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भार क
े सव च्च न्यायालय में
सिसविवल अपीलीय क्षेत्राति कार
सिसविवल अपील संख्या /2023
[विवशेष अनुमति याति'का (सी) संख्या 3329/2021 से उत्पन्न]
पं'म लाल पांडे ....... अपीलार्थी3
बनाम
नीरज क
ु मार विमश्रा और अन्य ........... प्रत्यर्थी3
विनर्ण9य
न्यायमूर्ति पंकज विमत्तल
JUDGMENT
1. अपीलार्थी3 क े विवद्वान अति वक्ता श्री प्रवीर्ण ' ुव?दी और प्रत्यर्थी3 क े विवद्वान अति वक्ता सुश्री पारुल शुक्ला क े सहायक वरिरष्ठ अति वक्ता श्री वी. क े. शुक्ला को सुना और पक्षकारों क े बी' हुए अभिभव'नों का परिरशीलन विकया।
2. अनुमति प्रदान की गई।
3. वित्रपाठी रामरूप संस्क ृ विवद्यालय, जोगपुर, कौशांबी, उत्तर प्रदेश राज्य में संस्क ृ भिशक्षा प्रदान करने वाला एक मान्य ा प्राप्त संस्र्थीान है। इसे विदनांक 22.02.1999 को स्र्थीायी मान्य ा प्रदान की गई र्थीी। उत्तर प्रदेश सरकार ने संस्क ृ विवद्यालय और महाविवद्यालय को विवत्तपोविष सू'ी में शाविमल करने का उद्घोषर्णा “क्षेत्रीय भाषा में अनुवाविद विनर्ण9य वादी क े अपनी भाषा में समझने हे ु विनब\ति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया जा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनर्ण9य का अंग्रेजी संस्करर्ण प्रामाभिर्णक माना जाएगा र्थीा विनष्पादन और विdयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।" विनर्ण9य लिलया। संस्र्थीानों को विवत्तपोविष करने का मानदंड शासनादेश विदनांक 07.02.2014 में विन ा9रिर विकया गया र्थीा। राज्य सरकार ने आदेश विदनांविक 11.08.2015 क े माध्यम से उन संस्र्थीानों की सू'ी को अति सूति' विकया, सिजन्हें सरकार की विवत्तपोविष सू'ी में शाविमल विकया गया र्थीा, सिजसमें dम संख्या 47 पर उपयु9क्त संस्र्थीान शाविमल र्थीे।
4. राज्य सरकार ने उपरोक्त संस्र्थीान क े संबं में राजकोष से वे न भुग ान क े लिलए एक प्र ानाध्यापक क े लिलए और 'ार सहायक भिशक्षकों क े लिलए कु ल पां' पदों को मंजूरी दी।
5. उत्तर प्रदेश सरकार क े प्र ान सति'व ने 01.01.2016 को एक परिरपत्र जारी कर उन संस्र्थीानों क े उन सभी भिशक्षकों को वे न क े भुग ान की मंजूरी दी, जो संस्र्थीान को विवत्तपोविष होने से पहले वास् व में काम कर रहे र्थीे। एक अन्य परिरपत्र विदनांक 18.03.2016 में आरक्षर्ण नीति लागू करने का प्राव ान है। 'ूंविक उक्त परिरपत्र क ु छ भिशक्षकों को प्रभाविव कर रहे र्थीे, इसलिलए उनमें से एक सत्य प्रकाश शुक्ला ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ क े समक्ष रिरट याति'का संख्या 29784/2016 दायर की। उक्त रिरट याति'का को माध्यविमक भिशक्षा विवभाग क े संयुक्त सति'व द्वारा विदए गए इस बयान पर आदेश विदनांक 21.12.2016 द्वारा अनुमति दी गई र्थीी विक ‘‘भिशक्षकों को वे न का भुग ान प्रबं कों की विववरर्णी में प्रकट रूप में भिशक्षकों की वरिरष्ठ ा क े आ ार पर विकया जाएगा।”दुभा9ग्य से, उच्च न्यायालय क े समक्ष संयुक्त सति'व द्वारा विदए गए बयान की अनदेखी कर े हुए माध्यविमक भिशक्षा क े विनदेशक ने आदेश विदनांक 28.03.2017 क े ह सहायक भिशक्षकों क े पदों को विवभासिज कर विदया और विनद?श विदया विक नीरज कु मार विमश्रा, जो पं'म लाल पांडे से लगभग पां' साल जूविनयर र्थीे, को वे न विदए जाने का विनद?श विदया जाए। दनुसार, उपयु9क्त पं'म लाल पांडे ने विनदेशक माध्यविमक भिशक्षा द्वारा पारिर आदेश विदनांक 28.03.2017 को 'ुनौ ी दे े हुए रिरट याति'का संख्या 709/2017 को दायर की। पक्षकारों की सुनवाई क े बाद उपयु9क्त रिरट याति'का को विदनांक 15.04.2019 क े विनर्ण9य और आदेश द्वारा अनुमति दी गई र्थीी, सिजसमें अति कारिरयों को पं'म लाल पांडे को सरकारी खजाने से वे न क े भुग ान का हकदार घोविष आदेश क े विनद?श क े सार्थी 28 मा'9, 2017 को जारी आदेश को रद्द कर विदया गया र्थीा।
6. उच्च न्यायालय क े उपरोक्त विनर्ण9य और आदेश विदनांविक 15.04.2019 पर नीरज क ु मार विमश्रा क े सार्थी-सार्थी राज्य सरकार ने अलग-अलग विवशेष अपील संख्या 578/2019 और 767/2019 द्वारा 'ुनौ ी विदया र्थीा।नीरज क ु मार विमश्रा की विवशेष अपील संख्या 578/2019 विदनांक 14.05.2019 को खारिरज कर दी गई र्थीी और राज्य सरकार द्वारा दायर की गई विवशेष अपील संख्या 767/2019 विदनांक 22.08.2019 को खारिरज कर दी गई र्थीी।
7. उपरोक्त नीरज क ु मार विमश्रा ने इस न्यायालय क े समक्ष विवशेष अनुमति याति'का (सिसविवल) संख्या 23466/2019 दायर विकया, सिजसे आदेश विदनांक 14.10.2019 द्वारा खारिरज कर विदया गया।
8. राज्य द्वारा दायर विवशेष अपील को खारिरज करने क े बाद, राज्य द्वारा एक विवशेष अवकाश याति'का (सिसविवल) डायरी संख्या 782/2020 पेश की गई र्थीी और इसे इस स्पष्टीकरर्ण क े सार्थी 24.01.2020 को खारिरज कर विदया गया र्थीा विक राज्य का दातियत्व स्वीक ृ संख्या क हेडमास्टर और 'ार भिशक्षकों को वे न का भुग ान करने क े लिलए सीविम होगा।
9. उपरोक्त पृष्ठभूविम में नीरज क ु मार विमश्रा ने विवशेष अपील संख्या 578/2019, यानी आदेश विदनांविक 14 मई, 2019 क े लिखलाफ समीक्षा क े लिलए आवेदन विकया, सिजसक े ह एकल न्याया ीश क े विनर्ण9य और आदेश 15 अप्रैल, 2019 विदनांविक क े लिखलाफ उनकी विवशेष अपील को खारिरज कर विदया गया र्थीा। उपयु9क्त समीक्षा आवेदन को आक्षेविप विनर्ण9य और आदेश विदनांक 05.02.2021 द्वारा अनुमति दी गई है।
10. उपयु9क्त आदेश को 'ुनौ ी दे े हुए, इसमें अपीलक ा9 अर्थीा9 ् पं'म लाल पांडे क े विवद्वान अति वक्ता का क 9 है विक समीक्षा आवेदन अनुरक्षर्णीय नहीं र्थीा क्योंविक नीरज क ु मार विमश्रा द्वारा दायर विवशेष अपील को खारिरज आदेश में अभिभलेख में कोई त्रुविट स्पष्ट नहीं र्थीी और यह विक इसको बनाए रखने क े संबं में उसकी आपलित्तयों पर विव'ार विकए विबना समीक्षा की अनुमति दी गई है।
11. दूसरी ओर, विवद्वान वरिरष्ठ अति वक्ता श्री वी. क े. शुक्ला ने इस आ ार पर आदेश का ब'ाव विकया विक विवद्व एकल न्याया ीश ने रिरट याति'का को अनुमति देने में विवति क त्रुविट की है और यविद आदेश को कायम रखने की अनुमति दी जा ी है, ो यह अवै ा को कायम रखेगा जो कानून में अनुज्ञेय नहीं है। रिरव्यू विपटीशन को उति' रूप से स्वीकार विकया गया क्योंविक खंडपीठ द्वारा विवशेष अपील को खारिरज करने क े आदेश में स्पष्ट त्रुविट र्थीी।
12. रिरव्यू विपटीशन में खण्ड पीठ क े आदेश 05.02.2021 विदनांविक की समीक्षा आदेश की मांग की गई र्थीी, न विक रिरट याति'का की अनुमति देने वाले एकल न्याया ीश की।एकल न्याया ीश क े आदेश में इंविग की गई अवै ा, यविद कोई हो, विवशेष अपील में पारिर खण्ड पीठ क े फ ै सले की समीक्षा आदेश क े लिलए महत्वपूर्ण[9] नहीं है।
13. एकल न्याया ीश ने माध्यविमक भिशक्षा विवभाग क े संयुक्त सति'व क े इस कर्थीन क े आलोक में विक भिशक्षकों को वे न का भुग ान वरिरष्ठ ा क े आ ार पर विकया जाएगा और इसलिलए, भिशक्षर्ण क े विवषय की कोई प्रासंविगक ा नहीं र्थीी, रिरट याति'का को स्वीकार कर लिलया है। विवषय-वार संस्र्थीान क े सहायक भिशक्षकों क े स्वीक ृ पदों का विवभाजन संस्र्थीान का आं रिरक मामला है जो राज्य पर कोई अति रिरक्त बोझ नहीं डाल ा है। संस्र्थीान को एक प्र ानाध्यापक और 'ार सहायक भिशक्षकों की वरीय ा क े dम में विवत्तपोविष सू'ी में शाविमल विकया गया र्थीा और इस प्रकार क े वल पां' व्यविक्तयों को सरकारी विनति से वे न प्राप्त आदेश की अनुमति देना अवै नहीं है। न्यायालय द्वारा संस्र्थीान में सहायक भिशक्षक क े विकसी नए पद का सृजन नहीं विकया गया है।इसलिलए, रिरट न्यायालय ने रिरट याति'का को उति' रूप से स्वीकार विकया और खण्ड पीठ ने विवशेष अपील को खारिरज करने में कोई त्रुविट नहीं की है।
14. यह विकसी एक का भी मामला नहीं है विक उपरोक्त आदेश स्वीक ृ संख्या से अति क भिशक्षकों को वे न क े भुग ान की अनुमति दे े हैं। इसलिलए,उत्तर प्रदेश राज्य, द्वारा सति'व माध्यविमक भिशक्षा और अन्य बनाम सी/एम श्री सुखपाल इंटरमीतिडएट कॉलेज ति रहु सुल् ानपुर और अन्य मामले में पूर्ण[9] पीठ ने विवशेष अपील तिडफ े क्टिक्टव संख्या 673/2014 क े विनर्ण9य 12 मई, 2015 विदनांविक में यह अव ारिर विकया विक स्वीक ृ पद क े अभाव में वे न भुग ान का विनद?श नहीं विदया जाना सहायक नहीं है।
15. समीक्षा का प्राव ान विदए गए विनर्ण9य की विवशुद्ध ा की जां' करने क े लिलए नहीं बक्टिल्क त्रुविट, यविद कोई हो, को सही करने क े लिलए है, जो इस बा पर विव'ार विकए विबना आदेश/अभिभलेख पर विदखाई दे ा है विक क्या व्यक्त विकए गये म से भिभन्न विकसी अन्य म की संभावना है।
16. रिरव्यू विपटीशन मंजूर करने में खण्ड पीठ ने इस मामले पर विव'ार विकया है क्योंविक यह स्वयं विवशेष अपील क े बारे में है और वास् व में भिशक्षकों क े विवषय क े अनुसार वे न क े भुग ान क े लिलए पूरी रह से नया रुख अपनाकर विनर्ण9य को उलट विदया है। यह पूव[9] क े आदेश में विबना विकसी त्रुविट क े स्पष्ट रूप से अपील में विनर्ण9य को विफर से सुनने और विफर से लिलखने क े बराबर है।इस प्रकार खंडपीठ ने स्पष्ट रूप से आक्षेविप आदेश पारिर करने में अपने समीक्षा क्षेत्राति कार को पार कर लिलया।
17. मामले क े थ्यों और परिरक्टिस्र्थीति यों में, हमारी राय है विक समीक्षा अनुमति आदेश 05.02.2021 विदनांविक कानून में विटकाऊ नहीं है और दनुसार अपास् विकया जा ा है।
18. लाग क े लिलए विबना विकसी आदेश क े अपील को अनुमति दी जा ी है।
19. सभी लंविब आवेदन, यविद कोई हो, विनस् ारिर विकए जा े हैं।.................................… [न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम]................................… [न्यायमूर्ति पंकज विमत्तल] नई विदल्ली;