारस्था अपनके बयस्थान ममें जयो कहस्था गयस्था हह सह यह हह
कक प्रनतसस्थादह - अमभयनकत नके ममतक कयो पकड़ रखस्था सस्था। यह अननरयोधि ककयस्था जस्थातस्था हह कक उसनके अपनके
बयस्थान ममें यह नहहवं कहस्था हह कक सस्थासतस ममें उसनके प्रनतसस्थादह - जड़बस्थाई कयो, कयोई च्चयोष्ट पहनहाँच्चस्थातके और/यस्था
ममतक ककी ममतयन कस्था कस्थारण बननके ममें कयोई सकक्रिय भस्थाग रकेतके हनए दकेखस्था सस्था। यह ननसकेदन ककयस्था गयस्था हह
कक इसमरए यह दकेखतके हनए, उचच्च नयस्थायस्थारय नके, प्रनतसस्थादह कयो सहह तरहकके सके बरह कर ददयस्था हह कक
अमभययोजन पक्ष प्रनतसस्थादह दसस्थारस्था अनय अमभयनकतरों, असस्थार्यत त मदर अमभयनकत सवंखयस्था १ कके सस्थास सस्थाझस्था
ककए गए सस्थामस्थानय आशय कयो मसदधि करनके ममें वसफर रहस्था हह।
७.२ उपरयोकत प्रसतननतयरों स मगकमेश बनिराम मधय प्रदमेश रराजय, (२०२२) ३ एसससीससी २४१ ममें प्रकस्थामशत और
ररामराशसीष यरादव बनिराम बबहरार रराजय, (१९९९) ८ एसससीससी ५५५ ममें प्रकस्थामशत, इस नयस्थायस्थारय कके ननणर्ययरों
पर वसशसस्थास वयकत करतके हनए, सतर्यमस्थान अपस्वीर कयो खस्थाररज करनके ककी प्रस्थासर्यनस्था ककी जस्थातस्वी हह।
८ हमनके पक्षकस्थाररों ककी ओर सके उपजससत वसदसस्थान अधधिसकतस्था कयो वससतस्थार सके सननस्था हह । हमनके वसदसस्थान वसच्चस्थारण
नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था पस्थाररत ननणर्यय और दयोषमसदधधि कके आदकेश कके सस्थास-सस्थास उचच्च नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था पस्थाररत
आक्षकेवपत ननणर्यय और आदकेश कस्था असरयोकन ककयस्था हह। हमनके घष्टनस्था कके च्चशमदहद गसस्थाह असस्था- १ - नस्थानबस्थाई कके
बयस्थान पर भस्वी वसच्चस्थार ककयस्था और वससतस्थार सके पढस्था।
९ वसच्चस्थारण अदस्थारत नके प्रनतसस्थादह जड़बस्थाई- मदर अमभयनकत सवंखयस्था ३ कयो आईपस्वीसस्वी ककी धिस्थारस्था ३०२, सहपदठत धिस्थारस्था
३४ , कके अवंतगर्यत दवंडनस्वीय अपरस्थाधिरों कके मरए दयोषस्वी ठहरस्थायस्था। आक्षकेवपत ननणर्यय और आदकेश दसस्थारस्था, उचच्च
नयस्थायस्थारय नके प्रनतसस्थादह - मदर अमभयनकत सवंखयस्था ३ कयो यह दकेखतके हनए और मस्थानतके हनए कक अमभययोजन
सस्थामस्थानय आशय कके मस्थामरके कयो सस्थाबबत करनके ममें वसफर रहस्था हह, बरह कर ददयस्था हह।
१० अमभययोजन पक्ष कस्था पदरस्था मस्थामरस्था असस्था-१ - घष्टनस्था कके च्चशमदहद गसस्थाह ककी एकमस्थात गसस्थाहह पर दष्टकस्था हह। असस्था-१
ममतक ककी पतनस्वी हह। उसनके अपनके बयस्थान ममें सपषष्ट रूप सके कहस्था हह कक घष्टनस्था प्रनतसस्थादह - मदर आरयोपस्वी सवं. ३ कके
घर ममें हनई सस्वी। उसनके वसशकेष रूप सके कहस्था हह कक मदर आरयोपस्वी सवं. १ - प्रनतसस्थादह कके पनत नके, ममतक कके मसर पर
च्चस्थार च्चयोष्टमें कस्थाररत ककी हह। उसनके यह भस्वी कहस्था हह कक प्रनतसस्थादह नके ममतक कयो पकड़ मरयस्था सस्था। उसनके यह भस्वी
कहस्था कक इसकके बस्थाद प्रनतसस्थादह - मदर आरयोपस्वी सवं. ३ नके ममतक कके शस कयो घसस्वीष्ट कर उसकके घर कके दरसस्थाज़के पर

में क ददयस्था। अमभयनकत ककी ओर सके यह मस्थामरस्था हह कक असस्था- १ उस समय उपजससत नहहवं सस्वी जब मदर
अमभयनकत सवंखयस्था १ नके ममतक कयो च्चयोष्टमें पहनहाँच्चस्थाई सस्वीवं। प्रनतसस्थादह ककी ओर सके उपजससत वसदसस्थान अधधिसकतस्था कके
अननसस्थार, असस्था- १ बस्थाद ममें आई और उस समय उसनके प्रनतसस्थादह कयो ममतक कयो पकड़के हनए दकेखस्था सस्था। उपरयोकत कस्था
कयोई सस्थार नहहवं हह। च्चक्षनदशर्शी सस्थाक्षस्वी कके बयस्थान कयो समग रूप सके दकेखस्था जस्थानस्था आसशयक हह और यह ककसस्वी वसशकेष
भस्थाग यस्था क्रिम ममें नहहवं हयो सकतस्था। असस्था १ कके समग बयस्थान पर वसच्चस्थार करनके पर, घष्टनस्था कके ससस्थान पर
प्रनतसस्थादह ककी उपजससनत ससस्थावपत ककी गई हह। अमभययोजन पक्ष नके यह भस्वी ससस्थावपत ककयस्था हह कक प्रनतसस्थादह नके
ममतक कयो पकड़ मरयस्था सस्था। धिस्थारस्था ३१३ कके अपनके बयस्थान ममें, प्रनतसस्थादह - मदर आरयोपस्वी सवं. 3 नके यह नहहवं बतस्थायस्था कक
उसनके ममतक कयो कयरों पकड़स्था। इस प्रकस्थार, प्रनतसस्थादह ककी कस्थारर्यसस्थाई ममें भस्थागस्वीदस्थारह ससस्थावपत और मसदधि हनई हह। यदद
प्रनतसस्थादह नके ममतक कयो नहहवं पकड़स्था हयोतस्था, तयो उस मस्थामरके ममें मदर आरयोपस्वी सवं. १ ममतक कके मसर पर च्चयोष्ट नहहवं
पहनहाँच्चस्था पस्थातस्था। इस प्रकस्थार, यह दकेखस्था जस्था सकतस्था हह कक प्रनतसस्थादह नके अपरस्थाधि करनके ममें सकक्रिय रूप सके भस्थाग मरयस्था
और ममतक कयो मस्थारनके कके सस्थामस्थानय आशय कयो सस्थाझस्था ककयस्था।
११ गगरबचनि सससिंह (उपररोकक) कके मस्थामरके ममें, ननमनस्थाननसस्थार असरयोककत स अमभननधिस्थार्यररत ककयस्था गयस्था हह कक :-
“१२. पदसर्वोकत जससनत कयो दकेखतके हनए, हमस्थारस्था वसच्चस्थार हह कक आईपस्वीसस्वी ककी धिस्थारस्था ३४ यस्थानस्वी सस्थामस्थानय आशय, गनरबच्चन
मसवंह कके मस्थामरके ममें सपषष्ट रूप सके आकवषर्यत हयोतस्वी हह, जजनकके मस्थामरके कयो अरग नहहवं ककयस्था जस्था सकतस्था हह, तस्थाकक
उनहमें एक ऐसके वयजकत कके रूप ममें बस्थाहर रखस्था जस्था सकके जयो दशर्यन मसवंह, बरसस्वीर मसवंह और मवंजस्वीत मसवंह कके सस्थास
सस्थामस्थानय आशय कयो सस्थाझस्था नहहवं करतस्था सस्था। आईपस्वीसस्वी ककी धिस्थारस्था ३४ एक सह-अपरस्थाधिस्वी बनस्थातस्वी हह, जजसनके
अपरस्थाधि ममें भस्थाग मरयस्था सस्था, सवंयनकत दस्थानयतस कके मसदधिस्थावंत पर समस्थान रूप सके उत्तरदस्थायस्वी हह। आईपस्वीसस्वी ककी धिस्थारस्था
३४ रस्थागद हयोनके कके मरए, सह-अपरस्थाधधियरों कके बस्वीच्च सस्थामस्थानय आशय हयोनस्था च्चस्थादहए, जजसकस्था असर्य हह कक उददकेशय कस्था
समनदस्थाय और सस्थामस्थानय अमभप्रस्थाय हयोनस्था च्चस्थादहए । सस्थामस्थानय आशय क्षण कके आसकेग ममें और घष्टनस्था कके ददौरस्थान हह
बन सकतस्था हह। सस्थामस्थानय आशय आसशयक रूप सके एक मनयोसहजस्थाननक तथय हह और इस प्रकस्थार, प्रतयक्ष प्रमस्थाण
सस्थामस्थानय रूप सके उपरबधि नहहवं हयोगस्था। इसमरए, अधधिकस्थावंश मस्थामररों ममें, एक सस्थामस्थानय आशय मदौजदद हह यस्था नहहवं, प्रमस्थाणणत तथयरों सके अननमस्थान रगस्थाकर ननधिस्थार्यररत ककयस्था जस्थानस्था हह। रच्चनस्थातमक आशय पर तभस्वी पहनवंच्चस्था जस्था सकतस्था
हह जब नयस्थायस्थारय यह धिस्थाररत कर सकतस्वी हह कक अमभयनकत नके सस्थामस्थानय आशय कयो आगके बढस्थानके कके पररणस्थाम
ककी पदसर्यकलपनस्था ककी हयोगस्वी।
१२ अब जहस्थावं तक, प्रनतसस्थादह ककी ओर सके, मगकमेश (पपवर्वोकक) और ररामराशसीष यरादव (पपवर्वोकक) कके मस्थामररों ममें, ननणर्ययरों पर
असरमबन कस्था सवंबवंधि हह, तथयरों पर स च्चक्षनदशर्शी सस्थाक्षस्वी असस्था- १ कके सस्थाकय, एसवं उसकके सपषष्ट कसन कक प्रनतसस्थादह
दसस्थारस्था आहत कयो पकड़ रखस्था सस्था, कके आरयोक ममें, उकत ननणर्यय प्रनतसस्थादह कयो कयोई सहस्थायतस्था नहहवं दमेंगके।
१३ सतर्यमस्थान सस्थाद ममें, अमभययोजन पक्ष दसस्थारस्था, अपरस्थाधि कके गठन ममें, प्रनतसस्थादह कस्था कम तय ममें भस्थागस्वीदस्थारह और मदर
अमभयनकत सवंखयस्था १ – प्रनतसस्थादह कके पनत, कके सस्थास, ममतक ककी हतयस्था कस्थाररत करनके कस्था सस्थामस्थानय आशय, कयो
ससस्थावपत और मसदधि ककयस्था गयस्था हह। अततः, उचच्च नयस्थायस्थारय नके आईपस्वीसस्वी ककी धिस्थारस्था ३०२ सहपदठत धिस्थारस्था ३४
आईपस्वीसस्वी कके तहत दवंडनस्वीय अपरस्थाधिरों कके मरए प्रनतसस्थादह कयो बरह करनके ममें बहनत गवंभस्वीर तनदष्ट ककी हह।
१४ उपरयोकत कके मददकेनजर और ऊपर बतस्थाए गए कस्थारणरों सके, सतर्यमस्थान अपस्वीर सफर हयोतस्वी हह। आपरस्थाधधिक अपस्वीर
सवंखयस्था १२४४ / २०११ ममें मधय प्रदकेश उचच्च नयस्थायस्थारय, इवंददौर खवंडपस्वीठ दसस्थारस्था, प्रनतसस्थादह मदर अमभयनकत सवंखयस्था ३
कयो धिस्थारस्था ३०२ सहपदठत धिस्थारस्था ३४ आईपस्वीसस्वी कके अवंतगर्यत दवंडनस्वीय अपरस्थाधिरों कके मरए बरह करनके सस्थारके, ददनस्थावंक
२४.०९.२०१९ कयो पस्थाररत आक्षकेवपत ननणर्यय और आदकेश, कयो एतददसस्थारस्था अपस्थासत स ननरसत ककयस्था जस्थातस्था हह, और
वसदसस्थान वसच्चस्थारण नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था सत वसच्चस्थारण सवंखयस्था २०४/२०१० ममें पस्थाररत ननणर्यय और आदकेश ददनस्थावंक
२४.०८.२०११, जजसममें प्रनतसस्थादह - मदर अमभयनकत सवंखयस्था ३ कयो, धिस्थारस्था ३०२ सहपदठत धिस्थारस्था ३४ आईपस्वीसस्वी कके
अवंतगर्यत दवंडनस्वीय अपरस्थाधिरों कके मरए दयोषस्वी ठहरस्थायस्था गयस्था, बहस्थार ककयस्था जस्थातस्था हह।
जहसस्था कक हमनके प्रनतसस्थादह कयो बरह करनके कके उचच्च नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था पस्थाररत ननणर्यय और आदकेश कयो रदद
कर ददयस्था हह और अपस्थासत कर ददयस्था हह, प्रनतसस्थादह – जड़बस्थाई कयो ननदरमशत ककयस्था जस्थातस्था हह कक सह आज सके छह
सपतस्थाह ककी असधधि कके भस्वीतर सवंबवंधधित जकेर अधधिकस्थाररयरों कके समक्ष आतमसमपर्यण करके और वसदसस्थान वसच्चस्थारण
नयस्थायस्थारय दसस्थारस्था पस्थाररत ननणर्यय और आदकेश कके अननसस्थार शकेष सजस्था कस्थाष्ट रके, जजसकके वसफर हयोनके पर उसके शकेष
सजस्था कस्थाष्टनके कके मरए छह सपतस्थाह कके समय ककी समस्थाजपत पर दहरस्थासत ममें मरयस्था जस्था सकतस्था हह।
१५ तदननसस्थार यह अपस्वीर ससस्वीकस्थार ककी जस्थातस्वी हह।
……………………………………… नयस्था.
[एम आर शस्थाह]
नई ददलरह ……………………………………… नयस्था.
फरसरह २४, २०२३ [सस्वी ष्टह रवसक
न मस्थार]
अससस्वीकरण & ससस्थानस्वीय भस्थाषस्था ममें ननणयर्य कस्था अननसस्थाद पक्षकस्थाररों कके सस्वीममत प्रययोग हकेतन ककयस्था गयस्था हह] तस्थाकक सयो अपनस्वी भस्थाषस्था ममें इसके समझ सकके
एसवं यह ककसस्वी अनय प्रययोजन हकेतन प्रययोग नहहवं ककयस्था जस्थाएगस्था। समसत कस्थायस्थारर्ययस्वीन एसवं वयस्थासहस्थाररक प्रययोजनरों हकेतन ननणर्यय कस्था अवंगकेज़स्वी
सवंसकरण हह अमभप्रमस्थाणणत मस्थानस्था जस्थाएगस्था और ननषपस्थादन एसवं कक्रियस्थानसयन हकेतन उसके हह सरहयतस्था दह जस्थाएगस्वी।
JUDGMENT