Central Goods and Services Tax Commissioner, Kanpur v. A. R. Polymers Private Limited

Supreme Court of India · 21 Mar 2023
Krishna Murari; Suanshu Liliya
Civil Appeal No. 9569-70 of 2019
tax appeal_allowed Significant

AI Summary

The court held that goods sold to defense and paramilitary institutions are not eligible for excise duty exemption under Rule 4(A) without valid MRP labeling mandated by legal metrology rules, allowing the appeal and restoring the duty demand.

Full Text
Translation output
प्रति वेद्य
समक्ष भार ीय सव च्च न्यायालय
सिसविवल अपीलीय अति कारिर ा
सिसविवल अपील संख्या. 9569-70 वर्ष% 2019

ें द्रीय उत्पाद एवं सेवा कर आयुक्त, कानपुर ...अपीलार्थी4 (गण)
बनाम
मैसस%. ए. आर. पॉलिलमस% प्रा. लिलविमटेड इत्याविद ...प्रत्यर्थी4 (गण)
विनण%य
न्यायमूर्ति क
ृ ष्ण मुरारी
व %मान अपीलें सीईएसटीएटी,इलाहाबाद द्वारा अपील सं. E/70445/2017
और ई/70618/2017 में आदेश सं. A/70266-20267/2019-ईएक्स
(डीबी) में पारिर 09.01.2019 विदनांविक अंति म विनण%य और आदेश क
े लिOलाफ
की गई हैं, सिSसक
े ह प्रत्यर्थी4 की यातिTका को अनुमति प्रदान की गई र्थीी।
थ्य
JUDGMENT

2. संक्षेप में, इन अपीलों क े लिलए प्रासंविगक थ्य इस प्रकार हैंः अस्वीकरण: “क्षेत्रीय भार्षा में अनुवाविद विनण%य वादी क े अपनी भार्षा में समझने हे ु विनब_ति प्रयोग क े लिलए है और विकसी अन्य उद्देश्य क े लिलए प्रयोग नहीं विकया Sा सक ा है। सभी व्यावहारिरक और सरकारी उद्देश्यों क े लिलए, विनण%य का अंग्रेSी संस्करण प्रामाणिणक माना Sाएगा र्थीा विनष्पादन और विfयान्वयन क े उद्देश्यों क े लिलए मान्य होगा।"

I. प्रत्यर्थी4 संख्या 1, मेसस% ए आर पॉलिलमस% प्राइवेट लिलविमटेड एक विनमा% ा है Sो Sू ों क े विनमा%ण और रक्षा/अ %सैविनक बलों क े उपयोग क े लिलए र्थीोक में विबfी में लगा हुआ है।

II. डीSीसीईआई को एक Oुविफया Sानकारी विमली र्थीी विक प्रत्यर्थी4 अति सूTना संख्या 12/2012-सीई विदनांविक 17/03/12 और क ें द्रीय उत्पाद शुल्क अति विनयम, 1944 की ारा 4 (ए) क े ह लाभ उठा रहा र्थीा, Sो Oुदरा में बेTे Sाने वाले Sू ों क सीविम है। उक्त अति सूTना 500/- रुपये से कम मूल्य क े Sू े की Oुदरा विबfी पर क ें द्रीय उत्पाद शुल्क क े भुग ान से पूरी छ ू ट दे ी है और रू. 501/- से रु. 1000/- क क े मूल्य क े Sू ों की विबfी पर क ें द्रीय उत्पाद शुल्क को 6 प्रति श क सीविम कर ा है।

III. उपयु%क्त Oुविफया Sानकारी पर कार%वाई कर े हुए, डीSीसीईआई अति कारिरयों की एक टीम ने प्रत्यर्थी4 क े कारOाने परिरसर का दौरा विकया, Sहां यह पाया गया विक प्रत्यर्थी4 पक्षों क े बीT विकए गए अनुबं क े अनुसार Sू े का विनमा%ण कर रहा र्थीा, और Sू े की विबfी और Oरीद क े लिलए दर अनुबं क े ह य की गई र्थीी। यह भी पाया गया विक प्रत्यर्थी4 उपयु%क्त अति सूTना और अति विनयम की ारा 4 (ए) का लाभ उठाने क े लिलए ही उक्त Sू ों क े इनसोल पर एमआरपी स्टिस्टकर तिTपका रहा र्थीा और संलग्न कर रहा र्थीा।

IV. प्रत्यर्थी4 को विदनांक 05.02.2016 को एक तिडमांड-कारण ब ाओ नोविटस Sारी की गई र्थीी सिSसमें उन्हें क ें द्रीय उत्पाद, सीमा एवं सेवा कर आयुक्त को कारण ब ाने की अपेक्षा की गई र्थीी। अस्वीकरण:

V. इसक े बाद, विवद्वान न्यायविनण%यन प्राति कारी ने विदनांक 13.02.2017 क े आदेश क े माध्यम से प्रत्यर्थी4 क े लिOलाफ एक आदेश पारिर विकया सिSसमें कहा गया र्थीा विक उपरोक्त अति सूTना का लाभ प्रत्यर्थी4 द्वारा बेTे Sाने वाले Sू ों क विवस् ारिर नहीं है, और इसलिलए प्रत्यर्थी4 को भुग ान विकए Sा Tुक े कर और भुग ान योग्य कर क े बीT की अं रक राणिश का भुग ान करने का विनदvश विदया गया र्थीा। प्रत्यर्थी4 क ं पनी क े विनदेशक पर Sुमा%ना भी लगाया गया र्थीा।

VI. उपरोक्त आदेश से व्यणिर्थी प्रत्यर्थी4 ने सीईएसटीएटी में अपील दायर की, और आक्षेविप आदेश विदनांविक 09.01.2019 क े द्वारा, सीईएसटीएटी ने न्यायविनण%यन प्राति कारी क े फ ै सले को उलट विदया और ारिर विकया विक उपयु%क्त अति सूTना का लाभ व %मान मामले क े प्रत्यर्थी4 क विवस् ारिर है। इसक े लिOलाफ अपीलार्थी4 ने व %मान अपील दायर की है। विवश्लेर्षण

3. हमने अपीलार्थी4 की ओर से पेश होने वाले अति वक्तागण को विवस् ार से सुना। हालाँविक, हमें यह उल्लेO करना होगा विक प्रत्यर्थी4 को कई मौक े देने और प्रत्यर्थी4 क े अति वक्ता को नोविटस विदए Sाने क े बावSूद और मामले को कई बार पुकारे Sाने क े बावSूद, कोई भी इस न्यायालय क े समक्ष उपस्टिस्र्थी नहीं हुआ।

4. अति विनयम की ारा 4 (ए) क े ह कर विन ा%रण कम होने क े कारण प्रत्यर्थी4 उसक े ह लाभ की मांग कर रहा है, Sबविक अति विनयम की ारा (4) क े ह कर विन ा%रण अति क होने क े कारण, अपीलार्थी4 उसक े ह कर विन ा%रण विकए Sाने का दावा कर रहा है। इसलिलए यह अपील मूल रूप से अति विनयम की ारा 4 (ए) की व्याख्या पर विनभ%र कर ी है। अस्वीकरण:

5. आS हमारे सामने Sो मूलभू प्रश्न रOा गया है, वह यह है विक क्या प्रत्यर्थी4 द्वारा बेTा Sाने वाला माल क ें द्रीय उत्पाद शुल्क अति विनयम की ारा 4 (ए) क े ह उपयु%क्त अति सूTना क े दायरे में कर लाभ का दावा करने क े योग्य है?

6. Sयं ी फ ू ड प्रोसेसिंसग प्राइवेट लिलविमटेड वाद बनाम क ें द्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त, राSस्र्थीान 1 क े मामले में इस न्यायालय ने इसी रह क े एक विवर्षय का अणिभविन ा%रण कर े हुए ारिर विकया विक क ें द्रीय उत्पाद शुल्क अति विनयम की ारा 4 (ए) क े ह कर विन ा%रण क े लिलए वस् ुओं को शाविमल करने क े लिलए, इसे पांT कारकों का पालन करना होगा। विनण%य क े प्रासंविगक प्रस् र को यहाँ पुनप्र%स् ु विकया Sा रहा है: "...पुनरावृलि} की कीम पर भी अति विनयम की ारा 4-ए (1) और (2) में माल को शाविमल विकए Sाने क े लिलए विनम्नलिललिO कारक होंगेः (i) माल उत्पाद शुल्क योग्य होना Tाविहए। (ii) वे ऐसे होने Tाविहए Sो पैक े S में बेTे Sा े हों। (iii) एसडब्ल्यूएम अति विनयम या उसक े ह बनाए गए विनयमावली या विकसी अन्य कानून में ऐसी वस् ुओं का Oुदरा मूल्य उनक े पैक े S पर होना अपेतिक्ष होना Tाविहए। (iv) क ें द्र सरकार ने आति कारिरक राSपत्र में अति सूTना द्वारा ऐसी वस् ुओं को विवविनर्दिदष्ट विकया हो; (v) ऐसी वस् ुओं का मूल्य विन ा%रण पैक े S पर घोविर्ष Oुदरा विबfी मूल्य से उपशमविन राणिश घटाकर विकया Sाएगा। अस्वीकरण: यविद ये सभी कारक विकसी माल पर लागू हो े हों, भी माल का मूल्य विन ा%रण और शुल्क का विन ा%रण अति विनयम की ारा 4-ए क े ह होगा।

7. अति विनयम की ारा 4 (ए) और उपयु%क्त विनण%य क े परिरशीलन से प ा Tल ा है विक क ें द्रीय उत्पाद शुल्क अति विनयम क े ह माल क े एमआरपी आ ारिर विन ा%रण क े लिलए माल अति विनयम की ारा 4 (ए) क े ह अति सूतिT होना Tाविहए और यह विक ऐसी वस् ुएं वSन और माप मानक (पैक े ज्ड कमोतिडटीS) विनयमावली, 1977 क े दायरे में आनी Tाविहए, सिSसे अब विनरस् कर विदया गया है और कानूनी माप विवज्ञान (पैक े ज्ड कमोतिडटीS) विनयमावली, 2011 द्वारा प्रति स्र्थीाविप कर विदया गया है।

8. व %मान मामले में, प्रत्यर्थी4 ने हस् ाक्षरिर समझौ े की श ‰ क े अनुसार अ %सैविनक और सैन्य बल क े सार्थी विबfी प्रारम्भ विकया। हालांविक आक्षेविप विबfी की वस् ुओं को अति विनयम की ारा 4 (ए) क े ह राSपत्र में एक आति कारिरक अति सूTना क े माध्यम से अति सूतिT विकया गया र्थीा, लेविकन हमारे लिलए Sो सबसे अति क प्रासंविगक है वह कानूनी माप विवज्ञान (पैक े ज्ड कमोतिडटीS) विनयमावली, 2011 का विनयम 3 (बी) है Sो संस्र्थीाग उपभोक्ताओं को की गई विबfी अपने दायरे से बाहर रO ा है।

9. इस मामले में Oरीदार सैन्य और अ %सैविनक संस्र्थीान हैं, Sो दोनों प्रत्यर्थी4 से र्थीोक में सामान Oरीद े हैं, और विफर इसे अपने कम%Tारिरयों को विव रिर कर े हैं। इस पूरी प्रविfया में, माल की विबfी से माल वास् व में अंति म उपभोक्ता द्वारा उपयोग विकए Sाने क, Oरीदार सैन्य और अ %सैविनक संस्र्थीान औद्योविगक उपभोक्ता बन Sा े हैं, क्योंविक वे अंति म उपभोक्ता और मूल Oरीदार क े बीT मध्यस्र्थी क े रूप में काम कर े हैं। अस्वीकरण:

10. Oरीदारों क े संस्र्थीाग उपभोक्ता होने क े कारण उन्हें कानूनी माप विवज्ञान (पैक े ज्ड कमोतिडटीS) विनयमावली, 2011 से छ ू ट दी गई है और Tूंविक अति विनयम की ारा 4 (ए) उपरोक्त विनयमावली की प्रयोज्य ा को अविनवाय% बना ी है, इसलिलए संव्यवहार स्व ः ही अति विनयम की ारा 4 (ए) क े ह संरक्षण क े अयोग्य हो Sा ा है।

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11. इसक े अलावा, भले ही हम यह मान लें विक कानूनी माप विवज्ञान (पैक े ज्ड कमोतिडटीS) विनयमावली, 2011 की ारा 3 (बी) व %मान Oरीदार पर लागू नहीं हो ी है, विफर भी आक्षेविप विबfी Sयं ी फ ू ड्स क े मामले में विदए गए विनण%य क े बिंबदु (iii) की कसौटी पर विवफल रह ी है।

12. माल विबfी को अति विनयम की ारा 4 (ए) क े ह आने क े लिलए और Sयं ी मामले में विदए गए विनण%य क े बिंबदु (iii) की कसौटी पर Oरा उ रने क े लिलए, कानूनी माप विवज्ञान अति विनयम, 2009 या उसक े ह बनाई गई विनयमावली में ऐसी वस् ुओं का Oुदरा मूल्य उनक े पैक े S पर होना अपेतिक्ष होना Tाविहए। सरल शब्दों में, इसका म लब यह होगा विक माल विबfी को अति विनयम की ारा 4 (ए) क े ह विन ा%रण लाभ पाने क े लिलए, यह एक Oुदरा विबfी होनी Tाविहए, और ऐसा विवति क अति देश होना Tाविहए Sो विवf े ा को माल पर Oुदरा मूल्य लगाने का विनदvश दे ा हो ाविक विबfी को Oुदरा विबfी माना Sा सक े ।

13. इसका अर्थी% यह भी होगा विक विकसी वस् ु पर क े वल एमआरपी तिTपकाने से वह अति विनयम की ारा 4 (ए) क े ह लाभ का दावा करने क े योग्य नहीं बन ी, और इस रह एमआरपी तिTपकाना "अपेतिक्ष " होना Tाविहए। इसलिलए, भले ही माल में एमआरपी तिTपकाया गया हो, ध्यान देने वाली बा यह है विक क्या इस रह तिTपकाना विवति द्वारा अति देणिश र्थीा। अस्वीकरण:

14. ारा 3 (बी) क े माध्यम से दी गई छ ू ट क े अलावा, Sो स्वTालिल रूप से बेTी गई वस् ुओं पर एमआरपी लगाने क े विवति क अति देश को हटा दे ी है, उक्त विबfी को विफर भी Oुदरा विबfी नहीं माना Sा सक ा है क्योंविक वस् ुओं की विबfी विकसी उपभोक्ता को की Sानी Tाविहए।

15. Sैसा विक Sयं ी फ ू ड्स मामले में विदए गए विनण%य से स्पष्ट है, उपभोक्ता उत्पाद का अंति म उपभोक्ता हो ा है, न विक मध्यस्र्थी। हालाँविक, व %मान वाद में, Oरीददार संस्र्थीान, Sैसा विक ऊपर TTा% की गई है, मध्यस्र्थी हैं, Sो उक्त माल की Oरीद क े बाद, इसे अंति म उपभोक्ता को विव रिर कर े हैं।

16. ऐसी स्टिस्र्थीति में, Sहां Oरीददार संस्र्थीा को उपभोक्ता नहीं माना गया है, विबfी को भी अति विनयम क े अनुसार Oुदरा विबfी नहीं माना Sा सक ा है। इसक े अलावा, Tूंविक विववाविद विबfी अति विनयम क े अनुसार Oुदरा विबfी नहीं है, इसलिलए प्रत्यर्थी4 पर बेTे गए सामान पर एमआरपी लगाने का कोई विवति क अति देश नहीं है, और इसलिलए उक्त आक्षेविप संव्यवहार अति विनयम की ारा 4 (ए) क े ह लाभ का दावा नहीं कर सक ा है।

17. पुनः, दोहराव क े लिलए, हम यह स्पष्ट करना महत्वपूण% समझ े हैं विक क े वल एमआरपी तिTपकाना माल को अति विनयम की ारा 4 (ए) क े ह संरक्षण पाने क े योग्य नहीं बना ा है, और इस रह क े तिTपकाने क े सार्थी Sो आवश्यक है वह विवति क अति देश है Sो विवf े ा को ऐसी एमआरपी तिTपकाने का विनदvश दे ा है।

18. इसक े अलावा, यह ध्यान देना महत्वपूण% है विक आक्षेविप विनण%य पारिर करने क े लिलए प्राति करण द्वारा अपनाई गई क % प्रणाली में क े वल इस पर विवTार विकया विक क्या विवTारा ीन वस् ुओं को राSपत्र क े माध्यम से अति सूतिT विकया गया र्थीा, अस्वीकरण: और Sयं ी फ ू ड्स क े मामले में विदए गए विनण%य में प्रति पाविद अन्य Tार प्रासंविगक बिंबदुओं पर विवTार नहीं विकया। हमारी राय में, अन्य Tार प्रासंविगक श ‰ पर विवTार न करक े प्राति करण ने एक गंभीर विवति क त्रुविट की है, और इसलिलए आक्षेविप विनण%य अपास् विकए Sाने योग्य है।

19. उपयु%क्त थ्यों और TTा%ओं को ध्यान में रO े हुए, सीईएसटीएटी ने 09.01.2019 विदनांविक आक्षेविप आदेश पारिर करक े विवति क त्रुविट की और दातियत्वबद्ध होने क े कारण प्रत्यर्थी4 को अं रक राणिश संबंति कर प्राति कारी क े पास Sमा करने का विनदvश विदया Sा ा है।

20. दनुसार, इन अपीलों को स्वीक ृ विकया Sा ा है। हालाँविक, थ्यों और परिरस्टिस्र्थीति यों क े दृविष्टग, हम कॉस्ट क े संबं में कोई आदेश नहीं कर रहे हैं। ………………………… न्यायमूर्ति क ृ ष्ण मुरारी ………………………… न्यायमूर्ति सु ांशु ूलिलया नई विदल्ली; 21 माT%, 2023 अस्वीकरण: