Anwar v. Haryana State

Supreme Court of India · 29 Mar 2023
Rajesh Bandal
Criminal Appeal Nos. 973-974 of 2011
criminal appeal_allowed Significant

AI Summary

The High Court allowed the appeal and acquitted the appellant due to serious doubts in prosecution evidence and questionable recovery of a weapon.

Full Text
Translation output
नॉन-रपोटबल
भारत क
े उ चतम यायालय म
आपराधक अपीलय ेाधकार
2011 क आपराधक अपील संया 973-974
अनवर @भुगरा ... अपीलकता!
बनाम
ह$रयाणा रा&य ... उ'तरदाता
)नण!य
राजेश ,बंदल, जे.
JUDGMENT

1. भारतीय दंड संहता, 1860 क धारा 394 और 397 क े साथ-साथ श अ!ध"नयम, 1959 क धारा 25 क े तहत उ%च 'यायालय (वारा "नचल* अदालत (वारा दोषी ठहराए गए अपीलकता/ और उसक दोष0स12 और दंड क पुि5ट क गई है, इस 'यायालय क े सम[9] वत/मान अपील दायर क है।

2. त;य अ0भलेख पर उपल=ध ह> ?क भारतीय दंड संहता, 1860 (सं9ेप म@ 'भारतीय दंड संहता') क धारा 394 और 397 क े अधीन दनांक 05.04.1994 क एफ. आई. आर. संCया 104 पी. एस. घरEडा, (हरयाणा) म@ दज/ क गई थी। 4 अHैल 1994 को जाहद (पीड=Iयू-4), 0शकायतकता/ अपने गांव राणा माजरा से ?कराना सामान खर*दने क े 0लए बरसात गांव आया था। जब वह सामान खर*दने क े बाद अपने गांव लौट रहा था, तो रात लगभग 8 बजे Lमशान घाट क े पास तीन लोगM ने उसे पकड़ 0लया। उ'हMने उससे कहा ?क जो क ु छ भी उसक े पास है उसे सEप दो वरना उसे खPम कर दया जायेगा। 0शकायतकता/ जाहद (पीड=लू-4) ने जब उ'ह@ बताया ?क उसक े पास क े वल ?कराने का सामान है, तो उनम@ से दो ने उसे मुQक े और पैर से मारना शुR कर दया।आरोपी डंडे, चाक ू और 1पतौल से लैस थे।िजस SयिQत क े पास चाक ू था, उसने जबरन उसक कलाई क घड़ी ले ल*।

3. इसी बीच, बरसात गांव क तरफ से एक TैQटर आया। यह देखकर जाहद (पीड=Iयू-4) ने मदद क गुहार लगाई।TैQटर पर हाRन अल* (पीड=Iयू-6) और जैन 0संह (पीड=Iयू-5) बैठे थे।उ'हMने तीन लोगM को पकड़ने क को0शश क।हाथापाई म@, एक SयिQत िजसक े पास एक Uंट था, उसने अपने रवस/ साइड से एक वार ?कया, जो 0शकायतकता/ जाहद (पीड=Iयू-4) को उसक दाहनी आंख क े नीचे लगा।एक और वार उसक े बाएं क ं धे पर लगी।जैन 0संह (पीड=Iयू-5) को भी Uंट से चोटे लगी थी।िजस SयिQत क े पास चाक ू था, उसने हाRन अल* (पीड=Iयू-6) को चोटे मार* थी।उसक े पस/ िजसमे R 20/- और एक पहचान प था, उसे ले गए।जैन 0संह (पीड=Iयू-5) क जेब से अ'य SयिQत पस/ ले गया, िजसम@ 15/- Vपये थे।इसी बीच गांव बलेहरा "नवासी महंदर 0संह मौक े पर पहुंचा और उसे देखकर वो तीनM भागने क को0शश करने लगे, ले?कन चाक ू से लैस एक SयिQत को पकड़ 0लया गया। उसने अपना नाम सतपाल पु राधु राम "नवासी सदरपुर बताया।Uंट उ'हMने अ'य आरो1पयM क े नामM का भी खुलासा ?कया, िजनम@ मुंडी गढ़* "नवासी मंगा राम क े बेटे अनवर उफ / भुगरा क े पास 1पतौल थी और बरौल* "नवासी राम 0संह क े बेटे बबलू उफ / ओम Hकाश क े पास Uंट थी।

4. अंधेरे का फायदा उठाते हुए सतपाल भी मौक े से भाग गया। यह एफआईआर का आधार था। अ0भयुQतM को 12 अHैल, 1994 को !गरYतार ?कया गया और वसूल* क गई।अपीलकता/ क े क=जे से.12 बोर क एक देशी 1पतौल बरामद क गई, िजसक े बाद 1994 क एफआईआर संCया 111 श अ!ध"नयम, 1959 क धारा 25 क े तहत पीएस घVं डा, (हरयाणा) म@ दज/ क गई थी।

5. अ0भयोजन प[9] ने 1994 क एफ. आई. आर. संCया 104 म@ मामले क े समथ/न म@ आठ गवाह पेश ?कए। Tायल क े बाद, 1व(वान अ"तरQत स 'यायाधीश, करनाल ने अनवर उफ / भुगरा, मंगा राम का पु, सतपाल पु राधु और ओम Hकाश उफ / बबलू, राम 0संह का पु, आईपीसी क धारा 394 और 397 क े तहत उ'ह@ सात साल क अव!ध क े 0लए कारावास और 2,000/- Vपये क े जुमा/ने क सजा सुनाई।जुमा/ना अदा न करने क िथ"त म@ 1-3/4 साल क सजा का Hावधान ?कया गया है।1994 क एफआईआर संCया 111 म@, "नचल* अदालत ने अपीलकता/ को श अ!ध"नयम, 1959 क धारा 25 क े तहत दोषी ठहराया और तीन साल क अव!ध क े 0लए कठोर कारावास और 500/- Vपये क े जुमा/ने का भुगतान करने का आदेश दया।अपील म@, एक समान "नण/य (वारा, दोनM मामलM म@ Tायल अदालत (वारा द* गई दोष0स12 और सजा को बरकरार रखा था।

6. अपीलकता/ क े 1व(वान (वारा उठाया गया तक / यह है ?क 0शकायत क े आधार पर अ0भयोजन (वारा बनाई गई कहानी मनगढ़ंत है। वातव म@ ऐसी कोई घटना नह*ं हुई थी।यह आरोप लगाया गया है ?क अपीलकता/ क े पास 1पतौल थी, हालां?क न तो 0शकायत म@ और न ह* रकॉड/ पर लाए गए सा[य म@ ऐसा क ु छ है ?क इसका कभी उपयोग ?कया गया था। 1पतौल क बरामदगी ह* संदेह म@ है QयM?क अपीलकता/ क !गरYतार* क े बाद SयिQतगत तलाशी क े \ापन म@ उIलेख ?कया गया है ?क उसक SयिQतगत तलाशी क े समय क ु छ भी नह*ं 0मला था।1पतौल क बरामदगी क े \ापन म@, यह उIलेख ?कया गया है ?क जांच क े दौरान अपीलकता/ को !गरYतार कर 0लया गया था और !गरYतार* क े समय उसक SयिQतगत तलाशी ल* गई थी और उसक े पायजामा क बायीं जेब से, एक देसी 1पतौल (क]ा).12 बोर और उसक दा^ जेब से तीन िजंदा कारतूस बरामद ?कए गए थे। यह अपने आप म@ SयिQतगत खोज क े \ापन क े 1वपर*त था।पस/ क बरामदगी भी गंभीर Rप से संद_ध थी QयM?क एफआईआर म@ ऐसा कोई आरोप नह*ं है ?क पस/ अपीलकता/ (वारा 0लया गया था।

7. इसक े अलावा, 0शकायतकता//जाहद (पीड=लू-4) क े बयान म@ गंभीर खा0मयां और 1वसंग"तयां ह>। जैन 0संह (पीड=लू-5), िजसक े बारे म@ कहा गया था ?क वह TैQटर पर बैठा हुआ SयिQत था, िजस पर वह घटना थल पर पहुंचा था, ने अ0भयोजन प[9] क े संकरण का समथ/न नह*ं ?कया।श अ!ध"नयम क े तहत मामले म@ दज/ अपने बयानM म@ जैन 0संह ने अपनी उपिथ"त म@ अपराध क े ?कसी भी ह!थयार क बरामदगी से इनकार ?कया। उसे H"तक ू ल घो1षत कर दया गया।यहां तक ?क अपनी H"तपर*9ा म@, उ'हMने ?कसी भी ह!थयार क बरामदगी से इनकार ?कया QयM?क उ'हMने कहा ?क पु0लस (वारा क ु छ खाल* कागजM पर उनक े हता9र 0लए गए थे।यह* िथ"त हाRन अल* (पीड=Iयू-6) क े बयान म@ भी थी, जो अ0भयोजन प[9] क े संकरण का समथ/न नह*ं करते थे।उसे 1वरोधी घो1षत कर दया गया और अ0भयोजन प[9] ने उससे िजरह क।

8. दूसर* ओर, रा`य क े 1व(वान अ!धवQता ने Hतुत ?कया ?क पूरे अ0भयोजन संकरण को गवाहM (वारा 1व!धवत समथ/न दया गया है। क े वल इस0लए ?क उनम@ से क ु छ को जीत 0लया गया था और उ'ह@ 1वरोधी घो1षत ?कया गया था, अ0भयोजन क े मामले को aवत नह*ं करेगा। नीचे क अदालतM (वारा दज/ ?कए गए त;यM का समवतb "न5कष/ है और यह इस 'यायालय (वारा हत9ेप क मांग नह*ं करता है।

9. प9कारM क े 1व(वान अ!धवQता को सुना और सुसंगत "नद/5ट अ0भलेख का अवलोकन ?कया।0शकायतकता/ (वारा दए गए संकरण क े अनुसार, यह मामला भारतीय दंड संहता क धारा 394 और 397 क े तहत बनाया जाना चाहए QयM?क 0शकायतकता/ को राता रोका गया था। यह घटना 04.04.1994 को रात 8 बजे हुई थी।अपीलकता/, 0शकायतकता/ और आ!धकारक गवाह क े बयान क े अनुसार, अपने साथ एक 1पतौल ले जा रहा था, हालां?क, गवाहM क े बयानM क े Rप म@ या यहां तक ?क मेcडकल रपोट/ क े Rप म@ रकॉड/ म@ क ु छ भी नह*ं है ?क 1पतौल का कभी भी उपयोग ?कया गया था। इसक े अलावा, अपीलकता/ से 1पतौल क बरामदगी भी गंभीर Rप से संद_ध है।उनक SयिQतगत तलाशी क े समय तैयार ?कए गए \ापन क े अनुसार, यह उIलेख ?कया गया है ?क उनक े पास से क ु छ भी बरामद नह*ं हुआ था।हालां?क, 1पतौल क े संबंध म@ क=जे क े \ापन म@, यह कहा गया है ?क जांच क े दौरान, अपीलकता/ को !गरYतार कर 0लया गया था और उसक SयिQतगत तलाशी ल* गई थी और उसक े पजामा क बा^ ओर क जेब से देशी 1पतौल बरामद क गई थी। यह अजीब है ?क अपीलकता/ घटना क े क ु छ दन बाद अपनी जेब म@ 1पतौल रखना जार* रखेगा और उसक े साथ !गरYतार ?कया जाएगा।अ0भयोजन प[9] क े दो संकरण-उनक SयिQतगत तलाशी का \ापन और देसी 1पतौल क े क=जे का \ापन-अ0भयोजन प[9] क े मामले को aवत कर देते ह>।

10. दो गवाहM, अथा/त् जैन 0संह (पीड=लू-5) और हाRन अल* (पीड=लू-6), जो 0शकायतकता/ और अ0भयोजन प[9] क े अनुसार, एक TैQटर पर अपराध थल पर पहुंचे थे, ने न तो अपराध थल क े 0लए और न ह* वसूल* क े 0लए अ0भयोजन प[9] क े संकरण का समथ/न ?कया। जैन 0संह (पीड=लू-5) ने अपने बयान म@ कहा ?क यह बबलू था िजसने पस/ छeना था, िजसम@ R 15 थे। हाRन अल* (पीड=Iयू-6) अपने बयान से पलट गया।अपीलकता/ क े fखलाफ कोई आरोप नह*ं लगे थे।अपराध थल पर अपीलकता/ क उपिथ"त अPय!धक संद_ध हो जाती है।

11. 0शकायतकता/ जाहद (पीड=लू-4) क े बयान म@ सुधार हुआ, िजससे अ0भयोजन का मामला संद_ध हो गया। Hाथ0मक म@, उसने कहा ?क TैQटर पर दो SयिQत जैन 0संह और हाRन अल* थे। हालां?क, अदालत क े सम[9] अपने बयान म@, उसने कहा ?क एक ब%चा TैQटर चला रहा था और उस पर दो SयिQत बैठे थे।तीनM उसक मदद क े 0लए नीचे उतरे।

12. इसक े अलावा, एफआईआर और 0शकायतकता/ जाहद (पीड=Iयू-4) क े सा[य म@ बड़ी 1वसंग"तयां ह>।Hाथ0मक म@ उ'हMने कहा ?क Uंट (बबलू) रखने वाला SयिQत जबरन हाRन अल* (पीड=Iयू-6) क दाहनी जेब से पस/ ले गया, िजसम@ उसका पहचान प और R 20 थे तथा दूसरा SयिQत (कोई "नद/5ट नह*ं) उसक जेब से जैन 0संह (पीड=Iयू-5) का पस/ ले गया, िजसम@ R 15 और तंबाक ू थे।हालां?क, अपने सा[य म@ वह कहता है ?क बबलू ने उसका पस/ छeन 0लया और अनवर, अपीलकता/, ने हाRन अल* (पीड=Iयू-6) से पस/ छeन 0लया।

13. मह'दर 0संह, िजसका नाम एफ. आई. आर. म@ है और िजसक े अपराध थल पर पहुंचने पर अ0भयुQत भाग गया था, को अ0भयोजन (वारा पेश नह*ं ?कया गया है। वे भौ"तक गवाह थे।

14. अ0भलेख पर उपरोQत सामgी से, अपराध क े थल पर अपीलाथb क उपिथ"त और उससे 1पतौल क बरामदगी अPय!धक संद_ध हो जाती है और अपीलाथb का दोष उ!चत संदेह से परे साhबत न होने क े कारण, दोष0स12 और दंड को बरकरार नह*ं रखा जा सकता है।

15. तदनुसार, अपीलM को वीकार ?कया जाता है। अपीलाथb क े संबंध म@ उ%च 'यायालय और 1वचारण 'यायालय (वारा पारत "नण/य और आदेश को अपात ?कया जाता है। उसक े (वारा जमा ?कए गए जमानत बांड रi कर दए जाते ह>। …………………जे (अभय एस ओका) ….........................जे [राजेश hबंदल] नई दIल*। 29 माच/, 2023. vLohdj.k% LFkkuh; Hkk’kk esa vuqokfnr fu.Zk; oknh ds lhfer mi;ksx ds fy, gS rkfd og viuh Hkk’kk esa bls le> lds vkSj fdlh vU; m|s”; ds fy, bldk mi;ksx ugha fd;k tk ldrk gSA lHkh O;ogkfjd vkSj vkf/kdkfjd m|s”;ksa ds fy, fu.kZ; dk vaxzsth laLdj.k izkekf.kd gksxk vkSj fu’iknu vkSj dk;kZUo;u ds m)s”; ds fy, mi;qDr jgsxk A