Full Text
भारतीय सवȾÍच Ûयायालय
ͧसͪवल अपीलȣय अͬधकाǐरता
ͧसͪवल अपील सं. 1784 / 2023
(@ ͪव.अ.या. (ͧस) 5386 / 2023)
(@ डायरȣ सं 9620 / 2022)
रा.रा.¢े. Ǒदãलȣ सरकार ....अपीलाथȸ(गण)
बनाम
ͪवजय गुÜता व अÛय ....Ĥ×यथȸ(गण)
Ǔनण[य
Ûया., एम. आर. शाह
JUDGMENT
1. नई Ǒदãलȣ िèथत Ǒदãलȣ उÍच Ûयायालय ɮवारा ǐरट याͬचका (ͧस) सं. 9196/2015 मɅ पाǐरत आ¢ेͪपत Ǔनण[य एवं आदेश Ǒदनांͩकत 06.08.2018 से असंतुçट तथा åयͬथत होकर िजसक े ɮवारा उÍच Ûयायालय ने कͬथत ǐरट याͬचका को अनुमǓत Ĥदान कȧ है िजसे 2023 INSC 297 ͪवरोधी Ĥ×यथȸगण ɮवारा दायर ͩकया गया है तथा यह घोͪषत ͩकया है ͩक Ĥæनगत भूͧम क े संबंध मɅ अͬधĒहण को भूͧम अज[न, पुनवा[सन और पुनåय[वèथापन मɅ उͬचत ĤǓतकर और पारदͧश[ता का अͬधकार अͬधǓनयम 2013 (िजसे इसमɅ इसक े बाद अͬधǓनयम, 2013 क े Ǿप मɅ संदͧभ[त ͩकया गया है) कȧ धारा 24(2) क े तहत åयपगत माना जाएगा, राçĚȣय राजधानी ¢ेğ Ǒदãलȣ सरकार ने वत[मान अपील दायर कȧ है।
2. अपीलकता[ कȧ ओर से उपिèथत होने वाले ͪवɮवान अͬधवÈता ने Ĥबल Ǿप से Ĥèतुत ͩकया है ͩक उÍच Ûयायालय क े सम¢ अपीलकता[ कȧ ओर से यह ͪवͧशçट मामला था ͩक चूंͩक उÍच Ûयायालय क े सम¢ मूल ǐरट याचीगण पæचातवतȸ Đ े ता थे, उÛहɅ अͬधĒहण / अͬधĒहण क े åयपगमन को चुनौती देने का कोई अͬधकार नहȣं है। यह Ĥèतुत ͩकया गया है ͩक, हालांͩक, उपरोÈत आपͪƣ क े बावजूद, उÍच Ûयायालय ने पæचातवतȸ Đ े ताओं कȧ Ĥेरणा पर ǐरट याͬचका पर ͪवचार ͩकया है और सरकार (रा.रा.¢े. Ǒदãलȣ) बनाम मानव धम[ Ûयास व अÛय, (2017) 6 एससीसी 751 क े मामले मɅ इस Ûयायालय क े Ǔनण[य पर भरोसा जताते हुए यह घोषणा कȧ है ͩक Ĥæनगत भूͧम क े संबंध मɅ अͬधĒहण को अͬधǓनयम, 2013 कȧ धारा 24(2) क े आधार पर åयपगत माना जाए। यह Ĥèतुत ͩकया गया है ͩक ͧशव क ु मार व अÛय बनाम भारतीय संघ व अÛय, (2019) 10 एससीसी 229 क े मामले मɅ इस Ûयायालय क े Ǔनण[य को Úयान मɅ रखते हुए मानव धम[ Ûयास व अÛय (पूवȾÈत) क े मामले मɅ Ǒदया गया Ǔनण[य एक उͬचत ͪवͬध नहȣं है। ऐसा Ĥèतुत ͩकया गया है ͩक जैसा ͩक इस Ûयायालय ने ͧशव क ु मार व अÛय (पूवȾÈत) क े मामले मɅ पाया व अͧभǓनधा[ǐरत ͩकया है तथा िजसका इस Ûयायालय ɮवारा Ǒदãलȣ ͪवकास Ĥाͬधकरण बनाम गॉडĥ े ͩफͧलÜस (आई) ͧलͧमटेड व अÛय, (2022) 8 एससीसी 771 और भूͧम और भवन ͪवभाग क े वǐरçठ सͬचव क े माÚयम से Ǒदãलȣ Ĥशासन व अÛय बनाम पवन क ु मार व अÛय, (2022) 7 एससीसी 470 क े मामले मɅ बाद मɅ Ǒदए गए Ǔनण[यɉ मɅ भी अनुसरण ͩकया गया है, एक पæचातवतȸ Đ े ता को अͬधĒहण और / या अͬधĒहण क अͬधकार नहȣं है। उपरोÈत ĤèतुǓतयɉ को पेश करते हुए और उपरोÈत Ǔनण[यɉ पर भरोसा जताते हुए, वत[मान अपील को èवीकार करने कȧ Ĥाथ[ना कȧ जाती है।
3. ͪवरोधी Ĥ×यथȸगण - मूल ǐरट याचीगण कȧ ओर से पेश होने वाले ͪवɮवान अͬधवÈता इस तØय का ͪवरोध करने कȧ िèथǓत मɅ नहȣं हɇ ͩक उÛहɉने भूͧम अज[न अͬधǓनयम, 1894 क े तहत अͬधĒहण कȧ काय[वाहȣ क े बाद Ĥæनगत भूͧम खरȣदȣ थी। यहां तक ͩक, मूल ǐरट याचीगण कȧ ओर से पेश होने वाले ͪवɮवान अͬधवÈता भी ͩकसी वैध हक ͪवलेख को इंͬगत करने कȧ िèथǓत मɅ नहȣं हɇ। उÍच Ûयायालय क े सम¢ याͬचका मɅ ͩकए गए Ĥकथनɉ से ऐसा Ĥतीत होता है ͩक मूल ǐरट याचीगण ने सामाÛय मुÉतारनामा, वसीयत, रसीद आǑद क े आधार पर अनुतोष का दावा ͩकया है जो मूल ǐरट याचीगण को ऐसा कोई भी माͧलकाना हक Ĥदान नहȣं कर सकता है।
4. जैसा भी हो, तØय यह है ͩक Ĥ×यथȸगण को पæचातवतȸ Đ े ता होना कहा जा सकता है। ͧशव क े मामले मɅ इस Ûयायालय ɮवारा अͬधकͬथत ͪवͬध क े अनुसार, िजसका इस Ûयायालय ɮवारा गॉडĥ े ͩफͧलÜस (आई) ͧलͧमटेड व अÛय (पूवȾÈत) तथा पवन क े मामले क े साथ साथ अÛय Ǔनण[यɉ मɅ भी अनुसरण ͩकया गया है, ͩकसी पæचातवतȸ Đ े ता को अͬधĒहण / अͬधĒहण क अͬधकार नहȣं है। मामले को उस Ĥकार से देखने पर, अͬधĒहण क े åयपगमन हेतु Ĥाथ[ना करते हुए मूल ǐरट याचीगण ɮवारा दायर कȧ गई ǐरट याͬचका पर उÍच Ûयायालय ने ͪवचार कर क े एक वाèतͪवक चूक कȧ है। क े वल उपरोÈत आधार पर, उÍच Ûयायालय ɮवारा पाǐरत आ¢ेͪपत Ǔनण[य तथा आदेश को अपाèत व दरͩकनार ͩकया जाना चाǑहए।
5. उपरोÈत को Úयान मɅ रखते हुए तथा ऊपर बताए गए कारणɉ से, वत[मान अपील सफल होती है। उÍच Ûयायालय ɮवारा पाǐरत आ¢ेͪपत Ǔनण[य और आदेश को अपाèत व दरͩकनार ͩकया जाता है। Ĥæनगत भूͧम क े संबंध मɅ अͬधĒहण कȧ काय[वाहȣ का कोई åयपगमन नहȣं समझा जाएगा जैसा ͩक उÍच Ûयायालय ɮवारा आ¢ेͪपत Ǔनण[य तथा आदेश क े माÚयम से माना और अͧभǓनधा[ǐरत ͩकया गया। तदनुसार वत[मान अपील को अनुमǓत Ĥदान कȧ जाती है। हालांͩक, मामले क े तØयɉ और पǐरिèथǓतयɉ मɅ, जुमा[ने क े बारे मɅ कोई आदेश नहȣं होगा। लंǒबत आवेदनɉ, यǑद कोई हɉ, का भी Ǔनपटान ͩकया जाता है।.............................Ûया. [ एम. आर. शाह ].............................Ûया. [ सी. टȣ. रͪवक ु मार ] नई Ǒदãलȣ; 24 माच[, 2023 (Translation has been done through AI Tool: SUVAS) Disclaimer: The translated judgment in vernacular language is meant for the restricted use of the litigant to understand it in his/her language and may not be used for any other purpose. For all practical and official purposes, the English version of the judgment shall be authentic and shall hold the field for the purpose of execution and implementation. अèवीकरण: देशी भाषा मɅ Ǔनण[य का अनुवाद मुकɮɮमेबाज़ क े सीͧमत Ĥयोग हेतु ͩकया ग या है ताͩक वो अपनी भाषा मɅ इसे समझ सक Ʌ एवं यह ͩकसी अÛय Ĥयोजन हेतु Ĥयोग नहȣं ͩकया जाएगा| समèत काया[लयी एवं åयावहाǐरक Ĥयोजनɉ हेतु Ǔनण[य का अंĒेज़ी èवǾप हȣ अͧभĤमाͨणत माना जाएगा और काया[Ûवयन तथा लागू ͩकए जाने हेतु उसे हȣ वरȣयता दȣ जाएगी।