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भारतीय सव च यायालय
द वानी अपीलीय अिधका रता
द वानी अपील सं. 7188/2013
उ नीकृ णन सीवी और अ य ...अपीलाथ (गण)
बनाम
भारत का संघ और अ य ... यथ (गण)
िनणय
अर वंद क
ु मार, या.
JUDGMENT
1. अपीलकता सामा य रजव इंजीिनयर बल समूह 'सी' और समूह 'ड ' भत िनयम, 1982 क े कॉलम 11 क े अनुसार अधी क बीआर ेड-1 और सहायक अिभयंता क े पद पर पदो नित का दावा कर रहे ह ( जसे इसम इसक े बाद सं ता क े िलए 'जीआरईएफ िनयम, 1982' कहा गया है)। इस अपील क े िनपटान क े िलए आव यक सं त य प प से िन न दए गये हैः 1977 और 1986 क े बीच, अपीलकताओं को जीआरईएफ िनयम, 1982 क े कॉलम नंबर 7 क े ावधान क े अनुसार पयवे क/सव क (फ ड और टोपो) क े पद पर िनयु कया गया। सव क ा समैन/पयवे क का अगला पदो नित पद अधी क ेड-II का पद है| यािचकाकता क े पास जीआरईएफ िनयम, 1982 क अनुसूची 1 क े कॉलम 7 क े तहत िनधा रत अपनी िनयु क े समय आईट आई माण प था। िनयु होने पर उ ह सीएमई पुणे से सरकार यय पर ड लोमा इन ा समैन ए ट मे टंग एंड डजाइन (ड ईड ) म पा य म को आगे बढ़ाने का अवसर दया गया और पा य म पूरा होने क े बाद उ ह ड लोमा माण प दान कया गया। क ु छ अपीलािथय को अधी क बीआर II क े प म पदो नत कया गया और उनम से क ु छ को अ वीकार कर दया गया l उ च यायालय क े सम रट यािचका तुत करने क तार ख तक अपीलािथय ारा धा रत पद को सु वधा और त काल संदभ क े िलए यहां नीचे सारणीब कया गया हैः.सं. यािचकाकता का नाम िनयु क ितिथ- ारंिभक पद क े साथ पद क े साथ पदो नित क ितिथ
1. जीएस159693पी उ नीकृ णन सीवी 23-07-1983 सवयर ा समैन (एफड व टोपो) 31-12-1993 अधी क बीआर-II
2. जीएस160939 भगवान दास 06-07-1984 सव क ा समैन 15-04-2001 अधी क- बीआर-II
3. जीएस162102 सुरजीत दास 21-06-1985 अभी तक पदो नित नह ं हुई है
4. जीएस159880 करमजीत मिलक 12-10-1983 23-08-1664 अधी क बीआर-II
5. जीएस162098 मो हंदर िसंह
06. 1985
03. 2008 अधी क बीआर-II
6. जीएस 159704 रामिनवास 29-07-1983 17-12-1993 अधी क बीआर-II
7. जीएस1577772एल बलकार िसंह 23-08-1982 पयवे क
31. 01-2002 अधी क बीआर-II
8. जीएस158152एफ बल वंदर िसंह 01-09-1982 पयवे क 12-02-2001 अधी क बीआर-II
9. जीएस159017 अिभम यु िसंह 01-11-1982 पयवे क अभी तक पदो नित नह ं हुई है
10. जीएस157742 परमजीत िसंह 19-08-1982 पयवे क 04-01-2000 अधी क बीआर-II
11. जीएस162099 जसवीर िसंह
06. 1985
06. 03. 2008 अधी क बीआर-II
12. जीएस162867 ऋ षक े श मिलक 16-01-1986
05. 03. 2008 अधी क बीआर-II
13. जीएस155226 राज िसंह 27-12-77 पयवे क 15-09-1986 अधी क बीआर-II
14. जी एस 12085[7] बी एस नेगी 05-1975 पयवे क 16-12-1986 अधी क बीआर-II
15. जीएस 155089 सैमुअल ट 18-18-1977 पयवे क 21-10-1986 अधी क बीआर-II
16. जीएस161008 राज न नायर 02-08-1984 पयवे क 28-02-2008 अधी क बीआर-II
17. जीएस159881 स चदानंद िसंह 12-10-1983 03-02-1995 अधी क बीआर-II
18. जीएस156203-एस, जगबीर िसंह 15.12.81 एस/ड मैन (एफड /टोपो) 14-09-1992 अधी क बीआर-II उपयु आंकड़ से संक े त िमलता है क पहला पदो नित पद अधी क बी आर ेड-II था और इसम ऊपर इंिगत अनुसार अिधकांश अपीलकता 1993 से 2008 क े बीच पदो नत होने क े बाद उ पद पर सेवारत ह।
2. ेड-1 और सहायक अिभयंता को पदो नित न देने को 2013 रट यािचका (िस वल) सं या 167 दा खल करने क े िलए वाद हेतुक कहा जाता है, जसम यह तक दया गया था क जीआरईएफ िनयम, 1982 क े कॉलम 11 क े अनुसार, वे उ पद पर पदो नत होने क े हकदार ह, जसे भारत सरकार ारा इस आधार पर अ वीकार कर दया गया है क जीआरईएफ िनयम, 1982 क े कॉलम 11 म यह ावधान है क एक उ मीदवार क े पास “ ड लोमा इन िस वल इंजीिनय रंग” होना चा हए, जब क अपीलकता क े पास “ ड लोमा इन ा समैन ए ट मे टंग एंड डजाइन” था। आ े पत आदेश ारा उ च यायालय ने इस आधार पर अपीलािथय क ाथना को नामंजूर कर दया कः i. अधी क ेड-1 क े पद पर पदो नित क े िलए अपीलकताओं का दावा दो आधार पर आधा रत है, अथात ्, पहला, नवंबर, 2000 म अ.भा.त.िश.प ारा घो षत तथाकिथत समतु यता, तथा दूसरा, दनाक ं 03.08.2005 को रट यािचका (िस वल) सं या 1998 क 1364, म पा रत खंड पीठ का आदेश । जहां तक थम ववाद का संबंध है, उ च यायालय क राय थी क एआईसीट ई क अिधसूचना ने संबंिधत े म कए गए ड लोमा को पा यो यता क े प म मा यता द और इससे अिधक नह ं। यह भी अिभिनधा रत कया गया क अिधसूचना म कह ं भी यह मा यता नह ं द गई है क कॉलेज ऑफ िमिल इंजीिनय रंग ारा दया गया ड लोमा एक ड ी क े बराबर है, जो अधी क ेड-I पद धारण करने क े िलए आव यक यो यता है । ii. दूसर दलील पर वचार करते हुए, उ च यायालय ने रट यािचका (िस वल) सं या 1998 क 1364 म दए गए दनांक 03.08.2005 क े िनणय पर वचार कया, जसम पता चला क इसम रट यािचकाकता क िशकायत थी, य प उसने दो साल का ड लोमा ा कया था- जसे यथ ारा समान प से रखे गए अ य लोग क े िलए पया माना गया था, ले कन उसे पदो नित से वंिचत कर दया गया था l जब क अधी क ेड-I क े पद क े िलए उ मीदवार क े पास जो ासंिगक यो यता होनी चा हए वह एक ड ी है। ख ड पीठ क े आदेश से पता चला है क अदालत ने िनयम पर वचार कया था जसम यह िनधा रत कया गया था क पदधार क े पास तीन साल का ड लोमा होना चा हए, एक त या मक थित जो वतमान मामले से पूर तरह से अलग है।
3. ी तपस दास, अपीलािथय क े िलए पेश होने वाले व ान अिधव ा ने बल तक दया है क सीएमई, पुणे से िस वल इंजीिनय रंग/इले कल और मैक े िनकल इंजीिनय रंग ड लोमा रखने वाले अपीलकताओं क े किन को सीएमई पुणे से ड लोमा उ ीण करने क े तुरंत बाद अधी क बीआर ेड II क े पद पर पद नत कया गया है तथा अभी तक अपीलकताओं को उ च पद पर आज तक पद नत नह कया गया है l यह कहते हुए क मौजूदा िनयम क े अनुसार, अपीलकता उस पदो नित पद क े हकदार ह, जसक े िलए उ ह ने अपील क अनुमित मांगी है और रट यािचका म मांगी गई ाथनाओं को वीकार कया जा रहा है। 3.[1] इसक े वपर त, भारतीय संघ क ओर से पेश व ान अिधव ा, ए.क े शमा, ने उ च यायालय क े सम उठाए गए ख का समथन कया है और इस यायालय क े सम इसे दोहराते हुए तक दया है क जीआरईएफ िनयम, 1982 क े िनयम 11 क े अनुसार, अिधव ा क े पास अपे त यो यता नह ं है और वे पदो नत होने क े पा नह ं ह। 3.[2] बार म उठाए गए ित ं ववाद पर अपना सावधानीपूवक और िचंितत प से वचार करने क े बाद, हम इस सु वचा रत कोण पर है क हमारे वचार क े िलए वह बंदु जो संक ण दशा-िनदश म िन हत हैः या अपीलकता अधी क बीआर, ेड-1 क े पद पर पदो नत होने क े हकदार ह? 3.[3] भारत सरकार ने भारत क े सं वधान क े अनु छेद 309 क े तहत जीआरईएफ िनयम 1982 ग ठत कये ह। पूव िनयम क े िनयम 2 म यह ावधान है क यह िनयम से संल न अनुसूची क े कॉलम 1 क े तहत िन द पद पर लागू होता है। अनुसूची क े कॉलम सं या 11 क े तहत अधी क भवन और सड़क ेड-1 क े िलए िनधा रत यो यता िन नानुसार हैः अनुसूची पद का नाम पद क सं या वग करण वेतनमान चयन पद अथवा गैर- चयन पद सीधी भत क े िलए आयु सीमा य प से आवेदन करने क े िलए आव यक शै क और अ य यो यता भत 1 2 3 4 5 6 7 अधी क भवन और सड़क ेड-I काय पर िनभर विभ नता क े अधीन सामा य क य सेवा समूह 'सी' अराजप त गैर - मं ी- तर य 550-. 20-650 - 25- 750 पए चयन 18 से लेकर 30 वष (क सरकार ारा जार िनदश अिनवाय: िस वल इंजीिनय रंग म मा यता ा ड ी या अथवा आदेशो क े अनुसार 35 वष तक क े सरकार कमचा रय क े िलए छ ू ट ?) नोट:आयु िनधा रत करने क यह मह वपूण ितिथ भारत (अंडमान और िनकोबार प समूह और ल प क े अलावा ) म उ मीदवार से आवेदन ा करने क अंितम ितिथ होगी l रोजगार कायालय क े मा यम से िनयु क े मामले म, आयु सीमा िनधा रत करने क मह वपूण ितिथ वह अंितम ितिथ होगी जब तक रोजगार कायालय को नाम जमा करने क े िलए कहा जाता है या सीधी भत क े िलए िनधा रत आयु और शै णक यो यताएं पदो नित क े मामले म लागू ह गी l प रवी ा क अविध य द कोई हो भत क विध चाहे सीधी भत ारा हो अथवा पदो नित ारा अथवा ितिनयु / था तरण ारा और विभ न तर को से भर जाने वाली र य का ितशत पदो नित ितिनयु / थानांतरण ारा भत क े मामले म, ेड जनसे पदो नित अथवा ितिनयु अथवा था तरण कया जाना है l य द कोई वभागीय पदो नित सिमित मौजूद है,तो उसक संरचना या है प र थितयां जसम भत करने म संघ लोक आयोग से परामश कया जाना चा हए 8 9 10 11 12 13 उ ःकोई यो यता नह, अंश क े प म नह ं जैसा क कॉलम II क े व दान कया गया है 2 साल य प से भत 10% अ यथा पदो नित ारा, अ यथा ितिनयु / अंतरण ारा | पदो नित - 90% अ यथा सेना िनयु / अंतरण अ यथा य प से भत ारा | सामा य रजव फोस म ेणी म 5 साल िनयिमत सेवा क े साथ िस वल इंजीिनय रंग म मा यता ा ड लोमा क े साथ इमारत और सड़क, ेड II पदो नित अधी क, ितिनयु / थानांतरणः कॉलम 7 म व हत अहता (सामा यत: पदो नित और पु करणः पर वचार क े िलए समूह 'सी' और 'ड ' वभागीय पदो नित सिमित: ले टनट कनल अधी ण इंजीिनयर - चेयरमैन डा. मेजर / ए जी यू टव इंजीिनयर / लागू नह ं होता ितिनयु क अविध तीन वष से अिधक नह ं ) एवं ेणी म 3 वष क िनयिमत सेवा क े साथ. 425-700 क े वेतनमान अथवा समतु य म क े य/रा य सरकार क े पद क े अंतगत अनु प / समतु य पद पर अिधकार गण | नाग रक अिधकार, ेड - आई-सद य अधी क बीआर ेड-I क े िलए, सामा य रजव इंजीिनय रंग फोस म ेड म 5 साल क िनयिमत सेवा क े साथ िस वल इंजीिनय रंग म मा यता ा ड लोमा क े साथ अधी क, बीआर ेड-II क े प म काम करने वाले उ मीदवार /कमचा रय से िनधा रत अथवा आव यक यो यता है। जो अिधकार ितिनयु / थानांतरण पर ह और क और रा य सरकार क े तहत समान/समक पद पर ह अथवा ेड म 3 साल क िनयिमत सेवा क े साथ 425-700 वेतनमान क े पद अथवा समक पद पर ह और कॉलम सं या 7 म िनधा रत यो यता रखते ह, वे भी अधी क बीआर ेड-1 क े प म पदो नत होने क े िलए वचार कए जाने क े हकदार ह।
4. रट अपीलकताओं ारा उ च यायालय क े सम उठाई गई दलील दो कार क थीं-(i) ेड-1 क े िलए िनदश जार कया गया और (ii) छठे क य वेतन आयोग क िसफा रश क े अनुसार 01.01.1996 से भारत संघ को 5000-8000 का वेतनमान देने का िनदश दया गया है। यह भी तक दया गया क ड लोमा ड ी क े बराबर है जो ेड-l क े पद पर भत क े िलए आव यक है l यह इस पृ भूिम म है क उ च यायालय ने आ े पत िनणय क े अनु छेद 4 ारा इस तक क जांच क है और अपीलािथय क े तक को खा रज कर दया है, यह अिभिनधा रत करते हुए क दावा बना कसी आधार क े है और अपीलािथय क े पास ड ी नह ं होने क े कारण उनक े दावे को खा रज कर दया गया है l तथा प, जहां तक अपे त वेतनमान क े अनुदान क े संबंध म दावा मंजूर कया गया था और िन ववाद प से द गई दूसर ाथना को भारत संघ ारा कोई चुनौती नह ं द गई है।यह क े वल पहली ाथना है जसम पदो नित क मांग क गई थी, जसे नकार दया गया और वतमान अपील म चुनौती द गयी है।
5. इस पृ भूिम म, जीआरईएफ िनयम, 1982 क े कॉलम सं या 11 म िनधा रत यो यता का अवलोकन करने पर पता चलेगा क जो उ मीदवार अधी क बीआर ेड-1 क े पद पर पदो नित चाहते ह, उनक े पास सामा य रजव इंजीिनय रंग फा◌ॅस क े ेड म 5 साल क िनयिमत सेवा क े साथ ‘’िस वल इंजीिनय रंग म ड लोमा’’ होना चा हए।जब क अपीलकता क े पास ा समैन ए ट मे टंग एंड डजाइन (ड ईड ) म ड लोमा है, जो उनक े ारा गंभीर प से ववा दत नह ं है l अपीलािथय क ओर से उप थत व ान अिधव ा ी तपस दास ने इस यायालय क े सम उिचत प से वीकार कया है क उ च यायालय क े सम एक गलत ताव रखा गया था, अथात ्, यह ितवाद कया गया था क ड लोमा एक ड ी क े समतु य है और इस तरह किथत ववाद को नकारते हुए, य प उ च यायालय ने अपने िन कष को उिचत ठहराया अपीलकताओं ारा अपनाए गये लगातार ख को नज़रंदाज़ करने म गलती हुई है, अथात उनक े पास ड ईड म ड लोमा दो साल का पा य म है तथा य प कॉलम 11 अधी क बीआर- ेड-1क े प म पदो नत होने क े िलए िस वल इंजीिनय रंग म ड लोमा िनधा रत करता है, जसे समक माना जाएगा और इस पहलु पर उ च यायालय ारा वचार कया जाना आव यक था, यह एक ऐसा तक है जो पहली थम आलोक म बहुत मह वपूण है l तथा प, अधी क बीआर ेड-II क े िलए लागू मौजूदा िनयम क े सावधानीपूवक अवलोकन पर, कहा गया क एक से अिधक कारण से किथत ववाद को आव यक प से खा रज कया जाना चा हए। पहला, उ च यायालय क े सम अपीलकताओं ने अपने दावे को यायोिचत ठहराने का यास कया क ‘’ ड लोमा’’ ‘’ ड ी’’ क े बराबर है और इस कार पदो नित क े िलए हकदार है जसे उ च यायालय ने नकार दया है और यह सह भी है। दूसरा, अपीलकताओं ने अपने दावे को सह ठहराने क कोिशश क क सीधी भत क े िलए लागू िनयम पदो नित ारा भत क े िलए लागू होगा, जसे उ च यायालय ारा वीकार नह ं कया गया है। जहां तक पदो नित क े िलए यो यता क े संबंध म ववाद का संबंध है, यह िनयम अपने आप म सु प और प है, अथात यह क े वल अधी क बी आर ेड-I क े िलए पदो नित क े िलए िनधा रत करता है, जनरल रजव इंजीिनय रंग फा◌ॅस म ेड म 5 साल क िनयिमत सेवा क े साथ िस वल इंजीिनय रंग म ड लोमा रखने वाले उ मीदवार पा ह गे। इसम कोई संदेह नह ं है क यह िनयम िस वल इंजीिनय रंग म ड लोमा क े तीन वष या अ यथा होने क े संबंध म मूक है। यह एक िन ववाद त य है क अपीलकताओं क े पास 'ड ईड म ड लोमा' है न क ‘'िस वल इंजीिनय रंग म ड लोमा'' l यह सामा य कानून है क यायालय कसी पा य म क यो यता और/अथवा समतु यता क घोषणा नह ं करेगा । जब तक िनयम वयं समतु यता व हत नह ं करता अथात ् विभ न पा य म क े साथ समान यवहार नह ं कया जाता तब तक यायालय अपने वचार क े अनुपूरक नह ं ह गे अथवा अपने वचार को वशेष िनकाय क े वचार क े थान पर नह ं रखगे।
6. गु नानक देव व व ालय बनाम संजय क ु मार कटवाल और अ य, 1 म इस यायालय ने दोहराया है क समतु यता एक तकनीक शै णक वषय है। इसे न तो माना जा सकता है और न ह माना जा सकता है। समतु यता से संबंिधत व व ालय शै णक िनकाय का कोई भी िनणय स यक प से कािशत कसी विश आदेश अथवा ताव ारा होना चा हए। वशेष प से इस बात पर वचार करते हुए क या दूर थ िश ा पा य म अपीलकता क व व ालय क एमए (अं ेजी) क ड ी क े बराबर है, यायालय ने अिभिनधा रत कया क यह दखाने क े िलए उसक े सम कोई साम ी तुत नह ं क गई थी क दूर थ िश ा पा य म को इस प म मा यता द गई थी.
7. ज़हूर अहमद राथर व अ य बनाम शेख इ तयाज अहमद और अ य म यह अिभिनधा रत कया गया था रा य, एक िनयो ा क े प म, नौकर क कृ ित, कत य क े क ु शल िनवहन क े िलए आव यक यो यता, विभ न यो यताओं क काय मता, विभ न यो यताओं आ द क े अिध हण तक पा य म साम ी को यान म रखने क े बाद पा ता क शत क े प म यो यताएं िनधा रत करने का हकदार है l याियक समी ा न तो िनधा रत यो यताओं क े दायरे का व तार कर सकती है और न ह कसी अ य द गयी यो यताओं क े साथ िनधा रत यो यताओं क समक ता तय कर सकती है l यो यता क समक ता िनधा रत करना भत ािधकार क े प म रा य क े िलए एक मामला है। (जोर दया गया)
8. कॉलेज ऑफ िमिल इंजीिनय रंग, पुणे (सीएमई) ारा दान कए जाने वाले ड लोमा पा य म को मानव संसाधन वकास मं ालय ारा जार 01.02.2001 क अिधसूचना (अनुल नक पी-8) क े तहत क सरकार क े पद पर भत क े िलए एक पा य म क े प म मा यता द गई है। उ अिधसूचना म भारत सरकार ारा मा यता ा ड लोमा पा य म को समक नह ं माना गया है।अपीलािथय ारा यह दिशत करने क े िलए क ड ईड म ड लोमा िस वल इंजीिनय रंग म ड लोमा क े बराबर है, कोई साम ी रकॉड पर नह ं रखी गई है.
9. रट यािचका जस अनुमान क े आधार पर तुत क गई है, वह इस आधार पर है क अपीलकताओं को इस आधार पर पदो नित देने से इनकार कर दया गया है क उनक े पास दो साल का ड लोमा है, न क तीन साल का ड लोमा, इस त य को पूर तरह से नजरअंदाज कर दया गया है क पदो नित से इनकार इस आधार पर कया गया है क उ मीदवार क े पास िनधा रत अपे त यो यता अथात ् ‘’िस वल इंजीिनय रंग म ड लोमा’’ और उनक े पास ‘’ड ईड म ड लोमा’’ नह ं है िनयम क े तहत िनधा रत नह ं है। इसम कोई संदेह नह ं है क पदो नित क े िलए अधी क बीआर ेड-I पद क े िलए पा ता ड लोमा पा य म क े िलए कसी भी वष क े अनुसार शत ारा िनधा रत नह ं है। मामले क े उस कोण म, इसम ऊपर बताए गए कारण क े िलए अपीलािथय क ाथना वीकार नह ं क जा सकती है और हम उ च यायालय ारा दए गए कारण म कोई दोष नह ं िमलता है.
10. उपयु कारण से, हमारा यह सु वचा रत मत है क अपील नामंजूर क जा सकती है और तदनुसार यह गुण-दोष से र हत होने क े कारण नामंजूर क जाती है। लागत को आसान बनाया गया।............................. या. (संजय कशन कौल)............................. या. (मनोज िम ा)......................... या. (अर वंद क ु मार) नई द ली; 28 माच, 2023 (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. अ वीकरण: देशी भाषा म िनणय का अनुवाद मुक ेबाज़ क े सीिमत योग हेतु कया ग या है ता क वो अपनी भाषा म इसे समझ सक एवं यह कसी अ य योजन हेतु योग नह ं कया जाएगा| सम त कायालयी एवं यावहा रक योजन हेतु िनणय का अं ेज़ी व प ह अिभ मा णत माना जाएगा और काया वयन तथा लागू कए जाने हेतु उसे ह वर यता द जाएगी।